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‘कानून से ऊपर कोई नहीं’— सीएम योगी की दो टूक, माफियाओं को फिर दी कड़ी चेतावनी

नई दिल्ली  उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुलडोजर ऐक्शन को लेकर अपनी नीति पर खुलकर बात रखी। समिट 2025 के आखिरी दिन हुई चर्चा में योगी ने स्पष्ट कहा कि अवैध निर्माणों और माफिया कारोबार के खिलाफ बुलडोजर की कार्रवाई यूपी में तब तक जारी रहेगी, जब तक कानून-व्यवस्था मजबूत न हो जाए। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि भारत का सबसे बड़ा राज्य अब 'एक जिला, एक माफिया' वाला राज्य नहीं रहा, बल्कि यह एक जिला, एक उत्पाद और एक जिला, एक मेडिकल कॉलेज वाला राज्य बन गया है। जब योगी से पूछा गया कि 'आप बुलडोजर को वास्तु पुरुष यानी यमराज मानते हैं तो क्या इनका संरक्षण जारी रहेगा उत्तर प्रदेश में?' इस सवाल का जवाब देते हुए सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा, 'यह उत्तर प्रदेश की आवश्यकता है। उत्तर प्रदेश के नौजवानों के लिए, उत्तर प्रदेश की बेटियों की सुरक्षा के लिए, उनके स्वावलंबन के लिए, उत्तर प्रदेश के अन्नदाता किसानों की खुशहाली के लिए और उत्तर प्रदेश के नागरिकों की पहचान को बनाए रखने के लिए जो भी आवश्यक कदम होंगे, जो भी महत्वपूर्ण सुधार होंगे और जो भी सख्त कदम होंगे… उनको उठाने में कोई संकोच नहीं होगा।' उन्होंने कहा कि सरकार अपनी जीरो-टॉलरेंस की नीति के तहत आगे बढ़ती रहेगी। योगी आदित्यनाथ ने कहा- हम हर जगह पहुंचेंगे इससे पहले योगी आदित्यनाथ ने काशी और मथुरा जैसे विवादित धार्मिक स्थलों पर एक महत्वपूर्ण टिप्पणी की। उनसे जब यह पूछा गया कि क्या सरकार अयोध्या के बाद अब काशी और मथुरा को लेकर भी कदम बढ़ा रही है, तो उन्होंने कहा- सब जगह पहुंचेंगे, और पहुंच चुके हैं। यह टिप्पणी उस लोकप्रिय नारे के संदर्भ में आई, जिसमें कहा जाता है- अयोध्या तो बस झांकी है, काशी-मथुरा अभी बाकी है। यह नारा ज्ञानवापी मस्जिद (वाराणसी) और शाही ईदगाह मस्जिद (मथुरा) से जुड़े विवादों की ओर संकेत करता है, जहां हिंदू पक्ष लंबे समय से दावा करता रहा है कि प्राचीन मंदिरों को तोड़कर ये मस्जिदें बनाई गई थीं। 8 साल के कार्यकाल पर बोले योगी आदित्यनाथ कार्यक्रम के दौरान योगी आदित्यनाथ ने अपने आठ साल लंबे कार्यकाल को लेकर कहा कि उत्तर प्रदेश देश का सबसे बड़ा राज्य है और इतने वर्षों में प्रदेश ने कई बड़े बदलाव देखे हैं। उन्होंने कहा- आठ साल में उत्तर प्रदेश में बहुत परिवर्तन आया है और मैं उस परिवर्तन का हिस्सा बनकर खुश हूं। ‘मास्टरस्ट्रोक’ पर सवाल- राम मंदिर को बताया सबसे ऐतिहासिक उपलब्धि जब उनसे पूछा गया कि इतने लंबे कार्यकाल में ऐसा क्या एक काम है जिसे ‘मास्टरस्ट्रोक’ कहा जा सकता है, तो मुख्यमंत्री ने कहा कि उपलब्धियों की सूची बहुत लंबी है, इसलिए एक को चुनना मुश्किल है। लेकिन उन्होंने अयोध्या में 500 साल बाद राम मंदिर निर्माण को अपने जीवन का सबसे ऐतिहासिक क्षण बताया। योगी ने कहा- जब कार्यकाल लंबा होता है तो उपलब्धियों की सूची भी लंबी होती है। एक चीज़ चुनना चुनौती है, लेकिन 500 वर्षों के बाद श्रीराम जन्मभूमि मंदिर का निर्माण मेरे करियर का एक प्रतिष्ठित क्षण था।

मध्यप्रदेश में राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के क्रियान्वयन, चुनौतियों एवं संभावनाओं पर एक दिवसीय कार्यशाला 7 दिसम्बर को

  राज्यपाल मंगुभाई पटेल, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान, उच्च शिक्षा मंत्री इन्दर सिंह परमार एवं स्कूल शिक्षा मंत्री उदय प्रताप सिंह होंगे शामिल भोपाल मध्यप्रदेश में राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के क्रियान्वयन, उससे जुड़ी चुनौतियों और संभावनाओं पर विचार-विमर्श के लिये दिनांक 7 दिसंबर, 2025 को कुशाभाऊ ठाकरे इंटरनेशनल कन्वेंशन सेंटर भोपाल में एक दिवसीय कार्यशाला आयोजित की जाएगी। मुख्य अतिथि राज्यपाल मंगुभाई पटेल होंगे। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव अध्यक्षता करेंगे। विशिष्ट अतिथि के रूप में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान, उच्च शिक्षा मंत्री इन्दर सिंह परमार तथा स्कूल शिक्षा मंत्री उदय प्रताप सिंह उपस्थित रहेंगे। कार्यशाला का आयोजन उच्च शिक्षा विभाग द्वारा किया जा रहा है। आयुक्त, उच्च शिक्षा प्रबल सिपाहा ने बताया कि राज्य सरकार राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के प्रभावी क्रियान्वयन, संरचनात्मक सुधार, अकादमिक उन्नयन और संस्थागत तत्परता को सुदृढ़ करने की दिशा में निरंतर कार्यरत है। कार्यशाला का उद्देश्य नीति की गहन समझ विकसित करना, क्रियान्वयन की प्रगति का मूल्यांकन करना, संस्थागत चुनौतियों की पहचान करना तथा पाठ्यक्रम सरलीकरण, डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन, शोध एवं नवाचार, और उद्योग-अकादमिक सहयोग जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों पर व्यावहारिक मार्गदर्शन प्रदान करना है। कार्यशाला में होंगे 5 सत्र कार्यशाला में कुल पांच सत्र आयोजित किए जाएंगे, जिनमें निम्न विषयों पर शिक्षाविदों और विशेषज्ञों द्वारा विस्तृत विचार-विमर्श होगा। 1. एनईपी 2020 के माध्यम से उच्च शिक्षा का रूपांतरण, संरचनात्मक सुधार एवं संस्थागत तत्परता 2. पाठ्यक्रम एवं शिक्षण विधि में सुधार, लचीलापन, कौशल एकीकरण एवं परिणाम-आधारित शिक्षा 3. मध्यप्रदेश में विदेशी विश्वविद्यालयों एवं शैक्षणिक संस्थानों की स्थापना, नीतिगत प्रावधान, संभावनाएं एवं गुणवत्ता संवर्धन 4. विद्यालयीन शिक्षा में एनईपी 2020 के तहत परिवर्तन 5. विद्यालयों में एआई और कौशल निर्माण की भूमिका इन सत्रों के माध्यम से प्रदेश के उच्च शिक्षा संस्थानों के लिए एक व्यावहारिक एवं क्रियाशील रोडमैप तैयार किया जाएगा, जिससे वे अपनी शैक्षणिक, प्रशासनिक और डिजिटल संरचनाओं को राष्ट्रीय शिक्षा नीति के अनुरूप सुदृढ़ कर सकें। राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 देश की उच्च शिक्षा प्रणाली में व्यापक परिवर्तन का मार्ग प्रशस्त करती है, जिसमें बहुविषयी शिक्षण, लचीलापन, कौशल-आधारित शिक्षा, डिजिटल लर्निंग, शोध संवर्धन और वैश्वीकरण को विशेष महत्व दिया गया है। आयुक्त स्कूल शिक्षा श्रीमती शिल्पा गुप्ता ने बताया कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 का सफल क्रियान्वयन मध्यप्रदेश में किया जा रहा है। सांदीपनि विद्यालय की स्थापना एक महत्वपूर्ण कदम है, जो भारतीय ज्ञान परंपरा मूल्य आधारित शिक्षा और तकनीक सक्षम अधिगम के समन्वय का एक उत्कृष्ट मॉडल प्रस्तुत करेगा। स्कूल शिक्षा विभाग NEP-2020 के लक्ष्यों को संयुक्त रूप से प्राप्त करने की दिशा में शिक्षक प्रशिक्षण, डिजिटल प्लेटफ़ॉर्म, मूल्यांकन सुधार और नवाचार-आधारित अधिगम को बढ़ावा दे रहे हैं।  

न्याय पहुंचेगा अब और करीब: 5 जिलों में लेबर कोर्ट स्थापना को सरकार की मंजूरी

चंडीगढ़ श्रम संबंधी विवादों के जल्द निपटारे के लिए सोनीपत, पलवल, रेवाड़ी, झज्जर व बावल में श्रम न्यायालय स्थापित किए जाएंगे। इससे श्रमिकों को समयबद्ध न्याय मिल सकेगा। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने इस संबंध में अधिकारियों दिशा-निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि इन न्यायालयों के गठन में किसी भी प्रकार की देरी या लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने यह निर्देश वित्त वर्ष 2025-26 की बजट घोषणाओं की प्रगति की समीक्षा बैठक के दौरान दिए। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सोनीपत और करनाल में प्रस्तावित ईएसआई अस्पतालों के निर्माण को भी प्राथमिकता के साथ पूरा करवाया जाए। इन दोनों अस्पतालों के निर्माण से प्रदेश के श्रमिकों, औद्योगिक क्षेत्रों और आसपास के नागरिकों को बेहतर एवं आधुनिक स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध होंगी। में अधिकारियों ने जानकारी दी कि बावल में बन रहे ईएसआई अस्पताल का निर्माण कार्य 86 प्रतिशत, पंचकूला में 97 प्रतिशत और बहादुरगढ़ में 96 प्रतिशत पूरा हो चुका है। अधिकारियों ने यह भी बताया कि प्रदेश में अंत्योदय आहार योजना के तहत वर्ष 2027 तक 250 कैंटीनों को खोला जाएगा जहां पर श्रमिकों को किफायती दरों पर शुद्ध पौष्टिक भोजन उपलब्ध होगा। उन्होंने कहा कि श्रमिक समाज प्रदेश की आर्थिक प्रगति की रीढ़ है और उनकी सुरक्षा, सुविधा एवं अधिकारों की रक्षा करना सरकार का दायित्व है।  

विद्युत नियामक आयोग ने किया 132 केवी जीआईएस सबस्टेशन फूलबाग ग्वालियर का निरीक्षण

एमपी ट्रांसको द्वारा उपयोग की जा रही एडवांस टेक्नोलॉजी को सराहा भोपाल मध्य प्रदेश विद्युत नियामक आयोग की टीम ने गत दिवस मध्य प्रदेश पावर ट्रांसमिशन कंपनी (एमपी ट्रांसको) के 132 केवी जीआईएस सबस्टेशन, फूलबाग ग्वालियर का निरीक्षण किया। टीम मे चेयरमेन श्री गोपाल श्रीवास्तव, सचिव डॉ. उमाकांत पांडेय तथा सदस्य श्री गजेंद्र तिवारी शामिल थे। निरीक्षण के दौरान नियामक आयोग ने सबस्टेशन की तकनीकी कार्यप्रणाली, लोड प्रबंधन, सुरक्षा मानकों और जीआईएस तकनीक के माध्यम से होने वाले संचालन की विस्तार से समीक्षा की। टीम ने उपस्थित इंजीनियरों से नेटवर्क को अधिक विश्वसनीय और उपभोक्ता केंद्रित बनाने के लिए किए जा रहे उपायों की जानकारी भी ली। टेक्नोलॉजी की सराहना नियामक आयोग टीम ने सबस्टेशन में अपनाई जा रही एडवांस टेक्नोलॉजी की सराहना करते हुए कहा कि जीआईएस तकनीक शहरी क्षेत्रों में कम स्थान में अधिक क्षमता उपलब्ध कराने के साथ ही फॉल्ट कम करने और बिजली आपूर्ति की गुणवत्ता सुधारने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। एम पी ट्रांसको के ये अधिकारी रहे उपस्थित विद्युक नियामक आयोग टीम के सबस्टेशन निरीक्षण के समय मध्य प्रदेश पावर ट्रांसमिशन कंपनी के अधीक्षण अभियंता अरविंद कुमार शर्मा सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।  

क्या खत्म होगी मुफ्त बिजली की सुविधा? 8 दिसंबर को सरकार का अहम ऐलान

गुरदासपुर  संयुक्त किसान मोर्चा, पावर कॉम संगठन और मजदूर संगठन 8 दिसम्बर को दोपहर 12 बजे से 3 बजे तक पावर कॉम के सब-डिवीजन ऑफिस के सामने विरोध प्रदर्शन करेंगे और बिजली संशोधन बिल की कॉपियां जलाएंगे। इस संबंध में शहीद बलजीत सिंह भवन गुरदासपुर में संयुक्त किसान मोर्चा और पावर कॉम और मजदूर संगठनों के निमंत्रण पर एक बड़ी तैयारी बैठक हुई। जिसमें सभी किसान, मजदूर और बिजली कर्मचारी संगठनों के नेताओं ने भाग लिया। इसकी अध्यक्षता किसान नेता गुरदीप सिंह मुस्तफाबाद और पावर कॉम संगठन नेता बलपुरियां ने संयुक्त रूप से की। मीटिंग को संबोधित करते हुए मक्खन सिंह कोहाड़ (डेमोक्रेटिक किसान सभा), सुखदेव सिंह भागोकावां (पंजाब किसान यूनियन), तरलोक सिंह बहरामपुर (किरती किसान यूनियन), लखविंदर सिंह मंजियांवली (बीकेयू उगराहां), मंगत सिंह जीवन चक (बीकेयू डकौंदा), जगजीत सिंह अलूना (कुल हिंद किसान सभा), राज गुरविंदर सिंह लाडी (क्रांतिकारी किसान यूनियन), अजीत सिंह हुंदल, बच्चा सिंह भबोई, गुरमुख सिंह खैरा, अश्वनी कुमार लखन कलां, लेबर लीडर राज कुमार कुमार पंडोरी, ध्यान सिंह ठाकुर, बलविंदर सिंह उदीपुर, शिव कुमार, गुलजार सिंह भुंबली और बिजली कर्मचारी संगठनों के नेता मेजर सिंह बलपुरिया, सलविंदर सिंह ने संबोधित करते हुए कहा कि बिजली संशोधन बिल 2025 सभी लोगों के लिए बहुत खतरनाक है। केंद्र सरकार अपनी बनाई कमेटियों का फायदा उठाकर जनविरोधी नीतियां अपना रही है। केन्द्र सरकार की सभी नीतियां कॉरपोरेट सेक्टर के हक में हैं। अब उन्हें बिजली संशोधन बिल के जरिए बिजली के डिस्ट्रीब्यूशन को पूरी तरह से प्राइवेटाइज करना है। मोबाइल फोन की तरह पहले पैसे दो फिर प्रयोग करों की नीति अधीन बिजली संशोधन बिल अधीन हर मीटर में एक चिप लगाई जाएगी। सबसिडी पूरी तरह खत्म कर दी जाएगी। टयूबवैल वालों के मुफ्त बिजली की सुविधा भी खत्म कर दी जाएगी और टयूबवैलों पर भी मीटर लगाए जाएंगे। गरीबों को मिलने वाली मुफ्त बिजली सुविधा खत्म हो जाएगी। नेताओं ने कहा कि इस बिल को रोकना बहुत जरूरी है लेकिन यह बहुत अफसोस की बात है कि पंजाब सरकार ने अभी तक इस पर कोई फैसला नहीं लिया है और बिल का विरोध करने के लिए कुछ नहीं कहा है जबकि पंजाब सरकार ने कहा था कि वह इसका विरोध करेंगी लेकिन वह चुप बैठी हैं। अगर पंजाब सरकार इस बिल के विरोध में असेंबली का स्पेशल सेशन नहीं बुलाती है और इसके विरोध में कोई प्रस्ताव पास नहीं करती है तो मान सरकार के खिलाफ एक बड़ा मोर्चा खोला जाएगा।   फैसले के मुताबिक, इस संबंध में पावर कॉम के सभी सब-डिवीजनों गुरदासपुर, बटाला, कलानौर, डेरा बाबा नानक, फतेहगढ़ चूडिय़ां, कादियां, श्री हरबिंदपुर, बहरामपुर, दीना नगर, जोड़ा छत्तरां, काहनूवान आदि में किसान, मजदूर, बिजली कर्मचारी और अन्य जनहित संगठन दोपहर 12 बजे से 3 बजे तक धरने देंगे और बिल की कॉपियां जलाएंगे। नेताओं ने सभी बिजली उपभोक्ताओं से इन धरनों और आने वाली बड़ी लड़ाई में शामिल होने की जोरदार अपील की। इस मौके पर उक्त के अलावा रघबीर सिंह चहल, गुरमीत सिंह थानेवाल, कुलजीत सिंह सिधवां जमीता, रणजीत सिंह राणा, रजिंदर सिंह सोना और बलप्रीत सिंह घराला, बलबीर सिंह और कई अन्य नेता भी मौजूद थे। एक प्रस्ताव के जरिए चार लेबर विरोधी कोड का विरोध किया गया, कॉन्ट्रैक्ट पर काम कर रहे अलग-अलग डिपार्टमेंट के कर्मचारियों के संघर्ष का समर्थन किया गया और लेबर ऑफिस को गुरदासपुर से बटाला शिफ्ट करने का कड़ा विरोध किया गया।

डॉ. भीमराव अंबेडकर के 69वें महापरिनिर्वाण दिवस पर कांग्रेसजनों ने दी श्रद्धांजलि

सामाजिक न्याय ,ज्ञान व समानता के प्रतीक थे डॉ भीमराव अम्बेडकर : प्रदीप अहिरवार भोपाल संविधान निर्माता भारत रत्न डॉ. भीमराव अंबेडकर जी के 69वें महापरिनिर्वाण दिवस पर अनुसूचित जाति विभाग व शहर कांग्रेस द्वारा बोर्ड ऑफिस चौराहा स्थित बाबा साहेब प्रतिमा स्थल तथा प्रदेश कांग्रेस कार्यालय में कांग्रेसजनों ने पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। कार्यक्रम में एससी विभाग के प्रदेश अध्यक्ष प्रदीप अहिरवार, पूर्व मंत्री पी.सी. शर्मा, शहर कांग्रेस अध्यक्ष प्रवीण सक्सेना, पार्षद गुड्डू चौहान, अभिषेक शर्मा, नीरज चांडाले, हेमंत नरवरिया, डॉ. विक्रम चौधरी सहित अनेक वरिष्ठ नेता एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे। इस अवसर पर श्री प्रदीप अहिरवार ने कहा कि डॉ. अंबेडकर ने सामाजिक समानता, शिक्षा, मानवाधिकार और न्याय के लिए आजीवन संघर्ष किया। वंचित और शोषित समाज को अधिकार दिलाने की उनकी लड़ाई भारतीय लोकतंत्र की बुनियाद है। श्री पी सी शर्मा ने कहा कि बाबा साहेब के विचार आज भी समाज को समानता और संवैधानिक मूल्यों के लिए संघर्षरत रहने की प्रेरणा देते हैं।

राष्ट्र पहले: सेवा और अनुशासन को लेकर सीएम योगी का स्पष्ट विज़न

लखनऊ  उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने होमगार्ड के जवानों को सेवा का मूलमंत्र देते हुए कहा कि सेवा ही सम्मान है, अनुशासन ही पहचान है तथा राष्ट्रहित ही हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। शनिवार को उत्तर प्रदेश होमगार्ड्स के 63वें स्थापना दिवस समारोह में सम्मिलित होकर सीएम योगी ने भव्य रैतिक परेड की सलामी ली और जवानों की कर्तव्यनिष्ठा की सराहना की। उन्होंने कहा कि आपका अनुशासन, निष्ठा व त्याग हमारे समाज को सुरक्षित व संरक्षित बनाने में बड़ी भूमिका का निर्वहन करता है। आप केवल एक बल के स्वयंसेवक नहीं, बल्कि समाज के विश्वास के साथ ही प्रदेश सरकार की शक्ति हैं। इस अवसर पर उन्होंने होमगार्ड्स के विभिन्न मेडल प्राप्त अधिकारियों व कर्मचारियों को सम्मानित भी किया। उन्होंने कहा कि सरकार ने ऐसी व्यवस्था की है कि अब हर थाने में होमगार्ड जवानों के लिए रूम आरक्षित होगा, जिसमें वे यूनिफॉर्म व आवश्यक कागजात को सुरक्षित रख सकेंगे। वहीं, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विभाग से कहा कि होमगार्ड के जवान को आयुष्मान भारत की तर्ज पर कैशलेस स्वास्थ्य की सुविधा उपलब्ध हो, इसके लिए प्रस्ताव बनाकर भेजें, सरकार इसे आगे बढ़ाएगी। उत्तर प्रदेश होमगार्ड स्थापना दिवस के अवसर पर सभी जवानों व अधिकारियों को बधाई व शुभकामनाएं देते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि होमगार्ड स्थापना दिवस केवल एक आयोजन नहीं, बल्कि अनुशासन, समर्पण व सेवा भावना का प्रतीक है। आज यहां होमगार्ड संगठन के ऊर्जावान जवानों द्वारा अत्यंत उच्च कोटि की रैतिक परेड का प्रदर्शन किया गया है, जो होमगार्ड विभाग की क्षमता, उच्च अनुशासन और अनवरत परिश्रम को दर्शाता है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने तारीफ करते हुए कहा कि कार्यक्रम में सम्मिलित सभी होमगार्ड जवान, जिनकी वेशभूषा, सेरिमोनियल ड्रेस, परिसर की साज-सज्जा और हरियाली आकर्षक व सम्मोहित करने वाली है, जो किसी भी संगठन व फोर्स के लिए प्रेरणादायी क्षण होना चाहिए। सीएम योगी ने कहा कि आज भारत के संविधान के शिल्पी बाबा साहेब भीमराव आंबेडकर का पावन महापरिनिर्वाण दिवस है। यह दिन प्रेरणा दिवस है। बाबा साहेब भीमराव आंबेडकर ने प्रत्येक भारतीय को एक ही प्रेरणा दी कि हमारी पहचान परिवार, जाति, क्षेत्र व भाषा से नहीं, बल्कि जन्म से लेकर अंतिम यात्रा तक केवल भारतीयता की होनी चाहिए। इसी भारतीयता की पहचान का पालन हमें करना है। प्रधानमंत्री मोदी ने आजादी के अमृत महोत्सव वर्ष में हर भारतवासी से कहा था कि यूनिफॉर्म धारी प्रत्येक व्यक्ति के प्रति सम्मान हम सबके मन में होना चाहिए। यह तभी होगा जब इस प्रकार का प्रदर्शन व परिसर बनाने के लिए हम प्रतिबद्ध दिखाई देंगे। इससे हर भारतीय के मन में श्रद्धा व सम्मान का भाव झलकेगा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि 6 दिसंबर 1963 को उत्तर प्रदेश होमगार्ड्स की स्थापना हुई थी। तभी से यह संगठन सुरक्षा कवच की तरह उत्तर प्रदेश पुलिस बल का संबल बना हुआ है। उन्होंने कहा कि मुझे प्रसन्नता है कि राष्ट्रपति पदक से वर्ष 2024 में विशिष्ट सेवा के लिए 3, सराहनीय सेवाओं के लिए 11 तथा वर्ष 2025 में सराहनीय सेवाओं के लिए 3 जवानों को अलंकृत किया गया है। भारत सरकार द्वारा 38 कमेंडेशन डिस्क भी उत्तर प्रदेश के जवानों को मिले हैं। पहले होमगार्ड के जवानों को उपेक्षित कर दिया जाता था, लेकिन अब राष्ट्रपति व गृह मंत्रालय के सम्मान से भी पुरस्कृत किया जा रहा है। सीएम योगी ने कहा कि होमगार्ड संगठन अब केवल पुलिस बल के सहायक के रूप में नहीं है। पुलिस के साथ कानून-व्यवस्था व शांति का माहौल बनाए रखने में तो योगदान मिलता ही है, साथ ही यातायात संचालन, डायल 112, चुनाव के दौरान न केवल प्रदेश बल्कि अन्य राज्यों में भी इनकी मांग होती है। जेल सुरक्षा, आपदा नियंत्रण, सार्वजनिक इमारतों की सुरक्षा, बड़े आयोजनों जैसे कि महाकुंभ तथा परीक्षाओं के सफल आयोजन में भी यह संगठन व्यापक स्तर पर कार्य कर रहा है। प्रदेश में वर्तमान में आपदा मित्रों की नियुक्ति हो रही है और होमगार्ड विभाग ने आपदा प्रबंधन विभाग के साथ मिलकर 4 हजार से अधिक युवाओं को प्रशिक्षण उपलब्ध कराया है। महाकुंभ 2025 का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि होमगार्ड के 14 हजार से अधिक जवानों को तैनात किया गया था और सभी ने उनकी सराहना की थी। विभाग अपनी वेबसाइट व होमगार्ड मित्र ऐप के माध्यम से पारदर्शी व डिजिटल व्यवस्था विकसित कर रहा है, जिसके द्वारा उपस्थिति, ड्यूटी भत्ता, यूनिफॉर्म भत्ता और भुगतान की जानकारी आसानी से उपलब्ध करायी जा रही है। मुख्यमंत्री योगी ने बताया कि प्रदेश के पर्व-त्योहारों, अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस, आजादी के अमृत महोत्सव, तिरंगा मार्च, पर्यावरण व जल संरक्षण जैसे अभियानों में भी होमगार्ड विभाग महत्वपूर्ण योगदान देता है। इन सेवाओं को हमें याद रखना होगा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि कोरोना महामारी के दौरान जब अन्य राज्यों में फंसे हुए उत्तर प्रदेश के कामगारों व श्रमिकों को वापस लाने में कठिनाई थी, तब परिवहन विभाग के हर वाहन में 1-2 होमगार्ड जवानों को लगाया गया। उन्होंने अपनी जान की परवाह किए बिना प्रत्येक व्यक्ति को सुरक्षित लाने में योगदान दिया। इसके बाद जब मैं पहली बार स्थापना दिवस कार्यक्रम में आया तो मैंने घोषणा की थी कि किसी भी जवान के बलिदान होने पर परिवार को 5 लाख रुपए की अनुग्रह राशि दी जाएगी। इसके तहत अब तक 2871 दिवंगत जवानों के आश्रितों को 143 करोड़ रुपए से अधिक की धनराशि का भुगतान किया जा चुका है। 

विद्युत विभाग का बड़ा एक्शन, 88 बकायादारों के काटे गए कनेक्शन

अवैध रूप से उपयोग पर होगी एफआईआर रायपुर,   बिजली बिल की लगातार बढ़ती राशि पर प्रभावी नियंत्रण तथा लंबे समय से बिल जमा नहीं करने वाले उपभोक्ताओं पर कार्यवाही के लिए विद्युत विभाग ने सख्त रुख अपनाया है। विगत दिवस बलरामपुर- रामानुजगंज  जिले के बरियो वितरण केंद्र में विशेष वसूली अभियान चलाया गया, जिसके तहत विभागीय टीम ने बड़ी कार्रवाई की। मुख्य अभियंता छत्तीसगढ विद्युत वितरण कंपनी अम्बिकापुर क्षेत्र श्री यशवंत शिलेदार के नेतृत्व में ,अधीक्षण अभियंता श्री के.एन. सिंह, कार्यपालन अभियंता बलरामपुर श्री प्रकाश अग्रवाल तथा  जिले में पदस्थ सभी सहायक एवं कनिष्ठ अभियंताओं की संयुक्त टीम सुबह 10:00 बजे ही बरियो पहुंची और बकायादारों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की शुरुआत की। इस दौरान 88 बड़े बकायादारों के विद्युत कनेक्शन की बकाया राशि 23 लाख96 हज़ार 988 रुपये के लिए काटे गए। 24 बकायादारों ने तत्काल अपने बकाये का भुगतान करते हुए कुल 9 लाख 19 हज़ार 563 रुपये जमा किए। मुख्य अभियंता श्री शिलेदार ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि बकाया वसूली के लिए प्रतिदिन इसी प्रकार सघन मुहिम चलाएं, ताकि बकाया राशि की रिकवरी में तेजी लाई जा सके। उन्होंने निर्देश दिए है कि जिन उपभोक्ताओं के कनेक्शन काटे गए हैं, उनके घरों की शाम के समय नियमित जांच की जाए। यदि कोई उपभोक्ता अनाधिकृत रूप से बिजली उपयोग करते पाया जाता है तो उसके विरुद्ध भारतीय विद्युत अधिनियम 2003 की धारा 135 के तहत कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। साथ ही आसपास से अनाधिकृत कनेक्शन लेकर बिजली उपयोग करने पर धारा 138 के तहत एफआईआर दर्ज कर न्यायालयीन कार्यवाही सुनिश्चित करने के निर्देश दिए है। विद्युत विभाग ने उपभोक्ताओं से अपील की है कि वे समय पर बिजली बिल जमा कर कार्य में सहयोग दें अन्यथा नियमों के अनुरूप आवश्यक कार्रवाई अनिवार्य रूप से की जाएगी।

कम उम्र में बड़ा मुकाम हासिल करने वाले आर्यन सुंदरानी का प्रेरक संबोधन

रायपुर, राष्ट्रीय सिंधी भाषा विकास परिषद, शिक्षा मंत्रालय भारत सरकार, नई दिल्ली के तत्वावधान में मैक कॉलेज ऑडिटोरियम, समता कॉलोनी रायपुर में सिंधी स्टूडेंट्स सम्मेलन का भव्य आयोजन किया गया। इस सम्मेलन में देशभर से वे प्रतिष्ठित व्यक्तित्व आमंत्रित थे, जिन्होंने अपने-अपने क्षेत्र में कम समय में उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल की हैं। कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण रहे छत्तीसगढ़ के युवा फिल्म निर्माता आर्यन सुंदरानी, जिन्हें उनकी कम उम्र में ही फिल्म निर्माण, एल्बम निर्माण व छत्तीसगढ़ी लोक संस्कृति को बढ़ावा देने के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए अतिथि के रूप में आमंत्रित किया गया। सम्मेलन में आर्यन सुंदरानी ने अपने संघर्षों, अनुभवों और सफलता की यात्रा को विद्यार्थियों के साथ साझा किया। उन्होंने बताया कि फिल्म निर्माण की दुनिया जितनी आकर्षक दिखती है, उतनी ही चुनौतियों से भरी होती है। फिल्म निर्माण और एल्बम तैयार करने में आने वाली जटिलताओं—जैसे सीमित संसाधन, तकनीकी मुश्किलें, टीम मैनेजमेंट और कम बजट में गुणवत्तापूर्ण प्रोडक्शन—के बारे में विस्तार से चर्चा करते हुए उन्होंने युवा प्रतिभाओं को इन समस्याओं के व्यावहारिक समाधान भी बताए। आर्यन सुंदरानी ने छत्तीसगढ़ की समृद्ध लोक संस्कृति, पारंपरिक कला, संगीत और यहां की सांस्कृतिक विरासत पर गर्व व्यक्त करते हुए कहा कि वे अपनी फिल्मों और प्रोजेक्ट्स के माध्यम से इस संस्कृति को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने के लिए लगातार प्रयासरत हैं। उनके गहन वक्तव्य से उपस्थित छात्र-छात्राएं प्रेरित हुए और सम्मेलन का वातावरण उत्साह से भर गया। राष्ट्रीय सिंधी भाषा विकास परिषद द्वारा आयोजित यह कार्यक्रम न केवल प्रतिभाओं को मंच देने का माध्यम बना, बल्कि विद्यार्थियों के लिए दिशा-दर्शक भी सिद्ध हुआ। कार्यक्रम में उपस्थित युवा प्रतिभाओं ने आर्यन सुंदरानी और अन्य वक्ताओं के मार्गदर्शन को जीवन में आगे बढ़ने के लिए प्रेरणादायक बताया। कार्यक्रम का समापन राष्ट्रगान और परिषद द्वारा अतिथियों के प्रति आभार व्यक्त करने के साथ हुआ।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मध्यप्रदेश सायबर पुलिस भोपाल को एक्सीलेंस अवॉर्ड मिलने पर दी बधाई

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने डीसीसीआई एक्सीलेंस अवार्ड्स-2025 में एक्सीलेंस इन कैपेसिटी बिल्डिंग ऑफ लॉ एनफोर्समेंट एजेंसीज़ श्रेणी में सम्मानित होने पर मध्यप्रदेश पुलिस (स्टेट सायबर भोपाल) को शुभकामनाएँ और बधाई दी है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा है कि यह सम्मान मध्यप्रदेश पुलिस की लगन, दक्षता और सतत आधुनिकीकरण की ओर अग्रसर होने के प्रति प्रतिबद्धता का प्रमाण है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सायबर सुरक्षा वर्तमान डिजिटल युग की सबसे बड़ी आवश्यकता है। स्टेट सायबर मुख्यालय ने अपने सशक्त प्रशिक्षण कार्यक्रमों, तकनीकी क्षमताओं के विकास और आधुनिक सायबर इंफ्रास्ट्रक्चर से कानून प्रवर्तन एजेंसियों को नई ऊँचाइयों तक पहुँचाया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य सरकार कानून-व्यवस्था और साइबर सुरक्षा को मजबूत करने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। स्टेट सायबर मुख्यालय द्वारा की जा रही पहल पूरे राज्य के लिए गौरव का विषय है। यह अवॉर्ड प्रमाण है कि राज्य पुलिस तकनीकी नवाचार, क्षमता निर्माण और डिजिटल सुरक्षा के क्षेत्र में राष्ट्रीय मानकों को नई दिशा दे रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने भविष्य में भी इसी ऊर्जा और समर्पण के साथ कार्य करने के लिए टीम को शुभकामनाएँ दी है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार सायबर सुरक्षा के क्षेत्र में अत्याधुनिक संसाधनों, प्रशिक्षण और टेक्नोलॉजी के आधुनिकीकरण को निरंतर बढ़ावा देती रहेगी।