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DGP हरियाणा ने दी चेतावनी, गैंगस्टर कल्चर को बढ़ावा देने वाले गायक होंगे निशाने पर

चंडीगढ़:  हरियाणा में अब गानों और वीडियो के जरिए गैंगस्टर संस्कृति को बढ़ावा देना गायकों को महंगा पड़ सकता है। राज्य के पुलिस महानिदेशक (DGP) ओपी सिंह ने इसे लेकर कड़ा रुख अपनाते हुए कहा है कि ऐसे गायकों को अपराधी माना जाना चाहिए। रविवार को उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि युवाओं में गैंगस्टर जैसी जीवनशैली को बढ़ावा देने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए। डीजीपी ने कहा कि ये गायक अपने संगीत से युवाओं को दी जाने वाली अच्छी शिक्षा और सामाजिक अनुशासन को मिनटों में खत्म कर देते हैं। उन्होंने बताया कि हरियाणा पुलिस पहले से ही बंदूक संस्कृति, हिंसा का महिमामंडन करने वाले और नफरत भड़काने वाले गानों के खिलाफ अभियान चला रही है। 'गैंगस्टर कल्चर' को बढ़ावा देने वाले गायक माने जाएं अपराधी, DGP ने सख्त कार्रवाई की जाने की कही बात, ऑपरेशन ट्रैकडाउन को लेकर भी बोले साइबर टीमों की सोशल मीडिया पर नजर ओपी सिंह ने बताया कि पुलिस की साइबर अपराध इकाई की टीमें लगातार सोशल मीडिया पर नजर रखती हैं। जरूरत पड़ने पर उचित कार्रवाई भी की जाती है। पुलिस के अनुसार, ऐसे गाने या संगीत वीडियो बड़ी संख्या में दर्शकों को आकर्षित करते हैं और युवाओं पर प्रतिकूल प्रभाव डाल सकते हैं। इस अभियान के तहत कई आपत्तिजनक गानों को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म से हटा दिया गया है।     “जो गायक संगीत और वीडियो के जरिये युवाओं में गैंगस्टर जैसी जीवनशैली को बढ़ावा देते हैं, उन्हें अपराधी माना जाना चाहिए और उनके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जानी चाहिए।” — ओपी सिंह, डीजीपी, हरियाणा अपराधियों के खिलाफ बड़ा अभियान, 4500 से ज्यादा गिरफ्तार हरियाणा पुलिस ने 5 नवंबर से कानून-व्यवस्था को मजबूत करने के लिए एक विशेष अभियान शुरू किया है, जिसके काफी अच्छे परिणाम सामने आए हैं। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य भगोड़ों, गंभीर अपराधियों और संगठित आपराधिक गिरोहों के गुर्गों को पकड़ना है। आधिकारिक बयान के अनुसार, इस अभियान के तहत अब तक कुल 4,566 अपराधियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। इनमें 1,439 कुख्यात और वांछित अपराधियों के साथ-साथ 3,127 अन्य आरोपी भी शामिल हैं। पुलिस का कहना है कि इस कार्रवाई ने अपराधियों के बीच स्पष्ट संदेश दिया है कि राज्य में किसी भी गैरकानूनी गतिविधि के लिए कोई सुरक्षित पनाहगाह नहीं है। ‘ऑपरेशन ट्रैकडाउन’ ने बचाई 60 जानें इसी अभियान के एक हिस्से ‘ऑपरेशन ट्रैकडाउन’ के तहत कई अपराधियों को उस समय गिरफ्तार किया गया, जब वे हत्या या हत्या के प्रयास जैसे जघन्य अपराधों की साजिश रच रहे थे। पुलिस ने दावा किया है कि इस त्वरित कार्रवाई से अब तक 60 लोगों की जान बचाई गई है, जो इन अपराधियों के निशाने पर थे।

धर्मेंद्र की मृत्यु पर पंजाब में गम, साहनेवाल से मुंबई तक चले जीवन और करियर की यात्रा

साहनेवाल  बाॅलीवुड के ही-मैन एवं प्रख्यात अभिनेता धर्मेंद्र की माैत की सूचना से पूरा पंजाब गमगीन है। धर्मेंद्र पिछले लंबे समय बीमार थे और उनका मुंबई के ब्रीच कैंडी अस्पताल में इलाज चल रहा था। सोमवार को उनके निधन की सूचना से प्रशंसकों में  शोक की लहर दाैड़ गई। धर्मेंद्र के गांव साहनेवाल में लोग गमजदा हैं।  साहनेवाल में मांगी जा रही थीं दुआएं साहनेवाल में गांव की चौपाल पर उनके लिए दुआएं की जा रही थी। 91 वर्षीय सतपाल सिंह ने कहा कि धर्मेंद्र के निधन की खबर से वे बेहद दुखी हैं। धर्मेंद्र का साहनेवाल से गहरा नाता है। उनका बचपन साहनेवाल में ही गुजरा और वे हमेशा साहनेवाल को याद करते रहते थे। फगवाड़ा में गुजरा था बचपन धर्मेंद्र का जन्म लुधियाना के पास साहनेवाल में हुआ था। उनका बचपन फगवाड़ा में बीता। उनके पिता मास्टर केवल कृष्ण चौधरी आर्य हाई स्कूल में गणित और सामाजिक अध्ययन पढ़ाते थे। धर्मेंद्र ने 1950 में यहीं से मैट्रिक की। 1952 तक रामगढ़िया कॉलेज में आगे की पढ़ाई की और फिर एक सपने के साथ मुंबई चले गए।  आर्य हाई स्कूल में उनके सहपाठी, वरिष्ठ एडवोकेट एस.एन चोपड़ा ने बताया कि धर्मेंद्र मृदुभाषी, विनम्र और हमेशा मुस्कुराते रहते थे। उनमें एक खास चमक थी। प्रसिद्धि ने उनकी विनम्रता को कभी नहीं बदला। हरजीत सिंह परमार ने कहा कि जब भी वह आते, तो हमारे साथ बैठना, पुरानी बातें करना, मजाक करना और पुरानी यादें ताजा करना चाहते थे। वह कभी किसी स्टार की तरह नहीं आए, वह हमारे दोस्त की तरह आए।  

बढ़े हुए आठ कोचों के साथ सोमवार सुबह इंदौर–नागपुर वंदे भारत ट्रेन हुई प्रस्थान

इंदौर  इंदौर से नागपुर जाने वाली वंदे भारत ट्रेन सोमवार सुबह बढ़े हुए आठ कोच के साथ रवाना हुई। अब यह ट्रेन सोलह नियमित कोच के साथ रोज चलेगी। पहले दिन यात्री संख्या ज्यादा नहीं रही, लेकिन आने वाले दिनों में बुकिंग होने पर यात्री संख्या और बढ़ सकती है। अब इस ट्रेन की यात्री क्षमता 1124 हो गई है। पहले ट्रेन में 526 सीटें थीं। सुबह इंदौर से ट्रेन 6.10 बजे रवाना हुई। इसमें अतिरिक्त कोच लगे थे। यह ट्रेन उज्जैन में 6.50 बजे रुकी। यहां दो मिनट के स्टाॅप के बाद ट्रेन भोपाल के लिए रवाना हुई। ट्रेन सुबह भोपाल पर सवा 9 बजे रुकी। यहां से भी बड़ी संख्या में नागपुर जाने के लिए ट्रेन में यात्री सवार हुए। दो साल पहले इंदौर को मिली पहली वंदे भारत ट्रेन के कोच अब रेलवे ने बढ़ाए है। इससे यात्री क्षमता दोगुनी हो गई। एक सप्ताह पहले इस ट्रेन के लिए नए रैक इंदौर आ चुके थे। जिन्हें सोमवार सुबह ट्रेन से जोड़ा गया। पहले यह कोच दिल्ली-पटना ट्रेन के लिए भेजे गए थे। रविवार तक इंदौर-नागपुर वंदे भारत ट्रेन आठ कोचों के साथ चल रही थी। इसमें 530 सीटें थीं। 16 कोच के बाद एक हजार से ज्यादा यात्री सफर कर सकेंगे। इससे इंदौर से भोपाल जाने वाले यात्रियों को भी फायदा होगा,क्योकि यह ट्रेन भोपाल में भी रुकती है। भोपाल से भी नागपुर जाने के लिए यात्रियों को सुविधा होगी। पहले वंदे भारत ट्रेन इंदौर से भोपाल के बीच चलती थी, लेकिन बाद में इसका विस्तार नागपुर तक के लिए कर दिया। सोमवार रात को यह ट्रेन फिर इंदौर लौटेगी।

बड़ौत में विकास की दोहरी खुशी: नई ट्रेन को हरी झंडी, कौशल विकास केंद्र का उद्घाटन आज

बागपत उत्तर रेलवे ने पश्चिमी यूपी के यात्रियों को बड़ा तोहफा देते हुए बड़ौत–दिल्ली शाहदरा के बीच दो नई मेमू ट्रेनों का संचालन शुरू करने की घोषणा की है। सोमवार से ट्रेन संख्या 04496 बड़ौत से दिल्ली शाहदरा के लिए और 04495 शाहदरा से बड़ौत के लिए चलेगी। दोनों ट्रेनों में 12 कोच होंगे, जिससे यात्रियों की भीड़ को बेहतर ढंग से मैनेज किया जा सकेगा। ट्रेन संख्या 04496 बड़ौत से दोपहर 1:43 बजे चलेगी और शाम 4:10 बजे दिल्ली पहुंचेगी। इसका ठहराव बागपत रोड, खेकड़ा, नोली और गोकुलपुर साबोली में होगा। वहीं ट्रेन संख्या 04495 शाहदरा से 2:16 बजे रवाना होकर 4:38 बजे बड़ौत पहुंचेगी, जिसका ठहराव शामली, कांधला और कासिमपुर खेरी में होगा। यात्रियों को मिलेगा बड़ा लाभ नई ट्रेनों के शुरू होने से बड़ौत, बागपत, खेकड़ा, शामली और आसपास के कस्बों के यात्रियों को दिल्ली के लिए सस्ती और सीधी कनेक्टिविटी मिल सकेगी। अब तक दिल्ली जाने के लिए यात्रियों को घंटों का सफर और अधिक खर्च उठाना पड़ता था। रेलवे अधिकारियों के अनुसार नई ट्रेनों के संचालन से प्रतिदिन हजारों यात्रियों को राहत मिलेगी। कौशल विकास केंद्र का भी होगा उद्घाटन रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव के दौरे के दौरान कौशल विकास केंद्र का शुभारंभ भी किया जाएगा, जिससे क्षेत्र के युवाओं को रोजगार और प्रशिक्षण के बेहतर अवसर मिलेंगे। इस दौरान कौशल विकास राज्यमंत्री चौधरी जयंत सिंह शामिल होंगे।

मंत्री सारंग का दावा: CM के निर्देशों पर प्रदेश में अपराध नियंत्रण, कानून व्यवस्था सशक्त

भोपाल  राजधानी भोपाल में सरेराह लाठी-डंडों से हमले की लगातार घटनाओं के बाद विपक्ष ने सरकार पर निशाना साधा था। रविवार शाम चार इमली इलाके में तीन बदमाशों द्वारा एक युवक की पिटाई का वीडियो वायरल होने के साथ ही कुछ अन्य क्षेत्रों से भी ऐसे ही वीडियो सामने आए थे। विपक्ष ने इसे लेकर प्रदेश की कानून व्यवस्था पर सवाल उठाए। इन आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए मंत्री विश्वास सारंग ने कहा कि सरकार पूरी गंभीरता से काम कर रही है और पुलिस हर मामले में त्वरित कार्रवाई कर रही है। अपराधियों को किसी भी हाल में छोड़ा नहीं जाएगा। बता दें कांग्रेस प्रवक्ता अभिनव बरोनिया ने प्रदेश की भाजपा सरकार को घेरते हुए कहा कि पूरी भाजपा सरकार सो रही हैं। गृह विभाग सो रहा है। भोपाल क्राइम कैपिटल बनता जा रहा है। शहर में गुंडे बदमाशों का आंतक जारी है।  मंत्री ने राहुल गांधी पर साधा निशाना  इसी दौरान राहुल गांधी द्वारा चुनाव आयोग की प्रक्रियाओं पर उठाए गए सवालों पर भी सारंग ने कड़ा जवाब दिया। उन्होंने कहा कि “यदि किसी को चुनाव आयोग की किसी प्रक्रिया से आपत्ति है तो उसे आयोग के पास जाकर शिकायत करनी चाहिए। यह देश लोकतांत्रिक व्यवस्था से चलता है। चुनाव, मतदाता सूची और प्रक्रियाएँ रूटीन का हिस्सा हैं। बिना तथ्यों के ट्वीट कर संवैधानिक संस्थाओं पर आरोप लगाना सही नहीं है। सारंग ने आगे कहा कि करोड़ों वोटरों और लाखों कर्मचारियों की मेहनत से चुनाव प्रक्रिया चलती है। ऐसे में बेबुनियाद बयानबाजी से वे हतोत्साहित होते हैं। उन्होंने राहुल गांधी पर आरोप लगाते हुए कहा कि “राहुल गांधी सिर्फ संवैधानिक संस्थाओं को बदनाम करने का काम करते हैं। उन्हें थोड़ी गंभीरता और परिपक्वता लानी चाहिए।  

भोपाल में 15 दिन की कोल्ड वेव खत्म, मध्य प्रदेश में अब शीतलहर से मिलेगी थोड़ी राहत

भोपाल  मध्यप्रदेश में पिछले 24 घंटों में मौसम आमतौर पर सूखा ही रहा। खरगौन में शीतलहर का प्रभाव था। वहीं नरसिंहपुर में शीतल दिन रहा। अधिकतम तापमान में अधिकतर जिलों में कोई खास परिवर्तन नहीं हुआ। इंदौर, उज्जैन, चंबल, रीवा और सागर में तापमान सामान्य से 1.5°C-2.0°C कम था। बाकी जिलों में तापमान सामान्य स्तर पर बना रहा। न्यूनतम तापमान में भी कोई विशेष बदलाव नहीं हुआ। भोपाल और इंदौर में तापमान सामान्य से 3.6°C-3.9°C तक कम रहा। अन्य जिलों में न्यूनतम तापमान सामान्य स्तर पर रहा। मौसम विभाग के अनुसार, अगले कुछ दिनों में मौसम में ज्यादा बदलाव की उम्मीद नहीं है। हालांकि, रात के तापमान में गिरावट हो सकती है। ठंड का असर अगले कुछ दिनों में बढ़ सकता है।  तापमान 10 डिग्री से नीचे दर्ज हुआ—     नौगांव (छतरपुर): 8.2°C     मंदसौर: 8.6°C     नरसिंहपुर: 8.6°C     शाजापुर: 8.8°C     राजगढ़: 9°C भोपाल में भी रातें जमाने लगी हैं और न्यूनतम तापमान 9.4°C दर्ज किया गया। बड़े शहरों में हल्की राहत, लेकिन सुबह की सर्दी तेज दिन का तापमान सामान्य बना हुआ है, लेकिन सुबह की ठंड शहरों में भी महसूस की जा रही है।     इंदौर: 11.7°C     ग्वालियर: 12.1°C     जबलपुर: 12.2°C     उज्जैन: 12.5°C अगले 5 दिनों का मौसम: बादल रहेंगे, ठंड भी जारी मौसम वैज्ञानिकों ने बताया कि पश्चिमी विक्षोभ (वेस्टर्न डिस्टर्बेंस) के सक्रिय होने के कारण कई हिस्सों में बादलों की मौजूदगी बनी रहेगी। इससे दिन के तापमान में मामूली बढ़ोतरी होगी, लेकिन रातें ठंडी ही रहेंगी। पूर्वानुमान —     इस सप्ताह शीतलहर की कोई संभावना नहीं     रात के तापमान में 2–3 डिग्री की और गिरावट के संकेत     विंध्य और मालवा में घना कोहरा बढ़ सकता है     दिसंबर की शुरुआत से ठंड का असली दौर सामने आने की संभावना   मप्र का तापमान: पांच शहरों का मौसम मौसम विभाग के मुताबिक, प्रदेश के पांच प्रमुख बड़े शहरों में तापमान में गिरावट दर्ज की गई। इंदौर में 9.8 डिग्री, भोपाल में 10.2 डिग्री, उज्जैन में 11.2 डिग्री, ग्वालियर में 8.3 डिग्री और जबलपुर में रात का पारा 8.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। दूसरी तरफ, नरसिंहपुर में दिन का तापमान 23.6 डिग्री तक आ गया। मंडला में 30.0 डिग्री, उज्जैन में 29.7 डिग्री, सीहोर में 29.6 डिग्री, नर्मदापुरम में 29.4 डिग्री और विदिशा में 29.2 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। रविवार को प्रदेश में सबसे कम तापमान 6.2 डिग्री सेल्सियस पचमढ़ी में रिकॉर्ड किया गया जबकि दिन का अधिकतम तापमान 30.0 डिग्री सेल्सियस मंडला में दर्ज किया गया। ग्री, नौगांव में 8.8 डिग्री, नरसिंहपुर में 9.4 डिग्री सेल्सियस रहा। बाकी शहरों में पारा 10 डिग्री या इससे अधिक ही दर्ज किया गया। सीनियर मौसम वैज्ञानिक डॉ. दिव्या ई. सुरेंद्रन ने बताया कि विंड पैटर्न चेंज हुआ है। इस वजह से दिन-रात के तापमान में बढ़ोतरी देखने को मिलेगी। फिलहाल अगले 5 दिन तक कहीं भी शीतलहर का अलर्ट नहीं है। कई शहरों में 100 मीटर के बाद देखना भी मुश्किल कड़ाके की ठंड से राहत मिलने के बाद अब घना कोहरा भी छाने लगा है। कई जगहों पर तो 100 मीटर के बाद दूर नहीं दिखा। शनिवार को शाजापुर में घना कोहरा छाया। अकोदिया, शुजालपुर क्षेत्र में सुबह विजिबिलिटी 100 मीटर तक ही रही। इससे गाड़ियों की हेड लाइटें चालू रही। मौसम विभाग के अनुसार, भोपाल, दतिया, इंदौर, जबलपुर में 1 हजार मीटर तक विजिबिलिटी रही। गुना, ग्वालियर, सतना, रीवा, खजुराहो में 500 से 1 हजार मीटर विजिबिलिटी दर्ज की गई। मौसम विभाग की एडवाइजरी-फ्लू, सर्दी-जुकाम होने पर डॉक्टर को दिखाएं     ट्रैफिक- कोहरा होने पर गाड़ी चलाते समय या किसी ट्रांसपोर्ट के जरिए ट्रैवल करते समय सावधान रखें। ड्राइविंग धीरे करें और फॉग लाइट का इस्तेमाल करें।     हेल्थ- तेज ठंड होने पर शरीर की गर्माहट बनाए रखने के लिए सिर, गर्दन, हाथ-पैर की उंगलियों को अच्छे से ढंके। फ्लू, सर्दी, खांसी-जुकाम होने पर डॉक्टर को दिखाए। विटामिन सी से भरपूर फल और सब्जियां खाएं।     कृषि- जहां मिट्टी में पर्याप्त नमी हो, वहां गेहूं, चना, सरसों-मटर की बुआई करें। जहां बुआई हो चुकी है, वहां जरूरत पड़ने पर कृषि वैज्ञानिकों से सलाह लें। पिछली फसलों के अवशेष यानी, ठूंठ को कभी न जलाएं। एमपी में ठंड से अब तक दो की मौत कड़ाके की ठंड की वजह से पिछले दो दिन में दो लोगों की मौत भी हो चुकी है। रीवा के अमहिया थाना क्षेत्र स्थित अस्पताल चौराहा पर सड़क किनारे एक व्यक्ति की लाश पड़ी मिली थी। इससे पहले रायसेन में भी एक शख्स की मौत हो चुकी है। परिजनों का दावा है कि ठंड की वजह से ही मौत हुई, लेकिन प्रशासन ने ठंड से मौत होने की पुष्टि नहीं की है।

मेरठ में हवा ‘बेहद खराब’, सुबह-सुबह AQI 349 से बढ़ी सांसों की तकलीफ़

मेरठ केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की ओर से रविवार को जारी देश के 248 शहरों की सूची में वायु प्रदूषण में मेरठ सातवें स्थान पर रहा। एनसीआर में वायु प्रदूषण के मामले में पांचवें नंबर पर सूचीबद्ध किया गया है। खतरनाक स्तर पर प्रदूषित हवा में सांस लेने में लोगों को दिक्कतें हो रही हैं।   सोमवार सुबह एयर क्वालिटी इंडेक्स 349 दर्ज किया गया, जो 'बहुत खराब' श्रेणी में आता है। सुबह की हल्की धूप भी प्रदूषण कम नहीं कर पा रही। पल्लवपुरम शहर का सबसे ज्यादा प्रदूषित एरिया रहा, जहां AQI 366 मापा गया। शहर में पिछले एक महीने से वायु गुणवत्ता लगातार खराब बनी हुई है। न सुबह की हवा साफ है, न रात की। प्रदूषण का स्तर इतना अधिक है कि लोगों को सांस लेने में दिक्कत, सीने में भारीपन और आंखों में जलन की समस्याएं बढ़ रही हैं। महीने भर से मेरठ समेत आसपास के जिलों में वायु प्रदूषण का स्तर लगातार खराब श्रेणी में चल रहा है। वायु प्रदूषण को देखते हुए जो ग्रेप सिस्टम के दावे किए गए थे, वह फेल साबित होते दिखाई दे रहे हैं।     धीमी हवा और बारिश न होने से बढ़ रहा प्रदूषण पिछले 10 दिन से हवा की रफ्तार बेहद धीमी है, जिसके कारण प्रदूषण और भी ज्यादा बढ़ गया है। बारिश न होने से हवा में मौजूद धूल और प्रदूषक नीचे नहीं बैठ रहे। मौसम वैज्ञानिक डॉ. यूपी शाही के अनुसार, जब तक हवा तेज और साफ दिशा में नहीं चलेगी, तब तक प्रदूषण में कोई सुधार नहीं होगा। अगले दो-तीन दिनों में तापमान में 1–2 डिग्री की गिरावट की संभावना है, लेकिन इससे प्रदूषण के स्तर पर खास असर नहीं पड़ेगा।   मेरठ और आसपास में अभी तक कहीं पर भी वायु प्रदूषण पर नियंत्रण नहीं पाया जा सका है। जगह-जगह कूड़े जलाए जा रहे हैं और ग्रेप सिस्टम की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। खराब हवा से लोगों को सांस लेने में भी दिक्कत हो रही है। सुबह बाहर टहलने वालों को दिक्कत हो रही है। मेरठ यह रहा प्रदूषण का हाल गंगानगर        324 जय भीम नगर    356 पल्लवपुरम      366 अन्य शहरों में यह रहा प्रदूषण का हाल बागपत        345 बुलंदशहर      368 दिल्ली        395 गाजियाबाद     429 ग्रेटर नोएडा    396 हापुड़        433 मेरठ        349 नोएडा        414 मुजफ्फरनगर   388 वायु प्रदूषण रोकने के उपाय -वाहन का उपयोग कम करें पैदल चलें और साइकिल चलाएं या सार्वजनिक परिवहन जैसे बस या मेट्रो का उपयोग करें। -अगर आपको गाड़ी चलानी ही है तो कारपूलिंग करें और अपनी गाड़ी का सही रखरखाव करें। -स्वच्छ ऊर्जा का उपयोग करें। जीवाश्म ईंधन से बनने वाली बिजली की जगह सौर या पवन ऊर्जा जैसी नवीकरणीय ऊर्जा का उपयोग करें। घरों और उद्योगों में सोलर पैनल लगवाएं। -अधिक पौधे लगाएं। पेड़ कार्बन डाइऑक्साइड को सोखकर ऑक्सीजन छोड़ते हैं, इससे हवा साफ होती है। पौधरोपण में भाग लें या अपने आसपास पेड़ लगाएं। मौसम में उतार-चढ़ाव के बीच बढ़ी ठंड मौसम में उतार- चढ़ाव के बीच ठंड में बढोतरी हो रही है। रविवार को दिन में मौसम सर्द रहा और धूप ने राहत दी। चौधरी चरण सिंह विवि की मौसम वेधशाला में दिन का अधिकतम तापमान 26.2 डिग्री और रात का न्यूनतम तापमान 11.6 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया। सरदार वल्लभ भाई पटेल कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के मौसम वैज्ञानिक डॉ. यूपी शाही का कहना है कि तीन -चार दिन तक मौसम में उतार- चढ़ाव बना रहेगा। फिलहाल अभी प्रदूषण के स्तर में सुधार के आसार नहीं है। प्रदूषण का लेवल अभी लाल श्रेणी में ही रहेगा।  

प्रदेश भर से आए फरियादी, हर पीड़ित से स्वयं मिले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ

लखनऊ  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को अपने सरकारी आवास पर ‘जनता दर्शन’ किया। ‘जनता दर्शन’ में प्रदेश भर से 52 से अधिक फरियादी पहुंचे। सीएम योगी हर फरियादी के पास स्वयं पहुंचे, उनकी समस्याएं सुनीं और निराकरण के निर्देश दिए। सीएम ने सभी जिलाधिकारियों और एसएसपी को निर्देशित किया कि वह पीड़ितों की शिकायतें सुनकर जनपद में ही उनका निस्तारण कराएं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अभिभावकों के साथ आए बच्चों को दुलारा, उन्हें चॉकलेट दी और कहा कि खूब मन लगाकर पढ़ाई करो।  *पीड़ितों की शिकायतें सुनकर निर्धारित समयावधि में कराएं समाधान * मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को ‘जनता दर्शन’ किया। इस दौरान आर्थिक सहायता, अवैध कब्जे, बिजली, शिक्षा, पुलिस आदि से जुड़ी शिकायतों से मुख्यमंत्री को अवगत कराया गया। जिस पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सभी जिलाधिकारियों सहित वरिष्ठ पुलिस अधीक्षकों को निर्देशित किया कि वह जनपद स्तर पर सभी फरियादियों की शिकायतें सुनकर उनका निराकरण कराएं। जिलाधिकारी देखें कि जनपदों में सभी विभागों के द्वारा पीड़ितों की शिकायतें सुनकर निर्धारित समयावधि में समाधान कराया जाए।  आमजन की सेवा-सुरक्षा ही सरकार का संकल्प  ‘जनता दर्शन’ में गोरखपुर, शामली, झांसी, कन्नौज आदि जनपदों से पीड़ित पहुंचे थे। सभी ने अपनी समस्याओं से मुख्यमंत्री को अवगत कराया। जिस पर सीएम योगी ने तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि आमजन की सेवा और सुरक्षा ही सरकार का संकल्प है। सरकार हर जरूरतमंद की सहायता के लिए खड़ी है। सरकार के स्तर पर प्रदेशवासियों की हर उचित परेशानी का निरंतर निदान कराया जा रहा है और आगे भी कराया जाता रहेगा।  बच्चों को दी चॉकलेट, पढ़ाई के बारे में भी पूछा  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अभिभावकों के साथ आए बच्चों से भी मुलाकात की। मुख्यमंत्री ने सभी से नाम पूछा, चॉकलेट दी और मन लगाकर पढ़ने करने को कहा। सीएम ने बच्चों को उज्ज्वल भविष्य का आशीर्वाद भी दिया।

हेलीकॉप्टर सेवा प्रभावित, पचमढ़ी में नहीं मिल रही जमीन; हेलीपैड 40 किमी दूर होगा

पचमढ़ी  पीएमश्री हेली सेवा इको सेंसटिव जोन (eco-sensitive zone) को पेंच फंसने के बाद सैलानियों का हेलीकॉप्टर उतारने के लिए हेलीपैड बनाने नर्मदापुरम जिला प्रशासन को भूमि नहीं नहीं मिल रही है। इस कारण हेलीकॉप्टर सेवा फिलहाल प्रभावित है। पचमढ़ी के लिए पिपरिया के ग्राम सिमरा में समतल भूमि देखी है लेकिन पचमढ़ी से इसकी दूरी लगभग 40 किलोमीटर है। इसपर भी अंतिम निर्णय होना बाकी है।  पिपरिया तहसीलदार वैभव बैरागी ने बताया कि ग्राम सिमारा की समतल भूमि पर हेलीपैड बनाया जा सकता है। सोमवार को इसका निरीक्षण कर रिपोर्ट जिला प्रशासन को भेजेंगे। इसके बाद तकनीकी परीक्षण होने के बाद निर्माण कार्य को लेकर कार्रवाई होगी। ग्राम सिमारा से पचमढ़ी जाने के लिए सैलानियों को लगभग 40 किलोमीटर सड़क मार्ग से जाना पड़ेगा। लगभग सवा घंटे की इस यात्रा में सैलानियों को मटकुली से पचमढ़ी के बीच के 26 किलो मीटर के घाटी सेक्शन को भी पार करना होगा। सिमरा में हेलीपैड बनाने का अंतिम निर्माण होना बाकी है। इस कारण हेलीपैड बनने तक पचमढ़ी हेलीकॉप्टर सेवा प्रभावित रहेगी। ग्राम रैनीपानी में भूमि का निरीक्षण सतपुड़ा टाइगर रिजर्व के मई आने वाले पर्यटकों का हेलीकॉप्टर कहां उतरेगा। इसको लेकर भी असामंजस बना हुआ है। मढ़ई के करीब ग्राम रैनीपानी में हेलीपैड के लिए जगह देखी गई है। जिला पंचायत सीईओ हिमांशु जैन ने भूमि का निरीक्षण किया गया है। इस पर भी अंतिम निर्णय नहीं हुआ है। इस बीच कोई सैलानी हेलीकॉप्टर से मढ़ई आएगा तो उसका हेलीकॉप्टर को सोहागपुर में बने हेलीपैड पर उतारा जाएगा।  एजेंसी को काम शुरू करने को कहा है हेलीपैड बनाने के लिए कहीं भी जगह फाइनल नहीं हुई है। पचमढ़ी के लिए सिमारा में समतल भूमि देखी है। सोहागपुर के लिए भी रैनीपानी में भूमि का निरीक्षण किया है। अंतिम निर्माण होने के बाद ही कुछ बता सकते हैं। – हिमांशु जैन, सीईओ, जिला पंचायत, नर्मदापुरम

मप्र निर्वाचन आयोग ने बदले नगरपालिका चुनाव नियम, उम्मीदवारों के लिए नई पारदर्शिता जरूरी

भोपाल  लोकसभा और विधानसभा चुनाव की तरह अब नगरीय निकायों के चुनाव में पर्चा भरने वाले प्रत्याशियों को भी नामांकन के साथ शपथ-पत्र देना होगा। उन्हें शपथ-पत्र में खुद पर दर्ज आपराधिक प्रकरण और उनकी स्थिति की जानकारी देनी होगी। इसके साथ चुनावी खर्च का ब्यौरा भी राज्य निर्वाचन आयोग को देना होगा। उनके खर्च की अधिकतम सीमा नगरीय विकास विभाग आयोग से परामर्श करने के बाद तय करेगा। प्रदेश के अधिकांश नगरीय निकायों के चुनाव 2027 में होंगे। इस बीच कोई उपचुनाव हुआ तो उसमें भी नए नियम लागू होंगे। रद्द किया जाएगा नामांकन मप्र राज्य निर्वाचन आयोग ने मप्र नगरपालिका निर्वाचन नियम में बदलाव के संबंध में ये नियम बनाए हैं। इनकी अधिसूचना भी जारी की है। इसमें कहा, महापौर, पार्षद, नगर पालिका परिषद, नगर परिषद के अध्यक्ष-पार्षद पद का उम्मीदवार नामांकन के साथ शपथ-पत्र देगा। इसमें आपराधिक पृष्ठभूमि, संपत्तियों, दायित्यों, शैक्षणिक योग्यताओं की जानकारी देनी होगी। ऐसा न होने नामांकन रद्द किया जाएगा। शपथ पत्र में देनी होगी ये जानकारियां -राज्य निर्वाचन आयोग के तय शपथपत्र के प्रारूप में महापौर, नपा अध्यक्ष, पार्षद पद के उम्मीदवार को बताना होगा कि दो साल या अधिक सजा वाले कितने आपराधिक केस दर्ज हैं। थाना, एफआइआर व जिले का ब्योरा भी देना होगा। -स्वयं, पत्नी या पति और तीन बच्चों की आमदनी, टैक्स, लोन आदि की जानकारी देनी होगी। आय के साधन बताने होंगे। संयुक्त स्वामित्व वाली चल और अचल संपत्ति, शेयर और कंपनियों में किए निवेश, कर्ज की जानकारी देनी होगी।