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दुनिया का सबसे बड़ा ‘विराट रामायण मंदिर’ बन रहा बिहार में, 12 शिखरों की भव्यता करेगी मंत्रमुग्ध

पूर्वी चंपारण बिहार के पूर्वी चंपारण में बन रहा विराट रामायण मंदिर दुनिया का सबसे बड़ा रामायण-केंद्रित मंदिर होगा। जिले के कल्याणपुर प्रखंड में स्थित कैथवलिया गांव के पास विराट रामायण मंदिर का निर्माण तेज़ी से जारी है। पटना महावीर मंदिर ट्रस्ट की इस ₹500 करोड़ की भव्य परियोजना को निर्धारित समय में पूरा किए जाने की उम्मीद है। अयोध्या राम मंदिर से तीन गुना बड़ा मंदिर की लंबाई 1080 फीट और चौड़ाई 540 फीट होगी। इसका कुल परिसर 140 एकड़ में फैला है। यह आकार इसे अयोध्या के राम मंदिर से लगभग तीन गुना बड़ा बनाता है। यह मंदिर अपने विशाल आकार और अनूठे डिज़ाइन के कारण भारत ही नहीं बल्कि विश्व के सबसे बड़े रामायण-थीम आधारित मंदिरों में शामिल होगा। मुख्य संरचनात्मक विशेषताएं:     कुल 12 शिखर (पहले 18 प्रस्तावित थे, बाद में अनुमति के अनुसार घटे)     मुख्य शिखर की ऊंचाई 270 फीट (पहले 405 फीट प्रस्तावित)     त्रिवेदी कॉर्पोरेशन फिनिशिंग कार्य के लिए प्रस्तावित     टाटा कंसल्टेंसी इंजीनियर्स और सनटेक इंफ्रा सॉल्यूशंस मुख्य ठेकेदार     दुनिया का सबसे बड़ा 33 फुट ऊंचा शिवलिंग परियोजना का सबसे बड़ा आकर्षण है दुनिया का सबसे बड़ा ग्रेनाइट शिवलिंग, जिसकी ऊंचाई: 33 फीट, वजन: 210 मीट्रिक टन और कीमत: ₹3 करोड़ है। इसका निर्माण महाबलीपुरम में 10 वर्षों में पूरा हुआ है। इसे 96 चक्कों वाले विशेष ट्रेलर से लाया जा रहा है और यह दिसंबर के तीसरे या अंतिम सप्ताह तक कैथवलिया पहुंच जाएगा। इसकी स्थापना नए साल की शुरुआत में हो सकती है। 22 छोटे मंदिर और 20,000 श्रद्धालुओं की क्षमता वाला सभागार मंदिर परिसर में कुल 22 छोटे मंदिर बनाए जा रहे हैं, जो रामायण के प्रमुख चरित्रों- राम, सीता, लक्ष्मण, हनुमान आदि को समर्पित होंगे। इसके अलावा, परिसर में 20,000 श्रद्धालुओं की क्षमता वाला विशाल सभागार, इलेक्ट्रॉनिक माध्यमों से रामायण कथा प्रदर्शन, और 800 फीट लंबा शिव गंगा तालाब भी शामिल है।

हरियाणा के मुख्यमंत्री करेंगे इंदौर में मध्यप्रदेश के पहले गीता भवन का लोकार्पण

गीता जयंती पर 3 लाख गीता पाठी एक साथ करेंगे श्रीमद्भगवद्गीता का सस्वर पाठ श्रीमद्भगवद्गीता ज्ञान प्रतियोगिता के विजेताओं के नामों की होगी घोषणा भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, आज गीता जयंती के अवसर पर अंतर्राष्ट्रीय गीता महोत्सव का शुभारंभ करेंगे। इस अवसर पर मध्यप्रदेश के 313 विकासखंड, 55 जिला मुख्यालय और 10 संभागों में आचार्यों की सन्निधि में 3 लाख से अधिक गीताभक्तों द्वारा श्रीमद्भगवद्गीता के 15वें अध्याय का सामूहिक सस्वर पाठ किया जायेगा। गीता जयंती पर उज्जैन, भोपाल एवं इंदौर में विशेष आयोजन किये गये है। इंदौर के राजवाड़ा स्थित गोपाल मंदिर में मध्यप्रदेश के पहले गीता भवन का लोकार्पण हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की उपस्थिति में होगा। इस अवसर पर मध्यप्रदेश में 16 से 28 नवंबर 2025 तक आयोजित हुई श्रीमद्भगवद्गीता ज्ञान प्रतियोगिता के विजेताओं के नामों की घोषणा भी की जायेगी। वीर भारत न्यास के न्यासी सचिव श्रीराम तिवारी ने बताया कि गीता जयंती 1 दिसंबर 2025 को मध्यप्रदेश में अंतर्राष्ट्रीय गीता महोत्सव भव्य स्तर पर मनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि गीता केवल धार्मिक ग्रंथ नहीं बल्कि जीवन जीने की कला सिखाती है। यह महोत्सव समाज में ज्ञान, कर्तव्य, अनुशासन और सकारात्मकता का वातावरण बनाने का माध्यम बनेगा। उज्जैन में तीन दिवसीय भव्य आयोजन, पहले दिन अभिनेता पुनीत इस्सर की प्रस्तुति  उज्जैन के दशहरा मैदान पर 1 से 3 दिसंबर तक विविध सांस्कृतिक आयोजन किये जा रहे है। इसमें पहले दिन अभिनेता पुनीत इस्सर द्वारा निर्देशित नृत्य नाटिका जय श्रीकृष्णा का मंचन होगा। दूसरे दिन नई दिल्ली की वैष्णवी शर्मा का काव्य पाठ विराटजयी तथा मुंबई के मोहित शेवानी एवं दल द्वारा कृष्णायन की सांगीतिक प्रस्तुति होगी। अंतिम दिन उमेश तरकसवार द्वारा निर्देशित विश्ववंदनीय एवं बैंगलोर के डॉ. सलाउद्दीन पाशा द्वारा निर्देशित गीता ऑन व्हील्स की प्रस्तुति होगी। उन्होंने कहा कि इस अवसर पर लघु चित्र शैली में माधव दर्शनम् प्रदर्शनी को प्रदर्शित किया जा रहा है। भोपाल के रवीन्द्र भवन में दिव्यांग कलाकारों द्वारा गीता ऑन व्हील्स का मंचन मुख्यमंत्रीजी डॉ. मोहन यादव के मुख्य आतिथ्य में दोपहर 1 बजे रविन्द्र भवन में श्रीमद्भगवद्गीता के 15वें अध्याय का सस्वर पाठ एवं प्रदर्शनी का लोकार्पण होगा। रवीन्द्र भवन के हंसध्वनि सभागार में मोहित शेवानी के निर्देशन में कृष्णायन की प्रस्तुति होगी। यह प्रस्तुति भगवान श्रीकृष्ण और मध्यप्रदेश की कहानी पर केंद्रित है। आधुनिक तकनीकों का उपयोग करते हुए इस प्रस्तुति को आकर्षक एवं रोचक बनाने का प्रयास किया गया है। इसके पूर्व बैंगलोर के डॉ. सलाउद्दीन पाशा के निर्देशन में गीता ऑन व्हील्स जिसमें दिव्यांग कलाकार गीता के प्रसंगों को मंचित करेंगे तथा विश्व गीता प्रतिष्ठानम् की ओर से श्रीमद्भगवद्गीता नृत्य नाटिका की प्रस्तुति होगी। प्रस्तुतियाँ शाम 6 बजे शुरू होंगी। इंदौर के गोपाल मंदिर में होंगे आयोजन मुख्यमंत्री डॉ. यादव एवं हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री सैनी इंदौर के मुख्य आतिथ्य में मध्यप्रदेश के पहले गीता भवन-गोपाल मंदिर का लोकार्पण किया जायेगा। साथ ही प्रदेश में 16 से 28 नवंबर 2025 तक आयोजित हुई श्रीमद्भगवद्गीता ज्ञान प्रतियोगिता के विजेताओं के नामों की घोषणा की जायेगी। पुरस्कारों का वितरण गणतंत्र दिवस 26 जनवरी 2026 के मौके पर होगा। इस अवसर पर श्री संजीव मालवीय द्वारा निर्देशित नृत्य नाटिका कृष्णायन की प्रस्तुति होगी।  

एमपी में कड़ाके की ठंड की दस्तक: दिसंबर से तापमान तेज़ी से गिरने के आसार

भोपाल  मध्य प्रदेश में एक बार फिर ठंड ने रफ्तार पकड़ ली है। दिसंबर के पहले हफ्ते में राज्य के बड़े हिस्से में कड़ाके की ठंड पड़ने लगेगी। बात करे राजधानी भोपाल की तो यहां बीते दो दिनों से ही शीतलहर चल रही है। वहीं, 14 शहरों में रात का पारा 10 डिग्री से नीचे लुढ़क गया है। एमपी में इस बार ठंड के सख्त तेवर जनवरी के पूरे महीने देखने को मिल सकते हैं। मौसम विभाग के मुताबिक, भारत के उत्तरी हिस्से में एक पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय है। जिससे उत्तरी राज्यों में बर्फबारी होगी। अगले कुछ दिनों बाद मध्य प्रदेश के तापमान में और भी गिरावट होगी। दिसंबर के पहले हफ्ते से कड़ाके की ठंड बढ़ेगी। इस बार ठंड का तेवर जनवरी तक जारी रहेगा। ठंड ने पकड़ी रफ्तार प्रदेश में ठंड ने एक बार फिर ठंड ने रफ्तार पकड़नी शुरु कर दी है। 14 शहरों में रात का पारा 10 डिग्री से नीचे पहुंच गया है। सबसे कम तापमान छतरपुर के नौगांव में दर्ज हुआ। यहांन्यूनतम तापमान 6.1 डिग्री दर्ज हुआ। वहीं, हिल स्टेशन पचमढ़ी में पारा 6.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। कल्याणपुर में 7.1 डिग्री, उमरिया-अमरकंटक में 7.6 डिग्री, रीवा में 7.8 डिग्री, भोपाल में 8.6 डिग्री, मलाजखंड में 8.7 डिग्री, राजगढ़ और खजुराहो में 9 डिग्री, मंडला-छिंदवाड़ा में 9.4 डिग्री, दमोह में 9.5 डिग्री और बैतूल में 9.7 डिग्री तापमान रहा। वहीं जबलपुर में 10.2 डिग्री, इंदौर में 10.4 डिग्री, ग्वालियर में 10.5 डिग्री और उज्जैन में 14 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ है।

श्रद्धालुओं ध्यान दें! भस्म आरती की ऑनलाइन बुकिंग बंद—अब ऐसे मिल सकेगी एंट्री

उज्जैन  उज्जैन के राजाधिराज भगवान महाकाल के दरबार में बीते साल को अलविदा और आने वाले साल का वेलकम करने देशभर से श्रद्धालु आएंगे। मंदिर प्रशासन का अनुमान है, इन दिनों करीब 10 लाख से अधिक श्रद्धालु महाकाल की नगरी में पहुंचेंगे। सभी को सुगमता से दर्शन हों, इसके लिए तैयारियां अंतिम दौर में हैं। साथ ही भस्म आरती की ऑनलाइन बुकिंग 25 दिसंबर से बंद रहेगी। इस दौरान ऑफलाइन व्यवस्था के तहत एंट्री मिलेगी। एक दिन पहले आकर फॉर्म भरने होंगे, अनुमति दर्शनार्थियों की संख्या के आधार पर ही मिल सकेगी। कोई भक्त निराश न लौटे, इसके लिए भस्म आरती में चलायमान दर्शन की व्यवस्था की जाएगी। महाकाल के दर्शन करने पहुंचेंगे 10 लाख भक्त सहायक प्रशासक आशीष फलवाड़िया ने बताया कि महाकाल मंदिर में नए साल को लेकर तैयारियों को अंतिम रूप दिया जा रहा है। अनुमान है कि 25 दिसंबर से 5 जनवरी तक करीब 10 लाख भक्त भगवान महाकाल के दर्शन करने पहुंचेंगे। श्रद्धालुओं की संख्या को देखते हुए दर्शन का नया प्लान तैयार किया जा रहा है। इसकी शुरुआत भस्म आरती की आनलाइन बुकिंग सुविधा को ब्लाक करने के साथ हो गई है। भस्म आरती दर्शन व्यवस्था प्रभारी व सहायक प्रशासक फलवाडिया ने बताया कि हर वर्ष की तरह इस बार भी नए साल में भस्म आरती दर्शन को लेकर काफी देखा जा रहा है।   चारधाम से लगेगी कतार पिछले कुछ सालों से नए साल में उमड़ने वाली भीड़ को देखते हुए मंदिर प्रशासन चारधाम मंदिर के सामने से कतार लगाने का कार्य करता आ रहा है। संभवत: इस बार भी नए साल में वही दर्शन व्यवस्था लागू रहेगी। दर्शनार्थियों को कर्कराज पार्किंग से शक्तिपथ के रास्ते श्रीमहाकाल महालोक होते हुए मंदिर(Mahakal Temple Ujjain) में प्रवेश दिया जाएगा। इसके बाद श्रद्धालु गणेश व कार्तिकेय मंडप से दर्शन करेंगे। श्रद्धालुओं को दी जाने वाली अनुमति व्यवस्था भी स्थगित रहेगी।

मध्यप्रदेश को बड़ी सौगात: 1100 करोड़ की लागत से बनेगा 48 किमी हाइवे, 27 गांव होंगे सीधे जुड़ाव में

इंदौर  मध्य प्रदेश सड़क विकास निगम लिमिटेड (MPRDC) के द्वारा इंदौर से उज्जैन के बीच पितृ पर्वत से चिंतामन गणेश मंदिर तक ग्रीन फील्ड कॉरिडोर बनाया जाएगा। इस प्रोजेक्ट को पूरा करने का जिम्मा सीगल इन्फ्रा प्रोजेक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड को सौंपा गया है। 30 मिनट में तय होगी दूरी इंदौर-उज्जैन के बीच 48 किलोमीटर की दूरी सिर्फ 30 मिनट पूरी हो जाएगी। नए हाइवे में एटीएमएस सिस्टम और सीसीटीवी कैमरों से निगरानी की जाएगी। इसका उपयोग सिंहस्थ और वीवीआईपी मूवमेंट के दौरान उपयोगी होगा। साथ ही ट्रैफिक दबाव भी कम होगा। 48 किलोमीटर लंबा होगा फोरलेन यह फोरलेन एक्सेस कंट्रोल्ड होगा। जिसकी लंबाई 48.10 किलोमीटर और चौड़ाई 60 मीटर होगी। इस प्रोजेक्ट की कुल लागत 20 हजार करोड़ रुपए हैं। जिसमें 1089 करोड़ रुपए निर्माण और बाकी के बचे पैसे भूमि अधिग्रहण में खर्च होंगे। 27 प्रमुख गावों से होकर गुजरेगा हाईवे हाइवे इंदौर के पितृ पर्वत से शुरु होकर चिंतामन गणेश मंदिर के पास सिंहस्थ बायपास तक जाएगा। हाईवे जंबूड़ी हप्सी, बुढ़ानिया, हातोद, सगवाल, कांकरिया बोर्डिया, जंबूर्डी सरवर, जिंदाखेड़ा, रतनखेड़ी, बीबीखेड़ी, पीपल्या कायस्था, हरियाखेड़ी, खतेड़िया, रंगकोर्डिया, काछल्या, बलघारा, पोटलोद, तुमानी, मगरखेड़ी, छितोड़ा, बालरिया, रालामंडल, लिंबा पीपल्या, गोंदिया, हासमपुरा, पालखेड़ी, चिंतामन जवासिया और चांदमुख से होते हुए गुजरेगा।   जमीन अधिग्रहण पर आएगा 911 करोड़ का खर्च जमीन अधिग्रहण में 900 करोड़ रुपए के करीब खर्च किए जाएंगे। 175 हेक्टेयर से अधिक जमीन का अधिग्रहण किया जाएगा। उज्जैन जिले के 8 गांवों, हातोद की 75.401 हेक्टेयर सांवेर तहसील में 395 किसानों की 99.992 हेक्टेयर जमीन अधिग्रहित की जाएगी। 

एसआईआर का प्रदेश में 93% गणना पत्रकों का डिजिटलाइजेशन पूरा

भोपाल  मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी मध्यप्रदेश श्री संजीव कुमार झा ने बताया कि प्रदेश में गणना पत्रकों के डिजिटलाइजेशन का कार्य तेज गति से जारी है। अभी तक मध्यप्रदेश के छ: जिलों अशोक नगर, नीमच, बैतूल, गुना, मंडला और सीहोर जिले ने एस आई आर का काम शत् प्रतिशत पूरा कर लिया है। श्री झा ने सभी शासकीय सेवकों और नागरिकों को धन्यवाद ज्ञापित करते हुए कहा कि यह उपलब्धि सभी के समन्वित प्रयास और अथक परिश्रम से ही संभव हुई है। रविवार 30 नवंबर शाम तक 5 करोड़ 33 लाख से अधिक गणना पत्रकों का डिजिटलाइजेशन पूरा हो चुका है, जो कुल कार्य का लगभग 93 प्रतिशत है। श्री झा ने बताया कि प्रदेश के 39 अन्य जिलों ने 95 प्रतिशत से अधिक कार्य पूरा कर उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है। इसके अलावा प्रदेश के 5 जिलों में 92% से अधिक कार्य पूर्ण हो चुका है। मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी श्री झा ने डिजिटलाइजेशन में लगे सभी शासकीय सेवकों, बीएलओ तथा सहयोगी नागरिकों के समन्वित प्रयास की सराहना की जिसके चलते निर्धारित समय से पहले ही कार्य पूर्णता की ओर है। उन्होंने कहा कि इसी प्रेरणा और समन्वय से प्रदेश के सभी जिलों में शत-प्रतिशत कार्य शीघ्र पूरा कर लिया जाएगा।  

एमपी एफएसओ भर्ती: 3 दिसंबर को आएगा एडमिट कार्ड, जानें कब होगी परीक्षा

भोपाल मध्य प्रदेश फूड सेफ्टी ऑफिसर (FSO) भर्ती परीक्षा में शामिल होने वाले अभ्यर्थियों के लिए अहम जानकारी सामने आई है। मध्य प्रदेश लोक सेवा आयोग (MPPSC) ने घोषणा की है कि इस परीक्षा के एडमिट कार्ड 3 दिसंबर से डाउनलोड के लिए उपलब्ध होंगे। अभ्यर्थी आयोग की आधिकारिक वेबसाइट mppsc.mp.gov.in पर जाकर अपने लॉगिन विवरण भरकर प्रवेश पत्र डाउनलोड कर सकेंगे। आयोग स्पष्ट कर चुका है कि किसी भी उम्मीदवार को एडमिट कार्ड पोस्ट के माध्यम से नहीं भेजा जाएगा। 14 दिसंबर को आयोजित होगी परीक्षा एमपीपीएससी के अनुसार फूड सेफ्टी ऑफिसर भर्ती परीक्षा का आयोजन 14 दिसंबर को किया जाएगा। यह परीक्षा दोपहर 12 बजे से 3 बजे तक चलेगी। अभ्यर्थियों को समय से पहले परीक्षा केंद्र पहुंचने की सलाह दी गई है। कैसे डाउनलोड करें MPPSC FSO Admit Card? 1. सबसे पहले आधिकारिक वेबसाइट mppsc.mp.gov.in पर जाएं। 2. होम पेज पर उपलब्ध Admit Card लिंक पर क्लिक करें। 3. अपनी लॉगिन आईडी और पासवर्ड दर्ज करके सबमिट करें। 4. एडमिट कार्ड स्क्रीन पर दिखते ही इसे डाउनलोड करें और प्रिंट निकाल लें। परीक्षा केंद्र में क्या ले जा सकेंगे?     ई-प्रवेश पत्र (Admit Card)     वैध पहचान पत्र     पेन     स्वयं का फोटोग्राफ (यदि आवश्यक हो)     पारदर्शी पानी की बोतल     एडमिट कार्ड में उल्लेखित अन्य अनुमत सामान इन वस्तुओं पर कड़ी पाबंदी पेंसिल, रबर, शार्पनर, ब्लेड, स्केल, बैग, मोबाइल फोन, पेनड्राइव, कैलकुलेटर, किताब/नोट्स, चाबी, क्लचर, हेयर बक्कल, हैंड बैंड, बेल्ट, डिजिटल/स्मार्ट/एनालॉग घड़ी, पर्स/वॉलेट, टोपी, ब्लूटूथ, इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स, लाइटर, माचिस, हथियार आदि। इसके अलावा, जूते और मोजे पहनकर परीक्षा कक्ष में प्रवेश वर्जित रहेगा।   कुल 67 पदों पर भर्ती इस भर्ती अभियान के माध्यम से 67 फूड सेफ्टी ऑफिसर पद भरे जाएंगे। श्रेणीवार पद इस प्रकार हैं-     अनारक्षित: 14     एससी: 8     एसटी: 17     ओबीसी: 23     ईडब्ल्यूएस: 5

माघ मेला 2026 की तैयारियों में तेजी, विशाल सुरक्षा प्लान हुआ लागू

प्रयागराज  उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में लगने वाले माघ मेला 2026 की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सभी विभागों ने अभी से तैयारियां तेज़ कर दी हैं। मेला क्षेत्र में प्रतिदिन डॉग स्क्वॉड और बम डिस्पोज़ल दस्ते संयुक्त रूप से चेकिंग अभियान चला रहे हैं, ताकि किसी भी संभावित खतरे को समय रहते रोका जा सके। सुरक्षा एजेंसियां लगातार पीपा पुल, महत्वपूर्ण मार्गों और भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में गहन तलाशी अभियान चला रही हैं। जैसे-जैसे माघ मेले की तिथि नज़दीक आ रही है, प्रशासन सुरक्षा के कड़े इंतजाम कर रही हैं।  सीएम योगी ने दिए निर्देश    तीन जनवरी 2026 से शुरू होने वाले माघ मेले को लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पहले ही अधिकारियों को सख्त निर्देश दे चुके हैं। सीएम ने स्पष्ट किया है कि संतों, कल्पवासियों और करोड़ों श्रद्धालुओं को सुरक्षित, व्यवस्थित और सुगम वातावरण उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता है। इसी लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए सुरक्षा तैयारियों को चरणबद्ध रूप से आगे बढ़ाया जा रहा है।सुरक्षा को अभेद बनाने के लिए इस बार हाई-टेक तकनीक का बड़ा इस्तेमाल किया जा रहा है। पूरे मेला क्षेत्र में 400 एआई-आधारित सीसीटीवी कैमरे लगाए जा रहे हैं, जो भीड़ की गतिविधियों, घनत्व और किसी भी संदिग्ध हरकत पर तुरंत अलटर् प्रदान करेंगे। साथ ही ड्रोन कैमरे भी ऊपर से लगातार निगरानी रखेंगे, जिससे सुरक्षा एजेंसियों को वास्तविक समय में पूरी स्थिति की जानकारी मिलती रहे।  5 हजार पुलिसकर्मियों की होगी तैनाती  इस बार मेला क्षेत्र में लगभग 5 हजार पुलिसकर्मियों की तैनाती की जाएगी। सिविल पुलिस के साथ-साथ एटीएस, एसटीएफ, पीएसी, आरएफ और बाढ़ राहत कंपनियों की टीमें भी सुरक्षा में सक्रिय रहेंगी। महिला श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए बड़ी संख्या में महिला पुलिसकर्मियों की भी तैनाती की जा रही है। इसके अलावा 17 अस्थायी थाने और 42 पुलिस चौकियां स्थापित की जा रही हैं, ताकि हर सेक्टर में सुरक्षा व्यवस्था सुचारू रूप से संचालित हो सके। लगातार निगरानी, आधुनिक तकनीक और मजबूत पुलिस बल के साथ प्रशासन माघ मेला 2026 को पूरी तरह सुरक्षित और शांतिपूर्ण बनाने के लिए हर स्तर पर सक्रिय है।   

टाइगर रिज़र्व अपडेट: बफ़र ज़ोन में नाइट सफारी आज से पूर्णतः प्रतिबंधित

भोपाल  मध्य प्रदेश के टाइगर रिजर्व के बफर क्षेत्र में आज से नाइट सफारी बंद कर दी जाएगी। यह निर्णय सर्वोच्च न्यायालय द्वारा 17 नवंबर को दिए गए एक आदेश के बाद लिया गया है। न्यायालय के आदेश के बाद मुख्य वन्यप्राणी अभिरक्षक सुभरंजन सेन ने सभी टाइगर रिजर्व के क्षेत्र संचालकों को निर्देश जारी कर कहा है कि प्रदेशभर में रात्रिकालीन सफारी पर पूरी तरह रोक लगाई जा रही है। इस वजह से लिया गया यह निर्णय यह निर्णय वन्य जीवों की सुरक्षा और प्राकृतिक व्यवहार में हस्तक्षेप रोकने के उद्देश्य से लिया गया है। इस निर्णय के बाद मप्र के नौ टाइगर रिजर्व कान्हा, बांधवगढ़, सतपुड़ा, पेंच, पन्ना, संजय, वीरांगना दुर्गावती, रातापानी (पद्म श्री डॉ. विष्णु श्रीधर वाकणकर) और माधव टाइगर रिजर्व में पर्यटक नाइट सफारी का आनंद नहीं ले सकेंगे।   एडवांस बुकिंग की व्यवस्था नहीं सुभरंजन सेन ने बताया कि नाइट सफारी के लिए एडवांस बुकिंग की व्यवस्था नहीं है। ऐसे में एडवांस बुकिंग का पैसा रिफंड करने जैसी कोई बात ही नहीं। बता दें कि टाइगर रिजर्व के कोर क्षेत्र में पहले से ही नाइट सफारी पर रोक है अब बफर में भी नाइट सफारी नहीं कराई जाएगी। 2022 में एनटीसीए के निर्देश के बाद भी बंद नहीं की थी नाइट सफारी वर्ष 2022 में भी टाइगर रिजर्व में नाइट सफारी बंद करने की पहल की गई थी। राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण (एनटीसीए) ने वन विभाग को पत्र लिखकर कहा था कि नाइट सफारी तुरंत बंद करें। इस पर उस समय वन विभाग के अधिकारियों ने तर्क दिया था कि एनटीसीए ने ही बफर क्षेत्र में पर्यटन बढ़ाने को कहा है और इसके लिए कुछ गतिविधियां तो संचालित करनी पड़ेंगी। उस समय इस पर अमल नहीं हो सका और नाइट सफारी यथावत संचालित होती रही।   शिवराज ने शुरू कराई थी बफर में सफर योजना तत्कालीन मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने नवंबर 2020 में बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व से बफर में सफर योजना शुरू की थी। बफर में सफर का आकर्षण बढ़ाने के लिए मप्र के टाइगर रिजर्व में नाइट सफारी भी शुरू कर दी गई थी। वन विभाग ने शाम सात से रात दस बजे तक बफर क्षेत्र में पर्यटन की अनुमति दी थी, जिसके लिए गाड़ियों की संख्या आठ से 10 ही रखी गई थी। 

करोंद में खत्म होगा जाम का झंझट, भोपाल मेट्रो निर्माण कार्य तेज़

भोपाल भोपाल शहर के बैरसिया रोड पर करोंद क्षेत्र में मेट्रो रेल लाइन का काम तेजी से किया जा रहा है। यहां सड़क के बीचोंबीच बेरिकेड्स लगाने से आए दिन जाम लगता है, ऐसे में लोगों को परेशान होना पड़ रहा है। यह देखते हुए मेट्रो रेल लाइन के दूसरे चरण में करोंद चौराहा से सीआइएइ (केंद्रीय कृषि अभियांत्रिकी संस्थान) तक गर्डर लांच करने का काम किया जा रहा है। इसके तहत बने पिलर पर जल्द ही गर्डर रख दी जाएगी, ऐसे में पिलरों पर गर्डर लांच होने के बाद बेरिकेड्स हटा दिए जाएंगे। इससे जाम की समस्या से काफी हद तक निजात मिल जाएगी। बता दें कि पिछले डेढ़ साल से करोंद में मेट्रो रेल लाइन का काम चल रहा है, अभी सिर्फ पिलर ही खड़े हो सके हैं। घना रहवासी क्षेत्र होने के कारण सुरक्षा को देखते हुए काम किया जा रहा है।   आठ से अधिक पिलर खड़े हुए जानकारी के अनुसार भोपाल में मेट्रो की ऑरेंज लाइन के दूसरे चरण सुभाषनगर से करोंद के बीच का काम तेजी से किया जा रहा है। पिलर खड़े होने की शुरुआत करोंद स्थित सीआईएई के सामने से की गई है। यहां पर आठ से अधिक पिलर खड़े हो चुके हैं। इन पर गर्डर लांच करने की तैयारी की जा रही है, सुरक्षा की दृष्टि से देर रात यह काम किया जा रहा है। इस दौरान यातायात परिवर्तित कर दिया जाता है। बता दें कि सुभाष नगर डिपो से करोंद तक के मेट्रो रेल लाइन का काम कुल दो चरण में होगा। कुल 8.77 किलोमीटर में से 5.38 किलोमीटर हिस्से में छह एलिवेटेड मेट्रो स्टेशन बनेंगे। जिनमें पुल बोगदा, ऐशबाग, सिंधी कालोनी, डीआइजी बंगला, कृषि उपज मंडी और करोंद शामिल हैं। प्रॉयोरिटी कॉरिडोर के लिए रिपोर्ट का इंतजार भोपाल मेट्रो के प्रॉयोरिटी कॉरिडोर (सुभाष नगर से एम्स) के लिए कमिश्नर ऑफ मेट्रो रेल सेफ्टी (सीएमआरएस) की अंतिम 'ओके टू रन' रिपोर्ट का इंतजार है। इसको लेकर सीएमआरएस ने निरीक्षण पूरा कर लिया है, लेकिन अभी रिपोर्ट नहीं मिली है। जैसे ही रिपोर्ट मिलेगी, उस रिपोर्ट के आधार पर ही मेट्रो के संचालन पर निर्णय होगा।