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यूपी सरकार ने जारी किया आदेश, IPS एलवी एंटनी देव कुमार बने एडीजी से डीजी

लखनऊ  उत्तर प्रदेश  की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने साल 1994 बैच के भारतीय पुलिस सेवा के अधिकारी एलवी एंटनी देव कुमार को पुलिस महानिदेशक (डीजी) रैंक में पदोन्नत करने की अनुमति दे दी है. इस संबंध में गृह विभाग ने शुक्रवार, 20 मार्च को आदेश जारी किया. आदेश अपर मुख्य सचिव (गृह) संजय प्रसाद की ओर से जारी किया गया है।  एलवी एंटनी देव कुमार फिलहाल एडीजी (रूल्स एंड मैन्युअल) के पद पर तैनात थे. राज्यपाल की स्वीकृति मिलने के बाद उन्हें डीजी रैंक में प्रमोशन प्रदान किया गया है।  गृह विभाग की ओर से जारी आदेश के अनुसार, भारतीय पुलिस सेवा के अधिकारी एलवीए देवकुमार, आईपीएस-आरआर-1994 (उत्तराखंड कैडर) को 1 मार्च 2026 से पुलिस महानिदेशक के पद पर पदोन्नति प्रदान किए जाने की सहर्ष स्वीकृति दी गई है.यह पद वेतनमान पे-मैट्रिक्स लेवल-16 (₹2,05,400–₹2,24,400) के अंतर्गत होगा।  आदेश में यह भी स्पष्ट किया गया है कि एलवीए देवकुमार की नई तैनाती से संबंधित आदेश अलग से जारी किया जाएगा। 

IMD की चेतावनी: यूपी-बिहार समेत 13 राज्यों में आंधी-बारिश, जानें 22 मार्च का पूरा मौसम अपडेट

नई दिल्ली देश के पूर्वी भाग से लेकर उत्तरी भाग तक बारिश- आंधी का प्रचंड प्रहार जारी है। इस बीच मौसम विभाग ने 22 मार्च के लिए एक बार फिर से यूपी, बिहार और दिल्ली समेत 13 राज्यों में बारिश और तूफानी हवा की चेतावनी जारी कर दी है। लोगों को इस दौरान बेहद सतर्क रहने की जरूरत है। पूर्वी भारत में आकाशीय बिजली और वज्रपात कहर बरपा सकता है। वहीं, इस दौरान 70 से 85 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से आंधी चल सकती है। तेज बारिश के चलते तापमान में 3 से 4 डिग्री सेल्सियस तक की कमी देखी जा सकती है। किसानों को खुले में जाने से बचने की सलाह दी गई है। तो चलिए आपलोगों को बताते हैं कल देश के अन्य राज्यों के जिलों में मौसम का हाल कैसा रहेगा… देश के 13 राज्यों में बारिश-तूफान का अलर्ट उत्तर-पश्चिम भारत (दिल्ली, यूपी, राजस्थान, हिमाचल, उत्तराखंड)     कल यानी 22 मार्च को दिल्ली में भी हल्की से मध्यम बारिश की चेतावनी है। वहीं, इस दौरान 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवा चल सकती है।     मौसम विभाग के मुताबिक 23 मार्च को हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में कुछ जगहों पर मध्यम से भारी बारिश की चेतावनी है और साथ में 30 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की स्पीड से आंधी चलेगी।     आईएमडी के मुताबिक 22 मार्च को पूर्वी उत्तर प्रदेश और राजस्थान में बारिश और तूफान कहर बरपा सकती है। इस दौरान 50 किलोमीटर प्रति घंटे की स्पीड से हवा चल सकती है। पूर्वी भारत में मौसम का हाल (बिहार, झारखंड, ओडिशा, पश्चिम बंगाल और सिक्किम)     मौसम विभाग के अनुमान के मुताबिक 22 मार्च को भी बिहार में कुछ जगहों पर भारी बारिश की प्रबल संभावना है     आईएमडी के मुताबिक 22 मार्च से 25 मा पश्चिम बंगाल,सिक्किम और ओडिशा में कुछ जगहों पर बहुत भारी बारिश होने की संभावना है। इस दौरान 85 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवा चलेगी।     22 मार्च को गंगा के मैदानी पश्चिम बंगाल क्षेत्र में कुछ जगहों पर ओलावृष्टि होने की संभावना है। दिल्ली में कल मौसम कैसा रहेगा मौसम विभाग के मुताबिक दिल्ली में कल यानी 22 मार्च को भी हल्की से मध्यम बारिश की संभावना है। इस दौरान तेज हवा मुश्किलें बढ़ा सकती हैं। लक्ष्मी नगर, आनंद विहार, आईटीओ, राजघाट, इंडिया गेट, लाजपत नगर, कालकाजी, मयूर विहार में बारिश का अधिक प्रभाव दिख सकता है। वहीं, कल दिल्ली में अधिकतम तापमान 28 डिग्री सेल्सियस तो न्यूनतम तापमान 17 डिग्री सेल्सियस रहेगा। यूपी में कल मौसम कैसा रहेगा आईएमडी के मुताबिक पूवी उत्तर प्रदेश में कल यानी 22 मार्च को बारिश की प्रबल संभावना बनी हुई है। यूपी के जिन जिलों में बारिश की संभावना है उनमें बहराइच, श्रावस्ती, गोंडा, अंबेडकर नगर, अयोध्या, आजमगढ़, मऊ, गाजीपुर, जौनपुर, चंदौली, सोनभद्र शामिल हैं। वहीं, कल लखनऊ का अधिकतम तापमान 28 डिग्री सेल्सियस तो न्यूनतम तापमान 17 डिग्री सेल्सियस रहेगा। बिहार में कल मौसम कैसा रहेगा मौसम विभाग के अनुमान के मुताबिक बिहार में 22 मार्च को भी बारिश-तूफान मुश्किलें बढ़ाने वाली हैं। बिहार के जिन जिलों में बारिश की पूरी संभावना है उनमें पटना, गोपालगंज, पश्चिमी चंपारण, पूर्वी चंपारण, सारण, वैशाली, मुजफ्फरपुर, समस्तीपुर, दरभंगा, मधुबनी, सहरसा, पूर्णिया, अररिया, कटिहार, खगड़िया, बांका, जमुई और भागलपुर शामिल हैं। वहीं, पटना में कल अधिकतम तापमान 26 डिग्री सेल्सियस तो न्यूनतम तापमान 18 डिग्री सेल्सियस रहेगा। उत्तराखंड में कल मौसम कैसा रहेगा आईएमडी के मुताबिक उत्तराखंड में 23 मार्च को बारिश और आंधी की प्रबल संभावना है। उत्तराखंड के जिन जिलों में बारिश की चेतावनी है उनमें चमोली, पिथौरागढ़, बागेश्वर और रुद्र प्रयाग शामिल हैं। 30 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवा भी चलेगी। वहीं, कल देहरादून में अधिकतम तापमान 22 डिग्री सेल्सियस तो न्यूनतम तापमान 12 डिग्री सेल्सियस रहेगा। हिमाचल में कल मौसम कैसा रहेगा मौसम विभाग के अनुमान के मुताबिक हिमाचल प्रदेश में भी 23 मार्च को तूफानी बारिश और आंधी का अलर्ट जारी किया गया है। हिमाचल के जिन जिलों में बारिश की प्रबल संभावना है उनमें चंबा, लाहौल और स्पीति, कांगड़ा, कुल्लू, मंडी शामिल हैं। वहीं, कल मनाली में अधिकतम तापमान 2 डिग्री सेल्सियस तो न्यूनतम तापमान माइनस 8 डिग्री सेल्सियस रहेगा। राजस्थान में कल मौसम कैसा रहेगा आईएमडी के मुताबिक राजस्थान 22 मार्च को राजस्थान में बारिश और आंधी का अलर्ट जारी किया गया है। राजस्थान के जिन जिलों में बारिश की चेतावनी है उनमें जयपुर, अजमेर, जैसलमेर और बाड़मेर शामिल हैं। वहीं, कल जयपुर में अधिकतम तापमान 29 डिग्री सेल्सियस तो न्यूनतम तापमान 19 डिग्री सेल्सियस रहेगा। उत्तर-पूर्वी भारत में मौसम का हाल     मौसम विभाग के मुताबिक 22 मार्च को असम और मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में कई जगहों पर हल्की से मध्यम बारिश के साथ अगले 5 दिनों तक गरज और बिजली चमकने की संभावना है।     आईएमडी के मुताबिक 27 मार्च को असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में; तथा 24 व 27 मार्च को अरुणाचल प्रदेश में कुछ जगहों पर भारी बारिश की संभावना है। दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत तटीय आंध्र प्रदेश में 23 मार्च, तेलंगाना और उत्तरी आंतरिक कर्नाटक में 22 मार्च को गरज, बिजली और तेज हवाओं (30-50 kmph) के साथ कहीं-कहीं से लेकर छिटपुट हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है। तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल, केरल और माहे, तथा दक्षिणी आंतरिक कर्नाटक में 22 मार्च को बिजली चमकने की संभावना है। पश्चिम भारत मध्य महाराष्ट्र और मराठवाड़ा में 23 और 24 मार्च को गरज, बिजली और तेज हवाओं (30-50 kmph) के साथ कहीं-कहीं हल्की/मध्यम बारिश होने की संभावना है।    

Punjab में तनाव: गुरुद्वारा साहिब में किसान नेता रोके गए, पुलिस ने किया घेराव

मोगा/चंडीगढ़. पंजाब के मोगा जिले के कस्बा धर्मकोट में शनिवार को प्रस्तावित रैली से पहले उस समय माहौल तनावपूर्ण हो गया जब किसान मजदूर मोर्चा के नेताओं को गुरुद्वारा साहिब में घेर लिया गया। यह कार्रवाई उस समय हुई जब किसान नेता मुख्यमंत्री से सीधे सवाल करने के लिए दाना मंडी धर्मकोट की ओर जाने की तैयारी में थे। जानकारी के अनुसार, किसान मजदूर मोर्चा से जुड़े नेता गांव लोहगढ़ के एक गुरुद्वारा साहिब में एकत्रित हुए थे और वहां से रैली स्थल की ओर कूच करने वाले थे। इसी दौरान पुलिस प्रशासन ने उनकी आगे बढ़ने की कोशिश को रोकते हुए उन्हें वहीं घेर लिया। पुलिस की इस कार्रवाई के बाद मौके पर तनाव का माहौल बन गया और स्थिति को संभालने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल भी तैनात किया गया। कार्रवाई का जताया कड़ा विरोध किसान नेताओं ने इस कार्रवाई का कड़ा विरोध किया है। उनका कहना है कि सरकार उनके साथ किए गए वादों को पूरा नहीं कर रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि उन्हें बैठकों के लिए समय दिया जाता है, लेकिन बाद में टालमटोल कर दी जाती है, जिससे किसानों के साथ धोखा हो रहा है। नेताओं ने कहा कि उन्हें रास्ते में रोकना और गुरुद्वारा साहिब में घेरना लोकतांत्रिक अधिकारों का उल्लंघन है। किसान संगठनों ने पुलिस प्रशासन के रवैये पर गहरा रोष जताया। उनका कहना है कि सरकार बार-बार उनकी मांगों को नजरअंदाज कर रही है और आवाज उठाने पर दबाव बनाया जा रहा है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर जल्द समाधान नहीं किया गया तो आने वाले दिनों में आंदोलन को और तेज किया जाएगा। कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए उठाया गया कदम दूसरी ओर पुलिस प्रशासन का कहना है कि यह कदम केवल कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए उठाया गया है। अधिकारियों के अनुसार, रैली के दौरान किसी भी प्रकार की अव्यवस्था या टकराव से बचने के लिए एहतियात के तौर पर यह कार्रवाई की गई। घटना के बाद इलाके में राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। इस घटनाक्रम को लेकर विभिन्न पक्षों की प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं और आने वाले समय में इस मुद्दे पर और टकराव की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।

सम्राट से RBI गवर्नर की सीधी मीटिंग, सियासी गलियारों में चर्चा तेज—क्या बदलने वाला है कुछ बड़ा?

  पटना  रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया के गवर्नर से किसी राज्य के मुख्यमंत्री से मुलाकात कोई बड़ी बात नहीं है। ये रूटीन मीटिंग का हिस्सा माना जाता है। मगर, आरबीआई चीफ ने पटना में न वित्त मंत्री न ही दूसरे डिप्टी सीएम से मुलाकात की बल्कि सम्राट चौधरी से उनकी मुलाकात जरूर हुई। दरअसल, बिहार की राजनीति इस समय उस मोड़ पर खड़ी है, जहां हर छोटी मुलाकात के बड़े मायने निकाले जा रहे हैं। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के पद छोड़ने की चर्चाओं के बीच बीजेपी में नए नेता की रेस शुरू है। इसी कड़ी में रिजर्व बैंक के गवर्नर संजय मल्होत्रा की पटना विजिट ने सियासी घी का काम किया। RBI चीफ की मुलाकात के निकाले जा रहे मायने आरबीआई के गवर्नर संजय मल्होत्रा ने शुक्रवार को मुख्यमंत्री आवास जाकर नीतीश कुमार से मुलाकात की, लेकिन उसके तुरंत बाद वे केवल डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी के आवास पहुंचे। उन्होंने न तो दूसरे डिप्टी सीएम विजय कुमार सिन्हा से मुलाकात की और न ही राज्य के वित्त मंत्री बिजेंद्र यादव से। इस 'चुनिंदा' मुलाकात ने गलियारों में चर्चा छेड़ दी है कि क्या दिल्ली ने अगले सीएम का नाम तय कर लिया है? प्रोटोकॉल से हटकर मुलाकात की हो रही चर्चा सियासी गलियारों में इस बात की चर्चा है कि अगर RBI गवर्नर को शिष्टाचार भेंट करनी ही थी, तो वित्त मंत्री का नंबर सबसे पहले आना चाहिए था। सीएम से मिलने के बाद किसी एक ही डिप्टी सीएम के घर जाना सामान्य प्रक्रिया नहीं मानी जा रही है। जानकार इसे सम्राट चौधरी के बढ़ते कद और केंद्र के 'ग्रीन सिग्नल' के तौर पर देख रहे हैं। विजय सिन्हा और वित्त मंत्री से मुलाकात नहीं बिहार की एनडीए सरकार में विजय कुमार सिन्हा भी समान पद पर हैं। बिजेंद्र प्रसाद यादव वित्त मंत्री हैं। गवर्नर का इन दोनों दिग्गजों से दूरी बनाना और केवल सम्राट चौधरी से मिलना महज इत्तेफाक नहीं लग रहा। सम्राट के पास गृह विभाग जैसी महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है, जिसे भावी मुख्यमंत्री की दावेदारी के पक्ष में एक मजबूत तर्क माना जा रहा है। 'समृद्धि यात्रा' में नीतीश बता रहे उत्तराधिकारी मुख्यमंत्री नीतीश कुमार इन दिनों 'समृद्धि यात्रा' पर हैं। इस दौरान कई मौकों पर उन्होंने सार्वजनिक मंचों पर सम्राट चौधरी के कंधे पर हाथ रखकर गर्मजोशी दिखाते देखा गया है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि नीतीश कुमार खुद भी सम्राट को आगे कर ये संकेत दे रहे हैं कि उनके बाद गठबंधन की कमान किसके हाथों में सुरक्षित हो सकती है?

MP के बैतूल में पानी बना जहर: बच्चों में खुजली, सर्दी-खांसी और बुखार; दिग्विजय सिंह चिंतित

बैतूल मध्य प्रदेश के बैतूल जिले में दूषित पानी के कारण बच्चों में त्वचा संबंधी बीमारियों के बढ़ते मामलों ने चिंता बढ़ा दी है। घोड़ाडोंगरी ब्लॉक के दनवाखेड़ा गांव में बच्चों में खुजली (स्केबीज), सर्दी-खांसी और बुखार जैसी समस्याएं सामने आई हैं। इस मामले को लेकर वरिष्ठ कांग्रेस नेता और पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने प्रशासन से ध्यान देने को कहा है। प्राप्त जानकारी के अनुसार गांव में कम से कम 20 बच्चे त्वचा रोग और अन्य बीमारियों से पीड़ित मिले हैं। जिला प्रशासन ने मामले की गंभीरता को देख गांव में मेडिकल कैंप लगाकर बच्चों का इलाज शुरू कराया है। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डा मनोज हुरमाड़े ने बताया कि सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र घोड़ाडोंगरी में ग्राम दानवाखेड़ा के मंगल पिता सेखलाल उम्र 38, कस्तूरी पति मंगल उम्र 35, सतीश पिता मंगल उम्र चार वर्ष, मुन्नी पिता मंगल उम्र आठ वर्ष, रीना पिता मंगल उम्र छह और गीता पिता मंगल सेलुकर उम्र तीन माह को उपचार के लिए भर्ती किया है। सभी मरीज खुजली की बीमारी से ग्रसित हैं, जिनकी स्थिति सामान्य है। ग्राम में स्वास्थ्य विभाग की टीम लगातार निगरानी कर रही है। त्वचा संबंधी रोग से पीड़ित होने के प्रमुख कारण सामने आने पर ग्रामीणों को पानी उबालकर ही पीने की सलाह दी जा रही है। गांव में स्थिति सामान्य बनी हुई है। दिग्विजय सिंह ने प्रशासन पर उठाए सवाल राज्यसभा सांसद दिग्विजय सिंह ने कहा कि दूषित पानी के कारण मासूम बच्चे बीमार हो रहे हैं, जो बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने आरोप लगाया कि करीब छह महीने पहले भी इसी तरह की बीमारी से बच्चों की मौत हो चुकी थी, लेकिन प्रशासन ने इससे कोई सबक नहीं लिया। सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराने की मांग उन्होंने कहा कि ग्रामीण लगातार विरोध और शिकायत कर रहे हैं, फिर भी उन्हें साफ पीने का पानी नहीं मिल पा रहा है। उन्होंने राज्य सरकार और जिला प्रशासन से तत्काल साफ पानी की व्यवस्था करने व दूषित स्रोतों की जांच कर सुधार करने की मांग की है।  

नौकरी का सुनहरा मौका: रायपुर प्लेसमेंट कैंप में अर्बन प्रमोटर-टेक्नीशियन के पदों पर भर्ती

रायपुर. नौकरी की तलाश कर रहे युवाओं के लिए बड़ा मौका है। जिला रोजगार कार्यालय रायपुर द्वारा 23 मार्च को सुबह 11 बजे से दोपहर 3 बजे तक प्लेसमेंट कैंप आयोजित किया जाएगा, जिसमें 100 से अधिक पदों पर भर्ती की जाएगी। इस जॉब फेयर में 10वीं पास सहित 12वीं, स्नातक और स्नातकोत्तर अभ्यर्थी भी शामिल हो सकते हैं। इस प्लेसमेंट कैंप में निजी क्षेत्र की कंपनी वोडाफोन आइडिया लिमिटेड द्वारा अर्बन प्रमोटर के 100 पदों पर भर्ती की जाएगी, जिसमें महिला और पुरुष दोनों आवेदन कर सकते हैं। चयनित उम्मीदवारों को 10,000 से 20,000 रुपये तक मासिक वेतन दिया जाएगा। इसके अलावा पेस्ट कंट्रोल टेक्नीशियन के 5 पदों पर भी भर्ती होगी, जिसके लिए न्यूनतम योग्यता 8वीं पास निर्धारित है। 14,000 रुपये प्रतिमाह मिलेगा वेतन इन पदों के लिए 10,000 से 14,000 रुपये प्रतिमाह वेतन मिलेगा। इच्छुक अभ्यर्थी अपने बायोडाटा, आधार कार्ड और शैक्षणिक प्रमाण पत्रों की छायाप्रति के साथ निर्धारित समय पर कैंप में पहुंच सकते हैं। साथ ही इस जॉब फेयर में भाग लेने के लिए छत्तीसगढ़ ई-रोजगार पोर्टल e-rojgar.cg.gov.in पर पंजीयन अनिवार्य किया गया है।

सीएम विष्णु देव साय बस्तर में करेंगे राज्य की सबसे बड़ी हेरिटेज मैराथन की शुरुआत

सीएम विष्णु देव साय बस्तर में देंगे राज्य की सबसे बड़े ‘हेरिटेज मैराथन’ की सौगात बस्तर दौड़ेगा, देश जुड़ेगा’ की थीम पर 22 मार्च को होगा राज्य का सबसे बड़ा स्पोर्ट्स इवेंट फिटनेस और विरासत का उत्सव- बस्तर को ग्लोबल टूरिज्म मैप पर लाने की बड़ी तैयारी बस्तर को देश का प्रमुख टूरिज्म और स्पोर्ट्स डेस्टिनेशन बनाना हमारा संकल्प-  साय रायपुर छत्तीसगढ़ सरकार राज्य में खेल, पर्यटन और सांस्कृतिक विरासत को बढ़ावा देने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए ‘बस्तर हेरिटेज मैराथन 2026’ का आयोजन रविवार 22 मार्च को करने जा रही है। यह राज्य का अब तक का सबसे बड़ा रनिंग इवेंट होगा, जिसकी शुरुआत जगदलपुर के ऐतिहासिक लालबाग मैदान से होगी और समापन विश्वप्रसिद्ध चित्रकोट जलप्रपात पर होगा। प्राकृतिक सौंदर्य से भरपूर इस रूट पर दौड़ते हुए प्रतिभागियों को बस्तर की अद्भुत वादियों और सांस्कृतिक पहचान का अनूठा अनुभव मिलेगा।            मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने इस आयोजन को छत्तीसगढ़ के लिए गर्व का विषय बताते हुए कहा कि बस्तर हेरिटेज मैराथन केवल खेल प्रतियोगिता नहीं, बल्कि राज्य की समृद्ध परंपरा, प्राकृतिक संपदा और जनभागीदारी का उत्सव है। उन्होंने कहा कि ‘बस्तर दौड़ेगा, देश जुड़ेगा’ के संदेश के साथ यह आयोजन न केवल फिटनेस को बढ़ावा देगा, बल्कि बस्तर को राष्ट्रीय और अंतरर्राष्ट्रीय पर्यटन मानचित्र पर और अधिक मजबूती से स्थापित करेगा। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि राज्य सरकार का उद्देश्य ऐसे आयोजनों के माध्यम से स्थानीय युवाओं को अवसर देना, रोजगार सृजन को बढ़ावा देना और क्षेत्रीय विकास को गति देना है।           मैराथन में 42 किलोमीटर (फुल मैराथन), 21 किलोमीटर (हाफ मैराथन), 10 किलोमीटर और 5 किलोमीटर (फन रन) की श्रेणियां रखी गई हैं, ताकि हर आयु वर्ग और फिटनेस स्तर के लोग इसमें भाग ले सकें। प्रतिभागियों के लिए कुल 25 लाख रुपये की आकर्षक पुरस्कार राशि निर्धारित की गई है। पंजीकरण शुल्क मात्र 299 रुपये रखा गया है, जबकि बस्तर संभाग के सातों जिलों के प्रतिभागियों के लिए यह पूरी तरह निःशुल्क है, जिससे स्थानीय स्तर पर अधिकतम लोगों की भागीदारी सुनिश्चित हो सके।           प्रतिभागियों की सुविधा और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए मैराथन मार्ग पर व्यापक व्यवस्थाएं की गई हैं। पूरे रूट पर नियमित अंतराल पर रिफ्रेशमेंट पॉइंट्स (आरपीएन) स्थापित किए जाएंगे, जहां एनर्जी ड्रिंक्स और पानी की उपलब्धता रहेगी। इसके अलावा मेडिकल सपोर्ट, इमरजेंसी सेवाएं और सुव्यवस्थित रूट मैनेजमेंट भी सुनिश्चित किया गया है ताकि प्रतिभागियों को सुरक्षित और सुगम अनुभव मिल सके। इस आयोजन को और यादगार बनाने के लिए प्रत्येक प्रतिभागी को फिनिशर मेडल, ई-सर्टिफिकेट और प्रोफेशनल रनिंग फोटोग्राफ्स प्रदान किए जाएंगे। साथ ही जुम्बा सेशन और लाइव डीजे जैसे आकर्षक कार्यक्रम भी आयोजित किए जाएंगे, जिससे प्रतिभागियों में उत्साह और ऊर्जा बनी रहे।          ‘रन फॉर नेचर, रन फॉर कल्चर’ (प्रकृति के लिए दौड़ो, संस्कृति के लिए दौड़ो) की थीम पर आधारित यह मैराथन बस्तर की प्राकृतिक धरोहर और जनजातीय संस्कृति को देशभर के सामने प्रस्तुत करने का एक सशक्त माध्यम बनेगी। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने देशभर के खिलाड़ियों, फिटनेस प्रेमियों और पर्यटकों से इस ऐतिहासिक आयोजन में भाग लेने की अपील करते हुए कहा कि यह अवसर न केवल दौड़ने का है, बल्कि बस्तर को करीब से जानने और उसकी विरासत को महसूस करने का भी है। इच्छुक प्रतिभागी https://www.bastarheritage. run/registration लिंक के माध्यम से या आधिकारिक पोस्टर में दिए गए क्यूआर कोड को स्कैन कर अपना पंजीकरण करा सकते हैं।            मुख्यमंत्री ने कहा कि यह आयोजन प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के ‘फिट इंडिया’, ‘एक भारत श्रेष्ठ भारत’ और देश में पर्यटन को बढ़ावा देने के विजन से प्रेरित है। प्रधानमंत्री ने हमेशा भारत की सांस्कृतिक विविधता और स्थानीय विरासत को वैश्विक पहचान दिलाने पर जोर दिया है। बस्तर हेरिटेज मैराथन उसी सोच को आगे बढ़ाने का एक प्रयास है, जहां खेल, संस्कृति और प्रकृति एक साथ जुड़ते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि राज्य सरकार बस्तर को देश के प्रमुख पर्यटन और स्पोर्ट्स डेस्टिनेशन के रूप में विकसित करने के लिए प्रतिबद्ध है। इस तरह के आयोजनों से न केवल युवाओं में फिटनेस के प्रति जागरूकता बढ़ेगी, बल्कि स्थानीय स्तर पर रोजगार और स्वरोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे। बस्तर के कारीगरों, कलाकारों और छोटे-छोटे व्यवसायों को भी इसका प्रत्यक्ष लाभ मिलेगा।          मुख्यमंत्री श्री साय ने देशभर के खिलाड़ियों, फिटनेस प्रेमियों और पर्यटकों से इस ऐतिहासिक आयोजन में भाग लेने की अपील की। उन्होंने कहा कि वह देश के हर कोने से युवाओं और नागरिकों को आमंत्रित करते हैं कि वे बस्तर आएं, यहां की प्रकृति, संस्कृति और ऊर्जा को महसूस करें और इस ऐतिहासिक मैराथन का हिस्सा बनें।

ईंट उद्योग से मिली सपनों को उड़ान, 25 लोगों को रोजगार देकर बनीं आत्मनिर्भरता की मिसाल

महिला सशक्तीकरण की नई पहचान: 25 लाख के ऋण की नींव पर निकिता ने खड़ा किया ईंट का कारोबार ईंट उद्योग से मिली सपनों को उड़ान, 25 लोगों को रोजगार देकर बनीं आत्मनिर्भरता की मिसाल योगी सरकार के विजन ‘आत्मनिर्भर उत्तर प्रदेश’ को धरातल पर उतारा, सरकारी योजना के माध्यम से बनीं सफल उद्यमी  लखनऊ योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में ‘आत्मनिर्भर राज्य’ बनाने का संकल्प अब जमीनी स्तर पर स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है। प्रदेश में सरकार की योजनाएं केवल कागजों तक सीमित नहीं हैं, बल्कि गांव-गांव में युवाओं और महिलाओं को नई पहचान दे रहीं हैं। इसी बदलाव की एक प्रेरक मिसाल लखीमपुर खीरी की निकिता वर्मा हैं, जिन्होंने न सिर्फ खुद को आत्मनिर्भर बनाया, बल्कि कई लोगों को रोजगार भी दिया। लखीमपुर खीरी के ग्राम शाहपुर राजा की रहने वाली निकिता वर्मा ने सीमेंट की ईंटों के निर्माण का व्यवसाय शुरू किया, जो आज उनके लिए सफलता का आधार बन चुका है। निकिता ने सरकार की ‘प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम’ (PMEGP) योजना का लाभ लेते हुए 25 लाख रुपये का ऋण लिया। जिससे उन्होंने अपना उद्योग स्थापित किया। इनके प्लांट में हररोज लगभग 5 से 7 हजार ईंट तैयार होती हैं, जिसमें इनको प्रतिमाह करीब एक लाख रुपये का मुनाफा होता है।   निकिता ने अपने उद्योग के माध्यम से 25 लोगों को रोजगार भी उपलब्ध कराया है। उनकी मासिक आय लगभग 1 लाख रुपये से अधिक है। यह न केवल उनकी व्यक्तिगत सफलता है, बल्कि स्थानीय स्तर पर आर्थिक विकास का भी एक मजबूत उदाहरण है। उनके इस प्रयास से गांव में रोजगार के नए अवसर पैदा हुए हैं। निकिता की कहानी केवल एक उद्यमी की सफलता नहीं, बल्कि नारी स्वावलंबन का सशक्त उदाहरण है। निकिता जैसी महिलाएं न केवल अपने परिवार का सहारा बन रही हैं, बल्कि समाज और राज्य की प्रगति में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। ‘प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम’ (PMEGP) भारत सरकार की एक प्रमुख क्रेडिट-लिंक्ड सब्सिडी योजना है, जो ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में नए सूक्ष्म-उद्यम स्थापित करके स्वरोजगार के अवसर पैदा करती है। इसका संचालन प्रदेश सरकार के सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्रालय के तहत खादी एवं ग्रामोद्योग आयोग द्वारा किया जाता है। ‘पीएमईजीपी योजना’ युवाओं को स्वरोजगार के लिए प्रेरित करने के साथ-साथ उन्हें आर्थिक रूप से मजबूत बनाने में भी सहायक साबित हो रही है। सरकार की यह पहल आज हजारों युवाओं के जीवन में बदलाव ला रही है।

मासूम ने उठाया खौफनाक कदम: 10 साल की बच्ची की मौत के पीछे क्या है सच्चाई?

दुर्ग छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले के जामुल थाना क्षेत्र से एक दुखद घटना सामने आई है, जहां गणेश नगर वार्ड-5 में रहने वाली 10 वर्षीय बच्ची गुरप्रीत कौर ने फांसी लगाकर अपनी जान दे दी। जानकारी के अनुसार, गुरुवार 19 मार्च की शाम को खुशी का अपने बड़े भाई से किसी बात पर विवाद हुआ था। भाई की डांट से तनाव में आकर चौथी कक्षा की इस छात्रा ने कमरे में जाकर आत्मघाती कदम उठा लिया। ​घटना के समय घर में कोई बड़ा सदस्य मौजूद नहीं था। पिता पेशे से ड्राइवर हैं और मां ब्यूटी पार्लर गई हुई थी। शोर सुनकर जब पड़ोसी और परिजन पहुंचे तो बच्ची को तुरंत भिलाई के बीएम शाह अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। जानकारी के मुताबिक, खुशी स्वामी आत्मानंद स्कूल जामुल की छात्रा थी। शुक्रवार को गमगीन माहौल में बच्ची का अंतिम संस्कार किया गया। फिलहाल जामुल पुलिस ने मर्ग कायम कर मामले की जांच शुरू कर दी है।

श्रमिक परिवारों को राहत: यूपी में बेटियों की शादी पर ₹85,000 की सहायता, ऐसे करें अप्लाई

उत्तर प्रदेश उत्तर प्रदेश सरकार ने राज्य के पंजीकृत श्रमिकों के लिए 'कन्या विवाह सहायता योजना' के तहत एक बड़ी राहत की घोषणा की है। इस योजना के अंतर्गत, पात्र श्रमिकों की बेटियों के विवाह के लिए आर्थिक मदद प्रदान की जाएगी। आगामी 12 अप्रैल को अलीगढ़ में मंडल स्तर पर एक विशाल सामूहिक विवाह का आयोजन किया जा रहा है, जिसमें शामिल होने वाले जोड़ों के लिए सरकार ने बजट जारी कर दिया है। खाते में सीधे आएंगे 85 हजार रुपये सहायक श्रम आयुक्त विद्या प्रकाश शर्मा के अनुसार, योजना के तहत प्रत्येक पात्र जोड़े के लिए कुल 1 लाख रुपये का प्रावधान है- 85,000 – श्रमिक के बैंक खाते में सीधे (DBT) ट्रांसफर किए जाएंगे। 15,000 – सामूहिक विवाह के आयोजन (भोजन, टेंट और अन्य व्यवस्थाओं) पर खर्च किए जाएंगे। आवेदन की समय-सीमा और प्रक्रिया इच्छुक और पात्र श्रमिक 27 मार्च 2026 तक अपना आवेदन जमा कर सकते हैं। आवेदन की बारीकी से जांच के बाद, स्वीकृत होने पर 15 दिनों के भीतर सहायता राशि लाभार्थी के खाते में भेज दी जाएगी। योजना का लाभ लेने के लिए जरूरी शर्तें इस योजना का लाभ उठाने के लिए निम्नलिखित पात्रता मानदंडों को पूरा करना अनिवार्य है- पंजीकरण – श्रमिक का श्रम विभाग (UPBOCW) में पंजीकरण कम से कम 1 वर्ष पुराना होना चाहिए। आयु सीमा – 12 अप्रैल तक वधू की आयु 18 वर्ष और वर की आयु 21 वर्ष पूर्ण होनी चाहिएसंतान सीमा – योजना का लाभ एक श्रमिक की अधिकतम दो बेटियों को ही मिल सकता है। आवश्यक दस्तावेजों की सूची आवेदन करते समय निम्नलिखित दस्तावेज साथ रखें-     श्रमिक का वैध पंजीकरण प्रमाण पत्र।     वर-वधू और उनके माता-पिता के आधार कार्ड।     जन्म प्रमाण पत्र या शैक्षिक प्रमाण पत्र (आयु सत्यापन के लिए)।     राशन कार्ड या परिवार रजिस्टर की नकल।     पूर्व में विवाह नहीं हुआ है और किसी अन्य सरकारी विवाह योजना का लाभ नहीं लिया गया है।   सहायक श्रम आयुक्त ने सभी पात्र श्रमिकों से अपील की है कि वे समय रहते आवेदन प्रक्रिया पूरी कर लें ताकि मंडल स्तर पर होने वाले इस भव्य आयोजन का हिस्सा बन सकें।