samacharsecretary.com

23 नवंबर से फ्लिपकार्ट सेल का धमाका, इलेक्ट्रॉनिक्स और अन्य उत्पादों पर भारी डिस्काउंट

मुंबई  कार्ट की ब्लैक फ्राइडे सेल में स्मार्टफोन, लैपटॉप, टीवी, होम एंटरटेनमेंट, वाशिंग मशीन, रेफ्रिजरेटर सहित कई प्रोडक्ट्स भारी छूट देखने को मिलेगी। इस सेल में बैंक डेबिट/क्रेडिट कार्ड व UPI से एक्स्ट्रा डिस्काउंट भी मिल जायेगा। वहीं अमेजन भी जल्द ब्लैक फ्राइडे सेल की घोषणा कर सकती है। Flipkart Black Friday Sale 2025 की तारीख और तैयारी Flipkart ने घोषणा की है कि उनकी Black Friday Sale 2025 की शुरुआत 23 नवंबर 2025 से होगी। उम्मीद है कि डिस्काउंट और बैंक ऑफर्स इस बार पहले से भी आकर्षक होंगे। Microsite पर टैगलाइन दी गई है “Bag The Biggest Deals" जिसका संकेत है कि सीमित स्टॉक में बम्पर छूट हो सकती है। कौन-कौन से प्रोडक्ट पर मिलेगी तगड़ी छूट इस सेल में प्रमुख रूप से इलेक्ट्रॉनिक्स पर जोर है जैसे स्मार्टफोन, स्मार्टवॉच, टीवी, लैपटॉप, पीसी, वाशिंग मशीन, रेफ्रिजरेटर आदि पर 70% तक की बड़ी छूट मिलेगी। इसके अलावा, होम डेकोर, एप्पेयरल, डेली एसेन्शल्स भी डिस्काउंट के दायरे में होंगे। स्मार्टफोन-लैपटॉप की डील पर फोकस हालांकि ट्रेंडिंग गैजेट्स की डील्स हमेशा आकर्षित करती हैं, लेकिन इस साल के Black Friday में खास तौर पर स्मार्टफोन और लैपटॉप मॉडल्स पर विशेष छूट देखी जा सकती है। Microsite में ‘Asus Chromebook’ जैसी लिस्टिंग पहले ही दिखी है। खरीददारों को सलाह है कि नये या पिछले जनरेशन के मॉडल्स पर नजर रखें क्योंकि बैंक ऑफर्स और डिस्काउंट मिलकर कीमत को काफी कम कर सकते हैं। Home Appliances पर सेल सर्दियों के मद्देनज़र, हीटर, गीजर, वाशिंग मशीन जैसे होम एप्लायंस की डिमांड बढ़ जाती है। Flipkart ने बताया है कि इस बार ऐसे प्रोडक्ट्स को भी सेल में शामिल किया गया है। इसका मतलब है कि इलेक्ट्रॉनिक्स के साथ-साथ घरेलू जरूरतों की चीजों में भी बजट-फ्रेंडली अवसर मिल सकते हैं।

भोपाल में 21–23 नवंबर तक फेड एक्सपो 2025, 100+ MSME इकाइयाँ प्रस्तुत करेंगी नवाचार, विदेशी प्रतिनिधियों की होगी भागीदारी

GIA Exhibition Center में तीन दिवसीय आयोजन; BHEL, BEML, रेलवे, रक्षा प्रतिष्ठान सहित बड़ी औद्योगिक इकाइयों की मौजूदगी—MSME को वेंडर रजिस्ट्रेशन, B2B–B2G मीटिंग और निवेशकों से जुड़ने का बड़ा अवसर भोपाल फेडरेशन ऑफ एम.पी. चैम्बर्स ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (FMPCCI) आगामी 21 नवंबर से 23 नवंबर 2025 तक GIA Exhibition Center, भोपाल में फेड एक्सपो 2025 का आयोजन करने जा रहा है। तीन दिनों तक चलने वाली इस औद्योगिक प्रदर्शनी में 100 से अधिक MSME इकाइयाँ अपने उत्पाद और तकनीकी नवाचारों का प्रदर्शन करेंगी। यह आयोजन न सिर्फ उद्योगों और सरकारी उपक्रमों के बीच संवाद को बढ़ावा देगा, बल्कि नए व्यापारिक अवसरों के सृजन में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। सरकारी व बड़ी औद्योगिक कंपनियों की सक्रिय भागीदारी एक्सपो में भारत की प्रमुख सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियाँ—BHEL, BEML, रेलवे, रक्षा प्रतिष्ठान, HEG, बीना रिफायनरी, सहित कई बड़ी औद्योगिक इकाइयाँ भाग ले रही हैं। इसके अलावा राज्य शासन के विभिन्न विभागों एवं क्षेत्रीय औद्योगिक संस्थान भी कार्यक्रम में अपनी सक्रिय उपस्थिति दर्ज कराएंगे। MSME को वेंडर बनने का अवसर इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य MSME उद्यमियों को नए अवसर उपलब्ध कराना है। प्रदर्शनी के दौरान MSME कंपनियों को सार्वजनिक क्षेत्र की इकाइयों के सामने अपने उत्पाद प्रस्तुत करने और वेंडर रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया समझने का मौका मिलेगा। विशेष सत्रों में सरकारी क्रय नीतियों, ‘मेक इन इंडिया’ अभियान, तकनीकी नवाचार और सप्लाई चेन मॉडल पर विस्तृत चर्चा की जाएगी। बायर-सेलर मीट और बड़ी कंपनियों के प्रोक्योरमेंट प्लान साझा होंगे कार्यक्रम के दौरान आयोजित वेंडर डेवलपमेंट और बायर-सेलर मीट में बड़ी सार्वजनिक एवं निजी कंपनियाँ अपने प्रोक्योरमेंट प्लान, वेंडर रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया और सप्लाई चेन अवसरों को साझा करेंगी। साथ ही वर्कशॉप एवं सेमिनार में नवाचार, तकनीकी उन्नयन, MSME फाइनेंस और निर्यात प्रोत्साहन जैसे विषयों पर विशेषज्ञ मार्गदर्शन दिया जाएगा। 15 देशों के प्रतिनिधियों की मौजूदगी—अंतरराष्ट्रीय व्यापारिक अवसरों के लिए उपयुक्त मंच फेड एक्सपो 2025 में अंतरराष्ट्रीय भागीदारी भी आकर्षण का केंद्र बनेगी। कार्यक्रम में रूस से 10, ओमान से 4, ताइवान से 1, तथा अन्य देशों के प्रतिनिधि भाग लेंगे। विदेशी उद्यमियों की उपस्थिति से प्रदेश की औद्योगिक इकाइयों को प्रत्यक्ष अंतरराष्ट्रीय संपर्क, साझेदारी और निर्यात के नए अवसर प्राप्त होंगे। इससे भारत और सहभागी देशों के बीच औद्योगिक संबंध मजबूत होंगे और बाइलैटरल ट्रेड को बढ़ावा मिलेगा। स्टार्टअप और शैक्षणिक संस्थानों के लिए भी बड़ा मंच प्रदेश की कई शैक्षणिक संस्थाएँ और स्टार्टअप भी इस एक्सपो में हिस्सा ले रहे हैं। स्टार्टअप्स के लिए विशेष पिचिंग सेशन का आयोजन किया जा रहा है, जिसमें उन्हें देश के प्रख्यात वेंचर कैपिटलिस्ट्स— यज्ञेश संघराजका, पुरुषोत्तम मोदानी, विवेक कृष्ण, अनन्या सरकार, नितिन देशवाल और चाहत अग्रवाल के सामने अपने आइडिया, विजन और प्रोडक्ट प्रस्तुत करने का मौका मिलेगा। इन निवेशकों का संयुक्त टर्नओवर करीब 1000 करोड़ रुपये है, जो स्टार्टअप्स के लिए बड़ी संभावना लेकर आता है। B2B–B2G मीटिंग्स और निवेशकों से सीधा संपर्क तीन दिवसीय एक्सपो के दौरान स्थानीय उद्योग, अंतरराष्ट्रीय खरीदारों, निवेशकों, विभिन्न बैंकों और MSME सहायता एजेंसियों के साथ नेटवर्किंग सत्र और B2B–B2G मीटिंग्स आयोजित होंगी। इससे प्रदेश के उद्यमियों को निर्यात, निवेश और सहयोग के कई नए रास्ते मिलेंगे। उद्यमियों से अधिक संख्या में भाग लेने का आग्रह फेडरेशन के अध्यक्ष दीपक शर्मा ने कहा कि यह एक्सपो MSME क्षेत्र के लिए अत्यंत लाभकारी है। उन्होंने उद्यमियों से अधिक से अधिक संख्या में भाग लेकर इस अवसर का लाभ उठाने और अपने व्यवसाय को नई दिशा देने का अनुरोध किया। प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान गोविंदपुरा एसोसिएशन के अध्यक्ष श्विजय गौर, फेडरेशन के प्रबंध समिति सदस्य योगेश गोयल,  सी.बी. मालपानी, राजीव जैन सहित कई पदाधिकारी उपस्थित रहे।

Porsche Cayenne Electric की एंट्री: क्या है कीमत और क्या-क्या मिलेंगे नए फीचर्स?

नई दिल्ली पोर्शे ने भले ही अपनी बड़ी ईवी योजनाओं को धीमा कर दिया हो, लेकिन कंपनी ने भारत में अपना तीसरा और अब तक का सबसे पावरफुल इलेक्ट्रिक मॉडल पोर्शे कैयेन इलेक्ट्रिक लॉन्च कर दिया है। Porsche Cayenne Electric की शुरुआती एक्स-शोरूम कीमत 1.75 करोड़ रुपये रखी गई है। यह कंपनी की दूसरा इलेक्ट्रिक एसयूवी है। और 1,100 bhp से ज्यादा पावर वाली Turbo (टर्बो) ट्रिम कंपनी का अब तक का सबसे पावरफुल प्रोडक्शन मॉडल भी है। पावरट्रेन और परफॉर्मेंस Cayenne Electric में रेंज के सभी मॉडल्स में डुअल इलेक्ट्रिक मोटर सेटअप मिलता है, यानी ऑल-व्हील ड्राइव स्टैंडर्ड है। स्टैंडर्ड मॉडल 402 bhp देता है, जो लॉन्च कंट्रोल के साथ बढ़कर 435 bhp और 835 Nm तक पहुंच जाता है। इस सेटअप के साथ बेस Cayenne EV 0-100 किमी प्रति घंटा सिर्फ 4.8 सेकंड में पूरा करता है और 230 किमी प्रति घंटा की टॉप स्पीड हासिल करता है। वहीं, सबसे ज्यादा ध्यान खींचती है Cayenne Turbo Electric, जिसकी पावर पोर्शे की Taycan से भी ज्यादा है। इलेक्ट्रिक कार होने के बावजूद टर्बो नाम भले अजीब लगे, लेकिन 845 bhp और पुश-टू-पास फीचर से 173 bhp का अतिरिक्त बूस्ट इसे बेहद खास बनाता है। लॉन्च कंट्रोल एक्टिव होते ही कुल पावर 1,139 bhp और 1,500 Nm तक पहुंचती है। जिससे कार 0-100 किमी प्रति घंटा केवल 2.5 सेकंड में और 0-200 किमी प्रति घंटा सिर्फ 7.4 सेकंड में कर लेती है। इसकी टॉप स्पीड 260 किमी प्रति घंटा है। ब्रेकिंग और हैंडलिंग इतनी पावर को संभालने के लिए ब्रेकिंग भी उसी स्तर की चाहिए। पोर्शे का दावा है कि 97 प्रतिशत तक ब्रेकिंग केवल इलेक्ट्रिक मोटर्स द्वारा ही रिकुपरेटिव ब्रेकिंग से की जा सकती है। यह सिस्टम 600 kW तक ऊर्जा वापस खींच सकता है, लगभग Formula E के स्तर पर। टर्बो मॉडल में ग्राहक चाहें तो सेरामिक कंपोजिट ब्रेक्स भी जोड़ सकते हैं। दोनों वेरिएंट पोर्शे एक्टिव सस्पेंशन मैनेजमेंट (PASM) सिस्टम के साथ आते हैं। टर्बो में अतिरिक्त पोर्शे टॉर्क वेक्टरिंग प्लस लिमिटेड-स्लिप डिफरेंशियल भी मिलता है। साथ ही, दोनों मॉडल्स में रियर-एक्सल स्टीयरिंग और एक्टिव राइड सिस्टम विकल्प के रूप में उपलब्ध हैं। जो तेज एक्सेलेरेशन, ब्रेकिंग या कॉर्नरिंग के दौरान बॉडी रोल, डाइव और लिफ्ट को कम करते हैं। बैटरी, रेंज और चार्जिंग Cayenne EV में 800V आर्किटेक्चर के साथ 113 kWh की हाई-वोल्टेज बैटरी दी गई है, जो 400 kW तक की फास्ट चार्जिंग सपोर्ट करती है। इसके जरिए बैटरी 10-80 प्रतिशत सिर्फ 16 मिनट से भी कम समय में चार्ज हो सकती है। इस दौरान स्टैंडर्ड मॉडल 325 किमी, जबकि Turbo मॉडल 315 किमी रेंज दोबारा पा लेते हैं। कुल ड्राइविंग रेंज की बात करें तो:     स्टैंडर्ड वेरिएंट – 642 km (WLTP)     Turbo वेरिएंट – 623 km (WLTP) इस एसयूवी की सबसे अनोखी बात यह है कि यह वायरलेस इंडक्टिव चार्जिंग को सपोर्ट करती है। मालिक बस गाड़ी को 11 kW के फ्लोर प्लेट पर पार्क कर दें और बिना किसी केबल के चार्जिंग शुरू हो जाती है। पोर्शे का दावा है कि पैड और रिसीवर के बीच 4 इंच तक का मिसअलाइन्मेंट भी चलेगा। कीमत और बुकिंग डिटेल्स भारत में Cayenne Electric की कीमत स्टैंडर्ड वेरिएंट के लिए 1.75 करोड़ रुपये है। और Cayenne Turbo Electric की कीमत 2.26 करोड़ रुपये रखी गई है। दोनों कीमत एक्स-शोरूम हैं। इस इलेक्ट्रिक एसयूवी की बुकिंग शुरू हो चुकी हैं और डिलीवरी 2026 की दूसरी छमाही से शुरू होने की उम्मीद है।

ED ने अनिल अंबानी के ग्रुप की संपत्ति 9,000 करोड़ रुपये जब्त की, कार्रवाई जारी

मुंबई     देश के सबसे अमीर इंसान मुकेश अंबानी (Mukesh Ambani) के छोटे भाई अनिल अंबानी (Anil Ambani) की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं. बीते कुछ समय में प्रवर्तन निदेशालय यानी ED ने उनके नेतृत्व वाले रिलायंस समूह की कंपनियों पर तगड़ा एक्शन लिया है और ये कार्रवाई लगातार जारी है. मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में अब तक ईडी द्वारा की गई कुर्की की कार्रवाई में करीब 9000 करोड़ रुपये से ज्यादा की संपत्तियां जब्त की जा चुकी हैं. मुंबई से चेन्नई तक ईडी का एक्शन एनफोर्समेंट डायरेक्टरेट (ईडी) ने अनिल अंबानी ग्रुप ऑफ कंपनीज से जुड़ी 1400 करोड़ रुपये वैल्यू के एसेट्स को लेकर नए प्रोविजनल अटैचमेंट का ऑर्डर दिया है. इससे पहले ED Action के तहत करीब 7500 करोड़ रुपये की संपत्ति जब्त की गई थी और नए ऑर्डर के साथ अब अनिल अंबानी के रिलायंस ग्रुप की जब्त की गई संपत्ति की कुल वैल्यू 9000 करोड़ रुपये हो चुकी है. अटैच किए गए एसेट्स नवी मुंबई, चेन्नई, पुणे और भुवनेश्वर में फैले हुए हैं.   बता दें कि बीते 31 अक्टूबर 2025 को PMLA की धारा 5(1) के तहत कुर्की के आदेश जारी किए गए थे. उस समय रिलायंस होम फाइनेंस लिमिटेड (RHFL) और रिलायंस कमर्शियल फाइनेंस लिमिटेड (RCFL) द्वारा जुटाए गए सार्वजनिक धन के कथित दुरुपयोग से जुड़ी मनी लॉन्ड्रिंग (Money Laundring) के मामले में 40 से ज्यादा संपत्तियां अस्थायी रूप से जब्त की गई थीं. ईडी ने जिन 7,500 करोड़ रुपये की संपत्तियों को कुर्क किया था, उनमें मुंबई के बांद्रा वेस्ट, पाली हिल में स्थित उनका एक आवास भी शामिल था. वहीं अब नए एसेट्स भी जब्त किए गए हैं.  14 नवंबर को ED ने किया था तलब Anil Ambani Reliance Group पर ईडी की लगातार कार्रवाई के बीच हालांकि, उनकी कंपनियों की ओर से सफाई भी जारी की जा चुकी है. इसमें साफ किया गया कि इससे उनके बिजनेस पर कोई असर नहीं पड़ा है. कंपनी ने बीते दिनों स्टॉक एक्सचेंज फाइलिंग में कहा था कि ईडी द्वारा कुर्क की गईं ज्यादातर संपत्तियां रिलायंस कम्युनिकेशन (Reliance Communication) की हैं, जो 6 साल से कॉर्पोरेट दिवाला समाधान प्रक्रिया (CIRP) से गुजर रही है. रिलांयस पावर और रिलायंस इंफ्रा की परफॉर्मेंस पर भविष्य में भी कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा. गौरतलब है कि प्रवर्तन निदेशालय ने अनिल अंबानी को 14 नवंबर को ईडी कार्यालय में भी बुलाया था.  ED ने की अनिल अंबानी ग्रुप की 7500 करोड़ की संपत्त‍ि जप्त  अनिल अंबानी की मुश्किलों को बढ़ाने वाला मनी लॉन्ड्रिंग केस उन आरोपों से संबंधित है, जिनमें कहा गया कि आरएचएफएल और आरसीएफएल के जरिए जुटाए गए सार्वजनिक धन को अनिल अंबानी समूह से जुड़ी संस्थाओं से जुड़े लेन-देन के दौरान डायवर्ट और लॉन्ड्रिंग किया गया था. अनिल अंबानी के शेयरों पर एक नजर अनिल अंबानी की कंपनियों के शेयरों (Anil Ambani Shares) पर नजर डालें, तो सप्ताह के चौथे कारोबारी दिन गुरुवार को उनकी कंपनी रिलायंस इंफ्रास्ट्रक्चर का शेयर (Reliance Infra Share) खबर लिखे जानें तक 4.10 फीसदी की गिरावट लेकर 172 रुपये पर ट्रेड कर रहा था. वहीं दूसरी ओर Reliance Power Share मामूली तेजी के साथ 40 रुपये पर ट्रेड कर रहा है.   

इंडिया-US ट्रेड एग्रीमेंट फाइनल स्टेज पर, टैरिफ में बड़ी कटौती की उम्मीद

नई दिल्ली भारत और अमेरिका के बीच व्यापार को लेकर बड़ी खबर सामने आ रही है। बताया जा रहा है कि भारत-अमेरिका द्विपक्षीय व्यापार समझौते (BTA) का पहला चरण लगभग पूरा हो चुका है, और अब बस इसकी घोषणा का इंतजार है। यह वही समझौता है जिसके तहत ट्रंप प्रशासन द्वारा भारतीय सामान पर लगाए गए 50% तक के भारी शुल्क को दोबारा से रिव्यू किया जा सकता है। क्या भारत को आखिरकार राहत मिलने वाली है? अभी अमेरिका ने भारत पर कितना ट्रैफिक लगा रखा है? पिछले कुछ सालों में अमेरिकी बाजार में भारतीय सामान पर भारी शुल्क लगने से व्यापार पर बड़ा असर पड़ा है। रूसी तेल से जुड़े अंतरराष्ट्रीय तनाव के बाद अमेरिका ने भारत से आने वाले उत्पादों पर 25% पारस्परिक शुल्क और 25% अतिरिक्त पेनल्टी लगा दी थी। इससे भारत के निर्यात की प्रतिस्पर्धा काफी कम हो गई थी। लेकिन अब ऐसी खबरें हैं कि भारत और अमेरिका दोनों इस टैरिफ मुद्दे को हल करने की दिशा में तेजी से बढ़ रहे हैं। एक वरिष्ठ अधिकारी के हवाले से बताया गया है कि, “ट्रेड डील का पहला पैकेज लगभग अंतिम चरण में है। यह पैकेज पारस्परिक शुल्कों को संबोधित करेगा।” इसका मतलब साफ है कि इस डील का पहला चरण भारी शुल्कों में बड़ी राहत दे सकता है, जो भारतीय उद्योग और किसानों के लिए बड़ी खबर है। क्या ट्रंप के भारी टैरिफ अब हट जाएंगे? सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या अमेरिका भारत पर लगाए गए भारी जुर्माने (25% पेनल्टी) को वापस लेगा? अधिकारी का कहना है कि “अगर यह 25% पेनल्टी नहीं हटती, तो इस समझौते का कोई मतलब नहीं रह जाएगा।” यानी भारत साफ संकेत दे चुका है कि बिना टैरिफ रिलीफ के वह यह डील आगे नहीं बढ़ाएगा। कृषि उत्पादकों को क्या मिलेगा बड़ा फायदा? अमेरिका ने हाल ही में एक बड़ा कदम उठाते हुए चाय, कॉफी, मसाले, कोको, उष्णकटिबंधीय फल, जूस, टमाटर, केले, संतरे और बीफ़ जैसे उत्पादों पर से पारस्परिक शुल्क हटा दिए हैं। भारत इन वस्तुओं का 1 अरब डॉलर से अधिक का निर्यात करता है। यानि इस फैसले से भारतीय किसानों और कृषि निर्यातक कंपनियों को बड़ी राहत मिल सकती है। क्या अमेरिका 500% टैरिफ लगाने की तैयारी में है? यहीं कहानी और रोचक हो जाती है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हाल ही में बयान दिया कि “अगर कोई देश रूस के साथ व्यापार करता है, तो अमेरिका 500% तक टैरिफ लगाने में हिचकेगा नहीं।” यानी अमेरिका अब एक नया कड़ा कानून लाने पर विचार कर रहा है, जिसमें रूस के साथ व्यापार करने वाले देशों पर भारी प्रतिबंध होंगे। यहां सवाल उठता है-     क्या भारत भी इस नीति की चपेट में आ सकता है?     क्या इस वजह से भारत-अमेरिका व्यापार डील और तेज की जा रही है? इस मुद्दे ने पूरी चर्चा को और ज्यादा रहस्यमय बना दिया है। क्या भारत-अमेरिका ट्रेड डील रिश्तों में बड़ा मोड़ साबित होगी? भारत और अमेरिका लंबे समय से व्यापारिक मतभेदों को कम करने की कोशिश कर रहे हैं। अगर पहला चरण सफल होता है, तो आने वाले महीनों में और भी कई पैकेज लाए जा सकते हैं। यह डील न सिर्फ भारतीय उद्योगों को फायदा देगी बल्कि वैश्विक स्तर पर भारत की आर्थिक स्थिति को भी मजबूत करेगी।

देखते ही ग्राहकों को भा गई Kawasaki W230, रॉयल एनफील्ड के लिए चुनौती बढ़ी

नई दिल्ली Kawasaki w230: कावासाकी ने हाल ही में यूके बाज़ार में अपनी नई 2026 मॉडल की W230 रेट्रो-रोडस्टर मोटरसाइकिल को पेश किया है, जिसकी कीमत और डिलीवरी साल 2026 में शुरू होने की उम्मीद है. यह बाइक Kawasaki के प्रतिष्ठित 'W' लाइनअप का विस्तार है और इसका डिज़ाइन क्लासिक रेट्रो-रोडस्टर थीम पर आधारित है. भारत के संदर्भ में यह लॉन्च काफी महत्वपूर्ण है, क्योंकि विशेषज्ञ यह अनुमान लगा रहे हैं कि कंपनी आने वाले वर्षों में भारतीय बाज़ार में बिक रही W175 की जगह W230 को पेश कर सकती है. यह 233cc की बाइक अपनी इंजन क्षमता और स्टाइल के साथ सीधे तौर पर भारत में Royal Enfield Hunter 350 जैसी लोकप्रिय रेट्रो बाइक्स को कड़ी टक्कर देगी. 2. डिज़ाइन और स्पेसिफिकेशन्स  Kawasaki W230 एक बेहद आकर्षक रेट्रो डिज़ाइन के साथ आती है, जिसमें गोल हेडलाइट, क्रोम-फिनिश्ड फ्यूल टैंक और क्लासिक साइड पैनल का उपयोग किया गया है, जो इसे एक एलिगेंट लुक देते हैं. इस बाइक में 233cc का 4-स्ट्रोक, सिंगल-सिलेंडर, SOHC, 2 वाल्व, एयर-कूल्ड इंजन दिया गया है, जो लगभग 17 hp की हॉर्सपावर और 14.0 lb-ft का टॉर्क जनरेट करता है. यह इंजन 6-स्पीड ट्रांसमिशन के साथ जुड़ा हुआ है और इसमें एंटी-लॉक ब्रेक सिस्टम (ABS) जैसी आधुनिक सुरक्षा तकनीक भी मौजूद है. अपनी रेट्रो अपील के बावजूद, W230 का ग्राउंड क्लीयरेंस 5.9 इंच और व्हीलबेस 55.7 इंच है, जो इसे सड़कों पर स्थिर बनाता है. 3. इंजन और राइडिंग एक्सपीरियंस  W230 में इस्तेमाल किया गया 233cc का एयर-कूल्ड इंजन वही है जो कंपनी अपनी KLX230 में उपयोग करती है. हालांकि, रेट्रो-रोडस्टर होने के कारण W230 का गियरिंग (Gearing) लेडबैक और आरामदायक राइडिंग स्टाइल के अनुकूल अलग तरह से ट्यून किया जाएगा, जबकि KLX230 का गियरिंग ऑफ-रोड उपयोग के लिए अधिक आक्रामक होता है. इंजन की शक्ति शहरी यातायात और हल्की हाईवे राइडिंग दोनों के लिए पर्याप्त है. फ्रंट में 37mm टेलिस्कोपिक फोर्क और रियर में स्प्रिंग प्रीलोड एडजस्टेबिलिटी के साथ ट्विन शॉक्स मिलते हैं, जो आरामदायक सस्पेंशन सेटअप प्रदान करते हैं. 4. हल्का वज़न  Kawasaki W230 की सबसे बड़ी खूबी इसका कम वज़न और आसान हैंडलिंग है. इसका अनुमानित कर्ब वज़न (Kerb Weight) लगभग 143 किलोग्राम (315.3 lb) है, जो इसे अपने सेगमेंट की अन्य भारी बाइक्स की तुलना में काफी हल्का बनाता है. इसके अलावा, इसकी सीट की ऊँचाई केवल 745mm (29.3 इंच) है. यह कम सीट हाइट और हल्का वज़न इस बाइक को नए राइडर्स, छोटे कद वाले सवारों और शहर में रोज़ाना आवागमन करने वालों के लिए एक आदर्श विकल्प बनाती है, क्योंकि इसे ट्रैफिक में संभालना बहुत आसान होगा. बाइक में 12-लीटर का फ्यूल टैंक दिया गया है, जो छोटे सफर के लिए पर्याप्त है. 5. भारत में लोकलाइज़ेशन भारत में, Kawasaki W175 को उसके फीचर्स और कीमत के अनुपात में महंगा माना जाता है, जिससे वह बाज़ार में अपनी मज़बूत पकड़ नहीं बना पाई है. इसी को देखते हुए, W230 भारत के लिए एक गेम चेंजर साबित हो सकती है. चूंकि Kawasaki ने अपनी KLX230 के कुछ हिस्सों का भारत में लोकलाइज़ेशन किया है, जिससे उसकी कीमत काफी कम हुई है, यह उम्मीद की जा रही है कि W230 को भी बड़े पैमाने पर लोकलाइज़ किया जाएगा. अगर इसकी कीमत W175 के मुकाबले आकर्षक रखी जाती है, तो यह न केवल Yamaha XSR 155 जैसे उभरते रेट्रो सेगमेंट को चुनौती देगी, बल्कि रॉयल एनफील्ड हंटर 350 को भी कड़ी टक्कर देने की क्षमता रखेगी, जिससे यह भारतीय रेट्रो-रोडस्टर सेगमेंट में एक मजबूत दावेदार बन जाएगी. 

NPCI ने बदली UPI की तस्वीर: क्रेडिट कार्ड जैसी सुविधा से आसान होंगे छोटे पेमेंट

नई दिल्ली  देश में डिजिटल भुगतान को नई दिशा देने के लिए अब बड़े बैंक UPI के जरिए क्रेडिट पेमेंट्स को तेजी से बढ़ाने की तैयारी में हैं। HDFC Bank, Axis Bank और Kotak Mahindra Bank जल्द ही ‘UPI पर क्रेडिट लाइन’ सुविधा लॉन्च कर सकते हैं। अभी तक बैंक UPI पर क्रेडिट बढ़ाने के लिए RuPay क्रेडिट कार्ड जारी कर रहे थे, लेकिन नई व्यवस्था के तहत ग्राहक बिना किसी कार्ड के भी छोटे-बड़े भुगतान क्रेडिट पर कर सकेंगे। बड़े बैंकों की एंट्री नेशनल पेमेंट्स कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) ने यह सुविधा वर्ष 2023 में शुरू की थी। हालांकि, दो साल तक किसी बड़े बैंक ने इसे अपनाने में दिलचस्पी नहीं दिखाई। शुरुआत सिर्फ कर्नाटक बैंक और सुर्योदय स्मॉल फाइनेंस बैंक ने की, जिन्होंने Navi और Paytm के साथ मिलकर क्रेडिट लाइन को सक्रिय किया।अब पहली बार प्रमुख प्राइवेट बैंक HDFC और Axis Bank इस प्रोडक्ट को लॉन्च करने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। ET की रिपोर्ट के मुताबिक, ये बैंक Navi, Super.Money और SalarySe जैसे फिनटेक स्टार्टअप्स के साथ साझेदारी कर रहे हैं ताकि ग्राहकों को आसानी से ऑनबोर्ड किया जा सके और प्रारंभिक जांच ऐप के माध्यम से की जा सके। नियमों पर स्पष्टता के बाद मिली हरी झंडी बैंकों की सबसे बड़ी चिंताओं में क्रेडिट लाइन का ब्याज निर्धारण, इंटरेस्ट-फ्री अवधि और अन्य नियम शामिल थे। स्पष्ट गाइडलाइंस न होने के कारण बड़े बैंक अब तक इस मॉडल से दूर थे। लेकिन हाल ही में NPCI और RBI दोनों ने जरूरी नीतिगत स्पष्टता दे दी है, जिसके बाद इनके लॉन्च का रास्ता साफ हो गया है। इंडस्ट्री अनुमानों के अनुसार अब तक लगभग 3-4 लाख ग्राहक UPI-बेस्ड क्रेडिट लाइन का उपयोग कर चुके हैं। भले ही ट्रांजैक्शन वॉल्यूम अभी नियमित UPI भुगतान की तुलना में कम है, लेकिन सुविधा की गति तेजी से बढ़ रही है क्योंकि यह छोटे खर्चों के लिए त्वरित क्रेडिट उपलब्ध कराती है। बैंकों के लिए नए ग्राहकों का बड़ा अवसर बैंक इस सुविधा के जरिए छोटे लोन प्रदान कर नए ग्राहकों को बैंकिंग व्यवस्था से जोड़ने का अवसर देख रहे हैं। फिनटेक कंपनियों के अनुसार, छोटे क्रेडिट समय पर चुकाने वाले ग्राहक आगे चलकर बैंक के विश्वसनीय और मजबूत कस्टमर बन जाते हैं। UPI पर क्रेडिट विकल्प मिलने से बैंक उन लाखों यूजर्स तक पहुंचना चाहते हैं जो रोजाना UPI से भुगतान करते हैं और भविष्य में बैंकिंग सेवाओं के महत्वपूर्ण ग्राहक बन सकते हैं।   रिस्क भी कम नहीं हालांकि, कुछ बैंक इस मॉडल को अपनाने में सावधानी बरत रहे हैं। उनका कहना है कि बहुत बड़ी संख्या में छोटे-छोटे लोन देने से क्रेडिट बबल बनने का खतरा है। यदि ग्राहक समय पर भुगतान न कर पाए, तो इतनी छोटी रकम में रिकवरी मुश्किल हो सकती है। इसलिए बैंक इस प्रोडक्ट में पूरी तरह प्रवेश करने से पहले जोखिम का व्यापक विश्लेषण कर रहे हैं।  

हायराइडर की बिक्री ने किया बड़ा उलटफेर, टोयोटा इनोवा पिछड़ गई

मुंबई  टोयोटा की मिड-साइज एसयूवी अर्बन क्रूज़र हायराइडर ने अक्टूबर 2025 में वह कर दिखाया, जिसकी उम्मीद लंबे समय से की जा रही थी। कंपनी की मजबूती का प्रतीक मानी जाने वाली इनोवा हायक्रॉस और इनोवा क्रिस्टा को पछाड़ते हुए हायराइडर पहली बार टोयोटा की नंबर-1 बिकने वाली कार बनकर उभरी। यह बदलाव टोयोटा के लिए सिर्फ एक नई उपलब्धि ही नहीं, बल्कि भारतीय बाज़ार में बदलते ग्राहक रुझानों का भी महत्वपूर्ण संकेत है। रिकॉर्ड तोड़ बिक्री का नया अध्याय अक्टूबर 2025 में हायराइडर ने 11,555 यूनिट की बिक्री दर्ज कर अपनी अब तक की सर्वाधिक मासिक डिलीवरी का रिकॉर्ड बना दिया। दूसरी ओर, इनोवा हायक्रॉस और क्रिस्टा की संयुक्त बिक्री 11,294 यूनिट रही, जो पहली बार हायराइडर से कम साबित हुई। इस बढ़त के साथ हायराइडर ने न केवल अपनी स्थिति मजबूत की, बल्कि यह भी दर्शाया कि अब ग्राहक मिड-साइज, फ्यूल-एफिशियंट एसयूवी को बड़े आकार की एमपीवी पर प्राथमिकता दे रहे हैं। सितंबर 2022 में लॉन्च हुई हायराइडर लगातार अपना ग्राफ ऊपर ले जा रही है। अगस्त 2025 में 9,100 यूनिट के पूर्व रिकॉर्ड को जिस तरह अक्टूबर में पीछे छोड़ा गया, उसने कंपनी के अंदर भी उत्साह बढ़ा दिया। लगभग 28 kmpl तक की माइलेज क्षमता के कारण हायराइडर को भारत की सबसे फ्यूल-एफिशियंट एसयूवी में गिना जाता है, और यही इसकी लोकप्रियता का बड़ा कारण बन चुका है। सालाना आंकड़ों में अभी भी इनोवा आगे हालाँकि अक्टूबर में हायराइडर ने आगे निकलकर सुर्खियाँ बटोर ली हैं, लेकिन वित्तीय वर्ष के कुल बिक्री आंकड़ों में इनोवा की पकड़ अब भी मजबूत बनी हुई है। अप्रैल से अक्टूबर 2025 के बीच इनोवा हायक्रॉस और क्रिस्टा की कुल 64,678 यूनिट्स बिकीं, जो इस सेगमेंट में उसकी स्थायी लोकप्रियता को दर्शाती हैं। वहीं इसी अवधि में हायराइडर ने 57 प्रतिशत की तेज़ छलांग लगाते हुए 56,754 यूनिट्स बेचीं। अंतर भले ही अब कम हो चुका है, लेकिन करीब 7,924 यूनिट्स का अंतर बताता है कि आने वाले महीनों में प्रतिस्पर्धा और तीखी हो सकती है। कीमत और सेगमेंट: ग्राहक क्यों कर रहे हैं हायराइडर को पसंद कीमत और उत्पाद की जगहनेटी भी इस मुकाबले में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। हायराइडर एक 5-सीटर एसयूवी है, जिसकी कीमत 10.95 लाख से 19.57 लाख रुपये के बीच है, जो इसे मिड-साइज श्रेणी में एक मजबूत विकल्प बनाती है। दूसरी ओर, इनोवा हायक्रॉस की कीमतें 18.06 लाख से 31.90 लाख रुपये तक जाती हैं, जबकि क्रिस्टा 19.99 लाख से 27.08 लाख रुपये के बीच उपलब्ध है। काफी कम कीमत, बेहतर माइलेज, हाइब्रिड विकल्प और शहरी उपयोग के लिए उपयुक्त आकार—ये सभी कारण हायराइडर को एक व्यापक ग्राहक वर्ग की पसंद बना रहे हैं। टोयोटा के लिए संकेत: बदलता बाज़ार और नई प्राथमिकताएँ टोयोटा ने SUV और MPV सेगमेंट में अक्टूबर महीने में कुल 33,809 यूनिट्स डिस्पैच कर अपना ही रिकॉर्ड तोड़ दिया। यह प्रदर्शन बताता है कि भारतीय बाज़ार में अब बहुउद्देशीय एमपीवी के साथ मिड-साइज एसयूवी की मांग भी तेज़ी से बढ़ रही है। हायराइडर का नंबर-1 पर पहुँचना न केवल कंपनी के प्रोडक्ट पोर्टफोलियो की सफलता का प्रमाण है, बल्कि यह भी दर्शाता है कि उपभोक्ता अब माइलेज, हाइब्रिड तकनीक और किफायती रखरखाव को अधिक महत्व दे रहे हैं।

लोकप्रिय SUV Grand Vitara में खामी, Maruti Suzuki ने बड़ी रिट्रीवल की घोषणा की

मुंबई   देश की सबसे कार निर्माता कंपनी Maruti Suzuki की एसयूवी Maruti Suzuki Grand Vitara एक लोकप्रिय कार है. हालांकि कंपनी ने अब दिसंबर 2024 और अप्रैल 2025 के बीच निर्मित Maruti Grand Vitara की 39,000 से ज़्यादा यूनिट्स को वापस मंगाया गया है. कार निर्माता कंपनी का कहना है कि प्रभावित वाहनों में फ्यूल लेवल इंडीकेटर और वार्निंग लाइट में गड़बड़ी होने का संदेह है. इस गड़बड़ी से कुल 39,506 यूनिट्स प्रभावित हुई हैं. Maruti Suzuki का कहना है कि इंस्ट्रूमेंट क्लस्टर में फ्यूल लेवल इंडीकेटर में खराबी के कारण वाहन चालक को ईंधन का गलत स्तर दिखा सकता है. हालांकि इस खराबी से सेफ्टी पर कोई बड़ा प्रभाव पड़ने की संभावना नहीं है, लेकिन इससे वाहनों में इंस्ट्रूमेंट क्लस्टर में दर्शाए गए स्तर से कम फ्यूल होने की स्थिति पैदा हो सकती है. Maruti Suzuki का कहना है कि कंपनी के डीलर और सर्विस सेंटर, रिकॉल से प्रभावित एसयूवी के सभी मालिकों से संपर्क करेंगे और उन्हें निःशुल्क पार्ट्स निरीक्षण और प्रतिस्थापन प्रदान करेंगे. Maruti Suzuki ने साल 2022 में भारत में Grand Vitara नाम को एक बिल्कुल नई कॉम्पैक्ट एसयूवी के रूप में पुनर्जीवित किया है, जिसने कंपनी के लाइन-अप में Maruti S-Cross की जगह ली और प्रतिष्ठित Hyundai Creta को टक्कर दी. Maruti Grand Vitara, Maruti Suzuki-Toyota साझेदारी के तहत विकसित पहला उत्पाद भी था. इस एसयूवी को Toyota से एक सहयोगी मॉडल – Toyota Urban Criuser Hyryder भी मिला. Maruti Grand Vitara कई पावरट्रेन विकल्पों के साथ बाजार में बेची जा रही है. इसमें 1.5-लीटर नैचुरली एस्पिरेटेड (NA) पेट्रोल इंजन मिलता है, जिसके साथ मैनुअल और ऑटोमैटिक गियरबॉक्स विकल् मिलता है. इसके अलावा 1.5-लीटर पेट्रोल स्ट्रॉन्ग हाइब्रिड पावरट्रेन भी मिलता है, जो स्टैंडर्ड तौर पर CVT गियरबॉक्स के साथ आता है. यह नैचुरली एस्पिरेटेड पेट्रोल इंजन के कई वेरिएंट में फ़ैक्टरी CNG किट और टॉप वेरिएंट में वैकल्पिक ऑल-व्हील ड्राइव का विकल्प भी मिलता है. Maruti Grand Vitara भारतीय बाज़ार में काफी सफल रही है और इस साल की शुरुआत में इसकी बिक्री 3 लाख यूनिट को पार कर गई थी.

मार्केट ने पकड़ी रफ्तार, विश्लेषकों ने इसे बिहार चुनाव नतीजों से जोड़ा

मुंबई  शेयर बाजार (Stock Market) में सोमवार को तेजी के साथ कारोबार की शुरुआत हुई. बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज के 30 शेयरों वाले Sensex ने खुलने के साथ ही 300 अंकों से ज्यादा की छलांग लगा दी, तो वहीं नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का Nifty-50 भी अपने पिछले बंद की तुलना में तेज बढ़त लेकर ओपन हुआ. बिहार चुनाव में एनडीए की बंपर जीत (NDA Wins Bihar Election 2025) का असर बाजार पर देखने को मिल रहा है, ये हम नहीं कह रहे, बल्कि ब्रोकरेज हाउस इस जीत से बाजार का सेंटीमेंट पॉजिटिव होने की बात कहते नजर आ रहे हैं.  खुलते ही सेंसेक्स-निफ्टी भागे सबसे पहले बताते हैं सप्ताह के पहले कारोबारी दिन सोमवार को सेंसेक्स-निफ्टी की चाल के बारे में, तो BSE Sensex अपने पिछले बंद 84,562.78 की तुलना में तेजी लेकर 84,700 के लेवल पर ओपन हुआ. जोरदार ओपनिंग के बाद इस इंडेक्स की रफ्तार और तेज हो गई और खबर लिखे जाने तक 15 मिनट के कारोबार के दौरान ही ये उछलकर 84,833 के लेवल पर ट्रेड करता हुआ नजर आया.  सेंसेक्स की तरह ही NSE Nifty ने भी ग्रीन जोन पर कारोबार शुरू किया. ये इंडेक्स अपने पिछले बंद 25,910 के मुकाबले उछलकर 25,948 पर खुला और फिर अचानक सेंसेक्स की चाल से चाल मिलाकर चलते हुए 25,978.95 पर कारोबार करता दिखाई दिया.  ये 10 शेयर सबसे तेज  शेयर मार्केट (Share Market) में तेजी के बीच शुरुआती कारोबार में सबसे तेज भागने वाले स्टॉक्स पर नजर डालें, तो बीएसई लार्जकैप में शामिल Kotak Bank Share (1.70%) और Bharti Airtel Share करीब 1 फीसदी की उछाल के साथ ट्रेड कर रहे थे. वहीं मिडकैप कैटेगरी में शामिल Emcure Share (4.58%), RVNL Share (3.60%), PSB Share (3.10%), Voltas Share (2.50%), Crisil Share (2%) चढ़कर कारोबार कर रहा था. स्मॉलकैप कैटेगरी में देखें, तो VLS Finance Share (19%), Ideaforge Share (12%) और SPAL Share (10%) की तेजी लेकर कारोबार करते दिखे.  अचानक बैंकिंग शेयरों ने मचाया गदर सोमवार को कारोबार के दौरान बैंकिंग शेयरों का गदर देखने को मिला और ज्यादातर Banking Stock तेज रफ्तार से भागते हुए नजर आए. मिडकैप में देखें, तो Central Bank Share (3.40%), Maharashtra Bank Share (3.19%), UCO Bank Share (3.32%) और IDFC First Bank Share (2.40%) AU Bank Share (2.10%), Yes Bank Share (1.90%), Bank Of India Share (1.84%) की तेजी लेकर कारोबार कर रहे थे.  Bihar में बंपर जीत से बमबम बाजार! बाजार में तेजी के पीछे के कारणों के बारे में बात करें, तो ब्रोकरेज फर्म जेएम फाइनेंशियल (JM Financial) इसे बिहार चुनावों में NDA की बंपर जीत से प्रेरित बता रही है. कंपनी ने कहा कि शेयर बाजार के लिए ये जीत काफी सकारात्मक है. हमें उम्मीद है कि बाजार इस जीत पर सकारात्मक प्रतिक्रिया देगा, क्योंकि इससे केंद्र में गठबंधन को भी स्थिरता मिलेगी.  बिहार विधानसभा चुनावों में एनडीए गठबंधन ने 202 सीटें हासिल कर ऐतिहासिक निर्णायक जीत पाई है. ये इससे पहले हुए चुनाव में जीती गई 122 सीटों से काफी ज्यादा हैं. ब्रोकरेज ने यहा तक कहा कि ये जो परिणाम बिहार से आए हैं, ये तमाम Exit Polls के अनुमानों से भी कहीं ज्यादा रहा, जिनमें एनडीए को 146 सीटें मिलने का अनुमान लगाया गया था. भाजपा इस चुनाल में 89 सीटों के साथ सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है.