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पाताल लोक या प्रकृति का चमत्कार? जानिए श्याम कुंड के पानी की अनोखी कहानी

हारे का सहारा कहलाने वाले बाबा खाटू श्याम को कलियुग का देवता माना जाता है. राजस्थान में स्थित खाटू जी का मंदिर बेहद प्रसिद्ध हैं, जहां दूर-दूर से भक्त दर्शन करने आते हैं. 1 नवंबर को खाटू श्याम जी का जन्मोत्सव मनाया जा रहा है और इस शुभ अवसर पर सीकर में बड़ी धूम देखने को मिलती है. इस मौके पर भारी संख्या में भक्त बाबा के दर्शन करने के लिए खाटू श्याम मंदिर जाते हैं. लेकिन कहते हैं कि बिना श्याम कुंड में स्नान किए, खाटू बाबा के दर्शन अधूरे माने जाते हैं. चलिए आपको इस लेख में इस श्याम कुंड का रहस्य बताते हैं. खाटू श्याम के श्याम कुंड का रहस्य खाटू श्याम मंदिर के पास स्थित पवित्र कुंड है, जिसको लेकर बहुत सी मान्यताएं प्रचलित हैं. धार्मिक मान्यता के अनुसार, यही वह स्थान है जहां से महाभारत काल में बर्बरीक यानी बाबा श्याम का शीश प्रकट हुआ था. इस कुंड में भक्त स्नान करते हैं और खाटू जी की पूजा करते हैं. पौराणिक मान्यता है कि इस श्याम कुंड में स्नान करने से भक्तों को पुण्य मिलता है, पापों से मुक्ति मिलती है और संतान सुख की प्राप्ति होती है. श्याम कुंड की मान्यताएं शीश दान की भूमि: ऐसा माना जाता है कि इसी स्थान पर बर्बरीक ने कृष्ण की मांग पर अपना शीश दान कर दिया था, जिसके कारण उन्हें ‘शीश के दानी’ के रूप में जाना जाता है. अखंड जल स्रोत:- कहते हैं कि कुंड का पानी कभी खत्म नहीं होता, क्योंकि ऐसा माना जाता है कि यह पाताल लोक से आ रहा है. शीश का प्रकटीकरण: श्याम कुंड वही जगह है जहां बर्बरीक का शीश प्रकट हुआ था, जिससे कुंड का नाम “श्याम कुंड” पड़ा. चमत्कारी स्नान: भक्तों का मानना है कि कुंड में स्नान करने से सभी प्रकार के पाप और रोग दूर हो जाते हैं. संतान सुख: कुछ लोगों का यह भी मानना है कि इस कुंड में स्नान करने से संतान सुख की प्राप्ति होती है. घर ले जाने योग्य जल: यहां आने वाले भक्त कुंड का जल बोतलों में भरकर अपने घर ले जाते हैं, क्योंकि कहते हैं कि इसे घर में छिड़कने से बुरी शक्तियां दूर होती हैं. कैसे प्रकट हुआ शीश? पौराणिक मान्यता के अनुसार, श्याम कुंड पहले एक प्राचीन खेत था जहां एक गाय रोजाना अपना दूध देने आती थी. जब लोगों ने इसकी खुदाई शुरू की, तो उन्हें 30 फीट नीचे बर्बरीक का शीश मिला. तभी से इस कुंड में स्नान करना बहुत पुण्यदायी माना गया है.

आज का राशिफल : सिंह और तुला राशि के लिए शुभ संकेत, जानें सभी राशियों का भविष्यफल

मेष  आज का दिन आपके लिए मान-सम्मान में वृद्धि लेकर आने वाला है। आपको बिजनेस में सकारात्मक परिणाम मिलेंगे। दान पुण्य के कार्यों में आपकी काफी रुचि रहेगी। जीवनसाथी का सहयोग और सानिध्य आपको भरपूर मात्रा में मिलेगा। आपको अपने बेवजह के कामों को लेकर कुछ टेंशन हो सकती है। आपने यदि ससुराल पक्ष के किसी व्यक्ति से कोई लेनदेन किया, तो उससे आपका कोई नुकसान होने की संभावना है। वृषभ  आज आपको काम को लेकर टेंशन बनी रहेगी। आपकी किसी मित्र से भी खटपट हो सकती हैं। संतान के करियर को लेकर आप उन्हें कहीं बाहर भेज सकते हैं। कारोबार में आपको एक नई गति मिलेगी। आप अपने अनुभवों से काम करेंगे, तो आपको अच्छी सफलता हासिल होगी। घूमने-फिरने के दौरान आपको कोई महत्वपूर्ण जानकारी मिल सकती है। आपके पिताजी की सेहत में उतार-चढ़ाव रहने से आप परेशान रहेंगे। मिथुन  आज का दिन आपके लिए स्वास्थ्य के लिहाज से कमजोर रहने वाला है। आपका कोई बनते-बनते काम अटक सकता है। माता जी से कुछ पारिवारिक मामलों को लेकर बातचीत कर लें, नहीं तो कोई भयंकर लड़ाई झगड़ा हो सकता है। कार्यक्षेत्र में आप पर उच्च अधिकारियों की कृपा बनी रहेगी। आपका किसी पुरानी गलती से पर्दा उठ सकता है। आपको अपनी इन्कम को बढ़ाने के सोर्सो पर ध्यान दें। कर्क आज का दिन आपके लिए बढ़िया रहने वाला है। आपको किसी नए पद की प्राप्ति होने से खुशी का ठिकाना नहीं रहेगा और आपका कोई सरकारी काम यदि लंबे समय से अटका हुआ था, तो वह भी पूरा हो सकता है। आप कहीं धार्मिक यात्रा पर जाने की तैयारी कर सकते हैं। आपकी मन को आज सुकून मिलेगा, क्योंकि जीवनसाथी भी आपके साथ कंधे से कंधा मिलाकर चलेंगे। आपके परिवार में पद प्रतिष्ठा बढ़ने से आज खुशी होगी। जल्दबाजी में आपसे कोई गड़बड़ी हो सकती है। सिंह राशि आज का दिन आपके लिए जिम्मेदारी से काम करने के लिए रहेगा। आप अपने लंबे समय से रुके हुए कामों को पूरा करेंगे और संतान पक्ष की ओर से आपको कोई खुशखबरी सुनने को मिल सकती है। आपका कोई विरोधी आपको नुकसान पहुंचाने की कोशिश कर सकता है। प्रेम जीवन जी रहे लोगों को अपने साथी के साथ समय बिताने का मौका मिलेगा। राजनीति में कार्यरत लोग किसी नए पद को पाकर काफी खुश होंगे। कन्या  आज का दिन आपके लिए महत्वपूर्ण रहने वाला है। आपके शत्रु में प्रबल रहेंगे, लेकिन वह आपका कुछ नहीं बिगाड़ पाएंगे। प्रेम जीवन में चल रही समस्याओं से आपको छुटकारा मिलेगा। मन में प्रसन्नता बनी रहेगी। विद्यार्थियों ने यदि किसी परीक्षा में भाग लिया था, तो उसके परिणाम आ सकते हैं। आपको वरिष्ठ सदस्यों का पूरा सहयोग मिलेगा। आपकी एक साथ कई काम हाथ लगने से व्याकाग्रता बढ़ेगी। तुला  आज का दिन आपके लिए इनकम को बढ़ाने वाला रहेगा। आपको अपनी वाणी की सौम्यता को बनाए रखना होगा। नौकरी मे आपको कुछ समस्या चल रही थी, तो आप उसे दूर करने की कोशिश करेंगे। आपको कोई जिम्मेदारी भरा काम मिलने से आप उसको लेकर लापरवाही ना दिखाएंगे। आपके पिताजी का कोई पुराना रोग उभर सकता है, जो आपकी टेंशन को बढ़ाएगा। वृश्चिक  आज आपकी यश और कीर्ति बढ़ेगी। नौकरी में कार्यरत लोगों को अपने वाणी पर संयम रखना होगा। आपको आपका रुका हुआ धन मिलने से आपकी आर्थिक स्थिति मजबूत होगी, लेकिन आप अपने कामों को लेकर ढील बिल्कुल ना दें।  आपका समय मौज-मस्ती में बीतेगा। आपके बॉस से आपकी किसी बात को लेकर कहासुनी हो सकती है। आपको किसी दूसरे के मामले में बेवजह बोलने से बचना होगा। धनु  आज आपको अपने बढ़ते खर्च पर कंट्रोल करने की आवश्यकता है। आपका धन यदि कहीं फंसा हुआ था, तो  वह भी आपको मिल सकता है। परिवार में यदि प्रॉपर्टी को लेकर कोई मतभेद उत्पन्न हो, तो आप उसमें किसी अजनबी से कोई सलाह मशवरा ना करें। आपको अपने खर्चों को लेकर बजट बनाकर चलना होगा। व्यापार के सिलसिले में आपको यात्राएं भी करनी पड़ेगी। आपकी कोई मन की इच्छा पूरी हो सकती है। मकर  आज का दिन आपके लिए अनुकूल रहने वाला है। आपकी आर्थिक स्थिति मजबूत रहेगी, जो विद्यार्थी किसी प्रतियोगिता की तैयारी में लगे हैं, उन्हें अपने कामों पर पूरा ध्यान देना होगा। वाहन की अकस्मात खराबी के कारण आपका खर्चा बढ़ सकता है। कार्यक्षेत्र में आपको टीमवर्क के जरिए काम करने का मौका मिलेगा। आप किसी धार्मिक स्थान पर जाने की प्लानिंग कर सकते हैं। आपको अपने किसी पुराने मित्र से लंबे समय बाद मिलकर खुशी होगी। कुंभ  आज का दिन आपके लिए किसी नई संपत्ति की प्राप्ति के लिए रहेगा। आपको आर्थिक लेनदेन मे सावधानी बरतनी होगी। आप अपने जरूरी कागजातों पर पूरा ध्यान दें। घर परिवार में सदस्यों का आपको पूरा सपोर्ट मिलेगा। परिवार में किसी नए मेहमान का आगमन हो सकता है। विद्यार्थी शिक्षा में अच्छा प्रदर्शन करेंगे। आपको अपनी किसी पुरानी गलती से सबक लेना होगा। आपकी कुछ नया करने की इच्छा जागृत हो सकती है। मीन आज का दिन आपके लिए एक के बाद एक खुशखबरी लेकर आने वाला है।  आपको अपनी बुद्धि से लिए गए निर्णय से फायदा होगा। आप किसी अजनबी पर भरोसा ना करें। माता-पिता का आशीर्वाद से आपका रुका हुआ काम होगा पूरा होगा। बिजनेस कर रहे लोगों के लिए दिन लाभदायक रहने वाला है। आपकी सेहत में कुछ उतार-चढ़ाव रहने से आपका मन परेशान रहेगा। दांपत्य जीवन में खुशियां रहेगी। आप कहीं घूमने-फिरने की प्लानिंग कर सकते हैं।

सोम प्रदोष व्रत 2025 नवंबर: भगवान शिव की कृपा पाने का सर्वोत्तम दिन – शुभ समय व विधि सहित

पंचांग में त्रयोदशी तिथि का विशेष महत्व बताया गया है. इस दिन भगवान शिव और माता पार्वती की आराधना करने से हर तरह के दोष दूर होते हैं और जीवन में सुख-समृद्धि आती है. जब यह तिथि सोमवार के दिन पड़ती है, तब इसे सोम प्रदोष व्रत कहा जाता है. नवंबर महीने का पहला सोम प्रदोष व्रत इस बार 3 नवंबर 2025, सोमवार को पड़ रहा है. आइए जानते हैं इस दिन का शुभ मुहूर्त, पूजा विधि और धार्मिक महत्व के बारे में. सोम प्रदोष व्रत कब है?     सोम प्रदोष व्रत तिथि: 03 नवंबर 2025, सोमवार     कार्तिक शुक्ल त्रयोदशी तिथि प्रारंभ: 03 नवंबर 2025, सुबह 5 बजकर 7 मिनट पर     कार्तिक शुक्ल त्रयोदशी तिथि समाप्त: 04 नवंबर 2025, रात 02 बजकर 5 मिनट पर चूंकि प्रदोष व्रत की पूजा प्रदोष काल (शाम का समय) में की जाती है और त्रयोदशी तिथि 03 नवंबर को प्रदोष काल में भी रहेगी, इसलिए सोम प्रदोष व्रत 03 नवंबर 2025 को रखा जाएगा. प्रदोष व्रत शुभ मुहूर्त प्रदोष व्रत में भगवान शिव की पूजा सूर्यास्त के बाद और रात्रि से पहले की जाती है, जिसे प्रदोष काल कहा जाता है. इस काल में पूजा करना ही सर्वोत्तम फल देता है. प्रदोष काल पूजा का शुभ मुहूर्त: शाम 5 बजकर 34 मिनट से रात 8 बजकर 11 मिनट तक रहेगा. कुल अवधि: 2 घंटे 36 मिनट सोम प्रदोष व्रत की पूजा विधि व्रत के दिन ब्रह्म मुहूर्त में उठकर स्नान करें और स्वच्छ वस्त्र धारण करें. ‘ॐ नमः शिवाय’ का जाप करते हुए व्रत का संकल्प लें. दिनभर मन ही मन शिव जी का स्मरण करें. प्रदोष काल आरंभ होने से पहले एक बार फिर स्नान करें. पूजा के लिए एक साफ जगह पर भगवान शिव और माता पार्वती की प्रतिमा स्थापित करें या शिवलिंग को रखें. फिर सबसे पहले शिवलिंग का गंगाजल, दूध, दही, शहद, घी और गन्ने के रस से रुद्राभिषेक करें. शिव जी को चंदन का लेप लगाएं, बेलपत्र, भांग, धतूरा, आक के फूल और शमी पत्र अर्पित करें. माता पार्वती को सोलह श्रृंगार की सामग्री अर्पित करें. भोग में मौसमी फल, मिठाई और खीर चढ़ाएं. आसन पर बैठकर रुद्राक्ष की माला से ‘ॐ नमः शिवाय’ मंत्र का कम से कम 108 बार जाप करें. इसके बाद सोम प्रदोष व्रत की कथा पढ़ें या सुनें. सबसे आखिर में शिव जी और माता पार्वती की आरती करें. पूजा समाप्त होने के बाद भोग को प्रसाद के रूप में वितरित करें. सोम प्रदोष व्रत का महत्व रोग मुक्ति और चंद्र दोष निवारण: सोमवार का दिन भगवान शिव और चंद्र देव दोनों को समर्पित है. सोम प्रदोष व्रत करने से व्यक्ति को चंद्र दोष से मुक्ति मिलती है और सेहत अच्छी बनी रहती है. यह व्रत लंबी आयु और उत्तम स्वास्थ्य की कामना के लिए विशेष फलदायी है.     मनोकामना पूर्ति: इस दिन सच्चे मन से व्रत और पूजा करने से भगवान शिव और माता पार्वती शीघ्र प्रसन्न होते हैं और भक्तों की सभी मनोकामनाएं पूरी करते हैं.     सुख-शांति और वैवाहिक जीवन: इस व्रत को करने से घर में सुख-शांति आती है और वैवाहिक जीवन में मधुरता बनी रहती है. अविवाहित लड़कियां मनचाहा वर पाने के लिए भी यह व्रत रखती हैं.  

देव दिवाली कब है 2025 में — 4 या 5 नवंबर? जानें सटीक तारीख और पूजा का शुभ समय

कार्तिक पूर्णिमा के दिन काशी नगरी यानी बनारस में देव दीपावली का भव्य पर्व मनाया जाता है. मान्यता है कि इस दिन देवता खुद पृथ्वी पर उतरते हैं और गंगा मां की आरती करते हैं. इस दौरान गंगा तटों पर लाखों दीपों की रोशनी से पूरा बनारस भव्य दिखाई देता है.देव दीपावली केवल दीपों का त्योहार नहीं, बल्कि अंधकार पर प्रकाश की विजय और अहंकार पर भक्ति की जीत का प्रतीक है. यह पर्व हमें सिखाता है कि जब जीवन में श्रद्धा और सेवा का दीप जलता है तभी सच्चा प्रकाश पर्व होता है. द्रिक पंचाग के मुताबिक, देव दीपावली को देव दिवाली भी कहा जाता है. यह पर्व भगवान शिव की त्रिपुरासुर नामक दैत्य पर विजय को चिह्नित करने के लिए मनाया जाता है. इसलिए देव दीपावली उत्सव को त्रिपुरोत्सव अथवा त्रिपुरारी पूर्णिमा के रूप में भी जाना जाता है, जो कार्तिक पूर्णिमा के शुभ अवसर पर मनाई जाती है. वहीं, देव दिवाली मनाने को लेकर लोगों में असमंजस की स्थिति है क्योंकि पूर्णिमा तिथि 4 नवंबर से शुरू हो रही है. द्रिक पंचाग के मुताबिक, पूर्णिमा तिथि की शुरुआत 4 नवंबर को रात 10:36 बजे से हो रही है और समापन 5 नवंबर को शाम 6:48 बजे हो रहा है, ऐसे में देव दीवाली 5 नवंबर को मनाई जाएगी. देव दिवाली मनाने का शुभ मुहूर्त शाम पांच बजे से 7:50 बजे तक है, यानी 2 घंटे 35 मिनट का समय मिलेगा, जिसमें त्योहार को शुभ घड़ी में मनाया जा सकता है. गंगा स्नान और दान से मिलता है सौ गुना फल देव दिवाली पर भक्त कार्तिक पूर्णिमा के शुभ दिन गंगा में पवित्र डुबकी लगाते हैं और शाम के समय मिट्टी के दीप प्रज्ज्वलित करते हैं. शाम के समय गंगा के तट लाखों मिट्टी के दीयों से जगमगा उठते हैं. यही नहीं, बनारस में गंगा घाट के अलावा सभी मंदिरों में भी देव दिवाली मनाई जाती है. मान्यता है कि इस दिन गंगा स्नान करने और दान-पुण्य करने का विशेष महत्व है. इस दिन किया गया गंगा स्नान और दान सौ गुना फलदाई होता है. जो व्यक्ति इस दिन गंगा में दीप प्रवाहित करता है, उसे समस्त पापों से मुक्ति मिलती है.  

2 नवम्बर 2025 का दैनिक राशिफल: मकर राशि को मिलेगा लाभ, अन्य राशियों की भविष्यवाणी

मेष: आज का दिन हल्की-फुल्की भागदौड़ वाला रहेगा। सुबह से ही कुछ काम एक साथ सामने आ सकते हैं। दफ्तर या कारोबार में नई जिम्मेदारियां मिल सकती हैं। अगर किसी मीटिंग या बातचीत में हिस्सा लेना है तो आप अपनी बात मजबूती से रख पाएंगे। परिवार में किसी पुराने मुद्दे पर चर्चा होगी, लेकिन हालात संभल जाएंगे। आर्थिक मोर्चे पर स्थिति ठीक रहेगी, बस खर्चों पर थोड़ा संयम रखें। शाम को मन थोड़ा शांत रहेगा। अगर कहीं बाहर जाने का प्लान है तो समय अच्छा है। दिन की भागदौड़ के बावजूद संतोष रहेगा कि चीजें दिशा में जा रही हैं। वृषभ: आपके लिए दिन सकारात्मक रहने वाला है। सुबह का समय थोड़ा व्यस्त रहेगा, लेकिन दोपहर के बाद राहत महसूस होगी। कामकाज में आपकी मेहनत रंग लाएगी और किसी वरिष्ठ व्यक्ति की ओर से सराहना भी मिल सकती है। आर्थिक स्थिति सुधरने के संकेत हैं। पारिवारिक माहौल खुशनुमा रहेगा, जीवनसाथी के साथ समय अच्छा गुजरेगा। रिश्तों में मधुरता बनी रहेगी। यात्रा या छोटी आउटिंग का योग भी बन सकता है। सेहत के लिहाज से कोई बड़ी परेशानी नहीं दिखती। कुल मिलाकर आज का दिन स्थिर और सुकून भरा रहेगा। मिथुन: आज आपके भीतर ऊर्जा ज्यादा रहेगी। नए काम की शुरुआत के लिए दिन ठीक है। जो लोग मीडिया, शिक्षा या लेखन जैसे क्षेत्र में हैं, उन्हें अच्छे मौके मिल सकते हैं। दिमाग में कई नए विचार आएंगे, लेकिन किसी एक पर टिके रहना मुश्किल हो सकता है। घर में माहौल ठीक रहेगा, लेकिन किसी करीबी के साथ हल्का मतभेद हो सकता है। खर्च बढ़ सकता है, इसलिए ज़रूरत से ज्यादा दिखावे से बचें। सेहत में पेट या नींद से जुड़ी दिक्कत हो सकती है। दिन सक्रिय रहेगा लेकिन थोड़ा असंतुलन महसूस होगा। कर्क: आपका ध्यान आज परिवार और व्यक्तिगत जीवन पर रहेगा। किसी पुराने विवाद का समाधान संभव है। दफ्तर में काम थोड़ा धीमा रहेगा, लेकिन सहयोगियों का सपोर्ट मिलेगा। आर्थिक रूप से दिन सामान्य रहेगा। किसी पुरानी योजना से अब फायदा मिल सकता है। मानसिक रूप से थोड़ी बेचैनी रह सकती है, लेकिन शाम तक मूड बेहतर होगा। घर में किसी बुजुर्ग का सहयोग या सलाह उपयोगी साबित होगी। यात्रा टाल दें तो बेहतर है। कुल मिलाकर दिन संभलकर चलने वाला है। सिंह: दिन उत्साह से भरा रहेगा। कामकाज में प्रगति के संकेत हैं। किसी पुराने अटके काम में गति आएगी। अगर आप किसी रचनात्मक क्षेत्र से जुड़े हैं तो आज का दिन आपके पक्ष में रहेगा। परिवार में सम्मान बढ़ेगा, और किसी नए अवसर की शुरुआत हो सकती है। आर्थिक रूप से भी स्थिति मजबूत बनेगी। सेहत अच्छी रहेगी, बस ओवरकॉन्फिडेंस से बचें। प्रेम जीवन में मिठास बनी रहेगी। आज का दिन आगे बढ़ने और खुद पर भरोसा बढ़ाने वाला है। कन्या: आपके लिए आज का दिन मेहनत और व्यावहारिकता से भरा रहेगा। कार्यस्थल पर कुछ नई जिम्मेदारियां मिलेंगी, जिन्हें आप बखूबी निभा लेंगे। आर्थिक पक्ष स्थिर रहेगा। घर-परिवार में माहौल शांत रहेगा, लेकिन किसी सदस्य की सेहत पर ध्यान देना पड़ सकता है। जो लोग पार्टनरशिप में काम करते हैं, उन्हें फायदा होगा। शाम को मन हल्का रहेगा। सेहत में मामूली थकावट या नींद की कमी महसूस हो सकती है। दिन पूरी तरह कामकाजी रहेगा लेकिन संतोष रहेगा। तुला: आपके लिए दिन थोड़ा उतार-चढ़ाव भरा रह सकता है। दफ्तर में काम की गति धीमी रहेगी या किसी चीज का दबाव महसूस होगा। आर्थिक मामलों में सतर्क रहना ज़रूरी है, खर्च अनावश्यक बढ़ सकते हैं। घर में किसी बात को लेकर असहमति हो सकती है, लेकिन शाम तक हालात सुधर जाएंगे। सेहत को लेकर सतर्क रहें, खासकर खानपान पर। कोई पुरानी योजना फिलहाल टाल दें। हालांकि आपके विचार साफ हैं और मेहनत जारी रखेंगे, तो परिणाम अगले कुछ दिनों में दिखेंगे। वृश्चिक: आज आपका ध्यान व्यक्तिगत रिश्तों और सहयोगियों पर रहेगा। किसी पुराने साथी से मदद मिल सकती है। काम में तेजी आएगी, लेकिन थोड़ा दबाव भी महसूस हो सकता है। आर्थिक मामलों में स्थिति स्थिर रहेगी। परिवार के साथ छोटी खुशी साझा करने का मौका मिलेगा। सेहत में सुधार दिखेगा। किसी पुराने दोस्त का फोन या मुलाकात दिन को हल्का बना देगा। कुल मिलाकर दिन सकारात्मक रहेगा, बस लय बनाए रखें। धनु: आज आपको मेहनत के अच्छे परिणाम मिलेंगे। जो लोग नौकरी में हैं, उनके लिए पद या प्रतिष्ठा बढ़ने के योग हैं। व्यापारियों को भी नया अवसर मिल सकता है। आर्थिक स्थिति मजबूत होती दिख रही है। परिवार में सामंजस्य रहेगा। पुराने रिश्तों में गर्माहट लौट सकती है। विद्यार्थियों के लिए दिन अच्छा रहेगा। सेहत सामान्य रहेगी, पर रूटीन पर ध्यान दें। किसी दोस्त से मुलाकात या कॉल मूड बेहतर कर देगा। दिन उपलब्धियों वाला रहेगा। मकर: आज का दिन भाग्यशाली साबित हो सकता है। किसी पुराने रुके हुए काम में प्रगति दिखेगी। ऑफिस में सीनियर्स आपकी मेहनत को नोटिस करेंगे। आर्थिक लाभ की संभावना है। परिवार में शांति और सहयोग रहेगा। किसी यात्रा का योग भी बन सकता है। अगर प्रेम जीवन में कुछ उलझनें थीं, तो आज सुलझने के संकेत हैं। स्वास्थ्य ठीक रहेगा, आत्मविश्वास बढ़ेगा। दिन कुल मिलाकर सफलता और संतुलन से भरा रहेगा। कुंभ: आपका ध्यान आज भविष्य की योजनाओं पर रहेगा। किसी नई जिम्मेदारी को लेकर सोच-विचार करेंगे। यात्रा का योग बन रहा है। दफ्तर या बिजनेस में थोड़ी व्यस्तता रहेगी, लेकिन काम पूरे होंगे। आर्थिक मामलों में स्थिरता आएगी। घर में किसी जरूरी विषय पर बातचीत होगी। शाम के समय कुछ राहत मिलेगी। सेहत में मामूली थकान रह सकती है। कुल मिलाकर दिन सामान्य, पर सोचने-विचारने वाला रहेगा। मीन: आज आपके लिए दिन योजनाओं और रचनात्मकता वाला रहेगा। किसी काम की शुरुआत करने का मन बनेगा। दफ्तर में आपकी राय को महत्व मिलेगा। आर्थिक स्थिति अच्छी रहेगी। घर-परिवार में सामंजस्य रहेगा। किसी पुराने रिश्ते में फिर से बात शुरू हो सकती है। सेहत सामान्य है। शाम का समय मनचाहा बीतेगा। कुल मिलाकर दिन आसान और सुखद रहेगा।

तुलसी विवाह कब है? देखें 2025 की सटीक तिथि, शुभ समय और विधि-विधान

सनातन धर्म में तुलसी विवाह का पर्व बहुत ही महत्वपूर्ण माना जाता है. यह पर्व कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की द्वादशी तिथि को मनाया जाता है. इस दिन माता तुलसी का विवाह भगवान विष्णु के शालिग्राम स्वरूप के साथ पूरे विधि-विधान से कराया जाता है. तुलसी विवाह के साथ ही चार महीने से चला आ रहा चातुर्मास समाप्त हो जाता है और विवाह, मुंडन जैसे सभी मांगलिक कार्यों की शुरुआत हो जाती है. इस वर्ष तुलसी विवाह की तिथि को लेकर कुछ लोगों में दुविधा है कि यह 2 नवंबर को है या 3 नवंबर को. आइए जानते हैं पंचांग के अनुसार इसकी सही तिथि, शुभ मुहूर्त और पूजा की सरल विधि. तुलसी विवाह 2025: सही तिथि और शुभ मुहूर्त     पंचांग के अनुसार, तुलसी विवाह हर साल कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की द्वादशी तिथि को होता है.     कार्तिक शुक्ल द्वादशी तिथि का प्रारंभ : 2 नवंबर 2025, रविवार को सुबह 7 बजकर 31 मिनट से होगा.     कार्तिक शुक्ल द्वादशी तिथि का समापन : 3 नवंबर 2025, सोमवार को सुबह 5 बजकर 7 मिनट पर होगा. इसलिए तुलसी विवाह की तिथि 2 नवंबर 2025, रविवार को पड़ रही है. कारण: चूंकि द्वादशी तिथि का सूर्योदय 2 नवंबर को हो रहा है और उदया तिथि में ही यह व्रत और पूजा-पाठ करना शुभ माना जाता है, इसलिए तुलसी विवाह का पर्व इसी दिन मनाया जाएगा. तुलसी विवाह की पूजा विधि तुलसी विवाह की पूजा शाम के समय की जाती है और इसमें सभी रस्में किसी सामान्य विवाह की तरह ही निभाई जाती हैं. मंडप की तैयारी: सबसे पहले घर के आंगन, बालकनी या पूजा स्थल पर तुलसी के पौधे को स्थापित करें. तुलसी के गमले को गेरू और चूने से सजाएं. पौधे के चारों ओर सुंदर रंगोली बनाकर गन्ने या किसी अन्य सामग्री से एक छोटा मंडप सजाएं. तुलसी और शालिग्राम का श्रृंगार: तुलसी माता को लाल चुनरी, चूड़ी, साड़ी और सभी श्रृंगार सामग्री (जैसे बिंदी, मेहंदी, काजल आदि) अर्पित करें. भगवान शालिग्राम (जो भगवान विष्णु का विग्रह रूप हैं) को तुलसी के गमले के दाहिनी ओर विराजमान करें. स्नान और तिलक: तुलसी माता और शालिग्राम भगवान दोनों को गंगाजल से स्नान कराएं. इसके बाद शालिग्राम जी को चंदन और तुलसी माता को रोली से तिलक लगाएं. ध्यान रहे, शालिग्राम जी पर चावल नहीं चढ़ाए जाते हैं, इसलिए उनकी पूजा में तिल का उपयोग करें. भोग और आरती: पूजा में फूल, मिठाई, गन्ना, सिंघाड़े, मूली और पंचामृत का भोग अर्पित करें. फिर धूप और दीपक जलाकर मंत्रों का उच्चारण करें. विवाह की रस्में: किसी वास्तविक विवाह की तरह ही तुलसी माता और शालिग्राम भगवान के सात फेरे कराए जाते हैं. इस दौरान भगवान शालिग्राम को गमले के चारों ओर घुमाया जाता है. विवाह संपन्न होने के बाद आरती करें और प्रसाद सभी भक्तों में बांटें. तुलसी विवाह का धार्मिक महत्व चातुर्मास के दौरान सभी मांगलिक कार्य जैसे विवाह आदि वर्जित रहते हैं. देवउठनी एकादशी के दिन भगवान विष्णु चार महीने की योगनिद्रा से जागते हैं और इसके अगले दिन तुलसी विवाह के साथ ही शुभ कार्यों की शुरुआत हो जाती है. मान्यता है कि जो दंपत्ति निःसंतान हैं और तुलसी विवाह के दिन कन्यादान की रस्म निभाते हैं, उन्हें संतान सुख की प्राप्ति होती है. यह भी माना जाता है कि तुलसी विवाह कराने से व्यक्ति को मोक्ष की प्राप्ति होती है और जीवन के सभी कष्ट दूर हो जाते हैं. तुलसी माता को मां लक्ष्मी का स्वरूप माना जाता है और शालिग्राम जी भगवान विष्णु का. इसलिए इस दिन उनका विवाह कराने से घर में सुख-समृद्धि और खुशहाली आती है.  

क्यों कहते हैं खाटू श्याम को ‘हारे का सहारा’? जानें उनके पूजन की दिव्य कथा

   भारत भूमि आस्था और श्रद्धा की धरोहर है. यहां प्रत्येक देवता की कथा किसी न किसी प्रेरणा से जुड़ी होती है. ऐसी ही एक अद्भुत कथा है खाटू श्याम बाबा की जिन्हें हारे का सहारा कहा जाता है. मान्यता है कि जो भक्त सच्चे मन से श्याम बाबा का नाम लेता है, उसकी नैया पार लगती है. लेकिन क्या आप जानते हैं कि खाटू श्याम जी वास्तव में कौन हैं और क्यों भगवान श्रीकृष्ण ने उन्हें खुद से पहले पूजे जाने का वरदान दिया था? इस साल कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी यानी 1 नवंबर को खाटू श्याम बाबा का जन्मोत्सव बड़े ही धूमधाम से मनाया जाएगा, तो आइए इस खास मौके पर जानते हैं बर्बरीक से खाटू श्याम बनने की कहानी. कौन थे वीर बर्बरीक? खाटू श्याम जी वास्तव में महाभारत काल के वीर बर्बरीक थे. उनका संबंध पांडव कुल से था.वे भीम के पौत्र थे. और उनके पिता घटोत्कच और माता का नाम मोरवी था.बर्बरीक बचपन से ही अत्यंत बलशाली और तेजस्वी थे. उन्हें देवी चंडिका से तीन दिव्य और अचूक बाण प्राप्त हुए थे. ये बाण पलभर में तीनों लोकों को नष्ट करने की क्षमता रखते थे और लक्ष्य को भेद कर वापस उनके पास आ जाते थे. इसी कारण उन्हें ‘तीन बाण धारी’ भी कहा जाता है. शीश दान की महान गाथा जब महाभारत का युद्ध शुरू होने वाला था, तब बर्बरीक ने भी इसमें शामिल होने का निर्णय लिया. युद्ध में जाने से पहले उन्होंने अपनी माता को वचन दिया था कि वह हमेशा ‘हारे हुए पक्ष’ का साथ देंगे.भगवान श्रीकृष्ण यह जानते थे कि बर्बरीक की शक्ति इतनी अपार है कि उनके तीन बाणों के बल पर, यदि वह हारे हुए पक्ष (कौरवों) का साथ देंगे, तो युद्ध का परिणाम बदल जाएगा. युद्ध में पांडवों की जीत सुनिश्चित करने के लिए श्रीकृष्ण ने एक योजना बनाई. ब्राह्मण रूप में श्रीकृष्ण श्रीकृष्ण ने ब्राह्मण का वेश धारण किया और बर्बरीक को रोककर उनसे दान मांगा. बर्बरीक ने वचन दिया कि वे जो भी मांगेंगे, वह अवश्य देंगे. तब श्रीकृष्ण ने उनसे दक्षिणा के रूप में उनका शीश (सिर) मांग लिया. बर्बरीक ने बिना किसी संकोच या मोह के, अपने वचन का पालन करते हुए, अपना सिर काटकर श्रीकृष्ण के चरणों में अर्पित कर दिया. इस महान त्याग और भक्ति से प्रसन्न होकर भगवान श्रीकृष्ण ने बर्बरीक को वरदान दिया. श्रीकृष्ण ने क्यों दिया ‘श्याम’ नाम से पूजे जाने का वरदान? वीर बर्बरीक के इस अद्वितीय बलिदान से भगवान श्रीकृष्ण बहुत ही प्रसन्न हुए. साथ ही, बर्बरीक ने अपनी इच्छा व्यक्त की थी कि वह अपनी आंखों से महाभारत के पूरे युद्ध को देखना चाहते हैं. बर्बरीक ने अपने वचन और धर्म की रक्षा के लिए बिना किसी संकोच के अपना शीश दान कर दिया. उनके इस महान त्याग और श्रीकृष्ण के प्रति अटूट भक्ति से प्रभु भावुक हो गए. श्रीकृष्ण ने उन्हें वरदान दिया कि कलियुग के आगमन पर वह ‘श्याम’ (जो कि श्रीकृष्ण का ही एक नाम है) के नाम से जाने और पूजे जाएंगे.श्रीकृष्ण ने यह भी कहा कि जो भी भक्त उनके नाम का स्मरण करेगा, उसके सभी कष्ट दूर होंगे और उसे धर्म, अर्थ, काम और मोक्ष की प्राप्ति होगी. इसके साथ ही, उन्हें यह आशीष भी दिया कि वह हमेशा हारे हुए और निराश भक्तों को सहारा देंगे.

भाग्य बदल देंगे ये पौधे! शनि-राहु के दोष होंगे दूर

भारतीय ज्योतिष शास्त्र में नवग्रहों का विशेष महत्व है। इन नौ ग्रहों में शनि, राहु और केतु को क्रूर और अशुभ ग्रहों की श्रेणी में रखा गया है। जब इन ग्रहों का प्रभाव किसी व्यक्ति की कुंडली में प्रतिकूल होता है, तो जीवन में अनेक बाधाएं, मानसिक तनाव, बीमारियां, आर्थिक संकट और पारिवारिक क्लेश उत्पन्न होते हैं। हालांकि इन दुष्प्रभावों को कम करने के लिए वैदिक उपाय मौजूद हैं। इन्हीं में से एक अत्यंत सरल, प्राकृतिक और प्रभावशाली उपाय है नीम का पौधा घर के बाहर लगाना। शनि ग्रह और नीम का संबंध: शनि ग्रह न्याय का देवता है और कर्मफल देने वाला ग्रह है। यह ग्रह व्यक्ति के जीवन में विलंब, संघर्ष और परीक्षा लाता है। जब शनि की साढ़ेसाती या ढैय्या चल रही हो, तब व्यक्ति असमंजस, बीमारी, आर्थिक तंगी और सामाजिक कलह का शिकार हो सकता है। नीम का पौधा शनि की क्रूरता को शांत करता है। नीम का उपयोग औषधियों में होने के कारण यह स्वास्थ्य को बेहतर बनाता है, जो शनि से जुड़े रोगों जैसे गठिया, त्वचा रोग, जोड़ों का दर्द आदि को कम करता है। शनिवार को नीम के नीचे दीपक जलाने और ॐ शं शनैश्चराय नमः मंत्र का जाप करने से शनि की शांति मानी जाती है। राहु ग्रह और नीम का प्रभाव: राहु एक छाया ग्रह है और इसका संबंध भ्रम, आकस्मिक घटनाओं, मानसिक अशांति और नकारात्मक विचारों से है। नीम की पत्तियां और वातावरण नकारात्मक ऊर्जा को सोखने की क्षमता रखते हैं। राहु के दुष्प्रभाव से बचने के लिए नीम के पास प्रतिदिन कुछ समय बिताना लाभकारी होता है। नीम राहु के कारण उत्पन्न मनोवैज्ञानिक विकार जैसे चिंता, भय और भ्रम को शांत करता है। केतु ग्रह और नीम का संबंध: केतु भी राहु की तरह एक छाया ग्रह है और यह आत्मा, वैराग्य और अप्रत्याशित हानियों से जुड़ा होता है। जब केतु अशुभ होता है, तो जीवन में आध्यात्मिक भटकाव, रोग और निराशा देखी जाती है।  नीम के समीप ध्यान या साधना करने से केतु के प्रभाव से उपजे मानसिक विषाद में राहत मिलती है। नीम घर के वातावरण को शुद्ध करता है, जिससे मानसिक शांति आती है और केतु के प्रभाव से बचाव होता है। नीम का पौधा कहां और कैसे लगाएं ? नीम का पौधा घर के मुख्य द्वार के पास, दक्षिण या पश्चिम दिशा में लगाना श्रेष्ठ माना गया है। शनिवार के दिन या अमावस्या तिथि को नीम का पौधा लगाना शुभ होता है। नीम के पौधे के पास कच्चा दूध और जल अर्पित करें, सरसों का तेल का दीपक जलाएं और ॐ नमः भगवते वासुदेवाय या ॐ ह्रीं कें राहवे नमः मंत्र का जाप करें।

जानिए वास्तु शास्त्र में बेड के पास पानी की बोतल न रखने की वजह

वास्तु शास्त्र में कई ऐसे नियम हैं जिन्हें अपनाने से जिंदगी की मुश्किलें थोड़ी कम हो सकती हैं। रोजमर्रा की भागदौड़ भरी लाइफ में हर एक चीज को परफेक्ट तरीके से करना थोड़ा मुश्किल है लेकिन कुछ छोटी-छोटी चीजों को अमल में लाकर अपनी चीजों को ठीक किया जा सकता है। जहां कई लोग इन नियमों को जानते हैं और उसे अपनी रोजाना की जिंदगी में अपनाते भी हैं। बता दें कि ये नियम कठिन नहीं होते हैं। कुछ ऐसी चीजें हैं जो हम जाने-अनजाने में करते रहते हैं लेकिन उसका सीधा ताल्लुक घर के वास्तु से जुड़ा होता है। आम तौर पर आपने देखा होगा कि लोग सोते समय पानी की बोतल अपने साथ लेकर सोते हैं। उसे या तो बगल के ड्रॉवर पर रख दिया जाता है और या तो नीचे जमीन पर ताकि बीच रात में जरूरत पड़ने पर पानी पिया जा सकते लेकिन क्या ये सही तरीका है? जानते हैं कि आखिर ऐसा करना सही है या नहीं? लगता है चंद्र दोष शास्त्र की मानें तो ऐसा करना सही नहीं है। वैसे देखा जाए तो आम तौर पर लोगों की आदत है कि सोने से पहले बेड के पास पानी रखने की लेकिन ये सही तरीका नहीं है। शास्त्र के हिसाब से सिर के नीचे या आसपास पानी रखने से चंद्र दोष लगता है। इसके चलते मानसिक तनाव और नींद ना आने जैसी समस्या होने लगती है। साथ ही जिंदगी में धीरे-धीरे नकारात्मकता जगह बनाने लगती है। चंद्र दोष के चलते घर में कलेश होने शुरू हो जाते हैं। इस वजह से बेड के आसपास कभी भी पानी नहीं रखना चाहिए। ऐसे खत्म करें चंद्र दोष अगर आपकी कुंडली में चंद्र दोष है तो आप इसे आसान तरीके से दूर भी कर सकते हैं। ज्योतिष शास्त्र के हिसाब से चंद्र दोष के प्रभाव को कम करने के लिए हर सोमवार को भगवान शिव की पूजा करनी चाहिए। उन्हें गाय का दूध अर्पित करने से फायदे मिलेंगे। साथ ही इस दिन सफेद रंग की चीजों का दान करने से भी लाभ मिलेंगे। इस दिन चीनी, चावल, सफेद मिठाई या फिर सफेद कपड़ों को दान करना शुभ माना जाता है। ऐसा करने से धीरे-धीरे चंद्रदोष खत्म होता है।  

1 नवम्बर 2025 राशिफल: मकर राशि वालों को मिलेगा भाग्य का साथ, बाकी राशियों पर कैसा रहेगा असर

मेष राशि- आज दिन की शुरुआत ऊर्जा से भरपूर रहेगी। कुछ पुराने काम आज पूरे होंगे और राहत मिलेगी। बस जल्दबाजी में काम न करें, वरना ग़लती हो सकती है। किसी करीबी से दिल की बात कहने का मौका मिलेगा। पैसे को लेकर राहत की खबर भी मिल सकती है। शाम को मन शांति चाहेगा, तो खुद को थोड़ा वक्त दें। वृषभ राशि- आज काम में फोकस बनाए रखना जरूरी है। छोटे-छोटे कदम भी बड़ी सफलता दिला सकते हैं। परिवार में माहौल खुशनुमा रहेगा, लेकिन रिश्तों में इगो न आने दें। अगर मन बेचैन है तो थोड़ी देर टहल आएं- सब ठीक लगेगा। धन के मामले स्थिर हैं, बस अनावश्यक खर्च से बचें। मिथुन राशि- आज दिमाग तेज चलेगा और शब्दों में जादू रहेगा। लोगों को समझाने या अपने पक्ष में करने का दिन है। किसी पुराने दोस्त से मुलाकात हो सकती है जो दिल को सुकून देगी। काम के दबाव से तनाव हो सकता है, लेकिन थोड़ी सी योजना सब संभाल लेगी। शाम हंसी-मजाक में बीतेगी। कर्क राशि- आज भावनाएं ज्यादा हावी रह सकती हैं। किसी बात को दिल पर न लें। ऑफिस या घर में छोटी बात पर बहस से बचें। अगर किसी पुराने रिश्ते से जुड़ी बात सामने आए तो धैर्य रखें। हर जवाब आज नहीं मिलता। शाम को परिवार के साथ समय बिताना मन को सुकून देगा। सिंह राशि- आत्मविश्वास आज आपका सबसे बड़ा हथियार रहेगा। जो ठान लोगे, वो करके दिखाओगे। काम में सफलता मिलेगी और तारीफ भी। दोस्तों से सहयोग मिलेगा। प्रेम जीवन में मिठास बढ़ेगी। बस ध्यान रखें- ओवरकॉन्फिडेंस नुकसान कर सकता है। शाम को किसी शुभ खबर की उम्मीद है। कन्या राशि- आज जिम्मेदारियां थोड़ी बढ़ेंगी, लेकिन आप संभाल लोगे। किसी प्रोजेक्ट या परिवार से जुड़ा बड़ा निर्णय ले सकते हैं। सहयोगियों से तालमेल बढ़ेगा। धन की स्थिति में सुधार होगा। शाम तक मन हल्का रहेगा। शरीर पर थकान हावी हो सकती है।आराम जरूर करें। तुला राशि- आज दिन व्यवस्थित काम करने का है। योजनाएं बनाएं और उसी पर टिके रहें। ऑफिस में मेहनत रंग लाएगी। घर में कोई छोटी खुशखबरी मिल सकती है। सेहत को लेकर लापरवाही न करें। पेट या पाचन पर ध्यान दें। किसी बुजुर्ग की सलाह आज काम आएगी। वृश्चिक राशि- आज रचनात्मकता और नई सोच के साथ कार्य करेंगे। किसी दोस्त या सहकर्मी से प्रेरणा मिलेगी। काम के लिए दिन अच्छा है, लेकिन आलस्य से बचना होगा। मन में भावनाएं गहरी रहेंगी। लेखन, संगीत या ध्यान में मन लग सकता है। प्रेम जीवन में कोई नई शुरुआत संभव है। धनु राशि- आज संतुलन बनाए रखना सबसे जरूरी है- चाहे काम में हो या रिश्तों में। किसी करीबी से मुलाकात मन को खुशी देगी। पैसों के लेन-देन में सावधानी जरूरी है। प्रेम जीवन में किसी छोटी बात पर नाराजगी हो सकती है, लेकिन प्यार से बात कर लोगे तो सब ठीक रहेगा। मकर राशि- आज अपने भीतर की ऊर्जा को सही दिशा दें। किसी महत्वपूर्ण निर्णय का समय है- दिमाग और दिल दोनों से सोचें। पैसों को लेकर कोई राहत मिल सकती है। स्वास्थ्य ठीक रहेगा, लेकिन मानसिक थकान महसूस होगी। ध्यान या शांत संगीत मदद करेगा। किसी दोस्त से बातचीत राहत देगी। कुंभ राशि- आज का दिन उम्मीदों भरा रहेगा। कोई पुराना काम जो अटका था, अब गति पकड़ सकता है। करियर में नए अवसर दिखेंगे। यात्रा के योग भी हैं। प्रेम संबंधों में उत्साह बढ़ेगा। परिवार का सहयोग मिलेगा। बस खर्च सोच-समझकर करें, वरना बजट गड़बड़ा सकता है। मीन राशि- आज दिल और दिमाग दोनों में थोड़ा खींचतान रहेगा। कोई पुरानी बात मन को परेशान कर सकती है, लेकिन शाम तक सब ठीक हो जाएगा। करियर में सुधार के संकेत हैं। आर्थिक स्थिति सामान्य रहेगी। किसी करीबी की सलाह अमूल्य साबित हो सकती है। आज शांति से काम लें। भाग्य का पूरा साथ मिलेगा।