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फिल्मों से चमकेगा छत्तीसगढ़: चित्रोत्पला फिल्म सिटी रचेगी रचनात्मक अर्थव्यवस्था का नया अध्याय

रायपुर चित्रोत्पला फिल्म सिटी छत्तीसगढ़ की रचनात्मक अर्थव्यवस्था को देगी नई गति छत्तीसगढ़ का बरसों पुराना सपना आज साकार हो गया है। चित्रोत्पला फिल्म सिटी तथा ट्राइबल एंड कल्चरल कन्वेंशन सेंटर के निर्माण से फिल्म निर्माण के क्षेत्र में छत्तीसगढ़ को देश और दुनिया में एक नई पहचान मिलेगी। इस महत्वाकांक्षी पहल के माध्यम से छत्तीसगढ़ न केवल फिल्म निर्माण और सांस्कृतिक आयोजनों का एक प्रमुख केंद्र बनने की दिशा में अग्रसर होगा, बल्कि यह परियोजना राज्य की रचनात्मक अर्थव्यवस्था को भी नई गति प्रदान करेगी। चित्रोत्पला फिल्म सिटी और ट्राइबल एंड कल्चरल कन्वेंशन सेंटर के निर्माण से स्थानीय प्रतिभाओं को राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय मंच मिलेगा, निवेश के नए अवसर सृजित होंगे और छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक पहचान वैश्विक स्तर पर और अधिक सशक्त होगी। यह परियोजना आने वाले वर्षों में राज्य के युवाओं, कलाकारों और पर्यटन क्षेत्र के लिए विकास के नए द्वार खोलेगी। मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने आज राजधानी रायपुर के ग्राम माना-तूता में चित्रोत्पला फिल्म सिटी तथा ट्राइबल एंड कल्चरल कन्वेंशन सेंटर के भूमिपूजन कार्यक्रम को संबोधित करते हुए यह बात कही। मुख्यमंत्री  साय ने चित्रोत्पला फिल्म सिटी एवं ट्राइबल एंड कल्चरल कन्वेंशन सेंटर का किया भूमि पूजन मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने वैदिक मंत्रोच्चार एवं विधिवत पूजा-अर्चना के साथ चित्रोत्पला फिल्म सिटी तथा ट्राइबल एंड कल्चरल कन्वेंशन सेंटर के निर्माण की आधारशिला रखी। इस ऐतिहासिक अवसर पर उन्होंने प्रदेशवासियों, फिल्म कलाकारों, निर्माता-निर्देशकों को बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि आज का दिन प्रदेश के अभिनय और कला जगत से जुड़े लोगों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। चित्रोत्पला फिल्म सिटी के माध्यम से प्रदेश के हजारों हुनरमंद कलाकारों को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने का अवसर मिलेगा। स्थानीय फिल्म निर्माताओं को फिल्म निर्माण से जुड़ी सभी तकनीकी सुविधाएं एक ही स्थान पर उपलब्ध होंगी। उन्होंने फिल्म सिटी एवं ट्राइबल एंड कल्चरल कन्वेंशन सेंटर के लिए केंद्र सरकार से प्राप्त सहयोग के लिए आभार व्यक्त करते हुए कहा कि डबल इंजन की सरकार में प्रदेश की कला और कलाकारों को उचित सम्मान मिल रहा है। मुख्यमंत्री ने भूमिपूजन के साथ ही फिल्म निर्माण और कन्वेंशन सेंटर से संबंधित विभाग को चार प्रस्ताव प्राप्त होने पर प्रसन्नता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि इससे प्रदेश में फिल्म निर्माण गतिविधियों को नई गति मिलेगी और छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक एवं सामाजिक सरोकारों से जुड़े विषयों को बड़े पर्दे पर स्थान मिलेगा। संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री  राजेश अग्रवाल ने कहा कि आज का यह अवसर छत्तीसगढ़ पर्यटन एवं फिल्म विकास उद्योग के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। यह केवल एक निर्माण परियोजना की शुरुआत नहीं है, बल्कि राज्य के सांस्कृतिक, आर्थिक और रचनात्मक भविष्य की सशक्त नींव है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ प्राकृतिक सौंदर्य और सांस्कृतिक विविधता से परिपूर्ण राज्य है और इस पहल से पर्यटन के साथ-साथ फिल्म उद्योग को भी नया आयाम मिलेगा। पिछले कुछ वर्षों में छत्तीसगढ़ फिल्म निर्माताओं के लिए एक पसंदीदा डेस्टिनेशन के रूप में उभरा है। हमारी स्पष्ट योजना है कि आगामी दो वर्षों के भीतर इन परियोजनाओं को पूर्ण कर राज्य को समर्पित किया जाएगा। इस अवसर पर वन मंत्री  केदार कश्यप, सांसद  बृजमोहन अग्रवाल, विधायक  अनुज शर्मा, विधायक  इंद्र कुमार साहू, छत्तीसगढ़ फिल्म विकास निगम की अध्यक्ष सु मोना सेन, छत्तीसगढ़ पर्यटन बोर्ड के अध्यक्ष  नीलू शर्मा, जिला पंचायत अध्यक्ष  नवीन अग्रवाल तथा पर्यटन विभाग के सचिव डॉ. रोहित यादव उपस्थित थे। मुख्यमंत्री ने फिल्म सिटी के प्रस्तावित मास्टर प्लान का किया अवलोकन चित्रोत्पला फिल्म सिटी एवं ट्राइबल एंड कल्चरल कन्वेंशन सेंटर के भूमिपूजन अवसर पर मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने परियोजना के प्रस्तावित मास्टर प्लान का अवलोकन किया। उन्होंने अधिकारियों से निर्माण से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां प्राप्त कीं तथा परियोजना पर आधारित एक लघु फिल्म भी देखी। चित्रोत्पला फिल्म सिटी के भूमिपूजन अवसर पर पर्यटन विभाग को मिले 4 प्रस्ताव चित्रोत्पला फिल्म सिटी के भूमिपूजन के साथ ही पर्यटन विभाग को फिल्म निर्माण एवं कन्वेंशन सेंटर में इकाइयों की स्थापना हेतु चार प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। समारोह के दौरान ये प्रस्ताव मुख्यमंत्री को सौंपे गए। गदर फिल्म के निर्माता  अनिल शर्मा ने अपनी आगामी फिल्म का निर्माण चित्रोत्पला फिल्म सिटी में करने का प्रस्ताव दिया। इंडिया एक्सपोजीशन मार्ट लिमिटेड के चेयरमेन  राकेश कुमार ने ट्राइबल एंड कल्चरल कन्वेंशन सेंटर में इंटरनेशनल एक्जीबिशन सेंटर एवं ट्रेड मार्ट के निर्माण का प्रस्ताव प्रस्तुत किया। एक्सपोर्ट प्रमोशन काउंसिल फॉर हैंडीक्राफ्ट्स के चेयरमेन  नीरज खन्ना ने यहां वर्ल्ड क्लास हैंडीक्राफ्ट्स एंड गिफ्ट फेयर आयोजित करने का प्रस्ताव दिया। वहीं एटी फिल्म्स हॉलीवुड से  आशुतोष वाजपेयी ने हॉलीवुड फिल्मों एवं स्ट्रीमिंग वीडियो कंटेंट को चित्रोत्पला फिल्म सिटी में लाने का प्रस्ताव मुख्यमंत्री को सौंपा। उल्लेखनीय है कि राज्य में फिल्म टूरिज्म की व्यापक संभावनाओं को ध्यान में रखते हुए भारत सरकार के पर्यटन मंत्रालय की “कैपिटल इन्वेस्टमेंट हेतु राज्यों को विशेष सहायता – ग्लोबल स्तर के आइकॉनिक पर्यटन केंद्रों का विकास” योजना के अंतर्गत इन दोनों परियोजनाओं को स्वीकृति प्रदान की गई है। इस योजना के तहत चित्रोत्पला फिल्म सिटी के निर्माण हेतु 95.79 करोड़ रुपये तथा ट्राइबल एंड कल्चरल कन्वेंशन सेंटर के निर्माण हेतु 52.03 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी गई है। इन दोनों परियोजनाओं का क्रियान्वयन पीपीपी (पब्लिक–प्राइवेट पार्टनरशिप) मॉडल के अंतर्गत किया जाएगा। इसके अतिरिक्त निजी क्षेत्र से लगभग 300 करोड़ रुपये के निवेश की भी संभावना है। परियोजनाओं को दो वर्षों की समयावधि में पूर्ण किए जाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। चित्रोत्पला फिल्म सिटी एवं ट्राइबल एंड कल्चरल कन्वेंशन सेंटर लगभग 100 एकड़ क्षेत्र में विकसित किए जाएंगे। फिल्म सिटी के निर्माण से छत्तीसगढ़ में स्थानीय एवं अन्य वाणिज्यिक फिल्मों और वेब सीरीज़ के निर्माण को प्रोत्साहन मिलेगा। राज्य के प्राकृतिक दृश्य, पर्यटन स्थल एवं समृद्ध संस्कृति फिल्म शूटिंग के लिए अत्यंत अनुकूल हैं। फिल्म सिटी में गांव, शहर एवं गलियों के सेट, एयरपोर्ट, रेलवे स्टेशन, जेल एवं पुलिस चौकी, स्कूल-कॉलेज, मंदिर एवं अन्य सार्वजनिक स्थलों के सेट, स्कल्प्चर गार्डन, शॉपिंग स्ट्रीट, प्रोडक्शन ऑफिस, स्टूडियो, प्रशासनिक भवन एवं पार्किंग विकसित की जाएगी। साथ ही पर्यटकों के लिए टॉय म्यूजियम, स्नो वर्ल्ड, होटल, रेस्टोरेंट, मल्टीप्लेक्स एवं एक्सपीरियंस सेंटर जैसी सुविधाएं भी उपलब्ध होंगी। ट्राइबल एंड कल्चरल कन्वेंशन सेंटर में लगभग 1500 लोगों की क्षमता वाला आधुनिक कन्वेंशन हॉल विकसित किया जाएगा, जिसमें मीटिंग, कॉन्फ्रेंस, बैंक्वेट, रेस्टोरेंट, अतिथि कक्ष, जिम, लाइब्रेरी, स्वीमिंग पूल एवं प्रशासनिक … Read more

पॉज मोड में ऑपरेशन सिंदूर, डीके त्रिपाठी ने रांची में दी हुंकार

रांची  नौसेना प्रमुख एडमिरल डीके त्रिपाठी (DK Tripathi) ने अपने झारखंड दौरे के दौरान राजधानी रांची में कहा कि ऑपरेशन सिंदूर समाप्त नहीं हुआ है, बल्कि पॉज (विराम) मोड में है. इस युद्ध में भारतीय सेना ने पराक्रम का परिचय दिया. हम युद्ध के लिए पूरी तरह तैयार थे. जरूरत पड़ने पर अपनी ताकत दिखाने में भी सक्षम थे, लेकिन प्रतिद्वंदी ने लड़ने का मौका ही नहीं दिया. एडमिरल त्रिपाठी शुक्रवार को सीसीएल सभागार में आयोजित विकसित भारत-2047 संवाद कार्यक्रम में स्कूली विद्यार्थियों को संबोधित कर रहे थे. सुरक्षा और विकास साथ-साथ चलते हैं डीके त्रिपाठी (DK Tripathi) ने कहा कि भारत बहुत तेजी से आगे बढ़ रहा है. बिना सुरक्षा के कोई भी देश आगे नहीं बढ़ सकता. इसमें वर्दी और बिना वर्दी वाले, दोनों की जिम्मेदारी महत्वपूर्ण होती है. सुरक्षा और विकास साथ-साथ चलते हैं. अगले दो दशकों की यात्रा से ही विकसित भारत का सपना पूरा होगा. इसके कई लक्ष्य हैं. ये लक्ष्य बहुत कठिन हैं, लेकिन सरकार की मंशा स्पष्ट है. इसके लिए शत-प्रतिशत शिक्षा का लक्ष्य पूरा करना होगा. सभी को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं देनी होंगी. इनोवेशन (नवाचार) में ग्लोबल लीडर बनना होगा. दूसरों पर निर्भरता को कम करना होगा. विकसित भारत कमजोरी से रेसिलिएंस (लचीलापन) की ओर बढ़ने का मार्ग है. यह केवल नीति-निर्माताओं से संभव नहीं होगा. आम लोगों की भागीदारी जरूरी है. इसमें युवाओं की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण है. भारत की ओर गलत नजर उठी, तो जवाब होगा सख्त इससे पहले नौसेना प्रमुख ने रजप्पा में प्रसिद्ध मां छिन्नमस्तिके के दर्शन किए और वहां पूजा की. रजरप्पा में नौसेना प्रमुख एडमिरल दिनेश कुमार त्रिपाठी ने कहा है कि भारत के खिलाफ किसी तरह की गलत सोच या मंशा बर्दाश्त नहीं की जायेगी. भारत की ओर गलत नजर उठी, तो सख्त जवाब दिया जायेगा. देश की सुरक्षा व्यवस्था पूरी तरह सक्षम है. किसी भी चुनौती का सामना मजबूती के साथ करने के लिए तैयार है. आवश्यक होने पर कठोर कार्रवाई से पीछे नहीं हटेगी. एडमिरल त्रिपाठी ने कहा कि देश की सुरक्षा आज मजबूत हाथों में है. समुद्री सीमाओं की निगरानी पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है. भारत के खिलाफ किसी प्रकार की गतिविधि का तत्काल और प्रभावी जवाब दिया जायेगा.

सीएम ने भोपाल में ‘संध्या छाया’ वृद्धाश्रम का लोकार्पण, 327 करोड़ की पेंशन राशि का वितरण

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भोपाल की पत्रकार कॉलोनी में नव-निर्मित सर्वसुविधायुक्त सशुल्क वृद्धाश्रम ‘संध्या छाया’ का लोकार्पण किया. इस अवसर पर उन्होंने राज्य स्तरीय स्पर्श मेला-2026 के विजेताओं को सम्मानित किया और सिंगल क्लिक के माध्यम से सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना के अंतर्गत हितग्राहियों को 327 करोड़ की राशि अंतरित की. लोकार्पण समारोह का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ. कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि जन-जन का कल्याण मध्यप्रदेश सरकार का संकल्प है. वरिष्ठ नागरिकों के सम्मानजनक जीवन के लिए सरकार लगातार नई पहल कर रही है. परिसर में प्रेयर हॉल, लाइब्रेरी भवन में वातानुकूलित कमरें, टीवी, फ्रिज, गर्म और ठंडा पानी, निजी बालकनी की व्यवस्था हर कमरे में है. खासबात यह है कि संध्या छाया में डॉक्टर परामर्श की भी सुविधा है. भवन में फिजियोथेरिपी सेंटर, आपातकालीन चिकित्सा सहायता सुविधा भी दी गई है. परिसर में प्रेयर हॉल, लाइब्रेरी, और ओपन मेस हॉल भी बनाया गया है. इस सशुल्क वृद्धाश्रम के संचालन की जिम्मेदारी सेवा भारती को सौंपी गई है. सुरक्षा के भी व्यापक इंतजाम आश्रम में सुरक्षा के भी व्यापक इंतजाम किए गए हैं। सांध्य छाया के संचालन में सामाजिक भागीदारी दर्ज कराते हुए सेवा भारती मध्य भारत को इसके संचालन का जिम्मा दो वर्षों के लिए दिया गया है. वृद्धाश्रम में रहने वाले वरिष्ठजन को प्रतिमाह कमरे के आकार के अनुसार पृथक-पृथक राशि देनी होगी. एक नजर में कमरों का किराया एक डबल बेड 60 स्का. मीटर कमरा- 39,490 रुपए, डबल बेड 90 स्का. मीटर 43,490 रुपए, डबल बेड 56.5 स्का. मीटर 38,490 रुपए, सिंगल बेड 49.2 स्का. मीटर 49,990 रुपए, सिंगल बेड 35 स्का. मीटर 47,990 रुपए तथा सिंगल बेड 33.5 स्का. मीटर 45,990 रुपए प्रतिमाह चार्ज देना होगा.  

राज्यपाल पटेल का बयान: विविधता में एकता से सशक्त होता है भारत

विविधता में एकता से सशक्त होता भारत : राज्यपाल  पटेल राज्यों की सांस्कृतिक एकता और राष्ट्रीय समरसता का उत्सव  लोकभवन में मना चार राज्यों का संयुक्त स्थापना दिवस समारोह भोपाल  राज्यपाल  मंगुभाई पटेल ने कहा कि स्थापना दिवस समारोह केवल प्रशासनिक इकाइयों के गठन का स्मरण नहीं, बल्कि भारत की संघीय संरचना, सांस्कृतिक समृद्धि और राष्ट्रीय अखंडता के उत्सव का पावन प्रसंग है। उन्होंने “विविधता में एकता” को भारतीय संस्कृति की अमूल्य धरोहर बताते हुए कहा कि “एक भारत–श्रेष्ठ भारत” का संकल्प इसी भावना की जीवंत अभिव्यक्ति है। राज्यपाल श्री पटेल मणिपुर, मेघालय और उत्तर प्रदेश राज्यों के संयुक्त स्‍थापना दिवस समारोह को शनिवार को लोकभवन में संबोधित कर रहे थे। उन्होंने राज्यों के स्‍थापना दिवस की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएँ दी। इस अवसर पर राज्यपाल श्री पटेल को निदेशक राष्ट्रीय मानव संग्रहालय प्रो. अमिताभ पांडेय ने चित्रकार दोरेन सिंह द्वारा निर्मित केनवास पेंटिंग “पुंग चोलम ऑफ मणिपुर” भेंट की। राज्यपाल के प्रमुख सचिव डॉ. नवनीत मोहन कोठारी, राज्यपाल के अपर सचिव श्री उमाशंकर भार्गव भी मौजूद थे। राज्यपाल श्री पटेल ने प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि “एक भारत–श्रेष्ठ भारत” अभियान ने देश की विविधताओं को एक सूत्र में पिरोकर राष्ट्रीय एकता को नई ऊर्जा प्रदान की है। उन्होंने बताया कि स्टैच्यू ऑफ यूनिटी पर 1 नवम्बर से 15 नवम्बर तक भारत पर्व के आयोजन में देश के सभी राज्यों की संस्कृतियों को एक मंच पर लाया जाता है। एकता नगर गुजरात में हुए गत वर्ष के समारोह में 11 नवम्बर को मध्यप्रदेश, मणिपुर एवं मेघालय का संयुक्त समारोह आयोजित हुआ था। इसमें राज्यों के राज्यपाल एवं मंत्री शामिल हुए थे। उन्होंने कहा कि विभिन्न राज्यों के स्थापना दिवस का यह संयुक्त आयोजन इस सत्य को पुनः स्थापित करता है कि भौगोलिक दूरी के बावजूद हमारी आत्मा, चेतना और संस्कार एक हैं। उत्तर भारत की आध्यात्मिक चेतना, पूर्वोत्तर की समृद्ध लोक संस्कृति और पश्चिमी भारत की समुद्री विरासत का संगम भारत को विश्व मंच पर एक सशक्त और प्रेरक राष्ट्र के रूप में प्रस्तुत करता है। राज्यपाल श्री पटेल ने स्थापना दिवस को क्षेत्रीय अस्मिताओं के सम्मान और राष्ट्रीय एकता को और अधिक सुदृढ़ करने के सामूहिक संकल्प का विशेष प्रसंग बताया। उन्होंने विकास, सुशासन और सामाजिक समरसता को राष्ट्र निर्माण का आधार बताया। सभी नागरिकों से सक्रिय सहभागिता का आह्वान किया। उन्होंने उपस्थित जनसमूह से भारत की सांस्कृतिक विविधता को गौरव के रूप में अपनाने और “एक भारत–श्रेष्ठ भारत” के संकल्प को साकार करने के लिए प्रतिबद्ध होने का आग्रह किया। राज्यों के संयुक्त स्थापना दिवस समारोह में मुख्य अतिथि उत्तर प्रदेश राज्यमंत्री, जेल विभाग श्री दारा सिंह ने मध्यप्रदेश में रह रहे उत्तर प्रदेश मूल के लोगों को अपनी संस्कृति से जुड़े रहने के लिए बधाई दी। उन्होंने मणिपुर, मेघालय, त्रिपुरा और उत्तर प्रदेश की लोक प्रस्तुतियों की सराहना करते हुए कहा कि इन प्रस्तुतियों को देखकर ऐसा लगा मानो वे स्वयं उन राज्यों में पहुँच गए हों। उन्होंने बताया कि देश के 50% एक्सप्रेस-वे उत्तर प्रदेश में हैं, तीन अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे संचालित हैं और अयोध्या में चौथा बन रहा है। नोएडा मोबाइल निर्माण का बड़ा केंद्र बन चुका है। उन्होंने लोकभवन में समारोह आयोजन के लिए राज्यपाल के प्रति आभार ज्ञापित किया। राज्यों के संयुक्त समारोह में मणिपुर के राज्यपाल श्री अजय कुमार भल्ला और मेघालय के राज्यपाल श्री सी.एच. विजयशंकर के वीडियो संदेश का प्रसारण किया गया। मणिपुर, मेघालय, त्रिपुरा उत्तर प्रदेश और मध्यप्रदेश राज्यों की संस्कृति, सभ्यता और विकास को दर्शाती लघु फिल्मों का प्रदर्शन किया गया। मणिपुर राज्य की ओर से "दि गोल्डन लैंड ऑफ लियंगमई" लोक गीत की प्रस्तुति दी गई। गीत के माध्यम से लियंगमई जनजाति, अपनी पूर्वजों की भूमि को 'स्वर्ण भूमि' के रूप में सराहा गया। लोक नृत्य “थोगल जागोई” की प्रस्तुति दी गई। मेघालय राज्य की ओर से लोक गीत "पोर तमास" गीत की प्रस्तुति दी गई, जिसमें पारंपरिक वाद्यों की गूंज के संगम में अद्भूत समा बांध दिया। उत्तर प्रदेश राज्य की प्रस्तुति में प्रदेश की विभिन्न संस्कृतियों के लोक गीतों छठ पूजा, कजरी, जट-जटिन, रासलीला, होरी और फगुआ के मोतियों को एक माला में पिरोते हुए राज्य की सांस्कृतिक वैभव को प्रदर्शित किया। कार्यक्रम का संचालन आभा शुक्ला ने किया। इस अवसर पर लोकभवन के अधिकारी, स्‍थापना दिवस समारोह से संबंधित राज्यों के मध्यप्रदेश वासी उपस्थित थे।  

गणतंत्र दिवस परेड की फुल ड्रेस फाइनल रिहर्सल: उत्साह और उमंग से भरा माहौल

उत्साह और उमंग से भरपूर रही गणतंत्र दिवस परेड की फुल ड्रेस फाइनल रिहर्सल डीजीपी  कैलाश मकवाणा ने लिया जायजा हर्षोल्लास एवं धूमधाम से मनेगा गौरवशाली 77 वां गणतंत्र दिवस भोपाल मध्यप्रदेश में 77वां गणतंत्र दिवस हर्षोल्लास एवं गरिमामय ढंग से मनाया जाएगा। मुख्य समारोह 26 जनवरी को प्रदेश के राज्यपाल  मंगूभाई पटेल के मुख्य आतिथ्य में लाल परेड मैदान भोपाल में प्रात: 9 बजे आयोजित होगा। गणतंत्र दिवस समारोह में निकलने वाली संयुक्त परेड एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों का अंतिम अभ्यास शनिवार को लाल परेड मैदान पर किया गया। पुलिस महानिदेशक  कैलाश मकवाणा ने परेड एवं समारोह की व्यवस्थाओं का जायजा लिया। गणतंत्र दिवस की फुल ड्रेस फाइनल रिहर्सल के दौरान सातवीं बटालियन के प्रधान आरक्षक  राजमणि सिंह बघेल ने प्रतीक स्वरूप मुख्य अतिथि की भूमिका निभाई और ध्वजारोहण कर संयुक्त परेड की सलामी ली। हर्ष फायर के बीच पुलिस बैंड ने निरीक्षक  सुनील कटारे के निर्देशन में "जन गण मन" की धुन बजाई। मुख्य अतिथि के संदेश का प्रतीक स्वरूप वाचन भी किया गया। हर्ष फायर के बाद पुलिस बैंड की मधुर धुनों के बीच आकर्षक संयुक्त परेड निकाली गई। परेड का नेतृत्व भारतीय पुलिस सेवा के अधिकारी  आयुष जाखड़ ने किया। परेड टू आई सी का दायित्व एसडीओपी सैलाना जिला रतलाम मती नीलम बघेल ने निभाया। संयुक्त परेड में बिहार विशेष सशस्‍त्र पुलिस, अश्वारोही दल व श्वान दस्ते सहित 23 टुकड़ियां शामिल थीं। संयुक्त परेड में शामिल बिहार विशेष सशस्‍त्र पुलिस-1 गोरखा बटालियन की टुकड़ी का नेतृत्व निरीक्षक  अशोक कुमार गिरी ने किया। इसी तरह हॉकफोर्स प्‍लाटून का नेतृत्‍व उप निरीक्षक  सोबरन सिंह, केन्‍द्रीय रिजर्व पुलिस बल की टुकड़ी नेतृत्‍व निरीक्षक  रामाश्रेय पासवान, आईटीबीपी बल की टुकड़ी का नेतृत्‍व निरीक्षक  रामकुमार मा‍लवीय, केन्द्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल टुकड़ी का नेतृत्व निरीक्षक  संदीप तिवारी, मध्यप्रदेश विशेष सशस्त्र बल 01 की टुकड़ी का नेतृत्व 23वीं वाहिनी भोपाल के निरीक्षक  राजेश यादव, जिला बल महिला टुकड़ी का नेतृत्व निरीक्षक मती सरोज ठाकुर, एस.टी.एफ टुकड़ी का नेतृत्व निरीक्षक  नरेन्‍द्र सिंह कुशवाह, जिला बल पुरुष प्लाटून का नेतृत्व निरीक्षक  नरबद सिंह, मध्यप्रदेश विशेष सशस्त्र बल 02 की टुकड़ी का नेतृत्व निरीक्षक  विजय चौधरी, जेल विभाग पुरूष टुकड़ी का नेतृत्‍व सहायक जेल अधीक्षक  हेमंत रावत, मध्यप्रदेश होमगार्ड टुकड़ी का नेतृत्व पीसी  धर्मेन्‍द्र सिंह भदौरिया, भूतपूर्व सैनिकों की टुकड़ी का नेतृत्व सेवानिवृत्त कर्नल  राजीव खत्री, एन.सी.सी. बॉयज टुकड़ी का नेतृत्व सीनियर अंडर ऑफिसर मो.तौकीर, गाइड गर्ल्स टुकड़ी का नेतृत्व सीनियर अंडर ऑफिसर कुमारी माधुरी पर्ते, स्काउट्स (बॉयज) टुकड़ी का नेतृत्व  सादिक अली, पुलिस बॉयज टुकड़ी का नेतृत्‍व  आदित्‍य उईके, शौर्य दल प्लाटून का नेतृत्व कुमारी नीलम परमार, राष्‍ट्रीय सेवा योजना प्‍लाटून का नेतृत्‍व  प्रियांश बघेल, एनसीसी गर्ल्‍स प्‍लाटून टुकड़ी का नेतृत्‍व सीनियर अंडर ऑफिसर कुमारी संस्‍कृति यादव, मध्‍यप्रदेश पुलिस बैंड का नेतृत्व निरीक्षक  सुनील कटारे, श्वान दल का नेतृत्व उप निरीक्षक  चंद्र सिंह उइके एवं अश्वारोही दल का नेतृत्व निरीक्षक  राकेश कुमार गौड़ ने किया। सांस्कृतिक कार्यक्रमों की फाइनल रिहर्सल भी हुई संयुक्त परेड के पश्चात विभिन्न स्कूलों के विद्यार्थियों एवं संस्कृति विभाग के रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रमों का अंतिम अभ्यास किया गया। सांस्कृतिक कार्यक्रमों में सागर पब्लिक स्‍कूल, कटारा एक्‍सटेंशन भोपाल के 150 विद्यार्थियों ने ए‍क भारत, श्रेष्‍ठ भारत थीम” गीत पर नृत्य की प्रस्तुति दी। वहीं सेंट पॉल कोएड स्‍कूल, आनंद नगर के 200 विद्यार्थियों ने नृत्य की प्रस्तुति दी। रिहर्सल के दौरान संयुक्त रूप से 05 शासकीय स्कूलों के 160 विद्यार्थियों ने वीर-बेटियों की गाथा पर केन्द्रित नृत्य की प्रस्तुति दी। इसके साथ ही मध्य प्रदेश के लोकनृत्यों और लोकगीतों की भी सुमधुर प्रस्तुतियां दी गईं। इसमें बधाई लोकनृत्‍य, गणगौर और मटकी लोकनृत्यों की प्रस्तुति दी गई। इस दौरान कलाकारों ने प्रस्तुति देकर सभी उपस्थितजनों को मंत्रमुग्ध कर दिया। गणतंत्र दिवस की परेड में 22 विभागों की झांकियों होगी सम्मिलित गणतंत्र दिवस की परेड के दौरान उद्यानिकी विभाग, आयुष विभाग, उच्‍च शिक्षा विभाग, किसान कल्याण एवं कृषि विकास विभाग एवं म.प्र. राज्‍य कृषि विपणन बोर्ड, कुटीर एवं ग्रामोद्योग विभाग, खेल और युवा कल्‍याण विभाग, गृह विभाग, जनजातीय कार्य विभाग, जल संसाधन विभाग, जेल विभाग, नगरीय विकास एवं आवास विभाग, पर्यटन विभाग, पशुपालन एवं डेयरी विभाग, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग, महिला एवं बाल विकास विभाग, मछुआ कल्‍याण एवं मत्‍स्‍य विकास विभाग, मुख्‍य निर्वाचन पदाधिकारी, लोक स्‍वास्‍थ्‍य यांत्रिकी विभाग, लोक स्‍वास्‍थ्‍य एवं चिकित्‍सा शिक्षा विभाग, वन विभाग, स्‍कूल शिक्षा विभाग एवं सूक्ष्‍म, लघु एवं मध्‍यम विभाग की झांकियां सम्मिलित होगी। इनकी रही उपस्थिति फुल ड्रेस अभ्यास परेड के दौरान अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक एसएएफ  चंचल शेखर, भोपाल पुलिस कमिश्नर  हरिनारायणचारी मिश्र सहित अन्य वरिष्ठ पुलिस एवं प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित थे।  

प्रिया और हनुमान ने आखिरी समय पर बदली शादी की जगह

अलवर. राजस्थान में इस समय प्रिया सेठ और हनुमान प्रसाद की शादी सुर्खियों में है। अलवर जिले के निवासी हनुमान प्रसाद और पाली जिले की रहने वाली प्रिया सेठ 23 जनवरी को बसंत पंचमी अबूझ सावे के दिन विवाह के बंधन में बंध गए। दोनों की शादी एक होटल में हुई।शादी में कौन-कौन शामिल हुआ जयपुर की खुली जेल में उम्रकैद की सजा काट रहे प्रिया और हनुमान की शादी में परिवार के अलावा केवल नजदीकी रिश्तेदार ही मौजूद रहे। हाईकोर्ट के निर्देश के बाद इन दोनों को पैरोल मिली है। दोनों चर्चित हत्याकांड में शामिल रहे हैं। क्यों चर्चा में है यह शादी प्रिया सेठ और हनुमान प्रसाद के दिल जेल में ही मिले। दो कैदियों की प्रेम कहानी की वजह से यह मामला पूरे देश में चर्चा का विषय बन गया है। शादी पर मीडिया और लोगों की नजर के कारण कपल को आखिरी समय पर अलवर जिले के बड़ौदामेव कस्बे से अपनी शादी की जगह बदलनी पड़ी। ये थी शादी के वेन्यू में बदलाव की वजह 34 वर्षीय प्रिया सेठ और 29 साल के हनुमान प्रसाद ने अलवर में शादी की। शादी की जगह में बदलाव की वजह दोनों की शादी का कार्ड बताया जा रहा है। दरअसल दोनों के शादी के निमंत्रण पत्र में हनुमान का नंबर था। सोशल मीडिया पर दोनों की शादी का कार्ड वायरल हो गया था। बड़ौदामेव में उनका घर शादी के सजा हुआ था, वहां शादी की जगह बदलने के बाद सन्नाटा पसरा हुआ था। इससे कस्बे में ये अटकलें लगने लगीं कि क्या शादी टाल दी गई है। लेकिन शादी प्लान के अनुसार ही हुई, केवल जगह अलग थी। शादी को लेकर क्या बोली हनुमान प्रसाद की मां हनुमान प्रसाद की मां चंद्र कला ने कहा कि हम खुश हैं कि हमारे बेटे की आखिरकार शादी हो रही है। जब उनके पूछा गया कि आपका शादी को लेकर क्या कहना है। इस पर उन्होंने कहा कि अच्छा है। दोनों नई जिंदगी की शुरुआत कर रहे हैं। प्रिया सेठ को 2018 में जयपुर में दुष्यंत शर्मा की हत्या के लिए दोषी ठहराया गया था, जिससे वह एक डेटिंग ऐप पर मिली थी। वहीं हनुमान प्रसाद को 2017 के एक मामले में अलवर में एक आदमी, उसके 3 बेटों और एक भतीजे की हत्या के लिए दोषी ठहराया गया था। दोनों को 2023 में दोषी ठहराया गया और उम्रकैद की सजा सुनाई गई।

राज्य स्तरीय सड़क सुरक्षा सम्मान समारोह में CM, जिम्मेदार ड्राइविंग पर दिया जोर

रायपुर मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय आज राजधानी रायपुर के पंडित दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम में राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा माह-2026 के अंतर्गत आयोजित राज्य स्तरीय सड़क सुरक्षा सम्मान समारोह में शामिल हुए। इस अवसर पर मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि जन जागरूकता से सड़क दुर्घटनाओं में कमी आएगी। यातायात नियमों के प्रति सजगता ही हमें जनहानि से बचा सकती है। मुख्यमंत्री राज्य स्तरीय सड़क सुरक्षा सम्मान समारोह में हुए शामिल मुख्यमंत्री  साय ने सड़क सुरक्षा का संदेश देते हुए स्वयं हेलमेट पहनकर बाइक चालकों के दल के साथ स्कूटी चलाई।कार्यक्रम में मुख्यमंत्री  साय ने राजधानी रायपुर के पंडरी में आधुनिक लाइसेंस सेंटर कार्यालय भवन पंडरी का भूमिपूजन और प्रदेश भर में मुख्यमंत्री ग्रामीण बस योजना के तहत 12 नवीन मार्गों में 12 नवीन बसों का शुभारंभ किया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि मानव जीवन अनमोल है। उन्होंने बढ़ती सड़क दुर्घटनाओं पर चिंता जाहिर करते हुए यातायात नियमों के पालन की अपील आम नागरिकों से की जिससे वाहन दुर्घटनाओं में कमी लाई जा सके। आज इस कार्यक्रम में सड़क सुरक्षा के लिए कार्य कर रहे राहगीरों, पुलिस मितान, चिकित्सकों, यातायात पुलिस कर्मियों सहित अन्य लोगों को सम्मानित किया गया है। ये सभी लोग इस कार्य में बहुत महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि सड़क दुर्घटनाओं में किसी माता की कोख सूनी हो जाती है, कई भाई अपनी बहन से हमेशा के लिए बिछड़ जाते हैं और कई बच्चे अनाथ हो जाते हैं।मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि सड़क सुरक्षा के लिए रायपुर पुलिस ने अभिनव पहल करते हुए 4500 पुलिस मितान बनाए हैं। ये पुलिस मितान गांवों में सड़क सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण साबित होंगें। अक्सर ग्रामीण क्षेत्रों में पुलिस का रिस्पॉन्स टाइम ज्यादा होता है। ऐसे में पुलिस मितान की बड़ी भूमिका होगी। हमने इन पुलिस मितान साथियों को हेलमेट और फर्स्ट ऐड किट भी वितरित किया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि हेलमेट पहनना इसलिए भी जरूरी है क्योंकि अक्सर सड़क दुर्घटनाओं में हेड इंजरी ही ज्यादा होती है। इसकी वजह से लोगों की जान जाती है। अतः हमें दुपहिया वाहनों में अनिवार्यतः हेलमेट पहनना चाहिए और चार पहिया वाहनों में सीट बेल्ट अवश्य लगाना चाहिए। वाहन चालक हमेशा ध्यान रखें कि वे वाहन चलाते हुए मोबाइल पर बात ना करें और ट्रैफिक सिग्नल ना तोड़े। कार्यक्रम में परिवहन मंत्री  केदार कश्यप ने कहा कि आज का कार्यक्रम मात्र एक औपचारिकता ना रहे बल्कि सड़क सुरक्षा का जनांदोलन बने। सड़क दुर्घटना में तत्काल सहायता करने वाले राहगीरों को 25 हजार की राशि का प्रावधान किया गया है। सड़क दुर्घटना प्रभावितों के इलाज के लिए डेढ़ लाख के निःशुल्क इलाज की व्यवस्था सरकार द्वारा की गई है। सांसद  बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि ये महीना कई माताओं की गोद सूनी होने से बचाने का महीना है। हेलमेट पहनना अब अनिवार्य किया जाना चाहिए। एक्सीडेंट से कई परिवार उजड़ रहे हैं। छत्तीसगढ़ बहुत तेजी से विकसित हो रहा है। सड़क दुर्घटनाओं में भी वृद्धि हो रही है। हेलमेट को अनिवार्य करने से वाहन चलाते हुए मोबाइल पर बात करना भी बंद होगा और लोगों की जान बचे। कार्यक्रम में सड़क सुरक्षा मितान साथियों को 25 हजार व 5 हजार रुपए की राशि प्रदान की गई और सड़क सुरक्षा के लिए उल्लेखनीय कार्य करने वाले चिकित्सा अधिकारियों, यातायात सिपाहियों, वाहनचालकों, भारत स्काउट गाइड के सदस्यों, यूनिसेफ के प्रतिनिधि, एनएचएआई के अधिकारी तथा एनएसएस व एनसीसी कैडेट्स को भी सम्मानित किया गया । मुख्यमंत्री  साय ने राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा माह-2026 के अंतर्गत आयोजित की गई प्रदर्शनी का भी अवलोकन किया। उन्होंने प्रदर्शनी में सड़क सुरक्षा पर स्कूल व कॉलेज के बच्चों द्वारा बनाई गई पेंटिंग और साइंस मॉडल की सराहना की।   इस अवसर पर विधायक  सुनील सोनी और  पुरंदर मिश्रा, जिला पंचायत अध्यक्ष रायपुर  नवीन अग्रवाल, परिवहन सचिव  एस प्रकाश, अपर परिवहन आयुक्त  डी रविशंकर सहित बड़ी संख्या में स्काउट गाइड व एनसीसी कैडेट्स और गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।

उदयपुर के गेमिंग जोन में लगी भीषण आग

नई दिल्ली. उदयपुर में सुखेर पुलिस स्टेशन के पास एक गेमिंग जोन में भीषण आग लग गई। इससे परिसर का सारा सामान जल गया, जिसमें संपत्ति का भारी नुकसान हुआ है। लेकिन किसी के हताहत होने की खबर सामने नहीं आई है। यह घटना शुक्रवार की शाम करीब 4 बजे की है। घटना की जानकारी मिलने के साथ ही दमकल विभाग की गाड़ियां मौके पर पहुंच गई। सुखेर पुलिस स्टेशन के स्टेशन हाउस ऑफिसर (SHO) रविंद्र चरण ने घटना के बारे में जानकारी देते हुए बताया, 'हमें शाम करीब 4 बजे आग लगने की घटना की जानकारी मिली। किसी के हताहत होने की खबर नहीं है, लेकिन संपत्ति का काफी नुकसान हुआ है।'

कश्मीर से कन्याकुमारी तक यात्रा करेंगे किसान: डल्लेवाल

पानीपत/उचाना. किसान नेताजगजीत सिंह डल्लेवाल और अभिमन्यु कोहाड़ ने देशव्यापी किसान यात्रा का एलान किया है। यह यात्रा 7 फरवरी को कन्याकुमारी से शुरू होकर कश्मीर तक जाएगी और 19 मार्च को दिल्ली के रामलीला मैदान में लाखों किसानों की महापंचायत के साथ समाप्त होगी। सात फरवरी से कन्याकुमारी से कश्मीर तक निकाले जाने वाली किसान जागृति यात्रा को लेकर उचाना खुर्द बीकेयू (एकता सिधुपूर) राष्ट्रीय अध्यक्ष दलजीत सिंह डल्लेवाल पहुंचे। यहां पर किसानों के साथ बैठक की। मुख्य रूप से राज्य प्रधान अभिमन्यु कोहाड़ मौजूद रहे। किसानों से विभिन्न मुद्दों पर बातचीत की। अध्यक्षता जिला महासचिव अनिल बेनीवाल ने की। दलजीत सिंह डल्लेवाल ने कहा कि कन्या कुमारी से जो यात्रा शुरू होगी वो कश्मीर जाकर समाप्त होगी। यात्रा से पहले गांव-गांव जाकर किसानों के साथ बातचीत कर रहे हैं। किसानों के करवाए जाएंगे हस्ताक्षर देश के किसानों को जागरूक करने का प्रयास है कि एमएसपी, स्वामीनाथन आयोग की रिपोर्ट, किसानों की कर्ज मुक्ति, बिजली संशोधन बिल, भूमि अधिग्रहण सहित अन्य मांगों को लेकर एक प्रस्ताव गांवों के किसानों के पास भेजा जाएगा। प्रस्ताव पर किसानों के हस्ताक्षर करवाए जाएंगे। 19 मार्च को दिल्ली के रामलीला मैदान बड़ी किसान महापंचायत के साथ यात्रा का समापन होगा। जिन गांव से जितने प्रस्ताव आएंगे वह पीएम नरेन्द्र मोदी को सौपेंगे। आज किसानों को उनकी फसलों का भाव नहीं मिल रहा है। हरियाणा की सरकार कह रही है कि हम एमएसपी पर फसल खरीद रहे हैं। किसानों की एमएसपी पर फसल नहीं बिक रही है। किसान कर्ज के अंदर डूबे हुए हैं। गांव-गांव जाकर किसानों से बातचीत कर रहे हैं। यात्रा के दौरान पैदल, ट्रैक्टर मार्च व गाड़ियों में भी चलेंगे। अभिमन्यु कोहाड़ ने कहा कि संगठन को मजबूत करने का कार्य कर रहे हैं। आज ज़मीन बचाना बहुत जरूरी है। ज़मीन बचेगी, खेती बचेगी तो हमारा भविष्य बचेगा। सरकार आइएमटी सहित अलग-अलग तरीकों से ज़मीनों पर कब्जा करने का प्रयास कर रही है। सरकार की गलत नीतियों का करेंगे विरोध सरकार की जो नीतियां गलत होंगी, उनका विरोध करेंगे। सरकार आज कह रही है कि फैक्ट्री, उद्योग लगाने के लिए ज़मीन अधिग्रहण कर रही है। सच्चाई ये है कि 2004-05 में सेज कानून के तहत सवा लाख से अधिक ज़मीन एक्वायर की गई थी, जिसमें से 60 से 65 प्रतिशत आज भी ज़मीन खाली है। इस मौके पर विक्की ढांडा, सुनील उझाना, कृष्ण, गेजी, सुरेंद्र व बलवंत मौजूद रहे।

बसंत पंचमी के दिन नशे में धुत होकर स्कूल पहुंचा शिक्षक

सरगुजा. छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले में सरकारी टीचर बसंत पंचमी के दिन सरस्वती पूजा में नशे में धुत होकर स्कूल पहुंच गया। शराब के नशे में टीचर ने हाथ जोड़कर कहा- वह आज सरस्वती पूजा में आया था। सब पूजा-पाठ में लगे हैं, उसने भी पूजा में नारियल चढ़ा दिया। एक ग्रामीण पूछता है कि क्या-क्या पीए हो तो जवाब में टीचर कहता है- कुछ नहीं। मध्यान्ह भोजन में दाल-भात खाएं हैं। मौके पर मौजूद लोगों ने टीचर का वीडियो बना लिया, जो अब वायरल हो रहा है। यह घटना गुमगरा के जूनापारा प्राइमरी स्कूल की है। शराब के नशे में टीचर स्कूल पहुंचा और बहकी-बहकी बातें कर रहा था। टीचर की हरकतों से परेशान लोगों ने ग्राम सभा बुलाई और उसे हटाने का प्रस्ताव पारित किया। मामले में लखनपुर बीईओ ने टीचर को सस्पेंड करने की सिफारिश कर रिपोर्ट डीईओ सरगुजा को भेज दी है। जानकारी के अनुसार गुमगरा के जूनापारा प्राइमरी स्कूल में पोस्टेड शिक्षक बुद्धेश्वर दास आदतन शराबी है। बसंत पंचमी के दिन शुक्रवार को स्कूल में सरस्वती पूजन का आयोजन हुआ। पूजा में शामिल अभिभावकों ने शिक्षक को नशे की हालत में देखा और वीडियो बनाकर सोशल मीडिया में वायरल कर दिया। नशे में धुत टीचर का वीडियो रिकॉर्ड करते हुए टीचर से शराब पीने के बारे में पूछा गया तो पहले उसने शराब पीने से इनकार करते हुए कहा कि प्राइमरी स्कूल में मध्यान्ह भोजन खाया है। जब टीचर से उसका नाम पूछा गया तो टीचर ने कहा कि क्यों नाम बताऊंगा, नहीं बताऊंगा। टीचर ने वीडियो बनाने वालों से कहा कि वे मैनपाट के पहाड़गांव में पोस्टेड हैं। बाद में बताया कि गुमगरा खुर्द में पोस्टेड हैं। टीचर ने कहा कि आज सरस्वती पूजा है तो हमने भगवान को दूसरा प्रसाद चढ़ा दिया है। टीचर ने बताया कि संकुल प्रभारी विनोद गुप्ता हैं, लेकिन उन्हें कॉल करने से मना कर दिया और कहा कि उनका नंबर मेरे पास नहीं है। पंचायत के सरपंच प्रतिनिधि गुड्डू सिंह सहित अन्य ग्रामीणों का आरोप है कि शिक्षक बुद्धेश्वर दास आदतन शराबी है। आए दिन स्कूल में शराब का सेवन कर पहुंचते हैं। कई बार ग्रामीणों को समझाइश के बाद भी उनकी आदत में सुधार नहीं हुआ है। टीचर के शराब पीकर स्कूल आने की सूचना पर सरपंच रुपमनिया मरावी, पंचायत प्रतिनिधियों के साथ स्कूल पहुंची और ग्राम सभा बुलाकर शिक्षक बुद्धेश्वर दास को स्कूल से हटाए जाने प्रस्ताव पारित किया गया। लखनपुर बीईओ डीके गुप्ता ने बताया कि टीचर बुद्धेश्वर दास का वीडियो आज मिला है। संकुल प्रभारी से मामले की जांच कराई गई। संकुल प्रभारी ने टीचर के शराब पीकर स्कूल आने की रिपोर्ट दी है। टीचर को सस्पेंड करने की सिफारिश के साथ प्रतिवेदन सरगुजा डीईओ को भेज दिया गया है।