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अटल कैंटीन का कमाल: दिल्ली में ₹5 में थाली, जानें क्या-क्या मिलेगा

 नई दिल्ली दिल्ली की भाजपा सरकार अपने एक और चुनावी वादे को पूरा करते हुए पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के जन्मदिन पर राजधानी में अटल कैंटीन की शुरुआत कर रही है। गुरुवार से 100 अटल कैंटीन में लोग महज 5 रुपये में पौष्टिक खाना खा सकते हैं। चावल, रोटी, दाल, सब्जी और अचार वाली यह थाली भले ही आपको 5 रुपये में मिलेगी लेकिन इसकी लागत 30 रुपये है। प्रति थाली करीब 25 रुपये का खर्च दिल्ली सरकार उठाएगी। हर कैंटीन में दोपहर और शाम 500 लोगों को भोजन, 'पहले आओ-पहले पाओ' की तर्ज पर दिया जाएगा। अटल कैंटीन मुख्यतौर पर झुग्गी झोपड़ियों के पास बनाए गए हैं, जहां बड़ी संख्या में जरूरतमंद लोग रहते हैं। सरकार की ओर से दी गई जानकारी के मुताबिक, 5 रुपये की थाली में 100 ग्राम चावल या मिलेट, 300 ग्राम चपाती, 100 ग्राम सब्जी, 100 ग्राम दाल और अचार परोसी जाएगी। खाना इन कैंटीन में नहीं बनाया जाएगा क्योंकि अधिकतर छोटे ढांचे में बनाए गए हैं। खाना कुछ बड़े किचन में बनाकर कैंटीन में भेजा जाएगा। शहरी विकास मंत्री आशीष सूद ने कहा कि इसका उद्देश्य जरूरमंद लोगों की मदद करना है और सरकार चुनाव में किए गए वादों को पूरा करने के लिए प्रतिबद्ध है। 50 कैंटीन तैयार हैं, लेकिन खाना सभी 100 स्थानों पर खिलाया जाएगा। उन्होंने बताया कि 50 कैंटीन ग्रैप-4 के प्रतिबंधों की वजह से तैयार नहीं हो पाए हैं। जल्द इनका निर्माण पूरा हो जाएगा। अटल कैंटीनों का संचालन दिल्ली अर्बन शेल्टर इंप्रूवमेंट बोर्ड (DUSIB) की ओर से किया जाएगा। सरकार की यह एजेंसी शहरी गरीबों की बेहतरी के लिए काम करती है। एक थाली भोजन की अनुमानित लागत करीब 30 रुपये बताई गई है, जबकि दिल्ली सरकार सब्सिडी देकर इसे 5 रुपये में उपलब्ध कराएगी। भाजपा ने विधानसभा चुनाव के लिए अपने घोषणापत्र में 100 अटल कैंटीन शुरू करने का वादा किया था।

डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी, पं. दीन दयाल उपाध्याय और अटल बिहारी वाजपेयी को समर्पित है, राष्ट्र प्रेरणा स्थल

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी राष्ट्र को समर्पित करेंगे राष्ट्र प्रेरणा स्थल, सभी तैयारियां पूरी  डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी, पं. दीन दयाल उपाध्याय और अटल बिहारी वाजपेयी को समर्पित है, राष्ट्र प्रेरणा स्थल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी राष्ट्र नायकों की कांस्य प्रतिमाओं का करेंगे लोकार्पण, 2 लाख से अधिक लोग होंगे साक्षी राष्ट्रीय चिन्हों और मालाओं से सजाया गया है राष्ट्र प्रेरणा स्थल, सुरक्षा व्यवस्था, ट्रैफिक डायवर्जन और पार्किंग की पूरी तैयारी      लखनऊ उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में बन कर तैयार भव्य 'राष्ट्र प्रेरणा स्थल' को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी राष्ट्र को समर्पित करेंगे। यह स्थल भारतीय राष्ट्रवाद की त्रयी कहे जाने वाले डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी, पं. दीन दयाल उपाध्याय और भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी के विचारों और अमूल्य योगदान को जन-जन तक पहुंचाने का अनुपम प्रयास है। इस संबंध में पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के जन्म दिवस पर  भव्य उद्घाटन समारोह के लिए भव्य तैयारियां की गई हैं। इस अवसर पर गणमान्य अतिथियों समेत, 2 लाख से अधिक लोग इस अवसर के साक्षी बनेंगे। सुरक्षा व्यवस्था, पार्किंग, ट्रैफिक डायवर्जन के साथ उद्घाटन समारोह और सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुति की भी सभी तैयारियों को मूर्त रूप दिया जा चुका है। प्रदेश की राजधानी प्रधानमंत्री की उपस्थिति में इस ऐतिहासिक क्षण की साक्षी बनेगी।  राष्ट्र नायकों की मूर्तियों के लोकार्पण एवं पुष्पांजलि अर्पित करेंगे प्रधानमंत्री राष्ट्र प्रेरणा स्थल के भव्य उद्घाटन समारोह के आयोजन के लिए लखनऊ विकास प्राधिकरण और पर्यटन एवं संस्कृति विभाग ने सभी तैयारियां पूरी कर ली हैं। राष्ट्र प्रेरणा स्थल के विशाल प्रांगण में फूलों से कमल की आकृति की रंगोली बनाई जा रही हैं। साथ ही प्रेरणा स्थल की बाहरी दीवारों पर कला संस्कृति विभाग की ओर से राष्ट्रीय सांस्कृतिक चिन्हों का अलंकरण किया गया है। राष्ट्र नायकों की प्रतिमाओं के अनावरण का कार्यक्रम 2 बजे अपराह्न शुरू होगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, चौधरी चरण सिंह एयरपोर्ट से प्रेरणा स्थल पहुंच कर सबसे पहले राष्ट्र नायकों की मूर्तियों के लोकार्पण एवं पुष्पांजलि अर्पित करेंगे। उसके बाद राष्ट्र नायकों के जीवन के प्रेरक प्रसंगों को समर्पित संग्रहालय का उद्घाटन कर, उसका अवलोकन करेंगे। संग्रहालय के ओरिएंटेशन रूम में राष्ट्र नायकों के जीवन पर आधारित वीडियो एवी का प्रदर्शन किया जाएगा। इसके बाद प्रधानमंत्री जनसंबोधन करेंगे, इस अवसर पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह भी उपस्थित रहेंगे। भावी पीढ़ियों में राष्ट्रीयता की भावना का संचार करेगा राष्ट्र प्रेरणा स्थल   लखनऊ के वसंत कुंज में राष्ट्र प्रेरणा स्थल को कमल की आकृति में बनाया गया है। प्रेरणा स्थल में राष्ट्रवाद के शिखर पुरुषों डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी, पं दीन दयाल उपाध्याय और पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की 65 फुट ऊंची कांस्य प्रतिमाओं का निर्माण किया गया है। जिनका निर्माण विश्व विख्यात मूर्तिकार राम सुतार और मंटू राम आर्ट क्रिएशंस ने किया है। प्रतिमाओं को फेसेड लाइटिंग और प्रोजेक्शन मैपिंग से सजाया गया है। साथ ही परिसर में राष्ट्र नायकों को समर्पित संग्रहालय का निर्माण भी किया गया है। संग्रहालय की इंटरप्रिटेशन वॉल पर भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन और स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के म्यूरल आर्ट से देश की राष्ट्रीयता की यात्रा को दर्शाया गया है। संग्रहालय के कोर्टयार्ड में राष्ट्रीय भावना की प्रतीक भारत माता की प्रतिमा स्थापित की गई है। राष्ट्र नायकों को समर्पित गैलरियां उनके जीवन, विचारधारा और संघर्षों को जीवंत बनाती हैं। साथ ही राष्ट्र प्रेरणा स्थल परिसर में सिंथेटिक ट्रैक, मेडिटेशन सेंटर, विपश्यना केंद्र, योग केंद्र, हेलीपैड और कैफेटेरिया का भी निर्माण किया गया है। इसके अलावा परिसर में 3000 की क्षमता वाले एम्फीथिएटर और लगभग 2 लाख की क्षमता के रैली स्थल का भी निर्माण किया गया है। राष्ट्र प्रेरणा स्थल न केवल ऐतिहासिक स्मृति का बिंदु है, बल्कि भावी पीढ़ियों में राष्ट्रीयता की भावना का संचार करेगा।

रायपुर में प्रधानमंत्री आवास योजना ने बदली ज़िंदगी, मिला सुरक्षित आशियाना

रायपुर : प्रधानमंत्री आवास योजना से मिला सुरक्षित आशियाना रायपुर मुंगेली जिले के ग्राम लालाकापा निवासी तिलक प्रसाद के जीवन में प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) ने सकारात्मक परिवर्तन लाया है। मजदूरी करने जीवन-यापन करने वाले तिलक प्रसाद को योजना के अंतर्गत सुरक्षित और स्थायी आवास प्राप्त हुआ है। पक्का घर मिलने पर उन्होंने शासन के प्रति आभार व्यक्त किया है। पूर्व में तिलक प्रसाद अपने परिवार के साथ एक छोटे कच्चे मकान में रहने को विवश थे। बरसात के दिनों में परिवार को कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था। जीवन व्यतीत करना उनके लिए बड़ी चुनौती थी। प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत आवास स्वीकृत होने पर पुराने कच्चे मकान को तोड़कर नए पक्के आवास का निर्माण किया गया। निर्माण पूर्ण होने के बाद अब वे अपने परिवार के साथ सुरक्षित एवं सुकूनभरा जीवन जी रहे हैं। उनका कहना है कि प्रधानमंत्री आवास योजना ने उन्हें न केवल पक्का घर दिया है, बल्कि सुरक्षित भविष्य और आत्मसम्मान के साथ जीने का अवसर भी प्रदान किया है।

भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी की जन्म शताब्दी की पूर्व संध्या पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अर्पित किए श्रद्धासुमन

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने दीप जलाकर दी अटल जी को श्रद्धांजलि भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी की जन्म शताब्दी की पूर्व संध्या पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अर्पित किए श्रद्धासुमन   लोकभवन में अटल बिहारी वाजपेयी की मूर्ति के समक्ष दीप जलाकर पुण्य स्मृतियों को किया नमन  लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी की जन्म शताब्दी की पूर्व संध्या पर बुधवार को लोकभवन में उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। इस अवसर पर मुख्यमंत्री योगी ने लोकभवन परिसर में स्थापित अटल बिहारी वाजपेयी की प्रतिमा के समक्ष दीप प्रज्ज्वलित कर उनकी पुण्य स्मृतियों को नमन किया। पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी की जन्म शताब्दी के माध्यम से न केवल प्रदेश बल्कि देश भर में उनके राष्ट्रनिर्माण में योगदान, लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रति प्रतिबद्धता और सार्वजनिक जीवन में उनकी मर्यादित राजनीतिक शैली को स्मरण किया जा रहा है। लोकभवन परिसर में आयोजित इस कार्यक्रम में भी अटल जी के जीवन और कृतित्व को केंद्र में रखकर श्रद्धांजलि अर्पित की गई। कार्यक्रम में जनप्रतिनिधि, वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी, और अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे। पूरा देश करेगा अटल जी की स्मृतियों को याद गुरुवार को भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी की जन्म शताब्दी के अवसर पर उत्तर प्रदेश सहित पूरे देश में विभिन्न स्मरण कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा। इन आयोजनों के माध्यम से अटल जी के विचारों, नीतियों और राष्ट्र के प्रति उनके योगदान को जनमानस तक पहुंचाने का प्रयास किया जाएगा। संगोष्ठियों, प्रदर्शनी और सांस्कृतिक कार्यक्रमों के जरिए उनकी विरासत को सम्मानपूर्वक स्मरण किया जाएगा। अटल बिहारी वाजपेयी का व्यक्तित्व भारतीय राजनीति में संवाद, सहमति और राष्ट्रहित के संतुलन का प्रतीक माना जाता रहा है। प्रधानमंत्री के रूप में उनके कार्यकाल के दौरान देश ने राजनीतिक स्थिरता, आर्थिक सुधारों और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बढ़ाए। उनकी कवि संवेदना और राजनेता के रूप में दूरदर्शिता आज भी सार्वजनिक जीवन में आदर्श के रूप में देखी जाती है।

अमित शाह प्राकृतिक खेती प्रकल्प का करेंगे शुभारंभ, वर्ष 2026 होगा कृषि वर्ष

रीवा केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह एवं मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव आज रीवा में प्राकृतिक खेती पर कृषक सम्मेलन कार्यक्रम में शामिल होंगे। केन्द्रीय गृह मंत्री श्री शाह एवं मुख्यमंत्री डॉ. यादव बसामन मामा गौ अभ्यारण्य में अपरान्ह 3 बजे से आयोजित कार्यक्रम में प्राकृतिक खेती प्रकल्प का शुभारंभ करेंगे। इसके बाद गौ अभ्यारण्य के समीप आयोजित विशाल कृषक सम्मलेन में शिरकत करेंगे। कार्यक्रम में उप मुख्यमंत्री श्री राजेन्द्र शुक्ल, श्री हेमन्त खंडेलवाल भी शामिल होंगे। अतिथियों द्वारा ई-कार्ट के माध्यम से गौ-शाला का अवलोकन किया जायेगा। कार्यक्रम स्थल पर लगाई गई कृषि विभाग की प्रदर्शनी का अवलोकन करेंगे। कार्यक्रम में प्रगतिशील व प्राकृतिक खेती करने वाले कृषकों को सम्मानित किया जायेगा। बसामन मामा गौ अभ्यारण्य का निर्माण बेसहारा और बीमार गौवंश को आश्रय देने के लिए किया गया है। इसमें वर्तमान में सात हजार से अधिक गौवंश को आश्रय दिया गया है। इस गौ-शाला से प्रतिदिन बड़ी मात्रा में निकलने वाले गोबर से जैविक खाद, गो काष्ठ, गोनाइल तथा अन्य उत्पाद बनाए जा रहे हैं। यह कार्य स्वयंसेवी संस्था द्वारा किया जा रहा है। वर्ष 2026 को कृषि वर्ष मनाये जाने का निर्णय लिया गया है। इसके अंतर्गत समन्वित रूप से कृषि एवं संबद्ध क्षेत्रों में कृषकों की आय में वृद्धि की जायेगी, कृषि को प्राकृतिक खेती के माध्यम से जलवायु अनुकूल बनाया जायेगा, किसानों की उपज के लिए उचित मूल्य सुनिश्चित किया जायेगा, तकनीकी सुधार एवं यंत्रीकरण पर विशेष जोर होगा, डिजीटल एग्री के माध्यम से क्षेत्र का आधुनिकीकरण करना एवं कृषि एवं संबद्ध क्षेत्रों में विविधीकरण को बढावा देना, मूल्य संवर्धन के माध्यम से नये रोजगार सृजन किया जायेगा। कृषि परिदृश्य देश में मध्य प्रदेश मक्का एवं सोयाबीन के उत्पादन में प्रथम स्थान तथा गेहॅू, उड़द, मसूर, चना, सरसों, कुल तिलहन, कुल दलहन, कुल खाद्यान्न, कुल मोटा अनाज में द्वितीय स्थान पर है। न्यूनतम समर्थन मूल्य पर उपार्जन मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में प्रदेश सरकार द्वारा गत 2 वर्षों में 48 लाख 51 हजार किसानों से 02 करोड़ 41 लाख 31 हजार मीट्रिक टन अनाज खरीदा गया है। जिसके विरूद्ध 81 हजार सात सौ अड़सठ करोड़ रूपये का भुगतान किसानों के खाते में किया गया है। सोयाबीन भावांतर भुगतान योजना किसान भाईयों की मेहनत को प्रतिफल प्रदाय करने के लिये सोयाबीन की फसल के लिये भावांतर भुगतान योजना लागू की गई है। अभी तक लगभग छ: लाख कृषकों के द्वारा तेरह लाख नवासी हजार मेट्रिक टन सोयाबीन का विक्रय मंडियों में किया गया है, जिससे दो चरणों में मुख्यमंत्री डॉ. यादव द्वारा दो लाख सरसठ हजार किसानों के खाते में चार सौ बियासी करोड़ रूपये अंतरित किये गये है। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना प्राकृतिक आपदाओं से फसल क्षति होने पर किसानों को सहायता के लिये गत 2 वर्षों में राज्य सरकार द्वारा सत्तर लाख कृषक आवेदनों पर बारह सौ सेंतीस करोड़ चौवन हजार राशि रूपये का दावा भुगतान किया गया है। प्रधानमंत्री एवं मुख्यमंत्री  किसान सम्मान निधि योजना प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी द्वारा किसान सम्मान निधि के रूप में किसानों को छ: हजार रूपये दिये जा रहे थे, मुख्यमंत्री डॉ. यादव द्वारा भी किसानों को छ: हजार रूपये की राशि दी जा रही है, इस प्रकार प्रधानमंत्री एवं मुख्यमंत्री किसान सम्मान निधि योजना अंतर्गत माह अप्रैल, 2025 से अभी तक एक करोड़ अडसठ लाख किसानों को छ: हजार सात सौ छप्पन करोड़ की राशि का भुगतान किया जा चुका है। ‘रानी दुर्गावती श्रीअन्न प्रोत्साहन योजना’’     रानी दुर्गावती श्री अन्नध प्रोत्सारहन योजना अंतर्गत प्रदेश में प्रथम बार 16 जिलों – जबलपुर, कटनी, मण्डला, डिंडोरी, छिंदवाड़ा, शहडोल, अनुपपुर, उमरिया, रीवा, मऊगंज, सतना, मैहर, बालाघाट, सिवनी, सीधी एवं सिंगरौली में उपार्जन किया जा रहा है।     राज्य सरकार द्वारा राशि रुपए एक हजार प्रति क्विंटल प्रोत्साहन राशि डीबीटी के माध्यम से प्रदाय की जाएगी।     परंपरागत कृषि विकास योजना प्रमाणित जैविक खेती को प्रोत्सावहित एवं बढावा देने के लिए संचालित है।     वर्ष 2025-26 में तेतालीस हजार तीन सौ पचास हैक्टेयर में 09 सर्विस प्रोवाईडर के माध्यम से कृषक समूहों में जैविक प्रमाणीकरण कार्यक्रम क्रियान्वित किये जा रहे है। कृषकों को राशि रूपये पांच हजार प्रति हैक्टेयर प्रति वर्ष अनुदान दिया जाता है। नेशनल मिशन ऑन नेचुरल फार्मिंग     नेशनल मिशन ऑन नेचुरल फार्मिंग प्राकृतिक खेती को प्रोत्साहित एवं बढावा देने के लिये योजना संचालित है। प्रदेश में पन्द्रह सौ तेरह क्लस्टर में एक लाख नवासी हजार एक सौ पच्चीस एकड़ में एक लाख नवासी हजार एक सौ पच्चीस किसानों के साथ क्रियान्वित की जा रही है। प्रत्येक कृषक को राशि रूपये चार हजार प्रति एकड़ प्रति वर्ष अनुदान दिया जा रहा है। प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना     प्रधानमंत्री श्री मोदी द्वारा "प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना कृषि उत्पादकता और ग्रामीण समृद्धि को बढ़ावा देने के उद्देश्य से शुभारंभ किया गया है। योजना में मध्यप्रदेश के 8 जिले यथा-अनूपपुर, शहडोल, उमरिया, सीधी, अलीराजपुर, निवाड़ी, टीकमगढ़ एवं डिण्डोरी को शामिल किया गया है। प्रधानमंत्री धन – धान्य कृषि योजनाभारत सरकार की एक नई पहल है, जो कि केन्द्र एवं राज्य सरकार की प्रचलित योजनाओं जिसमें कृषि विभाग की 19 तथा मछली पालन / पशुपालन / दुग्ध / सहकारिता / जल संसाधन / खाद्य प्रस्करण / ग्रामीण विकास  / कौशल विभाग / लघु एवं सुक्ष्म उद्योग विभागों की 17 प्रचलित  योजनाओं का अभिसरण (कवरेज) कर क्रिन्यावित किया जायेगा।    वर्तमान में दलहन उत्पादन में मध्यप्रदेश प्रथम स्थान पर है। वर्ष 2024-25 में दलहन का कुल क्षेत्रफल चवालीस लाख बानवे हजार हैक्टेयर है, जिसे आगामी 03 वर्षो में लगभग पचपन लाख हैक्टेयर किये जाने का लक्ष्य है।

दिल्ली के 13 प्रमुख रेलवे स्टेशन होंगे स्मार्ट और हाईटेक, अमृत भारत योजना से बदलेगा सफर का अनुभव

नई दिल्ली रेल यात्रियों के लिए अच्छी खबर है। दिल्ली के प्रमुख रेलवे स्टेशनों को विश्व स्तरीय सुविधाओं से लैस किया जा रहा है। अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत न्यू दिल्ली, आनंद विहार समेत दिल्ली के 13 स्टेशनों का पुनर्विकास किया जा रहा है। इस योजना का उद्देश्य यात्रियों की सुरक्षा, पहुंच और आराम को बढ़ाना है, ताकि रेलवे स्टेशनों का अनुभव और अधिक सुविधाजनक और आधुनिक बनाया जा सके। ये स्टेशन हो रहे हैं अपग्रेड रेल यात्रियों के लिए अच्छी खबर है। अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत दिल्ली के प्रमुख 13 रेलवे स्टेशनों का पुनर्विकास किया जा रहा है। ये स्टेशन हैं न्यू दिल्ली, आनंद विहार, बिजवासन, दिल्ली कैंट, आदर्श नगर, सराय रोहिल्ला, शाहदरा, हजरत निजामुद्दीन, नरेला, सब्जी मंडी, सफदरजंग, तिलक ब्रिज रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने संसद में बताया कि देशभर में इस योजना के तहत कुल 1,337 स्टेशनों का पुनर्विकास किया जा रहा है, जिनमें दिल्ली के ये 13 स्टेशन भी शामिल हैं। इस मुद्दे को दक्षिण दिल्ली के भाजपा सांसद रामवीर सिंह बिधूड़ी ने लोकसभा में उठाया था। तेजी से न्यू दिल्ली स्टेशन पर हो रहा काम न्यू दिल्ली रेलवे स्टेशन पर बड़े पैमाने पर बदलाव देखने को मिल रहे हैं। अजमेरी गेट साइड का ज्यादातर काम पूरा हो चुका है। अब यहाँ यात्रियों के लिए उपलब्ध सुविधाएं हैं. अधिक टिकट काउंटर, बेहतर वेटिंग एरिया, आधुनिक पब्लिक एड्रेस सिस्टम और इलेक्ट्रॉनिक सूचना बोर्ड, व्यापक सीसीटीवी कवरेज, बेहतर लाइटिंग और निर्बाध बिजली आपूर्ति, आरओ पानी की सुविधा, पुरुषों, महिलाओं और दिव्यांगों के लिए अलग शौचालय, भीड़ प्रबंधन के लिए अधिक सीटें वहीं, पहाड़गंज साइड पर भी काम शुरू हो गया है। पुरानी इमारतों को तोड़ा जा रहा है, बेसमेंट बनाया जा रहा है और विभिन्न सुविधाओं को नए स्थान पर शिफ्ट किया जा रहा है।

पतंगबाजी पर सख्ती: मकर संक्रांति पर झालावाड़ में चाइनीज मांझा बैन, आदेश 2026 तक लागू

झालावाड़ मकर संक्रांति पर्व के दौरान जिले में पतंगबाजी के लिए चाइनीज मांझे के उपयोग पर पूर्ण रूप से रोक लगा दी गई है। जिला कलेक्टर अजय सिंह राठौड़ ने इस संबंध में आदेश जारी करते हुए धातु, नायलोन एवं प्लास्टिक से निर्मित मांझे के निर्माण, विपणन और उपयोग पर प्रतिबंध लगाया है। जिला कलेक्टर ने बताया कि इस प्रकार का मांझा विभिन्न धातुओं के मिश्रण से तैयार किया जाता है, जो अत्यंत धारदार होने के साथ-साथ विद्युत का सुचालक भी होता है। इससे दुपहिया वाहन चालकों, आम नागरिकों और पक्षियों को गंभीर चोट लगने के साथ जान-माल का नुकसान होने की आशंका बनी रहती है। उन्होंने कहा कि चाइनीज मांझा यदि विद्युत तारों के संपर्क में आ जाए तो करंट फैलने की स्थिति उत्पन्न हो सकती है, जिससे पतंग उड़ाने वाले व्यक्ति को नुकसान पहुंचने के साथ-साथ विद्युत आपूर्ति बाधित होने की संभावना रहती है। लोक स्वास्थ्य, निर्बाध विद्युत संचालन और पक्षियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए धातु निर्मित मांझा, पक्का धागा, नायलोन, प्लास्टिक एवं सिंथेटिक या टॉक्सिक सामग्री जैसे आयरन पाउडर और ग्लास पाउडर से बने चाइनीज मांझे पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया गया है। इसके अलावा पक्षियों को होने वाले नुकसान से बचाने के उद्देश्य से प्रातः 6 बजे से 8 बजे तक तथा सायं 5 बजे से 7 बजे तक पतंगबाजी पर भी रोक रहेगी। यह आदेश आज मध्यरात्रि से प्रभावी होकर 31 जनवरी 2026 तक लागू रहेगा। आदेश की अवहेलना या उल्लंघन पाए जाने पर संबंधित व्यक्ति के खिलाफ नियमानुसार दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।

राजनांदगांव को विकास की नई सौगात, मुख्यमंत्री समग्र विकास योजना में ₹87.58 लाख के 17 कार्य स्वीकृत

डॉ. रमन सिंह के प्रयासों से राजनांदगांव को ₹10,500 करोड़ की औद्योगिक सौगात, गेल लगाएगा यूरिया प्लांट राजनांदगांव को विकास की नई सौगात, मुख्यमंत्री समग्र विकास योजना में ₹87.58 लाख के 17 कार्य स्वीकृत विस अध्यक्ष एवं क्षेत्र विधायक डॉ. रमन सिंह ने इस स्वीकृति के लिए मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का आभार व्यक्त किया राजनांदगांव  छत्तीसगढ़ विधानसभा अध्यक्ष एवं राजनांदगांव विधायक डॉ. रमन सिंह के निरंतर प्रयासों, दूरदर्शी नेतृत्व एवं औद्योगिक विकास को प्राथमिकता देने वाली नीति के परिणामस्वरूप राजनांदगांव जिले को एक ऐतिहासिक औद्योगिक उपलब्धि प्राप्त हुई है। देश की प्रतिष्ठित सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनी गैस अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड (गेल) द्वारा राजनांदगांव में ₹10,500 करोड़ के निवेश से यूरिया निर्माण इकाई स्थापित किए जाने का प्रस्ताव प्रस्तुत किया गया है। यह निवेश प्रस्ताव राज्य सरकार द्वारा आयोजित छत्तीसगढ़ स्किल टेक कार्यक्रम के दौरान सामने आया, जिसका आयोजन राज्य कौशल विकास विभाग एवं वाणिज्य एवं उद्योग विभाग द्वारा किया गया था। इस कार्यक्रम में उर्वरक, टेक्सटाइल, फार्मा, इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सोलर क्षेत्र की विभिन्न कंपनियों ने राज्य में कुल ₹13,690 करोड़ के निवेश प्रस्ताव प्रस्तुत किए। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की उपस्थिति में प्रस्तुत इन प्रस्तावों में सबसे बड़ा निवेश प्रस्ताव ₹10,500 करोड़ का गेल द्वारा दिया गया, जिसके अंतर्गत राजनांदगांव में गैस पाइपलाइन आधारित उर्वरक (यूरिया) संयंत्र की स्थापना की जाएगी। इस परियोजना से न केवल क्षेत्र में औद्योगिक आधार मजबूत होगा, बल्कि राज्य के लगभग 3,500 लोगों को प्रत्यक्ष रोजगार के अवसर भी प्राप्त होंगे। प्रस्तावित यूरिया प्लांट से प्रतिवर्ष लगभग 1.27 मिलियन टन यूरिया उत्पादन किया जाएगा, जिससे कृषि क्षेत्र को मजबूती मिलने के साथ-साथ छत्तीसगढ़ की औद्योगिक पहचान को राष्ट्रीय स्तर पर नई ऊंचाई प्राप्त होगी। इसी क्रम में, राजनांदगांव क्षेत्र के समग्र एवं संतुलित विकास की दिशा में एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि के रूप में मुख्यमंत्री समग्र विकास योजना वर्ष 2025–26 के अंतर्गत 87 लाख 58 हजार की लागत से 17 विकास कार्यों के लिए स्वीकृति प्रदान की गई है। इन स्वीकृत विकास कार्यों में सामुदायिक भवन, व्यावसायिक परिसर, रंगमंच निर्माण, सीसी रोड, मुक्तिधाम शेड, प्रतीक्षालय निर्माण सहित अन्य जनोपयोगी अधोसंरचना से जुड़े कार्य शामिल हैं, जिनसे स्थानीय नागरिकों को प्रत्यक्ष लाभ प्राप्त होगा विधानसभा अध्यक्ष एवं राजनांदगांव विधायक डॉ. रमन सिंह ने इस ऐतिहासिक औद्योगिक निवेश तथा क्षेत्रीय विकास कार्यों की स्वीकृति के लिए मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह निर्णय राजनांदगांव के आर्थिक, औद्योगिक एवं सामाजिक विकास को नई दिशा देगा तथा जिले को विकास के नए केंद्र के रूप में स्थापित करेगा।

किसानों के करोड़ों रुपये के बीमा क्लेम लंबित, सरकार की लापरवाही से बढ़ा संकट : कुमारी सैलजा

चंडीगढ़ सिरसा सांसद कुमारी सैलजा ने कहा कि हरियाणा में प्राकृतिक आपदाओं से प्रभावित किसानों को प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के अंतर्गत मिलने वाला मुआवजा अब तक नहीं मिल पाना अत्यंत गंभीर विषय है। किसानों से प्राप्त जानकारी के अनुसार प्रदेश के कई जिलों में करोड़ों रुपए के बीमा क्लेम वर्षों से लंबित हैं, जिससे किसान आर्थिक और मानसिक संकट में हैं। मीडिया को जारी बयान में कुमारी सैलजा ने कहा कि बाढ़ और अतिवृष्टि के कारण किसानों की फसलें पूरी तरह नष्ट हो गईं, लेकिन उस समय न तो पर्याप्त प्रशासनिक सहायता मिली और न ही समय पर सर्वे किए गए। अब मुआवज़े के समय फसल कटाई प्रयोग, तकनीकी आपत्तियों और बीमा कंपनियों की प्रक्रियाओं के नाम पर किसानों को उनके हक़ से वंचित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि किसानों के अनुसार भिवानी, सिरसा, नूंह और चरखी दादरी जैसे जिलों में बड़ी संख्या में किसानों के बीमा दावे लंबित हैं। कई किसानों ने बताया कि सभी औपचारिकताएं पूरी करने के बावजूद उन्हें भुगतान नहीं किया गया और बार-बार दफ्तरों के चक्कर लगवाए जा रहे हैं। सांसद कुमारी सैलजा ने कहा कि किसान किसी प्रकार की रियायत नहीं, बल्कि अपने वैध अधिकार की मांग कर रहा है। प्राकृतिक आपदा किसान के नियंत्रण से बाहर होती है, ऐसे में सरकार और प्रशासन की जिम्मेदारी बनती है कि वह संवेदनशीलता के साथ राहत पहुंचाए। सांसद ने प्रशासन से मांग की कि लंबित फसल बीमा क्लेम की तत्काल समीक्षा की जाए, तकनीकी कारणों से रोके गए मामलों को सरल प्रक्रिया के तहत निपटाया जाए और प्रभावित किसानों को शीघ्र भुगतान सुनिश्चित किया जाए, ताकि वे अगली फसल की तैयारी कर सकें।

आज केंद्रीय गृह मंत्री श्री शाह और मुख्यमंत्री डॉ. यादव करेंगे युवाओं को सम्मानित

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में मध्यप्रदेश औद्योगिक निवेश को रोज़गार में परिवर्तित करने का निरंतर कार्य कर रहा है। केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की उपस्थिति में आज ग्वालियर के मेला ग्राउंड में ‘अभ्युदय मध्यप्रदेश ग्रोथ समिट – निवेश से रोज़गार’ का राज्य स्तरीय आयोजन किया जा रहा है। यह आयोजन औद्योगिक नीति, निवेश प्रोत्साहन और रोज़गार आधारित विकास के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता का प्रमाण है। कार्यक्रम में निवेशकों को सिंगल क्लिक से औद्योगिक प्रोत्साहन राशि भी प्रदान की जाएगी। भारत रत्न से सम्मानित पूर्व प्रधानमंत्री स्व. अटल बिहारी वाजपेयी की जयंती पर आयोजित ग्रोथ समिट आत्मनिर्भर, समृद्ध और रोज़गार-समृद्ध मध्यप्रदेश के संकल्प को रेखांकित करेगी। ‘अभ्युदय मध्यप्रदेश ग्रोथ समिट में 2 लाख करोड़ रूपये से अधिक के निवेश प्रस्तावों के लिये भूमि आवंटन किया जायेगा। इसके साथ ही 10,000 करोड़ रूपये से अधिक की औद्योगिक परियोजनाओं का भूमि-पूजन और लोकार्पण किया जाएगा। इससे प्रदेश में विकासात्मक गतिविधियों को और अधिक गति मिलेगी। पूर्व प्रधानमंत्री स्व. अटल बिहारी वाजपेयी की जयंती पर आयोजित इस ग्रोथ समिट से प्रदेश विकास की नई ऊंचाइयों की ओर अग्रसर होगा। “निवेश से रोज़गार – अटल संकल्प, उज्ज्वल मध्यप्रदेश” की थीम पर आधारित इस समिट में विगत 2 वर्षों में प्रदेश में हुए औद्योगिक विस्तार, निवेश उपलब्धियों और रोज़गार सृजन के वास्तविक परिणामों को सबके साथ साझा किया जायेगा। इस समिट से आने वाले वर्षों में विकास की नई दिशा भी तय की जायेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में स्थानीय लोगों के समग्र विकास के लिये उन्हें सीधे रोजगार और आजीविका से जोड़ने के लिये ग्रोथ समिट का आयोजन किया जा रहा है। इस समिट से नए औद्योगिक क्षेत्र, क्लस्टर और प्लग-एंड-प्ले इकाइयों की शुरुआत से स्थानीय स्तर पर उद्योगों की स्थापना को बढ़ावा मिलेगा। इससे युवाओं के लिए रोज़गार के नए अवसर सृजित होंगे। समिट में भूमि-पूजन और लोकार्पण के साथ भूमि आवंटन और आशय-पत्र भी वितरित किये जायेंगे। इस अवसर पर रोज़गार उपलब्ध कराने वाली औद्योगिक इकाईयों की स्थापना एवं संचालन करने वाले निवेशकों को सम्मानित किया जाएगा। समिट में युवाओं से संवाद भी किया जाएगा। संभाग स्तर पर औद्योगिक भूमि आवंटन से जुड़ी महत्वपूर्ण घोषणाएँ भी की जाएँगी, जिससे क्षेत्रीय विकास को गति मिलेगी। उद्योग जगत की सहभागिता ग्रोथ समिट में देश के प्रतिष्ठित उद्योगपति और औद्योगिक संस्थाओं के प्रतिनिधि शामिल होंगे। इनमें गोदरेज इंडस्ट्रीज, गौतम सोलर, हीडलबर्ग सीमेंट, एलएनजे भीलवाड़ा समूह, जेके टायर, टोरेंट पावर, मैकेन फूड, एलिक्सर इंडस्ट्रीज़, ग्रीनको, जुपिटर वैगन्स, डाबर इंडिया, वर्धमान समूह, गोदरेज कंज्यूमर प्रोडक्ट्स और भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड जैसे प्रमुख औद्योगिक समूहों के प्रतिनिधि भाग लेंगे। प्रदर्शनी कार्यक्रम स्थल पर स्व. अटल बिहारी वाजपेयी के जीवन, विचारों और विकास दृष्टि पर आधारित विशेष प्रदर्शनी आयोजित की जाएगी। इसके साथ ही प्रदेश में बीते 2 वर्षों में हुए औद्योगिक सुधारों, निवेश प्रयासों और रोज़गार उपलब्धियों को दर्शाने वाली प्रदर्शनी भी लगाई जाएगी, जिससे मध्यप्रदेश की औद्योगिक यात्रा को एक ही स्थान पर देखा जा सकेगा। समारोह में उपमुख्यमंत्री श्री जगदीश देवड़ा, कृषि विकास एवं किसान कल्याण मंत्री श्री एदल सिंह कंषाना, ऊर्जा मंत्री श्री प्रद्युम्न सिंह तोमर, नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा मंत्री श्री राकेश शुक्ला, एमएसएमई मंत्री श्री चेतन्य काश्यप, जल संसाधन मंत्री श्री तुलसीराम सिलावट, खेल एवं युवा कल्याण मंत्री श्री विश्वास सारंग सहित अन्य कैबिनेट मंत्री उपस्थित रहेंगे।