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चुनावी रण में CM हेमंत की कमान, असम में रहकर साधेंगे वोटरों को

रांची झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) के अध्यक्ष हेमंत सोरेन असम विधानसभा चुनाव 2026 को लेकर सीधे चुनावी अभियान की कमान संभालेंगे। वे 28 मार्च से असम में रहकर पार्टी के प्रमुख नेताओं के साथ विभिन्न विधानसभा क्षेत्रों में जनसभाएं करेंगे। पार्टी का लक्ष्य स्थानीय मुद्दों, आदिवासी अस्मिता और क्षेत्रीय अधिकारों को प्रमुख चुनावी एजेंडा बनाना है। झामुमो ने अपने सभी स्टार प्रचारकों को निर्देश दिया है कि वे 27 मार्च तक असम पहुंच जाएं और चुनावी अभियान में सक्रिय भूमिका निभाएं। पार्टी की असम में सक्रियता केवल चुनावी उपस्थिति तक सीमित नहीं है। झामुमो राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान मजबूत करना चाहती है और खासकर पूर्वोत्तर के आदिवासी बहुल इलाकों में अपनी पकड़ बनाने की कोशिश कर रही है। झारखंड मॉडल, जिसमें स्थानीय संसाधनों पर अधिकार, भूमि संरक्षण और सामाजिक न्याय शामिल हैं, असम में भी प्रचारित किया जाएगा। पार्टी अब केवल झारखंड तक सीमित नहीं रहना चाहती पार्टी महासचिव विनोद पांडेय पहले से ही असम में रहकर चुनावी रणनीति को अंतिम रूप दे रहे हैं। उनका काम स्थानीय संगठन को सक्रिय करना, बूथ स्तर तक नेटवर्क तैयार करना और उम्मीदवारों के पक्ष में माहौल बनाना है। झामुमो ने भारत निर्वाचन आयोग को 20 स्टार प्रचारकों की सूची भी सौंप दी है। इस सूची में हेमंत सोरेन के अलावा डॉ. सरफराज अहमद, सुप्रियो भट्टाचार्य, जोबा मांझी, अभिषेक प्रसाद, पंकज मिश्रा, दीपक बिरुवा, विजय हांसदा और अन्य नेता शामिल हैं। असम में झामुमो की यह सक्रियता संकेत देती है कि पार्टी अब केवल झारखंड तक सीमित नहीं रहना चाहती। हेमंत सोरेन का सीधा नेतृत्व इस अभियान को और मजबूत बनाता है। आने वाले दिनों में यह देखना दिलचस्प होगा कि झामुमो का यह प्रयास चुनावी नतीजों पर कितना असर डालता है और पार्टी के लिए नए राजनीतिक अवसर खोलता है या नहीं।  

जन्म-मृत्यु पंजीयन व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने हेतु राज्य स्तरीय बैठक संपन्न

रायपुर मंत्रालय महानदी भवन, नवा रायपुर (अटल नगर) में योजना, आर्थिक एवं सांख्यिकी तथा बीस सूत्रीय कार्यक्रम कार्यान्वयन विभाग द्वारा जन्म-मृत्यु पंजीयन कार्य की समीक्षा हेतु राज्य स्तरीय अंतर्विभागीय समन्वय समिति (IDCC) की बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता विभागीय सचिव श्री भुवनेश यादव ने की।  बैठक में भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (UIDAI) की उप महानिदेशक श्रीमती पी. संगीता, संयुक्त महारजिस्ट्रार (जन्म-मृत्यु) एवं जनगणना निदेशक, छत्तीसगढ़ श्री कार्तिकेय गोयल सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। सचिव श्री भुवनेश यादव ने निर्देशित किया कि राज्य में प्रत्येक जन्म एवं मृत्यु का शत-प्रतिशत एवं समयबद्ध पंजीयन सुनिश्चित किया जाए, ताकि शासन की योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन हेतु सटीक एवं अद्यतन आंकड़े उपलब्ध हो सकें। आर्थिक एवं सांख्यिकी संचालनालय की संचालक श्रीमती रोक्तिमा यादव ने जन्म एवं मृत्यु पंजीयन की वर्तमान स्थिति एवं प्रगति पर विस्तृत प्रस्तुति दी। बैठक में पंजीयन व्यवस्था को अधिक प्रभावी, पारदर्शी एवं समयबद्ध बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। समीक्षा के दौरान वर्ष 2025 में जन्म पंजीयन का सकल पंजीयन दर 108.4 प्रतिशत एवं शुद्ध दर 71.7 प्रतिशत तथा मृत्यु पंजीयन का सकल दर 102.6 प्रतिशत एवं शुद्ध दर 92.5 प्रतिशत दर्ज किया गया। कम प्रगति वाले जिलों में विशेष अभियान चलाने के निर्देश दिए गए।

बंदरों की हरकत बनी आफत: बलौदा बाजार में ट्रांसफार्मर फटा, चिंगारी से कई दुकानें जलीं

बलौदा बाजार. जिले के प्रमुख धार्मिक स्थल गिरौदपुरी में आज आग ने कहर बरपाया. आग से दस से बारह दुकानें पूरी तरह जलकर खाक हो गई, जिससे दुकानदारों को लाखों रूपए का नुक़सान हुआ है. जानकारी के अनुसार, बंदरों की उछल-कूद से ट्रांसफार्मर शॉर्ट सर्किट हो गया, जिससे निकली आग ने देखते ही देखते आस-पास स्थित दुकानों को अपनी चपेट में ले लिया. दुकानदारों ने ग्रामीणों के सहयोग से आग पर काबू पाया. आग लगने के करीबन एक घंटे बाद दमकल वाहन पहुंचे, तब तक दुकानें जल चुकी थी. घटना की सूचना मिलते ही मौके पर पहुंची गिरौदपुरी पुलिस जांच में जुट गई है. बता दें कि गिरौदपुरी में बाबा गुरू घासीदास के मंदिर जाने वाले मार्ग में झोपड़ीनुमा दुकानें हैं, जहां छोटे-छोटे दुकानदार अपना व्यवसाय करते हैं. आग इन्हीं दुकानों में लगी. गमीमत रही कि समय रहते लोगों ने पानी का इंतजाम कर लिया और आग पर काबू पा लिया नहीं तो आग मंदिर परिसर तक पहुंच सकती थी. भविष्य में इस तरह की घटना न हो इसको देखते हुए इन दुकानदारों के लिए पक्के दुकान बनाये जाने की आवश्यकता है. अब यह देखना होगा कि इस घटना के बाद जिला प्रशासन के साथ ही समाज प्रमुख और मेरा समिति तथा ग्राम पंचायत क्या कदम उठाते हैं, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाएं न हो.

वेस्ट से वेल्थ: भोपाल के आदमपुर छावनी में 220 करोड़ का आधुनिक कोयला प्लांट चालू

भोपाल राजधानी भोपाल में सस्टेनेबल वेस्ट मैनेजमेंट की दिशा में बड़ी पहल करते हुए आदमपुर छावनी में स्थापित टोरिफाइड चारकोल प्लांट का ट्रायल रन शुरू हो गया है। NTPC Limited द्वारा 220 करोड़ रुपये की लागत से पीपीपी मोड पर तैयार इस प्लांट में सूखे कचरे को कोयले (चारकोल) में बदला जाएगा। तीन दिन में 800 टन कचरा पहुंचा ट्रायल के शुरुआती तीन दिनों में ही प्लांट में 800 टन सूखा कचरा पहुंचाया गया है। अधिकारियों के अनुसार ट्रायल के दौरान कुल 1800 टन कचरे का उपयोग किया जाएगा हर दिन 400 टन कचरे की प्रोसेसिंग 15 एकड़ में फैले इस प्लांट में प्रतिदिन 400 टन सूखे कचरे को प्रोसेस कर टोरिफाइड चारकोल तैयार किया जाएगा। यह तकनीक कचरा निपटान के साथ-साथ ऊर्जा उत्पादन के लिए भी उपयोगी साबित होगी। आयुक्त ने किया निरीक्षण नगर निगम आयुक्त Sanskriti Jain ने प्लांट का दौरा कर कार्यप्रणाली का निरीक्षण किया। उन्होंने इसे भोपाल के लिए गौरव का क्षण बताते हुए पर्यावरण संरक्षण की दिशा में अहम कदम बताया। एक नजर में प्रोजेक्ट 12 अक्टूबर 2021 को हुआ अनुबंध 220 करोड़ रुपये की लागत 15 एकड़ में स्थापित प्लांट प्रतिदिन 400 टन कचरे की प्रोसेसिंग क्षमता पर्यावरण को मिलेगा फायदा यह प्रोजेक्ट कचरे के वैज्ञानिक निपटान के साथ कोयले के विकल्प के रूप में उपयोगी होगा। इससे कार्बन उत्सर्जन में कमी आएगी और भोपाल देश के चुनिंदा शहरों में शामिल हो सकेगा, जहां कचरे का शत-प्रतिशत उपयोग किया जा रहा है।  

सूत्रों का दावा: CM नीतीश कुमार 30 तारीख को विधान परिषद से इस्तीफा दे सकते हैं

पटना  बिहार की राजनीति में एक बड़ा बदलाव होने की अटकलें तेज हो गई हैं. सूत्रों के मुताबिक मुख्यमंत्री नीतीश कुमार 30 मार्च को बिहार विधान परिषद की सदस्यता से इस्तीफा दे सकते हैं. बताया जा रहा है कि 29 मार्च तक विधानसभा और विधान परिषद की कार्यवाही अवकाश पर है, जिसके बाद 30 मार्च सोमवार को वे अपना इस्तीफा सौंप सकते हैं।  बिहार में कौन होगा अगला मुख्यमंत्री ग्रामीण विकास मंत्री श्रवण कुमार नालंदा के बिहारशरीफ स्थित सर्किट हाउस पहुंचे और मीडिया से बातचीत में कहा कि 9 अप्रैल तक का समय है, उसके बाद ही स्थिति स्पष्ट होगी. उन्होंने यह भी कहा कि नए मुख्यमंत्री के नाम पर अंतिम फैसला एनडीए की बैठक में लिया जाएगा और नीतीश कुमार की इच्छा के अनुसार ही अगला मुख्यमंत्री चुना जाएगा. हालांकि अब तक इस संबंध में कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है और राजनीतिक हलकों में इसे लेकर केवल अटकलें ही लगाई जा रही हैं।  नियम क्या कहते हैं? मुख्यमंत्री नीतीश कुमार सीएम पद से इस्तीफा देने के बाद राज्यसभा जा रहे हैं. सवाल यह है कि वह राज्यसभा में कब शपथ लेंगे. राज्यसभा का मौजूदा सत्र 2 अप्रैल तक चलेगा. उम्मीद है कि वह इसी दौरान शपथ ले सकते हैं. ऐसे में उनका दिल्ली जाना भी तय माना जा रहा है. संविधान के मुताबिक, अगर कोई व्यक्ति राज्यसभा का सदस्य बनता है, तो उसे 14 दिनों के अंदर अपनी राज्य की सदस्यता छोड़नी होती है. इस हिसाब से माना जा रहा है कि नीतीश कुमार को 30 मार्च तक विधान परिषद की सदस्यता से इस्तीफा देना होगा।  कब सामने आएगा अगले मुख्यमंत्री का नाम नीतीश कुमार 16 मार्च को राज्यसभा के लिए निर्वाचित हुए हैं. 14 दिनों के अंदर इस्तीफा नहीं देने पर नियमानुसार राज्य सभा की सदस्यता खुद खत्म हो जाती है. नए सीएम की बात की जाए तो, माना जा रहा है कि खड़मास खत्म होने के बाद, यानी 14 अप्रैल के बाद ही नई सरकार को लेकर फैसला हो सकता है. फिलहाल मुख्यमंत्री पद को लेकर सस्पेंस बना हुआ है. हालांकि, पिछले कुछ समय से नीतीश कुमार इशारों में सम्राट चौधरी का नाम आगे बढ़ाते नजर आए हैं। 

अश्वनी शर्मा ने किया PM मोदी का धन्यवाद, वैश्विक संकट के बीच केंद्र सरकार ने दिया राहत पैकेज

जालंधर दुनियाभर में बने युद्ध जैसे हालातों के कारण कच्चे तेल की कीमतों में भारी बढ़ोतरी के बावजूद, केंद्र सरकार ने आम जनता को राहत देने के लिए बड़ा फैसला लिया है। पंजाब  भाजपा के कार्यकारी अध्यक्ष अश्वनी शर्मा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का धन्यवाद किया। पेट्रोल और डीजल पर एक्साइज ड्यूटी में कटौती कर महंगाई का बोझ कम करने की कोशिश की गई है। पीएम मोदी के इस फैसले की सराहना करते हुए अश्वनी शर्मा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का धन्यवाद किया। उन्होंने कहा कि मुश्किल समय में सरकार का यह कदम आम लोगों के हित में है और इससे महंगाई से राहत मिलेगी। उन्होंने आगे कहा कि, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हमेशा जनता की भलाई को प्राथमिकता देते हैं और यह निर्णय भी उसी सोच का प्रतीक है। आपको बता दें कि, प्रधानमंत्री मोदी ने पेट्रोल पर एक्साइज ड्यूटी 13 रुपये से घटाकर 3 रुपये प्रति लीटर कर दी गई है, जबकि डीजल पर यह 10 रुपये से घटाकर जीरो कर दी गई है। 

मुख्य फ़ोकस नक्सल मुक्त क्षेत्रों में स्थायी एवं समावेशी विकास

रायपुर राज्य में नक्सलवाद से मुक्त हुए क्षेत्रों में तीव्र, स्थायी एवं समावेशी विकास सुनिश्चित करने के उद्देश्य से आज मुख्य सचिव  विकास शील की अध्यक्षता में इन जिलों के आजीविका संवर्धन हेतु राज्यस्तरीय परामर्श कार्यशाला का आयोजन किया गया।          कार्यशाला में अपर मुख्य सचिव  ऋचा शर्मा, प्रमुख सचिव पंचायत एवं ग्रामीण विकास  निहारिका बारीक, प्रमुख सचिव कृषि  सहला निगार, प्रमुख सचिव  सोनमणि वोरा, सचिव  भीम सिंह सहित संबंधित जिलों के कलेक्टर, जिला पंचायत सीईओ एवं पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग, वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग, गृह एवं जेल विभाग, आदिम जाति कल्याण विभाग, ग्रामोद्योग विभाग तथा ट्रांसफॉर्म रूरल इंडिया फाउंडेशन के अधिकारी उपस्थित रहे। कार्यशाला में ट्रांसफॉर्म रूरल इंडिया फाउंडेशन के मैनेजिंग डायरेक्टर  अनीश कुमार द्वारा इन क्षेत्रों के लिए तैयार समन्वित नीति पर विस्तृत प्रस्तुति दी गई।         इस अवसर पर मुख्य सचिव  विकास शील ने कहा कि जैसे-जैसे छत्तीसगढ़ नक्सलवाद से मुक्त होता जा रहा है, हमारी जिम्मेदारी और अधिक बढ़ जाती है। जिन क्षेत्रों में अब तक विकास नहीं पहुंच सका, वहां पहुंचकर हमें सतत एवं समावेशी विकास सुनिश्चित करना होगा। मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय की मंशानुरूप सभी विभागों को समन्वित दृष्टिकोण के साथ आगामी तीन वर्षों की कार्ययोजना तैयार कर कार्य करना होगा।        स्थानीय संसाधनों के आधार पर आजीविकामूलक गतिविधियों के संचालन एवं संवर्धन पर विशेष जोर दिया जाए। कार्यशाला में विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों ने योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए अपने सुझाव प्रस्तुत किए। जिला स्तर के अधिकारियों ने अपने अनुभव साझा करते हुए बेहतर समन्वय की आवश्यकता पर बल दिया। इस दौरान क्लस्टर आधारित एवं ब्लॉक केंद्रित आजीविका मॉडल पर विस्तार से चर्चा की गई। इस मॉडल के अंतर्गत कृषि, पशुपालन, वनोपज, मत्स्य पालन, हस्तशिल्प एवं सूक्ष्म उद्यमों को जोड़कर ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने की योजना है। इसमें विभिन्न विभागों की योजनाओं का एकीकृत क्रियान्वयन एवं बेहतर कन्वर्जेंस सुनिश्चित किया जाएगा।           कार्यशाला में जिला, विकासखंड एवं क्लस्टर स्तर पर त्रिस्तरीय योजना निर्माण एवं क्रियान्वयन की रूपरेखा पर चर्चा की गई। स्थानीय आवश्यकताओं के अनुरूप योजनाएं तैयार कर उन्हें तेजी से लागू किया जाएगा। राज्य सरकार का लक्ष्य केवल योजनाएं बनाना नहीं, बल्कि ग्रामीण परिवारों की आय में वास्तविक वृद्धि सुनिश्चित करना है। इसके साथ ही युवाओं को रोजगारोन्मुखी प्रशिक्षण प्रदान कर उन्हें स्वरोजगार से जोड़ने पर भी विशेष जोर दिया गया।           कार्यशाला में यह भी बताया गया कि उत्पादन से लेकर विपणन तक संपूर्ण मूल्य श्रृंखला को सुदृढ़ किया जाएगा, जिससे उत्पादकों को बेहतर मूल्य प्राप्त हो सके और उनकी आय में उल्लेखनीय वृद्धि हो। अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि अगले चरण में प्रत्येक विकासखंड में संभावित आजीविका क्लस्टरों की पहचान कर 60 दिनों के भीतर विस्तृत कार्ययोजना तैयार की जाए, जिसमें सर्वेक्षण, योजना निर्माण एवं क्रियान्वयन की रूपरेखा शामिल होगी। कार्यशाला में प्रस्तुत रणनीति नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में सामाजिक-आर्थिक परिवर्तन का मजबूत आधार बनेगी। यह पहल ग्रामीण परिवारों को आत्मनिर्भर बनाकर उन्हें मुख्यधारा से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।           कार्यशाला में वामपंथी उग्रवाद (एलडब्ल्यूई) प्रभावित जिलों में आजीविका परिवर्तन एवं जीवन स्तर में सुधार हेतु परिवारों की आय बढ़ाने की आवश्यकता पर विशेष जोर दिया गया। एनसीएईआर (NCAER) के सर्वेक्षण के अनुसार इन क्षेत्रों के 85 प्रतिशत परिवारों की मासिक आय 15 हजार रुपये से कम है। इसे ध्यान में रखते हुए राज्य सरकार ने अगले ढाई से तीन वर्षों में इसे बढ़ाकर न्यूनतम 30 हजार रुपये प्रतिमाह करने का लक्ष्य निर्धारित किया है।          प्रमुख सचिव  निहारिका बारीक ने इस लक्ष्य की प्राप्ति हेतु विविधीकरण, सामूहिकीकरण, प्रौद्योगिकी एवं संतृप्ति के चार प्रमुख स्तंभों पर आधारित रणनीति पर प्रकाश डाला। इसके अंतर्गत प्रत्येक परिवार को कम से कम तीन आजीविका गतिविधियों से जोड़ा जाएगा तथा प्रत्येक जिले में चार प्रमुख आजीविका क्षेत्रों पर विशेष ध्यान केंद्रित किया जाएगा।          यह पहल क्लस्टर आधारित एवं बाजार उन्मुख दृष्टिकोण पर आधारित होगी, जिसमें सशक्त मूल्य श्रृंखला तंत्र विकसित किया जाएगा। मुख्य सचिव ने जिला प्रशासन को सक्रिय नेतृत्व सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। नाबार्ड, एफईएस तथा प्रदान जैसे सहयोगी संगठनों द्वारा एनटीएफपी (लघु वनोपज) मूल्य श्रृंखला को मजबूत करने एवं एफपीओ (किसान उत्पादक संगठन) को बढ़ावा देने संबंधी सुझाव प्रस्तुत किए गए। कार्यशाला में “ट्राइपॉड मॉडल” को योजना निर्माण के आधार के रूप में प्रस्तुत किया गया, जिसमें परिवार, क्षेत्र एवं गतिविधियों का समेकित दृष्टिकोण शामिल है।

केरल की एथलेटिक्स टीम पहुंची जगदलपुर, पारंपरिक लोकनृत्य से हुआ भव्य स्वागत

रायपुर आदिवासी खिलाड़ियों को समर्पित इस महत्वपूर्ण राष्ट्रीय आयोजन की मेजबानी करने वाला छत्तीसगढ़ पहला राज्य बन गया है, जो भारत की खेल यात्रा में आदिवासी सशक्तिकरण और जमीनी स्तर पर भागीदारी को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है। खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स के तहत बस्तर संभागीय मुख्यालय जगदलपुर के धरमपुरा स्थित क्रीड़ा परिसर में एथलेटिक्स की प्रतियोगिताओं का आयोजन 30 मार्च से 2 अप्रैल तक किया जाएगा।               खेलो इंडिया ट्रायबल गेम्स के अंतर्गत बस्तर जिले में आयोजित होने वाली एथलेटिक्स प्रतियोगिता में भाग लेने के लिए केरल राज्य की टीम आज जगदलपुर पहुंची। रेलवे स्टेशन पर खेल एवं युवा कल्याण विभाग के अधिकारियों द्वारा खिलाड़ियों का आत्मीय स्वागत किया गया। बस्तर के हृदय स्थल जगदलपुर में आगामी 30 मार्च से 2अप्रैल तक आयोजित होने वाले चार दिवसीय नेशनल ट्राइबल गेम्स का उत्साह अब धरातल पर दिखने लगा है। इस राष्ट्रीय खेल महाकुंभ में अपनी चुनौती पेश करने के लिए देश के कोने-कोने से खिलाड़ियों का आगमन शुरू हो चुका है। इसी कड़ी में केरल राज्य से 17 सदस्यीय एक दल किरंदुल पैसेंजर के माध्यम से जगदलपुर रेलवे स्टेशन पहुँचा।             इस अवसर पर स्थानीय नर्तक दल ने पारंपरिक लोकनृत्य प्रस्तुत कर मेहमान खिलाड़ियों का अभिनंदन किया, जिससे बस्तर की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत की झलक देखने को मिली। गौर नृत्य समूह के नर्तकों ने अपनी पारंपरिक वेशभूषा में ढोल की थाप और ऊर्जावान नृत्य से ऐसा समां बांधा कि लंबी दूरी तय कर आए खिलाड़ी अपनी थकान भूल गए             खेल विभाग के अधिकारियों ने बताया कि प्रतियोगिता की सभी तैयारियां पूर्ण कर ली गई हैं, 30 मार्च से शुरू होने वाले इस आयोजन के लिए प्रशासन ने  विभिन्न राज्यों से आने वाले खिलाड़ियों के लिए आवास, भोजन एवं अन्य आवश्यक सुविधाएं सुनिश्चित की गई हैं। इस आयोजन के माध्यम से न केवल खेल प्रतिभाओं को मंच मिलेगा, बल्कि बस्तर की संस्कृति और परंपरा को भी राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिलेगी।

दिल दहला देने वाली घटना: कुरुक्षेत्र में आवारा कुत्तों के हमले में 50 से अधिक भेड़ों की मौत

कुरुक्षेत्र. कुरुक्षेत्र में झांसा गांव के सरकारी अस्पताल के पास कुत्तों के झुंड ने भेड़ों पर हमला बोल दिया। इसमें 50 से अधिक भेड़ें मारी गईं। घटना से चरवाहा परिवार पर लगभग पांच लाख रुपये का आर्थिक संकट टूट पड़ा है। गांव सलपानी कलां निवासी कुलदीप ने बताया कि 10 महीने पहले उसने ब्याज पर पैसे लेकर 70 भेड़ें खरीदी थीं। रोज की तरह वह अपने चचेरे भाई बीरा राम और साथियों बलदेव व मनीष के साथ झांसा व शांति नगर क्षेत्र में भेड़ें चरा रहा था। रात अधिक होने पर वे सतलुज-यमुना लिंक नहर के किनारे रुक गए। रात करीब दो बजे 10 से 12 कुत्ते आए, जिन्हें उन्होंने भगा दिया। लेकिन आधे घंटे बाद कुत्तों का एक बड़ा झुंड दोबारा हमला करने लौटा, तब तक वे चारों सो चुके थे। हमले में 25 भेड़ें मौके पर ही मर गईं, जबकि 25 से 30 भेड़ें डरकर नहर में कूद गईं और बह गईं। कई भेड़ें घायल भी हैं। पशुपालक कुलदीप ने बताया कि कुत्तों ने भेड़ को खाया नहीं, सिर्फ मारकर छोड़ दिया। पीड़ित परिवार ने प्रशासन से आर्थिक मदद की मांग की है, ताकि वे फिर से अपना रोजगार संभाल सकें।

राजनीतिक बयानबाजी: BJP विधायक बोले—रामनवमी श्रद्धा से मनाएं, राम को काल्पनिक कहना गलत

रायपुर. विधायक पुरंदर मिश्रा ने देशवासियों को रामनवमी पर्व की बधाई देते हुए कांग्रेस पर तंज कसा। उन्होंने कहा, सभी को रामनवमी का पर्व मनाना चाहिए। खासकर रामनवमी पर कांग्रेस को पूजा करनी चाहिए, क्योंकि कांग्रेस का सफाया हो रहा है। प्रभु राम को काल्पनिक ना मानकर रामनवमी मनाएं। भगवान से सद्बुद्धि की मांग करें, ताकि वे मजबूत विपक्ष के रूप में बने रहे। कांग्रेस पंचायत स्तर पर कमेटियों का गठन करेगी। इस मामले में बीजेपी विधायक पुरंदर मिश्रा ने कहा, कांग्रेस बोलती कुछ और करती कुछ है। अब तक प्रदेश, ब्लॉक, मंडल का गठन नहीं कर पाई है। पंचायतों में कमेटी का गठन करना कांग्रेस के लिए असंभव है इसलिए कांग्रेस में आलू से सोना निकलता है। कांग्रेस पार्टी का जनाधार खिसक चुका है। छत्तीसगढ़ के जेलों में 285 कैदियों की मौत मामले में NHRC ने मुख्य सचिव को नोटिस भेजा है। इस मामले में पूर्व सीएम भूपेश बघेल के तंज पर विधायक पुरंदर मिश्रा ने कहा, सरकार की आंखें खुली है, कान से भी जोर से सुन रहे हैं, तभी छत्तीसगढ़ प्रदेश चल रहा है। कई अपराधी जेल में है, जितना उनको जीवन दिया है उतना अपराधी जिएगा। विधायक पुरंदर मिश्रा ने कहा कि यह एक प्रक्रिया है। हमको इसके खिलाफ बोलने का अधिकार नहीं है। जो जेल में है और जेल से बाहर है उन्हें लंबी उम्र भगवान दे। शासन अपने स्तर पर काम कर रही है। जो भी काम में गड़बड़ी करेगा उसे साय सरकार नहीं छोड़ेगी।