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नेशनल मेडिकोस ऑर्गेनाइजेशन ने स्वास्थ्य यात्रा के तहत नेपाल सीमा से लगे सात जिलों में लगाए निशुल्क स्वास्थ्य शिविर

लोकमंगल को समर्पित है  गुरु गोरखनाथ स्वास्थ्य सेवा यात्रा – सीएम योगी आदित्यनाथ नेशनल मेडिकोस ऑर्गेनाइजेशन ने स्वास्थ्य यात्रा के तहत नेपाल सीमा से लगे सात जिलों में लगाए निशुल्क स्वास्थ्य शिविर मुख्यमंत्री ने दी बधाई, कहा- महायोगी गुरु गोरखनाथ जी के संदेशों का प्रसार कर रही यह यात्रा  गुरु गोरखनाथ स्वास्थ्य सेवा यात्रा के माध्यम से 1000 चिकित्सक देंगे 3 लाख लोगों को चिकित्सकीय परामर्श लखनऊ,   नेशनल मेडिकोस ऑर्गेनाइजेशन (एनएमओ) के अवध व गोरक्ष प्रांत की तरफ से  गुरु गोरखनाथ सेवा न्यास और अन्य संस्थाओं के सहयोग से 8 फरवरी तक चलने वाली तीन दिवसीय गुरु गोरखनाथ स्वास्थ्य सेवा यात्रा के तहत नेपाल सीमा से लगे सात जिलों के दूरदराज के थारू बाहुल्य गांवों में शुक्रवार को निशुल्क स्वास्थ्य शिविरों का आयोजन किया गया। यह शिविर सिद्धार्थनगर, महाराजगंज, बलरामपुर, श्रावस्ती, बहराइच, लखीमपुर, पीलीभीत में लगाए गए हैं। पहले दिन 70,000 से अधिक लोगों को स्वास्थ्य सेवा प्रदान की गई। वर्ष 2019 से जारी इस सेवा प्रकल्प का यह छठवां पड़ाव है। इस वर्ष की स्वास्थ्य सेवा यात्रा में तीन दिन तक 1,000 से अधिक चिकित्सक प्रदेश के सीमावर्ती ग्रामीण अंचलों में 3 लाख से अधिक मरीजों का उपचार करेंगे। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एनमओ और यात्रा से जुड़े सभी स्वयंसेवकों को बधाई दी है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर एक वीडियो संदेश जारी कर मुख्यमंत्री ने कहा कि यह यात्रा लोक मंगल और जन सेवा के प्रति समर्पित है और भारत-नेपाल सीमावर्ती क्षेत्रों में स्वास्थ्य, सेवा और सामाजिक चेतना का दीप प्रज्वलित कर रही है।  महायोगी गोरखनाथ का संदेश, सबका कल्याण, सबका उत्थान – मुख्यमंत्री मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गुरु गोरखनाथ स्वास्थ्य सेवा यात्रा में योगदान देने वाले सभी पदाधिकारियों, कार्यकर्ताओं और स्वयंसेवकों का अभिनंदन करते हुए कहा कि महायोगी गुरु गोरखनाथ जी ने समाज को योग, तप और करुणा का मार्ग दिखाया, जिनका स्पष्ट संदेश था, सबका कल्याण, सबका उत्थान। उन्होंने कहा कि वर्ष 2019 से शुरू हुई इस स्वास्थ्य सेवा यात्रा के माध्यम से अब तक लाखों नागरिकों को नि:शुल्क परामर्श, दवाइयों, जांच और स्वास्थ्य जागरूकता का लाभ मिल चुका है। पिछले साल फरवरी में आयोजित यात्रा में 2 लाख 18 हजार से अधिक नागरिकों को सेवा पहुंचाई गई थी।  सीमावर्ती क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवा को सरकार ने दी सर्वोच्च प्राथमिकता सीएम योगी ने कहा कि सरकार ने सीमावर्ती एवं वंचित क्षेत्रों में स्वास्थ्य जागरूकता और सेवा को प्राथमिकता दी है। प्रधानमंत्री मोदी के मार्गदर्शन में प्रदेश की 'डबल इंजन सरकार' स्वास्थ्य को केवल इलाज तक सीमित न रखते हुए बीमारियों की रोकथाम, जागरूकता और आधारभूत संरचना विकास पर भी जोर दे रही है। उन्होंने कहा कि ये स्वास्थ्य सेवा यात्रा उसी भाव को आत्मसात करते हुए भारत-नेपाल सीमावर्ती क्षेत्र में थारू जनजाति और वनटांगिया समुदाय के बीच स्वास्थ्य, सेवा और सामाजिक चेतना का दीप प्रज्वलित कर रही है। सीमावर्ती एवं वंचित क्षेत्रों में स्वास्थ्य जागरूकता और सेवा का यह प्रयास नए भारत की सेवा संस्कृति का एक उत्कृष्ट और प्रेरक उदाहरण होने के साथ ही सेवा ही साधना और स्वास्थ्य सेवा को राष्ट्र सेवा के रूप में स्थापित करते हुए एक भारत श्रेष्ठ भारत के संकल्प को और अधिक सुदृढ़ कर रहा है।  जनजातीय समाज का सर्वांगीण विकास प्रदेश सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2017 के बाद हमारी सरकार ने वनटांगिया गांव को राजस्व गांव का दर्जा देकर उन्हें पहचान, सम्मान और शासन की सभी बुनियादी सुविधाओं के साथ विकास की मुख्य धारा से जोड़ने का कार्य किया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि विशेष रूप से इंसेफ्लाइटिस जैसी बीमारियों को समयबद्ध रणनीति, टीकाकरण और जन भागीदारी के माध्यम से नियंत्रित किया गया है। सीमावर्ती क्षेत्रों में आधारभूत सुविधाओं का विस्तार और जनजातीय समाज के सर्वांगीण विकास को सरकार सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है। सीएम योगी ने सभी चिकित्सकों, स्वयंसेवकों और आयोजकों को बधाई देते हुए कहा कि गुरु गोरखनाथ की प्रेरणा से समाज के अंतिम व्यक्ति तक स्वास्थ्य सेवा पहुंचाने का यह प्रयास निरंतर जारी रहेगा। उन्होंने उम्मीद जताई कि इस स्वास्थ्य सेवा अभियान के माध्यम से एक स्वस्थ, समर्थ जनजातीय समाज और सशक्त राष्ट्र के निर्माण के संकल्प को साकार किया जाएगा। स्वास्थ्य सेवा यात्रा ने 7 जिलों में 70,000 से अधिक लोगों को प्रदान की स्वास्थ्य सेवा एनएमओ अवध प्रांत के महामंत्री डॉ शिवम् मिश्र ने बताया कि  गुरु गोरखनाथ स्वास्थ्य सेवा यात्रा की शुरूआत आज भारत नेपाल सीमा सीमा पर स्थित थारू जनजातीय बहुल सात जिलों में एक साथ हुई।  स्वास्थ्य सेवा यात्रा के तहत आज पीलीभीत में 10 कैम्प, लखीमपुर में 30 कैम्प, बलरामपुर में 40 कैम्प और श्रावस्ती में लगभग 25 कैम्प आयोजित किए गये। वहीं बहराइच में 30 कैम्प, सिद्धार्थनगर में 10 कैम्प और महाराजगंज में भी लगभग 10 कैम्प आयोजित किए गये। इन शिविरों में स्थानीय और बाहरी चिकित्सकों को मिलाकर लगभग 1000 चिकित्सक सेवाएं प्रदान कर रहे हैं। सेवा यात्रा के माध्यम से चिकित्सकों ने पहले ही दिन लगभग 70,000 से अधिक लोगों लोगों का स्वास्थ्य परीक्षण किया, निःशुल्क दवाइयां दीं, और गांव में विभिन्न विषयों संतुलित भोजन, माहवारी स्वच्छता इत्यादि पर लोगों को जागरूक किया। स्वास्थ्य सेवा यात्रा 7 और 8 फरवरी को भी इसी प्रकार संचालित की जाएगी, जिसके माध्यम से लगभग 3 लाख लोगों को स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान की जाएंगी। इस क्रम में 8 फ़रवरी को प्रत्येक जिले में विशाल स्वास्थ्य मेले का आयोजन किया जाएगा। स्वास्थ्य सेवा यात्रा में एनएमओ के साथ एकल अभियान, सीमा जागरण मंच, वनवासी कल्याण आश्रम, विश्व हिंदू परिषद, सेवा भारती आदि अन्य सामाजिक संगठनों के कार्यकर्ताओं ने भी पूरा सहयोग प्रदान किया।

राष्ट्रपति मुर्मू करेंगी बस्तर पंडुम का शुभारंभ

रायपुर. राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू आज छत्तीसगढ़ के बस्तर दौरे पर रहेंगी. वह सुबह 9.10 बजे भुवनेश्वर से उड़ान भरकर मां दंतेश्वरी एयरपोर्ट पहुंचेंगी. इसके बाद राष्ट्रपति लाल बाग मैदान में आयोजित बस्तर पण्डुम के संभाग स्तरीय शुभारंभ कार्यक्रम में शामिल होंगी. 10.55 से 11.10 बजे तक वह बस्तर पण्डुम में लगाए गए स्टॉल्स का अवलोकन करेंगी, जबकि 11.10 से 12.15 बजे तक कार्यक्रम का औपचारिक शुभारंभ करेंगी. राष्ट्रपति मुर्मू करीब तीन घंटे छत्तीसगढ़ में प्रवास के बाद दोपहर 1.30 बजे रायपुर एयरपोर्ट से दिल्ली के लिए रवाना होंगी. सीएम विष्णुदेव साय का बस्तर दौरा  मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय आज सुबह 10.05 बजे मां दंतेश्वरी एयरपोर्ट पहुंचकर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का स्वागत करेंगे. वह 11 बजे बस्तर पण्डुम 2026 के शुभारंभ कार्यक्रम में शामिल होंगे. इसके बाद दोपहर 12.30 बजे मां दंतेश्वरी एयरपोर्ट से रायपुर के लिए रवाना होंगे और रायपुर एयरपोर्ट पर राष्ट्रपति मुर्मू को विदाई देंगे. सीएम साय 1.45 बजे नए मुख्यमंत्री निवास पहुंचेंगे. शाम 4.15 बजे वह दोबारा रायपुर एयरपोर्ट जाएंगे और केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह का स्वागत करेंगे. इसके बाद शाम 6 बजे एक निजी होटल जाएंगे और वहां से सीधे नए सीएम हाउस पहुंचकर कुछ देर विश्राम करेंगे. केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह का तीन दिवसीय छत्तीसगढ़ दौरा केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह आज छत्तीसगढ़ के तीन दिवसीय दौरे पर पहुंचेंगे. वह 7 फरवरी को शाम 4.40 बजे रायपुर एयरपोर्ट पहुंचकर निजी होटल के लिए रवाना होंगे. 8 फरवरी को सुबह 11 बजे से बैठकों का दौर शुरू होगा, जहां शाम 5 बजे तक नक्सलवाद को लेकर हाई लेवल मीटिंग की जाएगी. इस दौरान केंद्र और राज्य के अधिकारियों के साथ LWE और विभिन्न विभागों की समीक्षा बैठक में रणनीति तैयार की जाएगी. शाम 5 से 6.10 बजे तक वह एक निजी कार्यक्रम में शामिल होंगे और होटल में ही रात्रि विश्राम करेंगे. 9 फरवरी को अमित शाह बस्तर पण्डुम के समापन कार्यक्रम में शामिल होंगे. वह सुबह 11 बजे विशेष विमान से रायपुर से दंतेश्वरी एयरपोर्ट पहुंचेंगे और सड़क मार्ग से कार्यक्रम स्थल जाएंगे. दोपहर 12.05 से शाम 4 बजे तक कार्यक्रम में शामिल होने के बाद शाम 4.20 बजे जगदलपुर से दिल्ली के लिए रवाना होंगे.

केरवा डेम पर एनजीटी का बड़ा कदम: निरीक्षण के लिए माह में 2 बार निर्देश, 33 मीटर दायरे का भराव हटेगा

भोपाल  निजी जमीन का हवाला देकर पर्यावरणीय नियमों की अनदेखी नहीं की जा सकती. इसको लेकर नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) ने एक ऐतिहासिक फैसला सुनाया है. एनजीटी ने जलस्रोतों, हरित क्षेत्रों और संवेदनशील इलाकों में हो रहे अवैध निर्माण और अन्य गतिविधियों पर सख्त रुख अपनाते हुए कई स्थानों पर रोक लगा दी है. एनजीटी का कहना है कि पर्यावरण की कीमत पर विकास की मंजूरी नहीं दी जा सकती है. कैचमेंट एरिया में हो रहा हस्तक्षेप गंभीर एनजीटी के समक्ष आए मामलों में पाया गया कि कई जगहों पर निजी स्वामित्व की जमीन होने का तर्क देकर खनन, निर्माण और व्यावसायिक गतिविधियां की जा रही थीं. इस पर एनजीटी ने स्पष्ट कर दिया है कि पर्यावरण कानून सभी पर समान रूप से लागू होते हैं, चाहे निजी जमीन हो या सरकारी. एनजीटी ने खास तौर पर नदियों, तालाबों, जलाशयों और उनके कैचमेंट एरिया में हो रहे हस्तक्षेप को गंभीर माना है. इन क्षेत्रों में किसी भी प्रकार की गतिविधि से पहले पर्यावरणीय स्वीकृति अनिवार्य बताई गई है. नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) ने केरवा डेम के फुल टैंक लेवल (एफटीएल) की स्पष्ट मार्किंग करने, उसका जोन ऑफ इन्फ्लुएंस यानी प्रभाव क्षेत्र तय करने और अतिक्रमण रोकने के लिए महीने में दो बार नियमित निरीक्षण के निर्देश दिए हैं।  ट्रिब्यूनल ने यह निर्देश पिछले साल केरवा डेम के एफटीएल क्षेत्र में 2000 डंपर मिट्टी व निर्माण सामग्री के भराव को लेकर आई खबरों के आधार पर स्वतः संज्ञान लेते हुए दायर याचिका पर दिए हैं। एनजीटी ने साफ किया है कि बफर जोन में आने वाली निजी भूमि पर भी पर्यावरण से जुड़े सभी कानून-नियम पूरी तरह लागू होंगे। ऐसे में डेम के एफटीएल से 33 मीटर के दायरे में निजी जमीन पर किया गया भराव भी हटाना होगा। गौरतलब है कि पिछले साल एनजीटी के निर्देश पर कलेक्टर, सीपीसीबी, एमपीपीसीबी व स्टेट वेटलैंड अथॉरिटी के प्रतिनिधियों की संयुक्त समिति गठित की गई थी। शेष | पेज 12 पर वेटलैंड अथॉरिटी तय करेगी प्रभाव क्षेत्र     एनजीटी ने स्टेट वेटलैंड अथॉरिटी को केरवा डेम का जोन ऑफ इन्फ्लुएंस तय करने के निर्देश दिए हैं, जबकि सीमांकन की जिम्मेदारी जिला प्रशासन को सौंपी गई है। जोन ऑफ इन्फ्लुएंस में जलाशय के एफटीएल के साथ-साथ कैचमेंट एरिया में आने वाली नदियों और नालों का भी सीमांकन किया जाएगा। इन क्षेत्रों के आसपास निर्माण गतिविधियों पर रोक रहेगी।     निजी भूमि का तर्क नहीं चलेगा… एनजीटी ने आदेश में स्पष्ट किया है कि एफटीएल व बफर जोन के भीतर निजी स्वामित्व का दावा पर्यावरण कानूनों से छूट का आधार नहीं बन सकता। ट्रिब्यूनल ने संकेत दिए हैं कि यदि निर्धारित क्षेत्र में किया गया भराव नहीं हटाया गया तो संबंधित विभागों और जिम्मेदार व्यक्तियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा सकती है। दोषियों से होगी पर्यावरण को हुए नुकसान की भरपाई एनजीटी ने संबंधित जिलों के कलेक्टर, नगर निगम और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को निर्देश दिए हैं कि वे प्रतिबंधित क्षेत्रों में चल रही गतिविधियों की जांच करें और नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर तत्काल कार्रवाई करें. एनजीटी ने चेतावनी देते हुए कहा है कि आदेशों की अवहेलना करने वालों पर भारी जुर्माना और कानूनी कार्रवाई हो सकती है. साथ ही, पर्यावरण को हुए नुकसान की भरपाई भी दोषियों से कराई जाएगी. वेटलैंड रुल्स 2017 का हो रहा उल्लंघन इस मामले में शिकायतकर्ता राशिद नूर खान ने बताया कि "भोपाल के ग्राम महुआखेड़ा स्थित केरवा डैम के फुल टैंक लेवल और आसपास के क्षेत्र में 2000 से अधिक डंपरों से कोपरा, मुर्रम और काली मिट्टी डाली गई है. इसका उद्देश्य जलाशय और उसके कैचमेंट क्षेत्र को समतल कर भविष्य में प्लॉटिंग और निर्माण गतिविधियां करना बताया गया है. जो वेटलैंड नियम 2017 और पर्यावरण कानूनों का सीधा उल्लंघन है." संयुक्त समिति की रिपोर्ट से हुआ खुलासा एनजीटी द्वारा गठित संयुक्त समिति ने स्थल निरीक्षण में पाया कि फुल टैंक लेवल की चिन्हांकित सीमा के भीतर करीब 10 फीट तक कोपरा से अवैध भराव किया गया है. इससे डैम की जल भंडारण क्षमता, संरचनात्मक सुरक्षा और पारिस्थितिकी को गंभीर खतरा बताया गया. समिति ने यह भी स्पष्ट किया कि निजी भूमि पर किया गया भराव भी सीधे जल निकाय को प्रभावित कर रहा है. एनजीटी ने स्पष्ट कहा कि भूमि का निजी होना पर्यावरणीय उल्लंघन को वैध नहीं बनाता. 33 मीटर बफर जोन के उल्लंघन को स्वीकार करते हुए मिट्टी और कोपरा हटाने के नोटिस को सही ठहराया गया. सख्त निर्देश और निगरानी के आदेश एनजीटी ने जल संसाधन विभाग को एफटीएल क्षेत्र की नियमित निगरानी, जिला प्रशासन को अतिक्रमण हटाने और राज्य वेटलैंड प्राधिकरण को 2 माह में जोन आफ इंफ्लुएंस चिन्हित करने के निर्देश दिए हैं. साथ ही, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को सतत निगरानी के आदेश दिए गए हैं. एनजीटी ने कहा कि स्वच्छ पर्यावरण संविधान के अनुच्छेद 21 के तहत मौलिक अधिकार है. वेटलैंड प्राकृतिक स्पंज की तरह     वेटलैंड पाटना कितना खतरनाक है…. वेटलैंड प्राकृतिक स्पंज की तरह काम करते हैं। बाढ़ रोकते हैं। भूजल रिचार्ज करते हैं। जैव विविधता बचाते हैं।     जोन ऑफ इन्फ्लुएंस क्यों तय होता है… इसमें वे इलाके आते हैं-जहां भूजल स्तर प्रभावित होता है, जहां बाढ़ या जलभराव का खतरा रहता है, जहां पर्यावरण व वेटलैंड सुरक्षित रखना जरूरी होता है। केरवा डेम महत्वपूर्ण क्यों? केरवा-कलियासोत का वन क्षेत्र आपस में जुड़ा है, जो जैव विविधता के लिहाज से संवेदनशील। केरवा से कोलार क्षेत्र में रोज करीब 22.5 मिलियन लीटर पानी की आपूर्ति होती है।  

बच्चों के बीच उमड़ा ‘बाबा’ का बालप्रेम, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उत्तराखंड के पैतृक गांव पंचूर में रात्रि विश्राम

‘हम भी तेरे दादा लगते हैं’ बच्चों के बीच उमड़ा ‘बाबा’ का बालप्रेम,  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उत्तराखंड के अपने पैतृक गांव पंचूर में किया रात्रि विश्राम  मुख्यमंत्री ने शनिवार सुबह गांव में बड़े-बुजुर्गों से हालचाल पूछा, बच्चों को किया दुलार  पंचूर  उत्तराखंड दौरे पर पहुंचे उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को अपने पैतृक गांव पंचूर में रात्रि विश्राम किया। शनिवार सुबह उन्होंने अपने गांव के बड़े-बुजुर्गों का हालचाल जाना और बच्चों को दुलार किया। इस दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का बालप्रेम उमड़ आया। उन्होंने गांव के बच्चों पर अपना स्नेह बरसाया, उनसे बातचीत की और उन्हें चॉकलेट भी दी। सीएम योगी ने एक बच्चे को अपनी गोद में लेकर उसे प्रेम से खिलाया। बच्चों ने भी सहज भाव से मुख्यमंत्री से बातचीत की। इस दौरान, गांव के लोगों ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के साथ सेल्फी भी ली। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शनिवार को अपने परिजनों से भी मिले, सभी का कुशलक्षेम जाना। सीएम योगी की विनम्रता, सरलता व सहजता देखकर स्थानीय लोग भी भाव-विभोर हो गए। इसके बाद अपने गांव में भ्रमण पर निकले मुख्यमंत्री ने ग्रामीणों व परिचितों से मुलाकात की। इस दौरान मुख्यमंत्री ने सभी बच्चों को दुलार किया।  भ्रमण के दौरान मार्ग में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को एक बच्चे ने फूल भेंट किया तो उन्होंने मासूम को खाने का सामान दिया। बच्चे ने वह सामान वहां खड़े अपने दादा को दे दिया। इस पर मुख्यमंत्री ने मुस्कुराते हुए प्यार भरे शब्दों में बच्चे से कहा, ‘हम भी तेरे दादा लगते हैं।’ गांव में भ्रमण के दौरान योगी आदित्यनाथ ने ग्रामीणों को गांव में रहने और खेतीबाड़ी करने के लिए प्रेरित किया।

अल्पसंख्यक छात्रवृत्ति एवं शुल्क प्रतिपूर्ति योजना के तहत वर्ष 2025-26 में लगभग 71.35 करोड़ रुपये की धनराशि का हुआ वितरण

समावेशी विकास की दिशा में योगी सरकार का सशक्त कदम, अल्पसंख्यक समुदाय के 2.39 लाख से अधिक विद्यार्थियों को मिली छात्रवृत्ति अल्पसंख्यक छात्रवृत्ति एवं शुल्क प्रतिपूर्ति योजना के तहत वर्ष 2025-26 में लगभग 71.35 करोड़ रुपये की धनराशि का हुआ वितरण अल्पसंख्यक समुदाय के छात्रों को आर्थिक संबल प्रदान कर योगी सरकार सबका साथ, सबका विकास की अवधारणा कर रही साकार  लखनऊ  योगी सरकार ने समावेशी विकास और सामाजिक न्याय की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए अल्पसंख्यक समुदाय के विद्यार्थियों को शिक्षा से जोड़ने के अपने संकल्प को मजबूती प्रदान की है। इस दिशा में योगी सरकार ने वित्तीय वर्ष 2025-26 में अल्पसंख्यक छात्रवृत्ति एवं शुल्क प्रतिपूर्ति योजना के तहत 2.39 लाख से अधिक छात्र-छात्राओं को छात्रवृत्ति का लाभ प्रदान किया है। इस योजना के अंतर्गत इस वर्ष अब तक लगभग 71.35 करोड़ रुपये की धनराशि का वितरण किया जा चुका है। योगी सरकार की ये योजना प्रदेश के सिख, जैन, बौद्ध और मुस्लिम जैसे अल्पसंख्यक समुदाय के जरूरतमंद छात्र-छात्राओं को शिक्षा प्राप्त करने में आर्थिक संबल प्रदान करती है। साथ ही समाज के सभी वर्गों को विकास का समान अवसर प्रदान कर सामाजिक न्याय और समावेशी विकास की अवधारणा को साकार कर रही है।  प्री-मैट्रिक छात्रवृत्ति के तहत अल्पसंख्यक समुदाय के 1,09,084 छात्र हुए लाभान्वित अल्पसंख्यक छात्रवृत्ति एवं शुल्क प्रतिपूर्ति योजना के तहत प्री-मैट्रिक छात्रवृत्ति के अंतर्गत वित्तीय वर्ष 2025-26 में कक्षा 9 और 10 में पढ़ने वाले अल्पसंख्यक समुदाय के लगभग 1,09,084 विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति प्रदान की जा चुकी है। योजना के तहत इस मद में लगभग 37.20 करोड़ रुपये के बजट का प्रावधान किया गया था। इसमें पहले और दूसरे चरण में लगभग 64,312 छात्र-छात्राओं को 19.03 करोड़ रुपये की छात्रवृत्ति प्रदान की गई। तीसरे चरण में 25 जनवरी 2026 तक लगभग 44,772 विद्यार्थियों को 13.16 करोड़ रुपये की छात्रवृत्ति का वितरण किया गया है। इस प्रकार प्री-मैट्रिक स्तर पर अब तक तीन चरणों में लगभग 32.19 करोड़ रुपये की छात्रवृत्ति का वितरण किया चुका है। शेष धनराशि से वंचित विद्यार्थियों को लाभान्वित किया जा रहा है। पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति के अंतर्गत वर्ष 2025-26 में 1,30,265 छात्रों को मिली छात्रवृत्ति  राज्य सरकार, योजना के तहत पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति के अंतर्गत अल्पसंख्यक समुदाय के 11वीं और 12वीं के अलावा अन्य तकनीकी एवं व्यवसायिक शिक्षा के जरूरतमंद छात्र-छात्राओं को छात्रवृत्ति प्रदान करती है। इस क्रम में वर्ष 2025-26 में अब तक लगभग 1,30,265 छात्र-छात्राओं को छात्रवृत्ति प्रदान की है। इस दिशा में विभाग की ओर से अब तक तीन चरणों में लगभग 39.16 करोड़ रुपये की धनराशि वितरित की गई है। इसके तहत पहले और दूसरे चरण में लगभग 51,519 विद्यार्थियों को 15.72 करोड़ रुपये की छात्रवृति प्रदान की गई, जबकि तीसरे चरण में 25 जनवरी 2026 तक 78,746 विद्यार्थियों को 23.44 करोड़ रुपये की छात्रवृत्ति प्रदान की जा चुकी है। सीएम योगी आदित्यनाथ के विजन के अनुरूप शिक्षा को सामाजिक और आर्थिक सशक्तिकरण का सबसे मजबूत आधार मानते हुए प्रदेश सरकार अल्पसंख्यक समुदाय के जरूरतमंद छात्र-छात्राओं को छात्रवृत्ति प्रदान करती है ताकि कोई भी छात्र आर्थिक कारणों से पढ़ाई से वंचित न रहे, बल्कि शिक्षा के माध्यम से आत्मनिर्भर हो प्रदेश के विकास में सकारात्मक योगदान दे सके। प्रदेश सरकार की ये पहल न केवल ड्रॉपआउट दर में कमी लाने में सहायक साबित हुई है, डबल इंजन सरकार की “सबका साथ, सबका विकास” की अवधारणा को भी साकार किया है।

उत्तर प्रदेश में फिल्म ‘गोदान’ को मिला टैक्स फ्री दर्जा, गो संरक्षण पर आधारित है फिल्म

उत्तर प्रदेश में फिल्म गोदान टैक्स फ्री, गो संरक्षण को बढ़ावा देने पर आधारित है फिल्म गो सरंक्षण के लिए प्रतिबद्ध हैं सीएम योगी आदित्यनाथ, करमुक्त होने से अधिक लोग देख सकेंगे फिल्म लखनऊ  उत्तर प्रदेश सरकार ने गो संरक्षण पर आधारित फिल्म गोदान को राज्य में टैक्स फ्री कर दिया है। विनोद चौधरी द्वारा निर्मित व निर्देशित फिल्म आज  देशभर के सिनेमाघरों में रिलीज हुई। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में लिया गया यह निर्णय सरकार की उस नीति को रेखांकित करता है, जिसके तहत गो सुरक्षा को सामाजिक और प्रशासनिक प्राथमिकता दी गई है। सरकार का मानना है कि फिल्म के माध्यम से गो संरक्षण का संदेश व्यापक स्तर पर समाज तक पहुंचेगा और आमजन को इस विषय की गंभीरता से जोड़ने में मदद मिलेगी। अधिक दर्शक फिल्म देख सकेंगे उत्तर प्रदेश में करमुक्ति के बाद दर्शकों के लिए टिकट दरों में कमी आएगी, जिससे अधिक से अधिक लोग फिल्म देख सकेंगे। पद संभालते ही उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गो तस्करों पर ताबड़तोड़ एक्शन शुरु किया था और बड़े पैमाने पर गो तस्करों की गिरफ्तारी की गई थी। गोहत्या और तस्करी के मामलों में कठोर कार्रवाई सुनिश्चित करने के लिए प्रशासनिक तंत्र को स्पष्ट निर्देश दिए गए थे।  गो संरक्षण के लिए प्रतिबद्ध हैं सीएम योगी गोवंश के प्रति मुख्यमंत्री के स्नेह और गो संरक्षण के लिए उनकी प्रतिबद्धता का इसी बात से पता चलता है कि पिछले नौ वर्षों में प्रदेश में साढ़े सात हजार से ज्यादा गो आश्रय स्थल बनाए गए हैं। इतना ही नहीं, 12 लाख से अधिक निराश्रित गोवंश संरक्षित किए जा चुके हैं। गो सेवा और उनके संरक्षण को और प्रभावी बनाने के लिए हर जिले में गो संरक्षण समितियों का गठन किया गया है। हर जनपद के डीएम व एसएसपी इसके नोडल अधिकारी बनाए गए हैं।  वैज्ञानिक दृष्टिकोण पर आधारित है फिल्म गोमाता के संरक्षण, भारतीय संस्कृति में उसके महत्व और पंचगव्य आधारित वैज्ञानिक दृष्टिकोण को केंद्र में रखकर बनी फिल्म ‘गोदान’ के निर्माता-निर्देशक इससे पहले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात कर चुके हैं। लगभग दो घंटे की इस फिल्म में गाय के धार्मिक, सामाजिक और व्यावहारिक महत्व को दर्शाया गया है।

गुरुग्राम में बनेगी देश की सबसे ऊंची इमारत

गुरुग्राम. हरियाणा सरकार गुरुग्राम को वैश्विक शहरों की कतार में खड़ा करने की दिशा में अब तक का सबसे महत्वाकांक्षी शहरी विकास प्रोजेक्ट शुरू करने जा रही है। द्वारका एक्सप्रेस-वे के किनारे विकसित की जा रही 1003 एकड़ की ‘ग्लोबल सिटी’ में देश की सबसे ऊंची इमारत बनाने का प्रस्ताव सैद्धांतिक रूप से मंजूर कर लिया गया है। सरकार इस मेगा प्रोजेक्ट को जमीन पर उतारने के लिए जल्द ही एडवाइजर नियुक्त करेगी। इसके लिए विदेशी कंपनियों और अंतरराष्ट्रीय सलाहकारों की सेवाएं ली जाएंगी, ताकि इमारत का डिजाइन, तकनीक और सुरक्षा ढांचा वैश्विक मानकों के अनुरूप तैयार किया जा सके। ग्लोबल सिटी बनेगी आधुनिक शहरी मॉडल हरियाणा सरकार द्वारा गुरुग्राम में विकसित की जा रही ग्लोबल सिटी को मल्टी-मॉडल कनेक्टिविटी, स्मार्ट इंफ्रास्ट्रक्चर, ग्रीन ज़ोन, डिजिटल सुविधाओं और वर्ल्ड-क्लास अर्बन प्लानिंग के मॉडल के रूप में तैयार किया जा रहा है। प्रस्तावित गगनचुंबी इमारत इस पूरे प्रोजेक्ट की आइकॉनिक पहचान बनेगी। निवेश, रोजगार और पर्यटन को मिलेगा बढ़ावा सरकारी अधिकारियों के अनुसार, देश की सबसे ऊंची इमारत बनने से विदेशी निवेश, मल्टीनेशनल कंपनियों की भागीदारी, पर्यटन और हाई-स्किल रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे। यह परियोजना गुरुग्राम को वैश्विक बिजनेस और अर्बन हब के रूप में स्थापित करने में अहम भूमिका निभाएगी। हालांकि यह योजना अभी प्रस्ताव के स्तर पर है, लेकिन सरकार ने इसे लेकर सैद्धांतिक फैसला कर लिया है। आगामी चरणों में एडवाइजर की नियुक्ति, अंतरराष्ट्रीय सहयोग और विस्तृत तकनीकी अध्ययन किए जाएंगे। एयरपोर्ट पास, सामने सबसे बड़ी चुनौती चूंकि प्रस्तावित साइट इंदिरा गांधी इंटरनैशनल एयरपोर्ट के अपेक्षाकृत करीब है, इसलिए इमारत की ऊंचाई को लेकर तकनीकी चुनौतियां भी कम नहीं हैं। सरकार को इसके लिए डी.जी.सी.ए. (डायरेक्टर जनरल ऑफ सिविल एविएशन) और एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया (ए.ए.आई.) से मंजूरी लेनी होगी। इमारत की अधिकतम ऊंचाई, एविएशन सेफ्टी, लाइटिंग सिस्टम और एयर ट्रैफिक पर प्रभाव, इन सभी पहलुओं पर गहन मंथन किया जा रहा है।

पंजाब में नए DC रेट से कर्मचारियों की बढ़ेगी Salary

पटियाला. पंजाब सरकार ने राज्य में संशोधित न्यूनतम वेतन (डीसी रेट) को लागू करने के आदेश जारी कर दिए हैं। इसके तहत सरकारी विभागों में आउटसोर्स पर काम करने वाले कर्मचारियों के साथ-साथ निजी क्षेत्र में कार्यरत श्रमिकों के वेतन में बढ़ोतरी होगी। लुधियाना सहित प्रदेश के सभी जिलों में डीसी रेट सितंबर 2025 में संशोधित किए गए थे, लेकिन अब लेबर डिपार्टमेंट की मंजूरी के बाद इन्हें एक सितंबर 2025 से बैकडेट लागू कर दिया गया है। इससे लाखों कर्मचारियों को सितंबर से अब तक का एरियर भी मिलेगा। संशोधित दरों के अनुसार महंगाई भत्ते में वृद्धि के कारण कर्मचारियों के मासिक वेतन में करीब ₹336 से ₹439 तक की बढ़ोतरी हुई है। डिप्टी कमिश्नर हिमांशु जैन ने बताया कि सभी सरकारी विभागों को निर्देश दिए गए हैं कि वे आउटसोर्स और डीसी रेट पर कार्यरत कर्मचारियों को बकाया राशि का भुगतान करें, वहीं निजी संस्थानों को भी इन दरों का पालन करना अनिवार्य होगा। नए रेट के तहत अनस्किल्ड कर्मचारियों का वेतन ₹11,389 से बढ़कर ₹11,726, सेमी-स्किल्ड का ₹12,169 से ₹12,506, स्किल्ड का ₹13,066 से ₹13,403 और हाई-स्किल्ड कर्मचारियों का वेतन ₹14,098 से बढ़कर ₹14,435 कर दिया गया है। इसके अलावा सरकारी विभागों और बोर्डों में आउटसोर्स स्टाफ की विभिन्न कैटेगरी में भी वेतन में इजाफा किया गया है। कृषि क्षेत्र से जुड़े अकुशल श्रमिकों के वार्षिक वेतन में भी सीधी बढ़ोतरी की गई है, जिससे उनका सालाना वेतन अब ₹79,107 से अधिक हो गया है। वहीं ईंट-भट्टा मजदूरों के पीस रेट में भी लगभग ₹28 प्रति हजार ईंट की वृद्धि दर्ज की गई है। प्रशासन ने साफ किया है कि कोई भी सरकारी या निजी संस्था तय डीसी रेट से कम वेतन नहीं दे सकती। नियमों का उल्लंघन करने या साप्ताहिक छुट्टी न देने पर संबंधित संस्थान के खिलाफ श्रम कानूनों के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी।

रात का पारा बढ़ने से दिन रहेगा गर्म

रायपुर. छत्तीसगढ़ में आज फिर मौसम का मिजाज बदलने वाला है. फरवरी के पहले सप्ताह में दोपहर के वक्त गर्मी लोगों के पसीने छूटा रही है. हालांकि सुबह को कोहरे और रात के समय हल्की ठंड का सिलसिला जारी है. आगामी दिनों में रात के तापमान में बढ़ोतरी के संकेत है. राजनांदगांव में 32 डिग्री रिकॉर्ड मौसम विभाग के मुताबिक, पिछले 24 घंटे के दौरान प्रदेश में मौसम शुष्क रहा. प्रदेश में सर्वाधिक अधिकतम तापमान 32 डिग्री सेल्सियस राजनांदगांव में और सबसे कम न्यूनतम तापमान 8.4 डिग्री सेल्सियस अंबिकापुर में दर्ज किया गया. बढ़ेगा रात का पारा मौसम वैज्ञानिक एचपी चंद्रा ने बताया कि एक पश्चिमी विक्षोभ उत्तर अफगानिस्तान उससे लगे क्षेत्र में स्थित है. प्रदेश में 7 फरवरी को मौसम शुष्क रहने की संभावना है. प्रदेश में न्यूनतम तापमान में अगले दो दिनों तक कोई विशेष परिवर्तन होने की संभावना नहीं है, उसके बाद न्यूनतम तापमान में 2 डिग्री के आसपास वृद्धि होने की संभावना है. एक नया पश्चिमी विक्षोभ 8 फरवरी को उत्तर पश्चिम भारत को प्रभावित कर सकता है. रायपुर में आज कैसा रहेगा मौसम ?  राजधानी रायपुर में शनिवार को सुबह के वक्त धुंध छाया रह सकता है. मौसम विभाग का अनुमान है कि आज अधिकतम तापमान 31 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 18 डिग्री सेल्सियस के आसपास दर्ज किया जा सकता है.

कर्नल सोफिया मामले पर विजय शाह ने मीडिया से की दूरी, भाजपा मुख्यालय में सवालों से भागे, 9 फरवरी को होगी सुनवाई

भोपाल  भाजपा प्रदेश मुख्यालय में  समस्याएं सुनने पहुंचे जनजातीय कार्य मंत्री विजय शाह उस वक्त असहज नजर आए, जब मीडिया ने उनसे सुप्रीम कोर्ट में लंबित प्रकरण को लेकर सवाल पूछ लिया. सवाल सुनते ही मंत्री विजय शाह बिना कोई प्रतिक्रिया दिए सीधे वाहन में बैठकर रवाना हो गए. हालांकि, इसके बाद स्वास्थ्य राज्य मंत्री शिवाजी पटेल को अकेले प्रेस ब्रीफिंग की. मंत्री शाह और पटेल ने सुनी समस्या भाजपा संगठन द्वारा कार्यकर्ताओं की समस्याओं के त्वरित समाधान के उद्देश्य से प्रदेश मुख्यालय में मंत्रियों की ड्यूटी तय की गई है. प्रतिदिन दोपहर 1 से 3 बजे तक प्रदेशभर से कार्यकर्ता अपनी शिकायतें लेकर पहुंचते हैं. जिन मामलों का तत्काल समाधान संभव होता है, उनका मौके पर निराकरण किया जाता है, जबकि अन्य मामलों को संबंधित विभागों को भेजा जाता है. शुक्रवार को यह जिम्मेदारी मंत्री विजय शाह और मंत्री शिवाजी पटेल को सौंपी गई थी. मीडिया के सवालों से बचते दिखे विजय शाह कार्यकर्ताओं की सुनवाई के बाद जैसे ही दोनों मंत्री कार्यालय से बाहर निकले, मीडिया ने जनजातीय कार्य मंत्री विजय शाह से उनके खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में चल रहे मामले को लेकर सवाल किया. सवाल सुनते ही मंत्री बिना कुछ कहे वाहन में बैठकर निकल गए. विशेषज्ञों का मानना है कि मध्यप्रदेश सरकार मंत्री विजय शाह के मामले में जल्दबाजी में कोई निर्णय नहीं लेना चाहती. इसलिए अभियोजन की मंजूरी को लेकर सरकार सुप्रीम कोर्ट से अतिरिक्त समय मांगने की तैयारी में है. सरकार को 3 दिन में देना होगा जबाव 20 जनवरी को सुप्रीम कोर्ट ने कर्नल सोफिया कुरैशी पर दिए गए विवादित बयान के मामले में सुनवाई करते हुए एसआईटी की सीलबंद रिपोर्ट देखने के बाद कहा था कि जांच पूरी हो चुकी है और मंत्री के खिलाफ अभियोजन की अनुमति मांगी गई है. कोर्ट ने सरकार को दो सप्ताह में अभियोजन का निर्णय लेकर रिपोर्ट पेश करने के निर्देश दिए थे. अब इस मामले की सुप्रीम कोर्ट में अगली सुनवाई 9 फरवरी को है, जबकि कार्यदिवसों के आधार पर सरकार के पास अभी लगभग तीन दिन का समय बचा है. सुप्रीम कोर्ट में सरकार को देना है जवाब मंत्री विजय शाह के खिलाफ अभियोजन (प्रोसिक्यूशन) की मंजूरी के मामले में मध्यप्रदेश सरकार को 9 फरवरी को सुप्रीम कोर्ट में अपना जवाब दाखिल करना है। इससे पहले कोर्ट ने राज्य सरकार को 15 दिनों के भीतर निर्णय लेने के निर्देश दिए थे। सरकारी और राजनीतिक सूत्रों के मुताबिक, राज्य सरकार इस मामले में सुप्रीम कोर्ट से और समय मांग सकती है। तर्क यह दिया जाएगा कि मामले की जांच अभी पूरी नहीं हुई है और विस्तृत परीक्षण जरूरी है। यही रुख शुरुआत से मामले की जांच कर रही विशेष जांच टीम (SIT) का भी रहा है। पार्टी और विधि विशेषज्ञों से राय-मशविरा सूत्रों के अनुसार, इस मसले पर पार्टी के शीर्ष नेताओं के साथ-साथ अटार्नी जनरल और अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल से भी सलाह ली गई है। लंबी चर्चा के बाद यह संकेत मिले हैं कि सरकार 9 फरवरी की सुनवाई में समय विस्तार की मांग कर सकती है, जिससे सुनवाई आगे बढ़ने की संभावना है। सरकार ने रिपोर्ट दिल्ली भेजी मध्यप्रदेश सरकार ने अपनी मंशा से जुड़ी रिपोर्ट सुप्रीम कोर्ट में पेश करने के लिए दिल्ली भेज दी है। इस संबंध में एसीएस गृह शिवशेखर शुक्ला, सचिव गृह कृष्णा वेणी देशावतु और अतिरिक्त सचिव मनीषा सेंतिया दिल्ली गए थे। मंत्रालय सूत्रों के अनुसार, 9 फरवरी को अभियोजन से जुड़े बिंदु पर सुनवाई संभावित है, जबकि 11 फरवरी को मामले के अन्य पहलुओं पर सुनवाई हो सकती है। तीन सदस्यीय SIT कर रही जांच विजय शाह प्रकरण की जांच तीन सदस्यीय एसआईटी कर रही है, जिसमें प्रमोद वर्मा, कल्याण चक्रवर्ती और वाहिनी सिंह शामिल हैं। एसआईटी पहले भी विस्तृत जांच के लिए अतिरिक्त समय मांग चुकी है। विजय शाह ने पिछले साल महू में दिया था बयान 11 मई को इंदौर के महू के रायकुंडा गांव में आयोजित कार्यक्रम में मंत्री विजय शाह संबोधित कर रहे थे। उन्होंने ऑपरेशन सिंदूर को लेकर कहा था- 'उन्होंने (आतंकियों ने) कपड़े उतार-उतार कर हमारे हिंदुओं को मारा और मोदी जी ने उनकी बहन को उनकी ऐसी की तैसी करने उनके घर भेजा।' शाह ने आगे कहा- 'अब मोदी जी कपड़े तो उतार नहीं सकते। इसलिए उनकी समाज की बहन को भेजा कि तुमने हमारी बहनों को विधवा किया है, तो तुम्हारे समाज की बहन आकर तुम्हें नंगा करके छोड़ेगी। देश का मान-सम्मान और हमारी बहनों के सुहाग का बदला तुम्हारी जाति, समाज की बहनों को पाकिस्तान भेजकर ले सकते हैं।' बजट सत्र के बाद हो सकती है कार्रवाई एसआईटी छह माह पहले ही अपनी अंतिम रिपोर्ट सौंप चुकी है, जिसमें आरोपों की पुष्टि करते हुए मुकदमा चलाने की सिफारिश की गई है. अब अंतिम निर्णय सरकार और भाजपा के केंद्रीय नेतृत्व के द्वारा लिया जाएगा. माना जा रहा है कि विधानसभा के बजट सत्र के बाद सरकार और पार्टी मंत्री विजय शाह के खिलाफ एकशन ले सकते हैं.