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सावधान बिहार! तापमान में तेज गिरावट और घना कोहरा, मौसम विभाग ने जारी किया नया अपडेट

पटना राज्य में तापमान में कोई बड़ा बदलाव फिलहाल नहीं दिख रहा है और ठंड की स्थिति यथावत बनी रहेगी। मौसम विभाग के अनुसार, आगामी तीन दिनों के दौरान राज्य के कई इलाकों में सुबह के समय हल्के से मध्यम स्तर तक का कोहरा छा सकता है। विशेष रूप से गंगा किनारे बसे क्षेत्रों में देर तक धुंध बने रहने के आसार जताये गये हैं, जिससे सुबह की द्दश्यता प्रभावित हो सकती है। विभाग ने बताया है कि इस दौरान मौसम में किसी प्रकार के बड़े उतार- चढ़ाव की संभावना नहीं है। पूर्वानुमान के मुताबिक आगामी पांच दिनों तक अधिकतम और न्यूनतम तापमान में किसी खास बदलाव की उम्मीद नहीं है। यानी फिलहाल राज्य में ठंड की मौजूदा स्थिति जैसी है, वैसी ही बनी रहने वाली है। मौसम विभाग ने नागरिकों से अपील की है कि सुबह के समय वाहन चलाते समय सतर्क रहें।

महिलाओं की सुरक्षा सख्त: हरियाणा सरकार ने जिम व बसों के लिए जारी किए नए प्रावधान

भिवानी स्कूल–कॉलेज जाने वाली बेटियों के चेहरों पर लौटती हुई चिंता और परिवहन के रास्तों में बढ़ती अनहोनी की आशंकाओं ने हरियाणा राज्य महिला आयोग को एक नया संकल्प दिया है। आयोग ने तय किया है कि सुरक्षा का यह घेरा अब बेटियाँ ही बनाएंगी। जिन वाहनों में आज छात्राएं डर के साए में सफर करती हैं, वहीं आगे से प्रशिक्षित महिला चालक होंगी, जो उनके लिए सुरक्षा की पहली दीवार बनेंगी और अपने लिए आत्मनिर्भर भविष्य का मार्ग भी खोलेंगी।  इसी दिशा में आयोग ने महिला जिमों को लेकर भी कठोर कदम उठाया है। एक जनवरी से प्रदेश में कोई भी महिला जिम बिना महिला ट्रेनर के नहीं चलेगा। यदि किसी जिम में महिला ट्रेनर न होने के बावजूद कोई अप्रिय घटना घटती है तो उसकी जिम्मेदारी केवल संचालक की नहीं, बल्कि वहां आने वाली महिलाओं की भी मानी जाएगी। राज्य महिला आयोग की योजना के तहत जिलों की आर्थिक रूप से कमजोर महिलाओं को वाहन चलाने का प्रशिक्षण दिलाया जाएगा। प्रशिक्षण के बाद उन्हें सब्सिडी पर लोन दिलाकर स्कूली कैब, ऑटो या अन्य परिवहन साधनों से जोड़ा जाएगा। आवेदन प्रक्रिया शीघ्र शुरू होगी और योजना एक जनवरी से लागू की जानी है।   आयोग का मानना है कि इससे जहां छात्राओं को सुरक्षित परिवहन मिलेगा, वहीं कई महिलाओं को स्थायी आजीविका का अवसर भी प्राप्त होगा।  हाल ही में फरीदाबाद और बल्लभगढ़ में सामने आए दो गंभीर मामलों ने आयोग को कड़ी कार्रवाई की दिशा में अग्रसर किया। एक घटना में स्कूली वाहन चालक छात्रा को प्रताड़ित करता रहा, फोन छीन लेता और जानबूझकर लंबे रास्ते से स्कूल वाहन लेकर जाता था।

उत्तर भारत में सर्दी ने पकड़ी रफ्तार, पंजाब-चंडीगढ़ के लिए IMD ने जारी की अहम रिपोर्ट

पंजाब  पंजाब और चंडीगढ़ में ठंड एक बार फिर तेज हो गई है। कई इलाकों में सुबह-शाम हल्की धुंध और सूखी हवा चलने से ठिठुरन बढ़ गई है। मौसम विभाग के अनुसार पिछले 24 घंटों में न्यूनतम तापमान 0.5°C गिरा है। फरीदकोट सबसे ठंडा जिला रहा, जहां तापमान 4°C दर्ज हुआ। विभाग के अनुसार नवंबर के आख़िर या दिसंबर की शुरुआत में पंजाब में बारिश होने की संभावना है। बारिश के बाद ठंड और बढ़ेगी, लेकिन हवा की गुणवत्ता में सुधार होगा। लोगों को स्वास्थ्य को लेकर खास सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। आने वाले दिनों में मौसम कैसा रहेगा? – अगले 7 दिनों तक बारिश की कोई संभावना नहीं। – कुछ इलाकों में हल्की धुंध जारी रहेगी। – रात के तापमान में कोई बड़ा बदलाव नहीं आएगा। – दिल्ली–अंबाला और अंबाला–अमृतसर हाइवे पर मौसम साफ रहेगा। हवा की गुणवत्ता बुरी तरह बिगड़ी पंजाब के लगभग सभी शहरों में AQI 100 से ऊपर दर्ज हुआ है। रूड़की को छोड़ बाकी सभी शहर प्रदूषण की मार झेल रहे हैं। अमृतसर: 196 बठिंडा: 159 जालंधर: 133 खन्ना: 142 लुधियाना: 122 मंडी गोबिंदगढ़: 213 (सबसे प्रदूषित) चंडीगढ़ सेक्टर 22: 155

लक्ष्य बड़े रखें, उत्साह से कार्य करने पर निश्चित रूप से मिलेगी सफलता : उप मुख्यमंत्री देवड़ा

उप मुख्यमंत्री ने जेंडर कैंपेन नई चेतना 4.0 का किया शुभारंभ पंचायतों में बिना मांग स्वीकृत किए नए भवन, अब तीन मंजिल तक कर सकेंगे निर्माण: मंत्री श्री पटेल पंचायत प्रतिनिधियों एवं राज्य स्तरीय पदाधिकारियों की तीन दिवसीय कार्यशाला का समापन भोपाल  पंचायतों को आत्मनिर्भर, सशक्त एवं समृद्ध बनाने के लिए कुशाभाऊ ठाकरे सभागार में 24 नवंबर से चल रही पंचायत प्रतिनिधियों एवं राज्य स्तरीय पदाधिकारियों की तीन दिवसीय कार्यशाला का बुधवार को समापन हो गया। कार्यशाला के अंतिम दिन उप मुख्यमंत्री श्री जगदीश देवड़ा ने जिला पंचायत सदस्यों को संबोधित किया। उन्होंने मध्यप्रदेश दीनदयाल अंत्योदय योजना राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन द्वारा संचालित जेंडर कैंपेन नई चेतना 4.0 का शुभारंभ किया। उत्कृष्ट लोक अधिकार केंद्रों के माध्यम से महिलाओं के हक एवं अधिकारों पर कार्य करने वाली स्वयं सहायता समूह की महिलाओं को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। उप मुख्यमंत्री श्री देवड़ा ने कहा कि कोई भी व्यक्ति छोटा या बड़ा नहीं होता, लक्ष्य बड़ा होना चाहिए। मन में काम करने का उत्साह रहेगा तो सफलता निश्चित रूप से मिलेगी। उन्होंने कार्यशाला में मौजूद जन-प्रतिनिधियों से सरकार की योजनाओं को आगे बढ़ाने की अपील की। पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री श्री प्रहलाद सिंह पटेल ने बताया कि इस बार कार्यशाला में सरपंच संगठन, सचिव संगठन और जीआरएस संगठन के पदाधिकारी भी उपस्थित रहे। उन्होंने कहा की जनप्रतिनिधियों को अधिकारों और कर्तव्यों पर गंभीरता से विचार कर सार्वजनिक जीवन में बनी नकारात्मक धारणा को समाप्‍त करते हुए पारदर्शिता और ईमानदारी से कार्य करना चाहिए। मंत्री श्री पटेल ने कहा कि जहां पंचायत भवन नहीं थे, वहां बिना मांग के नए भवन स्वीकृत किए गए। अब पंचायत भवन तीन मंजिला बनाए जाएंगे, जिससे भविष्य की आवश्यकताओं के अनुसार उनका उपयोग हो सकेगा। इसी तरह ग्राम पंचायत, जनपद पंचायतों में सामुदायिक भवन भी बनवाए जा रहे हैं। पंचायतों को ग्राम सुरक्षा, स्वच्छता और सामाजिक उत्तरदायित्व के विषयों पर ज्यादा ध्यान देने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि प्रत्येक जनप्रतिनिधि को स्वयं से तीन प्रश्न जरूर पूछने चाहिए। पहला- मेरे कर्तव्य क्या हैं? दूसरा- मेरा वित्तीय प्रबंधन कितना पारदर्शी है? और तीसरा- समाज के लिए मेरा योगदान क्या है। उन्होंने कहा कि कठिन परिस्थितियों में भी कर्तव्य और ईमानदारी पर अडिग रहना ही जनसेवा का मूल सिद्धांत है। कार्यशाला के आखिरी दिन दो सत्र हुए। इसमें प्रदेश के जिला पंचायत सदस्य शामिल हुए। जिला पंचायत की स्थायी समितियों की नियमित बैठकें एवं जिला पंचायत डेवलपमेंट प्लान को लेकर जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों के बीच चर्चा हुई। इस दौरान जनप्रतिनिधियों ने बेहतर विकास को लेकर सुझाव दिए। बैठक में क्षेत्र के विकास को लेकर भी चर्चा हुई। कार्यशाला में पंचायत एवं ग्रामीण विकास राज्यमंत्री श्रीमती राधा सिंह, संचालक श्री छोटे सिंह, एसआरएलएम की सीईओ श्रीमती हर्षिका सिंह सहित वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा- लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल अद्वितीय और विराट व्यक्तित्व के धनी

नर्मदा प्रवाह यात्रा यूनिटी मार्च का हुआ भव्य स्वागत इंदौर से धार-झाबुआ होते हुए गोधरा के लिए रवाना हुई यात्रा भोपाल  लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल की  150वीं जयंती के अवसर पर आयोजित नर्मदा प्रवाह यूनिटी मार्च यात्रा का बुधवार को इंदौर में अगवानी कर स्वागत किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में यात्रा सरदार वल्लभ भाई पटेल प्रतिमा से शुरू होकर मधुमिलन चौराहा,  आरएनटी मार्ग होते हुए छावनी चौराहा पहुँची। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्‍द्र मोदी की प्रेरणा से नागपुर से  नर्मदा प्रवाह यूनिटी मार्च यात्रा की शुरुआत हुई है , जो नागपुर से बैतूल होते हुई इंदौर पहुंची। उन्होंने कहा कि लौह पुरुष सरदार वल्लभ भाई पटेल ने रियासतों को मिलाकर जो कार्य किया वह अद्वितीय है। इसके लिए हमें विराट व्यक्तित्व के धनी सरदार वल्लभ भाई पटेल से प्रेरणा लेना चाहिए। उन्होंने आगे कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश तेजी से प्रगति और विकास के पत्र पर आगे बढ़ रहा है। यात्रा में खेल एवं युवा कल्याण मंत्री श्री विश्वास सारंग ,  नगरीय विकास एवं आवास मंत्री श्री कैलाश विजयवर्गीय, जल संसाधन मंत्री श्री तुलसीराम सिलावट, सांसद श्री शंकर लालवानी, सुश्री कविता पाटीदार, महापौर श्री पुष्यमित्र भार्गव, विधायक श्री मधु वर्मा, श्री महेन्द्र हार्डिया, श्रीमती मालिनी गौड़, श्री रमेश मेंदोला, श्री गोलू शुक्ला, श्री जीतू जिराती, श्री श्रवण चावड़ा, श्री सुमित मिश्रा,  यात्रा प्रभारी श्री कपिल परमार आदि विशेष रूप से शामिल हुए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव नर्मदा प्रवाह यूनिटी मार्च यात्रा के दौरान एक विशाल वाहन में सवार थे। यात्रा में सबसे आगे स्कूल कॉलेज के छात्र-छात्राएं और जनजाति समाज के महिला एवं पुरुष कलाकार लोक नृत्य करते हुए शामिल हुए। यात्रा में देशभक्ति की धून बजाते हुए बैंड भी शामिल थे। साथ ही महिलाएं एवं पुरूष बड़ी संख्या में उपस्थित थे। रास्ते भर विभिन्न मंचों के द्वारा मुख्यमंत्री डॉ. यादव सभी का अभिवादन स्वीकार कर रहे थे। जगह-जगह मंच लगाकर नागरिकों द्वारा फूलों की पंखुड़ियां उड़ाकर एकता यात्रा का स्वागत किया। महिलाओं ने घरों की छत से मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के वाहन पर फूलों की पंखूड़िया उड़ाकर स्वागत किया। यात्रा मार्ग पर भारत माता की जय और सरदार वल्लभ भाई पटेल अमर रहे के उद्घोष लगे। सरदार पटेल प्रतिमा से शुरू होकर नर्मदा प्रवाह यूनिटी मार्च यात्रा विभिन्न स्थानों से होते हुए छावनी चौराहा पहुँची ,  जहां नागरिकों ने मुख्यमंत्री डॉ. यादव को भगवान कृष्ण की प्रतिमा और तलवार भेंटकर उनका स्वागत किया। 

समृद्ध मप्र के लिये पंचायत प्रतिनिधि गांवों को बनायें समृद्ध : उपमुख्यमंत्री देवड़ा

स्वदेशी अर्थव्यवस्था में गांव में ही मिलेंगे रोजगार के अवसर भोपाल  उप मुख्यमंत्री श्री जगदीश देवड़ा ने कहा है कि गांव की समृद्धि ही मध्यप्रदेश की समृद्धि है। मध्यप्रदेश में विकास की गति को तेज बढ़ाने के लिए पंचायत प्रतिनिधियों को मिलकर अपने गांव को समृद्ध बनाना होगा। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ.मोहन यादव के नेतृत्व में पंचायत प्रतिनिधियों को सक्षम बनाने के लिए राज्य सरकार प्रतिबद्ध है। श्री देवड़ा बुधवार को कुशाभाऊ ठाकरे सभाग्रह में "आत्मनिर्भर पंचायत – समृद्ध मध्यप्रदेश" पर आयोजित राज्यस्तरीय कार्यशाला को संबोधित कर रहे थे। उप मुख्यमंत्री श्री देवड़ा ने कहा कि मध्यप्रदेश में अब ऐसे अवसर बन रहे हैं, जिससे गांव आत्म-निर्भर की ओर बढ़ रहे हैं। स्वदेशी अर्थव्यवस्था के अंतर्गत अब गांव में ही रोजगार के अवसर मिलेंगे। स्थानीय संसाधनों का बेहतर उपयोग होगा। महिलाओं और युवाओं की विकास प्रक्रिया में सक्रिय भागीदारी होगी। उन्होंने कहा कि पंचायत में वित्तीय पारदर्शिता की आवश्यकता है। इससे परस्पर विश्वास बढ़ता है और इसका लाभ विकास को आगे बढ़ाने में होता है। उप मुख्यमंत्री ने कहा कि पंचायतें विकास की धुरी हैं। इसलिये उन्हें अपनी विकास योजनाएं बनाने की स्वतंत्रता दी गई है। श्री देवड़ा ने पंचायत प्रतिनिधियों का आह्वान किया कि वे विकास के कार्यों को प्राथमिकता से पूरा करने के लिए प्रतिबद्ध प्रयास करें। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में विकास की ऐसी योजनाएं बनाई गई हैं जो निचले स्तर तक विकास ला सकती है। उन्होंने कहा कि पंचायतों के पास वर्तमान में जितने अधिकार हैं उसका उपयोग कर पंचायतें विकास की गति में तेजी ला सकती हैं। श्री देवड़ा ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री मोदी ने वर्ष 2047 तक देश को आर्थिक रूप से विश्व का समृद्ध देश बनाने का संकल्प लिया है। मध्यप्रदेश इस संकल्प को साकार करने के लिए हर स्तर पर प्रयास कर रहा है। उन्होंने कहा कि पंचायत प्रतिनिधियों को वित्तीय प्रबंधन व्यवस्थाओं में और ज्यादा सुधार करने की आवश्यकता है। साथ ही महिला पंचायत प्रतिनिधियों और महिलाओं के स्व-सहायता समूहों को भी आगे आने की आवश्यकता है। कार्यशाला में त्रि-स्तरीय पंचायतों के प्रतिनिधि और पदाधिकारी उपस्थ‍ित थे।  

प्रशिक्षित युवा विकसित और समृद्ध भारत का भविष्य बनेंगे : राज्यमंत्री टेटवाल

भोपाल  कौशल विकास एवं रोजगार राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डॉ. गौतम टेटवाल आप इतने सौभाग्यशाली हैं कि उन युवाओं को कौशल प्रशिक्षण दे रहे हैं, जो आगे चलकर विकसित और समृद्ध भारत का भविष्य बनेंगे; इसलिए आपका आचरण, अनुशासन और कार्यशैली हर छात्र के लिए आदर्श होना चाहिए।” यह बात राज्य मंत्री डॉ. टेटवाल ने संत शिरोमणि रविदास ग्लोबल स्किल्स पार्क, भोपाल में आयोजित कौशलम् समारोह में कही। मंत्री श्री टेटवाल ने कहा कि कौशल प्रशिक्षण प्रदेश की आर्थिक प्रगति और रोजगार सृजन का महत्वपूर्ण आधार है, और इसमें प्रशिक्षण अधिकारियों और प्राचार्यों की भूमिका अत्यंत निर्णायक है। उन्होंने कहा कि एक शिक्षक केवल पाठ पढ़ाने वाला व्यक्ति नहीं, बल्कि अपने संस्थान की संस्कृति, मूल्यों और अनुशासन का जीवंत प्रतिनिधि होता है। इसलिए शिक्षक का व्यवहार, भाषा, कार्यशैली और समय-प्रबंधन उस संस्था के स्तर को निर्धारित करता है। उन्होंने कहा कि आईटीआई का वास्तविक मूल्य उसके भवनों या मशीनों से नहीं, बल्कि वहाँ कार्यरत प्राचार्यों और प्रशिक्षण अधिकारियों से तय होता है। जब शिक्षक स्वयं आदर्श प्रस्तुत करते हैं, तभी विद्यार्थी उनमें वह प्रेरणा देख पाते हैं, जो उन्हें आगे बढ़ने और कुशल बनने की दिशा देती है। मंत्री डॉ. टेटवाल ने कहा कि शिक्षक के भीतर सकारात्मक ऊर्जा, विनम्रता, दृढ़ता और कार्यनिष्ठा जैसी गुण होने चाहिए, क्योंकि विद्यार्थी इन्हीं गुणों को अपने जीवन में अपनाते हैं। मंत्री श्री टेटवाल ने उद्योग जगत में हो रहे तेज बदलावों का उल्लेख करते हुए कहा कि कौशल संस्थानों को नई तकनीकों, डिजिटल शिक्षण और व्यवहारिक प्रशिक्षण की दिशा में लगातार आगे बढ़ना होगा। उन्होंने कहा कि उद्योगों की आवश्यकताओं के अनुसार प्रशिक्षण सामग्री और अभ्यास पद्धतियाँ विकसित करना अब समय की अनिवार्यता है। इंटर्नशिप, अप्रेंटिसशिप, लाइव प्रोजेक्ट और उद्योग यात्राएँ विद्यार्थियों को वास्तविक कार्यक्षेत्र से जोड़ने के महत्वपूर्ण माध्यम हैं, और इन्हें प्रत्येक संस्थान में और अधिक प्रभावी ढंग से लागू किया जाना चाहिए।उन्होंने बताया कि सरकार कौशल विकास संस्थानों के आधुनिकीकरण, उन्नत उपकरणों की उपलब्धता, डिजिटल संसाधनों के विस्तार और रोजगार केंद्रित प्रशिक्षण को बढ़ावा देने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। प्रदेश के युवाओं को वैश्विक स्तर के कौशल प्रदान कर उन्हें राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय अवसरों से जोड़ना विभाग की प्राथमिकताओं में शामिल है। कौशलम् समारोह में इस वर्ष आईटीआई एवं कौशल विकास संचालनालय में चयनित प्राचार्य वर्ग-1, उपसंचालक, प्राचार्य वर्ग-2, सहायक संचालक और प्रशिक्षण अधिकारियों का उन्मुखिकरण किया गया। कार्यक्रम में उन प्रतिभागियों को भी सम्मानित किया गया, जिन्होंने अपने कार्यक्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर विभाग को नई पहचान दिलाई है। समारोह का उद्देश्य नई कार्यबल को प्रशिक्षण व्यवस्था, प्रशासनिक दायित्वों और उद्योग आधारित आवश्यकताओं की गहरी समझ देकर उन्हें प्रभावी भूमिका के लिए तैयार करना है। मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री गिरीश शर्मा ने बताया कि वर्ष 2025 में आईटीआई प्रवेश में ऐतिहासिक वृद्धि दर्ज की गई है। इस वर्ष पहली बार 52,248 सीटों पर प्रवेश प्रक्रिया संचालित की गई, जिसमें 49,402 सीटों पर प्रवेश हुआ, जो 94.55% है। महिला आरक्षण 30% से बढ़ाकर 35% किया गया, जिससे महिला प्रशिक्षणार्थियों की संख्या 12,169 हो गई। प्रदेश के 10 प्रशिक्षणार्थियों ने राष्ट्रीय स्तर पर प्रथम स्थान प्राप्त किया। आईटीआई की गुणवत्ता और आकर्षण को बढ़ाने के लिए 8वीं आधारित ट्रेड्स की संख्या बढ़ाई गई और आठ अन्य राज्यों से भी विद्यार्थियों ने प्रवेश लिया। प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना, मुख्यमंत्री सीखो-कमाओ योजना और NAPS के तहत हजारों अभ्यर्थियों को प्रशिक्षण और रोजगार के अवसर प्राप्त हुए हैं। प्रदेश की 47 शासकीय आईटीआई ने 9 या अधिक ग्रेडिंग स्कोर प्राप्त किया, उज्जैन आईटीआई ने 9.30 स्कोर के साथ राष्ट्रीय स्तर पर 94वां स्थान प्राप्त किया। उद्योग एवं CSR साझेदारी के तहत आधुनिक लैब्स, AI एवं इलेक्ट्रिकल प्रशिक्षण केंद्र स्थापित किए गए। अंतरराष्ट्रीय प्लेसमेंट और राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार जैसी उपलब्धियाँ प्रदेश के आईटीआई प्रशिक्षण की उत्कृष्टता को दर्शाती हैं। इन सभी उपलब्धियों के साथ आईटीआई केवल शिक्षा का केंद्र नहीं, बल्कि कौशल, रोजगार और महिला सशक्तिकरण का प्रतीक बनकर प्रदेश और देश के लिए गौरव का विषय बन गया है। सागर मैन्युफैक्चरर प्राइवेट लिमिटेड के श्री आशीष अग्रवाल ने बताया कि ओबैदुल्लागंज स्थित टेक्सटाइल इंटीग्रेटेड प्लांट में सीखो कमाओ योजना के तहत 400 बच्चों का कौशल प्रशिक्षण दिया जा रहा है जिसमें से 60 बच्चों को सर्टिफिकेट दिए जा चुके हैं जिनका 100% प्लेसमेंट उनके प्लांट में हो गया है उन्होंने यह भी जानकारी दी की आईटीआई मंडीदीप ने उन्हें इस कार्य में हर संभव सहयोग दिया साथ ही मंशा जताई कि वह सरकार के सहयोग से इस कार्यक्रम को और आगे बढ़ाने में के इच्छुक हैं। वोल्वो आयशर के सीनियर मैनेजर श्री विनोद रघुवंशी ने बताया कि बगरोदा, पीथमपुर धार और देवास में उनके प्लांट हैं।उनके यहां भी सीखो कमाओ योजना के तहत आईटीआई के विद्यार्थियों को कौशल प्रशिक्षण दिया जा रहा हैं उन्होंने कहा कि यह योजना युवाओं और उद्योगों के मध्य सेतु का कार्य कर रही है। हमारा प्रयास है कि ज्यादा से ज्यादा युवा को कौशल प्रशिक्षण दें । इस तरह से इंडस्ट्रीज को भी आसानी से स्किल्ड युवा मिल रहे हैं।  

गोल्डी बराड़ गैंग पर बड़ा प्रहार, पंजाब पुलिस ने चार शूटर किए गिरफ्तार

मोहाली पंजाब पुलिस बुधवार को एक बहुत बड़ी आतंकी साजिश को नाकाम करने में कामयाब रही। एंटी गैंगस्टर टास्क फोर्स यानी एजीटीएफ और एसएएस नगर पुलिस ने दोपहर के समय डेराबस्सी-अंबाला हाईवे पर स्टील स्ट्रिप्स टावर्स के पास जोरदार मुठभेड़ के बाद गोल्डी बराड़ गैंग के चार खतरनाक गुर्गों को गिरफ्तार कर लिया। चारों विदेश में बैठे कुख्यात गैंगस्टर गोल्डी बराड़ के लिए काम करते थे। पंजाब पुलिस ने इस बारे में अपने सोशल मीडिया एक्स हैंडल पर जानकारी दी। पंजाब पुलिस के मुताबिक, पहले से खबर मिल गई थी कि गोल्डी बराड़ ने अपने इन शूटरों को चंडीगढ़, मोहाली, पंचकूला और पटियाला इलाके में बड़े-बड़े लोगों पर हमला करने का हुक्म दिया है। इस सूचना के बाद पुलिस ने हाईवे के पास एक मकान को चारों तरफ से घेर लिया, जहां ये लोग छिपे हुए थे। जैसे ही पुलिस अंदर घुसी, गैंगस्टरों ने ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी। पुलिस ने भी मुंहतोड़ जवाब दिया। इस गोलीबारी में गैंग के दो सदस्यों को गोली लगी और वे गंभीर रूप से घायल हो गए। दोनों को फौरन अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उनकी हालत खतरे से बाहर है। बाकी दो बदमाशों को पुलिस ने मौके पर ही पकड़ लिया। पुलिस की तलाशी में उस मकान से सात .32 बोर की पिस्तौल और सत्तर जिंदा कारतूस बरामद हुए। शुरुआती पूछताछ में इन चारों ने कबूल किया कि वे गोल्डी बराड़ के सीधे संपर्क में थे और पिछले कई दिनों से अलग-अलग जगहों की रेकी कर रहे थे। उनका प्लान था कि जल्द ही ट्राइसिटी और पटियाला में एक साथ कई टारगेटेड किलिंग करें। पंजाब पुलिस ने इस कार्रवाई को बहुत बड़ी सफलता बताया है। पुलिस महानिदेशक गौरव यादव ने एजीटीएफ और मोहाली पुलिस की टीम को बधाई दी। उन्होंने कहा कि पंजाब पुलिस दिन-रात मेहनत कर रही है, ताकि प्रदेश से गैंगस्टरों का नामोनिशान मिट जाए और आम लोगों को पूरी सुरक्षा और शांति मिले।

अयोध्या में भगवा ध्वजा के आरोहण पर बागेश्वर धाम की प्रतिक्रिया: इतिहास ने खुद को दोहराया है

शिवपुरी शिवपुरी में बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेन्द्र कृष्ण शास्त्री की श्रीमद भागवत कथा के दूसरे दिन का मंच हिंदुत्व गर्व, राम मंदिर की पूर्णता और राष्ट्रवादी भावनाओं से पूरी तरह सराबोर रहा। पंडित धीरेन्द्र कृष्ण शास्त्री ने अपने उद्बोधन की शुरुआत अयोध्या में देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा राम मंदिर पर धर्म ध्वजा फहराने के ऐतिहासिक क्षण का उल्लेख करते हुए की। “मुगलों की छाती पर भगवा लहराया है, कब्र से उठकर देख ले बाबर, मंदिर वहीं बनाया है” धीरेंद्र शास्त्री ने कहा कि-  “मुगलों की छाती पर भगवा लहराया है, कब्र से उठकर देख ले बाबर, मंदिर वहीं बनाया है”। उन्होंने आगे कहा कि जहाँ कभी हरे झंडे की योजना बनाई जाती थी, आज वहां भगवा लहरा रहा है। मथुरा जन्मभूमि विवाद पर उन्होंने स्पष्ट कहा – कृष्ण लला हम आयेंगे, मंदिर वहीं बनाएंगे, जिन्हें दिक्कत हो वो खिसक लें।” तात्या टोपे के बलिदान को याद करते हुए उन्होंने शिवपुरी की ऐतिहासिक धरा को नमन किया और कहा कि अंग्रेजों के विरुद्ध नाखून चबाने पर मजबूर करने वाले तात्या टोपे जैसे वीर के संघर्ष को कुछ ‘जयचंदों’ के कारण कठिनाइयों का सामना करना पड़ा।उन्होंने कहा कि तात्या टोपे ने शिवपुरी की पावन भूमि पर फांसी को चूमकर अपने प्राण त्याग दिए। इस मौके पर धीरेंद्र शास्त्री ने सनातन विरोधियों पर कड़े प्रहार किए। 

मुख्यमंत्री ने की ग्राम सलखंड में महतारी सदन बनाने की घोषणा

रायपुर  मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय आज महासमुंद जिले के बसना तहसील अंतर्गत ग्राम सलखण्ड में ग्रामीणों द्वारा आयोजित महालक्ष्मी देवी पूजन कार्यक्रम में  शामिल हुए। इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री साय ने मां लक्ष्मी से प्रार्थना करते हुए प्रदेशवासियों के सुख-समृद्धि और उत्तम स्वास्थ्य की कामना की। पूजन कार्यक्रम के दौरान पुजारियों द्वारा पारंपरिक मंत्रोच्चार किया गया, जिसमें मुख्यमंत्री ने श्रद्धापूर्वक भाग लिया। इसके बाद उन्होंने ग्रामीणों से आत्मीय मुलाकात कर उनकी समस्याओं और स्थानीय विकास कार्यों की जानकारी ली। इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की धर्मपत्नी श्रीमती कौशल्या साय एवं रायपुर उत्तर विधायक श्री पुरंदर मिश्रा भी साथ थे।  इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री साय ने ग्राम सलखंड में महतारी सदन की बनाने की घोषणा की। साथ ही यहां एनीकेट निर्माण के लिए जल संसाधन विभाग को आवश्यक जानकारी जुटाकर प्रस्ताव बनाने के निर्देश दिए। इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने उपस्थित जनों को संबोधित करते हुए कहा कि आज पवित्र अगहन मास के अवसर पर मां महालक्ष्मी की पूजा में शामिल होकर हृदय से अत्यंत आनंद और सौभाग्य की अनुभूति हो रही है। बसना और सलखंड के ग्रामवासियों ने वर्षों से जिस भक्ति और परंपरा को जीवित रखा है, वह छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक विरासत का गौरवपूर्ण उदाहरण है।अगहन मास हमारे अंचल के लिए अत्यंत पवित्र माना जाता है। यह मास अन्न, धन और समृद्धि का प्रतीक है। इसी समय नई फसल खेतों में लहलहाती है, और घर-परिवार में सम्पन्नता के द्वार खुलते हैं। मां महालक्ष्मी जीवन में केवल धन ही नहीं, बल्कि सुख, शांति, उत्तम स्वास्थ्य और सदभाव का आशीर्वाद भी प्रदान करती हैं। इसी भावना के साथ हम सभी इस पूजन में शामिल होते हैं। उन्होंने मां लक्ष्मी से राज्य के प्रत्येक नागरिक के लिए सुख-समृद्धि, उत्तम स्वास्थ्य, सुरक्षित वातावरण और उज्ज्वल भविष्य की कामना की। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार गांव, गरीब, किसान, महिला और युवाओं के सर्वांगीण विकास के लिए प्रतिबद्ध है। हम जनता की आकांक्षाओं को पूरा करने के लिए संकल्पित हैं। सलखंड गांव की यह 25 वर्षों से चल रही परंपरा न केवल श्रद्धा का प्रतीक है, बल्कि सामाजिक एकता, भाईचारे और सामुदायिक जागरूकता का भी उदाहरण है। यहां आयोजित मेला ग्रामीण संस्कृति, लोकाचार और पारंपरिक विरासत को आगे बढ़ाने का माध्यम बन चुका है।  मुख्यमंत्री श्री साय ने संविधान की गरिमा, लोकतांत्रिक मूल्यों और राष्ट्रनिर्माण में जनभागीदारी के महत्व को बताते हुए कहा कि संविधान हमारे अधिकारों के साथ-साथ कर्तव्यों की भी याद दिलाता है और यही दस्तावेज भारत को एक सशक्त, एकजुट और प्रगतिशील राष्ट्र के रूप में आगे बढ़ने की दिशा देता है। मुख्यमंत्री ने छत्तीसगढ़ निर्माण समिति के सदस्यों के ऐतिहासिक योगदान का सम्मानपूर्वक उल्लेख किया और कहा कि समिति की दूरदृष्टि एवं प्रयासों ने आज के मजबूत और विकसित होते छत्तीसगढ़ की नींव रखी है।  मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश विकसित भारत के अग्रसर लक्ष्य की ओर तेजी से बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार के सहयोग से अधोसंरचना, शिक्षा, स्वास्थ्य, महिला सशक्तिकरण और आवास निर्माण जैसे क्षेत्रों में उल्लेखनीय प्रगति हुई है। प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत छत्तीसगढ़ को 18 लाख आवासों की स्वीकृति इसी संकल्प की महत्वपूर्ण उपलब्धि है। मुख्यमंत्री ने कहा कि महतारी वंदन योजना के तहत छत्तीसगढ़ की लगभग 70 लाख महिलाओं को लाभ प्रदान किया जा रहा है, जो महिलाओं के सम्मान और आर्थिक मजबूती की दिशा में एक बड़ी उपलब्धि है। मुख्यमंत्री श्री साय ने संविधान के प्रति निष्ठा, समरसता, समानता और राष्ट्रीय विकास के संकल्प के साथ आगे बढ़ने की अपील की और कहा कि केंद्र एवं राज्य सरकार की संयुक्त प्रतिबद्धता से छत्तीसगढ़ भी विकसित भारत के निर्माण में प्रमुख भूमिका निभाएगा।  कार्यक्रम में बसना विधायक श्री सम्पत अग्रवाल, महिला आयोग की सदस्य श्रीमती सरला कोसरिया, छत्तीसगढ़ राज्य बीज निगम के अध्यक्ष श्री चंद्रहास चंद्राकर, स्थानीय जनप्रतिनिधिगण, कलेक्टर श्री विनय कुमार लंगेह, पुलिस अधीक्षक श्री आशुतोष सिंह एवं बड़ी संख्या में ग्रामीणजन मौजूद थे।