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महागठबंधन पर श्रवण कुमार की तीखी टिप्पणी, आलोक मेहता से बजट की मांग

पटना 18वें बिहार विधानसभा के विशेष सत्र का पांचवें दिन समापन हो गया। अंतिम दिन विधानसभा में द्वितीय अनुपूरक बजट पर चर्चा हुई। वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए सरकार 91,717.1135 करोड़ रुपये खर्च करेगी। इस अनुपूरक बजट में शिक्षा, स्वास्थ्य, महिला रोजगार, पेयजल, सड़क, ऊर्जा, पेंशन, सिंचाई, स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड, मेट्रो रेल और अन्य सामाजिक कल्याण योजनाओं पर विशेष ध्यान दिया गया है। विधानसभा अध्यक्ष ने अनुपूरक बजट पर चर्चा के लिए सभी दलों को समय दिया है। सबसे ज्यादा 33 मिनट भाजपा को और जदयू को 31 मिनट का समय अपनी बात रखने के लिए दिया गया है। वहीं राजद को नौ मिनट का समय अपनी बात रखने के लिए दिया गया है। इसके बाद विधानसभा अध्यक्ष प्रेम कुमार ने सत्र के समापन का भाषण दिया। इसमें बताया कि इस सत्र में कुल 16 निवेदन प्राप्त हुए। इनमें 15 स्वीकृत और एक अस्वीकृत किए गए। वहीं 9 याचिकाएं प्राप्त हुईं। इनमें छह स्वीकृत और तीन अस्वीकृत हुई। सदन में आज की कार्यवाही के दौरान ग्रामीण विकास विभाग के बजट पर कटौती प्रस्ताव पर चर्चा हुई। सभी दलों के विधायकों ने इस प्रस्ताव के पक्ष और विपक्ष में अपनी बात रखी। इसके बाद ग्रामीण विकास विभाग के मंत्री श्रवण कुमार उत्तर दे रहे हैं। उन्होंने ग्रामीण विकास विभाग के योजनाओं की जानकारी दी। कहा कि ग्रामीण इलाकों का काफी विकास हुआ है। कहा कि हमारे विपक्ष के लोग कहते हैं कि आप जीविका दीदियों को दो लाख रुपये कहां से लाएंगे? लेकिन, सीएम नीतीश कुमार ने महिलाओं को ताकत दिया। उन्हें आत्मनिर्भर बनाया। आज जीविका दीदी लखपति बन रही है। महिला रोजगार को लेकर जो वादा किया है, उस दिशा में सरकार काम कर रही है। श्रवण कुमार ने विपक्ष पर बोला हमला श्रवण कुमार ने कहा कि महागठबंधन के नेताओं के झांसे में कोई नहीं आए। यह लोग माई बहन मान योजना नहीं लाते, यह लोग केवल महिलाओं को अपमानित करते हैं। यह लोग नीतीश कुमार को फिनिश करने में लगे थे। लेकिन, जब जब यह लोग ऐसा अभियान चलाते हैं तब तब नीतीश कुमार दोगुनी ताकत से आते हैं। इनलोगों का सफाया हो गया। 35 सीटों पर पूरा विपक्ष सिमट गया। उन्होंने विपक्ष के विधायक आलोक मेहता से कटौती प्रस्ताव वापस लेने की मांग की। राजद ने मांगा पिछले बजट का हिसाब विपक्ष की ओर से राजद विधायक आलोक मेहता ने नीतीश सरकार पर जमकर हमला बोला। उन्होंने अनुपूरक बजट को त्रुटिपूर्ण बताया। कहा कि पिछले बजट जो राशि आवंटित जिस मद में दिए गए थे, उस राशि का हिसाब क्यों नहीं दिया गया। राज्य में शिक्षकों की कमी और अस्पताल में दवाई की कमी है। इन सब पर बजट पर ध्यान नहीं दिया गया। सरकार विकास से ज्यादा राजनीतिक लाभ पर ध्यान रख रही है। महिला रोजगार योजना स्वागत योग्य है लेकिन दो लाख रुपया आप हर महिला को कैसे देंगे? इसको जानकारी सरकार क्यों नहीं दे रही है? राज्य में केवल डेढ़ करोड़ महिला ही नहीं है। बाकी महिलाएं क्या 10 हजार रुपया की हकदार नहीं है? इन सब सवालों का जवाब सरकार को देना होगा। 40 लाख लोग बिहार की ऐसी बस्ती में रहते हैं, जिनकी संख्या 100 से अधिक है। यह बस्ती अब तक मुख्य सड़कों से नहीं जुड़ पाई है। आज तक यह गरीब अपमान सह रहे हैं। सड़क नहीं रहने के कारण इन इलाकों में शादी तक मुश्किल हो गई हैं। नल जल योजना से जुड़ी भी लाखों शिकायतें हैं।   जानिए किस योजना के लिए कितना खर्च होगा     21,000 करोड़ – मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना     1885.65 करोड़ – मुख्यमंत्री वृद्धजन पेंशन     861.21 करोड़ – सड़क निर्माण     800 करोड़ – स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना     750 करोड़ – मुख्यमंत्री बालिका स्नातक प्रोत्साहन     651.83 करोड़ – सिंचाई एवं बाढ़ नियंत्रण परियोजनाएँ     600.55 करोड़ – ऊर्जा कंपनियों में निवेश     594.56 करोड़ – ग्रामीण पेयजल निश्चय योजना     573 करोड़ – मेडिकल कॉलेज व अस्पताल निर्माण     550 करोड़ – शहरी विकास हेतु भू-अर्जन     500-500 करोड़ – हवाई अड्डा निर्माण, औद्योगिक विकास हेतु भूमि, पंचायत सरकार भवन     389.77 करोड़ – पटना मेट्रो रेल परियोजना     352.16 करोड़ – विकलांगता सामाजिक सुरक्षा पेंशन     281.57 करोड़ – प्रधानमंत्री पोषण शक्ति योजना     250 करोड़ – स्टेडियम व खेल अवसंरचना     150 करोड़ – चिकित्सा महाविद्यालय     100 करोड़ – ग्रामीण सोलर स्ट्रीट लाइट योजना

सफल कार्रवाई: दुर्गा ज्वेलर्स की लूट के तीन आरोपी पुलिस की गिरफ्त में, ज्वेलरी बरामद

सुकमा सुकमा जिला मुख्यालय में स्थित दुर्गा ज्वेलर्स में हुई सनसनीखेज लूट की गुत्थी को पुलिस ने महज़ 3 घंटे में सुलझाकर बड़ी सफलता हासिल की है। वारदात में शामिल तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके पास से ₹12.08 लाख के सभी आभूषण पूरी तरह सुरक्षित बरामद कर लिए गए हैं। बरामदगी में एक भी ग्राम आभूषण गायब नहीं मिलने से पुलिस की कार्यवाही को महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है। यह घटना सुकमा जिले में पहली बार हुई है, जब किसी ज्वेलरी दुकान में पिस्टल की नोक पर लूट को अंजाम दिया गया। अचानक हुई इस वारदात ने पूरे इलाके में आतंक और भय का माहौल पैदा कर दिया था। व्यापारियों और आम नागरिकों में सुरक्षा को लेकर चिंताएं गहरा गई थीं। गांजा तस्कर निकला मास्टरमाइंड, MP से बुलाए थे साथी जांच में सामने आया है कि लूट की साज़िश का मास्टरमाइंड गांजा तस्करी में लिप्त अंकित है। उसने मध्य प्रदेश के भिंड जिले से अपने दो साथियों को बुलाकर प्लान तैयार किया था। तीनों आरोपियों ने घटना से पहले लगातार तीन दिन तक दुकान की रेकी की थी। लूट के बाद आरोपी सुकमा से निकलकर मध्य प्रदेश भागने की फिराक में थे, लेकिन पुलिस की कड़ी नाकाबंदी और सतर्कता ने उन्हें रास्ते में ही पकड़ लिया। हथियार व अन्य सामग्री जब्त मौके से पुलिस ने कार्यवाही करते हुए पिस्टल,चाकू,लूट में उपयोग की गई मोटरसाइकिल,मोबाइल फोन , और सभी आभूषण बरामद किए हैं । पुलिस अधीक्षक किरण चव्हाण के सीधे निर्देशन में हुई त्वरित कार्रवाई को जिले की महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है। तेजी से काम करते हुए पुलिस टीम ने न सिर्फ लूट का खुलासा किया, बल्कि आरोपी और लूट की गई पूरी संपत्ति भी सुरक्षित बरामद कर ली।

उत्तर भारत में बढ़ी शीतलहर की तीव्रता, पंजाब-हरियाणा में कड़ाके की ठंड, फरीदकोट रिकॉर्ड ठंड के साथ अव्वल

चंडीगढ़  पंजाब और हरियाणा के अधिकांश हिस्सों में शुक्रवार को कड़ाके की ठंड का प्रकोप जारी रहा और दोनों पड़ोसी राज्यों में फरीदकोट में सबसे कम तीन डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया है। यहां मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार, दोनों राज्यों की संयुक्त राजधानी चंडीगढ़ में न्यूनतम तापमान 6.1 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। मौसम विभाग के मुताबिक पंजाब के बठिंडा में न्यूनतम तापमान 3.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया है। वहीं, पंजाब के अन्य स्थानों में अमृतसर में न्यूनतम तापमान 5.8 डिग्री सेल्सियस, लुधियाना में 5.6 डिग्री, पटियाला में 5.8 डिग्री, गुरदासपुर में 5.5 डिग्री रहा, जबकि फिरोजपुर में न्यूनतम तापमान 6.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। हरियाणा में नारनौल 3.5 डिग्री सेल्सियस न्यूनतम तापमान के साथ सबसे ठंडा स्थान रहा जबकि हिसार में न्यूनतम तापमान 3.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। मौसम विभाग के अनुसार, हरियाणा के अन्य स्थानों में भी तापमान में गिरावट दर्ज की गयी। इसके मुताबिक करनाल में न्यूनतम तापमान 5.8 डिग्री सेल्सियस रहा, अंबाला में 7.7 डिग्री, रोहतक और भिवानी में 6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया जबकि सिरसा में न्यूनतम तापमान 5.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।

बिहार में बनने जा रहे दो बड़े SEZ, सरकार की तैयारी की तस्वीरें सामने

पटना बिहार में औद्योगिक क्रांति की जमीन अब तैयार हो रही है। केंद्र सरकार के मंजूर दो स्पेशल इकॉनमिक ज़ोन (SEZ) पर राज्य के उद्योग विभाग ने काम शुरू कर दिया है। पश्चिम चंपारण के कुमारबाग और बक्सर के नावानगर में यह सेज़ तैयार होना है। दोनों सेज़ लगभग 125-125 एकड़ में विकसित किए जाएंगे। बिहार इंडस्ट्रियल एरिया डेवलपमेंट अथॉरिटी के पास जमीन है, जिसपर इसे विकसित किया जाएगा। क्या होता है SEZ, किसे मिलेगा फायदा- यह भी जानें स्पेशल इकॉनमिक ज़ोन एक ऐसा क्षेत्र विकसित किया जाता है, जहां कई तरह की औद्योगिक इकाइयों को आधारभूत सुविधाओं के साथ जगह दी जाती है। मतलब, इस क्षेत्र में उद्योगों की स्थापना न केवल आसान होगी, बल्कि सरकारी तंत्र उसे हर तरह की आधारभूत सुविधाएं भी देगा और सुरक्षा भी। बिहार में जो सेज़ बनेंगे, उसमें 25-30 औद्योगिक इकाइयों को जगह मिल सकेगी। यानी, इतने उद्योग लगाने वाले उद्यमियों को उत्पादन करने का अवसर मिलेगा, जबकि इस उद्यम-क्षेत्र में नौकरी के नए अवसर आएंगे। जैसे, बाढ़ में एनटीपीसी ने काम शुरू किया तो आसपास के इलाकों से भारी आबादी को रोजगार मिला, उसी तरह यहां भी भविष्य में जॉब की एक तरह से गारंटी हो जाएगी। 225 करोड़ की योजना पर क्या बोले उद्योग मंत्री उद्योग मंत्री दिलीप जायसवाल ने कहा कि सरकार सेज को लेकर गंभीर है इन पर 225 करोड रुपए खर्च होंगे। सेज से विकास की नई कार्य योजना तैयार हो रही है हम लोग एक करोड़ नौकरी एवं रोजगार के लक्ष्य पर काम कर रहे हैं उद्योग इसका सबसे बड़ा जरिया बनने वाला है। अब हर गुरुवार को उद्योग वार्ता होगी इधर, बिहार सरकार ने निवेशकों इस सहूलियत के लिए बड़ा कदम उठाया है। अब निवेशक बिना किसी अपॉइंटमेंट के मुख्य सचिव से मिल पाएंगे। मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत की अध्यक्षता में हर गुरुवार को सुबह 11:00 से दोपहर 1:00 तक उद्योग वार्ता होगी। यह पहल निवेशकों को उच्च स्तरीय अधिकारियों से सीधे जोड़कर उनकी समस्याओं का पारित समाधान करने के लिए किया गया है।

एआई संचालित सुशासन का नया मॉडल पेश कर रहा उत्तर प्रदेश

अत्याधुनिक तकनीकी का इस्तेमाल कर सुदृढ़ सुशासन दे रही योगी आदित्यनाथ सरकार   एआई संचालित सुशासन का नया मॉडल पेश कर रहा उत्तर प्रदेश त्रिनेत्र 2.0 और स्मार्ट मॉनिटरिंग से कानून व्यवस्था हुई मजबूत एआई आधारित फोरेंसिक और जेल सुरक्षा प्रणाली ने बढ़ाई जांच और निगरानी की सटीकता   लखनऊ उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार सुशासन के अपने मॉडल को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए तेजी से उन्नत तकनीकों को माध्यम बना रही है। कानून व्यवस्था को मजबूत करने और न्याय प्रक्रिया को सरल और पारदर्शी बनाने के लिए सरकारी तंत्र में डिजिटल और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) आधारित समाधानों का दायरा लगातार विस्तृत और समृद्ध हो रहा है। इसका उद्देश्य अपराध नियंत्रण से लेकर न्याय की प्रक्रिया तक की दक्षता में वृद्धि करना है। गोरखपुर में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उच्चीकृत क्षेत्रीय विधि विज्ञान प्रयोगशाला के उद्घाटन के दौरान कहा भी था कि “अब प्रदेश में अपराधी के बचने का कोई रास्ता नहीं बचेगा। फोरेंसिक जांच अपराध की कड़ी को मिनटों में उजागर कर देगी और हर गंभीर मामले में वैज्ञानिक साक्ष्य निर्णायक भूमिका निभाएंगे”। राज्य पुलिस प्रणाली को स्मार्ट तथा अधिक सक्षम बनाने के लिए सरकार ने त्रिनेत्र 2.0 के रूप में एक नया उन्नत डिजिटल डेटाबेस तैयार किया है। यह एक एआई एन्हांस्ड प्लेटफॉर्म है,  जिसमें पुलिस रिकॉर्ड को डिजिटल रूप से सुरक्षित और व्यवस्थित किया जाता है। यह सिस्टम अपराधियों की पहचान और उनके इतिहास को समझने के काम को त्वरित और सटीक बनाता है। त्रिनेत्र फेशियल रिकग्निशन वॉइस आइडेंटिफिकेशन और टेक्स्ट बेस्ड क्वेरी जैसी आधुनिक तकनीकों के जरिए पुलिस को संदिग्ध व्यक्तियों की पहचान करने में मदद मिलती है। इससे क्राइम के जांच की गति में उल्लेखनीय सुधार हुआ है।  जुलाई 2023 से प्रदेश के समस्त जनपदों में ऑपरेशन त्रिनेत्र प्रारम्भ किया गया, जिसके अन्तर्गत महत्वपूर्ण चौराहों, संवेदनशील स्थानों, हॉटस्पॉट, बैंक, स्कूल, कॉलेज, व्यवसायिक प्रतिष्ठान, धार्मिक स्थल, मोबाइल टॉवर, पेट्रोल पम्प, ढाबा आदि स्थानों पर नागरिक स्वयंसेवी सस्थाओं के माध्यम से सीसीटीवी कैमरे लगाने की कार्यवाही प्रारम्भ की गयी थी और 2025 की शुरुआत तक ही तक प्रदेश के समस्त थानों में चिन्हित स्थलों पर 11,07,782 सीसीटीवी कैमरों का अधिष्ठापन कर दिया गया है। और इसी का परिणाम है कि 2025 की शुरुआत तक ही त्रिनेत्र के माध्यम से डकैती, लूट सहित अन्य गम्भीर कुल 5,718 घटनाओं का सफल अनावरण किया गया। जेल प्रशासन को स्मार्ट बनाने की दिशा में भी योगी सरकार ने महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। राज्य की जेलों में एआई पावर्ड वीडियो एनालिटिक्स प्लेटफॉर्म लागू किया गया है जो बंदियों की गतिविधियों पर रियल टाइम नजर रखने में सक्षम है। इसके माध्यम से किसी भी संदिग्ध हरकत या संभावित जोखिम की पहचान तुरंत हो जाती है जिससे जेल सुरक्षा में प्रभावी सुधार आया है। इसके साथ ही वरिष्ठ अधिकारी विभिन्न जेलों की स्थिति को रियल टाइम में मॉनिटर कर सकते हैं और आवश्यक निर्देश तत्काल जारी कर सकते हैं। गोरखपुर में फोरेंसिक साइंस लैब के उन्नयन के बाद जांच एजेंसियों की वैज्ञानिक जांच क्षमता में भी उल्लेखनीय विकास हुआ है। अत्याधुनिक मशीनों और प्रशिक्षित विशेषज्ञों से लैस इस लैब ने अपराध जांच की गुणवत्ता को नई ऊंचाई दी है। सरकार का स्पष्ट मानना है कि आधुनिक फोरेंसिक तकनीकें अपराधों की सटीक और वैज्ञानिक जांच सुनिश्चित करती हैं और यही कारण है कि प्रदेश भर में फोरेंसिक और इन्वेस्टिगेटिव क्षमताओं को मजबूत करने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। इन सभी पहल का लक्ष्य उत्तर प्रदेश में सुशासन की ऐसी प्रणाली विकसित करना है, जिसमें पारदर्शिता दक्षता और तकनीकी सशक्तिकरण केंद्र बिंदु में हो। योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व वाली सरकार की यह रणनीति प्रदेश को एक सुरक्षित कानून आधारित और तकनीक संचालित राज्य के रूप में स्थापित करने की दिशा में महत्वपूर्ण योगदान दे रही है।

ओडीओपी योजना को और विस्तार देना समय की मांग, बेहतर प्रशिक्षण, ऋण सुविधा का विस्तार किया जाना आवश्यक: मुख्यमंत्री

ब्रांड यूपी की पहचान बनने के बाद अब लॉंच होगा ओडीओपी 2.0 ओडीओपी योजना को और विस्तार देना समय की मांग, बेहतर प्रशिक्षण, ऋण सुविधा का विस्तार किया जाना आवश्यक: मुख्यमंत्री अब खान-पान की परंपरा भी बनेगी ब्रांड, उत्तर प्रदेश में शुरू होगी एक जनपद-एक व्यंजन की नई पहल सभी यूनिटी मॉल और बड़े रीटेल नेटवर्क में प्रमुखता से प्रदर्शित होंगे उत्तर प्रदेश के उत्पाद डिजिटल रणनीति से बढ़ेगा निर्यात, बनेगा ओडीओपी निर्यात सहायता केंद्र स्थानीय उद्योग, निर्यात और रोज़गार को नई ऊँचाई देगा ओडीओपी 2.0: मुख्यमंत्री ओडीओपी और ओडीओसी मिलकर बनाएंगे उत्तर प्रदेश को लोकल से ग्लोबल की नई ताकत: मुख्यमंत्री लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि ब्रांड उत्तर प्रदेश की पहचान बन चुकी 'एक जनपद- एक उत्पाद योजना' अब अपने अगले चरण ओडीओपी 2.0 टू के माध्यम से स्थानीय उद्योग, स्वरोज़गार और निर्यात को नई ऊंचाई देने के लिए तैयार है। उन्होंने कहा कि बदलते वैश्विक बाजार, आधुनिक मांग, तकनीकी उन्नयन, गुणवत्ता और पैकेजिंग की नई आवश्यकताओं को देखते हुए ओडीओपी को अब और अधिक व्यापक, व्यावसायिक और परिणामोन्मुखी स्वरूप में आगे बढ़ाने की जरूरत है। ओडीओपी 2.0 के माध्यम से सरकार का लक्ष्य होगा कि प्रदेश के पारंपरिक उत्पाद बड़े बाज़ार, निर्यात और स्थायी रोजगार का मजबूत आधार बनें।  शुक्रवार को इस संबंध में हुई महत्वपूर्ण बैठक में मुख्यमंत्री ने प्रत्येक जनपद की विशिष्ट खाद्य परंपरा को भी एक संगठित पहचान देने की दिशा में 'एक जनपद-एक व्यंजन' (ओडीओसी) की अवधारणा को साकार करने की भी जरूरत बताई। उन्होंने कहा कि 'एक जनपद-एक व्यंजन' योजना उत्तर प्रदेश की सांस्कृतिक आत्मा से जुड़ी हुई है। प्रदेश के हर क्षेत्र में खान-पान की कुछ न कुछ विशिष्ट परंपरा है। कहीं हलवा अच्छा है तो कहीं दालमोठ। उन्होंने कहा कि हर जिले के विशेष व्यंजनों की मैपिंग कर उनकी गुणवत्ता, स्वच्छता, पैकेजिंग, ब्रांडिंग और विपणन को सुदृढ़ किया जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि 'ओडीओपी' और 'ओडीओसी' मिलकर उत्तर प्रदेश को 'लोकल से ग्लोबल' की दिशा में नई गति देंगे। बैठक में बताया गया कि वर्ष 2018 में प्रारंभ ओडीओपी योजना आज उत्तर प्रदेश के निर्यात और स्थानीय उद्योगों की रीढ़ बन चुकी है। अब तक 1.25 लाख से अधिक टूलकिट वितरित किए जा चुके हैं, 06 हजार करोड़ रुपये से अधिक का ऋण वितरण हो चुका है और 08 हजार से अधिक उद्यमियों को प्रत्यक्ष विपणन सहायता दी गई है। प्रदेश में तीस साझा सुविधा केंद्र स्वीकृत किए गए हैं और 44 ओडीओपी उत्पादों को अब तक जियो टैग प्राप्त हो चुके हैं। ओडीओपी उत्पाद आज प्रतिष्ठित ई-कॉमर्स  प्लेटफार्म पर उपलब्ध हैं और राज्य के कुल निर्यात में इनका योगदान पचास प्रतिशत से अधिक है। ओडीओपी को लगातार दूसरी बार राष्ट्रीय पुरस्कार भी प्राप्त हो चुका है। मुख्यमंत्री ने ओडीओपी 2.0 को लेकर कहा कि यह अब केवल एक योजना नहीं, बल्कि स्थायी रोजगार, स्थानीय उद्यम और निर्यात को नई ऊँचाई देने का सशक्त माध्यम बने। उन्होंने कहा कि अब उन इकाइयों और उद्यमियों को आगे बढ़ाने पर अधिक ध्यान देने की जरूरत है, जिन्होंने पहले चरण में उत्कृष्ट कार्य किया है, ताकि वे अपने व्यवसाय का और विस्तार कर सकें। उन्होंने यह भी कहा कि योजनाओं को इस तरह आगे बढ़ाया जाए कि तकनीक, पैकेजिंग, गुणवत्ता और बाजार सहित चारों मोर्चों पर उत्तर प्रदेश के उत्पाद सशक्त रूप में स्थापित हों। बैठक में यह भी बताया गया कि ओडीओपी से जुड़े कॉमन फैसिलिटी सेंटरों को अब और अधिक उपयोगी बनाया जाएगा। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि कॉमन फैसिलिटी सेंटरों के साथ विशेषज्ञों की भागीदारी सुनिश्चित की जाए, ताकि छोटे उद्यमियों को तकनीकी परामर्श, डिज़ाइन, पैकेजिंग और उत्पादन से जुड़ा पूरा सहयोग एक ही स्थान पर सुलभ हो सके। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिये कि ओडीओपी उत्पादों को केवल पारंपरिक बाजारों तक सीमित न रखा जाए, बल्कि उन्हें बड़े रीटेल नेटवर्क और आधुनिक बाजारों से जोड़ा जाए। उन्होंने निर्देश दिए कि देश के विभिन्न राज्यों में स्थापित हो रहे यूनिटी मॉल में ओडीओपी के समर्पित केंद्र बनाए जाएं। साथ ही सभी प्रतिष्ठित रीटेल नेटवर्क के साथ संवाद कर यह सुनिश्चित किया जाए कि वहां उत्तर प्रदेश के उत्पाद प्रमुख रूप से प्रदर्शित हों। बैठक में यह जानकारी भी दी गई कि ओडीओपी उत्पादों की गुणवत्ता और पहचान को और सुदृढ़ करने के लिए उन्हें प्रतिष्ठित संस्थानों के सहयोग से प्रमाणन और ब्रांड मूल्य प्रदान किया जाएगा, जिससे वैश्विक बाजार में उत्तर प्रदेश के उत्पाद विशिष्ट पहचान बना सकें।

नशा तस्करी पर पुलिस का शिकंजा, झालावाड़ में 125 करोड़ की संपत्ति स्थाई रूप से जमींद कर दी

झालावाड़/जयपुर नशे के खिलाफ जिले में अब तक की सबसे बड़ी और ऐतिहासिक कार्रवाई करते हुए झालावाड़ पुलिस ने नशा माफियाओं की आर्थिक कमर तोड़ दी है। एसपी अमित कुमार के निर्देशन में चलाए गए ऑपरेशन दिव्य प्रहार के तहत नशा तस्करी से अर्जित लगभग 125 करोड़ रुपये की अवैध संपत्तियों को स्थाई रूप से फ्रीज कर दिया गया है। इस बड़ी कार्रवाई में आलीशान मकान पेट्रोल पंप कृषि भूमि कॉमर्शियल प्लॉट्स और महंगी गाड़ियां शामिल हैं। तीन महीने की खुफिया तैयारी पुलिस की एमओबी शाखा ने पिछले कुछ महीनों से नशा नेटवर्क से जुड़े अपराधियों और उनके रिश्तेदारों की अवैध संपत्तियों का गोपनीय डाटाबेस तैयार किया। इसके बाद थाना प्रभारियों साइबर टीम और विशेष जांच दल ने विधिक प्रक्रिया पूरी करते हुए इन संपत्तियों को स्थाई रूप से फ्रीज कर दिया। स्पेशल टीम ने संभाला मोर्चा आर्थिक कार्रवाई के लिए एसपी कार्यालय में चार सदस्यीय विशेष टीम गठित की गई। इसमें हेमन्त शर्मा पिंकू मैरोठा वीकेश और नीतेश शामिल रहे। पूरी कार्रवाई का संचालन और मॉनिटरिंग स्वयं एसपी अमित कुमार ने की। दिल्ली से मिली कानूनी मंजूरी एनडीपीएस एक्ट की धारा 68 एफ के तहत संपत्तियों को फ्रीज करने की प्रक्रिया को दिल्ली स्थित सक्षम प्राधिकारी से मंजूरी मिल चुकी है। अब तस्कर इन संपत्तियों को बेच नहीं सकेंगे गिरवी नहीं रख सकेंगे और न ही किसी तरह उपयोग कर सकेंगे। इस कार्रवाई ने जिले में नशा कारोबार करने वालों के बीच दहशत फैल दी है। साफ संदेश है कि नशा बेचोगे तो जेल भी होगी और काली कमाई भी खत्म होगी।   एसपी का संदेश एसपी अमित कुमार ने कहा यह सिर्फ गिरफ्तारी नहीं बल्कि नशा व्यापार की जड़ों पर आर्थिक प्रहार है। अपराधियों को समझना होगा कि नशे से अर्जित संपत्तियां स्थाई नहीं रह सकतीं। सभी तस्करों के मामलों में थाना प्रभारी को केस अधिकारी नियुक्त किया गया है। अब तक 71 नशा तस्कर जांच में हैं और उनकी 107 संपत्तियां स्थाई रूप से फ्रीज की जा चुकी हैं। जिले में नशा नेटवर्क पर यह अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई मानी जा रही है।    

इंडिगो का बड़ा फ्लाइट कैंसिलेशन: दिल्ली से सभी उड़ानें रद्द, 550 फ्लाइट एक दिन में कैंसल

नई दिल्ली  देश की सबसे बड़ी एयरलाइन इंडिगो के परिचालन में व्यवधान लगातार चौथे दिन भी जारी है। जानकारी के मुताबिक इंडिगो ने शुक्रवार को दिल्ली और देश के अन्य एयरपोर्ट्स से कम से कम 550 उड़ानें रद्द कर दी हैं। इसके चलते एयरपोर्ट्स पर अफरा-तफरी का माहौल है। कई यात्रियों ने असुविधा के साथ ही सामान गायब होने की भी शिकायतें की हैं। इससे पहले गुरुवार को 550 से ज्यादा घरेलू और अंतरराष्ट्रीय उड़ानों को रद्द कर दिया गया था। दिल्ली एयरपोर्ट के अधिकरियों के मुताबिक यहां से उड़ान भरने वाली 135 और आने वाली 90 उड़ानों को रद्द किया गया है। बेंगलुरु एयरपोर्ट से संचालित होने वाली कम से कम 102 उड़ानों को रद्द किया गाय है। वहीं हैदराबाद से 92 फ्लाइट्स को कैंसल कर दिया गाय है। अब तक चार दिनों में 1000 से ज्यादा फ्लाइट कैंसल हो चुकी हैं। मुंबई एयरपोर्ट से उड़ान भरने वाली 53 और यहां आने वाली 51 फ्लाइट्स को कैंसल किया गया है। इस तरह मुंबई एयरपोर्ट से संचालिन होने वाली कुल 104 उड़ानें रद्द हो गई हैं। इंडिगो हाल के दिनों में चालक दल की भारी किल्लत का सामना कर रहा है। दरअसल उड़ान ड्यूटी की सीमा तय करने वाले नए एफडीटीएल नियम लागू होने के बाद से ही एयरलाइन चालक दल की कमी का सामना कर रही है। नए नियमों के तहत पायलटों के लिए साप्ताहिक विश्राम समय बढ़ाया गया है और रात में लैंडिंग की संख्या सीमित की गई है ताकि उड़ान सुरक्षा को मजबूत किया जा सके। बड़ी संख्या में पायलट्स अनिवार्य रेस्ट पीरियड के चलते फ्लाइट नहीं ले जा पा रहे हैं। इंडिगो ने डीजीसीए को बताया है कि 8 दिसंबर से विमानों का संचालन कम कर दिया जाएगा। उम्मीद है कि 10 फरवरी से संचालन स्थिर हो जाए। इंडिगो ने डीजीसीए से एफडीटीएल के नियमें रात्रिकालीन संचालन से जुड़े कुछ बदलावों को लेकर 10 फरवरी तक छूट की मांग की है। इंडिगो का कहना है कि एफडीएल नियमों के लागू होने की वजह से उन्हें ज्यादा पायलट्स की जरूरत है। एफडीटीएल नियमों के तहत साप्ताहिक आराम के घंटों को 36 से बढ़ाकर 48 घंटे कर दिया गया है। इसे अलावा एक पायलट हफ्तेभऱ में दो से ज्यादा नाइट लैंडिंग नहीं कर सकता है। केवल दो ही लगातार नाइट ड्यूटी लगाई जा सकती हैं। इंडिगो का कहना है कि अगले कुछ दिनों तक उड़ानों की संख्या में कमी करनी पड़ेगी। एयरलाइन ने यात्रियों से असुविधा के लिए माफी मांगी है। इंडिगो ने कहा है कि विमानों के संचालन को पटरी पर लाने में समय लगेगा। ऐसे में आने वाले समय के लिए भी यात्रियों को तैयार रहना है। घर से निकलने से पहले वे फ्लाइट का शेड्यूल जरूर चेक करें। केंद्रीय मंत्री की हाई लेवल बैठक सिविल एविएशन मिनिस्टर के राममोहन नायडू ने गुरुवार को हालात का जायजा लेने के लिए उच्च स्तरीय बैठक आयोजित की थी। उन्होंने इंडिगो को किराया बढ़ाने को लेकर भी चेतावनी दी। केंद्रीय मंत्री ने एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया और डीजीसीए को हालात पर नजर रखने का निर्देश दिया है। इसके अलावा एयरपोर्ट्स पर फंसे यात्रियों की मदद का आश्वासन दिया है।  

सुनहरा अवसर: जल्द करें आवेदन, 526 पुलिस पदों के लिए भर्ती शुरू

बिलासपुर सारकारी नौकरी का इंतजार कर रहे युवाओं के लिए खुशखबरी है। बिलासपुर, कोरबा, मुंगेली और जांजगीर-चांपा जिलों के पुलिस बल में 526 विभिन्न पदों पर सीधी भर्ती की जा रही है। रिक्त पदों में आरक्षक चालक और आरक्षक ट्रेडमैन शामिल हैं। भर्ती प्रक्रिया के तहत 17 से 19 नवंबर तक ट्रेड टेस्ट आयोजित किया जाएगा। एसएसपी रजनेश सिंह ने भर्ती में पूर्ण पारदर्शिता और निष्पक्षता का दवा किया है। साथ ही अभ्यर्थियों को किसी भी तरह के झांसे में न जाने की चेतावनी दी है। यह टेस्ट बिलासपुर संभागीय मुख्यालय के पुलिस परेड मैदान में 17 नवंबर से शुरू होगा। इसमें पहले आयोजित शारीरिक दक्षता परीक्षा में उत्तीर्ण और लिखित परीक्षा में शामिल हुए अभ्यर्थियों को बुलाया गया है। यह सीधी भर्ती वर्ष 2023-24 के लिए आयोजित की जा रही है। बिलासपुर जिला पुलिस बल में कुल 140 रिक्त पदों पर भर्ती की जाएगी। पहले दिन, 17 नवंबर को बिलासपुर जिले में आरक्षक चालक के लिए 100, आरक्षक कुक ट्रेड के लिए 5, आरक्षक नई ट्रेड के लिए 11 और आरक्षक टेलर ट्रेड के लिए 4 अभ्यर्थियों को बुलाया गया है।

EOW ने शिक्षक के घर पर मारा छापा, 6 टीमों ने दबिश दी, दस्तावेजों की जांच हो रही

सीधी  मध्य प्रदेश के सीधी जिले से बड़ी खबर सामने आई है। जहां एक शिक्षक के घर पर आर्थिक अपराध शाखा (EOW) ने छापा मारा हैं। बताया जा रहा है कि ईओडब्ल्यू की छह टीमें सुबह 5 बजे दबिश दी। आय से अधिक संपत्ति को लेकर यह कार्रवाई की गई है। फिलहाल टीम दस्तावेजों की पड़ताल में जुटी हुई है। जांच के बाद खुलासा होगा। सीधी जिले के शिक्षक अभिमन्यु सिंह के ठिकानों पर EOW ने रेड मारी है। ईओडब्ल्यू की छह टीमें सुबह 5 बजे शहर में स्थित पटेल पुल और मड़वास के ठिकानों पर दबिश दी। बताया जा रहा है कि राजधानी भोपाल में आय से अधिक संपत्ति की शिकायत की गई थी। जिसके बाद यह छापेमार कार्रवाई की गई है। ईओडब्ल्यू की टीमें सभी दस्तावेज और कागज को खंगाल रहे है। जांच पड़ताल के बाद बड़ा खुलासा होने की संभावना है। आपको बता दें कि शिक्षक अभिमन्यु, सीधी के कुसमी विकासखंड के शासकीय हाईस्कूल खोखरा में पदस्थ है।