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अयोध्या में अब 52 एकड़ में बनेगा वर्ल्ड-क्लास मंदिर संग्रहालय, टाटा ग्रुप करेगा निर्माण और संचालन

कैबिनेट का फैसला : हर मंडल में दिव्यांग पुनर्वास केंद्र, योगी सरकार का बड़ा फैसला कैबिनेट का फैसला :अयोध्या में अब 52 एकड़ में बनेगा वर्ल्ड-क्लास मंदिर संग्रहालय, टाटा ग्रुप करेगा निर्माण और संचालन कैबिनेट का फैसला : राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय खेलों में हिस्सा लेने वाले यूपी के नियुक्त खिलाड़ियों को बड़ी राहत, योगी सरकार ने ‘ड्यूटी’ मानने का नियम साफ किया   कैबिनेट का फैसला :अमृत 2.0 के तहत बरेली और कानपुर में 580 करोड़ से ज्यादा की दो बड़ी पेयजल परियोजनाओं को मंजूरी, लाखों लोगों को मिलेगा फायदा लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई कैबिनेट बैठक में दिव्यांगजनों के लिए एक अहम निर्णय लिया गया। सरकार ने राज्य के सभी 18 मंडलों में नए जिला दिव्यांग पुनर्वास केंद्र (डीडीआरसी) खोलने को मंजूरी दे दी है। वर्तमान में प्रदेश के 38 जिलों में ऐसे केंद्र चल रहे हैं, लेकिन कतिपय समस्याओं के कारण कई जगह संचालन प्रभावित हो रहा था। अब सरकार पूरे ढांचे को नए सिरे से संसाधनों से लैस करते हुए संचालित करने जा रही है, ताकि दिव्यांगजनों को मिलने वाली सेवाओं में कोई बाधा न आए। कैबिनेट के फैसले के बारे में जानकारी देते हुए वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने बताया कि नए डीडीआरसी खुलने से प्रदेश में दिव्यांगजनों को एक ही जगह पर सर्वे, पहचान, शिविर, सहायक उपकरण, कृत्रिम अंग फिटमेंट और प्रशिक्षण जैसी सुविधाएं आसानी से उपलब्ध होंगी। इसके साथ ही फिजियोथेरेपी, स्पीच थेरेपी जैसी नैदानिक सेवाएं भी इन केंद्रों पर दी जाएंगी। यूडीआईडी कार्ड और दिव्यांग प्रमाणपत्र जैसे जरूरी दस्तावेज बनवाने में भी अब लोगों को ज्यादा चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। सरकार का मानना है कि इस फैसले से दिव्यांगजनों को योजनाओं का लाभ समय पर और सुगमता से मिल सकेगा तथा उनके पुनर्वास की पूरी प्रक्रिया मजबूत होगी। अयोध्या में अब 52 एकड़ में बनेगा वर्ल्ड-क्लास मंदिर संग्रहालय, टाटा ग्रुप करेगा निर्माण और संचालन योगी सरकार ने अयोध्या को विश्व स्तर पर एक सांस्कृतिक और आध्यात्मिक गंतव्य के रूप में विकसित करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। कैबिनेट ने टाटा सन्स के सहयोग से अयोध्या में प्रस्तावित विश्व स्तरीय ‘मंदिर संग्रहालय’ का दायरा और बड़ा कर दिया है।  कैबिनेट में हुई चर्चा और उसके आधार पर लिए गये निर्णय के बारे में जानकारी देते हुए वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने बताया कि टाटा सन्स ने अपने सीएसआर फंड से एक अत्याधुनिक मंदिर संग्रहालय विकसित करने और उसका संचालन करने की इच्छा व्यक्त की है। इसके लिए कम्पनी एक्ट 2013 की धारा 8 के तहत एक गैर-लाभकारी एसपीवी बनाया जाएगा, जिसमें भारत सरकार और राज्य सरकार के प्रतिनिधि भी शामिल होंगे। परियोजना हेतु भूमि आवंटन के लिए भारत सरकार, उत्तर प्रदेश सरकार और टाटा सन्स के बीच त्रिपक्षीय एम्ओयू बीते 3 सितंबर 2024 को हस्ताक्षरित हो चुका है। वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने बताया कि पूर्व में प्रदेश सरकार ने अयोध्या के मांझा जमथरा गांव में 25 एकड़ नजूल भूमि टाटा सन्स को 90 वर्षों के लिए उपलब्ध कराने की अनुमति दी थी, लेकिन टाटा संस ने संग्रहालय की भव्यता के दृष्टिगत अधिक भूमि की अपेक्षा की थी। ऐसे में अब इस भूमि के अतिरिक्त 27.102 एकड़ और मिलाकर कुल 52.102 एकड़ भूमि का निःशुल्क हस्तांतरण आवास एवं शहरी नियोजन विभाग से पर्यटन विभाग के पक्ष में किया जाएगा, ताकि परियोजना का दायरा और बड़ा किया जा सके। वर्ल्ड-क्लास मंदिर संग्रहालय तैयार होने के बाद अयोध्या को न सिर्फ एक नया सांस्कृतिक पहचान चिन्ह मिलेगा, बल्कि बड़े पैमाने पर प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार भी पैदा होंगे। साथ ही, बढ़ते पर्यटन से सरकार को राजस्व में भी उल्लेखनीय बढ़ोतरी भी होगी। बता दें कि श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में प्राण प्रतिष्ठा और अब ध्वजारोहण समारोह के बाद अयोध्या में पर्यटकों का प्रवाह कई गुना बढ़ चुका हैअब रोजाना लगभग 2 से 4 लाख पर्यटक अयोध्याधाम पहुंच रहे हैं। युवा पीढ़ी, विदेशी सैलानियों और भारतीय संस्कृति में रुचि रखने वाले आगंतुकों को ध्यान में रखते हुए अयोध्या में सांस्कृतिक आकर्षणों को बढाने की दिशा में यह संग्रहालय महत्वपूर्ण होगा। राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय खेलों में हिस्सा लेने वाले यूपी के नियुक्त खिलाड़ियों को बड़ी राहत, योगी सरकार ने ‘ड्यूटी’ मानने का नियम साफ किया उत्तर प्रदेश सरकार ने राज्य के अंतरराष्ट्रीय पदक विजेता खिलाड़ियों को बड़ी राहत देते हुए स्पष्ट कर दिया है कि अब वे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय खेल प्रतियोगिताओं, ट्रेनिंग कैंपों और संबंधित गतिविधियों में शामिल होने की पूरी अवधि, आवागमन के समय सहित ‘ड्यूटी’ मानी जाएगी। योगी कैबिनेट के इस फैसले से खिलाड़ियों को अनुमति लेने में होने वाली मुश्किलें खत्म होंगी। कैबिनेट की बैठक के बाद वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने बताया कि अब तक ‘अंतरराष्ट्रीय पदक विजेता सीधी भर्ती नियमावली-2022’ में ऐसी कोई स्पष्ट व्यवस्था नहीं थी। सेवा नियमावली में अवकाश संबंधी प्रावधान न होने के कारण खिलाड़ियों को प्रतियोगिताओं और प्रशिक्षण शिविरों में भाग लेने के लिए अनुमति प्रक्रिया में दिक्कतें आती थीं।  उन्होंने कहा कि अब सरकार नई प्रणाली लागू कर रही है, जिसमें साफ व्यवस्था होगी कि नियुक्त खिलाड़ी जब भी किसी राष्ट्रीय/अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता, कैंप या प्रशिक्षण कार्यक्रम में भाग लें, वह अवधि सेवा अवधि (ड्यूटी) मानी जाएगी। इसमें आने-जाने का पूरा समय भी शामिल होगा। इससे न केवल खिलाड़ियों को अपने खेल करियर में आगे बढ़ने का मौका मिलेगा, बल्कि राज्य का प्रतिनिधित्व भी और मजबूत होगा, क्योंकि अब उन्हें अनुमति लेने में कोई बाधा नहीं आएगी। वाराणसी के सम्पूर्णानंद स्पोर्ट्स स्टेडियम का संचालन अब साई को, राष्ट्रीय उत्कृष्टता केंद्र भी बनेगा योगी कैबिनेट ने वाराणसी में निर्माणाधीन डॉ. सम्पूर्णानंद स्पोर्ट्स स्टेडियम, सिगरा के संचालन, प्रबंधन और रखरखाव तथा राष्ट्रीय उत्कृष्टता केंद्र की स्थापना के लिए ‘भारतीय खेल प्राधिकरण (साई) के साथ हुए एमओयू को मंजूरी दे दी है। यह वही स्टेडियम है, जहां ‘खेलो इंडिया’ योजना के तहत आधुनिक स्पोर्ट्स इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित किया गया है। एमओयू के तहत स्टेडियम परिसर में मौजूद खेल सुविधाओं; जैसे, भवन, ढांचे, मैदान और अन्य अवसंरचनाओं को साई को सौंपा जाएगा, ताकि यहां नेशनल सेंटर ऑfफ  एक्सीलेंस की स्थापना और संचालन सुचारु रूप से हो सके।  वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने बताया कि राष्ट्रीय उत्कृष्टता केंद्र बनने के बाद प्रदेश के उभरते खिलाड़ियों को बड़ा मंच मिलेगा। विभिन्न आयु वर्गों और खेल विधाओं के प्रतिभाशाली खिलाड़ियों की पहचान की … Read more

बड़ा खुलासा: राजस्थान में जब्त अवैध विस्फोटक, गंभीर खतरे से टला बड़ा हादसा

राजसमंद  दिल्ली में हुए कार बम धमाके के बाद अलर्ट मोड पर चल रही राजस्थान पुलिस ने बड़ी मात्रा में विस्फोटक सामग्री जब्त की है. राजस्थान के श्रीनाथजी थाना पुलिस ने बड़ी सफलता हासिल करते हुए अवैध विस्फोटक सामग्री से भरी एक पिकअप को जब्त किया है. इस पिकअप में इतना विस्फोटक भरा हुआ था कि अगर उसमें ब्लास्ट हो जाता तो वह करीब 10 किलामीटर के इलाके को अपनी चपेट में ले सकता था. यहां विस्फोटक कहां से लाया गया था और कहां ले जाया जा रहा था कि इसकी जांच पड़ताल की जा रही है. प्रारंभिक जानकारी के अनुसार भारी मात्रा में जब्त किया गया यह विस्फोटक आमेट क्षेत्र से नाथद्वारा की तरफ ले जाया जा रहा था. इसकी सूचना पर पुलिस ने मौके पर पहुंचकर विस्फोटक से भरी पिकअप को जब्त कर लिया. पिकअप में भारी मात्रा में भरी विस्फोटक सामग्री को देखकर पुलिस सन्न रह गई. उसने तत्काल पिकअप को जब्त कर आलाधिकारियों को सूचना दी. भारी मात्रा में विस्फोटक की जब्ती से अधिकारी भी अलर्ट मोड पर आ गए और मौके के लिए रवाना हो गए. लंबे चौड़े एरिया में मचा सकता था तबाही पुलिस अधिकारियों की मानें तो पिकअप के अंदर इतनी मात्रा विस्फोटक भरा था कि अगर उसमें ब्लास्ट होता तो लगभग 10 किलोमीटर तक लंबे चौड़े इलाके में तबाही मच सकती थी. पुलिस टीम मौके पर जब्त किए विस्फोटक की काउंटिंग करने में जुटी है. पुलिस अधिकारी अब इस बात की जांच पड़ताल में जुटे हैं कि विस्फोटक सामग्री की नेचर कितनी खतरनाक है. इसे कहां से लाया गया था और कहां ले जाया जा रहा था? इसके साथ ही इस बात की भी जांच की जा रही है कि इसे किस उद्देश्य से ले जाया जा रहा था और इसके पीछे किसका हाथ है? पुलिस इन सभी पहलुओं की गंभीरता जांच कर रही है. पुलिस पिकअप चालक से हुई पूछताछ में जो नाम सामने आए हैं उन्हें ढूंढने में लगी है. राजस्थान में पकड़ा गया था TTP से जुड़ा मौलवी उल्लेखनीय है कि राजस्थान में बीते दिनों सुरक्षा एजेंसियों ने चार संदिग्ध मौलवियों को भी पकड़ा था. उनमें एक मौलवी ओसामा उमर का संबंध आंतकी संगठन तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (TTP) के साथ पाया गया था. उसके बाद सुरक्षा एजेंसियां और ज्यादा अलर्ट पर आ गई थी. हालांकि राजस्थान के कई इलाकों में अवैध रूप से पत्थरों के खनन के लिए घातक विस्फोटक का ब्लास्टिंग के लिए इस्तेमाल किया जाता है. यह विस्फोटक किस उद्देश्य के लिए ले जाया जा रहा था इसका खुलासा होना बाकी है.

ईडी ने नरेश केजरीवाल के खिलाफ रांची, मुंबई और सूरत में चलाया छापा अभियान

रांची प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने मंगलवार सुबह झारखंड के चर्चित चार्टर्ड अकाउंटेंट (सीए) नरेश केजरीवाल के ठिकानों पर फॉरेन एक्सचेंज मैनेजमेंट एक्ट (फेमा) के तहत बड़ी कार्रवाई की है. उनके रांची, मुंबई और सूरत के कुल 15 ठिकानों पर सुबह छह बजे से ईडी की टीमों ने एक साथ दबिश दी है. नरेश केजरीवाल कई प्रमुख राजनेताओं के वित्तीय मामलों को संभालते रहे हैं. विदेशों में अवैध रूप से धन निवेश और नियमों के उल्लंघन से जुड़े आरोपों के आधार पर यह कार्रवाई की जा रही है. ईडी की टीम रांची में चर्च कॉम्प्लेक्स स्थित केजरीवाल के कार्यालय के अलावा उनके आवासीय परिसरों की भी तलाशी ले रही है. फेमा के तहत की गई झारखंड में ईडी की यह पहली छापेमारी बताई जा रही है. जानकारी के मुताबिक, आयकर विभाग की ओर से पूर्व में की गई छापेमारी में कई महत्वपूर्ण दस्तावेज और डिजिटल डेटा मिले थे. इन्हीं तथ्यों के आधार पर ईडी ने फेमा के तहत जांच प्रारंभ की. प्रारंभिक जांच में सामने आया कि केजरीवाल और उनसे जुड़े व्यक्तियों की ओर से दुबई और अमेरिका समेत कुछ अन्य देशों में धन का निवेश किया गया है. जांच अधिकारियों को विदेशों में किए गए निवेश से जुड़े लेनदेन, कंपनियों और बैंक खातों के बारे में अहम जानकारी मिली है. ईडी का कहना है कि विदेशों में किए गए निवेश के दौरान निर्धारित नियमों और प्रक्रियाओं का पालन नहीं किया गया. प्रारंभिक जांच में कई ऐसे दस्तावेज मिले हैं, जो फेमा के प्रावधानों के उल्लंघन की ओर संकेत करते हैं. इसी आधार पर मंगलवार को बहु-राज्यीय कार्रवाई की गई. तलाशी के दौरान इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों, कंप्यूटर डेटा, विदेशी लेनदेन के कागजात और वित्तीय रिकॉर्ड की जांच की जा रही है. 

डॉ. प्रेम कुमार: 35 साल की विधायक यात्रा, 9वीं बार विधायक और नए स्पीकर

पटना भाजपा के वरिष्ठ विधायक डॉ. प्रेम कुमार को निर्विरोध और सर्वसम्मति से बिहार विधानसभा का अगला अध्यक्ष चुना गया. चुनाव की औपचारिक घोषणा होते ही सदन में “हर हर महादेव” और “जय श्री राम” के नारे गूंज उठे. प्रेम कुमार गया टाउन, यानी गयाजी शहरी क्षेत्र के मतदाताओं के प्रतिनिधि चुनकर 9वीं बार भी विधानसभा पहुंचे हैं. 202 सीटों की बड़ी जीत के साथ ही उनका नाम चल निकला था. इंतजार हो रहा था कि नीतीश कुमार मुख्यमंत्री के रूप में शपथ लें और मंत्रिपरिषद् के बाकी सदस्यों का भी शपथ ग्रहण हो जाए. तभी यह हुआ और तय हो गया कि डॉ. प्रेम कुमार के सामने इस कुर्सी के लिए किसी की ओर से कोई विकल्प नहीं है. डॉ. प्रेम कुमार ने सोमवार को नामांकन भरा. 35 विधायकों वाले महागठबंधन से किसी अन्य ने इस पद के लिए नामांकन नहीं भरा. यानी, प्रेम कुमार को निर्विरोध चुना गया. जिसके बाद सभी नेताओं ने उन्हें बधाई दी. प्रेम कुमार ने अपने संबोधन की शुरुआत गीता के श्लोक से की.उन्होंने कहा कि- आप सभी ने सर्वसहमति से मुझे चुना इसके लिए आभार. अध्यक्ष के रूप में मेरा कर्तव्य होगा कि सदन के संचालन के नियमों का पालन करते हुए सभी सदस्यों के अधिकारों का पालन हो. आवश्यकता है विचारों के विविधता के बीच संवाद को बढ़ाएं. हमें जनता की सेवा का मौका मिला है. मेरे लिए सरकार और विपक्ष दिनों समान रूप से होंगे. कौन हैं डॉ. प्रेम कुमार डॉ. प्रेम कुमार 35 साल से गया जिले की टाउन सीट से विधायक हैं. वह लगातार 9 बार से विधायकी जीत रहे हैं. एनडीए सरकार में कई बार मंत्री भी रहे हैं. उनकी गिनती भाजपा के वरिष्ठ नेताओं में होती है. वे सुशील मोदी, नंद किशोर यादव, नवीन किशोर प्रसाद सिन्हा के जमाने के नेता हैं. प्रेम कुमार अति पिछड़ी जाति कहार जाती से आते हैं. 70 साल के प्रेम कुमार एलएलबी और पीएचडी कर चुके हैं. उनकी संपत्ति की बात की जाए, तो उनकी पास 13 करोड़ से अधिक की संपत्ति है. इसके अलावा उनके ऊपर 18 आपराधिक मुकदमे भी दर्ज हैं.  

सीएम मोहन यादव मंत्रियों प्रहलाद, उदय प्रताप, तुलसी और तोमर के प्रदर्शन की करेंगे जांच, अफसरों से वर्किंग प्लान भी लेंगे

भोपाल  मोहन सरकार 13 दिसंबर को अपने दो वर्ष के कार्यकाल पूर्ण करने जा रही है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव शासन के विभिन्न क्षेत्रों में हुई प्रगति की व्यापक समीक्षा करेंगे। समीक्षा प्रक्रिया की शुरुआत मंगलवार से होगी, जिसमें सभी मंत्रियों को अपने-अपने विभागों की उपलब्धियों, कमियों और चुनौतियों का विस्तृत विवरण प्रस्तुत करना होगा। साथ ही, उनसे आगामी तीन वर्षों की कार्ययोजना भी साझा करने के लिए कहा गया है, ताकि सरकार के अगले चरण के लक्ष्यों और प्राथमिकताओं को स्पष्ट दिशा मिल सके।  वर्ष 2026 में मोहन सरकार की प्रशासनिक कसावट में इसका असर भी दिखेगा और माना जा रहा है कि 15 दिसम्बर के बाद होने वाली सीनियर अफसरों की पोस्टिंग और मंत्रियों के विभागों के बदलाव के रूप में भी यह सामने आएगा। 13 दिसंबर 2023 को सीएम पद की शपथ लेने के बाद दो साल का कार्यकाल पूरा होने के पहले मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव सभी विभागों के साथ यह बैठकें करेंगे। इस दौरान दो सालों में जनता के हित में लिए गए फैसलों का रिव्यू करने के साथ शासन में कमियों और समस्याओं के बारे में अफसरों से जानकारी ली जाएगी और उसके निराकरण के उपायों पर विचार विमर्श कर लागू किया जाएगा। साथ ही अगले तीन साल के टारगेट तय करने को लेकर कार्ययोजना मांगी गई है, जिसे अधिकारी सीएम के सामने प्रजेंटेशन के माध्यम से बताएंगे। मंत्रियों, मुख्य सचिव, सीनियर विभागीय अधिकारियों के साथ हाईलेवल मीटिंग का यह दौर विभागों की यह समीक्षा के रूप में मंगलवार से शुरू होगा और बुधवार को भी दिन भर बैठकें चलेंगी। इसके बाद 8 और 9 दिसम्बर को खजुराहो में भी दो दिन तक रिव्यू किया जाएगा। इन कामों का होगा रिव्यू, मंत्रालय में विभागों के कामकाज की समीक्षा     दो साल के काम बताएंगे अधिकारी     हर मंत्री अपने दो साल के कामकाज का लेखा-जोखा देगा और विभागों की उपलब्धियां बताएगा।     अगले तीन साल के लिए विभागों के लिए क्या टारगेट और प्लानिंग है, यह भी बताएंगे।     दो साल में जो कमियां सामने आई हैं उसे बताएंगे और निराकरण के उपाय भी बताएंगे।     मंत्रियों की खुद के विभाग को आगे बढ़ाने और नम्बर वन बनाने क्या प्लानिंग है, यह भी बताएंगे।     जो वर्किंग प्लान बताया जाएगा उसे धरातल पर उतारने के लिए क्या तैयारियां करनी होंगी, इस पर भी बैठक में डिस्कशन होगा। आज मंत्री प्रहलाद, उदय, तुलसी और तोमर के विभागों की समीक्षा विधानसभा भवन में 2 दिसम्बर को पंचायत और ग्रामीण विकास विभाग की बैठक विभागीय मंत्री प्रहलाद पटेल की मौजूदगी में दोपहर बाद दो बजे से शुरू होगी। यह बैठक आधे घंटे चलेगी। दोपहर बाद तीन बजे से 3.30 बजे तक स्कूल शिक्षा विभाग की मीटिंग मंत्री उदय प्रताप सिंह की मौजूदगी में होगी। दोपहर बाद 4 से 4.30 बजे के बीच नर्मदा घाटी विकास विभाग और जल संसाधन विभाग के मंत्री तुलसी सिलावट के मौजूदगी में विभागीय बैठक सीएम लेंगे। इसके बाद 4.30 से 5 बजे के बीच ऊर्जा और नवीन व नवीकरणीय ऊर्जा विभाग की मीटिंग सीएम विधानसभा परिसर में लेंगे। 3 दिसम्बर को इन विभागों का रिव्यू     मंत्रालय में सुबह 11 बजे से 12 बजे तक लोक स्वास्थ्य और चिकित्सा शिक्षा मंत्री और डिप्टी सीएम राजेंद्र शुक्ल और विभागीय अफसर रिपोर्ट देंगे।     दोपहर 12 से एक बजे तक सहकारिता मंत्री विश्वास सारंग और विभाग का रिव्यू होगा।      दोपहर बाद एक बजे से पौने दो बजे तक महिला और बाल विकास विभाग की मंत्री निर्मला भूरिया और विभाग के अफसर प्रजेंटेशन देंगे।     दोपहर बाद पौने दो बजे से 2.30 बजे तक ओबीसी और अल्पसंख्यक कल्याण विभाग की मंत्री कृष्णा गौर के विभाग का रिव्यू होगा।     दोपहर बाद 3.30 बजे से 4.15 बजे तक सामाजिक न्याय और निशक्तजन कल्याण विभाग के मंत्री नारायण कुशवाहा और वि‌भाग का रिव्यू होगा।     दोपहर बाद 4.15 बजे से 5 बजे तक कृषि एवं किसान कल्याण तथा उद्यानिकी और खाद्य प्रसंस्करण विभाग के मंत्री ऐदल सिंह कंसाना और विभाग के कामकाज का रिव्यू किया जाएगा। सभी विभाग अपनी-अपनी कार्य योजना बनाएंगे सरकार ने निर्देश दिए हैं कि सभी विभाग अपनी-अपनी कार्ययोजनाएं तैयार करें, जो आगामी तीन वर्षों के लक्ष्यों के अनुरूप हों। समीक्षा बैठकों में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव मंत्रीगणों से केवल उपलब्धियों की जानकारी ही नहीं, बल्कि उन क्षेत्रों पर भी स्पष्ट चर्चा करेंगे जहां सुधार की आवश्यकता है। इसके साथ ही, विभागीय योजनाओं को जमीन पर प्रभावी तरीके से लागू करने के लिए ठोस रणनीतियों और समाधान पर विचार-विमर्श किया जाएगा।  खजुराहो में इन विभागों और मंत्रियों का होगा रिव्यू     8 दिसम्बर को खजुराहो में सबसे पहले खाद्य, नागरिक आपूर्ति विभाग के मंत्री गोविंद सिंह राजपूत और उनके विभाग की समीक्षा होगी।     11.30 बजे से 12 बजे तक वाणिज्यिक कर विभाग के मंत्री और डिप्टी सीएम जगदीश देवड़ा के कामकाज का रिव्यू किया जाएगा।     12 से 12.30 बजे तक पशुपालन और डेयरी विकास विभाग के मंत्री लखन पटेल और उनके विभाग का रिव्यू किया जाएगा।     12.45 बजे से 1.30 नगरीय विकास और आवास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय और उनके विभाग का रिव्यू किया जाएगा।     दोपहर बाद 4 से 4.45 बजे तक जनजातीय कार्य विभाग और अनुसूचित जाति विकास के मंत्री विजय शाह और नागर सिंह चौहान के कामकाज और विभागीय रिव्यू होगा।     दोपहर बाद 4.45 बजे से 5.30 बजे तक एमएसएमई मंत्री चैतन्य काश्यप और उनके विभाग का रिव्यू किया जाएगा।     9 दिसम्बर को दोपहर 12 बजे से 12.45 बजे तक लोक निर्माण विभाग के मंत्री राकेश सिंह और विभाग के परफार्मेंस का रिव्यू होगा।     12.45 बजे से 1.30 बजे तक पीएचई विभाग की मंत्री संपतिया उइके और उनके विभाग का रिव्यू होगा।

मंत्री कंसाना विधानसभा में चक्कर खाकर गिर पड़े, कांग्रेस ने प्रदर्शन के लिए फसल तख्तियां लायीं

भोपाल  मध्य प्रदेश के कृषि मंत्री एंदल सिंह कंसाना की अचानक तबीयत खराब हो गई। विधानसभा के शीतकालीन सत्र के दौरान सदन में मंत्री को चक्कर आ गया। आनन फानन में उन्हें हॉस्पिटल पहुंचाया गया। मंत्री को 108 एंबुलेंस को लेने पहुंची थी लेकिन कंसाना की तबीयत को देखते हुए इससे पहले ही उनको निजी गाड़ी से अस्पताल रवाना किया गया है। बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल, मंत्री सारंग और मीडिया विभाग अध्यक्ष आशीष अग्रवाल ने उन्हें गाड़ी में बैठाया और अस्पताल रवाना किया। मुरैना से कांग्रेस विधायक दिनेश गुर्जर ने कहा- भाजपा की किसान किसानों के खेतों पर डाका डाल रही है। कर्जा माफ नहीं किया, बिजली नहीं दी, 1 रुपए का कर्जा माफ नहीं किया, फसलों के दाम नहीं मिले। फसल बीमा के नाम पर दो सौ चार सो रुपए दिए जाते हैं, ये मध्य प्रदेश का दुर्भाग्य है। हमारी मांग है कि किसानों को फसलों का मुआवजा दिया जाए। वहीं, राजस्व मंत्री करण सिंह वर्मा ने कहा कि दो हजार 68 करोड़ रुपए राहत राशि के रूप में किसानों को सरकार ने दिया है। प्रदर्शन करना कांग्रेस का काम है। सत्र की अवधि छोटी होने से कांग्रेस विधायक नाराज इस बार का शीतकालीन सत्र एक दिसंबर से 5 दिसंबर तक बुलाया गया है। इसमें से 3 दिसंबर की छुट्‌टी होने के चलते सिर्फ चार ही बैठकें हो रही हैं। इसके चलते कांग्रेस के विधायक नाराज हैं। बता दें कि मध्य प्रदेश विधानसभा शीतकालीन सत्र का आज दूसरा दिन है। इस दौरान कांग्रेस विधायकों ने किसानों के मुद्दों को लेकर जोरदार प्रदर्शन किया। कांग्रेस विधायक नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार के नेतृत्व में "चिड़िया चुग गई खेत" की झांकी साथ लेकर आये और भाजपा सरकार को किसान विरोधी बताया और जमकर हंगामा किया।

यूपी पुलिस में बंपर भर्ती: 25,000 पदों का ऐलान, जल्द जुड़ सकते हैं 3,000 और रिक्तियां

लखनऊ उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड, लखनऊ ने नई यूपी पुलिस कांस्टेबल और जेल वार्डर भर्ती का ऐलान कर दिया है। यूपी पुलिस भर्ती बोर्ड ने कहा है कि आरक्षी नागरिक पुलिस, पीएसी,आरक्षी विशेष सुरक्षा बल, पीएसी महिला, आरक्षी पीएसी सशस्त्र पुलिस, जेल वार्डर, घुड़सवार पुलिस के खाली पदों पर भर्ती के लिए विज्ञापन दिसम्बर महीने में जारी किया जाएगा। यानी यूपी पुलिस में इसी माह कांस्टेबल और जेल वार्डर के करीब 25000 पदों पर भर्ती निकलेगी। वैकेंसी में कांस्टेबल के करीब 19 हजार और जेल वार्डर के लगभग 2800 पद होंगे। भर्ती बोर्ड ने अभ्यर्थियों को अधिक जानकारी के लिए वेबसाइट uppbpb.gov.in देखते रहने की सलाह दी है। आपको बता दें कि भर्ती बोर्ड ने अप्रैल में 19220 सिपाहियों की भर्ती को आवेदन की जानकारी दी थी मगर इसकी प्रक्रिया शुरू नहीं हो सकी थी। बंदी रक्षक (जेल वार्डर) के करीब 2800 पद रिक्त है। इन पर भी भर्ती के लिए शासन से अनुमति मिल गई है। सीएम योगी ने यूपी पुलिस में कुल 30 हजार नई भर्ती की घोषणा की थी। सब इंस्पेक्टर के 4543 पदों पर भर्ती निकल चुकी है। आवेदन लिए जा चुके हैं। अब कांस्टेबल व जेल वार्डर भर्ती का इंतजार है। करीब 3000 अतिरिक्त पदों को बढ़ाकर भर्ती करने की तैयारी आठ माह की अवधि के दौरान सेवानिवृत्त हो चुके कर्मियों की संख्या को जोड़कर अब करीब तीन हजार अतिरिक्त पदों को बढ़ाकर भर्ती करने की तैयारी है। बोर्ड की विज्ञप्ति में रिक्त पदों की संख्या की जानकारी दी जाएगी। यूपी पुलिस भर्ती की तैयारी कर रहे अभ्यर्थी पूरा कर लें अपना ओटीआर उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड, लखनऊ ने भी उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग ( यूपीपीएससी ) और उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (यूपीएसएसएससी) की तरह अपनी तमाम भर्तियों में ओटीआर यानी वन टाइम रजिस्ट्रेशन का सिस्टम लागू कर दिया है। जो भी अभ्यर्थी आने वाली यूपी पुलिस की कांस्टेबल व एसआई समेत विभिन्न भर्तियों के लिए आवेदन करना चाहता है, उसे पहले apply.upprpb.in पर जाकर ओटीआर भरना होगा। पिछली भर्ती के आधार पर कांस्टेबल की योग्यता के संभावित नियम योग्यता – 12वीं पास (इंटर पास) । अगर दो या उससे अधिक अभ्यर्थियों के मार्क्स बराबर आते हैं तो डोएक से ओ लेवल वाले अभ्यर्थियों, एनसीसी बी सर्टिफिकेट व प्रादेशिक सेना में दो वर्ष की सेवा का अनुभव वाले उम्मीदवारों को प्रेफरेंस मिलेगा। आयु सीमा – पुरुषों के लिए – 18 वर्ष से 22 वर्ष। (60 हजार भर्ती में तीन साल आयु में छूट दी गई थी) शारीरिक मानक पुरुषों के लिए – सामान्य, ओबीसी, एससी वर्ग के उम्मीदवारों की लंबाई कम से कम 168 सेमी. होनी चाहिए। सीना बिना फुलाए कम से कम 79 सेमी. हो और फुलाकर कम से कम 84 सेमी हो। – एसटी वर्ग के उम्मीदवारों की लंबाई 160 सेमी. होनी चाहिए। सीना बिना फुलाए कम से कम 77 सेमी. हो और फुलाकर कम से कम 82 सेमी हो। महिलाओं के लिए – सामान्य, ओबीसी, एससी वर्ग के उम्मीदवारों की लंबाई कम से कम 152 सेमी. होनी चाहिए। – एसटी वर्ग के उम्मीदवारों की लंबाई कम से कम 147 सेमी. होनी चाहिए। – वजन कम से कम 40 किलोग्राम हो चयन – लिखित परीक्षा, पीएसटी व डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन। फिजिकल टेस्ट (दौड़)। एग्जाम पैटर्न लिखित परीक्षा 300 अंकों की होगी। इसमें सामान्य ज्ञान, सामान्य हिंदी, संख्यात्मक व मानसिक योग्यता, मानसिक अभिरुचि, बुद्धिलब्धि, तार्किक क्षमता के प्रश्न थे। कुल 150 प्रश्न होंगे। फिजकल टेस्ट – लिखित परीक्षा में पास अभ्यर्थियों को फिजिकल टेस्ट के लिए बुलाया जाएगा। पुरुषों को 25 मिनट में 4.8 किमी की दौड़ और महिलाओं को 14 मिनट में 2.4 किमी की दौड़ लगानी होगी।  

छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा में 5-6 दिसंबर को थाई बॉक्सिंग का आगाज़, जिला प्रशासन तैयारी में जुटा

छत्तीसगढ़ दंतेवाड़ा में 5_6 दिसंबर को थाई बॉक्सिंग का आगाज़ :जिला प्रशासन कार्यक्रम को सफल बनाने में जुटी  छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा में 5-6 दिसंबर को थाई बॉक्सिंग का आगाज़, जिला प्रशासन तैयारी में जुटा 5-6 दिसंबर को छत्तीसगढ़ में थाई बॉक्सिंग, प्रशासन कार्यक्रम को बनाएगा सफल  छत्तीसगढ़  दंतेवाड़ा जिलें में खेलों को बढ़ावा देने की दिशा में एक नया अध्याय जोड़ने जा रहा है। दंतेवाड़ा में 5 एवं 6 दिसंबर को "इंडोर स्टेडियम पुराना मार्केट" में थाई बॉक्सिंग खेल  शुभारंभ होने जा रहा है। इस मार्शल आर्ट के आगमन से खेल के नए अवसर खुलेंगे,बल्कि युवाओं में फिटनेस, अनुशासन और आत्मरक्षा के आधुनिक कौशल भी सीखने का मौका मिलेगा। छत्तीसगढ़ राज्य स्तरीय थाई बॉक्सिंग प्रतियोगिता 2025 खेल का आयोजन दंतेवाड़ा जिला एवं युवा कल्याण विभाग  एवं छत्तीसगढ़ थाई बॉक्सिंग एसोशिएशन के तत्वाधान में खेल को सफल बनाने के लिए सभी एकजुट होकर कार्य कर रही है। स्थानीय खेल अधिकारियों का कहना है कि थाई बॉक्सिंग की इस पहल से दंतेवाड़ा के साथ_ साथ पूरे छत्तीसगढ़ के खिलाड़ियों को एक नया मंच मिलेगा। दूरस्थ क्षेत्रों  में रहने वाले युवाओं के लिए यह सुनहरा अवसर है कि वे अपने हुनर को तराशें और बेहतर भविष्य की ओर कदम बढ़ाए। थाई बॉक्सिंग के आगाज़ के साथ दंतेवाड़ा (बस्तर) अब उन चुनिंदा जिलों में शामिल हो गया है,जो आधुनिक कॉम्बैट स्पोर्ट्स को बढ़ावा दे रहे है। उम्मीद है कि आने वाले समय में यहां से उभरने वाले खिलाड़ी, प्रदेश और देश का नाम रोशन करेंगे। कार्यक्रम का शुभारंभ 5 दिसंबर को मुख्य अतिथि   भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष माननीय किरणदेव जी के हाथों से होने जा रहा है। थाई बॉक्सिंग एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने बताया कि इस प्रकार के आयोजन से ग्रामीण और आदिवासी क्षेत्रों के प्रतिभावान खिलाड़ी राज्य व राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बना सकेंगे। प्रशिक्षकों ने बताया कि यह खेल शरीर को मजबूत बनाने के साथ_ साथ मानसिक एकाग्रता,आत्मविश्वास और त्वरित निर्णय लेने की क्षमता भी विकसित करता है। युवाओं में इसकी लोकप्रियता तेज़ी से बढ़ रही है और शुरुआती में ही बड़ी संख्या में प्रतिभागियों ने नामांकन  कराया है। कैडेट्स,सब जूनियर जूनियर,एवं सीनियर सभी प्रतिभागी इसमें भाग ले रहे है।

झिंझाना के बिडोली जंगल में मुठभेड़, बावरिया गैंग का खौफ अब खत्म

 शामली यूपी के शामली में पुलिस को बड़ी कामयाबी मिली है. सोमवार देर रात झिंझाना के बिडोली जंगल में पुलिस मुठभेड़ में बावरिया गिरोह का सरगना और सवा लाख का इनामी मिथुन ढेर हो गया. मुठभेड़ में एसओजी के एक हेड कांस्टेबल घायल हुए हैं, जबकि एक थाना प्रभारी बाल-बाल बच गए. एसपी ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया. वारदात की तैयारी में थे बदमाश, पुलिस ने घेरा एसपी नरेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि रात में सूचना मिली थी कि वेदखेड़ी–मंसूरा मार्ग पर बावरिया गिरोह के सदस्य किसी बड़ी वारदात को अंजाम देने की तैयारी में हैं. इस सूचना पर झिंझाना पुलिस और एसओजी की संयुक्त टीम मौके पर पहुंची.  पुलिस को देखते ही बदमाशों ने ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी. पुलिस की जवाबी कार्रवाई में सवा लाख का इनामी मिथुन ढेर हो गया. मिथुन का साथी राहुल अंधेरे का फायदा उठाकर मौके से फरार होने में कामयाब रहा. पुलिस ने फरार साथी की तलाश शुरू कर दी है. एसओजी हेड कांस्टेबल घायल, थाना प्रभारी की बची जान मुठभेड़ के दौरान दोनों ओर से चली गोलियों में एसओजी के हेड कांस्टेबल हरविंदर गोली लगने से घायल हो गए. उन्हें ऊन सीएचसी से जिला अस्पताल रेफर किया गया है. वहीं, झिंझाना थाना प्रभारी वीरेंद्र कसाना की जैकेट में गोली लगी, लेकिन वह उसे भेदकर निकल गई, जिससे उनकी जान बाल-बाल बच गई. पुलिस ने मारे गए बदमाश के पास से एक कार्बाइन और मेड इन इटली पिस्टल बरामद की है. एसपी ने बताया कि मिथुन पर शामली से एक लाख और बागपत पुलिस की ओर से ₹25,000 का इनाम घोषित था. 20 से अधिक मुकदमे दर्ज, कई राज्यों में फैला रखा था खौफ पुलिस के अनुसार, मिथुन के खिलाफ हत्या और लूट समेत 20 से अधिक मुकदमे दर्ज थे. उसने कांवड़ यात्रा के दौरान बागपत में एक महिला से लूट की वारदात को भी अंजाम दिया था. वह वर्ष 2017 में झिंझाना में हुए भारत कुमार हत्याकांड में भी शामिल रहा था. एसपी ने बताया कि मिथुन और उसके गिरोह ने तमिलनाडु में भी कई लूट की वारदातें की थीं. जांच में पता चला कि वह घटना को अंजाम देने के बाद पंजाब, साउथ दिल्ली, जयपुर तथा अन्य स्थानों पर ठिकाने बनाता था. वेस्ट यूपी से लेकर तमिलनाडु तक थी उसकी दहशत मिथुन पर पहला मुकदमा मारपीट का दर्ज हुआ था. इसके बाद वह दिल्ली, पंजाब, वेस्ट यूपी के शामली, बागपत, मुजफ्फरनगर, सहारनपुर जैसे जिलों और तमिलनाडु जैसे दूर के राज्यों में भी लगातार अपराध करता रहा. पुलिस के मुताबिक, उसका मकसद कई राज्यों में अपना प्रभाव और खौफ फैलाना था. पुलिस अब फरार साथी राहुल की तलाश में जुटी हुई है और गिरोह के अन्य सदस्यों की धरपकड़ के लिए भी अभियान चला रही है.

उत्तर–दक्षिण की सांस्कृतिक धरोहर को जोड़ने वाला एक अभिनव सेतु बन रहा तमिल संगमम

काशी तमिल संगमम् के चौथे संस्करण में शामिल होंगे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ उत्तर–दक्षिण की सांस्कृतिक धरोहर को जोड़ने वाला एक अभिनव सेतु बन रहा तमिल संगमम वाराणसी के नमो घाट पर होगा कार्यक्रम का शुभारंभ केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान, तमिलनाडु के राज्यपाल आर. एन. रवि सहित अनेक विशिष्ट अतिथि होंगे उपस्थित “तमिल करकलाम” (तमिल सीखें) थीम पर आधारित है इस वर्ष का आयोजन वाराणसी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ काशी तमिल संगमम् के चौथे संस्करण के उद्घाटन समारोह में शामिल होने हेतु 2 दिसंबर को वाराणसी पहुंचेंगे। उत्तर और दक्षिण भारत को सांस्कृतिक रूप से जोड़ने वाला यह महत्त्वपूर्ण आयोजन अब अपने चौथे संस्करण में प्रवेश कर चुका है। कार्यक्रम का औपचारिक शुभारंभ मंगलवार को नमो घाट पर होगा। उद्घाटन समारोह में केंद्रीय शिक्षा मंत्री श्री धर्मेंद्र प्रधान, तमिलनाडु के राज्यपाल श्री आर. एन. रवि, पुडुचेरी के उपराज्यपाल श्री के. कैलाश नाथ सहित अनेक विशिष्ट अतिथि उपस्थिति दर्ज कराएंगे। “तमिल करकलाम” यानी “तमिल सीखें” की थीम पर आधारित इस आयोजन में तमिलनाडु से 1400 से अधिक प्रतिनिधि काशी पहुंच रहे हैं। काशी और तमिलनाडु के पारंपरिक कलाकार संयुक्त प्रस्तुति देते हुए भारतीय संस्कृति का अद्भुत संगम प्रस्तुत करेंगे। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ उद्घाटन समारोह के अलावा श्री काशी विश्वनाथ मंदिर तथा काल भैरव मंदिर में दर्शन-पूजन करने भी जा सकते हैं। कन्याकुमारी से रवाना हुआ छात्रों का दल, 2 दिसंबर को पहुंचेगा काशी काशी तमिल संगमम् में शामिल होने हेतु छात्रों का पहला दल शनिवार सुबह कन्याकुमारी से विशेष ट्रेन द्वारा रवाना हुआ। कन्याकुमारी से 43, तिरुचिरापल्ली से 86 तथा चेन्नई से 87 छात्र इस यात्रा में सम्मिलित हुए हैं। यह दल मंगलवार को काशी पहुंचकर भ्रमण के बाद शाम को नमो घाट पर आयोजित उद्घाटन समारोह में प्रतिभाग करेगा। डेलीगेट्स का काशी भ्रमण कार्यक्रम तमिल संगमम् 4.0 के डेलीगेट्स सर्वप्रथम हनुमान घाट पहुंचेंगे, जहाँ वे गंगा स्नान, दक्षिण भारतीय परंपरा से जुड़े मंदिरों में दर्शन-पूजन तथा इतिहास से संबंधित जानकारी प्राप्त करेंगे। इसके उपरांत प्रतिनिधि श्री काशी विश्वनाथ धाम में बाबा विश्वनाथ के दर्शन करेंगे और मां अन्नपूर्णा रसोई में प्रसाद ग्रहण करेंगे। इसके बाद सभी प्रतिनिधियों को बीएचयू ले जाया जाएगा, जहाँ वे एकेडमिक कार्यक्रमों में शामिल होंगे और विश्वविद्यालय परिसर के विभिन्न महत्वपूर्ण स्थलों का भ्रमण करेंगे।