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कर्नल बाठ केस में बड़ी कार्रवाई: CBI ने चार पंजाब पुलिस अधिकारियों के खिलाफ दाखिल की चार्जशीट

मोहाली  यह घटना 13 और 14 मार्च की दरमियानी रात को घटी, जब कर्नल पुष्पेंद्र सिंह बाठ और उनका बेटा पटियाला के सरकारी राजिंद्रा अस्पताल के पास एक सड़क किनारे ढाबे पर थे। CBI ने कर्नल पुष्पिंदर सिंह बाठ से मारपीट के मामले में चार पंजाब पुलिस अधिकारियों के खिलाफ बुधवार को मोहाली अदालत में चार्जशीट दाखिल की है। चार्जशीट में अभियोजन पक्ष ने गंभीर चोट पहुंचाने और अवैध रूप से रोकने (गलत निरुद्ध) सहित अन्य धाराओं में आरोप लगाए हैं। चार्जशीट के अनुसार, निरीक्षक रॉनी सिंह इस मामले में मुख्य आरोपी हैं। हालांकि, चार्जशीट में हत्या के प्रयास (Attempt to Murder) की धारा शामिल नहीं की गई है। इससे पहले पटियाला पुलिस ने निरीक्षक हैरी बोपारई, रॉनी सिंह और हरजिंदर ढिल्लों सहित चार निरीक्षकों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 109 (हत्या का प्रयास), 310, 155(2), 117(2) (दोनों स्वेच्छा से चोट पहुंचाने से संबंधित), 126(2) (गलत तरीके से रोकना) और 351(2) (आपराधिक धमकी) के तहत एफआईआर दर्ज की थी। बाद में एक अन्य निरीक्षक को बीएनएस की धारा 299 और 191 के तहत नामजद किया गया था। यह कथित घटना 13 और 14 मार्च की मध्यरात्रि को हुई थी, जब कर्नल पुष्पिंदर सिंह बाठ अपने बेटे के साथ पटियाला के सरकारी राजिंदरा अस्पताल के पास स्थित एक ढाबे पर थे। परिवार का आरोप है कि कार के बाहर खड़े होकर खाना खाते समय सिविल कपड़ों में आए कुछ पुलिसकर्मियों ने कर्नल से अपनी गाड़ी हटाने को कहा ताकि वे अपनी कार पार्क कर सकें। इसके बाद कथित तौर पर एक दर्जन से अधिक पुलिसकर्मियों ने लाठी-डंडों और रॉड से कर्नल और उनके बेटे पर हमला किया, जिससे दोनों गंभीर रूप से घायल हो गए।

गृह मंत्रालय ने दी मंजूरी: 4 राज्य पुलिस सेवा अफसर बने IPS

भोपाल  मध्यप्रदेश के लिए 24 दिसंबर प्रशासनिक दृष्टि से एक अहम दिन साबित हुआ है। राज्य पुलिस सेवा (SPS) के चार वरिष्ठ अधिकारियों को भारतीय पुलिस सेवा (IPS) कैडर का अवॉर्ड दिया गया है। गृह मंत्रालय द्वारा बुधवार को इसका आधिकारिक नोटिफिकेशन जारी कर दिया गया। राज्य पुलिस सेवा के जिन अधिकारियों को IPS कैडर से नवाजा गया है, उनमें आशीष खरे, विक्रांत मुरब, सुरेंद्र कुमार जैन और राजेश रघुवंशी शामिल हैं। इन सभी अधिकारियों को वर्ष 2024 की डीपीसी (Departmental Promotion Committee) के तहत पदोन्नति दी गई है। चारों अधिकारी एक वर्ष की परिवीक्षा अवधि में रहेंगे। जानकारी के अनुसार, IPS कैडर अवॉर्ड के लिए 21 नवंबर 2024 को डीपीसी की बैठक आयोजित हुई थी, जिसमें कुल 15 अधिकारियों के नामों पर विचार किया गया था। बैठक के बाद अंतिम सूची केंद्र सरकार को भेजी गई थी, जिस पर गृह मंत्रालय ने मुहर लगाई। बैच विवरण की बात करें तो आशीष खरे, सुरेंद्र कुमार जैन और राजेश रघुवंशी 1998 बैच के राज्य पुलिस सेवा अधिकारी हैं, जबकि विक्रांत मुरब 1997 बैच से हैं। हालांकि, वरिष्ठता सूची में सबसे ऊपर रहे दो अधिकारियों को IPS अवॉर्ड नहीं मिल सका। अमृत मीणा का प्रमोशन उनके जाति प्रमाण पत्र पर आपत्ति के कारण अटक गया, वहीं सीताराम ससत्या के मामले में विभागीय जांच प्रमोशन में बाधा बनी। चार अधिकारियों को IPS कैडर मिलने से न सिर्फ मध्यप्रदेश पुलिस बल को मजबूती मिलेगी, बल्कि प्रशासनिक अनुभव और नेतृत्व क्षमता का लाभ भी प्रदेश को मिलेगा। यह निर्णय राज्य पुलिस सेवा के अधिकारियों के लिए प्रेरणास्रोत माना जा रहा है।

शहादत को नमन: फतेहगढ़ साहिब पहुंचेंगे सीएम नायब सिंह सैनी, करेंगे मत्था टेक

बरनाला  हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी आज पंजाब के ऐतिहासिक गुरुद्वारा फतेहगढ़ साहिब पहुंचेंगे, जहां वे साहिबजादों की शहादत की स्मृति में आयोजित श्रद्धांजलि कार्यक्रम में नतमस्तक होंगे। मुख्यमंत्री के साथ भारतीय जनता पार्टी पंजाब के कार्यकारी अध्यक्ष अश्विनी शर्मा भी मौजूद रहेंगे। दोनों नेता गुरुद्वारे में मत्था टेक कर सिख इतिहास के महान बलिदानों को श्रद्धांजलि अर्पित करेंगे। यह दौरा धार्मिक भावनाओं से जुड़ा हुआ है और साथ ही राजनीतिक दृष्टिकोण से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि भाजपा पंजाब में अपनी सक्रियता को और बढ़ा रही है। स्थानीय प्रशासन द्वारा कार्यक्रम को लेकर सुरक्षा के पुख्ता इंतज़ाम किए गए हैं, ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लोकभवन में पूर्व प्रधानमंत्री ‘भारत रत्न’ अटल बिहारी वाजपेयी जी की प्रतिमा पर की पुष्पांजलि

अटल जी ने विकास के विजन के साथ देश को बढ़ायाः मुख्यमंत्री मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लोकभवन में पूर्व प्रधानमंत्री ‘भारत रत्न’ अटल बिहारी वाजपेयी जी की प्रतिमा पर की पुष्पांजलि  मुख्यमंत्री ने महामना मदन मोहन मालवीय व राजा बिजली पासी की जयंती पर उन्हें किया नमन  सीएम योगी ने दी क्रिसमस की बधाई  लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पूर्व प्रधानमंत्री ‘भारत रत्न’ अटल बिहारी वाजपेयी के जन्म दिवस पर उन्हें पुष्पांजलि अर्पित की। मुख्यमंत्री ने लोकभवन स्थित अटल जी की प्रतिमा पर श्रद्धासुमन अर्पित किया। सीएम ने महामना मदन मोहन मालवीय, राजा बिजली पासी की जयंती पर उन्हें नमन किया और क्रिश्चियन बंधुओं को क्रिसमस की भी बधाई दी।  सीएम योगी ने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री ‘भारत रत्न’ अटल बिहारी वाजपेयी जी की आज पावन जयंती है। प्रदेश की राजधानी लखनऊ से प्रतिनिधित्व करते हुए उन्होंने प्रधानमंत्री के रूप में देश को विकास के नए विजन के साथ बढ़ाने का कार्य किया। यह वर्ष विशेष है, श्रद्धेय अटल बिहारी वाजपेयी जी की जन्मशताब्दी महोत्सव का आयोजन पूरे देश में हर्षोल्लास से मनाया जा रहा है। अटल जी की कविताओं के काव्य पाठ, उनके लेखन पर वाद-विवाद, पत्रकारिता, संसद और अंतरराष्ट्रीय मंचों पर अटल जी महत्वपूर्ण भाषण आदि को लेकर पूरे देश में शिक्षण-प्रशिक्षण संस्थाओं में अनेक कार्यक्रम भी हुए।  अटल जी ने संसद में सर्वाधिक समय तक उत्तर प्रदेश का प्रतिनिधित्व किया सीएम योगी ने कहा कि अटल जी की पैतृक भूमि उत्तर प्रदेश के आगरा के बटेश्वर में है। उनकी उच्च शिक्षा कानपुर और सार्वजनिक जीवन की शुरुआत बलरामपुर से शुरू हुई थी। संसद में उन्होंने सर्वाधिक समय तक उत्तर प्रदेश का प्रतिनिधित्व किया। अटल बिहारी वाजपेयी जी का विराट व्यक्तित्व व कृतित्व देशवासियों को प्रेरणा प्रदान करता है।  डबल इंजन सरकार ने किया राष्ट्र प्रेरणा स्थल का निर्माण सीएम योगी ने कहा कि अटल जी की स्मृतियों को जीवंत बनाए रखने और विचार परिवार को निरंतरता देने के लिए डबल इंजन सरकार ने लखनऊ में राष्ट्र प्रेरणा स्थल का निर्माण किया है। यहां भारत की तीन महान विभूतियां की प्रतिमाएं व डिजिटल म्यूजियम भी है। श्यामा प्रसाद मुखर्जी की प्रतिमा राष्ट्र के प्रति एकता व अखंडता का संदेश देगी। पं. दीनदयाल उपाध्याय का अंत्योदय का संकल्प व अटल बिहारी वाजपेयी की प्रतिमा समरसता क साथ ही ‘एक भारत-श्रेष्ठ भारत’ के अभियान को आगे बढ़ाने का मार्ग दिखाएगी। पीएम के करकमलों से राष्ट्र प्रेरणा स्थल का लोकार्पण होगा।  सीएम ने महामना मदन मोहन मालवीय की जयंती पर भी उन्हें किया याद   सीएम योगी ने पं. मदन मोहन मालवीय को भी याद किया। उन्होंने कहा कि महान राष्ट्रवादी नेता, स्वतंत्रता संग्राम सेनानी, काशी हिंदू विश्वविद्यालय के संस्थापक पं. मदन मोहन मालवीय की भी आज पावन जयंती है। मालवीय जी का स्वाधीनता आंदोलन में महत्वपूर्ण योगदान रहा। उन्होंने 1916 में काशी हिंदू विश्वविद्यालय की स्थापना कर देशवासियों को दृष्टि दी। उनकी सेवाओं के लिए उन्हें ‘भारत रत्न’ से सम्मानित किया गया।  सीएम ने महाराजा बिजली पासी को भी किया नमन  सीएम योगी ने महाराजा बिजली पासी की पावन जयंती पर उन्हें भी नमन किया। कहा कि लखनऊ के महान योद्धा बिजली पासी ने भारत की सनातन परंपरा को अक्षुण्ण बनाए रखने के लिए विदेशी हुकुमतों की जड़ों को उखाड़ फेंका था। उन्होंने विदेशी आक्रांताओं का डटकर मुकाबला किया। सीएम ने बताया कि डबल इंजन सरकार बिजली पासी के किलों के पुनरुद्धार के लिए निरंतर कार्य करते हुए उस परंपरा से जुड़े सभी महान योद्धाओं के प्रति कृतज्ञता भी ज्ञापित कर रही है।  सीएम ने दी क्रिसमस की बधाई  सीएम ने क्रिश्चियन बंधुओं को क्रिसमस की भी बधाई दी। कहा कि सरकार प्रदेश में शांति व सौहार्द पूर्ण ढंग से इस त्योहार का भी आनंद लेने का अवसर उपलब्ध कराएगी।  इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक, कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही, जलशक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह, महापौर सुषमा खर्कवाल, विधान परिषद सदस्य गोविंद नारायण शुक्ल आदि मौजूद रहे।

नक्सल विरोधी अभियान में बड़ी सफलता: कंधमाल में सीसी मेंबर गणेश मारा गया

जगदलपुर ओड़िसा के कंधमाल जिले में नक्सलियों के खिलाफ एक बड़े ऑपरेशन में जवानों ने 2 महिला और 4 पुरुष सहित 6 नक्सलियों को मार गिराया है. मारे गए नक्सलियों में सेंट्रल कमेटी (CC) मेंबर गणेश उईके के अलावा एरिया कमेटी मेंबर (ACM) बारी उर्फ राकेश शामिल है. कंधमाल जिले के चाकापाड़ इलाके में जवानों की नक्सलियों से जबरदस्त मुठभेड़ बीती रात से जारी है. बीती रात जहां सुरक्षा बल के जवानों ने दो नक्सलियों को मार गिराया था, जिनमें सुकमा का रहने वाला एरिया कमेटी मेंबर (ACM) और बीजापुर का अमृत दलगम सदस्य बारी उर्फ राकेश शामिल था. दोनों पर नक्सलियों पर कुल 23 लाख 65 हजार रुपए का इनाम घोषित था. मौके से दो हथियार बरामद किए गए. वहीं आज सुबह मुठभेड़ में दो महिला और दो पुरुष नक्सलियों को मार गिराने में कामयाबी हासिल की. इनमें से एक सीसी मेंबर गणेश उईके भी शामिल है. गणेश उईके की 7 राज्यों में तलाश थी. तेलंगाना के नलगोंडा जिले का रहने वाला गणेश उईके साउथ सब जोनल का इंचार्ज था. ऑपरेशन में ओडिशा की स्पेशल फ़ोर्स SOG की 20 टीमें व सीआरपीएफ की 3 टीमें मौजूद उड़ीसा पुलिस के DIG ऑपरेशन IPS अखिलेश्वर सिंह व कंधमाल एसपी पूरे ऑपरेशन की मॉनिटरिंग कर रहे हैं. मौक़े से दो नग INSAS राइफल व एक नग 303 रायफल बरामद किया है. DIG कर रहे मॉनिटरिंग ओडिशा पुलिस के DIG ऑप्श अखिलेश्वर सिंह ने मुठभेड़ को लेकर लगातार मॉनिटरिंग कर रहे हैं। बताया कि स्पेशल इंटेलिजेंस विंग से मिली जानकारी के आधार पर, कंधमाल जिले के चाकपाड पुलिस स्टेशन इलाके और गंजाम जिले के सीमावर्ती इलाकों में रामभा जंगल रेंज में 23 टीमों (20 SOG, 2 CRPF, 1 BSF) का एक जॉइंट ऑपरेशन शुरू किया गया। तीन नक्सलियों का पहचान होना बाकी इस दौरान कई बार गोलीबारी हुई। इलाके की तलाशी के बाद, वर्दी पहने चार माओवादियों (दो पुरुष और दो महिलाएं) के शव बरामद किए गए, साथ ही दो INSAS राइफल और एक .303 राइफल भी मिली। मारे गए माओवादियों में से एक की पहचान गणेश उइके के रूप में हुई है, जो सेंट्रल कमेटी का सदस्य और ओडिशा में नक्सली संगठन का प्रमुख था। बाकी तीन की पहचान अभी होनी बाकी है। गणेश पर 1.1 करोड़ रुपये का इनाम था। तीन माओवादी में दो महिलाएं भी शामिल इस ऑपरेशन में मारे गए तीन माओवादी में दो महिलाएं भी शामिल थीं, जिनकी पहचान अभी तक नहीं हो पाई है। पुलिस का कहना है कि इलाके में अभी भी सर्च ऑपरेशन जारी है। रिपोर्ट्स के अनुसार, स्पेशल इंटेलिजेंस विंग से मिली खुफिया जानकारी के आधार पर सुरक्षा बलों ने जॉइंट ऑपरेशन शुरू किया था। जब सुरक्षा बलों ने जंगल में प्रवेश किया, तो नक्सलियों ने फायरिंग शुरू कर दी, जिसके बाद सुरक्षाबलों ने भी जवाबी कार्रवाई की। इस मुठभेड़ में चारों नक्सलियों को मार गिराया गया। कौन था गणेश उइके? बता दें कि गणेश उइके सीपीआई (माओवादी) की केंद्रीय समिति का सदस्य था और ओडिशा में प्रतिबंधित संगठन का मुखिया माना जाता था। उसके सिर पर 1.1 करोड़ रुपये का इनाम घोषित किया गया था। गणेश उइके की उम्र 69 साल थी और वो तेलंगाना के नालगोंडा जिले के चेंदूर मंडल के पुललेमाला गांव का रहने वाला था। गणेश उइके को पक्का हनुमंतु, राजेश तिवारी, चमरू और रूपा जैसे कई नामों से जाना जाता था। बाकी तीन माओवादी, जिनमें दो महिलाएं भी शामिल हैं। जिनकी पहचान अब तक नहीं हो पाई है। पुलिस का कहना है कि इलाके में और भी खोजबीन की जा रही है।

दतिया में कलेक्टर का कड़ा रुख: पटवारी संघ के शक्ति प्रदर्शन पर IAS ने कहा, दबाव में मत आएं

 दतिया  दतिया कलेक्टर स्वप्निल वानखड़े का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है. सस्पेंड किए गए एक पटवारी के समर्थन में कलेक्ट्रेट पहुंचे पटवारियों के हुजूम को देखकर कलेक्टर का पारा चढ़ गया. उन्होंने दो टूक शब्दों में कह दिया कि भीड़ लाकर उन पर राजनैतिक दबाव बनाने की कोशिश न की जाए. दरअसल, बीते बुधवार दतिया कलेक्टर वानखड़े ने शिकायत मिलने पर बसई के पटवारी शैलेंद्र शर्मा को सस्पेंड कर दिया था. इसी को लेकर पटवारी संघ के नेता सस्पेंड सहकर्मी का समर्थन और कुछ समस्याओं को लेकर कलेक्ट्रेट पहुंचे. पटवारियों का शोरगुल सुनकर कलेक्टर स्वप्निल वानखड़े मीटिंग छोड़ कर बाहर निकल आए. आम तौर पर शांत रहने वाले कलेक्टर ने काफी संख्या में पटवारियों को देख कर नाराजगी जताई. कलेक्टर ने मौके पर मौजूद पटवारियों को अनुशासन का पाठ पढ़ाते हुए कई बड़ी बातें कहीं. कहा, "अगर कोई समस्या है तो 2-3 लोग भी आकर बात कर सकते थे. 60-70 की संख्या में यहां आने का क्या मतलब है? इतनी बड़ी संख्या में दफ्तर छोड़कर आने से जनता के काम प्रभावित होते हैं. दो-तीन नेताओं के चक्कर में आप 60-70 लोग आओगे और मुझ पर दबाव बनाओगे, तो मैं नहीं सुनूंगा. हम जनता के लिए काम करते हैं." पटवारी को फटकार लगाने का वीडियो वायरल होने के मुद्दे पर कलेक्टर ने कहा कि प्रशासन ने कोई वीडियो वायरल नहीं किया, वह पत्रकारों ने किया था. कलेक्टर ने स्पष्ट कहा कि इस तरह झुंड में आना राजनैतिक दबाव बनाने का प्रयास है, जो सफल नहीं होगा. उन्होंने आगे कहा, "गलती किसी से भी हो सकती है. मुझसे, एडीएम से या आपसे. अगर आपको लगता है कि किसी के साथ गलत हुआ है, तो नियमपूर्वक अपनी बात रखें."

रूपक सहनी की हत्या पर प्रशासन सख्त, थानाध्यक्ष निलंबित, जांच में जुटी एसआईटी

समस्तीपुर समस्तीपुर जिले के खानपुर थाना क्षेत्र के शादीपुर गांव में बुधवार की देर शाम भाजपा के बूथ अध्यक्ष रूपक सहनी की अंधाधुंध गोली मारकर हत्या कर दी गई। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस और एसपी अरविंद प्रताप सिंह घटनास्थल पर पहुंचे और खुद मामले की जांच में जुट गए। घटना के समय रूपक सहनी मंदिर के पास स्थित एक दुकान में बैठे थे, तभी 3-4 की संख्या में बदमाश वहां पहुंचे और उन पर ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी। गोलियां बरसाने के बाद अपराधी वहां से पैदल ही भाग निकले। इस हमले के बाद पूरे इलाके में सनसनी फैल गई और लोगों की भीड़ घटनास्थल पर उमड़ पड़ी। गांव में तनाव की स्थिति पैदा हो गई। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, इस घटना के पीछे पुरानी रंजिश बताई जा रही है। घायल रूपक सहनी को स्थानीय लोगों ने तुरंत खानपुर सीएचसी पहुँचाया, जहाँ अस्पताल प्रभारी डॉक्टर राणा नितीश कुमार सिंह ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। घटनास्थल पर काफी मात्रा में खून बरामद हुआ और खून में सने आधा दर्जन से अधिक खोखा भी पुलिस ने जमा किया। एसपी अरविंद प्रताप सिंह ने तत्काल कार्रवाई करते हुए थानाध्यक्ष रंजीत कुमार चौधरी को निलंबित कर दिया। पुलिस ने दो संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। घटनास्थल से एफएसएल टीम ने भी नमूने एकत्रित किए हैं। एसपी ने कहा कि अपराधियों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा। अपराधियों की धरपकड़ के लिए एसआईटी टीम का गठन किया गया है और पूरी कार्रवाई तेज़ी से जारी है। पुलिस का कहना है कि जल्द ही सभी अपराधियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।  

शादी में डांस का धमाल: दीपक जोशी और नई दुल्हन के ठुमके, सोशल मीडिया पर छाया वीडियो

देवास.  मध्यप्रदेश की राजनीति में अलग पहचान रखने वाले पूर्व मंत्री दीपक जोशी एक बार फिर सुर्खियों में हैं, लेकिन इस बार वजह उनका कोई राजनीतिक बयान नहीं, बल्कि निजी जीवन से जुड़े वीडियो हैं, जो इन दिनों सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे हैं. वायरल हो रहे इन वीडियो में दीपक जोशी एक महिला के साथ शादी के बाद डांस करते हुए नजर आ रहे हैं।.बताया जा रहा है कि यह वीडियो उनके निजी कार्यक्रम का है, लेकिन इसके सामने आते ही राजनीतिक और सामाजिक गलियारों में चर्चाओं का दौर तेज हो गया है. बताया जा रहा है कि दीपक जोशी के निजी जीवन को लेकर पहले से ही न्यायालय में मामला विचाराधीन है. ऐसे में इन वीडियो के सामने आने के बाद सवाल खड़े किए जा रहे हैं. मीडिया द्वारा जब इस पूरे मामले पर दीपक जोशी से प्रतिक्रिया मांगी गई, तो उन्होंने कहा कि यह मेरा निजी जीवन है और मामला न्यायालय में चल रहा है. ऐसे में इस विषय पर बोलना मैं उचित नहीं समझता. उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि वे न्यायिक प्रक्रिया पर पूरा भरोसा रखते हैं और उसी के अनुसार आगे बढ़ रहे हैं. फिलहाल सोशल मीडिया पर ये वीडियो लगातार वायरल हो रहे हैं जो चर्चा का विषय बने हुए है. कांग्रेस नेत्री पल्लवी राज सक्सेना से 4 दिसंबर को शादी करने के बाद पूर्व मंत्री दीपक जोशी चर्चा में हैं। पल्लवी के अलावा दो और महिलाओं की ओर से यह दावा किया जा रहा है कि दीपक जोशी उनके साथ भी शादी कर चुके हैं। क्या है मामला? शिवराज सरकार में मंत्री रह चुके दीपक जोशी (63) इस समय सुर्खियों में हैं. दरअसल इसी महीने हुई उनकी शादी की तस्वीरें सोशल मीडिया पर छाई हुई हैं. उन्होंने महिला कांग्रेस की पूर्व प्रदेश सचिव पल्लवी राज सक्सेना से शादी की है. बताया गया कि यह विवाह 4 दिसंबर को आर्य समाज मंदिर में संपन्न हुआ. सामने आई तस्वीरों में पल्लवी राज की मांग में सिंदूर भरा हुआ दिखाई दे रहा है. कौन हैं दीपक जोशी? दीपक जोशी मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री स्वर्गीय कैलाश जोशी के बेटे हैं. उन्होंने 2013 में हाटपिपल्या विधानसभा सीट से जीत दर्ज की थी और वह स्कूल शिक्षा मंत्री बने थे. 2018 के विधानसभा चुनाव में उन्हें हार का सामना करना पड़ा. 2023 में उन्होंने भाजपा छोड़कर कांग्रेस का दामन थाम लिया. दोनों में 20 साल का एज गैप पल्लवी राज सक्सेना मध्य प्रदेश कांग्रेस में लंबे समय तक सक्रिय भूमिका निभा चुकी हैं. वे महिला कांग्रेस की पूर्व प्रदेश सचिव रह चुकी हैं. वर्तमान में उनके पास कोई औपचारिक पद नहीं है, लेकिन वे पार्टी गतिविधियों से जुड़ी रही हैं. दीपक जोशी और पल्लवी राज के बीच करीब 20 साल का उम्र का अंतर है. सोशल मीडिया पर इसे लेकर भी तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं सामने आई हैं. हालांकि दोनों की ओर से इसे निजी फैसला बताया गया है. पल्लवी ने अपने फेसबुक पर जो वीडियो शेयर किए हैं, उनमें से एक वीडियो में दीपक जोशी उनके साथ डांस करते दिख रहे हैं। परिवार के अन्य सदस्य भी नजर आ रहे हैं। मेहंदी लगवाते वीडियो शेयर किया पल्लवी ने एक और वीडियो फेसबुक पर शेयर किया, जिसमें दीपक जोशी हाथों में मेहंदी लगवाते दिख रहे हैं। आठ सेकंड के इस वीडियो में पल्लवी दीपक से पूछती हैं कि दीपक जी कितने सालों बाद आपको मेहंदी लग रही है? हालांकि दीपक कोई जवाब नहीं देते। हाटपिपल्या विधायक बोले- प्रशासन स्वत: संज्ञान ले पूर्व मंत्री दीपक जोशी की तीन महिलाओं के साथ शादी करने का मामला सामने आने के बाद हाटपिपल्या से बीजेपी विधायक मनोज चौधरी ने देवास में स्थानीय पत्रकारों से कहा- जिन ऑडियो की मैंने शिकायत की थी, उस समय उनकी मास्टरमाइंड एक महिला निकली थी। लेकिन मात्र वो महिला नहीं थी उसके पीछे राजनीति का एक बड़ा षड्यंत्र था, जो अब सामने आ गया है।

विक्रम भट्ट को बड़ा झटका: 30 करोड़ की ठगी केस में दूसरी बार भी नहीं मिली जमानत

उदयपुर 30 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी के मामले में जेल में बंद बॉलीवुड डायरेक्टर विक्रम भट्ट और उनकी पत्नी श्वेतांबरी भट्ट को एक बार फिर अदालत से कोई राहत नहीं मिली है। उदयपुर की महिला उत्पीड़न कोर्ट ने बुधवार को भट्ट दंपती की दूसरी जमानत याचिका भी खारिज कर दी। कोर्ट ने अपने आदेश में स्पष्ट कहा कि मामले में अभी अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी और उनसे अहम पूछताछ बाकी है। ऐसे में इस स्तर पर आरोपियों को जमानत देना उचित नहीं होगा। कोर्ट का यह आदेश बुधवार को जारी किया गया। उदयपुर की दोनों निचली अदालतों से राहत न मिलने के बाद अब भट्ट दंपती को जमानत के लिए राजस्थान हाईकोर्ट, जोधपुर बेंच का रुख करना पड़ेगा। हालांकि, हाईकोर्ट में अवकाश के चलते उन्हें नए साल के बाद तक भी जेल में रहना पड़ सकता है। भट्ट दंपती के अधिवक्ता कमलेश दवे ने बताया कि इससे पहले एसीजेएम कोर्ट-4 ने भी उनकी जमानत याचिका खारिज कर दी थी। इसके बाद सत्र न्यायालय में याचिका दायर की गई, लेकिन जज के अवकाश पर होने के कारण लगातार तीन बार सुनवाई टलती रही। अंततः मंगलवार को महिला उत्पीड़न कोर्ट में सुनवाई हुई, जिसके बाद याचिका खारिज कर दी गई। एसीजेएम कोर्ट-4 ने अपने आदेश में कहा था कि यदि जमानत दी जाती है तो गवाहों के प्रभावित होने की आशंका है। साथ ही, मामला बीएनएस की धारा 338 के तहत गैर-जमानती होने के कारण भी जमानत देने से इनकार किया गया। 42 करोड़ के कॉन्ट्रैक्ट में धोखाधड़ी का आरोप मामले में इंदिरा ग्रुप कंपनीज के मालिक डॉ. अजय मुर्डिया ने आरोप लगाया है कि उन्होंने फिल्म निर्माण के लिए विक्रम भट्ट से 42 करोड़ रुपये का कॉन्ट्रैक्ट किया था। बाद में उन्हें धोखाधड़ी का अहसास हुआ, जिसके बाद 17 नवंबर को विक्रम भट्ट सहित 8 लोगों के खिलाफ उदयपुर में एफआईआर दर्ज कराई गई। इस केस में उदयपुर पुलिस पहले ही भट्ट के को-प्रोड्यूसर महबूब अंसारी और फर्जी वेंडर संदीप को मुंबई से गिरफ्तार कर चुकी है। 7 दिसंबर को मुंबई से हुई थी गिरफ्तारी विक्रम भट्ट और उनकी पत्नी को 7 दिसंबर को मुंबई स्थित उनके फ्लैट से गिरफ्तार किया गया था। इसके बाद 9 दिसंबर को दोनों को उदयपुर कोर्ट में पेश कर पुलिस रिमांड पर लिया गया। रिमांड अवधि पूरी होने के बाद उन्हें 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। इससे पहले 9 दिसंबर को राजस्थान हाईकोर्ट (जोधपुर बेंच) में विक्रम भट्ट की गिरफ्तारी पर रोक से जुड़ी याचिका पर सुनवाई हुई थी। उस दौरान हाईकोर्ट ने गिरफ्तारी में जल्दबाजी को लेकर आईजी, एसपी और जांच अधिकारी को कोर्ट में पेश होने के आदेश दिए थे। फिलहाल, दूसरी जमानत याचिका भी खारिज होने के बाद भट्ट दंपती की मुश्किलें और बढ़ गई हैं, और अब उनकी उम्मीदें राजस्थान हाईकोर्ट पर टिकी हुई हैं।

500 KM दूर से या दूसरों से लगवाई हाजिरी: भोपाल में डॉक्टरों की फर्जी अटेंडेंस पर CMHO ने कड़ा कदम उठाया

 भोपाल भोपाल में मुख्यमंत्री संजीवनी क्लीनिकों की व्यवस्था पर एक बड़ा सवाल खड़ा हो गया है. राजधानी के संजीवनी क्लीनिकों में पदस्थ कुछ डॉक्टरों द्वारा नियमों को ताक पर रखकर फर्जी तरीके से अटेंडेंस लगाने का चौंकाने वाला मामला सामने आया है. सार्थक एप के जरिए चल रहे इस फर्जीवाड़े का खुलासा सीएमएचओ कार्यालय की नियमित समीक्षा के दौरान हुआ, जिसके बाद स्वास्थ्य महकमे में हड़कंप मच गया है. मामले में 13 डॉक्टरों की वेतन कटौती के आदेश जारी किये गए हैं. सार्थक एप में सेंध, 25 डॉक्टरों को नोटिस सीएमएचओ कार्यालय द्वारा जब सार्थक एप के डेटा की बारीकी से जांच की गई, तो कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आए. फर्जी अटेंडेंस के इस खेल में कुल 25 डॉक्टरों की भूमिका संदिग्ध पाई गई, जिन्हें कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है. इनमें से 13 डॉक्टरों पर कार्रवाई करते हुए 7 दिन से लेकर एक माह तक का वेतन काटा गया है. डॉक्टर ने 500 KM दूर से लगाई हाजिरी जांच में सबसे हैरान करने वाला मामला गौतम नगर स्थित मुख्यमंत्री संजीवनी क्लीनिक से सामने आया जहां पदस्थ डॉ. संजीव सिंह की अटेंडेंस क्लिनिक से लगभग 500 किलोमीटर दूर से लगी थी. सिर्फ यही नहीं, उनकी रोज़ की अटेंडेंस भी क्लिनिक से 11-12 किलोमीटर दूर से लग रही थी जिसका सीधा मतलब है कि कई मौकों पर डॉक्टर क्लिनिक आ ही नहीं रहे थे लेकिन रोस्टर में वो रोज़ ड्यूटी पर आ रहे थे. एक आईडी और कई चेहरे वाला डॉक्टर फर्जीवाड़े का एक और मामला बाग मुगालिया संजीवनी क्लीनिक से सामने आया जहां पदस्थ डॉ. मिनहाज की आईडी से सार्थक एप पर जो तस्वीरें अपलोड की गईं, उनमें अलग-अलग लोगों के चेहरे थे. मतलब डॉक्टर मिनहाज की जगह दूसरे लोग फोटो खिंचवाकर अटेंडेंस लगा रहे थे. सीएमएचओ ने कहा 'लापरवाही नहीं होगी बर्दाश्त' इस पूरे मामले पर आजतक से बात करते हुए भोपाल सीएमएचओ मनीष शर्मा ने बताया कि मुख्यमंत्री संजीवनी क्लीनिक गरीब और जरूरतमंद मरीजों को उनके ही इलाके में इलाज देने के लिए शुरू किया गया था लेकिन इस तरह डॉक्टर गायब रहेंगे तो आम जनता का इलाज कौन करेगा? भविष्य में सार्थक एप की निगरानी और सख्त की जाएगी और किसी भी तरह की फर्जीवाड़े पर हम जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाएंगे.