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यूजीसी बिल के विरुद्ध सर्व सवर्ण समाज का प्रदर्शन कल

बिलासपुर. यूजीसी बिल के विरोध में सर्व सवर्ण समाज में भारी आक्रोश देखा जा रहा है। इसके विरोध में 1 फरवरी को भारत बंद और विरोध प्रदर्शन करने का निर्णय लिया गया है। यूजीसी कानून के विरोध में समग्र सवर्ण समाज की बैठक गुरुवार को कान्यकुब्ज भवन में हुई। इसमें सभी ब्राम्हण समाज के अतिरिक्त अग्रवाल समाज, पूज्य सिंधी समाज, गुजराती समाज, महाराष्ट्रियन समाज, तेलगू समाज, क्षत्रीय समाज के पदाधिकारी शामिल हुए। बैठक में बताया गया कि यूजीसी एक्ट पर सुप्रीम कोर्ट ने रोक जरूर लगा दी है परन्तु इस एक्ट का विरोध करते रहना है जब तक कि इसे वापस नहीं लेती है। इसके लिए 1 फरवरी को भारत बंद एवं 2 फरवरी सोमवार को 12 बजे दोपहर देवकीनंदन चौक पर एकत्र होकर कलेक्टर कार्यालय पहुंच कर राष्ट्रपति एवं प्रधानमंत्री के नाम पर ज्ञापन सौंपने का निर्णय लिया गया। बैठक में विभिन्न प्रतिनिधियों ने एक मत होकर सर्व समाज के संज्ञान में लाया जा रहा है कि पीड़ित शोषित वर्ग को सरकार संविधान के द्वारा पर्याप्त संरक्षण दे रही है संविधान में पीड़ित को न्याय दिलाने के लिए पर्याप्त नियम है। शिक्षा संस्थानो में इस कानून से जाति भेद को बढ़ावा मिलेगा। जिससे समाज में वैमन्यस्ता बढ़ेगी एवं बच्चों के शिक्षा पर असर पड़ेगा। सरकार की यह बात की सबका साथ सबका विकास इसके विरुद्ध है एवं केन्द्रीय सरकार इस पर पुनः विचार करे समता मूलक भारत के लिए यह बिल पूर्णतः वापस लें। बैठक में डा प्रदीप शुक्ला, अरविन्द दीक्षित, ज्ञान अवस्थी, मनोज तिवारी, अनिल तिवारी, राजेश शुक्ला, विक्रात तिवारी, सुनील सोन्यालिया, विनोद मेघानी, किशोर, पमनानी, प्रियंक परिहार, मोहन देव पुजारी, बी महेश, महेश दुबे टाटा सुरेन्द्र शर्मा, गुडडा तिवारी, गजेन्द्र श्रीवास्तव, बी के पान्डेय, गोपाल वेलाणी, राघवेन्द्र गुप्ता आदि ने अपने विचार रखे । बैठक का संचालन पूर्व विधायक चन्द्र प्रकाश बाजपेयी ने किया। बैठक में अजय जाजोदिया, मनीष अग्रवाल, जयश्री शुक्ला, अर्चना तिवारी, किरण बाजपेयी, ममता दुबे, किरण मिश्रा, राजीव अवस्थी, कृष्ण मोहन पाण्डेय, मनोज शुक्ला, दिव्य प्रकाश दुबे, ज्योतिन्द्र उपाध्याय, रश्मि द्विवेदी, देवेन्द्र सिंह ठाकुर, अर्चना शुक्ला, लता मिश्रा, कमल बजाज, संतोष अग्रवाल, दयानन्द तीर्थानी, अतुल अवस्थी, अभिषेक शर्मा, गौरव तिवारी, अनुग्रह मिश्रा, श्याम मोहन दुबे, शक्ति सिंह ढाकुर, सुरेन्द्र गौरहा, विजय पाठक, जयेश तिवारी, प्रसुन्न सोनी, जगत सिंह राजपूत, प्रणव शर्मा, रोशन सिंह, लखन नागदेव, पवन श्रीवास्तव आदि मौजूद थे।

बिहार में परीक्षा शुरू होने से आधा घंटा पहले बंद हो जाएगा गेट

पटना. बिहार विद्यालय परीक्षा समिति (बीएसईबी) की इंटरमीडिएट वार्षिक परीक्षा दो से 13 फरवरी तक राज्य के एक हजार 762 परीक्षा केंद्र पर होगी। अध्यक्ष आनंद किशोर ने बताया कि सभी परीक्षार्थियों की दो स्तर पर तलाशी ली जाएगी। पहला प्रवेश के समय तथा दूसरा परीक्षा कक्ष में वीक्षक करेंगे। 25 परीक्षार्थियों की जांच के लिए एक वीक्षक होगा। परीक्षा कक्ष में किसी प्रकार के इलेक्ट्रॉनिक उपकरण यथा मोबाइल फोन, ब्लूटूथ, पेजर, इलेक्ट्रॉनिक वॉच, स्मार्ट वॉच, मैग्नेटिक वॉच आदि पूरी तरह से प्रतिबंधित है।  10 सेट में होगा प्रश्न पत्र  केंद्र में पकड़े जाने पर संबंधित विद्यार्थी परीक्षा से वंचित कर दिए जाएंगे। प्रश्न पत्र 10 सेट में होगा। सभी सेट में प्रश्नों का क्रम अलग-अलग होगा। एक सेट का पहला प्रश्न अन्य सेटो में अन्य क्रम में होंगे। आसपास बैठे परीक्षार्थियों को अलग-अलग सेट का प्रश्न मिलेगा। परीक्षा में शामिल होने के लिए 13 लाख 17 हजार 846 परीक्षार्थियों को प्रवेश पत्र जारी किया गया है। इसमें छह 75 हजार 844 छात्राएं तथा छह लाख 42 हजार दो छात्र हैं। परीक्षा दो से 13 फरवरी तक दो पालियों में होगी। केंद्र में प्रवेश निर्धारित अवधि से एक घंटा पहले मिलेगा। सभी परीक्षार्थी गेट बंद होने के पहले केंद्र में हर हाल में प्रवेश सुनिश्चित करेंगे। पहली पाली में सुबह नौ बजे और दूसरी में डेढ़ बजे तक प्रवेश बिहार बोर्ड के अनुसार परीक्षा प्रारंभ होने के लिए प्रथम पाली में निर्धारित समय 09:30 बजे पूर्वाह्न से एक घंटा पहले 8:30 बजे से केंद्र में प्रवेश प्रारंभ हो जायेगा तथा आधा घंटा पहले 09:00 बजे केंद्र का मुख्य द्वार बंद कर दिया जायेगा।  इसी प्रकार द्वितीय पाली में निर्धारित समय 02:00 बजे अपराह्न से एक घंटा पूर्व 01:00 बजे से परीक्षा केंद्र में प्रवेश प्रारंभ हो जायेगा तथा 02:00 बजे अपराह्न से आधा घंटा पहले 01:30 बजे केंद्र का मुख्य द्वार बंद हो जाएगा। केंद्र के 200 मीटर तक भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 की धारा 163 प्रभावी रहेगी। इनका भी रखें ध्यान – परीक्षार्थी भीड़-भाड़ से बचने के लिए समय से पहले पहुंचे केंद्र केंद्रों के आसपास जाम की स्थिति उत्पन्न होती है, इसका ध्यान रखें केंद्र पर ले जाने वाले दस्तावेज की सूची बनाकर घर से निकलते समय जांच कर लें अन्य महत्वपूर्ण बातें – 10 सेट में होगा प्रश्न पत्र, परीक्षार्थियों की दो बार ली जाएगी तलाशी 13.18 लाख परीक्षार्थियों के लिए राज्य में बनाए गए हैं एक हजार 762 परीक्षा केंद्र दो फरवरी को प्रारंभ होगी इंटरमीडिएट वार्षिक परीक्षा, आधा घंटा पहले तक मिलेगा प्रवेश एक घंटा पहले से परीक्षार्थियों को केंद्र में दिया जाएगा प्रवेश, केंद्र में जबरदस्ती व अवैध प्रवेश पर होगी कार्रवाई दो वर्ष के लिए बोर्ड परीक्षा से हो जाएंगे निष्कासित, यदि परीक्षा संचालन नियम के विरुद्ध करेंगे आचरण दो स्तर पर परीक्षार्थियों की होगी जांच, सीसीटीवी व वीडियोग्राफी हर केंद्र पर की गई है सुनिश्चित राज्य के सभी जिलों में शिक्षा विभाग द्वारा प्रतिनियुक्त किए गए हैं नोडल पदाधिकारी दुविधा पर हेल्पलाइन से लें समाधान परीक्षा के दौरान सूचना के त्वरित आदान-प्रदान तथा समस्याओं के समय पर निवारण के लिए कंट्रोल रूम एक फरवरी से चौबीस घंटे काम करेगा। परीक्षार्थी व अभिभावक परीक्षा से संबंधित जानकारी और दुविधा का समाधान प्राप्त कर सकते हैं। कंट्रोल रूम का हेल्पलाइन नंबर 0612-2232257 तथा 0612-2232227

पूर्व CM गोविंद नारायण सिंह की सतना जमीन के स्वामित्व पर हाईकोर्ट ने जताया संदेह

सतना  हाईकोर्ट के न्यायमूर्ति विवेक जैन की एकलपीठ ने प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री रहे गोविन्द नारायण सिंह द्वारा अपने ही बेटे शिव बहादुर सिंह को बेची गई सतना की 11.57 एकड़ जमीन के स्वामित्व को संदेहास्पद माना है। हाईकोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि गोविन्द नारायण सिंह ने अपंजीकृत और अपर्याप्त स्टाम्प पर बनी सेल डीड के आधार पर विवादित जमीन बेची थी। ऐसे दस्तावेजों के आधार पर न तो जमीन का स्वामित्व मिलता है और न ही अस्थाई निषेधाज्ञा। हाईकोर्ट ने अधीनस्थ अपीलीय अदालत के उस आदेश को उचित निरूपित किया, जिसमें ट्रायल कोर्ट द्वारा दी गई अस्थायी रोक को निरस्त कर दिया गया था। इसके साथ ही पूर्व मुख्यमंत्री के वारिसों की ओर से दायर याचिका निरस्त कर दी। याचिकाकर्ता अंबिकापुर, छत्तीसगढ़ निवासी नर्मदेश्वर प्रताप सिंह, रामेश्वर प्रताप सिंह और सतना निवासी माधवी सिंह की ओर से पक्ष रखा गया। दलील दी गई कि उनके पिता शिव बहादुर सिंह ने वर्ष 1992 में अपने पिता गोविन्द नारायण सिंह से अपंजीकृत सेल डीड के जरिए 11.57 एकड़ भूमि खरीदी थी। वह भूमि वर्षों से उनके कब्जे में है। इसी आधार पर स्थायी निषेधाज्ञा चाही गई। अधीनस्थ अदालत ने पांच फरवरी, 2025 को उनके पक्ष में अस्थायी निषेधाज्ञा दे दी थी। विवादित जमीन के असली मालिक सेठ मनोहर लाल थे। मनोहर लाल की कथित पावर आफ अटार्नी के आधार पर पूर्व मुख्यमंत्री गोविन्द नारायण सिंह ने 11.57 एकड़ जमीन अपने बेटे शिव बहादुर सिंह को आठ दिसंबर, 1992 को बेची थी। वर्ष 1998 में जमीन का नामांतरण भी हुआ। ट्रायल कोर्ट द्वारा पांच फरवरी, 2025 को पूर्व मुख्यमंत्री के वारिसों को दी गई अस्थाई निषेधाज्ञा के विरुद्ध सेठ मनोहर लाल के वारिसों ने जिला अदालत में अपील दायर की। जिला अदालत ने 13 अक्तूबर 2025 को ट्रायल कोर्ट का आदेश निरस्त करके अस्थाई निषेधाज्ञा हटा दी थी। इस पर यह मामले पूर्व मुख्यमंत्री गोविन्द नारायण सिंह के वारिसों ने हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी। 

झज्जर में ADGP ने जूती पहनने पर पुलिसकर्मी को किया सस्पेंड

झज्जर. पुलिस विभाग में अनुशासन को लेकर शुक्रवार को झज्जर पुलिस लाइन में उस समय सख्ती देखने को मिली, जब हरियाणा पुलिस के ए.डी.जी.पी. एच.एस. दुहन ने ड्रैस कोड का पालन न करने पर एक पुलिस कर्मचारी को जमकर फटकार लगाई और उसके निलंबन के निर्देश दिए। ए.डी.जी.पी. ने कहा कि यह पशुपालन विभाग नहीं बल्कि अनुशासन आधारित पुलिस विभाग है, जहां नियमों की अनदेखी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। जानकारी अनुसार पुलिस लाइन में चल रही रिहर्सल दौरान संबंधित पुलिस कर्मचारी वर्दी के बजाय जूती पहनकर पहुंच गया था जिसे उच्चाधिकारी ने गंभीर अनुशासनहीनता माना। मौके पर ही ए.डी.जी.पी. ने अधिकारियों को कार्रवाई के निर्देश दिए। ए.डी.जी.पी. एच.एस. दुहन शुक्रवार को झज्जर पहुंचे थे। उन्होंने कहा कि पुलिस में सक्रियता और अनुशासन सबसे अहम है। अच्छा कार्य करने वाले पुलिस कर्मचारियों को प्रोत्साहित व सम्मानित किया जाए जबकि निष्क्रिय और लापरवाह कर्मियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाए।

हरियाणा पुलिस कॉन्स्टेबल भर्ती के आवेदन का आज अंतिम दिन

चंडीगढ़. हरियाणा पुलिस कॉन्स्टेबल भर्ती के लिए ऑनलाइन आवेदन करने वाले अभ्यर्थियों के लिए जरूरी खबर है। आवदेन प्रक्रिया का आज अंतिम दिन है।  अभी तक लगभग 3 लाख अभ्यर्थियों ने अपने फॉर्म को पूरा सबमिट कर लिया है। पुलिस भर्ती अभ्यर्थियों के पास आज रात यानी 31 जनवरी 2026 रात 11.59 बजे तक का ही समय है। अंतिम तिथि के बाद किसी प्रकार का कोई अतिरिक्त समय फॉर्म भरने के लिए नहीं मिलेगा। हरियाणा स्टाफ सिलेकशन कमीशन के चेयरमैन ने कल एक सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा है कि पुलिस कॉन्स्टेबल भर्ती को लेकर प्रदेश के युवाओं में जबरदस्त उत्साह और जोश है। स्वयं मैंने यह देखा है कि हमारे युवा साथी पूरे मनोयोग, मेहनत और निष्ठा के साथ पीएमटी एवं पीएसटी की तैयारियों में जुटे हुए है। सुबह हो या शाम, गांव-गांव में बच्चे मैदानों में दौड़ लगाते, अभ्यास करते और अपने लक्ष्य के लिए पसीना बहाते नजर आ रहे हैं। यह दृश्य न केवल प्रेरणादायक है, बल्कि यह भी दर्शाता है कि हरियाणा का युवा अनुशासन, परिश्रम और आत्मविश्वास से भरा हुआ है। युवाओं का यह समर्पण और लगन निश्चित रूप से प्रशंसनीय है और आने वाले समय में सफलता का आधार बनेगा। नायब सरकार ने नए साल पर युवाओं को दिया था तोहफा बता दें कि हाल ही में नायब सरकार ने नए साल पर युवाओं को तोहफा दिया है। हरियाणा सरकार ने पुलिस कॉन्स्टेबल भर्ती निकाली है। HSSC ने 5 हजार 500 पदों पर पर भर्ती का नोटिफिकेशन जारी किया है। इससे पहले 5 हजार 61 पदों पर सबसे बड़ी भर्ती हुई थी।

पंजाब में 3 मार्च से शुरू होंगी 9वीं और 11वीं कक्षा की परीक्षाएं

चंडीगढ़. चंडीगढ़ शिक्षा विभाग द्वारा शहर के सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले 9वीं और 11वीं कक्षा के विद्यार्थियों के लिए सालाना परीक्षा मार्च 2026 के लिए होवे जा रही प्रैक्टिकल और लिखित परीक्षाओं की डेट शीट जारी कर दी गई है। दोनों कक्षाओं के पेपर 3 मार्च से शुरू हो रहे हैं, जो 20 मार्च तक चलेंगे। 9वीं कक्षा का पहला पेपर गणित का होगा, जबकि 11वीं कक्षा का इंग्लिश का पेपर होगा। शिक्षा विभाग के मुताबिक दोनों कक्षाओं के मेन विषय के प्रशन पत्र डी.ई.ओ. स्तर के केंद्रिय तौर पर तय किए जाएंगे। परीक्षा का समय सुबह 9 बजे से दोपहर 12:15 बजे तक होगा। इसमें पढ़ने का 15 मिनट का समय भी शामिल होगा। रीडिंग टाइम सुबह 9.15 बजे तक होगा, जबकि आंसर लिखने का टाइम सुबह 9.15 बजे से दोपहर 12.15 बजे तक तय किया गया है। शिक्षा विभाग ने सभी सरकारी स्कूलों के प्रिंसिपल और हेड को निर्देश दिए है कि जिन सब्जेक्ट के प्रशन पत्र सेंट्रल लेवल पर तैयार नहीं होंगे, उनके प्रशन पत्र स्कूल लेवल पर तैयार किए जाएंगे। सभी प्रशन पत्र CBSE की नई गाइडलाइंस के अनुसार तैयार किए जाएंगे।

पश्चिमी विक्षोभ के असर से 3 फरवरी को बारिश की संभावना

रायपुर. ठंड का प्रभाव खत्म होने के साथ प्रदेश में गर्मी धीमे-धीमे अपना प्रभाव दिखाने लगी है. पिछले चौबीस घंटे में अंबिकापुर का न्यूनतम तापमान 11.9 तक पहुंच गया, वहीं रायपुर का पारा 18.3 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया. अभी पश्चिमी विक्षोभ भी लगातार असर दिखा रहा है, जिसके प्रभाव से 3 फरवरी को बारिश भी होने की संभावना है. जनवरी के अंतिम दिनों में आए पश्चिमी विक्षोभ ने ठंड बढ़ने के सिलसिले को रोक दिया था. विक्षोभ की लगातार सक्रियता की वजह से तापमान में गिरावट का दौर रुक गया और धीरे-धीरे गर्मी अपना असर दिखाने लगी है. मौसम विशेषज्ञों के मुताबिक भले ही मौसम में मामूली बदलाव हो, मगर अब ठंड का दायरा सिमटता जाएगा. अभी इसका प्रभाव सुबह के वक्त महसूस हो रहा है और आने वाले दिनों में इसका असर भी कम हो जाएगा. पिछले चौबीस घंटे में न्यूनतम तापमान में बढ़ोतरी दिखी है. अंबिकापुर का सामान्य से 2 डिग्री अधिक और रायपुर का पारा 3.8 डिग्री अधिक रहा. दिन का अधिकतम तापमान उत्तरी इलाकों को छोड़कर शेष क्षेत्रों में सामान्य से अधिक हो चुका है. अभी एक पश्चिमी विक्षोभ उत्तर पूर्व ईरान के ऊपर 4.5 किलोमीटर से 5.8 किलोमीटर ऊंचाई तक विस्तारित है. दो नया पश्चिमी विक्षोभ 2 और 5 फरवरी को उत्तर पश्चिम भारत को प्रभावित करेगा. अभी न्यूनतम तापमान में कोई विशेष परिवर्तन नहीं होगा, मगर 2 फरवरी से न्यूनतम तापमान में क्रमशः वृद्धि होने और 3 फरवरी को उत्तरी भाग में एक दो स्थानों पर हल्की वर्षा होने की संभावना है. रायपुर में आज कैसा रहेगा मौसम ? राजधानी रायपुर में आज सुबह धुंध छाए रहने की संभावना है. आज अधिकतम तापमान 31 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 17 डिग्री सेल्सियस के आसपास दर्ज किया जा सकता है.

बिहार में नए गन्ना किसानों को फ्री में मिलेगा बीज

पटना. सरकार नई चीनी मिल लगाने से पहले गन्ने की खेती का रकबा बढ़ाने के लिए हर जतन कर रही है। प्रयास है कि अधिक से अधिक गन्ना की खेती को बढ़ाया जाए, ताकि मिलों को गन्ना की कमी नहीं रहे। इसके लिए जिन इलाकों में गन्ना की खेती नहीं होती है, वहां के किसानों को पांच एकड़ तक गन्ना की खेती करने के लिए निशुल्क गन्ना बीज दिया जाएगा। गन्ना उद्योग विभाग के अपर मुख्य सचिव के सेंथिल कुमार की अध्यक्षता में हुई बैठक में यह निर्णय लिया गया। राज्य स्तरीय समीक्षा बैठक को संबोधित करते हुए कहा कि जिस क्षेत्र में गन्ने की खेती नहीं है, उसे डेवलप किया जाए। गन्ना की खेती करने के लिए किसानों के बीच प्रचार-प्रसार कराया जाए, ताकि वह गन्ना की खेती करने के लिए जागरूक हो सकें। 15 दिन कें अंदर रजिस्ट्रेशन करने के निर्देश उन्होंने कहा कि गन्ना किसानों के बकाये मूल्य का 15 दिनों के अंदर भुगतान किया जाए। इसमें किसी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने राज्य के सभी गन्ना किसानों का 15 दिनों के अंदर रजिस्ट्रेशन कराने का सख्त निर्देश दिया। इसके पहले उन्होंने ईख मूल्य भुगतान, मुख्यमंत्री गन्ना विकास योजना, यांत्रिकरण योजना, गुड़ प्रोत्साहन योजना, चीनी मिलों की समस्या, नई चीनी मिलों की स्थापना और अन्य योजनाओं की समीक्षा की। सरकारी योजनाओं को किसानों तक पहुंचाने पर फोकस उन्होंने कहा कि राज्य सरकार किसानों के हित के लिए कई योजनाएं चला रही है। इसका लाभ उन किसानों को कैसे मिले, इसके बारे सोंचना होगा। वहीं, गन्ना आयुक्त अनिल कुमार झा ने कहा कि प्रमाणित बीज उत्पादन प्रोत्साहन कार्यक्रम मद का जो लक्ष्य निर्धारित किया गया है, उसे हर हालत में प्राप्त करना है। बेहतर करने वालों को प्रशस्ति पत्र से सम्मानित भी किया जाएगा। बैठक में संयुक्त गन्ना आयुक्त जेपीएन सिंह, सभी चीनी मिलों के महाप्रबंधक, सभी उपनिदेशक, सहायक निदेशक सभी पदाधिकारी मौजूद थे। गन्ना क्षेत्र को जलजमाव से मुक्त करने के लिए 72 योजनाएं चिह्नित गन्ना कृषि क्षेत्रों में जल-जमाव की समस्या के निराकरण हेतु संबंधित अभियंताओं को सर्वेक्षण कर प्राथमिकता के आधार पर योजनाएं तैयार करने का निर्देश पिछले वर्ष 30 दिसंबर को दिया गया था। शुक्रवार को जल संसाधन विभाग और गन्ना उद्योग विभाग ने निर्देश के अनुपालन की संयुक्त रूप से समीक्षा की। गन्ना कृषि क्षेत्रों से संबंधित नहरों, नहर संरचनाओं तथा स्लुइस गेट, पुलिया निर्माण, नाला उड़ाही (सफाई) एवं अतिक्रमण मुक्ति के लिए जिलों में सर्वेक्षण हो रहा है। अब तक 72 योजनाएं चिह्नित पश्चिम चंपारण, पूर्वी चंपारण और समस्तीपुर में अब तक कुल 72 योजनाएं चिह्नित हुई हैं, जिनके क्रियान्वयन से 61,590 एकड़ क्षेत्र को जल-जमाव से मुक्ति मिलेगी। बैठक की अध्यक्षता कर रहे जल संसाधन विभाग के प्रधान सचिव एसके मल्ल ने सर्वेक्षण कार्य शीघ्र पूर्ण कर विभाग को रिपोर्ट उपलब्ध कराने का निर्देश दिया, ताकि प्राथमिकता के आधार पर योजनाएं बनाई जा सकें।

टीकमगढ़ में भयानक हादसा : सेप्टिक टैंक में चप्पलें तैर रही थीं, अंदर पाए गए दो भाईयों के शव

टीकमगढ़   टीकमगढ़ जिले से एक झकझोर देने वाली खबर सामने आई है। यहां स्थित एक निर्माणाधीन मकान के खुले सेप्टिक टैंक में गरकर डूबने से दो सगे भाईयों की मौत हो गई। ये सनसनीखेज मामला शहर की शिवनगर कॉलोनी का है, किराये के मकान में रहने वाले सचिन यादव के दो बच्चों, जिनमें 7 वर्षीय नरेंद्र और 5 वर्षीय आशीष की शाम 4 बजे घर से अपनी मां से खेलने का बोलकर घर से निकले और खेलते-खेलते कॉलोनी में मुकुंद यादव के निर्माणाधीन मकान में चले गए, जहां वे खुले सेप्टिक टैंक में गिर गए। देर शाम तक जब बच्चे घर नहीं लौटे तो चिंतित माँ ने पहले बच्चों को कॉलोनी में रहवासियों के घरों में तलाशा, जब बच्चों के बारे में कोई जानकारी नहीं मिली तो कॉलोनी के लोगों ने मिलकर कॉलोनी में लगे सभी सीसीटीवी खंगालने शुरू किए तो एक सीसीटीवी फुटेज में बच्चे निर्माणाधीन मकान के अंदर जाते दिखे। इसके तुरंत बाद पड़ोसी जैसे ही उस मकान में घुसे तो उन्हें सेप्टिक टैंक में दोनों बच्चों के शव पानी में पड़े मिले, जिसके बाद इलाके के लोगों ने घटना की जानकारी कोतवाली पुलिस को दी। पोस्टमार्टम के बाद सौंपे जाएंगे शव मौके पर पहुंची पुलिस ने तत्काल बच्चों को टैंक से निकलवाया और अस्पताल भिजवाया, जहां डॉक्टरों ने परीक्षण उपरात दोनों भाइयों को मृत घोषित कर दिया। इसके बाद दोनों शवों को पोस्टमार्टम कक्ष में रखवा दिया गया। आज शनिवार को पोस्टमार्टम के बाद दोनों शव परिजन को सौंपा जाएंगे। घटना के बाद से इलाके में शोक का माहौल है।

सीएम साय ने “अबूझमाड़ पीस हाफ मैराथन” को दिखाई झंडी

रायपुर. सीएम साय ने आज नारायणपुर में आयोजित “अबूझमाड़ पीस हाफ मैराथन” को झंडी दिखाकर रवाना किया। उन्होंने कहा, नारायणपुर से बासिंग तक 21 किलोमीटर की इस ऐतिहासिक दौड़ में 60 से अधिक अंतर्राष्ट्रीय धावकों सहित 10,000 से अधिक प्रतिभागियों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता कर आयोजन को यादगार बना दिया। देश-विदेश से आए धावकों की मौजूदगी इस बात का प्रमाण है कि अबूझमाड़ आज शांति, विश्वास और विकास के नए अध्याय की ओर तेज़ी से बढ़ रहा ह। यह मैराथन केवल एक दौड़ नहीं, बल्कि सुरक्षित, समावेशी और उज्ज्वल भविष्य की दिशा में हमारे संकल्प का प्रतीक है। अबूझमाड़ की धरती पर दौड़ते कदम, एक सशक्त और आत्मविश्वासी छत्तीसगढ़ की कहानी कह रहे हैं।