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3 करोड़ नकदी के साथ दो गिरफ्तार, कार में कैश ले जा रहे थे रायपुर से नागपुर

बालोद बालोद पुलिस ने बड़ी कार्रवाई को अंजाम देते हुए महाराष्ट्र पासिंग हुंडई क्रेटा गाड़ी से तीन करोड़ रुपए कैश बरामद किया है. पुलिस मामले में गाड़ी में सवार दो लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है. जानकारी के अनुसार, बालोद कोतवाली पुलिस ने जांच के दौरान थाना क्षेत्र अंतर्गत पकड़ीभाट गांव के पास महाराष्ट्र पासिंग क्रेटा (MH 04 MA 8035) को रोककर तलाशी ली, जिसमें गाड़ी में करीबन तीन करोड़ रुपए कैश बरामद किया. गाड़ी में सवार दो लोग रकम के संबंध में जानकारी देने में नाकामयाब रहे. मामला संदिग्ध देख पुलिस टीम गाड़ी को कोतवाली थाना लेकर पहुंची. थाने में दोनों गाड़ी सवार को हिरासत में लेकर रकम के संबंध में पूछताछ की जा रही है. प्रथम दृष्टया रकम हवाला का प्रतीत हो रहा है. जिसे रायपुर से एकत्रित कर नागपुर ले जाया जा रहा था.

मध्य प्रदेश में हाईवे लूट का पर्दाफाश, नागा साधु बनकर वारदात करने वाले सात आरोपी पुलिस की गिरफ्त में

उज्जैन  नागा साधु का वेश बनाकर हाईवे पर कार चालकों को रोककर लूटने वाला गिरोह पुलिस के हत्थे चढ़ा है। बदमाशों ने शाजापुर में लाल घाटी, घट्टिया थाना क्षेत्र में जैथल व भैरवगढ़ क्षेत्र में गरोठ हाईवे पर तीन वारदातों को अंजाम दिया है। सूचना मिलने के आधे घंटे के अंदर ही नरवर पुलिस ने आरोपितों को पालखंदा में घेराबंदी कर रोक लिया और उन्हें गिरफ्तार कर लिया। इनके कब्जे से पांच हजार रुपये व सोने की दो अंगूठियां बरामद की गई है। एसपी प्रदीप शर्मा ने बताया कि मंसूर पुत्र बहादुर अली पटेल उम्र 41 वर्ष निवासी ग्राम कालियादेह भैरवगढ़ ने मंगलवार सुबह करीब साढ़े 11 बजे डायल 112 पर सूचना दी कि सात अज्ञात बदमाशों द्वारा साधु के वेश में उसकी कार रोककर मारपीट एवं लूटपाट की गई। पटेल ने बताया कि वह अपनी पत्नी हीना बी व दो बच्चों के साथ अपनी कार क्रमांक एमपी 09 जेडवी से कालियादेह से होते हुए इंदौर जा रहा था। पंवासा ओवरब्रिज पार कर नीमनवासा मोड़ पर पहुंचने पर अचानक छह व्यक्ति जिनमें चार साधु के वेश में थे हाईवे पर कार के सामने आ गए। गाड़ी रोकते ही सभी ने कार को घेर लिया और चारों साधु वेशधारी व्यक्ति धमकाने लगे कि पैसे व जेवर दे दो, नहीं तो भस्म कर देंगे। सभी आरोपितों ने पटेल व उसकी पत्नी के साथ मारपीट करते हुए जबरदस्ती सोने की दो अंगूठियां एवं पांच हजार रुपये लूट लिए थे। इसके बाद कार क्रमांक डीएल 2 सीएएक्स में बैठकर फरार हो गए। भागते समय उन्होंने पटेल को धमकी दी कि किसी को बताया तो जान से खत्म कर देंगे। घटना के बाद पटेल ने पंवासा थाने में केस दर्ज करवाया। नरवर टीआई ने आधे घंटे में किया गिरफ्तार कंट्रोल रूम पर सूचना मिलते ही वायरलैस सेट पर जानकारी दी गई थी। नरवर टीआई बल्लू मंडलोई व टीम देवास रोड पर पालखंदा में वाहनों की चेकिंग कर रहे थे। सूचना मिलते ही घेराबंदी कर कार को घेरकर उसमें सवार सात बदमाशों को तत्काल गिरफ्तार कर लिया। सूचना मिलने पर नागझिरी व पंवासा पुलिस टीम भी मौके पर पहुंच गई थी। यह बदमाश पकड़े गए बदमाशों ने अपने नाम अलीनाथ पुत्र धर्मवीर नाथ उम्र 20 वर्ष निवासी मंगल कॉलोनी देहा बस्ती, करनाल रुरल, हरियाणा, मगन पुत्र दिलीप नाथ उम 19 वर्ष निवासी धर्मपुरा कालोनी, नजफगढ़, दिल्ली, अरुण नाथ पुत्र मीणा नाथ उम्र 25 वर्ष निवासी आरके कॉलोनी मुर्यला, जिला सोनीपत, हरियाणा, राजेश पुत्र ऋषिपाल नाथ उम्र 41 वर्ष निवासी धर्मपुरा एक्स नजफगढ़, साउथ वेस्ट दिल्ली, रूमालनाथ पुत्र फूलनाथ उम्र 60 वर्ष निवासी लाल मंदिर के पास, रंगपुरी पहाड़ी नाला कैंप, थाना बसंतकुंज, दिल्ली, बिरजू नाथ पुत्र मिश्री नाथ, उम्र 45 वर्ष निवासी इन्द्रा विकास कालोनी, थाना मुखर्जी नगर, दिल्ली, राकेश कुमार पुत्र सुरेंद्र सिंह उम्र 45 वर्ष निवासी नंद नगरी, साहिबाबाद बताए हैं। यहां भी की वारदातें आरोपितों ने पूछताछ में बताया कि उन्होंने शाजापुर के लालघाटी, घटिया थाना क्षेत्र के जैथल, देवास में भी करना स्वीकार किया है। सभी बदमाश अपराधिक प्रवृत्ति के है। दो बदमाश बिरजूनाथ व अलीनाथ के खिलाफ थाना मोती नगर दिल्ली व करनाल सदल हरियाणा में केस दर्ज हैं।

शरीर पर चोटों के निशान: कासिम ने खुशबू अहिरवार को धर्म बदलने के लिए पीटा

भोपाल  राजधानी भोपाल में सोमवार को सागर के मंडी बामौरा की मॉडल खुशबू अहिरवार (27) की मौत के मामले में नया खुलासा हुआ है। लिव-इन पार्टनर उज्जैन के कासिम के एक दोस्त की पत्नी से खुशबू का विवाद हुआ था। तब कासिम ने खुशबू से मारपीट की थी। मंगलवार को आई पोस्टमार्टम रिपोर्ट के अनुसार, खुशबू गर्भवती थी। उसकी फैलोपियन ट्यूब (गर्भाशय की थैली) फट गई थी। इससे प्रेग्नेंसी कॉम्पलिकेशन हुआ और ज्यादा खून रिसने से मौत हो गई। डॉक्टरों के पैनल ने पोस्टमार्टम किया है। उसकी वीडियोग्राफी भी कराई है। कॉम्पलिकेशन का पता लगाने के लिए बिसरा और किडनी प्रिजर्व कर जांच के लिए भेजा जा रहा है। इसकी रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई होगी। छोला मंदिर पुलिस करेगी जांच खुशबू और कासिम छोला मंदिर थाना क्षेत्र के भानपुर मल्टी में रह रहे थे। ऐसे में खजूरी पुलिस आगे की जांच के लिए केस डायरी छोला मंदिर को सौंपेगी। पुलिस लवजिहाद, दुष्कर्म और मारपीट का मामला दर्ज कर सकती है। डेढ़ साल से लिव-इन रिलेशनशिप में थे खुशबू की मौत के मामले में उसके बॉयफ्रेंड कासिम को पुलिस ने थाने में बैठा रखा है। उससे पूछताछ की जा रही थी। दोनों डेढ़ साल से लिव-इन रिलेशनशिप में थे। उसके खिलाफ शराब तस्करी का एक केस लटेरी में दर्ज है। कम शातिर नहीं कासिम .विवाद हुआ तो मां के घर चली गई खुशबू: खुशबू व कासिम लिव-इन रिलेशनशिप में थे। वे भानपुर मल्टी में साथ रहते थे। डेढ़ माह पहले दोनों में अनबन हुई, तब से फ्लैट में ताला लगा है। कासिम शराब तस्करी में जेल चला गया था। इसके बाद खुशबू मां के घर मंडी बामोरा चली गई।     खुद को राहुल बताकर मिला, गांठी दोस्ती: जेल से निकलते ही कासिम और खुशबू फिर से साथ रहने लगे। दोनों दो साल पहले एक लाउंज में मिले थे। तब कासिम ने पहचान छिपा खुद को राहुल बताकर दोस्ती गांठी थी। इसके बाद सोशल मीडिया पर दोनों की बात होने लगी। 16 माह पहले दोनों ने प्यार का इजहार किया और लिव इन में रहने लगे। दोस्त की पत्नी से विवाद के बाद कासिम ने खुशबू से बुरी तरह मारपीट की थी पिता का निधन हो चुका है। हम तीन बहनों में खुशबू सबसे छोटी थी। दो माह पहले लटेरी में रहने वाले कासिम के दोस्त की पत्नी से खुशबू का विवाद हुआ था। तब कासिम ने खुशबू से मारपीट की। मुझे दो दिन पहले ही उनके संबंधों के बारे में पता चला। तब उसे समझाया, पर खुशबू नहीं मानी। वह लगातार धर्म परिवर्तन का दबाव बनाता था। कहता था-जब तक धर्म नहीं बदलेगी, शादी नहीं करेंगे। – काजल अहिरवार खुशबू की बड़ी बहन

एग्जिट पोल में एनडीए आगे, बिहार का चुनाव खेल कहां बदल सकता है? एकमात्र सर्वे दिखा महागठबंधन का दबदबा

पटना  बिहार चुनाव को लेकर एग्जिट पोल के अनुमान सामने आ गए हैं. इनमें अब तक अधिकतर एग्जिट पोल के अनुमानों में एनडीए की सरकार बिहार में रिपीट होती दिख रही है. इसी कड़ी में न्यूज़ 18 मेगा एग्जिट पोल के अनुमानों में अब रीजन वाइज डेटा भी सामने आ गया है. इसके अनुसार अलग-अलग क्षेत्र में एनडीए तो कुछ क्षेत्रों में महागठबंधन की बढ़त दिखाई गई है. बता दें कि सबकी नजर शाहाबाद, मगध और भोजपुर इलाके का रिजल्ट जानने की ओर विशेष तौर पर है. वही, सीमांचल, मिथिलांचल और पटना-नालंदा बेल्ट में चुनाव परिणाम कैसे रहेंगे इसके परिणाम भी जानने की उत्सुकता है.  बता दें कि भागलपुर क्षेत्र की 27, भोजपुर क्षेत्र की 46,  सीमांचल क्षेत्र की 37, मगध क्षेत्र की 47, मिथिला क्षेत्र की 37 और तिरहुत क्षेत्र की 49 सीटों के पूर्वानुमान में एनडीए और महागठबंधन की बढ़त अलग-अलग क्षेत्रों में बताई गई है. ऐसे में आइए आपको आपको क्षेत्रवार आंकड़ा बताते हैं. भागलपुर से भोजपुर तक बंटा जनादेश सबसे पहले शुरू करते हैं भागलपुर से जहां एनडीए को 10 से 20 सीटें मिलने का अनुमान है, वहीं महागठबंधन भी यहां पर बराबरी के टक्कर में है और उसे भी 10 से 20 सीटें मिलने का अनुमान है, जबकि अन्य को एक सीट मिल सकती है. इसी प्रकार भोजपुर में एनडीए महागठबंधन के आगे पस्त पड़ता हुआ दिख रहा है और उसे 15 से 25 सीटें मिलने का अनुमान है. जबकि, महागठबंधन यहां बेहतर प्रदर्शन करता हुआ दिख रहा है और 20 से 30 सीटें मिलने का अनुमान है. जनसुरज को यहां एक सीट मिल सकती है तो अन्य को एक सीट पर विजय मिल सकती है. सीमांचल-मगध में महागठबंधन की चुनौती सीमांचल का गुणा गणित थोड़ा सा आपको चौंकाएगा. यहां के एग्जिट पोल के अनुमान में एनडीए को 25 से 35 सीटों पर बढ़त मिल सकती है, जबकि महागठबंधन का ग्राफ यहां पिछली बार की अपेक्षा इस बार नीचे गिरता हुआ दिख रहा है. महागठबंधन को सीमांचल में 5 से 10 सीटें मिलने का अनुमान है, वहीं अन्य पार्टी को 5 से 10 सीटें मिल सकती है. मगध क्षेत्र में अगर देखें तो इस बार एनडीए ने पुनर्वापसी की है, यानी पिछली बार की तुलना में इस बार अधिक सीटों पर विजय प्राप्त करता दिख रहा है और उसे 25 से 35 सीटें मिलने का अनुमान है. जबकि, महागठबंधन 15 से 25 सीटें जीत सकता है. वहीं, जनसुराज इस क्षेत्र में थोड़ा बेहतर करता हुआ दिख रहा है, लेकिन उसे 0 से 5 सीटें आने का अनुमान बताया गया है. तिरहुत और मिथिला में एनडीए मजबूत मिथिला क्षेत्र की 37 सीटों में फिर से एनडीए अच्छा करता दिख रहा है, उसे 25 से 35 सीटें मिलने का अनुमान है, जबकि 5 से 15 सीटें महागठबंधन को मिलने का अनुमान लगाया गया है. वहीं, तिरहुत क्षेत्र का आंकड़ा थोड़ा एनडीए के नेताओं को हैरान करेगा, क्योंकि यहां की 49 सीटों में 15 से 25 सीटों पर एनडीए की बढ़त दिखाई गयी है. वहीं, महागठबंधन के लिए 10 से 20 सीटों पर जीत का अनुमान है, जबकि जन सुराज एक सीट पर विजय प्राप्त करता हुआ दिख रहा है. मुस्लिम बहुल सीटों पर भी एनडीए की बढ़त इन आंकड़ों में एक खास बात और है जो काफी चौका रहा है, वह यह कि मुस्लिम बहुल 53 सीटों में से 30 से 40 पर एनडीए की बढ़त दिखाई दिखाई गयी है, जबकि महागठबंधन 10 से 20 सीटों पर आगे है. वहीं, अन्य के खाते में तीन से आठ सीटें मिलने का अनुमान है. इसके अतिरिक्त एसआईआर से प्रभावित जिन 106 सीटों की बात कही जा रही थी, वहां भी 60 से 70 सीटों पर एनडीए की जीत बताई गई है. महागठबंधन को इन क्षेत्रों में 30 से 40 सीटों पर बढ़त का अनुमान है, जबकि तीन से आठ सीटें अन्य के खाते में जाती हुई दिख रही हैं. डबल इंजन का दम,  तेजस्वी का जादू भी बरकरार बिहार के राजनीतिक जानकार मानते हैं कि न्यूज 18 मेगा एग्जिट पोल के आंकड़े एक महत्वपूर्ण संकेत दे रहे हैं कि बिहार की राजनीति में ‘एकतरफा लहर’ नहीं, बल्कि ‘क्षेत्रीय संतुलन’ को साधने की राजनीति का दौर है. एनडीए राज्यव्यापी रूप से बढ़त में जरूर दिख रहा है, लेकिन कई जिलों में महागठबंधन ने अपना असर कायम रखा है. अब सबकी निगाहें 14 नवंबर की मतगणना पर टिकी हैं, जब यह साफ होगा कि यह अनुमान जमीनी सच्चाई से कितना मेल खाते हैं. अभी के लिए इतना तय है कि बिहार की राजनीति में मुकाबला दिलचस्प और निर्णायक मोड़ पर है. एकमात्र सर्वे जो बिहार में बना रहा महागठबंधन सरकार बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के नतीजों से पहले अनेकों एजेंसियों े एग्जिट पोल बीच एक आंकड़ा सबसे अलग है. अब तक आए 10 प्रमुख सर्वे एजेंसियों के बीच ‘जर्नो मिरर’ एकमात्र ऐसा पोल है जिसने बिहार में महागठबंधन की सरकार बनती हुई दिखाई है. जबकि लगभग सभी अन्य एग्जिट पोल्स में एनडीए को स्पष्ट बहुमत या बढ़त दिखाई जा रही है. ‘जर्नो मिरर’ के मुताबिक, महागठबंधन को 130 से 140 सीटें, एनडीए को 100 से 110 सीटें, AIMIM को 3 से 4 सीटें और अन्य को 0 से 3 सीटें मिलने का अनुमान है. यानी सर्वे के अनुसार आरजेडी-कांग्रेस-लेफ्ट गठबंधन बहुमत के आंकड़े (122) को आराम से पार करता दिख रहा है. ‘जर्नो मिरर’ का दावा है कि यह सर्वे 38 जिलों के 150 विधानसभा क्षेत्रों में 15 हजार से अधिक मतदाताओं की राय के आधार पर तैयार किया गया है. इसमें ग्रामीण और शहरी इलाकों दोनों की नब्ज को शामिल किया गया है. सर्वे टीम से मिली जानकारी के अनुसार ‘जर्नो मिरर’ के दावे में बताया गया है कि महागठबंधन को बेरोजगारी, शिक्षा, स्वास्थ्य और महंगाई जैसे मुद्दों पर जनता का समर्थन मिला है, जबकि एनडीए को सत्ता विरोधी लहर का कुछ असर झेलना पड़ा है. इसके उलट, टीवी चैनलों और प्रमुख सर्वे एजेंसियों में एनडीए को 133 से 167 सीटें तक दी गई हैं. यानी इन पोल्स में मोदी-नीतीश की जोड़ी एक बार फिर सत्ता में लौटती दिख रही है. महागठबंधन को युवाओं का साथ ‘जर्नो मिरर’ सर्वे बताता है कि ग्रामीण इलाकों में युवाओं और मुस्लिम यादव … Read more

देवी सुभद्रा योजना: आज लाड़ली बहनों के खाते में आएंगे 1500-1500 रुपए, CM सिवनी में करेंगे हस्तांतरण

भोपाल  मध्य प्रदेश की महिलाओं को आज 12 नवंबर को बड़ी सौगात मिलने जा रही है। लंबे समय से मुख्यमंत्री लाडली बहना योजना का पैसा बढ़ने का इंतजार कर रहीं राज्य की 1.26 करोड़ महिलाओं को सीएम डॉक्टर मोहन यादव बड़ा तोहफा देने जा रहे हैं। लाडली बहना योजना की 30वीं किस्त के रूप में महिलाओं के खाते में 1250 के बजाय 1500 रुपये महीने आएंगे। अब हर माह लाड़ली बहनों के खाते में 1250 की जगह 15 सौ रुपए री राशि ही डाली जाएगी। 1 करोड़ 26 लाख 36 हजार महिलाओं के खाते में 1587 करोड़ रुपए एक साथ ट्रांसफर किए जाएंगे। इसके साथ ही मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना का नाम 'देवी सुभद्रा योजना' किए जाने का ऐलान भी कर सकते हैं। मुख्यमंत्री ने सीएम हाउस में हुए भाई दूज कार्यक्रम के दो दिन पहले इसके संकेत दिए थे। अपने संबोधन के दौरान लाड़ली बहना योजना को सुभद्रा योजना कहा था, बाद में उसमें सुधार किया था। हालांकि महिला और बाल विकास विभाग की आयुक्त निधि निवेदिता ने योजना का नाम बदलने की जानकारी से इनकार किया। मुख्यमंत्री डॉक्टर मोहन यादव आज 12 नवंबर को सिवनी जिले से लाडली बहना योजना की 30वीं किस्त जारी करेंगे। इस महीने से महिलाओं को 250 रुपये ज्यादा यानी 1500 रुपये हर महीने मिलेंगे। साल 2023 में योजना की शुरुआत के बाद लंबे समय से लाडली बहना योजना का पैसा बढ़ाने की बात की जा रही थी। यहां तक कि कई बार विपक्ष इसे लेकर सरकार पर हमला भी बोल चुका था। अब मध्य प्रदेश मंत्रिमंडल से योजना का पैसा 1500 रुपये के प्रस्ताव को मंजूरी मिल चुकी है। लाडली बहना योजना की 30वीं किस्त से जुड़ी हर अपडेट के लिए जुड़े रहें हमारे साथ..     बिना eKYC नहीं मिलेगा लाडली बहना योजना का लाभ, ऐसे करें तुरंत     लाडली बहना योजना की 30वीं किस्त बस कुछ ही देर में खाते में आने वाली है। सीएम मोहन यादव सिवनी से आज 1500 रुपये की राशि खातों में ट्रांसफर करेंगे। अगर आपने ई-केवाईसी नहीं कराई है तो समग्र पोर्टल या लाडली बहना योजना के पोर्टल पर जाकर तुंरत इस काम को कर लें। पोर्टल पर आपको ई-केवाईसी का विकल्प दिखेगा। यहां क्लिक कर आप इस प्रक्रिया को पूरा कर लें।     लाडली बहना योजना: आज से मिलेंगे 1500 रुपये, जानें अब कब बढ़ेंगे पैसे     लाडली बहना योजना की 30वीं किस्त के रूप में आज महिलाओं के खाते में 1500-1500 रुपये आने वाले हैं। अगर आप ये जानना चाहते हैं कि अगली बार पैसा कब बढ़ेगा तो बता दें कि अगले वित्त वर्ष में इसमें 500 रुपये की बढ़ोतरी हो सकती है। सरकार की योजना 2028 तक इस राशि को 3000 रुपये करना है। महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण पर फोकस योजना के जरिए महिलाओं को स्वरोजगार से जोड़ने और उनके आर्थिक सशक्तिकरण पर फोकस है। महिलाओं को गांव और शहर में स्वरोजगार चलाने के लिए अलग-अलग विभागों की योजनाओं से जोड़ने का काम किया जाएगा। सरकार अब तक इस योजना में 29 किस्तों में 44 हजार 900 करोड़ रुपए से अधिक की राशि ट्रांसफर कर चुकी है। इस योजना की शुरुआत पूर्व सीएम शिवराज सिंह चौहान के कार्यकाल में जून 2023 में की गई थी। सीएम श्रीकृष्ण-सुभद्रा का कई बार कर चुके हैं जिक्र दिवाली के बाद भाईदूज पर आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा था कि भगवान श्रीकृष्ण और सुभद्रा का रिश्ता भाई-बहन के प्रेम और संरक्षण की सबसे सुंदर मिसाल है। जिस तरह श्रीकृष्ण ने हर परिस्थिति में बहन सुभद्रा की सुरक्षा और सम्मान का ध्यान रखा, उसी भावना से हमारी सरकार भी प्रदेश की हर लाड़ली बहन के सुख, सुरक्षा और आत्मनिर्भरता की साथी है। श्रीकृष्ण और सुभद्रा का संबंध इस बात की याद दिलाता है कि भाई का स्नेह केवल वचन निभाना ही नहीं, कर्म से निभाई जाने वाली जिम्मेदारी भी है। इस दौरान मुख्यमंत्री ने लाड़ली बहना योजना को संबोधन में सुभद्रा योजना कहा था, जिसे बाद में सुधार लिया। बताया जा रहा है कि इस योजना का नाम लाड़ली बहना की बजाय देवी सुभद्रा योजना करने को लेकर कई महीने तक मंथन किया गया। इसमें पूर्व सीएम शिवराज सिंह चौहान से भी चर्चा हुई है। हालांकि अभी तक आधिकारिक तौर पर किसी ने योजना का नाम बदलने की बात नहीं कही है।       लाडली बहनों को कब-कब मिले अलग से 250 रुपये     रक्षा बंधन पर अगस्त 2023, अगस्त 2024 और अगस्त 2025 में लाभार्थी महिलाओं को 250 रुपये की विशेष सहायता राशि तीन बार प्रदान की गई। इस प्रकार योजना के आरंभ से अब तक 44,917.92 करोड़ रुपये की राशि का सीधा ट्रांसफर लाभार्थी महिलाओं के खातों में किया जा चुका है।     किस जिले में कितने लाभार्थी     ज‍िला                    लाभार्थी     जबलपुर            3 लाख 81 हजार 848     बालाघाट            3 लाख 47 हजार 816     उज्जैन               3 लाख 40 हजार 203     मुरैना                3 लाख 33 हजार 821     छतरपुर               3 लाख 24 हजार 454     खरगोन             3 लाख 13 हजार 741     भोपाल                3 लाख 9 हजार 20     ग्वालियर             3 लाख 5 हजार 969     राजगढ़          2 लाख 95 हजार 459     शिवपुरी        2 लाख 87 हजार 943     देवास         2 लाख 85 हजार 496     विदिशा           2 लाख 74 हजार 946     भिंड           2 लाख 72 हजार 343     बेतुल             2 लाख 71 हजार 474     लाडली बहना योजना की लिस्ट में नाम कैसे चेक करें     आज लाडली बहना योजना की 30वीं किस्त जारी होने वाली है। आज खाते में 1250 के बजाय 1500 रुपये … Read more

नए मास्टर प्लान के तहत जिंसी चौराहे की सड़क चौड़ी, होलकर काल के घर-दुकान का संकट

इंदौर  शहर के मध्य क्षेत्र में स्थित जिंसी चौराहे के आसपास की सड़कों का नए मास्टर प्लान के मुताबिक चौड़ीकरण होना है। यहां की सड़कें 79 फीट चौड़ी की जाएंगी। जिंसी चौराहे से रानी लक्ष्मीबाई प्रतिमा और नेमीनाथ चौराहे से जिंसी चौराहे तक सड़क चौड़ीकरण प्रस्तावित है। हाल ही में नगर निगम ने लोगों को मकान खुद हटाने के नोटिस दिए हैं और अब लगातार विरोध बढ़ रहा है। रहवासी दोनों ही सड़कों के चौड़ीकरण का लगातार विरोध कर रहे हैं। उनका कहना है कि सड़क की चौड़ाई में हमारे मकान और दुकानें लगभग समाप्त हो जाएंगे। नेताओं और अधिकारियों को इस पर विचार करना चाहिए। इससे हजारों लोगों का रोजगार खत्म हो जाएगा और पूरे क्षेत्र की संस्कृति का नुकसान होगा।  लंबे समय से चल रहा विरोध प्रदर्शन वरिष्ठ कांग्रेस नेता कृपाशंकर शुक्ला का घर भी इसी क्षेत्र में है। उन्होंने कहा कि सड़क चौड़ीकरण व्यावहारिक होना चाहिए। लगभग 80 फीट सड़क चौड़ी की जा रही है। इसमें तो पूरा क्षेत्र ही बर्बाद हो जाएगा। यह कारोबार का मुख्य क्षेत्र है। पूरा बाजार ही समाप्त हो जाएगा। हमने महापौर पुष्यमित्र भार्गव और मंत्री कैलाश विजयवर्गीय से मुलाकात की है, हमें उम्मीद है कि इसे सोच समझकर ही अमल में लाया जाएगा। गौरतलब है कि यह क्षेत्र मंत्री कैलाश विजयवर्गीय के विधानसभा क्षेत्र में आता है।  200 साल पुराने मकान बाजार, नक्शे भी पास इस क्षेत्र में अधिकतर मकान 100 से 200 साल पुराने हैं। सभी ने होलकरों के समय यहां की जमीनों के सौदे किए थे और बाद में नगर निगम के अस्तित्व में आने पर नक्शे पास करवाए। इसके बाद मास्टर प्लान आया और उसमें इस क्षेत्र की सड़कों के चौड़ीकरण की बात तय की गई। रहवासियों का कहना है कि हमारे घर और दुकान का एक इंच भी अवैध नहीं है। बिना मुआवजा दिए इस तरह से तोड़फोड़ करना और हमारे रोजगार खत्म करना बिल्कुल गलत है। हम इस निर्णय के खिलाफ आंदोलन करते रहेंगे।  60 फीट के लिए रहवासी राजी क्षेत्र में रहने वाले अधिकतर रहवासी सड़कों को 60 फीट तक चौड़ी करने के लिए राजी हैं। दुकानदारों का भी कहना है कि इससे हमारी दुकानों का कुछ हिस्सा बच जाएगा और हमें व्यापार करने के लिए जगह मिल जाएगी। यदि पूरी दुकानें ही खत्म हो गई तो हम क्या करेंगे। हमारे पूरे परिवार इन दुकानों की आय पर ही जीवित हैं।  ट्रैफिक का दबाव बहुत अधिक यह शहर के मध्य क्षेत्र में आता है इसलिए ट्रैफिक का दबाव यहां पर सबसे अधिक है। जाम की समस्या से निपटने के लिए यहां पर ट्रैफिक पुलिस के द्वारा कई बार विशेष टीमें भी लगाई जाती हैं। शाम को 6 बजे बाद बिना ट्रैफिक जाम में फंसे यहां से गाड़ी निकालना लगभग असंभव सा रहता है। नगर निगम और प्रशासन को उम्मीद है कि सड़कों के चौड़ीकरण के बाद में यहां ट्रैफिक जाम की समस्या से निजात मिल जाएगी।  1835 में घर खरीदा था, आजादी के बाद निगम से नक्शा पास करवाया रहवासी गोविंद शर्मा ने बताया कि उन्होंने 1835 में होलकर शासन में यह घर खरीदा था। उस समय होलकरों के नियमों के मुताबिक रजिस्ट्री करवाई गई थी। बाद में देश आजाद हुआ और नगर निगम बना। हमने पूरे घर का नक्शा पास करवाया। अब सड़क चौड़ीकरण में हमारी पूरी दुकानें टूट रही हैं। पहले यह सड़क 40 फीट चौड़ी होना थी, बाद में इसे 60 फीट करने का कहा गया और अब 80 फीट चौड़ीकरण का प्रस्ताव आया है। इस तरह तो हमारे व्यापार पूरी तरह खत्म हो जाएंगे।  महापौर ने माइक्रो सर्वे करवाने का कहा हमने महापौर पुष्यमित्र भार्गव से अपनी बात रखी है। उन्होंने क्षेत्र में माइक्रो सर्वे करवाने के लिए कहा है। उन्होंने कहा है कि उसके बाद ही यहां पर काम शुरू होगा। रहवासियों की पूरी मदद की जाएगी।  – शंकर नागवानी, रहवासी आंदोलन जारी रहेगा क्षेत्र के लगभग सभी नेता हमारे साथ आंदोलन में खड़े हैं। हमें जब तक न्याय नहीं मिलेगा हम आंदोलन करते रहेंगे। यह सब हमारी पुश्तैनी संपत्तियां हैं। हम किसी कीमत पर इन्हें बर्बाद नहीं होने देंगे।  – संजय खानविलकर, रहवासी रहवासियों से बातचीत जारी हम रहवासियों की परेशानी में उनके साथ खड़े हैं। उनकी बात हमने महापौर और अधिकारियों तक पहुंचाई है। रहवासियों से लगातार संवाद हो रहा है। जल्द बीच का कोई रास्ता जरूर निकलेगा। – भावना मिश्रा, पार्षद 

महू का जवाद और दिल्ली धमाका: लोगों को दोगुना मुनाफा देने का लालच देकर चलाया गया निजी बैंक

 महू  दिल्ली को दहलाने वाले बम विस्फोट को अंजाम देने वाले आंतकी जिस अल फलाह यूनिवर्सिटी से जुड़े है। उसका ट्रस्ट महू निवासी जवाद अहमद सिद्दकी ने स्थापित किया था। महू में उसके परिवार पर गड़बड़ करने का आरोप लगा था। निेवेश कंपनी के नाम पर परिवार के लोगों ने महू में कई लोगों के साथ ठगी की थी। फिर रातों रात महू से परिवार गायब हो गया था। महू पुलिस अब जवाद के महू निवासी रिश्तेदारों व पुराने संपर्कों की जानकारी जुटा रही है। महू से भागने के बाद रखी थी काॅलेज की नींव जवाद ने सबसे पहले इंजीनियरिंग काॅलेज खोला था। बाद में उसने यूनिवर्सिटी की नींव रखी थी। जवाद ही यूनिवर्सिटी का कुलाधिपति है और ट्रस्ट का अध्यक्ष भी वहीं है। आंतकी मुजम्मिल,  मोहम्मद नबी भी इस यूनिवर्सिटी से जुड़े थे। जांच एजेंसियों की इस यूनिवर्सिटी से जुड़ी गतिविधियों पर भी नजर है। महू में चलता था निजी बैंक, केस भी दर्ज जवाद का परिवार लोगों को दोगुना मुनाफा देने का लालच देकर निजी बैंक चलाने लगा था। महू में वर्ष 2001 में अल फलाह इन्वेस्टमेंट कंपनी खोली थी। जब तय दावे के अनुसार पैसा नहीं लौटाया तो महू के पीडि़तों ने निवेश का पैसा लौटाने के दबाव बनाया। इसके बाद जवाद का परिवार महू से चले गया और काॅलेज की नींव रखी। तब जवाद के भाई हमूद पर महू में केस भी दर्ज हुआ था। एडिशनल एसपी रूपेश द्विवेदी ने बताया कि जवाद का परिवार महू के कायस्थ मोहल्ले में रहता था। उसके पिता मोहम्मद हामिद महू के शहरकाजी भी रह चुके है।  

राज्य में मरीजों की सुरक्षा सर्वोपरि: CGMSC ने तीन दवाओं को तीन वर्ष के लिए किया ब्लैकलिस्ट

रायपुर, छत्तीसगढ़ मेडिकल सर्विसेज कॉरपोरेशन लिमिटेड (CGMSC) ने दवाओं की गुणवत्ता में कमी पर सख्त रुख अपनाते हुए तीन दवाओं को अमानक पाए जाने के बाद आगामी तीन वर्षों के लिए ब्लैकलिस्ट कर दिया है। यह कार्रवाई कॉरपोरेशन की “शून्य सहनशीलता नीति (Zero Tolerance Policy)” के तहत की गई है। कॉरपोरेशन के अनुसार, संबंधित आपूर्तिकर्ता अब ब्लैकलिस्टिंग अवधि समाप्त होने तक किसी भी नई निविदा में भाग लेने के लिए अयोग्य रहेंगे। ये दवाएं पाई गईं अमानक मेसर्स एजी पैरेंटेरल्स, विलेज गुग्गरवाला, बद्दी (हिमाचल प्रदेश) द्वारा आपूर्ति की गई — कैल्शियम (एलिमेंटल) विद विटामिन D3 टैबलेट्स, ऑर्निडाजोल टैबलेट्स ये सभी NABL मान्यता प्राप्त एवं सरकारी परीक्षण प्रयोगशालाओं में “अमानक (Not of Standard Quality – NSQ)” पाए गए। इसी तरह, मेसर्स डिवाइन लेबोरेट्रीज प्रा. लि., वडोदरा (गुजरात) द्वारा आपूर्ति की गई हेपारिन सोडियम 1000 IU/ml इंजेक्शन IP  भी NABL मान्यता प्राप्त प्रयोगशालाओं एवं सेंट्रल ड्रग्स लेबोरेट्री (CDL), कोलकाता में परीक्षण के दौरान अमानक पाए गए। इन तीनों उत्पादों को निविदा शर्तों के अनुरूप तत्काल प्रभाव से तीन वर्षों की अवधि तक ब्लैकलिस्ट किया गया है। गुणवत्ता पर समझौता नहीं CGMSC ने कहा है कि उसकी गुणवत्ता आश्वासन एवं नियंत्रण नीति के अंतर्गत निरंतर मॉनिटरिंग, बैच-वार परीक्षण, पुनः परीक्षण और गुणवत्ता विचलन पर तत्काल कार्रवाई को प्राथमिकता दी जाती है। कॉरपोरेशन द्वारा सभी कार्रवाई CDSCO, ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक्स एक्ट 1940 एवं नियम 1945 के प्रावधानों के अनुसार की जाती है ताकि केवल गुणवत्तायुक्त दवाएं ही मरीजों तक पहुँचें। स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल ने कहा है कि मरीजों की सुरक्षा सर्वोपरि है और इस पर किसी भी स्तर पर कोई समझौता स्वीकार्य नहीं है। उन्होंने कहा कि भविष्य में भी दवा गुणवत्ता से जुड़ी किसी भी चूक पर कार्रवाई जारी रहेगी।

अगहन कृष्ण अष्टमी पर उज्जैन के अष्ट भैरव मंदिरों में मनाया जाएगा कालभैरव जन्मोत्सव

 उज्जैन  अगहन कृष्ण अष्टमी पर आज भगवान भैरव का जन्मोत्सव मनाया जा रहा है। सुबह से भक्त उज्जैन के अलग-अलग भैरव मंदिरों में दर्शन के लिए पहुंच रहे हैं। कालभैरव, आताल पाताल भैरव मंदिर में मध्यरात्रि 12 बजे भगवान का जन्मोत्सव मनेगा। नगर के अष्ट महाभैरव मंदिर में उत्सवी छटा बिखर रही है। गुरुवार को कालभैरव व आताल पाताल भैरव की सवारी निकलेगी। कालभैरव मंदिर के पुजारी पं.ओमप्रकाश चतुर्वेदी ने बताया अगहन कृष्ण अष्टमी पर भगवान कालभैरव के प्राकट्य की मान्यता है। इसलिए मध्य रात्रि में भगवान का जन्मोत्सव मनाया जाता है। बुधवार को सुबह से शाम तक भक्तों को भगवान के दर्शन होंगे। रात 9.30 बजे मंदिर के पट बंद होंगे। इसके बाद भगवान का अभिषेक पूजन व राजसी शृंगार होगा। रात 12 बजे मंदिर के पट खुलेंगे। इसके बाद भगवान का पूजन व महाआरती होगी। रात 1.30 बजे तक जन्म दर्शन तथा भंडारे का आयोजन होगा। भक्त भगवान कालभैरव के दर्शन व महाप्रसादी ग्रहण कर सकेंगे। 13 नवंबर को शाम 4 बजे राजसी वैभव के साथ भगवान कालभैरव की सवारी निकलेगी। भगवान के जन्मोत्सव पर मंदिर में आकर्षक विद्युत व पुष्प सज्जा की गई है। आताल-पाताल भैरव में आज से तीन दिवसीय उत्सव सिंहपुरी स्थित श्री आताल पाताल भैरव मंदिर में बुधवार से तीन दिवसीय भैरव जन्म महोत्सव का शुभारंभ हो गया है। पं.आदर्श जोशी व पं.रूपम जोशी ने बताया बुधवार सुबह महाभैरव का अभिषेक पूजन हुआ। दिन में विशेष शृंगार किया जाएगा। मध्य रात्रि 12 बजे महाआरती तथा प्रसाद वितरण होगा। जन्म के अगले दिन गुरुवार को आताल पाताल भैरव नगर भ्रमण पर निकलेंगे। शाम 6 बजे बैंड व ढोल ढमाकों के साथ सवारी निकाली जाएगी। शुक्रवार शाम 7 बजे बटुक व कन्या भोज का आयोजन होगा। तीन दिवसीय उत्सव में भक्त दर्शन को उमड़ेंगे। विक्रांत भैरव में दिनभर आयोजन ओखरेश्वर श्मशान स्थित श्री विक्रांत भैरव मंदिर में महाअष्टमी पर सुबह 9 बजे प्रात: कालीन हवन आरती हुई। इसके बाद रूद्राभिषेक व सुंदरकांड हो रहा है। दोपहर 12 बजे चोला शृंगार किया जाएगा। दोपहर 2 बजे हवन तथा दोपहर 3 बजे छप्पन भोग अर्पण उपरांत महाआरती की जाएगी। रात 9 बजे भजन, रात 10 बजे हवन तथा रात 11 बजे महाआरती की जाएगी। गुरुवार सुबह 8 बजे सुप्रभात आरती के साथ जन्मोत्सव का समापन होगा। कालभैरव में दो दिन अनवरत भंडारा भैरव अष्टमी पर कालभैरव मंदिर में 12 व 13 नवंबर को दो दिवसीय विशाल भंडारा हो रहा है। राज्यसभा सदस्य संतश्री उमेशनाथ महाराज के सानिध्य में उनके शिष्य भीकमसिंह व सरितासिंह द्वारा भंडारे का आयोजन किया जा रहा है। भक्त दो दिन तक महाप्रसादी ग्रहण कर धर्मलाभ ले सकते हैं। यह आयोजन का 17वां वर्ष है।

मलेरिया उन्मूलन कार्यक्रम ने मध्य प्रदेश को भारत के 2030 तक मलेरिया-मुक्त होने के लक्ष्य के करीब ला दिया है

मध्य प्रदेश सरकार और गोदरेज कंज्यूमर प्रोडक्ट्स ने मलेरिया उन्मूलन कार्यक्रम ‘EMBED’ की 10 वर्षों की सफलता का जश्न मनाया -मलेरिया उन्मूलन कार्यक्रम ने मध्य प्रदेश को भारत के 2030 तक मलेरिया-मुक्त होने के लक्ष्य के करीब ला दिया है -इस कार्यक्रम ने 2015-2025 के बीच मलेरिया के मामलों में 97% की कमी लाई है, जिससे राज्य पहली बार लो-ट्रांसमिशन जोन में आ गया है – मच्छर जनित रोगों के उन्मूलन के बारे में जागरूकता फैलाने के लिए कला और साहित्य का उपयोग करने वाले युवा छात्रों को सम्मानित किया गया – नए डिजिटल प्लेटफॉर्म लॉन्च किए गए – सप्लाई चेन ऐप और कम्युनिटी हेल्थ वालंटियर ऐप, ताकि रियल-टाइम निगरानी को मजबूत किया जा सके और मलेरिया की दवाओं और टेस्ट किट तक निर्बाध पहुंच सुनिश्चित की जा सके।   भोपाल भारत ने 2030 तक मलेरिया उन्मूलन का लक्ष्य रखा है, और मध्य प्रदेश इस दिशा में EMBED (एलिमिनेशन ऑफ मॉस्किटो बोर्न इंडिमिक डिजीजेज) के साथ नेतृत्व कर रहा है। यह एक सार्वजनिक-निजी पहल है, जिसे राज्य सरकार द्वारा गोदरेज कंज्यूमर प्रोडक्ट्स लिमिटेड (जीसीपीएल) और फैमिली हेल्थ इंडिया (एफएचआई) के सहयोग से 2015 में शुरू किया गया था। पिछले वर्षों में, इस कार्यक्रम ने राज्य को राष्ट्रीय मलेरिया उन्मूलन फ्रेमवर्क में उच्च मलेरिया संचरण (श्रेणी 3) से कम संचरण (श्रेणी 1) की ओर बढ़ने में मदद की है। अब तक 3,047 से अधिक गांव और बस्तियां मलेरिया मुक्त हो चुकी हैं। इस उपलब्धि के उपलक्ष्य में आयोजित कार्यक्रम में, डॉ. हिमांशु जायसवार, उप संचालक स्वास्थ्य सेवाएँ, मध्य प्रदेश; सुधीर सितापती, एमडी और सीईओ, गोदरेज कंज्यूमर प्रोडक्ट्स लिमिटेड; और पकज़न दस्तूर, हेड, सस्टेनेबिलिटी एंड सीएसआर, गोदरेज इंडस्ट्रीज ग्रुप, सहित अन्य गणमान्य व्यक्तियों और सभी अग्रिम पंक्ति के योगदानकर्ताओं की उपस्थिति थी। कार्यक्रम में फैमिली हेल्थ इंडिया से जुड़े एनजीओ, शिक्षकों और आशा कार्यकर्ताओं को सम्मानित किया गया, जिन्होंने दूरस्थ जंगलों और गांवों तक पहुंचकर परिवारों को रोग मुक्त जीवन जीने के लिए जागरूक किया। EMBED कार्यक्रम के दस वर्षों की उपलब्धियों को आगे बढ़ाते हुए, मध्य प्रदेश के स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग ने गोदरेज कंज्यूमर प्रोडक्ट्स के सहयोग से एक तकनीक आधारित नई पहल शुरू की है। इस पहल के अंतर्गत दो अत्याधुनिक डिजिटल प्लेटफॉर्म लॉन्च किए गए हैं- कम्युनिटी हेल्थ वॉलंटियर ऐप और सप्लाई चेन ऐप, जिनका उद्देश्य मलेरिया उन्मूलन की प्रक्रिया को तेज़, सटीक और अधिक प्रभावी बनाना है। कम्युनिटी हेल्थ वॉलंटियर ऐप स्थानीय स्वास्थ्यकर्मियों और स्वयंसेवकों को लार्वा व बुखार के सर्वेक्षण को डिजिटल रूप से करने में सक्षम बनाता है। यह ऐप रीयल-टाइम डेटा कैप्चर, डैशबोर्ड, जियो-ट्रैकिंग और ऑटोमैटेड रिमाइंडर जैसी उन्नत सुविधाओं से लैस है, जो हिंदी और अंग्रेज़ी दोनों भाषाओं में उपलब्ध हैं।वहीं, सप्लाई चेन ऐप दवाओं और डायग्नोस्टिक किट्स के वितरण की पूरी प्रक्रिया को पूर्णतः डिजिटल बना देता है। पहले जो मैनुअल प्रणाली देरी और डेटा की कमी से प्रभावित होती थी, अब उसकी जगह रीयल-टाइम डैशबोर्ड, जियो-ट्रैकिंग और ऑटोमेटेड अलर्ट्स ने ले ली है। इससे अधिकारी अब इन्वेंटरी की निगरानी, डिस्ट्रीब्यूशन ट्रैकिंग के साथ ही गांव, ब्लॉक और ज़िला स्तर पर कमी की त्वरित पूर्ति कर सकते हैं, जिससे मलेरिया रोकथाम के सभी आवश्यक साधन समय पर और सुचारू रूप से उपलब्ध हो सकें। एक महीने तक चली 'स्मॉल बाइट, बिग फाइट' प्रतियोगिता के विजेताओं को सम्मानित करने के लिए एक अभिनंदन समारोह भी आयोजित किया गया, जिसने छात्रों को चित्रकला, निबंध और कविताओं के माध्यम से मच्छर जनित बीमारियों के खिलाफ साधारण निवारक कार्यों के बारे में जागरूकता बढ़ाने के लिए प्रोत्साहित किया। EMBED कार्यक्रम के प्रभाव पर टिप्पणी करते हुए, मध्य प्रदेश के माननीय मुख्यमंत्री, श्री राजेंद्र शुक्ला ने कहा, "भारत के राष्ट्रीय मलेरिया उन्मूलन कार्यक्रम के तहत, हमारा लक्ष्य 2030 तक देश को मलेरिया-मुक्त बनाना है। मैं इस महत्वपूर्ण मिशन में सहयोग करने के लिए गोदरेज कंज्यूमर प्रोडक्ट्स द्वारा किए गए कार्य की सराहना करता हूं। मुझे यह बताते हुए खुशी हो रही है कि मध्य प्रदेश ने पिछले दस वर्षों में मलेरिया के मामलों में 97% की कमी हासिल की है। यह सफलता हमारे स्वास्थ्य विभाग, गोदरेज कंज्यूमर प्रोडक्ट्स और फैमिली हेल्थ ऑर्गनाइजेशन के बीच मजबूत साझेदारी के माध्यम से मिली है।" इस यात्रा पर विचार करते हुए, सुधीर सितापती, एमडी और सीईओ, गोदरेज कंज्यूमर प्रोडक्ट्स लिमिटेड (जीसीपीएल) ने कहा, "मलेरिया में 97% की कमी का मतलब है कि मध्य प्रदेश में हर दूसरा बच्चा, जो कभी जोखिम में था, अब सुरक्षित है, यह राज्य सरकार के कार्यक्रम की बदौलत है। पिछले 10 वर्षों में, हमारे सीएसआर प्रयासों ने दृश्यमान बदलाव लाया है, और मैं आशा कार्यकर्ताओं, स्वास्थ्य सेवा से लेकर स्थानीय स्वयंसेवकों तक पूरे पारिस्थितिकी तंत्र को बधाई देता हूं, जिन्होंने इसे संभव बनाया।" 2015 में, मध्य प्रदेश में मलेरिया के 100,000 मामले थे, जिसमें मंडला और डिंडोरी जैसे आदिवासी जिले सबसे अधिक प्रभावित थे, इससे न केवल स्वास्थ्य बल्कि शिक्षा और आय पर भी असर पड़ा। इसके जवाब में, राज्य सरकार ने गोदरेज कंज्यूमर प्रोडक्ट्स, फैमिली हेल्थ इंडिया और स्वास्थ्य विभाग के साथ साझेदारी में EMBED प्रोग्राम लॉन्च किया, जिसमें नए साझेदारी मॉडल की आवश्यकता को पहचाना गया। पिछले 10 वर्षों में, इस कार्यक्रम ने 1 लाख ग्राम चौपाल सत्रों, स्कूल कार्यक्रमों, युवा-नेतृत्व वाले अभियानों, और साप्ताहिक अभियानों के माध्यम से समुदायों को सशक्त बनाया। उन्होंने स्थानीय स्वयंसेवकों को प्रशिक्षित किया, डिजिटल उपकरण पेश किए, मच्छर निरोधकों की उपलब्धता के लिए किराना स्टोर तक पहुँच और स्थानीय अभियान चलाए, जिससे स्वास्थ्य प्रणालियों को मजबूत किया गया और रोकथाम, परीक्षण और उपचार में सुधार हुआ। दशकों के निरंतर प्रयासों के बाद, इस कार्यक्रम के परिणामस्वरूप मध्य प्रदेश में 11 मिलियन से अधिक लोगों तक पहुंचने की परिवर्तनकारी सफलता मिली है। इस कार्यक्रम को मध्य प्रदेश में 4,597 स्वयंसेवकों के साथ-साथ अन्य राज्यों में 5,857 लोगों द्वारा समर्थित किया गया है। इसकी सफलता को देखते हुए, कार्यक्रम के मॉडल का उत्तर प्रदेश और महाराष्ट्र में विस्तार किया गया है, जिससे 3 मिलियन से अधिक घरों और 28 मिलियन लोगों के जीवन में बदलाव आया है। डॉ. हिमांशु जायसवार, उप संचालक स्वास्थ्य सेवाएँ, मध्य प्रदेश, ने टिप्पणी की, "जीसीपीएल द्वारा समर्थित मध्य प्रदेश का मलेरिया कार्यक्रम यह दर्शाता है कि सार्वजनिक-निजी भागीदारी का समग्र दृष्टिकोण एक महत्वपूर्ण राष्ट्रीय चुनौती से कैसे निपट सकता है। निगरानी को मजबूत … Read more