samacharsecretary.com

राज्य स्तरीय पुष्प प्रदर्शनी 30 जनवरी को भोपाल में

भोपाल. उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण मंत्री  नारायण सिंह कुशवाह ने कहा कि प्रदेश में पुष्प उत्पादन को व्यावसायिक स्वरूप दिया जाएगा। पुष्पों के उत्पादन के प्रति किसानों को आकर्षित करने के लिये 30 जनवरी को राज्य स्तरीय पुष्प प्रदर्शनी का आयोजन उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण विभाग द्वारा गुलाब उद्यान में किया जायेगा। प्रदर्शनी में पुष्प उत्पादक कृषक, पुष्प विशेषज्ञ, नर्सरी व्यवसाय से जुड़े उद्यमी, पुष्प उत्पादक संस्थाओं के प्रतिनिधि, कृषि विश्वविद्यलयों के छात्र तथा पुष्प प्रेमी शामिल होंगे। उन्होंने बताया कि मध्यप्रदेश पुष्प उत्पादन में देश में द्वितीय स्थान पर है। प्रदेश के लगभग 45 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में फूलों की खेती की जा रही है जिसमें 5 लाख मी.टन फूलों का उत्पादन प्रतिवर्ष हो रहा है। प्रदेश में लगभग 40 हजार किसान फूलों की खेती से जुडे हुए है। मंत्री  कुशवाह ने बताया कि राज्य शासन का लक्ष्य फूलों के उत्पादन के व्यावसायिक स्वरूप प्रदान करते हुए किसानों की आय को दोगुना करना है। मध्यप्रदेश को पुष्प उत्पादन में अग्रणी राज्य बनाना है। प्रदेश के ऐसे धार्मिक स्थान और शहर जिनमें फूलों की अधिक मांग रहती है उनके आस-पास पुष्प उत्पादन क्लस्टर विकसित करने कार्य योजना बनायी गई है। इसी कडी में उद्यानिकी विभाग द्वारा 2028 में होने वाले सिंहस्थ मेले को बडे अवसर के रूप में देख रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन के यादव पहल पर उज्जैन के आस पास लगभग 100 एकड में फूल उत्पादन का विशेष क्लस्टर विकसित करने पर कार्य किया जा रहा है। मंत्री  कुशवाह ने बताया कि प्रदेश के गुना जैसे छोटे जिले के किसानों द्वारा गुलाब उत्पादन में देश और विदेश में नई पहचान बनाई है। गुना का गुलाब दिल्ली, मुम्बई, बैंगलौर सहित विदेशों में भी अपनी पहचान बना रहा है। उन्होंने बताया कि विभाग द्वारा फूलों के उत्पादन को प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्यम उन्नयन योजना (PMFME) से भी जोडा गया है। अनेक हितग्राही योजना का लाभ उठा कर फूलों से बनने वाले उत्पादों से जुडे़ हुए है। मंत्री  कुशवाह ने बताया कि राज्य स्तरीय प्रदर्शनी बहु-उद्देशीय है         • फूलों की व्यावसायिक खेती को बढ़ावा देकर कृषकों की आय में वृद्धि करना।         • विभिन्न प्रजातियों में फूलों के व्यावसायिक उत्पादन को प्रोत्साहित करना।         • कृषकों को नवीन तकनीकों, उन्नत किस्मों एवं आधुनिक उत्पादन विधियों से जोड़कर उन्हें प्रोत्साहित करना।         • पुष्प उत्पादन एवं शोभायमान पौधों का उत्पादन करने वाली नर्सरियों को बढ़ावा देना।         • शहरी क्षेत्रों में शोभायमान वाटिकाओं, उद्यानों एवं हरित परिवेश के प्रति नागरिकों की रुचि विकसित करना।         • आमजन में पर्यावरण संरक्षण, हरित जीवनशैली एवं उद्यानिकी के महत्व के प्रति जागरूकता बढ़ाना।         पुष्प प्रदर्शनी के प्रमुख आकर्षण पुष्पों एवं प्रसंस्कृत उत्पादों का भव्य प्रदर्शनमें प्रदेश के विभिन्न जिलों में उत्पादित दुर्लभ, आकर्षक एवं रंग-बिरंगी पुष्प प्रजातियों तथा पुष्पों से निर्मित प्रसंस्कृत उत्पादों का प्रदर्शन किया जाएगा, जो दर्शकों के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र होंगे। इनमें प्रमुख रूप से-         • बहुवर्षीय पुष्प: गुलाब, ज़रबेरा, गेंदा, सेवंती, रजनीगंधा, ग्लेडियोलस, ऑर्किड, लिलियम, एंथुरियम, कारनेशन, गुड़हल, बोगनवेलिया आदि।         • मौसमी (एन्युअल) पुष्प: जीनिया, पैंजी, फ्लॉक्स, एस्टर, मेरीगोल्ड, जिरेनियम आदि।         • गमलों में शोभायमान पौधे: क्रोटन, ड्रैसीना, कोलियस, पाम, पर्पल हार्ट/जीजस हार्ट आदि।         · विशेष श्रेणियाँ: कैक्टस समूह, बोन्साई समूह एवं पुष्पों के प्रसंस्कृत उत्पाद।         उद्यानिकी कृषकों एवं उद्यमियों का सम्मान पुष्प एवं शोभायमान पौधों के उत्पादन तथा पुष्प प्रसंस्करण से जुड़े उत्कृष्ट कार्य करने वाले कृषकों, उद्यमियों एवं समूहों को प्रदर्शनी के दौरान सम्मानित एवं पुरस्कृत किया जाएगा।         थीम आधारित कलात्मक प्रस्तुतियाँ आयोजन स्थल पर पुष्पों से निर्मित कलात्मक आकृतियाँ, थीम आधारित संरचनाएँ एवं रचनात्मक डिज़ाइन प्रदर्शित की जाएँगी, जो प्रकृति, उद्यानिकी, कृषि एवं नवाचार का जीवंत संगम प्रस्तुत करेंगी। राज्य स्तरीय पुष्प प्रदर्शनी प्रदेश में कृषि एवं उद्यानिकी क्षेत्र की असीम संभावनाओं को उजागर करने के साथ-साथ हरित एवं सतत विकास का सशक्त संदेश देगा।  

हरियाणा में 10वीं-12वीं के फरवरी से शुरू होंगे एग्जाम

चंडीगढ़. हरियाणा स्कूल शिक्षा बोर्ड ने दसवीं और बारहवीं की परीक्षाओं का शेड्यूल वेबसाइट पर जारी कर दिया है। बोर्ड के शेड्यूल के हिसाब से 25 फरवरी से बारवहीं का पहला पेपर अंग्रेजी विषय का होगा जबकि 26 फरवरी को दसवीं के गणित की पहली परीक्षा ली जाएगी। पूरे प्रदेश में 5.21 लाख परीक्षार्थी बोर्ड का एग्जाम देंगे। बोर्ड ने दो किलोमीटर दायरे में ही परीक्षा केंद्र बनाए हैं। वहीं उत्तर पुस्तिका पर पहली बार बार कोड दिया जाएगा। बोर्ड ने यह व्यवस्था नकल रोकने के लिए की है।  एक ही सत्र में आयोजित होंगी परीक्षाएं हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड की तरफ से जारी डेटशीट के हिसाब से दसवीं और बारहवीं का एग्जाम दोपहर साढ़े 12 बजे से साढ़े तीन बजे तक एक ही सत्र में आयोजित होगा। परीक्षार्थियों के मूल विद्यालय से दो किलोमीटर के दायरे में ही परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। यानी ग्रामीण क्षेत्र के विद्यार्थियों को परीक्षा के लिए शहर नहीं जाना होगा। उन्हें नजदीकी सरकारी या फिर निजी विद्यालय में गठित परीक्षा केंद्र के अंदर ही परीक्षा देनी होगी।

ऊर्जा क्षेत्र को नई रफ्तार, मुख्यमंत्री डॉ. यादव की मौजूदगी में बिजली उत्पादन के बड़े करार

भोपाल. मुख्यमंत्री डॉ. यादव की उपस्थिति में 4 हजार मेगावॉट बिजली उत्पादन के लिए हुए अनुबंध (एमओयू) मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि बिजली का महत्व शरीर में प्राणों की समान है। जैसे समस्त गतिविधियों के संचालन के लिए शरीर में प्राण आवश्यक है, वैसे ही किसी भी राज्य की प्रगति और उन्नति के लिए पर्याप्त विद्युत उपलब्धता आवश्यक है। प्रदेश में 60 हजार करोड़ रूपए की लागत से 4 हजार मेगावॉट बिजली उत्पादन के लिए हुए समझौते प्रदेश के स्थाई विकास का आधार बनेंगे। इससे प्रदेश में कुल विद्युत उपलब्धता में बढ़ोत्तरी होने के साथ-साथ बिजली की मांग की शत-प्रतिशत आपूर्ति संभव होगी। डिजाइन, बिल्ड, फाइनेंस, ओन एंड ऑपरेट (डीबीएफओओ) मॉडल पर स्थापित होने वाले इन नए विद्युत संयंत्रों से लगभग 8 हजार लोगों को प्रत्यक्ष और प्रत्यक्ष रोजगार मिलेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव की उपस्थिति में मंगलवार को समत्व भवन (मुख्यमंत्री निवास) में 4 हजार मेगावॉट बिजली के पॉवर सप्लाई एग्रीमेंट पर हस्ताक्षर हुए। अपर मुख्य सचिव  नीरज मंडलोई ने अनुबंध के संबंध में जानकारी दी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव की उपस्थिति में एमपी पॉवर मैनेजमेंट कंपनी के प्रबंध संचालक  विशेष गढ़पाले तथा टोरेंट पॉवर लिमिटेड के  जिगिश मेहता, अदानी पॉवर लिमिटेड के  एस.बी. खिलया तथा हिन्दुस्तान थर्मल प्रोजेक्ट्स के  रतुल पुरी के बीच पॉवर सप्लाई एग्रीमेंट का आदान-प्रदान हुआ। यह नए पॉवर हाउस अनूपपुर में स्थापित होंगे। कार्यक्रम के आरंभ में मुख्यमंत्री डॉ. यादव का उद्योग समूह के प्रतिनिधियों ने पुष्प-गुच्छ भेंट कर अभिवादन किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि उद्योग मित्र नीतियों, सशक्त अधोसंरचना और सुशासन आधारित व्यवस्था के परिणाम स्वरूप मध्यप्रदेश देश -विदेश के निवेशकों और औद्योगिक समूहों के लिए पहली प्राथमिकता बनता जा रहा है। विद्युत उत्पादन में भूमि-जल- पर्यावरण-कोयला- रेलवे लाइन आदि का बेहतर समन्वय आवश्यक है। इन सब आधारों पर मध्यप्रदेश उपयुक्त है। प्रदेश ने नवकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में भी महत्वपूर्ण उपलब्धियां अर्जित की हैं। प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी की पहल पर प्रदेश को मिला पीएम मित्र पार्क विकास के नए आयाम और रोजगार के भरपूर अवसर प्रदान करेगा। प्रदेश में वर्ष-2026 को कृषक कल्याण वर्ष के रूप में मनाने का निर्णय लिया गया है। इससे उद्यमिता, स्वरोजगार और खाद्य प्रसंस्करण गतिविधियों को प्रोत्साहन मिलेगा। राज्य सरकार रोजगार परक उद्योगों को विशेष महत्व दे रही है। प्रदेश में उद्योग समूहों की गतिविधियों के विस्तार के लिए पर्याप्त संभावनाएं विद्यमान हैं। एमपी पॉवर मैनेजमेंट कंपनी ने राज्य में स्थापित किए जाने वाले नए विद्युत संयंत्रों से डिजाइन, बिल्ड, फाइनेंस, ओन एंड ऑपरेट (डीबीएफओओ) के तहत विद्युत दर आधारित प्रतिस्पर्धात्मक बोली प्रक्रिया के माध्यम से 3200 मेगावाट बिजली खरीद के लिए बोलियां आमंत्रित की थीं। इसमें बिजली खरीद के ग्रीन शू विकल्प के तहत अतिरिक्त 800 मेगावॉट की बिजली खरीद का विकल्प भी शामिल था। इसके अनुसार मेसर्स हिन्दुस्तान थर्मल प्रोजेक्ट्स लिमिटेड को 800 मेगावॉट, मेसर्स टोरेंट पॉवर लिमिटेड को 1600 मेगावॉट तथा मेसर्स अदानी पॉवर लिमिटेड को 800 मेगावॉट व ग्रीन्शू विकल्प के अंतर्गत अतिरिक्त 800 मेगावॉट क्षमता आवंटित की गई है। टोरेंट द्वारा 24 हजार करोड़ रुपए, अडाणी पॉवर द्वारा 24 हजार करोड़ रुपए तथा हिन्दुस्थन थर्मल द्वारा 12 हजार करोड़ रुपए का निवेश प्रस्तावित है। इन सभी क्षमताओं के लिये विद्युत आपूर्ति अनुबंध संबंधित चयनित विकासकों द्वारा गठित स्पेशल पर्पस व्हीकल्स के साथ किए गए हैं। इन विद्युत आपूर्ति अनुबंधों के अंतर्गत वर्ष 2030 से विद्युत आपूर्ति होना संभावित है।  

कोडीन कफ सिरप केस का 50 हजार का इनामी हरियाणा से गिरफ्तार

चंडीगढ़. कोडीनयुक्त सीरप और नशीली दवाएं बेचने के आरोपित 50 हजार के इनामी विनोद अग्रवाल को क्राइम ब्रांच और कलक्टरगंज थाना पुलिस ने हरियाणा के महेंद्रगढ़ जिले से गिरफ्तार किया है। उस पर उत्तर प्रदेश, हिमाचल समेत 12 राज्यों में 65 से ज्यादा फर्जी फर्में बनाकर बिक्री करने का आरोप है। क्राइम ब्रांच विनोद अग्रवाल के बेटे समेत अन्य आरोपितों की तलाश में संभावित स्थानों पर दबिश दे रही है। औषधि लाइसेंस की आड़ में एनडीपीएस श्रेणी से संबंधित कोडीनयुक्त सीरप व नशीली दवाएं खरीदने और बेचने वाली फर्मों के खिलाफ औषधि निरीक्षक ने दो माह के भीतर कलक्टरगंज थाने में चार, रायपुरवा, कल्याणपुर, हनुमंत विहार थाने में एक-एक मुकदमे कराए थे। इसमें अग्रवाल ब्रदर्स के संचालक फीलखाना के पटकापुर में रहने वाले विनोद अग्रवाल, उनका बेटा शिवम अग्रवाल, अनमोल गुप्ता, मंजू शर्मा, अभिषेक शर्मा व वेदप्रकाश शिवहरे, सुमित केसरवानी आरोपित हैं। प्रकरण की जांच एसआइटी कर रही है। हालांकि पहले थानों से भी विवेचना की जा रही थी, जिसे एक सप्ताह पहले क्राइम ब्रांच को सौंप दी गई। पुलिस की जांच में पता चला कि आरोपितों ने उत्तर प्रदेश, बिहार, हरियाणा, दिल्ली, राजस्थान, झारखंड, छत्तीसगढ़, आंध्रप्रदेश, हिमाचल, ओडिशा, असम, मिजोरम राज्यों के जिलों में 200 से अधिक फर्में बनाकर लगभग 12 लाख शीशियां कोडीनयुक्त सीरप व नशीली दवाओं की बिक्री होना दिखाया था। कलक्टरगंज थानाध्यक्ष विनय तिवारी ने बताया कि आरोपित विनोद अग्रवाल की अग्रवाल ब्रदर्स से जुड़ी लगभग 65 फर्में फर्जी बताई जा रही हैं। उस पर 50 हजार का इनाम घोषित था। 

भव्य विक्रमोत्सव-2026 को लेकर मंथन, मुख्यमंत्री ने समत्व भवन में की अहम बैठक

भोपाल.  मुख्यमंत्री ने समत्व भवन में विक्रमोत्सव- 2026 की तैयारियों के संबंध में ली बैठक मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि सम्राट विक्रमादित्य के साहस और सृजन ने शौर्य और संगठन के नए प्रतिमान स्थापित करते हुए भारतीय संस्कृति को समृद्ध बनाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया। सम्राट विक्रमादित्य पर केंद्रित विक्रमोत्सव में उनके व्यक्तित्व के सभी आयामों का प्रभावी प्रकटीकरण सुनिश्चित किया जाए। नई पीढ़ी को सम्राट विक्रमादित्य के योगदान से परिचित कराना, भारतीय ज्ञान और सांस्कृतिक परंपरा की निरंतरता के लिए आवश्यक है। विक्रमोत्सव देश-प्रदेश की ऐतिहासिक विरासत और सांस्कृतिक चेतना का प्रभावशाली प्रतीक है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने निर्देश दिये कि आयोजन पूर्ण भव्यता, सुव्यवस्था और सांस्कृतिक गरिमा के उच्चतम मानकों के अनुरूप हो। उन्होंने उज्जैन में होने वाले विक्रमोत्सव-2026 की तैयारियों के संबंध में समत्व भवन (मुख्यमंत्री निवास) में बैठक के दौरान यह निर्देश दिए। बैठक में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने आयोजन की समग्र रूपरेखा, व्यवस्थाओं एवं विभागीय समन्वय की विस्तार से समीक्षा की। बैठक में मुख्य सचिव  अनुराग जैन, अपर मुख्य सचिव उच्च शिक्षा  अनुपम राजन, अपर मुख्य सचिव संस्कृति  शिवशेखर शुक्ला तथा अन्य अधिकारी उपस्थित थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि विक्रमादित्य महानाट्य का मंचन प्रदेश तथा अन्य राज्यों के प्रमुख नगरों में भी किया जाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने स्कूल-कालेजों में सम्राट विक्रमादित्य पर केंद्रित सामान्य ज्ञान प्रतियोगिता आयोजित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि उज्जैन में कृषक कल्याण वर्ष 2026 के अंतर्गत हो रहे विक्रमोत्सव में कृषि पर केंद्रित प्रदर्शनी तथा अन्य गतिविधियां आयोजित की जाएं। प्राकृतिक खेती को प्रोत्साहित करने, नरवाई के प्रबंधन, दुग्ध उत्पादक स्वस्थ पशुओं की प्रतियोगिता और उद्यानिकी को प्रोत्साहित करने पर केंद्रित गतिविधियों को शामिल किया जाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने निर्देश दिए कि सम्राट विक्रामादित्य के वैज्ञानिक पक्ष पर केंद्रित आयोजनों में विज्ञान महाविद्यालय, इंजीनियरिंग और पॉलिटेक्निक कॉलेजों को भी जोड़ा जाए। सम्राट विक्रमादित्य अलंकरण में भारत सरकार की भागीदारी सुनिश्चित करते हुए उसे भव्य और राष्ट्रीय स्वरूप प्रदान किया जाए। बैठक में विक्रमोत्सव 2026 के अंतर्गत उज्जैन में होने वाली गतिविधियों की निम्नानुसार जानकारी दी गई-     15 फरवरी,2026- अनादि देव शिव की कलाओं का शिवार्चन, म.प्र. के सभी शिवरात्रि मेलों का शुभारंभ, कलश यात्रा, विक्रमोत्सव-2026 का शुभारंभ, शिवोSहम- प्रीतम एवं बैंड की प्रस्तुति, शिवनाद।     प्रदर्शनियां- विक्रमादित्य और अयोध्या, आर्ष भारत, अस्त्र-शस्त्र, 84 महादेव, जनजातीय देवलोक के संयोजन पर प्रदर्शनी।     विक्रम व्यापार मेला।     16 फरवरी से 20 फरवरी – शिव पुराण।     16 से 25 फरवरी- विक्रम नाट्य समारोह के अंतर्गत राष्ट्रीय व अंतर्राष्ट्रीय स्तर की नाट्य प्रस्तुतियाँ।     26 से 28 फरवरी- अंतर्राष्ट्रीय इतिहास समागम, पुतुल समारोह, अंतराष्ट्रीय शोध संगोष्ठी।     28 फरवरी से एक मार्च- विक्रमादित्य का न्याय पर वैचारिक समागम।     2 मार्च – अखिल भारतीय कवि सम्मेलन।     7 मार्च – लोकरंजन- विभिन्न बोलियों में सम्राट विक्रमादित्य पर अखिल भारतीय कवि सम्मेलन।     10 – 12 मार्च – संगीत के उद्भव और विकास पर अनहद वैचारिक समागम।     13 – 14 मार्च – अंतर्राष्ट्रीय शोध संगोष्ठी।     13 – 17 मार्च – पौराणिक फिल्मों के अंतर्राष्ट्रीय महोत्सव में 20 से अधिक देशों की फिल्मों का प्रदर्शन।     17- 18 मार्च – भारतीय विज्ञान शोध संगोष्ठी।     18 मार्च – वेद अंताक्षरी।     19 मार्च – गुड़ी पड़वा पर रामघाट दत्त अखाड़ा पर सूर्योपासना।     इसके साथ ही 19 मार्च वर्ष प्रतिपदा, सृष्टि आरंभ दिवस को उज्जयिनी गौरव दिवस के रूप में मनाया जाएगा। इस अवसर पर मुख्य कार्यक्रम शिप्रा नदी के तट पर होगा, जिसके अंतर्गत सम्राट विक्रमादितय अलंकरण और विक्रम पंचांग 2082-83 व आर्ष भारत द्वितीय संस्करण के लोकार्पण के साथ ही महादेव की नदी कथा-नृत्य नाट्य की प्रस्तुति होगी। सुप्रसिद्ध पार्श्व गायक सोनू निगम सांगितिक प्रस्तुति देंगे। इस अवसर पर भव्य आतिशबाजी भी की जाएगी। गुड़ी पड़वा पर प्रदेश के सभी जिलों में विक्रमोत्सव का आयोजन होगा। समत्व भवन (मुख्यमंत्री निवास) में हुई बैठक में प्रमुख सचिव औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्साहन  राघवेंद्र कुमार सिंह, सचिव मुख्यमंत्री कार्यालय तथा प्रबंध संचालक म.प्र. पर्यटन विकास निगम डॉ. इलैया राजा टी, आयुक्त जनसम्पर्क  दीपक कुमार सक्सेना तथा अन्य अधिकारी उपस्थित थे। बैठक में वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से उज्जैन के जनप्रतिनिधि तथा अधिकारी भी शामिल हुए।  

हरियाणा के ऊर्जा मंत्री अनिल विज बोले- रिहायशी इलाकों से हटाई जा रहीं हाईटेंशन लाइनें

चंडीगढ़. हरियाणा के ऊर्जा मंत्री अनिल विज ने कहा कि प्रदेश के जिन क्षेत्रों में कालोनियां बस गई हैं और उनके ऊपर से यदि 33 केवी या 66 केवी की बिजली की तारें जा रही हैं तो उनको हटाने की कोशिश की जा रही है। हरियाणा के ऊर्जा मंत्री अनिल विज ने कहा कि प्रदेश के जिन क्षेत्रों में कालोनियां बस गई हैं और उनके ऊपर से यदि 33 केवी या 66 केवी की बिजली की तारें जा रही हैं तो उनको हटाने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने कहा कि पिछले दिनों आई तेज हवाओं व बारिश के चलते उखड़े हुए खंभों व प्रभावित हुए फीडर व ट्रांसफार्मरों को ठीक किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि बिजली आपूर्ति सुचारू हो सके, इसके लिए प्रदेश सरकार प्रतिबद्ध है। आंधी व बारिश से सैकड़ो खंभे टूट गए थे और ट्रांसफार्मर भी प्रभावित हुए थे। उनके नुकसान का बिजली निगम आकलन कर रहा है। उपभोक्ताओं के सुविधाओं का पूरा ध्यान रखा जा रहा है। हमारी सरकार देश की संस्कृति को और मजबूत करने का काम कर रही है। जनता के हित में काम किये जा रहे हैं।

सरकारी व्यवस्था का असर: धान खरीदी ने बदली महिला किसान चौती बाई की ज़िंदगी

रायपुर. धान खरीदी व्यवस्था ने बदली महिला किसान चौती बाई की ज़िंदगी खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 की धान खरीदी के साथ ही छत्तीसगढ़ के गांवों में सिर्फ धान नहीं, बल्कि भरोसे, संतोष और आत्मविश्वास की नई फसल भी लहलहा उठी है। शासन की किसान-हितैषी नीतियों का जीवंत प्रमाण हैं धमतरी जिले के ग्राम संबलपुर की महिला किसान श्रीमती चौती बाई साहू, जिनकी कहानी संवेदनशील शासन और सुशासन की सशक्त मिसाल बनकर सामने आई है।       अब तक परिवार में धान विक्रय की जिम्मेदारी चौती बाई के पति निभाते रहे थे, लेकिन इस वर्ष स्वास्थ्य कारणों से यह दायित्व उन्होंने स्वयं संभाला। यह उनके लिए केवल धान बेचने की प्रक्रिया नहीं, बल्कि आत्मनिर्भरता और आत्मविश्वास की एक नई यात्रा थी। पूर्व निर्धारित तिथि पर कटे टोकन के अनुसार वे 57 क्विंटल धान लेकर खरीदी केंद्र पहुँचीं। पहली बार इतनी बड़ी जिम्मेदारी निभाने के बावजूद चौती बाई के चेहरे पर किसी तरह की घबराहट नहीं, बल्कि संतोष और आत्मविश्वास साफ झलक रहा था। उन्होंने बताया कि खरीदी केंद्र की सुव्यवस्थित, पारदर्शी और किसान-मैत्री व्यवस्था ने पूरे अनुभव को आसान और सम्मानजनक बना दिया। केंद्र में बारदाना, हमाल, डिजिटल तौल मशीन, प्रशिक्षित ऑपरेटर, पेयजल, शौचालय और बिजली जैसी सभी आवश्यक सुविधाएँ उपलब्ध थीं, जिससे किसानों को किसी प्रकार की परेशानी नहीं हुई।      धान विक्रय से प्राप्त राशि से चौती बाई अपने पति का बेहतर इलाज कराने की योजना बना रही हैं। उनकी आवाज़ में सरकार के प्रति आभार स्पष्ट महसूस किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय के नेतृत्व में सरकार द्वारा 3100 रुपये प्रति क्विंटल समर्थन मूल्य तथा प्रति एकड़ 21 क्विंटल धान खरीदी का निर्णय किसानों के लिए संबल साबित हुआ है। इससे खेती न केवल लाभकारी बनी है, बल्कि ग्रामीण परिवारों को आर्थिक सुरक्षा भी मिली है। चौती बाई मानती हैं कि बढ़े हुए समर्थन मूल्य से उनके परिवार के जीवन में स्थिरता आई है। घर के खर्च, इलाज और भविष्य की जरूरतों को लेकर अब पहले जैसी चिंता नहीं रही। उन्होंने धान खरीदी केंद्र के कर्मचारियों, हमालों और प्रशासनिक अमले की सराहना करते हुए कहा कि सभी ने सहयोग, संवेदनशीलता और सम्मान के साथ कार्य किया।      चौती बाई की कहानी केवल एक महिला किसान की सफलता नहीं, बल्कि यह प्रमाण है कि जब शासन की नीतियाँ ईमानदारी और प्रभावी क्रियान्वयन के साथ जमीन पर उतरती हैं, तो उनका लाभ सीधे अंतिम पंक्ति में खड़े किसान तक पहुँचता है। आज संबलपुर की चौती बाई सिर्फ धान बेचने वाली किसान नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ की किसान-केंद्रित नीतियों की सशक्त पहचान बन चुकी हैं। जिनकी मुस्कान में व्यवस्था पर भरोसा और बेहतर भविष्य की उम्मीद साफ दिखाई देती है।

उम्मीद की किरण: किस्टाराम और मुकर्रम के नक्सल प्रभावित क्षेत्रों के मरीजों को मिली नई नजर

रायपुर. नक्सल प्रभावित किस्टाराम और मुकर्रम जैसे अंदरूनी क्षेत्रों के मरीजों को मिली नई दृष्टि मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय के “सुशासन“ और “अंत्योदय“ के संकल्प को साकार करते हुए सुकमा जिले के दूरस्थ नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में स्वास्थ्य सुविधाओं का विस्तार निरंतर जारी है। इसी कड़ी में जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग के  मार्गदर्शन में  जिले के 14 मोतियाबिंद मरीजों का सफल उपचार कराकर उनके जीवन में नई रोशनी लाई गई है। अंदरूनी गांवों से मेडिकल कॉलेज तक का सफर शासन की महत्वाकांक्षी “नियद नेल्लानार“ (आपका अच्छा गांव) योजना के तहत विशेष स्वास्थ्य शिविरों के माध्यम से कोंटा विकासखंड में स्थित दूरस्थ गांव मुकर्रम, पटेलपारा, सरपंचपारा और किस्टाराम जैसे पहुंचविहीन क्षेत्रों के मरीजों की पहचान की गई थी। इन चिन्हित 14 मरीजों को जिला प्रशासन द्वारा विशेष वाहन की व्यवस्था कर बेहतर उपचार हेतु जगदलपुर मेडिकल कॉलेज भेजा गया, जहाँ उनका सफल ऑपरेशन संपन्न हुआ। ऑपरेशन के पश्चात सभी मरीजों को आई असिस्टेंट की देखरेख में जगरगुंडा और किस्टाराम से सुरक्षित जिला अस्पताल सुकमा लाया गया है। डॉक्टरों के अनुसार, मरीजों की रिकवरी और बेहतर फॉलो-अप के लिए उन्हें अगले 4 दिनों तक जिला अस्पताल में विशेषज्ञों की निगरानी में रखा जाएगा। इस दौरान मरीजों के ठहरने और भोजन की निरूशुल्क व्यवस्था जिला प्रशासन के द्वारा की गई है। स्वास्थ्य विभाग और जिला प्रशासन का यह प्रयास दर्शाता है कि नियद नेल्लानार योजना के माध्यम से अब शासन की योजनाएं केवल कागजों तक सीमित नहीं हैं, बल्कि सुदूर वनांचलों के अंतिम व्यक्ति तक सीधे पहुँच रही हैं। स्वास्थ्य लाभ प्राप्त करने वाले मरीजों ने इस संवेदनशील पहल के लिए मुख्यमंत्री, स्वास्थ्य मंत्री और जिला प्रशासन का आभार व्यक्त किया है।

हरियाणा के मुख्यमंत्री सैनी 2 को कैबिनेट बैठक में तय करेंगे बजट की तारीख

पंचकूला. हरियाणा सरकार ने राज्य के आम बजट और सात शहरी निकायों के चुनाव से पहले उच्च अधिकारियों के कार्य दायित्व में बड़ा बदलाव किया है। अभी तक स्वास्थ्य विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव का दायित्व संभाल रहे। साल 1990 बैच के सीनियर आईएएस अधिकारी सुधीर राजपाल को राज्य का नया गृह सचिव बनाया गया है। सुधीर राजपाल निवर्तमान गृह सचिव डा. सुमिता मिश्रा का स्थान लेंगे। सुधीर राजपाल राज्य के वरिष्ठतम आईएएस अधिकारी हैं, लेकिन वित्तायुक्त एवं गृह सचिव जैसे महत्वपूर्ण पदों से पूर्व में वंचित रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग का जिम्मा संभालेंगी सुमिता मिश्रा अब सुमिता मिश्रा राज्य की वित्तायुक्त राजस्व एवं आपदा प्रबंधन तथा स्वास्थ्य विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव का दायित्व संभालेंगी। सुधीर राजपाल को गृह सचिव बनाने के साथ-साथ सरकार ने पर्यावरण, वन एवं वन्य जीव विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव की जिम्मेदारी भी सौंपी है। सुमिता मिश्रा को चकबंदी, चिकित्सा शिक्षा एवं अनुसंधान तथा आयुष विभागों के अतिरिक्त मुख्य सचिव का भी कार्यभार सौंपा गया है। हरियाणा के मुख्यमंत्री के निर्देश पर हुए इन तबादलों में मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी का कार्यभार थोड़ा कम किया गया है, जबकि मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव अरुण कुमार और अतिरिक्त प्रधान सचिव साकेत कुमार के दायित्व में बढ़ोतरी की गई है। अनुराग रस्तोगी का हुआ है हार्ट का ऑपरेशन मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी का पिछले दिनों हार्ट का ऑपरेशन हुआ था। उनके पास वित्त विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव का भी दायित्व था। चूंकि मार्च माह के पहले सप्ताह में बजट पेश होने वाला है और मुख्यमंत्री लगातार बजट पर सुझाव लेने के लिए बैठकों का आयोजन कर रहे हैं, ऐसे में अनुराग रस्तोगी के स्थान पर मुख्यमंत्री ने अपने प्रधान सचिव अरुण गुप्ता को वित्त एवं योजना विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव का अतिरिक्त कार्यभार सौंपा है। अरुण गुप्ता मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव बने रहेंगे। मुख्यमंत्री के अतिरिक्त प्रधान सचिव साकेत कुमार को उनके मौजूदा दायित्व के अलावा अरुण गुप्ता के स्थान पर शहरी निकाय विभाग का आयुक्त एवं सचिव बनाया गया है। साकेत कुमार कुरुक्षेत्र विकास बोर्ड के सदस्य का अतिरिक्त कार्यभार संभालेंगे। राय कुमार विकास प्राधिकरण का अतिरिक्त सीईओ नियुक्त किया राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग में विशेष सचिव राम कुमार को उनके इस दायित्व के अलावा पंचकूला महानगर विकास प्राधिकरण का अतिरिक्त सीईओ नियुक्त किया गया है। पहले यह जिम्मेदारी आइआरपीएस अधिकारी विनय कुमार के पास थी। हरियाणा सरकार ने विनय कुमार को नगर निगम पंचकूला का आयुक्त तथा हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग में ओएसडी नियुक्त किया है। ओएसडी के पद पर अभी तक चिन्मय गर्ग सेवाएं दे रहे थे। विनय कुमार को जिला नगर आयुक्त का भी दायित्व सौंपा गया है।

बस्तर प्रवास को लेकर प्रशासन सतर्क, मुख्य सचिव ने तैयारियों की समीक्षा की

रायपुर. राष्ट्रपति के बस्तर प्रवास की तैयारियों को लेकर मुख्य सचिव ने ली अधिकारियों की बैठक भारत की राष्ट्रपति   द्रौपदी मुर्मू के छत्तीसगढ़ के बस्तर (जगदलपुर) में बस्तर पंडुम के शुभारंभ के अवसर पर 7 फरवरी 2026 के प्रस्तावित प्रवास पर विविध तैयारियों के संबंध में अधिकारियों की उच्च स्तरीय बैठक ली। मुख्य सचिव   विकासशील ने राष्ट्रपति महोदया के प्रवास अवसर पर सुरक्षा, चिकित्सा, आवागमन सहित तमाम जरूरी व्यवस्थाओं के संबंध में अधिकारियों को निर्देश दिए है। मुख्य सचिव ने वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिए बस्तर कलेक्टर से की जा रही तमाम व्यवस्थाओं की जानकारी ली। इसी तरह से मुख्य सचिव ने रायपुर कलेक्टर से भी जानकारी लेकर आवश्यक दिशा निर्देश दिए। बैठक में जनसम्पर्क एवं संस्कृति विभाग के सचिव   रोहित यादव, सामान्य प्रशासन विभाग के सचिव   अविनाश चंपावत, गृह विभाग की सचिव   नेहा चंपावत, स्वास्थ्य विभाग के सचिव   अमित कटारिया, लोक निर्माण विभाग के सचिव डॉ. कमलप्रीत सिंह सहित अन्य विभागों के अधिकारी शामिल हुए।