samacharsecretary.com

सैगोना में 41.65 लाख की सड़क निर्माण का भूमिपूजन, मुख्यमंत्री गौरव पथ योजना को मिली रफ्तार

रायपुर, उपमुख्यमंत्री एवं कवर्धा विधायक श्री विजय शर्मा के लगातार प्रयास से कवर्धा विधानसभा क्षेत्र में विकास कार्यों को गति मिली हैं। इसी क्रम में ग्राम सैगोना के लिए मुख्यमंत्री गौरव पथ योजना के अंतर्गत सड़क निर्माण के लिए 41 लाख 65 हजार रूपए लागत के कार्य की स्वीकृति मिली है। जिसका आज आयोजित कार्यक्रम में जिला पंचायत अध्यक्ष ईश्वरी साहू, जिला पंचायत उपाध्यक्ष श्री कैलाश चंद्रवंशी सहित स्थानीय जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति में राजेश पटेल एवं पटेल समाज सामुदायिक भवन को यादव समाज सामुदायिक भवन से जोड़ने वाले लगभग 500 मीटर लंबे पहुंच मार्ग का विधिवत भूमिपूजन किया गया। यह सड़क स्थानीय ग्रामीणों के लिए अत्यंत उपयोगी साबित होगी और दोनों समाज सामुदायिक भवनों के बीच सुगम आवागमन उपलब्ध कराएगी। इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष श्री ईश्वरी साहू ने कहा कि उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा के नेतृत्व और निरंतर प्रयासों से कवर्धा विधानसभा के प्रत्येक ग्राम में विकास कार्य तेजी से हो रहे हैं। छत्तीसगढ़ की साय सरकार ग्रामीण क्षेत्रों के समग्र विकास को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है। सड़क निर्माण से स्थानीय निवासियों, किसानों एवं विद्यार्थियों को सुरक्षित और सुगम आवागमन की सुविधा मिलेगी। उन्होंने निर्माण एजेंसी को गुणवत्तापूर्ण एवं समयबद्ध निर्माण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। जिला पंचायत उपाध्यक्ष कैलाश चंद्रवंशी ने कहा कि उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा के मार्गदर्शन में कवर्धा विधानसभा विकास की नई ऊँचाइयों को छू रहा है। शासन की योजनाओं का लाभ अब गाँव–गाँव तक पहुंच रहा है, जिससे क्षेत्र के नागरिकों की लंबे समय से चली आ रही मूलभूत आवश्यकताएँ पूरी हो रही हैं। इस अवसर पर रामकुमार भट्ट, संतोष पटेल, जनपद अध्यक्ष सुषमा गनपत बघेल, उपाध्यक्ष गणेश तिवारी, जिला पंचायत सदस्य सुमित्रा विजय पटेल, बीरसिंह पटेल, जनपद सदस्य आनंद मिश्रा, रोहित नाथ योगी, दिलीप गोलू साहू, नागेश्वर जायसवाल, माखन पटेल,  निहाली पटेल सहित ग्रामीण, युवा जनप्रतिनिधि उपस्थित थे।

यूनिटी मार्च के लिए राज्य के 68 युवाओं के दल को मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने हरी झंडी दिखाकर किया रवाना

सरदार पटेल की कर्मभूमि करमसद से स्टैच्यू ऑफ यूनिटी केवड़िया तक पदयात्रा में शामिल होंगे युवा रायपुर, मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने  सरदार वल्लभभाई पटेल जी की 150वीं जयंती के अवसर पर आयोजित पदयात्रा में शामिल होने के लिए गुजरात जाने वाले राज्य के 68 युवाओं के दल को आज रायपुर स्थित छत्तीसगढ़ राज्य युवा आयोग कार्यालय से हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। ये युवा सरदार पटेल की कर्मभूमि करमसद से केवड़िया तक आयोजित राष्ट्रीय पदयात्रा में हिस्सा लेंगे। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि सरदार वल्लभभाई पटेल ने देश की 562 रियासतों और ब्रिटिश शासन के अधीन क्षेत्रों को एकजुट कर अखंड भारत की नींव रखी। उनकी दृढ़ इच्छाशक्ति, अटल संकल्प और अथक परिश्रम ने भारत को एक सूत्र में पिरोया। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि विगत दिनों वे गुजरात के केवड़िया में आयोजित भारत पर्व में सम्मिलित हुए थे, जहाँ उन्होंने विश्व की सबसे ऊँची प्रतिमा—स्टैच्यू ऑफ यूनिटी—के दर्शन किए और भारत की सांस्कृतिक एकता की जीवंत झलक देखी। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ की समृद्ध संस्कृति, विविधता और व्यंजनों का भी प्रदर्शन किया गया था। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि 26 नवम्बर से 06 दिसम्बर तक आयोजित होने वाले यूनिटी मार्च में छत्तीसगढ़ के युवाओं के साथ देशभर के जनप्रतिनिधि भी शामिल होंगे, जो हम सभी के लिए गर्व की बात है। उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने कहा कि भारत की सांस्कृतिक और भौगोलिक एकता के निर्माण में सरदार पटेल का योगदान अतुलनीय है। उन्होंने रियासतों के विलय का ऐतिहासिक कार्य किया जो भारत की एकता और अखंडता का आधार बना। उन्होंने चयनित युवाओं को राष्ट्रीय पदयात्रा के लिए शुभकामनाएँ एवं बधाई दी। जगदलपुर विधायक किरण सिंह देव ने युवाओं को संबोधित करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की और पदयात्रा में शामिल होने के लिए उन्हें शुभकामनाएँ दीं। इस अवसर पर रायपुर जिला पंचायत अध्यक्ष नवीन अग्रवाल, पूर्व विधायक नवीन मार्कण्डेय, जी. वेंकट राव, श्याम नारंग, राहुल टिकरिया, खेल एवं युवा कल्याण विभाग के सचिव यशवंत कुमार सहित बड़ी संख्या में युवा, अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित थे।

तेज रफ़्तार बनी काल: राष्ट्रीय राजमार्ग पर भयानक सड़क दुर्घटना, 3 की मौके पर मौत

दरभंगा बिहार के दरभंगा जिले से एक दर्दनाक सड़क हादसे की खबर सामने आई है। इस घटना में तीन लोगों की मौत हो गई जबकि दो गंभीर रुप से घायल हो गए। वहीं मौके पर चीख-पुकार मच गई। मिली जानकारी के अनुसार, घटना रविवार तड़के NH 27 दिल्ली मोड़ के पास ओवरब्रिज की है। कार पटना से मधेपुरा आ रही थी। इस दौरान गाड़ी अनियंत्रित होकर डिवाइडर से टकरा गई। टक्कर इतनी भयानक थी कि तीन लोगों की मौके पर ही मौत हो गई जबकि 2 की हालत नाजुक बनी हुई। गाड़ी भी बुरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गई। बताया जा रहा है कि गाड़ी में 7 लोग सवार थे। फिलहाल घायलों का इलाज अस्पताल जारी है। मौके पर पहुंची पुलिस  ने शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।    

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा- इन्दौर स्वच्छता और स्वाद के साथ स्वास्थ्य के क्षेत्र में भी बनाएगा विशेष पहचान

फिटनेस, सामूहिक चेतना और स्वास्थ्य जागरूकता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से आयोजित "वन इन्दौर-रन इन्दौर" मैराथन इन्दौर के लिए गर्व का विषय अपने शहर के लिए बेहतर करने की इन्दौरवासियों की ऊर्जा, भावना और सामूहिक संकल्प शक्ति सराहनीय भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि इंदौर ने स्वच्छता और स्वाद के क्षेत्र में विश्व में विशेष पहचान बनाई है। आज की मैराथन, इंदौर को स्वास्थ्य क्षेत्र में भी विशेष पहचान देगी। स्वास्थ्य की मूल आधार दौड़ है और दौड़ के लिए इतनी बड़ी संख्या में लोग उपस्थित हैं। यह इन्दौरवासियों की ऊर्जा और सामूहिक संकल्प शक्ति से शहर के लिए कुछ बेहतर करने की उनकी भावना को प्रकट करती है। सकारात्मक पहल के परिणाम सदैव बेहतर होते हैं। इंदौर इस मैराथन के माध्यम से स्वास्थ्य के क्षेत्र में रिकॉर्ड स्थापित करेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव रविवार को प्रात: 7 बजे "वन इन्दौर-रन इन्दौर" मैराथन के शुभारंभ अवसर पर उपस्थित इन्दौरवासियों को मुख्यमंत्री निवास भोपाल से वर्चुअली संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मैराथन के सभी प्रतिभागियों को शुभकामनाएं देते हुए मैराथन का शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि फिटनेस, सामूहिक चेतना और स्वास्थ्य जागरूकता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से आयोजित "वन इन्दौर-रन इन्दौर" मैराथन का यह भव्य आयोजन इन्दौर शहर के लिए गर्व का विषय है। यह आयोजन यूनाइटेड इन्दौर की भावना को सशक्त करने वाला एक महत्वपूर्ण कदम है। इसका उद्देश्य इन्दौरवासियों में स्वस्थ जीवनशैली को बढ़ावा देना, सामुदायिक एकता को मजबूत करना और फिटनेस को एक जनआंदोलन का रूप देना है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि अपने शहर के लिए इतने संवेदनशील विषय पर आयोजित मैराथन में भौतिक नहीं पर भावनात्मक रूप से वे स्वयं भी शामिल हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रसन्नता का विषय है कि इस कार्यक्रम में 10 हजार से अधिक प्रतिभागियों ने पंजीयन कराया है। मैराथन की 3, 5 और 7 किलोमीटर रन की श्रेणियों में दौड़ने के लिए उनकी उपस्थिति इन्दौर की जागरूकता और उत्साह का प्रत्यक्ष प्रमाण है। इन्दौर की जनता हमेशा से सकारात्मक पहल में अग्रणी रही है। यह कार्यक्रम शहर की ऊर्जा, उमंग और स्वास्थ्य के प्रति बढ़ती जागरूकता को नई दिशा प्रदान करेगा। स्वच्छता में देश का निरंतर नेतृत्व करने वाला हमारा इन्दौर, अब स्वास्थ्य के क्षेत्र में भी देश में नम्बर 1 बने, यह हम सभी का सामूहिक संकल्प है। "वन इन्दौर-रन इन्दौर" उसी दिशा में एक सशक्त पहल है। यह कार्यक्रम इन्दौरवासियों में फिटनेस के प्रति उत्साह को और अधिक बढ़ाएगा, साथ ही स्वस्थ समाज निर्माण का संदेश पूरे प्रदेश में प्रसारित करेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि विकास के साथ प्रदेशवासियों के बेहतर स्वास्थ्य के लिए भी राज्य सरकार द्वारा निरंतर गतिविधियां संचालित की जा रही हैं। युवाओं के लिए बेहतर स्वास्थ्य के आधार, खेल को प्रोत्साहित करने के लिए राज्य सरकार द्वारा हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं। इसी का परिणाम है कि अब प्रत्येक अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता से प्रदेश के खिलाड़ी पदक लेकर ही लौट रहे हैं। इसका हाल का उदाहरण सुश्री क्रांति गौड हैं, जिन्होंने महिला वर्ल्ड कप में विश्व में अपनी प्रतिभा स्थापित की। राज्य सरकार द्वारा प्रोत्साहन स्वरूप उन्हें एक करोड़ रुपए की राशि प्रदान की गई। इंदौर में आयोजित कार्यक्रम में जल संसाधन मंत्री श्री तुलसीराम सिलावट, इंदौर महापौर श्री पुष्यमित्र भार्गव, विधायक श्री रमेश मैंदोला, श्री मधु वर्मा सहित बड़ी संख्या में युवा वर्ग उपस्थित रहा।  

हाथी के हमले में किसान की जान गई, ग्रामीण बोले—समय पर नहीं पहुंचा वन विभाग

गिरिडीह झारखंड के गिरिडीह जिले के देवरी थाना क्षेत्र के सियाटांड के बाघेडी गांव में झुंड से बिछड़ा एक हाथी ने शनिवार को एक किसान को कुचल कर मार डाला। मृतक का नाम जागो महतो बताया जा रहा है। किसान की मौत के बाद आक्रोशित ग्रामीणों ने रोड जाम कर वन प्रमंडल के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। ग्रामीणों का आरोप था कि देवरी में दो दिन से जंगली हाथियों का दल विचरण कर रहा है, लेकिन वन विभाग भगाने को लेकर कोई पहल नहीं कर रहा। इसी कारण सुबह में जागो महतो की मौत हुई। रोड जाम किए जाने से दोनों और गाड़ियों का कतार लग गया। हालांकि मृतक के परिजनों को मुआवजा मिलने के बाद रोड जाम हटा दिया गया। जानकारी के अनुसार जागो महतो पर दल से बिछड़े हाथी ने उस समय हमला किया, जब वो अकेले घर के बाहर घूम रहा था और अपने खेत जा रहा था। इसी दौरान हाथी ने उसे अपने चपेट में ले लिया और जागो को पांव से कुचल कर मार दिया।  

नवाचार की नई मिसाल : जैविक खेती, फसल विविधता, पशुपालन और मत्स्य पालन का एकीकृत मॉडल

हरसिंह ओयामी का एकीकृत खेती मॉडल बना प्रेरणादायक रायपुर, वन एवं दंतेवाड़ा जिले के प्रभारी मंत्री श्री केदार कश्यप के निर्देशानुसार जिले में खेती-किसानी में नवाचार को बढ़ावा दिया जा रहा है। इसी क्रम में विकासखंड गीदम के ग्राम बिंजाम के 57 वर्षीय प्रगतिशील किसान श्री हरसिंह ओयामी जिले में जैविक खेती के प्रमुख प्रेरणास्रोत के रूप में उभरकर सामने आए हैं। परंपरागत खेती से आगे बढ़ते हुए उन्होंने अपनी कृषि व्यवस्था को पूरी तरह जैविक, टिकाऊ और लाभकारी मॉडल में बदल दिया है। परिवार का सहयोग, लगातार मेहनत और वैज्ञानिक सोच ने उन्हें जिले के अग्रणी जैविक किसानों की श्रेणी में शामिल कर दिया है। पशुपालन ने जैविक खेती को और मजबूत बनाया कृषि विभाग की सहायता से श्री ओयामी को पक्का पशु शेड, नाडेप टांका, वर्मी टांका सहित विभिन्न जैविक संरचनाओं का लाभ मिला। देशी गायों के सुव्यवस्थित पशुपालन ने उनकी जैविक खेती को और भी मजबूत बनाया। कृषक श्री ओयामी अब अपने खेत में वर्मी कम्पोस्ट, जीवामृत, घनजीवामृत, नीमास्त्र, ब्रह्मास्त्र जैसे देशी जैविक उर्वरक और कीटनाशक स्वयं तैयार करते हैं। इससे खेती की लागत कम हुई है, मिट्टी की उर्वरता बढ़ी है और फसलों की गुणवत्ता भी बेहतर हुई है। जैव विविधतापूर्ण फसल में रूचि श्री ओसमी की खेती की सबसे बड़ी विशेषता फसल विविधता है। वे श्री विधि, लाइन विधि और पारंपरिक विधि से देशी धान का उत्पादन करते हैं। इसके साथ ही बैंगन, टमाटर, गोभी, मटर, मूली, गाजर, लाल भाजी, मेथी, दलहन, तिलहन सहित अनेक सब्जियों एवं फसलों की वर्षभर खेती करते हैं। मिलेट्स के अंतर्गत रागी, कोदो-कुटकी तथा बागवानी फसलों में आम, अमरूद और वाटर एप्पल की खेती ने उनकी आय में उल्लेखनीय वृद्धि की है। उनके जैविक उत्पादों की बढ़ती मांग ने उन्हें बाजार में अलग पहचान दिलाई है। एग्री-फिशरी मॉडल अपनाकर आय के नए स्रोत हुई विकसित श्री ओयामी ने कृषि के साथ-साथ  मत्स्य पालन में भी सफलता प्राप्त की है। उन्होंने एग्री-फिशरी मॉडल अपनाकर आय के नए स्रोत विकसित किए हैं। डबरी और ओरनामेंटल फिश पद्धति से वे लगभग 1,00,000 रुपये वार्षिक शुद्ध आय अर्जित कर रहे हैं। डबरी का पोषक जल उनकी जैविक खेती में अत्यंत उपयोगी साबित हुआ, जिससे फसल उत्पादन बढ़ा, कीटनाशकों की जरूरत कम हुई और मिट्टी की सेहत बेहतर बनी रही। किसान जैविक कृषि और मत्स्य पालन की नई तकनीकें सीखने आते हैं आज कृषक श्री हरसिंह ओयामी की जैविक खेती, फसल विविधता, पशुपालन और मत्स्य पालन का एकीकृत मॉडल उन्हें लगभग 7,00,000 रुपये की वार्षिक आय दे रहा है। उनका खेत अब केवल उत्पादन का केंद्र नहीं, बल्कि एक प्रेरणा मॉडल फार्म बन चुका है, जहाँ अन्य किसान जैविक कृषि और मत्स्य पालन की नई तकनीकें सीखने आते हैं। जैविक खेती समृद्ध कृषि का मजबूत आधार श्री ओयामी ने साबित किया है कि जैविक खेती न केवल परंपरा है, बल्कि भविष्य की सतत और समृद्ध कृषि का मजबूत आधार भी है। स्थानीय संसाधनों का समझदारीपूर्ण उपयोग, मेहनत और नवाचार उन्हें दंतेवाड़ा जिले के किसानों के लिए एक प्रेरक उदाहरण बनाते हैं।

अरुण चतुर्वेदी की कार का बड़ा एक्सीडेंट, वित्त आयोग अध्यक्ष बाल-बाल बचे

जयपुर राजस्थान वित्त आयोग के अध्यक्ष डॉ. अरुण चतुर्वेदी शनिवार शाम एक गंभीर सड़क दुर्घटना में घायल होने से बच गए। पाली से जयपुर लौटते समय ब्यावर के पास उनका सरकारी वाहन (RJ14 UE 5560) अनियंत्रित होकर जोरदार टक्कर का शिकार हुआ, जिसमें कार का आगे का हिस्सा पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। चतुर्वेदी पाली के रणकपुर में सिक्किम के राज्यपाल ओम माथुर की पोती के विवाह समारोह में शामिल होकर लौट रहे थे। हादसे के तुरंत बाद सुरक्षा कर्मियों और स्थानीय लोगों की मदद से उन्हें सुरक्षित बाहर निकाला गया। वाहन में मौजूद ड्राइवर और सुरक्षाकर्मी भी सुरक्षित रहे। चतुर्वेदी ने हादसे की जानकारी खुद ‘एक्स’ पर साझा करते हुए लिखा- “होइहि वही जो राम रचि राखा।” उन्होंने लिखा कि ईश्वर की कृपा से एक बड़ा हादसा टल गया। हादसे की सामने आई तस्वीरें वाहन के बुरी तरह क्षतिग्रस्त होने की पुष्टि करती हैं।   उन्होंने एक्स पर घटना से जुड़ी तस्वीरें भी साझा की हैं, जिसमें गाड़ी का आगे का हिस्सा पूरी तरह क्षतिग्रस्त दिखाई दे रहा है।

पूरा परिवार खत्म: पति ने गला घोंटकर पत्नी-बच्चों की ली जान, फिर खुद भी फांसी लगाई

दुमका झारखंड के दुमका जिले में रविवार सुबह एक दंपति और उनके दो बच्चे घर में मृत पाए गए। सभी शवों के गले पर गहरा निशान मिला है, जो हत्या की ओर संकेत करता है। यह घटना हंसडीहा पुलिस थाना क्षेत्र के बरदाही गांव में हुई। बताया जा रहा है कि यहां एक व्यक्ति ने अपनी पत्नी और दो मासूम बच्चों की हत्या कर खुद भी फांसी लगाकर जान दे दी। घटना के बाद पूरे क्षेत्र में शोक और दहशत का माहौल है। हंसडीहा पुलिस थाने के प्रभारी ताराचंद ने कहा, “हमने घर से चार शव बरामद किये हैं। शुरुआती जांच से पता चलता है कि व्यक्ति ने अपनी पत्नी और दो बच्चों का कथित तौर पर गला घोंट दिया और फिर खुद फंदे से लटककर जान दे दी। जांच जारी है।” उन्होंने बताया कि मृतकों की पहचान वीरेंद्र मांझी (30), उनकी पत्नी आरती कुमारी (26), उनकी बेटी रूही कुमारी (4) और बेटे विराज कुमार (2) के रूप में हुई है। मृतक के पिता मनोज मांझी ने बताया कि सुबह जब घर का दरवाजा नहीं खुला तो संदेह हुआ। अंदर जाकर देखा तो बहू और दोनों बच्चे मृत पड़े थे। इसके बाद बेटे की तलाश की गई और वह घर से दूर एक पेड़ से लटका मिला। उन्होंने बताया कि जीवित होने की उम्मीद में उन्होंने बेटे का शव नीचे उतारा, लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। मृतक के पिता ने बताया कि मृतक के बेटे विराज की तबीयत काफी समय से खराब थी और उसका इलाज चल रहा था। बेटे के इलाज और आर्थिक बोझ को लेकर दंपती के बीच अक्सर विवाद होता रहता था। शनिवार दोपहर ही वीरेंद्र अपनी पत्नी और बच्चों को मायके से वापस लेकर आया था। रात में किसी बात को लेकर पति-पत्नी के बीच बहस हुई और देर रात यह घटना घटित हो गई।  

सुरक्षा, शिक्षा और सम्मान से राज्य में बदला सामाजिक परिदृश्य, मिशन शक्ति से गांव तक पहुंचा स्वावलंबन का संदेश

लखनऊ उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की नेतृत्व वाली सरकार के शासनकाल में महिलाओं के सामाजिक और आर्थिक सशक्तिकरण को लेकर किए गए व्यापक प्रयास अब ठोस परिणामों के रूप में सामने आ रहे हैं। प्रदेश में महिला सुरक्षा, शिक्षा, स्वास्थ्य, वित्तीय स्वतंत्रता और रोजगार सृजन जैसे क्षेत्रों में तेजी से सुधार हुआ है। इसी परिवर्तन को आधार बनाकर उत्तर प्रदेश आज महिला सशक्तिकरण के जरिए सामाजिक और आर्थिक बदलाव की नई मिसाल पेश कर रहा है। प्रदेश सरकार ने सबसे पहले महिला सुरक्षा को प्राथमिकता दी। एंटी रोमियो स्क्वाड की सक्रियता, 1090 वुमेन पावर लाइन का विस्तार और पिंक पेट्रोलिंग जैसे कदमों ने महिलाओं के लिए सुरक्षित वातावरण तैयार किया है। शहरों और गांवों दोनों में बदलते सामाजिक वातावरण का असर स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है। परिवारों में लड़कियों की शिक्षा को लेकर सकारात्मकता बढ़ी है और माता-पिता अब बिना किसी संकोच के बेटियों को उच्च शिक्षा के लिए प्रोत्साहित कर रहे हैं। सामाजिक सशक्तिकरण के क्षेत्र में मिशन शक्ति ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। इसके माध्यम से महिला समूहों को नेतृत्व, आत्मनिर्भरता, सुरक्षा और जागरूकता से जोड़ा गया। बालिकाओं के लिए कायाकल्प, स्कूलों में जेंडर सेफ्टी प्रोग्राम और किशोरी स्वास्थ्य अभियान जैसे प्रयासों ने सामाजिक बदलाव की सुदृढ़ नींव रखी। मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना ने आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों की बेटियों को जन्म से लेकर स्नातक तक आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई, जिससे पढ़ाई में निरंतरता बनी। महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण की बात करें तो यूपी आज देश में सबसे बड़े महिला स्वयं सहायता समूह नेटवर्क के रूप में उभर रहा है। प्रदेश में लाखों महिलाएं आज स्वयं सहायता समूहों के जरिए उद्यमिता की ओर बढ़ रही हैं। बैंक सखी, बीसी सखी और कृषि सखी जैसे मॉडल ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाओं की वित्तीय स्वतंत्रता को गति दे रहे हैं। बैंकिंग सेवाओं में महिलाओं की बढ़ती भागीदारी ग्रामीण बैंकिंग को नए स्तर पर पहुंचा रही है। ओडीओपी (वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट योजना) ने महिलाओं को स्थानीय उत्पादों पर आधारित रोजगार से जोड़ने का मजबूत अवसर दिया है। हथकरघा, हस्तशिल्प, फूड प्रोसेसिंग और स्थानीय उद्योगों में महिलाओं की भागीदारी तेजी से बढ़ी है। शासन की ओर से आसान ऋण, प्रशिक्षण, मार्केट लिंक और डिजिटल प्लेटफॉर्म का सहयोग मिलने से महिलाएं आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ रही हैं।  स्टार्टअप नीति के अंतर्गत महिला उद्यमियों को विशेष प्रोत्साहन दिया जा रहा है। महिला आधारित स्टार्टअप को अनुदान और मार्गदर्शन मिलने से टेक्नोलॉजी आधारित उद्यमों में भी उनकी भागीदारी बढ़ी है। प्रदेश में स्वयं सहायता समूहों के जरिए पोषण उपक्रम, यूनिफॉर्म निर्माण, समुदाय आधारित स्वच्छता सेवाएं और स्थानीय उत्पादन यूनिट्स चलाने वाली महिलाओं ने साबित किया है कि आर्थिक सशक्तिकरण ग्रामीण विकास को भी गति देता है। सरकारी योजनाओं के प्रभाव से आज गांवों से लेकर शहरों तक महिलाओं की भूमिका केवल पारिवारिक सीमाओं तक ही केंद्रित नहीं हैं, बल्कि आर्थिक गतिविधियों में उनकी जिम्मेदारी, भूमिका और सक्रियता निरंतर बढ़ रही है। योगी आदित्यनाथ सरकार के प्रयासों ने महिलाओं को सुरक्षा, सम्मान और अवसर प्रदान कर समाज में उनकी स्थिति को पहले से अधिक सशक्त बनाया है। उत्तर प्रदेश का यह परिवर्तन प्रदेश सरकार नीतियों और प्रयासों का परिणाम है। जिसने महिलाओं को नई ऊर्जा और नई दिशा दी है। प्रदेश अब वास्तविक अर्थों में महिला सशक्तिकरण को सामाजिक और आर्थिक विकास की धुरी बनाने की ओर तेजी से आगे बढ़ रहा है। महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण से संबंधित आंकड़े… – उत्तर प्रदेश में महिला स्वयं सहायता समूहों की संख्या 2025 तक लगभग 95 लाख सदस्यों तक पहुंच गई है । – सभी ग्राम पंचायतों में बीसी सखियों की तैनाती की गई है। वित्तीय समावेशन और महिला सशक्तिकरण को गति देने वाले इस प्रयास के अंतर्गत बीसी सखियों ने लगभग 32 हजार करोड़ रुपए से अधिक का वित्तीय लेनदेन किया है।  – ओडीओपी योजना में महिलाओं की भागीदारी 2018 की तुलना में 2024 तक लगभग 35 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। विशेष रूप से यह वृद्धि हस्तशिल्प, हथकरघा, फूड प्रोसेसिंग और वुडक्राफ्ट क्षेत्रों में दर्ज हुई है। – महिला उद्यमिता मिशन और स्टार्टअप नीति के अंतर्गत 2025 तक लगभग 3200 से अधिक महिला संचालित स्टार्टअप रजिस्टर्ड हुए हैं। – विगत साढ़े 08 वर्षों में श्रम शक्ति में महिलाओं की भागीदारी 14 प्रतिशत से बढ़कर 35 प्रतिशत हो गई है।

क्यों छीना जा सकता है अल फलाह यूनिवर्सिटी का माइनॉरिटी दर्जा? जानिए किसने थमाया नोटिस

नई दिल्ली  दिल्ली ब्लास्ट के बाद से जांच में केंद्र में रही अल फलाह यूनिवर्सिटी के माइनॉरिटी स्टेटस पर भी अब खतरे के बादल उमड़ आए हैं। हमारे सहयोगी हिंदुस्तान टाइम्स को मिली जानकारी के अनुसार, राष्ट्रीय अल्पसंख्यक शैक्षणिक संस्थान आयोग (NCMEI) ने अल-फलाह मेडिकल कॉलेज के 'अल्पसंख्यक दर्जे' को लेकर एक कारण बताओ नोटिस जारी किया है। इससे पहले, 12 नवंबर को राष्ट्रीय मूल्यांकन एवं प्रत्यायन परिषद (NAAC) ने भी मान्यता से जुड़े दावों को लेकर कॉलेज को नोटिस जारी किया था।   नोटिस का कारण NCMEI ने यूनिवर्सिटी से पूछा है कि उनका अल्पसंख्यक दर्जा क्यों न रद्द कर दिया जाए। यह कदम तब उठाया गया है जब जांचकर्ताओं ने 10 नवंबर को लाल किले में हुए धमाके में शामिल दो व्यक्तियों का संबंध इस संस्थान से पाया है। आयोग ने यूनिवर्सिटी के रजिस्ट्रार और हरियाणा शिक्षा विभाग के प्रधान सचिव को 4 दिसंबर को होने वाली सुनवाई के लिए बुलाया है। नोटिस में अल-फलाह से उनकी मैनेजिंग बॉडी, ट्रस्ट के ढांचे, फंडिंग (पैसे) के स्रोतों, नियुक्ति की प्रक्रियाओं और राष्ट्रीय अल्पसंख्यक शैक्षणिक संस्थान आयोग अधिनियम, 2004 के नियमों के पालन से जुड़े दस्तावेज मांगे गए हैं। आयोग ने ट्रस्ट डीड, मैनेजमेंट की संरचना, एडमिशन के आंकड़े, शिक्षकों की नियुक्तियां, गवर्निंग बॉडी की बैठकों के विवरण और पिछले तीन सालों के वित्तीय विवरण के मूल रिकॉर्ड भी मांगे हैं। नाम न छापने की शर्त पर एक अधिकारी ने कहा, "पेश न होने या दस्तावेज उपलब्ध न कराने पर संस्थान के खिलाफ एकतरफा कार्यवाही की जा सकती है।" इस बीच हरियाणा शिक्षा विभाग को निर्देश दिया गया है कि वह एक सत्यापन रिपोर्ट (verification report) दाखिल करे। इस रिपोर्ट में यूनिवर्सिटी को अल्पसंख्यक संस्थान की मान्यता मिलने के बाद से किए गए निरीक्षणों (inspections), निगरानी कार्यों और विभाग व यूनिवर्सिटी के बीच हुए पत्राचार (बातचीत) का पूरा विवरण होना चाहिए। मामले की जानकारी रखने वाले अधिकारियों के अनुसार, NCMEI अब निम्नलिखित बातों की जांच करेगा। क्या यूनिवर्सिटी का संचालन अभी भी उसी अल्पसंख्यक समुदाय द्वारा किया जा रहा है जिसका ट्रस्ट में प्रतिनिधित्व है? क्या यूनिवर्सिटी के स्वामित्व या नियंत्रण में कोई बदलाव आया है? क्या अल्पसंख्यक दर्जे के लिए जरूरी शर्तें अभी भी बरकरार हैं? 10 नवंबर को हुए धमाके के बाद से इस संस्थान पर जांच और सख्त हो गई है। उस धमाके में कम से कम 12 लोगों की जान गई थी। जांच में पाया गया है कि विस्फोटकों से भरी गाड़ी चलाने वाले डॉ. उमर उन-नबी और इस मामले में आरोपी डॉ. मुजम्मिल शकील गनी, दोनों ही इस यूनिवर्सिटी से जुड़े हुए थे।राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग (NMC) ने मामले से जुड़े चार डॉक्टरों का नाम अपने मेडिकल रजिस्टर से हटा दिया है। इन डॉक्टरों पर गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (UAPA) के तहत मामला दर्ज किया गया है। डॉक्टरों के नाम: मुजफ्फर अहमद राथर अदील अहमद राथर मुजम्मिल शकील गनी शाहीन शाहिद 18 नवंबर को प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने अल-फलाह ग्रुप के चेयरमैन जावद अहमद सिद्दीकी को गिरफ्तार कर लिया। यह गिरफ्तारी मनी लॉन्ड्रिंग (काले धन को सफेद करने) की जांच के तहत हुई है, जो मान्यता (accreditation) के फर्जी दावों और पैसों की गड़बड़ी से जुड़ी है। एसोसिएशन ऑफ इंडियन यूनिवर्सिटीज (AIU) ने इस यूनिवर्सिटी की सदस्यता रद्द कर दी है। इससे पहले राष्ट्रीय मूल्यांकन एवं प्रत्यायन परिषद (NAAC) ने यूनिवर्सिटी की वेबसाइट पर किए गए मान्यता से जुड़े दावों पर सफाई मांगी थी। NAAC के दो वरिष्ठ अधिकारियों ने बताया कि यूनिवर्सिटी ने अपना जवाब भेज दिया है। उन्होंने परिषद को बताया है कि वेबसाइट से वे दावे हटा दिए गए हैं। कई बार संपर्क करने की कोशिश के बावजूद, अल-फलाह मेडिकल कॉलेज के प्रशासन और कुलपति (Vice-Chancellor) ने इस मामले पर हिंदुस्तान टाइम्स (HT) के सवालों का कोई जवाब नहीं दिया। NCMEI की 4 दिसंबर को होने वाली सुनवाई में यह तय होगा कि आयोग और दस्तावेज मांगेगा, नई जांच शुरू करेगा, या फिर संस्थान के अल्पसंख्यक दर्जे (minority status) की समीक्षा करके उसे वापस लेगा। फिलहाल कई एजेंसियां अल-फलाह ग्रुप के रोजगार रिकॉर्ड, वित्तीय डेटा और संस्थान द्वारा किए गए अन्य दावों की जांच कर रही हैं।