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15 मार्च के बाद नहीं बजेगी शहनाई, जानिए कब से फिर शुरू होगा शादी-विवाह का सीजन

ज्योतिष शास्त्र में बताया गया है कि जब ग्रहों के राजा सूर्य गुरु की धनु या मीन राशि में प्रवेश करते हैं, तो खरमास की शुरुआत होती है. हिंदू धर्म में खरमास को बहुत महत्वपूर्ण माना गया है. ये एक मास की अशुभ अवधि होती है. साल में दो बार ऐसा होता है, जब खरमास लगता है. खरमास के दौरान शादी-विवाह, गृह प्रवेश, सगाई, मुंडन संस्कार और नामकरण जैसे शुभ और मांगलिक काम नहीं किए जाते हैं. खरमास की शुरुआत 15 मार्च से होने वाली है. इस दिन से एक माह तक शादी-विवाह, गृह प्रवेश, सगाई, मुंडन संस्कार जैसे शुभ काम रोक दिए जाएंगे. ऐसे में आइए जानते हैं कि खरमास के बाद फिर से कब शहनाइयों की गूंज सुनने को मिलेगी. यानी फिर कब से विवाह शुरू होंगे? सूर्य देव कब करेंगे मीन राशि में प्रवेश? इस साल 14 मार्च की देर रात 01 बजकर 08 मिनट पर ग्रहों के राजा सूर्य देव कुंभ राशि से मीन राशि में प्रवेश कर जाएंगे. अंग्रेजी कैलेंडर में रात को 12 बजे के बाद अगला दिन माना जाता है. ऐसे में देखें तो रात 01 बजकर 08 मिनट 15ं मार्च का दिन माना जाएगा. इसलिए खरमास की शुरुआत इस साल 15 मार्च से होगी. वहीं 14 अप्रैल को इसका समापन हो जाएगा. 15 अप्रैल से फिर शुरू होंगे विवाह 14 अप्रैल को खरमास खत्म होने के बाद 15 अप्रैल से एक बार फिर से विवाह शुरू हो जाएंगे. इसके बाद जुलाई में चातुर्मास शुरू होने के पहले तक विवाह जारी रहेंगे. विवाह के शुभ मुहूर्त     अप्रैल: इस माह में 15, 16, 20, 21, 25, 26, 27, 28, 29 और 30 तारीख को विवाह होंगे.     मई: इस माह में 01, 03, 04, 05, 06, 07, 08, 12, 13 और 14 तारीख को विवाह होंगे.     जून: इस माह में 19, 20, 21, 22, 23, 24, 25, 26, 27, 28, 29 तारीख को विवाह होंगे.     जुलाई: इस माह में 01, 02, 06, 07, 8, और 11 तारीख को विवाह होंगे. खरमास में क्यों नहीं होते विवाह और अन्य शुभ काम? वैदिक ज्योतिष के अनुसार, सूर्य के गुरु की राशि में होने पर गुरु और सूर्य दोनों ग्रहों की ताकत कम हो जाती है. शादी-विवाह में शुभता के लिए और अन्य मांगलिक कार्यों के लिए सूर्य, गुरु और शुक्र का उत्तम स्थिति में होना आवश्य है. सूर्य और गुरु की ताकत कम होने से इस दौरान किए गए मांगलिक कामों का शुभ फल नहीं मिलता. यही कारण है खरमास के दौरान विवाह समेत तमाम शुभ काम वर्जित होते हैं.

टेंशन भरी जिंदगी को बनाएं शांत और सरल – गौतम बुद्ध के 10 गहरे विचार

गौतम बुद्ध अपने समय के सबसे महान चिंतक थे, जिन्होंने मानवता को केवल धर्म का ही नहीं बल्कि करुणा, शांति और आत्मज्ञान का मार्ग दिखाया। उनके कहे शब्द समय की सीमाओं से परे हैं और आज भी इतने ही प्रासंगिक हैं जितना सदियों पहले थे। बुद्ध के विचार हमें सिखाते हैं कि असली शांति बाहर ढूंढने से नहीं मिलती, बल्कि आपके भीतर ही छिपी हुई रहती है। आज का जीवन जहां भागदौड़, तनाव और उलझनें मन की शांति को भंग कर रही हैं, वहां गौतम बुद्ध के विचार हमें भीतर से थाम लेते हैं। आज के समय में तो ये और भी प्रासंगिक हो गए हैं क्योंकि ये महज अध्यात्मिकता की सीख ही नहीं देते, बल्कि शांति, धैर्य और आत्मबोध की सही राह दिखाते हैं। तो चलिए दिन की शुरुआत गौतम बुद्ध के कुछ महान विचारों के साथ करते हैं। 1) किसी जंगली जानवर की अपेक्षा एक कपटी और दुष्ट मित्र से अधिक डरना चाहिए। जानवर तो बस आपके शरीर को नुक्सान पहुंचा सकता है, पर एक बुरा मित्र आपकी बुद्धि को नुकसान पहुंचा सकता है। 2) आपके पास जो कुछ भी है है उसे बढ़ा-चढ़ा कर मत बताइए, और ना ही दूसरों से ईर्ष्या कीजिये। जो दूसरों से ईर्ष्या करता है उसे मन की शांति नहीं मिलती। 3) क्रोध को पाले रखना गर्म कोयले को किसी और पर फेंकने की नीयत से पकड़े रहने के सामान है; इसमें आप ही जलते हैं। 4) सत्य के मार्ग पे चलते हुए कोई दो ही गलतियाँ कर सकता है; पूरा रास्ता ना तय करना और इसकी शुरआत ही ना करना। 5) मन और शरीर दोनों को स्वास्थ्य रखने का रहस्य है- अतीत पर शोक मत करो, ना ही भविष्य की चिंता करो, बल्कि बुद्धिमानी और ईमानदारी से वर्तमान में जियो। 6) ऊपर उठें और आभारी रहें, क्योंकि अगर हमने बहुत नहीं तो कुछ तो सीखा और अगर हमने कुछ भी नहीं सीखा, तो कम से कम हम बीमार तो नहीं पड़े, और अगर हम बीमार पड़े तो कम से कम हम मरे नहीं; इसलिए चलिए हम सभी आभारी रहे। 7) कोई व्यक्ति इसलिए ज्ञानी नहीं कहलाता क्योंकि वह सिर्फ बोलता रहता है; लेकिन अगर वह शांतिपूर्ण, प्रेमपूर्ण और निर्भय है तो वह वास्तव में ज्ञानी कहलाता है। 8) जो जगा है उसके लिए रात लम्बी है; जो थका है उसके लिए दूरी लम्बी है, जो मूर्ख सच्चा धर्म नहीं जानता उसके लिए जीवन लम्बा है। 9) किसी चीज पर यकीन मत करो। ये मायने नहीं रखता कि आपने उसे कहाँ पढ़ा है, या किसने उसे कहा है, कोई बात नहीं अगर मैंने ये कहा है, जब तक कि वो आपके अपने तर्क और समझ से मेल नही खाती। 10) एक कुत्ता इसलिए अच्छा नहीं समझा जाता क्योंकि वो अच्छा भौंकता है। इसी तरह एक व्यक्ति इसलिए अच्छा नहीं समझा जाता क्योंकि वो सिर्फ अच्छा बोलता है।  

घर में डस्टबिन कहाँ रखें? वास्तु शास्त्र बताता है सही दिशा और जगह

घर की सजावट और सुख-शांति के लिए हम अक्सर घर के हर सामान पर ध्यान देते हैं। लेकिन, अक्सर डस्टबिन (कूड़ेदान) को नजरअंदाज़ कर देते हैं। शायद इसलिए क्योंकि हम इस बात से वाकिफ नहीं होते कि इसका हमारे जीवन पर क्या प्रभाव पड़ता है। वास्तु शास्त्र के अनुसार, घर में रखी हर चीज अपनी एक ऊर्जा छोड़ती है। कूड़ेदान, जो गंदगी और विसर्जन का प्रतीक है, अगर गलत दिशा में रखा हो तो यह घर में नकारात्मकता , बीमारी और आर्थिक तंगी का कारण बन सकता है। किस दिशा में रखें घर का डस्टबिन? वास्तु नियमों के अनुसार, कूड़ेदान का काम 'विसर्जन'  करना है। इसलिए इसे हमेशा ऐसी दिशा में होना चाहिए जो चीजों को बाहर निकालने या नष्ट करने के लिए जानी जाती है। वास्तु के अनुसार, घर की दक्षिण  या दक्षिण-पश्चिम दिशा डस्टबिन रखने के लिए सबसे अच्छा माना जाता है। यह वीडियो भी देखें इन दिशाओं में कूड़ा रखने से घर की नकारात्मक ऊर्जा बाहर निकल जाती है और परिवार में अनावश्यक तनाव नहीं रहता। इसके अलावा, उत्तर-पश्चिम दिशा को भी एक विकल्प के रूप में इस्तेमाल किया जा सकता है। इन जगहों पर भूलकर भी न रखें डस्टबिन      ईशान कोण : यह देवताओं का स्थान है। यहां कूड़ा रखने से मानसिक शांति भंग होती है और परिवार में गंभीर बीमारियां आने का खतरा रहता है।     पूर्व दिशा : यह दिशा मान-सम्मान और सामाजिक संबंधों की है। यहां डस्टबिन रखने से आपकी सामाजिक प्रतिष्ठा कम हो सकती है और लोगों से रिश्ते खराब हो सकते हैं।     दक्षिण-पूर्व : इसे 'अग्नि कोण' कहा जाता है। यहां कचरा रखने से घर की महिलाओं के स्वास्थ्य पर बुरा असर पड़ता है और फिजूलखर्ची (बेवजह के खर्चे) बढ़ती है। रखरखाव का जादुई असर सिर्फ दिशा ही काफी नहीं है, कूड़ेदान कैसा होना चाहिए यह भी बहुत मायने रखता है। वास्तु शास्त्र बताते हैं हमेशा ढक्कन वाला डस्टबिन ही इस्तेमाल करना चाहिए, क्योंकि खुला कचरा सीधे तौर पर नकारात्मक ऊर्जा को आकर्षित करता है। इसके अलावा, कूड़ेदान को कभी भी घर के मुख्य द्वार के ठीक सामने या मंदिर के पास न रखें। इसे नियमित रूप से साफ करें और सुनिश्चित करें कि इसके आसपास गंदगी न फैले।

Horoscope Today 9 March 2026: जानें मेष, वृष, मिथुन समेत सभी राशियों का दिन कैसा रहेगा

मेष राशि- आज का दिन थोड़ा व्यस्त रह सकता है। कामकाज में कुछ नए काम अचानक सामने आ सकते हैं, जिससे शुरुआत में दबाव महसूस हो सकता है। हालांकि आपकी मेहनत और समझदारी से चीजें धीरे-धीरे संभल जाएंगी। ऑफिस में किसी जरूरी काम की जिम्मेदारी मिल सकती है। पैसों के मामले में अनावश्यक खर्च से बचना बेहतर रहेगा। परिवार के साथ समय बिताने से मन हल्का महसूस करेगा। सेहत के मामले में थकान हो सकती है, इसलिए आराम जरूर करें। वृषभ राशि- आज वृषभ राशि के लोगों के लिए दिन सामान्य से बेहतर रह सकता है। कामकाज में आपकी मेहनत का अच्छा परिणाम देखने को मिल सकता है। ऑफिस में वरिष्ठ आपकी बातों को महत्व दे सकते हैं। आर्थिक मामलों में स्थिति संतुलित रह सकती है, लेकिन खर्च पर थोड़ा ध्यान देना जरूरी होगा। परिवार के साथ समय अच्छा बीतेगा और किसी पुराने मित्र से बातचीत भी हो सकती है। सेहत सामान्य रहेगी। मिथुन राशि- मिथुन राशि के जातकों के लिए आज का दिन नई उम्मीदें लेकर आ सकता है। कामकाज में कुछ अच्छे अवसर मिल सकते हैं। ऑफिस में सहकर्मियों का सहयोग मिलने से काम आसानी से पूरे हो सकते हैं। पैसों के मामले में सोच-समझकर कदम बढ़ाना बेहतर रहेगा। परिवार के साथ समय बिताने से मन खुश रहेगा। सेहत के मामले में खानपान का ध्यान रखें। कर्क राशि- आज कर्क राशि वालों के लिए दिन संतुलित रह सकता है। कामकाज में धीरे-धीरे प्रगति देखने को मिल सकती है। किसी पुराने काम को पूरा करने का मौका मिल सकता है। आर्थिक मामलों में स्थिति सामान्य रहेगी, लेकिन किसी बड़े खर्च से पहले सोच लेना बेहतर होगा। परिवार का साथ आपको मानसिक सुकून देगा। सेहत के मामले में लापरवाही न करें। सिंह राशि- सिंह राशि के लोगों के लिए आज का दिन थोड़ा भागदौड़ भरा रह सकता है। कामकाज में व्यस्तता बढ़ सकती है और कुछ नई जिम्मेदारियां भी मिल सकती हैं। ऑफिस में अपनी बात समझदारी से रखें। पैसों के मामले में जल्दबाजी में कोई फैसला लेने से बचें। परिवार के साथ समय बिताने से मन को सुकून मिलेगा। सेहत के मामले में खानपान का ध्यान रखें। कन्या राशि- कन्या राशि वालों के लिए आज का दिन योजनाओं पर काम करने का हो सकता है। कार्यक्षेत्र में आपकी मेहनत का असर दिख सकता है। कोई नया काम शुरू करने का विचार भी बन सकता है। पैसों के मामले में स्थिति संतुलित रह सकती है। किसी दोस्त या परिचित से मुलाकात मन को खुश कर सकती है। सेहत सामान्य रहेगी, लेकिन थकान महसूस हो सकती है। तुला राशि- आज तुला राशि के लोगों के लिए दिन सहयोग और समझदारी का रहेगा। कामकाज में सहकर्मियों का साथ मिलेगा जिससे काम आसान हो सकता है। किसी पुराने काम को पूरा करने का मौका मिल सकता है। पैसों के मामले में थोड़ा संयम रखना बेहतर रहेगा। परिवार में खुशी का माहौल बना रह सकता है। सेहत सामान्य रहेगी। वृश्चिक राशि- वृश्चिक राशि वालों के लिए आज का दिन सोच-समझकर फैसले लेने का रहेगा। कामकाज में स्थिरता बनी रह सकती है और धीरे-धीरे प्रगति के संकेत मिल सकते हैं। पैसों के मामले में अनावश्यक खर्च से बचना बेहतर होगा। परिवार के साथ बातचीत से कई बातों का हल निकल सकता है। रिश्तों में मधुरता बनाए रखने की कोशिश करें। सेहत का ध्यान रखें। धनु राशि- धनु राशि के लोगों के लिए आज का दिन नई ऊर्जा के साथ शुरू हो सकता है। कामकाज में मन लगेगा और कुछ अच्छे अवसर भी मिल सकते हैं। ऑफिस में आपकी मेहनत की सराहना हो सकती है। आर्थिक मामलों में स्थिति ठीक रह सकती है। परिवार के साथ समय बिताने से मन प्रसन्न रहेगा। सेहत सामान्य रहेगी। मकर राशि- मकर राशि वालों के लिए आज का दिन प्रगति की ओर इशारा कर सकता है। कार्यक्षेत्र में आपके प्रयासों का सकारात्मक असर दिख सकता है। कोई नई योजना बनाने का विचार भी आ सकता है। पैसों के मामले में स्थिति पहले से बेहतर हो सकती है। परिवार का सहयोग आपके लिए महत्वपूर्ण रहेगा। सेहत के मामले में लापरवाही न करें। कुंभ राशि- कुंभ राशि के लोगों के लिए आज का दिन सामान्य और शांत रह सकता है। कामकाज में धीरे-धीरे आगे बढ़ने का मौका मिलेगा। किसी जरूरी काम को पूरा करने की योजना बन सकती है। पैसों के मामले में संतुलन बनाए रखना जरूरी होगा। परिवार के साथ समय बिताने से मन हल्का महसूस करेगा। सेहत सामान्य रहेगी। मीन राशि- मीन राशि वालों के लिए आज का दिन सकारात्मक रह सकता है। कामकाज में आपकी मेहनत का अच्छा परिणाम मिल सकता है। ऑफिस में सहयोगियों का साथ मिलेगा। पैसों के मामले में स्थिति संतुलित रह सकती है। परिवार के साथ समय बिताने से मन खुश रहेगा। सेहत को लेकर ज्यादा चिंता करने की जरूरत नहीं है।    

खरमास की शुरुआत 15 मार्च से, एक महीने तक नहीं होंगे शुभ कार्य

सनातन धर्म में खरमास का विशेष धार्मिक और ज्योतिषीय महत्व माना जाता है। यह एक ऐसी अवधि होती है जिसे परंपरागत रूप से अशुभ समय माना जाता है। इस दौरान शादी-विवाह, सगाई, गृह प्रवेश, नामकरण, मुंडन और अन्य मांगलिक कार्य नहीं किए जाते। मार्च 2026 में भी खरमास लगने जा रहा है, लेकिन कई लोगों के मन में यह सवाल है कि खरमास 14 मार्च से शुरू होगा या 15 मार्च से। ज्योतिषीय गणनाओं के अनुसार इसका सही समय स्पष्ट हो गया है। आइए विस्तार से जानते हैं कि खरमास कब से शुरू होगा और इस दौरान शुभ कार्य क्यों नहीं किए जाते। 2026 में खरमास कब से शुरू होगा? ज्योतिष गणना के अनुसार सूर्य देव 15 मार्च 2026 को कुंभ राशि से निकलकर मीन राशि में प्रवेश करेंगे। सूर्य का यह राशि परिवर्तन रात 01 बजकर 08 मिनट पर होगा। सूर्य के मीन राशि में प्रवेश करते ही खरमास की शुरुआत हो जाएगी। इस दिन मीन संक्रांति का पर्व भी मनाया जाएगा। खरमास प्रारंभ: 15 मार्च 2026 समाप्ति: 14 अप्रैल 2026 इस पूरे एक महीने की अवधि को ज्योतिष में शुभ कार्यों के लिए उपयुक्त नहीं माना जाता। इसलिए इस दौरान शादी-विवाह समेत कई मांगलिक कार्यों पर रोक लग जाती है। खरमास में कौन-कौन से काम नहीं किए जाते? खरमास के दौरान परंपरागत रूप से कई शुभ कार्यों को टाल दिया जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस अवधि में निम्न कार्य नहीं किए जाते: शादी-विवाह, सगाई या रोका, गृह प्रवेश, नामकरण संस्कार, मुंडन संस्कार, नया व्यापार या बिजनेस शुरू करना और किसी बड़े प्रोजेक्ट की शुरुआत। हालांकि इस समय पूजा-पाठ, दान-पुण्य और आध्यात्मिक कार्यों को बहुत शुभ माना जाता है। खरमास में शुभ कार्य क्यों नहीं किए जाते? धर्म शास्त्रों और ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार जब सूर्य देव धनु या मीन राशि में प्रवेश करते हैं, तब खरमास की अवधि शुरू होती है। इन दोनों राशियों का स्वामित्व गुरु बृहस्पति के पास होता है। ज्योतिष के अनुसार इस दौरान सूर्य की ऊर्जा और प्रभाव थोड़ा मंद हो जाता है, जिससे उनकी शुभता कम हो जाती है। किसी भी शुभ और मांगलिक कार्य को सफल बनाने के लिए सूर्य और गुरु दोनों ग्रहों का मजबूत और शुभ होना जरूरी माना जाता है। लेकिन जब सूर्य इन राशियों में प्रवेश करते हैं, तो गुरु का प्रभाव भी कमजोर हो जाता है। यही कारण है कि इस अवधि में विवाह और अन्य मांगलिक कार्यों से बचने की सलाह दी जाती है। खरमास में क्या करना होता है शुभ? खरमास को भले ही मांगलिक कार्यों के लिए अशुभ माना जाता हो, लेकिन धार्मिक दृष्टि से यह समय पूजा-पाठ और दान-पुण्य के लिए बहुत शुभ माना जाता है। इस दौरान इन कार्यों को करना लाभकारी माना जाता है। ऐसा करने से जीवन में सकारात्मक ऊर्जा और आध्यात्मिक लाभ मिलने की मान्यता है। भगवान विष्णु और सूर्य देव की पूजा। गरीबों को दान देना। गीता या धार्मिक ग्रंथों का पाठ। तीर्थ यात्रा। ध्यान और साधना। ज्योतिषीय गणना के अनुसार 15 मार्च 2026 से खरमास की शुरुआत होगी, जो 14 अप्रैल 2026 तक चलेगा। इस दौरान शादी-विवाह और अन्य मांगलिक कार्यों को टालना शुभ माना जाता है। हालांकि यह समय पूजा-पाठ, दान और आध्यात्मिक साधना के लिए अत्यंत फलदायी माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस अवधि में भगवान की भक्ति और सेवा करने से विशेष पुण्य प्राप्त होता है।

Horoscope Today 08 March 2026: सभी 12 राशियों का हाल, करियर-पैसा-सेहत में कैसा रहेगा आपका दिन

मेष राशि- आज मेष राशि के जातकों के लिए दिन थोड़ा उतार-चढ़ाव वाला रह सकता है। कामकाज में कुछ नई चुनौतियां सामने आ सकती हैं, लेकिन आपकी समझदारी से स्थितियां संभल सकती हैं। ऑफिस में किसी महत्वपूर्ण काम की जिम्मेदारी मिल सकती है। आर्थिक मामलों में संतुलन बनाए रखना जरूरी होगा। परिवार के साथ समय बिताने से मानसिक शांति मिलेगी। सेहत के मामले में थकान महसूस हो सकती है, इसलिए आराम भी करें। वृषभ राशि- वृषभ राशि वालों के लिए आज का दिन कई मामलों में लाभदायक रह सकता है। कार्यक्षेत्र में आपकी मेहनत रंग ला सकती है और वरिष्ठों से सराहना मिल सकती है। आर्थिक मामलों में स्थिति पहले से बेहतर हो सकती है। परिवार के साथ अच्छा समय बिताने का मौका मिलेगा। किसी करीबी व्यक्ति से सलाह लेना फायदेमंद साबित हो सकता है। सेहत सामान्य रहेगी। मिथुन राशि- मिथुन राशि के लोगों के लिए आज का दिन नई संभावनाएं लेकर आ सकता है। कामकाज में प्रगति के संकेत मिल सकते हैं। ऑफिस में सहयोगियों का साथ मिलेगा जिससे काम आसान हो सकता है। पैसों के मामले में सोच-समझकर फैसले लेना बेहतर रहेगा। परिवार के साथ समय बिताने से मन प्रसन्न रहेगा। सेहत को लेकर हल्की सतर्कता बरतें। कर्क राशि- कर्क राशि वालों के लिए आज का दिन संतुलित रह सकता है। कार्यक्षेत्र में धीरे-धीरे प्रगति देखने को मिल सकती है। किसी पुराने प्रयास का परिणाम मिलने की संभावना है। परिवार का सहयोग आपके लिए मददगार साबित होगा। आर्थिक मामलों में स्थिति सामान्य रह सकती है। सेहत को लेकर लापरवाही न करें। सिंह राशि- सिंह राशि के लोगों के लिए आज का दिन थोड़ा व्यस्त रह सकता है। कामकाज में भागदौड़ बढ़ सकती है और कुछ नए कार्य भी सामने आ सकते हैं। ऑफिस में अपनी बात सोच-समझकर रखें। आर्थिक मामलों में जल्दबाजी से बचना बेहतर होगा। परिवार का सहयोग आपको मानसिक सुकून देगा। सेहत के मामले में खानपान का ध्यान रखें। कन्या राशि- कन्या राशि वालों के लिए आज का दिन योजनाओं पर काम करने का हो सकता है। कार्यक्षेत्र में नई जिम्मेदारियां मिल सकती हैं। आपकी मेहनत का असर भी देखने को मिल सकता है। पैसों के मामले में स्थिति संतुलित रह सकती है। किसी मित्र से मुलाकात खुशी दे सकती है। सेहत सामान्य रहेगी लेकिन थकान हो सकती है। तुला राशि- तुला राशि के लोगों के लिए आज का दिन सहयोग और समझदारी का रहेगा। कामकाज में सहकर्मियों का साथ मिलेगा। किसी पुराने काम को पूरा करने का अवसर मिल सकता है। आर्थिक मामलों में सावधानी से कदम बढ़ाना बेहतर रहेगा। परिवार में खुशियों का माहौल रह सकता है। सेहत ठीक रहेगी। वृश्चिक राशि- वृश्चिक राशि वालों के लिए आज का दिन सोच-समझकर फैसले लेने का हो सकता है। कामकाज में स्थिरता बनी रह सकती है। पैसों से जुड़े मामलों में थोड़ा संयम रखना जरूरी होगा। परिवार के साथ बातचीत से कई उलझनें दूर हो सकती हैं। रिश्तों में मधुरता बनाए रखें। सेहत को लेकर लापरवाही न करें। धनु राशि- धनु राशि के लोगों के लिए आज का दिन नई ऊर्जा लेकर आ सकता है। कामकाज में मन लगेगा और कुछ अच्छे अवसर भी मिल सकते हैं। ऑफिस में आपकी मेहनत की सराहना हो सकती है। आर्थिक मामलों में स्थिति ठीक रह सकती है। परिवार के साथ समय बिताने से मन खुश रहेगा। सेहत सामान्य रहेगी। मकर राशि- मकर राशि वालों के लिए आज का दिन प्रगति की ओर इशारा कर सकता है। कार्यक्षेत्र में आपके प्रयास सफल हो सकते हैं। नई योजनाओं पर काम शुरू करने का विचार बन सकता है। आर्थिक मामलों में सुधार देखने को मिल सकता है। परिवार का सहयोग आपके लिए महत्वपूर्ण रहेगा। सेहत का ध्यान रखें। कुंभ राशि- कुंभ राशि के लोगों के लिए आज का दिन शांत और सामान्य रह सकता है। कामकाज में धीरे-धीरे आगे बढ़ने का मौका मिलेगा। किसी जरूरी काम को पूरा करने की योजना बन सकती है। पैसों के मामले में संतुलन बनाए रखें। परिवार के साथ समय बिताने से अच्छा महसूस होगा। सेहत सामान्य रहेगी। मीन राशि- मीन राशि वालों के लिए आज का दिन सकारात्मक रह सकता है। कामकाज में आपकी मेहनत का परिणाम मिलने की संभावना है। ऑफिस में सहयोगियों का साथ मिलेगा। आर्थिक मामलों में स्थिति संतुलित रह सकती है। परिवार के साथ समय बिताने से मन प्रसन्न रहेगा। सेहत को लेकर ज्यादा चिंता की जरूरत नहीं है।

Rang Panchami 2026 Special: रंगों के इस पर्व पर करें ये 7 ज्योतिषीय उपाय, किस्मत देगी साथ और वैवाहिक रिश्ते होंगे मजबूत

नई दिल्ली होली की तरह भी रंग पंचमी का त्योहार मनाया जाता है। यह पर्व होली के पांच दिनों बाद मनाया जाता है। मान्यताओं के अनुसार इस पर्व की शुरुआत द्वापर युग में हुई थी और तब से हर साल इसे चैत्र माह के कृष्ण पक्ष की पंचमी तिथि को मनाया जाता है। मान्यता है कि इसी दिन भगवान श्रीकृष्ण और राधा रानी ने होली खेली थी। ऐसे में इस दिन विधि-विधान से भगवान श्रीकृष्ण और राधा रानी की पूजा करनी चाहिए। उन्हें अबीर-गुलाल चढ़ाया चाहिए। इस दिन भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की पूजा भी करनी चाहिए। एक मान्यता यह भी है कि रंग पंचमी के दिन सभी देवी-देवता पृथ्वी पर होली खेलने आते हैं। इसलिए इस दिन आसमान की तरफ रंग उड़ाया जाता है। इसलिए इस पर्व का खास महत्व है। रंग पंचमी 2026 पर करें ये 7 उपाय इस साल रंग पंचमी का पर्व 8 मार्च को मनाया जाएगा। इस दिन कुछ खास उपाय करने से कई तरह के कष्ट मिट जाते हैं। विवाह से जुड़ी कोई समस्या हो, विवाह में देरी हो या फिर आर्थिक तंगी है, तो इसके लिए कुछ ज्योतिष उपाय बताए गए हैं, जिन्हें करने से इन समस्याओं का अंत हो जाता है और जीवन सुख-समृद्धि से भर जाता है। चलिए ऐसे 7 प्रभावशाली उपाय के बारे में जानते हैं। आर्थिक तंगी दूर करने के उपाय – आर्थिक तंगी दूर करने के लिए आपको रंग पंचमी के दिन भगवान विष्णु और मां लक्ष्मी की पूरे-विधान से पूजा अर्चना करनी चाहिए। साथ ही पूजा में उन्हें लाल रंग के गुलाल भी अर्पित करें। इसके बाद कनकधारा स्त्रोत का पाठ करें। मान्यता है कि इस उपाय से आर्थिक संकट खत्म होते हैं और धन की कमी नहीं रह जाती है। अन्य उपाय – धन की समस्या से निजात पाने के लिए रंग पंचमी के दिन भगवान विष्णु और मां लक्ष्मी की पूजा के दौरान एक पीले वस्त्र में एक सिक्का और हल्दी की एक गांठ डालकर उसे अच्छे से बांधकर उसे रख दें। जब पूज खत्म हो जाए, तो उस पोटली को उठाकर घर की तिजोरी में रख दें। इस उपाय से मां लक्ष्मी और भगवान विष्णु का आशीर्वाद बना रहता है। – एक और उपाय यह कर सकते हैं कि रंग पंचमी के दिन सफेद रंग की मिठाई या खीर का भोग मां लक्ष्मी को लगाएं। इससे भी मां लक्ष्मी को प्रसन्न होती हैं और धन-धान्य में बढ़ोतरी होती है। – इस दिन माता लक्ष्मी को रुई की दो बाती वाले घी का दीपक लगाएं और गुलाब की अगरबत्ती जलाएं। सफेद मिठाई और सेब चढ़ाएं। सौभाग्य की प्राप्ति के लिए करें ये उपाय रंग पंचमी के दिन भगवान श्रीकृष्ण के साथस-साथ राधा रानी की पूजा अर्चना होती है। मान्यता है कि जिसपर राधा रानी की कृपा होती है, उसे सौभाग्य की प्राप्ति होती है। अगर भी रंग पंचमी पर राधा रानी की कृपा चाहते हैं, तो उनकी पूजा में लाल रंग की चुनरी और लाल रंग का गुलाल अर्पित करें। साथ ही साथ राधा कृपा कटाक्ष स्त्रोत्र का विशेष रूप से पाठ करना चाहिए। रंग पंचमी पर पूजा के इस उपाय से राधा रानी शीघ्र ही सारे रोग-शोक को दूर करके सुख-सौभाग्य की व​र्षा करती हैं। सुखद वैवाहिक जीवन से जुड़े उपाय – अगर पति-पत्नी के रिश्ते में खटास आ गई है, तो रंग पंचमी के दिन भगवान श्रीकृष्ण और राधारानी को लाल रंग के वस्त्र पहनाएं और उनका विधि-विधान से पूजन करें। इन्हें गुलाबी रंग का गुलाल अर्पित करें और अपने वैवाहिक जीवन में मधुरता की कामना करें। – रंग पंचमी के दिन वट वृक्ष(बड़ का पेड़) की 108 बार परिक्रमा करनी चाहिए। इसके साथ ही भगवान विष्णु के नाम का जाप करते हुए लाल रंग का धागा वटवृक्ष पर बांध देना चाहिए। इस उपाय को करने से विवाह संबंधित सभी दिक्कतें दूर होती हैं। पीले रंग का वस्त्र पहनें रंग पंचमी के दिन पीले रंग का वस्त्र पहनें, क्योकि पीला रंग भगवान विष्णु का प्रतीक है और इसे शुभता का प्रतीक माना जाता है। भगवान विष्णु की पूजा करें और उनसे सुख-समृद्धि की कामना करें। इससे जीवन में शुभता और धन-धान्य की वृद्धि होगी।

रांधा-पुआ की तैयारी: 10 मार्च को पकवान, 11 मार्च को शीतलाष्टमी व्रत

जयपुर होली के बाद सातवें और आठवें दिन देवी शीतला माता की पूजा की परंपरा है। इन्हें शीतला सप्तमी या शीतलाष्टमी कहा जाता है। शीतला माता का जिक्र स्कंद पुराण में मिलता है। पौराणिक मान्यता है कि इनकी पूजा और व्रत करने से चेचक के साथ ही अन्य तरह की बीमारियां और संक्रमण नहीं होता है। ज्योतिषाचार्या ने बताया कि चैत्र मास में शीतला माता के लिए शीतला सप्तमी  10 मार्च और अष्टमी 11 मार्च का व्रत-उपवास किया जाता है। इस व्रत में ठंडा खाना खाने की परंपरा है। जो लोग ये व्रत करते हैं, वे एक दिन पहले बनाया हुआ खाना ही खाते हैं। 9 और 10 मार्च को रांधा पुआ होगा। जहां पर शीतला सप्तमी मनाई जाएगी। वहां पर 9 मार्च को रांधा पुआ होगा। जहां पर शीतला अष्टमी मनाई जायेगी। वहां पर 10 मार्च को रांधा पुआ होगा। कहीं पर सप्तमी के दिन और कहीं पर अष्टमी के दिन ठंडा भोजन किया जाता है। दरअसल, ये समय शीत ऋतु के जाने का और ग्रीष्म ऋतु के आने का समय है। इस दौरान मौसमी बीमारियां होने की संभावनाएं बढ़ जाती हैं। शीतला सप्तमी और अष्टमी पर ठंडा खाना खाने से हमें मौसमी बीमारियों से लड़ने की शक्ति बढ़ती है। ऐसी मान्यता है।  बसौड़ा हिन्दू धर्म में एक महत्वपूर्ण त्योहार है। शीतला अष्टमी को ’बसौड़ा पूजा’ के नाम से भी जाना जाता है। बसौड़ा पूजा, शीतला माता को समर्पित लोकप्रिय त्योहार है। यह त्योहार चैत्र मास की कृष्ण पक्ष की अष्टमी को मनाया जाता है। आमतौर पर यह होली के आठ दिनों के बाद पड़ता है लेकिन कई लोग इसे होली के बाद पहले सोमवार या शुक्रवार को मनाते हैं। बसौड़ा या शीतला अष्टमी का यह त्योहार उत्तर भारतीय राज्यों जैसे गुजरात, राजस्थान और उत्तर प्रदेश में अधिक लोकप्रिय है। राजस्थान राज्य में शीतला अष्टमी का त्यौहार बड़े ही हर्षोल्लास के साथ मनाया जाता है। इस अवसर मेलां व लोक संगीत के कार्यक्रमों का आयोजन भी किया जाता है। भक्त इस पर्व को बड़े ही हर्षोल्लास और भक्ति के साथ मनाते हैं। ऐसा माना जाता है कि इस चुने हुए दिन पर व्रत रखने से उन्हें कई तरह की बीमारियों से बचाव होता है। बच्चों को बीमारियों से दूर रखने के लिए और उनकी खुशहाली के लिए इस त्योहार को मनाने की परंपरा बरसों से चली आ रही है। कुछ स्थानों पर शीतला अष्टमी को बासौड़ा भी कहा जाता है। इस दिन माता शीतला की बासी भोजन का भोग लगाने की परंपरा है और स्वयं भी प्रसाद के रूप में बासी भोजन ही करना होता है। नाम के अनुसार ही शीतला माता को शीतल चीजें पसंद हैं। मां शीतला का उल्लेख सर्वप्रथम स्कन्दपुराण में मिलता है। इनका स्वरूप अत्यंत शीतल है और कष्ट-रोग हरने वाली हैं। गधा इनकी सवारी है और हाथों में कलश, सूप, झाड़ू और नीम के पत्ते हैं। मुख्य रूप से इनकी उपासना गर्मी के मौसम में की जाती है। शीतला सप्तमी और अष्टमी कुछ जगह शीतला माता की पूजा चैत्र महीने के कृष्णपक्ष की सप्तमी को और कुछ जगह अष्टमी पर होती है। सप्तमी तिथि के स्वामी सूर्य और अष्टमी के देवता शिव होते हैं। दोनों ही उग्र देव होने से इन दोनों तिथियों में शीतला माता की पूजा की जा सकती है। निर्णय सिंधु ग्रंथ के मुताबिक इस व्रत में सूर्योदय व्यापिनी तिथि ली जाती है। शीतला सप्तमी वैदिक पंचांग के अनुसार, चैत्र माह के कृष्ण पक्ष की सप्तमी तिथि की शुरुआत 09 मार्च को देर रात 11:27 मिनट पर शुरू होगी और 10 मार्च को देर रात 01:54 मिनट पर समाप्त होगी। इस प्रकार यानी उदया तिथि से 10 मार्च को शीतला सप्तमी मनाई जाएगी। शीतला सप्तमी पर पूजा के लिए शुभ समय 10 मार्च को सुबह 06:24 मिनट से लेकर शाम 06:26 मिनट तक है। इस दौरान साधक देवी मां शीतला की पूजा कर सकते हैं।   शीतला सप्तमी शुभ योग चैत्र माह के कृष्ण पक्ष की सप्तमी तिथि पर कई मंगलकारी योग बन रहे हैं। इस दिन हर्षण योग का संयोग सुबह 08:21 मिनट तक है। इसके साथ ही रवि योग का भी संयोग है। इन योग में मां शीतला की पूजा करने से शुभ कामों में सफलता एवं सिद्धि मिलेगी। साथ ही आरोग्यता का वरदान मिलेगा। शीतला अष्टमी शुभ मुहूर्त चैत्र माह के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि 10 मार्च को रात 01:54 मिनट पर हो रही है। वहीं इस तिथि का समापन अगले दिन 12 मार्च को सुबह 04:19 मिनट पर होगा। ऐसे में उदया तिथि के अनुसार इस साल शीतला अष्टमी का व्रत 11 मार्च को रखा जाएगा। इस दिन ही बसौड़ा मनाया जाएगा। चैत्र माह के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि पर मां शीतला की विशेष पूजा की जाती है। शीतला अष्टमी पर पूजा के लिए शुभ समय 11 मार्च को सुबह 06:03मिनट से लेकर शाम 05:56 मिनट तक है। इस दौरान साधक देवी मां शीतला की पूजा कर सकते हैं। स्कन्द पुराण में माता शीतला की अर्चना का स्तोत्र 'शीतलाष्टक' स्कन्द पुराण में माता शीतला की अर्चना का स्तोत्र 'शीतलाष्टक' के रूप में प्राप्त होता है। ऐसा माना जाता है कि- इस स्तोत्र की रचना स्वयं भगवान शंकर ने की थी। शास्त्रों में भगवती शीतला की वंदना के लिए यह मंत्र बताया गया है। मंत्र है- वन्देऽहंशीतलांदेवीं रासभस्थांदिगम्बराम्।। मार्जनीकलशोपेतां सूर्पालंकृतमस्तकाम्।। अगर आप अपने घर की सुख-समृद्धि बनाये रखना चाहते हैं तो आपको स्नान आदि के बाद शीतला माता के इस मंत्र का 51 बार जप करना चाहिए। मंत्र इस प्रकार है-    ऊँ ह्रीं श्रीं शीतलायै नमः। आज के दिन ऐसा करने से आपके घर की सुख-समृद्धि बनी रहेगी। साथ ही आपके परिवार के सदस्यों की सेहत भी अच्छी रहेगी। अगर आप भय और रोग आदि से छुटकारा पाना चाहते हैं तो आपको देवी शीतला के इस मंत्र का 21 बार जप करना चाहिए। मंत्र है-     वन्देSहं शीतलां देवीं सर्वरोग भयापहम्। यामासाद्य निवर्तेत विस्फोटक भयं महत्।। अगर आप अच्छे स्वास्थ्य की कामना रखते हैं। साथ ही लंबी आयु का वरदान पाना चाहते हैं, तो आपको शीतलाष्टक स्त्रोत में दी गई इन पंक्तियों का जाप करना चाहिए। पंक्तियां इस प्रकार हैं-      मृणाल तन्तु सदृशीं नाभि हृन्मध्य संस्थिताम्। यस्त्वां संचिन्त येद्देवि तस्य मृत्युर्न जायते।। ऐसी प्राचीन … Read more

07 मार्च 2026 का राशिफल: जानें मेष से मीन तक सभी राशियों का भविष्य, किसे मिलेगा विशेष लाभ

मेष राशि- आज का दिन मेष राशि वालों के लिए सामान्य रह सकता है। कामकाज में थोड़ी भागदौड़ रह सकती है, लेकिन धीरे-धीरे काम पूरे होते जाएंगे। ऑफिस में नई जिम्मेदारी मिल सकती है, इसलिए अपने काम पर पूरा ध्यान रखें। पैसों के मामले में खर्च बढ़ सकते हैं, इसलिए फिजूल खर्च से बचना बेहतर रहेगा। परिवार के साथ समय बिताने से मन हल्का रहेगा। सेहत के मामले में ज्यादा चिंता की बात नहीं है, लेकिन खानपान का ध्यान रखें। वृषभ राशि- वृषभ राशि के लोगों के लिए आज का दिन सकारात्मक रह सकता है। कामकाज में अच्छे मौके मिल सकते हैं और मेहनत का परिणाम भी मिलने की संभावना है। आर्थिक मामलों में स्थिति ठीक रह सकती है और कुछ लोगों को धन लाभ भी हो सकता है। परिवार का सहयोग मिलेगा। रिश्तों में भी समझदारी बनाए रखने से माहौल अच्छा रहेगा। सेहत सामान्य रहेगी। मिथुन राशि- मिथुन राशि वालों के लिए आज करियर के मामले में अच्छा दिन हो सकता है। ऑफिस में आपकी मेहनत की सराहना हो सकती है और नई जिम्मेदारियां भी मिल सकती हैं। पैसों के मामले में स्थिति ठीक रहेगी। किसी पुराने काम के पूरे होने से राहत मिल सकती है। परिवार के साथ समय बिताने का मौका मिलेगा। सेहत को लेकर थोड़ी सावधानी रखें। कर्क राशि- कर्क राशि के लोगों के लिए आज का दिन अच्छा रहने की संभावना है। करियर में नए मौके मिल सकते हैं और कुछ लोगों को नई जिम्मेदारी भी मिल सकती है। अगर आप नया काम शुरू करने की सोच रहे हैं तो समय ठीक रह सकता है। परिवार में खुशियों का माहौल रहेगा। आर्थिक मामलों में भी स्थिति ठीक रह सकती है। सेहत सामान्य रहेगी। सिंह राशि- सिंह राशि वालों को आज कामकाज में थोड़ा सतर्क रहने की जरूरत हो सकती है। ऑफिस में किसी बात को लेकर तनाव हो सकता है, इसलिए धैर्य बनाए रखें। पैसों के मामले में सोच-समझकर फैसले लें। परिवार के साथ बातचीत से कई समस्याएं हल हो सकती हैं। सेहत का ध्यान रखें और ज्यादा तनाव लेने से बचें। कन्या राशि- कन्या राशि के लोगों के लिए आज का दिन मेहनत वाला रह सकता है। कामकाज में थोड़ी व्यस्तता बढ़ सकती है। ऑफिस में नई जिम्मेदारी मिल सकती है। आर्थिक मामलों में स्थिति ठीक रहेगी। किसी पुराने दोस्त से मुलाकात भी हो सकती है। सेहत को लेकर लापरवाही न करें। तुला राशि- तुला राशि के लोगों के लिए आज का दिन ठीक रह सकता है। कामकाज में सहयोग मिलने से काम आसानी से पूरे हो सकते हैं। ऑफिस में नई जिम्मेदारी मिल सकती है। रिश्तों में संतुलन बनाए रखना जरूरी होगा। आर्थिक मामलों में स्थिति सामान्य रह सकती है। सेहत को लेकर ज्यादा चिंता की जरूरत नहीं है। वृश्चिक राशि- वृश्चिक राशि वालों के लिए आज का दिन आर्थिक मामलों में थोड़ा ध्यान देने वाला हो सकता है। खर्चों पर नियंत्रण रखना जरूरी होगा। कामकाज में स्थिति सामान्य रहेगी। परिवार के साथ बातचीत से कई बातें साफ हो सकती हैं। रिश्तों में समझदारी बनाए रखें। सेहत का ध्यान रखें। धनु राशि- धनु राशि वालों के लिए आज का दिन व्यस्त रह सकता है। कामकाज में मेहनत ज्यादा करनी पड़ सकती है, लेकिन इसका फायदा भी मिल सकता है। ऑफिस में आपकी मेहनत की सराहना हो सकती है। पैसों के मामले में सोच-समझकर खर्च करें। परिवार के साथ समय बिताने से मन खुश रहेगा। सेहत सामान्य रहेगी। मकर राशि- मकर राशि के लोगों के लिए आज का दिन सकारात्मक रह सकता है। कामकाज में अच्छे परिणाम मिल सकते हैं। अगर आप किसी नए काम की योजना बना रहे हैं तो उस पर काम शुरू कर सकते हैं। रिश्तों में मिठास बनी रह सकती है। आर्थिक मामलों में भी स्थिति ठीक रहने की संभावना है। सेहत का ध्यान रखें। कुंभ राशि- कुंभ राशि वालों के लिए आज परिवार से जुड़े मामलों में समय बिताने का मौका मिल सकता है। घर के किसी जरूरी काम को पूरा करने की योजना बन सकती है। कामकाज के मामले में दिन सामान्य रहेगा। पैसों के मामले में ज्यादा जोखिम लेने से बचें। सेहत ठीक रहेगी, लेकिन थकान महसूस हो सकती है। मीन राशि- मीन राशि के लोगों के लिए आज का दिन सामान्य और संतुलित रह सकता है। कामकाज में धीरे-धीरे प्रगति देखने को मिल सकती है। ऑफिस में सहयोग मिलने से काम आसान हो सकते हैं। परिवार के साथ समय बिताने का मौका मिलेगा। पैसों के मामले में स्थिति ठीक रहेगी। सेहत सामान्य रहेगी।

राहु, मंगल और बुध की युति से बन रहा खतरनाक योग, 3 राशियों के लिए चेतावनी

इंदौर आसमान में ग्रहों की स्थिति में बड़ा उलटफेर हुआ है. कुंभ राशि में राहु, बुध और मंगल का एक साथ आना ज्योतिष शास्त्र में अशुभ संयोग माना जा रहा है. 11 अप्रैल तक का यह समय कई लोगों के लिए परीक्षा की घड़ी जैसा है. ज्योतिष के जानकारों का मानना है कि जब भ्रम के कारक राहु के साथ ऊर्जा और आवेश के प्रतीक मंगल और बुद्धि के स्वामी बुध मिलते हैं, तो इंसान का सही-गलत का फैसला लेने का विवेक डगमगाने लगता है. इस दौरान आपको अपनी वाणी और फैसलों पर बहुत सोच-समझकर काम करने की जरूरत है।  क्यों है यह समय चुनौतीपूर्ण? कुंभ राशि में इन ग्रहों की मौजूदगी मानसिक तनाव और गलत निर्णयों को बढ़ावा दे रही है. मंगल के प्रभाव से जहां गुस्सा बढ़ सकता है, वहीं बुध की युति बुद्धि को भ्रमित कर सकती है. नतीजतन, आप जो भी योजनाएं बनाएंगे, उनमें रुकावटें आ सकती हैं.  उम्मीद के मुताबिक नतीजे न मिलने से निराशा हो सकती है।  राशियों पर असर  कर्क राशि: आपके लिए यह समय उतार-चढ़ाव भरा रहेगा. किसी भी कागजी काम या निवेश में सावधानी बरतें. पुराने दोस्तों से विवाद हो सकता है।  कन्या राशि: करियर के मोर्चे पर अचानक रुकावटें आ सकती हैं. ऑफिस में सीनियर के साथ तालमेल बिठाकर चलें. अपनी सेहत को नजरअंदाज न करें।  धनु राशि: इस दौरान बिना सोचे-समझे किसी को उधार न दें, न ही कोई बड़ा फैसला लें. वाद-विवाद से दूर रहना ही आपकी भलाई में है।  मेष, वृषभ, मिथुन, सिंह, तुला, वृश्चिक, मकर, कुंभ और मीन: इन राशियों के लिए भी यह समय मिला-जुला रहेगा. किसी को भी अपनी बात कहने से पहले दो बार सोचें. खासकर घर के बड़े-बुजुर्गों की सेहत का ध्यान रखें।  बचाव के लिए क्या करें? इस दौरान मन में नकारात्मक विचार आ सकते हैं. इससे बचने के लिए  किसी से भी बहस करने से बचें.कोई भी नया काम शुरू करने से पहले किसी अनुभवी व्यक्ति से सलाह जरूर लें. रोजाना सुबह भगवान गणेश की पूजा करें और पक्षियों को दाना डालें. इससे मानसिक स्पष्टता बनी रहेगी।