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खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स की शुरुआत, खिलाड़ी छत्तीसगढ़ पहुंचने लगे

खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स के लिए खिलाड़ियों का छत्तीसगढ़ पहुंचना शुरू  अरुणाचल के वेटलिफ्टरों का विमानतल पर रंगारंग स्वागत  रायपुर  खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स में भागीदारी के लिए खिलाड़ियों का छत्तीसगढ़ पहुंचना शुरू हो गया है। आज सवेरे अरुणाचल प्रदेश के वेटलिफ्टरों का 14 सदस्यीय दल रायपुर पहुंचा। इनमें 13 खिलाड़ी और एक सपोर्टिंग स्टॉफ शामिल है। खिलाड़ियों के छत्तीसगढ़ आगमन पर रायपुर के स्वामी विवेकानंद विमानतल पर राऊत नाचा दल की रंगारंग प्रस्तुतियों के बीच खेल एवं युवा कल्याण विभाग तथा साई (SAI) के अधिकारियों ने गुलाब भेंटकर सभी खिलाड़ियों का हार्दिक स्वागत किया। 23 मार्च को कई राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों के खिलाड़ी बड़ी संख्या में रायपुर पहुंचेंगे। देश में पहली बार खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स का आयोजन छत्तीसगढ़ के तीन शहरों – रायपुर, अंबिकापुर और जगदलपुर में किया गया है। इसमें देशभर के करीब तीन हजार जनजातीय खिलाड़ी अपनी प्रतिभा दिखाएंगे। 25 मार्च से 3 अप्रैल तक छत्तीसगढ़वासियों को सात खेलों में रोमांचक मुकाबले देखने को मिलेंगे। इस दौरान पुरूष और महिला वर्गों में हॉकी, फुटबॉल, कुश्ती, एथलेटिक्स, तैराकी, तीरंदाजी और वेटलिफ्टिंग की प्रतियोगिताएं होंगी।

अमोनिया टैंक ब्लास्ट से दहला प्रयागराज: कोल्ड स्टोरेज गिरा, मजदूरों के फंसे होने की आशंका

 प्रयागराज गंगापार इलाके के फाफामऊ के पास चंदापुर गांव में स्थित कोल्ड स्टोरेज धराशायी हो गया। तेज आवाज के साथ अमोनिया गैस टैंक फटने के चलते हादसा हुआ है। शीतगृह जिस समय गिरा उस समय वहां पर दो दर्जन से अधिक मजदूर मौजूद थे, जो मलबे में दब गए। दमकलकर्मियों और पुलिसकर्मियों ने काफी मशक्कत के बाद मजदूरों को बाहर निकालकर अस्पताल भेजा। चार मजदूरों की हालत नाजुक बताई जा रही है। यह शीतालय पूर्व मंत्री अहमद का  बताया जा रहा है।   फाफामऊ क्षेत्र के चंदापुर में प्रयागराज-लखनऊ हाईवे पर स्थित सपा  नेता  और पूर्व  मंत्री  अंसार  अहमद का कोल्ड स्टोरेज तेज धमाके के साथ धराशायी हो गया। अमोनिया गैस टैंक फटने के  चलते यह हादसा हुआ है। मलबे में डेढ़ दर्जन से अधिक मजदूर दब गए। आनन फानन में सभी को बाहर निकाला गया। इसमें चार की हालत नाजुक बताई जा रही है। मौके पर  दमकल की कई गाड़ियों के साथ कई एंबुलेंस और  आसपास के थानों की पुलिस फोर्स रेस्क्यू  आपरेशन में जुट गई है। हादसे के चलते मलाक हरहर में लखनऊ हाईवे पर वाहनों का आवागमन रोक दिया गया है। मौके पर जिलाधिकारी मनीष कुमा वर्मा, पुलिस कमिश्नर जोगेंद्र कुमार समेत तमाम अधिकारी मौके पर पहुंच गए हैं। मलबे में डेढ़ दर्जन से आशंका जताई जा रहा है। कई लोगों को बाहर निकालकर एंबुलेंस के माध्यम से अस्पताल पहुंचाया गया है। फाफामऊ समेत आसपास के कई थानों की फोर्स मौके पर पहुंच गई है। बताया जा रहा है कि मौके से निकाले गए चार मजदूरों की हालत नाजुक बनी हुई है। मौके पर एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीम भी बचाव कार्य में जुट गई है। दर्जन भर से अधिक जेसीबी मलबो को हटाकर दबे हुए लोगों को खोज रही है। अमोनिया गैस रिसाव के बाद मौके पर अफरातफरी का माहौल है। टैंकर फटने की आवाज सुनकर लोग थर्रा गए। गैस के चलते बचाव कार्य में भी बाधा आ रही है। पूर्व मंत्री अंसार अहमद का है कोल्ड स्टोरेज सपा के नेता और पूर्व मंत्री अंसार अहमद का कोल्ड स्टोरेज बताया जा रहा है। घटना को लेकर लोगों में काफी आक्रोश देखा जा रहा है।  मलबे में दबे घायलों को निकालकर एसडीआरएफ और एनडीआरएफ की टीम  ने भी संभाला मोर्चा। मलबे में दबे घायलों को निकालकर पहुंचाया अस्पताल। 

चंडीगढ़ प्रशासन ने जारी की बड़ी चेतावनी, 28 मार्च तक लागू रहेगी सख्त पाबंदी

चंडीगढ़  आगामी वी.वी.आई.पी दौरे और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए चंडीगढ़ प्रशासन ने पूरे केंद्र शासित प्रदेश को ‘नो फ्लाइंग जोन’ घोषित कर दिया है। जिला मजिस्ट्रेट निशांत कुमार यादव द्वारा जारी आदेशों के अनुसार 23 मार्च से 28 मार्च तक शहर में ड्रोन और मानव रहित हवाई वाहन (UAV) उड़ाने पर पूरी तरह प्रतिबंध रहेगा। यह फैसला 27 और 28 मार्च को प्रस्तावित वीवीआईपी दौरे को ध्यान में रखते हुए लिया गया है। जिला प्रशासन ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 की धारा 163 के तहत यह आदेश जारी किया है। अधिकारियों का कहना है कि देश विरोधी तत्वों द्वारा ड्रोन के जरिए IED (इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस) जैसे हमलों की आशंका को देखते हुए यह कदम उठाया गया है। यह पाबंदी 23 मार्च की आधी रात से लागू होकर 28 मार्च तक प्रभावी रहेगी। हालांकि, यह आदेश पुलिस, पैरामिलिट्री फोर्स, एयर फोर्स, एसपीजी और अधिकृत सरकारी एजेंसियों पर लागू नहीं होगा। प्रशासन ने साफ चेतावनी दी है कि आदेशों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। साथ ही, आम जनता को जानकारी देने के लिए इन आदेशों को डीसी ऑफिस और जिला अदालतों के नोटिस बोर्ड पर भी चस्पा करने के निर्देश दिए गए हैं। 

यूपी में ईज ऑफ डूइंग बिजनेस का नया युग, सीएम योगी करेंगे AI-आधारित ‘निवेश मित्र 3.0’ का शुभारंभ

यूपी में ईज ऑफ डूइंग बिजनेस का नया युग, सीएम योगी करेंगे एआई-आधारित ‘निवेश मित्र 3.0’ का शुभारंभ कार्यक्रम में 85 कंपनियों को प्रदान किया जाएगा लेटर ऑफ कंफर्ट और एलिजिबिलिटी सर्टिफिकेट सब्सिडी के रूप में सीएम योगी वितरित करेंगे ₹2,781 करोड़ से अधिक की धनराशि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ‘बिजनेस पार्क स्कीम-2025’ का भी करेंगे शुभारंभ डिजिटल, पारदर्शी और निवेशक-अनुकूल सिस्टम से $1 ट्रिलियन अर्थव्यवस्था के लक्ष्य को मिलेगी नई गति लखनऊ  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश ‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस’ के क्षेत्र में एक नए युग की ओर बढ़ रहा है। इसी क्रम में मुख्यमंत्री 24 मार्च को लोक भवन, लखनऊ में उन्नत सिंगल विंडो पोर्टल ‘निवेश मित्र 3.0’ का भव्य शुभारंभ करेंगे। यह पहल प्रदेश में निवेश को प्रोत्साहित करने, उद्योगों की स्थापना को सरल बनाने और उत्तर प्रदेश को $1 ट्रिलियन अर्थव्यवस्था बनाने के लक्ष्य को गति देने की दिशा में एक बड़ा कदम होगी। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ‘यूपी प्राइवेट बिजनेस पार्क डेवलपमेंट स्कीम-2025’ का भी शुभारंभ करेंगे।  कार्यक्रम के दौरान विभिन्न क्षेत्रों (मैन्युफैक्चरिंग, इलेक्ट्रॉनिक्स, सीमेंट, फूड प्रोसेसिंग, आयरन एंड स्टील, ऑटोमोबाइल और सेवाओं) से जुड़ी 85 कंपनियों को लेटर्स ऑफ कम्फर्ट (LoCs), एलिजिबिलिटी सर्टिफिकेट (ECs), भूमि आवंटन पत्र और कुल ₹2,781.12 करोड़ की सब्सिडी प्रदान की जाएगी। साथ ही, औद्योगिक विकास को नई गति देते हुए डिजाइन, बिल्ड, फाइनेंस, ऑपरेट, ट्रांसफर यानी डीबीएफओटी (पीपीपी) फ्रेमवर्क पर आधारित अभिनव 'प्लग-एंड-प्ले इंडस्ट्रियल शेड्स योजना' का भी अनावरण किया जाएगा, जो निवेशकों को तत्काल उत्पादन शुरू करने में मदद करेगा। नेक्स्ट-जनरेशन ‘निवेश मित्र 3.0’: तेज, पारदर्शी और स्मार्ट सिस्टम निवेश मित्र 3.0 को एक नेक्स्ट-जनरेशन डिजिटल प्लेटफॉर्म के रूप में तैयार किया गया है, जो उद्योगों को स्वीकृतियों और क्लीयरेंस की प्रक्रिया को पहले से अधिक तेज़, पारदर्शी और सहज बनाएगा। यह प्लेटफॉर्म निवेश मित्र 2.0 की मजबूत नींव पर आधारित है, जिसमें 43 विभागों की 530 से अधिक सेवाएं एकीकृत थीं। नए संस्करण में सेवाओं को तर्कसंगत बनाते हुए 40 से अधिक विभागों की 200 से कम सेवाओं तक सीमित किया गया है, जिससे अनावश्यक प्रक्रियाओं को समाप्त कर कार्यकुशलता बढ़ाई गई है। एआई और डिजिटल सुविधाओं से लैस होगा प्लेटफॉर्म निवेशकों को बेहतर अनुभव देने के लिए इस पोर्टल में कई उन्नत तकनीकी सुविधाएं जोड़ी गईं हैं, जिनमें एआई-आधारित चैटबॉट द्वारा त्वरित सहायता, आवेदन की स्थिति पर रियल-टाइम एसएमएस अलर्ट, एकीकृत कम्बाइंड एप्लिकेशन फॉर्म (CAF), जीआईएस-आधारित लैंड बैंक से उपयुक्त भूमि की पहचान और ग्राउंड-ब्रेकिंग से लेकर उत्पादन तक ऑनलाइन ट्रैकिंग शामिल है। इसके साथ ही नेशनल सिंगल विंडो सिस्टम (NSWS) के साथ एकीकरण से केंद्र और राज्य स्तर की स्वीकृतियों में बेहतर समन्वय सुनिश्चित होगा। प्रक्रियाओं में बड़ा सरलीकरण प्रक्रियाओं को आसान बनाने के लिए आवेदन प्रणाली में महत्वपूर्ण सुधार किए गए हैं। इसके तहत, लगभग 25% कम फील्ड, 15% कम दस्तावेज, करीब 20% कम प्रक्रियात्मक चरण को शामिल किया गया है। इन सुधारों से अनुमोदन प्रक्रिया अधिक तेज और निवेशक अनुकूल बनेगी। निवेश मित्र: सफलता की मजबूत नींव वर्ष 2018 में शुरू होने के बाद से निवेश मित्र पोर्टल ने 21 लाख से अधिक आवेदनों का निस्तारण किया है और 97% की प्रभावशाली सफलता दर हासिल की है। नया संस्करण इस सफलता को और आगे बढ़ाते हुए डिजिटल गवर्नेंस और डेटा-ड्रिवन सिस्टम को मजबूत करेगा। ‘निवेश मित्र 3.0’ और नई नीतियों के माध्यम से प्रदेश में निवेश का माहौल और मजबूत होगा, जिससे बड़े पैमाने पर रोजगार सृजन, औद्योगिक विकास और निर्यात को बढ़ावा मिलेगा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में यह पहल उत्तर प्रदेश को देश के सबसे आकर्षक निवेश गंतव्यों में स्थापित करने के साथ-साथ ‘आत्मनिर्भर भारत’ और $1 ट्रिलियन अर्थव्यवस्था के लक्ष्य को साकार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। एमओयू से बढ़ेगा कौशल और उद्यमिता का दायरा कार्यक्रम के दौरान इन्वेस्ट यूपी और Xylemx LLP एवं Maker Ghat के बीच एंटरप्रेन्योरशिप डेवलपमेंट सेल की स्थापना के लिए समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए जाएंगे। इसके अलावा, द कन्वर्जेंस फाउंडेशन के साथ स्किल कनेक्ट सेल के लिए भी एमओयू किया जाएगा, जिससे उद्योग और कौशल विकास के बीच बेहतर तालमेल स्थापित होगा। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के साथ वित्त मंत्री सुरेश खन्ना, औद्योगिक विकास मंत्री नंद गोपाल गुप्ता ‘नंदी’ समेत प्रदेश सरकार और इन्वेस्ट यूपी के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहेंगे। साथ ही देश भर के निवेशक भी कार्यक्रम के दौरान उपस्थित रहेंगे।

एमपी में 26 मार्च से बारिश और आंधी, 20 जिलों में पड़ेगा असर, 3 दिन तक गर्मी जारी

भोपाल  मध्यप्रदेश में मार्च के आखिरी सप्ताह में मौसम एक बार फिर करवट लेने वाला है। 26 मार्च से प्रदेश में बारिश का दौर शुरू हो सकता है। इस नए सिस्टम का प्रभाव खासतौर पर पूर्वी क्षेत्रों—जबलपुर, रीवा, शहडोल और सागर संभाग के 20 से अधिक जिलों में देखने को मिलेगा। इससे पहले अगले तीन दिनों तक प्रदेश में गर्मी का असर तेज रहेगा। दिन के तापमान में 3 से 5 डिग्री सेल्सियस तक बढ़ोतरी हो सकती है। मौसम विभाग के मुताबिक, 26 मार्च से उत्तर-पश्चिम भारत में एक नया वेस्टर्न डिस्टरबेंस सक्रिय होगा, जिसका असर मध्य प्रदेश में भी पड़ेगा।फिलहाल दक्षिण-पश्चिम राजस्थान और उससे सटे पाकिस्तान के ऊपर एक चक्रवाती परिसंचरण बना हुआ है, लेकिन इसका प्रभाव मध्य प्रदेश में नहीं दिखेगा। अगले तीन दिनों तक चढ़ेगा अधिकतम तापमान वहीं बारिश से पहले लोगों को भीषण गर्मी का सामना करना पड़ेगा. मौसम वैज्ञानिकों का अनुमान है कि अगले 3 दिनों में दिन के तापमान में 3 से 5 डिग्री सेल्सियस तक की बढ़ोतरी हो सकती है. रविवार को भी प्रदेश के अधिकांश शहरों में पारा 32 डिग्री के पार रहा. जबकि 18 से 21 मार्च के बीच प्रदेश में बारिश का दौर चला था, जिसके थमते ही गर्मी का असर बढ़ गया है. अब 26 मार्च से शुरू होने वाले नए सिस्टम से एक बार फिर तापमान में गिरावट आने की उम्मीद है. प्रदेश में रायसेन जिले में सबसे ज्यादा अधिकतम तापमान 37.0 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया. जबकि सबसे कम न्यूनतम तापमान कटनी के करौंदी में 9.4°C दर्ज किया गया. इस तरह रहा बड़े शहरों अधिकतम तापमान  भोपाल में 33.0°C इंदौर में 33.4°C जबलपुर में 31.3°C ग्वालियर में 31.8°C उज्जैन में 34.0°C बड़े शहरों का न्यूनतम तापमान भोपाल में  14.9°C इंदौर में 17.3°C जबलपुर में 14.5°C ग्वालियर में 16.5°C उज्जैन में 15.2°C बारिश थमते ही बढ़ी गर्मी 18 से 21 मार्च के बीच प्रदेश में बारिश और ओलों का दौर रहा। शनिवार और रविवार को मौसम साफ होते ही तापमान में तेजी से वृद्धि दर्ज की गई। रविवार को अधिकांश शहरों में तापमान 32 डिग्री सेल्सियस से ऊपर पहुंच गया। अगर प्रमुख शहरों की बात करें, तो उज्जैन में 34°C, इंदौर में 33.3°C, भोपाल में 33°C, ग्वालियर में 31.8°C और जबलपुर में 31.3°C तापमान दर्ज किया गया। वहीं, नर्मदापुरम प्रदेश का सबसे गर्म शहर रहा, जहां अधिकतम तापमान 37.7°C रिकॉर्ड किया गया। इसके अलावा रायसेन में 37.6°C, रतलाम में 37.2°C, खरगोन और नरसिंहपुर में 36°C तथा गुना में 33°C तापमान दर्ज हुआ। रविवार को प्रदेश के लगभग सभी शहरों में तापमान में बढ़ोतरी देखी गई। बारिश-ओलों से बदला था मौसमह ल ही में 18 से 21 मार्च के बीच प्रदेश में कई जगहों पर बारिश और ओलावृष्टि हुई थी, जिससे मौसम ठंडा रहा। हालांकि, शनिवार और रविवार को यह सिलसिला थम गया, जिसके बाद गर्मी ने फिर जोर पकड़ लिया। इंदौर-भोपाल समेत इन शहरों में बढ़ा तापमान रविवार को प्रदेश के ज्यादातर शहरों में तापमान 32 डिग्री सेल्सियस से ऊपर दर्ज किया गया। उज्जैन में 34 डिग्री, इंदौर में 33.3 डिग्री, भोपाल में 33 डिग्री, ग्वालियर में 31.8 डिग्री और जबलपुर में 31.3 डिग्री तापमान रिकॉर्ड किया गया। वहीं, नर्मदापुरम सबसे गर्म रहा, जहां अधिकतम तापमान 37.7 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। इसके अलावा रायसेन में 37.6 डिग्री, रतलाम में 37.2 डिग्री, खरगोन और नरसिंहपुर में 36 डिग्री तथा गुना में 33 डिग्री तापमान दर्ज किया गया। कुल मिलाकर, रविवार को लगभग हर शहर में दिन के तापमान में बढ़ोतरी देखी गई। चार दिन से 45 जिलों में गिरा पानी, ओलावृष्टि भी हुई बता दें कि पिछले 4 दिन से एक्टिव स्ट्रॉन्ग सिस्टम से कुल 45 जिलों में आंधी-बारिश का दौर रहा। इनमें से 17 जिलों में ओले भी गिरे। तेज आंधी की वजह से केला, पपीता और गेहूं की फसलों पर असर पड़ा। ऐसे में अब किसान मुआवजे की मांग उठा रहे हैं। धार, खरगोन समेत कई जिलों में ज्यादा असर रहा। फरवरी में 4 बार ओले गिरे, मार्च में तीन बार इस बार फरवरी में मौसम का मिजाज चार बार बदला। शुरुआत में ही प्रदेश में दो बार ओले, बारिश और आंधी का दौर रह चुका है। इससे फसलों को खासा नुकसान हुआ था। इसके बाद सरकार ने प्रभावित फसलों का सर्वे भी कराया था। 18 फरवरी से तीसरी बार प्रदेश भीगा। 19, 20 और 21 फरवरी को भी असर रहा। फिर चौथी बार 23-24 फरवरी को भी ओले-बारिश का दौर रहा। मार्च में गर्मी के सीजन की शुरुआत हो गई। पहले पखवाड़े में तेज गर्मी वाला मौसम रहा। इसी बीच अब मौसम का मिजाज बदल रहा है। मौसम विभाग की माने तो इस सीजन मार्च में पहली बार स्ट्रॉन्ग सिस्टम एक्टिव हो गया। जिसका असर चार दिन तक बना रहा। इसकी वजह से लगातार तीन दिन तक ओले गिर चुके हैं। अब 26 मार्च से नया सिस्टम एक्टिव होगा। अप्रैल-मई में सबसे ज्यादा गर्मी पड़ेगी मौसम विभाग ने इस साल अप्रैल और मई में सबसे ज्यादा गर्मी पड़ने का अनुमान जताया है। इन दो महीने के अंदर ग्वालियर, चंबल, जबलपुर, रीवा, शहडोल और सागर संभाग के जिलों में पारा 45 डिग्री के पार पहुंच सकता है। भोपाल, इंदौर, उज्जैन और नर्मदापुरम संभाग भी गर्म रहेंगे। भोपाल में दिन में तेज गर्मी के साथ बारिश भोपाल में मार्च महीने में दिन में तेज गर्मी पड़ने के साथ बारिश का ट्रेंड भी है। मौसम विभाग के अनुसार, मार्च महीने में गर्मी के सीजन की शुरुआत हो जाती है। इसके चलते दिन-रात के तापमान में बढ़ोतरी होने लगती है। आंकड़ों पर नजर डालें तो 30 मार्च 2021 को अधिकतम तापमान रिकॉर्ड 41 डिग्री पहुंच चुका है। वहीं, 45 साल पहले 9 मार्च 1979 की रात में पारा 6.1 डिग्री दर्ज किया गया था। वर्ष 2014 से 2023 के बीच दो बार ही अधिकतम तापमान 36 डिग्री के आसपास रहा। बाकी सालों में पारा 38 से 41 डिग्री सेल्सियस के बीच रहा है।  

रायपुर-कोरबा सहित कई मेमू ट्रेनें 30 मार्च से 11 अप्रैल तक कैंसिल, जानें पूरी लिस्ट

 रायपुर  रेल मंडल रायपुर से बिलासपुर, कोरबा और रायगढ़ की ओर रोजाना सफर करने वाले हजारों यात्रियों के लिए आने वाले दिन कष्टकारी हो सकते हैं। हावड़ा-मुंबई मुख्य रेल मार्ग पर स्थित अकलतरा स्टेशन में चौथी लाइन कनेक्टिविटी और यार्ड रिमाडलिंग का काम शुरू होने जा रहा है। दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे द्वारा लिए गए इस ट्रैफिक ब्लॉक के कारण 30 मार्च से 11 अप्रैल तक रायपुर से छूटने वाली और रायपुर आने वाली कई महत्वपूर्ण मेमू व पैसेंजर ट्रेनें रद्द रहेंगी। रेलवे प्रशासन के इस निर्णय का सबसे बड़ा असर उन नौकरीपेशा और व्यापारियों पर पड़ेगा जो रायपुर से कोरबा और गेवरा रोड के बीच प्रतिदिन सफर करते हैं। मेमू ट्रेनों के पहिये भी 11 दिनों तक थमे रहेंगे रायपुर-कोरबा और रायपुर-गेवरा रोड मेमू पैसेंजर 30 मार्च से 11 अप्रैल तक पूरी तरह रद्द कर दी गई हैं। इसके अलावा बिलासपुर-रायगढ़ और बिलासपुर-कोरबा के बीच चलने वाली मेमू ट्रेनों के पहिये भी 11 दिनों तक थमे रहेंगे। पैसेंजर ट्रेन की तरह चलेगी हसदेव एक्सप्रेस बड़ी संख्या में रद हो रही ट्रेनों को देखते हुए रेलवे ने रायपुर और कोरबा के बीच चलने वाली हसदेव एक्सप्रेस को लेकर विशेष व्यवस्था की है। गाड़ी संख्या 18250/18249 और 18252/18251 कोरबा-रायपुर-कोरबा हसदेव एक्सप्रेस को 31 मार्च से 11 अप्रैल तक कोरबा और बिलासपुर के बीच पैसेंजर ट्रेन की तरह चलाया जाएगा। इससे रास्ते के छोटे स्टेशनों के यात्रियों को आवागमन में कुछ सहूलियत मिल सकेगी। रायपुर मंडल से जुड़ी प्रमुख रद गाड़ियां     रायपुर-कोरबा पैसेंजर (58204): 30 मार्च से 10 अप्रैल तक रद्द।     कोरबा-रायपुर पैसेंजर (58203): 31 मार्च से 11 अप्रैल तक रद्द।     रायपुर-गेवरा रोड मेमू (68746): 30 मार्च से 10 अप्रैल तक रद्द।     गेवरा रोड-रायपुर मेमू (68745): 31 मार्च से 11 अप्रैल तक रद्द।     गोंदिया-झारसुगुड़ा पैसेंजर (68861): 31 मार्च से 11 अप्रैल तक बिलासपुर में समाप्त होगी (बिलासपुर-झारसुगुड़ा के बीच रद्द)।  

बिलासपुर एयरपोर्ट: 28 मार्च से उड़ानें बंद हो सकती हैं, विंटर शेड्यूल खत्म होने के बाद समर शेड्यूल का इंतजार

बिलासपुर   छत्तीसगढ़ के बिलासपुर स्थित बिलासा देवी केंवट एयरपोर्ट से हवाई सेवाओं को लेकर इन दिनों असमंजस की स्थिति बनी हुई है। एलायंस एयर की उड़ानों के भविष्य पर सवाल खड़े हो गए हैं, क्योंकि मौजूदा विंटर शेड्यूल 28 मार्च को समाप्त हो रहा है और इसके बाद के लिए अब तक कोई समर शेड्यूल जारी नहीं किया गया है। ऐसे में यह आशंका जताई जा रही है कि 28 मार्च के बाद यहां से उड़ानों का संचालन प्रभावित हो सकता है या अस्थायी रूप से बंद भी हो सकता है। 28 मार्च के बाद क्या होगा विंटर शेड्यूल खत्म होने में अब महज कुछ दिन ही बचे हैं, लेकिन इसके बावजूद समर शेड्यूल जारी नहीं किया गया है। एयरलाइंस के स्थानीय प्रबंधन का कहना है कि नया शेड्यूल हेड ऑफिस से जारी किया जाएगा और फिलहाल उन्हें इसकी कोई जानकारी नहीं है। ऐसे में यात्रियों के साथ-साथ एयरपोर्ट प्रशासन भी असमंजस में है। हर 6 महीने में जारी होता है शेड्यूल आमतौर पर एयरलाइंस कंपनियां हर छह महीने में विंटर और समर शेड्यूल जारी करती हैं। वर्तमान में लागू विंटर शेड्यूल 28 मार्च को समाप्त हो रहा है, लेकिन इस बार तय समय के करीब आने के बावजूद नया शेड्यूल जारी नहीं किया गया, जो असामान्य स्थिति मानी जा रही है। MP की ओर बढ़ा झुकाव जानकारों के अनुसार एलायंस एयर का झुकाव अब मध्यप्रदेश की ओर बढ़ रहा है। रीवा रूट पर अधिक वायबिलिटी गैप फंडिंग मिलने के कारण वहां उड़ानों को प्राथमिकता दी जा रही है। इसके अलावा बिलासपुर-कोलकाता उड़ान को जबलपुर-कोलकाता रूट से संचालित करने की चर्चा भी सामने आ रही है। पहले ही घट चुकी हैं उड़ानें पहले सप्ताह में छह दिन संचालित होने वाली उड़ानों को घटाकर अब चार दिन कर दिया गया है। इससे यात्रियों को पहले से ही असुविधा का सामना करना पड़ रहा है और वैकल्पिक साधनों पर निर्भरता बढ़ गई है। 6 महीने में शेड्यूल जारी करती है एयरलाइंस दरअसल एयरलाइंस कंपनियां आमतौर पर हर 6 महीने में विंटर और समर शेड्यूल जारी करती है। वर्तमान में विंटर शेड्यूल 28 मार्च को समाप्त हो रहा है। इसके बाद भी अब तक समर शेड्यूल जारी नहीं किया गया है। ऐसे में 28 मार्च के बाद उड़ानों के संचालन को लेकर एयरपोर्ट प्रबंधन भी स्पष्ट जानकारी नहीं दे रहा है। लिहाजा उड़ानों को लेकर संशय की स्थिति है। जानकारों का कहना है कि हर बार तय समय पर नया शेड्यूल जारी हो जाता था। लेकिन इस बार 5 दिन बचे रहने के बावजूद स्थिति स्पष्ट नहीं है। एलायंस एयर के मैनेजर प्रसन्न सोनी का कहना है कि समर शेड्यूल हेड ऑफिस से जारी होगा। शेड्यूल कब जारी होगा और कौन सी उड़ानें संचालित होंगी, यह जानकारी हमें नहीं है। एलायंस कंपनी का MP की तरफ बढ़ा झुकाव बताया जा रहा है कि रीवा (मध्यप्रदेश) रूट पर वायबिलिटी गैप फंडिंग (वीजीएफ) अधिक मिलने से एलायंस एयर का झुकाव वहां बढ़ा है। वहीं बिलासपुर-कोलकाता उड़ान को जबलपुर-कोलकाता रूट से संचालित करने की चर्चा है। इससे बिलासपुर की उड़ानों में कटौती और रूट परिवर्तन होने आशंका है। बता दें कि पहले सप्ताह में 6 दिन चलने वाली उड़ानों को घटाकर 4 दिन कर दिया गया है। संघर्ष समिति हुई सक्रिय हवाई सुविधा जन संघर्ष समिति इस मुद्दे को लेकर सक्रिय हो गई है और लगातार जनप्रतिनिधियों से संपर्क कर रही है। उपमुख्यमंत्री अरुण साव और विधायक अमर अग्रवाल से इस विषय पर चर्चा की जा चुकी है, वहीं केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू को भी पूरी जानकारी भेजी गई है। समिति का महाधरना भी जारी है। 4 साल में 1.5 लाख यात्री समिति के अनुसार पिछले चार वर्षों में करीब 1.50 लाख यात्री बिलासपुर एयरपोर्ट से यात्रा कर चुके हैं। शहर में हाईकोर्ट, दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे और SECL मुख्यालय जैसे बड़े संस्थान होने के कारण यहां यात्रियों की संख्या लगातार बनी रहती है। नई उड़ानों की मांग समिति ने मांग की है कि बिलासपुर से दिल्ली और प्रयागराज के लिए नियमित उड़ानें चलाई जाएं और हैदराबाद के लिए नई फ्लाइट शुरू की जाए। इससे यात्रियों को बेहतर कनेक्टिविटी मिल सकेगी। समय बदलने का सुझाव विशेषज्ञों का मानना है कि उड़ानों का समय सुबह और शाम के बीच रखा जाना चाहिए। इससे गर्मी के मौसम में यात्रियों की संख्या घटाने की जरूरत नहीं पड़ेगी और लोड पेनल्टी से भी बचा जा सकेगा। संघर्ष समिति ने जनप्रतिनिधियों को दी जानकारी फ्लाइट सुविधा बेहतर तरीके से चले इसके लिए हवाई सुविधा जन संघर्ष समिति ने अपने प्रयास शुरू कर दिए हैं। इसके तहत बिलासपुर के जनप्रतिनिधियों से संपर्क साधा जा रहा है। अभी तक समिति ने उपमुख्यमंत्री अरुण साव और विधायक अमर अग्रवाल से चर्चा की है। साथ ही केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू के पास पूरी परिस्थितियों की जानकारी भेजी है। हवाई सुविधा जन संघर्ष समिति का महा धरना रविवार को भी जारी रहा। धरने में बद्री यादव, रामशरण यादव, परसराम कैवर्त, ऋषि राज गौत, शिरीष कश्यप, संतोष पीपलवा, देवेंद्र सिंह ठाकुर, संदीप बाजपेई, महेश दुबे टाटा, अनिल गुलहरे, प्रतीक तिवारी, मनोज तिवारी, प्रकाश बहरानी, रमाशंकर बघेल, विजय वर्मा और सुदीप श्रीवास्तव मौजूद रहे। समिति का दावा- 4 साल में मिले 1.50 लाख यात्री हवाई सुविधा जल संघर्ष समिति ने कहा कि पिछले 4 साल से लगातार एलाइंस एयर की सीमित हवाई सुविधा होने के बावजूद बिलासपुर से करीब 150000 यात्री यात्रा कर चुके हैं। यहां हाईकोर्ट के साथ ही दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे और SECL मुख्यालय है। इतने महत्वपूर्ण जगह जहां पर्याप्त संख्या में यात्री मिल रहे हैं। उस जगह के उड़ानों के बारे में ऐसी अनिश्चित स्थिति लाना एलाइंस एयर के लिए सही नहीं है। दिल्ली, प्रयागराज के साथ ही हैदराबाद के लिए मिले फ्लाईट हवाई सुविधा जन संघर्ष समिति ने कहा कि न केवल दिल्ली और प्रयागराज के लिए बिलासपुर से रेगुलर उड़ान दी जाए, बल्कि हैदराबाद के लिए नई उड़ान शुरू करना जरूरी है। समिति ने एलाइंस एयर को यह भी सुझाव दिया है कि वह अपनी उड़ानों को सुबह और देर शाम शेड्यूल करें, जिससे कि गर्मी के समय में तापमान बढ़ने के बावजूद 72 सीटर विमान में काम सवारी ले जाने की मजबूरी ना आए। अन्यथा 40 डिग्री टेंपरेचर … Read more

रंधावा परिवार का दबाव: मंत्री भुल्लर की गिरफ्तारी पर फुटेज जारी कर दिया अल्टीमेटम

अमृतसर  मंत्री लालजी सिंह भुल्लर और उसके साथियों की अभी तक गिरफ्तारी नहीं होने पर गगनदीप रंधावा के परिवार ने विरोध जताया है। उन्होंने सरकार और पुलिस को 24 घंटे का अल्टीमेटम दिया हैl गगनदीप की पत्नी उपेंद्र कौर ने कहा कि अगर सरकार ने 24 घंटे के भीतर आरोपी को गिरफ्तार नहीं किया तो वह सड़कों पर उतरेंगे। परिवार ने गगनदीप द्वारा जहरीला पदार्थ निकलने की सीसीटीवी फुटेज भी जरी की है। सड़के जाम करके और प्रदर्शन करके उनका मकसद लोगों को परेशान करना नहीं है। लेकिन सरकार की इस कार्रवाई के खिलाफ उन्हें ऐसा करना पड़ रहा है। अपने परिवार और करीबियों के साथ सोमवार की सुबह प्रेस कॉन्फ्रेंस में पति की मौत पर इंसाफ के लिए पनसप, वेयरहाउस, फन ग्रीन आदि एजेंसियों को अपील की है कि इंसाफ में उनका सहयोग दें। इस मामले में पुलिस ने पूर्व मंत्री लालजीत सिंह भुल्लर, उनके पिता सुखदेव सिंह और पीए दिलबाग सिंह के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने, धमकी और साजिश की धाराओं में मामला दर्ज किया है। मृतक की पत्नी उपिंदर कौर आरोपियों की गिरफ्तारी तक पोस्टमार्टम और अंतिम संस्कार नहीं करने पर अड़ी हैं। परिवार ने 24 घंटे का अल्टीमेटम दिया है।  वहीं भाजपा और कांग्रेस ने मामले में आज रोष मार्च निकालने का एलान किया हुआ है।  पत्नी ने मांगी सुरक्षा रंधावा की पत्नी उपिंदर कौर ने अपने और तीन बच्चों की सुरक्षा की भी मांग की है। परिवार ने आरोप लगाया कि पूर्व मंत्री भुल्लर लगातार रंधावा पर टेंडर पास करने को लेकर दबाव बना रहे थे। 13 मार्च को उन्हें बुलाकर पीटा गया, धमकियां दी गईं और जबरन वीडियो बनवाया गया। इसी मानसिक प्रताड़ना से तंग आकर रंधावा ने जहर निगलकर जान दे दी। परिवार ने यह भी आरोप लगाया कि उन्हें खत्म करने और गैंगस्टरों से हमला कराने की धमकियां दी गई थीं। परिचितों को भेजा था वीडियो घटना से पहले रंधावा ने अपने कुछ परिचितों को एक वीडियो भेजा था, जिसमें उन्होंने दबाव और उत्पीड़न का जिक्र किया था। पुलिस ने इस वीडियो को अहम साक्ष्य मानते हुए जांच में शामिल कर लिया है। पुलिस कमिश्नर गुरप्रीत सिंह भुल्लर ने बताया कि इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों और टेंडर प्रक्रिया से जुड़े दस्तावेजों की गहन जांच की जा रही है।  रंधावा अमृतसर और तरनतारन जिलों से जुड़े वेयरहाउस कार्यों की जिम्मेदारी संभाल रहे थे। उनकी पत्नी सरकारी स्कूल में विज्ञान अध्यापिका हैं और परिवार में तीन छोटे बच्चे हैं। मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा कि यदि किसी ने गलत किया है या किसी को आत्महत्या के लिए मजबूर किया गया है तो उसकी निष्पक्ष जांच होगी। मंत्री हो या आम व्यक्ति, कानून सबके लिए समान है। मुख्य सचिव को जांच के निर्देश दिए गए हैं।    

योगी सरकार ने गेहूं की MSP बढ़ाई, 6500 खरीद केंद्रों पर कब से होगी शुरुआत?

लखनऊ  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में सोमवार की सुबह 11 बजे लोकभवन में कैबिनेट बैठक हुई. इस बैठक में कुल 35 प्रस्तावों को मंजूरी दी गई. इसमें सबसे अहम किसानों के लिए है. योगी सरकार ने गेहूं की फसल 160 रुपये प्रति क्विंटल एमएसपी बढ़ा दी है. गत वर्ष की तुलना में ₹160 प्रति क्विंटल की वृद्धि की गई है. 30 मार्च 2026 से 15 जून 2026 तक खरीद की जाएगी. राज्य के अंदर 8 क्रय एजेंसियों द्वारा खरीद की जाएगी. कुल 6500 क्रय केंद्र सभी 75 जनपदों में चलेंगे. बताया जा रहा है कि एफसीआई, यूपी मंडी परिषद, पीसीएफ, पीसीयू, यूपीएसएस, नैफेड, एनसीसीएफ के माध्यम से खरीद की जाएगी. लखनऊ में इंटरनेशनल एक्जीविशन सेंटर 1435 करोड़ रुपए का कन्वेंशन हाल बनेगा. इसमें दस हजार लोगों की क्षमता होगी।  संभल को मिला योगी सरकार का तोहफा इसके अलावा संभल जिले में इंटीग्रेटेड मैन्युफैक्चरिंग एंड लॉजिस्टिक सेंटर स्थापित किये जाने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी गई है. उत्तर प्रदेश मल्टी मॉडल लॉजिस्टिक पार्क 2024 नीति के तहत ग्रेटर नोएडा में लॉजिस्टिक वेयर हाउस बनाये जाने के लिए टेंडर प्रक्रिया के प्रस्ताव को मंजूरी मिली है. साथ ही कैबिनेट मीटिंग में जिला मुख्यालय के नगर पालिकाओं को स्मार्ट बनाने हेतु बजट में उल्लेखित “नवयुग पालिका योजना” के प्रस्ताव को मंत्रिपरिषद की मंजूरी दी गई है. प्रदेश के 75 जनपदों में 17 नगर निगम हैं, उनको छोड़कर, समस्त 58 जिला मुख्यालय में यह योजना लागू होगी।  सपा पर दोनों डिप्टी सीएम का हमला वहीं कैबिनेट बैठक में जाने से पहले डिप्टी सीएम बृजेश पाठक ने सपा पर हमला बोलते हुए कहा कि सपा का हाल वही है कि सौ सौ चूहे खाकर बिल्ली हज को चली. जो सैफई में मॉडल को नचवाते थे वह महिला सुरक्षा की बात कर रहे हैं. इसके अलावा डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि अखिलेश यादव 2047 तक सत्ता में नहीं आने वाले नहीं हैं. कोई महिला अपने सुहाग को खतरे में डाल के सपा को वोट नहीं देगी।   

सीएम मोहन का बड़ा कदम: सवा दो साल में 18 आईएएस-आईपीएस पर क्विक एक्शन, प्रशासनिक लापरवाही पर सख्त निर्णय

भोपाल  मुख्यमंत्री मोहन यादव ने एक बार फिर सख्त प्रशासनिक संदेश देते हुए गुना के एसपी अंकित सोनी और सीधी के कलेक्टर स्वरोचिष सोमवंशी को लापरवाही के मामले में हटाया है। यह कार्रवाई साफ संकेत है कि गंभीर चूक पर सरकार किसी भी स्तर पर ढील देने के मूड में नहीं है। दरअसल, 13 दिसंबर 2023 को मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने के बाद से ही डॉ. यादव ने अपनी कार्यशैली में सख्ती का रुख अपनाया है। करीब सवा दो साल के कार्यकाल में उन्होंने अब तक 10 आईएएस व 8 आईपीएस अफसरों को कार्रवाई का सामना करना पड़ा है। अब तक कम से कम 9 ऐसे बड़े मामले सामने आए हैं, जिनमें सीधे तौर पर कलेक्टर और एसपी स्तर के अधिकारियों पर कार्रवाई की गई है। इसके अलावा वरिष्ठ आईपीएस और राज्य प्रशासनिक सेवा के अधिकारियों पर भी सख्त कदम उठाए गए हैं। रिश्वत कांड में गुना एसपी, दफ्तर में नहीं बैठने पर सीधी कलेक्टर पर कार्रवाई मुख्यमंंत्री ने गुना एसपी अंकित सोनी को 22 मार्च को उनके जिले में गुजरात के व्यापारी से एक करोड़ रुपए जब्त करने के बाद पुलिस द्वारा बीस लाख रुपए लेकर छोड़ देने और कोई कार्यवाही नहीं करने पर हटा दिया है। यहां थाना प्रभारी समेत चार पुलिसकर्मी सस्पेंड भी हुए हैं। इसी तरह सीधी जिले के कलेक्टर स्वरोचिष सोमवंशी को भी शिकायतों पर हटाया गया है। दावा किया जा रहा है कि सोमवंशी कलेक्टर दफ्तर में नाम मात्र बैठते थे। वे अकसर शाम को कुछ देर के लिए ही दफ्तर आते थे। इससे लोगों और जनप्रतिनिधियों में नाराजगी थी। यह भी सूचना है कि सीधी सांसद के एक प्रोजेक्ट पर फायर एनओसी रोक रखी थी। आनंदपुर साहिब ट्रस्ट रिश्वतकांड : अशोकनगर कलेक्टर को हटाया अशोकनगर में आनंदपुर साहिब ट्रस्ट के खिलाफ कार्यवाही में रिश्वत के आरोप के चलते 24 जनवरी को अशोकनगर कलेक्टर रहे आदित्य सिंह को हटा दिया था। हालांकि बाद में ट्रस्ट की ओर से कलेक्टर के खिलाफ किसी तरह की शिकायत नहीं किए जाने की बात मीडिया से कही गई थी। सिंह की जगह कर्मचारी चयन मंडल में पदस्थ साकेत मालवीय को अशोकनगर कलेक्टर की कमान सौंपी गई है। आदित्य सिंह ने चुनाव आयोग की एसआईआर की कार्यवाही में प्रदेश में सबसे अच्छा काम किया था। दूषित पानी से मौतें : इंदौर निगमायुक्त, अपर आयुक्त पर कार्रवाई इंदौर के भागीरथपुरा में सीवर युक्त पानी की सप्लाई के बाद हुई 23 मौतों के बाद 2 जनवरी को नगर निगम आयुक्त दिलीप यादव को हटा दिया गया। उन्हें पहले ग्रामीण विकास विभाग में उप सचिव फिर पर्यटन निगम में नियुक्ति दी गई। इसी दिन नगर निगम के अपर आयुक्त रोहित सिसोनिया को हटाकर मंत्रालय में उपसचिव पदस्थ किया गया। अगले दिन 3 जनवरी को मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कम्पनी के एमडी क्षितिज सिंघल को निगमायुक्त और आकाश सिंह, प्रखर सिंह और आशीष पाठक को अपर आयुक्त बनाकर भेजा। मऊगंज गड़रा हत्याकांड : कलेक्टर-एसपी को हटाया 15 मार्च 2025 को मऊगंज के गड़रा गांव में विवाद में पुलिसकर्मी की हत्या और तनाव के बाद 18 मार्च को कलेक्टर और एसपी को बदला। कलेक्टर अजय श्रीवास्तव को हटाकर उप सचिव लोक परिसंपत्ति प्रबंधन और खेल एवं युवा कल्याण विभाग में पदस्थ किया गया और उनकी जगह 2015 बैच के आईएएस संजय कुमार जैन को कलेक्टर बनाया गया।एसपी रसना ठाकुर को हटाकर एआईजी पीएचक्यू भोपाल भेजा गया था। रसना की जगह दिलीप कुमार सोनी को एसपी बनाया। गड़रा गांव में आदिवासी परिवार द्वारा बंधक बनाए गए युवक सनी द्विवेदी की पीट-पीटकर हत्या कर दी गई थी जिसे बचाने गई पुलिस टीम पर हुए हमले में एएसआई रामगोविंद गौतम की मौत हुई थी तथा तहसीलदार सहित कई पुलिसकर्मी घायल हो गए थे। सागर में दीवार गिरी : कलेक्टर-एसपी, एसडीएम पर कार्रवाई सागर जिले के शाहपुर में मकान की दीवार गिरने से 9 बच्चों की मौत हो गई। सरकार ने 4 अगस्त 2024 को कलेक्टर दीपक आर्य, एसपी अभिषेक तिवारी और एसडीएम संदीप सिंह को हटा दिया। आर्य को पहले मंत्रालय पदस्थ किया, सात दिन बाद एमपी ग्रामीण सड़क विकास प्राधिकरण का सीईओ बना दिया था। दूसरी ओर एसपी अभिषेक तिवारी को हटाने के बाद यह बात सामने आई थी कि वे घटना से 15 दिन पहले से विदेश में थे। वे 5 महीने पहले से तबादला चाह रहे थे। केंद्र में प्रतिनियुक्ति का आदेश जारी होने के बावजूद सरकार उन्हें रिलीव नहीं कर रही थी। हालांकि छुट्‌टी से लौटने के बाद रिलीव कर दिया गया। ड्राइवर की औकात पर हटाया था शाजापुर कलेक्टर किशोर कान्याल को देश भर में ट्रक ड्राइवर्स की हड़ताल के बीच 2 जनवरी 2024 को शाजापुर कलेक्टर और ड्राइवर्स की बैठक का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ। इसमें कलेक्टर मीटिंग के दौरान एक ड्राइवर से 'औकात' पूछते नजर आ रहे थे। वीडियो वायरल होने के बाद में कलेक्टर ने अफसोस प्रकट किया। हालांकि सरकार ने 3 जनवरी को उन्हें हटाकर मंत्रालय में उप सचिव पदस्थ किया कर दिया। 25 दिन बाद 28 जनवरी को उन्हें वन विभाग में उप सचिव बनाकर भेजा। हरदा में पटाखा फैक्ट्री में ब्लास्ट के बाद पहले एसपी फिर कलेक्टर को हटाया हरदा में 7 फरवरी 2024 को पटाखा फैक्ट्री ब्लास्ट में 13 लोगों की मौत और 75 से अधिक घायल होने पर पहले एसपी संजीव कुमार कंचन और फिर कलेक्टर ऋषि गर्ग को हटा दिया था। कारखाना निरीक्षक एवं सहायक संचालक, औद्योगिक स्वास्थ्य एवं सुरक्षा नवीन कुमार बरवा को निलंबित किया गया था। कलेक्टर ऋषि गर्ग को उपसचिव मध्यप्रदेश शासन बनाया गया, जबकि एसपी संजीव कुमार को पुलिस मुख्यालय में सहायक पुलिस महानिरीक्षक बनाकर भेजा गया। सिवनी में गोवंश की हत्या के बाद हटाए गए थे कलेक्टर सिंघल, एसपी राकेश सिवनी जिले के धूमा थाना व धनौरा क्षेत्र में 50 से ज्यादा गोवंश की हत्या कर शव फेंक दिए गए थे। जून 2024 के इस घटनाक्रम से सिवनी बंद के हालात बने थे और इसका असर पड़ोसी जिले मंडला पर भी पड़ा था। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सिवनी कलेक्टर क्षितिज सिंघल और एसपी राकेश कुमार सिंह को 23 जून को हटा दिया था। सिंघल को मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी का प्रबंध संचालक बनाया गया था। वहीं रीवा नगर निगम आयुक्त संस्कृति … Read more