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पशुपालन एवं डेयरी विभाग राज्यमंत्री पटेल ने माँ नर्मदा का किया पूजन

अनूपपुर  मध्यप्रदेश शासन के पशुपालन एवं डेयरी विभाग राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार)  लखन पटेल ने पवित्र नगरी अमरकंटक स्थित माँ नर्मदा मंदिर में माँ नर्मदा का पूजन-अर्चन किया। उन्होंने माँ नर्मदा से प्रदेशवासियों की सुख, समृद्धि एवं कल्याण की कामना की। इस दौरान उप संचालक पशु पालन डॉ बी बी चौधरी, जनप्रतिनिधि, पत्रकार, मां नर्मदा मंदिर के पुजारी तथा श्रद्धालु उपस्थित रहे।

सबका सशक्तिकरण, समग्र विकास: केंद्रीय बजट 2026 पर डॉ. किरोड़ी लाल मीणा का दृष्टिकोण

जयपुर,  प्रदेश के कृषि एवं उद्यानिकी मंत्री डॉ. किरोड़ी लाल मीणा ने सोमवार को सवाई माधोपुर जिला कलक्ट्रेट सभागार में केंद्रीय बजट 2026 के संबंध में प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए कहा कि यह बजट प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में गरीब, युवा, अन्नदाता, नारी, मध्यम वर्ग और उद्यमी के लिए स्पष्ट दिशा एवं मजबूत आधार प्रस्तुत करता है। कृषि मंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार का यह बजट रिफॉर्म, परफॉर्म और ट्रांसफॉर्म के सिद्धांत पर आधारित है, जो भारतीय अर्थव्यवस्था को नई ऊंचाइयों तक ले जाने की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि यह बजट केवल सामाजिक न्याय तक सीमित नहीं है, बल्कि आर्थिक भागीदारी, तकनीकी नेतृत्व और वैश्विक प्रतिस्पर्धा में भारत की भूमिका को मजबूत करने वाला बजट है। डॉ. मीणा ने विशेष रूप से महिला सशक्तिकरण पर प्रकाश डालते हुए कहा कि महिलाएं अब केवल लाभार्थी नहीं, बल्कि भारत की ‘ग्रोथ इंजन’ हैं। महिला शिक्षा और सुरक्षा के लिए बड़ा कदम उठाते हुए राज्य के सभी 41 जिलों में महिला छात्रावास की स्थापना की जाएगी। बजट में महिलाओं की भूमिका को सामाजिक योजनाओं से आगे बढ़ाकर आर्थिक निर्णय, उद्यमिता, तकनीकी क्षेत्र और वैश्विक प्रतिस्पर्धा तक विस्तारित किया गया है। कृषि मंत्री ने कहा कि बजट में भारत स्किल इंडिया, डिजिटल स्किल्स, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, रोबोटिक्स एवं ग्रीन टेक्नोलॉजी जैसे आधुनिक क्षेत्रों में युवाओं को प्रशिक्षित करने पर विशेष जोर दिया गया है। पर्यटन क्षेत्र में आई.आई.एम. के सहयोग से 10 हजार गाइडों के कौशल उन्नयन और खेलो इंडिया मिशन के माध्यम से अगले दशक में खेल क्षेत्र में बदलाव लाने की योजना से युवाओं को नई दिशा मिलेगी। इससे देश का युवा वर्ग भविष्य की नौकरियों के लिए तैयार होगा और भारत वैश्विक तकनीकी नेतृत्व की ओर अग्रसर होगा। स्वास्थ्य क्षेत्र पर चर्चा करते हुए डॉ. मीणा ने बताया कि आमजन पर चिकित्सा व्यय का बोझ कम करने के उद्देश्य से दवाओं पर लगने वाले शुल्क में कटौती की गई। वहीं कैंसर की 17 जीवन रक्षक दवाओं पर सीमा शुल्क शून्य किया गया है। मध्यम वर्ग के परिवारों को गुणवत्तापूर्ण इलाज उपलब्ध कराने के लिए जिला स्तर पर बायोफार्मा एवं आयुष केन्द्रों की स्थापना हेतु 10 हजार करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है, जिससे सस्ती और सुलभ स्वास्थ्य सेवाएं सुनिश्चित होंगी। उन्होंने कहा कि बजट में मध्यम वर्ग के हितों का विशेष ध्यान रखा गया है। एलआरएस के अंतर्गत अब इस वर्ग के परिवारों के बच्चों की विदेश शिक्षा सुलभ बनाने हेतु विदेश यात्रा के टूर पैकेज पर टीसीएस की दर को 5 प्रतिशत से घटाकर 2 प्रतिशत कर दिया गया है, जिससे अभिभावकों पर पड़ने वाला आर्थिक बोझ कम होगा। डॉ. मीणा ने कहा कि बजट में कृषि एवं उद्यानिकी क्षेत्र में प्राकृतिक खेती, फसल विविधीकरण, सूक्ष्म सिंचाई, भंडारण एवं मूल्य संवर्धन को बढ़ावा दिया गया है, जिससे किसानों की आय में वृद्धि होगी। किसानों की आय में वृद्धि हेतु भारत-विस्तार नाम बहुभाषीय ए.आई. टूल के माध्यम से कृषि प्रणालियों की तकनीकी जानकारी क्षेत्रीय भाषाओं में उपलब्ध करवाई जाएगी। उन्होंने कहा कि केंद्रीय बजट से राजस्थान के टेक्सटाइल तथा हथकरघा क्षेत्र को विशेष लाभ मिलेगा, जिसके तहत भीलवाड़ा के टेक्सटाइल हब, जयपुर हैंडलूम तथा बाड़मेर-जोधपुर में रोजगार और निर्यात बढ़ेगा। महात्मा गांधी स्वरोजगार योजना के तहत खादी-हथकरघा को प्रशिक्षण, मार्केट लिंकेज तथा ब्रांडिंग के माध्यम से सशक्त किया जाएगा, जिससे बुनकरों एवं कारीगरों को सीधा लाभ मिलेगा। उन्होंने कहा कि केंद्रीय बजट में 10 हजार करोड़ रुपये के समर्पित एमएसएमई विकास कोष से जयपुर, अलवर, भीलवाड़ा, कोटा तथा उदयपुर जैसे शहरों के छोटे उद्योगों को बड़ा बूस्ट मिलेगा। वहीं इंफ्रास्ट्रक्चर तथा कनेक्टिविटी के तहत 5 लाख से अधिक आबादी वाले टियर-2 एवं टियर-3 शहरों और तीर्थ-पर्यटन स्थलों का विकास होगा। साथ ही 11 फरवरी को राज्य बजट में सवाई माधोपुर के पर्यटन को गति देने हेतु रणथम्भौर के विकास, 150 करोड़ से अधिक की अमरूद प्रसंस्करण इकाई, हवाई अड्डा विकास, लघु उद्योग, आपदा प्रबंधन परियोजनाएं, लटिया नाला सौंदर्यीकरण तथा धार्मिक-पर्यटन सर्किट की संभावनाएं शामिल होंगी। कृषि मंत्री ने कहा कि केंद्रीय बजट 2026 “सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास” के संकल्प को साकार करने वाला बजट है और इसके सकारात्मक प्रभाव शीघ्र ही प्रदेश एवं जिले के प्रत्येक वर्ग तक पहुंचेंगे। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत विश्व की चौथी अर्थव्यवस्था बनकर वर्ष 2047 तक विकसित राष्ट्र बनने की दिशा में अग्रसर है।  

सॉइल टू सिल्क की संपूर्ण प्रक्रिया का होगा जीवंत प्रदर्शन, शुद्ध रेशमी वस्त्रों के लिए बनेगा भरोसेमंद केंद्र

लखनऊ. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश सरकार प्रदेश के पारंपरिक और ग्रामीण उद्योगों को आधुनिक स्वरूप देने की दिशा में लगातार कार्य कर रही है। इसके तहत, रेशम उद्योग के सुदृढ़ीकरण, शुद्ध रेशमी वस्त्रों की पहचान तथा आमजन को रेशम उत्पादन की पूरी प्रक्रिया से अवगत कराने के उद्देश्य से प्रदेश में ‘सेन्टर ऑफ एक्सीलेन्स’ की स्थापना की गई है। स्थानीय कारीगरों को उपलब्ध होगा सीधा बाजार सेन्टर ऑफ एक्सीलेन्स में ‘सॉइल टू सिल्क’ की समस्त विधाओं, नर्सरी विकास, शहतूत वृक्षारोपण, रेशम कीट पालन, कोया उत्पादन, धागाकरण से लेकर साड़ी एवं परिधान निर्माण तक का चरणबद्ध और व्यावहारिक प्रदर्शन किया जाएगा। इसका उद्देश्य उपभोक्ताओं को यह समझाना है कि शुद्ध रेशम क्या होता है, उसकी गुणवत्ता कैसे पहचानी जाए और बाजार में उपलब्ध नकली या मिश्रित रेशम से कैसे भेद किया जा सकता है। यह केन्द्र न केवल प्रशिक्षण और जागरूकता का माध्यम होगा, बल्कि एक्जीबिशन, मार्केटिंग कम सेल सेंटर के रूप में भी कार्य करेगा, जहां शुद्ध रेशमी वस्त्रों और परिधानों का सीधा विक्रय किया जाएगा। इससे स्थानीय बुनकरों, कारीगरों, किसानों और स्वयं सहायता समूहों को सीधा बाजार उपलब्ध होगा। हजारों परिवारों की आजीविका होगी सुदृढ़ योगी सरकार की यह पहल आत्मनिर्भर उत्तर प्रदेश के संकल्प को साकार करने की दिशा में एक ठोस कदम है, जिससे रेशम उद्योग से जुड़े हजारों परिवारों की आजीविका सुदृढ़ होगी और प्रदेश की पारंपरिक कला एवं विरासत को राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान मिलेगी। इस महत्वाकांक्षी केन्द्र का उद्घाटन सोमवार को सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम, खादी एवं ग्रामोद्योग, रेशम उद्योग, हथकरघा एवं वस्त्रोद्योग मंत्री राकेश सचान द्वारा किया गया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि रेशम निदेशालय परिसर में स्थापित यह सेन्टर ऑफ एक्सीलेन्स प्रदेश के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है, जहां रेशम उत्पादन की पूरी श्रृंखला का प्रत्यक्ष एवं जीवंत प्रदर्शन किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि यहां रेशम कीट से धागा बनने की प्रक्रिया, धागाकरण एवं वस्त्र निर्माण की संपूर्ण विधि को एक ही स्थान पर देखा जा सकता है। उन्होंने कहा कि पूर्व में यह स्थल अनुपयोगी अवस्था में था, जिसे विभागीय प्रयासों से आधुनिक, भव्य एवं उपयोगी स्वरूप प्रदान किया गया है। अब यह केन्द्र प्रदेश मुख्यालय पर देश-विदेश से आने वाले आगंतुकों के लिए रेशम उद्योग की पहचान का प्रमुख केन्द्र बनेगा। यहां एरी, शहतूती एवं टसर रेशम की उत्पादन प्रक्रिया को प्रत्यक्ष रूप से समझा जा सकेगा। प्रदेश में लगभग 300 से 350 मीट्रिक टन रेशम उत्पादन मंत्री सचान ने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देशानुसार वर्ष 2022 से प्रदेश में रेशम उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए विशेष प्रयास किए जा रहे हैं। वर्तमान में प्रदेश में लगभग 300 से 350 मीट्रिक टन रेशम उत्पादन हो रहा है, जिसे निरंतर बढ़ाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। किसानों को प्रशिक्षण देकर रेशम उत्पादन से जोड़ा जा रहा है, जिससे उन्हें अतिरिक्त आय के अवसर प्राप्त हों। भारत सरकार एवं राज्य सरकार की विभिन्न योजनाओं के माध्यम से रेशम उत्पादकों को अनुदान, प्रशिक्षण एवं तकनीकी सहायता उपलब्ध कराई जा रही है। कार्यक्रम में अपर मुख्य सचिव, उद्यान एवं रेशम, उत्तर प्रदेश शासन, विशेष सचिव/निदेशक (रेशम), केन्द्रीय रेशम बोर्ड (भारत सरकार) के अधिकारी एवं वैज्ञानिकों सहित विभागीय एवं तकनीकी अधिकारी उपस्थित रहे।

उत्तर प्रदेश को बड़ी सौगात: जेवर एयरपोर्ट इस दिन से होगा शुरू, PM मोदी दिखा सकते हैं हरी झंडी

लखनऊ उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि जेवर में बने नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट का उद्घाटन इस महीने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा किए जाने की संभावना है। इसके शुरू होने के बाद यह उत्तर प्रदेश का पांचवां अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट बन जाएगा। सीएम योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए कहा कि एयरपोर्ट तैयार है और एयरोड्रम लाइसेंस प्राप्त करने की प्रक्रिया अंतिम चरण में है। उन्होंने कहा कि मुझे उम्मीद है कि प्रधानमंत्री द्वारा इस महीने एयरपोर्ट का उद्घाटन कर किया जाएगा। नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट एक ग्रीनफील्ड प्रोजेक्ट है, जिसे गौतमबुद्ध नगर जिले के जेवर क्षेत्र में पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (PPP) मॉडल के तहत विकसित किया जा रहा है। लगभग 1,300 हेक्टेयर में फैले इस प्रोजेक्ट के पहले चरण का संचालन शुरू में सितंबर 2024 में शुरू होने वाला था और यह कई डेडलाइन चूक चुका है। निवेश व रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे बता दें कि उत्तर प्रदेश में जल्द ही सबसे अधिक 21 हवाई अड्डों वाला प्रदेश बनने की राह पर है। लखनऊ, वाराणसी, अयोध्या जैसे अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डों के बाद अब जेवर का नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट भी शीघ्र चालू होने वाला है। जेवर एयरपोर्ट के शुभारंभ से उत्तर प्रदेश एयर कार्गो हब के रूप में उभरेगा और निवेश व रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे। जेवर एयरपोर्ट से पश्चिमी यूपी की अर्थव्यवस्था को मिलेगी रफ्तार जेवर एयरपोर्ट न सिर्फ दिल्ली-एनसीआर की वैश्विक कनेक्टिविटी को नई दिशा देगा, बल्कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था को भी नई गति देने के लिए तैयार है। यह एयरपोर्ट नेट-जीरो उत्सर्जन के लक्ष्य पर काम करने वाला अत्याधुनिक एयरपोर्ट होगा, जिसमें स्विस दक्षता और भारतीय आतिथ्य का बेहतरीन मिश्रण देखने को मिलेगा। प्रारंभिक चरण में 1.2 करोड़ यात्रियों की वार्षिक क्षमता वाला यह एयरपोर्ट पश्चिमी उत्तर प्रदेश के लिए एक आर्थिक हब का काम करेगा। यह एयरपोर्ट न केवल बुनियादी सुविधाओं को नई ऊंचाई देगा, बल्कि पश्चिमी यूपी के युवाओं के लिए रोजगार और संभावनाओं के अनगिनत द्वार खोलेगा।  

प्रेम बाईसा की संदिग्ध मौत पर SIT सक्रिय, पिता को तलब कर पूछताछ

जोधपुर जोधपुर में साध्वी प्रेम बाईसा की संदिग्ध मौत के मामले में जांच तेज कर दी गई है। सोमवार को डीसीपी वेस्ट विनीत बंसल सहित वरिष्ठ पुलिस अधिकारी एसीपी कार्यालय पहुंचे, जहां साध्वी के पिता को बुलाकर पूछताछ की गई। मीडिया से बातचीत करते हुए डीसीपी वेस्ट विनीत बंसल ने बताया कि घटना के बाद से पुलिस कमिश्नर के निर्देश पर पूरी टीम गंभीरता से जांच कर रही है। उन्होंने कहा कि मृतका के बैकग्राउंड, उनके पिता के बैकग्राउंड, किसी से रंजिश या दुश्मनी, मेडिकल लापरवाही सहित सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच की जा रही है। डीसीपी ने बताया कि रविवार को एफएसएल टीम द्वारा दोबारा घटनास्थल का निरीक्षण कराया गया है और वहां से मिले अहम तथ्यों का विश्लेषण किया जा रहा है। इसके साथ ही साध्वी के पिता के मोबाइल फोन की कॉल डिटेल्स और सोशल मीडिया अकाउंट्स की भी जांच की जा रही है, ताकि मामले से जुड़े हर संभावित सुराग की पड़ताल की जा सके। उन्होंने स्पष्ट किया कि जांच में फिलहाल कोई भी व्यक्ति शक के दायरे से बाहर नहीं है और किसी को भी क्लीन चिट नहीं दी गई है। पूछताछ के लिए किसी व्यक्ति को दोबारा बुलाया जाना जांच प्रक्रिया का हिस्सा है। डीसीपी विनीत बंसल ने भरोसा दिलाया कि गठित एसआईटी द्वारा किसी के साथ अनावश्यक दबाव या दुर्व्यवहार नहीं किया जाएगा। प्रारंभिक पोस्टमार्टम रिपोर्ट में किसी प्रकार की बाहरी या आंतरिक चोट के स्पष्ट निशान सामने नहीं आए हैं, हालांकि अंतिम निष्कर्ष विस्तृत पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट होगा। वहीं पूछताछ के बाद साध्वी के पिता ने मीडिया से बातचीत में कहा कि उन्हें केवल बातचीत के लिए बुलाया गया था और उन पर किसी तरह का पुलिस दबाव नहीं बनाया गया। मोबाइल फोन का पासवर्ड मांगे जाने के सवाल पर उन्होंने कहा कि उनसे अब तक कोई पासवर्ड नहीं मांगा गया है। उन्होंने बताया कि वे साध्वी के समाधि स्थल जा रहे थे, इसी दौरान पुलिस ने उनसे एक बार कार्यालय आने को कहा था। बातचीत के बाद वे समाधि स्थल के लिए रवाना हो गए।

आईजीकेवी उत्पाद विक्रय काउंटर का आईसीएआर महानिदेशक ने किया निरीक्षण

रायपुर. भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (आईसीएआर) के महानिदेशक डॉ. एम. एल. जाट ने आज यहां इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय  रायपुर के उत्पाद विक्रय काउंटर का दौरा कर विश्वविद्यालय द्वारा विकसित विभिन्न कृषि उत्पादों, तकनीकों एवं मूल्य संवर्धित वस्तुओं का अवलोकन किया।  डॉ जाट ने कृषि विश्वविद्यालय की इस अभिनव पहल की सराहना की. इस अवसर पर उन्होंने वैज्ञानिकों, कृषि उद्यमियों तथा आईजीकेवी से संबद्ध कृषि विज्ञान केंद्रों (केवीके) एवं एफपीओ प्रतिनिधियों से संवाद किया। इस विक्रय केंद्र में इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के अंतर्गत संचालित कृषि विज्ञान केंद्रों, कृषक उत्पाद संगठनों तथा महिला स्व सहायता समूहों द्वारा उत्पादित कृषि उत्पादों का विक्रय किया जा रहा है।     भ्रमण के दौरान डॉ. जाट के साथ प्रमुख रूप से डॉ. डी. के. यादव, उप महानिदेशक (फसल विज्ञान), आईसीएआर; डॉ. राजवीर सिंह, उप महानिदेशक (विस्तार), आईसीएआर; डॉ. गिरीश चंदेल, कुलपति, आईजीकेवी; डॉ. पी. के. रॉय, निदेशक, एनआईबीएसएम, रायपुर; डॉ. एस. आर. के. सिंह, निदेशक, अटारी जोन-IX, जबलपुर तथा डॉ. एस. एस. टुटेजा, निदेशक, विस्तार सेवाएं, आईजीकेवी, रायपुर उपस्थित थे।     महानिदेशक ने आईजीकेवी की अनुसंधान, विस्तार एवं प्रौद्योगिकी हस्तांतरण गतिविधियों की समीक्षा की तथा विभिन्न महाविद्यालयों, केवीके एवं केवीके-समर्थित एफपीओ द्वारा तैयार उत्पादों की गुणवत्ता की सराहना की। उन्होंने बाजारोन्मुख कृषि, मूल्य संवर्धन, ब्रांडिंग और व्यावसायीकरण पर विशेष बल देते हुए कहा कि ऐसे प्रयास किसानों की आय वृद्धि में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।     यह भ्रमण नवाचार-आधारित एवं किसान-केंद्रित कृषि विकास के प्रति आईसीएआर की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

संघर्ष से सफलता तक: डस्टबिन से उद्योग खड़ा करने वाली अंजना उरांव

रायपुर. डस्टबिन से उद्योग तक- अंजना उरांव की आत्मनिर्भरता की उड़ान कभी-कभी जीवन की दिशा बदलने के लिए किसी बड़े मंच, बड़े अवसर या बड़े संसाधन की आवश्यकता नहीं होती। कभी-कभी एक डस्टबिन में पड़ा काग़ज़ का टुकड़ा भी जीवन की करवट बदल देता है। कोरिया जिले के बैकुंठपुर विकासखण्ड के ग्राम तोलगा की अंजना उरांव की कहानी इसी सच्चाई को सशक्त रूप से सामने रखती है, जो कड़ी मेहनत और लगन से ही स्थायी सफलता हासिल की।  अंजना उरांव कोई उद्योगपति परिवार से नहीं आतीं, न ही उनके पास पूंजी, सिफ़ारिश या विशेष प्रशिक्षण था। वे जनपद पंचायत खड़गवां में एक अंशकालिक डाटा एंट्री ऑपरेटर हैं। स्नातकोत्तर डिग्री होने के बावजूद मात्र चार हजार रुपये मासिक मानदेय पर कार्यरत हैं। जीवन एक तयशुदा सीमित दायरे में चल रहा था, तभी एक दिन कार्यालय के डस्टबिन में उन्हें एक फटा हुआ पन्ना मिला। उस पन्ने पर लिखा था प्रधानमंत्री सृजन स्वरोजगार योजना वह पन्ना कचरा नहीं था, वह संभावना थी। अंजना ने उसे पढ़ा, समझा और उसी क्षण मन में यह निश्चय किया कि वे सिर्फ़ नौकरी करने वाली नहीं, बल्कि कुछ सृजित करने वाली बनेंगी। विरोध, संदेह और संघर्ष का दौर योजना की जानकारी लेने जब उन्होंने जनपद कार्यालय में चर्चा की तो अलग-अलग प्रतिक्रियाएँ मिलीं। किसी ने जिला व्यापार एवं उद्योग केंद्र जाने की सलाह दी, तो किसी ने यह कहकर हतोत्साहित किया कि बैंक और योजनाओं के चक्कर में पड़ना बेवकूफी है। लेकिन अंजना ने हार नहीं मानी। उन्होंने एक रोचक बात भी बताई कि एक बार मोबाइल व अखबार में जिला कलेक्टर श्रीमती चन्दन त्रिपाठी का बयान आया था कि महिलाएं किसी से कम नहीं है, अपने हिम्मत से आगे बढ़ सकती हैं। यह वाक्य उनके दिमाग बसा था, इसी जुनून ने आगे बढ़ने के लिए भी प्रेरित किया। अंजना ने जब जिला व्यापार एवं उद्योग केंद्र से जानकारी लेने के बाद जब पोड़ी-बचरा क्षेत्र में फ्लाईऐश ईंट निर्माण इकाई देखी, तो उनके भीतर एक उद्यमिता जन्म लेने लगा। उन्होंने तय किया कि वे भी फ्लाईऐश ईंट उद्योग स्थापित करेंगी। इसके बाद शुरू हुआ असली संघर्ष दस्तावेज़ों की लंबी सूची, बैंकों के बार-बार चक्कर, ऋण अस्वीकृतियाँ और सामाजिक दबाव। मायके और ससुराल दोनों ओर से एक ही सलाह मिली यह लफड़ा मत पालो। अपनी क्षमताओं पर विश्वास रखें कि आप अपने सपनों को पूरा कर सकते हैं। अंजना की जुनून के आगे बढ़ने में पति का रहा साथ ऐसे समय में उनके पति अनिल कुमार उनके सबसे बड़े संबल बना। दसवीं तक पढ़े अनिल कुमार को उद्योग का अनुभव नहीं था, लेकिन मेहनत, खेती और परिवार की जिम्मेदारी निभाने का जज्बा भरपूर था। उन्होंने अंजना के सपने को अपना सपना बना लिया। अंततः बैकुंठपुर स्थित एचडीएफसी बैंक से 30 लाख रुपये का ऋण स्वीकृत हुआ। कटघोरा से मशीनें मंगाई गईं, शेड का निर्माण हुआ, कोरबा से फ्लाईऐश और स्थानीय स्तर से रेत-सीमेंट की व्यवस्था की गई। सपना बना हकीकत अगस्त 2025 में इकाई का लोकार्पण हुआ और अक्टूबर 2025 से उत्पादन शुरू हुआ है। आज अंजना उरांव की अंजना इंटरप्राइजेज फ्लाईऐश ब्रिक्स इकाई लगातार उत्पादन कर रही है। अब तक लगभग 80 हजार ईंटों का निर्माण हो चुका है। वे प्रतिमाह 60 हजार रुपये की बैंक किश्त नियमित रूप से जमा कर रही हैं, बिना किसी चूक के। संयुक्त परिवार, खेती, बच्चों की परवरिश और उद्योग, सब कुछ संतुलन के साथ चल रहा है। चार एकड़ भूमि पर धान और गेहूं की खेती भी जारी है। अब ईंटों की मांग बढ़ती जा रही है। जल्द ही वे ईंट रखने की लकड़ी की ट्रॉली (पीढ़ा) खरीदने वाली हैं। उनका लक्ष्य है प्रतिदिन 15 हजार ईंट उत्पादन और प्रतिमाह 6 से 7 लाख रुपये का कारोबार । डस्टबिन से मिली पहचान आज वही परिवार और समाज, जिसने कभी उन्हें रोका था, उनके साहस की सराहना करता है। अंजना उरांव स्वयं कहती हैं, श्लोग जिस डस्टबिन को कचरा समझते हैं, उसी डस्टबिन ने मुझे मेरी पहचान दी। इसलिए जहाँ से भी ज्ञान मिले, उसे अपनाइए। मेहनत, जुनून और लगन से कोई भी बाधा पार की जा सकती है।          सकारात्मक और प्रेरणादायक लोगों के साथ रहें, जो आपको आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित करें। कलेक्टर श्रीमती चन्दन त्रिपाठी का कहना है कि अंजना उरांव निश्चित ही उन महिलाओं के लिए प्रेरणास्रोत हैं, जो साधनों और संसाधनों के अभाव का हवाला देकर आगे बढ़ने से रुक जाती हैं। सरकारी योजनाओं का समुचित लाभ लेकर एक सफल उद्यमी बनने की दिशा में निरंतर आगे बढ़ रही अंजना पर गर्व किया जाना चाहिए। यह एक कहानी नहीं, बल्कि एक संदेश         अंजना उरांव की यह कहानी सिर्फ़ एक महिला उद्यमी की सफलता नहीं है। यह कहानी है सरकारी योजनाओं के सही उपयोग, ग्रामीण महिला सशक्तिकरण, आत्मनिर्भर भारत की जमीनी तस्वीर और उस सोच की, जो अवसर को कचरे में भी खोज लेती है। डस्टबिन से उद्योग तक का यह सफ़र बताता है कि सपनों को हकीकत में बदलने के लिए दृढ़ निश्चय, कड़ी मेहनत और अटूट आत्मविश्वास की आवश्यकता होती है, तभी मजिल को हासिल किया जा सकता है।

कन्नौजिया राठौर समाज भवन का लोकार्पण, तैलिक विकास समिति भवन की आधारशिला : उद्योग मंत्री देवांगन

रायपुर. कैबिनेट मंत्री  लखन लाल देवांगन कोरबा विधायक और छत्तीसगढ़ शासन के कैबिनेट मंत्री लखन लाल देवांगन ने रविवार को कन्नौजिया राठौर समाज क़े 25 लाख की लागत से बने सामुदायिक भवन के ऊपरी तल का लोकार्पण और साहू समाज, तैलिक विकास समिति बालको नगर क़े भवन एवं अन्य विस्तार कार्य लागत 20 लाख का विधिवत भूमि पूजन कर विकास कार्यों की सौगात दी। उद्योग मंत्री  देवांगन ने कन्नौजिया राठौर समाज क़े 25 लाख क़े भवन का लोकार्पण और तैलिक विकास समिति क़े 20 लाख क़े भवन की रखी आधारशिला मैगजीन भाटा दादर खुर्द स्थित कनौजिया राठौर समाज के वार्षिक सम्मेलन और लोकार्पण कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के तौर पर शामिल हुए मंत्री  लखन लाल देवांगन ने नवनिर्मित भवन का फीता काटकर लोकार्पण किया। इस अवसर पर मंत्री  देवांगन ने कहा कि कन्नौजिया राठौर समाज आज हर क्षेत्र में अग्रसर है, समाज का स्नेह और आशीर्वाद प्रारंभ से मुझे मिलता रहा है,महापौर कार्यकाल में इस भवन की नींव रखी गई थी। पिछली बार कार्यक्रम में समाज ने 25 लाख की लागत क़े ऊपरी तल के निर्माण के लिए आग्रह किया था, जिसे सहर्ष स्वीकार करते हुए स्वीकृति दी गई थी। मुझे आज गौरवान्वित महसूस हो रहा है की आज इस परिसर के ऊपरी तल का लोकार्पण करने का सौभाग्य प्राप्त हुआ। कार्यक्रम के अवसर पर मंत्री  देवांगन ने मंच की विकास कार्य हेतु 7 लाख की अतिरिक्त घोषणा की। कनौजिया राठौर समाज के जिला अध्यक्ष  सीताराम राठौर ने कहा कि यह हमारे लिए गौरव की बात है की लखन लाल देवांगन जैसा नेतृत्व कर्ता कोरबा नगर का विधायक और छत्तीसगढ़ शासन में कैबिनेट मंत्री हैं। समाज के हर सार्वजनिक कार्यक्रमों में मंत्री  देवांगन आत्मीय रूप से सम्मिलित होते हैं, जब भी समाज ने मांग की है तब तब हर्ष क़े साथ उन्होंने स्वीकृति दी है। कन्नौजिया राठौर समाज का पूरा आशीर्वाद सदैव मंत्री  लखन लाल देवांगन पर बना रहेगा। इसी तरह साहू समाज तैलिक विकास समिति बालकोनगर क़े भवन क़े भूमि पूजन और स्नेह सम्मेलन में शामिल हुए मंत्री  देवांगन ने भक्त  माता कर्मा की पूजा अर्चना कर 20 लाख की लागत से बनने वाले भवन एवं अन्य विकास कार्यों का भूमि पूजन किया। इस अवसर पर मंत्री  देवांगन ने कहा कि मेहनत और ईमानदारी साहू समाज की पहचान है जिसके कारण समाज आज हर क्षेत्र में तरक्की कर रहा है। उन्होंने कहा कि अन्य समाजों को साथ लेकर चलने की अद्भुत क्षमता साहू समाज में निहित है। साहू समाज तैलिक विकास समिति बालको नगर को आज 20 लाख की सौगात देते हुए हर्ष हो रहा है। समाज का स्नेह और भक्ति माता कर्मा का आशीर्वाद ही मेरी सबसे बड़ी पूंजी और ताकत है उन्होंने कहा कि माननीय प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी जी और माननीय मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय जी द्वारा विकास कार्यों क़े लिए लगातार विकास कार्यों के लिए राशि दी जा रही है, शहर के विकास के साथ-साथ हर समाज की मांग अनुरूप विकास कार्य उनकी प्राथमिकता है। इस अवसर पर सभापति नूतन सिंह, पार्षद  नरेंद्र देवांगन , मंडल अध्यक्ष  राजेश राठौर ,  पार्षद  मुकुंद कंवर ,पार्षद  तरुण राठौर ,पार्षद  सुभाष राठौर,कन्हैयालाल राठौर, समाज क़े अध्यक्ष  सीताराम राठौर, हेमचंद राठौर , राघवेंद्र राठौर , श्याम लाल राठौर, कन्हैया राठौर, जिला पंचायत सभापति सु आशा साव,संजय राठौर जी, हीरा राठौर,रामकुमार  राठौर,चेतन राठौर  व जिले भर की इकाईयो से आए समाज क़े गणमान्य जन उपस्थित रहे। इसी तरह बालको नगर में इस अवसर पर पार्षद  सत्येंद्र दुबे ,पार्षद  मंगल बंदे, पार्षद श्रीमती सीमा कंवर ,पार्षद  कृपाराम साहू , पार्षद  मुकुंद कंवर, समिति के संरक्षक  गोरेलाल साहू,अध्यक्ष  अमर दास साहू,डीक़ेश्वर साहू,  शशिकांत साहू ,लेख राम साहू ,लीलकांत साहू सहित अधिक संख्या में समाज क़े पदाधिकारी गण व आमजन उपस्थित रहे। हर समाज की सेवा और विकास ही प्राथमिकता :महापौर श्रींमती संजू देवी राजपूत     उक्त कार्यक्रम में महापौर श्रीमती संजू देवी राजपूत ने कहा की शहर क़े साथ-साथ हर समाज की सेवा और विकास ही हमारी प्राथमिकता है,  कन्नौजिया राठौर समाज और साहू समाज, तैलिक विकास समिति को आज महत्वपूर्ण कार्यों की सौगात नगर विधायक और छत्तीसगढ़ शासन के कैबिनेट मंत्री  लखन लाल देवांगन द्वारा दी गई है। उन्होंने सिर्फ दो साल में ही विकास कार्यों का नए आयाम स्थापित किए हैं।  

आयोजितकर्मचारियों के क्षमता विकास हेतु मंत्रालय में दो दिवसीय

रायपुर. राज्य शासन के कर्मचारियों को क्षमता निर्माण के लिए मिशन कर्मयोगी के तहत कौशल और योग्यता को बढ़ाने प्रशिक्षिण दिया जा रहा है। मंत्रालय महानदी भवन में आज से दो दिवसीय प्रशिक्षण 2 से 3 फरवरी तक आयोजित किया गया है। जिसमें मंत्रालय महानदी भवन में कार्यरत संयुक्त सचिव से लेकर सभी स्तर के अधिकारियों-कर्मचारियों को प्रशिक्षित किया जा रहा है। इस प्रशिक्षण के जरिये अधिकारियों एवं कर्मचारियों को सतत् सीखने की संस्कृति को बढ़ावा दिया जा रहा है। अधिकारी कर्मचारियों को यह प्रशिक्षण सामान्य प्रशासन विभाग सचिव के मार्गदर्शन में अवर सचिव सुश्री अंजु सिंह द्वारा दिया जा रहा है। यह प्रशिक्षण कार्यक्रम मंत्रालय स्तर पर क्षमता निर्माण एवं डिजीटल दक्षता को सुदृढ़ करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है।

अंतिम छोर तक राहत हमारी नीति— मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की जनसुनवाई से आमजन को मिला न्याय

जयपुर, मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने सोमवार को मुख्यमंत्री निवास पर नियमित जनसुनवाई की। इस दौरान उन्होंने अधिकारियों को जनता की समस्याओं का सर्वोच्च प्राथमिकता से निस्तारण करने, फॉलोअप सुनिश्चित करने तथा समाधान में कोताही नहीं बरतने के लिए निर्देशित किया। श्री शर्मा ने कहा कि राज्य सरकार विभिन्न लोककल्याणकारी योजनाओं एवं कार्यक्रमों का संचालन कर रही है, ताकि अंतिम छोर के व्यक्ति को गुणवत्तापूर्ण राहत दी जा सके। हमारी नीतियों और नीयत के केन्द्र में लोककल्याण ही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जनसेवा की भावना के अनुरूप कार्य नहीं करने वाले अधिकारियों एवं कर्मचारियों पर सख्त कार्यवाही की जाएगी। मुख्यमंत्री ने इस दौरान ग्रामीण विकास एवं पंचायतीराज, श्रम, कृषि, गृह, राजस्व, जयपुर विकास प्राधिकरण, नगर निगम, शिक्षा, चिकित्सा, पेयजल सहित विभिन्न विभागों की आमजन से जुड़ी परिवेदनाओं को सुना और उनका मौके पर ही निस्तारण किया। जनसुनवाई के दौरान महिलाएं, युवा, दिव्यांगजन, वृद्धजन सहित सभी परिवादी अपनी समस्याओं के मौके पर ही समाधान से संतुष्ट नजर आए।   इस दौरान शर्मा ने विभिन्न संस्थाओं द्वारा आयोजित किए जाने वाले कार्यक्रमों के पोस्टर विमोचन भी किए। जनसुनवाई में बड़ी संख्या में संबंधित जनप्रतिनिधि और आमजन उपस्थित रहे।