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शेयर बाजार में गिरावट का तूफान: कल बना था रॉकेट, आज सेंसेक्स 900 अंक गिरा

मुंबई  शेयर बाजार में लंबे समय बाद बीते काबोरारी दिन जोरदार रैली देखने को मिली थी. न सिर्फ भारत, बल्कि दुनियाभर के शेयर मार्केट गदर मचाते नजर आए थे. सेंसेक्स-निफ्टी ने भी खूब उड़ान भरी और बड़ी बढ़त लेकर बंद हुए थे. लेकिन ये खुशी एक ही दिन की थी और गुरुवार को शेयर बाजार में कारोबार की शुरुआत होते ही दोनों इंडेक्स धड़ाम नजर आए।  बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का 30 शेयरों वाला Sensex खराब ओपनिंग के बाद अचानक कुछ ही देर में 900 अंक से ज्यादा फिसल गया, तो वहीं नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का Nifty भी रेड जोन में ओपन हुआ. गिरावट के बीच कई Adani Ports से लेकर Infosys तक कई दिग्गज कंपनियों के शेयर टूटकर कारोबार कर रहे थे।  सेंसेक्स-निफ्टी में तेजी थमी बीते कारोबारी दिन बुधवार को बीएसई का सेंसेक्स 77,290 पर खुलने के बाद दिनभर रॉकेट की तरह भागा था और अंक में 2946.32 अंक या 3.95 फीसदी की तेजी लेकर 77,562.90 के लेवल पर क्लोज हुआ था. वहीं गुरुवार को ये 30 शेयरों वाला इंडेक्स सुस्ती में नजर आया और 200 अंक से ज्यादा की गिरावट के साथ ओपन होने के बाद कुछ ही देर में ये 900 अंक से ज्यादा की तगड़ी गिरावट के साथ 76,624 के स्तर पर आ गया। बात एनएसई निफ्टी की करें, तो ये भी बुधवार को तेजी से भागा था और 23,855 पर कारोबार की ओपनिंग करने के बाद अंक में 873.70 अंक या 3.78 फीसदी की उछाल के साथ 23,997.35 के लेवल पर बंद हुआ था. इसका हाल भी सेंसेक्स जैसा ही रहा और ये करीब 90 अंक फिसलकर 23,909 पर खुला, फिर 23,815 तक फिसल गया और इसके बाद इसमें भी गिरावट तेज हो गई. खबर लिखे जाने तक ये इंडेक्स 238 अंक की गिरावट लेकर 23,759 पर कारोबार कर रहा था।  1288 शेयर लाल निशान पर खुले शुरुआती कारोबार के दौरान शेयर बाजार में जहां 1215 कंपनियों के शेयरों ने बढ़त के साथ ग्रीन जोन में ओपनिंग की, तो वहीं दूसरी ओर 1288 कंपनियों के स्टॉक्स का हाल-बेहाल नजर आया और ये अपने पिछले बंद की तुलना में गिरावट के साथ खुले. इसके अलावा 174 कंपनियों के शेयर ऐसे रहे, जिनकी स्थिति में किसी भी तरह का कोई बदलाव देखने को नहीं मिला यानी इनकी ओपनिंग फ्लैट मोड में हुई।  सबसे ज्यादा बिखरने वाले शेयरों की बात करें, तो बीएसई लार्जकैप कैटेगरी में शामिल Infosys Share और Adani Ports Share 2 फीसदी से ज्यादा टूटकर खुले, तो वहीं IndiGo, HDFC Bank के शेयर भी कल की बढ़त गवांकर रेड जोन में ओपन हुए.  इसके अलावा मिडकैप में Hindustan Petroleum, Coforge, Bharat Forge Share भी गिरावट के साथ कारोबार कर रहे थे. स्मॉलकैर की बात करें, तो Chola Holding Share (4%), PGEL Share (2.50%) की गिरावट लेकर कारोबार कर रहे थे।   गिरावट के पीछे ये बड़ा कारण बात शेयर मार्केट में अचानक आई इस गिरावट के पीछे के कारणों की बात करें, तो मिडिल ईस्ट टेंशन में फिर से इजाफा नजर आया है. दरअसल, अमेरिका और ईरान के बीच दो हफ्तों के लिए सीजफायर का ऐलान होने के बाद इसके टूटने की खबरों ने चिंता बढ़ा दी. इसके चलते एशियाई मार्केट में भी ज्यादातर बाजार लाल निशान पर कारोबार करते दिखे।  निगेटिव ग्लोबल संकेतों के बीच भारत में भी सेंटीमेंट खराब हो गया और सेंसेक्स-निफ्टी भरभराकर टूट गए. क्रूड ऑयल की कीमतों में क्रैश के बाद फिर से मामूली तेजी देखने को मिली है, जिससे दबाव बढ़ा है।   

Tata Intra EV पिकअप ट्रक लॉन्च, कीमत 11.95 लाख रुपये और रेंज 211 किमी

मुंबई  वाहन निर्माता कंपनी Tata Motors ने भारतीय बाजार में अपनी इलेक्ट्रिक कमर्शियल व्हीकल्स की लाइनअप में विस्तार करते हुए नए Tata Intra EV Pickup को लॉन्च किया है. इस पिकअप को कंपनी ने 11.95 लाख (एक्स-शोरूम) की कीमत पर लॉन्च किया है।  ध्यान देने वाली बात यह है कि यह नया इलेक्ट्रिक पिकअप ट्रक मौजूदा Tata Intra प्लेटफॉर्म पर ही आधारित है और इसमें एक खास EV पावरट्रेन का इस्तेमाल किया गया है, जिससे कमर्शियल व्हीकल्स के क्षेत्र में एक टिकाऊ मोबिलिटी समाधान दिया जा सके. Tata Intra EV Pickup को पूरे देश में कंपनी के कमर्शियल गाड़ियों के डीलरशिप नेटवर्क के ज़रिए बेचा जाएगा।  बता दें कि Tata Intra EV Pickup एक छोटा कमर्शियल वाहन है, जिसे 'लास्ट-माइल' और शहर के अंदर माल ढुलाई के कामों के लिए डिज़ाइन किया गया है. कंपनी से मिली जानकारी के अनुसार, इसकी पेलोड क्षमता 1,750 kg रखी गई है, और इसमें 10 फीट 2 इंच तक लंबे लोड बॉडी का विकल्प भी दिया गया है. इस वजह से यह ई-कॉमर्स, FMCG डिस्ट्रीब्यूशन, कोल्ड चेन लॉजिस्टिक्स और वेस्ट मैनेजमेंट जैसी सेवाओं में इस्तेमाल के लिए बेहद उपयुक्त है।  Tata Intra EV Pickup का पावरट्रेन इस पिकअप में मिलने वाले पावरट्रेन की बात करें तो, इसमें 72 kW की इलेक्ट्रिक मोटर लगाई गई है, जो 230 Nm का पीक टॉर्क प्रदान करती है. कंपनी का दावा है कि यह गाड़ी लोड के साथ 23 प्रतिशत तक की ग्रेडिबिलिटी (चढ़ाई चढ़ने की क्षमता) के लिए डिजाइन की गई है. इसमें लगी इलेक्ट्रिक मोटर 28.2 kWh के बैटरी पैक से पावर लेती है, जिसे धूल और पानी से बचाव के लिए IP67-रेटिंग मिली है. इसकी मदद से, Intra EV एक बार चार्ज करने पर 211 km तक की रेंज दे सकती है।  इसमें CCS2 फ़ास्ट चार्जर से चार्जिंग का फीचर दिया गया है. कंपनी से मिली जानकारी के अनुसार, इसे 10 से 80 प्रतिशत तक चार्ज होने में लगभग 55 मिनट का समय लगता है. इसकी बैटरी पर छह साल या 2 लाख किलोमीटर की वारंटी दी जा रही है।  Tata Intra EV Pickup के सेफ्टी फीचर्स सेफ्टी फीचर्स की बात करें तो, Tata Intra EV Pickup में एक इलेक्ट्रॉनिक ब्रेकिंग सिस्टम और तीन लेवल की रीजेनरेटिव ब्रेकिंग दी गई है. इससे इसकी एफिशिएंसी बेहतर होती है और इसकी रियल-वर्ल्ड रेंज बढ़ जाती है. इस गाड़ी में Tata Motors का Fleet Edge टेलीमैटिक्स सिस्टम भी दिया गया है, जो फ्लीट ऑपरेटर्स को रियल-टाइम ट्रैकिंग, गाड़ी की डायग्नोस्टिक्स और प्रेडिक्टिव मेंटेनेंस के बारे में डेटा प्रदान करता है।  Tata Intra EV Pickup का इंटीरियर Intra EV पिकअप के केबिन की बात करें तो इसको इस्तेमाल में आसानी पर खास ध्यान देकर डिज़ाइन किया गया है, जिसमें वॉक-थ्रू लेआउट और इलेक्ट्रिक पावर-असिस्टेड स्टीयरिंग का फीचर दिया गया है. इसका इलेक्ट्रिक ड्राइवट्रेन, पारंपरिक डीज़ल से चलने वाले पिकअप की तुलना में NVH (शोर, कंपन और कठोरता) के स्तर को कम रखने में मदद करेगा।  Tata Motors का कहना है कि Tata Intra EV पिकअप को उसके बड़े EV इकोसिस्टम का सपोर्ट मिलेगा, जिसमें पूरे भारत में 25,000 से ज़्यादा चार्जिंग पॉइंट और 200 से ज़्यादा खास EV सर्विस सेंटर शामिल हैं. पार्टनर बैंकों और NBFCs के ज़रिए फाइनेंसिंग के विकल्प भी दिए जाएंगे। 

Amazon में फिर से छटनी की संभावना, 14,000 कर्मचारियों का भविष्य संकट में

 नई दिल्ली अमेरिकी की कंपनी अमेजन एक बार फिर बड़े पैमाने पर छंटनी की प्लानिंग कर रही है. खबरों के मुताबिक, कंपनी विभिन्न डिपार्टमेंट में 14,000 तक नौकरियां कम करने और कुछ चुनिंदा टीमों को बंद करने की योजना बना रही है. एशिया बिजनेस आउटलुक की एक रिपोर्ट के अनुसार, यह छटनी दुनियाभर में की जा सकती है. इसका असर खासतौर पर अमेजन वेब सर्विसेज (AWS), रिटेल और एचआर (HR) विभाग पर पड़ सकता है. इसमें मिड-लेवल मैनेजर और ऑफिस में काम करने वाले कर्मचारियों (व्हाइट-कॉलर जॉब) के प्रभावित होने की ज्यादा संभावना है।  अगर कंपनी यह कदम उठाती है, तो एक साल से भी कम समय में यह अमेजन की तीसरी बड़ी छंटनी होगी. इससे पहले कंपनी ने इस साल जनवरी में करीब 16,000 कर्मचारियों को नौकरी से निकाला था, जबकि 2025 के अंत तक भी लगभग 14,000 पदों में कटौती की जा चुकी है।  छटनी करने वाली अकेली कंपनी नहीं  हाल ही में कर्मचारियों की छटनी करने वाली और संख्या कम करने वाली कंपनी अमेजन अकेली नहीं है. बता दें कि कुछ ही दिन पहले, ओरेकल ने सुबह 6 बजे ईमेल भेजकर दुनियाभर में लगभग 30,000 कर्मचारियों को नौकरी से निकाल दिया. प्रभावित 30,000 कर्मचारियों में से 12,000 भारतीय कर्मचारी बताए जा रहे हैं. माइक्रोसॉफ्ट, टीसीएस और एक्सेंचर जैसी अन्य कंपनियों ने भी हजारों कर्मचारियों की छंटनी की है. खबरों के मुताबिक, मेटा भी अपने कर्मचारियों की संख्या में 15,000 तक की कटौती करने की योजना बना रही है।  क्या इससे ज्यादा छटनी करेगा अमेजन?  सोशल मीडिया प्लेजफॉर्म एक्स पर ब्लाइंट अकाउंट के नाम से एक पोस्ट शेयर किया गया है जिसमें अमेजन में बड़े पैमाने पर छंटनी की आशंका जताई गई है. अमेजन में काम करने का दावा करने वाले एक यूजर ने लिखा कि मई में छंटनी की अफवाहें सुनी हैं… सुना है कि 10,000 से अधिक लोगों की छंटनी हो सकती है. इस खबर से अमेजन के कर्मचारियों में चिंता बढ़ गई है. इसे लेकर एक यूजर ने लिखा कि मैं पहले से ही इस नौकरी को लेकर बहुत तनाव और चिंता में हूं और इस खबर के बाद समझ नहीं पा रहा हूं कि क्या करूं… क्या मुझे दूसरी नौकरी ढूंढनी चाहिए? रिपोर्ट में कहा जा रहा है कि कुछ कर्मचारी इस बात से नाराज हैं कि छंटनी तय करने के लिए किन मानकों का इस्तेमाल किया जा रहा है, यह साफ नहीं है. यानी प्रदर्शन के आधार पर फैसले लिए जा रहे हैं, लेकिन उसके नियम स्पष्ट नहीं है. इस कारण कर्मचारियों के बीच चिंता और असमंजस और बढ़ गया है।  चीन की टीम हो सकती है बंद वहीं, इस दौरान कई टीमें की बंद होने की भी खबर है. माना जा रहा है कि यह छंटनी कंपनी की बड़ी रणनीति का हिस्सा है, जिसमें एआई (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) में ज्यादा निवेश करना और कंपनी की संरचना को पहले से ज्यादा सरल और व्यवस्थित बनाना शामिल है. एंथ्रोपिक और ओपनएआई जैसी एआई कंपनियों में निवेश बढ़ाने के तहत अमेजन डेटा सेंटर्स पर 125 बिलियन डॉलर से ज्यादा खर्च करने की योजना बना रहा है. इससे पहले अमेजन के सीईओ एंडी जेसी ने कहा था कि जनरेटिव एआई और एआई एजेंट कंपनी में कुछ भूमिकाओं की आवश्यकता को कम कर सकते हैं।   

2026 Yezdi Scrambler 23 अप्रैल को होगी लॉन्च, नए फीचर्स और बदलावों के बारे में जानें

मुंबई  दोपहिया वाहन निर्माता कंपनी Yezdi Motorcycles ने अपने सोशल मीडिया हैंडल पर एक नई बाइक का रहस्यमयी टीजर जारी किया है. जिसे लेकर अनुमान लगाया जा रहा है कि यह अपडेटेड Yezdi Scrambler हो सकती है. Classic Legends के मालिकाना हक वाली यह कंपनी भारतीय बाजार में तीन मोटरसाइकिलें बेच रही है।  इनमें से अपडेटेड Yezdi Adventure और Roadster को पहले ही लॉन्च किया जा चुका है और ये दोनों बिक्री पर उपलब्ध हैं. अब कंपनी के लाइनअप में सिर्फ़ Scrambler ही बची है, जिसे अगला मॉडल ईयर अपडेट मिलना बाकी है. कंपनी द्वारा जारी टीज़र के अनुसार, यह मोटरसाइकिल 23 अप्रैल को आधिकारिक तौर पर बाजार में उतारी जाएगी।  वैसे तो कंपनी ने इसके खास डीटेल्स के बारे में कोई जानकारी नहीं दी है, लेकिन 2026 Yezdi Scrambler अपने साथी मॉडलों की राह पर चलते हुए कई बड़े अपडेट्स के साथ बाजार में उतारी जाएगी।  नए अपडेटेड Yezdi Scrambler के टेस्ट मॉडल्स को 2025 में कई बार देखा गया था, जिससे पता चलता है कि इसमें परफॉर्मेंस और राइडिंग एक्सपीरिएंस को बेहतर बनाने के लिए मैकेनिकल बदलाव किए जाएंगे, साथ ही इसमें नए फीचर्स और बदले हुए स्टाइलिंग भी देखने को मिलेंग। 2026 Yezdi Scrambler के अनुमानित अपडेट्स इसके अनुमानित अपडेट्स की बात करें तो नई बाइक में एक नया LED हेडलैंप और टेललैंप इस्तेमाल किया जा सकता है, इसके साथ ही इसे और भी आकर्षक लुक देने के लिए इसके इंडिकेटर्स में भी बदलाव किए जा सकता है और नए कलर ऑप्शंस भी मिलने की उम्मीद है।  हालांकि, बाइक का ओवरऑल आकार काफी हद तक वैसा ही होने वाला है, लेकिन करीब से देखने पर पता चलता है कि इसमें एक नया इंजन कवर लगाया गया है, जिस पर ब्रॉन्ज़ फ़िनिश दी गई है. यह मौजूदा मॉडल में दिखने वाले बॉक्सी, काले कवर की जगह लेता है. इसके अलावा, टेस्ट म्यूल में नए पिलियन फ़ुटपेग ब्रैकेट्स और मौजूदा सिंगल-पीस यूनिट की जगह एक नया स्प्लिट पिलियन ग्रैबरेल भी दिया जा सकता है।  टेस्ट म्यूल में एक और अहम बदलाव साफ़-साफ़ नज़र आता है, जोकि एक नया सिंगल-साइडेड एग्ज़ॉस्ट मिलने वाला, जिसे मौजूदा Scrambler के ट्विन-पाइप डिज़ाइन की जगह पर इस्तेमाल किया गया है. इससे वज़न में काफ़ी कमी आएगी और संभावना जताई जा रही है कि कुल कर्ब वज़न में से लगभग 15 kg कम हो जाएगा।  2026 Yezdi Scrambler का नया इंजन इंजन की बात करें तो 2026 Yezdi Scrambler में अपडेटेड Alpha2 इंजन का इस्तेमाल किया जाएगा, जो Yezdi की नई Roadster और Adventure बाइक्स में भी इस्तेमाल किया जाता है. नया 334 cc, सिंगल-सिलेंडर, लिक्विड कूल्ड इंजन में नए अंदरूनी पार्ट्स लगाए गए हैं, जिसके चलते यह इंजन 29 bhp की पावर और 29.8 Nm का अधिकतम टॉर्क देता है।  इसके बावजूद, नई Scrambler के पावर यूनिट को इस लाइनअप में सबसे ज़्यादा दमदार (aggressive) वेरिएंट के तौर पर ट्यून किए जाने की उम्मीद है, और इसमें बेहतर एक्सीलरेशन के लिए एक बदला हुआ स्प्रोकेट सेटअप भी मिल सकता है।  2026 Yezdi Scrambler का अपडेटेड हार्डवेयर हार्डवेयर की बात करें तो मौजूदा Scrambler एक डबल क्रैडल फ्रेम पर बनाई जाती है, जिसमें 41 mm के टेलिस्कोपिक फ्रंट फोर्क्स और एडजस्टेबल प्री-लोड वाले गैस-चार्ज्ड ट्विन RSU लगाए जाते हैं. इस बाइक में आगे 19-इंच और पीछे 17-इंच का व्हील लगाया जाता है, जिनमें आगे 320 mm और पीछे 240 mm की डिस्क ब्रेक मिलती है, और इसके साथ, इसमें डुअल-चैनल ABS भी मिलता है।  संभावना जताई जा रही है कि नए मॉडल में भी यही हार्डवेयर कंपोनेंट्स इस्तेमाल किए जाएंगे, लेकिन उम्मीद है कि राइडिंग को और आरामदायक बनाने के लिए इसमें कुछ छोटे-मोटे बदलाव किए जा सकते हैं. मौजूदा Yezdi Scrambler के सस्पेंशन सेटअप को काफी कड़ा होने की वजह से आलोचना का सामना करना पड़ा था, ऐसे में संभावना है कि Yezdi इस बात पर ध्यान देते हुए, नए मॉडल में राइड को ज़्यादा आरामदायक बनाएगी। 

इलेक्ट्रिक वाहनों की बिक्री में वृद्धि, FY26 में 24.6% का उछाल दर्ज होगा भारत में

मुंबई  वित्त वर्ष 2026 में भारत इलेक्ट्रिक मोबिलिटी की ओर बदलाव तेज़ी से आगे बढ़ा है. बीते वित्त वर्ष बाजार में वाहनों की रीटेल बिक्री 24.52 लाख यूनिट तक पहुंच गई, जो पिछले वित्त वर्ष के मुकाबले 24.6 प्रतिशत की बढ़ोतरी दिखाता है. यह बढ़त सिर्फ़ एक कैटेगरी तक ही सीमित नहीं थी, बल्कि दो-पहिया, तीन-पहिया, पैसेंजर व्हीकल और कमर्शियल व्हीकल, सभी में दो अंकों की मज़बूत बढ़त देखने को मिली।  इलेक्ट्रिक पैसेंजर व्हीकल की बिक्री 2 लाख यूनिट्स के करीब बीते वित्त वर्ष में सबसे बड़ा बदलाव इलेक्ट्रिक पैसेंजर व्हीकल्स में देखने को मिला, जहां लोगों ने इन्हें अपनाने में तेजी पकड़ी. इस सेगमेंट की रिटेल बिक्री 1,99,923 यूनिट्स तक पहुंच गई, जबकि एक साल पहले यह बिक्री 1,08,873 यूनिट्स की थी. इस बिक्री के साथ सेगमेंट की बिक्री में 83.63 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई।  यह सेगमेंट 2 लाख के आंकड़े से बस थोड़ा ही पीछे रह गया, लेकिन इस सेगमेंट ने अब तक की अपनी सबसे मज़बूत सालाना बढ़त दर्ज की है. वॉल्यूम के लिहाज़ से, Tata Motors Passenger Vehicles ने 78,811 यूनिट्स के साथ बाजार में अपना पहला स्थान काबिज किया. इसके बाद JSW MG Motor India ने 53,089 यूनिट्स के साथ दूसरे स्थान को हासिल किया, इसके बाद Mahindra & Mahindra 42,721 यूनिट्स की बिक्री के साथ तीसरे स्थान पर रही।  इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहनों की बिक्री भी बढ़ी इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहनों की बिक्री की बात करें तो, EV बिक्री में इस सेगमेंट का सबसे बड़ा हिस्सा रहा. इस सेगमेंट ने 14 लाख यूनिट्स की बिक्री का आंकड़ा पार कर दिया. वित्त वर्षन 2026 में इस सेगमेंट में 21.81 प्रतिशत की बढ़ोत हुई और यह 11,50,790 यूनिट्स से बढ़कर 14,01,818 यूनिट्स तक पहुंच गया।  इस सेगमेंट में TVS Motor Company ने 3,41,513 यूनिट्स इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहनों की बिक्री की, और लिस्ट में पहला स्थान हासिल किया. इस लिस्ट में दूसरा स्थान Bajaj Auto का रहा, जिसने 2,89,349 यूनिट्स की बिक्री की, और तीसरे स्थान Ather Energy ने 2,39,178 यूनिट्स की बिक्री कर हासिल किया।  तीन-पहिया इलेक्ट्रिक वाहनों की बिक्री इलेक्ट्रिक तीन-पहिया वाहनों ने शहरी आवागमन और 'लास्ट-माइल' परिवहन में अपनी भूमिका बनाए रखी. इनकी बिक्री बढ़कर 8,30,819 यूनिट्स हो गई, जो वित्त वर्ष 2025 की 6,98,914 यूनिट्स की तुलना में 18.97 प्रतिशत की बढ़ोतरी दिखाता है।  हालांकि इनकी संख्या अभी भी तुलनात्मक रूप से कम है, लेकिन इलेक्ट्रिक कमर्शियल वाहनों ने सबसे तेज़ विकास दर दर्ज की है. पिछले वित्त वर्ष के 8,820 यूनिट्स से बढ़कर रीटेल बिक्री दोगुनी से भी ज़्यादा होकर 19,454 यूनिट्स तक पहुंच गई, जो 120.57 प्रतिशत की वृद्धि को दर्शाता है।  सभी सेगमेंट में बढ़ोतरी साल का सारांश देते हुए, फेडरेशन ऑफ ऑटोमोबाइल डीलर्स एसोशिएशन (FADA) के प्रेसिडेंट CS विग्नेश्वर ने कहा कि, "वित्त वर्ष 2026 भारत की इलेक्ट्रिक मोबिलिटी की कहानी के लिए एक अहम साल रहा है. दो-पहिया, तीन-पहिया, पैसेंजर व्हीकल्स और कमर्शियल व्हीकल्स को मिलाकर कुल EV रिटेल लगभग 24.52 लाख यूनिट्स का रहा, जिसमें सालाना आधार पर लगभग 24.6 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई, और हर कैटेगरी ने मज़बूत दोहरे अंकों में बढ़ोतरी दर्ज की।  उन्होंने आगे कहा कि, "यह सिर्फ़ ऑटोमोबाइल इंडस्ट्री की उपलब्धि नहीं है, बल्कि यह बड़े पैमाने पर एनर्जी ट्रांज़िशन का नेतृत्व करने की भारत की क्षमता का प्रमाण है, फिर चाहे वह 'लास्ट-माइल' ऑटो-रिक्शा हो या फ़ैमिली कार हो।  सभी सेग्मेंट्स में लगातार हो रही बढ़ोतरी यह दिखाती है कि बाजार में मांग का दायरा बढ़ रहा है, और इलेक्ट्रिक मोबिलिटी को निजी और कमर्शियल, दोनों ही तरह के इस्तेमाल में ज़्यादा मज़बूत स्वीकार्यता मिल रही है। 

अडानी का अमेरिकी कोर्ट में बयान: ‘गड़बड़ी नहीं साबित हुई, केस रद्द किया जाए’

 नई दिल्ली अडानी ग्रुप के चेयरमैन गौतम अडानी ने अमेरिका में सिक्योरिटीज धोखाधड़ी का केस रद्द करने की मांग की है. गौतम अडानी की ओर से अमेरिका की कोर्ट में प्री-मोशन पत्र दाखिल कर यह दलील दी गई है कि इसमें किसी भी तरह की गड़बड़ी साबित नहीं होती है और यह अमेरिकी अधिकार क्षेत्र में भी नहीं आता है. इसलिए अमेरिकन सिक्योरिटीज एंड एक्सचेंज कमीशन की ओर से दायर सिक्योरिटीज धोखाधड़ी के मुकदमे को खारिज किया जाए।  उद्योगपति गौतम अडानी और उनके भतीजे सागर अडानी की ओर इसे लेकर कोर्ट में 30 अप्रैल को औपचारिक अर्जी दाखिल की जानी है. इससे पहले, प्री-मोशन पत्र दायर कर दिया गया है. अडानी के वकीलों ने इस पत्र के जरिये कहा है कि साल 2021 में अडानी ग्रुप की नवीकरणीय ऊर्जा कंपनी अडानी ग्रीन एनर्जी लिमिटेड (एजीईएल) की बॉन्ड बिक्री को लेकर अमेरिकन कमीशन के आरोप कानूनी तौर पर दोषपूर्ण हैं।  गौतम अडानी और सागर अडानी की ओर से कोर्ट में यह भी कहा गया है कि इस मामले में व्यक्तिगत अधिकार क्षेत्र लागू नहीं होता, क्योंकि दोनों का अमेरिका से संबंध नहीं था और ना ही वह बॉन्ड जारी करने की प्रक्रिया में सीधे तौर पर शामिल ही थे. 75 करोड़ डॉलर के यह बॉन्ड अमेरिका के बाहर बिक्री किए गए थे. बॉन्ड्स की यह बिक्री रूल 144 ए और रेगुलेशन एस के तहत छूट का उपयोग करते हुए गैर-अमेरिकी अंडरराइटरों को की गई थी, बाद में इसका एक हिस्सा योग्य इंस्टीट्यूशनल बॉयर्स को दोबारा बेचा गया था।  याचिकाकर्ता के वकीलों ने यह भी दावा किया है कि अमेरिकन एक्सचेंज की शिकायत में यह नहीं बताया गया है कि गौतम अडानी ने बॉन्ड जारी करने की मंजूरी दी थी, मुख्य बैठकों में शामिल हुए थे या अमेरिकी निवेशकों को लक्ष्य कर किसी गतिविधि के निर्देश दिए थे. यह मामला अमेरिका की सीमा से बाहर का है. संबंधित सिक्योरिटीज अमेरिका में लिस्टेड नहीं हैं. इसे जारी करने वाली कंपनी भारत की है और यह पूरा काम भी भारत में ही हुआ है. अमेरिकी सिक्योरिटीज कानून लागू करने की जरूरी शर्त है घरेलू लेनदेन. अमेरिकी सिक्योरिटीज एक्सचेंज कमीशन यह साबित करने में फेल रहा है।  अडानी ग्रुप के वकीलों ने अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट के पुराने फैसलों का भी हवाला दिया है और कहा है कि सिक्योरिटीज एक्सचेंज कमीशन ने किसी निवेशक को नुकसान होने के आरोप नहीं लगाए हैं. यह बॉन्ड 2024 में मैच्योर हो गए थे और ब्याज सहित इनका भुगतान भी कर दिया गया था. अडानी ग्रुप ने रिश्त के आरोप खारिज करते हुए कोर्ट में कहा है कि ये आरोप साबित करने के लिए कोई विश्वसनीय सबूत नहीं हैं. ग्रुप की ओर से यह भी कहा गया है कि भ्रष्टाचार रोधी नीतियां और कॉर्पोरेट प्रतिष्ठा के जिन बयानों का अमेरिकन एसईसी हवाला दे रही है, वे सामान्य कॉर्पोरेट आशावाद है. निवेशक इन पर कानूनी तरीके से भरोसा नहीं कर सकता।  गौतम अडानी और सागर अडानी की ओर से कोर्ट में यह भी कहा गया है कि जरूरत पड़ी तो वे खुद भी प्री-मोशन कॉन्फ्रेंस में उपस्थित होने के लिए तैयार हैं. अमेरिकन सिक्योरिटी एक्सचेंज कमीशन ने नवंबर, 2024 में अडानी ग्रुप के खिलाफ मुकदमा दायर किया था. अमेरिकन एजेंसी का आरोप था कि निवेशकों को गुमराह किया गया. अमेरिकी एजेंसी ने यह केस अमेरिकी सिक्योरिटीज कानूनों के तहत दर्ज किया है।   

शेयर बाजार में खुशी की लहर, US-ईरान सीजफायर के बाद सेंसेक्स 2700 अंक बढ़ा

मुंबई  शेयर बाजार पर अमेरिका-ईरान में हुए दो हफ्ते के सीजफायर (US-Iran Ceasefire) का सीधा असर पड़ा है. खुलने के साथी ही बीएसई का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स 2700 अंक से ज्यादा चढ़ गया, तो वहीं एनएसई निफ्टी ने भी ओपनिंग के साथ ही 800 अंकों की तगड़ी छलांग लगा दी. ग्लोबल मार्केट में बंपर तेजी के बीच शेयर बाजार के लिए पॉजिटिव सिग्नल पहले से ही मिल रहे थे।  शेयर मार्केट में बुधवार को कारोबार की शुरुआत होने पर बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का सेंसेक्स (BSE Sensex) अपने पिछले बंद 74,616.58 की तुलना में खुलने के साथ ही 77,290 के लेवल पर पहुंच गया और फिर कुछ सेकंड में ही ये अपनी रफ्तार को तेज करते हुए 77,392 के लेवल पर कारोबार करता हुआ नजर आने लगा।   बात नेशनल स्टॉक एक्सचेंज के निफ्टी इंडेक्स (NSE Nifty) की करें, तो अपने पिछले बंद 23,123.65 की तुलना में तेज उछाल के साथ ये 50 शेयरों वाला इंडेक्स 23,855 पर ओपन हुआ और फिर सेंसेक्स के कदम से कदम मिलाकर चलते हुए एक झटके में 800 अंक की तेजी के साथ 23,938 के लेवल पर जा पहुंचा।  युद्ध पर ब्रेक, तो हर ओर हरियाली युद्ध की टेंशन पर ब्रेक लगने के साथ ही शेयर बाजार में लौटी तूफानी तेजी के चलते सभी कैटेगरी में बुधवार को हरियाली देखने को मिली. BSE लार्जकैप में शामिल 30 में से 29 शेयरों बंपर उछाल के साथ कारोबार कर रहे थे. IndiGo Share (10%), LT Share (8%), Bajaj Finance Share (7%), Adani Ports Share (7%), Bajaja Finserv Share (6.60%), M&M Share (5.90%). Eternal Share (5.30%). Titan Share (5.20%), Maruti Share (5.10%) की तेजी लेकर कारोबार कर रहे थे।  इसके अलावा HDFC Bank Share (4.80%). SBI Share (4%), ICICI Bank Share (4%), Kotak Bank Share (3.30%) और Reliance Share भी करीब 3 फीसदी की छलांग लगाता नजर आया।  शेयर बाजार में तेजी के ये बड़े कारण शेयर बाजार में तेजी के पीछे के बड़े कारणों की बात करें, तो अमेरिका और ईरान में जारी युद्ध की टेंशन (US-Iran War Tension End) कम होने और दोनों देशों के बीच सीजफायर पर सहमति बनने के बाद बाजारों के सेंटीमेंट में सुधार आया है. इसके अलावा तेल संकट गहराने से बढ़ी टेंशन को क्रूड ऑयल की कीमतों में अचानक आई गिरावट (Crude Oil Price Crash) ने कम किया है, जो इस तेजी के पीछे बड़ी वजह है।     

TESLA का नया सुपरचार्जर, 15 मिनट में इलेक्ट्रिक कार पूरी तरह होगी चार्ज

 नई दिल्ली अमेरिकी इलेक्ट्रिक कार निर्माता कंपनी Tesla ने पिछले साल जुलाई में अपनी पहली इलेक्ट्रिक कार मॉडल वाई को भारत में लॉन्च किया था. अब कंपनी ने नवी मुंबई में अपना नया चार्जिंग स्टेशन शुरू किया है. भारत में ये टेस्ला का पांचवा चार्जिंग स्टेशन है. ख़ास बात ये है कि ये नया सुपर चार्जिंग स्टेशन मॉल के अंदर लगाया गया है, इससे अब लोग शॉपिंग के साथ-साथ अपनी कार भी आसानी से चार्ज कर सकेंगे।  कंपनी द्वारा प्राप्त जानकारी के अनुसार टेस्ला का यह नया सुपरचार्जर मुंबई के नेक्सस सीवुड्स मॉल में लगाया गया है. ये कंपनी का पहला इन-मॉल चार्जिंग स्टेशन है. इससे पहले कंपनी ने इंडिया में किसी मॉल के अंदर चार्जिंग फेसिलिटी शुरू नहीं की थी. इस नई फेसिलिटी में कुल 8 चार्जर लगाए गए हैं, जिससे आसपास के Tesla कार मालिकों को बड़ी राहत की उम्मीद है. यह चार्जिंग स्टेशन मॉल के B1 पार्किंग एरिया में लगाया गया है।  टेस्ला पहले से गुरुग्राम, दिल्ली, और मुंबई में अपने चार्जिंग स्टेशन लगा चुका है. अब कंपनी पूरे देश में अपने Supercharger नेटवर्क को तेजी से बढ़ा रही है. खास बात यह है कि कंपनी ऐसे लोकेशन की तलाश में है, जहां लोग आमतौर पर समय बिताते हैं, जैसे मॉल, हाईवे रेस्ट स्टॉप और फूड कोर्ट इत्यादि. ताकि कार को खड़ी चार्जिंग करना आसान हो।  पावरफुल चार्जिंग की सुविधा इस नए स्टेशन पर 4 V4 सुपरचार्जर (डीसी चार्जिंग) लगाए गए हैं. जिनकी स्पीड 250 kW तक है. इसके अलावा चार डेस्टिनेशन चार्जर भी लगाए गए हैं, जो 11 kW की पावर देते हैं. यानी यूजर अपनी जरूरत के हिसाब से चार्जिंग का विकल्प चुन सकते हैं. कंपनी का दावा है कि सुपरचार्जर की मदद से Model Y इलेक्ट्रिक कार को सिर्फ 15 मिनट में लगभग इतना चार्ज किया जा सकता है कि, यूजर को 275 किलोमीटर तक की रेंज मिलेगी।  Tesla ऐप से पूरा कंट्रोल Tesla के मोबाइल ऐप के जरिए यूजर्स आसानी से नजदीकी चार्जिंग स्टेशन ढूंढ सकते हैं, बैटरी को पहले से तैयार कर सकते हैं, चार्जिंग स्टेटस देख सकते हैं और पेमेंट भी कर सकते हैं. यह पूरा सिस्टम एक ही जगह पर उपलब्ध है. इस नए स्टेशन के साथ Tesla के भारत में अब कुल 4 चार्जिंग स्टेशन हो गए हैं. जिसमें 20 सुपरचार्जर और 14 डेस्टिनेशन चार्जर शामिल हैं।  चार्जिंग स्टेशन के साथ ही नेक्सस सीवुड्स मॉल के एट्रियम में Tesla ने एक पॉप-अप स्टोर भी शुरू किया है. यहां लोग कंपनी की कारों को करीब से देख सकते हैं, टेस्ट ड्राइव ले सकते हैं और नई तकनीक को समझ सकते हैं. Model Y की शुरुआती कीमत 59.89 लाख रुपये है. साथ ही कंपनी होम चार्जिंग की सुविधा भी दे रही है। 

रॉयल एनफील्ड का खेल बिगाड़ने आई Triumph, सस्ती 350 सीसी बाइक्स लॉन्च, कीमत जानें

मुंबई  Triumph 350 Bike Launch: ब्रिटिश मोटरसाइकिल कंपनी ट्रायम्फ ने आज भारतीय बाजार में अपनी सबसे किफायती 350 सीसी बाइक रेंज को आधिकारिक तौर पर बिक्री के लिए लॉन्च किया है. 350 सीसी इंजन के साथ मिड-साइज़ सेगमेंट में आने वाली इन बाइक्स का नाम अभी भी 400 सीरीज ही रखा गया है. जीएसटी नियमों में बदलाव के बाद उठाया गया यह कदम सीधे तौर पर ग्राहकों की जेब पर पड़ने वाले बोझ को कम करेगा, क्योंकि अब ये बाइक्स पहले से सस्ती हो गई हैं।  GST ने बदला गेम दरअसल, सरकार के नए जीएसटी नियम के तहत 350 सीसी से ज्यादा इंजन वाली दोपहिया गाड़ियों पर 40 प्रतिशत टैक्स लागू हो गया. इस फैसले से कंपनियों के लिए हैवी इंजन वाली बाइक्स की कीमतों को कम रखना मुश्किल हो गया था. इसी चुनौती से निपटने के लिए Triumph ने अपनी 400 सीरीज के इंजन को घटाकर 350 सीसी कर दिया. इससे बाइक्स कम टैक्स स्लैब में आ गईं और कंपनी को कीमत कम करने का मौका मिल गया. बता दें कि, 350 सीसी से कम इंजन क्षमता वाली बाइक्स 18% स्लैब में आती हैं।  कीमतों में बड़ी कटौती  ट्रायम्फ के इस नए 350 सीरीज के लॉन्च के बाद पिछले मॉडल के मुकाबले कीमतों में भारी कटौती देखने को मिली है. दिल्ली में एक्स-शोरूम कीमतों की बात करें तो Speed T4 अब 1,95,000 रुपये में मिल रही है. Speed 400 की कीमत 2,31,890 रुपये हो गई है. Scrambler 400 की कीमत 2,59,241 रुपये तय की गई है. Thruxton 400 अब 2,65,538 रुपये में उपलब्ध है. वहीं Scrambler 400 XC की कीमत 2,89,534 रुपये रखी गई है।   इंजन छोटा, लेकिन कैरेक्टर बरकरार नई रेंज में सबसे बड़ा बदलाव इंजन का है. अब इन बाइक्स में 350 सीसी का इंजन दिया गया है, जिसे पुराने इंजन बोर और स्ट्रोक्स में बदलाव करते हुए थोड़ा छोटा किया गया है. इससे इंजन के पावर आउटपुट में भी कमी आई है, हालांकि कंपनी का कहना है कि राइडर को बाइक के परफॉर्मेंस में कोई ज्यादा कमी महसूस नहीं होगी।  Triumph Speed 400 और Scrambler 400X में दिया गया इंजन अब 36.50 बीएचपी की पावर और 32 एनएम टॉर्क जेनरेट करता है. यह पहले के मुकाबले करीब 3 बीएचपी और 3.5 एनएम कम है. वहीं Speed T4 का इंजन 29 बीएचपी पावर और 31 एनएम टॉर्क जेनरेट करता है, जो पहले से थोड़ा कम है. ट्रायम्फ का कहना है कि पावर कम होने के बावजूद बाइक का असली कैरेक्टर और राइडिंग फील बरकरार रखा गया है।  परफॉर्मेंस में मामूली गिरावट इंजन छोटा होने का असर परफॉर्मेंस पर भी दिखता है. Speed 400 पहले 0 से 100 किमी प्रति घंटा की रफ्तार करीब 7.4 सेकंड में पकड़ लेती थी. अब नई 350 सीरीज को यही स्पीड पाने में लगभग 8.1 सेकंड लगते हैं. हालांकि राहत की बात यह है कि टॉप स्पीड और 0 से 60 किमी प्रति घंटा की रफ्तार में ज्यादा फर्क नहीं आया है. यानी शहर और डेली राइडिंग में आपको ज्यादा अंतर महसूस नहीं होगा।  चर्चा में नया Tracker 400  कंपनी ने इसी के साथ भारत में Tracker 400 नाम का नया मॉडल भी पेश किया है. दिलचस्प बात यह है कि इंटरनेशनल मॉडल के मुकाबले भारत में इसे छोटे 350 सीसी प्लेटफॉर्म पर लाया गया है. यह बाइक Thruxton 400 के साथ सबसे ज्यादा पावरफुल ट्यून में आती है, जिसका इंजन 40 एचपी की पावर और 32 एनएम का टॉर्क जेनरेट करता है।  इंजन में बदलाव के अलावा बाकी बाइक में कोई बड़ा बदलाव नहीं किया गया है. इसमें पहले जैसा ही फ्रेम, सस्पेंशन, ब्रेक और व्हील्स दिए गए हैं. इसका मतलब है कि राइडिंग स्टेबिलिटी, हैंडलिंग और ओवरऑल बिल्ड क्वालिटी पहले जैसी ही बनी रहेगी. भारत जैसे बाजार में प्राइस एक बड़ा फैक्टर होती है, ऐसे में Triumph की यह रणनीति काफी हद तक सफल हो सकती है. खासकर उन ग्राहकों के लिए जो कम खर्च में प्रीमियम ब्रांड का मजा लेना चाहते हैं. कंपनी का कहना है कि, भारत की सड़कों पर अब 1 लाख से ज्यादा Triumph बाइक्स दौड़ रही हैं।  मॉडल   कीमत (एक्स-शोरूम) Speed T4  1,95,000 रुपये Speed 400  2,31,890 रुपये Scrambler 400 2,59,241 रुपये  Thruxton 400 2,65,538 रुपये  Scrambler 400 XC 2,89,534 रुपये 

मैक्सिको की खाड़ी को मिडिल ईस्ट जैसा बनाना है, LPG और पेट्रोल को दुनिया के कोने-कोने में पहुंचाने की योजना

वॉशिंगटन   ईरान और अमेरिका जंग के बीच ‘स्ट्रेट ऑफ होर्मुज’ ब्लॉक हुआ पड़ा है. ईरान ने दोस्त देशों को यहां से निकलने की इजाजत तो देदी है लेकिन तेल की सप्लाई पहले की तरह नहीं चल रही है. इस बीच अमेरिका के ‘मैक्सिको की खाड़ी’ (US Gulf) को लेकर एक बड़ा दांव खेला जा रहा है. बताया जा रहा है कि इसे दूसरा मिडिल ईस्ट बनाने की तैयारी की जा रही है, जहां से भर-भर कर LPG, पेट्रोल दुनिया के कोने-कोने में पहुंचाया जाएगा. भारत के लिए ये सबसे आसान और सस्ता रास्ता होगा. दावा किया जा रहा है कि अमेरिका के इस गल्फ पर अभी से ही बड़े-बड़े बिजनेसमैन पैसों की बरसात करने लगे हैं।  तेल कंपनियों की लगी लाइन दुनिया की सबसे बड़ी एनर्जी कंपनियां अमेरिका के इस अल्ट्रा-डीपवाटर प्रोजेक्ट में बड़ी हिस्सेदारी खरीदने के लिए लाइन लगाकर खड़ी हैं. यूरोप की दिग्गज कंपनी TotalEnergies और Shell के साथ-साथ लंदन की BP और स्पेन की Repsol भी इस रेस में शामिल हैं।  ‘शेननडोह’ फील्ड के मौजूदा मालिक अपनी 51% हिस्सेदारी बेचने जा रहे हैं. इसके लिए आने वाले कुछ ही हफ्तों में बिड्स लगाई जा सकती हैं. सूत्रों का कहना है कि मिडिल ईस्ट और एशिया के बड़े तेल उत्पादक भी इस रेस में शामिल हो सकते हैं, जिससे भारत के लिए भविष्य में तेल और LPG की सप्लाई का एक नया रास्ता खुल सकता है।  यहां से निकलेगा कितना तेल? ये कोई मामूली ऑयल फील्ड नहीं है. ये समंदर की उस गहराई में है जहां जाना किसी चुनौती से कम नहीं. यहां तेल और गैस के भंडार करीब 30,000 फीट नीचे हैं।  यहां का प्रेशर 20,000 पाउंड प्रति वर्ग इंच तक पहुंच जाता है. इसके बावजूद, यहां से जुलाई में उत्पादन शुरू हो चुका है और रोजाना 1,00,000 बैरल तेल निकाला जा रहा है. सबसे बड़ी बात यह है कि यह इलाका युद्ध क्षेत्र से कोसों दूर है. यहां से तेल की सप्लाई के लिए होर्मुज जैसे खतरनाक रास्तों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा।  भारत के लिए क्यों है ये गेम चेंजर मिडिल ईस्ट के संकट ने पूरी दुनिया को डरा दिया है. होर्मुज में जारी समुद्री ब्लॉकेड के बीच अमेरिका का यह इलाका दुनिया के लिए तेल का नया केंद्र बन रहा है।  जब मिडिल ईस्ट में तनाव से कीमतें बढ़ती हैं, तब अमेरिका से होने वाला अधिक उत्पादन मार्केट को संतुलित रखने में मदद करेगा. भारत की अर्थव्यवस्था तेजी से बढ़ रही है और ऐसे में LPG से लेकर पेट्रोल तक भारी मात्रा में ईंधन चाहिए. अमेरिका जैसे स्थिर देश से सप्लाई मिलना भारत के लिए ‘एनर्जी सिक्योरिटी’ की सबसे बड़ी गारंटी हो सकता है।