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Tata Sierra की वापसी! नए टीज़र ने बढ़ाया रोमांच, जानिए क्या होगा इसमें खास

नई दिल्ली टाटा मोटर्स भारत की उन ऑटो कंपनियों में से एक है, जिसने पिछले कुछ सालों में लगातार SUV सेगमेंट में अपनी मजबूत पकड़ बनाई है. अब कंपनी अपनी बहुप्रतीक्षित एसयूवी Tata Sierra को लेकर चर्चा में है. इस कार का नया टीजर कंपनी ने सोशल मीडिया पर जारी किया है, जिसमें इसके डिज़ाइन की झलक और लॉन्च डेट की जानकारी दी गई है. 25 नवंबर को लॉन्च होगी Tata Sierra टाटा मोटर्स ने कन्फर्म किया है कि Tata Sierra को भारत में 25 नवंबर 2025 को आधिकारिक तौर पर लॉन्च किया जाएगा. कंपनी ने अपने सोशल मीडिया हैंडल्स पर इसका टीजर जारी करते हुए तारीख का ऐलान किया है. इससे साफ हो गया है कि ग्राहकों को अब ज्यादा इंतजार नहीं करना पड़ेगा. टीजर में दिखी नई झलक नए टीजर में Tata Sierra का ताजा लुक देखने को मिला है. इसमें SUV के नए अलॉय व्हील्स, हाई-सेट बोनट और चौकोर व्हील आर्च साफ दिखाई दे रहे हैं. साथ ही, इसमें पुरानी सिएरा की याद दिलाने वाली सिग्नेचर कर्व्ड रियर विंडो भी दिखाई गई है. कंपनी ने इस कार के क्लासिक लुक को बनाए रखते हुए उसे मॉडर्न टच देने की कोशिश की है. तीन वेरिएंट में आएगी – पेट्रोल, डीज़ल और इलेक्ट्रिक मिली जानकारी के अनुसार, Tata Motors इस SUV को तीनों इंजन ऑप्शन में पेश करेगी पेट्रोल, डीजल और इलेक्ट्रिक. हालांकि, पहले इसके ICE (Internal Combustion Engine) वर्ज़न लॉन्च किए जाएंगे, जबकि इलेक्ट्रिक मॉडल को बाद में बाजार में उतारा जाएगा. फीचर्स होंगे बेहद एडवांस Tata Sierra को कई प्रीमियम और हाईटेक फीचर्स से लैस किया जाएगा. रिपोर्ट्स के मुताबिक इसमें मिलने वाले प्रमुख फीचर्स इस प्रकार हो सकते हैं:     ट्रिपल स्क्रीन सेटअप एक इंस्ट्रूमेंट क्लस्टर के लिए, दूसरी इंफोटेनमेंट के लिए और तीसरी पैसेंजर एंटरटेनमेंट के लिए     एलईडी हेडलाइट्स और टेललैंप्स     पैनोरमिक सनरूफ     हेड-अप डिस्प्ले (HUD)     JBL साउंड सिस्टम     वेंटिलेटेड सीट्स     540° सराउंड कैमरा व्यू     वायरलेस Android Auto और Apple CarPlay     वायरलेस चार्जिंग सुविधा     Level-2 ADAS (एडवांस ड्राइवर असिस्टेंस सिस्टम)     ABS, EBD, हिल असिस्ट, ESC, TPMS और ISOFIX चाइल्ड सीट एंकरिंग सिस्टम इन सब फीचर्स के साथ Sierra अपने सेगमेंट में एक प्रीमियम और सेफ SUV के रूप में बाजार में उतरेगी. Auto Expo में दिख चुका है कॉन्सेप्ट यह पहली बार नहीं है जब Sierra को पब्लिक के सामने पेश किया गया हो. Tata Motors ने इस SUV का कॉन्सेप्ट मॉडल जनवरी 2025 के Auto Expo में दिखाया था. तब से ही इसके डिजाइन और फीचर्स को लेकर ऑटो प्रेमियों में उत्सुकता बनी हुई है. ग्राहकों के लिए बड़ा सरप्राइज Sierra भारतीय ग्राहकों के लिए एक इमोशनल मॉडल भी है, क्योंकि 1990 के दशक में यह SUV भारतीय सड़कों पर काफी लोकप्रिय थी. अब इसका नया अवतार पूरी तरह से मॉडर्न और लग्ज़री टच के साथ आ रहा है, जो पुरानी यादों को नए अंदाज में वापस लाने का वादा करता है.

PF निकासी नियमों में बड़ा बदलाव, अब बिना झंझट पूरी राशि निकालना हुआ आसान!

नई दिल्ली  कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) ने अपने नियमों में बड़ा बदलाव कर दिया है। नए नियमों में अब कर्मचारी अपने भविष्य निधि (EPF) खाते से 100 प्रतिशत तक राशि निकाल सकते हैं। यह सुविधा कुछ शर्तों के जरिए पूरी होगी, जिससे सेवानिवृत्ति निधि पूरी तरह समाप्त न हो। 100% निकासी की सुविधा नए नियमों के अनुसार, कर्मचारी अब अपने ईपीएफ खाते से पूरी राशि (कर्मचारी और नियोक्ता का अंशदान) निकाल सकते हैं। यह निकासी केवल विशेष परिस्थितियों (बीमारी, शिक्षा, विवाह या आवास निर्माण जैसी जरूरतें) में ही संभव होगी। ईपीएफओ ने स्पष्ट किया है कि यह सुविधा आकस्मिक जरूरतों को पूरा करने के लिए दी है।   25% राशि खाते में रखना जरूरी फाइनेंस एक्सपर्ट्स के मुताबिक, सदस्यों को अपने कुल ईपीएफ बैलेंस का कम से कम 25 प्रतिशत हिस्सा खाते में बनाए रखना होगा। इस राशि पर ब्याज (अभी 8.25%) और चक्रवृद्धि ब्याज मिलता रहेगा। इससे सदस्य अपनी भविष्य की सेवानिवृत्ति निधि को सुरक्षित रख सकेंगे और समय के साथ उस पर अतिरिक्त लाभ भी प्राप्त करेंगे। शिक्षा और विवाह के लिए निकासी के नियम बदले पहले सदस्य शिक्षा के लिए तीन बार और विवाह के लिए तीन बार तक निधि निकाल सकते थे। अब यह सीमा बढ़ा दी गई है। नए प्रावधानों के तहत सदस्य शिक्षा के लिए 10 बार और विवाह के लिए 5 बार तक राशि निकाल सकते हैं। यह सुविधा परिवारों को बिना कर्ज लिए बड़े खर्चों को संभालने में मदद करेगी। बेरोजगारी और विशेष परिस्थितियों में राहत अब बेरोजगारी की स्थिति में सदस्य अपने खाते से 75 प्रतिशत राशि निकाल सकते हैं, जबकि शेष 25 प्रतिशत राशि अंतिम निपटान के समय मिलती है। पहले सदस्यों को प्राकृतिक आपदा या लॉकडाउन जैसे कारणों का प्रमाण देना पड़ता था, जिससे आवेदन अस्वीकार हो जाते थे। नए नियमों के बाद प्रक्रिया अधिक आसान और पारदर्शी हो गई है।  

शहनाई बजेगी भारी: वेडिंग सीजन में 11 मुहूर्त और करोड़ों का कारोबार

भोपाल  प्रदेश के मौसम का मिजाज भले ही बिगड़ा हो। बादल छाए हों, लेकिन अब शादी सीजन पर छाए बादल शनिवार से छंटने वाले हैं। यानी देव प्रबोधिनी एकादशी के साथ ही शादियों का सिलसिला शुरू हो जाएगा। हालांकि नवंबर-दिसंबर में सिर्फ 11 मुहूर्त हैं। इसके बावजूद बाजारों में अच्छे कारोबार की उम्मीद है। एक अनुमान के अनुसार शादी सीजन में इस साल राजधानी सहित आसपास के क्षेत्रों को मिलाकर 400 करोड़ से ज्यादा का कारोबार हो जाएगा। इन शुभ मुहूर्तों में अनुमानित पांच हजार शादी समारोह होंगे।  दीपावली से लेकर अब तक सोना-चांदी के भाव में काफी गिरावट आई है। इससे लोग ज्वेलरी ज्यादा वजन वाली खरीद सकेंगे। इसी प्रकार शादियों में लगने वाले सामान पर ज्यादा राशि खर्च कर सकेंगे। अनुमानित कारोबार बैंड-बाजा 02 करोड़ बर्तन 30 करोड़ ऑटोमोबाइल 100 करोड़ टेंट-केटरिंग 40 करोड़ गार्डन 05 करोड़ फर्नीचर 35 करोड़ इलेक्ट्रॉनिक्स 80 करोड़ कपड़े 20 करोड़ डेयरी उत्पाद 10 करोड़ फूल बाजार 02 करोड़ किराना बाजार 50 करोड़ पूजन सामग्री 20 करोड़ अन्य सामग्री 10 करोड़ एक लाख लोगों को रोजगार शादी के 11 मुहूर्त में भोपाल और आसपास के क्षेत्र में प्रत्यक्ष-अप्रत्यक्ष रूप से एक लाख से ज्याद लोगों को रोजगार मिलेगा। भोपाल टेंट लाइट केटर्स एसोसिएशन के महासचिव योगेश श्रीवास्तव बताते हैं कि लाइट, घोड़े वाले से लेकर फूल, स्टेज सज्जा, टेंट डेकोरेटर्स केटरिंग जैसे कामों के लिए बड़ी संख्या में लोग अपनी सेवाएं देते हैं। सोना-चांदी के भाव गिरे, गहनों की बुकिंग शुरू सोना-चांदी के भाव में दिवाली बाद गिरावट आई है। लोग शादियों केलिए गहने खरीदने बुकिंग करने लगे हैं। हालांकि कम कैरेटके गहनों की मांग है। नवनीत अग्रवाल, प्रवक्ताभोपाल सराफा महासंघ रेडीमेड कपड़ों की मांग 20% से ज्यादा शादियों में रेडीमेड कपड़ों के साथ ही सूटिंग-शर्टिंग सहित साड़ी, सूट की मांग 20% से अधिक हो जाती है। इसके अलावा स्टिचिंग का काम भी इन दिनों बढ़ गया है। सुमित गर्ग, महामंत्री, फेडरेशन ऑफ राजधानी वस्त्र व्यवसायी संघ

EPFO का पूरा बैलेंस निकालना अब हुआ आसान, मोबाइल से करें सिर्फ कुछ मिनटों में

नई दिल्ली ईपीएफओ ने कर्मचारियों के लिए बड़ी राहत दी है। अब पीएफ सदस्य अपने खाते से 100% राशि निकाल सकते हैं। ईपीएफओ की वेबसाइट पर जाकर ऑनलाइन क्लेम किया जा सकता है। आगे आप इस प्रोसेस को स्टेप-बाय-स्टेप समझ सकते हैं। हाल ही में EPFO ने एक बड़ा बदलाव करते हुए कर्मचारियों को राहत दी है। अब कर्मचारी भविष्य निधि संगठन यानी कि EPFO के सदस्य अपने पीएफ खाते से 100% राशि निकाल पाएंगे। ऐसे में अगर आप भी एक नौकरी पेशा शख्स हैं, तो आपके लिए भी जान लेना जरूरी है कि किस तरह से पीएस से पैसा निकाला जा सकता है। इससे पहले कि हम मोबाइल से EPFO का सारा पैसा निकालने का तरीका समझें, इस बात पर ध्यान दें कि नौकरी छूटने के बाद पूरी राशि निकालने की समय सीमा अब 2 महीने से बढ़ाकर 12 महीने कर दी गई है। चलिए अब हम EPFO से पैसे निकालने का तरीका समझ लेते हैं। EPFO से सारा पैसा निकालने के स्टेप्स अपने PF अकाउंट से सारा पैसा निकालने के लिए आपको सबसे पहले आपको EPFO की ऑफीशियल साइट पर जाना होगा और अपने UAN नंबर और पासवर्ड की मदद से अपने अकाउंट में लॉग-इन करना होगा।     लॉग इन करने के बाद डैश बोर्ड पर दिख रहे Online Services के ऑप्शन पर क्लिक करें और Claims ऑप्शन पर क्लिक करें।     इसके बाद आपके सामने एक फॉर्म खुलेगा। यहां कुछ फील्ड्स पहले से भरी हुई होंगी और कुछ फील्ड्स में आपको अपनी डिटेल्स भरनी होंगी।     इस फॉर्म पर आपको अपना बैंक अकाउंट नंबर डालना होगा और नियमों और शर्तों को स्वीकार करना होगा।     इसके बाद आपको अपनी आखिरी जॉब की डिटेल्स दिखाई देंगी और साथ ही डेट ऑफ एग्जिट का भी जिक्र उसमें होगा। डेट ऑफ एग्जिट का मतलब आपकी पिछली जॉब के लास्ट वर्किंग डे से होता है। आगे के स्टेप्स     इसके बाद Proceed For Online Claim पर क्लिक करके अगले स्टेप्स पर जाएं।     इसके बाद आपको I want to apply for में Form 19 को चुनना होगा और इसी के साथ आपके सामने एक और फॉर्म खुल जाएगा।     इस ऑप्शन के नीचे आपको Form 15G जमा करने का ऑप्शन मिलेगा। इस फॉर्म को तब भरकर सबमिट किया जाता है जब विड्रॉल की जा रही अमाउंट 50 हजार से ज्यादा हो और आप न चाहते हों कि उस पर आपसे 10% टीडीएस या टैक्स लिया जाए।     इसके बाद आपको अपने आधार कार्ड पर दिया पता भरना होगा और फिर मांगा जाए, तो कैंसिल चेक की फोटो अपलोड करनी होगी।     इसके बाद शर्तों को स्वीकार करके Get Aadhaar OTP पर टैप करें और OTP वेरिफाई करके अपने फॉर्म को सबमिट कर दें।     इसके बाद कुछ ही दिन में आपको अपने अकाउंट में आपका PF का पैसा मिल जाएगा।  

घट गए LPG के दाम, जानिए अब कितने रुपए में मिलेगा गैस सिलेंडर

राहत की खबर: आज से सस्ता हुआ LPG सिलेंडर, देखें आपके शहर में क्या हैं नए दाम घट गए LPG के दाम, जानिए अब कितने रुपए में मिलेगा गैस सिलेंडर गैस सिलेंडर हुआ सस्ता! आज से लागू हुए LPG के नए रेट्स, जानिए नए रेट्स नईदिल्ली  देश में एलपीजी सिलेंडर के दाम में आज से बदलाव हुआ है. तेल कंपनियों ने एलपीजी सिलेंडर के दाम घटा दिए हैं. यह कटौती 19 किलोग्राम वाले कमर्शियल सिलेंडर के दाम में हुई है. यह सिलेंडर 5 रुपये सस्‍ता हुआ है . नई कीमत 1 नवंबर 2025 यानी आज से लागू हो चुकी हैं.  IOCL की वेबसाइट के मुताबिक,  19 किलोग्राम वाले कमर्शियल LPG सिलेंडर की रिवाइज्ड कीमत दिल्‍ली में 1590.50 रुपये हो गई है, जो पहले 1595.50 रुपये थी. हालांकि रसोई गैस सिलेंडर या 14.2 किलोग्राम वाले सिलेंडर की कीमतों पर कोई असर नहीं हुआ है.  आपके शहर में कितनी है कीमत इससे पहले कमर्शिय एलपीज सिलेंडर की कीमत में बदलाव अक्‍टूबर में हुआ था. अक्‍टूबर में 19 केजी वाले सिलेंडर की कीमतों में 15 रुपये की बढ़ोतरी की गई थी. हालांकि अब 5 रुपये कम किए गए हैं. इस कटौती के बाद 1 नवंबर से कमर्शियल LPG की नई कीमत मुंबई में 1542 रुपये, कोलकाता में 1694 रुपये और चेन्नई में 1750 रुपये होगी. कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर का इस्‍तेमाल होटल, रेस्‍टोरेंट, ढाबा और अन्‍य व्‍यावसायि जगहों पर होता है.  IOCL की वेबसाइट के अनुसार, पटना में अब 19 किलोग्राम वाला सिलेंडर 1876 रुपये, नोएडा में 1876 रुपये, लखनऊ में 1876 रुपये, भोपाल में 1853.5 रुपये और गुरुगाम में 1607 रुपये में दिया जाएगा.  सोई गैस की कीमतें नहीं बदलीं देश में रसोई गैस की कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया गया है. 14.2 किलो के LPG सिलेंडर की कीमत में आखिरी बार 8 अप्रैल 2025 को बदलाव हुआ था, तबसे लेकर अभी तक इसमें कोई प‍रिवर्तन नहीं किया गया है. सिर्फ कमर्शियल गैस के दाम में बदलाव हुआ है.  आपके शहर में कितनी है रसोई गैस की कीमत  दिल्ली में रसोई गैस की कीमत अभी 853 रुपये है. कोलकाता में रसोई गैस की कीमत 879 रुपये, मुंबई में इसकी कीमत 852.50 रुपये, चेन्नई में यह प्राइस 868.50 रुपये, लखनऊ में 14.2 किलो वाले सिलेंडर की कीमत 890.50 रुपये, अहमदाबाद में इसकी कीमत 860 रुपये, हैदराबाद में यह प्राइस 905 रुपये, वाराणसी में 916.50 रुपये और पटना में 951 रुपये है.  हवाई फ्यूल के दाम भी बदले lpg सिलेंडर के साथ ही एटीएफ के दाम में भी बदलाव हुआ है. आईओसीएल की वेबसाइट के मुताबिक, डोमेस्टिक रन के लिए हवाई फ्यूल दिल्‍ली में 94,543.02 रुपये प्रति किलो है. इसी तरह, इंटरनेशनल रन के लिए हवाई फ्यूल दिल्‍ली में 817.01 डॉलर प्रति किलो है.   

1 नवंबर से बदले 7 बड़े नियम: GST, बैंकिंग और गैस सिलिंडर तक, आपकी जेब पर सीधा असर!

नई दिल्ली  हर महीने की शुरुआत में कई नियम बदल जाते हैं। 1 नवंबर 2025 से भी कई नियमों में बदलाव हो गया है। जिसका असर आप पर पड़ेगा। बता दें, बैंक नॉमिनी से लेकर जीएसटी से जुड़े नियमों में आज से बदलाव हो रहा है। 1. बैंक नॉमिनी नियमों में बदलाव आज यानी एक नवंबर से बैंक ग्राहकों को चार नॉमिनी जोड़ने का विकल्प देगा। यानी अब कोई भी व्यक्ति अपने एक अकाउंट, लॉकर आदि के लिए चार नॉमिनी जोड़ सकेगा। इस बदलाव के पीछे बैंक का कहना है कि आपातकालीन स्थिति में फंड्स का सदुपयोग हो जाए इसलिए यह फैसला किया गया है। बता दें, नॉमिनी जोड़ने की प्रक्रिया को भी सरल कर दिया गया है। 2- नए जीएसटी स्लैब आज से प्रभावी भारत सरकार की तरफ से बीते महीने जो जीएसटी स्लैब की घोषणा की गई थी। जोकि आज से लागू हो गया है। सरकार ने पहले के चार जीएसटी स्लैब को हटाकर अब 5 प्रतिशत और 18 प्रतिशत के दो जीएसटी स्लैब ही रखा है। वहीं, लक्जरी आइट्स पर 40 प्रतिशत का जीएसटी लगेगा। 3- UPS के लिए बढ़ी डेडलाइन ऐसे कर्मचारी जो एनपीएस की जगह यूपीएस लेना चाहते हैं उनके लिए डेडलाइन बढ़ा दी गई है। कर्मचारियों के पास अब 30 नवंबर तक इसका चयन करने का विकल्प रहेगा। 4- पेंशनर्स को देना होगा जीवित प्रमाण पत्र हर एक रिटायर कर्मचारी को जीवित प्रमाण पत्र नवंबर के अंत में जमा करवाना होगा। पेंशनभोगी यह प्रक्रिया बैंक या फिर जीवन प्रमाण पोर्टल के जरिए करवा सकेंगे। अगर समय रहते यह प्रक्रिया पूरी नहीं की गई तो पेंशन आने में रुकावट आ सकती है। 5- पीएनबी बदल रहा लॉकर चार्ज इस महीने पंजाब नेशनल बैंक की तरफ से लॉकर पर लिए जाने वाले शुल्क में बदलाव किया जा सकता है। उम्मीद है कि इसका ऐलान जल्द हो जाएगा। हालांकि, इसके लागू होने में कम से कम 30 दिन का समय रहेगा। 6- एसबीआई कार्डहोल्डर्स को देनी इन पेमेंट्स पर 1% फीस मोबिक्विक या फिर क्रेड जैसे थर्ड पार्टी ऐप्स से अगर एजुकेशन से जुड़े पेमेंट्स एसबीआई कार्ड होल्डर्स करते हैं तो उन्हें 1 प्रतिशत फीस देनी होगी। इसके अलावा एक हजार रुपये से अधिक पैसा डिजिटल वालेट में जोड़ने पर एसबीआई कार्ड होल्डर्स को 1 प्रतिशत फीस देनी होगी। 7- आधार कार्ड अपडेट चार्ज बच्चों को बायोमेट्रिक अपडेट के लिए अब कोई पैसा नहीं देना होगा। पहले 125 रुपये की फीस लगती थी। ध्यान रहे कि यह फीस की छूट 1 साल के तक के बच्चों को ही मिलेगी। कोई वयस्क अगर आधार कार्ड में नाम, जन्म तिथि, एड्रेस या मोबाइन नंबर अपडेट करता है तो उसे 75 रुपये ही देने होंगे। वहीं, फिंगरप्रिंट या फिर रेटिना से जुड़े अपडेट के लिए 125 रुपये खर्च करने होंगे।  

नवंबर की शुरुआत के साथ लागू हुए नए नियम: टैक्स, बैंक और सर्विस चार्ज में बड़ा बदलाव

नई दिल्ली  हर महीने की शुरुआत में कई नियम बदल जाते हैं। 1 नवंबर 2025 से भी कई नियमों में बदलाव हो गया है। जिसका असर आप पर पड़ेगा। बता दें, बैंक नॉमिनी से लेकर जीएसटी से जुड़े नियमों में आज से बदलाव हो रहा है। 1. बैंक नॉमिनी नियमों में बदलाव आज यानी एक नवंबर से बैंक ग्राहकों को चार नॉमिनी जोड़ने का विकल्प देगा। यानी अब कोई भी व्यक्ति अपने एक अकाउंट, लॉकर आदि के लिए चार नॉमिनी जोड़ सकेगा। इस बदलाव के पीछे बैंक का कहना है कि आपातकालीन स्थिति में फंड्स का सदुपयोग हो जाए इसलिए यह फैसला किया गया है। बता दें, नॉमिनी जोड़ने की प्रक्रिया को भी सरल कर दिया गया है। 2- नए जीएसटी स्लैब आज से प्रभावी भारत सरकार की तरफ से बीते महीने जो जीएसटी स्लैब की घोषणा की गई थी। जोकि आज से लागू हो गया है। सरकार ने पहले के चार जीएसटी स्लैब को हटाकर अब 5 प्रतिशत और 18 प्रतिशत के दो जीएसटी स्लैब ही रखा है। वहीं, लक्जरी आइट्स पर 40 प्रतिशत का जीएसटी लगेगा। 3- UPS के लिए बढ़ी डेडलाइन ऐसे कर्मचारी जो एनपीएस की जगह यूपीएस लेना चाहते हैं उनके लिए डेडलाइन बढ़ा दी गई है। कर्मचारियों के पास अब 30 नवंबर तक इसका चयन करने का विकल्प रहेगा। 4- पेंशनर्स को देना होगा जीवित प्रमाण पत्र हर एक रिटायर कर्मचारी को जीवित प्रमाण पत्र नवंबर के अंत में जमा करवाना होगा। पेंशनभोगी यह प्रक्रिया बैंक या फिर जीवन प्रमाण पोर्टल के जरिए करवा सकेंगे। अगर समय रहते यह प्रक्रिया पूरी नहीं की गई तो पेंशन आने में रुकावट आ सकती है। 5- पीएनबी बदल रहा लॉकर चार्ज इस महीने पंजाब नेशनल बैंक की तरफ से लॉकर पर लिए जाने वाले शुल्क में बदलाव किया जा सकता है। उम्मीद है कि इसका ऐलान जल्द हो जाएगा। हालांकि, इसके लागू होने में कम से कम 30 दिन का समय रहेगा। 6- एसबीआई कार्डहोल्डर्स को देनी इन पेमेंट्स पर 1% फीस मोबिक्विक या फिर क्रेड जैसे थर्ड पार्टी ऐप्स से अगर एजुकेशन से जुड़े पेमेंट्स एसबीआई कार्ड होल्डर्स करते हैं तो उन्हें 1 प्रतिशत फीस देनी होगी। इसके अलावा एक हजार रुपये से अधिक पैसा डिजिटल वालेट में जोड़ने पर एसबीआई कार्ड होल्डर्स को 1 प्रतिशत फीस देनी होगी। 7- आधार कार्ड अपडेट चार्ज बच्चों को बायोमेट्रिक अपडेट के लिए अब कोई पैसा नहीं देना होगा। पहले 125 रुपये की फीस लगती थी। ध्यान रहे कि यह फीस की छूट 1 साल के तक के बच्चों को ही मिलेगी। कोई वयस्क अगर आधार कार्ड में नाम, जन्म तिथि, एड्रेस या मोबाइन नंबर अपडेट करता है तो उसे 75 रुपये ही देने होंगे। वहीं, फिंगरप्रिंट या फिर रेटिना से जुड़े अपडेट के लिए 125 रुपये खर्च करने होंगे।  

सरकार की कमाल की फिस्कल मैनेजमेंट: आधे साल में घाटा सिर्फ 36.5% तक सीमित

नई दिल्ली  भारत का राजकोषीय घाटा चालू वित्त वर्ष के पहले छह महीनों (अप्रैल-सितंबर अवधि) में 5.73 लाख करोड़ रुपए रहा है, जो कि पूरे वर्ष के लिए बजट में निर्धारित लक्ष्य का 36.5 प्रतिशत है। यह जानकारी शुक्रवार को सरकार की ओर से जारी किए गए डेटा में दी गई। आंकड़ों के मुताबिक, राजकोषीय घाटा फिलहाल नियंत्रण में है और इससे अर्थव्यवस्था के लिए स्थिर वृद्धि का रास्ता तैयार होता है। अप्रैल से सितंबर के दौरान कुल प्राप्तियां 17.30 लाख करोड़ रुपए रही हैं, जबकि कुल व्यय 23.03 लाख करोड़ रुपए रहा। यह 2025-26 के बजट में निर्धारित लक्ष्य का क्रमशः 49.5 प्रतिशत और 45.5 प्रतिशत था। राजस्व प्राप्तियां 16.95 लाख करोड़ रुपए रही हैं, जिनमें से कर राजस्व 12.29 लाख करोड़ रुपए और गैर-कर राजस्व 4.66 लाख करोड़ रुपए रहा। भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा केंद्र सरकार को 2.69 लाख करोड़ रुपए का लाभांश स्वीकृत किए जाने से गैर-कर राजस्व में वृद्धि हुई, जो पिछले वर्ष के ट्रांसफर 2.11 लाख करोड़ रुपए से अधिक है। इससे केंद्र सरकार को अपने राजकोषीय घाटे को और कम करने में मदद मिलेगी। कुल सरकारी खर्च अप्रैल-सितंबर अवधि में 23 लाख करोड़ रुपए रहा है, जो कि पिछले साल की समान अवधि में 21.1 लाख करोड़ रुपए था। यह राजमार्गों, बंदरगाहों और रेलवे क्षेत्रों में बड़ी इन्फ्रास्ट्रक्चर परियोजनाओं पर सरकार के बढ़ते खर्च को दर्शाता है, जो भू-राजनीतिक घटनाक्रमों और अमेरिकी टैरिफ उथल-पुथल से उत्पन्न बढ़ती आर्थिक अनिश्चितताओं के बीच देश में आर्थिक विकास को गति देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। केंद्र सरकार ने वित्त वर्ष 2025 के बजट में राजकोषीय घाटे का लक्ष्य सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) का 4.9 प्रतिशत रखा है, जबकि पिछले वित्त वर्ष में यह 5.6 प्रतिशत था। घटता राजकोषीय घाटा अर्थव्यवस्था की मजबूती को दर्शाता है। इससे सरकार की उधारी में कमी आती है, जिससे बैंकिंग क्षेत्र में कॉर्पोरेट और उपभोक्ताओं को ऋण देने के लिए अधिक धनराशि बचती है, जिससे आर्थिक विकास में तेजी आती है।

SBI क्रेडिट कार्ड से वॉलेट रिचार्ज अब महंगा, 1 नवंबर से लागू होंगे नए नियम

मुंबई  एसबीआई कार्ड अपनी फीस स्ट्रक्चर और दूसरे चार्जेस में बदलाव करने वाला है. ये नए नियम 1 नवंबर 2025 से लागू हो जाएंगे. एसबीआई कार्ड के स्टेटमेंट में साफ कहा गया है कि खासकर एजुकेशन से जुड़े पेमेंट्स और वॉलेट लोड जैसे ट्रांजेक्शंस पर ज्यादा फीस लगेगी. ये बदलाव आपकी जेब पर असर डाल सकते हैं. राहत की बात ये है कि अगर आप डायरेक्ट इंस्टीट्यूशन को पेमेंट करेंगे, जैसे उनके ऑफिशियल वेबसाइट से या कैंपस पर लगे पॉइंट ऑफ सेल (पीओएस) टर्मिनल्स से, तो कोई फीस नहीं लगेगी. एजुकेशन पेमेंट्स पर चार्ज 1 नवंबर से अगर आप थर्ड-पार्टी ऐप्स जैसे एग्रीगेटर्स या पेमेंट ऐप्स से स्कूल, कॉलेज या किसी एजुकेशनल इंस्टीट्यूशन को फीस भरेंगे तो ट्रांजेक्शन अमाउंट का 1 प्रतिशत फीस लगेगी. एसबीआई कार्ड की नोटिफिकेशन में साफ है कि ये फीस एजुकेशनल पेमेंट्स पर लागू होगी. वहीं, डायरेक्ट इंस्टीट्यूशन को पेमेंट करेंगे तो ये फीस नहीं लगेगी. यानी कार्ड यूजर्स अगर स्कूल या कॉलेज की ऑफिशियल पेमेंट चैनल्स चुनेंगे तो 1 प्रतिशत से बच जाएंगे. एसबीआई कार्ड की वेबसाइट पर दी गई जानकारी के अनुसार, 1 नवंबर 2025 से थर्ड-पार्टी ऐप्स से एजुकेशन पेमेंट्स पर 1 प्रतिशत फीस लगेगी, लेकिन डायरेक्ट कॉलेज या स्कूल की वेबसाइट या पीओएस मशीन से पेमेंट पर कोई चार्ज नहीं लगेगा. वॉलेट लोड ट्रांजेक्शंस 1000 रुपये से ज्यादा के वॉलेट लोड पर भी 1 प्रतिशत चार्ज लगेगा. यानी हर बार जब आप डिजिटल वॉलेट में 1000 से ऊपर का बैलेंस ऐड करेंगे, तो लोडेड अमाउंट का 1 प्रतिशत कट जाएगा. मिसाल के तौर पर, 2000 रुपये लोड करने पर 20 रुपये की फीस कटेगी. एसबीआई कार्ड वेबसाइट कहती है कि 1 नवंबर 2025 से हर वॉलेट लोड ट्रांजेक्शन जो 1000 रुपये से ज्यादा हो, पर 1 प्रतिशत फीस अमाउंट का लागू होगा. ये छोटा सा चार्ज लग सकता है लेकिन महीने भर में जुड़ जाए तो बोझ बन जाता है. बैंक खातों में अब जोड़ सकेंगे 4 नॉमिनी 1 नवंबर से बैंक खाताधारकों को बड़ी राहत मिलने वाली है। अब एक खाते में 4 तक नॉमिनी जोड़ सकते हैं। अब तक सिर्फ एक ही नॉमिनी जोड़ने की सुविधा मिलती थी लेकिन अब चार लोग जोड़ सकते हैं। नए नियमों के अनुसार ग्राहक चाहें तो सभी नॉमिनियों को एक साथ या क्रमवार तरीके से जोड़ सकते हैं। इसका फायदा यह होगा कि किसी अनहोनी की स्थिति में दावों का प्रोसेस आसान हो जाएगा। हालांकि, बैंक लॉकर के लिए क्रमवार नॉमिनेशन की ही अनुमति होगी। यानी यदि पहला नॉमिनी उपलब्ध नहीं है, तो दूसरा नॉमिनी उसका स्थान लेगा। इससे किसी भी विवाद या देरी की संभावना कम हो जाएगी। एसबीआई के अन्य चार्जेस एसबीआई कैश पेमेंट फीस 250 रुपये है. अगर आपका पेमेंट डिसऑनर हो गया तो डिसऑनर फीस पेमेंट अमाउंट का 2 प्रतिशत लगेगी, न्यूनतम 500 रुपये. इसके अलावा चेक पेमेंट पर 200 रुपये फीस है. कैश एडवांस फीस एसबीआई एटीएम और दूसरे डोमेस्टिक एटीएम पर ट्रांजेक्शन अमाउंट का 2.5 प्रतिशत, न्यूनतम 500 रुपये है. इंटरनेशनल एटीएम पर भी वही 2.5 प्रतिशत, न्यूनतम 500 रुपये है. कार्ड रिप्लेसमेंट फीस 100 से 250 रुपये तक है, लेकिन ऑरम कार्ड्स के लिए 1500 रुपये है. अगर विदेश में इमरजेंसी रिप्लेसमेंट है तो एक्टुअल कॉस्ट, न्यूनतम वीजा के लिए 175 डॉलर और मास्टरकार्ड के लिए 148 डॉलर है. लेट पेमेंट चार्जेस भी स्लैब के हिसाब से हैं. अगर मिनिमम अमाउंट ड्यू (एमएडी) पेमेंट ड्यू डेट तक न चुकाया. 0 से 500 रुपये पर निल चार्ज, 500 से 1000 पर 400 रुपये चार्ज है. वहीं, 1000 से 10000 पर 750 रुपये चार्ज, 10000 से 25000 पर 950 रुपये चार्ज, 25000 से 50000 पर 1100 रुपये, और 50000 से ऊपर पर 1300 रुपये चार्ज है. तो अगर आप भी एसबीआई कार्ड यूज करते हैं तो इन नए चार्ज का ध्यान रखें ताकि आपको परेशानी न हो. यूनिफाइड पेंशन स्कीम (UPS) की अंतिम तिथि 30 नवंबर तक केंद्र सरकार ने कर्मचारियों के लिए यूनिफाइड पेंशन स्कीम (UPS) में शामिल होने की आखिरी तारीख को 30 नवंबर 2025 तक बढ़ा दिया है। पहले यह लिमिट 30 सितंबर थी।  पेंशनर्स के लिए जीवन प्रमाण पत्र (Life Certificate) हर साल की तरह, केंद्रीय और राज्य सरकार के पेंशनर्स को 1 नवंबर से 30 नवंबर 2025 के बीच जीवन प्रमाण पत्र (Jeevan Pramaan) जमा करना होगा। यह प्रमाण पत्र ऑनलाइन (डिजिटल) या बैंक या पोस्ट ऑफिस जाकर जमा किया जा सकता है। इसे समय पर जमा करने से पेंशन का पेमेंट बिना रुकावट जारी रहता है। 80 साल या उससे अधिक उम्र वाले पेंशनर्स को यह सुविधा पहले ही 1 अक्टूबर से दी गई है।

सोने और चांदी के दामों में तेजी, 22-24 कैरेट गोल्ड की नई कीमतें

इंदौर  अक्टूबर महीने के अंतिम दिन शुक्रवार, 31 अक्टूबर को सोना-चांदी की कीमतों में उछाल आया है. आज भारतीय सर्राफा बाजार में सोने की कीमत 1 लाख 20 हजार रुपये प्रति 10 ग्राम से अधिक है. इंडिया बुलियन एंड ज्वैलर्स एसोसिएशन (IBJA) के मुताबिक, गुरुवार 30 अक्टूबर की शाम को 916 शुद्धता यानी 22 कैरेट गोल्ड का दाम 109571 रुपये प्रति 10 ग्राम था जो 31 अक्टूबर को 110667 रुपये तक पहुंच गया है. Gold-Silver Price Today 31 October: सोना-चांदी का लेटेस्ट रेट                                     शुद्धता        गुरुवार शाम का रेट                शुक्रवार सुबह का रेट        कितना महंगा हुआ गोल्ड/सिल्वर सोना (प्रति 10 ग्राम)     999 (24 कैरेट)     119619                                120815                          1196 रुपये महंगा सोना (प्रति 10 ग्राम)     995 (23 कैरेट)     119140                                  120331                       1191 रुपये महंगा सोना (प्रति 10 ग्राम)     916 (22 कैरेट)     109571                                  110667                       1096 रुपये महंगा सोना (प्रति 10 ग्राम)     750 (18 कैरेट)     89714                                   90611                           897 रुपये महंगा सोना (प्रति 10 ग्राम)     585 (14 कैरेट)     69977                                   70677                         700 रुपये महंगा चांदी (प्रति 1 किलो)     999                   146783                                 149142                         2359 रुपये महंगी IBJA रेट (गुरुवार, 30 अक्टूबर 2025) कल गुरुवार, 30 अक्टूबर को भी सुबह के मुकाबले शाम को सोना-चांदी के दाम में बढ़ोतरी हुई थी. सोने का भाव(999 शुद्धता): सुबह का रेट: ₹119253  प्रति 10 ग्राम शाम का रेट: ₹119619 प्रति 10 ग्राम चांदी का भाव (999 शुद्धता): सुबह का रेट: ₹145600 प्रति किलो शाम का रेट: ₹146783 प्रति किलो इंडिया बुलियन एंड ज्वैलर्स एसोसिएशन द्वारा जारी किए गए दाम देश में सर्वमान्य हैं लेकिन इनकी कीमतों में जीएसटी शामिल नहीं होती है. गहने खरीदते समय सोने या चांदी के रेट टैक्स समेत होने की वजह से ज्यादा होते हैं. IBJA की ओर से केंद्र सरकार द्वारा घोषित रेट शनिवार और रविवार के साथ-साथ केंद्र सरकार की छुट्टियों पर जारी नहीं किए जाते. इंडियन बुलियन ज्वेलर्स एसोसिएशन की ओर से जारी कीमतों से अलग-अलग प्योरिटी के सोने के स्टैंडर्ड भाव की जानकारी मिलती है. ये सभी रेट टैक्स और मेकिंग चार्ज के पहले के हैं.