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टैरिफ विवाद के बीच भारत-अमेरिका ट्रेड डील पर नए सिरे से होगी चर्चा, सरकार ने बदला रुख

नई दिल्ली.  केंद्र सरकार अमेरिका के साथ ट्रेड डील पर दोबारा विचार करने की योजना बना रही है. यूएस सुप्रीम कोर्ट द्वारा डोनाल्ड ट्रंप के मनमाने टैरिफ को अवैध बताकर खत्म किए जाने के बाद अब भारत डील रीनेगोशिएट करने के लिए मजबूत स्थिति में पहुंच गया है. मनीकंट्रोल ने एक सरकारी अधिकारी के हवाले से लिखा है कि सरकार अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट के फैसले के हर पहलू को परख रही है इसलिए दोनों देशों के बीच अंतरिम ट्रेड फ्रेमवर्क पर बात भी टाल दी गई थी. वरिष्ठ अधिकारी के मुताबिक, अमेरिका के टैरिफ सिस्टम में आए बदलावों के कारण मौजूदा डील के फायदे खत्म हो गए हैं, इसलिए अब भारत नई रणनीति के साथ बातचीत करने की तैयारी में है ताकि दूसरे देशों के मुकाबले बढ़त हासिल की जा सके. सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद भारत का यू टर्न सरकारी अधिकारी ने बताया कि फिलहाल यह साफ नहीं है कि सुप्रीम कोर्ट के फैसले का बातचीत पर क्या असर पड़ेगा, लेकिन सरकार सभी पहलुओं का मूल्यांकन कर रही है. एक अन्य सूत्र के अनुसार, भारत कुछ प्रावधानों पर नए सिरे से बातचीत करना चाहता है ताकि उसे दूसरे देशों पर प्रतिस्पर्धात्मक बढ़त मिल सके. पहले 18 प्रतिशत टैरिफ रेट भारत को मामूली बढ़त देता था, लेकिन अब जब अमेरिका ने ग्लोबल टैरिफ 15 प्रतिशत कर दिया है, तो यह फायदा खत्म हो गया है. इसी वजह से सरकार उन सेक्टरों की पहचान कर रही है जहां ट्रेड डील के जरिए ज्यादा रियायत या छूट हासिल की जा सकती है. टली भारत अमेरिका ट्रेड मीटिंग, डील पर फिर से मंथन भारत और यूएस के अधिकारियों के बीच तीन दिन की ट्रेड मीटिंग 23 फरवरी से शुरू होने वाली थी, जिसमें अंतरिम ट्रेड डील की शर्तों को अंतिम रूप दिया जाना था. इस समझौते के तहत अमेरिका ने भारत पर लगाए गए 50 प्रतिशत टैरिफ को घटाकर 18 प्रतिशत करने पर सहमति जताई थी और दोनों देशों ने आगे व्यापक समझौते की दिशा में रोडमैप जारी किया था. लेकिन सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद, जिसने ट्रंप प्रशासन के रेसिप्रोकल टैरिफ को अवैध करार दिया, भारत सरकार अब पूरी बातचीत की समीक्षा कर रही है. 18 प्रतिशत से शून्य तक का खेल सुप्रीम कोर्ट के फैसले ने रेसिप्रोकल टैरिफ को खत्म कर दिया, जिससे 18 प्रतिशत वाला प्रस्तावित रेट भी प्रभावी रूप से शून्य हो गया. इसके बाद राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 24 फरवरी से सभी देशों पर 10 प्रतिशत टैरिफ लागू किया, जिसे एक दिन बाद 15 प्रतिशत तक बढ़ाने की घोषणा की गई. फिलहाल भारत के लगभग 55 प्रतिशत निर्यात पर 15 प्रतिशत टैरिफ लागू है, जिसकी कुल वैल्यू करीब 48.4 अरब डॉलर है. हालांकि, स्टील और ऑटोमोबाइल जैसे सेक्टरों पर सेक्शन 232 के तहत अलग से टैरिफ लागू है, जिसकी वैल्यू 8 से 9 अरब डॉलर के बीच है. 34 अरब डॉलर के निर्यात पर छूट का प्लान अंतरिम ट्रेड फ्रेमवर्क के तहत करीब 34 अरब डॉलर के भारतीय निर्यात को टैरिफ से छूट मिलने की संभावना है. ट्रेड एक्ट 1974 के सेक्शन 122 के तहत प्रस्तावित टैरिफ में फार्मा, इलेक्ट्रॉनिक्स और टेलीकॉम उपकरणों को छूट दी गई है और सिविल एविएशन प्रोडक्ट्स को नए कैटेगरी के रूप में जोड़ा गया है. इन छूटों पर बातचीत मार्च तक पूरी होनी थी, लेकिन अब इसे दोबारा समीक्षा के लिए खोल दिया गया है. छूट वाले सेक्टरों में फार्मा, इलेक्ट्रॉनिक्स और टेलीकॉम उपकरण, पेट्रोलियम प्रोडक्ट्स, इंजीनियरिंग गुड्स और सिविल एविएशन कंपोनेंट्स शामिल हैं. भारत की बड़ी कमिटमेंट, अमेरिका से खरीद बढ़ाने का वादा यूएस इंडिया अंतरिम ट्रेड फ्रेमवर्क के फैक्टशीट के अनुसार, भारत अमेरिकी इंडस्ट्रियल गुड्स और कई कृषि उत्पादों पर टैरिफ घटाने या खत्म करने की योजना बना रहा है. इनमें ड्राइड डिस्टिलर्स ग्रेन्स, रेड सोरघम, ट्री नट्स, फ्रेश और प्रोसेस्ड फ्रूट, सोयाबीन ऑयल, वाइन और अन्य कृषि उत्पाद शामिल हैं. भारत ने अमेरिका से 500 अरब डॉलर से ज्यादा एनर्जी, आईसीटी, कोयला और अन्य उत्पाद खरीदने की भी मंशा जताई है.  

1 लाख 60 हजार के करीब पहुंची 24 कैरेट गोल्ड की कीमत, चांदी भी महंगी – देखें नए रेट

नई दिल्ली मंगलवार, 24 फरवरी 2026 को सोना-चांदी के रेट्स में बढ़ोतरी देखने को मिली है. इंडिया बुलियन एंड ज्वैलर्स एसोसिएशन (IBJA) के अनुसार सोमवार, 23 फरवरी को 22 कैरेट सोने का भाव ₹144930 प्रति 10 ग्राम था, जो आज ₹146105 प्रति 10 ग्राम पहुंच गया है. वहीं, सोमवार की तुलना में चांदी (999, प्रति 1 किलो) की कीमत भी आज 2 हजार 400 से ज्यादा महंगी हुई है. Gold-Silver Price Today 24 February 2026: सोना-चांदी का लेटेस्ट रेट   शुद्धता सोमवार शाम का रेट मंगलवार सुबह का रेट जानें कितना महंगा? सोना (प्रति 10 ग्राम) 999 (24 कैरेट) 158220 159503 ₹1283 महंगा सोना (प्रति 10 ग्राम) 995 (23 कैरेट) 157586 158864 ₹1278 महंगा सोना (प्रति 10 ग्राम) 916 (22 कैरेट) 144930 146105 ₹1175 महंगा सोना (प्रति 10 ग्राम) 750 (18 कैरेट) 118665 119627 ₹962 महंगा सोना (प्रति 10 ग्राम) 585 (14 कैरेट) 92559 93309 ₹750 महंगा चांदी (प्रति 1 किलो) 999 264075 266535 ₹2460 महंगी जानें सोमवार को सोने का भाव (999 शुद्धता) सुबह का रेट: ₹158428 प्रति 10 ग्राम शाम का रेट: ₹158220 प्रति 10 ग्राम जानें सोमवार को चांदी का भाव (999 शुद्धता) सुबह का रेट: ₹265550 प्रति किलो शाम का रेट: ₹264075 प्रति किलो इंडिया बुलियन एंड ज्वैलर्स एसोसिएशन (IBJA) द्वारा जारी किए गए दाम पूरे देश में मान्य होते हैं, लेकिन इनमें जीएसटी शामिल नहीं होता है. गहने खरीदते समय सोने या चांदी की कीमत टैक्स समेत होने के कारण अधिक होती है. IBJA की ओर से केंद्र सरकार द्वारा घोषित भाव शनिवार, रविवार और केंद्र सरकार की छुट्टियों पर जारी नहीं किए जाते हैं.

Stock Market Crash: अमेरिका में भूचाल, भारत में भी Sensex में 700 अंकों की गिरावट

मुंबई  अमेरिकी शेयर बाजार में मचे हाहाकार का असर भारतीय शेयर मार्केट पर भी देखने को मिला है. बीते कारोबारी दिन US Stock Market Crash हो गया था और डाउ जोंस 821 अंक फिसलकर बंद हुआ था. इस बीच एशियाई बाजारों से भारत के लिए मिले-जुले ग्लोबल संकेत मिल रहे थे और जब सेंसेक्स-निफ्टी ने ओपनिंग की, तो BSE Sensex खुलने के साथ ही 700 अंक से ज्यादा का गोता लगा गया. इसके अलावा NSE Nifty टूटकर 25,600 के नीचे कारोबार करता हुआ दिखा. बात करें, सबसे ज्यादा बिखरने वाले शेयरों की तो बाजार में गिरावट से टेक शेयर पर दिखा, Infosys, TCS, HCL और Tech Mahindra जैसे स्टॉक्स धड़ाम नजर आए.  सेंसेक्स-निफ्टी अचानक क्रैश शेयर मार्केट में मंगलवार को कारोबार की शुरुआत होने पर सेंसेक्स-निफ्टी बुरी तरह टूटकर खुले. बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स अपने पिछले बंद 83,294.66 की तुलना में गिरावट लेकर 83,052 के लेवल पर खुला, लेकिन फिर कुछ ही मिनटों में Sensex करीब 717 अंक फिसलकर 83,577 पर ट्रेड करता नजर आया.  नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी इंडेक्स भी सेंसेक्स की चाल से चाल मिलाकर चलता नजर आया. Nifty-50 ने अपने पिछले कारोबारी बंद 25,713 की तुलना में गिरावट के साथ 25,641 के लेवल पर ट्रेड शुरू किया था और फिर अचानक इसमें भी तेज गिरावट दिखाई देने लगी और ये 200 अंक से ज्यादा फिसलकर 25,507 के स्तर पर आ गया.  ताश के पत्तों की तरह बिखरे बड़े शेयर  शेयर बाजार में अचानक आई इस बड़ी गिरावट के बीच जो शेयर ताश के पत्तों की तरह बिखरे हुए नजर आए, उनमें बीएसई की लार्जकैप कैटेगरी में शामिल HCL Tech Share (4%), Eternal Share (3.90%), Infosys Share (3.50%), Tech Mahindra Share (3.20%), TCS Share (3.10%), Bharti Airtel Share (3.05%) सबसे आगे रहे. खासतौर पर आईटी सेक्टर की कंपनियों के शेयर सेंसेक्स-निफ्टी की तरह ही क्रैश (IT Stock Crash) दिखाई दिए.  मिले-जुले आए थे विदेशी संकेत  बता दें कि Donald Trump के नए टैरिफ अटैक से दुनिया में फिर से टेंशन बढ़ची हुई नजर आई है. अमेरिकी राष्ट्रपति के सख्त तेवरों से खुद US Stock Market भी सहमा दिखा. अमेरिका बाजार में सोमवार को आए क्रैश के बाद मंगलवार को भारत के लिए विदेशों से मिले-जुले ग्लोबल संकेत मिल रहे था. दरअसल, जहां जापान का निक्केई इंडेक्स ग्रीन जोन में कारोबार कर रहा था, तो वहीं हांगकांग का हैंगसेंग, जर्मनी और ब्रिटेन का मार्केट गिरावट मं ट्रेड करता हुआ नजर आ रहा है.  ये भी बाजार में गिरावट का बड़ा कारण US Tariff से ग्लोबल टेंशन में इजाफे के साथ मिले-जुले कमजोर ग्लोबल संकेतों ने तो सेंसेक्स-निफ्टी पर दबाव डाला ही है, लेकिन अगर भारतीय शेयर बाजार में अचानक आई इस तेज गिरावट के पीछे के अन्य कारणों को देखें, तो घरेलू आईटी शेयरों में भारी बिकवाली को भी बड़ी वजह माना जा सकता है, क्योंकि मार्केट टूटने के बीच सबसे ज्यादा IT Stock Crash हुए हैं. 

घर बैठे एड्रेस अपडेट का नया नियम, एक सेल्फ डिक्लेरेशन से काम पूरा

नई दिल्ली अगर आपके मोबाइल पर बैंक की ओर से KYC अपडेट का मैसेज आया है, तो घबराने की जरूरत नहीं है। यह एक सामान्य प्रक्रिया है, जिसका मकसद आपकी बैंकिंग सेवाओं को बिना रुकावट जारी रखना है। KYC यानी Know Your Customer वह प्रक्रिया है, जिसके जरिए बैंक अपने ग्राहकों की पहचान की पुष्टि करते हैं। समय-समय पर इसे अपडेट करना जरूरी होता है, ताकि खाते से जुड़ी जानकारी सही बनी रहे। सिर्फ पता बदला है तो आसान है प्रक्रिया यदि आपकी अन्य जानकारी पहले जैसी ही है और केवल पता बदला है, तो आप सेल्फ डिक्लेरेशन देकर एड्रेस अपडेट करवा सकते हैं। इसके लिए भारी दस्तावेज जमा करने या लंबी लाइन में लगने की जरूरत नहीं पड़ती। घर बैठे भी कर सकते हैं KYC आधार OTP आधारित e-KYC: ऑनलाइन माध्यम से आसानी से पूरा किया जा सकता है। वीडियो KYC: बैंक अधिकारी वीडियो कॉल के जरिए पहचान सत्यापित करते हैं। ब्रांच में दस्तावेज जमा: चाहें तो मान्य दस्तावेज की कॉपी शाखा में भी दे सकते हैं। सावधानी जरूरी KYC के नाम पर किसी अज्ञात लिंक या कॉल पर अपनी निजी जानकारी साझा न करें। हमेशा बैंक के आधिकारिक माध्यम से ही प्रक्रिया पूरी करें। Reserve Bank of India भी ग्राहकों को सुरक्षित बैंकिंग के प्रति जागरूक करता रहता है। ‘आरबीआई कहता है’ जैसे अभियानों के माध्यम से लोगों को बताया जा रहा है कि सतर्कता और सही जानकारी ही धोखाधड़ी से बचाव का सबसे अच्छा तरीका है।  

Silver Price Hike: अचानक बढ़ी चांदी की कीमत, जानें 10 ग्राम सिक्के का ताजा रेट

नई दिल्ली चांदी के भाव में आज उछाल दर्ज की जा रही है। शुक्रवार के बंद भाव के मुकाबले चांदी 13930 रुपये प्रति किलो की छलांग लगाकर 267200 रुपये पर पहुंच गई है। यह रेट bullions.co.in ने जारी किया है। इस रेट के मुताबिक दिल्ली में आज का चांदी का भाव 266250 रुपये प्रति किलो है और दिल्ली में 10 ग्राम चांदी के सिक्के का भाव 2397 रुपये पर पहुंच गया है। मुंबई में चांदी के रेट 266710 और चेन्नई में 267620 रुपये प्रति किलो हैं। बिहार की राजधानी पटना में आज 1 किलो चांदी का भाव 266700 रुपये किलो है। वहीं, राजस्थान की राजधानी जयपुर में 266810 रुपये प्रति किलो ग्राम। यूपी की राजधानी लखनऊ में आज चांदी का भाव 266920 रुपये है। IBJA Rates के मुताबिक क्या हैं भाव आईबीजेए के मुताबिक आज चांदी 15236 रुपये की छलांग लगाकर 265550 रुपये प्रति किलो के रेट से खुली। जीएसटी समेत 2.73 लाख के पार चली गई है। अगर 29 जनवरी के इसके सर्राफा मार्केट के ऑल टाइम हाई 385933 रुपये किलो से तुलना करें तो अभी चांदी शिखर से 120383 रुपये प्रति किलो सस्ती है। सवाल: 1kg चांदी की कीमत क्या है? जवाब: 1KG चांदी की कीमत IBJA के मुताबिक 265550 रुपये प्रति किलो है। सवाल: आज दिल्ली में चांदी का क्या रेट है? जवाब: आज दिल्ली में चांदी bullions.co.in के मुताबिक 266290 रुपये प्रति किलो है। सवाल: 3 अक्टूबर 2025 को चांदी का भाव क्या था? जवाब: 3 अक्टूबर 2025 को चांदी का भाव 145610 रुपये प्रति किलो था। सवाल: 10 ग्राम चांदी के सिक्के का भाव क्या है? जवाब: bullions.co.in के मुताबिक दिल्ली में 10 ग्राम चांदी के सिक्के का भाव 2397 रुपये है। सवाल: 1 किलो सोना कितने का है? जवाब: 1 किलो सोना bullions.co.in के मुताबिक दिल्ली में 1,59,63,000 रुपये है। क्यों आई सोने-चांदी में तेजी अमेरिकी डॉलर के कमजोर होने से सोमवार को चांदी के भाव में तेजी आई। ऐसा अमेरिका के साथ की गई ट्रेड डील्स को लेकर अनिश्चितता और अमेरिका-ईरान के बीच तनाव बने रहने की वजह से हुआ। अमेरिका के सुप्रीम कोर्ट ने राष्ट्रपति ट्रंप के टैरिफ लगाने के अधिकार पर रोक लगा दी, जिससे बाजार में अनिश्चितता बढ़ी और निवेशकों ने सुरक्षित निवेश वाली चीजों (गोल्ड-सिल्वर) की तरफ रुख किया। सोने की कीमतें भी तीन हफ्ते के उच्चतम स्तर पर पहुंच गईं। एमसीएक्स पर क्या है भाव एमसीएक्स पर चांदी का भाव 6.3% (15,931 रुपये) उछलकर 2,68,875 रुपये प्रति किलोग्राम हो गया। वहीं, एमसीएक्स पर सोना 1.4% (3,724 रुपये) बढ़कर 1,60,600 रुपये प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया। इंटरनेशनल मार्केट में गोल्ड-सिल्वर का हाल अंतरराष्ट्रीय बाजार में स्पॉट सिल्वर 3.1% उछलकर 87.10 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गया, जो दो हफ्ते से ज्यादा का उच्चतम स्तर है। वहीं, स्पॉट गोल्ड 1.2% बढ़कर 5,163.60 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गया, जो तीन हफ्ते से ऊपर का स्तर है। अमेरिकी गोल्ड फ्यूचर्स (अप्रैल डिलीवरी) में 2% की तेजी रही और यह 5,184.90 डॉलर प्रति औंस पर आ गया। SC के झटके के बाद ट्रंप का नया टैरिफ बता दें शनिवार को ट्रंप ने कहा था कि वह ट्रेड प्रोटेक्शन बनाए रखने के लिए दुनिया भर पर 15% टैरिफ लगाएंगे। यह फैसला तब आया जब कोर्ट ने इमरजेंसी पॉवर का इस्तेमाल कर रेसिप्रोकल ड्यूटी लगाने के उनके फैसले को खारिज कर दिया था। कोर्ट के इस फैसले के बाद डॉलर के नरम पड़ने से विदेशी खरीदारों के लिए कीमती धातुएं सस्ती हो गईं, जिससे कीमतों को सपोर्ट मिला। कोर्ट के फैसले ने अमेरिका के प्रमुख साझेदारों के साथ की गई ट्रेड डील्स पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। यूरोपीय संसद के ट्रेड प्रमुख ने कहा कि वह अमेरिका के साथ हुए एक समझौते की पुष्टि में देरी का प्रस्ताव रखेंगे। भारतीय अधिकारियों ने संकेत दिया है कि वे अमेरिका की अपनी निर्धारित यात्रा टाल देंगे, वहीं जापान की सत्तारूढ़ पार्टी के एक सदस्य ने इस स्थिति को 'बहुत बड़ी गड़बड़ी' बताया। कीमतें बढ़ाने भी इनका भी हाथ भू-राजनीतिक मोर्चे पर ईरान ने अमेरिका पर संभावित हमले को टालने की कोशिश करते हुए संकेत दिया है कि वह अमेरिका के साथ बातचीत में प्रतिबंधों में राहत और यूरेनियम संवर्धन के अपने अधिकार को मान्यता देने के बदले में अपने परमाणु कार्यक्रम को लेकर रियायतें देने को तैयार है। बाजार में उतार-चढ़ाव को और बढ़ाते हुए, चीन के बाजार चीनी नव वर्ष की छुट्टियों के लिए बंद रहे, जिससे कारोबार की मात्रा कम रही। मंगलवार को वहां कारोबार फिर से शुरू होगा। क्या आपको खरीदना चाहिए सोना-चांदी? जियोजित इन्वेस्टमेंट्स में हेड ऑफ कमोडिटी रिसर्च, हरीश वी ने कहा, "निवेशक आमतौर पर भू-राजनीतिक संघर्षों के दौरान सोने और चांदी की ओर रुख करते हैं क्योंकि ये धातुएं बाजार में उतार-चढ़ाव के जोखिम को कम करती हैं और जब मुद्राएं और वित्तीय बाजार अनिश्चितता का सामना कर रहे होते हैं तो ये भरोसेमंद हेज (बचाव) का काम करती हैं। हालांकि मजबूत डॉलर और बदलती ब्याज दर की उम्मीदें तेज बढ़त पर अस्थायी रूप से रोक लगा सकती हैं, लेकिन लगातार या बढ़ता तनाव संभवतः जोखिम से बचने वाले निवेश (रिस्क-एवर्स फ्लो) को बढ़ाए रखेगा, जिससे आने वाले दिनों में सोने और चांदी की कीमतों में और तेजी आ सकती है।"  

Gold-Silver Update: सोना ₹3000 उछला, चांदी एक झटके में ₹15558 तक महंगी

नई दिल्ली : एमसीएक्स पर अप्रैल गोल्ड फ्यूचर कांट्रैक्ट आज 1.94 पर्सेंट ऊपर 159921 रुपये प्रति 10 ग्राम पर खुला। जबकि, सिल्वर मार्च फ्यूचर 5.79 पर्सेंट की उड़ान के साथ 267600 रुपये प्रति किलो के रेट से खुला। सोना करीब 3000 रुपये महंगा हुआ सोना 156993 है और चांदी के भाव में 15558 रुपये की उछाल थी। 20 फरवरी को एमसीएक्स पर सोना करीब 153000 रुपये प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ था। जबकि, चांदी 252042 रुपये प्रति किलो पर बंद हुई थी।  Gold-Silver Rate Update 23 Feb: सोने और चांदी के भाव में आज सोमवार, 23 फरवरी को जबरदस्त उछाल देखने को मिला। सोने की कीमतों में 1.61% और चांदी की कीमतों में 5% तक की तेजी दर्ज की गई। यह तेजी अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट के एक फैसले के बाद आई है, जिसमें अदालत ने पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा लगाए गए व्यापक ग्लोबल टैरिफ को खारिज कर दिया। निवेशक अब इसके बाद अमेरिका की ओर से संभावित नए कदमों का आकलन कर रहे हैं। एशियाई बाजारों में आज स्पॉट गोल्ड की कीमत 1.61% बढ़कर 5,160 डॉलर प्रति औंस और चांदी की कीमत 5% उछलकर 86 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गई। क्यों बढ़ रहे हैं सोना-चांदी के दाम? अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने अपने फैसले में कहा कि डोनाल्ड ट्रंप ने दुनिया भर पर "पारस्परिक" टैरिफ लगाने के लिए आपातकालीन शक्तियों का इस्तेमाल करके अपने अधिकार का उल्लंघन किया था। इस फैसले के साथ ही ट्रंप के दूसरे कार्यकाल में लगाए गए कई महत्वपूर्ण टैरिफ अब समाप्त हो गए हैं। इस फैसले के जवाब में ट्रंप ने कहा है कि रद्द किए गए टैरिफ को बदलने के लिए वैकल्पिक तंत्र लागू किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि वह मौजूदा शुल्कों के अलावा, कानून की धारा 122 के तहत 10% का वैश्विक टैरिफ लागू करेंगे। साथ ही, राष्ट्रीय सुरक्षा और अन्य मामलों से जुड़े मौजूदा टैरिफ पूरी तरह से लागू रहेंगे। वहीं, जियो-पॉलिटिकल मोर्चे पर भी तनाव बना हुआ है। अमेरिकी सेना ने मध्य पूर्व में अपनी सैन्य तैनाती बढ़ा दी है। ट्रंप ने ईरान को उसके परमाणु कार्यक्रम को लेकर चेतावनी दी है, जिससे क्षेत्र में टकराव की आशंका और बढ़ गई है। ईरान पर संभावित अमेरिकी हमले से वहां पहले से मौजूद आंतरिक अस्थिरता और गहरी हो सकती है और यह अमेरिका के लिए एक बड़े क्षेत्रीय संघर्ष का रूप ले सकता है। क्या सोना-चांडी के भाव में और तेजी आ सकती है? जियोजित इन्वेस्टमेंट्स लिमिटेड के कमोडिटी रिसर्च हेड हरीश वी के अनुसार, हालांकि मजबूत डॉलर और बदलती ब्याज दर की उम्मीदें कीमतों में तेज उछाल को फिलहाल रोक सकती हैं, लेकिन लगातार बढ़ता भू-राजनीतिक तनाव निवेशकों को सुरक्षित निवेश की ओर ले जा रहा है। ऐसे में आने वाले दिनों में सोने-चांदी की कीमतों में और बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है। हरीश ने कहा, "निवेशक आमतौर पर भू-राजनीतिक संकटों के दौरान सोने और चांदी की ओर रुख करते हैं, क्योंकि ये धातुएं मूल्य संरक्षण करती हैं, बाजार में उतार-चढ़ाव के जोखिम को कम करती हैं और मुद्राओं व वित्तीय बाजारों में अनिश्चितता के समय एक भरोसेमंद विकल्प के रूप में काम करती हैं।" नई ऊंचाई छूने की संभावना एनरिच मनी के सीईओ पोनमुडी आर ने सोने की कीमतों के तकनीकी परिदृश्य पर कहा कि कीमतों में हालिया गिरावट मुनाफावसूली का हिस्सा है और व्यापक रुझान तेजी वाला ही बना हुआ है। उन्होंने कहा कि 4,500-4,700 डॉलर के बीच मजबूत खरीदारी देखी जा रही है और अगर कीमतें 5,100-5,200 डॉलर के स्तर को पार कर जाती हैं, तो नई ऊंचाई छूने की संभावना बन सकती है। वहीं, चांदी के भाव पर पोनमुडी ने कहा कि हालिया गिरावट के बावजूद, बड़े समय के फ्रेम में तेजी वाली संरचना बरकरार है। 65-70 डॉलर के बीच मजबूत खरीदारी का समर्थन स्तर है। अगर यह आधार बना रहता है और कीमतें 85-92 डॉलर के स्तर को पार करके वापसी करती हैं, तो तेजी का रुख फिर से मजबूत हो सकता है। मिड टू लॉन्ग टर्म नजरिए से चांदी के लिए संभावनाएं सकारात्मक बनी हुई हैं।

Bitcoin Crash: बिटकॉइन की कीमत में 40% की गिरावट, खरीदार गायब, बिटकॉइन की हालत बदतर

वाशिंगटन दुनिया की सबसे बड़ी क्रिप्टोकरेंसी बिटकॉइन का बुरा हाल और इसमें लगातार तेज गिरावट देखने को मिल रही है. अपने हाई लेवल से इसका दाम करीब 40 फीसदी से ज्यादा टूट (Bitcoin Price Crash) चुका है और पैसे लगाने वालों के अरबों डॉलर स्वाहा हो चुके हैं. सबसे बड़ी और चिंता भरी बात तो ये है कि इस तगड़ी गिरावट के बाद भी इस Crypto Currency के खरीदार गायब हैं. इनकी वापसी ही नहीं हो पा रही है. इसके पीछे कई कारण नजर आ रहे हैं.  क्रैश हुआ भाव, खरीदार गायब ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट में Bitcoin को लेकर निवेशकों की बेरुखी को आंकड़ों के साथ दर्शाया गया है. इसमें बताया गया है कि बिटकॉइन की कीमत में अपने हालिया उच्चतम स्तर से 40% से अधिक गिरावट आ चुकी है और इससे हुए नुकसान के चलते अब निवेशकों का भरोसा डगमगा गया है. लेकिन कीमत में गिरावट इतनी बड़ी समस्या नहीं है, बल्कि सबसे बड़ी चिंता की बात है, गिरावट आने पर खरीदारों की वापसी न होना. शनिवार को आई इस रिपोर्ट में कहा गया कि गिरावट के समय खरीदारी करने वाले गायब हैं और वे वजह जो सामान्यतः बाजार में उछाल को बढ़ावा देती हैं, अब बिटकॉइन के विपरीत काम कर रही हैं. बीते 3 महीने में ताबड़तोड़ निकासी रिपोर्ट में ब्लूमबर्ग द्वारा जुटाए गए आंकड़ों को देखें, तो बीते तीन महीने में ही अमेरिकी स्टॉक एक्सचेंज में लिस्टेड गोल्ड ईटीएफ (Gold ETFs) से 16 अरब डॉलर से अधिक (करीब 1.45 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा) की निकासी हुई, तो वहीं दूसरी ओर स्पॉट बिटकॉइन ईटीएफ (Spot Bitcoin ETF) से लगभग 3.3 अरब डॉलर (करीब 30,000 करोड़ रुपये) की निकासी हुई.  BTC पर क्या कह रहे एक्सपर्ट?  बिटकॉइन में लगातार जारी गिरावट को लेकर एक्सपर्ट इसके पीछे के कारण बताते हुए नजर आ रहे हैं. एकेडियन एसेट मैनेजमेंट के पोर्टफोलियो मैनेजर ओवेन लैमोंट ने कहा कि Bitcoin की असली कहानी Price Surge यानी कीमतों में उछाल रही थी, लेकिन अब ऐसा नहीं है और कीमतें तेजी से टूट रही हैं. इसके साथ ही उन्होंने कहा कि शेयर या कमोडिटीज़ से अलग बिटकॉइन का मूल्य काफी हद तक भरोसे पर आधारित रहा है, खासतौर पर उन कहानियों पर जो नए खरीदारों को क्रिप्टो मार्केट में एंट्री लेने के लिए प्रेरित करती हैं. एक्सपर्ट ने कहा कि अब इन कहानियों की परीक्षा हो रही है और हालिया तेजी का फायदा उठाने वाले खुदरा निवेशक घाटे में हैं. 'बिटकॉइन नहीं है सोना…' सेवन्स रिपोर्ट के प्रेसिडेंट टॉम एस्से ने भी बिटकॉइन को लेकर बड़ी बात कही है. उन्होंन कहा कि,'लोग समझ रहे हैं कि Bitcoin वही है जो वह हमेशा से रहा है यानी एक सट्टा निवेश. बिटकॉइन सोने की जगह नहीं ले रहा है और यह डिजिटल गोल्ड नहीं है. यह न तो सोने जैसा काम करता है और न ही उसके जैसी उपयोगिता है. दूसरे शब्दों में कहें, तो यह महंगाई से बचाव का साधन नहीं है.' एस्से के मुताबिक, सच में इससे बेहतर महंगाई से बचाव के दूसरे कई साधन मौजूद हैं, जहां आपको अस्थिरता की चिंता करने की जरूरत ही नहीं है.

iPhone 16 की कीमत में मिल रहा है iPhone 17, फ्लिपकार्ट पर बंपर डिस्काउंट ऑफर

 नई दिल्ली  Apple iPhone की पॉपुलैरिटी किसी से छिपी नहीं है. ईकॉमर्स प्लेटफॉर्म पर एक बेहद ही खास डील मिल रही है. iPhone 16 से भी सस्ते दाम में अब iPhone 17 मिल रहा है.आइए इस डील के बारे में जानते हैं.  iPhone 17 एक लेटेस्ट हैंडसेट है, जिसको कुछ महीने पहली ही लॉन्च किय गया है, जबकि iPhone 16 करीब डेढ़ साल पुराना हैंडसेट है. यहां गौर करने वाली बात यह है कि iPhone 17 का शुरुआती वेरिएंट 256GB स्टोरेज के साथ आता है.  iPhone 17 पर मिल रही ये खास डील  दोबारा फ्लिपकार्ट डील पर लौटते हैं, 82,900 रुपये में लॉन्च होने वाला iPhone 17 (256GB) अब फ्लिपकार्ट पर सिर्फ 79,999 रुपये में लिस्ट है. सभी ऑफर्स मिलाकर इसे 74,900 रुपये में खरीदा जा सकेगा. वहीं ऑफिशियल पोर्टल iPhone 16 (128GB) की कीमत 69,900 रुपये है, जबकि iPhone 16 (256GB) के लिए 10 हजार रुपये एक्स्ट्रा खर्च करने पड़ेंगे. हालांकि कंपनी ने iPhone 16 (256GB) को डिसकंटीन्यू कर दिया है. iPhone 17 के स्पेसिफिकेशन्स  iPhone 17 में 6.3 इंच का LTPO Super Retina XDR OLED डिस्प्ले दिया है, जिसमें 120Hz रिफ्रेश रेट्स दिया है. इसमें सेरेमिक शील्ड 2 प्रोटेक्सन और एंटी रिफ्लेक्टिंग कोटिंग का यूज किया है. iPhone 17 का चिपसेट iPhone 17 में Apple A19 (3 nm) चिपसेट का यूज किया गया है. यह हैंडसेट iOS 26.3 के साथ आता है. इसमें Apple GPU (5-core graphics) का यूज किया है. इसमें स्टोरेज के 2 ऑप्शन मिलते हैं, जो 256GB और 512GB स्टोरेज मिलती है.  iPhone 17 का कैमरा  iPhone 17 में डुअल रियर कैमरा सेटअप दिया गया है, जिसमें दोनों ही सेंसर 48 MP-48 MP सेंसर दिए हैं. इसके साथ Dual-LED फ्लैश लाइट का यूज किया है. इसमें 18MP का सेल्फी कैमरा दिया गया है. यह हैंडसेट ब्लैक, व्हाइट मिस्ट ब्लू और लेवेंडर जैसे कलर हैं. इसमें वायर और वायरलेस चार्जिंग दोनों का सपोर्ट मिलता है. वायरलेस चार्जिंग के लिए MagSafe का सपोर्ट मिलता है. 

टाटा पंच ईवी फेसलिफ्ट भारत में आई, 355 किमी की रेंज का दावा

मुंबई  भारत में इलेक्ट्रिक वाहनों के सेगमेंट को मजबूत करते हुए Tata Motors ने अपनी सबसे किफायती इलेक्ट्रिक एसयूवी टाटा पंच ईवी का फेसलिफ्ट मॉडल लॉन्च कर दिया है। नई टाटा पंच ईवी की एक्स-शोरूम शुरुआती कीमत 9.69 लाख रुपये रखी गई है। यह मॉडल कंपनी की एंट्री-लेवल ईवी रेंज का पहला बड़ा अपडेट माना जा रहा है, जिसमें हल्के डिजाइन बदलाव, नया बैटरी विकल्प और बेहतर रियल-वर्ल्ड रेंज पर खास ध्यान दिया गया है। वेरिएंट और कीमत की रणनीति नई टाटा पंच ईवी फेसलिफ्ट को स्मार्ट, एडवेंचर और एम्पावर्ड—इन तीन वेरिएंट्स में पेश किया गया है। अलग-अलग वेरिएंट और बैटरी पैक के हिसाब से इसकी कीमत 9.69 लाख रुपये से लेकर 12.59 लाख रुपये एक्स-शोरूम तक जाती है। कंपनी ने इस इलेक्ट्रिक एसयूवी को इस तरह पोजिशन किया है कि यह पारंपरिक पेट्रोल-डीजल कारों की कीमत के ज्यादा करीब नजर आए, जिससे पहली बार ईवी खरीदने वालों के लिए फैसला आसान हो सके। बैटरी सब्सक्रिप्शन से कम होगी शुरुआती कीमत टाटा ने पंच ईवी फेसलिफ्ट के साथ बैटरी-एज़-ए-सर्विस यानी BaaS विकल्प भी उपलब्ध कराया है। इस स्कीम के तहत ग्राहक कार को 6.49 लाख रुपये की शुरुआती कीमत पर खरीद सकते हैं, जबकि बैटरी के लिए प्रति किलोमीटर लगभग 2.6 रुपये का चार्ज देना होगा। इस मॉडल का मकसद शुरुआती खर्च को कम करना है, ताकि इलेक्ट्रिक कार ज्यादा लोगों की पहुंच में आ सके। खास बात यह है कि फेसलिफ्ट का बेस वेरिएंट पहले के मुकाबले करीब 30 हजार रुपये सस्ता भी हो गया है। एक्सटीरियर में हल्के लेकिन साफ बदलाव डिजाइन के मामले में पंच ईवी फेसलिफ्ट को ज्यादा आक्रामक बदलाव नहीं दिए गए हैं, लेकिन इसके फ्रंट में नया बंपर और ज्यादा सादा लुक देखने को मिलता है। हेडलैंप्स को जोड़ने वाली पुरानी ब्लैक स्ट्रिप को हटाया गया है, जिससे फ्रंट फेस ज्यादा क्लीन लगता है। साइड प्रोफाइल में नए 16-इंच के एयरो-ऑप्टिमाइज्ड अलॉय व्हील्स दिए गए हैं, जो बड़े टाटा ईवी मॉडलों से प्रेरित हैं। पीछे की तरफ कनेक्टेड एलईडी टेललैंप्स दिए गए हैं, जो इसे नए पेट्रोल पंच के डिजाइन से जोड़ते हैं। इंटीरियर और फीचर्स में टेक्नोलॉजी पर जोर केबिन के अंदर लेआउट पहले जैसा ही रखा गया है, लेकिन ट्रिम फिनिश में बदलाव किए गए हैं। टॉप वेरिएंट्स में 10.25 इंच का बड़ा टचस्क्रीन इंफोटेनमेंट सिस्टम और उतना ही बड़ा डिजिटल ड्राइवर डिस्प्ले दिया गया है। इसके अलावा वायरलेस चार्जिंग, वेंटिलेटेड फ्रंट सीट्स, एंबिएंट लाइटिंग, कनेक्टेड कार टेक्नोलॉजी और 360 डिग्री कैमरा जैसे फीचर्स वेरिएंट के अनुसार मिलते हैं। नई बैटरी और बेहतर रेंज फेसलिफ्ट पंच ईवी की सबसे बड़ी खासियत नया 40kWh बैटरी पैक है। यह बैटरी एआरएआई सर्टिफाइड साइकिल में 468 किमी की रेंज और करीब 355 किमी की रियल-वर्ल्ड रेंज का दावा करती है। इसके अलावा 30kWh बैटरी का विकल्प भी जारी रखा गया है, जिसकी रेटेड रेंज 365 किमी है। फास्ट चार्जिंग की सुविधा के तहत 65kW डीसी चार्जर से बैटरी को 20 से 80 प्रतिशत तक सिर्फ 26 मिनट में चार्ज किया जा सकता है। सेफ्टी और पोजिशनिंग सुरक्षा के लिहाज से टाटा पंच ईवी फेसलिफ्ट में सभी वेरिएंट्स में छह एयरबैग्स स्टैंडर्ड दिए गए हैं। इसके साथ इलेक्ट्रॉनिक स्टेबिलिटी कंट्रोल, हिल होल्ड असिस्ट, टायर प्रेशर मॉनिटरिंग सिस्टम और आईएसओफिक्स चाइल्ड सीट माउंट्स जैसी सुविधाएं शामिल हैं। भारतीय बाजार में यह कार सिट्रोएन ईसी3 को टक्कर देती है और टाटा की ईवी लाइन-अप में टियागो ईवी और नेक्सॉन ईवी के बीच अपनी जगह बनाती है।

टैरिफ पर ट्रंप को तगड़ा झटका, जबकि शेयर बाजार में सेंसेक्स और निफ्टी में बमबम रैली

मुंबई  अमेरिका (America) में मची किसी भी हलचल का सीधा असर भारतीय शेयर बाजार (Indian Stock Market) पर देखने को मिलता रहा है. बीते सप्ताह भी यूएस में तमाम बड़े घटनाक्रम देखने को मिले, जिनमें सबसे अहम अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट में टैरिफ पर ट्रंप की हार अहम है, US Supreme Court ने राष्ट्रपति ट्रंप के रेसिप्रोकल टैरिफ को गैरकानूनी करार देते हुए रद्द कर दिया, तो ट्रंप ने इस फैसले के तुरंत बाद दुनिया के सभी देशों पर नया 10% का टैरिफ लगा गया और 24 घंटे में ही इसे बढ़ाकर 15% भी कर दिया. इसके असर की बात करें, तो जिस टैरिफ से दुनिया के बाजारों में हड़कंप मचा नजर आया था, उसके हटते ही तेजी देखने को मिली है और Sensex-Nifty भी खुलने के साथ ही रॉकेट बने नजर आए हैं.   Sensex-Nifty ने खुलते ही मचाया गदर शेयर मार्केट में कारोबार ओपन होने के साथ ही बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स इंडेक्स अपने पिछले बंद 82,814.71 की तुलना में उछलकर 82,906.83 पर खुला और फिर कुछ ही मिनटों में ये 83,486 पर जा पहुंचा. NSE Nifty ने भी सेंसेक्स के कदम से कदम मिलाकर चलते हुए अपने पिछले शुक्रवार के बंद 25,571.25 की तुलना में चढ़कर 25,678 पर ट्रेड शुरू किया और फिर रॉकेट की तरह भागते हुए 25,771.45 के लेवल पर जा पहुंचा. ये 10 शेयर सबसे तेज भागे Share Market में शुरुआती तेजी के दौरान सबसे तेज भागने वाले शेयरों की बात करें, तो बीएसई की लार्जकैप कैटेगरी में शामिल Adani Ports Share (2.80%), Axis Bank Share (2.10%), Kotak Bank Share (1.60%) और HDFC Bank Share (1.50%) उछलकर ट्रेड कर रहा था. मिडकैप कैटेगरी को देखें, तो Bharat Forge Share (2%), Policy Bazar Share (1.95%), Paytm Share (1.95%) और BHEL Share (1.50%) की तेजी लिए हुए दिखा. इसके अलावा स्मॉलकैप शेयरों में सबसे ज्यादा उछाल Cohance Share (4.80%) और IIFL Share (4.20%) में देखने को मिला.  टैरिफ का डर खत्म, तो झूमे बाजार बता दें कि Donald Trump के रेसिप्रोकल टैरिफ का डर खत्म होने का असर दुनियाभर के शेयर बाजारों पर देखने को मिला, एशियाई बाजारों में जापान को छोड़कर लगभग सभी मार्केट ग्रीन जोन में नजर आए थे. विदेशों से मिले इन पॉजिटिव संकेतों के चलते सेंसेक्स-निफ्टी में भी बमबम नजर आया. शुरुआती कारोबार में करीब 1,676 शेयर अपने पिछले बंद के मुकाबले तूफानी तेजी के साथ ओपन हुए, जबकि 830 शेयरों ने गिरावट के साथ शुरुआत की, वहीं 257 शेयर बिना किसी चेंज के खुले यानी इनकी ओपनिंग फ्लैट रही.