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दिल्ली में पंजाब कांग्रेस की बड़ी हलचल! वरिष्ठ नेता की एंट्री से बढ़ी सियासी गर्मी

पटियाला पंजाब कांग्रेस के भीष्म पितामह और पार्टी के ‘ब्रेन’ के रूप में माने जाने वाले पूर्व वित्त मंत्री तथा पूर्व प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष लाल सिंह ने दिल्ली पहुंचकर कांग्रेस के राष्ट्रीय नेता एवं लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी से मुलाकात की। सूत्रों के अनुसार, दोनों नेताओं के बीच पंजाब की मौजूदा राजनीति को लेकर गंभीर चर्चा हुई।   पंजाब कांग्रेस की वर्तमान राजनीति में लाल सिंह सबसे पुराने नेताओं में से हैं। उन्होंने 1977 के बाद बने सभी कांग्रेसी मुख्यमंत्रियों के साथ बतौर कैबिनेट मंत्री काम किया है। उनके पास कांग्रेसी राजनीति का 50 वर्षों का अनुभव है। इन वर्षों के दौरान कांग्रेस में कई बार टूट-फूट हुई कभी तिवाड़ी कांग्रेस बनी, कभी एन.सी.पी. जैसी पार्टियों का गठन हुआ पर लाल सिंह ऐसे नेता रहे जो हर परिस्थिति में गांधी परिवार की अगुवाई वाली कांग्रेस के साथ डटे रहे। यही कारण है कि सोनिया गांधी, राहुल गांधी और प्रियंका गांधी उनका विशेष सम्मान करते हैं। लाल सिंह भी सदैव पार्टी की मजबूती के लिए हाईकमान को महत्वपूर्ण सलाह देते रहे हैं। कांग्रेस पार्टी का तरनतारन उपचुनाव में चौथे नंबर पर पहुंचना पार्टी के लिए बेहद चिंताजनक है। मौजूदा राजनीतिक माहौल में लोग आम आदमी पार्टी की सरकार से काफी निराश हैं। अकाली दल दोबारा खड़े होने की कोशिशों में लगा हुआ है, पर अभी तक वह सफल नहीं हो पाया। वहीं भाजपा की केंद्र सरकार के कुछ फैसलों से पंजाब में पार्टी की राजनीतिक स्थिति कमजोर होती दिख रही है। ऐसे माहौल में लाल सिंह जैसे वरिष्ठ नेता का राहुल गांधी से मुलाकात करना इस बात का संकेत है कि कांग्रेस पंजाब को लेकर बेहद गंभीर है। वर्तमान समय में लाल सिंह ही ऐसे नेता हैं जो पंजाब के सभी 117 विधानसभा हलकों की राजनीति को गहराई से समझते हैं। पार्टी 2027 विधानसभा चुनावों को ध्यान में रखते हुए उनके अनुभव का लाभ लेना चाहती है, क्योंकि चुनावों में बहुत कम समय बचा है और सभी राजनीतिक पार्टियां अपनी गतिविधियां तेज कर चुकी हैं। आम आदमी पार्टी जहां विकास कार्यों के लिए ग्रांटों का वितरण कर रही है, वहीं गुरु तेग बहादुर साहिब की 350वीं शहीदी वर्षगांठ को बड़े स्तर पर मना कर अकाली दल के पंथक वोट बैंक में सेंध लगाने की कोशिश भी कर रही है। कांग्रेस पंजाब में संगठन निर्माण अभियान चला रही है। सभी जिलों के नए अध्यक्ष नियुक्त किए जा चुके हैं। अब प्रदेश कांग्रेस कमेटी का पुनर्गठन होना है और पंजाब को नया प्रदेशाध्यक्ष मिलने वाला है। ऐसे में लाल सिंह का दिल्ली जाकर हाईकमान से मिलना पंजाब की कांग्रेस राजनीति में अत्यंत महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

एमपी ट्रांसको में बड़ी उपलब्धि, प्रोटेक्शन सेल पूरी तरह डिजिटल हुआ: ऊर्जा मंत्री

एम.पी. ट्रांसको का प्रोटेक्शन सेल 100 प्रतिशत डिजिटल : ऊर्जा मंत्री  तोमर तकनीकी मजबूती के साथ बढ़ी ट्रांसमिशन नेटवर्क की रियल-टाइम सुरक्षा भोपाल  ऊर्जा मंत्री  प्रद्युम्न सिंह तोमर ने बताया है कि भारत सरकार के डिजिटल इंडिया विजन के तहत मध्यप्रदेश पॉवर ट्रांसमिशन कंपनी (एम.पी. ट्रांसको) के प्रोटेक्शन सेल अब पूरी तरह डिजिटल हो। प्रदेश में 42 हजार किलोमीटर से अधिक लंबी ट्रांसमिशन लाइनों, 417 एक्स्ट्रा हाईटेंशन सब स्टेशनों के 1000 से अधिक पॉवर ट्रांसफार्मरों की हर पल निगरानी एवं सुरक्षा सुनिश्चित करने वाले प्रोटेक्शन सेल का समूचा कार्य अब पूर्णतः डिजिटली संचालित हो रहा है। ऊर्जा मंत्री  तोमर ने एम.पी. ट्रांसको को यह बड़ी उपलब्धि हासिल करने पर बधाई देते हुये इसे तकनीकी आधुनिकीकरण की दिशा में एक बड़ा महत्वपूर्ण कदम बताया है। मोबाइल, गूगल सीट का हो रहा उपयोग एम.पी. ट्रांसको के  मुख्य अभियंता अमर कीर्ति सक्सेना  ने बताया कि प्रोटेक्शन सेल के डिजिटल होने के बाद सभी फाल्ट रिपोर्ट, इवेंट डेटा, डिस्टर्बेंस रिकॉर्ड, ट्रेकिंग फाइलें तथा एनालिटिकल रिपोर्ट अब मोबाइल, ईमेल या गूगल शीट के माध्यम से तुरंत उपलब्ध हो जाती हैं। किसी भी लाइन-फाल्ट, उपकरण फेल्यूअर या ओवर-लोडिंग की स्थिति में रियल-टाइम अलर्ट सीधे संबंधित अभियंताओं तक पहुँचने से निर्णय लेने की गति बढ़ी है और ट्रिपिंग एवं ब्रेक डाउन की स्थिति को नियंत्रित किया जा सका है। इस पूरी प्रक्रिया के डिजिटल होने से फॉल्ट लोकेशन की सटीक पहचान अब कुछ ही मिनटों में संभव है। प्रोटेक्शन सेल और फील्ड टीमें अब इंटीग्रेटेड डिजिटल नेटवर्क से जुड गई है। डेटा एनालिटिक्स के आधार पर प्रीवेंटिव मेंटेनेंस अधिक व्यवहारिक हो गया है, जिससे प्रदेश के ट्रांसमिशन नेटवर्क की विश्वसनीयता और स्थिरता को सुदृढता प्राप्त हुई है।  

पंडित धीरेंद्र शास्त्री की कथा में भारत की एकता पर जोर, जात-पात को त्यागने का दिया संदेश

शिवपुरी   बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेन्द्र कृष्ण शास्त्री की कथा की शुरुआत शिवपुरी के नर्सरी ग्राउंड में हुई. गुरुवंदना और कथा की पारंपरिक आरती के बाद बागेश्वर बाबा धीरेंद्र शास्त्री ने कृष्ण भजन के साथ अपने मुखारविंद से श्रीमद् भागवत गीता के पाठ की गंगा प्रवाहित की. इस दौरान उन्होंने वैचारिक हिंदू राष्ट्र की बात पर जोर दिया और यह भी कहा कि जो राम का नहीं वो हमारा नहीं. विभिन्न कार्यक्रमों में शामिल हुए धीरेंद्र शास्त्री कथा शुरू होने से पहले शास्त्री करैरा पहुंचे, जहांसाध्वी चित्रलेखा की कथा के अंतिम दिन उन्होंने बगीचा वाली काली मां और बगीचा वाले हनुमान के दर्शन किए. यहां उन्होंने कहा कि वह एक वर्ष के भीतर करैरा में पुनः कथा करने आएंगे. इसके बाद वे शिवपुरी कथा स्थल पहुंचे, जहां प्रथम दिन की आरती में वाल्मीकि समाज को मंच दिया गया. राम का विरोध करने वालों को त्यागना जरूरी शहर में पहली हो रही श्रीमद् भागवत पुराण कथा कर रहे बागेश्वर धाम के पीठाधीश पंडित धीरेंद्र शास्त्री ने कहा कि वैचारिक रूप से हिंदू राष्ट्र बनाना जरूरी है और इसके लिए वह दिन रात काम कर रहे हैं. उन्होंने कहा, '' जो राम का नहीं उसे त्यागना जरूरी है और वह हमारा नहींअगर हम त्यागी बनना चाहते हैं तो राम का विरोध करने वालों को त्यागना जरूरी है.'' उन्होंने कहा कि हमें जब तक चैन नहीं मिलेगा तब तक हम अपने घर को सुरक्षित नहीं कर लेंगे. जात-पात, ऊंच-नीच नहीं, अखंड भारत को सोचो : धीरेंद्र शास्त्री उन्होंने मध्य प्रदेश को अपना घर बताते हुए कहा कि मध्य प्रदेश का हर जिला जब तक हिंदू राष्ट्र की पहल नहीं होगी तब तक हम भारत को अखंड भारत और हिंदू राष्ट्र बनाने के मिशन में सफल नहीं होंगे. शिवपुरी के नर्सरी ग्राउंड में हो रही श्रीमद् भागवत कथा का वाचन करते हुए धीरेंद्र शास्त्री ने उन तमाम मुद्दों का जिक्र किया जिनके लिए वह जाने जाते हैं. पंडित धीरेंद्र शास्त्री ने कहा, '' हमें जाती-पाती और ऊंच नीच से ऊपर उठकर भारत को अखंड भारत के साथ हिंदू राष्ट्र में बदलने के लिए एक साथ खड़े होने की जरूरत है.'' बगीचा वाले सरकार पर माथा टेका पंडित धीरेंद्र शास्त्री पहले शिवपुरी जिले के करेरा में स्थित प्रख्यात हनुमान मंदिर बगीचा वाले सरकार पर पहुंचे और उन्होंने वहां माथा टेकाइस दौरान वहां करैरा में चल रही चित्र लेखा जी भागवत कथा के अंतिम अध्याय का श्रवण करते हुए उन्होंने अपनी कथा का शिवपुरी पहुंचकर आगाज किया धमाके होते रहे और हम चलते रहे- शास्त्री कथावाचक पंडित धीरेंद्र शास्त्री ने कहा, '' हम कोई प्रोटोकॉल लेकर नहीं चलते बिल्कुल साधारण इंसान हैं और एक मानव होने के नाते मानवता के लिए काम कर रहे हैं. हम फरीदाबाद में हुए धमाकों से डरे नहीं बल्कि चलते रहे और अपनी यात्रा को पूरा करने की कोशिश में लग रहे.'' पंडित धीरेंद्र शास्त्री ने कहा, '' वह लगातार अपने मिशन में आगे बढ़ रहे हैं और लाखों लाखों लोग भारत को हिंदू राष्ट्र बनाने के लिए संकल्पित हो रहे हैं, जो उनके प्रयास की सफलता का प्रमाण है.

रतलाम के भक्तों की अद्भुत कलाकारी: 38 करोड़ राम नाम से सजा अयोध्या धाम, रिकॉर्ड की तैयारी

रतलाम  राम जानकी विवाह पंचमी के शुभ अवसर पर अयोध्या में भगवान रामलला के मंदिर पर धर्म ध्वजा की स्थापना की गई. इस शुभ अवसर पर रतलाम के अयोध्या धाम में भक्तों द्वारा कागज पर 38 करोड़ बार 'राम' नाम लिखकर अद्भुत साज-सज्जा की गई है. राम जानकी के मंदिर को राम नाम लिखे रंग-बिरंगे पन्नों से सजाया गया है. इन पर राम नाम को लिखने और सजाने का कार्य रतलाम और आसपास के क्षेत्र के राम भक्तों ने किया है. इस सजावट को देखने और प्रभु श्री राम के दर्शन के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ मंदिर में उमड़ पड़ी थी. नोटों से नहीं राम नाम की दौलत से सजाया मंदिर रतलाम के प्रसिद्ध महालक्ष्मी मंदिर को धनतेरस पर नोटों के बंदनवार से सजाया जाता है. इसी तरह भगवान राम के मंदिर को 'राम' नाम के धन के वैभव से सजाया गया है. अयोध्या धाम मंदिर समिति के शैलेंद्र सोनी के अनुसार, 38 करोड़ से अधिक राम नाम लिखे रंग-बिरंगे कागजों से मंदिर की साज-सज्जा की गई है. इसके लिए श्रद्धालुओं ने दिन रात मेहनत कर रंग-बिरंगे राम नाम लिखे पन्नों से बंदनवार बनाने और सुंदर कलाकृतियां बनाने का काम किया. शैलेंद्र सोनी ने बताया कि "यह विश्व में ऐसा पहला आयोजन है. इसके लिए गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड के लिए भी आवेदन किया गया है. उम्मीद है कि यह अनोखा राम नाम का विश्व कीर्तिमान जरूर बनेगा." राम जानकी विवाह पंचमी के मौके पर विशेष आयोजन राम जानकी विवाह पंचमी के पावन अवसर पर अयोध्या में भगवान राम लाल के मंदिर पर ध्वजा स्थापित करने का काम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की उपस्थिति में संपन्न हुआ. देश के अन्य राम मंदिरों में भी अलग-अलग आयोजन हो रहे हैं. इस अवसर पर रतलाम के अमृत सागर गढ़ कैलाश स्थित अयोध्या धाम मंदिर में विशेष आयोजन किया गया और राम नाम की अनोखी सज्जा भी की गई है. इस खास आयोजन और राम नाम लिखे पन्नों से बनी कलाकृतियों को देखने के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु यहां पहुंचे.

धुंध के बीच PMO का एक्शन मोड: इलेक्ट्रिक व्हीकल्स को मिलेगी नई रफ़्तार

नई दिल्ली  दिल्ली में लगातार बढ़ते प्रदूषण के बीच सरकार कई कदम उठा रही है। कुछ दिन पहले ही राजधानी में GRAP-III लागू किया गया है। अब PMO ने महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। PMO ने प्रदूषण नियंत्रण के लिए अधिकारियों को दोहरी रणनीति पर काम करने का निर्देश दिया है। PMO ने एक उच्च-स्तरीय बैठक की, जिसकी अध्यक्षता प्रधानमंत्री के प्रधान सचिव ने की और प्रदूषण से निपटने के लिए कई सख्त निर्देश जारी किए। यह बैठक ऐसे समय में हुई है जब राजधानी की हवा की गुणवत्ता चिंता का विषय बनी हुई है। PMO ने अधिकारियों को दो मुख्य मोर्चों पर तेज़ी से काम करने का निर्देश दिया है। प्रदूषण फैलाने वाले वाहनों पर सख्ती अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया गया है कि प्रदूषण फैलाने वाले और उत्सर्जन मानदंडों का उल्लंघन करने वाले सभी वाहनों की जाँच और उन पर कार्रवाई को तेज़ किया जाए। दिल्ली में EV विस्तार की कही बात केंद्र सरकार दिल्ली की सड़कों पर इलेक्ट्रिक वाहनों की संख्या बढ़ाना चाहती है, इसलिए चर्चा का एक महत्वपूर्ण हिस्सा ईवी पारिस्थितिकी तंत्र के विस्तार पर केंद्रित था।PMO ने अधिकारियों को चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर, चार्जिंग स्टेशन और सब्सिडी पर तेज़ी से प्रगति सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है। PMO ने यह भी निर्देश दिया है कि पारंपरिक पेट्रोल और डीज़ल वाहनों पर निर्भरता कम की जाए। यह कदम दीर्घकालिक रणनीति का हिस्सा है जिसके तहत दिल्ली के परिवहन को स्वच्छ और पर्यावरण के अनुकूल बनाया जाएगा। PMO का यह सक्रिय रुख दिखाता है कि सरकार राजधानी की हवा को साफ करने के लिए कठोर और त्वरित उपाय लागू करने के लिए प्रतिबद्ध है।

रायपुर : माकड़ी ब्लॉक में 100 पीएम सूर्य घर का सफल इंस्टालेशन

रायपुर : माकड़ी ब्लॉक में 100 पीएम सूर्य घर का सफल इंस्टालेशन कोण्डागांव जिला बन रहा सौर ऊर्जा का नया हब रायपुर   सोलर उर्जा को बढ़ावा देने के लिए सरकार द्वारा विशेष प्रयास किए जा रहे हैं। कोंडागांव जिले का माकड़ी ब्लॉक आज पूरे बस्तर संभाग में नवीकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में एक नया केन्द्र बनकर उभर रहा है। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के “हर घर सोलर” विज़न को वास्तविक रूप देने वाली पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना ने इस क्षेत्र में न केवल सुलभ ऊर्जा की उपलब्धता सुनिश्चित की है, बल्कि इससे ग्रामीण जीवन में बड़ा बदलाव आया है। डिस्ट्रिब्यूशन सेंटर मॉकडी ने पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के अंतर्गत 100 घरों में रूफटॉप सोलर सिस्टम को सफलतापूर्वक ग्रिड से सिंक्रोनाइज करके एक ऐतिहासिक उपलब्धि दर्ज की है, जो साबित करती है कि दूरस्थ और आदिवासी बहुल क्षेत्रों में भी सौर ऊर्जा अपनाने की जागरूकता तेजी से बढ़ रही है। प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना के तहत अब तक जिले में कुल 284 घरों में सोलर पैनल लग चुका है, जिसमें 50 से अधिक इंस्टॉलेशन सिर्फ ग्राम माकड़ी में ही किए गए हैं।     उक्त योजना के तहत घरों की छतों पर स्थापित सोलर पैनल से घरेलू खपत की पूर्ति में सक्षम होते हैं और बिजली की अतिरिक्त उत्पादन से आय भी प्राप्त कर सकते हैं। इस पहल की सबसे बड़ी बात यह है कि केंद्र और राज्य शासन की संयुक्त सब्सिडी ने ग्रामीण परिवारों के लिए सोलर सिस्टम लगवाना बेहद आसान कर दिया है। केंद्र सरकार द्वारा दी जाने वाली बड़ी सब्सिडी के साथ-साथ छत्तीसगढ़ राज्य शासन भी अतिरिक्त आर्थिक सहायता प्रदान करता है। यह सब्सिडी सीधे डीबीटी के माध्यम से उपभोक्ता के बैंक खाते में जमा होती है, जिससे पूरी प्रक्रिया पारदर्शी, सरल और भरोसेमंद बन गई है।     माकड़ी ब्लॉक में सौर ऊर्जा अपनाने के बाद परिवारों के जीवन में उल्लेखनीय परिवर्तन आए हैं। बिजली बिलों में भारी कमी आई है, कई घरों में मासिक बिल लगभग शून्य होने लगा है। ग्रिड-कनेक्शन होने की वजह से ग्रामीणों को दिन-रात स्थिर बिजली उपलब्ध हो रही है और पर्यावरण संरक्षण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित हो रहा है।      यह उपलब्धि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ऊर्जा आत्मनिर्भर भारत के विज़न और मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार द्वारा ऊर्जा क्षेत्र में की जा रही सक्रिय पहल का परिणाम है। जिला प्रशासन, बिजली विभाग और स्थानीय ग्रामीणों के सक्रिय सहभागिता ने माकड़ी ब्लॉक को सौर ऊर्जा का उभरता हुआ केन्द्र बना दिया है।

घरेलू और छोटे वाणिज्यिक उपभोक्ताओं को ब्याज माफी व भारी छूट का लाभ

लखनऊ उत्तर प्रदेश पावर कॉर्पोरेशन लिमिटेड ने घरेलू तथा छोटे वाणिज्यिक उपभोक्ताओं को आर्थिक राहत प्रदान करने के उद्देश्य से ‘बिजली बिल राहत योजना 2025-26’ की शुरुआत की है। यह योजना 1 दिसंबर 2025 से 28 फ़रवरी 2026 तक संचालित होगी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मंशा है कि किसी भी उपभोक्ता पर अनावश्यक आर्थिक बोझ न पड़े और हर परिवार को सुगम विद्युत सेवा मिले। पॉवर कॉर्पोरेशन ने इसी भावना के अनुरूप व्यापक राहत पैकेज तैयार किया है। योजना के अंतर्गत घरेलू उपभोक्ता (02 किलोवाट तक) तथा दुकानदार उपभोक्ता (01 किलोवाट तक) को उनके लंबित बिजली बकाया में विशेष छूट दी जाएगी। उपभोक्ता पहली बार 100% ब्याज माफी के साथ मूलधन पर 25% तक की भारी छूट प्राप्त कर सकेंगे। इसके अतिरिक्त, छोटे-छोटे बकायों के निस्तारण हेतु उपभोक्ताओं को आसान मासिक किश्तों में भुगतान की सुविधा भी प्रदान की जाएगी, जिससे वे बिना किसी दबाव के देय राशि का समायोजन कर सकें। सिस्टम में त्रुटियों या  तकनीकी कारणों से बढ़े हुए बिलों का निस्तारण भी इस योजना का महत्वपूर्ण हिस्सा है। ऐसे बिलों को कॉर्पोरेशन के तकनीकी सिस्टम द्वारा औसत खपत के आधार पर स्वतः कम किया जाएगा, ताकि उपभोक्ताओं को बिल संशोधन के लिए कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें। इसके साथ ही, बिजली चोरी से जुड़े मामलों में भी निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार राहत एवं समझौते का अवसर उपलब्ध रहेगा, जिससे लंबित मुकदमों के समाधान में तेजी आएगी। योजना का लाभ प्राप्त करने के लिए उपभोक्ता www.uppcl.org, UPPCL Consumer App, विभागीय कार्यालय, फिनटेक एजेंट, मीटर रीडर या जनसेवा केंद्र के माध्यम से पंजीकरण करा सकते हैं। पंजीकरण शुल्क ₹2000 है, जिसे उपभोक्ता के बिल में ही समायोजित कर दिया जाएगा। पावर कॉर्पोरेशन ने सभी पात्र उपभोक्ताओं से अपील की है कि वे इस सीमित अवधि की योजना का जल्द से जल्द लाभ उठाएँ और अधिकतम आर्थिक राहत प्राप्त करें। अधिक जानकारी या सहायता के लिए उपभोक्ता 1912 हेल्पलाइन पर संपर्क कर सकते हैं।

पंजाब के 3 शहरों के लिए राहत भरी खबर, CM मान ने किया बड़ा ऐलान

चंडीगढ़  आज मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने श्री आनंदपुर साहिब में श्री गुरु तेग बहादुर जी के 350वें शहीदी दिवस को समर्पित 'सरबत दे भले दी अरदास' कार्यक्रम को संबोधित करते हुए अमृतसर, आनंदपुर साहिब तलवंडी साबो के लिए एक और बड़ा ऐलान किया है। श्री आनंदपुर साहिब में एक वर्ल्ड क्लास यूनिवर्सिटी बनाने का ऐलान किया। उन्होंने कहा कि इस यूनिवर्सिटी में संगत से सलाह करके विषयों पर फैसले लिए जाएंगे। इसमें एक चेयर बनाई जाएगी। लोगों को गुरुओं की शिक्षाओं से ज्यादा से ज्यादा जोड़ा जाएगा और साथ ही, गुरुओं की बाणी की दुनिया भर की भाषाओं में अनुवाद किया जाएगा। लोगों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि श्री अमृतसर साहिब, श्री आनंदपुर साहिब और तलवंडी साबो में गुरुधामों के दर्शन के लिए ई-रिक्शा, मिनी बसें और दूसरी ट्रांसपोर्टेशन सुविधाएं सभी के लिए फ्री होंगी। इनका पूरा खर्च पंजाब सरकार उठाएगी। गौरतलब है कि कल इन शहरों को पवित्र दर्जा दिया गया था। उन्होंने कहा कि समागम के दौरान सफाई से लेकर मेडिकल सुविधाएं, टेंट सिटी रिहायश, प्रबंध एंबुलेंस, फायर ब्रिगेड, पुलिस अफसर साहिबान, वर्कर साहिबान सब सेवा में लगे हुए हैं। सी.एम. मान ने कहा कि अगर इसके बावजूद सेवा में कोई कमी रह गई तो माफी मांगते हैं। उन्होंने कहा कि यहां कोई मंत्री, मुख्यमंत्री नहीं सेवादार हैं। यहां स्टार नहीं चलते। उन्होंने कहा कि गुरुओं की कुर्बानी की आगे वह धूल का तिनका भी नहीं। उन्होंने कहा कि अगर उन्होंने एक पैसे की भी बेईमान की है तो उन्हें सजा मिले। 

संस्कृति की रंगो-महक से फिर गुलज़ार होगा ‘विश्व रंग’

 म.प्र. के राज्यपाल और मॉरिशस के पूर्व राष्ट्रपति 27 नवंबर को करेंगे सातवें महोत्सव का शुभारंभ    भोपाल जाड़े की गुलाबी दस्तक के साथ एक बार फिर भोपाल की वादियाँ विश्व रंग से गुलज़ार हो रही हैं। टैगोर अन्तरराष्ट्रीय साहित्य तथा कला महोत्सव अपनी सातवीं पादान तय करता चार दिनों तक विभिन्न गतिविधियों का अनूठा ताना-बाना लिए रवीन्द्र भवन के विशाल परिसर में आयोजित होगा। रबीन्द्रनाथ टैगोर विश्वविद्यालय, विश्वरंग फाउण्डेशन और उसके सहयोगी केन्द्रों की पहल पर म.प्र. शासन संस्कृति विभाग सहित देश-विदेश की पचास से भी अधिक संस्थाओं की भागीदारी से यह विशाल समागम आकार ले रहा है। भारत के विभिन्न क्षेत्रों के मूर्धन्य चिंतकों, विचारकों और विशेषज्ञों के साथ ही विश्व के 35 से भी अधिक देशों के प्रतिनिधि यहाँ साझा संस्कृति की मिसाल पेश करेंगे। किसी भी अशासकीय संस्था के संयोजन में होने वाला यह एशिया का सबसे बड़ा सांस्कृतिक कुंभ है। 27 से 30 नवंबर के दरमियान इस महोत्सव में अस्सी से भी अधिक सत्र संवाद, विचार, विमर्श और कलात्मक अभिव्यक्ति का खुला मंच साबित होंगे।  यह जानकारी विश्व रंग के महानिदेशक तथा रबीन्द्रनाथ टैगोर विश्वविद्यालय के कुलाधिपति संतोष चौबे ने प्रेस वार्ता में दी। संवाददाताओं को संबोधित करते हुए श्री चौबे ने बताया कि 2019 में शुरू हुई विश्व रंग की यात्रा अपने सातवें चरण पर और भी व्यापक, विस्तृत और बहुरंगी हो गयी है। भोपाल से शुरू हुआ यह कारवाँ मॉरिशस, श्रीलंका, नई दिल्ली और मुंबई होता हुआ नई उर्जा और नए आत्मविश्वास से भरकर पुनः भोपाल लौटा है। 27 नवंबर को रंगारंग विश्व रंग शोभा यात्रा के बाद शाम 6 बजे म.प्र. के राज्यपाल माननीय मंगुभाई पटेल की गरिमामयी उपस्थिति में इस महोत्सव का शुभारंभ होगा। इस अवसर पर मॉरिशस के पूर्व राष्ट्रपति श्री पृथ्वीराज सिंह रूपन, म.प्र. के संस्कृति मंत्री श्री धर्मेन्द्र भावसिंह लोधी और रबीन्द्रनाथ टैगोर वि.वि. के कुलाधिपति श्री संतोष चौबे विशेष अतिथि के रूप में उपस्थित रहेंगे।  पत्रकार वार्ता को विश्व रंग के सहनिदेशक तथा स्कोप स्किल ग्लोबल युनिव्हर्सिटी के चांसलर डॉ. सिद्धार्थ चतुर्वेदी, आईसेक्ट ग्रुप ऑफ़ युनिव्हर्सिटी की निदेशक डॉ. अदिति चतुर्वेदी वत्स, मध्यप्रदेश संस्कृति संचालनालय डॉ पूजा शुक्ला, प्रवासी साहित्य एवं संस्कृति शोध केन्द्र के निदेशक डॉ. जवाहर कर्नावट तथा टैगोर विश्व कला एवं संस्कृति केन्द्र के निदेशक विनय उपाध्याय ने भी संबोधित किया। श्री चौबे ने बताया कि देश-दुनिया के एक हज़ार से भी अधिक भाषाविद्, साहित्यकार, शिक्षा शास्त्री, विज्ञान-तकनीकी विशेषज्ञ, आलोचक, संस्कृतिकर्मी, पर्यावरणविद् सहित मीडिया, कला, सिनेमा और मनोरंजन जगत की जानी-मानी हस्तियाँ विश्व रंग का हिस्सा बनेंगी। विरासत और आधुनिकता के इस अद्वितीय संगम में ज्ञान-विज्ञान की नई दिशाओं की ओर बढ़ते विश्व की नई इबारतों को पढ़ना दिलचस्प होगा। विश्व रंग इस अर्थ में संवाद का एक विशाल मंच तैयार कर रहा है। विश्व रंग के सहनिदेशक डॉ. सिद्धार्थ चतुर्वेदी ने बताया कि इस महोत्सव की लोकप्रियता का ग्राफ उत्तरोत्तर बढ़ता गया है। सातवें संस्करण से जुड़ने के लिए विश्व रंग पोर्टल पर हज़ारों लोगों ने रजिस्ट्रेशन करवा लिया है। इस आकर्षण की वजह विश्व रंग की लोकतांत्रिक छवि है। यहाँ हर पीढ़ी की रूचि, जिज्ञासा और मनोरंजन के अनुकूल गतिविधियाँ हैं। डॉ. सिद्धार्थ ने बताया कि विश्व रंग जितना पारंपरिक है उतना ही अपने नवाचार में आधुनिक भी। नए विषय और नए विशेषज्ञों की भागीदारी इसे अपने समय में प्रासंगिक बना रही है। उन्होंने फैज़ल मलिक, दिव्या दत्ता, स्वानंद किरकिरे, राधाकृष्ण पिल्लै, प्रिया मलिक, नीलोत्पल मृणाल, सौरभ द्विवेदी, देवदत्त पटनायक, सुमित अवस्थी, पुष्पेष पंत आदि का जि़क्र करते हुए कहा कि इन शख़्सियतों ने विश्व रंग के आमंत्रण को आत्मीयता से स्वीकार किया है। ये आज के युवाओं के मोटीवेटर और मेंटर हैं। विश्व रंग के बहुरंगी विन्यास की महत्वपूर्ण गतिविधियाँ साझा करते हुए सहनिदेशक डॉ. अदिति चतुर्वेदी वत्स ने बताया कि शुभारंभ संध्या 27 नवंबर का प्रमुख आकर्षण श्रीकृष्ण लीला का भव्य मंचन है। इसे नई दिल्ली के श्रीराम कला केन्द्र के कलाकारों की बड़ी टीम लाईट एण्ड साउण्ट के स्पेशल इफेक्ट्स के साथ प्रस्तुत करेगी। समापन दिवस 30 नवंबर को राजमाता अहिल्याबाई की जीवन गाथा पर केन्द्रित महानाट्य ‘अहिल्या रूपेण संस्थिता’ का मंचन रवीन्द्र भवन के अंजनी सभागार में होगा। प्रयास रंग समूह नागपुर के पचास से भी अधिक कलाकारों ने इसे प्रसिद्ध रंगकर्मी प्रियंका शक्ति ठाकुर के निर्देशन में तैयार किया है। इसके अलावा जनजातीय प्रकोष्ठ ‘आदिरंग’ में पारंपरिक शिल्पों, नृत्य-संगीत तथा हेरीटेज फ़िल्मों- चंदेरी, गणगौर और संजा के प्रदर्शन होंगे।  प्रवासी साहित्य तथा संस्कृति शोध केन्द्र के निदेशक डॉ. जवाहर कर्णावट ने ‘विश्व रंग’ में प्रतिभागी देशों और उनकी प्रस्तुतियों का विवरण दिया। उन्होंने बताया कि कनाडा, अमेरिका, बेल्जियम, नीदरलैंड, यूक्रेन, इटली, स्वीडन, यूके, कुवैत, म्यांमार, इंडोनेशिया, नेपाल, थाईलैंड, श्रीलंका, आर्मेनिया, रूस, जापान, बांग्लादेश, त्रिनिदाद, गयाना, इजिप्ट, ताजिकिस्तान, उज़्बेकिस्तान, वियतनाम, थाईलैंड, साउथ अफ्रीका, सूरीनाम स्लोवाक, रोमानिया, कतर आदि 35 से अधिक देशों के 60 प्रतिनिधि विश्व रंग में सम्मिलित होंगे। यूक्रेन का आठ विद्यार्थियों का दल हिंदी नाटक प्रस्तुत करेगा। वहीं गिरमिटिया देश में भारतीयों की विकास यात्रा पर आधारित प्रदर्शनी 'कुली से कुलीन' तक को देखना दुर्लभ अनुभव होगा। इसे शोधार्थी दीप्ति अग्रवाल ने संयोजित किया है।  टैगोर विश्व कला एवं संस्कृति केन्द्र के निदेशक विनय उपाध्याय ने विश्व रंग के सांस्कृतिक प्रकल्प ‘मंगलाचरण’ और ‘पूर्वरंग’ की गतिविधियाँ साझा की। उन्होंने बताया कि ध्रुपद गुरूकुल संस्थान द्वारा ध्रुपद वृन्द, अनिरूद्ध जोशी द्वारा सितार पर लोक संगीत, उमेश तरकसवार के संयोजन में स्वाधीनता संग्राम के गीतों पर आधारित ‘देश राग‘ और राजीव सिंह द्वारा ‘सतवाणी’ अध्यात्मिक संगीत की प्रस्तुतियाँ भारतीय संस्कृति की सुरम्य विरासत का जीवंत साक्ष्य बनेंगी। गुरूदेव रबीन्द्रनाथ टैगोर की सरज़मीं के बांग्ला संगीत की अनुगूँजों को समेटे कोलकाता के शुभव्रत सेन उपस्थित रहेंगे, तो मध्यप्रदेश बुंदेलखंड और मालवा की मटियारी चहक-महक लिए लोक कलाकारों के दल भी विश्व रंग के आंगन को रौशन करेंगे।  विश्व रंग मानद अलंकरण  हिन्दी सहित अन्य भारतीय भाषाओं में श्रेष्ठ सृजन करने और विश्व स्तर पर अपनी रचनात्मक उपस्थिति दर्ज करने वाली छः विभूतियों को विश्व रंग मानद अलंकरण से विभूषित किया जाएगा। इस बार के चयनित साहित्यकारों में श्रीमती ममता कालिया (हिन्दी), श्री हरीश मीनाश्रु (गुजराती), श्री चन्द्रभान खयाल (उर्दू), श्री एच. एन. शिवप्रकाश (कन्नड़), श्री लक्ष्मण गायकवाड़ (मराठी) और श्री परेश नरेन्द्र कामत (कोंकणी) शामिल हैं। 27 नवंबर की शाम विश्व रंग के उद्‌घाटन सत्र में अलंकरण … Read more

रायपुर : मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण की प्रक्रिया सुव्यवस्थित रूप से जारी

रायपुर : मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण की प्रक्रिया सुव्यवस्थित रूप से जारी घर-घर गणना चरण का कार्य 04.11.2025 से 04.12.2025 तक ड्राफ्ट मतदाता सूची का प्रकाशम 09.12.2025 दावा आपत्ति करने की अवधि: 09.12.2025 से 08.01.2026 नोटिस चरण सुनवाई और सत्यापन: 09.12.2025 से 31.01.2026 मतदाता सूची का अंतिम प्रकाशन 07.02.2026 रायपुर भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार छत्तीसगढ़ राज्य में विधानसभा निर्वाचन क्षेत्रों की मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) अभियान का कार्य पूरे प्रदेश में सुचारू रूप से जारी है। इस क्रम में बूथ लेवल अधिकारी (BLO) घर-घर जाकर मतदाताओं द्वारा भरे गए गणना फॉर्मों को एकत्र कर रहे हैं। BLO आवश्यक दस्तावेजों के साथ गणना फॉर्म की एक प्रति अपने पास रखेंगे और आवेदक को दिए जाने के लिए गणना फॉर्म की दूसरी प्रति पर फॉर्म की प्राप्ति की पावती देंगे। यदि कोई मतदाता भरे हुए फॉर्म को दस्तावेजों के साथ ऑनलाइन अपलोड करता है, तो बीएलओ (BLO) मतदाता के घर जाकर दस्तावेजों का सत्यापन करेगा। तत्पश्चात, बीएलओ इन फॉर्मों और संलग्न दस्तावेजों को बीएलओ/ईसीआईनेट मोबाइल एप्लीकेशन के माध्यम से अपलोड करेगा। इसके बाद, बीएलओ रिकॉर्ड के उद्देश्य से संबंधित निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी (ERO)/सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी (AERO) को एकत्र किए गए सभी गणना फॉर्माे को उनके दस्तावेजों के साथ जमा करेगा। ARO।AERO को यह सुनिश्चित करना होगा कि कोई भी पात्र नागरिक छूटा नहीं है और कोई भी अपात्र व्यक्ति शामिल नहीं है। प्रारूप मतदाता सूची में उन सभी मौजूदा मतदाताओं के नाम शामिल होंगे जिन्होंने बीएलओ को विधिवत भरा हुआ गणना फॉर्म जमा कर दिया है या जो घर-घर गणना अवधि के दौरान ऑनलाइन प्राप्त हुए हैं और बीएलओ द्वारा सत्यापित किए गए हैं। अन्य मतदाताओं के नाम, जिनके गणना फॉर्म प्राप्त नहीं हुए हैं, प्रारूप सूची में शामिल नहीं किए जाएंगे। निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी (ERO) उन सभी मतदाताओं को शामिल करते हुए प्रारूप मतदाता सूची तैयार करेंगे जिनके गणना फॉर्म प्राप्त हो चुके हैं। प्रारूप प्रकाशन (9) दिसंबर 2025) के बाद प्राप्त दावों और आपत्तियों के दौरान दाखिल किए गए गणना फॉर्मों पर निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी (ERO) द्वारा निराकरण/निर्णय लिया जाएगा। दावा आपत्ति करने की अवधि- 1. यदि किसी मतदाता के सम्बन्ध में गणना प्रपत्र में दिए गए पिछले SIR निर्वाचक नामावली के विवरण उपलब्ध नहीं हैं या डेटाबेस से मेल नहीं खाते हैं, तो ERO (Electoral Registration Officer) ऐसे मतदाताओं को नोटिस जारी करेगा। अपने विधानसभा क्षेत्र के ERO/AERO से नोटिस प्राप्त होने पर मतदाता को निम्नलिखित श्रेणियों के अनुसार आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत करने होंगे – यदि जन्म 01.07.1987 से पहले भारत में हुआ है स्वयं के लिए आयोग द्वारा निर्दिष्ट सूची में से कोई भी दस्तावेज प्रस्तुत करें, जो जन्म तिथि और/या जन्म स्थान प्रमाणित करता हो। यदि जन्म 01.07.1987 से 02.12.2004 के बीच भारत में हुआ है स्वयं के लिए आयोग द्वारा निर्दिष्ट सूची में से से कोई भी दस्तावेज प्रस्तुत करें, जो जन्म तिथि और/या जन्म स्थान प्रमाणित करता हो। पिता या माता के लिए भी नीचे दी गई सूची से कोई दस्तावेज प्रस्तुत करें, जो उनकी जन्म तिथि और/या जन्म स्थान प्रमाणित करता हो। यदि जन्म 02.12.2004 के बाद भारत में हुआ है स्वयं के लिए नीचे दी गई सूची से कोई भी दस्तावेज प्रस्तुत करें, जो जन्म तिथि और/या जन्म स्थान प्रमाणित करता हो। पिता के लिए नीचे दी गई सूची से कोई दस्तावेज प्रस्तुत करें। जो उनकी जन्म तिथि और/या जन्म स्थान प्रमाणित करता हो। माता के लिए नीचे दी गई सूची से कोई दस्तावेज प्रस्तुत करें। जो उनकी जन्म तिथि और/या जन्म स्थान प्रमाणित करता हो। यदि किसी पिता/माता में से कोई भारतीय नागरिक नहीं है, तो आपके जन्म के समय उसका वैध पासपोर्ट और वीज़ा की प्रति संलग्न करें। 2. यदि कोई मतदाता निर्दिष्ट समय के भीतर अपने भरे हुए गणना फॉर्म को जमा करने में असमर्थ रहता है, तो वे नाम जोड़ने के लिए दावों और आपत्तियों की अवधि के दौरान निर्धारित घोषणा फॉर्म के साथ अपने विधानसभा क्षेत्र के ERO/AERO के पास फॉर्म 6 जमा कर सकते हैं। यदि संबंधित निर्वाचन क्षेत्र का कोई मतदाता फॉर्म 6 में नया नाम जोड़ने के लिए प्रस्तुत किसी आवेदन पर आपत्ति दर्ज कराना चाहता है या पूर्व से पंजीकृत किसी मतदाता के नाम को विलोपित कराना चाहता हो तो फॉर्म 7 में आपत्ति प्रस्तुत कर सकता है कोई भी मतदाता सूची में दर्ज अपनी प्रविष्टियां में संशोधन या एक स्थान से दूसरे स्थान पर स्थानांतरण की स्थिति में फॉर्म 8 में घोषणा पत्र के साथ आवेदन कर सकता है निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी (ERO) फॉर्म -5 में ड्राफ्ट प्रकाशन करते समय 01 अक्टूबर 2026 की आगामी अर्हता तिथि के लिए भी अग्रिम आवेदन भी आमंत्रित करेंगे। ड्राफ्ट का प्रकाशन 09 दिसंबर को किया जाएगा। प्रारूप मतदाता सूची के प्रकाशन के बाद, निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी (ERO) /सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी (AERO) अनुच्छेद 326 और आरपीए 1950 की धारा 16 और 19 के तहत मतदाताओं की अर्हता के अनुसार उनकी पात्रता की जाँच करेंगे। ऐसा करने के लिए, ERO/AERO प्रस्तुत दस्तावेजों और क्षेत्र रिपोर्ट के आधार पर निर्णय लेंगे। किसी भी मामले में निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी (ERO)/सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी (AERO) प्रस्तावित मतदाता की पात्रता पर संदेह करते हैं (दस्तावेजों की कमी या अन्य कारणों से), तो वे स्वतः संज्ञान में लेकर जांच शुरू करेंगे और प्रस्तावित मतदाता को नोटिस जारी करेंगे कि उसका नाम क्यों नहीं जोड़ा जाना चाहिए या क्यों नहीं विलोपित किया जाना चाहिए। मौके पर जांच, दस्तावेजों के परीक्षण या अन्य उपलब्ध तथ्यों के आधार पर ERO/AEROअंतिम मतदाता सूची में नाम जोड़ने या न जोड़ने का निर्णय लेंगे। ERO फॉर्म 9, 10, 11, 11A और 11B में दावों और आपत्तियों की सूची तैयार करेंगे और प्रत्येक कार्य दिवस पर अपने कार्यालय के नोटिस बोर्ड पर ऐसी सूचियों की एक प्रति प्रदर्शित करेंगे। तथा यह सूची राजनीतिक दलों के साथ साझा करेंगे ERO साप्ताहिक आधार पर राजनीतिक दलों के साथ दाबों और आपत्तियों की सूची साझा करेंगे। प्राप्त सभी दावों और आपत्तियों की सूची भी CEO (मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी) की वेबसाइट पर डाल दी जाएगी ताकि नागरिक सूची देख सकें और संबंधित ERO के पास आपत्ति दर्ज करा सकें। CEO कार्यालय साप्ताहिक आधार पर पुनरीक्षण के दौरान ECINET में दावों और आपत्तियों के निपटान की … Read more