samacharsecretary.com

हरियाणा में बेटियों के लिए खास पहल: नवरात्र में मिलेगा सम्मान, CMO करेगा तारीख का ऐलान

चंडीगढ़. हरियाणा में अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर सम्मान से वंचित रही बेटियों को अब नवरात्र में पुरस्कार मिलने की उम्मीद जगी है। महिला एवं बाल विकास विभाग की ओर से आयोजित किए जाने वाले कार्यक्रम के लिए मुख्यमंत्री कार्यालय की ओर से जल्द ही समय मिल सकता है। अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर सिरसा में आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम में विभिन्न क्षेत्रों में सराहनीय योगदान देने वाली महिलाओं और बेटियों को सम्मानित किया जाना था। सभी चयनित महिलाओं को सात मार्च को जिला मुख्यालयों से सूचित भी कर दिया गया कि मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी उन्हें सम्मानित करेंगे। बेटियां परिवार के साथ इस कार्यक्रम में पहुंचने की तैयारी में थी कि कार्यक्रम से कुछ घंटे पहले करीब 100 बेटियों और महिलाओं को सम्मानित करने के कार्यक्रम को स्थगित कर दिया गया। तब बताया गया कि चंडीगढ़ में विशेष कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा, जिसमें मुख्यमंत्री उन्हें सम्मानित करेंगे। इसके बाद से ही पुरस्कार के लिए चयनित महिलाएं नए कार्यक्रम का इंतजार कर रही हैं, लेकिन अभी तक सरकार की ओर से उन्हें कोई जानकारी नहीं दी गई है। चूंकि अब नवरात्र का समय है, ऐसे में बेटियों को सम्मानित किया जाना एक खास मौका होगा। इस संबंध में कई अभिभावकों ने मुख्यमंत्री को चिट्ठी भी लिखी है।

पंजाब को मिलेगी विकास की रफ्तार: मुख्यमंत्री मान करेंगे 508 करोड़ के प्रोजेक्ट्स लॉन्च

फाजिल्का/जलालाबाद. पंजाब के जलालाबाद क्षेत्र में आज विकास की बड़ी पहल होने जा रही है। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान कुछ ही देर में जलालाबाद की अनाज मंडी पहुंचेंगे, जहां वह करीब 508 करोड़ रुपये की विभिन्न विकास परियोजनाओं की शुरुआत करेंगे। इस कार्यक्रम को लेकर क्षेत्र में उत्साह का माहौल है और सुबह से ही लोगों की भीड़ जुटनी शुरू हो गई है। सरकारी जानकारी के अनुसार, इन परियोजनाओं में लगभग 300 किलोमीटर नई सड़कों का निर्माण और 350 किलोमीटर पुराने मार्गों की मरम्मत शामिल है। इससे क्षेत्र की यातायात व्यवस्था मजबूत होगी और ग्रामीण व शहरी इलाकों के बीच संपर्क बेहतर बनेगा। कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए प्रशासन ने शनिवार से ही तैयारियां तेज कर दी थीं। अब अनाज मंडी को पूरी तरह कार्यक्रम के अनुरूप तैयार कर लिया गया है। मंच, टेंट, बैठने की व्यवस्था, ध्वनि व्यवस्था और बैरिकेडिंग समेत सभी प्रबंध पूरे कर लिए गए हैं। भीड़ को नियंत्रित करने के लिए अलग-अलग खंड बनाए गए हैं, ताकि कार्यक्रम सुचारू रूप से संपन्न हो सके। अधिकारियों से सुरक्षा व इंतजामों का लिया जायदा डिप्टी कमिश्नर अमरप्रीत कौर संधू ने अधिकारियों के साथ मौके पर पहुंचकर तैयारियों का जायजा लिया। उनके साथ अतिरिक्त उपायुक्त डाॅ. मनदीप कौर और उपमंडल अधिकारी कंवरजीत सिंह भी मौजूद रहे। अधिकारियों ने सभी व्यवस्थाओं को अंतिम रूप दिया और सुरक्षा से जुड़े इंतजामों की समीक्षा की। सुरक्षा के लिहाज से पुलिस ने पूरे क्षेत्र को कड़ी निगरानी में ले लिया है। अनाज मंडी की ओर आने वाले सभी रास्तों पर नाके लगाए गए हैं और हर आने-जाने वाले व्यक्ति की जांच की जा रही है। प्रवेश द्वारों पर धातु जांच उपकरण लगाए गए हैं, ताकि किसी भी तरह की अप्रिय घटना को रोका जा सके। पैकेज इलाके के लिए बड़ी सौगात स्थानीय विधायक जगदीप कंबोज गोल्डी के अनुसार, यह पैकेज जलालाबाद के लिए अब तक की सबसे बड़ी सौगातों में से एक है। मुख्यमंत्री के पहुंचते ही कई परियोजनाओं का शिलान्यास और उद्घाटन किया जाएगा, जिसके बाद वह लोगों को संबोधित भी करेंगे। सुबह से ही अनाज मंडी में लोगों की आवाजाही बढ़ती जा रही है और हर कोई मुख्यमंत्री के आगमन का इंतजार कर रहा है। कार्यक्रम को लेकर पूरे क्षेत्र में उत्साह और उम्मीद का माहौल बना हुआ है।

तेज रफ्तार ट्रेन में नशे का खेल: वंदे भारत से 24 किलो गांजा बरामद, दो महिलाएं पकड़ी गईं

रायपुर. नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी) ने रायपुर रेलवे स्टेशन पर रात घेराबंदी कर वंदे भारत एक्सप्रेस से दो युवतियों को पकड़ा। आरोपित युवतियों से 24 किलोग्राम गांजा बरामद किया गया है, जिसे वे सूटकेस में छिपाकर ले जा रही थीं। एनसीबी को पहले ही सूचना मिली थी कि विशाखापत्तनम की ओर से दो युवतियां मादक पदार्थ लेकर लौट रही हैं। सूचना के आधार पर टीम ने शुक्रवार रात करीब 10:30 बजे रायपुर स्टेशन पर जाल बिछाया। बिलासपुर के तिफरा की रहने वाली हैं आरपीएफ अधिकारियों के अनुसार, जैसे ही संदिग्ध युवतियां वीआइपी गेट से बाहर निकल रही थीं, तभी टीम ने दबोच लिया। तलाशी में सूटकेस से गांजा बरामद हुआ। गिरफ्तार की गई आरोपित युवतियां बिलासपुर के तिफरा की रहने वाली हैं। इनमें नीलम राठौर (23) और रीना वर्मा (21) शामिल हैं। लग्जरी सफर का लिया सहारा जांच में यह बात सामने आई कि पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों की नजरों से बचने के लिए तस्करों ने वंदे भारत एक्सप्रेस के सेकंड एसी कोच का सहारा लिया। सामान्यतः प्रीमियम ट्रेनों में कड़ी जांच की संभावना कम मानकर तस्कर इस तरह के लग्जरी कोच का उपयोग कर रहे हैं। रायगढ़ में दो करोड़ के पौधे व अफीम जब्त वहीं, आमाघाट में अफीम की खेती का राजफाश होने के बाद जांच में कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं। फल में चीरा लगाकर 3.02 किलोग्राम अफीम तैयार कर ली गई थी, जिसे आरोपित के घर से बरामद किया गया है। इसके साथ ही खेत से 60,326 अफीम के पौधे जब्त किए गए हैं, जिनका कुल वजन 2,877 किलोग्राम है। अफीम और पौधों की कीमत करीब दो करोड़ रुपये है। 20 मार्च को अफीम की खेती का राजफाश किया था रिकॉर्ड के अनुसार, जिस भूमि पर खेती की जा रही थी, वह पांच खसरा भागों में 70 डिसमिल है। 20 मार्च को पुलिस-प्रशासन की टीम ने आमाघाट क्षेत्र में अफीम की खेती का राजफाश किया था। कार्रवाई के दौरान खेत में काम कर रहे दो व्यक्ति मौके से फरार हो गए, जबकि एक व्यक्ति मार्शल संगा को गिरफ्तार किया गया। वह झारखंड के खूंटी का निवासी है और आमाघाट में घर जमाई बनकर रह रहा था। मार्शल संगा ने घर में छिपा रखी थी 15 लाख की अफीम पूछताछ में मार्शल संगा ने बताया कि उसके पास इस खेती से संबंधित कोई वैध दस्तावेज नहीं हैं। उसने खूंटी से ही इमानवेल भेंगरा और सीप्रियन भेंगरा को अपने साथ लाने की बात भी स्वीकार की। राजस्व विभाग की टीम ने पुष्टि की कि फसल लगी जमीन पांच खसरा में विभाजित है। मार्शल संगा ने यह भी बताया कि उसने फसल से निकाली गई अफीम को अपने घर में छिपाकर रखा था। उसके निवास पर जाकर जांच करने पर एक प्लास्टिक में 3.02 किलोग्राम अफीम बरामद की गई, जिसकी कीमत 15 लाख 10 हजार रुपये है। पुलिस ने मार्शल संगा, इमानवेल भेंगरा और सीप्रियन भेंगरा के खिलाफ धारा 8 (बी) और 18 एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस टीम फरार आरोपितों की तलाश में झारखंड और अन्य संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही है।

₹213 करोड़ की बड़ी योजना: भोपाल में 10 STP बनेंगे, जल स्रोतों की सेहत सुधरेगी

भोपाल. राजधानी के जल स्रोतों को प्रदूषण मुक्त करने और सीवेज प्रबंधन को मजबूत बनाने के लिए अमृत-2.0 योजना के तहत बड़ा प्रोजेक्ट शुरू किया जा रहा है। इसके तहत शहर के 10 प्रमुख नालों पर नए सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (STP) लगाए जाएंगे। इस योजना पर कुल 213.75 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे, जिससे शहर की सीवेज ट्रीटमेंट क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि होगी। रोजाना 360 एमएलडी सीवेज, बड़ा हिस्सा बिना उपचार वर्तमान में भोपाल से प्रतिदिन करीब 360 एमएलडी सीवेज निकलता है। इसमें से लगभग 240 एमएलडी बिना उपचार के सीधे बड़े तालाब, छोटा तालाब, बेतवा नदी और अन्य जल स्रोतों में मिल रहा है। इससे जल स्रोतों का प्रदूषण तेजी से बढ़ रहा है, जो पर्यावरण और लोगों के स्वास्थ्य के लिए चिंता का विषय है। 171 एमएलडी क्षमता का होगा इजाफा नए एसटीपी प्रोजेक्ट से शहर की उपचार क्षमता में 171 एमएलडी का इजाफा होगा। इसके बाद कुल उपचारित सीवेज 119 एमएलडी से बढ़कर 290 एमएलडी तक पहुंच जाएगा। साथ ही शहर की कुल स्थापित क्षमता 204 एमएलडी से बढ़कर 375 एमएलडी हो जाएगी। भानपुर में बनेगा सबसे बड़ा प्लांट इस परियोजना में सबसे बड़ा एसटीपी भानपुर क्षेत्र में लगाया जाएगा, जिसकी क्षमता 60 एमएलडी होगी। पातरा नाला पर बनने वाले इस प्लांट का उपचारित पानी हलाली डैम में छोड़ा जाएगा। इसके अलावा बावड़िया कलां में 32 एमएलडी और खजूरी कलां में 20 एमएलडी क्षमता के प्लांट प्रस्तावित हैं। 10 स्थानों पर लगेंगे नए एसटीपी चार इमली, समरधा, माता मंदिर, बाणगंगा, अरहेड़ी, एकांत पार्क, कोटरा, खजूरी कलां, बावड़िया कलां और भानपुर सहित कुल 10 स्थानों पर नए एसटीपी स्थापित किए जाएंगे। इनकी कुल क्षमता 171 एमएलडी होगी। वर्तमान एसटीपी पूरी क्षमता से नहीं चल रहे नगर निगम वर्तमान में 17 एसटीपी संचालित कर रहा है, जिनकी कुल क्षमता 204 एमएलडी है। हालांकि, इनमें से केवल 119.63 एमएलडी सीवेज ही उपचारित हो पा रहा है। यह अंतर सिस्टम की कार्यक्षमता पर सवाल खड़े करता है, जिसे सुधारने की जरूरत है। जल स्रोतों को मिलेगा बड़ा लाभ नए प्लांट शुरू होने के बाद शहर के नालों से आने वाला दूषित पानी पहले साफ किया जाएगा, फिर जल स्रोतों में छोड़ा जाएगा। इससे बड़े तालाब, छोटे तालाब और बेतवा नदी के प्रदूषण में कमी आएगी और जल संरक्षण को बढ़ावा मिलेगा। 17 एसटीपी संचालित – अमृत-टू प्रोजेक्ट के तहत शहर में 10 नए सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट लगाए जा रहे हैं। इनसे 171 एमएलडी पानी उपचारित करने के बाद ही विभिन्न जलस्त्रोतों में छोड़ा जाएगा। वर्तमान समय में शहर में 17 एसटीपी संचालित किए जा रहे हैं। – संस्कृति जैन, निगमायुक्त

पंजाब में बेअदबी मामलों पर बड़ा एक्शन, 13 अप्रैल को विशेष सत्र में कानून की तैयारी

अमृतसर. मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने घोषणा की है कि पंजाब सरकार बेअदबी के मामलों में सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करने के लिए 13 अप्रैल को विधानसभा का विशेष सत्र बुलाएगी। इस दौरान श्री गुरु ग्रंथ साहिब सत्कार अधिनियम 2008 में संशोधन कर कठोर प्रविधान जोड़े जाएंगे। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि प्रस्तावित कानून में कड़ी सजा, जुर्माना, दोषियों की संपत्ति जब्त करने और डिजिटल माध्यम से किए जाने वाले अपराधों को भी शामिल किया जाएगा। उन्होंने कहा कि इस कानून का मसौदा संत समाज और कानूनी विशेषज्ञों से परामर्श के बाद तैयार किया जा रहा है और किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा। अमृतसर के सर्किट हाउस में संत समाज और धार्मिक नेताओं के साथ बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि खालसा साजना दिवस के पावन अवसर पर यह विशेष सत्र आयोजित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि इस घिनौने अपराध के दोषियों को मिसाल कायम करने वाली सजा दिलाने के लिए देश के प्रमुख वकीलों से भी राय ली जाएगी। कानून का उद्देश्य बेअदबी की घटनाओं को रोकना  मुख्यमंत्री ने बताया कि संशोधित कानून का उद्देश्य श्री गुरु ग्रंथ साहिब और अन्य धार्मिक ग्रंथों की बेअदबी की घटनाओं को रोकना है। इसके लिए व्यापक और मजबूत कानूनी ढांचा तैयार किया जाएगा। उन्होंने संत समाज, विभिन्न संप्रदायों, टकसालों, निहंग समूहों, उदासी और निरमला संप्रदायों, कार सेवा जत्थों, रागियों और कथावाचकों को विशेष सत्र में शामिल होने का निमंत्रण दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि विधानसभा अध्यक्ष कुलतार सिंह संधवां और विधायक डा. इंदरबीर सिंह निज्जर जल्द ही समाना जाकर गुरजीत सिंह खालसा से बातचीत करेंगे और उन्हें अपना विरोध समाप्त कर विशेष सत्र में शामिल होने के लिए आमंत्रित करेंगे। डिजिटल सामग्री से की गई बेअदबी पर भी होगा एक्शन मुख्यमंत्री ने दोहराया कि कानून में सख्त सजा के साथ-साथ दोषियों की संपत्ति जब्त करने और डिजिटल सामग्री के जरिए की गई बेअदबी पर भी कार्रवाई का प्राविधान होगा। उन्होंने कहा कि सरकार लोगों की धार्मिक भावनाओं का पूरा सम्मान करती है और किसी भी दोषी को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा। मुख्यमंत्री ने ‘एक्स’ पर भी इस संबंध में जानकारी साझा करते हुए कहा कि अमृतसर में संत समाज के साथ हुई बैठक में इस कानून को लेकर विस्तृत चर्चा की गई। उन्होंने कहा कि “केयदि कोई बेअदबी के जरिए लोगों की आस्था को ठेस पहुंचाने की कोशिश करता है, तो उसे कभी माफ नहीं किया जाएगा और सख्त से सख्त सजा दी जाएगी। बैठक के दौरान संत समाज और विभिन्न धार्मिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने लंबित मामलों के निपटारे में तेजी लाने की मांग की। साथ ही उन्होंने गुरु तेग बहादुर के 350वें शहीदी दिवस के अवसर पर कार्यक्रम आयोजित करने के लिए राज्य सरकार का धन्यवाद भी किया। बैठक का समापन सामूहिक अरदास के साथ हुआ।

स्कूल हॉस्टल में बड़ा मामला: 10वीं की छात्रा प्रेग्नेंट, कलेक्टर का सख्त एक्शन

सुकमा. जिले के एक शासकीय विद्यालय में कक्षा 10वीं की छात्रा के गर्भवती पाए जाने के मामले में जिला प्रशासन ने सख्त कार्रवाई की है. जांच में गंभीर लापरवाही सामने आने के बाद छात्रावास अधीक्षिका को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है. दरअसल, 17 मार्च को विद्यालय में निवासरत छात्रा के स्वास्थ्य संबंधी सूचना मिलने पर मामले की गंभीरता को देखते हुए तत्काल तीन सदस्यीय जांच दल गठित किया गया था. जांच दल ने 20 मार्च को अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत की, जिसमें अधीक्षिका द्वारा अपने दायित्वों के निर्वहन में लापरवाही की पुष्टि की गई. जांच में सामने आया कि छात्रा के गर्भवती होने की जानकारी अधीक्षिका को होने के बावजूद इसे उच्चाधिकारियों से साझा नहीं किया गया. साथ ही, छात्रावास के संचालन में भी खामियां पाई गईं और छात्राओं की सुरक्षा व्यवस्था में गंभीर चूक उजागर हुई. मामले को गंभीरता से लेते हुए कलेक्टर अमित कुमार ने माहेश्वरी निषाद (मूल पद: प्रधान पाठक, प्राथमिक शाला ओडडीन गुड़ा) को छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण तथा अपील) नियम 1966 के तहत निलंबित कर दिया है. निलंबन अवधि के दौरान उनका मुख्यालय विकासखंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय, कोंटा निर्धारित किया गया है. विद्यालय के संचालन की जिम्मेदारी आगामी आदेश तक सहायक अधीक्षिका को सौंप दी गई है. जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया कि शैक्षणिक संस्थानों में छात्राओं की सुरक्षा और अनुशासन से जुड़ी किसी भी प्रकार की लापरवाही को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई जारी रहेगी.

छत्तीसगढ़ में शिक्षकों को मिलेगा नया काम, SIR के बाद अब जनगणना की ड्यूटी

राजनांदगांव. एसआईआर की जटिल प्रक्रिया से गुजरने के बाद अब शिक्षको को जनगणना में ड्यूटी देनी होगी. जनगणना शाखा द्वारा इसके लिए जानकारी जुटाई जा रही हैं. अफसरों ने बताया कि, आगामी 31 मार्च तक मकानों की नंबरिंग किए जाने के बाद एक मई से पहले चरण की शुरूआत हो जाएगी. जिला प्रशासन द्वारा शिक्षक की जानकारी शिक्षा विभाग से भी जुटाई जा रही हैं. जनगणना-2027 को लेकर जिला प्रशासन ने अपनी तैयारियों को तेज कर दिया है. जनगणना के प्रथम चरण यानी मकान सूचीकरण की तैयारियों पर विशेष जोर दिया गया. एक मई से शुरू होने वाले जनगणना के लिए प्रगणकों और पर्यवेक्षकों की सूची जल्द तैयार कर प्रस्तुत करने की तैयारी है. जिसमें 10 प्रतिशत अतिरिक्त रिजर्व स्टाफ भी शामिल किए जाने की तैयारी है. बताया जा रहा है कि, इस कार्य के लिए शासकीय प्राथमिक एवं मिडिल स्कूलों, हेडमास्टरों तथा शासकीय कॉलेजों के स्टाफ की नगरीय ड्यूटी लगाने की तैयारी है. साथ ही सभी निकायों, नगर पालिकाओं और नगर पंचायतों को अपने-अपने क्षेत्रों में स्थित शासकीय प्राथमिक एवं मिडिल स्कूलों, हेडमास्टरों तथा शासकीय कॉलेजों के स्टाफ की ड्यूटी इस कार्य में लगाया प्रगणकों विभाग द्वारा जाएगा. जनगणना और पर्यवेक्षकों की विस्तार से ली जा रही है और नियुक्ति से जुड़ी जानकारी उनके पदनाम, मोबाइल नंबर, पता सहित सभी आवश्यक विवरण शीघ्र उपलब्ध कराने के निर्देश दिए जा रहे हैं. अफसरों की माने तो इस प्रक्रिया में जिले का कोई भी व्यक्ति या परिवार गणना से वंचित नहीं रहना चाहिए. जनगणना-2027 दो चरणों में संपन्न होगी. पहले चरण में 1 मई से 30 मई 2026 तक मकान सूचीकरण (हाउस लिस्टिंग) किया जाएगा, जिसमें सभी भवनों और मकानों का डिजिटल रिकॉर्ड तैयार जनगणना-2027 का अगले किया जाएगा. इसके बाद दूसरे चरण में माह से पहला चरण होगा शुरू एकत्रित की जाएगी. विग जनसंख्या से संबंधित विस्तृत जानकारी नगरनिगम आयुक्त अतुल विश्वकर्मा ने मकान सूचीकरण ब्लॉक का कार्य 31 मार्च तक हर हाल में पूरा करने कहा गया था.

UPTET 2026 का ऐलान: इस दिन से आवेदन, इस तारीख को होगी परीक्षा

लखनऊ उत्तर प्रदेश में शिक्षक भर्ती का इंतजार कर रहे युवाओं के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। दरअसल, उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग ने UPTET 2026 का नोटिफिकेशन जारी कर दिया है, 27 मार्च से ऑनलाइन आवेदन शुरू होंगे और 2 से 4 जुलाई तक परीक्षाएं आयोजित की जाएंगी। इच्छुक उम्मीदवार उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) 2026 में शामिल होने के लिए आवेदन प्रक्रिया 27 मार्च से आवेदन कर सकते हैं। जबकि आवेदन की अंतिम तिथि 26 अप्रैल निर्धारित की गई है। ऐसे में अभ्यर्थियों को समय रहते आवेदन करने की सलाह दी गई है, ताकि अंतिम समय की परेशानी से बचा जा सके। इस परीक्षा के माध्यम से प्रदेश में प्राथमिक और उच्च प्राथमिक स्तर पर शिक्षक बनने का सपना देखने वाले लाखों युवाओं को मौका मिलेगा। हर साल की तरह इस बार भी बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों के शामिल होने की उम्मीद है। ऐसे में माना जा रहा है कि उत्तर प्रदेश सरकार UPTET के बाद बड़ी शिक्षक भर्ती का ऐलान कर सकती है। परीक्षा प्रक्रिया को और अधिक पारदर्शी और सुगम बनाने के लिए इस बार डिजिटल सिस्टम पर विशेष जोर दिया गया है। अधिकारियों के अनुसार, ऑनलाइन प्रक्रिया को मजबूत कर नकल और गड़बड़ी पर लगाम लगाने की तैयारी की गई है। परीक्षा से जुड़ी विस्तृत जानकारी जल्द ही आधिकारिक वेबसाइट पर जारी की जाएगी। अभ्यर्थियों को सलाह दी गई है कि वे नियमित रूप से अपडेट्स चेक करते रहें। क्या है UP-TET परीक्षा? यूपी-टीईटी यानी उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा राज्य के सरकारी और सहायता प्राप्त स्कूलों में शिक्षक बनने के लिए अनिवार्य परीक्षा है। यह परीक्षा दो स्तरों पर होती है:- – प्राथमिक स्तर (कक्षा 1 से 5 तक) – उच्च प्राथमिक स्तर (कक्षा 6 से 8 तक) योग्यता क्या होनी चाहिए? – बी.एड, डी.एल.एड या संबंधित विषय में स्नातक डिग्री होना जरूरी है। परीक्षा में निम्नलिखित विषय पूछे जाते हैं: – बाल विकास और शिक्षाशास्त्र – हिंदी भाषा – गणित – पर्यावरण अध्ययन (प्राथमिक स्तर) – विज्ञान / सामाजिक विज्ञान (उच्च प्राथमिक स्तर)

सड़क निर्माण में पारदर्शिता: PWD लगाएगा QR कोड बोर्ड, नागरिकों को मिलेगा सीधा अधिकार

नई दिल्ली पारदर्शिता, जवाबदेही और जन-भागीदारी को मजबूत करने की दिशा में एक कदम उठाते हुए लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) ने दिल्ली की उन सभी सड़कों पर क्यूआर/बार कोड युक्त डिस्प्ले बोर्ड लगाने की शुरुआत करने जा रही है, जहां पर सड़कों को फिर से बनाने यानी सड़कों की स्ट्रेंथनिंग और री-कार्पेटिंग का कार्य किया जा रहा है। इस पहल के माध्यम से अब नागरिकों को सिर्फ जानकारी ही नहीं मिलेगी, बल्कि सीधे अपनी प्रतिक्रिया देने का अवसर भी मिलेगा। क्यूआर कोड से मिलेंगी कैसी जानकारियां? नए निर्देशों के अनुसार किसी भी सड़क कार्य के पूरा होने के सात दिनों के भीतर बस क्यू शेल्टर व प्रमुख चौराहों और अधिक भीड़-भाड़ वाले स्थानों पर ये डिस्प्ले बोर्ड लगाए जाएंगे, ताकि अधिकतम लोगों तक इसकी पहुंच सुनिश्चित हो सके। इन क्यूआर/बार कोड को स्कैन करने पर नागरिकों को संबंधित परिियोजना की पूरी जानकारी मिलेगी, जिसमें सड़क का नाम और लंबाई, अंतिम स्ट्रेंथनिंग की तारीख, ठेकेदार/एजेंसी का विवरण, स्वीकृत लागत जैसी महत्वपूर्ण जानकारियां शामिल होंगी। 600 किलोमीटर सड़कें बनेंगी नई स्कीम से इसके साथ ही क्यूआर सिस्टम में एक इंटीग्रेटेड फीडबैक मैकेनिज्म भी जोड़ा गया है, जिसके माध्यम से नागरिक सड़क कार्य की गुणवत्ता को लेकर अपनी शिकायत, सुझाव या अनुभव सीधे विभाग तक पहुंचा सकेंगे। यहां बता दें कि दिल्ली सरकार ने इस योजना के बारे में कुछ माह पहले घोषणा की थी, जिस पर अब काम शुरू होने जा रहा है। पीडब्ल्यूडी के पास 1440 किलोमीटर लंबी सड़कों हैं, जिनमें से 600 किलोमीटर सड़कों को नई स्कीम के तहत बनाया जाना है। यह पहल जन-भागीदारी की दिशा में अहम कदम-प्रवेश वर्मा "पारदर्शिता का मतलब सिर्फ जानकारी देना नहीं, बल्कि लोगों की बात सुनना भी है। इस पहल के माध्यम से नागरिक न केवल सड़क कार्यों की जानकारी प्राप्त कर सकेंगे, बल्कि अपनी प्रतिक्रिया भी सीधे दे सकेंगे। इससे व्यवस्था अधिक जवाबदेह और संवेदनशील बनेगी। सभी डिस्प्ले बोर्ड के लिए एक समान डिजाइन और सख्त मेंटेनेंस प्रोटोकाल तय किए हैं। सभी डिवीजनों को निर्देश दिए गए हैं कि बोर्ड स्पष्ट रूप से दिखाई दें, क्यूआर कोड हर समय कार्यरत रहें और किसी भी नए कार्य के बाद जानकारी तुरंत अपडेट की जाए।"  

बिहार की राजनीति में हलचल: प्रशांत किशोर बोले- CM नीतीश कुमार छोड़ सकते हैं कुर्सी, BJP की बढ़ी दावेदारी

पटना जन सुराज पार्टी के संस्थापक प्रशांत किशोर ने शनिवार को बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को लेकर बड़ा आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार अपना पद छोड़ रहे हैं क्योंकि केंद्र में सत्ता में मौजूद भाजपा, जिसने पिछले विधानसभा चुनाव में NDA को “तैयार किया हुआ जनादेश” दिलाने में अहम भूमिका निभाई थी, अब बिहार में अपना हिस्सा चाहती है। ईद के अवसर पर आयोजित एक कार्यक्रम के इतर पत्रकारों से बातचीत में किशोर ने दोहराया कि जनता दल (यूनाइटेड) के प्रमुख नीतीश कुमार राज्य का नेतृत्व करने के लिए “शारीरिक और मानसिक रूप से अयोग्य” हैं। ‘मेरी भविष्यवाणी सही साबित हुई’ प्रशांत किशोर ने कहा, “मैं यह नहीं कह सकता कि नीतीश कुमार अपनी मर्जी से पद छोड़ रहे हैं या किसी दबाव में ऐसा कर रहे हैं। लेकिन एक तरह से मेरी बात सही साबित हुई है। विधानसभा चुनाव से पहले जब मैंने कहा था कि NDA जीत भी जाए, तब भी उन्हें मुख्यमंत्री नहीं बनाया जाएगा, तब मेरी आलोचना हुई थी।” 47 वर्षीय किशोर ने आगे कहा, “मेरी यह भविष्यवाणी कि NDA हार सकती है, भले ही गलत साबित हुई हो, लेकिन नीतीश कुमार के बारे में मेरी बात सही निकली। जो व्यक्ति स्पष्ट रूप से शारीरिक और मानसिक रूप से अयोग्य है, वह कैसे कुछ ही महीनों में, जब गठबंधन को भारी बहुमत मिला हो, मुख्यमंत्री पद छोड़ सकता है?” ‘जनादेश तैयार किया गया था’ IPAC के संस्थापक रहे किशोर, जिन्होंने 2014 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के चुनाव अभियान को संभालकर बड़ी सफलता हासिल की थी, ने आरोप लगाया कि पिछले बिहार चुनाव में NDA को जो जनादेश मिला, वह “तैयार किया हुआ” था। उन्होंने कहा, “वोट 10,000 रुपये बांटकर खरीदे गए।” उनका इशारा चुनाव से ठीक पहले शुरू की गई मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना की ओर था, जिसके तहत करीब 1.50 करोड़ महिलाओं के खातों में 10,000 रुपये ट्रांसफर किए गए थे। भाजपा और केंद्र की भूमिका पर सवाल हल्के-फुल्के अंदाज में किशोर ने यह भी कहा, “केंद्र में सत्तारूढ़ भाजपा, केंद्रीय गृह मंत्री और चुनाव आयोग ने NDA को बड़ा जनादेश दिलाने में अपनी-अपनी भूमिका निभाई होगी। इसलिए यह स्वाभाविक है कि केंद्र की पार्टी अब बिहार में अपना हिस्सा चाहती है।” राजनीतिक गलियारों में यह चर्चा तेज है कि हाल ही में राज्यसभा के लिए चुने गए नीतीश कुमार दिल्ली जा सकते हैं और उनके बाद बिहार में पहली बार भाजपा का मुख्यमंत्री बन सकता है। कौन बनेगा मुख्यमंत्री? जवाब टाला हालांकि जब किशोर से पूछा गया कि सत्ता की कुर्सी पर कौन बैठ सकता है, तो उन्होंने मुस्कराते हुए कहा, “मेरी अपनी पार्टी को लेकर की गई भविष्यवाणी ही गलत साबित हुई थी इसलिए इस पर कुछ कहना ठीक नहीं होगा।” ‘बिहार मेरा मिशन, अन्य राज्यों पर नहीं ध्यान’ राजनीतिक रणनीतिकार के रूप में पहचान बनाने वाले किशोर, जिन्होंने 2021 में तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी को पश्चिम बंगाल में लगातार तीसरी बार भारी बहुमत दिलाने के बाद कंसल्टेंसी छोड़ दी थी, ने पड़ोसी राज्यों के चुनावों पर कोई भविष्यवाणी करने से इनकार कर दिया। उन्होंने कहा, “मैंने अपने गृह राज्य बिहार के लिए एक मजबूत विकल्प तैयार करने के उद्देश्य से राजनीति में सक्रिय भूमिका अपनाई है। पिछले चुनाव में मैंने पूरी कोशिश की, और जन सुराज पार्टी की हार को स्वीकार करते हुए अब फिर से जनता के बीच जा रहा हूं। जब तक बिहार में मेरा मिशन पूरा नहीं होता, मैं दूसरे राज्यों के बारे में नहीं सोचूंगा।” निशांत की एंट्री पर क्या बोले? नीतीश कुमार के बेटे निशांत की राजनीति में एंट्री को लेकर पूछे गए सवाल पर किशोर ने कहा कि लोकतंत्र में हर किसी को सार्वजनिक जीवन में आने का अधिकार है। उन्होंने कहा, “हम उन्हें शुभकामनाएं देते हैं, हालांकि यह बिहार में किसी नेता द्वारा अपने परिवार को आगे बढ़ाने का एक और उदाहरण है।”