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Thar लवर्स के लिए बड़ी खबर! Mahindra ला रही है अपडेटेड SUV, लॉन्च टाइमलाइन आई सामने

 नई दिल्ली महिंद्रा थार (Mahindra Thar) को कंपनी ने अक्टूबर 2025 में पहला अपडेट दिया था. पहले अपडेट के लगभग एक साल बाद कंपनी इसे दोबारा अपडेट कर सकती है. रिपोर्ट्स की मानें, तो महिंद्रा अपनी ऑफ-रोडर को इस महीने यानी सितंबर में ही अपडेट कर सकती है. हालांकि, महिंद्रा ने आधिकारिक रूप से इसकी जानकारी नहीं दी है।  इस एसयूवी का अपडेट सितंबर के अंत तक लॉन्च हो सकता है. महिंद्रा इस कार के अपडेट में डिजाइन में कुछ बदलाव कर सकती है, जिससे इसे मौजूदा मॉडल से थोड़ा अलग किया जा सके. फिलहाल कार का लुक वही है जो 2020 में लॉन्च के वक्त था।  क्या होगा नई महिंद्रा थार में खास?  अपडेटेड थार को कंपनी ज्यादा अपस्केल और ट्रेंडी लुक दे सकती है, जिससे ये रिफ्रेश लगेगी. एसयूवी में रिवाइज्ड ग्रिल, रिडिजाइन बंपर्स, बदले हुए हेडलैम्प्स और फ्रेश एलॉय व्हील डिजाइन मिलेगा. हाल में ही एसयूवी को टेस्ट करते हुए देखा गया है, जिसमें पांच स्लॉट वाली ग्रिल थी। . इसके अलावा अपडेटेड थार में एलईडी हेडलैम्प्स और नया पांच डबल स्पोक एलॉय व्हील मिलेगा. कंपनी इस कार के इंटीरियर को भी अपडेट कर सकती है, जिसमें मल्टीपल स्टाइलिंग और फंक्शनल बदलाव किए जा सकते हैं. महिंद्रा इस कार में नई अपहोल्स्ट्री दे सकती है।  कार में नए टेक फीचर्स, कम्फर्ट और कन्वीनियंस फीचर्स मिलेंगे. इसमें 10.25 इंच का डिजिटल इंस्ट्रूमेंट क्लस्टर, वेंटिलेटेड सीट्स और वायरलेस स्मार्टफोन चार्जर मिलेगा. इसके अलावा कार में पैसिव कीलेस एंट्री भी दी जा सकती है, जिससे कार में घुसना और निकलना आसान होगा।  इंजन में नहीं होगा कोई बदलाव नई थार के इंजन में बदलाव की उम्मीद नहीं है. इसमें वहीं तीन इंजन ऑप्शन मिलेंगे, जो मौजूदा थार में आते हैं. एसयूवी में 1.5 लीटर का डीजल, 2.2 लीटर का डीजल और 2.0 लीटर का पेट्रोल इंजन मिलेगा. कंज्यूमर्स को 6 स्पीड मैन्युअल और 6 स्पीड ऑटोमेटिक ट्रांसमिशन का विकल्प मिलेगा।  कार ऑल व्हील ड्राइव के साथ आएगी. थार का 1.5 लीटर डीजल इंजन 117 एचपी की पावर और 300 एनएम का टॉर्क प्रोड्यूस करता है. वहीं 2.2 लीटर के डीजल इंजन के साथ 130 एचपी की पावर और 300 एनएम का टॉर्क मिलता है. जबकि 2.0 लीटर के पेट्रोल इंजन के साथ 150 एचपी की पावर और 300 एनएम का टॉर्क मिलता है। 

शेयर बाजार में भारी गिरावट, Sensex 552 अंक फिसला; Nifty 23,300 के नीचे पहुंचा

मुंबई  शुक्रवार को भारतीय शेयर बाजार में बड़ी गिरावट आई। वैश्विक शेयर बाजारों में कमजोरी, बॉन्ड यील्ड में बढ़ोतरी और ऊर्जा कीमतों में तेजी का असर घरेलू बाजार पर भी पड़ा। सेंसेक्स 552.02 अंक टूटकर 74,350.57 पर और निफ्टी 192.15 अंक गिरकर 23,285.65 के स्तर पर कारोबार कर रहा है। एशियाई बाजारों में भारी गिरावट एशिया-प्रशांत क्षेत्र के प्रमुख शेयर बाजार शुक्रवार को तेज गिरावट के साथ कारोबार करते नजर आए। इसका असर अमेरिकी बाजारों में गुरुवार को आई कमजोरी के बाद देखने को मिला। निवेशक महंगे कच्चे तेल और बढ़ती बॉन्ड यील्ड के बीच महंगाई और ब्याज दरों के आउटलुक को लेकर सतर्क हैं। जापान का Nikkei 225 करीब 3 फीसदी और दक्षिण कोरिया का Kospi लगभग 2.6 फीसदी नीचे कारोबार कर रहा था। अमेरिकी बाजार भी दबाव में गुरुवार को अमेरिकी शेयर बाजारों में भी गिरावट रही। Dow Jones Industrial Average 0.6 फीसदी, S&P 500 करीब 0.58 फीसदी और Nasdaq Composite 0.65 फीसदी गिरकर बंद हुआ। इस बीच, अमेरिका की 10 साल की ट्रेजरी बॉन्ड यील्ड एशियाई कारोबार के दौरान करीब 5 फीसदी के ऊंचे स्तर पर बनी रही। गुरुवार को यह 4.95 फीसदी पर बंद हुई थी।

दिल्ली हाई कोर्ट का Beco को झटका, विवादित विज्ञापन हटाने का आदेश; HUL की बड़ी जीत

 नई दिल्ली हिंदुस्तान यूनिलीवर लिमिटेड (HUL) को बेको (BECO) के साथ चल रहे एड कैंपेन विवाद में दिल्ली हाई कोर्ट से बड़ी राहत मिली है. हाई कोर्ट ने Beco को अपना विवादित विज्ञापन सभी ऑनलाइन और ऑफलाइन प्लेटफॉर्म से हटाने और वापस लेने का निर्देश दिया है. कोर्ट ने इसके लिए कंपनी को एक हफ्ते का समय दिया है. मामला Beco के #WarOnWhatsHidden कैंपेन से जुड़ा है, जिसमें HUL के Surf Excel और Vim जैसे प्रोडक्ट्स को लेकर कुछ दावे किए गए थे. HUL ने इन विज्ञापनों को चुनौती देते हुए हाई कोर्ट का रुख किया था।  कोर्ट ने विज्ञापनों पर क्या कहा? जस्टिस अनुप जे भंभानी ने मामले की सुनवाई करते हुए कहा कि पहली नजर में Beco के विज्ञापनों से एक औसत ग्राहक के बीच यह संदेश जा सकता है कि HUL के प्रोडक्ट्स में मौजूद कुछ केमिकल इंग्रीडिएंट्स की वजह से स्किन इरिटेशन, खुजली या एक्जिमा जैसी दिक्कतें हो सकती हैं. हाई कोर्ट ने कहा कि पूरे कैंपेन को एक साथ और समग्र तरीके से देखने पर यह सिर्फ अपने प्रोडक्ट को बेहतर बताने वाला तुलनात्मक विज्ञापन नहीं लगता. पहली नजर में यह HUL के प्रोडक्ट्स को नीचा दिखाने वाला कैंपेन नजर आता है. कोर्ट ने यह भी कहा कि इन दावों को कथित तौर पर वेरिफाइड साइंटिफिक बेसिस पर पेश किया गया है. इसी वजह से हाई कोर्ट ने फिलहाल विवादित विज्ञापनों को हटाने का निर्देश दिया है।  एक हफ्ते में विज्ञापन हटाने होंगे दिल्ली हाई कोर्ट ने Beco को मामले में शामिल सभी विवादित विज्ञापनों को एक हफ्ते के भीतर हटाने, वापस लेने और रिकॉल करने का निर्देश दिया है. कोर्ट का आदेश सिर्फ किसी एक माध्यम तक सीमित नहीं है. जिन विज्ञापनों में आपत्तिजनक बयान शामिल हैं, उन्हें किसी भी फॉर्मेट या माध्यम से हटाना होगा. इसके बाद Beco को हाई कोर्ट के आदेश के पालन की जानकारी देते हुए अगले एक हफ्ते के भीतर कंप्लायंस एफिडेविट भी दाखिल करना होगा।  #WarOnWhatsHidden कैंपेन पूरा विवाद Beco के #WarOnWhatsHidden एड कैंपेन को लेकर है. इस कैंपेन में HUL के Surf Excel और Vim जैसे प्रोडक्ट्स पर सवाल उठाए गए थे. Beco के विज्ञापनों में कुछ खास केमिकल इंग्रीडिएंट्स का जिक्र करते हुए उनके इस्तेमाल को लेकर स्वास्थ्य संबंधी जोखिम से संबंधित दावे किए गए थे. HUL ने इन दावों पर आपत्ति जताई और इन्हें झूठा और भ्रामक बताते हुए दिल्ली हाई कोर्ट में चुनौती दी।  सुनवाई के दौरान HUL की ओर से कहा गया कि Beco के विज्ञापनों में जिन केमिकल्स का जिक्र किया गया है, उनमें बेंजिसोथियाजोलिनोन (BIT) और लिनियर अल्काइलबेंजीन सल्फोनेट (LAS) शामिल हैं. HUL का कहना था कि उसके प्रोडक्ट्स में इन केमिकल्स की इस्तेमाल की गई मात्रा को देखते हुए ग्राहकों को नुकसान पहुंचने की संभावना नहीं है. कंपनी ने पूरे विज्ञापन कैंपेन को झूठा और भ्रामक बताया।  दूसरी तरफ Beco की ओर से दलील दी गई कि किसी कारोबारी को अपने प्रोडक्ट की तुलना प्रतिस्पर्धी कंपनी के प्रोडक्ट से करने का अधिकार है. कंपनी ने यह भी कहा कि तुलना किस प्रोडक्ट से की जा रही है, यह बताने के लिए जरूरत के मुताबिक प्रतिद्वंद्वी के मार्क और पैकेजिंग का इस्तेमाल किया जा सकता है।  HUL ने फैसले का किया स्वागत दिल्ली हाई कोर्ट के आदेश का HUL ने स्वागत किया है. कंपनी ने कहा कि वह यह सुनिश्चित करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है कि उसके सभी प्रोडक्ट्स लागू रेगुलेटरी जरूरतों और कड़े ग्लोबल सेफ्टी स्टैंडर्ड्स के मुताबिक तैयार, निर्मित और सेफ्टी-असेस्ड हों. HUL ने कहा कि ग्राहकों का भरोसा जिम्मेदार विज्ञापन से बनता है. कंपनी के मुताबिक निष्पक्ष प्रतिस्पर्धा सच्ची जानकारी, बौद्धिक संपदा के सम्मान और प्रतिस्पर्धी ब्रांड्स की साख के सम्मान पर आधारित होनी चाहिए।  Beco के पास अब क्या रास्ता? हाई कोर्ट के अंतरिम आदेश के बाद अब Beco को तय समयसीमा के भीतर विवादित विज्ञापनों को हटाना और वापस लेना होगा. इसके बाद एक हफ्ते के भीतर अदालत में हलफनामा भी दाखिल करना होगा. हालांकि, यह ध्यान रखना जरूरी है कि हाई कोर्ट का यह अंतरिम आदेश है. यानी अदालत ने फिलहाल विवादित विज्ञापनों पर कार्रवाई का निर्देश दिया है, लेकिन पूरे मामले पर अंतिम फैसला अभी नहीं आया है. आगे की सुनवाई में दोनों पक्षों की दलीलों और मामले से जुड़े दूसरे पहलुओं पर विस्तार से सुनवाई होगी। 

मार्केट क्रैश से मचा हड़कंप, धड़ाम हुए ये शेयर; निवेशकों को लगा 5 लाख करोड़ का झटका

मुंबई  भारतीय शेयर बाजार में भारी गिरावट देखी जा रही है. निफ्टी 230 अंक या 1 फीसदी टूटकर 23,255 पर कारोबार कर रहा है. जबकि BSE सेंसेक्‍स 0.87 फीसदी या 637 अंक टूटकर 74,265.32 पर आ चुका है. सभी इंडेक्‍स में दबाव दिखाई दे रहा है. खासकर मेटल सेक्‍टर में ज्‍यादा बिकवाली दिख रही है।  बीएसई के टॉप 30 शेयरों में से सिर्फ 8 शेयर ही मामूली तेजी पर कारोबार कर रहे हैं, जबकि बाकी 22 शेयर भारी गिरावट पर हैं. बजाज फाइनेंस, महिंद्रा एंड महिंद्रा और टाटा स्‍टील शेयर 2 फीसदी से ज्‍यादा टूट चुके हैं. वहीं एलटी, एचडीएफसी बैंक और रिलायंस जैसे हैवीवेट शेयरों में भी गिरावट है।  शेयर बाजार में भारी दबाव के कारण निवेशकों को भारी नुकसान उठाना पड़ा है. बीएसई मार्केट कैप 483 लाख करोड़ रुपये से 5 लाख करोड़ रुपये घटकर 478 लाख करोड़ रुपये पर आ चुका है. इसके अलावा, बीएसई के 120 शेयरों में आज लोअर सर्किट लगा है. 70 शेयर अपर सर्किट पर कामकाज कर रहे हैं. 117 शेयर 52 वीक के निचले स्‍तर पर हैं और 68 शेयर 52 वीक के हाई पर हैं. 3,365 शेयरों में से 809 शेयर तेजी पर कामकाज कर रहे थे और 2,376 शेयरों में गिरावट रही, जबकि 180 शेयर अनचेंज थे।  मिडिल ईस्ट में भू-राजनीतिक तनाव गहराने और अंतर्राष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट क्रूड के 108 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंचने से 11 सितंबर 2026 को भारतीय शेयर बाजार में भारी तबाही देखने को मिली। कमजोर वैश्विक संकेतों के चलते दलाल स्ट्रीट की शुरुआत गैप-डाउन हुई और बाजार खुलते ही बिकवाली का भारी दबाव देखने को मिला। शुरुआती कारोबार में बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) का सेंसेक्स 708.23 अंक यानी 0.95% की भारी गिरावट के साथ 74,194.36 पर आ गया। वहीं, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) का निफ्टी 50 सूचकांक 259.70 अंक टूटकर 23,218.10 के स्तर पर फिसल गया। बाजार में मंदी का माहौल इतना तगड़ा रहा कि लगभग 1,824 शेयरों में बिकवाली रही, जबकि केवल 692 शेयर ही हरे निशान में टिक पाए। क्रूड में लगी आग से ONGC चमका, IT शेयरों ने भी दी राहत कच्चे तेल की कीमतों में आए तेज उछाल का सीधा फायदा तेल कंपनी ONGC को मिला। निफ्टी हीटमैप के मुताबिक, चौतरफा मंदी के बीच भी ONGC का शेयर 1.85% की तेजी के साथ ₹241.67 के स्तर पर ट्रेड कर रहा है।     टॉप गेनर स्टॉक्स: ONGC के अलावा टेक महिंद्रा (+1.26%), इन्फोसिस (+0.84%), टीसीएस (+0.83%), विप्रो (+0.34%), पावरग्रिड (+0.33%), आईटीसी (+0.31%) और एचसीएल टेक (+0.18%) हरे निशान में कारोबार करते दिखे। आईटी सेक्टर अकेला ऐसा सेक्टर रहा जिसने बाजार को थोड़ा सहारा दिया।     टॉप लूजर स्टॉक्स: दूसरी ओर, हिंडाल्को (-3.90%) और टाटा स्टील (-2.49%) में सबसे ज्यादा बिकवाली रही। इनके अलावा बजाज फाइनेंस (-2.22%), जेएसडब्ल्यू स्टील (-2.01%), बजाज फिनसर्व (-1.85%), श्रीराम फाइनेंस (-1.83%), आयशर मोटर्स (-1.79%) और अडानी एंटरप्राइजेज (-1.74%) के शेयरों में भारी गिरावट दर्ज की गई। मेटल, ऑटो और बैंकिंग सेक्टर 3% तक टूटे सेक्टोरल फ्रंट पर आईटी सेक्टर को छोड़कर सभी इंडेक्स लाल निशान में डूब गए। मेटल, ऑटो, बैंकिंग और फाइनेंशियल सेक्टर्स में 1% से लेकर 3% तक की बड़ी गिरावट दर्ज की गई। क्‍यों आई मार्केट में इतनी भारी गिरावट?      शेयर बाजार में भारी गिरावट का सबसे खास वजह ब्रेंट क्रूड ऑयल है, जिसकी कीमत अब ग्‍लोबल मार्केट में 108 डॉलर प्रति बैरल हो चुका है।      अमेरिका में महंगाई के मजबूत आंकड़े आए हैं, जिससे फेडरल बैंक द्वारा ब्‍याज दरों में बढ़ोतरी की उम्‍मीद और भी मजबूत हो चुकी है।       विदेशी निवेशकों ने जबरदस्‍त बिकवाली की है. 10 सितंबर को विदेशी निवेशकों ने 438 करोड़ रुपये के भारतीय शेयर बेचे. हालांकि, घरेलू निवेशकों ने 1,026 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे हैं।  इन शेयरों में भारी दबाव हिंदुस्‍तान कॉपर 4 फीसदी टूटकर 508 रुपये प्रति शेयर पर कारोबार कर रहा है. हिंदुस्‍तान जिंक के शेयरों में भी 4 फीसदी की गिरावट है. लोधा डेवलपर्स के शेयर भी 5 फीसदी टूटे हैं. कोचीन शिपयार्ड 6 फीसदी, गोदरेज प्रॉपर्टीज 6 फीसदी और एनएसीएल के शेयरों में भी 4 फीसदी की गिरावट है. डिक्‍सन टेक के शेयर भी 3 फीसदी से ज्‍यादा टूटे हैं और मुथूट फाइनेंस के शेयरों में भी करीब 4 फीसदी की गिरावट देखी जा रही है। 

अडानी के इस शेयर पर Jefferies का भरोसा, 46% उछाल का अनुमान; निवेशकों से कहा- खरीदें

मुंबई  शेयर बाजार में निवेश करते हैं, तो फिर ये खबर आपके लिए है. विदेशी ब्रोकरेज ने दुनिया के सबसे बड़े अरबपतियों की लिस्ट में शामिल गौतम अडानी की दो कंपनियों पर भरोसा जताया है और इनके शेयरों में जोरदार उछाल का अनुमान जारी किया है. ग्लोबल ब्रोकरेज फर्म जेफरेजी की फेवरेट लिस्ट में सबसे ऊपर Adani Energy Solutions  का नाम शामिल है, जिसमें 46 फीसदी की उछाल की उम्मीद जाहिर किया गया है और इसे बड़े टारगेट के साथ बाय रेटिंग देते हुए निवेशकों को खरीदने की सलाह दी है।  2060 रुपये तक जाएगा शेयर अडानी एनर्जी सॉल्यूशंस लिमिटेड (AESL) जेफरीज की लिस्ट में टॉप पर है, जिसे पहले अडानी ट्रांसमिशन लिमिटेड के नाम से जाना जाता था. ब्रोकरेज की ओर से इस अडानी स्टॉक को 'Buy Rating' दी गई है. इसके साथ ही इस शेयर को 12 महीने का नया टागरेट प्राइस भी सेट किया है, जो 2,060 रुपये है. इसका मतलब है कि Adani Energy Solutions Share अपने वर्तमान मूल्य 1,407.50 रुपये से 46% ऊपर जा सकता है।  क्यों ब्रोकरेज अडानी शेयर पर बुलिश?  गौतम अडानी के इस शेयर पर ब्रोकरेज फर्म के बुलिश होने के कारण की बात करें, तो जेफरीज ने कंपनी के साथ महाराष्ट्र स्टेट इलेक्ट्रिसिटी डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड (MSEDCL) के 25 सालों के लिए किए गए 2.5 गीगावाट 24 घंटे (RTC) बिजली आपूर्ति समझौते पर फोकस किया है. ब्रोकरेज ने कहा है कि इससे FY28 के अंत में ट्रेडिंग सेगमेंट की मात्रा बढ़कर 57% हो गई है, जबकि FY27 की पहली तिमाही के अंत में यह 20% थी. सिर्फ इतना ही नहीं, कंपनी की EBITDA प्रोफाइल और भी ज्यादा स्थिर नजर आ रही है, जिससे आने वाले समय में शेयर की परफॉर्मेंस को लेकर पॉजिटिव सिग्नल मिल रहे हैं।  इस शेयर को भी बड़ा टारगेट  जेफरीज ने न सिर्फ Adani Group के अडानी एनर्जी सॉल्यूशंस लिमिटेड पर भरोसा जताते हुए इसके शेयर को नया और बड़ा टारगेट दिया है. तो वहीं अपनी लिस्ट में एक और Adani Stock शामिल किए हैं. ये अडानी ग्रीन एनर्जी लिमिटेड (Adani Green Energy Ltd Share), जो गुरुवार को शेयर बाजार में कारोबार के दौरान 1307 रुपये पर ट्रेड कर रहा था. इस कंपनी का मार्केट कैप 2.16 लाख करोड़ रुपये है और Jefferies ने इस शेयर के लिए 1328 रुपये का टारगेट सेट करते हुए खरीदारी की सलाह दी है।  गौरतलब है कि गौतम अडानी का बिजनेस घर की रसोई से लेकर पोर्ट-एयरपोर्ट तक फैला हुआ है. उनकी 10 कंपनियां शेयर बाजार में लिस्टेड हैं. अगर संपत्ति की बात करें, तो ब्लूमबर्ग बिलेनियर्स इंडेक्स के मुताबिक, Gautam Adani Networth 112 अरब डॉलर है. खबर लिखे जाने तक बीते 24 घंटे में ही उनकी संपत्ति में 3.58 अरब डॉलर का उछाल दर्ज किया गया।   

Apple ने बढ़ाए पुराने iPhones के दाम, iPhone 17 अब ₹99,900 का; जानें नए रेट

मुंबई  कैलिफोर्निया की टेक कंपनी Apple ने iPhone 18 Pro और iPhone 18 Pro Max के साथ अपने पहले फोल्डेबल iPhone Duo को लॉन्च कर दिया है। आमतौर पर नई iPhone सीरीज आने के बाद पुराने मॉडल्स की कीमत में कटौती देखने को मिलती है, लेकिन इस बार ठीक उल्टा हुआ है। भारत में Apple ने कुछ पुराने और मौजूदा iPhone मॉडल्स की कीमतें घटाने के बजाय बढ़ा दी हैं। इसका सबसे बड़ा असर iPhone Air और iPhone 17 पर पड़ा है, जिनकी शुरुआती कीमतें तो क्रम से 30 हजार रुपये और 17 हजार रुपये तक बढ़ा दी गई हैं। इतनी बढ़ी iPhone 17 की कीमत iPhone 17 को भारत में पिछले साल 82,900 रुपये की शुरुआती कीमत पर लॉन्च किया गया था। अब इसकी शुरुआती कीमत बढ़कर 99,900 रुपये हो गई है। यानी ग्राहकों को इसी मॉडल के लिए पहले की तुलना में 17,000 रुपये ज्यादा खर्च करने होंगे। यह बदलाव ऐसे वक्त पर किया गया है जब आमतौर पर नई जेनरेशन के iPhone के लॉन्च के बाद पिछली जेनरेशन के मॉडल की कीमत कम होने की उम्मीद की जा रही थी। iPhone 16 और iPhone 17e भी महंगे सिर्फ iPhone 17 ही नहीं, Apple ने iPhone 16 और iPhone 17e की कीमतों में भी बदलाव किया है। iPhone 16 को 79,900 रुपये की शुरुआती कीमत पर लॉन्च किया गया था, जो अब बढ़कर 89,900 रुपय हो गई है। वहीं, iPhone 17e अब 64,900 रुपये के बजाय 79,900 रुपये की शुरुआती कीमत पर मिलेगा। वहीं iPhone Air की शुरुआती कीमत भी बढ़कर 1,49,900 रुपये हो गई है। जबकि इसे 1,19,900 रुपये कीमत पर लॉन्च किया गया था। यानी सीधे 30 हजार रुपये की बढ़त हुई है। रिपोर्ट्स में इस कीमत बढ़ोतरी के पीछे ग्लोबल मेमोरी चिप और कंपोनेंट लागत में बढ़त को एक बड़ी वजह बताया गया है। AI डेटा सेंटर की बढ़ती डिमांड के चलते मेमोरी चिप्स की कीमतों पर भी दबाव बना हुआ है। इतनी है iPhone 18 Pro मॉडल्स की कीमत नई iPhone 18 Pro सीरीज की बात करें तो भारत में iPhone 18 Pro की शुरुआती कीमत 1,64,900 रुपये और iPhone 18 Pro Max की शुरुआती कीमत 1,79,900 रुपये है। दोनों मॉडल्स में नया A20 Pro चिपसेट, बेहतर कैमरा, बैटरी और AI से जुड़े फीचर्स दिए गए हैं। भारत में इनके प्री-ऑर्डर 12 सितंबर से शुरू होंगे और सेल 18 सितंबर से शुरू होने की जानकारी सामने आई है। Apple ने इस बार बेस iPhone 18 को अपने सितंबर लॉन्च इवेंट में पेश नहीं किया है। कंपनी ने प्रीमियम iPhone 18 Pro और Pro Max के अलावा फोल्डेबल iPhone Duo पर ज्यादा फोकस किया। रिपोर्ट्स के मुताबिक वनीला iPhone 18 मॉडल बाद में, शायद 2027 की शुरुआत में पेश किया जा सकता है। इन ग्राहकों को लगा बड़ा झटका इस कीमत बढ़ोतरी का सीधा असर उन ग्राहकों पर पड़ेगा जो iPhone 18 Pro के लॉन्च के बाद iPhone 17 या iPhone 16 को कम कीमत में खरीदने की उम्मीद कर रहे थे। खासतौर पर फेस्टिव सीजन से पहले iPhone खरीदने की योजना बना रहे लोगों के लिए यह बदलाव निराशाजनक हो सकता है। हालांकि, ऑनलाइन रिटेलर्स और ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म पर बैंक ऑफर, एक्सचेंज बोनस और डिस्काउंट के जरिए इन मॉडल्स का इफेक्टिव प्राइस Apple की आधिकारिक कीमत से कम मिल सकता है।

Hyundai ने दिया SUV फैंस को बड़ा तोहफा, Creta से Alcazar तक के नए Lounge Edition लॉन्च

मुंबई  हुंडई ने एक साथ अपनी तीन एसयूवी का खास वेरिएंट लॉन्च किया है. कंपनी ने क्रेटा, क्रेटा इलेक्ट्रिक और अल्कजार एसयूवीज का लाउंज एडिशन लॉन्च किया है. गाड़ियों का लाउंज एडिशन इनके टॉप स्पेक्स ट्रिम पर बेस्ड है. इसके तहत इन एसयूवीज में 11.6 इंच का नया एंटरटेनमेंट स्क्रीन रियर पैसेंजर के लिए दिया गया है।   इसके अलावा कार गोल्डेन ब्रॉन्ज एक्सटीरियर कलर, सिल्वर इंसर्ट के साथ ऑल ब्लैक कैबिन और हल्के फुल्के रिवाइज्ड अपहोल्स्ट्री के साथ आती है. लाउंज एडिशन के तहत हुंडई अल्कजार 5 सीटर अवतार में भी मिलेगी. स्टैंडर्ड वेरिएंट में ये कार 6 या 7 सीटर कॉन्फिग्रेशन में आती है. आइए जानते हैं इन कारों की खास बातें।  कितनी है कीमत?  सबसे पहले बात करते हैं हुंडई क्रेटा की, तो इसके किंग 1.5 पेट्रोल सीवीटी वेरिएंट के लाउंज एडिशन की कीमत 19.22 लाख रुपये एक्स शोरूम है. ये स्टैंडर्ड वेरिएंट के मुकाबले 53 हजार रुपये महंगा. स्टैंडर्ड किंग 1.5 पेट्रोल सीवीटी वेरिएंट की कीमत 18.69 लाख रुपये एक्स शोरूम है।  वहीं क्रेटा किंग 1.5 डीजल ऑटोमेटिक लाउंज एडिशन की कीमत 20.31 लाख रुपये एक्स शोरूम है. इसका स्टैंडर्ड वेरिएंट 19.78 लाख रुपये एक्स शोरूम का है. अल्कजार सिग्नेचर 1.5 डीजल ऑटोमेटिक लाउंज एडिशन की कीमत 21.81 लाख रुपये एक्स शोरूम है. जबकि क्रेटा इलेक्ट्रिक एक्सीलेंस एलआर लाउंज एडिशन 24.34 लाख रुपये की एक्स शोरूम कीमत पर आता है।  क्या मिलेगा नया?  फीचर की बात करें, तो क्रेटा, क्रेटा इलेक्ट्रिक और अल्कजार लाउंज एडिशन में 11.6 इंच का रियर सीट एंटरटेनमेंट स्क्रीन मिलेगी, जो ओटीटी ऐप्स, फोन मिररिंग और गेमिंग सपोर्ट के साथ आती है. इस सिस्टम पर अलग से ऐप स्टोर दिया गया है, जहां से आप मल्टीपल ऐप्स को डाउनलोड कर सकते हैं।  इसके अलावा लाउंज एडिशन में वॉइट एंबिएंट लाइटिंग मिलती है. इस एडिशन के तहत कंपनी ने गोल्डेन ब्राउंज एक्सटीरियर कलर थीम दी है. तीनों ही कारें इस कलर में मिलेंगी. इसके अलावा ब्लैक एलॉय मिलेंगे. हालांकि, एलॉय के साइज में कोई बदलाव नहीं किया गया है. कार के इंटीरियर में भी ब्लैक थीम मिलेगी, जो सिल्वर एसेंट के साथ आएगी। 

₹2.99 लाख में आया Apple का पहला फोल्डेबल फोन iPhone Duo, 7.6 इंच डिस्प्ले समेत मिलेंगे ये फीचर्स

नई दिल्ली  अमेरिका की टेक्नोलॉजी कंपनी एप्पल ने 'आईफोन डुओ' लॉन्च करके फोल्डेबल स्मार्टफोन मार्केट में एंट्री कर दी और भारत में इसकी कीमत 2,99,900 रुपए निर्धारित की गई है। इसके जरिए कंपनी का मकसद अपने प्रीमियम आईफोन इकोसिस्टम के साथ बड़ी डिस्प्ले देना और ऐसे यूजर्स को आकर्षित करना है जो कंटेंट देखने, मल्टीटास्किंग करने और कुछ नया बनाने के लिए नए तरीके तलाश रहे हैं। 23 अक्टूबर से उपलब्ध होने वाले इस डिवाइस में 7.6-इंच की इनर डिस्प्ले और 5.4-इंच की आउटर डिस्प्ले दी गई है। इसके अलावा, दोनों स्क्रीन का आस्पेक्ट रेश्यो एक जैसा है, जिससे कंटेंट को दोनों के बीच सही अनुपात में एडजस्ट किया जा सकता है। कंपनी के अनुसार, अंदर वाली डिस्प्ले में नैनो-टेक्सचर फिनिश है, जो चमक को कम करती है और क्रीज को कम दिखने देती है। साथ ही, आईफोन डुओ में एप्पल की ए20 प्रो चिप लगी है और इसमें एडवांस्ड थर्मल मैनेजमेंट सिस्टम, डुअल-बैटरी आर्किटेक्चर और नया कैमरा सिस्टम भी शामिल है। हालांकि, कंपनी का दावा है कि इनर डिस्प्ले पर 31 घंटे तक और आउटर डिस्प्ले पर 44 घंटे तक वीडियो प्लेबैक किया जा सकता है। इस डिवाइस में फोल्डेबल के लिए खास कैमरा अनुभव भी दिए गए हैं, जैसे स्मार्ट टेक, डुओ प्रीव्यू और डुओ फेसटाइम। वहीं, आईओएस 27 में स्प्लिट व्यू और ऐप्स के पेयर को सेव करने जैसे मल्टीटास्किंग फीचर्स जोड़े गए हैं। एप्पल के सीईओ जॉन टर्नस ने कहा, "आईफोन डुओ, ओरिजिनल आईफोन के बाद से आईफोन में सबसे बड़ा बदलाव है। पूरी तरह से नए डिजाइन और आसान अनुभव के साथ, यह दिखाता है कि जब हार्डवेयर और सॉफ्टवेयर को एक साथ बनाया जाता है तो क्या-क्या मुमकिन है। साथ ही, यह फोल्डेबल फोन के इस्तेमाल के तरीके को भी नए सिरे से परिभाषित करता है।" साइबरमीडिया रिसर्च (सीएमआर) के इंडस्ट्री इंटेलिजेंस ग्रुप के प्रमुख प्रभु राम ने कहा कि इस डिवाइस से शॉर्ट-टर्म में ज्यादा बिक्री होने के बजाय, प्रो सीरीज से ऊपर एक 'अल्ट्रा-प्रीमियम' कैटेगरी बनने की संभावना है। उन्होंने कहा कि यूएस की कीमत के मुकाबले भारत में ज्यादा कीमत की वजह मेमोरी की लागत में बढ़ोतरी, रुपए की गिरती कीमत, कस्टम ड्यूटी, लोकल टैक्स स्ट्रक्चर और चैनल मार्जिन है। उन्होंने कहा, "हालांकि शॉर्ट-टर्म में शिपमेंट कम रहेगी और सप्लाई की दिक्कतें होंगी, लेकिन डुओ, प्रो मैक्स के मौजूदा यूजर्स को अपनी ओर खींचने के लिए अच्छी स्थिति में है।" आईफोन डुओ 'स्टार व्हाइट' और 'नाइट स्काई' रंगों में उपलब्ध होगा और इसमें 256जीबी से लेकर 2टीबी तक के स्टोरेज ऑप्शन होंगे। प्री-ऑर्डर 16 अक्टूबर से शुरू होंगे।

1705KM की धांसू रेंज और लग्जरी इंटीरियर! Xiaomi ने लॉन्च की 7-सीटर SkyNomad SUV, फीचर्स कर देंगे हैरान

नई दिल्ली शाओमी (Xiaomi) का जब भी नाम आता है, तो हममें से ज्यादातर लोगों के जेहन में किसी फोन की तस्वीर आती है. मगर ये कंपनी सिर्फ फोन नहीं बल्कि कई दूसरे प्रोडक्ट्स भी बेचती है. ऐसा ही एक सेगमेंट शाओमी कार्स का है. शाओमी चीनी बाजार में कई कारें बेचती हैं. हाल में ही कंपनी ने अपने स्काईनोमाड प्रोडक्ट को इंट्रोड्यूस किया है।  कंपनी ने आधिकारिक रूप से अपनी स्काईनोमाड (Xiaomi SkyNomad) सीरीज को लॉन्च किया है. इस रेंज में चार मॉडल्स एक्सटेंडेड रेंज इलेक्ट्रिक व्हीकल कैटेगरी के है. इसमें स्काईनोमाड एन70 (N70) और एन90 (N90) नेमप्लेट के तहत चार कॉन्फिग्रेशन आते हैं।  कंपनी ने एन70 प्रो, एन70 मैक्स, एन90 मैक्स और एन90 मैक्स स्टूडियो को लॉन्च किया है. बता दें कि शाओमी स्काईनोमाड की एन70 एक 5-सीटर कार है, जबकि एन90 एक 7 सीटर एसयूवी है. आइए जानते हैं इनकी खास बातें।  बैटरी, इंजन और रेंज  इन दोनों एसयूवी की खासियत इनका रेंज एक्सटेंडर अवतार है. सबसे पहले बात करते हैं एन70 प्रो की, जो एक फ्रंट व्हील ड्राइव कॉन्फिग्रेशन मॉडल है. इस कार में 52kWh की बैटरी मिलती है, जिसकी क्लेम्ड इलेक्ट्रिक रेंज 351 किलोमीटर है. वहीं इंजन और इलेक्ट्रिक अवतार की कंबाइन्ड रेंज 1351 किलोमीटर है।  इसका एन70 मैक्स अवतार डुअल मोटर के साथ आता है. ऑल व्हील ड्राइव वाली इस कार में 76kWh की बैटरी मिलती है, जिसकी इलेक्ट्रिक अवतार में क्लेम्ड रेंज 505 किलोमीटर है. वहीं इसकी कंबाइन्ड रेंज (इलेक्ट्रिक + पेट्रोल) 1461 किलोमीटर है।  N90 में क्या कुछ मिलेगा Xiaomi SkyNomad N90 Max की बात करें, तो इसमें डुअल मोटर के साथ ऑल-व्हील ड्राइव फीचर मिलता है. ये कार 76kWh की बैटरी के साथ आता है, जो क्लेम्ड इलेक्ट्रिक रेंज 464KM है. वहीं पेट्रोल और इलेक्ट्रिक की कंबाइन्ड क्लेम्ड रेंज 1705 किलोमीटर है. एसयूवी की टॉप स्पीड 190 किलोमीटर प्रति घंटे की है।   कार के मैक्स स्टूडियो वेरिएंट में इलेक्ट्रिक पॉप-अप रूफ मॉड्यूल मिलता है, जो कार की ऊंचाई को बढ़ाकर 2294 एमएम तक पहुंचा देता है. कार की दूसरी रो में मिलने वाली सीट्स को 30 सेकंड में बेड में बदला जा सकता है. ये पूरा मैकेनिज्म इलेक्ट्रिकली काम करता है. इसमें फैक्टरी फिटेड अंडरफ्लोर हीटिंग, वुड ग्रेन ऐलुमिनियम फ्लोरिंग और 30 इंच की प्रोजेक्शन स्क्रीन मिलती है।  स्काईनोमाड एन90 मैक्स की लंबाई 5.285 मीटर, चौड़ाई 1.998 मीटर और व्हीलबेस 3.080 मीटर है. ये कार 2 + 2+ 3 सीटिंग कॉन्फिग्रेशन में आती है. वहीं SkyNomad N70 की बात करें, तो इसकी लंबाई 4.96 मीटर, चौड़ाई 1.998 मीटर और व्हीलबेस 2.950 मीटर है। 

Skoda-Volkswagen को मिला भारत में नया पार्टनर? JSW के साथ डील की तैयारी, बदल सकती है कंपनी की रणनीति

नई दिल्ली स्कोडा फॉक्सवैगन ग्रुप भारतीय बाजार में लंबे समय से एक पार्टनर की तलाश में है. कंपनी का नाम कई भारतीय ऑटोमोबाइल कंपनियों के साथ जुड़ चुका है, लेकिन लंबे समय से चर्चा है कि जेएसडब्लू ग्रुप के साथ कंपनी साझेदारी कर सकती है. अब इस मामले में बड़ी जानकारी सामने आई है. रिपोर्ट्स की मानें, तो स्कोडा ऑटो (इंटरनेशनल) और जेएसडब्लू ग्रिन मोबिलिटी ने एक नॉन-बाइंडिंग एमओयू साइन किया है।  इस एमओयू का मकसद भारतीय बाजार में एक स्ट्रैटेजिक जॉइंट वेंचर सेटअप करना है. इस प्रपोज्ड वेंचर में चेक कारमेकर की इंजीनियरिंग और प्रोडक्ट कैपेबिलिटी को जेएसडब्लू ग्रुप की मैन्युफैक्चरिंग स्केल के साथ जोड़ने की संभावनाएं तलाशी जाएंगी. नॉन-बाइंडिंग एमओयू के तहत दोनों कंपनियों के ऊपर फैसला लेने के लिए कोई कानूनी दबाव नहीं होता है।  क्या है कंपनी की तैयारी? ये जॉइंट वेंचर भारत के लिए कार डेवलप करने, मैन्युफैक्चरिंग और बेचने पर फोकस करने के साथ और विदेशों में एक्सपोर्ट भी करेगा. इस पार्टनरशिप के तहत कंपनी तमाम पावरट्रेन की गाड़ियां तैयार करेगी. इसमें इंटरनल कंबशन इंजन, प्लगइन हाइब्रिड, इलेक्ट्रिक और हाइब्रिड कारें शामिल होंगी।  जेएसडब्लू के स्पोक्सपर्सन ने बताया, 'फिलहाल ये एमओयू संभावनाओं को तलाशने और नॉन-बाइंडिंग है. दोनों कंपनियां बातचीत की शुरुआत में हैं और इस मामले में अभी कोई अंतिम फैसला नहीं लिया गया है.' अगर ये पार्टनरशिप होती है, तो ऑटो सेक्टर में ये जेएसडब्लू का तीसरा वर्टिकल होगा।  ऑटो सेक्टर में JSW की तैयारी कंपनी एमजी मोटर के साथ मिलकर काम कर रही है. साथ ही जेएसडब्लू अपना एक अलग ब्रांड खड़ा करने में लगी हुई है, जिसके तहत हमें आने वाले दिनों में कुछ कारें देखने को मिल सकती हैं. ऑटोकार प्रोफेशनल की रिपोर्ट के मुताबिक, स्कोडा स्पोक्सपर्सन ने बताया कि दोनों पार्टिज की पार्टनरशिप जॉइंट कंट्रोल पर बेस्ड होगी।   उन्होंने बताया, 'डीप लोकलाइजेशन और प्लेटफॉर्म सिनर्जी का मकसद भारतीय बाजार में कंपटीटिव प्रोडक्ट्स लाना, स्केल को बढ़ाना और प्रॉफिट को बेहतर करना है.' इस पार्टनरशिप के तहत कंपनी अपने पोर्टफोलियो में नए प्रोडक्ट्स को जोड़ेगा, जिनमें लोकलाइजेशन पर जोर होगा।