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ATS जांच में बड़ा खुलासा! संदिग्ध आतंकी ने उगले राज, मिशन-2047 के तहत सक्रिय था मॉड्यूल

भोपाल  मध्यप्रदेश में आतंकी नेटवर्क के खुलासे के बाद गिरफ्तार किए गए इजहार उल हक ने खुलासा किया है कि ये लोग पाकिस्तानी आतंकी ग्रुप से जुड़े हुए थे और मिशन 2047 पर काम कर रहे थे। एटीएस की जाँच के दौरान आतंकी ने माना है कि सभी आतंकी एन्क्रिप्टेड मैसेजिंग प्लेटफॉर्म्स, जैसे-व्हाट्सएप और टेलीग्राम के जरिए पाकिस्तान स्थित आकाओं के संपर्क में थे। इनका उद्देश्य देशभर में नेटवर्क खड़ा करना, युवाओं का ब्रेनवॉश कर उन्हें स्लीपर सेल के रूप में तैयार करना था। इसके तहत पीएफआई (पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया) के एजेंडे को साल 2047 तक देश में लागू करना मुख्य मकसद था। एटीएस के अनुसार, इस एजेंडे का उद्देश्य देश में कट्टर इस्लामिक कानून लागू करना बताया गया है। पूछताछ में इजहार ने बताया कि देशभर में तैयार हो रहे उनके कथित मुजाहिद्दीन समय आने पर एक साथ बाहर आएंगे और शासन को उखाड़ फेंकेंगे। यह भरोसा उन्हें पाकिस्तानी हैंडलर्स ने दिलाया था। उन्हें शपथ दिलाई गई थी कि समय आने पर उन्हें टारगेट किलिंग और देश में डर का माहौल पैदा करने जैसे काम करने होंगे। इनका मकसद ‘पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया’ यानी PFI के ‘मिशन-2047’ के लिए काम कर रहे थे। एटीएस के मुताबिक, पीएफआई का मकसद साल 2047 तक देश में इस्लामी कानून लागू करना है। पूछताछ में इजहार उल हक ने बताया है कि वक्त आने पर सभी आतंकी एक साथ बाहर आएँगे और शासन को उखाड़ फेकेंगे। उन्हें टारगेट किलिंग और देश में डर का माहौल पैदा करना है। सदस्यों के काम करने के तरीके पर पूछताछ जारी बिहार के मधुबनी से गिरफ्तार इजहार उल हक से पूछताछ में कथित नेटवर्क की भूमिका और उसके सदस्यों के काम करने के तरीके को लेकर जानकारी मिली है। एटीएस अब यह पता लगाने में जुटी है कि इस नेटवर्क में कौन-कौन लोग जुड़े थे और किस स्तर तक इसकी गतिविधियां फैली हुई थीं। तमाम जानकारियां हासिल करने के लिए एटीएस ने इजहार को 22 जून तक रिमांड पर लिया हुआ है। पाकिस्तानी हैंडलर्स ने कहा- जिहादी बनो, शहादत मिलेगी फराज से पूछताछ में सामने आए इनपुट के मुताबिक सभी संदिग्ध कथित तौर पर पाकिस्तानी वॉट्सएप ग्रुप के संपर्क में थे। जांच के अनुसार, फराज पाकिस्तानी हैंडलर्स के कहने पर अन्य युवकों को जोड़ने का काम शुरू कर चुका था। इसका मकसद युवाओं को देश विरोधी गतिविधियों में शामिल करना था। एटीएस की पूछताछ में फराज ने इसकी पुष्टि की है। नईम के संपर्क में रहा था फराज पूछताछ में फराज ने बताया कि वह पिछले 5-6 सालों से देवबंद निवासी नईम अब्दुल्ला के संपर्क में था। नईम ने ही फराज और बिहार निवासी संदिग्ध आतंकी का परिचय कथित पाकिस्तानी हैंडलर्स से कराया था। हैंडलर्स ने फराज को कथित तौर पर जिहाद के नाम पर प्रभावित किया और वीडियो कॉल के जरिए शपथ दिलाई कि वह सच्चा जिहादी बनेगा। हैंडलर्स द्वारा दिए गए कामों को अंजाम तक पहुंचाएगा और जिहाद के रास्ते पर चलते हुए अपनी जान देने से भी पीछे नहीं हटेगा। भारत के कई राज्यों सहित पाकिस्तान के लोगों से संपर्क चारों संदिग्धों ने पूछताछ में टेलीग्राम और वॉट्सएप ग्रुप के जरिए भारत और पाकिस्तान में नेटवर्क से जुड़े सक्रिय लोगों के संपर्क में रहने की बात स्वीकार की है। फराज को सोशल मीडिया ग्रुप में 'खालिद सैफुल्ला' के नाम से जाना जाता था। हैंडलर्स ने कथित तौर पर लोगों में भय पैदा करने और समय आने पर बताए गए टारगेट पर कार्रवाई करने का टास्क दिया था। गौरतलब है कि इजहार उल हक को बिहार के मधुबनी से गिरफ्तार किया गया था। जबकि मोहम्मद फराज को भोपाल से गिरफ्तार किया गया था। उसे खालिद सैफुल्लाह नाम से पाकिस्तानी हैंडलर ने लश्कर कमांडर के तौर पर पेश किया था। उसका काम स्लीपर सेल तैयार करना था। इसी तरह नईम अब्दुल्ला यूपी के सहारनपुर से गिरफ्तार किया गया था। वह मोम्मद फराज को ऑनलाइन ग्रुप से जोड़ा था। आरोपितों के पास से संदिग्ध डिजिटल दस्तावेज और सामग्री बरामद हुई थी, जिसकी फोरेंसिक जाँच चल रही है। फराज को दिए थे पासपोर्ट बनवाने के निर्देश हैंडलर्स ने फराज को पासपोर्ट बनवाने के निर्देश भी दिए थे। उसे भरोसा दिलाया गया था कि किसी अन्य देश के रास्ते पाकिस्तान बुलाया जाएगा, जहां उसे मुजाहिदीन बनने की ट्रेनिंग दी जाएगी। एटीएस की दबिश के दौरान फराज के कमरे से मिली जिहादी सामग्री की जांच की जा रही है।

व्यापार को बढ़ावा देने के लिए बड़ा फैसला, 123 शहरों में दुकानों को 24×7 संचालन की अनुमति

जयपुर राजस्थान की भजनलाल सरकार ने प्रदेश में व्यापार रोजगार और कारोबारी गतिविधियों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से एक बड़ा फैसला लिया है. सरकार ने राजस्थान दुकान एवं वाणिज्यिक प्रतिष्ठान अधिनियम में संशोधन की अधिसूचना जारी कर दी गई है. इस नए संशोधन के लागू होने के बाद प्रदेश के 123 चिह्नित शहरों में दुकानों और वाणिज्यिक प्रतिष्ठान( शॉपिंग मॉल्स) को 24 घंटे तक संचालित करने की अनुमति मिल जाएगी.संशोधन से पहले दुकानों और प्रतिष्ठानों में कर्मचारियों के लिए काम करने की दैनिक समय-सीमा 9 घंटे निर्धारित थी।हालांकि, बाद में हुए संशोधनों के जरिए दैनिक काम की सीमा को 9 से बढ़ाकर 10 घंटे किया गया था. लंबे समय से व्यापारी कर रहे थे 24 घंटे बाजार खोलने की मांग प्रदेश के व्यापारी लंबे समय से 24 घंटे बाजार खोलने की अनुमति की मांग कर रहे थे. सरकार के इस फैसले को व्यापार, रोजगार और शहरी अर्थव्यवस्था के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है. हालांकि, संशोधित व्यवस्था के साथ कर्मचारियों के हितों की सुरक्षा के लिए भी कई शर्तें लागू की गई हैं. कर्मचारियों के हितों का रखना होगा ध्यान बाजारों को 24 घंटे खोलने की छूट देने के साथ सरकार ने प्रत्येक कर्मचारी को सप्ताह में एक दिन साप्ताहिक अवकाश देना अनिवार्य होगा. किसी भी कर्मचारी से प्रतिदिन 10 घंटे और सप्ताह में 48 घंटे से अधिक काम नहीं कराया जा सकेगा. निर्धारित सीमा से अधिक काम लेने पर अधिनियम के प्रावधानों के अनुसार ओवरटाइम का भुगतान करना होगा. सरकार ने अधिसूचना में साफ स्पष्ट किया है कि यदि कोई दुकान या वाणिज्यिक प्रतिष्ठान इन शर्तों का उल्लंघन करता है तो उसका पंजीकरण रद्द किया जा सकता है. शराब की दुकानों और नाइट क्लबों के समय को लेकर अटकलें तेज इस फैसले के बाद प्रदेश के राजनीतिक और कारोबारी गलियारों में एक नई बहस भी छिड़ गई है.  क्या सरकार आने वाले दिनों में शराब की दुकानों और नाइट क्लबों के संचालन समय में भी ढील देने पर विचार कर रही है? हालांकि, आबकारी विभाग या सरकार के किसी भी आधिकारिक स्तर से इस संबंध में कोई घोषणा नहीं की गई है.

मैट्रिक-इंटर फेल और छूटे छात्रों को बड़ा मौका, संपूरक व इंप्रूवमेंट परीक्षा के लिए आवेदन शुरू

 रांची झारखंड एकेडमिक काउंसिल राज्य में पहली बार मैट्रिक और इंटर की विशेष परीक्षा लेगी. जैक ने साल 2026 की इंप्रूवमेंट और कंपार्टमेंटल परीक्षा को लेकर भी दिशा-निर्देश जारी कर दिया है. जैक द्वारा जारी पत्र में कहा गया है कि मैट्रिक और इंटर परीक्षा 2026 उत्तीर्ण/अनुत्तीर्ण होने वाले और परीक्षा में आवेदन पत्र जमा करने से वंचित रह गए विद्यार्थियों के लिए संपूरक, समुन्नत और विशेष परीक्षा का आयोजन किया जा रहा है. JAC वेबसाइट से करें आवेदन परीक्षा में शामिल होने के लिए विद्यार्थी जैक के वेबसाइट www.jac.jharkhand.gov.in के माध्यम से आवेदन जमा कर सकते हैं. जैक द्वारा पूर्व में निर्गत यूजर आइडी और पासवर्ड के माध्यम से आवेदन जमा होगा. इंप्रूवमेंट परीक्षा में शामिल होने के लिए विषय की बाध्यता नहीं है. विद्यार्थी चाहे तो सभी विषयों या फिर जिस विषय के अंक से संतुष्ट नहीं हैं, उसकी परीक्षा दे सकते हैं. क्यों ली जा रही है विशेष परीक्षा? साल 2026 की मैट्रिक-इंटर की कुछ परीक्षा के दौरान राष्ट्रीय स्तर पर स्कूली खेलकूद प्रतियोगिता चल रही थी. मिली प्राप्त जानकारी के अनुसार कुछ विद्यार्थी अंडर 17 और अंडर 19 की राष्ट्रीय फुटबॉल, हॉकी टीम के लिए चयनित हुए थे. इस कारण वे परीक्षा में शामिल नहीं हो पाए थे. स्कूली शिक्षा और साक्षरता विभाग ले जैक को ऐसे विद्यार्थियों के लिए विशेष परीक्षा लेने का निर्देश दिया था. विभाग के निर्देश के अनुरूप जैक द्वारा विशेष परीक्षा का आयोजन किया जा रहा है. मैट्रिक में 20 हजार परीक्षार्थी असफल वर्ष 2026 की मैट्रिक की परीक्षा में लगभग 20 हजार विद्यार्थी असफल हुए थे. वहीं लगभग 1800 ऐसे विद्यार्थी थे जो आवेदन जमा करने के बाद परीक्षा में शामिल नहीं हो पाये थे. वहीं इंटर की परीक्षा में लगभग 26 हजार विद्यार्थी असफल हुए थे. इंटर में विज्ञान संकाय में सबसे अधिक लगभग 15 हजार परीक्षार्थी असफल हुए थे. आज से मैट्रिक और 25 जून से जमा होगा इंटर का फॉर्म मैट्रिक के परीक्षार्थी बिना विलंब शुल्क के 22 जून से 3 जुलाई तक और विलंब शुल्क के साथ 4 से 10 जुलाई तक आवेदन जमा कर सकते हैं. वहीं इंटर के परीक्षार्थी बिना विलंब शुल्क के 25 जून से सात जुलाई तक और विलंब शुल्क के साथ 8 से 13 जुलाई तक आवेदन जमा कर सकते हैं.

सुषमा गुप्ता की छुट्टी, हरियाणा बाल कल्याण परिषद में बड़ा प्रशासनिक बदलाव

चंडीगढ़. हरियाणा राज्य बाल कल्याण परिषद में बड़ा प्रशासनिक बदलाव किया गया है। परिषद की मानद महासचिव सुषमा गुप्ता को उनके पद से हटा दिया गया है। इस संबंध में हरियाणा के राज्यपाल प्रो. असीम कुमार घोष की ओर से आदेश जारी किए गए हैं। राजभवन से जारी आदेशों के तहत सुषमा गुप्ता की मानद महासचिव पद पर नियुक्ति समाप्त कर दी गई है। इस फैसले को परिषद और सामाजिक क्षेत्र से जुड़े हलकों में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। राजभवन की बड़ी कार्रवाई सूत्रों के अनुसार, यह फैसला सीधे राज्यपाल सचिवालय के स्तर पर लिया गया है। आदेश जारी होने के बाद अब हरियाणा राज्य बाल कल्याण परिषद के प्रशासनिक ढांचे में नए सिरे से जिम्मेदारियों का निर्धारण किया जाएगा। हालांकि, जारी आदेशों में सुषमा गुप्ता को हटाने के कारणों का विस्तृत उल्लेख नहीं किया गया है, लेकिन राजभवन की ओर से की गई यह कार्रवाई राजनीतिक और प्रशासनिक दोनों स्तरों पर चर्चा का विषय बन गई है। परिषद में नई नियुक्ति पर नजर मानद महासचिव का पद परिषद के संचालन और विभिन्न बाल कल्याण योजनाओं के समन्वय में अहम माना जाता है। ऐसे में अब नजर इस बात पर है कि सरकार और राजभवन की ओर से इस पद पर अगली नियुक्ति कब और किसे दी जाती है। हरियाणा राज्य बाल कल्याण परिषद राज्य में बच्चों के कल्याण, शिक्षा, संरक्षण और सामाजिक विकास से जुड़े कार्यक्रमों का संचालन करती है। परिषद के मानद महासचिव की भूमिका योजनाओं के क्रियान्वयन, संस्थागत समन्वय और प्रशासनिक निर्णयों में महत्वपूर्ण मानी जाती है।

बार-बार जमानत याचिका पर हाईकोर्ट की फटकार, प्रक्रिया का दुरुपयोग मानकर ठोका जुर्माना

चंडीगढ़. पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट ने बिना किसी नए और ठोस आधार के दूसरी बार अग्रिम जमानत मांगने वाले एक आरोपित की याचिका खारिज करते हुए उस पर 10 हजार रुपये जुर्माना लगाया है। अदालत ने कहा कि परिस्थितियों में किसी वास्तविक बदलाव के बिना लगातार याचिकाएं दायर करना न्यायिक प्रक्रिया का दुरुपयोग है और इससे न्याय व्यवस्था पर अनावश्यक बोझ पड़ता है। जस्टिस विनोद एस भारद्वाज ने घनश्याम जायसवाल द्वारा दायर याचिका पर यह आदेश सुनाया। याचिकाकर्ता ने सोहाना थाना, जिला एसएएस नगर (मोहाली) में दर्ज धोखाधड़ी एवं अन्य धाराओं के मामले में अग्रिम जमानत की मांग की थी। इससे पहले भी उसकी अग्रिम जमानत याचिका हाई कोर्ट 23 अप्रैल 2026 को खारिज कर चुका था। ठोस जानकारी नहीं कर पाए पेश सुनवाई के दौरान अदालत ने याचिकाकर्ता के वकील से पूछा कि पहली याचिका खारिज होने के बाद ऐसी कौन-सी नई परिस्थितियां उत्पन्न हुई हैं, जिनके आधार पर दूसरी अग्रिम जमानत याचिका सुनवाई योग्य मानी जा सके। हालांकि याचिकाकर्ता की ओर से कोई ऐसा ठोस बदलाव अदालत के समक्ष नहीं रखा जा सका। हाई कोर्ट ने अपने पूर्व के फैसलों और डिवीजन बेंच के निर्णय का हवाला देते हुए कहा कि केवल औपचारिक या महत्वहीन बदलावों के आधार पर दूसरी या लगातार अग्रिम जमानत याचिका दायर नहीं की जा सकती। अदालत ने स्पष्ट किया कि सह-आरोपी की गिरफ्तारी, किसी अन्य आरोपी को जमानत मिलना, नए दस्तावेज पेश करना या बीमारी जैसे कारण स्वत बदली हुई परिस्थितियां नहीं माने जा सकते। न्यायिक प्रक्रिया का हुआ दुरुपयोग अदालत ने यह भी कहा कि यदि किसी आरोपी ने पहले जमानत याचिका पर सुनवाई के दौरान राहत न मिलने की आशंका के कारण उसे वापस ले लिया हो, तो बाद में उसी आधार पर दोबारा राहत मांगने की अनुमति नहीं दी जा सकती। न्यायालय ने माना कि याचिकाकर्ता ने बिना किसी वास्तविक परिवर्तन के दूसरी याचिका दायर कर न्यायिक प्रक्रिया का दुरुपयोग किया है। इन टिप्पणियों के साथ हाई कोर्ट ने याचिका को खारिज करते हुए याचिकाकर्ता पर 10 हजार रुपये का जुर्माना लगाया। अदालत ने निर्देश दिया कि यह राशि पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट बार एसोसिएशन लायर्स फैमिली वेलफेयर फंड, चंडीगढ़ में जमा कराई जाए।

नौगई हत्याकांड पर गरमाई सियासत, मंत्री नेताम ने पीड़ितों से की मुलाकात; CBI जांच की मांग तेज

कोरिया. छत्तीसगढ़ के कोरिया जिले के चर्चित नौगई तिहरे हत्याकांड को लेकर क्षेत्र में आक्रोश और तनाव का माहौल अब भी बना हुआ है। इसी बीच मंत्री रामविचार नेताम ने नौगई पहुंचकर मृतक भाजपा नेता भरत सिंह उर्फ लल्ला सिंह के परिजनों से मुलाकात की। मंत्री नेताम ने घटना पर दुख व्यक्त करते हुए न्याय का भरोसा दिलाया। मृतक के परिजनों ने आरोपियों के घर पर बुलडोजर कार्रवाई, सीबीआई जांच और घटना में शामिल आरोपियों के अलावा अन्य लोगों की गिरफ्तारी की भी मांग की। परिजनों की मांगों को बेहद गंभीरता से सुनते हुए मंत्री रामविचार नेताम ने हर संभव कार्रवाई का आश्वासन दिया। इस अवसर पर मंत्री नेताम के साथ मौके पर स्थानीय विधायक भैयालाल राजवाड़े, पूर्व भाजपा जिलाध्यक्ष कृष्ण बिहारी जायसवाल और शैलेश शिवहरे सहित बड़ी संख्या में भाजपा कार्यकर्ता मौजूद रहे। जानिए पूरा मामला ? सोनहत के नौगई गांव में भाजपा नेता और पूर्व जनपद पंचायत अध्यक्ष भरत सिंह उर्फ लल्ला सिंह के रिश्तेदार नागेंद्र सिंह के बेटे ने नौगई रेत घाट का ठेका लिया था। रेत के अवैध खनन को लेकर उनका भाजपा नेता मनोज त्रिपाठी के परिवार से लंबे समय से विवाद चल रहा था। 16 जून की देर रात करीब 12 बजे मनोज त्रिपाठी से जुड़े लोगों ने भरत सिंह को घर के पास घेर लिया। विवाद बढ़ने के बाद आरोपियों ने फॉर्च्यूनर कार के आगे और पीछे हाईवा वाहन लगा दिया। फिर कार पर पेट्रोल छिड़ककर आग लगा दी। कार में भरत सिंह, उनका भाई और शिक्षक नागेंद्र सिंह, मयंक सिंह, योगेंद्र सिंह और रायपुर निवासी विरेंद्र सिंह सवार थे। कार सवार भरत सिंह बुरी तरह से झुलस गए और उनकी मौके पर ही मौत हो गई, जबकि उनके भाई नागेंद्र सिंह, विरेंद्र सिंह, योगेंद्र सिंह और मयंक किसी तरह बाहर निकले। कार से बाहर निकलते ही सभी की बेदम पिटाई की गई। विरेंद्र के गले पर फरसे से वार किया गया था, गंभीर हालात में उन्हें अंबिकापुर के निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां इलाज के दौरान विरेंद्र के साथ ही नागेंद्र की भी मौत हो गई। इस मामले 9 लोगों के खिलाफ FIR हुई है। अक्षत त्रिपाठी, विशाल त्रिपाठी, सत्यप्रकाश त्रिपाठी, मनोज त्रिपाठी सहित 8 लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है। एक की तलाश की जा रही है।

CM साय बोले- सोमनाथ मंदिर हमारी आस्था, संस्कृति और राष्ट्रीय स्वाभिमान का प्रमुख केंद्र

सोमनाथ मंदिर हमारे राष्ट्रीय स्वाभिमान, सांस्कृतिक गौरव और आस्था का प्रमुख केन्द्र – मुख्यमंत्री साय मुख्यमंत्री ने विशेष ट्रेन को हरी झंडी दिखाकर सोमनाथ स्वाभिमान सांस्कृतिक यात्रा का किया शुभारंभ छत्तीसगढ़ से सोमनाथ ज्योतिर्लिंग के लिए 1000 से अधिक विशिष्टजन, पद्मश्री, कलाकार एवं साहित्यकार हुए रवाना छत्तीसगढ़ के शिवालयों की माटी और पावन नदियों का जल भगवान सोमनाथ को श्रद्धालु करेंगे अर्पित रायपुर  मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आज यहां राजधानी रायपुर के रेलवे स्टेशन से सोमनाथ ज्योतिर्लिंग के लिए विशेष ट्रेन को हरी झंडी दिखाकर सोमनाथ स्वाभिमान सांस्कृतिक यात्रा का शुभारंभ किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री साय ने कहा कि सोमनाथ मंदिर हमारे राष्ट्रीय स्वाभिमान, सांस्कृतिक गौरव और आस्था का प्रमुख केन्द्र है। सोमनाथ मंदिर को अनेक बार आक्रांताओं ने तोड़ा, लेकिन हर बार मंदिर का पुनर्निर्माण हुआ, ये देशवासियों की अटूट आस्था का परिणाम है।  सोमनाथ स्वाभिमान सांस्कृतिक यात्रा के तहत विशेष ट्रेन से छत्तीसगढ़ से सोमनाथ के लिए 1000 से अधिक विशिष्टजन, पद्मश्री, राज्य एवं राष्ट्रीय सम्मान से सम्मानित कलाकार एवं साहित्यकार रवाना हुए। यात्रा में शामिल श्रद्धालु छत्तीसगढ़ के शिवालयों की पावन भूमि के माटी कलश और पावन नदियों का जल कलश बाबा सोमनाथ को अर्पण करेंगे। मुख्यमंत्री साय ने भगवान सोमनाथ से छत्तीसगढ़ की सुख-समृद्धि एवं खुशहाली की प्रार्थना की।  कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री साय ने कहा कि आज छत्तीसगढ़ के लिए बहुत गौरवशाली दिन है जब प्रदेश भर से 1000 से अधिक श्रद्धालु भगवान सोमनाथ के दर्शन के लिए रवाना हो रहे हैं। हमारे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में पूरे देश में 11 जनवरी 2026 से 11 जनवरी 2027 तक सोमनाथ स्वाभिमान पर्व राष्ट्रीय स्मरणोत्सव के रूप में मनाया जा रहा है। इस पर्व के अंतर्गत सोमनाथ स्वाभिमान यात्रा का आयोजन किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि आज हम लौहपुरूष सरदार वल्लभ भाई पटेल का श्रद्धापूर्वक स्मरण करते हैं, उन्होंने भारत की आजादी के बाद राष्ट्रीय एकता और सांस्कृतिक पुनर्जागरण के प्रतीक के रूप में सोमनाथ मंदिर के पुनर्निर्माण का संकल्प लिया था। 75 वर्ष पूर्व देश के प्रथम राष्ट्रपति डा. राजेंद्र प्रसाद जी ने पुनर्निर्मित सोमनाथ मंदिर का लोकार्पण किया था।  मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारे लिए गौरव की बात है कि छत्तीसगढ़ से पद्मश्री, राज्य एवं राष्ट्रीय सम्मान से सम्मानित कलाकार एवं साहित्यकार इस यात्रा में अपने साथ अपने-अपने क्षेत्रों के धार्मिक, ऐतिहासिक एवं पुरातात्विक महत्व के शिवालयों की पावन माटी और पावन नदियों कंे जल कलश लेकर रवाना हो रहे हैं। यह यात्रा भारत की सांस्कृतिक एकता का जीवंत उदाहरण है। इस अवसर पर संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल ने कहा कि सोमनाथ धाम की यह यात्रा श्रद्धालुओं को केवल आध्यात्मिक अनुभूति ही नहीं बल्कि भारत की महान सांस्कृतिक परम्परा और राष्ट्रीय गौरव को निकट से अनुभव करने का अवसर भी प्रदान करेगी। भगवान सोमनाथ से प्रार्थना है कि वे हमारे प्रदेश छत्तीसगढ़ सहित भारतवर्ष को समृद्धि, शांति और विकास के पथ पर अग्रसर करें।  मुख्यमंत्री साय ने सोमनाथ स्वाभिमान सांस्कृतिक यात्रा पर जा रहे श्रद्धालुओं से मुलाकात की और उनकी मंगलमय यात्रा की कामना करते हुए उन्हें अंगवस्त्र भेंट किया।  इस अवसर पर कौशल विकास मंत्री गुरु खुशवंत साहेब, विधायक धरमलाल कौशिक, अनुज शर्मा, इंद्रकुमार साहू, डोमन लाल कोर्सेवाड़ा, संपत अग्रवाल, फिल्म विकास निगम की अध्यक्ष सुमोना सेन सहित जनप्रतिनिधिगण एवं वरिष्ठ अधिकारीगण उपस्थित थे।

तबादला आदेशों से MSME विभाग में नाराजगी, अब जूनियर अधिकारियों को मिली वरिष्ठों की CR लिखने की जिम्मेदारी

भोपाल  वाणिज्यिक कर विभाग के बाद अब मध्यप्रदेश के एमएसएमई (सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम) विभाग में तबादलों और प्रभार आदेशों को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। विभाग के भीतर आरोप लग रहे हैं कि वरिष्ठ अधिकारियों को नजरअंदाज कर जूनियर अधिकारियों को बड़े पदों की जिम्मेदारी सौंप दी गई है। इस फैसले का विभाग के कई अधिकारी खुलकर विरोध कर रहे हैं। विवाद 15 और 16 जून को जारी हुए प्रभार आदेशों को लेकर है। अधिकारियों का कहना है कि विभाग ने ऐसी व्यवस्था लागू कर दी है जिसे कर्मचारी "चार्ज के ऊपर चार्ज" की व्यवस्था बता रहे हैं। यानी जिन अधिकारियों का मूल पद सहायक प्रबंधक है और जो वर्तमान में प्रभारी प्रबंधक के रूप में काम कर रहे हैं, उन्हें जिला व्यापार एवं उद्योग केंद्र (डीआईसी) के महाप्रबंधक का प्रभार सौंप दिया गया है। इन अधिकारियों को मिला महाप्रबंधक का प्रभार     सुबोध कुमार श्रीवास्तव को मंडीदीप     जेपी तिवारी को रीवा     शिवशंकर सिंह को निवाड़ी     सुरेश कुमार गोस्वामी को भिंड     राममूर्ति खरे को अनूपपुर     अजय तिवारी को शिवपुरी     बीएल अहिरवार को दमोह जिला व्यापार एवं उद्योग केंद्र के महाप्रबंधक का प्रभार दिया गया है। यही नियुक्तियां पूरे विवाद की मुख्य वजह बनी हुई हैं। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि ये सभी अधिकारी प्रभारी प्रबंधक के रूप में कार्यरत हैं, जबकि उन्हें महाप्रबंधक जैसे उच्च पद का प्रभार सौंपा गया है। 60 से ज्यादा राजपत्रित अधिकारी होने के बावजूद नहीं मिला मौका अधिकारियों का कहना है कि विभाग में एमपीपीएससी के माध्यम से चयनित वर्ष 2016, 2017 और 2019 बैच के 60 से अधिक वर्ग-2 राजपत्रित अधिकारी कार्यरत हैं। इनमें प्रबंधक और सहायक संचालक स्तर के अधिकारी शामिल हैं। इसके बावजूद इन अधिकारियों को नजरअंदाज कर प्रभारी प्रबंधकों को महाप्रबंधक का प्रभार देने से विभाग में असंतोष बढ़ गया है। अधिकारियों का सवाल है कि जब नियमित रूप से चयनित और वरिष्ठ अधिकारी उपलब्ध हैं, तो उन्हें जिम्मेदारी क्यों नहीं दी गई। पदोन्नति रोकी, फिर भी बड़े पदों का प्रभार दिया विभाग के भीतर यह भी नाराजगी है कि लंबे समय से पदोन्नति की प्रक्रिया लंबित है। अधिकारियों का कहना है कि एक ओर विभाग पदोन्नति नहीं कर रहा, वहीं दूसरी ओर प्रभारी व्यवस्था के जरिए जूनियर अधिकारियों को वरिष्ठ पदों का प्रभार देकर वरिष्ठता और योग्यता को दरकिनार किया जा रहा है। कई अधिकारियों का मानना है कि यह व्यवस्था विभागीय पदक्रम और सेवा नियमों के विपरीत है तथा इससे वरिष्ठ अधिकारियों का मनोबल प्रभावित होगा। जूनियर अधिकारी लिखेंगे वरिष्ठों की सीआर विवाद की एक बड़ी वजह गोपनीय चरित्रावली (सीआर) भी है। विभागीय सूत्रों के अनुसार कई जिलों में अब वर्ग-2 राजपत्रित अधिकारी ऐसे अधिकारियों के अधीन काम करेंगे जो मूल रूप से वर्ग-3 सेवा श्रेणी से हैं। ऐसी स्थिति में जूनियर अधिकारी वरिष्ठ अधिकारियों की सीआर लिखेंगे। अधिकारियों का कहना है कि यह सेवा संरचना और प्रशासनिक व्यवस्था दोनों के लिहाज से असामान्य स्थिति है। प्रशासनिक आधार पर उठ रहे सवाल विभाग के भीतर चर्चा है कि यदि नियमित राजपत्रित अधिकारी उपलब्ध हैं, तो फिर प्रभारी व्यवस्था के जरिए उच्च पदों का प्रभार देने के पीछे क्या प्रशासनिक आधार अपनाया गया है। इसी कारण इन आदेशों को लेकर लगातार सवाल उठ रहे हैं। विभाग में असंतोष का माहौल इन आदेशों के बाद विभाग के कई अधिकारी खुद को उपेक्षित महसूस कर रहे हैं। उनका कहना है कि वरिष्ठता, योग्यता और चयन प्रक्रिया को महत्व देने के बजाय प्रभार व्यवस्था के माध्यम से नियुक्तियां की जा रही हैं। इससे विभाग में असंतोष और निराशा का माहौल बन गया है। फिलहाल विभाग की ओर से इस विवाद पर कोई आधिकारिक स्पष्टीकरण सामने नहीं आया है, लेकिन प्रभार आदेशों को लेकर चर्चा और विरोध लगातार बढ़ रहा है।

रोहतक में डॉक्टरों और शिक्षक से लंबी पूछताछ, NEET मामले में नहीं मिले ठोस सबूत

रोहतक  नीट परीक्षा पेपर संबंधित सूचना पर सोनीपत एसटीएफ ने रोहतक के दो चिकित्सकों और एक शिक्षक से करीब 13 घंटे तक गहन पूछताछ की। हालांकि प्रारंभिक जांच में लोक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) अधिनियम-2024 के उल्लंघन से संबंधित कोई ठोस साक्ष्य नहीं मिलने पर तीनों को छोड़ दिया गया है। जानकारी के अनुसार एसटीएफ को सूचना मिली थी कि नीट परीक्षा के नाम पर प्रश्नपत्र बेचने अथवा अभ्यर्थियों को अनुचित लाभ पहुंचाने की योजना बनाई जा रही है। इसी सूचना के आधार पर टीम ने रोहतक में छापेमारी कर एक निजी अस्पताल से जुड़े दो चिकित्सकों और एक शिक्षक को पकड़ कर पूछताछ की। हालांकि मामला अस्पताल में लेन-देन से संबंधित बताया गया है। पूछताछ के दौरान एसटीएफ ने तीनों के मोबाइल फोन और अन्य इलेक्ट्रानिक उपकरणों की जांच की। जांच एजेंसियों को फोन में परीक्षा की तैयारी से जुड़े प्रश्न और अध्ययन सामग्री तो मिली, लेकिन अब तक ऐसा कोई दस्तावेज या प्रश्नपत्र बरामद नहीं हुआ है जिसे नीट परीक्षा का वास्तविक पेपर माना जा सके। डीएसपी सांपला राकेश कुमार ने बताया कि अभी तक की जांच में किसी प्रकार का आपराधिक मामला दर्ज करने योग्य साक्ष्य सामने नहीं आया है। इसलिए फिलहाल कोई एफआइआर दर्ज नहीं की गई है। हालांकि मामले की जांच अगले 14 दिन तक जारी रहेगी और संबंधित व्यक्तियों को जांच में सहयोग करने के निर्देश दिए गए हैं। मामले के सभी पहलुओं की गहनता से जांच की जा रही है और आवश्यकता पड़ने पर आगे भी पूछताछ की जाएगी।  

बारिश और तेज हवाओं से बदलेगा मौसम, कई जिलों में वज्रपात की चेतावनी

रांची  झारखंड में दक्षिण-पश्चिम मॉनसून के आगे बढ़ने के लिए परिस्थितियां अनुकूल बनी हुई हैं. भारत मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार राज्य के अधिकांश हिस्सों में अगले कुछ दिनों तक आसमान में बादल छाये रहने, हल्की से मध्यम वर्षा तथा गरज-चमक के साथ तेज हवाएं चलने की संभावना है. मौसम विभाग ने 27 जून तक झारखंड के विभिन्न क्षेत्रों के लिए येलो अलर्ट जारी किया है. पंजाब से बिहार तक एक टर्फ सक्रिय है. झारखंड से तटीय आंध्र प्रदेश तक एक अन्य टर्फ भी बना हुआ है, जिससे राज्य में नमी बढ़ रही है. विभाग ने कहा है कि झारखंड, बिहार और ओडिशा के कुछ और हिस्सों में 23 जून के आसपास मॉनसून के आगे बढ़ने की संभावना है. दो से तीन डिग्री गिर सकता है पारा मौसम विभाग के अनुसार 25 जून तक राज्य में अधिकांश स्थानों पर बादल छाये रहेंगे और कहीं-कहीं हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है. 22 और 23 जून के दौरान अधिकतम तापमान में दो से तीन डिग्री सेल्सियस तक गिरावट आ सकती है. इसके बाद तापमान में फिर दो से तीन डिग्री की वृद्धि होने की संभावना जताई गई है. गुमला में सबसे ज्यादा बारिश हुई पिछले 24 घंटों के दौरान राज्य के विभिन्न हिस्सों में हल्की से मध्यम दर्जे की बारिश हुई. सबसे अधिक बारिश चैनपुर (गुमला जिला) में 40.2 मिलीमीटर रिकॉर्ड की गई. इसके अलावा रांची में 35.6 मिलीमीटर, बोकारो में 35.5 मिलीमीटर और नामकुम में 23.5 मिलीमीटर बारिश हुई. आज तेज हवा और वज्रपात का अलर्ट 22 जून को दक्षिणी (कोल्हान) और निकटवर्ती मध्य (राजधानी और आसपास) जिलों में तेज हवा और वज्रपात की चेतावनी जारी की गई है. 23 से 27 जून तक राज्य के विभिन्न हिस्सों में गरज-चमक, वज्रपात और 40-50 किमी प्रति घंटा की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना बनी रहेगी.