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सीजी पीएससी 2024 के टॉप 10 अभ्यर्थियों ने रायपुर में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से की मुलाकात

रायपुर : मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय से छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग 2024 के टॉप 10 अभ्यर्थियों ने की सौजन्य भेंट मुख्यमंत्री ने दी शुभकामनाएं, लोकहित में कार्य करने की दी सीख रायपुर मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय से विगत दिवस राजधानी रायपुर स्थित उनके निवास कार्यालय में छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग 2024 के टॉप 10 अभ्यर्थियों ने सौजन्य भेंट की। मुख्यमंत्री  साय ने सभी चयनित अभ्यर्थियों और उनके परिजनों को सफलता के लिए शुभकामनाएं और बधाई दी। इस अवसर पर विधायक  ललित चंद्राकर और राजभाषा अधिकारी  छगन लाल नागवंशी भी उपस्थित थे। मुख्यमंत्री  साय ने विद्यार्थियों से उनकी तैयारी के अनुभव, परीक्षा के दौरान आने वाली चुनौतियों और भविष्य की योजनाओं के बारे में विस्तार से जानकारी ली। उन्होंने कहा कि मेहनत, अनुशासन और सकारात्मक सोच के कारण विद्यार्थियों ने यह महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग 2024 में प्रदेश के युवाओं का उत्कृष्ट प्रदर्शन हम सबके लिए गर्व की बात है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार युवाओं को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, बेहतर प्रशिक्षण और प्रतिस्पर्धी परीक्षाओं की तैयारी के लिए आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि आपको हमेशा यह भी याद रखना होगा कि आगे आपकी भूमिका लोकसेवक की होगी। आपको अपने दायित्वों के निर्वहन में धैर्य, विनम्रता और लोक सेवक की सीमाओं का हमेशा ध्यान रखना होगा। आम जनमानस में प्रशासन का विश्वास कायम रखने की दिशा में आप सभी को संवेदनशीलता से प्रयास करना है।  मुख्यमंत्री ने कहा कि  हमारी सरकार ने छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग की प्रतिष्ठित परीक्षा को पूरी पारदर्शिता के साथ आयोजित करने का निर्णय लिया है और वह परीक्षा परिणामों में  साफ नजर आ रहा है।  टॉपर विद्यार्थियों ने मुख्यमंत्री से मुलाकात के लिए आभार व्यक्त किया और कहा कि यह उपलब्धि उनके लिए जिम्मेदारी का नया अध्याय है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि वे पूरी निष्ठा, ईमानदारी और समर्पण के साथ जनता की सेवा करेंगे और प्रदेश के विकास में योगदान देंगे। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग 2024 के टॉप 10 चयनित अभ्यर्थी  देवेश प्रसाद साहू,  स्वप्निल वर्मा,  यशवंत कुमार देवांगन,  पोलेश्वर साहू,  पारस शर्मा, सु शताक्षी पाण्डेय,  अंकुश बैनर्जी, सु सृष्टि गुप्ता,  प्रशांत वर्मा और  सागर वर्मा सपरिवार उपस्थित थे।

घने कोहरे और बर्फीली हवाओं ने बढ़ाई ठिठुरन, झारखंड में जनजीवन बेहाल

रांची झारखंड में दिसंबर के दस्तक के देने के साथ ही ठंड ने अचानक जोर पकड़ लिया है। बर्फीली हवाओं और तेजी से गिरते तापमान ने आम लोगों की जिंदगी मुश्किल कर दी है। खूंटी जिले में पिछले 24 घंटों में 1 मिमी बारिश दर्ज की गई, जबकि आंशिक बादल और हल्की धूप के बावजूद ठिठुरन से कोई राहत नहीं मिली। दोपहर की हल्की फुहार ने सर्दी को और भयावह बना दिया। यहां न्यूनतम तापमान 9.4 डिग्री सेल्सियस तक फिसल गया।       मौसम विभाग के अनुसार, आज पूरे राज्य में आसमान मुख्य रूप से साफ रहेगा। दोपहर में धूप तो तेज दिखेगी, लेकिन उत्तरी दिशा से आ रही बर्फीली हवाएं इसका पूरा असर खत्म कर देंगी। बादल छंटने से रात का तापमान 4-5 डिग्री तक गिर सकता है। रांची, खूंटी, लातेहार, लोहरदगा, पलामू, गुमला, गढ़वा, हजारीबाग और कोडरमा में न्यूनतम तापमान 7-8 डिग्री के आसपास रहने का अनुमान है। पिछले 24 घंटों में तापमान में 6 डिग्री की गिरावट से मौसम में जबरदस्त बदलाव महसूस हो रहा है। रांची में अगले एक सप्ताह तक मौसम में उतार-चढ़ाव जारी रहेगा। सुबह कोहरा और ठंड से दिन की शुरुआत होगी। पहले चार दिनों में न्यूनतम तापमान में 4 डिग्री तक की और गिरावट दर्ज हो सकती है, जिससे रातें बेहद सर्द गुजरेंगी। दिन का अधिकतम तापमान सामान्य 24-25 डिग्री के आसपास रहेगा, लेकिन हवाओं से ठंडक बनी रहेगी। मौसम विभाग ने पलामू, गुमला जैसे जिलों में शीतलहर की चेतावनी जारी की है। सुबह-शाम की शीतलहर लोगों के लिए सबसे बड़ी चुनौती बनेगी। विभाग ने चेतावनी दी है कि सुबह 7 बजे से पहले और शाम 6 बजे के बाद तेज शीतलहर चलेगी। धुंध और बर्फीली हवाएं स्वास्थ्य पर बुरा असर डाल सकती हैं। सर्दी से प्रभावित होने वाले बच्चों, बुजुर्गों और सांस संबंधी बीमारियों से ग्रस्त लोगों को विशेष सावधानी बरतनी चाहिए। गर्म कपड़े, अलाव और गर्म भोजन का सहारा लें। किसानों को फसलों की सुरक्षा के लिए भी सतर्क रहने की सलाह दी गई है। वहीं ठंड की वजह से रेलवे पर भी असर पड़ा है। कुहासा और धुंध के कारण कई ट्रेनों को तुरंत करना पड़ रहा है। यह सर्दी का पहला बड़ा दौर है, जो नवंबर से चली आ रही शीतलहर को और तेज कर रहा है। राज्यभर में सड़कों पर धुंध का साया छा गया है, जिससे वाहन चालकों को परेशानी हो रही है। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि हिमालयी ठंडी हवाओं का असर कुछ दिनों तक बना रहेगा। लोग घर से बाहर निकलते समय सावधानी बरतें।  

कलेक्टर बोले—उद्योगों की जरूरतें ध्यान में रखते हुए आईटीआई में नये कोर्स शुरू हों

उद्योगों की वर्तमान जरूरतों के अनुसार आईटीआई में शुरू किये जायें नये ट्रेड जिला कौशल समिति की बैठक में कलेक्‍टर ने दिये निर्देश. जबलपुर  कलेक्‍टर राघवेन्‍द्र सिंह ने उद्योगों की वर्तमान जरूरतों को देखते हुए औद्योगिक प्रशिक्षण संस्‍थाओं में इलेक्ट्रिकल व्‍हीकल, स्‍मार्ट फोन रिपेयरिंग, फूड प्रोसेसिंग, हाउस कीपिंग एवं हॉस्पिटेलिटी जैसे नए ट्रेड शुरू करने के निर्देश दिये हैं, ताकि युवाओं को रोजगार के नए अवसर मिल सके। आज बुधवार को आयोजित ‍जिला कौशल समिति की बैठक को संबोधित करते हुए श्री सिंह ने जिले के उद्योग संगठनों से संपर्क कर पीएम विश्‍वकर्मा योजना के अंतर्गत आने वाले शॉर्ट टर्म कोर्सिस का व्‍यापक प्रचार-प्रसार करने पर जोर दिया। कलेक्‍टर कार्यालय में आयोजित इस बैठक में जिला पंचायत के सीईओ अभिषेक गहलोत, संयुक्‍त संचालक कौशल विकास बी एस पनिका, जिला व्‍यापार उद्योग केन्‍द्र के महा प्रबंधक विनीत रजक, संभागीय आईटीआई के प्राचार्य अर्पित शुक्‍ला एवं उद्योग संगठनों के प्रतिनिधि के तौर पर हिमांशु खरे, दीपक जैन एवं गौरव अग्रवाल मौजूद थे। कलेक्‍टर श्री सिंह ने बैठक में औद्योगिक प्रशिक्षण संस्‍थानों में प्रशिक्षण प्राप्‍त कर रहे युवाओं को औद्योगिक इकाईयों का भ्रमण कराने के निर्देश भी दिये। उन्‍होंने कहा कि इससे युवाओं को अत्‍याधुनिक मशीनों से अवगत होने का अवसर मिलेगा और वे उद्योगों की वर्तमान जरूरतों को जान सकेंगे। उन्‍होंने औद्योगिक प्रशिक्षण संस्‍थानों में वर्तमान में युवाओं को प्रशिक्षण देने में इस्‍तेमाल की जा रही मशीनों को उद्योगों की जरूरतों के मुताबिक अपग्रेड करने पर भी जोर दिया।  बैठक में युवा संगम के माध्‍यम से युवाओं को उपलब्‍ध कराये जा रहे रोजगार पर भी चर्चा की गई। कलेक्‍टर श्री सिंह ने कहा कि युवा संगम या जॉब फेयर के माध्‍यम से निजि कंपनियों द्वारा रोजगार के लिए चयनित किये गये युवाओं की ट्रेकिंग की जाये और देखा जाये कि वे वहां वास्‍तव में काम कर रहे हैं या नहीं। कलेक्‍टर ने कौशल विकास समिति की बैठक हर माह आयोजित करने के निर्देश भी दिये।  बैठक के प्रारंभ में प्राचार्य औद्योगिक प्रशिक्षण संस्‍था अर्पित शुक्‍ला ने आईटीआई में संचालित विभिन्‍न ट्रेडों एवं कौशल विकास के अंतर्गत आने वाली योजनाओं की प्रगति से अवगत कराया। मुख्‍यमंत्री सीखो कमाओ योजना, प्रधानमंत्री विश्‍वकर्मा योजना एवं नेशनल अप्रेंटिसशिप प्रोत्‍साहन योजना के तहत प्राप्‍त उपलब्धियों तथा युवा संगम के माध्‍यम से प्‍लेसमेंट पर प्रजेंटेशन दिया गया।

मध्यप्रदेश की अनूठी धरोहर को जीआई टैग की मान्यता

मध्यप्रदेश की विरासत को मिला जीआई टैग भारत की बौद्धिक संपदा अधिकार में शुमार मध्यप्रदेश की सम्पदा खजुराहो स्टोन क्रॉफ्ट, छतरपुर फर्नीचर, बैतूल भरेवा मेटल क्रॉफ्ट, ग्वालियर पत्थर शिल्प और ग्वालियर पेपर मैशे क्रॉफ्ट को मिला जी आई टैग मुख्यमंत्री डॉ. यादव का मंत्री  काश्यप ने माना आभार और अधिकारियों को दी बधाई  पद्म रजनीकांत ने बताया ऐतिहासिक पल भोपाल  भारत का दिल कहे जाने वाले मध्यप्रदेश की 5 बहुत ही प्राचीन शिल्प कला को जीआई टैग के द्वारा भारत की बौद्धिक संपदा अधिकार में शुमार होने का गौरव प्राप्त हुआ है। एमएसएमई मंत्री  चैतन्य कुमार काश्यप ने मध्यप्रदेश की विरासत को मिली इस ऐतिहासिक पहचान के लिए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का आभार व्यक्त करते हुए विभागीय अधिकारियों को बधाई दी है। इस उपलब्धि को जीआई मैन ऑफ इंडिया के नाम से प्रख्यात पद्म डॉ. रजनी कांत ने  अत्यंत गर्व का पल बताया है। जीआई रजिस्ट्री चेन्नई के वेबसाइट पर इन उत्पादों के सामने रजिस्टर्ड का स्टेटस आते ही संबंधित शिल्पियों में खुशी की लहर दौड़ गई और मध्यप्रदेश के लिए यह पहल करने वाले सूक्ष्म,लघु,मध्यम उद्यम विभाग सहित अन्य विभागों में भी नई चेतना आ गईं है। लगभग एक वर्ष पूर्व ही इन सभी के लिए जीआई का आवेदन खजुराहो स्टोन क्रॉफ्ट, बैतूल भरेवा मेटल क्रॉफ्ट, ग्वालियर पत्थर शिल्प और ग्वालियर पेपर मैशे के लिए नाबार्ड, मध्यप्रदेश ने और छतरपुर फर्नीचर के लिए सिडबी मध्यप्रदेश ने वित्तीय सहयोग प्रदान किया था। एमएसएमई विभाग मध्यप्रदेश के प्रयास से स्थानीय शिल्पियों की संबंधित संस्थाओं द्वारा यह सभी जीआई एप्लिकेशन पद्म डॉ. रजनीकांत के तकनीकी सहयोग से भेजे गए थे। नवम्बर माह में ही पन्ना डायमंड को जीआई टैग प्राप्त हुआ है और लगभग 25 उत्पादों की जीआई मिलने की प्रक्रिया अपने अंतिम चरण में है।  

सीएम डॉ. यादव ने केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री नड्डा को दिया MP में 4 मेडिकल कॉलेजों के भूमि पूजन का निमंत्रण

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री  नड्डा से की भेंट मध्य प्रदेश में 4 मेडिकल कॉलेजों के भूमि पूजन का दिया आमंत्रण भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बुधवार को नई दिल्ली में केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री  जेपी नड्डा से भेंट की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री  नड्डा से मध्यप्रदेश में पीपीपी मॉडल पर प्रारंभ होने वाले चार मेडिकल कॉलेज के भूमि-पूजन के लिए आमंत्रण दिया। यह कार्यक्रम इस माह प्रस्तावित है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मीडिया प्रतिनिधियों से चर्चा में कहा कि मध्यप्रदेश में अन्य क्षेत्रों के साथ स्वास्थ्य और चिकित्सा के क्षेत्र में निरंतर जन सुविधाएं बढ़ाई जा रही हैं। अभी और चार नए मेडिकल कॉलेज का भूमि-पूजन कार्यक्रम प्रस्तावित है। इन मेडिकल कॉलेजों की स्थापना पन्ना, बैतूल, कटनी और धार में होगी। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री  नड्डा ने मुख्यमंत्री डॉ. यादव के आंमत्रण को स्वीकार करते हुए सहमति प्रदान की है। शीघ्र ही तिथि निर्धारित कर 4 नये मेडिकल कॉलेजों का भूमि-पूजन किया जायेगा।  

सीएम योगी ने बच्चों को देखकर किया औचक मुलाकात का फैसला

गोरखपुर  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का बालप्रेम जगजाहिर है। जब भी वह बच्चों को अपने आसपास देखते हैं, उन पर स्नेह और प्यार लुटाते हैं। बुधवार को गोरखपुर सर्किट हाउस परिसर में हेलिपैड से उतरते ही उनकी नजर जब समीप के पार्क के गेट पर बच्चों के समूह पर गई तो वह खुद उनसे मिलने उनके पास पहुंच गए। उन्होंने बच्चों से आत्मीयता से बात की और चॉकलेट दिया।  गोला के मदरिया सिद्धपीठ से होकर मुख्यमंत्री जब हेलीकॉप्टर से सर्किट हाउस परिसर के  हेलिपैड पर उतरे तो उस समय बगल के अंबेडकर पार्क में बच्चे ताइक्वांडो की प्रैक्टिस कर रहे थे। हेलीकाप्टर की गड़गड़ाहट सुनकर बच्चे गेट के पास आकर देखने लगे। सीएम योगी को देखते ही बच्चों ने जयकारा लगाकर उनका अभिवादन किया। बच्चों को देखकर सीएम खुद को रोक नहीं पाए और पहले पार्क के पिछले गेट की ओर गए। गेट के दूसरी ओर खड़े बच्चों से दुलारा। उनसे बात की। सीएम ने पूछा कि क्या कर रहे हो तो बच्चों ने कहा कि ताइक्वांडो की प्रैक्टिस। सीएम ने उन्हें चाकलेट भी दिया।

पटना के 20 संवेदनशील इलाकों में स्पेशल महिला पुलिस तैनात, छेड़खानी पर होगी जीरो टॉलरेंस

पटना पटना में महिलाओं की सुरक्षा को और मजबूत करने के लिए Shakti Safety Squad एक नया बड़ा कदम उठाने जा रहा है। टीम ने ऐसे 20 पॉइंट्स को चिह्नित किया है, जहां महिलाओं की आवाजाही ज्यादा होती है और जहां से लगातार छेड़छाड़ व असुरक्षा की शिकायतें मिलती रही हैं। जल्द ही इन स्थानों पर सिविल ड्रेस (Civil Dress) में महिला पुलिसकर्मियों की तैनाती की जाएगी। इसकी जानकारी सिटी एसपी दीक्षा ने साझा की। सेंसिटिव लोकेशंस पर बढ़ाई जाएगी निगरानी शक्ति सुरक्षा दल द्वारा जिन जगहों को हॉट-स्पॉट माना गया है, उनमें एसके पुरी पार्क, जेपी गंगा पथ, ईको पार्क, सहदेव महतो मार्ग, बोरिंग रोड चौराहा और लोहिया पार्क जैसे भीड़भाड़ वाले स्पॉट शामिल हैं। इन क्षेत्रों से Harassment Complaints काफी संख्या में मिली थीं। इसी वजह से ग्राउंड पर महिला सुरक्षा बढ़ाने के लिए यह बड़ा फैसला लिया गया है।  सिर्फ नवंबर में 1909 महिलाओं ने मांगी मदद सिटी एसपी दीक्षा ने बताया कि नवंबर महीने में ही Shakti Squad Helpline पर कुल 1909 महिलाओं ने संपर्क किया। इनमें से—     62 मामलों में काउंसिलिंग की गई     45 शिकायतों पर जांच व कार्रवाई हुई     23 युवतियों को थाने भेज आगे की प्रक्रिया कराई गई शक्ति सुरक्षा दल का गठन 11 जून को किया गया था और तब से यह टीम शहरभर में सक्रिय है। खासकर उन क्षेत्रों में जहां महिलाओं की भीड़ अधिक रहती है, वहां टीम तुरंत पहुंचकर सहायता उपलब्ध कराती है। 24×7 हेल्पलाइन नंबर एक्टिव किसी भी आपात स्थिति में महिलाएं सीधे 24×7 Active Helpline Numbers पर कॉल कर सकती हैं—     9296598170     9296580210 इन नंबरों पर तत्काल मदद उपलब्ध कराई जाती है। सिटी एसपी के अनुसार, टीम की सक्रियता के कारण महिलाओं में भरोसा बढ़ा है और कई मामलों में शिकायतों पर तुरंत एक्शन लिया गया है। जल्द बढ़ेगा सुरक्षा का घेरा जल्द ही चिन्हित स्थानों पर Female Cops in Civil Dress की तैनाती से सुरक्षा व्यवस्था और मजबूत हो जाएगी। इससे महिलाओं को सुरक्षित माहौल मिलेगा और असामाजिक तत्वों पर भी लगाम लगेगी।  

IMD अलर्ट: राजस्थान में मौसम पलटेगा, जयपुर-बीकानेर में शीतलहर के आसार

जयपुर राजस्थान में गुरुवार से शीतलहर की चेतावनी जारी कर दी गई है। मौसम विभाग का कहना है कि अगले 24 घंटों में राजस्थान में सर्दी का प्रभाव तेजी से बढ़ने वाला है। हिमालय पर अगले 48 घंटों में पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होगा। इसके प्रभाव से आने वाले एक सप्ताह में तेज सर्दी पड़ने का अनुमान  है। उत्तर भारत से आने वाली बर्फीली हवाओं के कारण राज्य के उत्तर-पूर्वी हिस्सों में तापमान में भी गिरावट दर्ज होगी। मौसम विभाग ने शेखावाटी क्षेत्र में सुबह-शाम कड़ाके की सर्दी पड़ने की संभावना जताई है। गुरुवार से शेखावाटी के सीकर, चूरू और झुंझुनू में शीतलहर का अलर्ट भी जारी किया गया है। खास तौर पर सीकर के फतेहपुर में मौसम में जबरदस्त गलन महसूस की जा रही है।  बीते 24 घंटों में मौसम पूरी तरह साफ रहा, दिन में धूप निकली, लेकिन शाम ढलते ही ठंड तेजी से बढ़ी। बीकानेर के लूणकरणसर में न्यूनतम तापमान 4.7°C रिकॉर्ड किया गया, जो प्रदेश में सबसे कम रहा।फतेहपुर में 6.6°C, गंगानगर 6.9°C, चूरू 9°C, बीकानेर 9.3°C, अलवर 8°C और जैसलमेर में 10°C तापमान दर्ज हुआ। उधर सीकर और पिलानी में मंगलवार को हल्की बढ़ोतरी के साथ न्यूनतम तापमान क्रमशः 12°C और 10.4°C रेकॉर्ड किया गया। दिन में भी ठंडक बनी रही और कई शहरों में अधिकतम तापमान में गिरावट देखी गई। सीकर में 24.5°C, पिलानी में 26.2°C, जयपुर में 26.6°C और अलवर में 26.5°C अधिकतम तापमान दर्ज हुआ। वहीं राष्ट्रीय राजमार्गों की बात करें तो मौसम विभाग ने आज किसी भी राजमार्ग पर कोहरे की चेतावनी जारी नहीं की है। हालांकि जयपुर सीकर राष्ट्रीय राजमार्ग पर शीतलहर चलने का अनुमान जारी किया गया है।

हाईकोर्ट का फैसला: अनुसूचित जाति–जनजाति आरक्षण का लाभ केवल मूल धर्म की स्थिति में मान्य

प्रयागराज  इलाहाबाद हाई कोर्ट ने एक महत्वपूर्ण निर्णय सुनाते हुए स्पष्ट कर दिया है कि हिंदू धर्म छोड़कर ईसाई या किसी अन्य धर्म को अपनाने वाले व्यक्ति को अनुसूचित जाति (SC) या अनुसूचित जनजाति (ST) के लाभ का अधिकार नहीं है. कोर्ट ने कहा कि यह लाभ केवल हिंदू धर्म में रहने वाले व्यक्तियों को ही प्राप्त हो सकता है. हाई कोर्ट के जस्टिस प्रवीण कुमार गिरि की एकल पीठ ने कहा कि धर्म बदलने के बाद भी अनुसूचित जाति का लाभ लेना संविधान के साथ धोखा है. कोर्ट ने इसे गंभीर मुद्दा बताते हुए इस पर कानूनी कार्रवाई किए जाने के निर्देश दिए. चार माह में जांच कर कार्रवाई का आदेश हाईकोर्ट ने उत्तर प्रदेश के सभी जिलों के जिलाधिकारियों (DM) को निर्देश दिया है कि धर्म बदल चुके हिंदुओं की ओर से SC लाभ लिए जाने के मामलों की चार माह में जांच करें और जांच के बाद आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाए. इसके साथ ही महाराजगंज के डीएम को विशेष रूप से निर्देश दिया गया है कि ईसाई धर्म अपना चुके व्यक्ति की ओर से खुद को हिंदू दिखाने के मामले की तीन माह में जांच कर कार्रवाई की जाए. केंद्र व राज्य सरकार को भी निर्देश इसके साथ ही कोर्ट ने निम्न अधिकारियों को इस मामले में कार्रवाई करने के आदेश दिए: 1. भारत सरकार के कैबिनेट सचिव 2. उत्तर प्रदेश के मुख्य सचिव 3. अपर मुख्य सचिव, समाज कल्याण विभाग 4. प्रमुख/अपर मुख्य सचिव, अल्पसंख्यक कल्याण विभाग याची जितेंद्र साहनी की याचिका खारिज यह निर्णय जितेंद्र साहनी की याचिका पर सुनाया गया, जिसमें उन्होंने धर्म परिवर्तन के आरोप में एसीजेएम कोर्ट में चल रही आपराधिक कार्यवाही को रद्द किए जाने की मांग की थी. हाईकोर्ट ने उनकी याचिका खारिज करते हुए कहा कि याची चाहे तो अधीनस्थ अदालत में डिस्चार्ज अर्जी दे सकता है. कोर्ट ने हिंदू कौन है, इसका स्पष्टीकरण देते हुए कहा कि हिंदू, सिख, बौद्ध, जैन, आर्य समाजी आदि हिंदू परंपरा के अंतर्गत आते हैं. जो व्यक्ति मुस्लिम, ईसाई, पारसी या यहूदी नहीं है, वह हिंदू माना जाता है. SC की सुविधाएं केवल हिंदू (और संबंधित धर्मों) को ही दी जाती हैं. धर्म बदलने के बाद व्यक्ति इन लाभों का हकदार नहीं रहता है. सुप्रीम कोर्ट के इस केस का दिया हवाला सुप्रीम कोर्ट के C. Selvarani मामले का हवाला देते हुए हाईकोर्ट ने कहा कि लाभ लेने के उद्देश्य से धर्मांतरण करना संविधान के साथ धोखा बताया गया है. याची पर आरोप है कि उसने गरीबों को ईसाई धर्म अपनाने के लिए प्रेरित किया. साथ ही हिंदू देवताओं के खिलाफ आपत्तिजनक बातें कीं और धार्मिक शत्रुता भड़काई. ग्राम मथानिया लक्ष्मीपुर एकडंगा के याची पर आरोप है कि उसने जीसस क्राइस्ट की स्पीच के लिए गरीबों का धर्म परिवर्तन कराया है. SC/ST एक्ट का मकसद भी स्पष्ट करते हुए कोर्ट ने कहा कि SC/ST अत्याचार निवारण अधिनियम का उद्देश्य उन समुदायों की रक्षा करना है. जो ऐतिहासिक रूप से जातीय भेदभाव का शिकार रहे हैं, उनके लिए ये एक्ट है. इसलिए इस संरक्षण को उन लोगों तक नहीं बढ़ाया जा सकता, जिन्होंने ऐसा धर्म अपना लिया है जहां जाति व्यवस्था मान्य नहीं है.

मध्यप्रदेश में सरकारी हवाई खर्च 90 करोड़ के पार, मेंटेनेंस पर ही 45 करोड़ रुपए खर्च

भोपाल मध्य प्रदेश सरकार ने पिछले 11 महीनें में 90 करोड़ रुपए का हवाई सफर कर डाला. जबकि पिछले 4 सालों में हवाई यात्राओं पर 290 करोड़ रुपए खर्च हुए हैं. पिछले छह सालों में विमान किराए की राशि में करीबन 80 फीसदी की बढोत्तरी हुई है. साल 2019 में विमान के किराए पर 1.63 करोड़ रुपए खर्च होते थे, जो साल 2025 में बढ़कर 90.7 करोड़ रुपए पहुंच गया है. विधानसभा में कांग्रेस विधायक प्रताप ग्रेवाल और पंकज उपाध्याय के सवाल के जवाब में यह जानकारी सरकार ने विधानसभा में दी है. एक अन्य सवाल के जवाब में सरकार ने बताया कि, 'भुगतान मद में बजट राशि न होने की वजह से 15.30 करोड़ का भुगतान अभी बाकी है. मेंटेनेंस पर खर्च हुए 45 करोड़ मध्य प्रदेश सरकार के पास अभी 1 शासकीय हेलीकॉप्टर है, जिसका हवाई यात्राओं में उपयोग होगा है. जबकि एक अन्य विमान 2020 में ग्वालियर एयरपोर्ट पर दुर्घटनाग्रस्त हो गया था. विधानसभा में सरकार द्वारा जानकारी दी गई कि राज्य सरकार के पास मौजूदा हवाई वाहन के रखरखाव पर साल 2011-12 से अभी तक 45.24 करोड़ की राशि खर्च की जा चुकी है. वहीं इस दौरान इसके ईंधन खर्च पर 11.05 करोड़ रुपए खर्च हुए हैं. इस हेलीकॉप्टर पर साल 2022-23 ने सबसे ज्यादा उड़ान भरी. इस साल इसमें 14 करोड़ रुपए का ईंधन खर्च हुआ. इसी साल इसके मेंटेनेंस पर भी 10.49 करोड़ हुए खर्च हुए. विमान कंपनियों को चुकाए 290 करोड़ जानकारी में बताया गया कि, राज्य सरकार द्वारा जनवरी 2021 से लेकर नंवबर 2025 के दौरान विमान किराए पर 290 करोड़ रुपए की राशि खर्च की गई. वहीं इस साल 2025 में जनवरी से लेकर नवंबर माह के दौरान निजी विमान कंपनियों पर 90.7 करोड़ रुपए की राशि हवाई उड़ान में खर्च की गई. हवाई उड़ान में खर्च की राशि में पिछले 4 सालों के दौरान भारी बढोत्तरी हुई है. साल 2019 में विमान किराए पर सिर्फ 1.63 करोड़ रुपए की राशि खर्च की गई थी, लेकिन अब बढ़कर 90.7 करोड़ रुपए पहुंच गई है. 2022-23 से बढ़ाया विमान का किराया कांग्रेस विधायक पंकज उपाध्याय ने बताया कि, ''सरकार ने उनके सवाल में जानकारी दी है कि 2022-23 से 2024-25 तक विमान किराए में 20 से 30 फीसदी की बढोत्तरी की गई है. 4 अप्रैल 2023 को आयुक्त विमानन द्वारा जारी पत्र में कहा गया कि पोस्ट कोविड में पर्यटन बढ़ने के कारण विमान की मांग बढ़ गई है. कोविड के कारण विमान हेलीकॉप्टर का उत्पादन बुरी तरह प्रभावित हुआ है और लोकसभा चुनाव होने से विमान किराए की मांग बढ गई है. साथ ही इनके रखरखाव और ईंधन में बढोत्तरी हुई है, इसलिए किराया बढ़ाया जाना तय किया गया है. इस आधार पर जिन विमान का किराया 2022-23 में 4.45 लाख प्रतिघंटा उसे बढ़ाकर 2024 में 5.70 लाख प्रति घंटा किया गया और जिन विमान का किराया 3.5 लाख प्रति घंटा था, उसे बढ़ाकर 4.75 लाख प्रतिघंटा किया गया.''