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05 मार्च 2026 का राशिफल: मेष से मीन तक सभी राशियों का भविष्य, जानें किसके लिए होगा लाभकारी दिन

आज का राशिफल मेष आज के दिन की स्थिति कुछ न कुछ मुश्किलें देने वाली हो सकती हैं, किसी न किसी बात को लेकर घर पर भी कुछ मतभेद बने रह सकते हैं जिन्हें सुलझाना आसान नहीं होगा। आप अपने काम के चलते कुछ यात्रा भी कर सकते हैं जो शायद अभी खर्च और थकान ही बढ़ाने वाली हैं।     करियर – काम के लिहाज से आज के दिन की स्थिति आप को कई मायनों में एक छिपा हुआ कंपटीशन देने वाली है यानी के लोग विरोध में सामने न हों लेकिन पीठ पीछे काफी कुछ चल रहा होगा। कारोबार को लेकर ध्यान से सौदे करने की जरूरत है।     फाइनेंस – पैसों को लेकर आज का दिन आपको खर्च की अधिकता देने वाला है। आप कुछ चीजों की खरीदारी कर सकते हैं।     लव लाइफ – प्यार भरे रिश्ते इस समय होकते हैं किसी दूसरे के चलते विवाद या तनाव का शिकार।     हेल्थ – सेहत के मामले में इस दौरान शरीर में दर्द बुखार या अन्य कोई परेशानी उभर सकती है। आज का राशिफल वृष वृषभ राशि वालों के लिए काम के साथ-साथ इस समय कुछ बदलाव का भी मौका होगा, घर को सजाने या उसमें कुछ चेंज करने की कोशिशें भी अच्छी रहने वाली हैं। इस समय घर पर दोस्तों के आने से अलग ही रौनक लगने वाली है।     करियर – काम के लिहाज से आज आप अपने रचनात्मक पक्ष में ज्यादा अच्छे रहने वाले हैं। इस दौरान आप के काम में कुछ नवीनता दिखाई दे सकती है। इस समय के दौरान काम या किसी सौदे को लेकर यात्रा भी हो सकती है।     फाइनेंस – आर्थिक स्थिति की अगर बात करें तो ये समय आपको कुछ अपने ऊपर होने वाले खर्च की स्थिति को अधिक दिखा रहा है।     लव लाइफ – प्रेम संबंध इस समय काफी बातों के चलते रहेंगे आप के लिए कमजोर क्योंकि कोई न कोई शक या संदेह दिलों में ला सकता है दूरी का असर।     हेल्थ – स्वास्थ्य के मामले में इस सप्ताह आप छोटी छोटी बातों से हो सकते से परेशान जिससे दिक्कत हो सकती हैं।   आज का राशिफल मिथुन मिथुन राशि वालों के लिए आज के दिन की स्थिति रह सकती है कुछ मामलों में उलझनों से भरी हुई। घर पर कुछ काम आप के ध्यान को कर सकते हैं भ्रमित। इस दौरान बच्चों को लेकर उनकी पढ़ाई से संबंधित बातचीत होगी जिसमें आप उनके लिए एक अच्छे मार्गदर्शक बनेंगे।     करियर – कामकाज की अगर बात की जाए तो इस समय कुछ पुरानी बातें या यादें मन पर डाल सकती हैं अपना प्रभाव। इस समय के दौरान लगातार कामकाज में लगे रहना आपको अपने आस पास के माहौल से भी दूर ले जाने वाला हो सकता है।     फाइनेंस – आर्थिक स्थिति के मामले में दिन रहेगा कुछ दोस्तों के साथ खर्चीला या फिर किसी भाई बंधु के लिए खरीदारी भी हो सकती है।     लव लाइफ – प्रेम संबंधों की अगर बात की जाए तो इस समय आप अचानक से किसी से मिल सकते हैं या बातचीत आगे बढ़ सकती है।     हेल्थ – सेहत की स्थिति सामान्य रहने वाली है, लेकिन किसी खेलकूद में चोट न लगे इस बात का रखें ख्याल।   आज का राशिफल कर्क कर्क राशि वालों के लिए आज का दिन कुछ आत्मविश्वास को देने वाला रह सकता है। आप अपने कामों को लेकर भी सक्रिय रहेंगे, लेकिन किसी पारिवारिक विषय को लेकर मन थोड़ा बेचैन हो सकता है। आज शांत रहते हुए मेहनत करते रहना आपके लिए बेहद आवश्यक रहेगा।     करियर – कार्यक्षेत्र में नई जिम्मेदारियां मिल सकती हैं। यदि आप नौकरी में हैं तो अधिकारी आपके काम की सराहना कर सकते हैं, लेकिन अपेक्षाएं भी बढ़ेंगी। व्यापार से जुड़े लोगों को किसी पुराने संपर्क से लाभ मिल सकता है। निर्णय सोच-समझकर लें, जल्दबाज़ी नुकसान दे सकती है।     फाइनेंस – आर्थिक स्थिति स्थिर रहने वाली है, किसी जरूरी घरेलू खर्च के कारण बजट थोड़ा प्रभावित हो सकता है।     लव लाइफ – दांपत्य जीवन में आज के दिन एक दूसरे को समय कम ही दे पाते हैं, प्रेम संबंधों में उन बातों से परेशान न हों जो किसी बाहरी व्यक्ति के कारण प्रभावित हो रही है।     हेल्थ – स्वास्थ्य अच्छा रहेगा असर पर यात्रा के दौरान कुछ दर्द की शिकायत बढ़ सकती है।   आज का राशिफल सिंह सिंह राशि वालों के लिए आज का दिन काम के साथ साथ घर के लोगों के साथ समय बिताने वाला देगा। परिवार और काम दोनों के बीच संतुलन भी बना सकते हैं। किसी महत्वपूर्ण निर्णय को लेकर परिवार में चर्चा हो सकती है, जिसमें आपकी राय अहम होगी।     करियर – काम के मामले में आपकी मेहनत रंग ला सकती है। लंबे समय से अटका हुआ काम आज आगे बढ़ सकता है। व्यवसाय में साझेदारी से लाभ मिलने की संभावना है। सहकर्मियों के साथ सहयोगात्मक रवैया अपनाएं।     फाइनेंस – आर्थिक मामलों में सावधानी बरतें वैसे तो आय के नए स्रोत बनने की संभावना है, लेकिन खर्च भी बढ़ सकते हैं।     लव लाइफ – रिश्तों में आज के दिन घर परिवार की जिम्मेदारी ही बहुत अधिक रहने वाली है, जीवनसाथी का सहयोग मिलेगा।     हेल्थ – स्वास्थ्य सामान्य रहेगा, खानपान में लापरवाही न करें। गले या सर्दी-जुकाम की हल्की समस्या हो सकती है।   आज का राशिफल कन्या कन्या राशि वालों के लिए आज का दिन अपने ही अनुसार काम करने की इच्छा को बढ़ा सकता है। इस समय घर पर किसी के साथ बातचीत में बहस बढ़ सकती है, इसलिए जितना हो सके आज के दिन आपने स्वभाव में अड़ियल रुख न अपनाएं।     करियर – कार्यक्षेत्र में पुरानी बातें या अनुभव आपके फैसलों को प्रभावित कर सकते हैं। आप किसी नए काम में शामिल होने की इच्छा तो रखेंगे लेकिन इसमें आगे बढ़ना मुश्किल रह सकता है।     फाइनेंस – आर्थिक स्थिति सामान्य रहेगी लेकिन मित्रों के साथ बाहर जाना या किसी रिश्तेदार के लिए खरीदारी करने से खर्च बढ़ सकता … Read more

Hanuman Chalisa Rules: गलत समय पर पाठ करने से हो सकता है नुकसान, जानें सही समय

नई दिल्ली हनुमान चालीसा हिंदू धर्म में सबसे प्रभावशाली और फलदायी स्तोत्रों में से एक है। नियमित पाठ से भय, रोग, शत्रुता, आर्थिक संकट और ग्रह पीड़ा दूर होती है। बजरंगबली की विशेष कृपा प्राप्त होती है और जीवन में सकारात्मक ऊर्जा बढ़ती है। लेकिन शास्त्रों में इसके पाठ से जुड़े कुछ सख्त नियम भी बताए गए हैं। कुछ विशेष समय और अवस्थाओं में हनुमान चालीसा का पाठ करने से बचना चाहिए, क्योंकि इससे विपरीत प्रभाव पड़ सकता है। आइए जानते हैं उन समयों के बारे में, जब हनुमान चालीसा का पाठ गलती से भी नहीं करना चाहिए। दोपहर के समय हनुमान चालीसा का पाठ क्यों नहीं करना चाहिए हनुमान चालीसा का पाठ दोपहर के समय वर्जित माना जाता है। मान्यता है कि दोपहर में हनुमान जी विभीषण को दिए गए वचन के अनुसार, लंका चले जाते हैं। इस समय उनकी उपस्थिति नहीं रहती है। इसलिए दोपहर में पाठ करने से इच्छित फल नहीं मिलता, बल्कि विपरीत प्रभाव पड़ सकता है। ब्रह्म मुहूर्त, सूर्योदय या संध्या काल में हनुमान चालीसा का पाठ सबसे श्रेष्ठ माना गया है। इन समयों में पाठ करने से मनोकामनाएं जल्दी पूरी होती हैं। मासिक धर्म के समय पाठ से बचें महिलाओं को मासिक धर्म के दौरान हनुमान चालीसा का पाठ नहीं करना चाहिए। शास्त्रों में इस अवस्था को शारीरिक और मानसिक विश्राम का समय बताया गया है। इस दौरान पूजा-पाठ और मंत्र जप से दूर रहने की सलाह दी जाती है। ऐसा करने से महिला के शरीर और मन को आराम मिलता है। इस अवधि में पाठ करने से ऊर्जा का संतुलन बिगड़ सकता है और स्वास्थ्य संबंधी परेशानियां बढ़ सकती हैं। मासिक धर्म समाप्त होने के बाद शुद्ध होकर पाठ शुरू करें। मृत्यु के समय हनुमान चालीसा का पाठ ना करें घर में किसी की मृत्यु होने पर हनुमान चालीसा का पाठ नहीं करना चाहिए। मृत्यु के बाद परिवार पर शोक और अशौच की स्थिति होती है। इस समय धार्मिक ग्रंथों के अनुसार पूजा-पाठ को कुछ समय के लिए बंद कर दिया जाता है। शोक काल समाप्त होने और शुद्धि संस्कार के बाद ही पाठ शुरू करना चाहिए। मृत्यु के समय पाठ करने से आत्मा की शांति में बाधा आ सकती है और परिवार पर नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है। बच्चे के जन्म के समय पाठ से दूर रहें जब घर में किसी बच्चे का जन्म होता है, तो हनुमान चालीसा का पाठ नहीं करना चाहिए। जन्म के बाद कुछ दिनों तक परिवार पर सूतक माना जाता है। यह समय नवजात और माता की देखभाल के लिए होता है। इस अवधि में पूजा-पाठ को कुछ समय के लिए बंद कर देना चाहिए। सूतक समाप्त होने और शुद्ध होने के बाद ही पाठ शुरू करें। ऐसा करने से नवजात का स्वास्थ्य और परिवार की शांति बनी रहती है। हनुमान चालीसा का सही समय और लाभ हनुमान चालीसा का पाठ मंगलवार और शनिवार को ब्रह्म मुहूर्त या संध्या काल में करना विशेष रूप से फलदायी होता है। इन समयों में पाठ करने से भय, रोग, शत्रुता और ग्रह पीड़ा दूर होती है। नियमों का पालन करने से हनुमान जी की कृपा प्राप्त होती है और जीवन में सकारात्मक ऊर्जा बढ़ती है। नियमित पाठ से आत्मविश्वास, साहस और सफलता मिलती है। गलत समय में पाठ करने से विपरीत प्रभाव पड़ सकता है, इसलिए समय का विशेष ध्यान रखें। हनुमान चालीसा का पाठ श्रद्धा और नियमों के साथ करें। सही समय पर पाठ करने से जीवन में सुख-शांति और समृद्धि आती है।

इस बार बदलेगा पंचांग का गणित: 12 नहीं, 13 महीनों वाला होगा हिंदू नववर्ष 2026

नई दिल्ली Adhik Maas 2026 : वर्ष 2026 आध्यात्मिक और खगोलीय दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण रहने वाला है। हिंदू पंचांग की गणना के अनुसार, इस वर्ष ज्येष्ठ का महीना दो बार आएगा, जिसके कारण साल में 12 के बजाय कुल 13 महीने होंगे। 17 मई से 15 जून 2026 तक की इस अतिरिक्त अवधि को अधिक मास या पुरुषोत्तम मास कहा जाएगा। खगोलीय विज्ञान और अधिक मास का आधार अधिक मास का सीधा संबंध सूरज और चंद्रमा की चाल के बीच के अंतर को पाटने से है। वैज्ञानिक रूप से देखें तो एक चंद्र वर्ष लगभग 354 दिनों का होता है, जबकि सौर वर्ष 365 दिनों का। हर साल इन दोनों के बीच करीब 11 दिनों का फासला रह जाता है। जब यह अंतर बढ़ते-बढ़ते 30 दिनों के बराबर हो जाता है, तब पंचांग में संतुलन बनाए रखने के लिए एक अतिरिक्त महीना जोड़ दिया जाता है। इसी गणितीय गणना के कारण 2026 में ज्येष्ठ का महीना दो बार पड़ रहा है।   पौराणिक कथा और पुरुषोत्तम नाम की महिमा पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, जब इस अतिरिक्त महीने का कोई स्वामी नहीं था, तब भगवान विष्णु ने इसे अपना नाम 'पुरुषोत्तम' देकर इसे अत्यंत पवित्र बना दिया। इसी मास का संबंध भगवान नरसिंह और हिरण्यकश्यप के वध से भी जोड़ा जाता है। चूंकि हिरण्यकश्यप को वरदान था कि उसे साल के 12 महीनों में से कोई नहीं मार पाएगा, इसलिए भगवान ने इस 13वें महीने का सृजन कर अधर्म का अंत किया। यह समय धर्म की स्थापना और नकारात्मकता के विनाश का प्रतीक माना जाता है। साधना और आत्मचिंतन का विशेष समय पंडितों और विद्वानों का मानना है कि अधिक मास कोई अशुभ समय नहीं है बल्कि यह ईश्वर की भक्ति के लिए रिजर्व रखा गया समय है। 17 मई से 15 जून के बीच अधिक मास महात्म्य का पाठ करना या कथा सुनना बहुत शुभ होता है। यह अवधि हमें भागदौड़ भरी जिंदगी से ब्रेक लेकर आत्म-मंथन करने और अपनी आध्यात्मिक ऊर्जा को बढ़ाने के लिए प्रेरित करती है।   वर्जित कार्य और विशेष सावधानी चूंकि यह समय पूरी तरह से ईश्वर की आराधना के लिए समर्पित है, इसलिए इस दौरान सांसारिक मांगलिक कार्यों पर रोक रहती है। अधिक मास में निम्नलिखित कार्य टाल देने चाहिए: विवाह और सगाई के कार्यक्रम। नया व्यापार या दुकान की शुरुआत। गृह प्रवेश और भूमि पूजन। मुंडन, जनेऊ या अन्य संस्कार। दान-पुण्य और लोकहित का महत्व इस महीने में किए गए सत्कर्मों का फल कई गुना बढ़ जाता है। गरीबों को भोजन कराना, जरूरतमंदों की आर्थिक सहायता करना, हवन और गीता का पाठ करना इस समय की मुख्य प्राथमिकता होनी चाहिए। यह महीना हमें सिखाता है कि सेवा और सकारात्मक सोच ही जीवन में वास्तविक सुख और शांति लाती है।

मानसिक शांति और सकारात्मक ऊर्जा के लिए रोज जपें ये 5 हिंदू मंत्र

भले ही इस आधुनिक युग में मनुष्य कितनी भी तरक्की क्यों ना कर लें, लेकिन वो इस बात से कभी इनकार नहीं कर सकता है कि व्यक्ति एक दूसरे की ऊर्जा से निरंतर प्रभावित होता रहता है, जो एक-दूसरे के व्यवहार और भावनाओं को भी प्रभावित कर सकती है। यह एनर्जी पॉजिटिव भी हो सकती है और नेगेटिव भी। अगर आप खुद को कुछ लोगों के संपर्क में आने के बाद थका हुआ, कंफ्यूज और मायूस महसूस कर रहे हैं तो आप यकीनन टॉक्सिक लोगों के साथ हैं। जबकि पॉजिटिव लोग हर स्थिति में सकारात्मक दृष्टिकोण अपनाकर जीवन के प्रति आशावादी बने रहते हैं। सकारात्मकता उन्हें तनाव, चिंता और डिप्रेशन से दूर रखती है। लेकिन नेगेटिव लोग आपकी हर चीज में कमियां ढूंढकर आलोचना करते रहते हैं। ऐसे लोग किसी भी तरह के बदलाव का विरोध करते हैं और उन्हें खुश रहने वाले लोगों से जलन होती है। अगर आप खुद को रियल लाइफ में ऐसे ही टॉक्सिक लोगों के बीच घिरा हुआ महसूस करते हैं तो ये 5 हिंदू मंत्र आपके मन को शांत रखने के साथ हर तरह की नेगेटिविटी से दूर रखने में मदद करेंगे। दुर्गा मंत्र ॐ दुम् दुर्गायै नमः मंत्र माता दुर्गा की शक्ति का प्रतीक है, जो बुराई और नकारात्मकता को नष्ट करती हैं। अगर आपको लगता है कि आप नेगेटिव लोगों से घिरे हुए हैं, जो आपको नुकसान पहुंचा सकते हैं तो इस मंत्र का जाप आपकी ढाल बन सकता है। यह मंत्र आपको याद दिलाता है कि खुद को याद दिलाते हैं कि किसी को भी आपको मानसिक और भावनात्मक रूप से नुकसान पहुंचाने का अधिकार नहीं है। गायत्री मंत्र 'ॐ भूर्भुवः स्वः तत्सवितुर्वरेण्यं भर्गो देवस्य धीमहि धियो यो नः प्रचोदयात्'। यह मंत्र मन को शुद्ध करके नकारात्मक ऊर्जा को दूर करने में मदद करता है। इस मंत्र के जाप से आप सत्य को भ्रम से अलग कर पाते हैं, और डर की जगह जीवन में समझदारी से निर्णय ले पाते हैं। महामृत्युंजय मंत्र 'ॐ त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिम् पुष्टिवर्धनम्। उर्वारुकमिव बन्धनान् मृत्योर्मुक्षीय मामृतात्'। यह मंत्र भगवान शिव को समर्पित है और सभी प्रकार के भय, नकारात्मकता और बुरे प्रभावों से रक्षा करता है। हनुमान चालीसा हनुमान चालीसा का नियमित पाठ नकारात्मक ऊर्जा और बुरे प्रभावों से रक्षा करता है। यह भगवान हनुमान की भक्ति को समर्पित है, जो शक्ति और सुरक्षा के प्रतीक हैं। नृसिंह मंत्र 'ॐ उग्रं वीरं महाविष्णुं ज्वलन्तं सर्वतोमुखम्। नृसिंहं भीषणं भद्रं मृत्यु-मृत्युं नमाम्यहम्'। भगवान नृसिंह का यह मंत्र शत्रुओं और नकारात्मक लोगों से रक्षा करता है।

घर के मंदिर में 5 मूर्तियां और सफाई रखने से आती है सकारात्मक ऊर्जा

हिंदू धर्म में रोजाना पूजा-पाठ करने का विशेष महत्व माना गया है। लोग मंदिर जाकर मत्था टेकते हैं और अपने घर के मंदिर में भी श्रद्धा भाव से पूजा करते हैं। घर का ये पवित्र कोना पॉजिटिव एनर्जी और मानसिक शांति का केंद्र माना जाता है। ऐसे में इसे हमेशा साफ-सुथरा और व्यवस्थित रखना चाहिए। मंदिर में टूटे-फूटे सामान या बेकार की चीजें नहीं रखनी चाहिए। पूजा स्थान से जुड़े कुछ नियम भी होते हैं जिनका पालन करना जरूरी होता है। अक्सर लोग एक बात को लेकर असमंजस में रहते हैं कि घर के मंदिर में कितनी मूर्तियां होनी चाहिए? आज जानेंगे इस बारे में विस्तार से। साथ ही जानेंगे कि आखिर कौन सी मूर्तियों को हमें घर के पूजा स्थल पर नहीं रखना चाहिए? मूर्तियों को लेकर सही तरीका क्या होना चाहिए। पूजा घर में रखें सिर्फ इतनी मूर्तियां वास्तुशास्त्र और हिंदू धर्म मान्यता के अनुसार घर के मंदिर में सादगी रहें तो ये अच्छा माना जाता है। वास्तु शास्त्र के नियम के हिसाब से घर के मंदिर में बहुत ज्यादा मूर्तियां नहीं रखनी चाहिए। अगर सीमित संख्या में यहां मूर्तियां रखी जाए तो मन एकाग्र रहता है और ध्यान लगाकर पूजा करना भी आसान हो जाता है। आम तौर पर यहां पर 2 से 5 मूर्तियां रखना ही सही होता है। इससे मंदिर में सकारात्मक ऊर्जा भी बनी रहती है और ऐसे में आसानी से साफ-सफाई भी की जा सकती है। पूजा घर में गलती से भी ना रखें ये मूर्तियां घर के मंदिर में शांत और सौम्य रूप वाली मूर्तियां रखना ही शुभ माना जाता है। मंदिर कुछ देवताओं के उग्र या क्रोधित रूप घर में रखने की सलाह नहीं दी जाती है। घर के मंदिर में नटराज, शनि देव या फिर राहु-केतु उग्र या फिर क्रोधित रूप वाली मूर्तियां, मां काली की मूर्ति या फिर काल भैरव के उग्र स्वरूप को मंदिर में नहीं रखना चाहिए। ऐसी मूर्तियां शक्ति और तप का प्रतीक मानी जाती है। ऐसे में इन्हें घर के मंदिर में रखना सही नहीं होता है। घर में आम तौर पर शांत और सौम्य रूप वाली मूर्तियां ही रखनी चाहिए। इन मूर्तियों की एनर्जी से घर का वातावरण शांति रहता है और घर में पॉजिटिविटी बनी रहती है। रखें इन बातों का ध्यान घर के मंदिर से जुड़े कुछ और भी नियम हैं, जिनका ध्यान जरूर रखना चाहिए। सबसे पहले तो ये सुनिश्चित कर लें कि मंदिर घर के ईशान कोण में ही हो। बता दें कि वास्तु शास्त्र में ईशान कोण उत्तर-पूर्व दिशा को कहा जाता है। इस दिशा को एनर्जी का सबसे बड़ा सोर्स माना जाता है। ऐसे में यहां पर मंदिर बनाना फलदायी होता है। साथ ही ऐसी भी मान्यता है कि इसी दिशा में सभी देवी-देवता का वास होता है। इसके अलावा ये जरूर देख लें कि मंदिर में मौजूद मूर्तियों के बीच कम से कम 1-2 इंच की दूरी जरूर हो। इस बात का भी ध्यान रखना चाहिए कि मंदिर कभी भी बेडरूम या फिर वॉशरूम के आसपास ना हो। नियम के अनुसार घर का मंदिर सीढ़ियों के ठीक नीचे भी नहीं होना चाहिए क्योंकि इसे अशुभ माना जाता है। डिस्क्लेमर- इस आलेख में दी गई जानकारियों पर हम यह दावा नहीं करते कि ये पूर्णतया सत्य एवं सटीक हैं। विस्तृत और अधिक जानकारी के लिए वास्तुशास्त्र विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।

क्या सुबह देखे गए सपने होते हैं सच? जानिए ब्रह्म मुहूर्त से उनका गहरा संबंध

अक्सर कहा जाता है कि सुबह का सपना सच होता है. हम में से कई लोगों ने बचपन से ही बड़े-बुजुर्गों से यह बात सुनी है. लेकिन क्या इसके पीछे कोई वैज्ञानिक तर्क है या यह महज एक लोक मान्यता है? विशेषकर ब्रह्म मुहूर्त में देखे गए सपनों को लेकर भारतीय संस्कृति और ज्योतिष शास्त्र में बहुत महत्व दिया गया है. आइए स्वप्न शास्त्र के अनुसार जानते हैं सुबह के सपनों का क्या मतलब है और इनके पीछे छिपा रहस्य क्या है. क्या होता है ब्रह्म मुहूर्त? हिंदू धर्म में ब्रह्म मुहूर्त को दिन का सबसे पवित्र समय माना गया है. यह समय सूर्योदय से लगभग 1 घंटा 36 मिनट पहले शुरू होता है. मान्यता है कि इस दौरान वातावरण में सकारात्मक ऊर्जा सबसे अधिक होती है और मन शांत एवं निर्मल रहता है. इसलिए इस समय पूजा-पाठ, ध्यान और जप करना बेहद शुभ माना गया है. क्यों खास होते हैं सुबह के सपने? ज्योतिष और स्वप्न शास्त्र के अनुसार, रात के आखिरी पहर यानी ब्रह्म मुहूर्त में देखे गए सपने ज्यादा प्रभावी माने जाते हैं. इसके पीछे कुछ कारण बताए गए हैं. इस समय मन गहरी नींद से हल्की अवस्था में आ जाता है. अवचेतन मन सक्रिय रहता है. आसपास का वातावरण शांत और ऊर्जा से भरपूर होता है. इसी वजह से इस समय देखे गए सपने भविष्य के संकेत माने जाते हैं. शुभ सपनों के संकेत स्वप्न शास्त्र के अनुसार, अगर ब्रह्म मुहूर्त में ये चीजें दिखें तो इसे शुभ माना जाता है.     मंदिर, देवी-देवता या भगवान का दर्शन     साफ पानी या नदी में स्नान     फूल, दीपक या उजाला     सफेद वस्त्र पहने लोग ऐसे सपने सुख, सफलता और शुभ समाचार का संकेत देते हैं. अशुभ सपनों का क्या मतलब? अगर सुबह के समय बुरे या डरावने सपने आएं, जैसे गिरना, रोना, अंधेरा या तूफान, झगड़ा तो इस तरह के सपनों को मानसिक तनाव या आने वाली चुनौती का संकेत माना जाता है. क्या हर सपना सच होता है? धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, ब्रह्म मुहूर्त में देखा गया सपना कुछ ही दिनों में फल दे सकता है. लेकिन आधुनिक विज्ञान इसे मन की कल्पना और मानसिक स्थिति से जोड़कर देखता है. इसलिए हर सपना सच हो, यह जरूरी नहीं है. क्या करें अगर सुबह सपना याद रहे?     भगवान का स्मरण करें.     सकारात्मक रहें और किसी भी डर को मन में न बसने दें.  

गर्मियों में पहली बार AC चलाएं तो जरूर करें ये 5 काम

इस बार मौसम ने बहुत जल्द तेवर तीखे कर लिए हैं। आधा फरवरी खत्म ही हुआ है कि दोपहर गर्म महसूस होने लगी है। ऐसा ही चलता रहा, तो कुछ ही दिनों में लोगों को एयर कंडीशनर शुरू करने पड़ेंगे। आप भी ऐसा करें, तो ध्यान रखें कि सीजन की शुरुआत में पहली बार AC ऑन करते समय 5 काम जरूर कर लेने चाहिए। ऐसा न करने पर स्विच ऑन करते ही एयर कंडीशनर में कोई खराबी आ सकती है और कोई न कोई बड़ा खर्चा आपके गले पड़ सकता है। पहली बार AC शुरू करने से पहले उसकी हार्ड या सॉफ्ट सर्विस, कंडेंसर और आउटडोर यूनिट की जांच, ड्रेन पाइप और लीकेज की जांच, वोल्टेज और स्टेबलाइजर सेटअप करना और सही मोड का ध्यान रखना जरूरी होता है। हार्ड या कम से कम सॉफ्ट सर्विस कर लें AC को गर्मियों में पहली बार शुरू करने से पहले सर्विस जरूर करवा लें। किसी वजह से अगर हार्ड सर्विस में देरी हो रही हो तो खुद सॉफ्ट सर्विस कर लें। बता दें कि हार्ड सर्विस टेक्नीशियन जरूरी टूल्स के साथ करते हैं। वहीं सॉफ्ट सर्विस में आप फिल्टर की सफाई, एक खराब टूथब्रश और पानी से कॉइल की सफाई और संभव हो, तो तेज पानी की धार से विडों AC की पीछे से और स्पलिट एसी के आउटडोर युनिट की सफाई कर सकते हैं। कंडेंसर और आउटडोर यूनिट को चेक करें अगर आपके घर में स्पलिट एयर कंडीशनर है, तो उसके कंडेंसर और आउटडोर यूनिट को चेक कर लें। कंडेंसर आउटडोर यूनिट के पीछे मौजूद जाली को कहते हैं, तो कि लंबे समय से बंद पड़े-पड़े धूल-मिट्टी से ब्लॉक हो जाती है। उसे तेज पानी की धार से धो लें। इसके अलावा देखें कि आउटडोर यूनिट सामने या आसपास कम से कम 2-3 फीट तक कोई रुकावट न हो। AC स्विच ऑन करने के बाद गौर करें कि आउटडोर फैन या कंप्रेसर से तेज खड़कड़ाहट की आवाज तो नहीं आ रही है? ड्रेन पाइप और लीकेज की जांच लंबे समय से AC बंद होता है, तो उसमें गंदगी इकट्ठा होने के चलते लीकेज की समस्या आ सकती है। ऐसे में स्प्लिट AC को पहली बार ऑन करने से पहले उसके ड्रेन पाइप को चेक कर लें। स्टेबलाइजर सेटअप करें AC को ऑन करने से पहले चेक करें कि स्टेबलाइजर ठीक से काम कर रहा है या नहीं। इसके अलावा AC के प्लग को भी चेक करें कि कहीं भी तार कटी न हो और न ही AC का प्लग ढीला हो। अगर आप स्टेबलाइजर से जुड़ी AC की तारों को खोलकर उन्हें नए सिरे से कस दें, तो स्टेबलाइजर से जुड़ी कोई समस्या आने की गुंजाइश कम हो जाती है। शुरू में फैन मोड पर चलाएं AC AC को पहली बार शुरू करते समय उसे फैन मोड पर शुरू करें। ऐसे में हो सकता है कि AC के अंदर से कुछ गंदगी बारह आए (अगर AC हार्ड सर्वस नहीं हुआ है, तो) साथ ही अगर AC में किसी तरह की समस्या होगी, तो वह भी फैन मोड पर बिना कंप्रेसर के ऑन हुए पता चल जाएगी। जिससे कंप्रेसर तक खराबी नहीं पहुंच पाती।

बच्चों के खराब या टूटे खिलौने रखना हो सकता है अशुभ, दान करने से पहले इन बातों का रखें ध्यान

वास्तु शास्त्र के अनुसार, घर की हर छोटी-बड़ी वस्तु सकारात्मक या नकारात्मक ऊर्जा का संचार करती है। बच्चों के खिलौने, जो उनके बचपन का अहम हिस्सा होते हैं और जिनसे उनकी भावनाएं जुड़ी होती हैं, वास्तु की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण माने गए हैं। अक्सर हम बच्चों के पुराने या टूटे हुए खिलौनों को स्टोर रूम में भर देते हैं या बिना सोचे-समझे किसी को दान कर देते हैं। वास्तु विशेषज्ञों का मानना है कि खिलौनों का सही रखरखाव न केवल बच्चे के मानसिक विकास को प्रभावित करता है, बल्कि घर की सुख-शांति पर भी असर डालता है। आइए जानते हैं टूटे हुए खिलौनों से जुड़े वास्तु नियम और दान करने से पहले ध्यान रखने योग्य बातें। वास्तु शास्त्र में कबाड़ या टूटी हुई वस्तुओं को राहु और शनि की नकारात्मक ऊर्जा से जोड़कर देखा जाता है। विकास में बाधा: टूटे हुए खिलौने बच्चे की रचनात्मकता और विकास में अवरोध पैदा करते हैं। यह उनके स्वभाव में चिड़चिड़ापन और एकाग्रता की कमी ला सकते हैं। मानसिक तनाव: खिलौने खुशी का प्रतीक हैं। जब वे टूट जाते हैं, तो वे खंडित ऊर्जा उत्सर्जित करते हैं, जिससे घर के सदस्यों के बीच तनाव बढ़ सकता है। दुर्घटना का भय: वास्तु के अलावा, सुरक्षा की दृष्टि से भी टूटे खिलौने खतरनाक होते हैं। इनके नुकीले हिस्से बच्चे को चोट पहुंचा सकते हैं। क्या करें टूटे हुए खिलौनों का ? यदि खिलौना थोड़ा बहुत टूटा है और उसे ठीक किया जा सकता है, तो उसे तुरंत ठीक करवाएं। यदि वह ठीक होने की स्थिति में नहीं है, तो उसे घर से बाहर निकाल देना ही बेहतर है। अक्सर लोग टूटे खिलौनों को यह सोचकर स्टोर रूम या पलंग के नीचे रख देते हैं कि 'बाद में देखेंगे'। यह घर में भारीपन और नकारात्मकता लाता है।  टूटे हुए रिमोट कंट्रोल कार या रोबोट वास्तु में दोष पैदा करते हैं। इन्हें कबाड़ में दे देना चाहिए या रीसायकल करना चाहिए।

क्रोध नहीं, संयम है ताकत: हर मेहनती इंसान के लिए 5 जीवन मंत्र

अगर आपको छोटी-छोटी बातों पर गुस्सा आ जाता है और आप लोगों पर गुस्सा उतारने के लिए जोर-जोर से चिल्लाने लगते हैं तो जरा रुकिए, यह किसी सफल व्यक्ति के गुण बिल्कुल नहीं हैं। दुनिया को जीतने का हौसला रखने वाला एक सफल व्यक्ति अपनी कुछ आदतों में एक आम व्यक्ति से बिल्कुल अलग होता है। यही वो खासियत होती हैं, जो उसे आम से खास बनाकर सफलता की सीढ़ी चढ़ने में मदद करती हैं। याद रखें, शांत रहना कोई कमजोरी नहीं, बल्कि खुद पर काबू पाने का वो आसान तरीका है, जो बिना लड़े ही आधी जंग जीत लेता है। अगर आप भी जीवन में खामोश कदमों से बड़ी सफलता हासिल करना चाहते हैं तो ये 5 टिप्स आपकी मदद कर सकते हैं। प्रतिक्रिया देने में जल्दबाजी न करें जब कोई आपको उकसाए या अपमान करे, तो तुरंत जवाब देने की जगह 2 सेकंड रुकें। आपकी चुप्पी सामने वाले के गुस्से को बेअसर कर देती है और आपको स्थिति जीतने का मौका देती है। कम बोलने और ज्यादा सुनने की आदत डालें जीतने वाले व्यक्ति हमेशा कम बोलते हैं और ज्यादा सुनते का गुण रखते हैं। जब आप किसी दूसरे व्यक्ति को सुन रहे होते हैं, तो आप उससे मिली जानकारी इकट्ठा कर रहे होते हैं। जितना कम आप अपने पत्ते खोलेंगे, याद रखें लोग आपकी अगली चाल को लेकर उतने ही उत्सुक और सतर्क बने रहेंगे। अपनी एनर्जी को बचाए रखें हर बहस जीतने के लिए नहीं होती। मूर्खों से उलझना अपनी मानसिक शांति को खराब करना होता है। 'आप सही कह रहे हैं' कहकर आगे बढ़ जाना सबसे बड़ी कूटनीति है, जो सफलता का रास्ता जल्दी तय करने में मदद करती है। दिन में कम से कम 15 मिनट पूरी तरह मौन रहें। यह अभ्यास आपके दिमाग के 'शोर' को कम करता है और आपकी निर्णय लेने की क्षमता को कई गुना बढ़ा देता है। परिणाम पर नहीं, प्रक्रिया पर ध्यान दें दुनिया को जीतने का हौसला वही रखते हैं, जिनका मन भविष्य की चिंता या अतीत के पछतावे में नहीं उलझा रहता है। अपने आज में जीने से आपको असली मानसिक शांति मिलेगी। अपनी कमियों को स्वीकारें एक सफल व्यक्ति को ना तो अपनी तारीफ से और ना ही बुराई से कोई फर्क पड़ता है। जब आप खुद को पूरी तरह स्वीकार कर लेते हैं, तो दूसरो की कोई भी दिल दुखाने वाली बात, आपको चोट नहीं पहुंचा सकती है। अहंकार हमेशा अशांति पैदा करता है। विनम्र व्यक्ति पानी की तरह सरल होने के साथ अपना रास्ता खुद बनाने का हुनर भी जानता है। इसलिए हमेशा विनम्रता का गुण बनाए रखें।  

खरमास 2026: मार्च में कब से कब तक रहेगा, शादी के कितने मुहूर्त हैं उपलब्ध?

सनातन धर्म में खरमास अशुभ समय माना जाता है. ये एक माह की अवधि होती है. अशुभ माने जाने की वजह से इस अवधि में कोई शुभ काम नहीं किया जाता है. एक साल में दो बार खरमास लगता है. पहला खरमास मार्च या अप्रैल में लगता है, तो दूसरा खरमास नवंबर या दिसंबर में लगता है. पंचांग के आधार पर ग्रहों के राजा सूर्य देव के गुरु की राशि धनु या मीन में प्रवेश करने पर खरमास लगता है. खरमास के दौरान गृह प्रवेश, मुंडन, विवाह आदि शुभ काम सब रोक दिए जाते हैं. मान्यता है कि जब सूर्य देव गुरु की राशि धनु या मीन में प्रवेश करते हैं, तो सूर्य के प्रभावों में कमी आ जाती है. वहीं गुरु के शुभ प्रभाव भी कम हो जाते हैं. शुभ कामों विशेषकर विवाह के लिए सूर्य और गुरु की शुभता आवश्क मानी जाती है. मार्च के माह में खरमास लगने वाला है. ऐसे में आइए जानते हैं कि खरमास से पहले मार्च के महीने में कितने विवाह मुहूर्त हैं. मार्च में कब लग रहा है खरमास? अभी सूर्य देव श​नि की राशि कुंभ में गोचर कर रहे हैं. पंचांग के अनुसार, सूर्य मीन राशि में 15 मार्च दिन रविवार को 1 बजकर 8 मिनट पर प्रवेश करेंगे. उस समय सूर्य की मीन संक्रांति होगी. उसके साथ ही मार्च के खरमास का प्रारंभ हो जाएगा. ये खरमास एक माह तक रहेगा. इसके बाद सूर्य का मेष राशि में गोचर 14 अप्रैल को सुबह में 9 बजकर 38 मिनट पर होगा. इसी दिन खरमास का समापन होगा. मार्च 2026 में विवाह मुहूर्त 2 मार्च- सोमवार, 3 मार्च- मंगलवार, 4 मार्च- बुधवार, 7 मार्च- शनिवार, 8 मार्च- रविवार, 9 मार्च- सोमवार, 11 मार्च- बुधवार, 12 मार्च- गुरुवार. विवाह मुहूर्त तय करते समय रखें इन बातों ध्यान     अभिजीत मुहूर्त और गोधूलि बेला विवाह के लिए अत्यंत शुभ कही जाती है.     शुभ करण: किस्तुघ्न, बव, बालव, कौलव, तैतिल, गर, वणिज     विवाह के लिए शुभ तिथियां: द्वितीया, तृतीया, पंचमी, सप्तमी, एकादशी, त्रयोदशी     विवाह के लिए शुभ वार:सोमवार, बुधवार, गुरुवार और शुक्रवार शास्त्रों के अनुसार, ब्रह्म मुहूर्त को सबसे सात्विक और सकारात्मक ऊर्जा वाला होता है. यही कारण है कि प्राचीन काल में विवाह प्रातःकाल या सूर्यास्त के समय होते थे.