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महंगाई से मिलेगी राहत? फूड और कपड़ों को 5% GST में लाने की तैयारी

नई दिल्ली  भारत सरकार की जीएसटी सुधार योजना (GST 2.0) के तहत यह प्रस्ताव काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है कि सभी खाद्य और वस्त्र उत्पादों को समान रूप से 5% जीएसटी स्लैब में ले जाया जाए। इस कदम का उद्देश्य टैक्स संरचना को सरल बनाना, वर्गीकरण विवादों को समाप्त करना और आम जनता के लिए जरूरी वस्तुओं की लागत को कम करना है। यह प्रस्ताव 3–4 सितंबर 2025 को होने वाली अगली GST काउंसिल बैठक में विचाराधीन हो सकता है। क्या है डिटेल TOI की एक रिपोर्ट के मुताबिक, निर्माण क्षेत्र में उपयोग होने वाले सीमेंट पर करों में कटौती पर चर्चा की जा रही है। खासकर इस पर मौजूदा 28% स्लैब को 18% पर लाने की योजना है। यह कदम उपभोक्ताओं के लिए निर्माण लागत कम कर सकता है, बशर्ते निर्माण उद्योग (जो कई बार वर्चस्ववादी आरोप झेल चुका है) इन लाभों को खरीदारों तक पहुंचाए। यदि यह प्रस्ताव पारित हो जाता है, तो यह बदलाव निर्माण उद्योग में संतुलन और पारदर्शिता लाएगा। बता दें कि GST काउंसिल अगले महीने 3 और 4 सितंबर 2025 की बैठक में कई जरूरी प्रस्तावों पर विचार करेगी, जिनमें कई दैनिक और आवश्यक वस्तुओं व सेवाओं पर GST की दरों में कटौती शामिल है, ताकि टैक्स संरचना को सरल बनाया जा सके। बीमा सेक्टर में भी राहत की उम्मीद GST काउंसिल यह भी प्रस्ताव रख रही है कि व्यक्तिगत जीवन और स्वास्थ्य बीमा पर GST शून्य प्रतिशत टैक्स लगा हो। इससे बीमा की पहुंच बढ़ेगी और लोगों के लिए यह किफायती विकल्प बन सकेगा, जिससे व्यापक स्वास्थ्य कवरेज को बढ़ावा मिलेगा। यह पहल वित्तीय सुरक्षा को बढ़ावा देने में एक बड़ी भूमिका निभा सकती है।  

भारत पर ट्रंप टैरिफ का असर, शेयर बाजार बुरी तरह प्रभावित, बड़ी कंपनियों के शेयर धड़ाम

मुंबई  शेयर बाजार (Stock Market) में मंगलवार को कारोबार की शुरुआत के साथ जो गिरावट शुरू हुई, वो मार्केट क्लोज होने तक बढ़ती ही चली गई और अंत में दोनों इंडेक्स बुरी तरह टूटकर बंद हुए. बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज की 30 शेयरों वाला सेंसेक्स 849 अंक की तगड़ी गिरावट लेकर बंद हुआ, तो वहीं दूसरी ओर नेशनल स्टॉक एक्सचेंज के निफ्टी इंडेक्स ने 255 अंक टूटकर क्लोजिंग की. इस बीच लार्जकैप से लेकर स्मॉलकैप कंपनियों तक के शेयर भरभराकर टूटे. बाजार में अचानक ये बड़ी गिरावट अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) द्वारा भारत पर लगाए गए एक्स्ट्रा 25% टैरिफ की औपचारिक अधिसूचना जारी होने के बाद आई.  849 अंक टूटा सेंसेक्स, निफ्टी भी धराशायी बीएसई का सेंसेक्स मंगलवार को 81,377.39 पर ओपन होने के बाद दिनभर गिरावट में कारोबार करता हुआ नजर आया और 80,685.98 के स्तर तक फिसला. हालांकि शेयर मार्केट के बंद होते-होते मामूली रिकवरी देखने को मिली फिर भी Sensex अंत में 849.37 अंक या 1.04% की गिरावट लेकर 80,786.54 पर बंद हुआ. इसके अलावा Nifty ने भी बड़ी गिरावट लेकर कारोबार खत्म किया. एनएसई का ये इंडेक्स 24,899.50 पर ओपन होने के बाद कारोबार के दौरान 24,689.60 के स्तर तक टूटा और अंत में 255.70 अंक या 1.02% फिसलकर 24,713.05 पर बंद हुआ. इन बड़ी कंपनियों के शेयर बिखरे शेयर मार्केट में मंगलवार को आई इस बड़ी गिरावट के बीच देश की बड़ी कंपनियों के शेयर बिखरे हुए नजर आए. मार्केट क्लोज होने पर लार्जकैप कैटेगरी में शामिल SunPharma Share (3.40%), Tata Steel Share (2.88%), Bajaj Finance Share (2.67%), Trent Share (2.45%), M&M Share (2.02%), Bajaj Finserve Share (2%), Reliance Stock (2%) और Axis Bank Share (1.86%) गिरकर बंद हुए.  मिडकैप और स्मॉलकैप में ये स्टॉक टूटे बात करें मिडकैप कैटेगरी पर ट्रंप टैरिफ के असर की, तो इसमें शामिल PEL Share (4.81%), Gillette Share (3.49%), Solar Inds Share (3.44%), Bandhan Bank Share (3.30%), MRF Share (3.28%) फिसलकर बंद हुआ. वहीं स्मॉलकैप कैटेगरी में शामिल Infobeam Share (8.38%), JK Paper Share (7.38%) तक गिरकर बंद हुए.  ट्रंप के टैरिफ अटैक से सहमा बाजार गौरतलब है कि US President डोनाल्ड ट्रंप ने भारत पर 25% रेसिप्रोकल टैरिफ लगाया था और ये 1 अगस्त से प्रभावी है. इसके भारत की रूसी तेल और हथियार खरीद को मुद्दा बनाते हुए उन्होंने एक्स्ट्रा 25% टैरिफ का ऐलान किया था और ये अतिरिक्त टैरिफ कल यानी 27 अगस्त 2025 से लागू होने वाला है. भारत से आयातित वस्तुओं पर इस अतिरिक्त टैरिफ लगाने की औपचारिक अधिसूचना अमेरिका की ओर से जारी कर दी गई है. इसके बाद भारत ब्राजील के साथ सबसे ज्यादा 50% Trump Tariff झेलने वाला देश बन जाएगा. इसका असर प्रभाव एनर्जी से लेकर फाइनेंस स्टॉक, बैंकिंग और स्टील शेयरों में गिरावट के रूप में देखने को मिला.  टूटते बाजार में भी उछले ये शेयर इस गिरावट के दौर में भी Eicher Motor के शेयर 2.65 फीसदी चढ़कर, HUL के शेयर 2.38 फीसदी और मारुति के शेयर 1.85 फीसदी चढ़कर बंद हुए. हालांकि रेनुअल एनर्जी के स्टॉक्स में थोड़ी तेजी दर्ज की गई. मिडकैप स्टॉक्स Waree एनर्जी के शेयर 3.45 फीसदी, VMM के शेयर 2.89 फीसदी और प्रीमियर एनर्जी के शेयर करीब 1 फीसदी चढ़कर बंद हुए. स्मॉलकैप कैटेगरी में Craftsman के शेयर साढ़े 5 फीसदी चढ़कर बंद हुए.

बाजार में धड़ाम: ट्रंप के टैरिफ के बाद Sensex-Nifty खुले और टूटे ये 10 प्रमुख शेयर

मुंबई  शेयर बाजार पर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के एक्स्ट्रा टैरिफ का असर साफ देखने को मिला है, जो आज से लागू होने वाला है. बता दें कि ट्रंप ने पहले भारत पर 25 फीसदी टैरिफ लगाया था और रूसी तेल की खरीद पर एक्स्ट्रा 25 फीसदी का टैरिफ लगाने का ऐलान किया था, जो आज 27 अगस्त से प्रभावी होने वाला है. ऐसे में भारत पर कुल मिलाकर अब 50 फीसदी टैरिफ हो जाएगा. इसके चलते सेंसेक्स-निफ्टी की शुरुआत तेज गिरावट के साथ हुई और BSE Sensex जहां 629 अंकों से ज्यादा फिसल गया, तो वहीं NSE Nifty 200 अंकों से ज्यादा तक टूट गया.  खुलते ही फिसल गया बाजार   शेयर मार्केट (Share Market) में मंगलवार को कारोबार की शुरुआत गिरावट के साथ हुई और बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स इंडेक्स अपने पिछले बंद 81,635.91 की तुलना में बुरी तरह फिसलते हुए 81,377.39 पर खुला. इसके बाद इसमें गिरावट और बढ़ गई और महज आधे घंटे के कारोबार के बाद ही Sensex गिरकर 630 अंक से ज्यादा टूटकर 81,000 के नीचे आ गया और 80,947 पर कारोबार करता दिखा.  सेंसेक्स के जैसा ही असर Nifty इंडेक्स पर भी देखने को मिला और एनएसई का ये इंडेक्स अपने पिछले बंद 24,967.75 के मुकाबले टूटकर 24,899.50 पर ओपन होने के बाद अचानत 200 अंक से ज्यादा फिसलकर 24,763 के लेवल पर कारोबार करता हुआ नजर आया.  ताश के पत्तों की तरह बिखरे ये शेयर  Trump Tariff से सहमे बाजार में अचानक आई तेज गिरावट के बीच कुछ दिग्गज कंपनियों के शेयर बुरी तरह टूटकर कारोबार करते हुए नजर आए. इनमें लार्जकैप कैटेगरी में शामिल Sunpharma Share 2.56%, Adani Ports Share 1.80%, Tata Steel Share 1.60% और Tata Motors Share 1.10% की गिरावट के साथ ट्रेड कर रहा था. मिडकैप कैटेगरी में शामिल PEL Share 2.82%, Emcure Share 2.65%, Bharat Forge Share 2.54%, Mazgaon Dock Share 2.48% फिसलकर कारोबार कर रहा था.स्मॉलकैप में सबसे ज्यादा KITEX Share 4.99% फिसला, तो वहीं Praveg Share 4.80% की गिरावट के साथ ट्रेड कर रहा था.  1207 शेयर गिरावट के साथ ओपन कमजोर ग्लोबल संकेतों के बीच शेयर बाजार की खराब शुरुआत के दौरान शुरुआती ट्रेड में करीब 1036 कंपनियों के शेयरों ने तेजी के साथ कारोबार की ओपनिंग की थी, तो वहीं 1207 कंपनियों के शेयर ऐसे थे, जो अपने पिछले बंद के मुकाबले गिरावट के साथ लाल निशान पर खुले थे. इसके अलावा 151 कंपनियों के स्टॉक्स की फ्लैट ओपनिंग हुआ, यानी इनमें किसी भी तरह का कोई बदलाव देखने को नहीं मिला. 

इलेक्ट्रिक अवतार में आई मारुति E Vitara, कल पीएम मोदी दिखाएंगे हरी झंडी

 नई दिल्ली मारुति सुजुकी अपनी पहली इलेक्ट्रिक एसयूवी E Vitara को जल्द लॉन्च करने जा रही है. पीएम मोदी 26 अगस्त को गुजरात के हंसलपुर प्लांट में इस कार की प्रोडक्शन लाइन को हरी झंडी दिखाएंगे. मेड इन इंडिया इस इलेक्ट्रिक वाहन का निर्यात 100 से ज्यादा देशों में किया जाएगा. E Vitara में एडवांस्ड फीचर्स और लंबी रेंज के साथ भारतीय बाजार में भी बड़ा उत्साह पैदा करने की तैयारी है. पीएम मोदी मारुति सुजुकी की पहली इलेक्ट्रिक SUV E Vitara को हंसलपुर प्लांट में हरी झंडी दिखाएंगे. इस अवसर पर वे प्रोडक्शन लाइन की शुरुआत में मौजूद रहेंगे. सरकार की जानकारी सरकार ने औपचारिक बयान में बताया कि 26 अगस्त को प्रधानमंत्री अहमदाबाद के हंसलपुर सुजुकी मोटर प्लांट में दो महत्वपूर्ण विकास कार्यों का उद्घाटन करेंगे. यह कदम भारत के हरित परिवहन और मेक इन इंडिया तथा आत्मनिर्भर भारत की दिशा में अहम माना जा रहा है. प्रधानमंत्री सुजुकी की पहली वैश्विक रणनीतिक बैटरी इलेक्ट्रिक वाहन (BEV) E Vitara का उद्घाटन करेंगे और हरी झंडी दिखाएंगे. इसके साथ ही भारत अब सुजुकी के इलेक्ट्रिक वाहनों का वैश्विक विनिर्माण केंद्र बन जाएगा. हरित ऊर्जा और बैटरी उत्पादन में आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रधानमंत्री गुजरात स्थित TDS लिथियम-आयन बैटरी प्लांट का भी उद्घाटन करेंगे. यह संयंत्र तोशिबा, डेंसो और सुजुकी के संयुक्त प्रयास से स्थापित किया गया है और अब लगभग 80% बैटरी भारत में ही उत्पादित की जाएगी. निर्यात की जानकारी मारुति की यह मेड इन इंडिया इलेक्ट्रिक SUV यूरोप, जापान समेत 100 से अधिक देशों में निर्यात की जाएगी. Maruti E Vitara की खासियत SUV में कई आधुनिक फीचर्स दिए गए हैं जैसे पैनोरमिक सनरूफ, ऑटोमैटिक क्लाइमेट कंट्रोल, वेंटिलेटेड फ्रंट सीटें. सुरक्षा के लिए 7 एयरबैग, 360 डिग्री कैमरा, ऑटो-होल्ड के साथ इलेक्ट्रॉनिक पार्किंग ब्रेक और लेवल 2 ADAS जैसे फीचर्स शामिल हैं. इसके अलावा इसमें 49 kWh और 61 kWh बैटरी विकल्प मिलेंगे, जिससे वाहन की रेंज 500 किलोमीटर से अधिक होगी. लॉन्च की संभावित तारीख पीएम मोदी द्वारा हरी झंडी दिखाए जाने के बाद E Vitara का उत्पादन शुरू होगा. इसके कुछ समय बाद इसे अंतरराष्ट्रीय बाजार में निर्यात किया जाएगा और उम्मीद है कि अगले कुछ महीनों में यह SUV भारतीय बाजार में भी उपलब्ध हो जाएगी.

Yes Bank के शेयर ने मारी छलांग, पीछे जापान से आई खबर

मुंबई  यस बैंक को लेकर जापान (Japan) से एक खबर आने के बाद शेयर (Yes Bank Share) में सप्ताह के पहले दिन शुरुआत के साथ ही जोरदार तेजी देखने को मिल रही है. सोमवार को खुलने के साथ ही प्राइवेट सेक्टर के इस बैंक का शेयर 2 फीसदी से ज्यादा चढ़ गया और लगातार तेजी के साथ कारोबार करता दिखा. दरअसल, बीते शनिवार को बैंक ने फाइलिंग में जानकारी देते हुए बताया था कि भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने जापानी सुमितोमो मित्‍सुई बैंकिंग कॉर्पोरेशन (SMBC) को 24.99% तक अधिग्रहण करने की मंजूरी दे दी है. इस खबर का असर Banking Stock पर देखने को मिला है.  खुलते ही भागने लगा शेयर  Yes Bank Share बीते सप्ताह के आखिरी कारोबारी दिन शुक्रवार को 19.29 रुपये पर क्लोज हुआ था, लेकिन सोमवार को ग्रीन जोन में मार्केट ओपन होने के साथ ही ये बैंकिंग शेयर 5 फीसदी से ज्यादा उछलकर 20.33 रुपये पर ओपन हुआ. शेयर में आई इस तेजी का असर बैंक के मार्केट कैपिटलाइजेशन पर भी देखने को मिला, जो बढ़कर 6180 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया. बता दें कि यस बैंक के शेयर का 52 वीक का हाई लेवल 24.53 रुपये है, जबकि इस शेयर का 52-वीक का लो-लेवल 16.02 रुपये है.  शेयर बाजार की तूफानी शुरुआत शेयर बाजार (Stock Market) में सप्ताह के पहले कारोबारी दिन तूफानी शुरुआत हुई. बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स इंडेक्स ओपनिंग के साथ ही करीब 250 अंक से ज्यादा उछल गया, तो वहीं नेशनल स्टॉक एक्सचेंज के निफ्टी इंडेक्स ने भी अपने पिछले बंद की तुलना में बढ़त लेकर 24,900 के पार कारोबार शुरू किया. इस बीच तमाम आईटी कंपनियों के शेयरों में जोरदार उछाल देखने को मिला और शुरुआती कारोबार में Infosys, TCS, Tech Mahidra से लेकर HCL Tech तक के शेयर भागते नजर आए.  खुलते ही पकड़ ली रफ्तार बीएसई का सेंसेक्स (BSE Sensex) ने अपने पिछले बंद 81,306.85 के लेवल से बढ़त लेकर ओपनिंग की और खुलने के साथ ही रफ्तार पकड़ता चला गया. ये 30 शेयरों वाला इंडेक्स 81,501.06 पर खुला और मिनटों में ही उछलकर 81,592.47 पर ट्रेड करता हुआ दिखाई दिया. इसके अलावा एनएसई का निफ्टी (NSE Nifty) भी अपने पिछले कारोबारी बंद 24,870.10 की तुलना में तेजी लेकर 24,949.15 पर खुला और फिर 24,961.35 तक चढ़कर कारोबार करता दिखा. इससे पहले बीते सप्ताह के आखिरी कारोबारी दिन शुक्रवार को Sensex-Nifty जोरदार गिरावट लेकर क्लोज हुए थे. पॉजिटिव ग्लोबल संकेतों के बीच सेंसेक्स-निफ्टी की तेज शुरुआत के चलते मार्केट ओपन होने पर करीब 1845 कंपनियों के शेयरों ने अपने पिछले बंद की तुलना में बढ़त लेकर कारोबार की शुरुआत की, तो वहीं 793 कंपनियों के स्टॉक्स ऐसे रहे, जिनकी ओपनिंग धीमी और रेड जोन में हुई. इसके अलावा 224 कंपनियों के शेयरों की स्थिति में कोई भी बदलाव देखने को नहीं मिला.  इंफोसिस से टीसीएस तक उछले शेयर मार्केट (Share Market) में शुरुआती कारोबार के दौरान आईटी और टेक कंपनियों के शेयरों में जोरदार तेजी देखने को मिली. लार्जकैप कैटेगरी में शामिल Infosys Share (2.45%), TCS Share (2.25%), HCL Tech Share (1.70%), Tech Mahindra Share (1.60%) की उछाल के साथ कारोबार कर रहा था, तो वहीं मिडकैप कैटेगरी में शामिल KPI Tech Share में भी 2.44% की तेजी नजर आई. इन 10 शेयरों में जोरदार तेजी  आईटी और टेक शेयरों के अलावा सोमवार को जिन कंपनियों के शेयरों ने तेज शुरुआत की, उनमें Bajaj Finance, Tata Steel और Tata Motors के शेयर 1 फीसदी के आसपास चढ़े, तो वहीं मिडकैप में शामिल कंपनियों में  JSL Share (4.73%), Mphasis Share (3.87%), OFSS Share (2.59%) और Yes Bank Share (2.50%) तेजी के साथ कारोबार कर रहा था. स्मॉलकैप में TNPL Share (13.28%), JK Paper Share (13.28%) और NewGen Share (7.50%) उछलकर ट्रेड कर रहा था.  24.99% हिस्सेदारी खरीद रहा जापानी बैंक! प्राइवेट लैंडर Yes Bank ने बीते शनिवार को स्टॉक एक्सचेंज फाइलिंग में जानकारी शेयर करते हुए बताया था कि भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने जापान के सुमितोमो मित्‍सुई बैंकिंग कॉर्पोरेशन (SMBC) को बैंक में 24.99% तक अधिग्रहण करने के लिए अपनी मंजूरी दे दी है. जापान के इस बैंक की तरफ से YES Bank में यह सबसे बड़ी हिस्‍सेदारी खरीद होगी. इससे पहले भी जापानी बैंक यस बैंक में हिस्सेदारी खरीद चुका है और ये उसकी दूसरी खरीद है. रेग्युलेटरी फाइलिंग के मुताबिक, अप्रूवल 22 अगस्‍त से 1 साल के लिए वैलिड है और केंद्रीय बैंक द्वारा ये भी स्पष्ट किया गया है कि इस हिस्सेदारी के अधिग्रहण के बाद SMBC को यस बैंक के प्रमोटर्स के तौर पर नहीं रखा जाएगा. रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस प्रस्तावित सौदे में एसबीआई से 13.19% की सबसे बड़ी हिस्सेदारी खरीदी जाएगी, तो वहीं Yes Bank में अन्य सात स्टेकहोल्डर्स से भी हिस्सेदारी खरीदी जानी है, जिनमें एक्सिस बैंक (Axis Bank), बंधन बैंक (Bandhan Bank), फेडरल बैंक (Fedral Bank), HDFC Bank, ICICI Bank, IDFC First Bank के अलावा कोटक महिंद्रा बैंक (Kotak Mahindra Bank) शामिल हैं.  जापान का दूसरा बड़ा बैंकिंग ग्रुप है SMFG गौरतलब है कि एसएमबीसी जापान के सुमितोमो मित्सुई फाइनेंशियल ग्रुप (SMFG) की पूर्ण स्वामित्व वाली इकाई है और यस बैंक में पहले इसने 20% हिस्सेदारी खरीदने के लिए दिलचस्पी दिखाई थी, लेकिन बीते जुलाई महीने में इसे 4.9 फीसदी बढ़ाने का ऐलान किया था. यहां बता दें कि SMFG जापान का दूसरा सबसे बड़ा बैंकिंग ग्रुप भी है, जो 2 ट्रिलियन डॉलर की संपत्ति का प्रबंधन करता है.

जीएसटी काउंसिल मीटिंग सितंबर में, दिवाली से पहले आम जनता को मिल सकता है तोहफा

नई दिल्ली  जीएसटी काउंसिल की 56वीं बैठक 3 और 4 सितम्बर को नई दिल्ली में आयोजित होगी। इसके लिए नोटिफिकेशन जारी कर दिया गया है। बैठक में जीएसटी से जुड़े अगली पीढ़ी के सुधारों का प्रस्ताव रखा जाएगा। खासकर, जीएसटी के मौजूदा चार कर स्लैब की जगह सिर्फ दो (पांच और 18 फीसदी) टैक्स स्लैब का प्रस्ताव शामिल है। साथ ही, जीएसटी रजिस्ट्रेशन, रिटर्न और रिफंड से जुड़े सुधारात्मक प्रस्ताव भी शामिल है। मौजूदा समय में जीएसटी के अंदर 5,12,18 और 28 प्रतिशत के टैक्स स्लैब हैं जिसकी जगह पर भविष्य में सिर्फ दो स्लैब होंगे। 12 और 28 फ़ीसदी के कर स्लैब को खत्म करने संबंधी प्रस्ताव पर गुरुवार को ही मंत्रियों के समूह (जीओएम) ने मंजूरी दी थी। इसके साथ ही, भविष्य में दो स्लैब रखने की सिफारिश भी जीएसटी काउंसिल से की थी। अब इन प्रस्तावों पर जीएसटी काउंसिल में चर्चा होनी है। इसी को ध्यान में रख जीएसटी काउंसिल की बैठक बुलाई गई है। परिषद की बैठक से पहले 2 सितम्बर को अधिकारियों की भी बैठक होगी। पीएम मोदी पहले ही दे चुके हैं संकेत ध्यान रहे कि प्रधानमंत्री ने 15 अगस्त को घोषणा की थी कि इस बार दिवाली से पहले आम लोगों को बड़ी सौग़ात मिलेगी। आम आदमी, गरीब, मध्यम वर्ग की जरूरत से जुड़ी खाने-पीने वस्तुएं व अन्य जरूरी सामान सस्ते होंगे। प्रधानमंत्री की घोषणा के बाद से लगातार बैठकों का दौर जारी है । पहले मंत्री समूह की बैठकें हुई हैं और अब जीएसटी काउंसिल की बैठक को लेकर तारीख निर्धारित कर दी गई है। सभी राज्यों को दी गई सूचना जीएसटी काउंसिल की तरफ से जारी बयान में कहा गया है कि बैठक के स्थान और एजेंडा से संबंधित विस्तृत जानकारी समय-समय पर उपलब्ध कराई जाएगी। परिषद ने सभी राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों के मुख्य सचिवों को निर्देश दिया है कि वे अपने-अपने राज्य के वित्त/कराधान मंत्री या नामित मंत्री को इस बैठक में शामिल होने की सूचना दें। बैठक में केंद्रीय वित्त मंत्री, वित्त राज्य मंत्री, सभी राज्यों एवं केंद्रशासित प्रदेशों के प्रतिनिधि, सीबीआईसी अध्यक्ष और जीएसटी नेटवर्क के सीईओ भी शामिल होंगे।  

एसबीआई के बाद बैंक ऑफ इंडिया का बड़ा फैसला, अनिल अंबानी समूह पर बढ़ा दबाव

नई दिल्ली भारतीय स्टेट बैंक के बाद बैंक ऑफ इंडिया ने दिवालिया रिलायंस कम्युनिकेशंस के ऋण खाते को धोखाधड़ी वाला घोषित कर दिया है। मामले में पूर्व निदेशक उद्योगपति अनिल अंबानी का नाम भी शामिल किया है। नियामकीय फाइलिंग के अनुसार, 2016 में कथित तौर पर धन के दुरुपयोग का हवाला देते हुए बैंक ऑफ इंडिया ने भी इस ऋण खाते को धोखाधड़ी वाला घोषित कर दिया है। सरकारी स्वामित्व वाले बैंक ऑफ इंडिया ने अगस्त 2016 में रिलायंस कम्युनिकेशंस को उसके चालू पूंजीगत और परिचालन व्यय व मौजूदा देनदारियों के भुगतान के लिए 700 करोड़ रुपये का ऋण दिया था। आरकॉम की ओर से स्टॉक एक्सचेंज में दाखिल की गई जानकारी में बैंक के पत्र के अनुसार, अक्तूबर 2016 में वितरित की गई स्वीकृत राशि का आधा हिस्सा एक सावधि जमा में निवेश किया गया था, जिसकी स्वीकृति पत्र के अनुसार अनुमति नहीं थी। आरकॉम ने कहा कि उसे 22 अगस्त को बैंक ऑफ इंडिया से 8 अगस्त का एक पत्र मिला है, जिसमें बैंक की ओर से कंपनी, अनिल अंबानी (कंपनी के प्रवर्तक और पूर्व निदेशक) और मंजरी अशोक कक्कड़ (कंपनी की पूर्व निदेशक) के ऋण खातों को धोखाधड़ी वाले के रूप में वर्गीकृत करने के फैसले की जानकारी दी गई है। एसबीआई पहले ही ऐसा कर चुकी इससे पहले भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) ने भी इसी साल जून में ऐसा ही किया था, जिसमें ऋण की शर्तों का उल्लंघन करके बैंक के धन की हेराफेरी का आरोप लगाया गया था। सीबीआई ने की थी छापेमारी एसबीआई की शिकायत के बाद केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने शनिवार को रिलायंस कम्युनिकेशंस और अंबानी के आवास से जुड़े परिसरों की तलाशी ली थी। सीबीआई ने कहा कि उसने भारतीय स्टेट बैंक की ओर से रिलायंस कम्युनिकेशंस और अनिल अंबानी (जो एशिया के सबसे अमीर व्यक्ति मुकेश अंबानी के छोटे भाई हैं) की ओर से कथित हेराफेरी के परिणामस्वरूप 2,929.05 करोड़ रुपये के नुकसान का दावा करने के बाद शिकायत दर्ज की है। अनिल अंबानी के प्रवक्ता की सफाई अनिल अंबानी के प्रवक्ता ने एक बयान में सभी आरोपों और अभियोगों का दृढ़ता से खंडन किया और कहा कि वह अपना बचाव करेंगे। प्रवक्ता ने कहा, 'एसबीआई की ओर से दर्ज की गई शिकायत 10 साल से भी पुराने मामलों से संबंधित है। उस समय अंबानी कंपनी के गैर-कार्यकारी निदेशक थे और कंपनी के दैनिक प्रबंधन में उनकी कोई भूमिका नहीं थी। यह ध्यान देने योग्य है कि एसबीआई ने अपने आदेश की ओर से पांच अन्य गैर-कार्यकारी निदेशकों के विरुद्ध कार्यवाही पहले ही वापस ले ली है। इसके बावजूद अनिल अंबानी को चुनिंदा रूप से निशाना बनाया गया है।' क्या कहते हैं बैंकिंग कानून? बैंकिंग कानूनों के तहत एक बार किसी खाते को धोखाधड़ी वाला घोषित कर दिए जाने पर उसे आपराधिक कार्रवाई के लिए प्रवर्तन एजेंसियों को भेजा जाना चाहिए। इसके साथ ही उधारकर्ता को पांच वर्षों के लिए बैंकों और विनियमित संस्थानों से नए वित्त प्राप्त करने से रोक दिया जाता है।

नई कार लेना हुआ आसान, 1.4 लाख तक घटे दाम और कम होगी मासिक किस्त

नई दिल्ली फेस्टिवल सीजन में सरकार का प्‍लान GST रिफॉर्म करना है और लोगों को टैक्‍स छूट करके बड़ी राहत देना है. सरकार के जीएसटी में सुधार वाले प्रस्‍ताव को मंत्र‍ियों के समूहों (GoM) ने मंजूर कर द‍िया है, लेकिन अंतिम फैसला काउंसिल की तरफ से लिया जाएगा. वहीं काउंसिल की अगली बैठक 3 से 4 सितंबर को होने वाली है.  नए GST रिफॉर्म के तहत माना जा रहा है कि 90 फीसदी वस्‍तुओं की कीमतों में कटौती हो सकती है. खासकर कार के दाम ज्‍यादा कम होने का अनुमान लगाया जा रहा है. ऐसे में अगर आप भी कार खरीदने की सोच रहे हैं तो आपको थोड़ा इंतजार करना चाहिए. एक रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि कार कीफायती दाम पर मिल सकते हैं, अगर जीएसटी में प्रस्‍ताव के मुताबिक बदलाव किए गए तो…  कार पर टैक्‍स इतना हो सकता है नोमुरा की एक रिपोर्ट के अनुसार, सरकार के मंत्रिसमूह (GoM) ने दो-स्तरीय GST ढांचे का समर्थन किया है, आवश्यक वस्तुओं के लिए 5% और मानक वस्तुओं के लिए 18%.  इस बदलाव से छोटी कारों और दोपहिया वाहनों पर GST 28% से घटकर 18% हो सकता है, जबकि बड़े वाहनों पर 43-50% से घटकर 40% हो सकता है.  1.4 लाख रुपये तक सस्‍ती हो सकती है कार  नोमुरा ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि इसका सीधा परिणाम ये होगा कि कार की कीमतें 1.4 लाख रुपये तक कम हो सकती हैं और मासिक किस्तें 2,000 रुपये से अधिक कम हो सकती हैं.  मान लीजिए आप मारुति वैगन-R खरीदने की योजना बना रहे हैं. इसकी मौजूदा ऑन-रोड कीमत ₹7.48 लाख घटकर ₹6.84 लाख हो सकती है. वहीं मंथली EMI ₹1,047 कम हो सकती है. ब्रेजा या हुंडई क्रेटा जैसे मॉडल की कीमतों में भी मामूली कटौती और कम मासिक बचत देखने को मिलेगी, क्‍योंकि ये अभी ये हाई जीएसटी बैकेट में शामिल हैं.  दोपहिया वाहन भी पीछे नहीं हैं. होंडा एक्टिवा ₹7,452 सस्ती हो सकती है, जिससे आपकी ईएमआई लगभग ₹122 कम हो जाएगी. रॉयल एनफील्ड क्लासिक खरीदने पर आपको लगभग ₹18,000 की शुरुआती बचत हो सकती है.  Cars  पुरानी ऑन-रोड प्राइस (₹) नई ऑन-रोड प्राइस (₹) प्राइस में गिरावट (₹)  पुरानी ईएमआई (₹)  नई ईएमआई (₹)  ईएमआई ड्रॉप (₹) वैगन आर 748,228 684,426 63,802 12,281  11,234 1,047 बैलेनो  890,566 814,626  75,940 14,617 13,371  1,246 डिजायर 945,500 864,876 80,624  15,519 14,195 1,323 बोलेरो नियो 1,390,131  1,252,179  137,952  22,817 20,552 2,264 Brezza 1,156,229 1,116,359 39,870  18,977 18,323   654 क्रेटा 1,611,957 1,556,372   55,585  26,457  25,545  912 एक्सयूवी7ओओ 2,181,345 2,063,434 117,911 35,803 33,868  1,935 एक्टिवा 95,385  87,933   7,452  1,566    1,443  122 क्लासिक350   226,613 208,909 17,704  3,719  3,429  291 ऑटो सेक्‍टर्स में आएगी तेजी नोमुरा ने कहा है कि इससे सिर्फ वाहनों की कीमतों में ही कटौती नहीं होगी, बल्कि ऑटो सेक्‍टर्स को भी मजबूती मिलेगी. उम्‍मीद है कि अगर जीएसटी कटौती लागू हो जाती है तो इस साल डिमांड में 5 से 10 फीसदी की बढ़ोतरी होगी. बड़ी कारों और SUV खरीदारों को सबसे ज्‍यादा लाभ हो सकता है, क्‍योंकि इस सेगमेंट में डिमांड खूब रही है. हालांकि, अल्ट्रा-लो एंट्री सेगमेंट में खरीदारों की बाढ़ आने की उम्मीद न करें, क्‍योंकि उपभोक्ता प्राथमिकताएं फीचर-पैक, स्टाइलिश वाहनों की ओर बढ़ गई हैं. 

न्यू इंडिया बैंक घोटाले में बड़ा कदम, हिरेन भानु दंपत्ति की तलाश तेज

मुंबई 122 करोड़ रुपए के कथित घोटाले के मामले में न्यू इंडिया को-ऑपरेटिव बैंक के पूर्व चेयरमैन हिरेन भानु, उनकी पत्नी और बैंक की कार्यवाहक उपाध्यक्ष गौरी भानु के खिलाफ मुंबई पुलिस रेड कॉर्नर नोटिस की तैयारी कर रही है। मुंबई की एस्प्लेनेड कोर्ट दोनों के खिलाफ घोषित अपराधी का नोटिस जारी कर चुकी है। इसके बाद, मुंबई पुलिस अपनी कार्रवाई में जुट गई है। मुंबई पुलिस ने एक बयान जारी करते हुए कहा कि आर्थिक अपराध शाखा (ईओडब्लू) ने हिरेन भानु और उनकी पत्नी गौरी भानु के खिलाफ पहले ही चार्जशीट दाखिल करने के बाद दूसरी बार गैर-जमानती वारंट जारी किया था, क्योंकि घोटाले के उजागर होने से पहले ही दोनों आरोपी विदेश फरार हो गए थे। मुंबई पुलिस का कहना है कि अब कोर्ट की ओर से घोषित अपराधी नोटिस जारी होने के बाद ईओडब्ल्यू रेड कॉर्नर नोटिस (आरसीएन) जारी करने का अनुरोध करने की तैयारी कर रही है। इंटरपोल की मदद से यह प्रक्रिया शुरू की जाएगी, जिसमें करीब एक महीने का समय लग सकता है। मुंबई के एस्प्लेनेड कोर्ट ने अप्रैल में हिरेन भानु और उनकी पत्नी गौरी भानु को 122 करोड़ रुपए के गबन मामले में भगोड़ा अपराधी घोषित किया। इसी समय, अदालत ने पुलिस को मामले में पांच आरोपियों की 167.85 करोड़ रुपए कीमत की 21 संपत्तियों को कुर्क करने की भी अनुमति दी थी। मुंबई पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा (ईओडब्ल्यू) इस मामले में बैंक के पूर्व महाप्रबंधक हितेश मेहता और पूर्व सीईओ अभिमन्यु भोन समेत 8 लोगों को गिरफ्तार कर चुकी है। घोटाले का खुलासा होने के बाद हिरेन भानु अपनी पत्नी के साथ देश छोड़कर चले गए। हालांकि, हिरेन भानु ने खुद को निर्दोष बताते हुए गिरफ्तार वरिष्ठ अधिकारी हितेश मेहता पर 122 करोड़ रुपए की धोखाधड़ी के लिए पूरी तरह जिम्मेदार होने का आरोप लगाया था। अपने बयान में हिरेन भानु ने खुलासा किया था कि मेहता ने फरवरी में बैंक के प्रभादेवी मुख्यालय में आरबीआई के अधिकारियों के पहली बार पहुंचने पर एक फोन कॉल के दौरान अपराध स्वीकार किया था।  

अनिल अंबानी मुश्किल में! बैंक धोखाधड़ी मामले में CBI ने डाला छापा

मुंबई केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने शनिवार सुबह कारोबारी अनिल अंबानी के मुंबई स्थित आवास ‘सीविंड’, कफ परेड पर छापेमारी की. यह कार्रवाई 17,000 करोड़ रुपये के बैंक धोखाधड़ी मामले की जांच के तहत की गई है. सुबह लगभग 7 बजे CBI अधिकारी अंबानी के आवास पर पहुंचे. सूत्रों के मुताबिक, 7–8 अधिकारी तलाशी अभियान में शामिल हैं. छापेमारी के दौरान अनिल अंबानी और उनका परिवार घर पर मौजूद रहा. CBI की यह छापेमारी रिलायंस एडीए ग्रुप से जुड़ी कंपनियों के खिलाफ चल रही जांच का हिस्सा है, जिसमें एजेंसी ने हाल ही में अपने दायरे का विस्तार किया है. 10 दिन का मांगा था समय इससे पहले अनिल अंबानी ने जांच एजेंसियों को दस्तावेज जमा करने के लिए 10 दिन का समय मांगा था, लेकिन अधिकारियों को अब तक दी गई जानकारी से संतोष नहीं है. ईडी को संदेह है कि यस बैंक से मिले लोन में गड़बड़ी की गई और पैसे को शेल कंपनियों के जरिए दूसरी जगह भेजा गया. जानकारी के मुताबिक, ये शेल कंपनियां सिर्फ नाम मात्र के लिए थीं और उनका कोई वास्तविक कारोबार नहीं था. CBI की यह छापेमारी रिलायंस एडीए ग्रुप से जुड़ी कंपनियों के खिलाफ चल रही विस्तृत जांच का हिस्सा है. अरबों का बकाया कर्ज ईडी के आंकड़ों के अनुसार, रिलायंस होम फाइनेंस लिमिटेड (RHFL) पर ₹5,901 करोड़ से अधिक रिलायंस कमर्शियल फाइनेंस लिमिटेड (RCFL) पर ₹8,226 करोड़ से अधिक और आरकॉम (RCom) पर लगभग ₹4,105 करोड़ का कर्ज है. यह कर्ज करीब 20 सरकारी और निजी बैंकों के समूह का है, जिनमें यस बैंक, भारतीय स्टेट बैंक (SBI), एक्सिस बैंक, आईसीआईसीआई बैंक, एचडीएफसी बैंक, बैंक ऑफ इंडिया, यूको बैंक और पंजाब एंड सिंध बैंक शामिल हैं. CBI ने दर्ज किए थे FIR सीबीआई और ईडी दोनों अनिल अंबानी की कंपनियों से जुड़े कथित 17,000 करोड़ रुपये के बैंक लोन फ्रॉड की जांच कर रहे हैं. CBI ने पहले दो FIR दर्ज कीं, जिसके बाद ईडी ने छापेमारी शुरू की. मामला वित्त वर्ष 2017 से 2019 के बीच का है, जब यस बैंक ने अनिल अंबानी की कंपनियों को अवैध तरीके से लोन ट्रांसफर किए. ईडी सूत्रों का कहना है कि लोन मिलने से ठीक पहले यस बैंक के प्रमोटर्स को उनके व्यवसाय में मोटा पैसा मिला, जिससे रिश्वत और दोनों पक्षों के बीच सांठगांठ की आशंका गहराती है. इसी लेन-देन और संदिग्ध फंडिंग कनेक्शन की जांच फिलहाल जारी है. सूत्रों के मुताबिक, CBI ने दो एफआईआर दर्ज करने के बाद ईडी ने छापेमारी की थी. मामला वित्त वर्ष 2017 से 2019 का है, जब यस बैंक ने अनिल अंबानी की कंपनियों को अवैध तरीके से लोन ट्रांसफर किए. आरोप है कि लोन स्वीकृत होने से ठीक पहले यस बैंक के प्रमोटर्स को उनके कारोबार में मोटा पैसा मिला, जिससे रिश्वत और सांठगांठ की आशंका गहराती है. इससे पहले 4 अगस्त को ईडी ने अनिल अंबानी से पूछताछ की थी. पूछताछ के बाद ईडी ने उनके कई शीर्ष अधिकारियों को भी धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA) के तहत समन जारी किए. इनमें अंबानी के दो करीबी सहयोगी अमिताभ झुनझुनवाला और सतीश सेठ शामिल हैं, जो उनके व्यापारिक साम्राज्य में वरिष्ठ पदों पर रह चुके हैं और वित्तीय संचालन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते रहे हैं. अधिकारियों के अनुसार, अब तक कम से कम छह समन जारी किए जा चुके हैं. इन अधिकारियों पर ईडी की नजर पहले से ही थी, जब विभिन्न परिसरों में तलाशी अभियान चलाया गया था.