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योगी सरकार की नीतियों ने खोली युवा शक्ति के लिए उद्यमिता की राह

नव निर्माण के 9 वर्ष: एमएसएमई क्षेत्र में 3 करोड़ 11 लाख से अधिक को रोजगार योगी सरकार की नीतियों ने खोली युवा शक्ति के लिए उद्यमिता की राह  देश में सबसे ज्यादा 96 लाख से अधिक एमएसएमई इकाइयां उत्तर प्रदेश में 15 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्तावों के धरातल पर आने से सृजित हुए 60 लाख रोजगार के अवसर लखनऊ  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मार्गदर्शन में यूपी सरकार ने गत 9 वर्षों में युवा शक्ति के लिए उद्यमिता की राह प्रशस्त की है। इसके लिए सीएम युवा जैसी योजनाओं को आगे बढ़ाने के साथ-साथ एमएसएमई सेक्टर को मजबूत किया गया, जिसका परिणाम यह है कि आज यह सेक्टर न सिर्फ अधिकाधिक युवाओं को रोजगार दे रहा है, बल्कि क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था की धुरी भी बना है। इसके अतिरिक्त राज्य में निवेश आमंत्रण के लिए योगी सरकार द्वारा उठाए गए ठोस कदमों ने भी युवाओं के लिए रोजगार के लाखों अवसर सुनिश्चित किए हैं। योगी सरकार की उद्योग समर्थित नीतियों का असर है कि पिछले नौ वर्षों में उत्तर प्रदेश में लगभग 50 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव आए हैं, जिनसे 1 करोड़ 10 लाख से अधिक युवाओं के लिए रोजगार और सेवायोजन के अवसर सृजित होने की संभावना बनी है। इनमें से लगभग 15 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव धरातल पर उतर चुके हैं, जिनसे करीब 60 लाख रोजगार के अवसर तैयार हुए हैं। बड़े पैमाने पर निवेश आने से प्रदेश में औद्योगिक गतिविधियां तेज हुई हैं, जिसका सीधा लाभ युवाओं को रोजगार के रूप में मिल रहा है। निवेश के साथ उद्योगों के विस्तार से प्रदेश में स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर भी बढ़े हैं। एमएसएमई बना रोजगार का मजबूत आधार प्रदेश में सूक्ष्म लघु और मध्यम (एमएसएमई) उद्यम क्षेत्र रोजगार सृजन का एक मजबूत आधार बनकर उभरा है। वर्तमान में प्रदेश में 96 लाख से अधिक एमएसएमई इकाइयां हैं जो देश में सर्वाधिक हैं। एमएसएमई क्षेत्र के माध्यम से प्रदेश में 3 करोड़ 11 लाख से अधिक लोगों को रोजगार मिला है। सरकार द्वारा इस क्षेत्र को प्रोत्साहित करने के लिए वित्तीय सहायता, प्रशिक्षण और बाजार उपलब्ध कराने जैसे कई कदम उठाए गए हैं। ओडीओपी (वन डिस्ट्रिक्ट-वन प्रोडक्ट) योजना को एमएसएमई से जोड़ने से छोटे उद्योगों को विस्तार मिला, जिससे न केवल स्थानीय अर्थव्यवस्था मजबूत हुई है बल्कि ग्रामीण और अर्धशहरी क्षेत्रों में भी रोजगार के अवसर बढ़े हैं। स्वरोजगार योजनाओं से युवाओं को नई दिशा युवाओं को रोजगार देने के साथ साथ उन्हें स्वरोजगार की ओर प्रेरित करने के लिए भी कई योजनाएं संचालित की जा रही हैं। मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना के अंतर्गत अब तक 38 हजार से अधिक युवाओं को लाभान्वित किया गया है और 1097.10 करोड़ रुपये से अधिक की मार्जिन मनी वितरित की गई है। इसी तरह प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम के अंतर्गत 32,936 लाभार्थियों को 1105.49 करोड़ रुपये की मार्जिन मनी दी गई, जिससे 2 लाख 63 हजार से अधिक लोगों को रोजगार मिला। विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना के अंतर्गत 4 लाख 20 हजार से अधिक कारीगरों और पारंपरिक श्रमिकों को लाभान्वित किया गया है, जिससे उन्हें अपना हुनर आगे बढ़ाने में मदद मिली है।

योगी कैबिनेट ने सेफ रि-यूज ट्रीटेड वाटर पॉलिसी को दी मंजूरी

यूपी में ‘री-यूज वाटर’ का पीने के अतिरिक्त कामों में होगा इस्तेमाल योगी कैबिनेट ने सेफ रि-यूज ट्रीटेड वाटर पॉलिसी को दी मंजूरी घरों और उद्योगों में उपयोग किए गए पानी का शोधन कर हो सकेगा दोबारा उपयोग निर्माण, बागवानी और सिंचाई में बढ़ेगा उपयोग, ड्यूल पाइप सिस्टम से घरों तक पहुंचेगा नॉन-ड्रिंकिंग वॉटर लखनऊ  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में प्रदेश सरकार ने बड़ा कदम उठाते हुए शोधित जल (ट्रीटेड वॉटर) के सुरक्षित पुनः उपयोग के लिए नई नीति लागू करने की तैयारी कर ली है। इस नीति का उद्देश्य घरों और उद्योगों से निकलने वाले अपशिष्ट जल को शोधित कर दोबारा उपयोग में लाना है, जिससे पेयजल संसाधनों पर दबाव कम हो सके। प्रदेश में सिंचाई,  घरेलू,  औद्योगिक और ऊर्जा क्षेत्रों में पानी की मांग लगातार बढ़ रही है। ऐसे में सरकार ने सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) और फीकल स्लज ट्रीटमेंट प्लांट (एफएसटीपी) के जरिए शोधित जल के सुरक्षित उपयोग को बढ़ावा देने की योजना बनाई है। नीति के तहत शहरों और ग्रामीण क्षेत्रों में निकलने वाले अपशिष्ट जल को ट्रीट कर पहले चरण में नगर निकाय उपयोग, निर्माण कार्य, बागवानी और सिंचाई में इस्तेमाल किया जाएगा। दूसरे चरण में उद्योग, कृषि और रेलवे जैसे क्षेत्रों में इसका विस्तार होगा। वहीं तीसरे चरण में ड्यूल पाइप सिस्टम के जरिए घरों तक गैर-पीने योग्य उपयोग के लिए पानी की आपूर्ति सुनिश्चित की जाएगी। योगी सरकार का लक्ष्य है कि तकनीक और नवाचार के माध्यम से जल प्रबंधन को मजबूत बनाया जाए। इस पहल से जहां एक ओर स्वच्छ पेयजल की बचत होगी, वहीं दूसरी ओर जल निकायों में प्रदूषण भी कम होगा। इससे जल संरक्षण को बढ़ावा मिलेगा और ऊर्जा खपत में भी कमी आएगी।

कठिन राह, अटूट विश्वास: 282 सीढ़ियां चढ़कर होते हैं चिलाय माता के पावन दर्शन

कोटपूतली-बहरोड़ कोटपूतली-बहरोड़ जिले के सरूंड गांव में स्थित चिलाय माता मंदिर स्थानीय श्रद्धा का प्रमुख केंद्र है। यह मंदिर लगभग 650 फीट ऊंची पहाड़ी पर बना हुआ है, जहां तक पहुंचने के लिए श्रद्धालुओं को 282 सीढ़ियां चढ़नी पड़ती हैं। मुख्य प्रवेश के बाद सात द्वारों को पार कर भक्त माता के दर्शन करते हैं।  पांडवों से जुड़ी मान्यता स्थानीय मान्यताओं के अनुसार, इस मंदिर की स्थापना पांडवों ने अपने अज्ञातवास के दौरान की थी। यहां विराजमान चिलाय माता को ग्रामीण क्षेत्रों में रोगों और संकटों से रक्षा करने वाली देवी के रूप में पूजा जाता है।   इतिहास और मान्यताओं का उल्लेख मंदिर के महंत नंदकिशोर शर्मा के अनुसार, मुगल काल में सम्राट अकबर ने इस प्रतिमा की शक्ति की परीक्षा लेने का प्रयास किया, लेकिन सफल नहीं हो सके। बाद में यहां एक गुंबद का निर्माण करवाया गया।   परिसर में अन्य देवस्थल और परंपराएं मंदिर परिसर में एक पीपल का पेड़ स्थित है, जिस पर श्रद्धालु कलावा बांधकर सुख-समृद्धि की कामना करते हैं। इसके अलावा चौंसठ योगिनियां, भैरू बाबा और शनिदेव के मंदिर भी यहां स्थापित हैं, जिन्हें मुख्य मंदिर की रक्षा करने वाला माना जाता है। यहां माता को मदिरा का भोग लगाने की परंपरा भी प्रचलित है। नवरात्र और मेलों का विशेष महत्व नवरात्र के दौरान यहां बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं। अष्टमी और नवमी के दिन विशेष मेला आयोजित होता है, जिसमें दूर-दूर से भक्त दर्शन के लिए आते हैं। स्थानीय लोगों का मानना है कि सरूंड माता करीब 100 गांवों की रक्षा करती हैं। ग्रामीणों के अनुसार, माता की कृपा से गांव में बीमारियों का प्रभाव नहीं पड़ता। कोरोना काल के दौरान जनहानि नहीं होने को भी इसी आस्था से जोड़ा जाता है। दूर-दूर से आते हैं श्रद्धालु मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए सीढ़ियों पर फाइबर शेड और रेलिंग लगाई गई है। पहाड़ी तक सामग्री पहुंचाने के लिए रोप-वे ट्रॉली की व्यवस्था भी की गई है। सरूंड माता को कई समाजों द्वारा कुलदेवी के रूप में पूजा जाता है। जयपुर, दिल्ली, सीकर, अलवर, नारनौल, पाटन और कोलकाता सहित विभिन्न स्थानों से श्रद्धालु यहां पहुंचते हैं। मंदिर में मुंडन, जात, जलवा और भंडारे जैसे धार्मिक आयोजन भी आयोजित किए जाते हैं।

किराना दुकान के बाहर झगड़ा बना गोलीकांड: पामगढ़ में रिटायर्ड फौजी की पिस्टल से युवक जख्मी

जांजगीर-चांपा जांजगीर-चांपा जिले के थाना पामगढ़ क्षेत्र में सोमवार सुबह करीब 10 बजे एक मामूली विवाद ने अचानक हिंसक रूप ले लिया। विकास नगर निवासी शैलेंद्र साहू अपने कुछ साथियों के साथ हिमांशु किराना स्टोर के पास पहुंचे और वहां कथित रूप से गाली-गलौज करने लगे। दुकान संचालक हिमांशु श्रीवास ने इसका विरोध किया तो दोनों पक्षों के बीच तीखी बहस शुरू हो गई। देखते ही देखते विवाद बढ़ गया और इसी दौरान हिमांशु श्रीवास के भाई रिटायर्ड फौजी गुलशन श्रीवास ने अपनी लाइसेंसी पिस्टल से फायरिंग कर दी। गोली पंकज कश्यप के जांघ के पास पैर में लगी, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया। घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। घायल पंकज कश्यप को तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) पामगढ़ ले जाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद उसकी गंभीर स्थिति को देखते हुए बिलासपुर रेफर कर दिया गया। फिलहाल उसकी हालत स्थिर बताई जा रही है। सूचना मिलते ही पामगढ़ पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित किया। पुलिस के अनुसार, मुख्य आरोपी गुलशन श्रीवास, जो रिटायर्ड आर्मी सिग्नल कोर का हवलदार बताया जा रहा है, उसके भाई के साथ हिरासत में ले लिया गया है। पुलिस ने मामले में हत्या के प्रयास का प्रकरण दर्ज कर लिया है और आगे की जांच जारी है।  

2585 रुपये प्रति कुंतल एमएसपी पर होगी गेहूं खरीद, पिछले साल से 160 रुपये प्रति कुंतल की हुई वृद्धि

30 मार्च से प्रारम्भ होगी गेहूं खरीद, सीएम योगी ने तय किया 50 लाख मीट्रिक टन खरीद का लक्ष्य 2585 रुपये प्रति कुंतल एमएसपी पर होगी गेहूं खरीद, पिछले साल से 160 रुपये प्रति कुंतल की हुई वृद्धि रबी विपणन वर्ष 2026-27: 15 जून तक होगी गेहूं खरीद, प्रदेश में 6500 क्रय केंद्र होंगे स्थापित सीएम योगी ने दिया 48 घंटे के भीतर डीबीटी के माध्यम से किसानों को गेहूं का भुगतान करने का निर्देश मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक, 37 में से 35 प्रस्तावों को दी स्वीकृति  कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने कैबिनेट बैठक के बाद गेहूं खरीद के बारे में पत्रकारों को दी जानकारी लखनऊ  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में सोमवार को लोकभवन में कैबिनेट की बैठक हुई। इसमें कुल 37 प्रस्ताव आए, जिसमें से कैबिनेट ने 35 को स्वीकृति प्रदान की। इसमें गेहूं खरीद पर भी निर्णय किया गया। कैबिनेट बैठक के बाद कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने पत्रकारों को इस संदर्भ में विस्तृत जानकारी दी।  कृषि मंत्री ने बताया कि रबी विपणन वर्ष 2026-27 के लिए गेहूं का न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) 2585 रुपये प्रति कुंतल तय किया गया है। केंद्र सरकार ने गत वर्ष की तुलना में 160 रुपये प्रति कुंतल की वृद्धि की है। रामनवमी के उपरांत 30 मार्च से गेहूं खरीद होगी, जो 15 जून तक चलेगी।  कृषि मंत्री ने बताया कि प्रदेश में खाद्य विभाग की विपणन शाखा सहित कुल 8 एजेंसियों द्वारा 6500 क्रय केंद्र स्थापित होंगे। क्रय केंद्र सुबह 9 से शाम 6 बजे तक खुले रहेंगे। क्रय केंद्रों पर किसानों के लिए छाया, पानी व बैठने समेत सभी व्यवस्थाएं पूर्ण कराने के निर्देश दिए गए हैं। उतराई, छनाई व सफाई के लिए किसानों को 20 रुपये प्रति कुंतल अलग से दिया जाएगा कृषि मंत्री ने कहा कि उतराई, छनाई व सफाई के लिए किसानों को 20 रुपये प्रति कुंतल अलग से दिया जाएगा। किसानों ने इस साल प्रदेश के भीतर काफ़ी अच्छी फसल लगाई है। कृषि विभाग ने उन्हें पर्याप्त मात्रा में बीज भी उपलब्ध कराए हैं। पर्याप्त मात्रा में इसकी खरीद की जाए, जिससे किसानों को किसी प्रकार का नुकसान नहीं उठाना पड़े।  50 लाख मीट्रिक टन गेहूं खरीद का लक्ष्य  उन्होंने बताया कि खाद्य व रसद विभाग ने 30 लाख मीट्रिक टन खरीद का लक्ष्य रखा था, लेकिन मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इसे 50 लाख मीट्रिक टन किए जाने का निर्देश दिया है। मुख्यमंत्री ने 48 घंटे के भीतर डीबीटी के माध्यम से किसानों को भुगतान के भी निर्देश दिए हैं। बिचौलियों का हस्तक्षेप न रहे, इसलिए सारा सिस्टम ऑनलाइन कर दिया गया है।  लगभग दो लाख किसानों ने करा लिया पंजीकरण गेहूं की बिक्री के लिए अब तक लगभग दो लाख किसानों ने पंजीकरण करा लिया है। खाद्य व रसद विभाग के मुताबिक 1,95,628 किसानों ने सोमवार दोपहर दो बजे तक पंजीकरण करा लिया है।

कोर्ट का बड़ा आदेश: 2017 में निकाली गई 80 महिला कर्मचारियों को टाटा इंटरनेशनल में फिर से काम पर रखा जाएगा

देवास देवास स्थित टाटा इंटरनेशनल लिमिटेड कंपनी द्वारा वर्ष 2017 में बिना नोटिस और जानकारी के नौकरी से निकाली गई महिला कर्मचारियों के मामले में न्यायालय ने महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है। कोर्ट ने बिना नोटिस फैक्ट्री बंद करने और कर्मचारियों को निकालने को कानून का उल्लंघन मानते हुए कंपनी को निर्देश दिए हैं कि प्रभावित 80 नियमित महिला कर्मचारियों को दोबारा काम पर रखा जाए और उन्हें आधे वेतन के साथ बहाल किया जाए। मामले में इंटेक यूनियन और कंपनी प्रबंधन के बीच बातचीत हुई है, लेकिन बहाली की प्रक्रिया मुंबई हेड ऑफिस से अनुमति मिलने के बाद ही शुरू होगी। 2017 में 700 महिलाओं को अचानक निकाला था जानकारी के अनुसार, वर्ष 2017 में लेडीज फुटवियर निर्माण कार्य में लगी लगभग 700 महिला कर्मचारियों को कंपनी ने अचानक नौकरी से निकाल दिया था। इनमें से लगभग 80 महिलाएं कंपनी की नियमित कर्मचारी थीं, जबकि कुछ ठेका प्रणाली के तहत कार्यरत थीं। अदालत ने बिना नोटिस निकाले जाने और फैक्ट्री बंद करने के इस मामले को कानून का उल्लंघन माना है। वकील बोले- कंपनी द्वारा किया गया बंदीकरण दंडनीय अपराध मामले में वकील बीएल नागर ने जानकारी दी कि, "कंपनी द्वारा किया गया बंदीकरण दंडनीय अपराध है और अदालत ने इस पर संज्ञान लेते हुए कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। फिलहाल 80 कर्मचारियों को बहाल करने का आदेश हुआ है और अन्य मामलों में भी कानूनी प्रक्रिया जारी है।" इस फैसले का स्वागत करते हुए कांग्रेस नेत्री रेखा वर्मा ने इसे महिलाओं के संघर्ष की जीत बताया। उन्होंने कहा कि, "बिना नोटिस कर्मचारियों को निकालना पूरी तरह गैरकानूनी था और कंपनी को जल्द से जल्द न्यायालय के आदेश का पालन करना चाहिए।" मुंबई हेड ऑफिस की अनुमति का इंतजार इंटेक के जिलाध्यक्ष महेश राजपूत ने बताया कि कंपनी प्रबंधन से इस संबंध में बातचीत की गई है। उन्होंने बताया कि आदेश को अभी तक आधिकारिक रूप से लागू नहीं किया गया है। उनका कहना है कि कंपनी हेड ऑफिस मुंबई से अनुमति मिलने के बाद ही कर्मचारियों की बहाली की प्रक्रिया शुरू करेगी। महिला कर्मचारियों ने न्याय मिलने पर जताई खुशी न्यायालय का फैसला आने के बाद प्रभावित महिला कर्मचारी माया ने खुशी जाहिर करते हुए कहा कि लंबे समय से वे परेशान थीं और अब उन्हें राहत मिली है। वहीं, एक अन्य कर्मचारी बीना वैष्णव ने बताया कि पिछले 7-8 वर्षों से उनका संघर्ष जारी था और कर्मचारी संघ के सहयोग से यह जीत संभव हो पाई है।

Economic Survey में खुलासा: दिल्ली में प्रति व्यक्ति आय 5.31 लाख से ज्यादा रहने का अनुमान

नई दिल्ली दिल्ली सरकार ने सोमवार को आर्थिक सर्वेक्षण 2025-26 जारी किया है, जो इस शृंखला का 17वां संस्करण है। यह सर्वेक्षण दिल्ली को विश्व स्तरीय, समावेशी, न्यायपूर्ण और रहने योग्य शहर बनाने की दिशा में सरकार के प्रयासों को रेखांकित करता है, जहां नागरिकों की आकांक्षाओं को पूरा करने पर जोर दिया गया है। अग्रिम अनुमानों के मुताबिक, वित्त वर्ष 2025-26 में दिल्ली का सकल राज्य घरेलू उत्पाद (जीएसडीपी) मौजूदा कीमतों पर करीब 13 लाख 27 हजार करोड़ रुपए पहुंचने की उम्मीद है। यह 2024-25 की तुलना में 9.42 प्रतिशत की मजबूत वृद्धि दर्शाता है।  इसी तरह प्रति व्यक्ति आय मौजूदा कीमतों पर लगभग 5 लाख 31 हजार 610 रुपए अनुमानित है, जो पिछले साल से 7.92 प्रतिशत अधिक है। दिल्ली की प्रति व्यक्ति आय राष्ट्रीय औसत से करीब 2.5 गुना ज्यादा रहने का अनुमान है, जो शहर की मजबूत आर्थिक स्थिति को दिखाता है। दिल्ली की अर्थव्यवस्था में सेवा क्षेत्र का दबदबा बना हुआ है। सकल राज्य मूल्य वर्धन (जीएसवीए) में इसका योगदान 86.32 प्रतिशत है। इसके बाद द्वितीयक क्षेत्र (उद्योग आदि) का 12.88 प्रतिशत और प्राथमिक क्षेत्र (कृषि आदि) का महज 0.80 प्रतिशत योगदान है। सेवा क्षेत्र की वजह से दिल्ली की अर्थव्यवस्था तेजी से बढ़ रही है। सरकार ने राजस्व अधिशेष की परंपरा बरकरार रखी है। 2025-26 के बजट अनुमान (बीई) में राजस्व अधिशेष 9,661.31 करोड़ रुपये रहने का अनुमान है, जो जीएसडीपी का 0.73 प्रतिशत है। कर संग्रह में पिछले साल की तुलना में 15.54 प्रतिशत की बढ़ोतरी का लक्ष्य रखा गया है। 2025-26 का कुल बजट 1 लाख करोड़ रुपए का था, जिसमें से 59,300 करोड़ रुपए सरकार की विभिन्न योजनाओं, कार्यक्रमों और परियोजनाओं के लिए आवंटित किए गए। यह 2024-25 के बजट अनुमान (39,000 करोड़) से 20,300 करोड़ रुपए अधिक है। बजट आवंटन में परिवहन क्षेत्र को सबसे ज्यादा महत्व दिया गया है, जिसे कुल आवंटन का लगभग 20 प्रतिशत हिस्सा मिला। इसके बाद सामाजिक सुरक्षा और कल्याण (17 प्रतिशत), जल आपूर्ति एवं स्वच्छता (15 प्रतिशत), शिक्षा (13 प्रतिशत) और स्वास्थ्य (12 प्रतिशत) क्षेत्रों को प्राथमिकता दी गई है। महंगाई के मोर्चे पर भी दिल्ली में दबाव दिखा है। औद्योगिक श्रमिकों के लिए वार्षिक औसत उपभोक्ता मूल्य सूचकांक 2024 में 132.5 से बढ़कर 2025 में 139.4 हो गया, जो 4.9 प्रतिशत की वृद्धि है। कुल मिलाकर दिल्ली की अर्थव्यवस्था मजबूत गति से आगे बढ़ रही है। सेवा क्षेत्र की अगुवाई, राजस्व अधिशेष और विकास परियोजनाओं पर फोकस से शहर की आर्थिक स्थिति मजबूत बनी हुई है। सरकार का लक्ष्य दिल्ली को और अधिक समृद्ध, समावेशी और वैश्विक स्तर का शहर बनाना है।

अमृतसर में 5 किलो हेरोइन बरामद, 2 तस्कर गिरफ्तार, सीमा पार तस्करी का कनेक्शन

अमृतसर   पंजाब पुलिस की काउंटर इंटेलिजेंस को अमृतसर में नशे के खिलाफ बड़ी सफलता हासिल मिली है। काउंटर इंटेलिजेंस ने नशीले पदार्थों की तस्करी के एक गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इनके कब्जे से 5 किलोग्राम हेरोइन बरामद हुई है। यह जानकारी पंजाब पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) गौरव यादव की ओर से सोशल मीडिया एक्स पर दी गई है। पंजाब डीजीपी के अनुसार, प्रारंभिक जांच में पता चला है कि सीमा पार खेप की तस्करी में पाकिस्तान स्थित एक तस्कर और विदेश में स्थित एक हैंडलर का हाथ था। अमृतसर स्थित पुलिस स्टेशन स्टेट स्पेशल ऑपरेशन सेल (एसएसओसी) में एफआईआर दर्ज कर ली गई है और पूरे नेटवर्क का पर्दाफाश करने के लिए आगे की जांच जारी है।  इस मामले में और भी गिरफ्तारियां होने की संभावना है। डीजीपी ने कहा कि पंजाब पुलिस नशीले पदार्थों के नेटवर्क को नष्ट करने और नशीले पदार्थों से मुक्त, सुरक्षित पंजाब सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है। इसके पहले 22 मार्च को पंजाब पुलिस की एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (एएनटीएफ) ने सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) के साथ मिलकर एक बड़े संयुक्त ऑपरेशन में पाकिस्तान से जुड़े सीमा पार ड्रग तस्करी नेटवर्क का पर्दाफाश किया था। तीन आरोपियों को 24.5 किलोग्राम हेरोइन, 21 लाख रुपए की ड्रग मनी, एक मल्टी-कॉप्टर ड्रोन और दो कारों के साथ गिरफ्तार किया था। पंजाब पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) गौरव यादव ने बताया था कि गहन तकनीकी जांच और खुफिया जानकारी के आधार पर यह ऑपरेशन अंजाम दिया गया। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान अमृतसर जिले के नूरवाल गांव निवासी जगजीत सिंह उर्फ राणा, औलख खुर्द गांव के मनप्रीत सिंह उर्फ प्रीत और धूपसरी गांव के रोशन सिंह के रूप में हुई थी। एंटी-नारकोटिक्स टास्क फोर्स के पुलिस अधीक्षक (एसपी) गुरप्रीत सिंह ने बताया था कि ऑपरेशन दो चरणों में पूरा हुआ। पहले चरण में 12.1 किलोग्राम हेरोइन के साथ एक मल्टी-कॉप्टर ड्रोन बरामद किया गया, जिसका इस्तेमाल पाकिस्तान से खेप भेजने के लिए किया जाता था। इसके बाद मनप्रीत सिंह के घर से 12.4 किलोग्राम हेरोइन जब्त की गई।

जल जीवन मिशन के तहत मोहनटोला में जल उत्सव, एमसीबी ने जल संरक्षण का संकल्प लिया

एमसीबी : जल संरक्षण का संकल्प: जल जीवन मिशन के तहत मोहनटोला में भव्य जल उत्सव, लोगों ने लिया जिम्मेदारी निभाने का संकल्प एमसीबी जिले के विकासखंड भरतपुर अंतर्गत ग्राम पंचायत मोहनटोला में 22 मार्च 2026 को विश्व जल दिवस, जल अर्पण दिवस एवं जल उत्सव पखवाड़ा का आयोजन अत्यंत गरिमामय एवं जनजागरूकता से परिपूर्ण वातावरण में संपन्न हुआ। लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग द्वारा जल जीवन मिशन के तहत आयोजित इस कार्यक्रम ने ग्रामीणों को जल संरक्षण और स्वच्छ पेयजल के महत्व के प्रति जागरूक करने की दिशा में एक सशक्त पहल प्रस्तुत की। पंचायत भवन के समीप आयोजित इस कार्यक्रम का संचालन कार्यपालन अभियंता  आकाश पोद्दार के निर्देशन में तथा सहायक अभियंता जयंत कुमार चंदेल एवं उप अभियंता मनमोहन सिंह के मार्गदर्शन में सफलतापूर्वक किया गया। कार्यक्रम में क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों की सक्रिय भागीदारी ने आयोजन को और अधिक प्रभावशाली बना दिया। जनपद अध्यक्ष  माया प्रताप सिंह, जनपद उपाध्यक्ष हीरा लाल मौर्य, जिला महामंत्री हिरा लाल यादव, जनपद सदस्य  रविन्द्र कुमार बैगा एवं देवेन्द्र कुमार सिंह सहित ग्राम पंचायत मोहनटोला के सरपंच  अमरबहादुर सिंह, ग्राम जल एवं स्वच्छता समिति के सदस्य, जल बहिनियां, पंप ऑपरेटर एवं बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित रहे। कार्यक्रम के दौरान विभिन्न रचनात्मक एवं जागरूकता गतिविधियों का आयोजन किया गया, जिसमें बच्चों द्वारा जल जीवन मिशन विषय पर रंगोली बनाकर जल संरक्षण का संदेश दिया गया। पूरे गांव में जागरूकता रैली निकालकर लोगों को पानी के महत्व के प्रति सचेत किया गया। सोलर सिस्टम एवं नल कनेक्शन पर मौली धागा बांधकर उनके संरक्षण एवं जिम्मेदारी का प्रतीकात्मक संदेश दिया गया। इस अवसर पर ग्राम पंचायत, जल एवं स्वच्छता समिति, जल बहिनियों तथा पंप ऑपरेटरों को प्रशस्ति-पत्र देकर सम्मानित किया गया, जिससे उनके कार्यों के प्रति सम्मान और प्रेरणा दोनों का संचार हुआ। कार्यक्रम में विभागीय अधिकारियों ने ग्रामीणों को जल जीवन मिशन से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां प्रदान करते हुए स्वच्छ पेयजल के महत्व, जल स्रोतों के संरक्षण, स्वच्छता बनाए रखने की आवश्यकता एवं नल-जल योजना के सफल संचालन में जनसहभागिता की भूमिका पर विस्तार से प्रकाश डाला। साथ ही पंचायती राज अधिनियम की अधिसूचना 6 दिसंबर 2024 के अनुसार न्यूनतम 60 रुपये जल शुल्क के नियमित भुगतान की अनिवार्यता को भी समझाया गया। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि यदि ग्रामवासी सामूहिक जिम्मेदारी निभाते हुए जल स्रोतों का संरक्षण एवं रखरखाव सुनिश्चित करें, तो हर घर तक शुद्ध और सुरक्षित पेयजल की निरंतर आपूर्ति संभव है। कार्यक्रम के समापन पर सभी उपस्थित जनों ने जल संरक्षण की शपथ ली और यह संकल्प लिया कि वे पानी की प्रत्येक बूंद का महत्व समझेंगे, उसका संरक्षण करेंगे तथा समाज में भी इसके प्रति जागरूकता फैलाएंगे। ग्रामवासियों, जनप्रतिनिधियों एवं विभागीय टीम के समन्वित प्रयासों से यह आयोजन उत्साह, सहभागिता और सामाजिक जिम्मेदारी की भावना के साथ सफलतापूर्वक संपन्न हुआ ।

फिर चमकी बेटियों की प्रतिभा! इंटर परीक्षा में छाईं, देखें साइंस-आर्ट्स-कॉमर्स के जिला टॉपर्स

पटना बिहार विद्यालय परीक्षा समिति द्वारा घोषित इंटरमीडिएट वार्षिक परीक्षा 2026 के परिणाम में इस बार भी लड़कियों ने बाजी मारी। बिहार बोर्ड के अध्यक्ष आनंद किशोर के अनुसार साइंस, आर्ट्स और कॉमर्स तीनों संकायों में कुल 26 टॉपर्स शामिल हैं, जिनमें 19 लड़कियां हैं। इससे यह साफ है कि इस वर्ष भी छात्राओं का दबदबा कायम रहा। वहीं शिक्षा मंत्री ने कहा कि 86.23 छात्राओं ने परीक्षा पास की है। छात्रों का प्रतिशत 84.19 है। वहीं आर्ट्स और कॉमर्स में छात्रा ने और साइंस में छात्र ने टॉप किया है।  जानिए विज्ञान में कितने टॉपर्स? साइंस संकाय में समस्तीपुर के आदित्य प्रकाश अमन ने 481 अंकों के साथ पहला स्थान हासिल किया, जबकि सीतामढ़ी से साक्षी कुमारी और नवादा से सपना कुमारी (479) संयुक्त रूप से दूसरे स्थान पर रहीं। तीसरे नंबर बेगूसराय की अनामिका कुमारी हैं। इन्होंने 478 अंक अर्जित किया है। दरभंगा से सत्यम कुमार चौथे स्थान पर हैं। इन्होंने 476 अंक अर्जित किया है। मुजफ्फरपुर की पलक कुमारी पांचवें नंबर हैं। पलक ने 475 अंक प्राप्त किया है। आर्ट्स में दरभंगा के छात्रों की संख्या अधिक वहीं आर्ट्स संकाय में गया की निशु कुमारी ने टॉप किया और कुल 13 टॉपर्स के साथ यह संकाय सबसे आगे रहीं। निशु ने 479 अंक अर्जित किया। दूसरे नंबर पर तीन छात्र हैं। इनमें सीतामढ़ी की सिद्धि शिक्षा, लखीसराय के चंद्रदीप कुमार और पूर्णिया के लकी अंसारी ने 478 अंक प्राप्त किए। तीसरे स्थान पर चार छात्र शामिल हैं। इनमें पश्चिम चंपारण से नसरीन परवीन, नालंदा से साजिया अंसारी, दरभंगा से निशु कुमारी, सहरसा से आदर्श ने 477 अंक प्राप्त किए। वहीं चौथे नंबर पर दो छात्र शामिल हैं। इनमें सीवान की अमृता कुमारी और दरभंगा की स्वीटी कुमार शामिल हैं। इन दोनों को कुल 476 अंक मिले। पांचवे नंबर पर तीन छात्र शामिल हैं। इनमें अररिया की बीबी असराना, सारण की रौशन कुमारी और दरभंगा के मनीष कुमार शामिल हैं। इन तीनों को 475 अंक आए। कॉमर्स में पटना की बेटियों का दबदबा वहीं कॉमर्स संकाय पटना की अदिति कुमारी ने टॉप किया। इन्हें पटना 480 अंक आए। इनके बाद पटना की माही कुमार दूसरे नंबर पर रहीं। इन्हें 476 अंक आए। तीसरे स्थान पर भी पटना की बेटी ने बाजी मार ली। 475 अंकों के साथ निशिका श्री तीसरे नंबर पर रहीं। वहीं चाैथे नंबर पर दो छात्रा शामिल हैं। वैशाली की मानवी कुमारी और नवादा की श्रेया कुमारी को 474 अंक प्राप्त हुए। पांचवें नंबर पर फिर से पटना की ही बेटियों का दबदबा रहा। इनमें वारिशा नौशाद और हर्षिका शामिल हैं। दोनों 472 अंक मिले हैं।