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मध्यप्रदेश की अनूठी धरोहर को जीआई टैग की मान्यता

मध्यप्रदेश की विरासत को मिला जीआई टैग भारत की बौद्धिक संपदा अधिकार में शुमार मध्यप्रदेश की सम्पदा खजुराहो स्टोन क्रॉफ्ट, छतरपुर फर्नीचर, बैतूल भरेवा मेटल क्रॉफ्ट, ग्वालियर पत्थर शिल्प और ग्वालियर पेपर मैशे क्रॉफ्ट को मिला जी आई टैग मुख्यमंत्री डॉ. यादव का मंत्री  काश्यप ने माना आभार और अधिकारियों को दी बधाई  पद्म रजनीकांत ने बताया ऐतिहासिक पल भोपाल  भारत का दिल कहे जाने वाले मध्यप्रदेश की 5 बहुत ही प्राचीन शिल्प कला को जीआई टैग के द्वारा भारत की बौद्धिक संपदा अधिकार में शुमार होने का गौरव प्राप्त हुआ है। एमएसएमई मंत्री  चैतन्य कुमार काश्यप ने मध्यप्रदेश की विरासत को मिली इस ऐतिहासिक पहचान के लिए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का आभार व्यक्त करते हुए विभागीय अधिकारियों को बधाई दी है। इस उपलब्धि को जीआई मैन ऑफ इंडिया के नाम से प्रख्यात पद्म डॉ. रजनी कांत ने  अत्यंत गर्व का पल बताया है। जीआई रजिस्ट्री चेन्नई के वेबसाइट पर इन उत्पादों के सामने रजिस्टर्ड का स्टेटस आते ही संबंधित शिल्पियों में खुशी की लहर दौड़ गई और मध्यप्रदेश के लिए यह पहल करने वाले सूक्ष्म,लघु,मध्यम उद्यम विभाग सहित अन्य विभागों में भी नई चेतना आ गईं है। लगभग एक वर्ष पूर्व ही इन सभी के लिए जीआई का आवेदन खजुराहो स्टोन क्रॉफ्ट, बैतूल भरेवा मेटल क्रॉफ्ट, ग्वालियर पत्थर शिल्प और ग्वालियर पेपर मैशे के लिए नाबार्ड, मध्यप्रदेश ने और छतरपुर फर्नीचर के लिए सिडबी मध्यप्रदेश ने वित्तीय सहयोग प्रदान किया था। एमएसएमई विभाग मध्यप्रदेश के प्रयास से स्थानीय शिल्पियों की संबंधित संस्थाओं द्वारा यह सभी जीआई एप्लिकेशन पद्म डॉ. रजनीकांत के तकनीकी सहयोग से भेजे गए थे। नवम्बर माह में ही पन्ना डायमंड को जीआई टैग प्राप्त हुआ है और लगभग 25 उत्पादों की जीआई मिलने की प्रक्रिया अपने अंतिम चरण में है।  

सीएम डॉ. यादव ने केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री नड्डा को दिया MP में 4 मेडिकल कॉलेजों के भूमि पूजन का निमंत्रण

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री  नड्डा से की भेंट मध्य प्रदेश में 4 मेडिकल कॉलेजों के भूमि पूजन का दिया आमंत्रण भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बुधवार को नई दिल्ली में केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री  जेपी नड्डा से भेंट की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री  नड्डा से मध्यप्रदेश में पीपीपी मॉडल पर प्रारंभ होने वाले चार मेडिकल कॉलेज के भूमि-पूजन के लिए आमंत्रण दिया। यह कार्यक्रम इस माह प्रस्तावित है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मीडिया प्रतिनिधियों से चर्चा में कहा कि मध्यप्रदेश में अन्य क्षेत्रों के साथ स्वास्थ्य और चिकित्सा के क्षेत्र में निरंतर जन सुविधाएं बढ़ाई जा रही हैं। अभी और चार नए मेडिकल कॉलेज का भूमि-पूजन कार्यक्रम प्रस्तावित है। इन मेडिकल कॉलेजों की स्थापना पन्ना, बैतूल, कटनी और धार में होगी। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री  नड्डा ने मुख्यमंत्री डॉ. यादव के आंमत्रण को स्वीकार करते हुए सहमति प्रदान की है। शीघ्र ही तिथि निर्धारित कर 4 नये मेडिकल कॉलेजों का भूमि-पूजन किया जायेगा।  

सीएम योगी ने बच्चों को देखकर किया औचक मुलाकात का फैसला

गोरखपुर  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का बालप्रेम जगजाहिर है। जब भी वह बच्चों को अपने आसपास देखते हैं, उन पर स्नेह और प्यार लुटाते हैं। बुधवार को गोरखपुर सर्किट हाउस परिसर में हेलिपैड से उतरते ही उनकी नजर जब समीप के पार्क के गेट पर बच्चों के समूह पर गई तो वह खुद उनसे मिलने उनके पास पहुंच गए। उन्होंने बच्चों से आत्मीयता से बात की और चॉकलेट दिया।  गोला के मदरिया सिद्धपीठ से होकर मुख्यमंत्री जब हेलीकॉप्टर से सर्किट हाउस परिसर के  हेलिपैड पर उतरे तो उस समय बगल के अंबेडकर पार्क में बच्चे ताइक्वांडो की प्रैक्टिस कर रहे थे। हेलीकाप्टर की गड़गड़ाहट सुनकर बच्चे गेट के पास आकर देखने लगे। सीएम योगी को देखते ही बच्चों ने जयकारा लगाकर उनका अभिवादन किया। बच्चों को देखकर सीएम खुद को रोक नहीं पाए और पहले पार्क के पिछले गेट की ओर गए। गेट के दूसरी ओर खड़े बच्चों से दुलारा। उनसे बात की। सीएम ने पूछा कि क्या कर रहे हो तो बच्चों ने कहा कि ताइक्वांडो की प्रैक्टिस। सीएम ने उन्हें चाकलेट भी दिया।

पटना के 20 संवेदनशील इलाकों में स्पेशल महिला पुलिस तैनात, छेड़खानी पर होगी जीरो टॉलरेंस

पटना पटना में महिलाओं की सुरक्षा को और मजबूत करने के लिए Shakti Safety Squad एक नया बड़ा कदम उठाने जा रहा है। टीम ने ऐसे 20 पॉइंट्स को चिह्नित किया है, जहां महिलाओं की आवाजाही ज्यादा होती है और जहां से लगातार छेड़छाड़ व असुरक्षा की शिकायतें मिलती रही हैं। जल्द ही इन स्थानों पर सिविल ड्रेस (Civil Dress) में महिला पुलिसकर्मियों की तैनाती की जाएगी। इसकी जानकारी सिटी एसपी दीक्षा ने साझा की। सेंसिटिव लोकेशंस पर बढ़ाई जाएगी निगरानी शक्ति सुरक्षा दल द्वारा जिन जगहों को हॉट-स्पॉट माना गया है, उनमें एसके पुरी पार्क, जेपी गंगा पथ, ईको पार्क, सहदेव महतो मार्ग, बोरिंग रोड चौराहा और लोहिया पार्क जैसे भीड़भाड़ वाले स्पॉट शामिल हैं। इन क्षेत्रों से Harassment Complaints काफी संख्या में मिली थीं। इसी वजह से ग्राउंड पर महिला सुरक्षा बढ़ाने के लिए यह बड़ा फैसला लिया गया है।  सिर्फ नवंबर में 1909 महिलाओं ने मांगी मदद सिटी एसपी दीक्षा ने बताया कि नवंबर महीने में ही Shakti Squad Helpline पर कुल 1909 महिलाओं ने संपर्क किया। इनमें से—     62 मामलों में काउंसिलिंग की गई     45 शिकायतों पर जांच व कार्रवाई हुई     23 युवतियों को थाने भेज आगे की प्रक्रिया कराई गई शक्ति सुरक्षा दल का गठन 11 जून को किया गया था और तब से यह टीम शहरभर में सक्रिय है। खासकर उन क्षेत्रों में जहां महिलाओं की भीड़ अधिक रहती है, वहां टीम तुरंत पहुंचकर सहायता उपलब्ध कराती है। 24×7 हेल्पलाइन नंबर एक्टिव किसी भी आपात स्थिति में महिलाएं सीधे 24×7 Active Helpline Numbers पर कॉल कर सकती हैं—     9296598170     9296580210 इन नंबरों पर तत्काल मदद उपलब्ध कराई जाती है। सिटी एसपी के अनुसार, टीम की सक्रियता के कारण महिलाओं में भरोसा बढ़ा है और कई मामलों में शिकायतों पर तुरंत एक्शन लिया गया है। जल्द बढ़ेगा सुरक्षा का घेरा जल्द ही चिन्हित स्थानों पर Female Cops in Civil Dress की तैनाती से सुरक्षा व्यवस्था और मजबूत हो जाएगी। इससे महिलाओं को सुरक्षित माहौल मिलेगा और असामाजिक तत्वों पर भी लगाम लगेगी।  

IMD अलर्ट: राजस्थान में मौसम पलटेगा, जयपुर-बीकानेर में शीतलहर के आसार

जयपुर राजस्थान में गुरुवार से शीतलहर की चेतावनी जारी कर दी गई है। मौसम विभाग का कहना है कि अगले 24 घंटों में राजस्थान में सर्दी का प्रभाव तेजी से बढ़ने वाला है। हिमालय पर अगले 48 घंटों में पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होगा। इसके प्रभाव से आने वाले एक सप्ताह में तेज सर्दी पड़ने का अनुमान  है। उत्तर भारत से आने वाली बर्फीली हवाओं के कारण राज्य के उत्तर-पूर्वी हिस्सों में तापमान में भी गिरावट दर्ज होगी। मौसम विभाग ने शेखावाटी क्षेत्र में सुबह-शाम कड़ाके की सर्दी पड़ने की संभावना जताई है। गुरुवार से शेखावाटी के सीकर, चूरू और झुंझुनू में शीतलहर का अलर्ट भी जारी किया गया है। खास तौर पर सीकर के फतेहपुर में मौसम में जबरदस्त गलन महसूस की जा रही है।  बीते 24 घंटों में मौसम पूरी तरह साफ रहा, दिन में धूप निकली, लेकिन शाम ढलते ही ठंड तेजी से बढ़ी। बीकानेर के लूणकरणसर में न्यूनतम तापमान 4.7°C रिकॉर्ड किया गया, जो प्रदेश में सबसे कम रहा।फतेहपुर में 6.6°C, गंगानगर 6.9°C, चूरू 9°C, बीकानेर 9.3°C, अलवर 8°C और जैसलमेर में 10°C तापमान दर्ज हुआ। उधर सीकर और पिलानी में मंगलवार को हल्की बढ़ोतरी के साथ न्यूनतम तापमान क्रमशः 12°C और 10.4°C रेकॉर्ड किया गया। दिन में भी ठंडक बनी रही और कई शहरों में अधिकतम तापमान में गिरावट देखी गई। सीकर में 24.5°C, पिलानी में 26.2°C, जयपुर में 26.6°C और अलवर में 26.5°C अधिकतम तापमान दर्ज हुआ। वहीं राष्ट्रीय राजमार्गों की बात करें तो मौसम विभाग ने आज किसी भी राजमार्ग पर कोहरे की चेतावनी जारी नहीं की है। हालांकि जयपुर सीकर राष्ट्रीय राजमार्ग पर शीतलहर चलने का अनुमान जारी किया गया है।

हाईकोर्ट का फैसला: अनुसूचित जाति–जनजाति आरक्षण का लाभ केवल मूल धर्म की स्थिति में मान्य

प्रयागराज  इलाहाबाद हाई कोर्ट ने एक महत्वपूर्ण निर्णय सुनाते हुए स्पष्ट कर दिया है कि हिंदू धर्म छोड़कर ईसाई या किसी अन्य धर्म को अपनाने वाले व्यक्ति को अनुसूचित जाति (SC) या अनुसूचित जनजाति (ST) के लाभ का अधिकार नहीं है. कोर्ट ने कहा कि यह लाभ केवल हिंदू धर्म में रहने वाले व्यक्तियों को ही प्राप्त हो सकता है. हाई कोर्ट के जस्टिस प्रवीण कुमार गिरि की एकल पीठ ने कहा कि धर्म बदलने के बाद भी अनुसूचित जाति का लाभ लेना संविधान के साथ धोखा है. कोर्ट ने इसे गंभीर मुद्दा बताते हुए इस पर कानूनी कार्रवाई किए जाने के निर्देश दिए. चार माह में जांच कर कार्रवाई का आदेश हाईकोर्ट ने उत्तर प्रदेश के सभी जिलों के जिलाधिकारियों (DM) को निर्देश दिया है कि धर्म बदल चुके हिंदुओं की ओर से SC लाभ लिए जाने के मामलों की चार माह में जांच करें और जांच के बाद आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाए. इसके साथ ही महाराजगंज के डीएम को विशेष रूप से निर्देश दिया गया है कि ईसाई धर्म अपना चुके व्यक्ति की ओर से खुद को हिंदू दिखाने के मामले की तीन माह में जांच कर कार्रवाई की जाए. केंद्र व राज्य सरकार को भी निर्देश इसके साथ ही कोर्ट ने निम्न अधिकारियों को इस मामले में कार्रवाई करने के आदेश दिए: 1. भारत सरकार के कैबिनेट सचिव 2. उत्तर प्रदेश के मुख्य सचिव 3. अपर मुख्य सचिव, समाज कल्याण विभाग 4. प्रमुख/अपर मुख्य सचिव, अल्पसंख्यक कल्याण विभाग याची जितेंद्र साहनी की याचिका खारिज यह निर्णय जितेंद्र साहनी की याचिका पर सुनाया गया, जिसमें उन्होंने धर्म परिवर्तन के आरोप में एसीजेएम कोर्ट में चल रही आपराधिक कार्यवाही को रद्द किए जाने की मांग की थी. हाईकोर्ट ने उनकी याचिका खारिज करते हुए कहा कि याची चाहे तो अधीनस्थ अदालत में डिस्चार्ज अर्जी दे सकता है. कोर्ट ने हिंदू कौन है, इसका स्पष्टीकरण देते हुए कहा कि हिंदू, सिख, बौद्ध, जैन, आर्य समाजी आदि हिंदू परंपरा के अंतर्गत आते हैं. जो व्यक्ति मुस्लिम, ईसाई, पारसी या यहूदी नहीं है, वह हिंदू माना जाता है. SC की सुविधाएं केवल हिंदू (और संबंधित धर्मों) को ही दी जाती हैं. धर्म बदलने के बाद व्यक्ति इन लाभों का हकदार नहीं रहता है. सुप्रीम कोर्ट के इस केस का दिया हवाला सुप्रीम कोर्ट के C. Selvarani मामले का हवाला देते हुए हाईकोर्ट ने कहा कि लाभ लेने के उद्देश्य से धर्मांतरण करना संविधान के साथ धोखा बताया गया है. याची पर आरोप है कि उसने गरीबों को ईसाई धर्म अपनाने के लिए प्रेरित किया. साथ ही हिंदू देवताओं के खिलाफ आपत्तिजनक बातें कीं और धार्मिक शत्रुता भड़काई. ग्राम मथानिया लक्ष्मीपुर एकडंगा के याची पर आरोप है कि उसने जीसस क्राइस्ट की स्पीच के लिए गरीबों का धर्म परिवर्तन कराया है. SC/ST एक्ट का मकसद भी स्पष्ट करते हुए कोर्ट ने कहा कि SC/ST अत्याचार निवारण अधिनियम का उद्देश्य उन समुदायों की रक्षा करना है. जो ऐतिहासिक रूप से जातीय भेदभाव का शिकार रहे हैं, उनके लिए ये एक्ट है. इसलिए इस संरक्षण को उन लोगों तक नहीं बढ़ाया जा सकता, जिन्होंने ऐसा धर्म अपना लिया है जहां जाति व्यवस्था मान्य नहीं है.

मध्यप्रदेश में सरकारी हवाई खर्च 90 करोड़ के पार, मेंटेनेंस पर ही 45 करोड़ रुपए खर्च

भोपाल मध्य प्रदेश सरकार ने पिछले 11 महीनें में 90 करोड़ रुपए का हवाई सफर कर डाला. जबकि पिछले 4 सालों में हवाई यात्राओं पर 290 करोड़ रुपए खर्च हुए हैं. पिछले छह सालों में विमान किराए की राशि में करीबन 80 फीसदी की बढोत्तरी हुई है. साल 2019 में विमान के किराए पर 1.63 करोड़ रुपए खर्च होते थे, जो साल 2025 में बढ़कर 90.7 करोड़ रुपए पहुंच गया है. विधानसभा में कांग्रेस विधायक प्रताप ग्रेवाल और पंकज उपाध्याय के सवाल के जवाब में यह जानकारी सरकार ने विधानसभा में दी है. एक अन्य सवाल के जवाब में सरकार ने बताया कि, 'भुगतान मद में बजट राशि न होने की वजह से 15.30 करोड़ का भुगतान अभी बाकी है. मेंटेनेंस पर खर्च हुए 45 करोड़ मध्य प्रदेश सरकार के पास अभी 1 शासकीय हेलीकॉप्टर है, जिसका हवाई यात्राओं में उपयोग होगा है. जबकि एक अन्य विमान 2020 में ग्वालियर एयरपोर्ट पर दुर्घटनाग्रस्त हो गया था. विधानसभा में सरकार द्वारा जानकारी दी गई कि राज्य सरकार के पास मौजूदा हवाई वाहन के रखरखाव पर साल 2011-12 से अभी तक 45.24 करोड़ की राशि खर्च की जा चुकी है. वहीं इस दौरान इसके ईंधन खर्च पर 11.05 करोड़ रुपए खर्च हुए हैं. इस हेलीकॉप्टर पर साल 2022-23 ने सबसे ज्यादा उड़ान भरी. इस साल इसमें 14 करोड़ रुपए का ईंधन खर्च हुआ. इसी साल इसके मेंटेनेंस पर भी 10.49 करोड़ हुए खर्च हुए. विमान कंपनियों को चुकाए 290 करोड़ जानकारी में बताया गया कि, राज्य सरकार द्वारा जनवरी 2021 से लेकर नंवबर 2025 के दौरान विमान किराए पर 290 करोड़ रुपए की राशि खर्च की गई. वहीं इस साल 2025 में जनवरी से लेकर नवंबर माह के दौरान निजी विमान कंपनियों पर 90.7 करोड़ रुपए की राशि हवाई उड़ान में खर्च की गई. हवाई उड़ान में खर्च की राशि में पिछले 4 सालों के दौरान भारी बढोत्तरी हुई है. साल 2019 में विमान किराए पर सिर्फ 1.63 करोड़ रुपए की राशि खर्च की गई थी, लेकिन अब बढ़कर 90.7 करोड़ रुपए पहुंच गई है. 2022-23 से बढ़ाया विमान का किराया कांग्रेस विधायक पंकज उपाध्याय ने बताया कि, ''सरकार ने उनके सवाल में जानकारी दी है कि 2022-23 से 2024-25 तक विमान किराए में 20 से 30 फीसदी की बढोत्तरी की गई है. 4 अप्रैल 2023 को आयुक्त विमानन द्वारा जारी पत्र में कहा गया कि पोस्ट कोविड में पर्यटन बढ़ने के कारण विमान की मांग बढ़ गई है. कोविड के कारण विमान हेलीकॉप्टर का उत्पादन बुरी तरह प्रभावित हुआ है और लोकसभा चुनाव होने से विमान किराए की मांग बढ गई है. साथ ही इनके रखरखाव और ईंधन में बढोत्तरी हुई है, इसलिए किराया बढ़ाया जाना तय किया गया है. इस आधार पर जिन विमान का किराया 2022-23 में 4.45 लाख प्रतिघंटा उसे बढ़ाकर 2024 में 5.70 लाख प्रति घंटा किया गया और जिन विमान का किराया 3.5 लाख प्रति घंटा था, उसे बढ़ाकर 4.75 लाख प्रतिघंटा किया गया.''

रिव्यू मीटिंग में CM मोहन यादव का निर्देश: कुपोषण पर ज़ीरो टॉलरेंस, लाड़ली लक्ष्मी योजना में ड्रॉप आउट रोकें

भोपाल   मध्य प्रदेश सरकार के दो साल पूरे होने वाले हैं। इससे पहले सीएम मोहन यादव विभागों की समीक्षा कर रहे हैं। बाल विकास विभाग की समीक्षा के दौरान सीएम ने कई निर्देश दिए हैं। मध्य प्रदेश आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं की पूर्णत: ऑनलाइन पारदर्शी भर्ती प्रकिया लागू करने में देश का पहला राज्य बन गया है। इसके साथ ही सीएम ने लाडली लक्ष्मी बेटियों के ड्रॉप आउट पर विभागीय अधिकारियों से जानकारी ली। ड्रॉप आउट रोकने के निर्देश सीएम ने अधिकारियों को लाडली लक्ष्मी बेटियों के ड्रॉप आउट रोकने के निर्देश दिए हैं। साथ ही कहा कि इस पर सख्त निगरानी रखें। दरअसल, यह खबरें आ रही थीं कि लाडली लक्ष्मी बेटियां पढ़ाई छोड़ रही हैं। इसी के बाद सीएम ने चर्चा की है। ये रहीं विभाग की उपलब्धियां इसके साथ ही टेक होम राशन की एफआरएस प्रक्रिया में मध्य प्रदेश प्रथम स्थान पर है। इसके लिए राष्ट्रीय स्तर पर सराहना हुई है। साथ ही स्पॉन्सरशिप योजना में 20,243 बच्चों को लाभ देकर एमपी ने देश में दूसरा स्थान हासिल किया है। झाबुआ के ‘मोटी आई’ नवाचार को प्रधानमंत्री उत्कृष्टता पुरस्कार मिला है। PM JANMAN भवनों की डिजाइन और मॉनिटरिंग मॉड्यूल की भारत सरकार द्वारा विशेष सराहना की गई। भवन निर्माण की रियल-टाइम मॉनिटरिंग के लिए अत्याधुनिक मॉड्यूल विकसित किया गया। आंगनवाड़ी में गर्म भोजन की व्यवस्था वहीं, सीएम ने तीन वर्ष की तैयारी करने के निर्देश दिए हैं। 2026 से मध्य प्रदेश के शहरी आंगनवाड़ी केंद्रों में सेंट्रल किचन से गर्म भोजन उपलब्ध करवाने की तैयारी है। साथ ही अगले तीन वर्ष में 9000 नए आंगनवाड़ी केंद्रों के भवन बनाए जाएंगे। महिलाओं को मिली मदद साथ ही PMMVY में 9.70 लाख गर्भवती महिलाओं को ₹512 करोड़ से अधिक की सहायता मिली है। लाडली बहना योजना के तहत जनवरी 2024–नवंबर 2025 में ₹36,778 करोड़ का अंतरण किया गया है। 1.72 लाख महिलाओं को महिला हेल्पलाइन से सहायता मिली है। इसके साथ ही बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ के तहत 1.89 लाख पौधारोपण, 6,520 ड्राइविंग लाइसेंस, 8,637 बालिकाओं को प्रतियोगी परीक्षा प्रशिक्षण दी गई। वहीं, सामग्री टेंडर प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने के निर्देश दिए। सीएम ने कहा कि यदि टेंडर प्रक्रिया में गड़बड़ी होगी तो वरिष्ठ अधिकारी जिम्मेदार होगें। सीएम ने तीन साल में कुपोषण को समाप्त करने के लिए फुल प्रूफ कार्य योजना बनाने के निर्देश दिए हैं। साथ ही ब्रेस्ट फीडिंग के लिए जागरूकता बढ़ाने के भी निर्देश दिए हैं।

मध्य प्रदेश: CM मोहन यादव की समीक्षा बैठक, कैबिनेट फेरबदल की उल्टी गिनती शुरू, 3 मंत्री निशाने पर!

भोपाल  सीएम डॉ. मोहन यादव ने राज्य में संभावित कैबिनेट फेरबदल की अटकलों के बीच सभी मंत्रिस्तरीय विभागों की समीक्षा शुरू कर दी है। यह मूल्यांकन 2 दिसंबर से 9 दिसंबर तक चलेगा, जिसमें प्रत्येक मंत्री के दो साल के प्रदर्शन का आंकलन किया जाएगा और शासन के लिए तीन साल का रोडमैप तैयार किया जाएगा। इस समीक्षा का उद्देश्य जमीनी स्तर पर प्रशासनिक कार्यों में तेजी लाना और यह सुनिश्चित करना है कि योजनाओं का लाभ अंतिम लाभार्थी तक पहुंचे। पहले दिन इन विभागों की जांच समीक्षा के पहले दिन मुख्यमंत्री यादव ने स्कूल शिक्षा विभाग की जांच की, जिसमें योजनाओं, बुनियादी ढांचे, डिजिटल शिक्षा और शिक्षक प्रबंधन पर विस्तृत प्रतिक्रिया मांगी गई। ग्रामीण विकास, पंचायत और परिवहन विभागों की भी समीक्षा की गई। सूत्रों के अनुसार, मुख्यमंत्री ने शिक्षा योजनाओं के प्रभाव का गहनता से अध्ययन किया। अधिकारियों ने बताया कि स्कूल छोड़ने वालों की दर में उल्लेखनीय गिरावट आई है और नामांकन में पिछले साल की तुलना में 120% की वृद्धि हुई है, खासकर निजी स्कूलों से। मंत्री प्रह्लाद पटेल क्या बोले? ग्रामीण विकास एवं पंचायत मंत्री प्रहलाद पटेल ने कहा कि सरकार ग्राम पंचायत कार्यालयों, सामुदायिक हॉल, ग्रामीण सड़कों के निर्माण और पेयजल व्यवस्था में सुधार पर ध्यान केंद्रित कर रही है। उन्होंने पारंपरिक जल संरचनाओं को पुनर्जीवित करने और संरक्षित करने के प्रयासों पर जोर दिया और दावा किया कि कई योजनाएं गांवों को आत्मनिर्भरता की ओर धकेल रही हैं। स्कूल शिक्षा मंत्री ने भी दी रिपोर्ट परिवहन और स्कूल शिक्षा मंत्री उदय प्रताप सिंह ने कहा कि सरकार शैक्षिक सुविधाओं को मजबूत करने, योग्यता को बढ़ावा देने और परिवहन बुनियादी ढांचे में सुधार के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि मुख्यमंत्री की विस्तृत समीक्षा से सकारात्मक परिणाम मिलेंगे। सरकार का कहना है कि ये समीक्षाएं जमीनी स्तर पर प्रशासनिक कार्यों में तेजी लाएंगी और राज्य की योजनाओं का लाभ अंतिम लाभार्थी तक पहुंचाना सुनिश्चित करेंगी। बदलाव की चर्चा भी तेज 31 सदस्यीय कैबिनेट में चार मंत्रिस्तरीय पद रिक्त होने के साथ, राजनीतिक गलियारों में बड़े बदलावों की चर्चाएं तेज हैं। सूत्रों के अनुसार, कई वरिष्ठ विधायकों को कैबिनेट में शामिल किया जा सकता है। कुछ मौजूदा मंत्रियों को महत्वपूर्ण संगठनात्मक भूमिकाओं में स्थानांतरित किया जा सकता है। दो महिला विधायकों को शामिल किया जा सकता है। खराब प्रदर्शन के कारण कम से कम तीन वर्तमान मंत्रियों को हटाया जा सकता है। कांग्रेस के एक पूर्व विधायक, जिन्होंने भाजपा का दामन थामा है, को भी पद की पेशकश पर विचार किया जा रहा है।  

आरएसएस के हिंदू सम्मेलन में योगी केंद्र में, क्या यूपी 2027 की राजनीतिक तैयारी शुरू?

लखनऊ बिहार विधानसभा चुनाव के बाद अब आरएसएस की निगाहें उत्तर प्रदेश पर केंद्रित हो गई हैं. बीजेपी सत्ता की हैट्रिक लगाने का तानाबाना बुनना शुरू कर दिया है. 2027 में होने वाले विधानसभा चुनाव में संघ और बीजेपी हिंदुत्व के एजेंडे को और धार देने की रणनीति पर अभी से काम शुरू कर दिया है ताकि पूरे सूबे में हिंदुत्व का सियासी रंग चढ़ सके. आरएसएस और बीजेपी ने संयुक्त रूप से उत्तर प्रदेश में हिंदुत्व आधारित माहौल को मजबूती देने की रणनीति बनाई. संघ के साथ बीजेपी राम मंदिर के मुद्दे को गांव-गांव पहुंचाने का प्लान बनाया है, तो साथ ही लखनऊ में 'विराट हिंदू सम्मेलन' कराने की तैयारी की है. इस सम्मेलन में सीएम योगी आदित्यनाथ भी शिरकत करेंगे, जिसके मायने साफ हैं कि पार्टी ने उन्हें हिंदुत्व का चेहरा बनाकर पेश करने की रणनीति अपनाई है. आरएसएस-बीजेपी की मंथन से निकलेगा अमृत उत्तर प्रदेश में सवा साल के बाद सोमवार को सरकार, संगठन और संघ की समन्वय बैठक हुई. पहली बैठक संघ की भारती भवन के बंद कमरे में हुई, जिसमें संघ के सरकार्यवाह अरुण कुमार, बीजेपी राष्ट्रीय महामंत्री संगठन बीएल संतोष, अतुल लिमये, पश्चिम क्षेत्र प्रचारक महेंद्र शर्मा, पूर्वी क्षेत्र प्रचारक अनिल सिंह और यूपी बीजेपी के संगठन महामंत्री धर्मपाल सिंह मौजूद रहे. यह बैठक करीब डेढ़ घंटे तक चली. इसके बाद संघ की सरकार और बीजेपी संगठन के साथ मीटिंग हुई. संघ, सरकार और संगठन की बैठक में सीएम योगी आदित्यनाथ, बीएल संतोष, अरुण कुमार, डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य, बृजेश पाठक, बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष भूपेंद्र सिंह चौधरी सहित संघ के क्षेत्रीय प्रचारकों के बीच बैठक हुई. इस बैठक में मिशन-2027 को लेकर रणनीति बनी और अब उसे अमलीजामा पहनाने का काम शुरू कर दिया गया है. यूपी से फीडबैक लेकर वापस दिल्ली लौटे बीएल संतोष ने प्रदेश अध्यक्ष के नाम को लेकर पीएम मोदी, अमित शाह और जेपी नड्डा के साथ बैठक की. योगी के बहाने हिंदुत्व को धार देने का प्लान संघ के 100 साल पूरे हो गए हैं. संघ अपना शताब्दी वर्ष मना रहा है. ऐसे में संघ और बीजेपी जनवरी 2026 में लखनऊ में 'विराट हिंदू सम्मेलन' करने जा रहे हैं. इस कार्यक्रम में सीएम योगी भी शिरकत करेंगे. माना जा रहा है कि इस रैली के जरिए योगी आदित्यनाथ की हिंदुत्ववादी छवि को और भी मजबूत कर पेश करने की रणनीति है. सीएम योगी को केंद्र में रखकर विशेष रूप से रणनीति तैयार की जा रही है. इसी बैठक में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को इन तमाम कार्यक्रमों में मुख्य चेहरे के तौर पर आगे रखने का भी प्लान है और उन्हीं के बहाने हिंदुत्व को धार देने की कोशिश है. योगी आदित्यनाथ सिर्फ अपने काम से ही नहीं बल्कि अपने लिबास से भी हिंदुत्व के रंग में रचे-बसे नजर आते हैं. यूपी में 'विराट हिंदू सम्मेलन' 2027 से पहले संघ के शताब्दी वर्ष के मद्देनजर राज्यभर में बड़े पैमाने पर हिंदू सम्मेलनों की श्रृंखला आयोजित की जाएगी. इसी क्रम में लखनऊ में होने वाले 'विराट हिंदू सम्मेलन' को शक्तिशाली राजनीतिक संदेश के रूप में देखा जा रहा है. बीजेपी और संघ की साझा रणनीति से एक बात साफ है कि यूपी में विकास को आधार बनाकर हिंदुत्व के भावनात्मक मुद्दों को भुनाने की तैयारी है. लखनऊ में होने वाला विराट हिंदू सम्मेलन इस रोडमैप का केंद्रबिंदु माना जा रहा है. मिशन 2027 के हिंदुत्व को धार देने का प्लान जनवरी में राम मंदिर के कैलेंडर और तस्वीर के साथ संघ और बीजेपी के कार्यकर्ता लोगों से जनसंपर्क करते हुए घर-घर पहुंचने की कोशिश करेंगे. इसके बाद 20 फरवरी तक हिंदू सम्मेलन शुरू होंगे, जिसमें हिंदू समाज को एकजुट करने, खासकर दलित, अति पिछड़े और पिछड़े वर्गों तक पहुंच कर संघ और हिंदुत्व को लेकर सभी शहरों में कार्यक्रम करेंगे. एक कार्यक्रम लखनऊ में भी प्लान किया जा रहा है जो विराट हिंदू सम्मेलन के तौर पर होगा. इसमें भाजपा और संघ के कार्यकर्ता जुड़ेंगे और उनकी कोशिश पिछड़े और दलित परिवारों तक पहुंचने की होगी. इस समीक्षा में विराट हिंदू सम्मेलन की तैयारियां और विभिन्न समूहों से मिले फीडबैक शामिल रहे. यूपी में भाजपा–संघ ने राजनीतिक समीकरणों को साधने की कवायद शुरू कर दी है. सपा के पीडीए का क्या काउंटर प्लान संघ और बीजेपी के इन कार्यक्रमों को सपा के पीडीए की काट के तौर पर देखा जा रहा है. इस संबंध में बैठक में पीडीए के काउंटर प्लान पर चर्चा हुई. सपा ने 2024 में पीडीए फॉर्मूले के जरिए बीजेपी को झटका दिया था. 2024 में यूपी की 80 लोकसभा सीटों में से सपा 37 और कांग्रेस 6 सीटें जीतने में कामयाब रही थी. वहीं, बीजेपी सिर्फ 33 सीट पर सिमट गई थी. 2019 की तुलना में उसे 31 सीटों का नुकसान उठाना पड़ा था. बीजेपी का सियासी समीकरण बिगड़ गया था, जिसके बाद से योगी आदित्यनाथ लगातार 'बंटोगे तो कटोगे' के नारे के जरिए हिंदुओं को एकजुट करने में लगे हैं. बीजेपी और संघ का प्लान है कि दलित, अति पिछड़े और पिछड़े वर्गों तक अपनी पहुंच बनाई जाए. संघ और हिंदुत्व गांव-गांव ही नहीं बल्कि तमाम शहरों में कार्यक्रम करेंगे. इस तरह बीजेपी अलग-अलग जातियों में बिखरे हिंदू वोटों को फिर से एक छतरी के नीचे लाने के लिए विराट हिंदू सम्मेलन की रूप रेखा तैयार कर रही है. माना जा रहा है कि इस दांव से सपा के विनिंग फॉर्मूला पीडीए को काउंटर करने की रणनीति है.