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मुख्यमंत्री साय ने शहीद जवानों को दी अंतिम सलामी, कहा– हमारे जवान नक्सलवाद के खिलाफ मजबूती से डटे हैं

 रायपुर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय बिलासपुर के अटल बिहारी बाजपेई विश्वविद्यालय में आयोजित दीक्षांत समारोह में शमिल होने के लिए रायपुर से रवाना हो गए हैं। रवानगी से पहले एयरपोर्ट पर मुख्यमंत्री ने पत्रकारों से चर्चा की। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ का सौभाग्य है कि दीक्षांत समारोह में देश के पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद मुख्य अतिथि हैं और राज्यपाल भी उपस्थित रहेंगे। मुख्यमंत्री साय ने बीजापुर में हुई नक्सली मुठभेड़ में जवानों की शहादत और ऑपरेशन में मिली सफलता पर कहा कि लगातार ऑपरेशन हो रहे हैं, हमारे जवान मजबूती के साथ नक्सलवाद के खिलाफ लड़ रहे हैं। कल ऑपरेशन में DRG के तीन जवान शहीद हुए हैं। हम उनको विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित करते हैं, उनके साहस को नमन करते हैं और उनके परिवार को इस शोक को सहने की भगवान शक्ति प्रदान करें ऐसी प्रार्थना करते हैं। उन्होंने आगे कहा कि इस मुठभेड़ में बड़ी सफलता मिली है, बड़ी संख्या में नक्सली न्यूट्रलाइज हुए हैं। वहीं उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने भी शहीद जवानों को श्रद्धांजलि दी। उन्होंने कहा कि बीजापुर में ऑपरेशन के दौरान 16 नक्सली मारे गए हैं। बहादुर जवानों ने ऑपरेशन को अंजाम दिया। हमने तीन जवानों को खोया, नक्सलियों की यह कायराना हरकत है। जवानों की शहादत को जाया जाने नहीं देंगे।

हेमंत सोरेन को जमीन घोटाले में राहत, अदालत ने MP पेशी से दिया छुटकारा

रांची जमीन घोटाले में सीएम हेमंत सोरेन को राहत मिली है। झारखंड हाईकोर्ट ने उन्हें MP-MLA कोर्ट में आने से छूट दी है। हाईकोर्ट के फैसले के बाद कथित भूमि घोटाले  के संबंध में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) द्वारा दर्ज मामले में एमपी/एमएलए कोर्ट के समक्ष व्यक्तिगत रूप से पेश नहीं होना होगा। ईढी ने सोरेन के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी, क्योंकि उन्होंने ईडी द्वारा जारी समन के बावजूद कार्यालय में उपस्थित होने से इनकार कर दिया था। झारखंड हाईकोर्ट में 3 दिसम्बर 2025 बुधवार को झारखंड मुख्यमंत्री  की याचिका पर सुनवाई हुई। मामले की सुनवाई जस्टिस एके चौधरी की बेंच ने की। ED समन अवहेलना मामले में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को निचली अदालत में व्यक्तिगत उपस्थिति से छूट प्रदान कर दी। दरअसल एनफोर्समेंट डायरेक्टरेट ने सीएम सोरेन को कथित लैंड स्कैम में शामिल होने के सिलसिले में अथॉरिटी के सामने पेश होने के लिए 10 समन जारी किए गए थे। ED अससिस्टेंट डायरेक्टर देवराज झा ने कहा था कि सोरेन सिर्फ दो समन के जवाब में पेश हुए थे, जबकि बाकी को इग्नोर कर दिया गया था। इसके बाद, ED ने 2024 में MP-MLA कोर्ट के स्पेशल जज के सामने एक कंप्लेंट पिटीशन फाइल की थी। एनफोर्समेंट डायरेक्टरेट द्वारा फाइल की गई कंप्लेंट पिटीशन की सुनवाई के दौरान, स्पेशल जज ने सोरेन को रांची में MP-MLA कोर्ट के सामने फिज़िकल पेश होने का ऑर्डर दिया था। सोरेन ने निचली अदालत के पेशी आदेश को चुनौती दी थी, जिसे हाई कोर्ट ने स्वीकार कर लिया है। साल 2024 में ईडी ने दायर की थी याचिका इसके बाद ईडी ने 2024 में एमपी/एमएलए कोर्ट के विशेष न्यायाधीश के समक्ष शिकायत याचिका दायर की थी। प्रवर्तन निदेशालय द्वारा दायर शिकायत की सुनवाई के दौरान विशेष न्यायाधीश ने सोरेन को रांची स्थित एमपी/एमएलए कोर्ट में व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होने का आदेश दिया था।

बर्फीली हवाओं से बढ़ेगी ठिठुरन, मध्यप्रदेश में ठंड का प्रकोप जारी, पारा 2-3 डिग्री तक गिरेगा

भोपाल  मध्यप्रदेश में अब तेज ठिठुरन का दौर शुरू होने वाला है। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि पहाड़ी इलाकों में हो रही बर्फबारी और उसके बाद बर्फ के पिघलने से उठने वाली ठंडी हवाएं प्रदेश की ओर बढ़ रही हैं। इससे आने वाले 48 घंटों में भोपाल, इंदौर, ग्वालियर सहित कई शहरों के न्यूनतम तापमान में 2 से 3 डिग्री की गिरावट दर्ज हो सकती है। मौसम विभाग के अनुसार, एक पश्चिमी विक्षोभ के गुजरने के तुरंत बाद 5 दिसंबर से नया सिस्टम हिमालयी क्षेत्रों को प्रभावित करेगा, जिसका प्रभाव दो दिन बाद MP में साफ दिखाई देगा। पहले से जमा बर्फ के पिघलने पर वहीं से उठने वाली बर्फीली हवा सीधे मध्यप्रदेश पहुंचेगी, जिससे इंदौर, ग्वालियर, चंबल, उज्जैन और सागर संभाग में सबसे ज्यादा सर्दी महसूस की जाएगी।  मध्य प्रदेश में अब कड़ाके की सर्दी का दौर शुरू होगा। बर्फीली हवाओं से और भी ठिठुरन बढ़ेगी। दिसंबर महीने में 20-22 दिन शीतलहर चलने का अनुमान है। भोपाल और इंदौर समेत कई शहरों में तापमान 2 से 3 डिग्री और गिरेगा। इससे पहले बुधवार रात में भोपाल, इंदौर समेत प्रदेश के 10 शहरों में पारा 10 डिग्री से कम दर्ज किया। पचमढ़ी फिर सबसे ठंडा,पारा 6.7 डिग्री मंगलवार-बुधवार की रात प्रदेश के कई हिस्सों में पारा 10 डिग्री से नीचे फिसल गया।भोपाल: 9.2°,इंदौर: 8.4°,जबलपुर: 10.6°,उज्जैन: 12°,ग्वालियर: 14.6°पचमढ़ी इस बार भी सबसे ठंडा स्थान रहा, जहां न्यूनतम तापमान 6.7 डिग्री दर्ज किया गया। कल्याणपुर (शहडोल) में 7.1°, उमरिया में 8.2°, अमरकंटक और शाजापुर में 8.7°, जबकि रीवा-नौगांव में 9° दर्ज हुआ। दिन में भी कई शहरों में अधिकतम तापमान 25 डिग्री से नीचे रहा। नवंबर ने तोड़े रिकार्ड,भोपाल में 15 दिन चली शीतलहर इस साल नवंबर में सांईठुरन ने पुराने रिकॉर्ड ध्वस्त कर दिए। भोपाल में लगातार 15 दिन शीतलहर चली 1931 के बाद यह सबसे लंबा दौर रहा। 17 नवंबर की रात पारा 5.2 डिग्री तक गिर गया, जो अब तक का सर्वकालिक नवंबर रिकॉर्ड है। इंदौर में भी तापमान 6.4° तक फिसल गया 25 वर्षों में सबसे कम। सीनियर मौसम वैज्ञानिक डॉ. दिव्या ई. सुरेंद्रन ने बताया कि उत्तर भारत में इस बार नवंबर की शुरुआत में ही बर्फबारी शुरू हो गई थी, जिससे ठंडी हवाएं जल्दी मध्यप्रदेश पहुंच गईं। हालांकि, नवंबर के अंतिम सप्ताह में हवा की दिशा बदलने से ठंड थोड़ी कम हुई। पचमढ़ी सबसे ठंडा, पारा 6.7 डिग्री इससे पहले मंगलवार-बुधवार की रात में भोपाल, इंदौर समेत प्रदेश के 10 शहरों में पारा 10 डिग्री से कम रहा। भोपाल में 9.2 डिग्री, इंदौर में 8.4 डिग्री, जबलपुर में 10.6 डिग्री, उज्जैन में 12 डिग्री और ग्वालियर में 14.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। नवंबर में रिकॉर्ड तोड़ चुकी है सर्दी इस बार नवंबर में सर्दी रिकॉर्ड तोड़ चुकी है। भोपाल में लगातार 15 दिन तक शीतलहर चली। रिकॉर्ड के अनुसार, साल 1931 के बाद शीतलहर के यह सबसे ज्यादा दिन है। दूसरी ओर, 17 नवंबर की रात में पारा 5.2 डिग्री तक पहुंच गया, जो ओवरऑल रिकॉर्ड भी रहा। इससे पहले 30 नवंबर 1941 में तापमान 6.1 डिग्री रहा था। इंदौर में भी पारा 6.4 डिग्री ही रहा। यहां भी सीजन की सबसे सर्द रात रही। 25 साल में पहली बार पारा इतना लुढ़का। सीनियर मौसम वैज्ञानिक डॉ. दिव्या ई. सुरेंद्रन बताती हैं, इस बार उत्तरी राज्यों में नवंबर के पहले ही सप्ताह में बर्फबारी होने लगी। इस वजह से ठंडी हवाएं प्रदेश में पहुंची। आखिरी सप्ताह में हवा की दिशा बदल गई। जिससे ठंड का असर कम रहा है। ठंड के लिए दिसंबर-जनवरी खास मौसम विभाग के अनुसार, जिस तरह मानसून के चार महीने (जून, जुलाई, अगस्त और सितंबर) में से दो महीने जुलाई-अगस्त महत्वपूर्ण रहते हैं और इन्हीं में 60 प्रतिशत या इससे अधिक बारिश हो जाती है, ठीक उसी तरह दिसंबर और जनवरी में कड़ाके की ठंड पड़ती है। इन्हीं दो महीने में प्रदेश में उत्तर भारत से सर्द हवाएं ज्यादा आती हैं। इसलिए टेम्प्रेचर में अच्छी-खासी गिरावट आती है। सर्द हवाएं भी चलती हैं। पिछले 10 साल के आंकड़े यही ट्रेंड बताते हैं। वेस्टर्न डिस्टरबेंस (पश्चिमी विक्षोभ) के एक्टिव होने से दिसंबर में मावठा भी गिरता है। इससे दिन में भी सर्दी का असर बढ़ जाता है। अब जानिए दिसंबर में कैसी रहेगी ठंड? मौसम का ट्रेंड देखें तो दिसंबर में स्ट्रॉन्ग वेस्टर्न डिस्टर्बेंस आते हैं। वहीं, उत्तरी हवाएं आने से दिन-रात के तापमान में गिरावट होती है। इस बार भी यही अनुमान है। इन जिलों में सबसे ज्यादा सर्दी रहेगी     ग्वालियर, चंबल और उज्जैन संभाग के सभी जिलों में कड़ाके की ठंड पड़ेगी। यहां बर्फीली हवाएं सीधे आएंगी।     भोपाल संभाग के सीहोर-विदिशा में ठंड का जोर रहेगा।     सागर संभाग के निवाड़ी, छतरपुर, टीकमगढ़-पन्ना, रीवा संभाग के मऊगंज, सीधी-सिंगरौली में तेज ठंड पड़ेगी।     जबलपुर संभाग के मंडला-डिंडोरी, इंदौर संभाग के इंदौर, धार और झाबुआ में कड़ाके की ठंड रहेगी। 20-22 दिन चल सकती है कोल्ड वेव मौसम एक्सपर्ट की माने तो दिसंबर में प्रदेश के कई शहरों में कोल्ड वेव यानी सर्द हवाएं चलेंगी। जनवरी में यह 20 से 22 दिन तक चल सकती है। इसलिए रहेगा कड़ाके की ठंड का दौर ला नीना ने दिया ठंड को लंबा धक्का     मौसम केंद्र भोपाल के रिटायर्ड डायरेक्टर डीपी दुबे के अनुसार, वैश्विक मौसम मॉडल (विश्व मौसम संगठन, भारत मौसम विज्ञान विभाग आदि) संकेत दे रहे थे कि इस बार ला नीना सक्रिय रहेगा। ला नीना का मतलब, प्रशांत महासागर का ठंडा होना। जैसे ही समुद्र ठंडा होता है, हवा और ज्यादा ठंडी होकर एशिया-भारत की ओर दबाव से धकेली जाती है। यह वही ठंड है जिसने नवंबर से ही मध्य भारत को जकड़ लिया। पहाड़ों पर जल्दी बर्फबारी, ठिठुरन बढ़ाई     इस बार उत्तर भारत में हिमाचल, उत्तराखंड और कश्मीर में बर्फबारी सामान्य से काफी पहले शुरू हो गई। ऊंचे पर्वतीय इलाकों की जल्दी बर्फबारी मध्य भारत की ठिठुरन को 20 से 30% तक बढ़ा देती है। ठंडी हवाएं 25% ज्यादा अंदर तक घुसी     ठंड का असर सिर्फ सतह तक नहीं रहा। इस साल ग्वालियर-चंबल, भोपाल-विदिशा, रतलाम-मंदसौर, सागर-दमोह इन चार बड़े मौसम जोन में ठंडी हवाएं 20 से 25% ज्यादा गहराई तक घुस आईं। पश्चिमी विक्षोभ का लगातार … Read more

विभाग ने बढ़ाया बच्चों के जेल में रहने का समय, 816 महिला कैदी और 47 बच्चे शामिल

चंडीगढ़  हरियाणा की जेलों में अब मां के साथ रह रहे बच्चों को बड़ी राहत मिली है। दरअसल जेल विभाग ने बच्चों के साथ मां के रहने की अवधि को 2 साल बढ़ा दिया है। इसके बाद अब बच्चे 6 की बजाय 8 साल तक जेल में अपनी मां के साथ रह सकेंगे। डी.जी. जेल आलोक राय ने इसकी पुष्टि करते हुए बताया कि इस फैसले से जेल में रह रही महिला कैदियों के साथ उन बच्चों को भी राहत मिलेगी जिनका बाहर कोई नहीं है। जेल विभाग ऐसे बच्चों के लिए जेल परिसर में ही उनकी पढ़ाई और पौष्टिक खाने की पूरी व्यवस्था कर रहा है। प्रदेश की 17 जेलों में बच्चों के खेलने के लिए क्रैच बने हुए हैं। इन बच्चों के खेल, खान-पान एवं अच्छे स्वास्थ्य का पूरा ध्यान रखा जाता है। केंद्रीय जेलों सहित हरियाणा की कुल 20 जेलों में से 17 में महिला वार्ड बने हुए हैं। अभी इन जेलों में कुल 816 महिला कैदी बंद हैं जिनमें से 162 महिलाएं सजा काट रही हैं और 654 महिलाओं के केस अंडर ट्रायल चल रहे हैं। इन महिला बंदियों के पास कुल 47 बच्चे बंद हैं, जिनकी उम्र 6 वर्ष तक की आयु के बीच है। जेल विभाग के इस फैसले से इन बच्चों को राहत पहुंची है। हफ्ते में एक दिन बाहर जाते हैं बच्चेः छोटे बच्चों को सप्ताह में एक बार जेल के मुख्य गेट से बाहर जेल परिसर में बने पार्को आदि में जेल के महिला मुलाजिम के निगरानी में घूमने के लिए भेजा जाता है। ओपन जेलों के तहत हरियाणा में करनाल और फरीदाबाद में 2 ओपन जेलें खोली गई हैं जहां करनाल में 30 फ्लैट । हैं वहीं फरीदाबाद में 36 जहां पर यह कैदी अपने परिवार के साथ रह रहे हैं। जेल विभाग ऐसे बच्चों के लिए जेल परिसर में ही उनकी पढ़ाई और पौष्टिक खाने की पूरी व्यवस्था कर रहा है। प्रदेश की 17 जेलों में बच्चों के खेलने के लिए क्रैच बने हुए हैं। इन बच्चों के खेल को खान-पान एवं अच्छे स्वास्थ्य का पूरा ध्यान रखा जाता है। 816 महिला कैदी जेलों में बंद हैं केंद्रीय जेलों सहित हरियाणा की कुल 20 जेलों में से 17 जेलों में जेल विभाग के द्वारा महिला वार्ड बने हुए हैं। अभी इन जिलों में कुल 816 महिला कैदी बंद हैं, जिनमें से 162 महिलाएं सजा काट रही है और 654 महिलाओं के केस अंडर ट्रायल चल रहे हैं। इन महिला बंदियों के पास कुल 47 बच्चे बंद है, जिनकी उम्र 6 वर्ष तक की आयु के बीच है। जेल विभाग के इस फैसले से इन बच्चों को राहत पहुंची है। हफ्ते में एक दिन बाहर जाते हैं बच्चे छोटे बच्चों को सप्ताह में एक बार जेल के मुख्य गेट से बाहर जेल परिसर में बने पार्कों आदि में जेल के महिला मुलाजिम के निगरानी में घूमने के लिए भेजा जाता है। डीजी जेल आलोक राय ने बताया कि सूबे की ओपन जेलों के तहत हरियाणा में करनाल और फरीदाबाद में 2 ओपन जेल खोली गई हैं, जहां करनाल में 30 फ्लैट हैं वहीं फरीदाबाद में 36 जहां पर यह कैदी अपने परिवार के साथ रह रहे हैं। क्या बोले डीजी जेल हरियाणा के डीजी जेल आलोक राय ने बताया कि इस फैसले से बच्चों और मां दोनों को राहत मिलेगी। कई बार अलग-अलग रहने से बच्चे डिप्रेशन में चले जाते हैं, या उनकी मां के साथ ऐसा हो जाता है। अब दोनों साथ रहेंगे तो वह अवसाद से दूर रहेंगे। जेल विभाग ऐसे बच्चों को हर सुविधा दे रहा है। नए फैसले से मां और बच्चों दोनों को मिलेगी राहत : आलोक राय हरियाणा के डी.जी. जेल आलोक राय ने कहा कि इस फैसले से बच्चों और मां दोनों को राहत मिलेगी। कई बार अलग-अलग रहने से बच्चे डिप्रैशन में चले जाते हैं या उनकी मां के साथ ऐसा हो जाता है। अब दोनों साथ रहेंगे तो वह अवसाद से दूर रहेंगे। जेल विभाग ऐसे बच्चों को हर सुविधा दे रहा है।

मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी को मिला विकास का बड़ा तोहफ़ा, सीएम बोले—आदिवासी हित सर्वोपरि

रायपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कुशल नेतृत्व में केंद्र सरकार एवं छत्तीसगढ़ सरकार आदिवासियों के हितों की रक्षा और उनके सर्वांगीण विकास के लिए कृतसंकल्पित है। मुख्यमंत्री आज मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी जिले के अंबागढ़ चौकी में आयोजित जनजाति गौरव दिवस एवं प्रतिभा सम्मान समारोह को सम्बोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री साय ने इस मौके पर 475 करोड़ रुपए से अधिक विकास कार्यों का भूमि पूजन एवं लोकार्पण किया। उन्होंने अंबागढ़ चौकी को राजस्व अनुभाग बनाने तथा अंबागढ़ चौकी में सर्व सुविधायुक्त ऑडिटोरियम निर्माण की घोषणा की। मुख्यमंत्री ने महतारी वंदन योजना की लाभार्थी महिलाओं के खाते में 22वीं किस्त की राशि का अंतरण भी किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने की। मुख्यमंत्री ने छत्तीसगढ़ राज्य के निर्माण और जनजाति समाज के कल्याण में पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के योगदान का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केन्द्र व राज्य सरकार के द्वारा जनजातीय और विशेष पिछड़ी जनजातियों के सर्वांगीण विकास के लिए निरंतर कार्य किये जा रहे हैं। छत्तीसगढ़ में प्रधानमंत्री जनमन एवं ग्राम उत्कर्ष योजना के अंतर्गत जनजातीय परिवारों को मुख्यधारा में शामिल करने के लिए सभी प्रकार की मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि आगामी 13 दिसंबर को छत्तीसगढ़ सरकार के दो वर्षों का कार्यकाल पूर्ण होने जा रहा है। हमारी सरकार ने दो वर्षों के कार्यकाल में मोदी की गारंटी के तहत किए गए सभी वायदों को पूरा किया है। महतारी वंदन योजना के तहत प्रतिमाह माता-बहनों के खातों में हर माह 1000 रुपए की राशि अंतरित की जा रही है। किसानों से 3100 रुपए की दर से प्रति एकड़ 21 क्विंटल धान की खरीदी के साथ ही तेंदूपत्ता संग्रहण दर प्रति मानक बोरा 5500 रुपए का भुगतान किया जा रहा है। तेंदूपत्ता संग्राहकों के लिए चरण पादुका का वितरण फिर से शुरू किया गया है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एवं केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के द्वारा देश एवं राज्य के विकास में सबसे बड़ी बाधा माओवाद को मार्च 2026 तक समाप्त करने का संकल्प लिया गया है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा केंद्र सरकार के साथ कदम से कदम मिलाकर माओवाद आतंक से मुक्त करने की दिशा में अत्यंत ठोस एवं सार्थक कार्य किया जा रहा हैं। जल्द ही छत्तीसगढ़ राज्य माओवाद के आतंक से मुक्त हो जाएगा। मुख्यमंत्री ने भगवान बिरसा मुंडा को आदिवासी समाज सहित संपूर्ण भारतवर्ष का गौरव बताते हुए, स्वाधीनता आंदोलन एवं राष्ट्र के नव निर्माण में जनजाति समाज के महापुरुषों एवं राष्ट्र भक्तों के योगदान का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि सरगुजा में आयोजित भगवान बिरसा मुंडा के जयंती के अवसर पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का आगमन हम सभी के लिए सौभाग्य एवं गर्व का विषय है। छत्तीसगढ़ विधानसभा के अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने कहा कि केंद्र व राज्य सरकार के जनकल्याणकारी योजनाओं के सफल क्रियान्वयन के परिणाम स्वरूप छत्तीसगढ़ राज्य में भी व्यापक परिवर्तन देखने को मिल रहा है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एवं मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के कुशल नेतृत्व में जनजाति समाज के साथ-साथ पूरे छत्तीसगढ़ में विकास नई इबारत लिखी जा रही है। जिसके फलस्वरूप आज बस्तर से लेकर सरगुजा तक राज्य के प्रत्येक क्षेत्र में आमूलचूल परिवर्तन देखने को मिल रहा है। इस मौके पर उन्होंने छत्तीसगढ़ सरकार की जनहितैषी कार्यों और नीतियों की विस्तार से जानकारी दी। समारोह को उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा, सांसद संतोष पांडे, जिला पंचायत अध्यक्ष नम्रता सिंह और जनजाति समाज के प्रदेश अध्यक्ष एमडी ठाकुर ने भी सम्बोधित किया। समारोह में विभिन्न क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले जनजातीय समाज के प्रतिभाओं को सम्मानित करने के अलावा प्रधानमंत्री आवास के हितग्राहियों को आवास पूर्णता प्रमाण पत्र एवं विभिन्न प्रतियोगिता परीक्षाओं में सफलता अर्जित करने वाले प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को भी प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में विधायक भोलाराम साहू, छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल के अध्यक्ष नीलू शर्मा, श्रम कल्याण मंडल के अध्यक्ष योगेश दत्त मिश्रा सहित कई पूर्व विधायक, पंचायत एवं नगरीय संस्थाओं के जनप्रतिनिधि, सामाजिक बंधु और बड़ी संख्या में लोग उपस्थित थे।

गी सरकार की कार्रवाई का असर: NRC नंबर न दिखाने पर 160 बांग्लादेशी कर्मचारियों ने काम छोड़ा

लखनऊ  उत्तर प्रदेश में संदिग्ध बांग्लादेशियों पर निगरानी तेज होने के साथ ही इसका बड़ा असर दिखना शुरू हो गया है। योगी सरकार की सख्ती के बाद सफाई कार्य से जुड़े संदिग्ध बांग्लादेशियों से एनआरसी (राष्ट्रीय नागरिकता रजिस्टर) नंबर मांगा गया तो वे नंबर दे नहीं पाए और नौकरी छोड़कर भाग खड़े हुए। एनआरसी ही हकीकत बताने का तरीका एनआरसी नंबर असम सरकार द्वारा दिया गया है, जिसमें पूर्वजों तक का जिक्र होता है, जो यह साबित करता है कि वे बांग्लादेशी घुसपैठ नहीं हैं। आधार कार्ड तो हर किसी के पास होता है, लेकिन एनआरसी उन्हीं के पास है जो लंबे समय से असम के निवासी थे। कूड़ा प्रबंधन का काम देख रही नगर निगम की तरफ से अधिकृत संस्था मेसर्स लखनऊ स्वच्छता अभियान प्रबंधन ने सफाई कर्मचारियों से जब एनआरसी नंबर मांगा, तो उनमें से 160 कर्मी नंबर दे नहीं पाए और दबाव पड़ने पर नौकरी छोड़कर चले गए। इससे स्पष्ट होता है कि उनकी असम की नागरिकता संदिग्ध है। पुलिस और खुफिया तंत्र के लिए अब यह जांच का विषय है कि आखिर ये 160 कर्मी कहाँ गए और क्या कर रहे हैं। नगर निगम में भगदड़ और जोनवार आंकड़े दरअसल, पिछले कुछ समय से सक्रिय हुई सरकार के कारण संदिग्ध बांग्लादेशियों में भगदड़ मच गई है। महापौर सुषमा खर्कवाल ने भी एक साल से संदिग्ध बांग्लादेशियों को शहर से बाहर करने का अभियान चला रखा है। पिछले साल उन्होंने इंदिरानगर में संदिग्ध बांग्लादेशियों की बस्ती को उजाड़ दिया था। पिछले दो माह से सख्ती बढ़ने के बाद पुलिस ने नगर निगम में ठेका पाई संस्थाओं से असम का निवासी बताने वाले कर्मचारियों का एनआरसी मांगा था। लखनऊ स्वच्छता अभियान में काम कर रहे ये कर्मचारी आधार कार्ड दिखाने के बावजूद एनआरसी नहीं दे पाए। कहां से कितने कर्मी काम छोड़कर भागे (नगर निगम के जोन)     जोन एक – 38     जोन चार – 70     जोन तीन – 12     जोन छह – 12     जोन सात – 36 कंपनी ने इसकी जानकारी महापौर को भी दी है। महापौर ने कंपनी से कहा है कि काम छोड़कर गए कर्मचारियों की गतिविधियां पता करने के लिए पुलिस को उनके मोबाइल नंबर और आधार कार्ड भी उपलब्ध कराए जाएं। फर्जीवाड़ा और एटीएस की कार्रवाई गौरतलब है कि हाल ही में आतंकवाद निरोधी दस्ता (एटीएस) ने ठाकुरगंज के बरौरा हुसैनबाड़ी में हिंदू बनकर रह रही एक बांग्लादेशी महिला को गिरफ्तार किया था। नरगिस उर्फ जैसमीन उर्फ निर्मला नाम की यह महिला 2006 में बांग्लादेशी पति के साथ भारत में दाखिल हुई थी। वह फर्जी दस्तावेज बनवाकर निर्मला बनकर रहने और हिंदू त्योहार मनाने के साथ पूजा भी करती थी।

रायपुर में डीजीपी-आईजी कांफ्रेंस: AI का इस्तेमाल कर पुलिसिंग को बनाया जाएगा भविष्य तैयार

भोपाल  आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) के जमाने में पुलिस भी बदलेगी। एआई की मदद से पुलिस यह पूर्वानुमान लगा सकेगी कि किस जगह, किस समय, किस तरह का अपराध घटित हो सकता है। पहले के आंकड़ों के आधार पर एआई यह अनुमान लगा सकेगा। ऐसे ही किसी समय के ट्रैफिक का वाल्यूम यानी वाहनों की संख्या के आधार पर यह अनुमान लगाया जा सकेगा कि सड़क दुर्घटना आशंका कहां-कहां है। इससे पुलिस घटनाएं रोकने पर ध्यान केंद्रित कर सकेगी। दरअसल, देशभर की पुलिसिंग में 'प्रेडेक्टिव पुलिसिंग' माडल अपनाने पर विचार चल रहा है। पिछले सप्ताह रायपुर में हुई डीजीपी-आईजी कान्फ्रेंस में मध्य प्रदेश के पुलिस महानिदेशक कैलाश मकवाणा ने 'फ्यूचर रेडी पुलिसिंग 2047' को लेकर विजन प्रस्तुत किया। क्राइम प्रिवेंशन एवं डिटेक्शन पर दिया प्रजेंटेंशन उन्होंने बताया कि एआई का उपयोग कर पुलिस अपराध की आशंका आदि बता सकती है। इसे लेकर उन्होंने 'क्राइम प्रिवेंशन एवं डिटेक्शन' विषय पर प्रजेंटेशन दिया। इसी में एआई मॉडल पर चर्चा हुई। कहा गया कि राज्य इस मॉडल का परीक्षण कर अपने-अपने स्तर पर लागू कर सकेंगे। कान्फ्रेंस में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी व केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह भी शामिल थे। डीजीपी मकवाणा ने 'फ्यूचर रेडी पुलिसिंग 2047' के अंतर्गत 'कम्युनिटी पुलिसिंग और पब्लिक ट्रस्ट' विषय पर बताया कि पुलिस आमजन से बेहतर संवाद रखकर कैसे उनका भरोसा जीत सकती है। संवाद को लेकर नवाचार किए बता दें कि डीजीपी बनने के बाद से ही उनका इस पर विशेष ध्यान रहा है। कई जिलों में पुलिस अधीक्षकों ने आमजन से संवाद को लेकर नवाचार भी किए हैं। कांफ्रेस में भी उन्होंने 'नशे से दूरी' अभियान सहित अन्य नवाचारों के बारे में बताया। कांफ्रेंस में उभरते साइबर अपराध, भीड़ प्रबंधन, वैज्ञानिक अन्वेषण, टेक्नोलाजी-इंटीग्रेशन, साइबर सुरक्षा, नागरिक-सहभागिता जैसे विषयों पर चर्चा हुई। मकवाणा ने डेटा-संचालित निर्णय प्रक्रिया, आपदा प्रबंधन प्रणालियां और युवाओं की सकारात्मक भागीदारी जैसे बिंदुओं पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि आधुनिक पुलिसिंग तभी प्रभावी हो सकती है जब उसमें तकनीक और मानवीय संवेदना दोनों का संतुलित समावेश हो।

कूनो नेशनल पार्क में चीतों की संख्या बढ़ेगी, CM मोहन यादव तीन चीते करेंगे रिलीज

 श्योपुर  इंटरनेशनल चीता-डे के अवसर पर आज मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव कूनो नेशनल पार्क में तीन चीतों को खुले जंगल में छोड़ेंगे। कार्यक्रम की तैयारियों का निरीक्षण श्योपुर और शिवपुरी जिलों के प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों ने किया। कलेक्टर अर्पित वर्मा और एसपी सुधीर अग्रवाल ने कूनो पार्क के अहेरा गेट, हेलीपैड और चीता रिलीज प्वाइंट पर व्यवस्थाओं को परखा। अधिकारियों ने शिवपुरी जिले के अहेरा गांव के पास बने अस्थायी हेलीपैड का भी निरीक्षण किया। शिवपुरी कलेक्टर रविन्द्र चौधरी और एसपी अमन सिंह राठौर भी इस दौरान मौजूद रहे। टीम ने आगमन मार्ग से लेकर रिलीज स्थल तक सुरक्षा, यातायात नियंत्रण और वन विभाग की तैयारियों की विस्तृत समीक्षा की। जानकारी के अनुसार सीएम मोहन यादव आज गुरुवार दोपहर को लगभग 2:30 बजे श्योपुर पहुंचेंगे। अधिकारियों ने निर्देश दिए कि कार्यक्रम के दौरान सुरक्षा प्रोटोकॉल और पर्यावरण नियमों का सख्ती से पालन किया जाए। श्योपुर के कलेक्टर, एसपी और वन विभाग की संयुक्त टीम ने चीता रिलीज प्वाइंट पर सभी व्यवस्थाओं को अंतिम रूप दिया। डीएफओ आर. थिरुकुराल, एएसपी प्रवीण भूरिया और अन्य अधिकारियों ने भी निरीक्षण में भाग लिया। वन विभाग ने बताया कि उन्नत ट्रैकिंग सिस्टम, निगरानी टीम और सुरक्षा उपकरणों की तैनाती कर दी गई है, ताकि चीतों की मूवमेंट पर लगातार नजर रखी जा सके। कूनो नेशनल पार्क में इस समय कुल 29 चीते हैं, जिनमें से 16 पहले से खुले जंगल में घूम रहे हैं। एनक्लोजर में रखे चीतों में से तीन मादा चीता वीरा और उसके दो 10 महीने के शावकों को खुले जंगल में छोड़ा जाएगा। रिलीज का उद्देश्य चीतों को प्राकृतिक वातावरण में ढालना, उन्हें जंगली व्यवहार के अनुकूल बनाना और प्राकृतिक शिकार पर निर्भरता बढ़ाना है। मुख्यमंत्री यादव इस अवसर पर कूनो नेशनल पार्क का 2026 कैलेंडर जारी करेंगे। इसके साथ ही “फ्री-रेंजिंग चीतों के क्लिनिकल मैनेजमेंट के लिए फील्ड मैनुअल” भी लॉन्च किया जाएगा।पार्क में बनी नई सुविनियर शॉप का उद्घाटन भी इसी मौके पर किया जाएगा, जिससे पर्यटकों के अनुभव को और समृद्ध करने के साथ ही संरक्षण जागरूकता को बढ़ावा मिलेगा। 

लोहा व्यापारियों पर IT की बड़ी कार्रवाई: रायपुर और आसपास के जिलों में रेड, घर-दफ्तर-प्लांट सभी जांच में

रायपुर  रायपुर में आयकर विभाग ने बड़े पैमाने पर छापेमार कार्रवाई की है। आयकर विभाग के निशाने पर इस बार प्रदेश के लोहा कारोबारी हैं। टीम ने हिंदुस्तान क्लाइव के संचालकों के घर, दफ़्तर और प्लांट सहित 40 से 50 ठिकानों पर एक साथ दबिश दी गई है। कार्रवाई गुरूवार अलसुबह शुरू हुई। इनके यहां छापा आयकर विभाग ने जिन जगहों पर कार्रवाई की है उनमें ओम स्पंज, देवी स्पंज और हिंदुस्तान क्वाइल शामिल हैं। आयकर की टीम संचालकों के घर-दफ्तर, प्लांट पर स्टॉक, सहित आय-व्यय की जांच कर रही हैं। इसके साथ ही इन उद्योगपतियों से जुड़े जमीन कारोबारियों के ठिकानों पर भी छापे की कार्रवाई की जा रही है। आयकर विभाग के अधिकारियों ने उनके घरों, कार्यालयों और प्लांटों में सर्च ऑपरेशन चलाया जहां से अहम दस्तावेज और इलेक्ट्रॉनिक डेटा की जांच की जा रही है। इसके अलावा कुछ और कारोबारियों से जुड़े लोगों के ठिकानों पर भी छापेमारी की गई है जिससे यह मामला और भी बड़ा प्रतीत हो रहा है। जानकारी के अनुसार, आयकर विभाग की यह कार्रवाई बड़े वित्तीय लेन-देन और दस्तावेजों की जांच के उद्देश्य से की जा रही है। अधिकारियों ने संबंधित कंपनियों के दफ्तरों, फैक्ट्रियों और आवासीय परिसरों में जांच शुरू कर दी है। दो महीने पहले भी छत्तीसगढ़ में बड़ी रेड की गई थी, जब प्रवर्तन निदेशालय ने रायपुर, बिलासपुर और धमतरी में कई कारोबारियों के ठिकानों पर छापेमारी की थी। ईडी की उस कार्रवाई को कस्टम मिलिंग घोटाले से जुड़ा बताया गया था। आरोप था कि घोटाले की रकम से प्रॉपर्टी की खरीद-फरोख्त की गई है। उस दौरान ईडी ने रायपुर में रहेजा ग्रुप और बिलासपुर में सुल्तानिया ग्रुप के मीनाक्षी सेल्स से जुड़े ठिकानों पर छापेमारी की थी। प्राथमिक जानकारी के अनुसार, मामला वित्तीय अनियमितताओं और मनी लॉन्ड्रिंग से संबंधित था। आयकर विभाग की मौजूदा कार्रवाई को भी इसी श्रृंखला में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। जांच अभी जारी है और अधिकारियों द्वारा बरामद दस्तावेजों का परीक्षण किया जा रहा है।

माओवादी मुठभेड़ में बड़ा धक्का: बीजापुर के जंगल में 18 शव मिले, अभी पहचान शेष

बीजापुर छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले के जंगल में मारे गए नक्सलियों की संख्या 18 हो गई है. इन सभी के शवों को सुरक्षा बलों ने बरामद कर लिया है. आसपास के इलाके की सर्चिंग अभी जारी है. इन सभी नक्सलियों के शवों की पहचान भी पुलिस कर रही है. पहचान होने के बाद एसपी नामों का खुलासा करेंगे. इधर इस मुठभेड़ में शहीद हुए जवानों के पार्थिव शरीर को भी बीजापुर लाया गया. जहां उन्हें श्रद्धांजलि दी गई है.  दरअसल बुधवार को बीजापुर जिले के केशकुतुल के जंगल में पुलिस और नक्सलियों के बीच मुठभेड़ हुई थी. इसमें पहले तो मारे गए नक्सलियों की संख्या 12 बताई जा रही थी. लेकिन जब इलाके में सुरक्षा बलों ने सर्चिंग की तो 18 नक्सलियों के शव यहां से  बरामद हुए. इतनी बड़ी संख्या में एक साथ नक्सलियों का एनकाउंटर पुलिस की फिर से बड़ी उपलब्धि है. इन सभी शवों की पहचान की जा रही है.  छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बीजापुर मुठभेड़ में शहीद होने वाले तीन जवानों को श्रद्धांजलि दी है। गुरुवार को राजधानी रायपुर से बिलासपुर के लिए रवाना होने से पहले उन्होंने मीडिया से बात की। इस दौरान सीएम साय ने नक्सल मुठभेड़ में मिली सफलता और जवानों की शहादत पर बयान दिया। उन्होंने कहा कि लगातार ऑपरेशन हो रहे हैं। हमारे जवान मजबूती के साथ नक्सलवाद के खिलाफ लड़ रहे हैं।  सीएम साय ने कहा, "कल ऑपरेशन में डीआरजी के तीन जवान शहीद हुए। हम उनको विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित करते हैं, उनके साहस को नमन करते हैं। भगवान उनके परिवार को इस शोक को सहने की  शक्ति प्रदान करें। ऐसी प्रार्थना करते हैं और बड़ी सफलता मिली है।" रात भर चली मुठभेड़, 6 और माओवादी मारे गए रात भर चली मुठभेड़ के बाद छह और माओवादी मारे गए हैं। मारे गए 18 माओवादियों के शव के पास से मिले एके–47, एसएलआर, इंसास, एलएमजी और .303 राइफल सहित भारी मात्रा में हथियार व गोला-बारूद मिले हैं। इन हथियारों को लेकर जवान मुख्यालय की ओर लौट रहे हैं। मारे गए माओवादियों के शवों की औपचारिक पहचान की प्रक्रिया जारी है। डीआरजी के तीन जवान बलिदान बता दें कि इस भीषण मुठभेड़ में डीआरजी के तीन जवान प्रधान आरक्षक मोनू बड़डी, आरक्षक दुकारू गोंडे और जवान रमेश सोड़ी बलिदान हुए हैं। दो घायल जवानों की स्थिति खतरे से बाहर बताई गई है। इधर, बीजापुर पुलिस लाइन में माहौल भावुक है। बलिदान जवानों को अंतिम सलामी देने के लिए पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी लाइन में पहुंच चुके हैं। सर्च ऑपरेशन अभी भी क्षेत्र में जारी है और अतिरिक्त बल तैनात कर पूरे इलाके सुरक्षित कर लिया गया है। इस इलाके को कहा जाता रहा है माओवादियों की राजधानी उत्तर बस्तर माड़ का इलाका माओवादियों का सबसे सुरक्षित किला रहा है। इसे उनकी राजधानी भी कहा जाता रहा है। इसके बाद पश्चिम बस्तर में इंद्रावती रिजर्व टाइगर एरिया तथा सीमावर्ती घने जंगल भी लंबे समय तक उनके लिए सुरक्षित ठिकाने रहे हैं। अब केंद्र सरकार के मार्च 2026 तक माओवादियों के समूल खात्मे के संकल्प के बीच सुरक्षा बलों के निर्णायक आक्रामक अभियान ने माओवादियों का आखरी किला भी ढहा दिया है। बस्तर में वर्ष 2025 में 255 माओवादी मारे गए बीजापुर से सुकमा-आंध्र व दंतेवाड़ा के सरहदी जंगलों में तगड़ी घेरेबंदी के चलते भूमिगत माओवादी जवानों का निशाना बन रहे हैं। बुधवार को दंतेवाड़ा सीमा पर केशकुतूल में हुई मुठभेड़ में बड़े काडर के माओवादी ढेर हुए हैं। माओवाद विरोधी अभियान के दौरान संगठन के शीर्ष नेताओं समेत दुर्दात कमांडर हिडमा के मारे जाने के बाद माओवादी संगठन रेत की तरह बिखरने लगा है। बस्तर में वर्ष 2025 में 255 माओवादी मारे गए, इनमें 236 माओवादियों के शव मिले। 2024 में 239 माओवादी मारे गए थे 2024 में 239 माओवादी मारे गए थे, जिनमें 217 के शव मिले थे। दो वर्ष में 494 माओवादी मारे गए। जिनमें 453 के शव मिले। अन्य माओवादियों के मारे जाने की पुष्टि माओवादियों ने अपने पत्र में की है। बड़ी संख्या में पीएलजीए समेत आनुसांगिक संगठनों से जुड़े माओवादी हथियार समेत पुनर्वास कर रहे हैं। वहीं शेष बचे जान बचाने माओवादी माड़ के गलियारे से आंध्र की ओर भागने की फिराक में हैं, लेकिन सुरक्षा बलों के तगड़ी घेराबंदी के चलते वे बस्तर से नहीं निकल पा रहे हैं। वर्ष 2025 में मिली बड़ी सफलताएं     31 माआवादी मारे गए कर्रेगुट्टा अभियान में।     31 माओवादी मारे गए 09 फरवरी को बीजापुर में     26 माओवादी मारे गए 20 मार्च को बीजापुर में।     17 माओवादी मारे गए 29 मार्च को सुकमा में।     18 माआवादी मारे गए 16 जनवरी को बीजापुर में। शहीदों को दी गई श्रद्धांजलि  बीजापुर में माओवादी विरोधी अभियान के दौरान नक्सलियों से हुई मुठभेड़ में DRG के तीन जवान प्रधान आरक्षक मोनू मोहन बड़डी, शहीद आरक्षक दुकारू गोंडे और  जवान रमेश सोड़ी   बहादुरी से लड़ते हुए वीरगति प्राप्त हुए हैं. इन जवानों को अंतिम सलामी बीजापुर–गंगालूर मार्ग पर स्थित  पुलिस लाइन शहीद वाटिका परिसर में श्रद्धांजलि दी गई.  मार्च 2026 तक नक्सलवाद खत्म करने का लक्ष्य गृहमंत्री अमित शाह ने मार्च 2026 तक देश को नक्सलवाद से मुक्त करने का वादा किया है। इसी वजह से सुरक्षाबल लगातार नक्सलियों के खिलाफ ऑपरेशन कर रहे हैं। राज्य और केंद्र सरकारों ने नक्सलियों के पुनर्वास के लिए कई योजनाएं भी बनाई हैं, जिसके कारण बड़े पैमाने पर नक्सली सरेंडर कर रहे हैं। छत्तीसगढ़ में साल 2025 में हुए मुठभेड़ में मारे गए नक्सलियों की संख्या करीब 275 पहुंच गई है। बीजापुर समेत सात जिलों वाले बस्तर क्षेत्र में 246 नक्सली मारे गए हैं। 27 नक्सली रायपुर क्षेत्र के गरियाबंद में और दुर्ग क्षेत्र के मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी जिले में 2 नक्सली मारे गए हैं।