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AIIMS हरियाणा में 1700 कर्मचारियों की भर्ती का ऐलान, मार्च से मरीजों के लिए खुलेगी OPD

रेवाड़ी  रेवाड़ी जिले के गांव माजरा भालखी में निर्माणाधीन अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS) जल्द ही आम जनता के लिए स्वास्थ्य सेवाएं शुरू करने जा रहा है। देश के 22वें एम्स के रूप में विकसित हो रहे इस संस्थान का शनिवार को केंद्रीय राज्य मंत्री राव इंद्रजीत सिंह ने निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने बताया कि आगामी मार्च महीने से एम्स में ओपीडी सेवाएं शुरू किए जाने की योजना है, जबकि जुलाई और अगस्त के बीच MBBS के पहले बैच की कक्षाएं शुरू होने की पूरी संभावना है। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि जनवरी 2026 से फैकल्टी और अन्य पदों पर भर्ती प्रक्रिया भी आरंभ कर दी जाएगी। लगभग 1650 करोड़ रुपये की लागत से बन रहे इस एम्स को दक्षिणी हरियाणा के लिए एक अत्याधुनिक स्वास्थ्य केंद्र के रूप में विकसित किया जा रहा है। AIIMS के पहले निदेशक प्रो. डीएन शर्मा ने बताया कि मई-जून तक परिसर में बनने वाली सभी 40 इमारतों और हेलीपैड का निर्माण कार्य पूरा कर लिया जाएगा। उन्होंने जानकारी दी कि संस्थान में करीब 1700 पदों पर स्टाफ की भर्ती प्रस्तावित है। इस संबंध में आवश्यक प्रक्रिया पूरी कर प्रस्ताव को मंजूरी के लिए आगे भेज दिया गया है। पीएम मोदी ने किया था शिलान्यास  गौरतलब है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 16 फरवरी 2024 को इस AIIMS का शिलान्यास किया था। एम्स के शुरू होने से रेवाड़ी सहित आसपास के जिलों के लोगों को बेहतर और सुलभ इलाज की सुविधा मिलेगी। साथ ही, क्षेत्र में रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे। निरीक्षण के दौरान मंत्री ने निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर संतोष जताते हुए अधिकारियों को तय समयसीमा में कार्य पूरा करने के निर्देश दिए।

Punjab में सर्दी का सितम: आने वाले दिनों में और गिरेगा तापमान, IMD का अलर्ट जारी

पंजाब  पंजाब में सीजन की पहली घनी धुंध ने जनजीवन को प्रभावित करना शुरू कर दिया है। कई इलाकों में सुबह के समय विजिबिलिटी काफी कम दर्ज की गई, जिससे सड़क और रेल यातायात पर असर पड़ा। मौसम विभाग के अनुसार 15–16 दिसंबर के आसपास प्रदेश में एक बार फिर कड़ाके की ठंड लौट सकती है। मौसम विभाग ने बताया कि शनिवार को पहाड़ी इलाकों में हल्की बारिश या बर्फबारी के आसार हैं, हालांकि पंजाब के मैदानी क्षेत्रों में अगले सात दिनों तक मौसम शुष्क बना रहेगा। इस दौरान बठिंडा, फिरोजपुर और फरीदकोट सहित साउथ-वेस्ट जिलों में घना कोहरा छाए रहने की संभावना है, जहां विजिबिलिटी घटकर 100 से 200 मीटर तक रह सकती है। विभाग के अनुसार प्रदेश में एक नया वेस्टर्न डिस्टरबेंस सक्रिय हुआ है, जिसके प्रभाव से आने वाले दिनों में मौसम में बदलाव देखने को मिलेगा। तापमान की बात करें तो आदमपुर में न्यूनतम तापमान 3.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो प्रदेश में सबसे कम रहा, जबकि फरीदकोट में न्यूनतम तापमान 5.2 डिग्री सेल्सियस रहा। मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि अगले दो दिनों तक धुंध बने रहने के आसार हैं, जिससे कई इलाकों में विजिबिलिटी 100 मीटर से भी कम हो सकती है। लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। 

छत्तीसगढ़ में सुरक्षाबलों की बड़ी सफलता, गरियाबंद में दो कुख्यात माओवादी इनामी समेत आत्मसमर्पण

गरियाबंद छत्तीसगढ़ के गरियाबंद में नक्सल उन्मूलन अभियान के तहत 10 लाख के दो इनामी माओवादियों ने आत्मसमर्पण किया है। छत्तीसगढ़ सरकार और शासन की आत्मसमर्पण एवं पुनर्वास नीति तथा पुलिस की सतत अपील से प्रभावित होकर प्रतिबंधित संगठन सीपीआई (माओवादी) के डीजीएन डिवीजन में सक्रिय दो माओवादियों ने हिंसा का रास्ता छोड़ते हुए आत्मसमर्पण किया। आत्मसमर्पण करने वालों में एसडीके एरिया कमेटी सदस्य संतोष उर्फ लालपवन और सीनापाली एरिया कमेटी सदस्य मंजू उर्फ नंदे शामिल हैं। दोनों पर कुल 10 लाख रुपए का इनाम घोषित था। संतोष उर्फ लालपवन मूलतः बीजापुर जिले का निवासी है, जो वर्ष 2005 से माओवादी संगठन में सक्रिय था। वह विभिन्न दलम, प्लाटून और एरिया कमेटियों में कार्य करते हुए लंबे समय तक सीसी स्तर के नेताओं की सुरक्षा टीम में भी शामिल रहा। गरियाबंद और ओडिशा सीमावर्ती क्षेत्रों में सक्रिय रहते हुए वह कई गंभीर नक्सली घटनाओं, आईईडी ब्लास्ट और मुठभेड़ों में शामिल रहा, जिनमें पुलिस बल को नुकसान पहुंचा। इसके बाद में वह एसडीके और उदंती एरिया कमेटी में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी निभा रहा था। वहीं, मंजू उर्फ नंदे सुकमा जिले की रहने वाली है और वर्ष 2002 से संगठन से जुड़ी थी। बाल संगठन से लेकर एलओएस, सीएनएम और एरिया कमेटी तक का सफर तय करते हुए वह सीनापाली एरिया कमेटी की सदस्य बनी। गरियाबंद-नुआपाडा सीमावर्ती क्षेत्रों में सक्रिय रहते हुए वह भी कई मुठभेड़ों में शामिल रही, जिनमें अनेक माओवादी मारे गए। आत्मसमर्पण के दौरान दोनों माओवादियों ने बताया कि संगठन की विचारधारा खोखली हो चुकी है। जंगलों में कठिन जीवन, लगातार हिंसा, बीमारी और असुरक्षा के बीच भविष्य अंधकारमय हो गया था। दूसरी ओर शासन की आत्मसमर्पण-पुनर्वास नीति के तहत मिलने वाली आर्थिक सहायता, आवास, स्वास्थ्य और रोजगार सुविधाओं तथा पहले आत्मसमर्पण कर चुके साथियों के बेहतर जीवन से वे प्रभावित हुए। गरियाबंद पुलिस द्वारा गांव-गांव में चलाए गए प्रचार और अपील ने भी उन्हें यह कदम उठाने के लिए प्रेरित किया। गरियाबंद पुलिस ने दोनों के आत्मसमर्पण को बड़ी सफलता बताते हुए क्षेत्र में सक्रिय अन्य माओवादियों से भी अपील की है कि वे हिंसा का मार्ग छोड़कर नजदीकी थाना, चौकी या कैंप में आत्मसमर्पण कर समाज की मुख्यधारा में लौटें, जिससे आने वाले दिनों में उनको काफी फायदा होने वाला है।

मध्यप्रदेश उत्सव का दूसरा दिन : ड्राइंग प्रतियोगिता का आयोजन

भोपाल  मध्यप्रदेश उत्सव के दूसरे दिन ड्राइंग प्रतियोगिता का आयोजन किया गया, जिसमें 12 वर्ष तक की आयु के बच्चों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की। आयु वर्ग के अनुसार बच्चों को अलग-अलग विषय दिए गए थे। प्रतियोगिता में कुल 37 बच्चों ने भाग लिया जिसमें 6 वर्ष की से काम की आयु के आठ बच्चे और 6 से 12 वर्ष की आयु के 29 बच्चों ने भाग लिया। 6 वर्ष से कम आयु के बच्चों को मुक्त विषय पर चित्रांकन करने का अवसर दिया गया, जबकि 6 से 12 वर्ष आयु वर्ग के बच्चों को "नेचर एंड एनवायरनमेंट" विषय पर चित्र बनाने का कार्य सौंपा गया। मध्यप्रदेश उत्सव: क्विज प्रतियोगिता का हुआ आयोजन क्विज प्रतियोगिता में कुल पाँच टीमों ने भाग लिया। प्रत्येक टीम में पाँच सदस्य शामिल थे। प्रतियोगिता के सभी प्रश्न मध्यप्रदेश से संबंधित रहे, जिससे प्रतिभागियों को राज्य के इतिहास, संस्कृति एवं सामान्य ज्ञान के बारे में जानकारी प्राप्त करने का अवसर मिला। प्रतियोगिता के दौरान माहौल अत्यंत रोमांचकारी एवं उत्साहपूर्ण बना रहा। प्रश्नोत्तर को तीन भागों में विभाजित किया गया। पहले भाग में सभी टीमों को समान अवसर प्रदान किया गया। दूसरे भाग में टीमवार प्रश्न पूछे गए, जबकि तीसरे भाग में चित्र आधारित प्रश्न पूछे गए, जिसमें यह पहचानने को कहा गया कि प्रदर्शित चित्र किससे संबंधित है। प्रतिभागियों ने पूरे उत्साह के साथ प्रतियोगिता में भाग लिया और दर्शकों ने भी प्रश्नों का आनंद उठाया। प्रतियोगिता ने न केवल ज्ञानवर्धन किया, बल्कि मध्यप्रदेश के प्रति रुचि और जागरूकता भी बढ़ाई। इस अवसर डिंडोरी की सुश्री हर्ष मरावी द्वारा करमा सैला नृत्य की शानदार प्रस्तुति दी गई।   इस नृत्य के माध्यम से समाज की एकता एवं समरसता का सजीव चित्रण किया गया। ढोल, मंजीरा एवं शहनाई जैसे पारंपरिक वाद्य यंत्रों की मनमोहक धुनों पर प्रस्तुत यह नृत्य दर्शकों को आदिवासी जीवन की आत्मा से जोड़ता नजर आया। प्रस्तुति ने दर्शकों में विशेष उत्साह एवं आनंद का संचार किया। गणगौर नृत्य की मनमोहक प्रस्तुति इसके बाद बड़वाह के श्री संजय महाजन और समूह द्वारा निमाड़ अंचल के सुप्रसिद्ध लोकनृत्य गणगौर की मनमोहक प्रस्तुति दी गई। उल्लेखनीय है कि बड़वाह के नटेश्वर नृत्य संस्थान के निदेशक श्री संजय महाजन पिछले 18 वर्षों से कथक और लोकनृत्य का प्रशिक्षण दे रहे हैं। उन्होंने 'मैं हूं बड़वाह', 'कृष्णलीला' और 'जय जय मध्य प्रदेश' जैसे मशहूर डांस-ड्रामा डायरेक्ट किए हैं, और पारंपरिक गणगौर नृत्य को राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर लोकप्रिय बनाने में अहम भूमिका निभाई है। 

नक्सलवाद के उन्मूलन के साथ-साथ बस्तर में मूलभूत सुविधाओं का तेजी से हो रहा विकास: मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

रायपुर मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा है कि बस्तर अंचल का विकास राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। नक्सलवाद के उन्मूलन के साथ-साथ बस्तर में मूलभूत सुविधाओं का विकास तेजी से किया जा रहा है और बस्तर अब विकास की दिशा में सशक्त गति से आगे बढ़ रहा है। मुख्यमंत्री श्री साय आज जगदलपुर में आयोजित बस्तर ओलम्पिक 2025 के समापन समारोह को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ एक समृद्ध राज्य है, किंतु माओवाद की समस्या प्रारंभ से ही राज्य के विकास में एक बड़ी बाधा रही है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व और केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह के दृढ़ संकल्प के कारण अब माओवाद के अंत की स्पष्ट समय-सीमा तय की गई है। नियद नेल्ला नार योजना के दायरे को 5 किलोमीटर से बढ़ाकर 10 किलोमीटर तक विस्तारित किया गया है, जिसके माध्यम से 403 गांवों में बिजली, पेयजल, स्वास्थ्य, शिक्षा सहित अन्य मूलभूत सुविधाएं तेजी से पहुंचने लगी हैं। मुख्यमंत्री श्री साय ने आगे कहा कि माओवाद के कारण बंद पड़े स्कूल अब पुनः खुल रहे हैं। सड़कों का व्यापक नेटवर्क विकसित कर अंदरूनी इलाकों को आवागमन की सुविधा से जोड़ा जा रहा है। माओवाद से मुक्त गांवों में जनहितकारी योजनाओं का पूर्ण सेचुरेशन किया जा रहा है। इन सभी सकारात्मक प्रयासों के परिणामस्वरूप विकास के प्रति आमजन का विश्वास लगातार बढ़ रहा है। मुख्यमंत्री श्री साय ने बस्तर ओलम्पिक में भाग लेने वाले सभी प्रतिभागियों का उत्साहवर्धन करते हुए उन्हें बधाई दी तथा आगामी वर्ष और बेहतर प्रदर्शन के लिए शुभकामनाएं प्रेषित कीं। इस अवसर पर विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने कहा कि बस्तर देश में एक नया इतिहास रच रहा है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि 31 मार्च 2026 तक नक्सलवाद पूर्ण रूप से समाप्त होगा और बस्तर पुनः खुशहाल बनेगा। कार्यक्रम को उपमुख्यमंत्रीद्वय श्री अरुण साव एवं श्री विजय शर्मा ने भी संबोधित किया और बस्तर ओलम्पिक के सफल आयोजन के लिए खिलाड़ियों को बधाई दी। विधायक जगदलपुर श्री किरण देव ने स्वागत उद्बोधन में सभी अतिथियों एवं खिलाड़ियों का आत्मीय स्वागत किया। समारोह के अंत में सांसद श्री महेश कश्यप ने आभार व्यक्त किया। इस मौके पर केबिनेट मंत्री श्री केदार कश्यप, सांसद श्री भोजराज नाग, बस्तर क्षेत्र आदिवासी विकास प्राधिकरण की उपाध्यक्ष सुश्री लता उसेंडी, विधायक सर्वश्री विक्रम उसेंडी, श्री नीलकंठ टेकाम, विनायक गोयल, श्री आशाराम नेताम, छत्तीसगढ़ बेवरेज कॉर्पोरेशन के अध्यक्ष श्री श्रीनिवास राव मद्दी, छत्तीसगढ़ अनुसूचित जनजाति आयोग के अध्यक्ष श्री रूपसिंह मंडावी, छत्तीसगढ़ राज्य युवा आयोग के अध्यक्ष श्री विश्व विजय सिंह तोमर, नगर निगम जगदलपुर के महापौर श्री संजय पांडे सहित अनेक जनप्रतिनिधि तथा बड़ी संख्या में खेलप्रेमी एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।

सरकारी हॉस्टल का खाना बना ज़हर! किशनगंज में हलुआ खाने से 18 छात्राएं अस्पताल में भर्ती, दो गंभीर

पटना  बिहार के किशनगंज सदर थाना क्षेत्र अंतर्गत महेश बथना स्थित पिछड़ा वर्ग कन्या प्लस-2 आवासीय उच्च विद्यालय के हॉस्टल में शुक्रवार रात उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब खाने के कुछ ही देर बाद दर्जनों छात्राओं की तबीयत अचानक बिगड़ने लगी। रात के भोजन में परोसे गए हलुए को खाने के बाद छात्राओं को उल्टी, दस्त और चक्कर आने की शिकायत शुरू हुई, जिससे पूरे हॉस्टल में चीख-पुकार मच गई। अचानक बिगड़ी तबीयत, मच गया हड़कंप छात्राओं के अनुसार, भोजन के बाद जैसे ही हलुआ परोसा गया, उसे खाने के 20 से 30 मिनट के भीतर कई छात्राओं को तेज उल्टियां होने लगीं। स्थिति इतनी गंभीर हो गई कि कुछ छात्राएं बेहोश भी हो गईं। घटना की सूचना मिलते ही स्कूल प्रबंधन ने एंबुलेंस की व्यवस्था कर सभी बीमार छात्राओं को किशनगंज सदर अस्पताल पहुंचाया। 18 छात्राएं अस्पताल में भर्ती, दो की हालत गंभीर अस्पताल सूत्रों के मुताबिक, इस घटना में कुल 18 छात्राएं फूड पॉइजनिंग की शिकार हुई हैं। इनमें से दो छात्राओं की स्थिति चिंताजनक बनी हुई है, जिन्हें डॉक्टरों की विशेष निगरानी में रखा गया है। सभी छात्राएं बिहार के अलग-अलग जिलों से हैं और सरकारी योजना के तहत हॉस्टल में रहकर पढ़ाई कर रही हैं। डॉक्टरों ने की फूड पॉइजनिंग की पुष्टि सदर अस्पताल के चिकित्सकों ने प्रारंभिक जांच के बाद इसे स्पष्ट रूप से फूड पॉइजनिंग का मामला बताया है। डॉक्टरों का कहना है कि हलुए में इस्तेमाल की गई सामग्री दूषित हो सकती है या फिर भोजन तैयार करने में लापरवाही बरती गई होगी।   स्कूल प्रबंधन पर लापरवाही के आरोप घटना के कई घंटे बीत जाने के बावजूद न तो विद्यालय के प्राचार्य और न ही कोई जिम्मेदार अधिकारी अस्पताल पहुंचा। कुछ शिक्षकों ने कैमरे के सामने घटना की जानकारी से अनभिज्ञता जताई, जिससे स्कूल प्रबंधन की गंभीर लापरवाही उजागर हुई है। इस घटना ने सरकारी आवासीय विद्यालयों में खानपान की गुणवत्ता और सुरक्षा व्यवस्था पर फिर से सवाल खड़े कर दिए हैं। SDM ने अस्पताल पहुंचकर लिया हाल, जांच के आदेश घटना की गंभीरता को देखते हुए किशनगंज के एसडीएम अनिकेत कुमार सदर अस्पताल पहुंचे और बीमार छात्राओं की स्थिति की जानकारी ली। प्रशासन ने पूरे मामले की जांच के आदेश दे दिए हैं। फिलहाल सभी छात्राओं का इलाज जारी है और अस्पताल प्रशासन हालात पर नजर बनाए हुए है।

गैस चैंबर बनी राजधानी: दिल्ली में AQI 430 के पार, फिलहाल प्रदूषण से राहत नहीं

नई दिल्ली दिल्ली का वायु गुणवत्ता सूचकांक सबसे ज्यादा खराब स्थिति में पहुंच गई है। केन्द्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के मुताबिक, शनिवार को दिल्ली का AQI 431 के अंक पर पहुंच गया है। यह इस साल का सबसे खराब AQI है। इससे पहले नवंबर महीने में तीन दिन ऐसे रहे थे जब सूचकांक 400 से ऊपर यानी गंभीर श्रेणी में रहा हो। अब गंभीर श्रेणी वाला यह चौथा दिन है। दिल्ली के ज्यादातर इलाकों का एक्यूआई 400 से ऊपर बना हुआ है। दिल्ली में AQI का यह सबसे खराब स्तर है। इससे पहले दिल्ली में 11 नवंबर को AQI 428 अंक पर था। यह इस साल का सबसे ज्यादा प्रदूषित दिन था लेकिन आज के आंकड़े ने इस रिकॉर्ड को तोड़ दिया है। शनिवार को 431 AQI के साथ दिल्ली वालों को साल की सबसे ज्यादा जहरीली हवा का सामना करना पड़ा। दिल्ली में 12 नवंबर को सूचकांक 418 और 13 नवंबर को सूचकांक 404 के अंक पर रहा था। यानी गंभीर श्रेणी वाली हवा का यह इस साल में चौथा दिन है। 15 इलाकों में AQI 450 से ज्यादा केन्द्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से प्राप्त आंकड़े बताते हैं कि दिल्ली के अधिकांश इलाकों में AQI 400 अंकों के पार रिकॉर्ड किया गया। शाम को चार बजे दिल्ली के 15 इलाकों में तो एक्यूआई 450 से ज्यादा रहा। एक्यूआई 401 से 450 तक के AQI को गंभीर श्रेणी में रखा जाता है जबकि 451 से 500 तक के सूचकांक को गंभीरतम श्रेणी में रखा जाता है। 24 घंटे के भीतर 82 अंकों की बढ़ोतरी एक दिन पहले शुक्रवार को दिल्ली में एक्यूआई 349 के अंक पर था। बीते 24 घंटों के भीतर इसमें 82 अंकों की तेज बढ़ोतरी हुई है। दिल्ली के वायु मंडल पर धूल और धुएं की एक परत छाई हुई है। राहत के नहीं आसार दिल्ली में हवा की रफ्तार आमतौर पर दस किलोमीटर प्रति घंटे से कम है। साथ ही ठंड बढ़ने से पलूशन के कण ज्यादा देर तक वायु मंडल में बने हुए हैं। विशेषज्ञों की मानें तो अगले तीन-चार दिनों के बीच दिल्ली के लोगों को प्रदूषित हवा से राहत मिलने की संभावना नहीं है। इन वजहों से बढ़ा पलूशन विशेषज्ञों की मानें तो हवा की रफ्तार कम होने, धूल और धुएं के चलते प्रदूषण में तेजी से बढ़ोतरी है। वाहनों से होने वाला उत्सर्जन, सड़क और निर्माण से उड़ने वाली धूल, ठोस कचरा और बायोमास जलाने से भी पलूशन में बढ़ोतरी हुई है। बड़ा कारण यह कि हवा की स्पीड धीमी है। इससे पलूशन के कणों का बिखराव नहीं हो पा रहा है। सवा चार गुना ज्यादा पलूशन दिल्ली-एनसीआर में शनिवार को तीन बजे पीएम 10 का औसत स्तर 425 और पीएम 2.5 का औसत स्तर 258 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर पर रहा। हवा में पीएम 10 का स्तर 100 से और पीएम 2.5 का स्तर 60 से कम होने पर ही उसे स्वास्थ्यकारी माना जाता है। इस तरह दिल्ली की हवा में मानकों से सवा चार गुना ज्यादा प्रदूषक कण मौजूद हैं।  

GST चोरों पर सख्ती! हरियाणा सरकार लॉन्च करेगी शिकायत ऐप, फर्जी बिलिंग की तुरंत होगी रिपोर्ट

चंडीगढ़  हरियाणा सरकार ने वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) चोरी रोकने के लिए 'कर हितैषी' एप का शुभारंभ किया है। इस एप से यह फायदा होगा कि कोई भी व्यक्ति अपनी पहचान गुप्त रखते हुए फोटो व दस्तावेज अपलोड करके जीएसटी चोरी की शिकायत कर सकता है।  बता दें कि बीते दिन  सीएम नायब सिंह सैनी नेचंडीगढ़ में बैठक के दौरान आबकारी एवं कराधान विभाग की 6 ऑनलाइन सेवाओं का शुभारंभ किया है। शिकायतकर्ता एप के जरिए फर्जी बिलिंग, गलत इनपुट टैक्स क्रेडिट, बिना पंजीकरण कारोबार, बिल न देने या लेन-देन छिपाने जैसी अनियमितताओं की सूचना फोटो, वीडियो या दस्तावेजों के साथ अपलोड कर सकता है। इसी सूचना के आधार पर विभागीय अधिकारी जांच व कार्रवाई करेंगे।  नई ऑनलाइन सेवाओं में एथेनॉल, अतिरिक्त अल्कोहल (ईएनए) और डिनेचर्ड स्प्रिट से संबंधित अनुमति प्राप्त करने को सरल बनाया गया है। अब व्यापारिक इकाइयां एथेनॉल और ईएनए के आयात-निर्यात व डिनेचर्ड स्प्रिट के निर्यात-आयात की अनुमति ऑनलाइन आवेदन के माध्यम से प्राप्त कर सकेंगी।  

केंद्र–राज्य समन्वय से खाद्यान्न प्रबंधन को मिलेगा नया आयाम

केंद्रीय खाद्य मंत्री श्री जोशी से नई दिल्ली में प्रदेश के खाद्य मंत्री श्री राजपूत ने की भेंट, महत्वपूर्ण विषयों पर हुई चर्चा भोपाल  केंद्रीय खाद्य, सार्वजनिक वितरण एवं उपभोक्ता मामलों के मंत्री प्रहलाद जोशी से नई दिल्ली में प्रदेश के खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री श्री गोविंद सिंह राजपूत ने शिष्टाचार भेंट कर प्रदेश की खाद्यान्न प्रबंधन व्यवस्था को अधिक सुदृढ़, पारदर्शी एवं तकनीक-संचालित बनाने से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तृत चर्चा की। इस अवसर पर अपर मुख्य सचिव खाद्य श्रीमती रश्मि अरुण शमी, आयुक्त खाद्य श्री कर्मवीर शर्मा एवं प्रबंध संचालक मप्र राज्य नागरिक आपूर्ति निगम श्री अनुराग वर्मा भी उपस्थित थे। भेंट के दौरान मंत्री श्री राजपूत ने प्रदेश में खाद्यान्न उपार्जन, भंडारण, वितरण तथा गुणवत्ता सुधार से संबंधित नीतिगत एवं वित्तीय पहलुओं से केंद्रीय मंत्री को अवगत कराया और केंद्र सरकार के स्तर पर शीघ्र निर्णय की आवश्यकता वाले प्रमुख प्रस्ताव प्रस्तुत किए। मंत्री श्री राजपूत ने प्रदेश में वर्तमान विकेन्द्रीकृत उपार्जन व्यवस्था के स्थान पर केन्द्रीयकृत प्रणाली लागू करने अथवा अनुमानित उपार्जन मात्रा के अनुरूप समर्थन मूल्य की एकमुश्त अग्रिम राशि उपलब्ध कराने का अनुरोध किया, जिससे किसानों को समय पर भुगतान सुनिश्चित हो सके और राज्य पर वित्तीय दबाव कम हो। अतिशेष गेहूं के त्वरित उठाव और बकाया भुगतान की मांग खाद्य मंत्री श्री राजपूत ने राज्य में उपार्जित अतिशेष गेहूं का एफसीआई द्वारा शीघ्र उठाव सुनिश्चित करने अथवा गोदामों में भंडारित गेहूं को यथास्थिति अधिग्रहित कर भुगतान प्रक्रिया तत्काल प्रारंभ करने की आवश्यकता रेखांकित की। मंत्री श्री राजपूत ने मध्यप्रदेश के लिए स्वीकृत खाद्यान्न साख सीमा को 20 वर्ष के दीर्घकालीन ऋण में परिवर्तित करने तथा म.प्र. नागरिक आपूर्ति निगम द्वारा प्रस्तुत लेखों के विरुद्ध लंबित लगभग 7511 करोड़ रुपये की राशि के शीघ्र भुगतान का अनुरोध किया। डेटा प्रबंधन और पारदर्शिता पर बल खाद्य मंत्री श्री राजपूत ने वर्ष 2020–21 एवं 2022–23 में वितरित खाद्यान्न से संबंधित डेटा को सेंट्रल रिपोजिटरी में अपलोड करने की लंबित कार्यवाही को प्राथमिकता से पूर्ण कराने का आग्रह किया, जिससे राष्ट्रीय स्तर पर डेटा की एकरूपता और पारदर्शिता सुनिश्चित हो सके। उन्होंने नवाचार और तकनीकी उन्नयन का प्रस्ताव प्रस्तुत करते हुए कहा कि ये सभी प्रस्ताव मध्यप्रदेश की खाद्यान्न प्रबंधन प्रणाली को अधिक दक्ष, आधुनिक और पारदर्शी बनाने में मील का पत्थर साबित होंगे, जिससे किसानों, उपभोक्ताओं और शासन तीनों को दीर्घकालीन लाभ मिलेगा। केंद्रीय मंत्री श्री प्रहलाद जोशी ने सभी बिंदुओं पर सकारात्मक विचार-विमर्श करते हुए प्रस्तावों पर सहानुभूतिपूर्वक विचार करने और आवश्यक कार्रवाई का आश्वासन दिया।  

टी-20 वर्ल्डकप क्रिकेट (ब्लाइंड) जीतने वाली भारतीय टीम में शामिल रहीं प्रदेश की तीन खिलाड़ी

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से शनिवार को ब्लाइंड विमेंस टी-20 क्रिकेट वर्ल्ड कप 2025 का फाइनल जीतने वाली भारतीय टीम में शामिल मध्यप्रदेश की तीन महिला खिलाड़ियों ने मुख्यमंत्री निवास स्थित समत्व भवन में भेंट की। खिलाड़ियों में सुश्री सुनीता सराठे, सुश्री सुषमा पटेल और सुश्री दुर्गा येवले शामिल हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि इस उपलब्धि के लिए तीनों खिलाड़ियों को प्रोत्साहन स्वरूप 25-25 लाख रूपए प्रदान किए जाएंगे, जिसमें से 10-10 लाख रूपए नगद और 15-15 लाख रूपए फिक्स्ड डिपॉजिट के रूप में होंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने तीनों खिलाड़ियों और तीनों कोच का ट्राफी और अंगवस्त्रम भेंट कर सम्मान किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश का नाम रौशन करने वाली तीनों खिलाड़ियों की आगामी पढ़ाई और कोचिंग आदि की व्यवस्था भी राज्य सरकार द्वारा की जाएगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने महिला खिलाड़ियों के कोच सर्वश्री सोनु गोलकर, ओमप्रकाश पाल और दीपक पाहड़े को एक-एक लाख रूपए की प्रोत्साहन राशि देने की घोषणा की। उल्लेखनीय है कि भारतीय महिला ब्लाइंड क्रिकेट टीम ने महिला टी-20 वर्ल्ड कप क्रिकेट 2025 के फाइनल मैच में नेपाल को हराकर ऐतिहासिक जीत दर्ज की थी। महिला ब्लाइंड क्रिकेट टीम में मध्यप्रदेश की उपरोक्त तीन प्रतिभावान खिलाड़ी शामिल थीं। इनमें ऑलराउंडर केटेगरी में खेलने वाली सुश्री सुनीता सराठे नर्मदापुरम, सुश्री सुषमा पटेल दमोह और बेट्समेन तथा विकेटकीपर के रूप में खेलने वाली सुश्री दुर्गा येवले बैतूल से हैं।