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Jharkhand University Act 2026 लागू, नियुक्ति और प्रमोशन नियम बदलेंगे

 रांची  झारखंड राज्य विश्वविद्यालय अधिनियम, 2026 के लागू होने के बाद उच्च एवं तकनीकी शिक्षा विभाग इसके अनुपालन के लिए लगभग आधा दर्जन स्टैच्यूट (परिनियम) गठित करने की तैयारी कर रहा है। सारे परिनियम विश्वविद्यालयों में संरचनात्मक सुधार से संबंधित हैं। नए अधिनियम में कुलपतियों से लेकर विश्वविद्यालय के अधिकारियों, शिक्षकों एवं शिक्षकेत्तर कर्मियों के नियुक्ति, सेवाशर्त एवं प्रोन्नति से संबंधित प्रविधानों में बदलाव हुआ है। सभी से संबंधित अलग-अलग परिनियम लागू किए जाएंगे। झारखंड राज्य विश्वविद्यालय विधेयक, 2026 के तहत विश्वविद्यालयों में पहली बार विभिन्न विभागों के लिए निदेशक पद के प्रविधान किए गए हैं। परिनियम गठित कर इनकी नियुक्ति की प्रक्रिया भी निर्धारित की जाएगी। विश्वविद्यालयों में विभिन्न बोर्ड के गठन को लेकर भी नीतियां तैयार होंगी। विश्वविद्यालयों में अधिकारियों, शिक्षकों एवं कर्मियों की नियुक्ति के लिए झारखंड विश्वविद्यालय सेवा आयोग के गठन की भी प्रक्रिया निर्धारित की जाएगी। इसके लिए भी अलग से परिनियम गठित किया जाएगा। छात्रों तथा शिक्षकों एवं शिक्षकेत्तर कर्मियों की शिकायतों के निपटारे के लिए कमेटी और न्यायाधिकरण के भी प्रविधान अधिनियम में पहली बार किए गए हैं। इन सभी निकायों के गठन के लिए भी परिनियम गठित किया जाएगा। छात्रसंघ चुनाव के लिए भी प्रविधान छात्र संघ चुनाव के लिए भी प्रविधान में बदलाव किया गया है। साथ ही पहली बार प्रति कुलाधिपति के पद का प्रविधान किया गया है। गठित होने वाले सारे परिनियम पर कुलाधिपति के रूप में राज्यपाल की भी स्वीकृति ली जाएगी। परिनियम में विश्वविद्यालयों, अंगीभूत एवं संबद्ध कालेजों तथा उच्च एवं तकनीकी शिक्षा विभाग के अधिकारों का स्पष्ट रेखांकन किया जाएगा। बताते चलें कि राज्यपाल की स्वीकृति के बाद राज्य में झारखंड राज्य विश्वविद्यालय सेवा अधिनियम अधिसूचित हो चुका है। इस अधिनियम को लागू करने के लिए ही विभिन्न परिनियमों का गठन किया जा रहा है।

रेंट एग्रीमेंट से इमिग्रेशन तक बड़ा बदलाव, चंडीगढ़ प्रशासन ने लागू किए नए कानून

चंडीगढ़  पंजाब और हरियाणा की राजधानी चंडीगढ़ में पांच नए कानून लागू किए गए हैं. प्रशासन की तरफ से 6 मई से लागू किए गए इन कानूनों के बाद अब रेंट एग्रीमेंट, फायर सेफ्टी, जमीन रिकॉर्ड, स्टांप ड्यूटी और इमिग्रेशन कारोबार से जुड़े नियम पूरी तरह बदल जाएंगे. चंडीगढ़ के मुख्य सचिव एच राजेश प्रसाद ने गुरुवार को यह जानकारी दी है. मुख्य सचिव एच राजेश प्रसाद ने बताया कि प्रशासन ने पंजाब इंडियन स्टांप (संशोधन) अधिनियम-2001 व 2003, पंजाब आबादी देह (रिकॉर्ड ऑफ राइट्स) अधिनियम-2021, पंजाब प्रिवेंशन ऑफ ह्यूमन स्मगलिंग एक्ट-2012 व संशोधन अधिनियम-2014, हरियाणा फायर एंड इमरजेंसी सर्विसेज एक्ट-2022 और असम टेनेंसी एक्ट-2021 को चंडीगढ़ में लागू किया है. उन्होंनेबताया कि तीन कानून पंजाब, एक हरियाणा से और रेंट कंट्रोल व्यवस्था के तहत असम टेनेंसी एक्ट लागू किया गया है. चंडीगढ़ में असम टेनेंसी एक्ट-2021 लागू होने के बाद कौन सा पुराना कानून समाप्त हो गया?     A पंजाब इंडियन स्टांप एक्ट-2001     B ईस्ट पंजाब अर्बन रेंट रेस्ट्रिक्शन एक्ट-1949     C हरियाणा फायर एंड इमरजेंसी सर्विसेज एक्ट-2022       D पंजाब आबादी देह रिकॉर्ड ऑफ राइट्स अधिनियम-2021 नए कानून की वजह से अब चंडीगढ़ में असम टेनेंसी एक्ट-2021 लागू होने पर ईस्ट पंजाब अर्बन रेंट रेस्ट्रिक्शन एक्ट-1949 खत्म हो गया है. रेंट एग्रीमेंट कानूनः चंडीगढ़ मे अब मकान मालिकों को किरायेदारों के साथ रेंट एग्रीमेंट करना अनिवार्य कर दिया है. प्रशासन की आधिकारिक वेबसाइट पर पंजीकरण कराना होगा. प्रशासन ने बताया कि पोर्टल अगले एक महीने में शुरू होगा. तब तक लोग फिजिकल दस्तावेज जमा कर पंजीकरण कर सकते हैं. रेंट विवाद के निपटारे के लिए रेंट कंट्रोल अथॉरिटी और ट्रिब्यूनल बनाए जाएंगे और सुनवाई जिला स्तर के जज करेंगे. अहम बात है कि अब मकान मालिक मनमर्जी से किराया नहीं बढ़ा सकेंगे. किराया के विवाद 60 दिन में निपटाए जाएंगे. वहीं, मकान मालिकों को भी अवैध कब्जों से राहत मिलेगी. फर्जी ट्रैवल एजेंटों पर कसेगा शिकंजा चंडीगढ़ मेंने पंजाब प्रिवेंशन ऑफ ह्यूमन स्मगलिंग एक्ट-2012 और संशोधन अधिनियम-2014 भी लागू कर दिया है. गौर रहे कि बहुत से लोग कबूतरबाजी को लेकर शिकायतें देते हैं. ऐसे में अब बिना  रजिस्ट्रेशन और लाइसेंस के इमिग्रेशन ऑफिस या ट्रैवल एजेंट काम नहीं कर पाएंगे. अगर नियम तोड़ा तो तीन से सात साल तक की सजा होगी. दोषी मिलने पर संपत्ति भी अटैच की जाएगी. सभी ट्रैवल एजेंटों और इमिग्रेशन कंपनियों को अपने स्टाफ की पुलिस वेरिफिकेशन करनी होगी. स्टांप चोरी की तो जुर्माना लगेगा पंजाब इंडियन स्टांप संशोधन अधिनियम लागू होने के बाद चंडीगढ़ में अब प्रॉपर्टी खरीद-फरोख्त में अंडर वैल्यूएशन पर सख्ती की जेगी. नए कानून के अनुसार, यदि कोई व्यक्ति संपत्ति की वास्तविक कीमत छिपाकर कम स्टांप ड्यूटी भरता है तो उस पर संपत्ति की वैल्यू का तीन प्रतिशत जुर्माना लगेगा. गांवों की आबादी देह जमीन का डिजिटल रिकॉर्ड पंजाब आबादी देह (रिकॉर्ड ऑफ राइट्स) अधिनियम-2021 लागू होने के बाद अब गांवों की आबादी देह वाली जमीनों का रिकॉर्ड लोगों के नाम से तैयार होगा. अभी तक ये जमीनें केवल खसरा नंबरों के आधार पर दर्ज थीं. इसके तहत हर संपत्ति का डिजिटल रिकॉर्ड तैयार किया जाएगा. इससे जमीन संबधी विवाद कम हो जाएंगे. फायर सेफ्टी सर्टिफिकेटः चंडीगढ़ ने हरियाणा फायर एंड इमरजेंसी सर्विसेज एक्ट-2022 को लागू किया है और इससे अब सेफ्टी सर्टिफिकेट की वैधता पांच साल लागू होगी. अब फायर सेफ्टी अप्रूवल टाइम-बाउंड तरीके से होगे. आधुनिक फायर सेफ्टी उपकरणों होने के बाद ही एनओसी मिलेगी.

ठेला-खोमचा पर महंगाई की मार, फास्ट फूड की कीमतों में अचानक बढ़ोतरी

रांची  शहर में बढ़ती महंगाई के बीच अब ठेला-खोमचा और स्ट्रीट फूड भी आम लोगों की पहुंच से धीरे-धीरे दूर होता जा रहा है। गैस सिलिंडर की किल्लत और ब्लैक में अधिक कीमत पर गैस खरीदने की मजबूरी ने फास्ट फूड से लेकर पारंपरिक नाश्ते तक की कीमतें बढ़ा दी है। इसका सीधा असर मध्यम वर्ग, मजदूर, छात्र और रोज कमाकर खाने वाले लोगों पर पड़ रहा है, जो सस्ते और गर्म खाने के लिए ठेला-खोमचा पर निर्भर रहते हैं। शहर के कई इलाकों में एग रोल, चौमिन, पकौड़ी, समोसा, जलेबी, कचौड़ी और कुलचा-नान जैसे खाद्य पदार्थों के दाम में अचानक बढ़ोतरी देखी जा रही है। पहले 30 से 40 रुपये में मिलने वाला एग रोल अब 60 रुपये तक पहुंच गया है। वहीं 8 रुपये में बिकने वाला समोसा, आलू चाप और कचौड़ी अब 10 रुपये से लेकर कई जगहों पर 15 रुपये प्रति पीस तक बिक रहा है। गैस की पर्याप्त आपूर्ति नहीं होने से दुकानदारों को उठानी पड़ रही परेशानी इसी तरह 10 रुपये प्लेट मिलने वाली पकौड़ी अब 20 रुपये तक पहुंच गई है। जलेबी का भाव भी 30 रुपये पाव से बढ़कर 40 रुपये पाव हो गया है। कुलचा-नान और अन्य फास्ट फूड की कीमतों में भी लगभग 20 रुपये तक का इजाफा देखा जा रहा है। दुकानदारों का कहना है कि गैस की पर्याप्त आपूर्ति नहीं होने के कारण उन्हें काफी परेशानी झेलनी पड़ रही है। शहर के कई फास्ट फूड दुकानदारों ने बताया कि जितनी संख्या में गैस सिलेंडर की जरूरत होती है, उतनी उपलब्ध नहीं हो पा रही है। मजबूरी में उन्हें अधिक कीमत देकर बाहर से गैस सिलेंडर खरीदना पड़ रहा है। एक गैस सिलिंडर पांच से छह दिनों तक चलता एक फास्ट फूड संचालक ने बताया कि चौमिन, चिल्ली और एग रोल बनाने में रोजाना अधिक गैस की खपत होती है। लेकिन गैस नहीं मिलने से खर्च बढ़ गया है, जिसके कारण खाद्य पदार्थों के दाम बढ़ाने पड़े हैं। वहीं एक समोसा दुकानदार ने कहा कि उनकी दुकान में एक गैस सिलेंडर पांच से छह दिनों में खत्म हो जाता है। समय पर सिलेंडर नहीं मिलने पर उन्हें ब्लैक में गैस खरीदनी पड़ती है। उन्होंने स्वीकार किया कि कई छोटे दुकानदार घरेलू गैस सिलिंडर का इस्तेमाल कर रहे हैं, लेकिन यह उनकी मजबूरी बन चुकी है। बढ़ती कीमतों ने चिंता बढ़ा दी उधर, ठेला-खोमचा में खाना खाने वाले लोगों का कहना है कि उनकी आय सीमित है और बड़े होटल या रेस्टोरेंट में खाना उनके बजट से बाहर है। ऐसे में ठेला-खोमचा ही उनके लिए सबसे बड़ा सहारा है। लोगों ने बताया कि कम कीमत में ताजा और गर्म खाना मिलने के कारण वे वर्षों से स्ट्रीट फूड पर निर्भर हैं, लेकिन अब यहां भी लगातार बढ़ती कीमतों ने उनकी चिंता बढ़ा दी है।

एमसीबी में गर्मी से राहत, हैंडपंप की मरम्मत से गांवों में पानी की सुविधा बहाल

एमसीबी भीषण गर्मी और बढ़ते जल संकट के बीच लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग द्वारा ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। विभाग की टीम द्वारा विकासखंड भरतपुर के ग्राम बड़गांवकला, घाटमा, केसौडा, जनौरा एवं ढाबतुमाड़ी में हैंडपंपों की मरम्मत और निरीक्षण कार्य किया गया। गर्मी के मौसम में पेयजल की बढ़ती आवश्यकता को देखते हुए खराब एवं बंद पड़े हैंडपंपों को प्राथमिकता के आधार पर सुधार कर पुनः चालू किया जा रहा है। विभागीय अमले की तत्परता से ग्रामीणों को समय पर स्वच्छ पेयजल उपलब्ध हो रहा है, जिससे उन्हें काफी राहत मिली है। ग्रामीणों ने प्रशासन एवं विभागीय टीम के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि समय पर मरम्मत कार्य होने से पानी की समस्या काफी हद तक दूर हुई है। विभाग द्वारा लगातार गांवों का निरीक्षण कर पेयजल व्यवस्था पर निगरानी रखी जा रही है, ताकि भीषण गर्मी के दौरान किसी भी क्षेत्र में जल संकट उत्पन्न न हो। लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग ने बताया कि जिलेभर में हैंडपंप सुधार एवं रखरखाव का कार्य निरंतर जारी है और जहां से भी खराब हैंडपंप की सूचना प्राप्त हो रही है, वहां तत्काल टीम भेजकर समस्या का समाधान किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव: मध्यप्रदेश वन्यजीव संरक्षण में कर रहा नए आयाम स्थापित

वन्यजीव संरक्षण में नए आयाम स्थापित कर रहा है मध्यप्रदेश: मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कूनो नेशनल पार्क में दो मादा चीतों को प्राकृतिक आवास में किया मुक्त प्रोजेक्ट चीता को प्रदेश में मिली नई रफ्तार-बोत्सवाना से लाए गए दोनों मादा चीते- अब स्थानीय परिवेश में घुल मिल कर रहने लगे हैं चीतें मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेश में चीतों के पुनर्वास के लिए प्रधानमंत्री मोदी का माना आभार भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में प्रदेशवासियों को 'प्रोजेक्ट चीता' के रूप में बड़ी सौगात मिली है। मध्यप्रदेश वन्यजीव संरक्षण की दिशा में लगातार नए आयाम स्थापित कर रहा है। चीता पुनर्वास के लिए श्योपुर स्थित कूनो नेशनल पार्क में सोमवार को दो मादा चीतों को प्राकृतिक आवास में छोड़ा गया। ये दोनों चीते बोत्सवाना से लाए गए हैं, इसके बाद इन्हें कूनो नेशनल पार्क के क्वारंटीन बाड़े में रखा गया था। अब दोनों चीते उनके लिए अनुकूल प्राकृतिक वातावरण में स्वतंत्र रूप से विचरण कर रहे हैं। प्रदेश सरकार की इस पहल से प्रदेश में जारी प्रोजेक्ट चीता को विस्तार और नई रफ्तार मिली है, यह कदम वन्यजीवों के साथ हमारी सहअस्तित्व की भावना को प्रकट करता है। बोत्सवाना से चीतों के पुनर्वास के लिए मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रधानमंत्री मोदी तथा केंद्रीय वन एवं पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव का भी आभार माना। मुख्यमंत्री डॉ. यादव सोमवार को कूनो नेशनल पार्क में चीतों को मुक्त करने के बाद मीडिया से चर्चा कर रहे थे। 57 हो गई है प्रदेश में चीतों की संख्या मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि वन्यजीव संरक्षण में अग्रणी मध्यप्रदेश में अब 5000 वर्ग किलोमीटर भूमि पर चीते मुक्त विचरण करते हुए अपना कुनबा बढ़ा रहे हैं। वर्तमान में राज्य में चीतों की संख्या बढ़कर 57 हो चुकी है, चीते अब परिवार की तरह घुल-मिलकर रहने लगे हैं। प्रदेश के श्योपुर, कूनो, पालनपुर, राजगढ़ सहित मालवा और चंबल के क्षेत्र में चीते विचरण करते नजर आते हैं। कई बार तो ये मध्यप्रदेश से राजस्थान तक फर्राटा भरते हैं। उल्लेखनीय है कि इन चीतों के आगमन के साथ भारत में चीतों की कुल संख्या, देश में जन्मे शावकों सहित, बढ़कर 57 हो गई है।  

5 लाख की इनामी महिला माओवादी पोडियम लक्ष्मी ने दिया समर्पण, सीमा क्षेत्र में थी सक्रिय

जगदलपुर टूटे हुए नक्सल कैडर को फिर से एकजुट करने की नई साजिश नाकाम नजर आ रही है. छत्तीसगढ़ सीमा से लगे आंध्र प्रदेश के अल्लूरी सिताराम राजू जिले में एक ईनामी महिला माओवादी ने मुख्यधारा की ओर कदम बढ़ाते हुए सरेंडर कर दिया. सरेंडर करने वाली महिला माओवादी पोडियम लक्ष्मी पर 5 लाख रुपए का इनाम घोषित है.लक्ष्मी बीजापुर जिले के उसुर थाना क्षेत्र की निवासी है।  जानकारी के मुताबिक, इनामी माओवादी पोडियम लक्ष्मी लंबे वक्त से नक्सल संगठन के साथ जुड़ी हुई थी. DKSZC के 2 सीआरसी पीएलजीए बटालियन  सक्रीय सदस्य के रूप में लक्ष्मी लंबे समय से छत्तीसगढ़ आंध्र प्रदेश बॉर्डर में सक्रियता थी. सरकार की पुनर्वास नीति से प्रभावित होकर माओवादी पोडियम लक्ष्मी ने एटका पुलिस कैंप में अतिरिक्त पुलिस अध्यक्ष पंकज मीणा के समक्ष आत्मसमर्पण कर दिया. आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों को पुनर्वास, रोजगार और सरकारी योजनाओ का लाभ दिया जाएगा।  नक्सलियों ने जारी किया पत्र हाल में प्रकाशित मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, छत्तीसगढ़ में नक्सलियों के खिलाफ चल रहे निर्णायक अभियान और सरकार के राज्य से ‘नक्सल सफाए’ की आधिकारिक घोषणा के बाद नया मोड़ आया. प्रतिबंधित संगठन भाकपा (माओवादी) की उत्तर तालमेल कमेटी द्वारा तेलंगाना में जारी किए गए एक विस्तृत पत्र से इस नई साजिश का खुलासा हुआ. माओवादी संगठन ने अपने पत्र में आंदोलन के वर्तमान पतन और मौजूदा संकट का ईमानदारी से जिक्र करते हुए इतिहास का हवाला दिया है।  पत्र में नक्सलबाड़ी आंदोलन के सूत्रधार चारू मजूमदार के दौर का उदाहरण देते हुए बताया कि भले ही संगठन अभी कमजोर दिख रहा हो, लेकिन उनकी केंद्रीय कमेटी अभी भी रणनीतिक क्षेत्रों में सक्रिय है और अंततः जीत उन्हीं की होगी. इस पत्र में सबसे ज्यादा चौंकाने वाली बात शीर्ष नक्सली नेता ‘देवजी’ के आत्मसमर्पण को लेकर कही गई. संगठन ने देवजी को ‘गद्दार’ और ‘दुश्मन का एजेंट’ करार दिया है. पत्र में आरोप लगाया गया है कि देवजी का रास्ता ‘संशोधनवाद’ का है, जो पार्टी को खत्म करने की एक सोची-समझी साजिश का हिस्सा है।  पुलिस का कहना है कि यह बयानबाजी पुरानी, अप्रासंगिक और खोखली विचारधारा को जिंदा दिखाने की कोशिश प्रयास है. वहीं पोडियम लक्ष्मी के आत्मसमर्पण ने पुलिस के इस दावे को और मजबूती दी है।  सीमा क्षेत्र में थी सक्रिय जानकारी के मुताबिक, लक्ष्मी छत्तीसगढ़, आंध्र प्रदेश और तेलंगाना की सीमा पर सक्रिय नक्सली संगठन का हिस्सा थी। सुरक्षा एजेंसियां लंबे समय से उसकी गतिविधियों पर नजर रखे हुए थीं। उस पर राज्य सरकार ने 5 लाख रुपए का इनाम घोषित किया था। लक्ष्मी के आत्मसमर्पण को सुरक्षा बलों के लिए बड़ी सफलता माना जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि इससे अन्य नक्सलियों को भी मुख्यधारा में लौटने के लिए प्रेरणा मिलेगी। क्या है छत्तीसगढ़ की नई पुनर्वास नीति? मार्च 2025 में लागू की गई छत्तीसगढ़ सरकार की नई पुनर्वास नीति का उद्देश्य आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों और नक्सल हिंसा प्रभावित लोगों को समाज की मुख्यधारा से जोड़ना है। इस नीति के तहत आत्मसमर्पण करने वालों को आर्थिक सहायता, आवास सुविधा, बच्चों की शिक्षा, रोजगार के अवसर और सुरक्षा उपलब्ध कराई जाती है। सरकार का मानना है कि इस पहल से नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में शांति और विकास को बढ़ावा मिलेगा। बस्तर संभाग में नक्सल मोर्चे पर एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम सामने आया है, जहां लंबे समय से सक्रिय रही महिला माओवादी उर्मिला उर्फ टेटकी (28) ने मुख्यधारा में लौटने का फैसला लिया। रावघाट एरिया कमेटी की सदस्य रही उर्मिला ने मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी जिला मुख्यालय पहुंचकर आत्मसमर्पण कर दिया। गुरुवार को पुलिस अधिकारियों की मौजूदगी में उसका विधिवत आत्मसमर्पण कराया जाएगा। 13 साल तक नक्सली संगठन में रही सक्रिय उर्मिला मूल रूप से मानपुर ब्लॉक के मुंजाल गांव की रहने वाली है। उसने करीब 13 वर्षों तक सशस्त्र माओवादी संगठन के साथ रहकर काम किया। कम उम्र में ही वह नक्सल गतिविधियों में शामिल हो गई थी और धीरे-धीरे संगठन के भीतर उसकी भूमिका मजबूत होती गई। उसका आत्मसमर्पण इसलिए भी अहम माना जा रहा है क्योंकि उसे मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी जिले का आखिरी सक्रिय माओवादी कैडर बताया जा रहा है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने केंद्रीय मंत्री डॉ. वीरेंद्र कुमार के पुत्र- पुत्रवधू को दिया सुखद दाम्पत्य जीवन का आशीर्वाद

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने केंद्रीय मंत्री डॉ. वीरेंद्र कुमार के पुत्र- पुत्रवधू को दिया सुखद दाम्पत्य जीवन का आशीर्वाद भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने केंद्रीय सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्री डॉ. वीरेंद्र कुमार के सुपुत्र केसरी नंदन और पुत्रवधू प्रेरणा के परिणय सूत्र में बंधने पर उन्हें हार्दिक बधाई दी और उनके उज्ज्वल भविष्य तथा सुख-शांति और समृद्धि से परिपूर्ण जीवन की कामना की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने वैवाहिक कार्यक्रम में सागर के निजी होटल में आयोजित कार्यक्रम में सम्मिलित होकर नव-दंपति को आर्शीवाद प्रदान किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने केंद्रीय मंत्री डॉ. वीरेंद्र कुमार और उनके परिजन से भेंट कर खुशियां साझा कीं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने उपस्थित गणमान्य नागरिकों और जनप्रतिनिधियों से भी आत्मीय चर्चा की। इस अवसर पर खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री गोविंद सिंह राजपूत, नवकरणीय ऊर्जा राज्य मंत्री राकेश शुक्ला, विधायक एवं पूर्व मंत्री गोपाल भार्गव, विधायक शैलेंद्र जैन, प्रदीप लारिया, जिला पंचायत अध्यक्ष हीरा सिंह राजपूत, सहित अन्य जनप्रतिनिधि, अधिकारी एवं परिजन उपस्थित थे।  

बिहार में सामाजिक बहिष्कार का फरमान: परिवार ने बेटी का कराया प्रतीकात्मक दाह संस्कार

मुजफ्फरपुर बिहार के मुजफ्फरपुर जिले से एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है, जहां प्रेम विवाह करने वाली एक युवती को गांव की पंचायत ने सामाजिक रूप से ‘मृत’ घोषित कर दिया। पंचायत के दबाव में परिजनों ने अपनी ही बेटी का प्रतीकात्मक दाह संस्कार कर दिया। मामला जिले के मड़वन प्रखंड क्षेत्र के एक गांव का बताया जा रहा है। जानकारी के अनुसार युवती अपने प्रेमी के साथ घर छोड़कर चली गई थी। इस घटना के बाद गांव में नाराजगी फैल गई और पंचायत बुलाई गई। पंचायत ने युवती के परिवार के सामाजिक बहिष्कार का फैसला सुनाया। पंचायत ने परिवार के सामने रखी शर्त ग्रामीणों ने परिवार से कहा कि यदि उन्हें गांव और समाज में फिर से रहना है तो अपनी बेटी का पूरी तरह बहिष्कार करना होगा। पंचायत का फरमान इतना कठोर था कि परिवार को बेटी को ‘मृत’ मानने के लिए मजबूर होना पड़ा। बताया जा रहा है कि गांव और समाज में अपनी जगह बनाए रखने के लिए परिजनों ने बेटी को कागजों और रस्मों में मृत घोषित कर दिया। प्रेमी के साथ शादी कर ससुराल चली गई युवती मामले में पहले युवती के परिजनों ने करजा थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई थी। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए युवती को बरामद किया और कोर्ट में पेश किया। न्यायालय में युवती ने बयान दिया कि वह बालिग है और अपनी मर्जी से युवक के साथ शादी की है। उसने अपने पति के साथ रहने की इच्छा जताई। युवती ने अपने परिजनों पर ससुराल पक्ष को प्रताड़ित करने का आरोप भी लगाया। कोर्ट के आदेश के बाद पुलिस ने युवती को उसकी इच्छा के अनुसार उसके ससुराल भेज दिया। जिंदा लड़की की निकाली गई अर्थी पंचायत के फैसले के बाद युवती के परिवार ने गांव वालों के साथ मिलकर उसका सांकेतिक दाह संस्कार किया। ग्रामीणों के अनुसार हिंदू रीति-रिवाज के अनुसार पूरे कार्यक्रम को किया गया। बताया गया कि युवती का प्रतीकात्मक शव तैयार किया गया, जिसमें उसकी तस्वीर रखी गई। इसके बाद अर्थी सजाकर गांव में शव यात्रा निकाली गई।   श्मशान घाट में किया गया पुतले का दाह संस्कार शव यात्रा के बाद लोगों ने श्मशान घाट पहुंचकर मंत्रोच्चारण के बीच पुतले का दाह संस्कार कर दिया। ग्रामीणों का कहना है कि यह पूरा कार्यक्रम उसी तरह किया गया, जैसे किसी व्यक्ति के निधन के बाद अंतिम संस्कार और श्राद्ध कर्म किए जाते हैं। घटना के बाद गांव में इस मामले को लेकर चर्चा तेज है, लेकिन अधिकांश लोग खुलकर कुछ भी बोलने से बच रहे हैं। वहीं यह मामला सामाजिक सोच और पंचायत के फैसलों को लेकर कई सवाल खड़े कर रहा है।  

रिकॉर्ड उत्पादन के बाद संकट: यूपी के कोल्ड स्टोरेज भरने से किसानों की चिंता बढ़ी

लखनऊ उत्तर प्रदेश में आलू किसानों की बदहाली दूर होगी। अन्य राज्यों से संपर्क करके वहां आलू भेजने की तैयारी चल रही है। अगले सीजन में बोआई के वक्त ही खपत की रणनीति बनाई जाएगी। इसमें कृषि, उद्यान, विपणन और प्रसंस्करण विभाग मिलकर कार्य करेंगे। आलू उत्पादन के मामले में देशभर में उत्तर प्रदेश पहले स्थान पर है। यहां इस वर्ष 246 लाख मीट्रिक टन आलू पैदा हुआ है। आलू बेल्ट के रूप में पहचाने जाने वाले फर्रुखाबाद, कन्नौज, फिरोजाबाद, आगरा सहित आसपास के जिलों में कोल्ड स्टोर भरने से किसानों के खेत में ढेर लगे हैं। फैक्ट फाइल     246 लाख मीट्रिक टन कुल उत्पादन     2363 कोल्ड स्टोर की संख्या प्रदेश में     131 नए कोल्ड स्टोर इस वर्ष खुले     202 लाख मीट्रिक टन कोल्ड स्टोर की क्षमता     172 लाख मीट्रिक टन आलू स्टोर में रखा गया किसानों की फजीहत को देखते हुए उद्यान विभाग अलग- अलग राज्यों से संपर्क में जुट गया हैं। जिन राज्यों में कम आलू उत्पादन होता है, वहां यूपी का आलू भेजने की तैयारी है। इसमें राजस्थान, हरियाणा, केरल, तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश, अरुणाचल प्रदेश, दादरा नगर हवेली, दमन दीव आदि हैं। इसी तरह नेपाल में ज्यादा से ज्यादा आलू का निर्यात करने के साथ ही श्रीलंका को भी आलू भेजा जाएगा। अगले वर्ष के लिए अभी से बनेगी रणनीति अब अगले वर्ष के लिए आलू से जुड़े सभी विभागों को मिलाकर अभी से संयुक्त कार्ययोजना बनाई जाएगी। इसमें कृषि अनुसंधान परिषद और आगरा में खुल रहे इंटरनेशनल पोटैटो सेंटर के क्षेत्रीय केंद्र से भी मदद ली जाएगी। दो दिन पहले लखनऊ आए केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने भी उद्यान मंत्री दिनेश प्रताप सिंह, कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही और विभागीय अधिकारियों के साथ ही बैठक में यह सुझाव दिया है। निदेशक उद्यान बीपी राम ने बताया कि कुछ व्यापारी नेपाल आलू भेज रहे हैं। श्रीलंका और खाड़ी देशों में भी संभावना देखी जा रही है। व्यापारियों के साथ लगातार समन्वय किया जा रहा है। अगले वर्ष यह नौबत न आए, इसके लिए भी अभी से तैयारी की जा रही है।  

शोएब का अपराध पकड़ा गया: सौरभ बनकर करता था लड़कियों का ब्लैकमेल और धर्मांतरण

   लखनऊ उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के सैरपुर थाना क्षेत्र से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है. यहां एक युवक पर नाम बदलकर हिंदू लड़कियों को प्रेम जाल में फंसाने, शारीरिक शोषण करने और फिर धर्मांतरण के लिए दबाव बनाने का गंभीर आरोप लगा है. पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है और उसके पास से चौंकाने वाले सबूत बरामद हुए हैं।  सैलून चलाता है शोएब अख्तर आरोपी की पहचान गोंडा निवासी शोएब अख्तर के रूप में हुई है. शोएब सैरपुर थाना क्षेत्र के रैथा रोड पर एक सैलून चलाता है. आरोप है कि शोएब ने सोशल मीडिया पर अपनी पहचान छिपाकर सौरभ सिंह के नाम से फर्जी इंस्टाग्राम अकाउंट बना रखा था. इसी फर्जी प्रोफाइल के जरिए वह हिंदू युवतियों को अपने जाल में फंसाता था।  मोबाइल में मिले फोटो और वीडियो पुलिस की जांच में शोएब का मोबाइल फोन कई राज उगल रहा है. आरोपी के फोन से कई नाबालिग हिंदू लड़कियों की आपत्तिजनक तस्वीरें और वीडियो मिले हैं. आरोपी शोएब पहले लड़कियों को बहला-फुसलाकर उनसे संबंध बनाता था और फिर उनकी अश्लील फोटो-वीडियो खींच लेता था. इन्हीं वीडियो के दम पर वह बाद में लड़कियों पर धर्मांतरण करने का दबाव बनाता और उन्हें ब्लैकमेल करता था।  इस पूरे मामले का खुलासा तब हुआ जब एक नाबालिग पीड़िता ने हिम्मत जुटाकर सैरपुर थाने में शोएब के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई. पीड़िता ने अपनी आपबीती सुनाते हुए आरोपी के काले कारनामों का कच्चा चिट्ठा पुलिस के सामने खोल दिया।  कई सारी लड़कियों को बना चुका शिकार एसीपी बीकेटी ज्ञानेंद्र सिंह ने बताया कि आरोपी शोएब फिलहाल पुलिस हिरासत में है. उसके खिलाफ संगीन धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है. मोबाइल फोन और सोशल मीडिया अकाउंट्स की गहनता से पड़ताल की जा रही है. जांच के आधार पर आगे की सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी. फिलहाल, पुलिस यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि शोएब अब तक कितनी लड़कियों को अपना शिकार बना चुका है और क्या इस साजिश में उसके साथ कुछ और लोग भी शामिल हैं. लखनऊ पुलिस मामले की हर एंगल से तफ्तीश कर रही है।