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EPFO का बड़ा बदलाव! अब UPI से होगा PF Withdrawal, 75% लिमिट ने सबको चौंकाया

नई दिल्ली  देश के करोड़ों नौकरीपेशा लोगों के लिए कर्मचारी भविष्य निधि संगठन यानी EPFO जल्द ही एक बड़ा बदलाव करने जा रहा है। EPFO 3.0 के तहत PF निकालने की प्रक्रिया पहले से कहीं ज्यादा आसान और तेज होने वाली है। अब तक PF का पैसा निकालने के लिए लंबी प्रक्रिया, दस्तावेजों की जांच और कई दिनों का इंतजार करना पड़ता था, लेकिन नई व्यवस्था लागू होने के बाद सदस्य सीधे UPI के जरिए अपने बैंक खाते में पैसा ट्रांसफर कर सकेंगे। इससे न केवल पेपरवर्क कम होगा, बल्कि PF निकालने में लगने वाला समय भी काफी घट जाएगा। आइए इसके बारे में जरा विस्तार से समझते हैं। सरकार और EPFO का उद्देश्य पूरी प्रक्रिया को डिजिटल और पेपरलेस बनाना है, ताकि कर्मचारियों को अपने ही पैसे के लिए बार-बार ऑफिस के चक्कर न लगाने पड़ें। खास बात यह है कि इस सुविधा की टेस्टिंग पूरी हो चुकी है और इसे जल्द शुरू किया जा सकता है। हालांकि, अभी इसकी आधिकारिक लॉन्च डेट घोषित नहीं की गई है। सबसे बड़ा सवाल यही है कि आखिर EPFO सदस्य अपने खाते से कितना पैसा निकाल पाएंगे? नई व्यवस्था के अनुसार सदस्य अपने कुल EPF बैलेंस का लगभग 50% से 75% तक हिस्सा निकाल सकेंगे। हालांकि, पूरा पैसा निकालने की अनुमति हर स्थिति में नहीं होगी। EPFO के नियमों के मुताबिक कम से कम 25% राशि खाते में बनी रहना जरूरी होगा, ताकि भविष्य के लिए एक सुरक्षा फंड बचा रहे, यानी अगर किसी सदस्य के खाते में 4 लाख रुपये हैं, तो वह अधिकतम करीब 3 लाख रुपये तक निकाल सकता है, जबकि कम से कम 1 लाख रुपये खाते में रहने होंगे। इसके अलावा EPFO ने ऑटो-सेटलमेंट की सीमा भी बढ़ा दी है। पहले जहां केवल 1 लाख रुपये तक का क्लेम जल्दी सेटल होता था, अब यह सीमा बढ़ाकर 5 लाख रुपये कर दी गई है। इसका मतलब यह है कि मेडिकल इमरजेंसी, बच्चों की पढ़ाई, शादी या घर खरीदने और बनाने जैसी जरूरतों के लिए सदस्य अब ज्यादा रकम कम समय में निकाल पाएंगे। कई मामलों में पैसा सिर्फ 3 दिनों के भीतर खाते में पहुंच सकता है। केंद्रीय श्रम मंत्री मनसुख मांडविया ने हाल ही में बताया कि UPI आधारित PF निकासी सिस्टम का परीक्षण पूरा हो चुका है। नई सुविधा के तहत सदस्य अपने खाते में उपलब्ध निकासी योग्य राशि को देख पाएंगे और UPI PIN की मदद से तुरंत ट्रांजैक्शन कर सकेंगे। पैसा सीधे बैंक खाते में ट्रांसफर होगा, जिसके बाद सदस्य चाहे तो ऑनलाइन पेमेंट करें या ATM से कैश निकाल लें। EPFO 3.0 का सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि कर्मचारियों को छोटे-छोटे खर्चों या आपातकालीन जरूरतों के लिए लंबे इंतजार का सामना नहीं करना पड़ेगा। वर्तमान में PF क्लेम प्रोसेस में कई बार हफ्तों का समय लग जाता है, लेकिन नई व्यवस्था इसे डिजिटल बैंकिंग जितना आसान बना सकती है। देश में EPFO के 7 करोड़ से ज्यादा सदस्य हैं और यह बदलाव करोड़ों कर्मचारियों के लिए राहत लेकर आ सकता है। खासकर युवाओं और डिजिटल पेमेंट इस्तेमाल करने वाले लोगों के लिए यह सुविधा बेहद उपयोगी साबित हो सकती है। आने वाले समय में PF निकालना उतना ही आसान हो सकता है, जितना आज UPI से किसी को पैसे भेजना है।

‘मेलोडी’ से बाजार में मची हलचल, Parle कनेक्शन वाले छुटकू शेयर ने निवेशकों को किया मालामाल

 नई दिल्ली शेयर बाजार में कब कौन सा शेयर गदर मचाने लगे भविष्यवाणी करना मुश्किल है. एक छोटी सी खबर भी किसी स्टॉक को रॉकेट बनाने के लिए काफी होती है. कुछ ऐसा ही हुआ एक 5 रुपये वाले छुटकू शेयर के साथ, जिसमें बीते कुछ दिनों से लगातार अपर सर्किट लग रहा है. हम बात कर रहे हैं पारले इंडस्ट्रीज के शेयर की, जो सिर्फ 5 दिन में ही 33% तक उछल गया है और निवेशकों ने मोटी रकम छाप डाली है।  कंपनी का नाम भले ही Parle है, लेकिन इसका पारले-जी से कोई नाता नहीं है. बल्कि ये रियल एस्टेट सेक्टर की कंपनी है. लेकिन पारले नाम ने पीएम नरेंद्र मोदी के मेलोडी ट्विस्ट के बाद इस धराशायी शेयर में अचानक जान फूंक दी और इसने निवेशकों की बल्ले-बल्ले हो गई।  PM ने ऐसा क्या किया, जो शेयर बना रॉकेट यहां सबसे पहले बता दें कि बीते दिनों इटली यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्री मोदी (PM Narendra Modi) ने वहां की पीएम जॉर्जिया मेलोनी को पारले कंपनी की टॉफी मेलोडी (Parle Melody) का पैकेट गिफ्ट किया था. बस पीएम मोदी का ये मेलोडी ट्विस्ट इस पारले इंडस्ट्रीज कंपनी के शेयर में जान फूंकने वाला साबित हुआ।  सोशल मीडिया पर Italy PM द्वारा शेयर किया गया वीडियो तेजी से वायरल (Viral Video) हो गया और 'मेलोडी' ट्रेंड चल पड़ा. इसके बाद निवेशकों में पारले नाम के इस शेयर को खरीदने की होड़ मच गई और शेयर रॉकेट की रफ्तार से लगातार भागते हुए अपर सर्किट हिट (Parle Industries Share Upper Circuit) कर रहा है. जबकि दूसरी ओर मेलोडी टॉफी को बनाने वाली पारले प्रोडक्ट शेयर बाजार में लिस्ट ही नहीं है।  सालभर से सोया था शेयर, अब तूफानी तेजी पीएम मोदी (PM Modi) ने मेलोनी को मेलोडी गिफ्ट क्या की, इस सालभार से सोए पड़े शेयर ने तूफानी रफ्तार पकड़ ली. Parle Share की परफॉर्मेंस पर नजर डालें, तो ये Parle Stock बीते एक साल से लगातार टूटता जा रहा था और 70 फीसदी के आसपास फिसल गया था. लेकिन, मेलोडी ट्रेंड की शुरुआत होते ही, इस शेयर में जान आ गई और बीते पांच दिन से ये गदर मचा रहा है।  बीते 19 मई को Parle Industries Share की कीमत महज 5 रुपये थी, लेकिन 20 मई को इटली की पीएम ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर पीएम मोदी के मेलोडी गिफ्ट पर थैंक्यू बोलने हुए एक वीडियो पोस्ट किया और इस स्टॉक में अपर सर्किट लग गया, जिसका सिलसिला अब तक जारी है. दनादन अपर सर्किट के साथ पांच कारोबारी दिनों में ये 33 फीसदी चढ़ गया है और इसका दाम 6.67 रुपये हो गया है. शेयर में तेजी के चलते इस कंपनी का मार्केट कैपिटल भी बढ़कर 32.58 करोड़ रुपये हो गया।  जब Melody लॉन्च, तभी बनी ये कंपनी पारले इंडस्ट्रीज के काम पर नजर डालें, तो इस कंपनी की स्थापना भी उसी 80 के दशक में हुई थी, जबकि पारले प्रोडक्ट ने मेलोडी टॉफी को लॉन्च किया था. Parle Industries इंफ्रा और रियल एस्टेट डेवलपमेंट सेक्टर की कंपनी है. जबकि Parle Products एक अलग प्राइवेट FMCG कंपनी है, जो Parle-G, Melody, Monaco, Hide & Seek जैसे ब्रांड बनाती है। 

HDFC Bank पर बढ़ा संकट! ₹45 करोड़ ट्रांजैक्शन मामले की जांच से शेयर बाजार में मचा हड़कंप

मुंबई भारत के सबसे बड़े निजी बैंक HDFC (HDFC Bank) को लेकर एक नई रिपोर्ट सामने आने के बाद शेयर बाजार में हलचल तेज हो गई है। बुधवार को बैंक के शेयर करीब 2% तक टूट गए और इंट्राडे कारोबार में ₹761 के स्तर तक पहुंच गए। गिरावट की वजह एक कथित आंतरिक जांच बताई जा रही है, जिसमें ₹45 करोड़ के भुगतान को लेकर कई गंभीर सवाल उठे हैं। यह मामला बैंकिंग सिस्टम में पारदर्शिता, कॉरपोरेट गवर्नेंस और नियमों के पालन को लेकर चर्चा का बड़ा विषय बन गया है। हालांकि, HDFC बैंक ने पेमेंट संबंधित गड़बड़ी की आशंकाओं और मीडिया रिपोर्ट्स को पूरी तरह से खारिज कर दिया है। आइए जरा विस्तार से इस मामले की गहराई को समझते हैं।  रिपोर्ट्स के अनुसार, यह पूरा मामला महाराष्ट्र स्टेट रोड डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन (Maharashtra State Road Development Corporation) यानी MSRDC से जुड़ा है। आरोप है कि बैंक ने इस सरकारी एजेंसी को तय ब्याज दर से ज्यादा रिटर्न देने के लिए कथित तौर पर एक अलग व्यवस्था बनाई। कहा जा रहा है कि अतिरिक्त ब्याज सीधे खाते में देने के बजाय इसे मार्केटिंग खर्च के रूप में दिखाया गया और रोड सेफ्टी कैंपेन के नाम पर कुछ वेंडर्स के जरिए भुगतान किया गया। बताया जा रहा है कि बैंक के मार्केटिंग विभाग की FY25 की इंटरनल ऑडिट के दौरान इस लेनदेन पर सवाल उठे। ऑडिट रिपोर्ट में विभाग की कार्यप्रणाली को असंतोषजनक बताया गया, जिसके बाद बैंक की ऑडिट कमेटी ने आंतरिक सतर्कता जांच (Internal Vigilance Investigation) शुरू करने का फैसला लिया। इस मामले में सबसे ज्यादा ध्यान इस बात पर गया कि कथित फैसलों में वरिष्ठ अधिकारियों की भूमिका भी जांच के दायरे में बताई जा रही है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक बैंक के CEO शशिधर जगदीशन (Sashidhar Jagdishan) उन चर्चाओं में शामिल थे, जिनमें MSRDC को अतिरिक्त रिटर्न देने के विकल्पों पर विचार हुआ था। हालांकि, अभी तक बैंक की ओर से किसी भी तरह की आधिकारिक गलती स्वीकार नहीं की गई है। जानकारी के अनुसार साल 2021 में HDFC बैंक ने MSRDC के बड़े डिपॉजिट को आकर्षित करने की कोशिश की थी। उस समय बैंक सेविंग अकाउंट पर लगभग 3.5% ब्याज दे रहा था, जबकि दूसरी वित्तीय संस्थाएं 6% या उससे ज्यादा रिटर्न ऑफर कर रही थीं। रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि MSRDC ने लगभग 6.01% रिटर्न की मांग रखी थी, जिसके बाद बैंक के अंदर विशेष व्यवस्था तैयार की गई। बताया जा रहा है कि बैंक ने कुछ समय के लिए 4.5% तक का स्पेशल इंटरेस्ट रेट भी मंजूर किया था, लेकिन अपेक्षित डिपॉजिट नहीं आने के बाद यह व्यवस्था बंद कर दी गई। इसके बाद कथित तौर पर अतिरिक्त ब्याज को मार्केटिंग स्पेंड के जरिए एडजस्ट करने की योजना बनाई गई। रिपोर्ट में यह भी दावा किया गया कि कई दस्तावेज लीगल और कंप्लायंस टीम से बिना मंजूरी के तैयार किए गए थे। साथ ही RBI के नियमों के संभावित उल्लंघन की बात भी कही गई है। नियमों के मुताबिक बैंक किसी खास ग्राहक को अलग से तय ब्याज दर नहीं दे सकते। वहीं, बैंक की एंटी-ब्राइबरी और एंटी-करप्शन पॉलिसी के उल्लंघन की आशंका भी जताई गई है। फिलहाल, इस मामले बैंक ने खारिज कर दिया है। मामले पर बैंक का आधिकारिक बयान HDFC बैंक ने बुधवार को ₹45 करोड़ पेमेंट मामले को लेकर मीडिया रिपोर्ट्स में लगाए गए आरोपों को पूरी तरह खारिज कर दिया। बैंक ने कहा कि उसके पास मजबूत आंतरिक निगरानी, ऑडिट और कंट्रोल सिस्टम मौजूद हैं, जो सभी प्रक्रियाओं को तय नियमों के तहत संचालित करते हैं। बैंक के प्रवक्ता ने कहा, “हम चुनिंदा जानकारी के आधार पर लगाए गए किसी भी गलत काम या जिम्मेदारी से जुड़े आरोपों को सख्ती से खारिज करते हैं। सभी मामलों को स्थापित नियमों और प्रक्रियाओं के अनुसार संभाला जाता है और किसी भी आंतरिक समीक्षा के बाद अंतिम निर्णय लेने से पहले पूरी प्रक्रिया का पालन किया जाता है।” बैंक की यह सफाई उन मीडिया रिपोर्ट्स के बाद आई, जिसमें दावा किया गया था कि बैंक की ऑडिट कमेटी ने ₹45 करोड़ के भुगतान की औपचारिक आंतरिक सतर्कता जांच (Internal Vigilance Investigation) शुरू की है। शेयर परफॉर्मेंस हालिया इंटरनल जांच से जुड़ी खबरों के बाद निवेशकों में थोड़ी चिंता बढ़ी है, जिसका असर शेयर पर साफ दिखाई दिया। HDFC बैंक के शेयर में आज 27 मई 2026 दबाव देखने को मिला और NSE पर यह स्टॉक 2.22% की गिरावट के साथ ₹761.60 पर बंद हुआ। इस खबर के सामने आने के बाद निवेशकों में चिंता बढ़ गई है, क्योंकि बैंकिंग सेक्टर में भरोसा सबसे बड़ा आधार माना जाता है। हालांकि, बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि अभी जांच जारी है और अंतिम निष्कर्ष आने से पहले किसी ठोस नतीजे पर पहुंचना जल्दबाजी होगी। फिर भी इस पूरे मामले ने कॉरपोरेट गवर्नेंस और बैंकिंग पारदर्शिता पर एक नई बहस जरूर शुरू कर दी है।

सोना-चांदी खरीदने वालों की बल्ले-बल्ले! चांदी में बड़ी गिरावट, 10 ग्राम गोल्ड का भाव भी टूटा

नई दिल्ली सोना-चांदी की कीमत (Gold-Silver Price Fall) में तीसरे कारोबारी दिन एक बार फिर बड़ी गिरावट आई है. मंगलवार को रेड जोन में बंद होने के बाद बुधवार को MCX पर वायदा कारोबार की ओपनिंग के कुछ देर बाद अचानक चांदी के दाम में बड़ी गिरावट आ गई और एक झटके में 4000 रुपये प्रति किलो से ज्यादा सस्ती हो गई. तो वहीं दूसरी ओर सोने का भाव भी फिसला है और 10 ग्राम 24 कैरेट गोल्ड रेट 600 रुपये से ज्यादा घट गया। सप्ताह के तीन दिनों में ही अब तक चांदी 5600 रुपये प्रति किलो से ज्यादा सस्ती हुई है और इस कीमती धातु का भाव 2,71,846 रुपये से गिरकर 2,66,200 रुपये पर आ गया है. वहीं सोना इस ताजा गिरावट के बाद अब अपने हाई लेवल से 46,000 रुपये प्रति 10 ग्राम सस्ता हो गया है। MCX पर सोना-चांदी में गिरावट मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर बुधवार को 3 जुलाई वाली चांदी की वायदा कीमत खुलते ही उछली और 2,72,628 रुपये प्रति किलो पर पहुंच गई, लेकिन फिर अचानक इस कीमती धातु के दाम में बड़ी गिरावट शुरू हो गई और देखते ही देखते ये अपने पिछले बंद 2,70,628 रुपये से कम होकर झटके में 2,66,200 रुपये पर आ गया. यानी 1 Kg Silver Price 4428 रुपये कम हो गया। चांदी की कीमत में इस सप्ताह सिर्फ 3 कारोबारी दिनों में ही अब तक 5646 रुपये प्रति किलो की गिरावट आ चुकी है. वहीं जनवरी के अपने हाई लेवल 4,57,328 रुपये प्रति किलोग्राम की तुलना में अब चांदी 1,91,128 रुपये प्रति किलो सस्ती हो गई है। अब दूसरी कीमती धातु सोना की बात करें, तो एमसीएक्स पर कारोबार के दौरान ये पीली धातु भी फिसली है. अपने पिछले बंद 1,57,616 रुपये प्रति 10 ग्राम से कम होकर बुधवार को मार्केट ओपन होने के कुछ देर बाद गिरते हुए 1,56,953 रुपये पर आ गया. वहीं 5 जून की एक्सपायरी वाले वायदा सोना (10 Gram 24 Karat Gold Rate) अपने हाई लेवल 2,02,984 रुपये से अब 46,031 रुपये कम हो चुका है।     दिल्ली में क्या है Gold-Silver का हाल? एमसीएक्स के बाद अब घरेलू मार्केट में सोना-चांदी की कीमत में आए बदलाव पर बात करें, तो इंडियन बुलियन ज्वेलर्स एसोसिएशन की वेबसाइट IBJA.Com के मुताबिक, 10 ग्राम 24 कैरेट गोल्ड का रेट पिछले बंद 1,57,611 रुपये से गिरकर 1,57,040 रुपये पर आ गया. वहीं चांदी की कीमत में बड़ी गिरावट दर्ज की गई और ये मंगलवार के बंद 2,66,213 रुपये प्रति किलो से 4503 रुपये सस्ती होकर 2,61,710 रुपये प्रति किलो पर खुली। सोने-चांदी में गिरावट की वजह सोने-चांदी के दाम में गिरावट के पीछे के कारणों को देखें, तो एक बड़ी वजह जियो-पॉलिटिकल तनाव है, क्योंकि अमेरिका और ईरान के बीच बात नहीं बन पा रही है, ट्रंप की धमकियों का सिलसिला, होर्मुज पर चिंता और बढ़ा रहा है. इस बीच टेंशन में इजाफे से डॉलर में तेजी आ रही है और इससे सोना-चांदी पर दबाव बढ़ा है. निवेशकों के मुनाफावसूली करने की वजह से गोल्‍ड-सिल्‍वर के दाम में गिरावट दिखी है।

Ferrari ने लॉन्च की अपनी पहली EV ‘Luce’, लग्जरी डिजाइन और फ्यूचरिस्टिक लुक चर्चा में

मुंबई  प्रीमियम स्पोर्ट्स कार निर्माता कंपनी Ferrari ने अपनी पहली फुली इलेक्ट्रिक प्रोडक्शन कार Ferrari Luce को आधिकारिक तौर पर पेश कर दिया है. इस कार को कंपनी ने रोम में प्रदर्शित किया, जो कंपनी के इतिहास में सबसे बड़े बदलावों में से एक है, क्योंकि कंपनी अब EV स्पेस में एंट्री कर रही है और इसके साथ पेट्रोल और हाइब्रिड मॉडल भी ऑफर कर रही है।  खास बात यह है कि Ferrari Luce न सिर्फ़ कंपनी की पहली EV है, बल्कि कंपनी की पहली इलेक्ट्रिक चार-दरवाज़ों वाली कार और पांच सीटों वाली पहली प्रोडक्शन कार है. इसे पूरी तरह से नए प्लेटफॉर्म पर बनाया गया है, जो इस कार को मौजूदा कम्बशन-इंजन आर्किटेक्चर को अपनाने के बजाय खास तौर पर इलेक्ट्रिक पावरट्रेन के हिसाब से डिज़ाइन किया गया है।  कंपनी का कहना है कि इसके फुली इलेक्ट्रिक सेटअप ने इंजीनियरों को अपनी पारंपरिक स्पोर्ट्स कारों की तुलना में ज़्यादा केबिन स्पेस, बेहतर प्रैक्टिकैलिटी और अलग ड्राइविंग लेआउट वाली कार बनाने में मदद की।  नई Ferrari Luce की बैटरी और पावर आउटपुट इस कार को पावर इसके चारों व्हील्स पर लगाई गईं चार इलेक्ट्रिक मोटर से मिलती है. ये चारों मोटर कुल मिलाकर 1,050 hp का पावर आउटपुट देती हैं, जबकि Ferrari का दावा है कि लॉन्च कंट्रोल मोड में व्हील टॉर्क 11,500 Nm तक पहुंच जाता है. परफॉर्मेंस के आंकड़े काफी हद तक Ferrari के ही हैं. यह कार 0-100 km/h की स्पीड 2.5 सेकंड में पकड़ सकती है, 0-200 km/h 6.8 सेकंड में, और इसकी टॉप स्पीड 310 km/h से ज़्यादा है।  चार-मोटर सेटअप से Ferrari हर पहिये पर टॉर्क को अलग से कंट्रोल कर सकती है. कंपनी के मुताबिक, इससे स्टेबिलिटी, कॉर्नरिंग प्रिसिजन और ट्रैक्शन बेहतर होता है, खासकर तेज़ एक्सेलरेशन और हाई-स्पीड ड्राइविंग के दौरान. Ferrari Luce में रियर-व्हील स्टीयरिंग और Ferrari F80 हाइपरकार से लिया गया एक्टिव सस्पेंशन सेटअप भी मिलता है।  इस इलेक्ट्रिक कार में 122 kWh का बैटरी पैक इस्तेमाल किया गया है, जिसे पूरी तरह से मारानेलो में डिज़ाइन, टेस्ट और असेंबल किया गया है. कंपनी का कहना है कि बैटरी 350 kW तक की चार्जिंग स्पीड को सपोर्ट करती है और लगभग 20 मिनट में 70 kWh चार्ज रिकवर कर सकती है. कंपनी का दावा है कि इसकी ड्राइविंग रेंज 530 km से ज़्यादा है।  कंपनी का कहना है कि डेवलपमेंट के दौरान थर्मल मैनेजमेंट पर खास ध्यान दिया गया था. Ferrari Luce में एक कॉम्प्लेक्स कूलिंग सिस्टम है, जिसे बैटरी टेम्परेचर को मैनेज करने, चार्जिंग परफॉर्मेंस बनाए रखने और बार-बार हाई-स्पीड ड्राइविंग के दौरान लगातार पावर डिलीवरी पक्का करने के लिए डिज़ाइन किया गया है. कंपनी का दावा है कि इस सिस्टम को ट्रैक के इस्तेमाल को ध्यान में रखकर बनाया गया है।  कंपनी ने Ferrari Luce के लिए एक नया साउंड सिस्टम भी बनाया है. इंजन की आर्टिफिशियल आवाज़ इस्तेमाल करने के बजाय, Ferrari इलेक्ट्रिक मोटर और ड्राइवट्रेन से पैदा होने वाले नैचुरल वाइब्रेशन और फ्रीक्वेंसी को बढ़ाती है. कंपनी के मुताबिक, ड्राइव मोड और थ्रॉटल इनपुट के हिसाब से आवाज़ बदलती है, जिससे ड्राइवर को गाड़ी चलाते समय ज़्यादा फीडबैक मिलता है।  नई Ferrari Luce का डिजाइन कार के डिज़ाइन की बात करें तो Ferrari Luce कंपनी के मौजूदा मॉडल्स से बहुत अलग दिखती है. यह प्रोजेक्ट LoveForm के साथ मिलकर बनाया गया था, जो एप्पल के पूर्व डिज़ाइन चीफ़ सर जॉनी आइव और डिज़ाइनर मार्क न्यूसन के क्रिएटिव ग्रुप का हिस्सा है. कार में स्मूद ग्लास-हैवी प्रोफ़ाइल, फ्लोटिंग एयरोडायनामिक एलिमेंट्स, और किसी भी प्रोडक्शन Ferrari रोड कार में लगाया गया, अब तक का सबसे बड़ा व्हील सेटअप है, जिसमें 23-इंच के फ्रंट और 24-इंच के रियर व्हील्स हैं।  Ferrari का कहना है कि नई Ferrari Luce को बनाने में एयरोडायनामिक्स का बड़ा रोल रहा है. कार में एक्टिव एयरोडायनामिक ग्रिल, मूवेबल एयरो सरफेस और एक एक्टिव राइड-हाइट सिस्टम है, जो ज़्यादा स्पीड पर कार के अगले हिस्से को नीचे करके एफिशिएंसी और एयरफ्लो को बेहतर बनाता है।  नई Ferrari Luce का इंटीरियर कार के केबिन की बात करें तो, इसमें फिजिकल स्विच को सैमसंग डिस्प्ले के साथ डेवलप किए गए OLED डिस्प्ले के साथ जोड़ा गया है. कंपनी का कहना है कि उसने खास फंक्शन के लिए फिजिकल कंट्रोल को जानबूझकर बनाए रखा है, ताकि गाड़ी चलाते समय कार का इस्तेमाल आसान हो सके. Ferrari में पैनोरमिक ग्लास रूफ, पावर्ड सीट्स, 21-स्पीकर ऑडियो सिस्टम और किसी भी मौजूदा फेरारी की तुलना में बड़ा लगेज एरिया भी है। 

कम कीमत, जबरदस्त माइलेज! ₹4.99 लाख वाली इस कार के आगे फेल हुईं बड़ी हैचबैक कारें

मुंबई  भारतीय मार्केट में हैचबैक कारों का जलवा हमेशा की तरह बरकरार है। अगर बीते महीने यानी अप्रैल, 2026 में हुई इस सेगमेंट की बिक्री की बात करें तो मारुति सुजुकी वैगनआर (Maruti Suzuki WagonR) ने एक बार फिर नंबर-1 की पोजीशन हासिल कर ली है। मारुति वैगनआर को बीते महीने कुल 18,648 नए ग्राहक मिले। इस दौरान सालाना आधार पर वैगनआर की बिक्री में 39.03 पर्सेंट की शानदार बढ़ोतरी देखी गई है। जबकि ठीक एक साल पहले यानी अप्रैल, 2025 में यह आंकड़ा 13,413 यूनिट्स था। आइए जानते हैं देश की 10 सबसे ज्यादा बिकने वाली हैचबैक कारों की बिक्री के बारे में विस्तार से। दूसरे नंबर पर रही बलेनो बिक्री की इस लिस्ट में दूसरे नंबर पर मारुति सुजुकी बलेनो रही। मारुति बलेनो ने इस दौरान 38.89 पर्सेंट की सालाना बढ़ोतरी के साथ कुल 18,306 यूनिट कारों की बिक्री की है। जबकि तीसरे नंबर पर बिक्री की इस लिस्ट में मारुति सुजुकी स्विफ्ट रही। मारुति स्विफ्ट ने इस दौरान सालाना आधार पर 22.18 पर्सेंट की बढ़ोतरी के साथ कुल 17,829 यूनिट कारों की बिक्री की। चौथे नंबर पर रही मारुति ऑल्टो दूसरी ओर बिक्री की इस लिस्ट में चौथे नंबर पर मारुति सुजुकी ऑल्टो रही है। मारुति ऑल्टो ने इस दौरान 93.65 पर्सेंट की सालाना बढ़ोतरी के साथ कुल 10,856 यूनिट कारों की बिक्री की। जबकि पांचवें नंबर पर बिक्री की इस लिस्ट में हुंडई i20 रही। हुंडई i20 ने इस दौरान 59.55 पर्सेंट की सालाना बढ़ोतरी के साथ कुल 5,624 यूनिट कारों की बिक्री की है। टाटा टियागो को लगा झटका बिक्री की इस लिस्ट में छठे नंबर पर टाटा टियागो रही। टाटा टियागो ने इस दौरान 33.70 पर्सेंट की सालाना गिरावट के साथ 5,488 यूनिट कारों की बिक्री की। जबकि सातवें नंबर पर बिक्री की इस लिस्ट में मारुति एस-प्रेसो रही। मारुति एस-प्रेसो ने इस दौरान 617.63 पर्सेंट की रिकॉर्ड तोड़ सालाना बढ़ोतरी के साथ कुल 5,210 यूनिट कारों की बिक्री की है। आखिरी पोजिशन पर रही अल्ट्रोज बिक्री की इस लिस्ट में आठवें नंबर पर हुंडई i10 नियोस रही। हुंडई i10 नियोस ने 0.29 पर्सेंट की सालाना बढ़ोतरी के साथ कुल 4,149 यूनिट कारों की बिक्री की। वहीं, नौवें नंबर पर बिक्री की इस लिस्ट में टोयोटा ग्लैंजा रही। ग्लैंजा ने इस दौरान 18.68 पर्सेंट की सालाना गिरावट के साथ कुल 3,360 यूनिट कारों की बिक्री की है। इसके अलावा, दसवें नंबर पर बिक्री की इस लिस्ट में टाटा अल्ट्रोज रही। अल्ट्रोज ने इस दौरान 19.06 पर्सेंट की सालाना बढ़ोतरी के साथ कुल 2,586 यूनिट कारों की बिक्री दर्ज की है। इतनी है कार की कीमत मारुति सुजुकी वैगनआर में 1.0-लीटर K-सीरीज इंजन और दूसरा 1.2-लीटर इंजन दिया गया है। यह कार 5-स्पीड मैनुअल और ऑटोमैटिक गियरबॉक्स के साथ उपलब्ध है। माइलेज के लिए मशहूर यह कार पेट्रोल में लगभग 23.56 से 25.19 किमी/लीटर और CNG वैरिएंट में 33.47 किमी/किग्रा तक का जबरदस्त औसत देती है। भारतीय मार्केट में इसकी एक्स-शोरूम कीमत लगभग 4.99 लाख से शुरू होकर 7.45 लाख रुपये तक जाती है।

सोना-चांदी खरीदने वालों के लिए खुशखबरी! 13 दिन में चांदी ₹27 हजार सस्ती, गोल्ड रेट भी लुढ़का

 नई दिल्ली सोना-चांदी फिर सस्ता (Gold-Silver Cheaper) हुआ है. मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज यानी MCX पर मंगलवार को दोनों कीमती धातुओं के दाम में खुलते ही तेज गिरावट देखने को मिली. चांदी का भाव तो अचानक 4400 रुपये प्रति किलो से ज्यादा कम हो गया. सरकार द्वारा इंपोर्ट ड्यूटी बढ़ाने के बाद अचानक आए तेज उछाल के बाद से अब तक 1 Kg Silver Price 27,000 रुपये से ज्यादा गिर चुका है. वहीं ताजा गिरावट के बाद अब अपने हाई से चांदी अब 1.85 लाख रुपये से ज्यादा सस्ती मिल रही है. सोना भी चांदी के कदम से कदम मिलाकर चलते हुए टूटा है।  13 दिन में 27000 रुपये टूटी चांदी  सरकार ने कीमती धातुओं पर इंपोर्ट ड्यूटी बढ़ाने का ऐलान किया था, तो बीते 13 मई को अचानक चांदी का भाव एमसीएक्स पर (MCS Silver Price) 3 लाख रुपये के पार निकल गया था. लेकिन इसके बाद ये एक-दो दिन को छोड़ दें, तो बिखरी ही है. तब से अब तक 13 दिनों में इसका भाव 3,00,238 रुपये से टूटकर ताजा गिरावट के साथ 2,72,265 रुपये पर आ गया है और इस हिसाब से देखें तो Silver 27,973 रुपये प्रति किलो सस्ती हो चुकी है।  गौरतलब है कि बीते कारोबारी दिन सोमवार को दिनभर के कारोबार के बाद 3 जुलाई की एक्सपायरी वाली वायदा चांदी 2,76,716 रुपये प्रति किलो पर बंद हुई थी और मंगलवार को खुलते ही ये 4,451 रुपये सस्ती हो गई. वहीं इसके हाई लेवल से तुलना करें, तो जनवरी में रिकॉर्ड तेजी के साथ चांदी 4,57,328 रुपये प्रति किलो के लाइफ टाइम हाई लेवल पर पहुंची थी और यहां से अब 1,85,063 रुपये प्रति किलो सस्ती हो चुकी है।  Gold हाई से अब इतना सस्ता  न सिर्फ चांदी का भाव टूटा है, बल्कि वायादा सोना भी मंगलवार को फिसला है. एमसीएक्स पर कारोबार की शुरुआत होने के साथ ही 5 जून की एक्सपायरी वाला 24 Karat Gold अपने पिछले बंद 1,59,081 रुपये की तुलना में गिरकर 1,58,100 रुपये प्रति 10 ग्राम के लेवल पर आ गया. इस गिरावट के साथ 10 ग्राम सोने का भाव अब अपने हाई लेवल 2,02,984 रुपये से 44,884 रुपये प्रति 10 ग्राम कम हो चुका है।  चांदी की तरह सोना भी इंपोर्ट ड्यूटी हाईक के बाद तेज रफ्तार से भागता हुआ नजर आया था. 13 मई को ये 1,62,186 रुपये प्रति 10 ग्राम के लेवल पर पहुंच गया था, लेकिन अब इसकी कीमत यहां से 4,086 रुपये प्रति 10 ग्राम तक गिर चुकी है।  मई में अब तक कैसा रहा हाल?  वायदा कारोबार में मई महीने में सोना-चांदी की कीमतों में आए उतार-चढ़ाव पर नजर डालें, तो ये महंगे हुए हैं. जहां बीते महीने के आखिरी दिन यानी 30 अप्रैल को 1 किलो चांदी की कीमत 2,44,456 रुपये प्रति किलो थी और ताजा भाव से तुलना करें, तो ये करीब 27 हजार रुपये से ज्यादा बढ़ चुकी है. वहीं सोना इस दौरान 1,51,111 रुपये प्रति 10 ग्राम से 7 हजार रुपये से अधिक महंगा हुआ है। 

पेट्रोल-एथेनॉल दोनों पर चलेगी Maruti की नई कार, 5 जून को लॉन्च संभव

मुंबई  केंद्रीय सड़क परिवहन और हाईवे मंत्री नितिन गडकरी ने जानकारी दी है कि देश की सबसे बड़ी कार निर्माता कंपनी Maruti Suzuki 5 जून, 2026 को वर्ल्ड एनवायरनमेंट डे पर भारत में एक फ्लेक्स-फ्यूल व्हीकल को लॉन्च कर सकती है. सड़क परिवहन और हाईवे मंत्री ने महाराष्ट्र के नागपुर में एक इवेंट के दौरान इसकी घोषणा की, जिसमें गडकरी ने कहा कि यह गाड़ी E100 फ्यूल ग्रेड पर चल सकेगी।  इस इवेंट में बोलते हुए नितिन गडकरी ने कहा कि, "ऐसे फ्लेक्स-फ्यूल इंजन वाली गाड़ियां जल्द ही बड़े पैमाने पर आने वाली हैं. इस साल पर्यावरण दिवस के मौके पर, दिल्ली में एक प्रोग्राम है, जहां Maruti Suzuki 100 प्रतिशत इथेनॉल से चलने वाली गाड़ियां लॉन्च करेगी।  बता दें कि Maruti Suzuki की पेरेंट कंपनी Suzuki जापान ने पिछले साल Japan Mobility Show 2025 में Maruti Fronx सबकॉम्पैक्ट SUV का फ्लेक्स-फ्यूल वर्जन प्रदर्शित किया था. इसके साथ ही, कम्प्रेस्ड बायोगैस से चलने वाली Maruti Victoris समेत कई दूसरी दो-पहिया और चार-पहिया गाड़ियां भी दिखाई गई थीं।  Suzuki ने उस समय Maruti Fronx फ्लैक्स-फ्यूल के बारे में गाड़ी के साइज़ के अलावा कुछ ही जानकारी दी थी. इंडिया-स्पेक मॉडल के मुकाबले, जापान में बिकने वाली Maruti Fronx में बड़ा नैचुरली एस्पिरेटेड 1.5-लीटर K-सीरीज़ पेट्रोल इंजन इस्तेमाल किया जाता है, जिसके साथ मैनुअल और ऑटोमैटिक गियरबॉक्स का विकल्प मिलता है।  भारतीय बाजार में, यह सबकॉम्पैक्ट SUV या तो 1.2-लीटर नैचुरली एस्पिरेटेड पेट्रोल या 1.0-लीटर टर्बो-पेट्रोल इंजन ऑप्शन के साथ आ सकती है, जिसके साथ मैनुअल और ऑटोमैटिक दोनों (1.2 पेट्रोल पर AMT) मिलते हैं. उस समय Suzuki ने Fronx फ्लेक्स फ्यूल के लिए इथेनॉल ब्लेंड रेटिंग के बारे में कभी नहीं बताया, हालांकि इसके साथ दिखाया गया दूसरा मॉडल, Suzuki Gixxer 250 का फ्लेक्स-फ्यूल वेरिएंट, E85 तक सपोर्ट करने वाला था। 

सोमवार को महंगाई का डबल अटैक, पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़े; दिल्ली-कोलकाता में नई कीमतें लागू

नई दिल्ली  सोमवार को ईंधन की कीमतों में फिर से बढ़ोतरी की गई, जिससे पेट्रोल की कीमत में 2.61 रुपये प्रति लीटर और डीजल की कीमत में 2.71 रुपये प्रति लीटर की वृद्धि हुई, जो दो सप्ताह से भी कम समय में चौथी बढ़ोतरी है। इस बढ़ोतरी के बाद दिल्ली में पेट्रोल की कीमत 102.12 रुपये प्रति लीटर और डीजल की कीमत 95.20 रुपये प्रति लीटर हो गई है। प्रमुख शहरों में अब क्या है पेट्रोल की कीमत? अगर बात करें भारत के प्रमुख शहरों में तेल की कीमतों की तो दिल्ली में 102.12 रुपये, कोलकाता में 113.51, मुंबई में 111.21, नोएडा में 101.9 रुपये, बेंगलुरु में 110.6 रुपये, भूवनेश्वर में 108.8 रुपये, चंडीगढ़ में 101.5 रुपये, जयपुर में 113.4 रुपये, लखनऊ में 101.9 रुपये, पटना में 113.5 रुपये प्रति लीटर है। प्रमुख शहरों में अब क्या है डीजल की कीमत? अगर बात करें भारत के प्रमुख शहरों में डीजल के कीमत की तो नई दिल्ली में 95.2 रुपये, कोलकाता में 99.8 रुपये, मुंबई में 97.8 रुपये, चेन्नई में 99.6 रुपये, गुड़गांव में 95.4 रुपये, नोएडा में 95.4 रुपये, बेंगलुरु में 98.5 रुपये, भुवनेश्वर में 100.6 रुपये, चंडीगढ़ में 89.5 रुपये, हैदराबाद में 103.8 रुपये, जयपुर में 98.4 रुपये, लखनऊ में 95.4 रुपये, पटना में 99.5 रुपेय प्रति लीटर है। इस महीने यह चौथी बढ़ोतरी ईंधन की कीमतों में इस महीने में यह चौथी बढ़ोतरी है। 25 मई को पेट्रोल ₹2.61 प्रति लीटर और डीजल ₹2.71 प्रति लीटर महंगा हो गया। इससे पहले 23 मई को पेट्रोल 87 पैसे, डीजल 91 पैसे महंगा किया गया था। जबकि, 19 मई को पेट्रोल और डीजल के दामों में एवरेज 90 पैसे की बढ़ोतरी की गई थी। 15 मई को भी कीमतों में ₹3 प्रति लीटर का भारी इजाफा किया गया था। अधिकतर राज्यों में पेट्रोल 100 के पार उत्तर प्रदेश में 1 लीटर पेट्रोल की कीमत ₹102.76 और पश्चिम बंगाल में ₹114.20 पर पहुंच गई है। आंध्र प्रदेश में पेट्रोल ₹117.35 वहीं, असम में ₹106.21, मध्य प्रदेश में ₹115.77,बिहार में ₹114.79, राजस्थान में ₹113.93 प्रति लीटर पर पहुंच गया है। महाराष्ट्र में एक लीटर पेट्रोल की कीमत ₹113.05, दिल्ली में ₹102.11, छत्तीसगढ़ में ₹109.59, गुजरात में ₹102.92, हरियाणा में ₹103.57, हिमाचल प्रदेश में ₹101.64 और जम्मू और कश्मीर में ₹108.47 प्रति लीटर हो गई है। झारखंड में 1 लीटर पेट्रोल का दाम आज से ₹107.02, केरल में ₹114.31, मणिपुर में ₹114.76, मिजोरम में ₹104.74,ओडिशा में ₹110.30, पंजाब में ₹105.90, सिक्किम में ₹109.88 हो गया है। वहीं, तेलंगाना में ₹116.78, त्रिपुरा में ₹104.89, उत्तराखंड में ₹100.96 एक लीटर पेट्रोल का दाम अब इस रेट पर है। इन राज्यों में डीजल भी 100 के पार mypetrolprice के मुताबिक आंध्र प्रदेश में डीजल की कीमत ₹105.92 पर पहुंच गई है। बिहार में भी कई शहरों में डीजल के दाम 100 रुपये लीटर के पार पहुंच गए हैं। अररिया में, औरंगाबाद, बांका, भागलपुर में डीजल 100 के पार है। छत्तीसगढ़ में डीजल के रेट 100 के पार पहुंच गया है। गुजरात के राजकोट में डीजल 100.01 रुपये लीटर है। झारखंड, केरल, मध्यप्रदेश, ओडिशा, तमिलनाडु, तेलंगाना और पश्चिम बंगाल के कुछ शहरों में डीजल की कीमत 100 रुपये प्रति लीटर के पार पहुंच गई है। क्यों बढ़ रहे पेट्रोल-डीजल के दाम ईरान युद्ध के चलते तेल कंपनियों को भारी नुकसान उठाना पड़ा। सरकार के मुताबिक, इंडियन ऑयल, भारत पेट्रोलियम और हिंदुस्तान पेट्रोलियम जैसी सरकारी कंपनियां अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की ऊंची कीमतों के कारण घाटे में चल रही थीं। पेट्रोलियम मंत्रालय की जॉइंट सेक्रेटरी सुजाता शर्मा के अनुसार, कंपनियों को पेट्रोल, डीजल और एलपीजी की बिक्री पर हर महीने करीब ₹30,000 करोड़ का नुकसान हो रहा था। चुनाव से पहले सरकार की कोशिशें कीमतें स्थिर रखने के लिए सरकार ने पहले ही पेट्रोल और डीजल पर स्पेशल एक्साइज ड्यूटी में ₹10-10 प्रति लीटर की कटौती कर दी थी। पेट्रोल पर यह ड्यूटी ₹13 से घटाकर ₹3, जबकि डीजल पर ₹10 से शून्य कर दी गई थी। केंद्र सरकार की ओर से पहले एक लीटर पेट्रोल पर कुल ₹21.90 एक्साइज ड्यूटी वसूली जाती थी, जो घटकर ₹11.90 रह गई। इसी तरह, डीजल पर कुल केंद्रीय उत्पाद शुल्क ₹17.8 से घटकर ₹7.8 पर आ गया। इसी निर्णय की वजह से पेट्रोल-डीजल के दाम नहीं बढ़े थे। पिछले शनिवार को बढ़ी थी कीमतें पेट्रोल-डीजल की कीमतें पिछले शनिवार को बढ़ी थी, जब पेट्रोल की कीमत में 87 पैसे और डीजल की कीमत में 91 पैसे की वृद्धि की गई थी। शनिवार को ही दिल्ली में सीएनजी की कीमत में भी 1 रुपया प्रति किलोग्राम की वृद्धि के साथ 81.09 रुपये प्रति किलोग्राम हो गई। क्यों दोबारा बढ़ी ईंधन की कीमतें? अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच जारी युद्ध के दौरान ईरान ने होर्मुज पर नियंत्रण कर लिया। जिससे वैश्विक तेल आपूर्ति बाधित हो रही है। होर्मुज स्ट्रेट में ईरान द्वारा लगाए गए प्रतिबंध के कारण कच्चे तेल की कीमतों में भारी उछाल आया है। पिछले कई हफ्तों से कच्चे तेल की कीमतों में उछाल के बावजूद भारत की तेल विपणन कंपनियां पेट्रोल और डीजल को पुरानी कीमतों पर ही बेच रही थी। लेकिन पिछले दो हफ्तों से तेल की कीमतों में उछाल देखने को मिल रहा है। अनुमानों के अनुसार, तीनों तेल और गैस कंपनियां – इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन (आईओसीएल), भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (बीपीसीएल) और हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (एचपीसीएल) – प्रतिदिन सामूहिक रूप से 1,000 करोड़ रुपये से अधिक का घाटा उठा रही थीं। इसलिए, सरकार को कीमतें बढ़ानी पड़ीं।

सोमवार को बाजार में बुल्स का दमदार कमबैक, खुलते ही सेंसेक्स-निफ्टी में बड़ी तेजी

मुंबई  भारतीय शेयर बाजार सप्ताह के पहले दिन सोमवार को खुलने के साथ ही बमबम नजर आ रहा है और दोनों इंडेक्स तूफानी तेजी के साथ ओपनिंग करने के बाद रॉकेट की रफ्तार से भागते हुए दिख रहे हैं. बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स खुलते ही जहां 800 अंकों से ज्यादा की धुआंधार तेजी लेकर 76000 के स्तर को पार कर गया. तो वहीं दूसरी ओर नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी इंडेक्स भी सेंसेक्स के कदम से कदम मिलाकर करीब 250 अंकों की जोरदार बढ़त के साथ कारोबार करता दिखा।  खास बात ये है कि तेल कंपनियों ने देश में लगातार चौथी बार पेट्रोल-डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी (Petrol-Diesel Price Hike) का झटका दिया है, इसके बाद भी विदेशी कारणों की वजह से बाजार रफ्तार पकड़े हुए नजर आ रहा है।   सेंसेक्स-निफ्टी ने मचाया गदर शेयर मार्केट में कारोबार की शुरुआत होने से पहले ही प्री-ओपनिंग सेशन में सेंसेक्स-निफ्टी में जोरदार तेजी के संकेत मिल गए थे. वहीं जब ट्रेडिंग शुरू हुई, तो BSE Sensex खुलते ही 76,000 का स्तर पार कर गया. ये इंडेक्स अपने पिछले शुक्रवार के बंद 75,415 की तुलना में जोरदार रफ्तार पकड़ते हुए 76,135 पर ओपन हुआ और महज पांच मिनट के कारोबार में ही 874 अंक उछलकर 76,289 पर जा पहुंचा।  बात NSE Nifty की करें, तो इसकी चाल भी सेंसेक्स के जैसी ही नजर आई. 50 शेयरों वाला ये इंडेक्स अपने पिछले बंद 23,719 के मुकाबले चढ़कर 23,940 के लेवल पर खुला और फिर सेंसेक्स की तरह रॉकेट की रफ्तार से भागते हुए 23,984 के स्तर पर कारोबार करता दिखा।  शेयर बाजार में तेजी के तीन कारण बात करें, सोमवार को शेयर मार्केट रैली के पीछे के बड़े कारणों के बारे में, तो एक नहीं बल्कि तीन-तीज वजह हैं. इनका सीधा कनेक्शन डोनाल्ड ट्रंप से भी है. दरअसल, अमेरिकी राष्ट्रपति ने ईरान युद्ध खत्म किए जाने और दुनिया की तेल जरूरत को पूरा करने में अहम होर्मुज स्ट्रेट को फिर से जल्द खोले जाने के सिग्नल दिए हैं।  बाजार का सेंटीमेंट बदलने में दूसरा कारण भी इससे जुड़ा हुआ है, क्योंकि ट्रंप के ईरान-अमेरिका के बीच सुलह के संकेतों का सबसे बड़ा असर क्रूड ऑयल की कीमतों पर दिखा, जो इस ग्लोबल टेंशन के बीच दुनिया को डरा रही थीं और महंगाई बढ़ाने में अहम रोल निभा रही थीं. सोमवार को Brent Crude Price 100 डॉलर के नीचे आ गया, जिससे महंगाई कम होने की उम्मीद बढ़ी।  तीसरा कारण भारत-अमेरिका ट्रेड डील पर आया अपडेट है. दरअसल, अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो ने कहा है कि India-US Trade Deal को जल्द अंतिम रूप दिया जा सकता है. यह समझौता दोनों देशों के लिए फायदेमंद होगा. बता दें रूबियो चार दिवसीय भारत दौरे पर हैं।  ये 10 शेयर बने मार्केट 'हीरो' शेयर बाजार में तूफानी तेजी के बीच सबसे ज्यादा भागने वाले स्टॉक्स की बात करें, तो बीएसई लार्जकैप कैटेगरी में शामिल M&M Share (2.90%), HDFC Bank Share (2.30%), IndiGo Share (2.10%) की तेजी के साथ ट्रेड कर रहे थे. वहीं दूसरी ओर मिडकैप में शामिल Hindustan Petroleum Share (4.20%), Ashok Leyland Share (3.60%), AU Bank Share (2.30%) की तेजी में नजर आए।  इसके अलावा स्मॉलकैप कंपनियों में NH Share (6%), Cohance Share (4.20%), IIFL Share (3%) और Inox Wind Share (2.50%) की उछाल के साथ कारोबार कर रहे थे।