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डॉ. रोहिणी ने लगाया सांसद चंद्रशेखर पर गंभीर आरोप, बुजुर्ग माता-पिता को जेल की धमकी देने का मामला

इंदौर  उत्तर प्रदेश की नगीना सीट से सांसद चंद्रशेखर और इंदौर की रहने वाली उनकी कथित पूर्व प्रेमिका डॉ. रोहिणी घावरी के बीच का विवाद अब और उग्र हो गया है। डॉ. रोहिणी ने सांसद पर अपने बुजुर्ग माता-पिता को जेल भिजवाने की धमकी देने का गंभीर आरोप लगाया है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक के बाद एक कई पोस्ट करते हुए रोहिणी ने चंद्रशेखर को खुला चैलेंज दिया है। माता-पिता को लेकर दी चेतावनी स्विट्जरलैंड में रह रहीं डॉ. रोहिणी ने अपनी पोस्ट में लिखा कि मेरे मम्मी-पापा मेरे लिए भगवान समान हैं। उन्हें थोड़ी भी तकलीफ पहुंचाने की कोशिश मत करना, वरना मैं इंडिया आकर अपनी ताकत दिखाऊंगी। उन्होंने अपने गुस्से का इजहार करते हुए लिखा कि फिर अमित शाह भी तुम्हें बचा नहीं पाएंगे। रोहिणी ने साफ कहा कि लड़ाई मुझसे है तो मुझसे लड़ो, पूरे देश में मेरे खिलाफ एफआईआर करवाओ या मेरी हत्या करवा दो, लेकिन परिवार को बीच में मत लाओ। जानी दुश्मन बनने का ऐलान एक अन्य पोस्ट में रोहिणी ने तल्ख तेवर दिखाते हुए लिखा कि मैं तुम्हारी दुश्मन नहीं थी, लेकिन अब जानी दुश्मन बन गई हूं। अब तुझे पूरी तरह से खत्म करूंगी। उन्होंने लिखा कि जब बात माता-पिता पर आती है तो बच्चे हर मर्यादा लांघ देते हैं। रोहिणी ने भारत वापस आने का संकेत देते हुए चंद्रशेखर को इंतजार करने की चेतावनी दी है। इंदौर के साधारण परिवार से हैं रोहिणी डॉ. रोहिणी घावरी इंदौर के बीमा अस्पताल में काम करने वाली एक सफाईकर्मी की बेटी हैं। उन्होंने अपनी मेहनत से मुकाम हासिल किया और 2019 में उच्च शिक्षा के लिए स्विट्जरलैंड गईं। वहां पढ़ाई के दौरान ही वह चंद्रशेखर के संपर्क में आईं और दोनों कथित तौर पर तीन साल तक रिलेशनशिप में रहे। बाद में रोहिणी ने चंद्रशेखर पर यौन उत्पीड़न के आरोप लगाए। वर्तमान में वह स्विट्जरलैंड में नौकरी करने के साथ एनजीओ भी चलाती हैं। पहले भी दे चुकी हैं सुसाइड की धमकी यह विवाद नया नहीं है। करीब दो महीने पहले भी डॉ. रोहिणी ने सोशल मीडिया पर सुसाइड करने की धमकी दी थी। उन्होंने चार घंटे के भीतर तीन पोस्ट किए थे, जिनमें से एक में चंद्रशेखर, उनकी पत्नी और बच्चे की तस्वीर साझा की थी। उन्होंने लिखा था कि मेरा जीवन बर्बाद करके खुशियां मना रहे हो, आज ही तेरे नाम पर जहर खाऊंगी। उस समय उन्होंने प्रधानमंत्री कार्यालय को टैग करते हुए अपनी लाश भी भारत न लाने की बात कही थी। 

भोपाल में SMD और BLO के लिए खास योजना, टारगेट पूरा करने पर ट्रॉफी-सर्टिफिकेट और हर दिन सम्मान

भोपाल  भोपाल में वोटर लिस्ट के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (एसआईआर) में अब टारगेट पूरा करने पर इनाम भी मिलेंगे। एसडीएम, तहसीलदार और बीएलओ (बूथ लेवल ऑफिसर) हर दिन 'स्टार ऑफ द डे' भी बनेंगे। बकायदा, उनकी उपलब्धि की जानकारी ऑफिस के सूचना पटल पर लगाई जाएगी।  4 नवंबर से एसआईआर सर्वे शुरू हुआ है। अब तक की स्थिति में भोपाल जिले की स्थिति काफी खराब है। सात विधानसभा सीटों में 21 लाख 25 हजार 908 वोटर हैं। इनमें से 20.87 लाख फॉर्म बांटे जा चुके हैं, लेकिन, वापस 4.15 लाख फॉर्म ही आए हैं। यह 20% से भी कम हैं, जबकि सर्वे को आधा महीना से ज्यादा बीत चुका है। इसलिए अब वोटर्स की सुविधा के लिए नए पोर्टल की लॉन्चिंग हो या सख्ती करना, सब कुछ हो रहा है। अब ईआरओ, एईआरओ और बीएलओ को भी प्रोत्साहन दिया जाएगा। इसकी शुरुआत शनिवार से ही हो जाएगी। हर रोज का टारगेट तय किया भोपाल में 7 विधानसभा- बैरसिया, भोपाल उत्तर, नरेला, भोपाल दक्षिण-पश्चिम, भोपाल मध्य, गोविंदपुरा और हुजूर है। इनमें कार्य करने वाले 2029 बीएलओ, सभी ईआरओ यानी एसडीएम, एईआरओ यानी तहसीलदारों को प्रोत्साहन के दायरे में शामिल किया गया है। कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह ने यह पहल की है। इसके तहत 22 से 28 नवंबर तक हर रोज का टारगेट फिक्स किया गया है। जैसे- 22 नवंबर को बीएलओ को 50% फॉर्म डिजिटाइजेशन करना है तो एसडीएम-तहसीलदारों को प्रति बीएलओ से औसत 75 गणना पत्र डिजिटाइजेशन करवाना होगा। दूसरे-तीसरे दिन यह टारगेट बढ़ेगा। इसके पीछे मकसद यह है कि फॉर्म लेने और फिर उनका डिजिटाइजेशन करने के काम में तेजी आए। हर रोज 10 बजे के आंकड़ों के हिसाब से प्रोत्साहन मिलेगा उप जिला निर्वाचन अधिकारी भुवन गुप्ता ने बताया, हर रोज सुबह 10 बजे की स्थिति में लक्ष्य प्राप्त करने वालों को ऑनलाइन रिपोर्ट के आधार पर पुरस्कार के रूप में प्रमाण पत्र और प्रतीक चिह्न दिया जाएगा। इसके साथ स्टार ऑफ द डे का नाम संबंधित एसडीएम और तहसीलदार के ऑफिस में चस्पा किया जाएगा। ताकि, अन्य कर्मचारियों को भी प्रोत्साहन मिले और वे भी अच्छा काम करें। भोपाल में डाटा खोजने के लिए पोर्टल भी बना भोपाल में 2003 के डाटा को खोजने के लिए पोर्टल बनाया गया है। इसमें सभी विधानसभा की वोटर लिस्ट अपडेट है। वोटर पोर्टल पर जाकर सूची देख सकेंगे। इससे उन्हें एसआईआर फॉर्म भरने में आसानी होगी। इस पोर्टल के जरिए मतदाता मोहल्ले के नाम के आधार पर भी 2003 की मतदाता सूची खोज सकते हैं। कलेक्टर सिंह ने बताया कि भोपाल के मतदाताओं के लिए विशेष गहन पुनरीक्षण कार्य को सरल एवं सुगम बनाने की सुविधा दी गई है। https://sirbhopal.com पोर्टल के माध्यम से मतदाता साल 2003 की वोटर लिस्ट में अपना नाम खोज सकते हैं। वहीं, मध्यप्रदेश के किसी भी जिले के किसी भी विधानसभा की सूची डाउनलोड कर सकते हैं। मतदान केंद्र BLO की जानकारी भी प्राप्त कर सकते हैं।

जगदीप धनखड़ का पहला सार्वजनिक मंच, RSS की तारीफ के साथ बोले- नैरेटिव के चक्रव्यूह से निकलना मुश्किल

भोपाल जगदीप धनखड़, जो चार महीने पहले स्वास्थ्य कारणों से उपराष्ट्रपति पद से अचानक इस्तीफा दे चुके हैं,  पहली बार सार्वजनिक रूप से एक पुस्तक विमोचन समारोह में भाषण दिया. इस मौके पर उन्होंने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) की दर्शन और भारत को मजबूत बनाने के उनके दृष्टिकोण की भरपूर तारीफ की.  धनखड़ ने यह भाषण "हम और ये विश्व" नामक पुस्तक के लॉन्च पर दिया, जो कि आरएसएस के संयुक्त महासचिव मनमोहन वैद्य ने लिखी है. इस कार्यक्रम में धर्मगुरु, मीडिया के जाने-माने लोग मौजूद थे. धनखड़ ने भाषण की शुरुआत हिंदी में की और कहा कि हम ऐसे दौर में जी रहे हैं जहां लोग अपनी सोच से ही सच को तय कर लेते हैं, भले ही आप उसे नकारते रहें. फिर उन्होंने अंग्रेजी में भाषण जारी रखा ताकि जो लोग उनकी बात को पूरी तरह से समझना चाहते हैं, वे उनकी मंशा को सही ढंग से पकड़ सकें.  उन्होंने कहा कि आरएसएस को लेकर गलतफहमियां और झूठे आरोप लगते रहे हैं, लेकिन ये किताब इन सब मिथकों को तोड़ती है और दिखाती है कि आरएसएस वास्तव में भारत को सशक्त बनाने वाली ताकत है. भारत का सांस्कृतिक और नैतिक आधार धनखड़ ने कहा कि भारत 6000 साल से अधिक की सभ्यताओं का घर है, जो दुनिया को रास्ता दिखाने की ताकत रखता है. वर्तमान विश्व की चुनौतियां जैसे सुरक्षा, आर्थिक दिक्कतें, जलवायु परिवर्तन, तकनीकी बदलाव और सामाजिक विवादों के बीच भारत को अपनी गहरी विरासत से सीख लेकर आगे बढ़ना होगा. उन्होंने बताया कि राष्ट्र का मतलब है सांस्कृतिक एकता, धर्म का मतलब है नैतिक व्यवस्था, न्याय का मतलब है सही प्रशासन और मानव गरिमा हमारे देश की नींव है. ये सभी बातें भारत को दुनिया में एक प्रभावी भूमिका निभाने वाला देश बनाती हैं.  लोकतंत्र और संविधान की अहमियत उन्होंने संस्थागत अखंडता की महत्ता पर बल देते हुए बताया कि यह किसी भी समाज की आधारशिला होती है. साथ ही उन्होंने पांच मुख्य आरएसएस पहलों का जिक्र किया: सामाजिक समरसता, परिवार का विकास, पर्यावरण संरक्षण, स्वदेशी और आत्मनिर्भरता और नागरिक कर्तव्य. धनखड़ ने नागरिकता संशोधन अधिनियम (CAA) का समर्थन करते हुए कहा कि इसके विरोध के लिए जो तर्क हैं, वे गलत और बिना सोचे समझे हैं क्योंकि यह कानून उन धार्मिक अल्पसंख्यकों को राहत देने के लिए बनाया गया है जो उत्पीड़ित हैं, और यह किसी भी मौजूदा नागरिक के अधिकारों को प्रभावित नहीं करता. व्यक्तिगत समर्पण और देशभक्ति धनखड़ ने कहा कि जनता के हाथों में भारत का भविष्य है. देश को मजबूत आर्थिक, सुरक्षा और सांस्कृतिक आधार बनाने का काम आम लोगों का है. उन्होंने अपने जीवन और कर्म का उद्देश्य बताया कि उनका लक्ष्य हमेशा देश की सेवा करना है.  व्यक्तिगत अनुभव और उल्लेखनीय बातें धनखड़ ने पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी के आरएसएस मुख्यालय की 2018 में हुई उस यात्रा का जिक्र किया, जब उस पर विवाद हुआ था. लेकिन प्रणब दा ने उस विवाद को समाप्त करते हुए कहा था कि वह यहां माँ भारत के एक महान पुत्र को सम्मान देने आए हैं. धनखड़ का इस कार्यक्रम में आना राजनीतिक रूप से यह संकेत माना जा रहा है कि वे अब भी सत्ता पक्ष की विचारधारा के साथ जुड़े हुए हैं. कार्यक्रम में आरएसएस के कुछ अन्य प्रमुख लोग भी मौजूद थे, लेकिन धनखड़ ने मीडिया के सवालों के जवाब नहीं दिए और कार्यक्रम खत्म होते ही चले गए. जगदीप धनखड़ के इशारों भरे सवाल: नैरेटिव के चक्रव्यूह से निकलना मुश्किल जगदीप धनखड़ ने कहा कि आज सबसे बड़ी दिक्कत ‘नैरेटिव’ का चक्रव्यूह है. “भगवान करे कोई इस चक्रव्यूह में न फंसे… और अगर फंस जाए, तो समझाना मुश्किल है. मैं अपना उदाहरण नहीं दे रहा हूं,” उन्होंने हल्के-फुल्के अंदाज़ में कहा. उन्होंने यह भी कहा कि आजकल लोग नैतिकता से दूर होते जा रहे हैं. इसके उदाहरण में उन्होंने पूर्व उप-राष्ट्रपति का एक वाकया साझा किया, जब यात्रा के लिए मैसेज आया, पर उन्होंने कहा कि “मैं फ्लाइट की चिंता में अपना कर्तव्य नहीं छोड़ सकता.”

महाकाल मंदिर में भस्म आरती दर्शन के लिए RFID बैंड व्यवस्था समाप्त

 उज्जैन  विश्व प्रसिद्ध ज्योतिर्लिंग महाकाल मंदिर में भस्म आरती दर्शन में लागू रेडिया फ्रीक्वेंसी आइडी (आरएफआइडी) बैंड के माध्यम से मंदिर में प्रवेश की व्यवस्था को बंद कर दिया गया है। 15 नवंबर 2024 को मंदिर में नई पारदर्शी व्यवस्था की शुरुआत हुई थी, मंदिर समिति इसे एक साल भी नहीं चला पाई। यह भस्म आरती में हो रहे भ्रष्टाचार को रोकने में कारगर साबित हुई थी। अफसर प्रोटोकाल दर्शन में भी इसका उपयोग शुरू करने वाले थे, लेकिन बीते करीब एक माह से योजना बंद है। महाकाल मंदिर में  श्री महाकाल महालोक के त्रिनेत्र कंट्रोल रूप में श्री महाकालेश्वर मंदिर प्रबंध समिति की बैठक आयोजित हुई। इसमें कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। इनमें मुख्य निर्णय भक्तों के लिए डिजिटल सुविधाओं के विस्तार का था। मंदिर प्रबंध समिति ने जब आम भक्तों की सुविधा के लिए इतना महत्वपूर्ण कदम उठाया तो प्रचलित आधुनिक सुविधाओं की ओर ध्यान जाना लाजिमी था। संध्या आरती और शयन आरती में भी लागू होना था  भस्म आरती दर्शन व्यवस्था के संबंध में पूछताछ की तो पता चला भस्म आरती में लागू आरएफआईडी बैंड से प्रवेश की व्यवस्था को बंद कर दिया गया है। इस व्यवस्था से काफी हद तक भस्म आरती में भ्रष्टाचार रुका था। जब तक यह व्यवस्था चली, भस्म आरती में अनाधिकृत प्रवेश पर काफी हद तक अंकुश लग गया था। भ्रष्टाचार रोकने में कारगर सिद्ध साबित हुई तकनीक को प्रोटोकाल दर्शन तथा संध्या व शयन आरती में भी लागू करने की योजना थी। मामले में मंदिर प्रशासक, उप प्रशासक, सहायक प्रशासक कोई भी जवाब नहीं दे पा रहे हैं।

धर्म परिवर्तन मामला: हिंदू युवक को गौ मांस खाने और जमात में शामिल होने पर मजबूर किया, 3 पर FIR दर्ज

भोपाल  भोपाल के जहांगीराबाद में एक युवक का बहला-फुसलाकर धर्म परिवर्तन कराए जाने का मामला सामने आया है। फरियादी 27 वर्षीय ने शिकायत दर्ज कराई है। पुलिस ने धार्मिक स्वतंत्रता अधिनियम सहित अन्य धाराओं में एफआईआर दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है।पुलिस के मुताबिक पीड़ित युवक ने बताया कि जहांगीराबाद में रहने वाली मुस्लिम युवती से उसका प्रेम प्रसंग था। दोनों एक-दूसरे से शादी करना चाहते थे। लिहाजा वर्ष 2022 में परिजनों की मर्जी के खिलाफ घर से बिना बताए एक साथ रहने चले गए। मामले में युवती के परिजनों ने थाना जहांगीराबाद में बहला फुसलाकर अपहरण और रेप करने की एफआईआर दर्ज करा दी। युवक के खिलाफ रेप का केस कोर्ट में विचाराधीन है। पेशी के दौरान की शादी की बात रेप केस के मामले में युवक की पिछले दिनों पेशी थी, जबकि रेप पीड़िता के पिता और माता की गवाही कोर्ट में होना थी। तभी युवक ने प्रेमिका से शादी के लिए बात की। युवती के कहने पर ही उसके पिता से शादी की बात की। पिता ने स्वयं के मुस्लिम होने का हवाला देते हुए बेटी से शादी करने के ऐवज में युवक को मुस्लिम धर्म अपनाने की पेशकश की। मुस्लिम धर्म अपनाने के बाद उसके खिलाफ चल रहे रेप के केस को खत्म करने और बेटी से शादी करने का वादा किया। शादी की लालच में अपनाया मुस्लिम धर्म युवक ने पूर्व प्रेमिका से शादी की लालच में मुस्लिम धर्म को अपना लिया। तब युवती के भाई ने उसे जमातों में भेजना शुरू कर दिया। युवक ने FIR में बताया कि उसे तीन दिन से लेकर 4 महीने तक की जमातों में विभिन्न प्रदेशों और जिलों में भेजा गया। इसके बाद भी लड़की के परिजनों ने बेटी से उसकी शादी नहीं कराई। कर्नाटक में खिलाया गौ मांस युवक ने पुलिस को यह भी बताया कि एक जमात में उसे कर्नाटक भेजा गया था जहां उसे गौ मांस खाने के लिए मजबूर किया गया। वहां से लौटने के बाद भी लड़की के पिता ने बेटी से उसकी शादी नहीं कराई। लिहाजा युवक हिंदू धर्म में वापस लौट आया है। इसकी शिकायत के आधार पर जहांगीराबाद थाना पुलिस ने धार्मिक स्वतंत्रता अधिनियम लड़की के पिता मां और भाई के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली है।

रायपुर: मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने ओड़गी में सड़क और पुलिया निर्माण का औचक निरीक्षण किया

रायपुर : मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने ओड़गी में सड़क एवं पुलिया निर्माण का किया औचक निरीक्षण गुणवत्ता पर नाराजगी, पुनः निर्माण और कार्य शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश रायपुर महिला एवं बाल विकास तथा समाज कल्याण मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने सूरजपुर जिले के ओड़गी विकासखंड के धरसेड़ी-कर्री-कुप्पी मार्ग पर लोक निर्माण विभाग द्वारा निर्मित सड़क और पुलिया का औचक निरीक्षण किया।  निरीक्षण के दौरान मंत्री श्रीमती राजवाड़े ने नव-निर्मित सड़क की गुणवत्ता, सामग्री के उपयोग तथा संपूर्ण निर्माण प्रक्रिया का सूक्ष्मता से अवलोकन किया। निरीक्षण में यह स्पष्ट हुआ कि सड़क के कई हिस्सों में निर्माण मानकों का समुचित पालन नहीं किया गया है और कार्य अभी भी अधूरा है। इस पर उन्होंने विभागीय अधिकारियों को कड़ी फटकार लगाते हुए तत्काल आवश्यक सुधारात्मक कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। मंत्री श्रीमती राजवाड़े ने संबंधित अधिकारियों और निर्माण एजेंसी को पूरे मार्ग का पुनः निर्माण मानक गुणवत्ता के साथ कराने तथा निर्धारित समय सीमा में कार्य पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों की सड़कें आमजन की जीवनरेखा हैं, जिस पर आवागमन, एम्बुलेंस सुविधा, बच्चों की स्कूल पहुँच और आवश्यक सेवाओं की निर्भरता होती है। इसलिए कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार्य नहीं होगी। निरीक्षण के दौरान लोक निर्माण विभाग के अधिकारी, ओड़गी क्षेत्र के स्थानीय जनप्रतिनिधि एवं ग्रामीण उपस्थित रहे।

मंत्री नेताम का सुझाव: मत्स्य किसानों को आधुनिक तकनीक एवं स्किल डेवलपमेंट अपनाने की आवश्यकता

रायपुर : मत्स्य किसानों को आर्थिक समृद्धि हेतु नवीन तकनीक एवं कौशल विकास को अपनाने की जरूरत: मंत्री  रामविचार नेताम मत्स्य बीज उत्पादन में राज्य देश में 6 वें स्थान पर कृषि मंत्री विश्व मात्स्यिकी दिवस पर आयोजित कृषक संगोष्ठी में हुए शामिल रायपुर कृषि विकास एवं किसान कल्याण तथा मछलीपालन मंत्री  रामविचान नेताम विश्व मात्स्यिकी दिवस पर इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय परिसर स्थित कृषि मंडपम सभागार में आयोजित एक दिवसीय मत्स्य कृषक संगोष्ठी में शामिल हुए। उन्होंने संगोष्ठी को सम्बोधित करते हुए कहा कि प्रति वर्ष 21 नवंबर को विश्व मात्स्किी दिवस मनाया जाता है। इसका उद्देश्य मत्स्य पालन के महत्व, मछुआ समुदाय के अधिकारों, आर्थिक आजिविका, खाद्य सुरक्षा, सांस्कृतिक विरासत एवं समुदाय सशक्तिकरण हेतु जागरूकता लाना है।  नेताम ने कहा कि छत्तीसगढ़ राज्य अपनी स्थापना के 25 वर्ष पूर्ण कर रजत जयंती मना रहा है। राज्य में प्राकृतिक रूप से मछली पालन के स्त्रोत प्रचूर मात्रा में उपलब्ध है। मत्स्य किसानों के विकास के लिए आवश्यकता है केवल नवीन तकनीक, मानव कौशल विकास, आर्थिक प्रोत्साहन एवं सहायता की। मत्स्य बीज उत्पादन में राज्य देश में 6 वें स्थान पर कृषि मंत्री  नेताम ने बताया कि शासन ने राज्य निर्माण के पश्चात राज्य एवं केन्द्र की विभिन्न योजनाओं जैसे कि राष्ट्रीय कृषि विकास योजना, नील काति, प्रधान मंत्री मत्स्य संपदा योजना आदि के माध्यम से मछली पालन विकास के सतत् प्रयास किया जा रहा है। वर्तमान में राज्य में कुल 1,30,001 जल स्त्रोत (2.039 लाख हेक्टेयर) उपलब्ध है जिनमें 98 प्रतिशत् में किसी न किसी रूप में मत्स्य पालन हो रहा है। 3571 किलोमीटर का नदीय जलक्षेत्र भी उपलब्ध है। सघन मत्स्य पालन हेतु अतिरिक्त जलक्षेत्र निर्मित किया जा रहा है, अब तक कुल 7580 हेक्टर जलक्षेत्र निजी क्षेत्र में अतिरिक्त निर्मित हो चुका है। मछली पालन हेतु गुणतत्ता युक्त मत्स्य बीज एक आधारभूत आवश्यकता है। राज्य को मत्स्य बीज के क्षेत्र में अग्रणी बनाने हेतु निरंतर प्रयास जारी है। अब तक कुल 82 नवीन हैचरी निर्मित कर 120 हैचरियों के माध्यम से 583 करोड़ मत्स्य बीज प्रति वर्ष उत्पादित हो रहा है, एवं राज्य देश में 6 वें स्थान पर है। हमारा राज्य मत्स्य बीज उत्पादन में न सिर्फ आत्मनिर्भर हुआ अपितु अन्य राज्यों को निर्यात भी हो रहा है।  रायपुर, दुर्ग, बिलासपुर एवं जांजगीर में थोक मत्स्य बाजार की स्थापना मंत्री  नेताम ने कहा कि विपणन व्यवस्था को सुदृढ बनाने एवं उपभोक्ता तक ताजी मछली पहुंचाने के लिए 1008 मोटर साइकल, आईस बॉक्स, 10 थी व्हीलर एवं 05 इन्सुलेटेड ट्रक, 114 वाहन (लाइव फिश वेडिंग सेन्टर) वितरित किए गए। रायपुर दुर्ग बिलासपुर एवं जांजगीर में थोक मत्स्य बाजार की स्थापना की गई। मंत्री  नेताम ने इस मौके पर मछुआ संघ की ओर से हितग्राहियों को लाभांश राशि का चेक प्रदान किया।  मत्स्य पालन बेरोजगारी दूर करने का सशक्त साधन कार्यक्रम को छत्तीसगढ़ राज्य मछुआ बोर्ड के अध्यक्ष  भरत मटियारा और रायपुर ग्रामीण विधायक  मोतीलाल साहू ने भी सम्बोधित किया। मछलीपालन पालन विभाग के संचालक  एमएस नाग ने अपने स्वागत भाषण में बताया कि भारत के मध्यस्थल पर स्थित प्राकृतिक संसाधनों से परिपूर्ण छत्तीसगढ़ राज्य में मत्स्य पालन विकास काफी प्रगति पर है। राज्य में उपलब्ध जल संसाधन की दृष्टि से मछली पालन एक विशिष्ट स्थान रखता है, राज्य की भौगोलिक एवं कृषि जलवायु स्थितियां भी मछलीपालन हेतु उपयुक्त है। यह ग्रामीण क्षेत्रों की बेरोजगारी दूर करने का सशक्त साधन है। उन्होंने बताया कि प्रदेश के सभी वर्ग के प्रगतिशील मछुआरों को मछलीपालन की आधुनिक तकनीकी पर प्रशिक्षण दिया जा रहा है। उन्होंने बताया कि वर्तमान में 1840 प्राथमिक मत्स्य सहकारी समितियों के माध्यम से 63 हजार 280 सदस्य मत्स्य पालन कर रहे हैं। संगोष्ठी में मछुआ कल्याण बोर्ड के उपाध्यक्ष डॉ. लखन लाल धीवर, छत्तीसगढ़ पिछड़ा वर्ग आयोग के अध्यक्ष  नेहरू निषाद, मछुआ कल्याण बोर्ड के भूतपूर्व अध्यक्ष  बसंत तारख और  रामकृष्ण धीवर सहित बड़ी संख्या में मत्स्य किसान शामिल थे।

मनरेगा के सहयोग से गांव में तैयार हुआ सुरक्षित और आधुनिक भवन, नौनिहालों को मिला नया अवसर

रायपुर : गांव के नौनिहालों को मिली सुरक्षित और आधुनिक शुरुआत, भवन निर्माण में मनरेगा ने निभाई अहम भूमिका रायपुर छत्तीसगढ़ के कोरिया जिले में आंगनबाड़ी सेवाओं का व्यापक सुदृढ़ीकरण ग्रामीण और वनांचल क्षेत्रों में बच्चों के समग्र विकास का मजबूत आधार बन रहा है। प्रारंभिक शिक्षा, पोषण, स्वास्थ्य सुरक्षा और अनुशासन की नींव रखने वाले आंगनबाड़ी केंद्र अब आधुनिक सुविधाओं से लैस होकर नौनिहालों के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन ला रहे हैं। पिछले एक दशक में महात्मा गांधी नरेगा और महिला एवं बाल विकास विभाग के समन्वित प्रयासों से जिले में 148 नए आंगनबाड़ी भवनों का निर्माण पूरा किया गया है। इस मॉडल ने हजारों बच्चों को गुणवत्तापूर्ण पोषण और शिक्षा गतिविधियों से जोड़कर उनके उज्ज्वल भविष्य की दिशा में ठोस कदम बढ़ाए हैं। वनांचल क्षेत्र सोनहत में 26 और बैकुण्ठपुर क्षेत्र में 122 नए आंगनबाड़ी भवन तैयार किए गए हैं। सोनहत में 133 लाख रुपये और बैकुण्ठपुर में 9 करोड़ 9 लाख रुपये से अधिक की राशि मनरेगा से स्वीकृत की गई। नए मानक के अनुसार प्रति भवन 11.69 लाख रुपये की लागत निर्धारित है, जिसमें 8 लाख रुपये मनरेगा से उपलब्ध कराए जाते हैं। वर्ष 2024 से पूर्व स्वीकृत भवनों की लागत 6.45 लाख रुपये थी, जिसमें 5 लाख रुपये मनरेगा से प्रदान किए जाते थे। विभागीय मांग के आधार पर जनपद पंचायतों द्वारा भेजे गए प्रस्तावों पर कलेक्टर एवं जिला कार्यक्रम समन्वयक (मनरेगा) द्वारा प्रशासकीय स्वीकृति जारी की जाती है। प्रत्येक भवन का निर्माण ग्राम पंचायतों की देखरेख में गुणवत्ता और समयबद्धता के साथ कराया जाता है। कलेक्टर श्रीमती चंदन त्रिपाठी ने हाल ही में सोनहत के लिए 2 नए आंगनबाड़ी भवन और बैकुण्ठपुर के लिए 23 नए भवनों के निर्माण की स्वीकृति दी है। सभी निर्माण कार्यों को प्राथमिकता के साथ तेजी से आगे बढ़ाया जा रहा है। कोरिया जिले में आंगनबाड़ी केंद्रों का यह सुदृढ़ विस्तार बाल विकास के क्षेत्र में एक अनुकरणीय मॉडल के रूप में उभर रहा है, जो ग्रामीण नौनिहालों को बेहतर भविष्य की मजबूत नींव प्रदान कर रहा है।

लखनपुर के लिए खुशखबरी—सर्व समाज मांगलिक भवन का हुआ शुभारंभ

रायपुर : लखनपुर को मिला सर्व समाज मांगलिक भवन का तोहफा रायपुर नगर पंचायत लखनपुर, सरगुजा में समाज के लिए महत्वपूर्ण डॉ. बी.आर. अम्बेडकर सर्व समाज मांगलिक भवन का लोकार्पण पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री  राजेश अग्रवाल के कर-कमलों द्वारा संपन्न हुआ। इस भव्य कार्यक्रम में लुंड्रा विधायक  प्रबोध मिंज, नगर पंचायत अध्यक्ष मती सावित्री साहू सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि और नागरिक उपस्थित रहे। अतिथियों का पुष्पगुच्छ और शॉल ओढ़ाकर सम्मान किया गया। मंत्री  राजेश अग्रवाल ने अपने संबोधन में कहा कि यह मांगलिक भवन समाज की विविधता और एकता का दर्पण है। इससे क्षेत्र की सामाजिक गतिविधियों को नई गति मिलेगी और सर्व समाज को सुविधाएं उपलब्ध होगी। मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय के नेतृत्व में समाज के हर वर्ग के उत्थान के लिए हम लगातार कार्य कर रहे हैं। अब इस भवन के माध्यम से बड़ी-बड़ी मांगलिक एवं सामाजिक गतिविधियां संपन्न होगी, जिससे सामाजिक समरसता और विकास को बल मिलेगा। लुंड्रा विधायक  प्रबोध मिंज ने भवन की आवश्यकता पर बल देते हुए कहा कि यह भवन सर्व समाज की सामाजिक और सांस्कृतिक गतिविधियों के लिए उपयोगी साबित होगा। नगर पंचायत अध्यक्ष मती सावित्री साहू ने सभी अतिथियों और जनता का आभार व्यक्त किया। समारोह में उपस्थित लोगों ने सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं की सराहना की और उम्मीद जताई कि ऐसे प्रयास समाज के विकास को नई दिशा देंगे। भवन लोकार्पण के पश्चात मंत्री  अग्रवाल ने स्थानीय नागरिकों से संवाद किया और विकास योजनाओं की जानकारी दी। क्षेत्रवासियों ने मंत्री  अग्रवाल सहित समस्त जनप्रतिनिधियों का आभार व्यक्त किया।

बस्तर दौरा: आकांक्षी कार्यक्रम की प्रगति पर नोडल अधिकारी शोभित जैन ने की गहन समीक्षा

रायपुर नीति आयोग द्वारा नियुक्त बस्तर जिले के नोडल अधिकारी एवं संयुक्त सचिव  शोभित जैन ने बस्तर आकांक्षी जिला और ब्लॉक कार्यक्रमों की प्रगति की समीक्षा बैठक जिला कार्यालय के आस्था सभाकक्ष में ली। बैठक में  कलेक्टर  हरिस एस ने जिले और ब्लॉक में आकांक्षी कार्यक्रम के अंतर्गत योजनाओं के क्रियान्वयन के संबंध में विस्तृत जानकारी दी और समस्याओं के संबंध में भी अवगत करवाया। संयुक्त सचिव  जैन ने आकांक्षी जिला कार्यक्रम के तहत निर्धारित जिला एवं ब्लॉक स्तरीय चयनित इंडिकेटर्स की वर्तमान स्थिति, क्रियान्वयन और प्रगति पर विस्तृत चर्चा की। उन्होंने शिक्षा, स्वास्थ्य, पोषण, कृषि, आधारभूत संरचना और वित्तीय समावेशन सहित सभी प्रमुख क्षेत्रों के लक्ष्यों की समीक्षा की। उन्होंने संबंधित विभागों के अधिकारियों को निर्देशित किया कि इंडिकेटर्स की प्रगति में तेजी लाते हुए जमीनी स्तर पर योजनाओं का अधिक प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाए। इसके साथ ही डेटा की जानकारी देते समय आंकड़ों का आंकलन और जांच कर भरा जाए। उन्होंने कहा कि आकांक्षी जिला कार्यक्रम का उद्देश्य विकास कार्यों को गति देते हुए नागरिकों तक योजनाओं एवं सेवाओं को पहुंचाना है, इसलिए विभागीय समन्वय और नियमित निगरानी अत्यंत महत्वपूर्ण है। बैठक में ब्लॉक स्तर पर चल रही गतिविधियों, उपलब्धियों, चुनौतियों तथा सुधार की संभावनाओं पर भी विस्तार से चर्चा की गई। अधिकारियों को लक्ष्य आधारित कार्यवाही करने और प्रत्येक इंडिकेटर की प्रगति रिपोर्ट समय पर प्रस्तुत करने निर्देश दिए। इस दौरान अति. मुख्य कार्यपालन अधिकारी  बीरेन्द्र बहादुर, आकांक्षी कार्यक्रम से संबंधित विभागों के अधिकारी, शाखा प्रभारी उपस्थित रहे ।