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एससी-एसटी छात्रों की स्कॉलरशिप में देरी, केंद्रांश अगले महीने खाते में आने की संभावना

लखनऊ  प्रदेश में छात्रवृत्ति एवं शुल्क भरपाई योजना के तहत अनुसूचित जाति व जनजाति के छात्रों को केंद्रांश की राशि अगले माह मिलने की संभावना है। पांच लाख से ज्यादा छात्रों के खातों में अब तक केंद्रांश नहीं पहुंचा है। इससे छात्रों को दिक्कतों का सामना भी करना पड़ रहा है प्रदेश में ढाई लाख रुपये तक सालाना आमदनी वाले एससी-एसटी परिवारों के विद्यार्थियों को शुल्क की भरपाई के साथ छात्रवृत्ति का भुगतान किया जाता है। इस वर्ग के विद्यार्थियों को होने वाले भुगतान का 60 प्रतिशत हिस्सा केंद्र सरकार और शेष 40 प्रतिशत हिस्सा राज्य सरकार देती है। राज्य सरकार ने विद्यार्थियों के खातों में 40 फीसदी हिस्सा भेज दिया है, लेकिन अभी काफी विद्यार्थी बचे हैं, जिनके खातों में केंद्रांश नहीं पहुंचा है। समाज कल्याण विभाग के अधिकारियों के मुताबिक, पिछले वित्त वर्ष में जिन विद्यार्थियों के खातों में अभी तक केंद्रांश नहीं पहुंचा है, वो 15 मई तक पहुंचने की उम्मीद है। जब राज्य सरकार भुगतान करती है, तो वही डाटा ऑटो फेच होकर केंद्र के पोर्टल पर चला जाता है। इस प्रक्रिया के पूरा होने में थोड़ा वक्त लगता है। इसलिए विद्यार्थी परेशान न हों, शीघ्र ही उनके खातों में शेष राशि भी पहुंच जाएगी।  

Sand Mining Update: बिहार में नीलामी रुकी, अब आसान होगी पर्यावरणीय क्लियरेंस प्रक्रिया

पटना. बिहार में बालू घाटों की नीलामी में आ रही अड़चनों को दूर करने के लिए सरकार ने अब तेज़ी से कदम उठाने शुरू कर दिए हैं। उप मुख्यमंत्री सह खान एवं भू-तत्व मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने स्पष्ट निर्देश दिया है कि पर्यावरणीय मंजूरी की जटिल प्रक्रियाओं को आसान और समयबद्ध बनाया जाए, ताकि नीलामी में हो रही देरी खत्म हो सके। राज्य में कुल 463 पीले बालू घाट चिन्हित हैं, लेकिन अब तक केवल 360 घाटों की ही नीलामी पूरी हो पाई है। शेष घाट पर्यावरणीय स्वीकृतियों में उलझे हुए हैं। सीटीई-सीटीओ प्रक्रिया आसान करने का निर्देश खासकर स्थापना की सहमति (CTE) और संचालन की सहमति (CTO) की लंबी प्रक्रिया नीलामी में सबसे बड़ी बाधा बन रही है। मंत्री ने इस स्थिति पर सख्त रुख अपनाते हुए संबंधित विभागों को आपसी समन्वय बढ़ाने का निर्देश दिया है। उन्होंने कहा कि सभी जरूरी अनुमतियां तय समय सीमा के भीतर दी जाएं, ताकि प्रक्रिया में पारदर्शिता और गति दोनों सुनिश्चित हो सके। इसके साथ ही राज्य सरकार ने केंद्र के पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय को पत्र लिखकर मंजूरी प्रक्रिया को सरल और तेज करने का आग्रह भी किया है। निर्माण कार्यों को मिलेगी रफ्तार  सरकार का मानना है कि अगर पर्यावरणीय अनुमति की प्रक्रिया सुगम होती है, तो बचे हुए घाटों की नीलामी जल्द पूरी हो जाएगी। सरकार के इस कदम से न सिर्फ राज्य के राजस्व में बढ़ोतरी की उम्मीद है, बल्कि निर्माण कार्यों—खासकर सड़क, पुल और भवन निर्माण को भी नई रफ्तार मिलेगी। साथ ही, बालू की उपलब्धता बढ़ने से बाजार में कीमतों पर भी नियंत्रण संभव हो सकेगा।

Punjab Assembly में कड़ा कदम: भगवंत मान सरकार लाई सख्त बेअदबी कानून, उम्रकैद तक सजा संभव

चंडीगढ़. पंजाब विधानसभा के सत्र में मुख्यमंत्री भगवंत मान ने बेअदबी की घटनाओं को रोकने के लिए अहम विधेयक सदन में पेश किया गया। इस दौरान उन्होंने विपक्ष से अपील की कि वह वॉक आउट न करे और इस महत्वपूर्ण मुद्दे पर चर्चा में भाग ले। बिल पेश होने के बाद सदन में इस पर विचार-विमर्श शुरू हो गया है। विपक्ष के नेता प्रताप सिंह बाजवा ने सरकार से मांग की कि पिछले वर्ष गठित सेलेक्ट कमेटी की रिपोर्ट पहले सदन में पेश की जाए। उन्होंने कहा कि कमेटी को बने नौ महीने हो चुके हैं, इसलिए उसकी रिपोर्ट सार्वजनिक की जानी चाहिए। साथ ही उन्होंने सत्र की अवधि एक दिन बढ़ाने का सुझाव भी दिया। इस पर स्पीकर ने जवाब देते हुए कहा कि कमेटी अपना कार्य कर रही है और उचित समय पर रिपोर्ट सदन के समक्ष रखी जाएगी। वहीं, मंत्री हरजोत सिंह बैंस ने इस विधेयक को ऐतिहासिक बताते हुए कहा कि यह एक व्यापक और पवित्र कानून है, जिसमें बेअदबी के मामलों की जांच तय समय सीमा में पूरी की जाएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि जांच किसी भी स्थिति में उच्च स्तर से नीचे के अधिकारी द्वारा नहीं की जाएगी और इसमें किसी तरह का समझौता नहीं होगा। कैबिनेट द्वारा पहले ही मंजूर किए जा चुके इस संशोधन विधेयक में ‘जगत ज्योति श्री गुरु ग्रंथ साहिब सत्कार अधिनियम-2008’ को और मजबूत बनाने का प्रावधान किया गया है। प्रस्तावित संशोधन के तहत बेअदबी के दोषियों के लिए उम्रकैद जैसी कड़ी सजा का प्रावधान किया गया है। उद्देश्य: धार्मिक ग्रंथों की पवित्रता की रक्षा करना इस सत्र में सबसे अहम मुद्दा रहा श्री गुरु ग्रंथ साहिब की बेअदबी से जुड़ा प्रस्तावित नया कानून। कैबिनेट द्वारा पहले ही मंजूरी दिए गए इस विधेयक को अब विधानसभा में पेश किया गया है। इसका नाम ‘जागत ज्योति श्री गुरु ग्रंथ साहिब सत्कार (संशोधन) विधेयक 2026' रखा गया है। इस विधेयक का मुख्य उद्देश्य धार्मिक ग्रंथों की पवित्रता की रक्षा करना और बेअदबी जैसी घटनाओं पर पूरी तरह रोक लगाना है। संशोधन समय की जरूरत  सरकार का कहना है कि पिछले वर्षों में श्री गुरु ग्रंथ साहिब की बेअदबी की कई घटनाएं सामने आई हैं, जिनसे समाज में गहरी नाराजगी और तनाव की स्थिति पैदा हुई है। इन घटनाओं ने न केवल धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाई है बल्कि सामाजिक सद्भाव को भी प्रभावित किया है। सरकार ने यह भी कहा कि मौजूदा कानूनों में ऐसे मामलों के लिए सज़ा पर्याप्त कठोर नहीं है, इसलिए सख्त संशोधन की आवश्यकता महसूस की गई। कई कठोर दंडात्मक प्रावधान भी हैं शामिल प्रस्तावित संशोधन के तहत बेअदबी के मामलों में दोषी पाए जाने पर उम्रकैद तक की सजा का प्रावधान किया गया है। इसके अलावा अन्य कठोर दंडात्मक प्रावधान भी शामिल किए गए हैं ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके। सरकार का दावा है कि यह कानून समाज में शांति, भाईचारे और धार्मिक सम्मान को मजबूत करेगा। मंत्रिमंडल ने यह भी स्पष्ट किया है कि यह कदम किसी भी समुदाय को निशाना बनाने के लिए नहीं बल्कि धार्मिक पवित्रता और सामाजिक संतुलन बनाए रखने के लिए उठाया गया है। विधेयक के अनुसार, जानबूझकर धार्मिक ग्रंथों की अवमानना करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

कानून पर हमला! तस्करों और भीड़ की हिंसा में पुलिस टीम जख्मी, 10 गिरफ्तार

महासमुंद. छत्तीसगढ़ के महासमुंद जिले में फरार आरोपियों को गिरफ्तारी करने पहुंची पुलिस टीम पर भीड़ ने हमला कर दिया. घटना में टीआई समेत कई पुलिसकर्मी घायल हो गए. इसके बावजूद बहादुर पुलिसकर्मियों ने किसी तरह आरोपियों को थाने लेकर आई. मामले में 10 आरोपियों को गिरफ्तारी के बाद जेल भेज दिया है. पूरा मामला पटेवा थाना अंतर्गत पचारी ग्राम का है. जानकारी के अनुसार, थाना पटेवा के आबकारी एक्ट के एक मामले में फरार आरोपी विजय मारकण्डेय और विनोद मारकण्डेय की गिरफ्तारी के लिए सांकरा थाना के टीआई  उत्तम तिवारी समेत अन्य पुलिसकर्मी पहुंचे थे. पटेवा में अलग-अलग थाना और पुलिस इकाइयों के बल की संयुक्त टीम ने ग्राम पचरी में दबिश दी थी. पुलिस ने आरोपियों को घेराबंदी कर दबोच लिया. वाहन में बैठाने के दौरान आरोपियों ने विरोध करते हुए पुलिसकर्मियों के साथ मारपीट शुरू (Attack On Police In CG) कर दी. साथ ही उन्होंने अपने परिजनों और आसपास के लोगों को उकसाया, जिसके बाद बड़ी संख्या में लोग लाठी-डंडों, लोहे की छड़ और ईंट-पत्थरों के साथ मौके पर पहुंच गए. भीड़ ने पुलिस टीम पर हमला कर दिया, जिसमें थाना प्रभारी उत्तम तिवारी को सिर, गले और सीने में गंभीर चोटें आईं. वहीं महिला आरक्षक समेत कई पुलिसकर्मी घायल हो गए. पुलिस वाहन में भी की तोड़फोड़ भीड़ के हमले के दौरान पुलिस वाहनों को भी नुकसान पहुंचाया गया, जिसमें हाईवे पेट्रोलिंग वाहन का कांच टूट गया. घटना के दौरान आरोपियों के परिजनों ने उन्हें छुड़ाने की कोशिश करते हुए पुलिस कार्रवाई में बाधा डाली. हालांकि पुलिस टीम ने किसी तरह स्थिति को संभालते हुए दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर थाना पटेवा ले आई. पुलिस ने इस मामले में मुख्य आरोपी विजय मारकण्डेय, विनोद मारकण्डेय सहित उनके परिजनों और अन्य लोगों के खिलाफ शासकीय कार्य में बाधा, जानलेवा हमला, मारपीट और अन्य सुसंगत धाराओं में मामला दर्ज कर दस लोगों को गिरफ्तार कर लिया गया है. वहीं फरार तीन आरोपी की तलाश में जुटी है.

प्रदेश में सड़कों का जाल बिछाने की तैयारी, इंफ्रास्ट्रक्चर पर सरकार ने किया बड़ा दांव, कैबिनेट में लिए गए फैसले

 भोपाल राज्य के बुनियादी ढांचे को मजबूती देने और सड़क नेटवर्क को आधुनिक बनाने की दिशा में मंत्रि-परिषद ने एक बड़ा और दूरगामी फैसला लिया है। विकास की गति को निरंतर बनाए रखने के लिए लोक निर्माण विभाग के अंतर्गत विभिन्न महत्वाकांक्षी परियोजनाओं के लिए कुल 10,801 करोड़ रुपये की बड़ी राशि स्वीकृत की गई है। यह निर्णय न केवल राज्य के परिवहन को सुगम बनाएगा, बल्कि आर्थिक गतिविधियों में भी तेजी लाएगा। सोलहवें वित्त आयोग की अवधि तक जारी रहेंगी योजनाएं सरकार ने स्पष्ट किया है कि बुनियादी ढांचे का विकास किसी एक वित्तीय वर्ष तक सीमित नहीं रहेगा। मंत्रि-परिषद ने इन विकास कार्यों को सोलहवें वित्त आयोग की पूरी अवधि, यानी 01 अप्रैल 2026 से 31 मार्च 2031 तक निरंतर जारी रखने की स्वीकृति दी है। यह कदम दीर्घकालिक नियोजन और परियोजनाओं के समयबद्ध निष्पादन में सहायक सिद्ध होगा। एन्यूटी और एनडीबी परियोजनाओं के लिए भारी निवेश स्वीकृत बजट का एक बड़ा हिस्सा लंबित भुगतानों और बाह्य सहायता प्राप्त परियोजनाओं के लिए रखा गया है:     एन्यूटी भुगतान: सड़क परियोजनाओं के एन्यूटी भुगतान के लिए सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा, यानी 4,564 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। इससे ठेकेदारों और निजी निवेशकों का विश्वास बना रहेगा।     MP सड़क विकास निगम (NDB): बाह्य वित्तपोषित सड़क परियोजनाओं के अंतर्गत न्यू डेवलपमेंट बैंक (NDB) की सहायता से चल रहे कार्यों के लिए 5,322 करोड़ रुपये की भारी-भरकम राशि स्वीकृत की गई है। यह राशि ग्रामीण और शहरी संपर्क मार्गों के सुधार में मील का पत्थर साबित होगी। बी.ओ.टी. (BOT) मॉडल को नया बल     बिल्ड-ऑपरेट-ट्रांसफर (BOT) मॉडल के तहत चल रही परियोजनाओं को सुव्यवस्थित करने के लिए सरकार ने विशेष ध्यान दिया है:     बी.ओ.टी. मार्गों के विकास, रखरखाव और प्रभावी पर्यवेक्षण के लिए 150 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।     बी.ओ.टी. परियोजनाओं की समाप्ति पर आवश्यक भुगतान और कानूनी दायित्वों को पूरा करने के लिए 765 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी गई है। परिवहन और आर्थिक विकास का आधार लोक निर्माण विभाग की इन परियोजनाओं का मुख्य उद्देश्य प्रदेश के दूरस्थ अंचलों को मुख्य शहरों से जोड़ना और व्यापारिक मार्गों की गुणवत्ता में सुधार करना है। उच्च गुणवत्ता वाली सड़कों से न केवल यात्रा का समय कम होगा, बल्कि ईंधन की बचत और दुर्घटनाओं में कमी आने की भी संभावना है। मंत्रि-परिषद के इस निर्णय से निर्माण क्षेत्र में रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे। सरकार की इस मंशा से साफ है कि आगामी पांच वर्षों में राज्य का सड़क नेटवर्क एक नए स्वरूप में नजर आएगा। बाह्य वित्तीय संस्थाओं जैसे NDB का सहयोग यह दर्शाता है कि राज्य की सड़क परियोजनाएं अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप तैयार की जा रही हैं। सागर की मिडवासा मध्यम सिंचाई परियोजना के लिए 286.26 करोड़ रूपये की प्रशासकीय स्वीकृति मंत्रि-परिषद द्वारा सागर जिले की मिडवासा मध्यम सिंचाई परियोजना की लागत राशि 286.26 करोड़ रूपये की प्रशासकीय स्वीकृति दी गई। इस परियोजना से सागर जिले की सागर तहसील के 27 ग्रामों की 7200 हेक्टेयर भूमि को सिंचाई सुविधा का लाभ होगा। सब मिशन ऑन एग्रीकल्चरल मेकेनाईजेशन (SMAM) के लिए 2250 करोड़ रूपये की स्वीकृति मंत्रि-परिषद ने प्रदेश में सब मिशन ऑन एग्रीकल्चरल मेकेनाईजेशन (SMAM) का कृषि यंत्रीकरण को बढ़ावा देने, ग्रामीण युवाओं के माध्यम से कस्टम हायरिंग केन्द्रों की स्थापना करने, नरवाई प्रबंधन को बढ़ावा देने और प्रदेश के वन पट्टा धारियों के लिए हस्तचलित/बैलचलित कृषि यंत्रों पर अनुदान उपलब्ध कराने के उद्देश्यों से योजना के आगामी 5 वर्षों के निरन्तर संचालन के लिए 2250 करोड़ रूपये की स्वीकृति दी गई है। योजना के क्रियान्वयन से फार्म पावर उपलब्धता में वृद्धि होगी। कृषि यंत्रों के उपयोग से श्रमिकों पर निर्भरता में कमी आएगी और लागत एवं समय की बचत सहित रोजगार सृजन होगा। इससे वन-पट्टा धारी कृषक लाभान्वित होगे। भोपाल गैस त्रासदी राहत एवं पुनर्वास विभाग के अंतर्गत स्वास्थ्य सेवाओं के लिए 1005 करोड़ रूपये का अनुमोदन मंत्रि-परिषद द्वारा भोपाल गैस त्रासदी राहत एवं पुनर्वास विभाग के अंतर्गत स्वास्थ्य सेवाओं को 31 मार्च 2031 तक निरंतर रखने के लिए लगभग 1005 करोड़ रूपये का अनुमोदन दिया गया। प्रदेश में नवीन चिकित्‌सा महाविद्यालयों की स्थापना के लिए 1674 करोड़ रूपये की स्वीकृति परिषद द्वारा प्रदेश में भारत सरकार की सहायता से नए चिकित्सा महाविद्यालयों की स्थापना की योजना को आगामी पांच वर्षों तक चलाए जाने के लिए 1674 करोड़ रूपये की स्वीकृति दी गई। इसमें जिला चिकित्सालय को चिकित्सा महाविद्यालय से समबद्ध किया जाएगा। पंचायत एवं ग्रामीण विकास की योजनाओं के लिए 3553.35 करोड़ रूपये की स्वीकृति मंत्रि-परिषद द्वारा पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग अंतर्गत प्रधानमंत्री पोषण शक्ति और मध्याह्न भोजन सहित विभिन्न योजनाओं/कार्यक्रमों के सुचारू संचालन के लिए 1 अप्रैल 2026 से 31 मार्च 2031 तक निरंतरता और 3553.35 करोड़ रूपये की स्वीकृति दी गई है। बेटी बचाओ बेटी पढाओ योजना, वन स्टॉप सेंटर योजना एवं महिला हेल्पलाइन-181 योजना के संचालन के लिए 240.42 करोड़ रूपये की स्वीकृति मंत्रि-परिषद द्वारा महिला एवं बाल विकास विभाग अंतर्गत बेटी बचाओ बेटी पढाओ योजना, वन स्टॉप सेंटर योजना एवं महिला हेल्पलाइन-181 योजना के संचालन के लिए 240.42 करोड़ रूपये और आगामी 5 वर्ष 2026-27 से 2030-31 की अवधि तक संचालन एवं निरंतरता की स्वीकृति दी गई है। 8 नये वंन स्टॉप सेंटर के संचालन की स्वीकृति इसके साथ ही भारत सरकार की स्वीकृति अनुसार मैहर, मउगंज, पांढुरना, धार में मनावर एवं पीथमपुर, इंदौर में लसूडिया एवं सावेर, झाबुआ में पेटलावद इस प्रकार कुल 8 नये वंन स्टॉप सेंटर के संचालन की स्वीकृति दी गई। लोक निर्माण के अंतर्गत विकास कार्यों के लिए 10,801 करोड़ रूपये की स्वीकृति मंत्रि-परिषद द्वारा लोक निर्माण के अंतर्गत विभिन्न विकास कार्यों के लिए 10,801 करोड़ रूपये की स्वीकृति दी गई। इसके अंतर्गत बी.ओ.टी. मार्गों का विकास एवं पर्यवेक्षण के लिए 150 करोड़ रूपये, बी.ओ.टी. परियोजनाओं की समाप्ति पर भुगतान के लिए 765 करोड़ रूपये, एन्यूटी भुगतान के लिए 4564 करोड़ रूपये और म.प्र. सड़क विकास निगम (एन.डी.बी.) बाह्य वित्त परियोजना के लिए 5322 करोड़ रूपये की स्वीकृति सहित सोलहवे वित्त आयोग की अवधि 01 अप्रैल 2026 से 31 मार्च 2031 तक निरंतर रखे जाने की स्वीकृति दो गई है।

मध्य प्रदेश में 16 अप्रैल से भीषण गर्मी, रतलाम में तापमान 41°C, अन्य शहरों में बढ़े पारे

भोपाल  मध्य प्रदेश में अब धीरे-धीरे तेज गर्मी का असर देखने को मिल रहा है. 16 अप्रैल से हीटवेव का असर दिखेगा. धार, खरगोन, खंडवा, सीधी और सिंगरौली में लू चलने का अलर्ट है. वहीं 15 अप्रैल से नया वेदर सिस्टम है, पर इसका असर नहीं होगा. इस दौरान लू चलेगी. मौसम विज्ञान केंद्र का कहना है कि प्रदेश में अब भीषण गर्मी पड़ेगी. गर्मी का असर बढ़ते ही मौसम विज्ञान केंद्र ने बचाव की एडवाइजरी जारी कर दी है. रविवार को पांच शहरों में दिन का तापमान 40 डिग्री सेल्सियस के पार रहा. रतलाम में तापमान सबसे ज्यादा 41 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।  रतलाम सबसे गर्म, आसमान से बरस रही आग प्रदेश में इस वक्त रतलाम जिला सबसे गर्म रिकॉर्ड किया गया है, जहाँ अधिकतम तापमान 41 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि अब आसमान साफ रहने और बादलों की आवाजाही बंद होने के कारण दिन के तापमान में और भी तेजी से उछाल आएगा। तीखी धूप ने लोगों का घरों से निकलना मुश्किल कर दिया है। रतलाम के बाद खजुराहो में 40.4 डिग्री, धार, मंडला-नर्मदापुरम में 40.2 डिग्री, दमोह, रीवा-टीकमगढ़ में 39.5 डिग्री, खरगोन में 39.2 डिग्री, रायसेन, छिंदवाड़ा, उमरिया, सतना और मलाजखंड में पारा 39 डिग्री, बैतूल-सागर में 38.8 डिग्री, गुना-शाजापुर में 38.4 डिग्री, नौगांव में 38.2 डिग्री, खंडवा में 38.1 डिग्री, सिवनी-सीधी में 38 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। प्रदेश के 5 बड़े शहरों की बात करें तो इंदौर में सबसे ज्यादा 39.2 डिग्री, भोपाल में 38.6 डिग्री, ग्वालियर में 36.1 डिग्री, उज्जैन में 38.5 डिग्री और जबलपुर में पारा 38.7 डिग्री सेल्सियस रहा। 15 अप्रैल से नया सिस्टम, पर असर नहीं, लू चलेगी मौसम विभाग के अनुसार, 15 अप्रैल को नया सिस्टम एक्टिव हो रहा है, लेकिन यह कमजोर रहेगा। यानी, अब प्रदेश में तेज गर्मी वाला दौर ही रहेगा। गर्मी बढ़ने से लोग उससे बचने के तरीके भी तलाश रहे हैं। कोई मुंह पर कपड़ा बांधकर घर से बाहर निकल रहा है तो कोई गन्ने का ज्यूस, कोल्ड्रिंक्स, आइस्क्रीम का लुत्फ उठा रहा है। गर्मी का असर बढ़ते ही मौसम विभाग ने बचाव की एडवाइजरी भी जारी की है। लोगों से कहा गया है कि वे दिनभर पर्याप्त पानी पिएं और शरीर को हाइड्रेट रखें। दोपहर के समय लंबे समय तक धूप में न रहे। हल्के वजन और रंग के सूती कपड़े पहनें। बच्चे और बुजुर्ग खासतौर पर ध्यान रखें। वहीं, 16 अप्रैल से तेज गर्मी का दौर शुरू हो जाएगा। धार, खरगोन, खंडवा, सीधी और सिंगरौली में लू चलने का अलर्ट है। 16 अप्रैल से 'हीटवेव' का हाई अलर्ट IMD के पूर्वानुमान के अनुसार, 16 अप्रैल से मध्य प्रदेश के कई हिस्सों में हीटवेव (लू) चलने की प्रबल संभावना है। मौसम विभाग का मानना है कि इस साल गर्मी अपने पुराने रिकॉर्ड तोड़ सकती है। अप्रैल के महीने में ही पारा 45 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने के संकेत मिल रहे हैं। पश्चिमी विक्षोभ का असर पूरी तरह समाप्त होने से अब केवल गर्म शुष्क हवाएं ही प्रदेश को अपनी चपेट में लेंगी। गर्मी तोड़ेगी रिकॉर्ड विशेषज्ञों के मुताबिक, आने वाले दिनों में किसी भी प्रकार की राहत की उम्मीद नहीं है। तीखी धूप और लू के चलते लोगों को दोपहर के समय विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। राज्य के अन्य हिस्सों में भी तापमान में 2 से 3 डिग्री की वृद्धि दर्ज की जा सकती है। अप्रैल में लगातार 9 दिन तक बारिश बता दें कि अबकी बार अप्रैल में भीषण गर्मी की बजाय आंधी-बारिश और ओले वाला मौसम रहा। 1 से 9 अप्रैल तक प्रदेश में कहीं न कहीं मौसम बदला। इस दौरान ग्वालियर में सबसे ज्यादा पानी गिरा। 15 से ज्यादा जिलों में ओलावृष्टि हुई तो करीब 45 जिलों में पानी गिरा। अप्रैल के दूसरे पखवाड़े में पड़ती है तेज गर्मी मौसम विभाग के अनुसार, जिस तरह दिसंबर-जनवरी में सर्दी और जुलाई-अगस्त में सबसे ज्यादा बारिश होती है, उसी तरह गर्मी के दो प्रमुख महीने अप्रैल और मई हैं। अप्रैल के दूसरे पखवाड़े से तेज गर्मी पड़ती है।

अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क से जुड़ा कोडीन सिरप रैकेट, सोनभद्र एसआईटी की कार्रवाई

 प्रयागराज कफ सिरप तस्करी करने वाले प्रयागराज के अतरसुइया थाना क्षेत्र के उदितगंज की मंडी, बलुआ घाट निवासी विनोद कुमार वर्मा और उसके पुत्र संस्कार वर्मा को सोनभद्र एसआईटी ने रविवार की सुबह गिरफ्तार कर लिया। आरोपी प्रयागराज में ओम साईं फार्मास्यूटिकल के नाम से फर्म खोलकर कफ सिरप की तस्करी करते थे। एएसपी मुख्यालय अनिल कुमार ने बताया कि आरोपियों से पूछताछ में गाजियाबाद के मेरठ रोड पर बनाए गए डिपो के जरिये बड़े पैमाने पर कफ सिरप बांग्लादेश बॉर्डर (अगरतला, त्रिपुरा) भेजे जाने की जानकारी मिली है।   सोनभद्र में 18 अक्तूबर 2025 की रात कफ सिरप लदे जिन दो ट्रकों को पकड़ा गया था उसमें एक पर लदा माल प्रयागराज की दवा फर्म ओम साईं फार्मास्यूटिकल का था। गाजियाबाद में कार्रवाई के दौरान भी इस फर्म की कई पर्चियां बरामद की गई थीं। आरोपियों को दोपहर बाद न्यायालय में पेश किया गया जहां से दोनों को जिला कारागार गुरमा भेज दिया गया। पकड़े गए दोनों तस्कर सरगना शुभम के करीबी बताए जा रहे हैं। अंतरराष्ट्रीय कफ सिरप तस्करी ग्रुप से जुड़े थे दोनों एएसपी मुख्यालय अनिल ने बताया कि जांच के दौरान पता चला कि संस्कार वर्मा और उसका पिता विनोद दिल्ली स्थित वान्या इंटरप्राइजेज से कोडीनयुक्त एस्कफ कफ सिरप की बड़ी खेप हासिल करते थे और उसे अवैध रूप से अन्य राज्यों में डायवर्ट करते थे। तस्करी का किसी को पता न चलने पाए इसके लिए सिरप को नमकीन/चिप्स की पर्ची के आधार पर कंटेनरों में छिपाकर बांग्लादेश सीमा (अगरतल्ला, त्रिपुरा) की ओर भेजा जाता था। एएसपी का दावा है कि पिता-पुत्रों से जुड़ा कफ सिरप तस्करी का यह नेटवर्क अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सक्रिय होकर नशे के रूप में प्रयोग के लिए कोडीनयुक्त कफ सिरप की आपूर्ति कर रहा था। सोनभद्र में पकड़ी गई थी 59,675 शीशियां एएसपी ने बताया कि 18 अक्तूबर 2025 को थाना रॉबर्ट्सगंज क्षेत्र में दो कंटेनर ट्रकों में लदी सिरप की 1,19,675 शीशियां बरामद की गई थी। इसमें एक कंटेनर पर लदी सिरप की 59,675 शीशियों की तस्करी संस्कार और उसके पिता विनोद के जरिये की जा रही थी। एसआईटी प्रभारी सदानंद राय की अगुवाई वाली टीम रविवार की तड़के प्रयागराज पहुंची। वहां अतरसुइया पुलिस से सहयोग लेते हुए दोनों को को गिरफ्तार किया गया। दोपहर में उन्हें सोनभद्र लाया गया। पूछताछ के बाद चालान कर दिया गया। अब तक ईडी नहीं कर सका कार्रवाई करीब 2000 करोड़ रुपये की कोडीनयुक्त कफ सिरप की तस्करी करने वाले आरोपियों के खिलाफ प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) अभी तक कोई कार्रवाई नहीं कर सका है। प्रदेश पुलिस द्वारा मुख्य आरोपी शुभम जायसवाल समेत अन्य की करीब 500 करोड़ रुपये कीमत की संपत्तियों को जब्त किया गया, जबकि ईडी जांच के बाद भी आगे की कार्रवाई नहीं कर पाई। सूत्रों की मानें तो तस्करी में लिप्त आरोपियों की संपत्तियों का ब्योरा जुटाने के बाद भी ईडी ने उनके खिलाफ एक्शन नहीं लिया। वहीं दवा कंपनियों से जवाब-तलब करने के बाद भी कार्रवाई नहीं की। वहीं दूसरी ओर हिमाचल प्रदेश के सिरमौर में कोडीनयुक्त कफ सिरप बनाने वाली एक दवा कंपनी के खिलाफ ईडी की जम्मू यूनिट ने संपत्तियों को जब्त किया, लेकिन यूपी में मामला ठंडा बस्ते में चला गया। ईडी के अधिकारियों ने बर्खास्त सिपाही आलोक सिंह की आलीशान कोठी को जब्त करने के दावे भी किए थे, लेकिन आलोक की पत्नी से पूछताछ के बाद भी मामला आगे नहीं बढ़ा जांच अधिकारी का तबादला इस प्रकरण की जांच करने वाले ईडी के डिप्टी डायरेक्टर का बीते दिनों हैदराबाद तबादला हो गया। अभी तक किसी अन्य डिप्टी डायरेक्टर को जांच का जिम्मा नहीं सौंपा गया है। माना जा रहा है कि लखनऊ जोनल कार्यालय के नए ज्वाइंट डायरेक्टर राकेश कुमार सुमन के पदभार ग्रहण करने के बाद ही किसी अन्य अधिकारी को इस प्रकरण की जांच सौंपी जाएगी। इस प्रकरण में कोई कार्रवाई नहीं होने से विभाग में तमाम चर्चाएं हो रही हैं।  

नसीराबाद हाईवे पर पुलिस की बड़ी कार्रवाई, लाखों की अवैध खेप जब्त

अजमेर अजमेर जिले के श्रीनगर थाना पुलिस ने नशे के खिलाफ बड़ी सफलता हासिल की है. पुलिस ने नशा तस्करों पर शिकंजा कसते हुए 3 आरोपियों को गिरफ्तार किया. नसीराबाद हाईवे पर नाकाबंदी के दौरान एक संदिग्ध कार को रोका गया. तलाशी में कार से 120 किलो 415 ग्राम अवैध डोडा पोस्त बरामद हुआ, जिसे मौके पर जब्त कर लिया गया. पुलिस ने कार में सवार पंजाब निवासी तीन तस्करों को गिरफ्तार कर लिया है. इतनी बड़ी मात्रा में नशे की खेप मिलने के बाद अब नेटवर्क का पता लगाया जा रहा है. पुलिस कड़ी से कड़ी जोड़ने में लगी हुई है. प्रारंभिक जांच में पता चला कि यह खेप नसीराबाद से किशनगढ़ की ओर ले जाई जा रही थी. जब्त मादक पदार्थ की अंतरराष्ट्रीय बाजार में अनुमानित कीमत करीब आठ लाख रुपये बताई जा रही है. आरोपियों से पूछताछ जारी इस कार्रवाई का नेतृत्व श्रीनगर थाना प्रभारी पारुल यादव ने किया. पुलिस टीम पूरे समय सतर्क रही और किसी भी तरह की चूक नहीं होने दी. गिरफ्तार आरोपियों से गहन पूछताछ की जा रही है ताकि इस तस्करी नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों और बड़े गिरोह का खुलासा किया जा सके. नशे के खिलाफ अभियान जारी पुलिस अधिकारियों ने कहा कि क्षेत्र में नशे के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा और ऐसी अवैध गतिविधियों में शामिल लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी. इस सफलता को इलाके में मादक पदार्थों के खिलाफ बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है.

Green Corridor फिर बना मिसाल: सिपाही कुलदीप के अंगदान से पांच जिंदगियों में लौटी उम्मीद

रोहतक. पंडित भगवत दयाल शर्मा पीजीआइएमएस में अंगदान की एक और प्रेरणादायक मिसाल सामने आई है। तीन दिन में दूसरी बार ग्रीन कोरिडोर बनाया गया है। सोनीपत के गोहाना क्षेत्र के 51 वर्षीय सिपाही कुलदीप के दिमागी रूप से मृत घोषित होने के बाद उनके परिजनों ने मानवता का परिचय देते हुए सभी अंग दान करने का निर्णय लिया। इस अंगदान से पांच जरूरतमंद मरीजों को नया जीवन मिला है। सोमवार सुबह करीब 4 बजे आपरेशन शुरू किया गया और कुछ ही समय बाद अंग निकालने की प्रक्रिया प्रारंभ कर दी गई।विभिन्न राज्यों के अस्पतालों की टीमें पहले ही पीजीआइएमएस पहुंच चुकी थीं। अंगों को सुरक्षित पहुंचाने के लिए रोहतक से दिल्ली तक ग्रीन कोरिडोर बनाया गया, जिसके जरिए 81 किलोमीटर की दूरी महज 50 मिनट में तय की गई। इस दौरान करीब 100 पुलिसकर्मी तैनात रहे। सुबह 7:30 बजे पहला अंग लीवर दिल्ली के आइएलबीएस अस्पताल भेजा गया। इसके बाद किडनी, दोनों आंखों के कार्निया और पैंक्रियाज भी विभिन्न अस्पतालों में भेजे गए। इस प्रक्रिया से कुल पांच मरीजों को जीवनदान मिला। मृतक की पत्नी प्रमिला ने बताया कि उनके पति सुनारिया जेल में वार्डन थे और पिछले 11 महीनों से ब्रेन ट्यूमर से जूझ रहे थे। इलाज के लिए उन्हें आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ा, लेकिन इसके बावजूद उन्होंने समाज के हित में अंगदान का फैसला लिया। हेल्थ विवि के कुलपति डॉ. एचके अग्रवाल ने कहा कि जागरूकता अभियान के चलते लोग अब अंगदान के प्रति आगे आ रहे हैं। तीन दिनों में यह दूसरा मामला है, जो समाज के लिए प्रेरणा है।

Boat Tragedy in Vrindavan: मां के बाद बेटी को भी दी विदाई, लुधियाना में गमगीन माहौल

लुधियाना. वृंदावन में माथा टेकने गई लुधियाना दुगरी फेस टू की डिक्की बंसल का सोमवार सुबह अंतिम संस्कार कर दिया गया। अंतिम संस्कार के दौरान बड़ी संख्या में लोग पहुंचे थे और नम आंखों से अंतिम विदाई दी । इस दौरान रिश्तेदारों व अन्य लोगों ने परिजनों से शोक संवेदना प्रकट की। गौरतलब है कि दुगरी की मीनू बंसल की बेटी डिकी बंसल दोनों वृंदावन गए थे। वहां यमुना नदी पार कर मंदिर में माथा टेकने के दौरान जब वह नाव में बैठे तो यमुना में अचानक नाव पलट गई। इस वजह से लुधियाना के कई श्रद्धालु उसमें डूब गए। जिसमें मीनू बंसल व उनकी बेटी डिक्की बंसल भी थी। मीनू बंसल का शव दो दिन पहले मिल गया था। और उनका अंतिम संस्कार कर दिया गया था लेकिन उनकी बेटी डिकी बंसल का शव नहीं मिला था वह शुक्रवार को मिला। इसके बाद परिवार वृंदावन गया और शव को लेकर आया। आज सोमवार को सुबह डिकी बंसल का अंतिम संस्कार किया गया है । बंसल 22 वर्षी की थी और वह अभी कॉलेज में पढ़ाई कर रही थी। इस तरह से उनके निधन से परिवार शोक में है।