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असंगठित श्रमिकों के लिए बड़ी राहत: श्रम योगी मानधन योजना में फिरोजाबाद, हरदोई बने मॉडल जिले

लखनऊ प्रदेश में असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों को सामाजिक सुरक्षा प्रदान करने वाली प्रधानमंत्री श्रम योगी मानधन योजना (PM-SYM) में उल्लेखनीय प्रगति दर्ज की जा रही है। 15 जनवरी से 15 मार्च 2026 तक चलाए गए विशेष अभियान के दौरान कई जिलों ने उत्कृष्ट प्रदर्शन कर नए मानक स्थापित किए हैं, जिससे पूरे प्रदेश में योजना की गति तेज हुई है। विशेष अभियान के तहत फिरोजाबाद ने 349 नामांकन के साथ शीर्ष स्थान हासिल किया, जबकि गाजियाबाद (262) और बस्ती (238) ने भी शानदार प्रदर्शन करते हुए अग्रणी जिलों में अपनी जगह बनाई। इसके अलावा बांदा, बरेली, अंबेडकर नगर, हापुड़ और बिजनौर जैसे जिलों ने भी सक्रिय भागीदारी दिखाते हुए अभियान को सफल बनाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया। वहीं वित्तीय वर्ष 2025-26 की समग्र प्रगति पर नजर डालें तो हरदोई 929 नामांकन के साथ पहले स्थान पर रहा। आजमगढ़ (597) और गाजियाबाद (547) ने भी लगातार बेहतर प्रदर्शन कर खुद को मॉडल जिलों के रूप में स्थापित किया है। प्रतापगढ़, बस्ती, बलिया, मेरठ और वाराणसी जैसे जिलों की सक्रियता भी उल्लेखनीय रही। योगी सरकार द्वारा चलाए गए इस विशेष अभियान का सकारात्मक असर यह रहा कि अधिकांश जिलों में नामांकन की गति में तेजी आई है। जिन जिलों का प्रदर्शन अपेक्षाकृत कम रहा है, वहां भी सुधार की प्रक्रिया जारी है और प्रशासनिक स्तर पर विशेष प्रयास किए जा रहे हैं। इस योजना के प्रभावी क्रियान्वयन से अब बड़ी संख्या में असंगठित श्रमिकों को पेंशन जैसी सामाजिक सुरक्षा का लाभ मिल रहा है। प्रदेश सरकार के सतत प्रयासों और जिला प्रशासन की सक्रिय भागीदारी के चलते यह योजना जमीनी स्तर पर मजबूत होती जा रही है। इस पीएम श्रम योगी मानधन योजना प्रदेश में सामाजिक सुरक्षा के क्षेत्र में एक मजबूत आधार तैयार कर रही है और आने वाले समय में इससे और अधिक श्रमिकों के जुड़ने की उम्मीद है।

6000+ आपत्तिजनक लिंक हटाए, सोशल मीडिया पर बड़ी कार्रवाई

चंडीगढ़ इंटरनेट मीडिया पर बंदूक संस्कृति (गन कल्चर) और अशोभनीय एवं भ्रामक कंटेंट परोसने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। पुलिस महानिदेशक अजय सिंघल ने चेतावनी दी है कि आपत्तिजनक कंटेंट को किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इंटरनेट मीडिया पर इस साल 10 अप्रैल तक आपत्तिजनक, भ्रामक और कानून व्यवस्था को प्रभावित करने वाले कुल 6083 यूआरएल/कंटेंट/एप/वेबसाइट को हटवाया गया है। मेटा (फेसबुक, इंस्टाग्राम, वाट्सएप) से जुड़े 4278, यू ट्यूब से 1172, एक्स (पूर्व में ट्विटर) से 372, अन्य प्लेटफार्म से 167, टेलीग्राम से 53, रेडिट से 36 तथा स्नैपचैट से पांच आपत्तिजनक कंटेंट को हटाया गया है। डीजीपी ने कहा कि हथियारों का महिमामंडन, हिंसा को बढ़ावा, महिलाओं का अश्लील प्रदर्शन, बच्चों और लड़कियों के अभद्र व अशोभनीय चित्रण तथा हरियाणा और हरियाणवी समाज की गलत छवि प्रस्तुत करने वाले फर्जी कंटेंट पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। इस प्रकार की गतिविधियां न केवल सामाजिक मूल्यों को आहत करती हैं, बल्कि प्रदेश की शांति और सौहार्द्र को भी प्रभावित करती हैं। इस तरह की असामाजिक और भ्रामक गतिविधियों पर प्रभावी रोक लगाने के लिए कठोर कदम उठाए जा रहे हैं। ऐसे में किसी भी प्रकार का दुष्प्रचार या भ्रामक प्रस्तुति, जो प्रदेश की सकारात्मक छवि को नुकसान पहुंचाए, उसे सख्ती से रोका जाएगा। डीजीपी ने सभी नागरिकों, विशेषकर युवाओं और कंटेंट क्रिएटर्स से अपील की कि वे जिम्मेदारी के साथ इंटरनेट मीडिया का उपयोग करें और समाज में सकारात्मक संदेश फैलाने में योगदान दें। साथ ही चेतावनी दी कि जो भी व्यक्ति प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से समाज में अशांति फैलाने, गलत संदेश देने या सांस्कृतिक मूल्यों को ठेस पहुंचाने का प्रयास करेगा, उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। प्रदेश में कानून व्यवस्था बनाए रखना सर्वोच्च प्राथमिकता है और सामाजिक ताने-बाने को कमजोर करने वाली किसी भी गतिविधि को बिल्कुल भी बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

लखीमपुर में 213 परियोजनाओं का लोकार्पण-शिलान्यास, हजारों को मिला भूमि अधिकार

 लखीमपुर खीरी सीएम योगी आदित्यनाथ ने यूपी के एक और गांव का नाम बदलने का ऐलान किया। लखीमपुर खीरी में जनसभा को संबोधित करते हुए सीएम योगी ने खीरी जिले के गांव मियांपुर का नाम बदलने की घोषणा की। सीएम योगी ने कहा, गुरुदेव के नाम पर मियांपुर को अब रविंद्रनगर के नाम से जाना जाएगा। सीएम योगी ने तत्कालीन सरकारों पर निशाना साधा। उन्होंने कहा, पहले की सरकारों ने पहचान छिपाने के लिए गांव का नाम मियांपुर रख दिया था, लेकिन गांव में एक भी मियां नहीं था। सीएम योगी ने 331 हिंदू बांग्लादेशी परिवारों को सौगात देते हुए कहा, डबल इंजन सरकार में सभी वर्ग का विकास हुआ है। 1971 में पाकिस्तान के बंटवारे पर सीएम योगी ने कहा, पाकिस्तान के अभी और टुकड़े होंगे। पाकिस्तान की वजह से हिंदुआ पर बहुत अत्याचार हुआ है। शनिवार को लखीमपुर खीरी पहुंचे सीएम योगी ने 213 परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया। इसके बाद जनसभा को संबोधित किया। सीएम योगी ने बांग्लादेश से विस्थापित विभिन्न हिंदू परिवारों को संक्रमणीय एवं असंक्रमणीय भूमिधरी अधिकार पत्र वितरित करते हुए कहा कि यह केवल प्रशासनिक निर्णय नहीं, बल्कि न्याय का वह क्षण है, जिसने इतिहास की अधूरी तमन्ना को पूरा किया है। उन्होंने कहा कि भारतीय परंपरा में धर्म की व्याख्या परहित सरिस धरम नहीं भाई के रूप में की गई है और इसी भावना के साथ डबल इंजन सरकार पिछले नौ वर्षों से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व एवं मार्गदर्शन में कार्य कर रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि इतिहास में पहली बार थारू समुदाय, जो महाराणा प्रताप को अपना पूर्वज मानता है, उसे भूमि अधिकार उपलब्ध कराए गए हैं। साथ ही स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के वर्तमान वंशजों को भी अधिकार पत्र दिए गए हैं, जिन्हें पूर्ववर्ती सरकारों ने बसाया तो था, लेकिन स्वामित्व अधिकार नहीं दिया। उन्होंने कहा कि बांग्लादेश से विस्थापित परिवार वर्षों पूर्व भारत आए थे और अपने साथ पीड़ा, असुरक्षा तथा अनिश्चित भविष्य लेकर आए थे। अब उन्हें भारत की धरती पर सम्मान और अधिकार मिल रहे हैं। सपा-कांग्रेस पर निशाना साधते हुए सीएम योगी ने कहा, हिंदू-सिख के मरने पर विपक्षी दल नहीं बोलते हैं। सपा के लोग जिन्ना का महिमामंडल करते हैं। सपा की पहचान सिर्फ सैफई से है। कांग्रेस-सपा सरकार में सिर्फ वादे होते थे। सीएम योगी ने पाकिस्तान को भी आड़े हाथ लिया। उन्होंने कहा, पाकिस्तान के पाप की वजह से वहां के हिंदू विस्थापित हुए। कांग्रेस ने विस्थापितों को कोई अधिकार नहीं दिया सीएम योगी ने कहा, कांग्रेस ने विस्थापितों को कोई अधिकार नहीं दिया, उल्टा गांव का नाम रख दिया मियांपुर। पाकिस्तान जाति में बांटने वाला सबसे बड़ा विश्वासघाती रहा है। हम हिंदू परिवारों को न्याय दे रहे हैं। बांग्लादेश में हिंदुओं पर हुए अत्याचार का जिक्र करते हुए सीएम योगी ने कहा, बांग्लादेश में हिंदुओं, सिखों की हत्या पर कांग्रेस, सपा, टीएमसी का मुंह सिल जाते हैं। हिंदुओं, सिखों, जैनों की संपत्ति पर कब्जों पर बोलने में विपक्ष के होठ सिल जाते हैं। योगी ने कहा कि इन परिवारों को नागरिकता संशोधन अधिनियम (सीएए) के अंतर्गत अधिकार दिए जा रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस और समाजवादी पार्टी ने इस कानून का विरोध किया था। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार समाज के सभी वर्गों को न्याय और सम्मान दिलाने के लिए प्रतिबद्ध है तथा यह निर्णय उसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। चंदन चौकी में मुख्यमंत्री ने दिया भौमिक अधिकार पत्र सीएम योगी ने खीरी को कई बड़ी परियोजनाओं की सौगात दी। चंदन चौकी में सीएम योगी ने थारू समाज के 4356 परिवारों को 5338 हेक्टेयर जमीन का अधिकार पत्र भी सौंपा। सीएम योगी ने 1955 में पूर्वी उत्तर प्रदेश से आए 2350 परिवारों को 4251 हेक्टेयर जमीन का अधिकार पत्र भी दिया। सीएम ने कहा कि अब थारू और पूर्वी समाज के लोगों को न वन विभाग परेशान करेगा और न राजस्व और पुलिस विभाग। अब लेखपाल कागजों में हेरफेर कर उनकी जमीन पर कोई दबंग का कब्जा करा पाएगा।

3.03 करोड़ की ठगी केस में आरोपी को राहत, जांच पूरी होने पर कोर्ट का फैसला

 चंडीगढ़  पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट ने एक 'डिजिटल अरेस्ट' साइबर ठगी मामले में अहम टिप्पणी करते हुए आरोपित को नियमित जमानत दे दी है। अदालत ने स्पष्ट किया कि आरोपों की गंभीरता के बावजूद आरोपित की भूमिका सीमित होने और जांच पूरी हो जाने के मद्देनजर उसे निरंतर हिरासत में रखना उचित नहीं है। जस्टिस मनीषा बत्रा की एकल पीठ आरोपित विक्रम सिंह की याचिका पर सुनवाई कर रही थी। यह मामला उस साइबर ठगी से जुड़ा है, जिसमें एक सेवानिवृत्त प्रिंसिपल को वीडियो काल और फोन के जरिए 'डिजिटल अरेस्ट' में रखकर करीब 3.03 करोड़ रुपये ठग लिए गए थे। मामले के अनुसार, 3 जनवरी 2025 को पीड़िता को कुछ लोगों ने खुद को कानून प्रवर्तन एजेंसियों का अधिकारी बताकर फोन किया। उसे गंभीर आपराधिक मामलों में फंसाने की धमकी दी गई और लगातार वीडियो काल के जरिए निगरानी में रखा गया। उसे घर से बाहर न निकलने, किसी से संपर्क न करने और निर्देशों का पालन करने को मजबूर किया गया। इस तरह उसे मानसिक रूप से ‘वर्चुअल कैद’ में रखकर भारी रकम अलग-अलग खातों में ट्रांसफर करवाई गई। जांच में सामने आया कि ठगी की रकम को कई खातों के जरिए घुमाया गया। आरोपित विक्रम सिंह पर आरोप है कि उसने ठगी की रकम में से 4.26 लाख रुपये प्राप्त कर उसे क्रिप्टो करेंसी में बदलने में मदद की और इसके बदले कमीशन भी लिया अदालत ने अपने आदेश में कहा कि आरोपित 18 फरवरी 2025 से हिरासत में है, जांच पूरी हो चुकी है और मुकदमे के लंबा चलने की संभावना है। ऐसे में उसकी निरंतर कैद उचित नहीं है। कोर्ट ने यह भी माना कि आरोपी का पीड़िता से सीधे संपर्क या धमकी देने में कोई प्रत्यक्ष भूमिका नहीं पाई गई। हालांकि, राज्य पक्ष ने जमानत का विरोध करते हुए इसे एक संगठित साइबर अपराध करार दिया और कहा कि पैसे के लेन-देन में शामिल हर कड़ी इस अपराध में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।  

खारंग नदी हादसे के बाद प्रशासन सख्त, अवैध उत्खनन पर तेज हुई कार्रवाई

रायपुर बिलासपुर जिले के खारंग नदी क्षेत्र में हुई दुर्घटना की जांच के बाद खनिज विभाग और जिला प्रशासन ने अवैध रेत उत्खनन पर सख्त रुख अपनाया है। जांच में सामने आए तथ्यों के आधार पर संबंधित वाहन मालिक के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी गई है, वहीं छत्तीसगढ राज्य में अवैध खनन, परिवहन और भंडारण के विरुद्ध लगातार अभियान चलाया जा रहा है। बिलासपुर जिले के खनिज अमले द्वारा खारंग नदी क्षेत्र में हुई दुर्घटना की विस्तृत जांच की गई। जांच के दौरान ग्राम गढ़वट में सरपंच, पंचगण एवं ग्रामीणों की उपस्थिति में घटना स्थल का निरीक्षण किया गया। जांच में सामने आया कि 8-9 अप्रैल की मध्य रात्रि में दो युवक नदी क्षेत्र में गए थे, जहां ट्रैक्टर-ट्रॉली पलटने की घटना हुई। इस घटना में एक युवक की मृत्यु हो गई, जबकि दूसरा घायल हुआ। मौके पर प्रत्यक्षदर्शी नहीं मिले, बल्कि ग्रामीणों से मिली जानकारी के आधार पर घटना की पुष्टि हुई। प्राथमिक जांच में यह भी सामने आया कि संबंधित ट्रैक्टर-ट्रॉली ग्राम गढ़वट निवासी तोषण कुमार कश्यप के नाम से जुड़ी है। इस आधार पर पुलिस थाना रतनपुर में वाहन मालिक के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) 2023 की धारा 105 एवं 238(बी) के तहत एफआईआर दर्ज की गई है। जांच के दौरान यह तथ्य भी सामने आया कि दोनों युवक नदी क्षेत्र में रेत उत्खनन के उद्देश्य से गए थे। हालांकि घटना स्थल पर अवैध उत्खनन के प्रत्यक्ष साक्ष्य नहीं मिले, लेकिन क्षेत्र में बनाए गए कच्चे मार्ग और ट्रैक्टर के आवागमन के संकेत पाए गए। खनिज विभाग ने स्पष्ट किया है कि जिले में अवैध उत्खनन, परिवहन एवं भंडारण के खिलाफ लगातार सख्त कार्रवाई की जा रही है। वर्ष 2024-25 में  गढ़वट और आसपास के इलाके में कुल 47 प्रकरण दर्ज कर लगभग 6.95 लाख रुपये की वसूली की गई, जबकि वर्ष 2025-26 में अब तक 22 प्रकरण दर्ज कर 3.19 लाख रुपये से अधिक की कार्रवाई की जा चुकी है। पूर्व में भी गढ़वट क्षेत्र में अवैध परिवहन के मामलों में ट्रैक्टर-ट्रॉली जब्त कर प्रकरण दर्ज किए गए थे। विभाग द्वारा पंचायत स्तर पर भी अवैध उत्खनन रोकने के लिए समय-समय पर निर्णय और जागरूकता प्रयास किए जा रहे हैं। जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि अवैध खनन किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। संबंधित क्षेत्रों में निगरानी बढ़ा दी गई है और दोषियों के खिलाफ सख्त वैधानिक कार्रवाई जारी रहेगी।

पलिया के चंदन चौकी कार्यक्रम में बड़ा ऐलान: Yogi Adityanath ने थारू जनजाति समेत कई परिवारों को दिए भूमि अधिकार और सरकारी लाभ

लखीमपुर खीरी  चंदन चौकी (पलिया) में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने थारू जनजाति के परिवारों व पूर्वी उत्तर प्रदेश से आकर बसे परिवारों को भौमिक अधिकार पत्र प्रदान किए। इस मौके पर सीएम योगी ने विभिन्न लाभार्थियों को भी अपने हाथ से नियुक्ति पत्र, आवास की चाबी व चेक सौंपे। सीएम योगी के हाथों भौमिक अधिकार पत्र प्राप्त करने वालों में बालकृष्ण, रामखेलावन, भज्जीराम, रामनरेश व रामकुमार शामिल रहे।  आंगनवाड़ी भर्ती के तहत ऊषा देवी (ध्यानपुर), संध्या कुमारी (पुरैना) तथा मीना कुमारी (सूरमा) को मुख्यमंत्री ने नियुक्ति पत्र सौंपे।  मुख्यमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के तहत ध्यानपुर की बल्लू देवी, शीतल व बेबी को अपने आवास की चाबी मिली। एक जिला-एक उत्पाद के तहत लाभार्थी अंशु गुप्ता, शिव गुप्ता व संस्कार अग्रवाल को चेक प्रदान किए गए।  प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना के तहत कुंवर सेन, अमित जिंदल व रामचंद्र को भी चेक प्रदान किए गए।  मुख्यमंत्री ने नाबार्ड द्वारा संचालित योजना के तहत पूनम विश्वकर्मा को चेक प्रदान किया।

एक ही छत के नीचे मिलेंगी सभी स्वास्थ्य सेवाएं, मरीजों को मिलेगी बड़ी राहत

 बहराइच यूपी के बहराइच मेडिकल कॉलेज में पांच मंजिला ओपीडी काम्पलेंस बनाया जाएगा। एक ही छत के नीचे सभी विभागों की ओपीडी संचालित होगी। दवा व पर्चा काउंटर भी अलग-अलग होने से मरीजों को सहूलियत मिलेगी। संबंद्ध जिला अस्पताल परिसर में खाली पड़ी जमीन पर भवन निर्माण की औपचारिकता पूरी हो गई है। भवन निर्माण के प्रस्ताव संग शासन ने 28 करोड़ रुपये का बजट भी मंजूर कर दिया है। शासन के इस कदम से मरीजों को सुविधा मिलेगी। मेडिकल कॉलेज में साल दर साल मरीजों की संख्या में इजाफा हो रहा है। आंकड़े बताते हैं कि वर्तमान समय में संचालित आठ विभागों की ओपीडी में औसतन हर रोज 2000 से 2500 मरीज इलाज के लिए पहुंचते हैं। ऐसे में ओपीडी के बाहर व अंदर मरीजों की भारी भीड़ न केवल चिकित्सक बल्कि मरीजों के स्वयं के लिए परेशानी का सबब बन रहा है। इसके अलावा विशेषज्ञ चिकित्सकों की ओपीडी को लेकर कक्षों की व्यवस्था नहीं है। कॉलेज प्रशासन की ओर से सभी विभागों की ओपीडी संग पर्चा व दवा काउंटर को एक ही छत के नीचे संचालित करने का प्रस्ताव तैयार किया था। डीएम अक्षय त्रिपाठी व कॉलेज प्रिंसिपल प्रोफेसर डॉ संजय खत्री की ओर से पिछले दिनों शासन में इसको रखा गया था। जिसके बाद पांच मंजिला ओपीडी काम्पलेक्स निर्माण को मंजूरी दी गई है। प्रिंसिपल ने बताया कि सरकार के इस फैसले से अब प्रमुख विभागों के विशेषज्ञ चिकित्सकों की भी ओपीडी संचालित करने में मदद मिलेगी। मरीज एक ही छत के नीचे सभी तरह की सुविधा आसानी से पा सकेंगे। इस पसर निर्माण के लिए 28 करोड़ का बजट भी मंजूर किया गया है। स्वास्थ्य की दृष्टि से इस जिले के लिए एक बड़ी उपलब्धि साबित होगी। परामर्श संग मरीजों के बैठने की होगी सुविधा:पांच मंजिला भवन में हर ओपीडी के सामने मरीजों के बैठने के लिए बेहतर व्यवस्था होगी। ताकि दूर-दराज से आने वाले मरीजों को किसी प्रकार की दिक्कत नहीं होगी। मरीज परामर्श लेने के बाद संबंधित काउंटर पर जाकर आसानी से दवा भी ले सकेंगे,जबकि वर्तमान समय में जगह की कमी के चलते मरीजों को थोड़ी समस्या हो रही है। पहली मंजिल पर आर्थोपैडिक विभाग संचालित होगा विभागवार निर्धारित की गई ओपीडी :प्रिंसिपल ने बताया कि बेसमेंट फ्लोर में पार्किंग सुविधा होगी। ग्राउंड फ्लोर पर पंजीयन, दवा काउंटर, रिकार्ड रूम व इंक्वारी काउंटर होगा। पहली मंजिल पर आर्थोपैडिक विभाग संचालित होगा। इसमें माइनर ओटी, प्लास्टर रूम, ओपीडी संग फिजियोथेरेपी संग दवा काउंटर होगा। इसी में स्किन व पीडियाट्रिक्स विभाग की भी ओपीडी रहेगी। दूसरी मंजिल पर ईएनटी विभाग की ओटी, आडियो रूम व ओपीडी, डेंटल विभाग की ओपीडी रहेगी। तीसरी मंजिल पर पल्मोनरी विभाग, चौथे पर मेडिसिन, नेफ्रोलॉजी विभाग, पांचवे मंजिल पर सर्जरी, कॉर्डियोलॉजी, न्यूरोलॉजी संग प्लॉस्टिक सर्जरी विभाग की ओपीडी व ओटी संचालित की जाएगी। 28 करोड़ से यह कार्य कराया जाएगा प्रोफेसर डॉ संजय खत्री, प्रिंसिपल, मेडिकल कॉलेज बहराइच ने बताया कि मेडिकल कॉलेज में पांच मंजिला ओपीडी काम्लेक्स के निर्माण की मंजूरी मिली है। 28 करोड़ से यह कार्य कराया जाएगा। इससे कई मुख्य विभागों की ओपीडी संचालित करने में मदद मिलेगी। इसकी औपचारिकताएं पूरी हो चुकी हैं।

फर्जी डॉक्टर बनकर बुजुर्ग से 4.39 लाख की ठगी, तीन आरोपी भोपाल से दबोचे गए

अजमेर अजमेर शहर में यूनानी थेरेपी के नाम पर बुजुर्ग से लाखों रुपये की ठगी करने वाले अंतरराज्यीय ठग गिरोह का पुलिस ने पर्दाफाश किया है। पुलिस ने फर्जी डॉक्टर समेत तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से नकदी और ठगी में इस्तेमाल होने वाला सामान बरामद किया है। बुजुर्ग को जाल में फंसाया एसपी हर्षवर्धन अग्रवाल ने शनिवार को मामले का खुलासा करते हुए बताया कि पीड़ित 62 वर्षीय हरीराम किशनचंद मूलचंदानी ने शिकायत दर्ज कराई थी। 26 मार्च को एक व्यक्ति ने उनके घुटनों के दर्द को देखकर सहानुभूति जताई और ‘डॉ. समीर जरीवाला’ नाम के कथित डॉक्टर से इलाज कराने का झांसा दिया। इसके बाद गिरोह ने योजनाबद्ध तरीके से बुजुर्ग को अपने जाल में फंसा लिया। आरोपियों को भोपाल से गिरफ्तार किया गया फर्जी डॉक्टर घर पहुंचा और ‘सिंघी’ जैसे उपकरण से घुटने से मवाद निकालने का नाटक किया। आरोपियों ने 73 बार मवाद निकालने का दावा कर पीड़ित से कुल 4 लाख 39 हजार रुपये वसूल लिए और फरार हो गए। मामले की गंभीरता को देखते हुए एएसपी हिमांशु जांगिड़ और डिप्टी एसपी शिवम जोशी के निर्देशन में विशेष टीम गठित की गई। पुलिस ने अभय कमांड सेंटर सहित 250 से अधिक सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली, जिसमें गिरोह की लाल रंग की स्विफ्ट कार ट्रेस हुई। तकनीकी सर्विलांस की मदद से आरोपियों को मध्य प्रदेश के भोपाल से गिरफ्तार किया गया, जहां वे एक और वारदात की फिराक में थे। गिरफ्तार आरोपियों में दीन मोहम्मद (38), निवासी अंता बारां, मोहम्मद कादिर (28), निवासी अंता बारां (फर्जी डॉक्टर), और मोहम्मद आसिफ (35) निवासी विज्ञान नगर कोटा शामिल हैं। पुलिस ने नकदी, मोबाइल समेत अन्य सामान बरामद किया पुलिस ने आरोपियों के पास से 33,800 रुपये नकद, इलाज में उपयोग किए जाने वाले उपकरण, दवाइयां, स्प्रे, 12 मोबाइल फोन और 9 सिम कार्ड जब्त किए हैं। एसपी हर्षवर्धन अग्रवाल ने बताया कि गिरोह के सदस्य भीड़भाड़ वाले इलाकों में गाड़ियों पर रेडियम टेप लगाने के बहाने घूमते थे। इस दौरान वे चलने-फिरने में असमर्थ या संपन्न बुजुर्गों को पहचानते और उनसे संपर्क कर ‘मददगार’ बनते थे। इसके बाद उन्हें फर्जी डॉक्टर के पास भेजकर ठगी को अंजाम दिया जाता था। वारदात के बाद आरोपी सिम कार्ड नष्ट कर शहर छोड़ देते थे।  

यूपी में 49 विभागों की समीक्षा, सीएम डैशबोर्ड से तय हो रही जिलों की रैंकिंग

लखनऊ बीते नौ वर्षों में प्रदेश में जहां बुनियादी सुविधाओं का तेजी से विस्तार हुआ है, वहीं समाज के हर वर्ग तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने पर भी विशेष जोर दिया गया है। इस पूरी प्रक्रिया में सीएम डैशबोर्ड एक अहम टूल के रूप में उभरा है, जिसके जरिए जनसुनवाई, जनकल्याणकारी योजनाओं और राजस्व कार्यों की नियमित निगरानी की जा रही है। सीएम डैशबोर्ड के माध्यम से हर महीने प्रदेश के सभी जिलों के कामकाज की विस्तृत समीक्षा की जाती है। इसमें 49 विभागों के 110 कार्यक्रमों को विभिन्न मानकों पर परखा जाता है, जिसके आधार पर जिलों की रैंकिंग तय होती है। मार्च माह की जारी रिपोर्ट में हमीरपुर ने शानदार प्रदर्शन करते हुए प्रदेश में पहला स्थान हासिल किया है। वहीं बरेली दूसरे और रामपुर तीसरे स्थान पर रहे। सीएम डैशबोर्ड रैंकिंग में हमीरपुर टॉप पर रामपुर के जिलाधिकारी अजय कुमार द्विवेदी के अनुसार, यह रैंकिंग प्रशासनिक दक्षता, विकास कार्यों की प्रगति और राजस्व प्रबंधन के आधार पर तैयार की जाती है। उन्होंने बताया कि जिले में मुख्यमंत्री की मंशा के अनुरूप विकास कार्यों को समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण तरीके से पूरा किया जा रहा है, जिससे रामपुर लगातार बेहतर प्रदर्शन कर रहा है। रिपोर्ट के मुताबिक, हमीरपुर को 10 में से 9.55 अंक, बरेली को 9.54 और रामपुर को 9.51 अंक प्राप्त हुए हैं। वहीं टॉप-5 जिलों में मैनपुरी चौथे और हरदोई पांचवें स्थान पर रहे। इसके अलावा टॉप-10 जिलों में शाहजहांपुर, लखीमपुर खीरी, जालौन, सोनभद्र और कौशांबी ने भी अपनी जगह बनाई है। 49 विभागों के 110 सरकारी कार्यक्रमों की महीनेवार समीक्षा सीएम डैशबोर्ड की यह रैंकिंग न सिर्फ जिलों के बीच स्वस्थ प्रतिस्पर्धा को बढ़ावा देती है, बल्कि प्रशासनिक व्यवस्था को और अधिक पारदर्शी और जवाबदेह बनाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। सीएम डैशबोर्ड पर 49 विभागों के 110 सरकारी कार्यक्रमों की महीनेवार समीक्षा की जाती है। इसमें जनसुनवाई, जनकल्याणकारी योजनाओं का क्रियान्वयन, राजस्व प्रबंधन, विकास कार्यों की प्रगति, और कानून-व्यवस्था जैसे बिंदु शामिल हैं। प्रत्येक जिले को विभिन्न मापदंडों पर अंक दिए जाते हैं। अधिकतम अंक पाने वाले जिले उच्च रैंक प्राप्त करते हैं । यह रैंकिंग प्रशासनिक दक्षता, विकास योजनाओं के स्थायी परिणाम, योजनाओं के पारदर्शी क्रियान्वयन और जनसुनवाई में बेहतर प्रदर्शन को प्रोत्साहित करती है। वहीं आज मुख्यमंत्री योगी ने आदित्यनाथ ने शनिवार को लखीमपुर खीरी में बांग्लादेश से आए 331 हिंदू परिवारों और थारु जनजाति के परिवारों को भौमिक अधिकार पट्टों का आवंटन किया। इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने 1300 करोड़ से ज्यादा की योजनाओं का शिलान्यास भी किया।

प्रदेश के सभी महाविद्यालयों, विश्वविद्यालयों में मनाया जाएगा नारी शक्ति वंदन पखवाड़ा

भोपाल.  प्रदेश के सभी महाविद्यालयों एवं विश्वविद्यालयों में ‘नारी शक्ति वंदन पखवाड़ा’ मनाया जाएगा। इसके अंतर्गत नारी सशक्तिकरण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से महाविद्यालयों, विश्वविद्यालयों में विभिन्न गतिविधियों का आयोजन किया जाएगा। इस संबंध में उच्च शिक्षा विभाग द्वारा प्रदेश के सभी महाविद्यालयों एवं विश्वविद्यालयों को आवश्यक निर्देश जारी कर दिए गए हैं। अपर मुख्‍य सचिव उच्‍च शिक्षा श्री अनुपम राजन ने बताया कि शैक्षणिक संस्थानों में ‘नारी सशक्तिकरण’ एवं ‘नारी शक्ति वंदन पखवाड़ा’ का आयोजन 10 अप्रैल से 25 अप्रैल तक किया जाएगा। विशेष व्याख्यान श्रृंखला के अंतर्गत ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम-2023’ में निहित प्रावधानों पर व्याख्यान एवं संवाद कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। साथ ही छात्राओं को उनके कानूनी अधिकार, साइबर सुरक्षा, कार्यस्थल पर लैंगिक समानता तथा वित्तीय साक्षरता जैसे महत्वपूर्ण विषयों की जानकारी दी जाएगी। गतिविधियों का आयोजन दो चरणों में किया जाएगा। इन कार्यक्रमों में क्षेत्र की महिला जनप्रतिनिधियों, प्रतिष्ठित एवं प्रतिभाशाली महिलाओं तथा विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वाली उद्यमी महिलाओं को आमंत्रित कर उनके अनुभव और विचार साझा किए जाएंगे। कार्यक्रम के बेहतर समन्वय के लिए विशेष कर्तव्यस्थ अधिकारी डॉ. दिवा मिश्रा को ‘नारी शक्ति वंदन पखवाड़ा’ के लिए नोडल अधिकारी बनाया गया है। यह होंगी गतिविधियां कानूनी अधिकार, साइबर सुरक्षा, कार्यस्थल पर लैंगिक समानता जैसे विषयों पर विशेषज्ञों द्वारा व्याख्यान। वित्तीय साक्षरता (Financial Literacy) पर व्याख्यान एवं संवाद। नारी शक्ति वंदन, कल की महिला नेतृत्व, शिक्षा से सशक्तिकरण विषयों पर पोस्टर और निबंध प्रतियोगिता कौशल विकास और उद्यमिता प्रदर्शनी आत्मरक्षा एवं शारीरिक सशक्तिकरण के अंतर्गत प्रतिभागियों को आत्मरक्षा प्रशिक्षण, मार्शल आर्ट्स, जूडो-कराटे तथा ताइक्वांडो का प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा। इसके साथ ही महिला स्वास्थ्य विशेषज्ञों द्वारा हीमोग्लोबिन जांच, पोषण संबंधी परामर्श तथा मानसिक स्वास्थ्य विषय पर व्याख्यान भी आयोजित किए जाएंगे, जिससे प्रतिभागियों के समग्र स्वास्थ्य और आत्मविश्वास में वृद्धि हो सके।