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साल 2026 में महंगे होंगे स्मार्टफोन, कीमतों में 8% की वृद्धि का अनुमान

मुंबई  साउथ कोरियन टेक कंपनी Samsung अपनी अगली फ्लैगशिप Galaxy S26 सीरीज को लॉन्च करने की तैयारी में है, लेकिन इससे पहले ही कंपनी ने स्मार्टफोन की कीमतों को लेकर एक अहम इशारा कर दिया है। Samsung Electronics के ग्लोबल को-CEO और मोबाइल बिजनेस हेड रोह ताए-मून ने साफ कहा है कि मौजूदा हालात पहले कभी नहीं आए हैं और ऐसे में सैमसंग स्मार्टफोन्स की कीमतों में बढ़ोतरी टालना मुश्किल हो सकता है। जो भी डिवाइस आप इस्तेमाल करते हैं साल 2026 में उनकी कीमतों में बढ़ोतरी हो सकती है. इसकी वजह से रैंडम एक्सेस मेमोरी (रैम) की कीमतों में तेजी आना. अक्तूबर 2025 के बाद से रैम की कीमत दोगुनी से भी ज्यादा हो गई है. रैम का इस्तेमाल कंप्यूटर, स्मार्टफोन, स्मार्ट टीवी, यहां तक की मेडिकल डिवाइस में भी होता है. रैम की कीमतें बढ़ने की वजह एआई (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) से जुड़े हुए डेटा सेंटर्स की ग्रोथ है. इन्हें ऑपरेट होने के लिए भी रैम की ज़रूरत होती है. इसके चलते डिमांड और सप्लाई में भारी गैप आ गया है और सभी को ज्यादा कीमत चुकानी पड़ रही है. 2026 में कम होगी स्मार्टफोन की बिक्री काउंटर प्वाइंट ने अनुमान लगाया है कि 2026 में स्मार्टफोन की बिक्री कम होगी और ग्लोबल शिपमेंट में 2.1 प्रतिशत की गिरावट आ सकती है. इसके पीछे सबसे बड़ी वजह कंपोनेंट का महंगा होना है. कंपोनेंट महंगे होने के कारण कंपनियों को स्मार्टफोन बनाने की लागत ज्यादा आ रही है और इसका सीधा असर फोन की कीमत पर पड़ेगा, जो ग्राहकों को चुकानी होगी. सस्ते मॉडल्स पर सबसे ज्यादा असर लागत बढ़ने के सबसे ज्यादा असर 200 अमेरिकी डॉलर (लगभग 18,000 रुपये) से सस्ती कीमत वाले मॉडल्स पर पड़ेगा. काउंटर प्वाइंट का कहना है कि इस साल की शुरुआत से इन फोन को बनाने की लागत 20-30 प्रतिशत बढ़ चुकी है. ऐसे में अब कंपनियों के पास इनकी कीमत बढ़ाने के अलावा कोई और ऑप्शन नहीं बचा है. कीमत बढ़ाने पर बजट सेगमेंट वाले ग्राहक इन्हें खरीदेंगे नहीं. इसलिए कंपनियां अब सस्ते मॉडल लॉन्च करने से पीछे हट रही हैं. महंगे फोन पर भी असर बजट के साथ-साथ मिड-रेंज और प्रीमियम फोन भी बढ़ती लागत का असर पड़ा है और अब कंपनियों के लिए इन्हें बनाना 15-20 प्रतिशत महंगा पड़ रहा है. यहां लागत बढ़ने का बड़ा कारण मेमोरी चिप्स की कमी और आसमान छूते दाम है. एआई के चलते कंज्यूमर मेमोरी चिप्स का प्रोडक्शन कम हुआ है और 2026 की दूसरी छमाही तक इनके दाम 40 प्रतिशत तक और बढ़ सकते हैं. इसके चलते भी कंपनियों की लागत 8-15 प्रतिशत तक और बढ़ सकती है. टेक इवेंट CES 2026 से पहले ग्लोबल मीडिया से बातचीत में रोह ने माना कि सेमीकंडक्टर और मेमोरी चिप्स की लागत तेजी से बढ़ रही है, जिसका सीधा असर आने वाले प्रीमियम फोन्स की कीमत पर पड़ेगा। यानी Galaxy S26 सीरीज, Samsung के अब तक के सबसे महंगे स्मार्टफोन्स में से एक हो सकती है। ऐसा ही ट्रेंड इस साल अन्य स्मार्टफोन्स के साथ भी देखने को मिल सकता है। क्यों बढ़ सकती है Samsung फोन्स की कीमत? टेक इंडस्ट्री इस वक्त मेमोरी सप्लाई क्रंच से जूझ रही है। The Korea Herald की रिपोर्ट के मुताबिक, पिछले एक साल में जनरल-पर्पज DRAM (8Gb DDR4) की कीमत 1.35 अमेरिकी डॉलर से बढ़कर 9.30 अमेरिकी डॉलर तक पहुंच गई है। यह लगभग 7 गुना बढ़ोतरी है। DRAMeXchange के आंकड़ों के मुताबिक, AI इंफ्रास्ट्रक्चर की जबरदस्त मांग के कारण मेमोरी की कीमतें रिकॉर्ड स्तर पर हैं। रोह ताए-मून ने कहा है, 'हम मेमोरी प्राइसिंग के सबसे कठिन दौर से गुजर रहे हैं', और इसका सीधा असर नए फोन्स की लागत पर पड़ने वाला है। Galaxy S26 सीरीज में क्या होगा खास? Galaxy S26 सीरीज, Samsung के लिए सिर्फ एक नया फोन नहीं बल्कि एक स्ट्रैटेजिक प्रोडक्ट होगी। इस सीरीज में कंपनी का अपना 2-नैनोमीटर Exynos 2600 चिपसेट देखने को मिलेगा, साथ ही Galaxy AI के तहत कई नए AI-पावर्ड फीचर्स भी पेश किए जाएंगे। यह फोन Samsung के वर्टिकली इंटीग्रेटेड मॉडल का असली टेस्ट भी होगा, जिसमें उसके सेमीकंडक्टर और फाउंड्री डिवीजन बड़ी भूमिका निभाते हैं। AI इकोसिस्टम को बढ़ाने की कोशिश Samsung हार्डवेयर के साथ-साथ अपने AI इकोसिस्टम को तेजी से बढ़ाने पर भी काम कर रहा है। कंपनी का दावा है कि वह 2026 के अंत तक Galaxy AI वाले डिवाइसेज की संख्या 400 मिलियन से बढ़ाकर 800 मिलियन करना चाहती है। फिलहाल Galaxy AI, Samsung की इन-हाउस टेक्नोलॉजी और Google के Gemini मॉडल के कॉम्बिनेशन पर चलता है, जिससे इमेज एडिटिंग, ऑन-डिवाइस ट्रांसलेशन जैसे फीचर्स मिलते हैं। इंटरनल सर्वे के मुताबिक, Galaxy यूजर्स में AI ब्रैंड अवेयरनेस 30 प्रतिशत से बढ़कर 80 प्रतिशत हो चुकी है। हालांकि, कंपनी यह भी सोच रही है कि भविष्य में कुछ प्रीमियम AI फीचर्स के लिए फीस ली जाए। अभी कोर फीचर्स मुफ्त रहेंगे, लेकिन कुछ एडवांस सुविधाएं पेड मॉडल में जा सकती हैं।

भारत में पोल्ट्री फीड की कीमतें ऊंची, लेकिन अंडा दुनिया में सबसे सस्ता, ब्राजील-अमेरिका के रेट का फर्क जानें

 नई दिल्ली केंद्रीय पशुपालन और डेयरी मंत्रालय की ताजा रिपोर्ट के मुताबिक, साल 2025 में भारत में करीब 25 हजार करोड़ अंडों का उत्पादन हुआ था. बाजार में एक अंडे की वर्तमान कीमत 8 से 9 रुपये है. पोल्ट्री एक्सपर्ट का दावा है कि ये पहला मौका है जब अंडा 8 रुपये का बिक रहा है और पोल्ट्री फार्मर को लागत के हिसाब से ठीक-ठाक मुनाफा हो रहा है. लेकिन हैरत की बात ये है कि देश में जिस अंडे को महंगा बताया जा रहा है वो दुनिया का सबसे सस्ता अंडा है. दूसरे कई देशों में भारत के मुकाबले कई गुना महंगा अंडा बिक रहा है.  और ये तब है जब महंगा अंडा बेचने वालों के मुकाबले भारत में सबसे महंगा पोल्ट्री फीड बिक रहा है. अगर दो-चार देशों को छोड़ दें तो विश्व का सबसे महंगा पोल्ट्री फीड भारत में बिक रहा है. ऐसा नहीं है कि पोल्ट्री फीड में शामिल मक्का और सोयाबीन का उत्पादन भारत में नहीं होता है. लेकिन वहां भी किसानों की लागत इतनी ज्यादा है कि मक्का और सोयाबीन की वजह से ही पोल्ट्री फीड महंगा हो जाता है.   देश-विदेश में क्या हैं फीड के रेट      यूएसए में एक टन मक्का के दाम- 174.8 डॉलर (15760 भारतीय रुपये में)     ब्राजील में एक टन मक्का के दाम- 184 डॉलर (16588 भारतीय रुपये में)      यूक्रेन में एक टन मक्का के दाम- 213 डॉलर (19385 भारतीय रुपये में)      भारत में एक टन मक्का के दाम- 24 हजार से 24250 रुपये तक.      नोट- मक्का मूल्य तुलना जनवरी 2026. अंडे और विश्व में उसके दाम        साल 2026 में भारत में औसत 70 से 100 रुपये के 12 अंडे बिक रहे हैं.      ब्राजील में 12 अंडों के दाम करीब 250 रुपये हैं.      संयुक्त राज्य अमेरिका 12 अंडों के दाम करीब 258 रुपये हैं.  किस देश के फार्मर को कितना हो रहा मुनाफा      भारत में अभी पोल्ट्री फार्मर 72 से 78 रुपये के 12 अंडे बेच रहे हैं.      ब्राजील में पोल्ट्री फार्मर 129 रुपये के 12 अंडे बेच रहे हैं.     संयुक्त राज्य अमेरिका में पोल्ट्री फार्मर 132 रुपये के 12 अंडे बेच रहे हैं.  भारतीय पोल्ट्री फार्मर अमेरिका और ब्राजील के किसानों मुकाबले मक्का के लिए 35 से 50 फीसद ज्यादा दाम चुका रहे हैं. सोयाबीन मील के मामले में भी हालात कोई अलग नहीं हैं. साल 2021-22 के संकट के बाद भारत में कीमतें 84000 रुपये मीट्रिक टन तक बढ़ गईं थी. जिसके बाद GM सोयाबीन मील इंपोर्ट करनी पड़ी थी.  भारत में क्यों महंगा है पोल्ट्री फीड? प्रेसिडेंट सुरेश चित्तुरी का कहना है कि देश में फीड लागत की परेशानी अचानक से सामने नहीं आई है. ये सब पॉलिसी की वजह से हो रहा है. इसे इस तरह से भी समझा जा सकता है.  मक्के पर ज़्यादा इंपोर्ट टैरिफ-     50 फीसद बेसिक कस्टम ड्यूटी, साथ ही 5 फीसद IGST और 10 फीसद सरचार्ज.      4.5 करोड़ टन से ज़्यादा पोल्ट्री फीड अनाज की जरूरत के मुकाबले, 15 फीसद ड्यूटी पर 5 लाख टन का एक छोटा सा टैरिफ रेट कोटा (TRQ), सोया-सोयामील पर टैरिफ और प्रतिबंध, सोयाबीन पर 45 से 56.5 फीसद टैरिफ.      GM सोयाबीन, मील का इंपोर्ट सिर्फ खास संकट के समय दी गई छूट के जरिए ही होता है.  जीएम फसल पर बैन- भारत में अभी भी फीड के लिए जीएम मक्का और जीएम सोया पर बैन लगा हुआ है. अमेरिका और ब्राजील 90 फीसद जीएम क्षेत्र में खेती करते हैं, जिससे 20 से 30 फीसद ज़्यादा पैदावार होती है जो लागत को कम कर देती है.  इथेनॉल ब्लेंडिंग पर जोर-  देश में 80 लाख से एक करोड़ टन मक्का इथेनॉल में जा रहा है. जिसके चलते फीड में सप्लाई कम हो रही है. जबकि 2024 से मक्के की कीमत 14 फीसद तक बढ़ गई हैं. इन्हीं सब चीजों का नतीजा है कि भारतीय पोल्ट्री फार्मर अपना मुख्य कच्चा माल विश्व की ऊंची कीमतों पर खरीदते हैं, जबकि बाजार में प्रोडक्ट बेचने पर उन्हें कोई खास फायदा नहीं मिलता है.  क्या कहते हैं पोल्ट्री एक्सपर्ट इंटरनेशन ऐग कमीशन के प्रेसिडेंट और श्रीनिवास ग्रुप के एमडी सुरेश चित्तुरी का कहना है कि अगर सरकार पोल्ट्री फार्मर को राहत दे तो पोल्ट्री प्रोडक्शन अंडे-चिकन का उत्पादन और बढ़ सकता है. और सस्ता अंडा उत्पादन करने का फायदा हम इंटरनेशनल मार्केट में उठा सकते हैं. अभी नाम मात्र के आंकड़े के साथ अंडा एक्सपोर्ट हो रहा है.   पोल्ट्री फेडरेशन ऑफ इंडिया के ज्वाइंट सेक्रेटरी रिकी थापर का कहना है कि भारत में लेबर सस्ती है तो इसके चलते भी अंडे के दाम कम रहते हैं. जबकि दूसरे देशों में पोल्ट्री फार्म में काम करने वाली और फार्म का शेड तैयार करन वाली हर तरह की लेबर महंगी है.

500% टैरिफ की आहट से हिला शेयर बाजार, निवेशकों के 8 लाख करोड़ रुपये डूबे

मुंबई  भारतीय शेयर बाजार में गुरुवार को बड़ी गिरावट आई है. सेंसेक्‍स और निफ्टी50 में लगातार चौथे दिन भी गिरावट जारी रही. सिर्फ 4 दिन के दौरान ही शेयर बाजार से 1600 से ज्‍यादा अंक टूट गए हैं. वहीं निफ्टी में भी 2 फीसदी तक की गिरावट आई यानी करीब 400 अंक निफ्टी टूटा है.  2 जनवरी को सेंसेक्‍स 85,762.01 पर बंद हुआ था और आज यानी 8 जनवरी को सेंसेक्‍स 84,180 पर क्‍लोज हुआ यानी करीब 1600 अंकों की गिरावट आई है. इसी तरह, निफ्टी 4 करोबारी दिनों के दौरान 400 अंक गिरकर 25876 पर बंद हुआ है.   गुरुवार को बीएसई सेंसेक्स 780 अंक या 0.92 प्रतिशत गिरकर 84,181 पर आ गया, जबकि एनएसई सेंसेक्स 264 अंक या 1.01 प्रतिशत गिरकर 25,877 पर बंद हुआ. बाजार बंद होने के समय बिकवाली का भी दबाव रहा, जिससे बीएसई के बाजार पूंजीकरण (मार्केट कैप) में लगभग 8.1 लाख करोड़ रुपये की गिरावट आई.  निवेशकों को तगड़ा नुकसान  BSE के मार्केट कैप के आधार पर निवेशकों की संपत्ति में पिछले सत्र के 479.94 लाख करोड़ रुपये से 8.11 लाख करोड़ रुपये की गिरावट दर्ज की गई और यह घटकर 471.82 लाख करोड़ रुपये रह गई. रिलायंस इंडस्ट्रीज, लार्सन एंड टुब्रो (L&T), टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS), इंफोसिस, एयरटेल, स्टेट बैंक ऑफ इंडिया, HDFC बैंक, टाटा स्टील और टेक महिंद्रा जैसी दिग्गज कंपनियों के कारण बाजार सूचकांकों पर दबाव बना रहा. 500 फीसदी टैरिफ की आहट रूस पर दबाव बढ़ाने के लिए अमेरिका में एक नया बिल 'Sanctioning Russia Act of 2025' पेश किया गया है, जिसके तहत रूसी तेल खरीदारों पर 500 फीसदी तक टैरिफ लगाने की बात कही जा रही है. इसे राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की बड़ी चाल बताई जा रही है. इस बिल का उद्देश्य रूस पर आर्थिक दबाव बढ़ाना है. इसके तहत, भारत, चीन, ब्राजील जैसे देशों पर 500 प्रतिशत तक टैरिफ लगाने की बात कही जा रही है. इसी आहट से शेयर बाजार में भारी गिरावट आई है. बीएसई सेंसेक्‍स के टॉप 30 शेयरों में से 4 शेयरों को छोड़कर सभी शेयर लाल निशान पर बंद हुआ. सबसे ज्‍यादा गिरावट L&T 3.35%, Tech Maindra के शेयर 2.94 फीसदी और टीसीएस के शेयरों में 2.74 फीसदी तक की गिरावट आई. जोमैटो और आईसीआईसीआई बैंकों के शेयरों में मामूली तेजी रही.  189 शेयर 52 सप्‍ताह के लो पर  कुल 189 शेयरों ने अपने 52 सप्ताह के निचले स्तर को छुआ.  BSE500 में शामिल Afcons Infrastructure, AWL Agri Business, BASF India, Bata India, Blue Jet Healthcare, Clean Science and Technology, Cohance Lifesciences और Colgate Palmolive (India) जैसे शेयरों में गिरावट आई और ये अपने-अपने एक साल के निचले स्तर पर पहुंच गए.  वहीं 113 शेयरों ने 52 सप्ताह के नए उच्चतम स्तर को छुआ.  4,366 शेयरों में से 3,157 शेयरों में गिरावट देखी गई और 1,039 शेयरों में बढ़त दर्ज की गई, जबकि 170 शेयरों में कोई बदलाव नहीं हुआ. विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) ने पिछले सत्र के दौरान नेट बेस पर 1,668.80 करोड़ रुपये की बिक्री की, जबकि घरेलू संस्थागत निवेशकों (DII) ने 2,991.95 करोड़ रुपये की खरीदारी की. 

चांदी में 12 हजार रुपये की गिरावट, सोने की कीमत में भी आई कमी, जानें गोल्ड और सिल्वर के नए रेट

इंदौर  गुरुवार, 8 जनवरी 2026 को चांदी के भाव में भारी गिरावट आई है. आज सोने के दाम भी कम हुए हैं. इंडिया बुलियन एंड ज्वैलर्स एसोसिएशन (IBJA) के मुताबिक, बुधवार, 7 जनवरी 2026 को 22 कैरेट सोने का भाव ₹1,25,194 प्रति 10 ग्राम था, जो आज गुरुवार, 8 जनवरी को ₹1,24,066 प्रति 10 ग्राम पहुंच गया है. आज चांदी (999, प्रति 1 किलो) की कीमत में 12 हजार से ज्यादा की गिरावट दर्ज की गई है. जानें सोना-चांदी के लेटेस्ट भाव                                   शुद्धता               बुधवार शाम का रेट               गुरुवार सुबह का रेट     कितना सस्ता? सोना (प्रति 10 ग्राम)     999 (24 कैरेट)     136675                                  135443                ₹1232 सस्ता सोना (प्रति 10 ग्राम)     995 (23 कैरेट)     136128                                  134901                ₹1227 सस्ता सोना (प्रति 10 ग्राम)     916 (22 कैरेट)     125194                                  124066                ₹1128 सस्ता सोना (प्रति 10 ग्राम)     750 (18 कैरेट)     102506                                  101582                 ₹924 सस्ता सोना (प्रति 10 ग्राम)     585 (14 कैरेट)     79955                                    79234                   ₹721 सस्ता चांदी (प्रति 1 किलो)     999                    248000                                   235775                 ₹12225 सस्ती बुधवार को सोने का भाव (999 शुद्धता) सुबह का रेट: ₹136615 प्रति 10 ग्राम शाम का रेट: ₹136675 प्रति 10 ग्राम बुधवार को चांदी का भाव (999 शुद्धता) सुबह का रेट: ₹246044 प्रति किलो शाम का रेट: ₹248000 प्रति किलो इंडिया बुलियन एंड ज्वैलर्स एसोसिएशन (IBJA) द्वारा जारी किए गए दाम देश में सर्वमान्य हैं लेकिन इनकी कीमतों में जीएसटी शामिल नहीं होती है. गहने खरीदते समय सोने या चांदी के रेट टैक्स समेत होने की वजह से अधिक होते हैं. बता दें IBJA की ओर से जारी कीमतों से अलग-अलग प्योरिटी के सोने के स्टैंडर्ड भाव की जानकारी मिलती है. ये सभी रेट टैक्स और मेकिंग चार्ज के पहले के हैं.

2026 में लॉन्च हो सकता है फोल्डेबल iPhone, डिजाइन लीक होने पर Apple ने किया मुकदमा

 नई दिल्ली ऐपल उन गिनी चुनी कंपनियों में से है जो अपने आने वाले प्रोडक्ट्स को सालों तक पूरी तरह छुपाकर रखती है. इसलिए आपने दूसरी कंपनियों की तरह ऐपल के किसी प्रोडक्ट का टीजर कभी नहीं देखा होगा. हालांकि सालों से ऐपल के आईफोन लॉन्च से पहले लीक हो जाते हैं.  टेक इंडस्ट्री में एक सच्चाई यह भी है कि ऐपल से जुड़ी सबसे बड़ी कहानियां अक्सर लॉन्च से पहले ही बाहर आ जाती हैं. इस बार भी कुछ ऐसा ही हुआ है. फर्क बस इतना है कि इस बार लीक किसी अफवाह या सप्लाई चेन रिपोर्ट से नहीं, बल्कि उस शख्स से आया है जिसके खिलाफ ऐपल पहले ही कानूनी कार्रवाई कर चुका है. हाल के दिनों में ऐपल के Foldable iPhone को लेकर चर्चाएं फिर तेज़ हो गई हैं. यह वही प्रोडक्ट है जिसे लेकर सालों से कहा जाता रहा है कि ऐपल इस सेगमेंट में तब तक एंट्री नहीं करेगा जब तक टेक्नोलॉजी पूरी तरह तैयार न हो जाए. अब जो जानकारी सामने आई है, वह इसी सोच को मजबूत भी करती है और नए सवाल भी खड़े करती है. जॉन प्रॉसर नाम के यूट्यूबर ने एक बार फिर से Foldable iPhone का डिजाइन लीक किया है. लीक के मुताबिक ऐपल का फोल्डेबल आईफोन बुक स्टाइल डिजाइन में हो सकता है. यानी फोन बंद रहने पर यह एक नॉर्मल बार स्मार्टफोन जैसा दिखेगा और खोलने पर टैबलेट साइज स्क्रीन में बदल जाएगा. बताया जा रहा है कि बाहर की स्क्रीन कॉम्पैक्ट होगी ताकि रोज़मर्रा के इस्तेमाल में फोन भारी न लगे, जबकि अंदर की स्क्रीन बड़ी होगी जो वीडियो, पढ़ने और मल्टीटास्किंग के लिए बनाई गई है. रिपोर्ट के मुताबिक फोल्डेबल आईफोन में क्रीज ना के बराबर होगा. फोल्डेबल फोन की सबसे बड़ी कमजोरी यही रही है कि स्क्रीन के बीच एक लाइन साफ दिखती है. इंडस्ट्री में लंबे समय से चर्चा है कि ऐपल बिना क्रीज़ या बहुत कम क्रीज़ वाली डिस्प्ले टेक्नोलॉजी पर काम कर रहा है, और इसी वजह से वह अब तक फोल्डेबल फोन लॉन्च करने से बचता रहा. इस पूरे मामले को और दिलचस्प बनाता है कानूनी बैकग्राउंड. जिस व्यक्ति ने यह जानकारी शेयर की है, उसके खिलाफ ऐपल पहले ही ट्रेड सीक्रेट चोरी करने का आरोप लगा चुका है. कंपनी का दावा है कि उसके इंटरनल सॉफ्टवेयर और डिजाइन से जुड़ी जानकारी गैरकानूनी तरीके से बाहर लाई गई. इसके बावजूद नई जानकारी सामने आना यह दिखाता है कि ऐपल के लिए अपने सीक्रेट्स को पूरी तरह कंट्रोल में रखना अब पहले जितना आसान नहीं रहा. टेक इंडस्ट्री के जानकार मानते हैं कि फोल्डेबल आईफोन की टाइमिंग भी बेहद अहम होगी. अभी तक फोल्डेबल मार्केट में सैमसंग और कुछ हद तक गूगल जैसे ब्रांड्स मौजूद हैं, लेकिन यह सेगमेंट अभी भी नीश कैटेगरी में ही गिना जाता है. ऐपल की एंट्री इस कैटेगरी को मेनस्ट्रीम बना सकती है, ठीक वैसे ही जैसे उसने पहले स्मार्टफोन और स्मार्टवॉच के साथ किया था. यह भी मुमकिन है कि ऐपल फोल्डेबल आईफोन को एक अलग पहचान के साथ पेश करे. चर्चा है कि कंपनी इसे प्रो या अल्ट्रा कैटेगरी में रख सकती है ताकि यह एक प्रीमियम और लिमिटेड ऑडियंस के लिए बना प्रोडक्ट लगे. इससे ऐपल को टेक्नोलॉजी को धीरे धीरे स्केल करने का वक्त भी मिल जाएगा. फिलहाल ऐपल की तरफ से इस पर कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है. कंपनी हमेशा से लीक और रूमर्स पर प्रतिक्रिया नहीं देती. लेकिन इतना साफ है कि फोल्डेबल आईफोन अब सिर्फ एक दूर की संभावना नहीं रह गया है. इस साल सितंबर में ऐपल iPhone 18 सीरीज के साथ ही फोल्डेबल लॉन्च कर सकता है. 

वेदांता चेयरमैन के बेटे का निधन, 49 साल की उम्र में अग्निवेश की हो गई मौत, अनिल अग्रवाल का भावुक संदेश

नई दिल्ली ग्रुप के चेयरमैन और उद्योगपति अनिल अग्रवाल के बड़े बेटे अग्निवेश अग्रवाल का बुधवार को न्यूयॉर्क में निधन( Vedanta Chairman Anil Agarwal's Son Agnivesh Agarwal Passes Away) हो गया। वे 49 वर्ष के थे। इस दुखद खबर की जानकारी स्वयं अनिल अग्रवाल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर साझा की और इसे अपने जीवन का 'सबसे काला दिन' बताया। अनिल अग्रवाल के अनुसार, अग्निवेश अमेरिका में स्कीइंग के दौरान एक दुर्घटना में गंभीर रूप से घायल हो गए थे। न्यूयॉर्क के माउंट सिनाई अस्पताल में उनका इलाज चल रहा था और उनकी हालत में सुधार हो रहा था। परिवार को उम्मीद थी कि वे जल्द स्वस्थ हो जाएंगे, लेकिन अचानक आए कार्डियक अरेस्ट ने उनकी जान ले ली। अपने भावुक संदेश में अनिल अग्रवाल ने लिखा कि अग्निवेश स्वस्थ थे, जीवन और सपनों से भरपूर थे और इतनी जल्दी चले जाना परिवार के लिए असहनीय है। उन्होंने कहा कि परिवार को लग रहा था कि सबसे कठिन समय बीत चुका है, लेकिन किस्मत को कुछ और ही मंजूर था। अग्निवेश अग्रवाल का ऐसा रहा करियर  Anil Agarwal के बेटे अग्निवेश अग्रवाल का निधन हो गया है. उनका जन्म 3 जून, 1976 को बिहार के पटना में हुआ था. उन्होंने अजमेर के मेयो कॉलेज से अपनी पढ़ाई पूरी की थी और उसके बाद Vedanta Group में एंट्री लेकर इसकी कई कंपनियों में बड़ी भूमिका निभाई थी. जहां अग्निवेश अग्रवाल ने हिंदुस्तान जिंक के गैर-कार्यकारी अध्यक्ष के रूप में काम किया था, तो 2019 में अपना पद छोड़ने के बाद वे वेदांता से जुड़ी तलवंडी साबो पावर लिमिटेड (TSPL) के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स में शामिल हुए थे और कंपनी को आगे बढ़ाने में अहम रोल निभाया था.  Agnivesh Agarwal ने ट्विन स्टार इंटरनेशनल लिमिटेड, स्टेरलाइट डिस्प्ले टेक समेत ग्रुप की अन्य सब्सिडियरीज में डायरेक्टर के पद संभाले थे. वहीं उन्होंने एक कंपनी Fujeirah Gold FZC की स्थापना भी की थी, जो UAE बेस्ड मेटल रिफाइनिंग कंपनी है. उनके निधन के बाद पिता अनिल अग्रवाल ने भी एक भावुक सोशल मीडिया पोस्ट (Anil Agarwal Post) में इसका जिक्र करते हुए कहा कि,'अग्निवेश बहुत कुछ थे, उन्होंने सबसे अच्छी कंपनियों में से एक फुजैरा गोल्ड शुरू की, हिंदुस्तान जिंक के चेयरमैन बने, और अपने साथ काम करने वालों और दोस्तों का सम्मान पाया.' वेदांता चेयरमैन ने लिखा कि मेरे लिए, वह सिर्फ मेरा बेटा नहीं था, वह मेरा दोस्त था, मेरा गर्व, मेरी दुनिया था. पत्नी का बंगाल की सबसे अमीर फैमिली से ताल्लुक  अग्निवेश अग्रवाल की शादी पूजा बांगुर साथ हुई थी, जो पश्चिम बंगाल के सबसे अमीर कारोबारी घराने से ताल्लुक रखती हैं. वह श्री सीमेंट के मैनेजिंग डायरेक्टर हरि मोहन बांगुर की बेटी हैं. उनके दादा बेनु गोपाल बांगुर (Benu Gopal Bangur) देश के सबसे अमीर लोगों में शामिल हैं. उनकी नेटवर्थ की बात करें तो ये 6.7 अरब डॉलर (55000 करोड़ रुपये से ज्यादा) है. वे 1992 से 2002 तक Shree Cement के चेयरमैन रहे थे. पिता देश के सबसे अमीरों में शामिल बात करें, अरबपति कारोबारी अनिल अग्रवाल के दिवंगत बेटे अग्निवेश अग्रवाल की नेटवर्थ (Agnivesh Agarwal Networth) के बारे में, तो इसका कोई सटीक आंकड़ा उपलब्ध नहीं है, वहीं पिता Anil Agarwal Networth देखें, तो ये 3.3 अरब डॉलर है. उनकी कंपनी का मार्केट कैपिटलाइजेशन 2.36 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा है.  अग्निवेश अग्रवाल का जन्म 3 जून 1976 को पटना में हुआ था। उन्होंने अजमेर के मेयो कॉलेज से शिक्षा प्राप्त की। वे एक सफल उद्योगपति थे और फुजैराह गोल्ड कंपनी की स्थापना में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही। इसके साथ ही वे हिंदुस्तान जिंक के चेयरमैन भी रहे। अनिल अग्रवाल ने अपने बेटे को एक उत्कृष्ट खिलाड़ी, संगीतकार और प्रभावी नेतृत्वकर्ता बताया, जो अपनी सादगी, गर्मजोशी और दयालु स्वभाव के लिए जाने जाते थे। उन्होंने कहा कि अग्निवेश आत्मनिर्भर भारत की सोच में गहरा विश्वास रखते थे और देश की क्षमताओं पर पूरा भरोसा करते थे। अपने पोस्ट में अनिल अग्रवाल ने समाज सेवा के उन सपनों का भी उल्लेख किया, जो उन्होंने अपने बेटे के साथ मिलकर देखे थे। इनमें बच्चों की भूख मिटाना, शिक्षा को बढ़ावा देना और महिलाओं का सशक्तिकरण शामिल था। उन्होंने दोहराया कि वे अपनी आय का 75 प्रतिशत से अधिक हिस्सा समाज को लौटाने के संकल्प पर पहले की तरह दृढ़ रहेंगे और और भी सादा जीवन अपनाएंगे।

चांदी हुई 8000 रुपये सस्ती, देखें आज के ताजे भाव और एक दिन पहले का रिकॉर्ड

नई दिल्‍ली.  चांदी की कीमत तो जैसे रोलर कोस्‍टर पर सवार है. एक दिन पहले तक रिकॉर्ड कीमत पर पहुंच चुकी चांदी ने बुधवार के कारोबार में बड़ी गिरावट दिखाई. मल्‍टीकमोडिट एक्‍सचेंज पर आज चांदी का वायदा भाव करीब 8 हजार रुपये टूट गया. एक दिन पहले ही चांदी की कीमत 2.60 लाख रुपये प्रति किलोग्राम के आसपास दिख रही थी, जो आज बड़ी गिरावट के साथ 2.52 लाख रुपये के आसपास पहुंच गई. चांदी में यह गिरावट ग्‍लोबल मार्केट में बढ़ रहे दबाव की वजह से दिखी है. मल्‍टी कमोडिटी एक्‍सचेंज (MCX) पर 7 जनवरी की सुबह चांदी का वायदा भाव करीब 3 फीसदी टूट गया और 2,51,729 रुपये प्रति किलोग्राम के भाव पर आ गया. इससे एक दिन पहले यानी 6 जनवरी को चांदी का भाव एमसीएक्‍स पर 2,59,692 रुपये के रिकॉर्ड लेवल पर पहुंच गया था. आज के कारोबार में मई का वायदा भाव 2.5 फीसदी गिरा, फिर भी यह 2,58,566 रुपये प्रति किलोग्राम के भाव पर दिखा. इसी तरह, जुलाई का वायदा भाव 2 फीसदी की गिरावट के साथ 2,65,028 रुपये प्रति किलोग्राम पर दिखा था. ग्‍लोबल मार्केट में भी टूटी चांदी ऐसा नहीं है कि आज सिर्फ एमसीएक्‍स पर ही चांदी का वायदा भाव टूटा है, ग्‍लोबल मार्केट में भी चांदी का हाजिर भाव 3.5 फीसदी की गिरावट के साथ 78.43 डॉलर प्रति औंस के भाव रहा. 29 दिसंबर को ग्‍लोबल मार्केट में चांदी का हाजिर भाव 83.62 डॉलर प्रति औंस के साथ अपने रिकॉर्ड लेवल पर था. चांदी में तेज गिरावट का कारण मुनाफा वसूली है, क्‍योंकि अमेरिका के जॉब डाटा जल्‍द ही आने वाले हैं और निवेशकों के मन में चांदी को लेकर संभावनाएं निगेटिव हो रही हैं. सिल्‍वर ईटीएफ के भी टूटे भाव चांदी की वायदा और हाजिर कीमतों में गिरावट की वजह से आज सिल्‍वर एक्‍सचेंज ट्रेडेड फंड में भी गिरावट दिख रही है. आज के कारोबार में 360 ONE Silver ETF 2 फीसदी गिरा, जबकि Axis Silver ETF, Tata Silver ETF, SBI Silver ETF और HDFC Silver ETF में मामूली उछाल दिख रहा है. इसके अलावा Nippon India Silver ETF, UTI Silver ETF, ICICI Prudential Silver ETF, Motilal Oswal Silver ETF, Zerodha Silver ETF में भी 0.5 फीसदी तक का उछाल दिख रहा है. निवेशकों के लिए क्‍या सुझाव वीएसआरके कैपिटल के कमोडिटी एक्‍सपर्ट संजय अग्रवाल का कहना है कि चांदी में अभी काफी उतार-चढ़ाव दिख रहा है. निवेशकों को इस पर ज्‍यादा भरोसा तब दिखाना चाहिए, जब इसकी कीमतें स्थिर हों. INVasset PMS के बिजनेस हेड हर्षल दसानी का कहना है कि साल 2026 में चांदी का कारोबार बढ़ता दिख रहा है, क्‍योंकि इंडस्‍ट्री में इसकी डिमांड बढ़ती जाएगी. इलेक्‍ट्रॉनिक्‍स और सोलर सेक्‍टर में चांदी की बढ़ती मांग की वजह से मार्केट में भी इसकी कीमतों में उछाल दिखेगा. अगर चांदी पर दांव लगाना है तो आने वाले साल में यह तेज रिटर्न दिला सकता है, लेकिन लंबी अवधि में इसकी कीमतों में गिरावट से भी इनकार नहीं किया जा सकता है.

Simple One Gen 2 लॉन्च, 400KM रेंज और लाइफटाइम वारंटी के साथ मिले एडवांस फीचर्स

 नई दिल्ली Simple One Gen 2 Electric Scooter: देश की प्रमुख इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर कंपनी सिंपल एनर्जी ने आज अपने व्हीकल पोर्टफोलियो को बड़ा अपडेट दिया है. नए साल के शुरुआत के साथ कंपनी ने अपने पॉपुलर इलेक्ट्रिक स्कूटर Simple One का Gen 2 वर्जन लॉन्च किया है. यह नया मॉडल Gen 1.5 पर बेस्ड एक ज्यादा बेहतर और परफॉर्मेंस फोकस्ड स्कूटर है. इसके अलावा कंपनी ने नया फ्लैगशिप मॉडल सिंपल अल्ट्रा को भी पेश किया है.  कंपनी ने Simple One Gen 2 के डिजाइन, राइड क्वालिटी, बैटरी, परफॉर्मेंस और सॉफ्टवेयर में कई जरूरी सुधार किए हैं, ताकि यूजर्स को ज्यादा भरोसेमंद और एडवांस अनुभव मिल सके. इस नए इलेक्ट्रिक स्कूटर की शुरुआती कीमत 1.40 लाख रुपये में पेश किया है. जो इंट्रोडक्ट्री प्राइस है, ऑफर खत्म होने के बाद इसकी कीमत 1.50 लाख रुपये (एक्स-शोरूम) हो जाएगी. डिजाइन और हार्डवेयर में सुधार सिंपल एनर्जी का कहना है कि, Simple One Gen 2 का डिजाइन पहले से ज्यादा स्लीक और स्ट्रीमलाइन किया गया है. स्ट्रक्चरल जॉइंट्स को मजबूत बनाया गया है, जिससे स्कूटर की राइड ज्यादा शार्प और कंट्रोल्ड हो जाती है. बैटरी के चारों तरफ क्रैश जोन को मजबूत किया गया है, जिससे सेफ्टी बढ़ती है. नए टायर कंपाउंड से हाई स्पीड पर स्टेबिलिटी बेहतर होती है. सस्पेंशन को दोबारा ट्यून किया गया है और सीट की ऊंचाई 16 मिमी तक कम की गई है. सीट फोम अब ज्यादा स्पोर्टी और सख्त है, जिससे लंबी राइड में बेहतर सपोर्ट मिलता है. नई बैटरी और दमदार परफॉर्मेंस Simple One Gen 2 का टॉप वेरिएंट नई 5kWh बैटरी के साथ आता है, जो पहले से हल्की, ज्यादा एनर्जी डेंस और ज्यादा एफिशिएंट है. बैटरी का वजन 34 किग्रा से घटकर 30 किग्रा हो गया है. इसमें लगा इलेक्ट्रिक मोटर 8.8kW की पीक पावर और 72Nm का पीक टॉर्क देता है. कंपनी का दावा है कि यह स्कूटर सिंगल चार्ज में 265 किमी की IDC रेंज देता है.  इसके अलावा 4.5kWh बैटरी वाला वर्जन भी मिलेगा, जो सिंगल चार्ज में 236 किमी की रेंज देगा. दोनों वेरिएंट 0 से 40 किमी प्रतिघंटा की रफ्तार सिर्फ 2.55 सेकंड में पकड़ लेते हैं और इस स्कूटर की टॉप स्पीड अब 115 किमी प्रतिघंटा हो गई है. Simple OneS का बेस वर्जन Simple OneS वेरिएंट में 3.7kWh की छोटी बैटरी दी गई है, जो 190 किमी की IDC रेंज देती है. इसमें कम पावरफुल मोटर है, जो 6.4kW की पावर और 52Nm का टॉर्क जनरेट करता है. यह वर्जन उन ग्राहकों के लिए है, जो रोजमर्रा के इस्तेमाल के लिए किफायती इलेक्ट्रिक स्कूटर चाहते हैं.  स्कूटर के वेरिएंट और कीमत वेरिएंट     कीमत (एक्स-शोरूम) Simple OneS     1.40 लाख रुपये Simple One 4.5kWh     1.70 लाख रुपये Simple One 5kWh     1.78 लाख रुपये   Simple One Ultra में क्या है ख़ास कंपनी ने Simple One Ultra वेरिएंट भी शोकेस किया है. इसमें 6.5kWh की बड़ी बैटरी दी गई है, जो सिंगल चार्ज में 400 किमी की IDC रेंज देने का दावा करती है. यह वेरिएंट महज 2.77 सेकंड में 0 से 40 किमी प्रतिघंटा की स्पीड पकड़ता है. फिलहाल इसकी कीमत का ऐलान नहीं किया गया है. आने वाले समय में इसकी कीमत से पर्दा उठेगा. SimpleOS और नए स्मार्ट फीचर्स Gen 2 के साथ SimpleOS में कई नए सॉफ्टवेयर अपडेट दिए गए हैं. इसमें दो नए राइडिंग मोड जोड़े गए हैं, EcoX और SonicX. ये दोनों राइडिंग मोड्स स्कूटर की राइड को और भी बेहतर बनाने में मदद करेंगे. EcoX राइडर के थ्रॉटल इनपुट, स्पीड पैटर्न और आसपास के माहौल को समझकर रेंज बढ़ाने पर फोकस करता है. वहीं SonicX मोड स्कूटर की पूरी 115 किमी प्रतिघंटा के टॉप स्पीड को अनलॉक करता है.  स्कूटर में चार ट्रैक्शन मोड और 4 लेवल की रीजनरेटिव ब्रेकिंग दी गई है. इसके अलावा 2 लेवल का क्रूज कंट्रोल, हिल होल्ड असिस्ट, व्हीकल फॉल कटऑफ और हार्ड ब्रेकिंग पर एक्टिव होने वाली इमरजेंसी ब्रेक लाइट्स भी मिलती हैं. 5kWh बैटरी वाले वेरिएंट में 7 इंच की टचस्क्रीन TFT डिस्प्ले दी गई है. वहीं Simple OneS में 7 इंच की नॉन टच TFT स्क्रीन मिलती है. डिस्प्ले में डार्क मोड और लाइट मोड दोनों ऑप्शन दिए गए हैं. सभी वेरिएंट में 35 लीटर का बूट स्पेस, फ्रंट ग्लव बॉक्स और USB चार्जिंग पोर्ट मौजूद है. लाइफटाइम वारंटी यह स्कूटर सोनिक रेड, एरो एक्स और एस्फाल्ट एक्स सहित कुल 3 रंगों में बिक्री के लिए उपलब्ध होगी. खास बात यह है कि कंपनी सभी Gen 2 स्कूटर के साथ लाइफटाइम वारंटी भी दे रही है, जिससे इलेक्ट्रिक स्कूटर की बैटरी लाइफ को लेकर ग्राहकों की एक बड़ी चिंता दूर होगी.

Mahindra XUV 7XO लॉन्च, 13.66 लाख रुपये की शुरुआती कीमत, जानें इसके शानदार फीचर्स

मुंबई  स्वदेशी एसयूवी निर्माता कंपनी Mahindra & Mahindra ने भारतीय बाजार में अपनी नई Mahindra XUV 7XO को लॉन्च कर दिया है. कंपनी ने इस एसयूवी को 13.66 लाख रुपये (एक्स-शोरूम) की शुरुआती कीमत पर उतारा है, जो पुरानी Mahindra XUV 700 की शुरुआती कीमत के बराबर ही है. बता दें कि यह भारतीय बाजार में लोकप्रिय Mahindra XUV 700 का फेसलिफ्ट वर्जन है, और इसके नेमप्लेट को बदलकर Mahindra XUV 7XO कर दिया गया है और साथ ही इसमें कुछ खास स्टाइलिंग अपडेट भी किए गए हैं, जो इसे थोड़ा और मस्कुलर लुक देते हैं. इसके अलावा, अब इसके केबिन में Mahindra की नई बोर्न इलेक्ट्रिक SUVs से ली गई नई टेक्नोलॉजी दी गई है. नई Mahindra XUV 7XO का डिजाइन इसके डिजाइन की बात करें तो, इसका फ्रंट अब पहले से ज़्यादा स्क्वेयर दिखता है. इसके अलावा इसकी ग्रिल को एक नया लुक दिया गया है और इसके दोनों तरफ़ नए, ज़्यादा एंगुलर डुअल-बैरल LED प्रोजेक्टर हेडलाइट्स लगाई गई हैं, साथ ही नए LED डे-टाइम रनिंग लैंप भी दिए गए हैं. कंपनी ने इसके बम्पर को भी रीडिज़ाइन किया गया है और इसमें सेंट्रल एयर इनटेक के दोनों तरफ़ खास ट्विन LED फॉग लैंप लगाए गए हैं. वहीं साइड प्रोफाइल पर नजर डालें तो, यहां पर सबसे बड़ा बदलाव नए डिजाइन का अलॉय व्हील है, जबकि पीछे की तरफ़ आपको नए टेल लैंप और एक रीडिज़ाइन किया गया रियर बम्पर मिलता है. नई Mahindra XUV 7XO का इंटीरियर केबिन अंदर नजर डालें तो, सबसे बड़ा बदलाव यह है कि यहां नए लुक वाला डैशबोर्ड लेआउट देखने को मिलता है. इसके टॉप वेरिएंट का डैशबोर्ड Mahindra XEV 9E और 9S के जैसा दिखाई देता है, क्योंकि इसमें वाइड-स्क्रीन ट्राई-डिस्प्ले सेटअप दिया गया है. ये डिस्प्ले लेटेस्ट AdrenoX Plus पर चलेंगे, जिसमें को-ड्राइवर डिस्प्ले कंटेंट स्ट्रीम कर सकता है. कार में आगे की सीटें पावर एडजस्टेबल हैं, और ड्राइवर की सीट में मेमोरी फंक्शन का फीचर भी दिया गया है. वहीं को-ड्राइवर सीट में एक पावर्ड बॉस मोड भी मिलता है, जो पीछे की सीट पर बैठे लोगों को सीट को पीछे खिसकाकर पैर फैलाने के लिए जगह बनाने की सुविधा देता है. वहीं रियर पैसेंजर की बात करें तो, पीछे की सीट पर बैठने वालों को सेंट्रल फ्लोर कंसोल के बेस पर एक वायरलेस चार्जिंग पैड, दरवाजों पर सन ब्लाइंड्स और तीसरी रो में आसानी से जाने के लिए को-ड्राइवर साइड सीट के लिए टम्बल फंक्शन मिलता है. इसके अलावा, वेरिएंट के आधार पर, खरीदार दूसरी रो में बेंच सीट या अलग-अलग कैप्टन चेयर में से विकल्प चुन सकते हैं. आपको बता दें कि कंपनी ने नई Mahindra XUV 7XO को कुल 6 ट्रिम लेवल में उतारा, जिनमें AX, AX3, AX5, AX7, AX7T और AX7 L शामिल हैं. नई Mahindra XUV 7XO के फीचर्स फीचर्स लिस्ट को देखें तो, नई 7XO में लेवल-2 ADAS टेक, ऑटो हेडलाइट्स और वाइपर्स, मल्टीज़ोन क्लाइमेट कंट्रोल, पावर्ड फ्रंट सीट्स, वेंटिलेटेड फ्रंट सीट्स, पावर्ड बॉस मोड, डॉल्बी एटमॉस के साथ हरमन कार्डन साउंड सिस्टम, 540-डिग्री कैमरा, महिंद्रा के ब्रिंग योर ओन डिवाइस के ज़रिए मल्टी-डिवाइस स्ट्रीमिंग इंटीग्रेशन, बीच वाली रो में 65W टाइप C USB आउटलेट, एक पैनोरमिक सनरूफ और अन्य कई फीचर्स मिलते हैं. नई Mahindra XUV 7XO का पावरट्रेन मैकेनिकल तौर पर नई 7XO में कोई बदलाव नहीं किया गया है, और इसमें XUV700 वाले ही 2.0-लीटर टर्बो-पेट्रोल और 2.2-लीटर डीजल इंजन विकल्प मिलते हैं. दोनों यूनिट मैनुअल और ऑटोमैटिक गियरबॉक्स ऑप्शन के साथ आते हैं, और टॉप डीजल ट्रिम्स में ऑल-व्हील ड्राइव का ऑप्शन भी मिलता है. हालांकि Mahindra का कहना है कि कंपनी ने नई Mahindra XUV 7XO के सस्पेंशन सेटअप पर काम किया है, और इस SUV में नए 'डेविंची' डैम्पर लगाए गए हैं, जिनके बारे में कंपनी द्वारा दावा किया गया है कि वे राइड क्वालिटी को बेहतर बनाते हैं.

चांदी और सोने की कीमतों में उछाल, चांदी में 7 हजार से ज्यादा का इजाफा, जानें नए रेट

  नई दिल्ली 6 जनवरी 2026 को चांदी की कीमतों में जबरदस्त उछाल आया है. आज मंगलवार को सोने के दाम भी बढ़े हैं. इंडिया बुलियन एंड ज्वैलर्स एसोसिएशन (IBJA) के अनुसार, 5 जनवरी 2026 को 22 कैरेट सोने का रेट ₹124730 प्रति 10 ग्राम था, जो आज सुबह बढ़कर ₹125409 प्रति 10 ग्राम तक पहुंच गया है. आज चांदी (999, प्रति 1 किलो) के भाव में 7 हजार 700 से ज्यादा की बढ़ोतरी हुई है.   सोना-चांदी का लेटेस्ट रेट                                      शुद्धता              सोमवार शाम का रेट                मंगलवार सुबह का रेट                             कितना महंगा? सोना (प्रति 10 ग्राम)     999 (24 कैरेट)            136168                                136909                                         ₹741 महंगा सोना (प्रति 10 ग्राम)     995 (23 कैरेट)            135623                                 136361                                        ₹738 महंगा सोना (प्रति 10 ग्राम)     916 (22 कैरेट)            124730                               125409                                          ₹679 महंगा सोना (प्रति 10 ग्राम)     750 (18 कैरेट)            102126                               102682                                         ₹556 महंगा सोना (प्रति 10 ग्राम)     585 (14 कैरेट)            79658                                  80092                                          ₹434 महंगा चांदी (प्रति 1 किलो)     999                           237063                                244788                                        ₹7725 महंगी सोमवार को सोने का भाव (999 शुद्धता) सुबह का रेट: ₹135721 प्रति 10 ग्राम शाम का रेट: ₹136168 प्रति 10 ग्राम मंगलवार को चांदी का भाव (999 शुद्धता) सुबह का रेट: ₹236775 प्रति किलो शाम का रेट: ₹237063 प्रति किलो इंडिया बुलियन एंड ज्वैलर्स एसोसिएशन (IBJA) द्वारा जारी किए गए दाम पूरे देश में मान्य होते हैं, लेकिन इनमें जीएसटी शामिल नहीं होता है. गहने खरीदते समय सोने या चांदी की कीमत टैक्स समेत होने के कारण अधिक होती है. IBJA की ओर से केंद्र सरकार द्वारा घोषित भाव शनिवार, रविवार और केंद्र सरकार की छुट्टियों पर जारी नहीं किए जाते हैं.