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EU ने तीन भारतीय कंपनियों पर लिया एक्शन, ट्रंप के बाद बढ़ी नजर — रूसी सेना से लिंक बताया गया

नई दिल्ली पहले अमेरिका ने रूस की दो दिग्गज तेल कंपनियों पर प्रतिबंध लगाया. अब यूरोपियन यूनियन ने रूस पर आर्थिक दबाव डालने के मकसद से भारत की तीन कंपनियों को प्रतिबंधित कर दिया है. यूरोपियन यूनियन ने इन तीन भारतीय कंपनियों पर कथित रूप से रूसी सेना से संबंध रखने का आरोप लगाया है.  रूसी सेना के साथ कथित संबंधों के लिए गुरुवार को यूरोपियन यूनियन ने दुनिया भर की 45 संस्थाओं को बैन किया था. इसमें तीन भारतीय कंपनियां भी शामिल थीं.  यूरोपीय संघ ने प्रतिबंधों के अपने 19वें पैकेज के तहत इन कंपनियों के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई की है. ये प्रतिबंध यूक्रेन पर रूस के आक्रमण के खिलाफ उस पर आर्थिक दबाव बनाने के प्रयासों का हिस्सा है. जिन तीन कंपनियों को प्रतिबंधित किया गया है. उनमें Aerotrust Aviation Private Limited, Ascend Aviation India Private Limited और Shree Enterprises शामिल है.  एरोट्रस्ट विमानन क्षेत्र से जुड़ी कंपनी है. इस कंपनी पर रूसी सेना को तकनीकी सहायता प्रदान करने का आरोप है.  दूसरी कंपनी Ascend Aviation विमानन क्षेत्र की कंपनी है. यूरोपियन यूनियन का दावा है कि इस कंपनी ने निर्यात प्रतिबंधों का उल्लंघन किया है. तीसरी कंपनी सामान्य व्यापारिक इकाई है. ईयू के अनुसार इस कंपनी पर रूसी सेना के साथ रिश्ते हैं. यूरोपीय संघ की कार्रवाई पर भारतीय अधिकारियों की ओर से तत्काल कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है.  यूरोपीय संघ की एक विज्ञप्ति में कहा गया है कि यूरोपीय परिषद ने 45 नई संस्थाओं की पहचान की है जो "कंप्यूटर न्यूमेरिकल कंट्रोल (सीएनसी) मशीन टूल्स, माइक्रोइलेक्ट्रॉनिक्स, मानवरहित हवाई वाहनों (यूएवी) और अन्य उन्नत प्रौद्योगिकी वस्तुओं पर निर्यात प्रतिबंधों को दरकिनार करके" रूस के सैन्य और मिलिट्री इंडस्ट्री को "सीधे समर्थन" दे रही हैं.  इसमें कहा गया है कि इन संस्थाओं पर दोहरे उपयोग वाली वस्तुओं के साथ-साथ उन वस्तुओं के निर्यात पर कड़े प्रतिबंध लागू होंगे जो आम तौर पर रूस के रक्षा क्षेत्र के तकनीकी विकास में योगदान दे सकती हैं. यूरोपियन यूनियन ने कहा है कि इन 45 में से 17 कंपनियां ऐसी हैं जो रूस में नहीं हैं. इन 17 में 12 चीन-हॉन्गकॉन्ग की हैं, 3 भारत की हैं और 2 थाईलैंड की हैं. यूरोपियन यूनियन ने चीन की जिन 12 कंपनियों को प्रतिबंधित किया है उन पर कथित रूप से रूसी सैना को तेल, रसायनों और दोहरी उपयोग वाली वस्तुओं की आपूर्ति करके प्रतिबंधों का उल्लंघन करने का आरोप है. यूरोपियन यूनियन का मुख्य फोकस रूसी तेल की खरीद और परिवहन पर है, जो रूस की युद्ध अर्थव्यवस्था को मजबूत कर रही हैं. यूरोपियन यूनियन इस फैक्टर को कमजोर करना चाहता है. इन प्रतिबंधों में संपत्ति जमाबंदी, वित्तीय लेनदेन पर रोक और यात्रा प्रतिबंध शामिल हैं.

अब अपने बैंक अकाउंट में 4 नॉमिनी जोड़ें! 1 नवंबर से शुरू होगा नया नियम

नई दिल्ली  अगले महीने से बैंक ग्राहक अपने खाते में अधिकतम चार नॉमिनी का विकल्प चुन सकेंगे। इसका उद्देश्य बैंकिंग प्रणाली में दावों के निपटान में एकरूपता और दक्षता सुनिश्चित करना है। वित्त मंत्रालय ने गुरुवार को जारी बयान में बताया कि यह सुविधा 1 नवंबर 2025 से लागू होगी। यह बदलाव बैंकिंग कानून (संशोधन) अधिनियम 2025 के तहत किया गया है, जिसे 15 अप्रैल 2025 को अधिसूचित किया गया था। इस अधिनियम में 19 संशोधन किए गए हैं, जो भारतीय रिजर्व बैंक अधिनियम 1934, बैंकिंग विनियमन अधिनियम 1949, भारतीय स्टेट बैंक अधिनियम 1955 और बैंकिंग कंपनियां अधिनियम 1970 एवं 1980 में लागू होते हैं। ग्राहकों को कैसे मिलेगा लाभ संशोधन के अनुसार ग्राहक एक साथ या क्रमिक रूप से अधिकतम चार लोगों को नामांकित कर सकते हैं। इससे जमाकर्ताओं और उनके नामांकित व्यक्तियों के लिए दावा निपटान सरल और पारदर्शी हो जाएगा। ग्राहक अपनी पसंद के अनुसार एक साथ या क्रमिक नामांकन का विकल्प चुन सकते हैं। सुरक्षित अभिरक्षा में रखी वस्तुओं और लॉकर के लिए केवल क्रमिक नामांकन की अनुमति होगी। नामांकित व्यक्ति और हिस्सेदारी संशोधित नियमों में कहा गया है कि जमाकर्ता प्रत्येक नामांकित व्यक्ति के लिए हिस्सेदारी या पात्रता का प्रतिशत निर्दिष्ट कर सकते हैं। इससे कुल राशि 100 प्रतिशत सभी नामित व्यक्तियों के बीच स्पष्ट और पारदर्शी तरीके से वितरित होगी। उत्तराधिकार और दावा निपटान नामांकित व्यक्ति केवल पहले नामित व्यक्ति की मृत्यु के बाद हकदार होगा। यह व्यवस्था निपटान में निरंतरता और उत्तराधिकार की स्पष्टता सुनिश्चित करती है। वित्त मंत्रालय ने कहा कि इस प्रावधान से जमाकर्ताओं को अपनी पसंद के अनुसार नामांकन करने की सुविधा मिलेगी और बैंकिंग प्रणाली में पारदर्शिता, दक्षता और एकरूपता बनी रहेगी। बैंकिंग कंपनी (नामांकन) नियम 2025 के तहत एक से अधिक नामांकन करने, रद्द करने या निर्दिष्ट करने की प्रक्रिया और प्रपत्रों का विवरण सभी बैंकों में लागू होगा। सरकार ने पहले 1 अगस्त 2025 को कुछ प्रावधान लागू किए थे, जिनमें धारा 3, 4, 5, 15-20 शामिल थे।   उद्देश्य और लाभ बैंकिंग कानून (संशोधन) अधिनियम 2025 का उद्देश्य बैंकिंग क्षेत्र में प्रशासन मानकों को मजबूत करना, आरबीआई को रिपोर्टिंग में एकरूपता सुनिश्चित करना, जमाकर्ता और निवेशक संरक्षण बढ़ाना, सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों में लेखा परीक्षा की गुणवत्ता सुधारना और बेहतर नामांकन सुविधाओं के माध्यम से ग्राहक सुविधा बढ़ाना है। इसके अलावा, सहकारी बैंकों में अध्यक्ष और निदेशकों के कार्यकाल को युक्तिसंगत बनाने का भी प्रावधान किया गया है।  

कमाई और खर्च का पूरा हिसाब होगा आसान, जानें सरकार की खास योजना

नई दिल्ली भारत की आर्थिक तस्वीर अगले साल से एक बड़े बदलाव से गुजरने वाली है। केंद्र सरकार ने इसकी तैयारी शुरू कर दी है, जिसके तहत लोगों की कमाई और खर्च को अब बिल्कुल नए तरीके से मापा जाएगा। इस बड़े बदलाव का मकसद सकल घरेलू उत्पाद (GDP), महंगाई (CPI) और औद्योगिक उत्पादन (IIP) जैसे प्रमुख आर्थिक आंकड़ों को अपडेट करना है, ताकि ये आज के समय की असली आर्थिक स्थिति को दिखा सकें। सबसे खास बात यह है कि अब तेजी से बढ़ते सर्विस सेक्टर को ट्रैक करने के लिए एक नया इंडेक्स भी जारी किया जाएगा। बेस ईयर में बदलाव वर्तमान में, भारत के सभी आर्थिक आंकड़े 2011-12 के बेस ईयर यानी उस समय की कीमतों पर आधारित होते हैं। लेकिन 2011-12 से अब तक लोगों के खर्च करने की आदतों में जमीन-आसमान का अंतर आ गया है। उस समय जहाँ खाने-पीने पर ज्यादा खर्च होता था, वहीं अब स्मार्टफोन, इंटरनेट और डिजिटल सेवाओं जैसे खर्च हमारी जिंदगी का बड़ा हिस्सा बन चुके हैं। इसलिए, सरकार ने Base Year को अपडेट करने का फैसला किया है ताकि नए आंकड़े सही और वास्तविक स्थिति को दर्शा सकें। GDP के नए आंकड़े: GDP की गणना के लिए अब 2022-23 की कीमतों को Base Year बनाया जाएगा, जिसके नए आंकड़े 27 फरवरी 2026 को जारी होंगे। इससे पहले, 7 जनवरी को आने वाले बजट अनुमान अभी पुराने बेस ईयर पर ही आधारित रहेंगे। महंगाई के आंकड़े: उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CPI) यानी महंगाई के नए आंकड़े भी फरवरी 2026 में आएंगे, जो 2023-24 के दामों को ध्यान में रखेंगे। अर्थव्यवस्था को मिलेगी नई दिशा भारतीय अर्थव्यवस्था में सर्विस सेक्टर की भूमिका सबसे बड़ी है, लेकिन अब तक इसे अलग से मापने का कोई प्रभावी तरीका नहीं था। इस बड़े सुधार के तहत, पहली बार नया सर्विस सेक्टर इंडेक्स आएगा। यह इंडेक्स विशेष रूप से डिजिटल, लॉजिस्टिक्स और अन्य तेजी से बढ़ते क्षेत्रों की प्रगति को ट्रैक करेगा। यह कदम इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि यह सेक्टर देश के आर्थिक विकास का एक विशाल हिस्सा बन चुका है। महंगाई मापन (CPI) और खर्च के आंकड़ों में बड़ा सुधार सरकार केवल GDP तक ही सीमित नहीं है, बल्कि आम आदमी की जेब से जुड़ी महंगाई (CPI) को मापने के तरीके में भी सुधार कर रही है। महंगाई को मापने वाले उपभोक्ता मूल्य सूचकांक में अब कीमतों और वस्तुओं के 'वजन' (Weightage) को बदला जाएगा। सबसे बड़ा बदलाव यह है कि पब्लिक डिस्ट्रीब्यूशन सिस्टम (PDS) से मिलने वाले अनाज पर होने वाले खर्च को भी अब आंकड़ों में सही तरीके से शामिल किया जाएगा। इससे महंगाई का असली असर और आम नागरिक पर पड़ने वाले बोझ को और बेहतर तरीके से समझा जा सकेगा। नीति निर्माण होगा बेहतर इन सभी बड़े बदलावों से सरकार को देश की आर्थिक स्थिति का सबसे सटीक और अपडेटेड आंकड़ा मिलेगा। जब महंगाई और GDP के आंकड़े वास्तविक और सटीक होंगे, तो सरकार बेहतर और प्रभावी आर्थिक नीतियां बना सकेगी। इन नीतियों का सीधा लाभ आम आदमी को मिलेगा, जिससे उनकी रोजमर्रा की जिंदगी बेहतर होगी और देश के विकास को नई गति मिलेगी।  

जीएसटी 2.0 के प्रभाव से कार बिक्री में तेजी, 7 लाख यूनिट्स तक पहुंची बिक्री, Maruti Suzuki ने लगाया नया मुकाम

नईदिल्ली   केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने  कहा कि 22 सितंबर से लागू हुए जीएसटी सुधारों से घरेलू ऑटोमोबाइल इंडस्ट्री को काफी फायदा हुआ है और गाड़ियों की बिक्री दोगुनी होकर 7 लाख यूनिट्स तक पहुंच गई है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में केंद्रीय वित्त मंत्री ने कहा कि बाजार के जानकारों का कहना है कि 22 सितंबर से जीएसटी लागू होने के बाद से दीपावली तक पूरी वाहन इंडस्ट्री की रिटेल बिक्री 6,50,000 से 7,00,000 यूनिट्स के बीच रही है। उन्होंने एक मीडिया आर्टिकल को पोस्ट करते हुए लिखा, एक महीने पहले लागू हुए जीएसटी 2.0 से ऑटो इंडस्ट्री को काफी बढ़ावा मिला है और कारों की बिक्री दोगुनी से भी अधिक होकर 6,50,000 से 7,00,000 यूनिट्स तक पहुंच गई है। वित्त मंत्री ने कहा कि दीपावली की खरीदारी के दौरान ई-कॉमर्स और क्विक-कॉमर्स प्लेटफार्मों पर भी मांग में तेज वृद्धि दर्ज की गई। इसमें प्रीमियम उत्पादों और इंस्टेंट डिलीवरी सर्विसेज ने ग्रोथ को बढ़ाने का काम किया। त्योहारी खर्च बड़े शहरों से आगे छोटे शहरों में भी दिखाई दिया। जीएसटी में कटौती और त्योहारी मांग के कारण कंपनियों ने बिक्री के रिकॉर्ड आंकड़े पेश किए हैं। टाटा मोटर्स ने कहा कि उसने नवरात्रि से लेकर दीपावली तक के 30 दिनों के दौरान एक लाख से अधिक गाड़ियों की डिलीवरी दी है। इस दौरान कंपनी की बिक्री में सालाना आधार पर 30 प्रतिशत का इजाफा देखने को मिला है। फेस्टिव सीजन में बेच डाली 4.50 लाख कारें; विदेश में भी बढ़ी डिमांड नवरात्रि से लेकर दिवाली तक ऑटोमोबाइल कंपनियों ने बिक्री में रिकॉर्ड वृद्धि दर्ज की, जिसमें देश की सबसे बड़ी कार निर्माता मारुति सुजुकी (Maruti Suzuki) ने सबसे आगे रहकर झंडा गाड़ दिया। मारुति सुजुकी ने इस फेस्टिव सीजन में कुल 3.25 लाख वाहनों की रिटेल बिक्री (Retail Sales) की और लगभग 4.50 लाख गाड़ियों की बुकिंग दर्ज की। इन आंकड़ों ने साबित कर दिया कि भारतीय ग्राहक नई गाड़ी खरीदने के लिए किस कदर उत्सुक थे। कार बिक्री में इस ऐतिहासिक वृद्धि के पीछे दो प्रमुख कारक थे, जिन्होंने एक आदर्श माहौल बनाया। जीएसटी 2.0 सुधारों के तहत कारों पर टैक्स दरों में कमी आने से कई लोकप्रिय मॉडलों की कीमतें घट गईं। इससे जो ग्राहक पहले खरीदी टाल रहे थे, उत्साह के साथ शोरूम पहुंचे और जमकर खरीदारी की। कंपनियों और बैंकों द्वारा दिए गए आकर्षक लोन और फाइनेंस विकल्पों ने भी खरीदारों के लिए कार खरीदना आसान बना दिया। अनुमान बताते हैं कि नवरात्रि से दिवाली के बीच बिक्री में पिछले साल की तुलना में 15 से 35 प्रतिशत तक की तेज उछाल आई है। एसयूवी (SUV) और इलेक्ट्रिक वाहनों (EVs) की डिमांड खास तौर पर जोरदार रही। कंपनी रिटेल बिक्री (Navratri-Diwali) सालाना वृद्धि (YoY) खास बात मारुति सुजुकी 3.25 लाख यूनिट्स 50% से अधिक 4.50 लाख बुकिंग का रिकॉर्ड। टाटा मोटर्स 1 लाख यूनिट से ज्यादा ~33% अकेले धनतेरस पर रिकॉर्ड डिलीवरी। हुंडई लगभग 75,000 यूनिट ~30% डेली डिलीवरी औसतन 2,500 यूनिट। टाटा मोटर्स के लिए यह सीजन अभूतपूर्व रहा। कंपनी ने 1 लाख से ज्यादा गाड़ियों की डिलीवरी दी, जिसमें से एसयूवी ने मुख्य भूमिका निभाई। नेक्सन (Nexon): 38,000 यूनिट्स से अधिक बिकी, जिसमें 73% YoY वृद्धि हुई। पंच (Punch): लगभग 32,000 यूनिट्स बिकी, 29% YoY वृद्धि दर्ज की गई। इलेक्ट्रिक वाहन (EVs): टाटा के ईवी पोर्टफोलियो ने 10,000 से ज्यादा डिलीवरी दी, जो दिखाता है कि भारतीय बाजार में इलेक्ट्रिक कारों के प्रति आकर्षण बढ़ रहा है। सिर्फ धनतेरस के एक दिन में 51,000 से ज्यादा गाड़ियों ने नए मालिकों का घर सजाया, जो एक दिन की बिक्री का नया रिकॉर्ड है। बेशक कुछ विशेषज्ञों का मानना है कि यह वृद्धि केवल 'पुल-फॉरवर्ड डिमांड' (यानी जिन ग्राहकों ने पहले खरीदना टाल दिया था, उन्होंने अब ख़रीदा है) का परिणाम हो सकती है, लेकिन यह आंकड़े बाजार के लिए एक बड़ा सकारात्मक संकेत है। इस बड़ी बिक्री ने ऑटोमोबाइल कंपनियों को वित्त वर्ष के शेष महीनों के लिए एक मजबूत आधार प्रदान किया है। इस 'फेस्टिव बोनांजा' में सिर्फ मारुति ही नहीं, बल्कि अन्य बड़ी कंपनियों ने भी शानदार प्रदर्शन किया है। मारुति सुजुकी की भी पॉजिशन मजबूत रही है और कंपनी ने मार्केट लीडर का खिताब बनाए रखा है। इंडस्ट्री बॉडी कन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) के मुताबिक, जीएसटी दरों में कटौती और स्थानीय या स्वदेशी उत्पादों की जोरदार मांग के चलते, 2025 में दीपावली की बिक्री रिकॉर्ड 6.05 लाख करोड़ रुपए तक पहुंच गई है। दीपावली पर व्यापार में आई तेजी से लॉजिस्टिक्स, परिवहन, खुदरा सहायता, पैकेजिंग और डिलीवरी जैसे क्षेत्रों में लगभग 50 लाख लोगों के लिए अस्थायी रोजगार पैदा होने का अनुमान है।

RBI का नया फैसला: ATM से पैसे निकालना अब हो सकता है मुश्किल

पंजाब  ATM यूजर्स के लिए बेहद ही खास खबर सामने आई है। जानकारी के मुताबिक, भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने ATM लेन-देन से जुड़े नए नियम लागू कर दिए हैं, जिनका सीधा असर अब आम ग्राहकों की जेब पर पड़ेगा। जारी हुए नए नियमों में मुफ्त लेन-देन की सीमा, अतिरिक्त शुल्क और नकदी निकालने व जमा करवाने से जुड़े नियम शामिल हैं। RBI के ये नए नियम डिजिटल भुगतान को बढ़ावा देने और बड़े नकद लेन-देन पर निगरानी रखने के उद्देश्य से लागू किए गए। नए नियम:  मेट्रो और नॉन-मेट्रो शहरों के लिए नई सीमाएं मेट्रो शहरों में: हर महीने 3 मुफ्त ATM लेन-देन नॉन-मेट्रो शहरों में: हर महीने 5 मुफ्त ATM लेन-देन इन सीमाओं में कैश निकासी के साथ-साथ बैलेंस चेक और अन्य गैर-वित्तीय लेन-देन भी शामिल लेन-देन पर लगेंगे चार्ज वित्तीय लेन-देन : प्रति लेन-देन 23 रुपए तक शुल्क (GST सहित) गैर-वित्तीय लेन-देन (बैलेंस चेक आदि): 11 रुपए तक शुल्क अब PAN व आधार जरूरी RBI ने काले धन पर रोक लगाने और वित्तीय पारदर्शिता बढ़ाने के लिए नकदी लेन-देन से जुड़े नियम सख्त कर दिए हैं। यदि कोई व्यक्ति एक वित्तीय वर्ष में 20 लाख रुपए या उससे अधिक की नकदी जमा या निकासी करता है, तो उसे PAN नंबर और आधार कार्ड देना अनिवार्य होगा।   ऐसे करें बचाव: ATM का उपयोग सोच-समझकर करें। केवल जरूरत पड़ने पर ही कैश निकालें बैलेंस चेक या मिनी स्टेटमेंट के लिए नेट बैंकिंग या मोबाइल ऐप का उपयोग करें। बार-बार छोटी रकम निकालने से बचें ताकि अतिरिक्त शुल्क न लगे।

₹2770 करोड़ का बड़ा सौदा! डिफेंस कंपनी के शेयर में 5% तेजी

मुंबई  शेयर बाजार में गुरुवार को दिन डिफेंस कंपनी भारत फोर्ज लिमिटेड (Bharat Forge Ltd) के लिए शानदार रहा है। कंपनी के शेयरों की कीमतों में आज 5 प्रतिशत की तेजी देखने को मिली है। इस उछाल के पीछे की वजह कंपनी को मिला 2770 करोड़ रुपये का काम है। रिपोर्ट्स के अनुसार भारत फोर्ज लिमिटेड को इंडियन आर्मी से बड़ा वर्क ऑर्डर हाथ लगा है। भारत फोर्ज को यह काम पीएलआर सिस्टम्स के साथ पार्टनरशिप में मिला है। बता दें, पीएलआर सिस्टम्स, अडानी डिफेंस और इजरायल वेपन इंडस्ट्रीज़ के साथ साझेदारी में मिला है। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार इन दोनों कंपनियों को मिलकर 4.25 लाख सीक्यूबी कारबाइंस की सप्लाई करनी है। बता दें, यह कॉन्ट्रैक्ट इंडियन आर्मी के आधुनिकीकरण से जुड़ा माना जा रहा है। सितंबर 2026 से कारबाइन, रायफल की जगह ले लेगा। पिछले हफ्ते कंपनी से जुड़ी आई थी बड़ी खबर बीते सप्ताह भारत फोर्ज लिमिटेड ने दी जानकारी में कहा था कि Rolls-Royce के साथ पार्टनरशिप को आगे बढ़ाया गया है। दोनों कंपनियों की साझेदारी की शुरुआत 2020 में हुई थी। शेयर बाजार में इस डिफेंस कंपनी के लिए कैसा रहा साल? भारत फोर्ज लिमिटेड के शेयर बीएसई में गुरुवार को 1265 रुपये के लेवल पर खुला था। यह डिफेंस स्टॉक दिन में 5 प्रतिशत से अधिक की तेजी के साथ 1311 रुपये के इंट्रा-डे हाई पर पहुंच गया। बीते 6 महीने के दौरान कंपनी के शेयरों की कीमतों में करीब 15 प्रतिशत की तेजी आई है। हालांकि, एक साल में पोजीशनल निवेशकों को 7 प्रतिशत से अधिक का नुकसान हो चुका है। जबकि इस दौरान सेंसेक्स इंडेक्स में 6 प्रतिशत की तेजी आई है। 5 साल में भारत फोर्ज लिमिटेड के शेयरों का भाव 162 प्रतिशत चढ़ा है। (यह निवेश की सलाह नहीं है। शेयर बाजार जोखिमों के अधीन है। किसी भी निवेश से पहले एक्सपर्ट्स की सलाह जरूर लें।)  

2026 Triumph Scrambler 1200 समेत Bonneville रेंज में नए अपडेट्स की झलक

मुंबई  प्रीमियम बाइक निर्माता कंपनी Triumph Motorcycle ने कुछ समय पहले ही अपने 29 नए और अपडेटेड मॉडल पेश करने की योजना के बारे में जानकारी दी थी. अब ब्रिटिश कार निर्माता कंपनी ने अपनी बाइक्स को लॉन्च करना शुरू कर दिया है. इसकी शुरुआत कंपनी ने अपने Bonneville और Scrambler लाइनअप को अपडेट करने से की है. मौजूदा समय में Triumph Bonneville और Scrambler रेंज में Bobber, Speedmaster, T100, T120, और T120 Black और Scrambler 900, Scrambler 1200 XE शामिल हैं. कंपनी ने इन सभी बाइक्स को अपडेट कर दिया है, हालांकि ये पूरी तरह से ओवरहाल नहीं हैं, लेकिन ये बदलाव लाइनअप को नया बनाए रखने के लिए पर्याप्त हैं. 2026 Triumph Scrambler 900 के अपडेट Triumph Scrambler 900 से शुरुआत करें तो कंपनी ने इसमें एक रिफाइंड चेसिस, एडवांस शोवा सस्पेंशन और रेडियल माउंटेड ब्रेक का इस्तेमाल किया है. इसके अलावा, इसमें हल्के एल्युमीनियम रिम्स के साथ-साथ लीन-सेंसिटिव ऑप्टिमाइज़्ड कॉर्नरिंग ABS और ट्रैक्शन कंट्रोल, दोनों नए फ़ीचर भी दिए गए हैं. इसके अलावा, इस अपडेट में नया डिज़ाइन किया गया इंस्ट्रूमेंट क्लस्टर और फुल-एलईडी लाइटिंग भी शामिल हैं. बता दें कि कंपनी ने Triumph Scrambler 1200 XE में भी इसी तरह के अपग्रेड किए हैं. Triumph Bonneville Bobber और Speedmaster के अपडेट Bonneville Bobber और Speedmaster की बात करें तो, दोनों में अब बड़ा 14-लीटर का फ्यूल टैंक और नया बॉडीवर्क दिया गया है. जहां Bobber में ज़्यादा चौड़ी और गद्देदार सीट का इस्तेमाल किया गया है, वहीं Speedmaster में राइडर और पीछे बैठने वाले के लिए चौड़ी सीटें और बेहतर हैंडलबार दिए गए हैं. इसके अलावा, बाइक में क्रूज़ कंट्रोल अब स्टैंडर्ड तौर पर दिया गया है, और दोनों मॉडलों में नए हल्के एल्युमीनियम पुर्ज़े लगाए गए हैं. Triumph T120 और T120 Black में भी ये इलेक्ट्रॉनिक अपग्रेड दिए गए हैं. साल 2026 तक, सभी Bonneville मॉडल अब लीन-सेंसिटिव ABS और ट्रैक्शन कंट्रोल, क्रूज़ कंट्रोल, USB-C चार्जिंग और फुल LED लाइटिंग के साथ स्टैंडर्ड तौर पर पेश किए जाते हैं. Triumph T100, T120 और T120 Black में नए हैंड-फ़िनिश्ड पेंट स्कीम, कोचलाइन डिटेलिंग और संशोधित साइड पैनल ग्राफ़िक के साथ विज़ुअल रिफ़्रेश भी दिया गया है. Bonneville और Scrambler के पावरट्रेन Scrambler 900 में 900cc, लिक्विड-कूल्ड, पैरेलल-ट्विन इंजन का इस्तेमाल जारी है, जो 64 बीएचपी की पावर और 80 एनएम का टॉर्क उत्पन्न करता है. यही इंजन Bonneville T100 में भी इस्तेमाल किया गया है. इसके अलावा, Triumph Scrambler 1200 XE में 1,200cc, लिक्विड-कूल्ड, पैरेलल-ट्विन इंजन देखने को मिलता है, जो 89 बीएचपी की पावर और 110 एनएम का टॉर्क प्रदान करता है. यह इंजन कॉन्फ़िगरेशन Bonneville के बाकी मॉडलों, जैसे T120, Bobber और Speedmaster, में भी इस्तेमाल किया गया है. ये सात अपडेटेड मॉडल Triumph की पहले घोषित 29 बाइकों की पेशकश का हिस्सा हैं. इसके अलावा, कंपनी पहले ही सात मॉडल पेश कर चुकी है, जिनमें नई TXP इलेक्ट्रिक मोटरसाइकिल रेंज शामिल है, जो तीन साल की उम्र से ही युवा राइडर्स के लिए है. इसके अलावा, TF 450-X, TF 250-C और TF 450-C क्रॉस-कंट्री मॉडल भी शामिल हैं. Bonneville और Scrambler रेंज के साथ, 15 नई या रिफ्रेश्ड मोटरसाइकिलें अभी भी अनावरण की प्रतीक्षा में हैं.

सोने-चांदी के वायदा भावों में तेजी, जानें आज के ताजे दाम

इंदौर   रिकॉर्ड ऊंचाई से बड़ी गिरावट के बाद आज सोने-चांदी के वायदा भावों में एक बार फिर तेजी देखने को मिल रही है। दोनों की कीमतें तेजी के साथ खुलीं। खबर लिखे जाने तक घरेलू बाजार में सोने का वायदा भाव करीब ₹1,22,790 प्रति 10 ग्राम और चांदी का भाव लगभग ₹1,46,273 प्रति किलोग्राम पर कारोबार कर रहा है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी सोना-चांदी तेजी के रुख के साथ ट्रेड हो रहे हैं। अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोना चांदी तेज अंतरराष्ट्रीय बाजार में आज सोने चांदी के वायदा कारोबार की शुरुआत तेज रही। Comex पर सोना 4,114.80 डॉलर प्रति औंस के भाव पर खुला। पिछला क्लोजिंग प्राइस  4,065.40 डॉलर प्रति औंस था। खबर लिखे जाने के समय यह 30.80 डॉलर की तेजी के साथ 4,096.20 डॉलर प्रति औंस के भाव पर कारोबार कर रहा था। सोने के भाव ने इस साल 4,398 डॉलर के भाव पर सर्वोच्च स्तर छू लिया। Comex पर चांदी के वायदा भाव 48.14 डॉलर के भाव पर खुले। पिछला क्लोजिंग प्राइस 47.68 डॉलर था।  खबर लिखे जाने के समय यह 0.31 डॉलर की तेजी के साथ 47.99 डॉलर प्रति औंस के भाव पर कारोबार कर रहा था। इसके भाव 53.76 डॉलर का उच्च स्तर छू चुके हैं।  

ब्लूमबर्ग रिपोर्ट: मिडिल ईस्ट बना रिलायंस की तेल खरीद का नया केंद्र

मुंबई  रिलायंस इंडस्‍ट्रीज ने मिडिल ईस्‍ट से कच्‍चे तेल की अपनी खरीद बढ़ा दी है. एक रिपोर्ट में दावा किया गया है कि पिछले हफ्ते कम से कम 25 लाख बैरल तेल खरीदा गया है. यह बदलाव ऐसे वक्‍त में सामने आया है, जब अमेरिका भारत पर रूसी कच्‍चे तेल के आयात पर अंकुश लगाने के लिए दबाव बढ़ा रहा है. इससे कंपनी के संचालन और भारत की एनर्जी रणनीति पर असर पड़ सकता है.  ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट में व्‍यापारियों के हवाले से कहा गया है कि मिडिल ईस्‍ट क्षेत्र में रिलायंस की खरीदारी गतिविधियों में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है, जिसे रूसी आपूर्ति के विकल्प के तौर पर देखा जा रहा है. इस बदलाव का ग्‍लोबल क्रूड ऑयल मार्केट के साथ-साथ भारत की भूमिका पर भी गहरा प्रभाव पड़ेगा.  यहां से खरीदे 25 लाख बैरल तेल रिपोर्ट के अनुसार, इस प्राइवेट रिफाइनरी कंपनी ने इराक के बसरा मीडियम, अल-शाहीन और कतर लैंड से कम से कम 25 लाख बैरल तेल खरीदा है. ये खरीदारी मिडिल ईस्‍ट कच्चे तेल के लिए रिलायंस के सामान्य खरीद पैटर्न की तुलना में अधिक सक्रियता को दिखाती है. जबकि कंपनी पहले रूसी तेल पर ज्‍यादा निर्भर रही है, लेकिन हाल में मिडिल ईस्‍ट से बढ़ी खरीदारी बदलाव का संकेत दे रही है.  सामान्‍य से ज्‍यादा रही खरीदारी  रिपोर्ट में व्यापारियों के हवाले से कहा गया है कि हाजिर सौदों के अलावा, रिलायंस बड़ी संख्या में रूसी कच्चे तेल जैसी गुणवत्ता वाले क्षेत्र से तेल की उपलब्धता के बारे में भी पूछताछ कर रही है. व्यापारियों ने बताया कि हाल ही में हुई खरीदारी में तेजी सामान्‍य से ज्‍यादा रही है.  भारत पर अमेरिका का दबाव  गौरतलब है कि अमेरिका बार-बार भारत और चीन पर रूसी तेल नहीं खरीदने को लेकर दबाव बढ़ा रहा है. रूसी तेल खरीदने के कारण अमेरिका ने भारत पर 25 फीसदी का एक्‍स्‍ट्रा टैरिफ भी लगा दिया है. इस महीने की शुरुआत में, डोनाल्ड ट्रंप ने कहा था कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अमेरिकी राष्ट्रपति को वचन दिया है कि युद्ध समाप्त होने तक भारत मास्को से तेल की सभी खरीद बंद कर देगा. हालांकि नई दिल्ली ने ऐसी किसी भी बातचीत से इनकार किया है.  रिपोर्ट में कहा गया है कि भारतीय रिफाइनरों ने कहा है कि स्थानीय रिफाइनरों ने मोटे तौर पर संकेत दिया है कि वे ओपेक+ उत्पादक से खरीद कम करेंगे – लेकिन बंद नहीं करेंगे. मुंबई 

बाजार में मंदी की चमक: दिवाली के बाद सोना सस्ता, चांदी ₹10 हजार सस्ती हुई

इंदौर  दिवाली के बाद आज बुधवार को सोने-चांदी की कीमतों में गिरावट आई है. 22 अक्टूबर 2025 को भारतीय सर्राफा बाजार में सोने की कीमत 1 लाख 23 हजार रुपये प्रति 10 ग्राम के ज्यादा है. इंडिया बुलियन एंड ज्वैलर्स एसोसिएशन के मुताबिक, सोमवार 20 अक्टूबर की शाम को 916 शुद्धता यानी 22 कैरेट गोल्ड का रेट (Gold Rate) 116912 रुपये प्रति 10 ग्राम था जो बुधवार, 22 अक्टूबर को गिरावट के साथ 113499 रुपये तक आ गया है. इसी तरह चांदी का रेट भी धड़ाम से गिरा है. आइए जानते हैं सोना-चांदी का लेटेस्ट रेट क्या है. Gold-Silver Price Today 22 October: सोना-चांदी का लेटेस्ट रेट     शुद्धता सोमवार शाम का रेट बुधवार शाम का रेट कितना महंगा हुआ गोल्ड/सिल्वर सोना (प्रति 10 ग्राम) 999 (24 कैरेट) 127633 123907 3726 रुपये सस्ता सोना (प्रति 10 ग्राम) 995 (23 कैरेट) 127122 123411 3711 रुपये सस्ता सोना (प्रति 10 ग्राम) 916 (22 कैरेट) 116912 113499 3413 रुपये सस्ता सोना (प्रति 10 ग्राम) 750 (18 कैरेट) 95725 92930 2795 रुपये सस्ता सोना (प्रति 10 ग्राम) 585 (14 कैरेट) 74665 70486 4179 रुपये सस्ता चांदी (प्रति 1 किलो) 999  163050 152501 10549 रुपये सस्ती बता दें कि बीते दिन यानी 21 अक्टूबर को दिवाली के दिन सर्राफा बाजार की कीमतें जारी नहीं की गई थीं. जबकि सोमवार, 20 अक्टूबर को सोना-चांदी के रेट में बढ़ोतरी देखी गई थी. सोमवार को सुबह की तुलना में शाम को दाम बढ़े थे. सोने का भाव(999 शुद्धता): सुबह का रेट: ₹126730  प्रति 10 ग्राम शाम का रेट: ₹127633 प्रति 10 ग्राम चांदी का भाव (999 शुद्धता) : सुबह का रेट: ₹160100 प्रति किलो शाम का रेट: ₹163050 प्रति किलो इंडिया बुलियन एंड ज्वैलर्स एसोसिएशन (IBJA) द्वारा जारी किए गए भाव पूरे देश में मान्य होते हैं, लेकिन इनमें जीएसटी शामिल नहीं होता है. ध्यान दें कि गहने खरीदते समय सोने या चांदी की कीमत टैक्स समेत होने के कारण अधिक होती है. IBJA की ओर से केंद्र सरकार द्वारा घोषित भाव शनिवार, रविवार और केंद्र सरकार की छुट्टियों पर जारी नहीं किए जाते.