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मुख्यमंत्री ने जिला प्रशासन को पहुंचकर राहत कार्य में तेजी लाने के दिए निर्देश

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ  ने जनपद भदोही में हुए फैक्ट्री हादसे का संज्ञान लिया  मुख्यमंत्री ने जिला प्रशासन को पहुंचकर राहत कार्य में तेजी लाने के दिए निर्देश लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जनपद भदोही में फैक्ट्री में हुए हादसे का संज्ञान लिया है। मुख्यमंत्री जी ने जिला प्रशासन के आलाधिकारियों को तत्काल घटनास्थल पर पहुंचने का निर्देश दिए है। मुख्यमंत्री ने शोक संतप्त परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की है।      दरअसल, औराई क्षेत्र के सूर्या कालीन फैक्ट्री में जहरीली गैस लीक होने से 3 लोगों की मौत हो गई है, जबकि एक मैकेनिक गंभीर रूप से घायल है।       मुख्यमंत्री जी ने घायल को तत्काल अस्पताल पहुंचाकर जिला प्रशासन के अधिकारियों को उनके समुचित उपचार के निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही घायल के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की है।

सीएम योगी आदित्यनाथ ने हनुमानगढ़ी व राम मंदिर में किया दर्शन पूजन

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अयोध्या पहुंच परखीं तैयारियां सीएम योगी आदित्यनाथ ने हनुमानगढ़ी व राम मंदिर में किया दर्शन पूजन मुख्यमंत्री ने ध्वजारोहण कार्यक्रम के आयोजन की तैयारियों के बारे में भी जाना अयोध्या  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ मंगलवार को श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में होने वाले ध्वजारोहण कार्यक्रम के एक दिन पहले सोमवार को ही अयोध्या पहुंच गए। यहां उन्होंने ध्वजारोहण कार्यक्रम के आयोजन की तैयारियों के बारे में भी जाना। मुख्यमंत्री ने हनुमानगढ़ी व श्रीराम मंदिर में दर्शन-पूजन भी किया।  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सोमवार को अयोध्या पहुंचने के बाद सबसे पहले वाल्मीकि इंटरनेशनल एयरपोर्ट पहुंचे। वहां का निरीक्षण किया और अधिकारियों को यहां से जुड़ी सभी व्यवस्थाओं के बारे में जाना। मुख्यमंत्री वहां से सीधे साकेत डिग्री कॉलेज स्थित हेलीपैड पहुंचे। यहां उन्होंने हेलीपैड से जुड़ी व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया। इसके बाद मुख्यमंत्री हनुमानगढ़ी पहुंचे। यहां उन्होंने संकटमोचन हनुमान के चरणों में शीश झुकाया।  मुख्यमंत्री यहां से श्रीराम जन्म भूमि मंदिर पहुंचे। यहां पर उन्होंने कार्यक्रम की तैयारियों व सुरक्षा व्यवस्था की जानकारी ली। सीएम ने श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के पदाधिकारियों से भी तैयारियों के संदर्भ में जानकारी ली। फिर सीएम योगी आदित्यनाथ ने प्रशासनिक अधिकारियों को ध्वजारोहण कार्यक्रम से संबंधित दिशा-निर्देश दिया। उन्होंने सुरक्षा, सफाई, अतिथि स्वागत आदि को लेकर भी प्रशासन की तैयारियों को जाना, फिर दिशा-निर्देश भी दिया।

बच्चों के लिए खुशखबरी! इस राज्य में एक हफ्ते की स्कूल की छुट्टी, जानें वजह

पटना अक्टूबर के त्योहारों की छुट्टियों के बाद अब फिर से बच्चों की मौज लगने वाली है। दरअसल, नवंबर का महीना खत्म होने वाला है और ठंड भी तेजी से बढ़ रही है। इसके साथ ही स्कूलों में सर्दियों की छुट्टियों को लेकर चर्चा तेज हो गई। अब अभिभावकों और बच्चों को यह इंतजार है कि इस सर्दी में स्कूल कब बंद होंगे और कितने दिन तक छुट्टियां रहेंगी। बिहार में कब से शुरू होंगी सर्दी की छुट्टियां ? अगर बिहार की बात करें तो पिछले साल के अनुभव के आधार पर अनुमान लगाया जा रहा है कि सर्दी की छुट्टियां लगभग 7 दिन की होगी, जिसमें क्रिसमस और गुरु गोबिंद सिंह जयंती शामिल हो सकती है। पिछले वर्षों के अनुसार, छुट्टियों की संभावित तिथि 26 दिसंबर 2025 से 1 या 6 जनवरी 2026 तक हो सकती है। पूरे राज्य में तापमान में गिरावट के कारण छात्रों के लिए स्कूल जाना कठिन हो सकता है। ऐसे में सर्दियों की छुट्टियों का समय बच्चों और अभिभावकों के लिए राहत भरा रहेगा। 1 से 8वीं तक के स्कूल 7 दिनों के लिए बंद हालांकि, बिहार सरकार ने अभी तक अधिकृत शेड्यूल जारी नहीं किया है, लेकिन पिछले सालों के आधार पर अनुमान है कि क्लास 1 से 8वीं तक के स्कूल 7 दिनों के लिए बंद रहेंगे। बिहार सरकार कुछ दिनों तक विंटर वेकेशन 2025 की आधिकारिक घोषणा कर सकती है। 

राजस्थान में मौसम बदला: कम हुई सर्दी, कई जिलों में घनी धुंध के बीच हल्की धूप

जयपुर राजस्थान में उत्तरी तथा पश्चिमी हवाओं के मिश्रित प्रभाव से रात के तापमान में बढ़ोतरी दर्ज की गई। रविवार को 6 शहरों को छोड़कर लगभग सभी जगह न्यूनतम तापमान 10°C या उससे ऊपर रहा। कई जिलों में धुंध के कारण दिनभर धूप कमजोर रही। मौसम केंद्र जयपुर ने अगले 4–5 दिन मौसम स्थिर रहने और तापमान में किसी बड़े बदलाव की संभावना न होने का अनुमान जताया है। पिछले 24 घंटों में मैदानी इलाकों में सबसे कम तापमान फतेहपुर में 7.1°C रिकॉर्ड हुआ। उत्तरी हवाएं कमजोर पड़ने से यहां पिछले सप्ताह की तुलना में तापमान करीब 2 डिग्री बढ़ा है। अन्य शहरों में तापमान इस प्रकार दर्ज हुआ-सीकर 8.5°C, दौसा 9.3°C, चूरू 9.1°C, नागौर 8.9°C, जालौर 8.6°C, लूनकरणसर 7.8°C। माउंट आबू में लगातार दूसरे दिन 2°C दर्ज हुआ। धुंध का असर, धूप कमजोर अलवर, जयपुर, दौसा, बीकानेर, हनुमानगढ़, जैसलमेर और गंगानगर सहित कई शहरों में धुंध छाई रही, जिससे दिन में धूप कमजोर रही और अधिकतम तापमान सामान्य से कम रहा। रविवार को अधिकतम तापमान बीकानेर 28.8°C, जोधपुर 30°C, कोटा 27.5°C, चूरू 28.6°C, गंगानगर 27.5°C, नागौर 28.1°C, जयपुर 27.2°C, अजमेर 27.1°C, अलवर 28.2°C, चित्तौड़गढ़ 29.3°C, बाड़मेर 30.4°C। दिन का सबसे अधिक अधिकतम तापमान 31.5°C दर्ज हुआ। शहर — अधिकतम — न्यूनतम अजमेर — 27.1 — 13.2 भीलवाड़ा — 27.2 — 11.4 वनस्थली (टोंक) — 26.8 — 10 अलवर — 28.2 — 10 जयपुर — 27.2 — 13.3 सीकर — 26.5 — 8.5 कोटा — 27.5 — 12.4 चित्तौड़गढ़ — 29.3 — 11.6 उदयपुर — 27.3 — 11.1 बाड़मेर — 30.4 — 15.6 जैसलमेर — 28.7 — 11.9 जोधपुर — 30 — 10.6 बीकानेर — 28.8 — 12 चूरू — 28.6 — 9.1 गंगानगर — 27.5 — 10.5 नागौर — 28.1 — 8.9 बारां — 28.1 — 10.6 जालौर — 31.5 — 8.6 फतेहपुर — 28.4 — 7.1 करौली — 27.2 — 10.8 दौसा — 28.2 — 9.3 प्रतापगढ़ — 28.3 — 14.1 झुंझुनूं — 27.7 — 10.1

खैर नहीं अब अवैध कॉलोनियों का, 15 दिन में नोटिस जारी, कब्जा हटाने का आदेश CM मोहन यादव ने अफसरों को दिया

भोपाल   मध्यप्रदेश में सरकार अब नगरों के साथ ग्रामीण क्षेत्र में बन रही अवैध कॉलोनियों पर भी शिकंजा कसने जा रही है। नगरीय विकास विभाग अवैध कॉलोनियों का विकास रोकने के लिए संशोधित नियमों के ड्राफ्ट में इसका दायरा गांवों में भी बढ़ा रहा है। सरकार की मंशा के अनुरूप इसमें संशोधन कर रहा है। अब नया संशोधित कानून शहरों के साथ गांवों पर भी लागू होगा। इसके लिए राजस्व विभाग ने भी सहमति दे दी है। जल्द नियमों में संशोधन कर शासन को भेजा जाएगा। इस ड्राफ्ट में अवैध कॉलोनियों के विकास पर रोक लगाने के लिए सख्त प्रावधान किए जा रहे हैं। इसमें पार्षद से लेकर, बिल्डर, डेवलपर, भू-स्वामी, पुलिस और प्रशासन सभी की जिम्मेदारियां तय की जा रही हैं। अवैध कॉलोनियां बनाने वालों पर जुर्माना भी 10 से बढ़ाकर 50 लाख किया जा रहा है। रोक लगाने के निर्देश दिए दरअसल, नगरीय विकास विभाग करीब डेढ़ साल से अवैध कॉलोनियों का विकास रोकने के लिए कानून में संशोधन का ड्राफ्ट बना रहा है। इस बीच कई बार अफसरों के बदलने से यह काम पूरा नहीं हो सका। इसी बीच कलेक्टर-कमिश्नर कॉन्फ्रेंस में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अफसरों को अवैध कॉलोनियों पर प्रभावी तरीके से रोक लगाने के निर्देश दिए। इसके बाद नगरीय विकास विभाग के एसीएस संजय दुबे ने संशोधित नियमों का विस्तार ग्रामीण क्षेत्र में भी करने के निर्देश दिए। बताते हैं, शहर से लगे ग्रामीण क्षेत्र के अव्यवस्थित होने से शहरों पर प्रभाव पड़ रहा है। नए नियमों में यह सख्त प्रावधान -संशोधित बिल में पार्षद, सरपंच आदि की जिम्मेदारी तय की जा रही है। प्रावधान हैं, अवैध कॉलोनी की जानकारी मिलने पर तुरंत संबंधित निकाय अधिकारी को सूचना देनी होगी। अफसर को सूचना मिलने के 15 दिन में एफआइआर दर्ज करानी होगी। -अवैध कॉलोनी को नगरीय निकाय 15 दिन में जमीन को मूल स्वरूप में लाने के लिए नोटिस देगा। कॉलोनाइजर के ऐसा न करने पर निकाय अवैध कॉलोनी को ढहा कर जमीन कब्जे में लेगा। इसके बाद निकाय वहां विकास कार्य कराएगा। -अवैध कॉलोनियों का विकास रोकने कलेक्टर टास्क फोर्स बनाएंगे। यह हर सप्ताह क्षेत्र का निरीक्षण कर रिपोर्ट देगा। -अभी अवैध कॉलोनियां बनाने वालों को न्यूनतम 3 साल और अधिकतम 10 साल कैद की सजा का प्रावधान है। नए नियमों में इसे बढ़ाकर न्यूनतम 7 साल और अधिकतम 10 साल की सजा किया जा रहा है। -अवैध कॉलोनियों के खिलाफ हर कार्रवाई के लिए समय सीमा तय की जा रही है। अफसरों के कार्रवाई न करने पर शासन उन पर अनुशासनात्मक कार्रवाई करेगा। पटवारी से लेकर एसडीएम तक की जिम्मेदारी तय की जा रही गांवों में विस्तार के लिए राजस्व विभाग के साथ बैठक कर सहमति ले ली गई है। अब राजस्व विभाग के पटवारी, आरआइ, तहसीलदार, एसडीएम आदि की जिम्मेदारियां तय की जा रही हैं। गांवों में अवैध कॉलोनियों का पता लगाने के लिए सर्वे किया जाएगा। यह संशोधित नियम वरिष्ठ सचिव समिति के पास भेजे जाएंगे। समिति की अनुमति मिलने के बाद यह कैबिनेट में पेश किए जाएंगे। ऐसे में यह संशोधन प्रस्ताव विधानसभा के शीतकालीन सत्र में आने की संभावना नहीं है। नगरीय प्रशासन आयुक्त संकेत भोंडवे का कहना है, नियमों को अंतिम रूप दिया जा रहा है। अगले साल नए नियम लागू हो सकते हैं। इसलिए पड़ी जरूरत अभी कई बड़े शहरों में मास्टर प्लान बरसों से अटके हैं। ऐसे में यहां प्लानिंग एरिया में ज्यादा वृद्धि नहीं हो सकी। नतीजा, शहरों से लगे गांवों में अवैध कॉलोनियां बनाने का सिलसिला चल रहा है। यहां निगरानी तंत्र भी विफल है। पंचायत की अनुमति लेकर कई स्थानों पर कॉलोनियां बन चुकी हैं। इस अनियोजित विकास का खामियाजा भविष्य में शहरों को भुगतना पड़ेगा।

वीडी शर्मा ने आम जनता से की अपील, कटनी में सांसद खेल महोत्सव में हिस्सा लें

कटनी  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘विकसित भारत’ के संकल्प को आगे बढ़ाते हुए खजुराहो लोकसभा क्षेत्र में सांसद खेल महोत्सव–2025 का भव्य शुभारंभ 25 नवंबर को होगा। कटनी के दीनदयाल उपाध्याय खेल परिसर में दोपहर 1 बजे आयोजित होने वाले इस कार्यक्रम का उद्घाटन केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण राज्य मंत्री डॉ. एल. मुरुगन करेंगे। स्थानीय सांसद और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष वी.डी. शर्मा ने इस आयोजन की जानकारी देते हुए बताया कि यह महोत्सव युवाओं को खेल के माध्यम से अपनी प्रतिभा निखारने का एक बड़ा मंच प्रदान करेगा। उन्होंने कहा कि इसका उद्देश्य युवाओं में ऊर्जा, अनुशासन और सकारात्मकता का संचार करना है। उद्घाटन समारोह में जुटेंगे दिग्गज इस खेल महोत्सव के उद्घाटन समारोह में कई जानी-मानी हस्तियां भी मौजूद रहेंगी। अंतरराष्ट्रीय क्रिकेटर केदार जाधव और पैरा ओलंपिक में देश का नाम रोशन करने वाले पद्मश्री सम्मानित तैराक सतेंद्र सिंह लोहिया विशेष अतिथि के तौर पर शामिल होंगे। इनके अलावा मध्य प्रदेश के प्रभारी मंत्री उदय प्रताप सिंह, क्षेत्र के सभी विधायक, जनप्रतिनिधि और गणमान्य नागरिक भी कार्यक्रम की शोभा बढ़ाएंगे। सांसद ने की सफल बनाने की अपील सांसद वी.डी. शर्मा ने क्षेत्रवासियों से इस आयोजन को सफल बनाने के लिए अधिक से अधिक संख्या में शामिल होने की अपील की है। उन्होंने सभी नागरिकों को कार्यक्रम में पहुंचकर खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन करने के लिए आमंत्रित किया है।

बैतूल में बदले विवाह नियम, डीजे बैन और ट्रैफिक बाधा पर मैरिज हॉल की होगी सीलिंग

बैतूल   शादियों के सीजन में मध्यप्रदेश के बैतूल जिले में विवाह और अन्य आयोजनों में ध्वनि विस्तारक यंत्रों के अनियंत्रित उपयोग पर प्रशासन ने कड़ाई शुरू कर दी है। प्रभारी कलेक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट अक्षत जैन ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 की धारा 163 के तहत नए प्रतिबंधात्मक आदेश जारी किए हैं। इसके तहत शादियों में डीजे बजाना प्रतिबंधित रहेगा, जबकि रात 10 बजे के बाद किसी भी प्रकार के लाउडस्पीकर के उपयोग पर पाबंदी होगी। चल समारोह के दौरान यातायात बाधित करने की अनुमति नहीं दी जाएगी। वहीं मेरिज लॉन और हॉल संचालकों को पार्किंग और ट्रैफिक मैनेजमेंट की उचित व्यवस्था करना अनिवार्य होगा। कार्यक्रम के दौरान ट्रैफिक जाम मिलने पर संबंधित हॉल या लॉन को तुरंत सील किया जाएगा। आदेश उल्लंघन पर भारतीय न्याय संहिता की धारा 223 के तहत कारर्वाई होगी। प्रशासन ने नागरिकों से नियमों के पालन की अपील की है  

भारत का मान बढ़ाया! यामिनी ने एशियन जूडो चैंपियनशिप में कोरियाई प्रतिद्वंद्वी को पटखनी देकर स्वर्ण जीता

सागर  चाइना के हॉन्गकॉन्ग में आयोजित एशियन जूडो चैंपियनशिप में सागर की होनहार जूडो खिलाड़ी यामिनी मौर्य ने शानदार प्रदर्शन करते हुए स्वर्ण पदक अपने नाम किया है। यामिनी की इस उपलब्धि से न सिर्फ मध्यप्रदेश, बल्कि पूरे देश का मान अंतरराष्ट्रीय मंच पर एक बार फिर बढ़ गया है। जानकारी के अनुसार इस प्रतिष्ठित टूर्नामेंट में कुल 18 देशों ने हिस्सा लिया था। यामिनी ने शानदार फॉर्म दिखाते हुए अपने चारों मुकाबले जीते। फाइनल में उन्होंने कड़े मुकाबले में कोरिया की खिलाड़ी को हराकर गोल्ड मेडल हासिल किया। हॉन्गकॉन्ग में आयोजित इस एशियन चैंपियनशिप में यामिनी मौर्य 57 किलोग्राम वर्ग में भारत का प्रतिनिधित्व कर रही थीं। दमदार प्रदर्शन करते हुए उन्होंने अपने शानदार खेल के दम पर स्वर्ण पदक देश की झोली में डाला। यामिनी की इस उपलब्धि से सागर जिले में खुशी का माहौल है। खेल जगत के साथ-साथ जिलेवासियों ने भी उनकी सफलता पर गर्व जताते हुए उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दी हैं। स्वर्ण पदक विजेता यामिनी मौर्य सागर के सदर क्षेत्र की रहने वाली यामिनी ने अपनी स्कूली शिक्षा इमानुएल स्कूल से की है। उन्होंने डॉक्टर हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्व विद्यालय से ग्रेजुएशन किया है। यामिनी के पिता हरिओम मौर्य एक छोटे किसान हैं। बेटी की इस उपलब्धि पर पूरे परिवार में खुशी का आलम है।

दिसंबर में मिलेगी लाड़ली बहना योजना की अगली किस्त, राशि बढ़कर हुई 1500 रुपए

भोपाल      दिसंबर महीने में लाड़ली बहना योजना की 31वीं किस्त जारी की जाएगी। इसके तहत 1.26 करोड़ से अधिक लाड़ली बहनों को 1250 की जगह 1500 रूपए भेजे जाएंगे। चुंकी राज्य की मोहन सरकार ने नवंबर से किस्त में 250 रूपए का इजाफा कर दिया है। इससे पहले 12 नवंबर को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सिवनी से प्रदेश की 1.26 करोड़ से अधिक लाड़ली बहनों के खाते में 30वीं किस्त (1500 रूपए) के रूप में कुल 1857 करोड़ रूपये सिंगल क्लिक के माध्यम से अंतरित किए गए थे। इस योजना की शुरुआत जून 2023 में हुई थी, तब से अक्टूबर 2025 तक बैंक खातों में 44 हजार 917 करोड़ 92 लाख रू का अंतरण कर चुके हैं। जनवरी 2024 से अक्टूबर 2025 तक 34 हजार 921 करोड़ रुपये से अधिक की राशि का अंतरण सिंगल क्लिक से किया है। 2023 में शुरू हुई थी लाड़ली बहना योजना     मध्य प्रदेश सरकार द्वारा मई 2023 में लाड़ली बहना योजना शुरू की गई थी।लाड़ली बहना योजना का मुख्य उद्देश्य मध्य प्रदेश की महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाना और उनके जीवन को बेहतर बनाना है।इस योजना के तहत 21 से 60 वर्ष की विवाहित महिलाओं को 1000 रुपए देने का फैसला किया गया था और फिर इसकी पहली किस्त 10 जून को जारी की गई थी।     इसमें रक्षा बंधन पर अगस्त 2023, अगस्त 2024 और अगस्त 2025 में लाभार्थी महिलाओं को 250 रूपये की विशेष सहायता राशि तीन बार प्रदान की गई। 2023 अगस्त में राशि को 1000 से बढ़ाकर 1250 रुपए कर दिया गया । इसके बाद नवंबर 2025 में राशि में 250 की फिर वृद्धि की गई है और अब इस योजना के तहत 1500 रुपए महीना के हिसाब से महिलाओं को सालाना 18,000 रुपये मिलते हैं।     लाड़ली बहनों को जून 2023 से नवंबर 2025 तक मासिक आर्थिक सहायता राशि की कुल 30 किश्तों का अंतरण किया गया है। इस प्रकार योजना के आरंभ से अब तक 44,917.92 करोड़ रूपये की राशि का सीधा अंतरण लाभार्थी महिलाओं के खातों में किया जा चुका है।प्रदेश के सभी 52 जिलों में कुल 1,26,36,250 (एक करोड़ 26 लाख 36 हजार 250) महिलाओं को योजना का लाभ प्राप्त हुआ है। लाड़ली बहना योजना में ये अपात्र     महिलाएं, खुद या उनके परिवार में कोई टैक्सपेयर नहीं होना चाहिए ।परिवार की सालाना आय 2.5 लाख रुपये होना चाहिए।जिनके या उनके परिवार के कोई सदस्य इनकम टैक्स देते हैं।अगर संयुक्त परिवार है तो 5 एकड़ से ज्यादा जमीन न हो, परिवार में कोई भी व्यक्ति सरकारी नौकरी न करता हो।     घर पर ट्रैक्टर, चारपहिया वाहन न हो।जो खुद किसी और सरकारी योजना से हर महीने1250 रुपये या उससे ज्यादा की राशि पा रही हैं जिनके परिवार में कोई वर्तमान या पूर्व सांसद या विधायक हो।     जिनके परिवार का कोई सदस्य सरकारी बोर्ड, निगम, मण्डल आदि का अध्यक्ष, संचालक या सदस्य हो।जिनके परिवार में कोई स्थानीय निकाय का चुना हुआ जनप्रतिनिधि हो (पंच और उपसरपंच को छोड़कर)।     जिनके परिवार का कोई भी सदस्य सरकारी नौकरी में है (स्थायी, संविदा या पेंशन पाने वाला)।जिनके परिवार के पास कुल 5 एकड़ से ज्यादा खेती की जमीन हो।जिनके परिवार के नाम पर कोई चार पहिया वाहन (ट्रैक्टर को छोड़कर) रजिस्टर्ड हो। जानिए किस जिले में कितनी लाड़ली बहनें     लाड़ली बहना योजना में सबसे अधिक लाभार्थी इंदौर जिले में हैं, जहाँ 4 लाख 40 हजार 723 महिलाओं को योजना का लाभ मिला है। इसके बाद सागर में 4 लाख 19 हजार 903, रीवा में 4 लाख 3 हजार 182, छिंदवाड़ा में 3 लाख 90 हजार 311, धार में 3 लाख 82 हजार 417, जबलपुर 3 लाख 81 हजार 848 ,बालाघाट जिले में 3 लाख 47 हजार 816, उज्जैन में 3 लाख 40 हजार 203, मुरैना में 3 लाख 33 हजार 821 ,छतरपुर में 3 लाख 24 हजार 454, खरगोन में 3 लाख 13 हजार 741, भोपाल में 3 लाख 9 हजार 20 तथा ग्वालियर जिले में 3 लाख 5 हजार 969 महिलाओं को योजना का लाभ प्राप्त हुआ है।     राजगढ़ में 2 लाख 95 हजार 459, शिवपुरी में 2 लाख 87 हजार 943, देवास में 2 लाख 85 हजार 496, विदिशा में 2 लाख 74 हजार 946, भिंड में 2 लाख 72 हजार 343, बेतूल में 2 लाख 71 हजार 474 ,सिवनी जिले में 2 लाख 68 हजार 187, मंदसौर में 2 लाख 62 हजार 827, रतलाम में 2 लाख 50 हजार 176, रायसेन में 2 लाख 46 हजार 390, दमोह में 2 लाख 45 हजार 143, सीहोर में 2 लाख 42 हजार 717, और कटनी में 2 लाख 41 हजार 302 बहनों को राशि का लाभ मिला है।     बड़वानी में 2 लाख 37 हजार 60, गुना में 2 लाख 28 हजार 604, खंडवा में 2 लाख 16 हजार 372, नर्मदापुरम में 2 लाख 9 हजार 837, सिद्धी में 2 लाख 9 हजार 706, टीकमगढ़ में 2 लाख 7 हजार 79, नरसिंहपुर में 2 लाख 8 हजार 734 ,सिंगरौली जिले में 1 लाख 97 हजार 4, मंडला में 1 लाख 95 हजार 153, झाबुआ में 1 लाख 92 हजार 511, शहडोल में 1 लाख 88 हजार 729, पन्ना में 1 लाख 82 हजार 220, शाजापुर में 1 लाख 73 हजार 900, नीमच में 1 लाख 57 हजार 658, तथा अशोक नगर में 1 लाख 55 हजार 387 महिलाएँ इस योजना से लाभान्वित हुई हैं।     दतिया में 1 लाख 44 हजार 239, अनूपपुर में 1 लाख 26 हजार 54, अलीराजपुर में 1 लाख 23 हजार 492, आगर मालवा में 1 लाख 17 हजार 255, उमरिया में 1 लाख 9 हजार 113, श्योपुर में 1 लाख 8 हजार 673, और हरदा जिले में 93 हजार 516 बहनों को योजना की राशि का लाभ मिला है। निवाड़ी जिले में 80 हजार 157 महिलाओं को योजना का लाभ प्राप्त हुआ है। लाभार्थी सूची में ऐसे चेक करें अपना नाम     लाड़ली बहना की आधिकारिक वेबसाइट https://cmladlibahna.mp.gov.in/ पर जाएं।     वेबसाइट के मुख्य पृष्ठ पर “आवेदन एवं भुगतान की स्थिति” वाले विकल्प पर     क्लिक करें।     … Read more

मप्र में नई योजना: 600 महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाएगी सरकार, 100% सब्सिडी पर मिलेगा बगीचा लगाने का फंड

 राजगढ़  जिले की 600 महिलाएं 600 एकड़ जमीन में संतरे की फसल उगाएंगी। इसके लिए शासन स्तर पर उन्हें सब्सिडी प्रदान की जाएगी। तीन साल के लिए 2 लाख 70 हजार रुपए की राशि बगीचे और उससे जुड़े कार्यों के लिए देगी। करीब 15 करोड़ से अधिक की सब्सिडी जिले की महिलाओं को तीन साल के भीतर मिलेगी। एक बगिया मां के नाम योजना के तहत दी जाएगी छूट दरअसल, मप्र शासन की 'एक बगिया मां के नाम' योजना के तहत यह छूट स्व-सहायता समूह से जुड़ी महिलाओं को दी जाएगी। उन्हें आत्मनिर्भर बनाने के लिए यह प्रयास किया जा रहा है। जिसके तहत खुद की जमीन में महिलाएं संतरे की पैदावार कर पाएंगी। हर ब्लॉक में 100-100 महिलाओं का चयन करना है। जिसके लिए संबंधित महिला का स्व-सहायता समूह से जुड़ा होना जरुरी होगा। साथ ही स्व-सहायता समूह की महिला सदस्य के पास न्यूनतम 0.5 और अधिकतम 1 एकड़ खुद की जमीन होना जरूरी है। यानी समूह का हिस्सा होने पर ही फायदा मिलेगा। चयन शासन स्तर पर होगा। संबंधित जमीन को भी जांचा जाएगा कि वह संबंधित फल, पौधे वहां लग पाएंगे या नहीं? हालांकि राजगढ़ जिले में संतरे की पैदावार अच्छी होती है इसीलिए उसी को फाइनल किया जाना है। पहले भी यहां संतरे के बगीचे लगाए जा चुके हैं, जिनसे किसानों को काफी लाभ मिल रहा है। हर महिला को 2.70 लाख रुपए देंगे जानकारी के अनुसार इस योजना के तहत शासन स्तर पर पूरी सब्सिडी दी जाएगी। गड्‌ढा खोदने से लेकर पौधे बड़े होने तक का खर्च शासन उठाएगा। जिसके तहत प्रत्येक महिला को 2 लाख 70 हजार रुपए तक की राशि दी जाएगी। इसमें मजदूरी, गड्‌ढा खोदना, पौधों की लागत, तार फेंसिंग सहित अन्य कार्य रहेंगे। तीन साल में जब पौधे बड़े हो जाएंगे और फल आने लगेंगे तो वे सीधा उन्हें बेच पाएंगे। जिले की 600 महिलाओं के लिए संतरे के बगीचे की योजना है। मिलेगी सब्सिडी- जिपं सीईओ इसमें शासन स्तर पर सब्सिडी मिलेगी। हर ब्लॉक में 100 महिलाओं को 100 एकड़ में बगीचे लगाए जाएंगे। पूरी सुविधा उन्हें शासन स्तर पर मिलेगी। -डॉ. इच्छित गढ़पाले, सीईओ, जिला पंचायत, राजगढ़ स्व-सहायता समूह का सदस्य होना जरूरी- प्रबंधक संबंधित महिलाओं का स्व-सहायता समूह से जुड़ा होना जरूरी है। उन्हें ही इसका लाभ मिलेगा। तीन साल तक पौधों की देख-रेख, पौधों का खर्च, तार फेंसिंग इत्यादि का कुल 2.70 लाख का खर्च शासन देगा। – संदीप सोनी, प्रबंधक, एनआरएलएम, राजगढ़