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कृषि भाव अपडेट: भावांतर योजना में आज का रेट 4056 रुपए/क्विंटल

भावांतर योजना में आज का मॉडल रेट 4056 रुपए प्रति क्विंटल जारी भोपाल भावांतर योजना 2025 अंतर्गत सोयाबीन विक्रेता किसानों के लिए आज 11 नवंबर को 4056 रुपए प्रति क्विंटल का मॉडल रेट जारी किया है। यह मॉडल रेट उन किसानों के लिए है, जिन्होंने अपनी सोयाबीन की उपज मंडी प्रांगणों में विक्रय की है। इस मॉडल रेट के आधार पर ही भावांतर की राशि की गणना की जाएगी। मॉडल रेट में लगातार वृद्धि जारी है। पहला मॉडल रेट 7 नवंबर को 4020 रुपए प्रति क्विंटल जारी किया गया था।  

अम्बिकापुर : ई-ऑफिस प्रणाली पर अधिकारी-कर्मचारियों को दिया गया प्रशिक्षण

अम्बिकापुर जिले के समस्त विभागों एवं कार्यालयों में ई-ऑफिस के सुचारू रूप से क्रियान्वयन के सम्बन्ध में जिला पंचायत सभाकक्ष में मंगलवार को प्रशिक्षण कार्यशाला आयोजित किया गया। इस दौरान सामान्य प्रशासन विभाग के मास्टर ट्रेनर के द्वारा प्रशिक्षण प्रदान किया गया। जिसमें समस्त विभागों के ई-ऑफिस संचालकों को सरकारी कार्यालयों के दस्तावेजों को पेपरलैस करने पर विस्तृत जानकारी प्रदान की गई। इस दौरान ई-ऑफिस के क्रियान्वयन एवं सुचारू रूप से सभी कार्यालयों में कार्य करने हेतु नोट-शीट, फाईल, डिजिटल साईन, ट्रांसफर आदि संबंधी विस्तृत प्रशिक्षण दिया गया। अधिकारियों-कर्मचारियों को ई-ऑफिस प्रणाली के तहत विभिन्न प्लेटफार्म के विभिन्न कार्यों तथा उनके उपयोग के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। प्रशिक्षण में ई-ऑफिस का परिचय एवं उपयोग, दस्तावेज़ तैयार करना, अनुमोदन प्रक्रिया, रिपोर्टिंग एवं फाइल ट्रैकिंग, सुरक्षा उपाय एवं गोपनीयता आदि के बारे में विस्तार से बताया गया। जिले के सभी विभागों के कर्मचारियों ने प्रशिक्षण प्राप्त किया। प्रशिक्षण में मास्टर ट्रेनर रवि निषाद, विनोद देवांगन एवं जिला सूचना विज्ञान अधिकारी जियाउर रहमान, अतिरिक्त मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्रीमती नेहा सिंह एवं अन्य अधिकारी उपस्थित थे।    

15 नवम्बर से शुरू होगी समर्थन मूल्य पर धान खरीदी, डिस्प्ले होंगे धान उपार्जन केंद्रों में कॉल सेंटर के नंबर

रायपुर : 15 नवम्बर से शुरू होगी समर्थन मूल्य पर धान खरीदी 15 नवम्बर से शुरू होगी समर्थन मूल्य पर धान खरीदी, डिस्प्ले होंगे धान उपार्जन केंद्रों में कॉल सेंटर के नंबर अपर मुख्य सचिव श्रीमती ऋचा शर्मा ने बैठक लेकर तैयारियों की समीक्षा की रायपुर आगामी 15 नवम्बर से प्रारंभ हो रही धान खरीदी की तैयारियों को लेकर आज रेडक्रॉस सभाकक्ष कलेक्ट्रेट में अपर मुख्य सचिव एवं रायपुर जिले की प्रभारी सचिव श्रीमती ऋचा शर्मा ने समीक्षा बैठक ली। उन्होंने निर्देश दिए कि उपार्जन केन्द्रों में सभी व्यवस्थाएं समय पर पूर्ण हों ताकि कृषकों को धान विक्रय में किसी प्रकार की समस्या न हो। किसानों को सुगमता से धान विक्रय की सुविधा मिले और भुगतान जल्द किया जाए।     प्रभारी सचिव श्रीमती शर्मा ने कहा कि कोचियों एवं अवैध धान विक्रय-परिवहन पर निगरानी रखे एवं सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। खरीदी में धान की गुणवत्ता पर  ध्यान दिया जाए तथा तेजी से धान का उठाव सुनिश्चित हो। उन्होंने निर्देश दिए कि स्टेकिंग धान की किस्म के अनुसार सही तरीके से की जाए। श्रीमती शर्मा ने सभी उपार्जन केंद्रों में कॉल सेंटर के नंबर चस्पा किए जाने के निर्देश दिए, ताकि कृषक किसी भी समस्या की जानकारी तत्काल दे सकें और उसका निराकरण समयबद्ध रूप से किया जा सके।     बैठक में जानकारी दी गई कि खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 के लिए रायपुर जिले में कुल 1,34,037 किसान पंजीकृत हैं और 1,26,921 हेक्टेयर क्षेत्र में धान का रकबा है। जिले में 139 उपार्जन केंद्र है। जिला स्तरीय कंट्रोल कमांड सेंटर स्थापित किया गया है, जिसमें जिला एवं ब्लॉक स्तरीय दल एवं उड़नदस्ता का गठन किया गया है। रायपुर जिले में अवैध धान परिवहन रोकने के लिए 5 चेक पोस्ट बनाए गए हैं तथा 43 कर्मियों की तैनाती उड़नदस्ते में की गई है। संवेदनशील एवं अतिसंवेदनशील केंद्रों का चिन्हांकन कर प्रशासनिक अधिकारियों की ड्यूटी लगाई गई है। साथ ही तहसीलदार की अध्यक्षता में गुणवत्ता जांच दल का गठन एवं बारदाने की पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित की गई है।

पारदर्शिता बढ़ाने के लिए केंद्रीय सतर्कता आयुक्त ने किया पीएनबी की डिजिटल पहल का उद्घाटन

नई दिल्ली  देश के सार्वजनिक क्षेत्र के अग्रणी बैंक पंजाब नैशनल बैंक (पीएनबी) ने अपने कॉर्पोरेट कार्यालय में माननीय केंद्रीय सतर्कता आयुक्त श्री प्रवीण कुमार श्रीवास्तव के दौरे के साथ बढ़ी हुई सतर्कता और पारदर्शिता की दिशा में, अपनी यात्रा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की। इस कार्यक्रम के तहत, "पीएनबी की विजिलेंस मैनुअल 2025" का 5वाँ संस्करण और त्रैमासिक पत्रिका "पीएनबी विजिल" का सितंबर 2025 के अंक का अनावरण  किया गया। इस अवसर पर एमडी एवं सीईओ श्री अशोक चंद्र, कार्यपालक निदेशक (ईडी) श्री बिभु प्रसाद महापात्र, सीवीओ श्री राघवेंद्र कुमार, और बैंक के अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित थे।इसके अतिरिक्त, बैंक ने कई प्रमुख पहलों का शुभारंभ किया, जिनमें कर्मचारी जवाबदेही पोर्टल का संपूर्ण डिजिटलीकरण, आचरण जोखिम ढाँचा (कर्मचारियों के लिए) और पीएम स्ट्रीट वेंडर्स आत्मनिर्भर निधि (पीएम स्वनिधि) के लिए डिजिटल समाधान शामिल हैं। ये पहल पीएनबी की अपने परिचालन में दक्षता और जवाबदेही को बढ़ावा देने के लिए प्रौद्योगिकी का लाभ उठाने की प्रतिबद्धता की पुष्टि करती हैं। इस कार्यक्रम में सतर्कता योद्धाओं को भी सम्मानित किया गया, यह उन कर्मचारियों के अनुकरणीय प्रयासों को मान्यता देने के लिए किया गया जिन्होंने बैंक के नैतिक मूल्यों को बनाए रखने में असाधारण समर्पण का प्रदर्शन किया है। श्री प्रवीण कुमार श्रीवास्तव, माननीय केंद्रीय सतर्कता आयुक्त ने कहा: "हमारे समाज का कल्याण , हमारी अर्थव्यवस्था का विकास और आजीविका का सृजन पंजाब नैशनल बैंक जैसे बैंकों द्वारा प्रदान किए गए समर्थन और वित्तपोषण से गहराई से जुड़े हुए हैं। हमारा लक्ष्य सतर्कता की ऐसी संस्कृति का निर्माण करना है जहाँ कार्य दंड के भय से नहीं, बल्कि सही काम करने की प्रतिबद्धता से प्रेरित हों। यह संस्कृति व्यक्ति, संगठन और समाज को बड़े पैमाने पर लाभान्वित करती है, जिससे बैंक, अर्थव्यवस्था और अंततः राष्ट्र के विकास में योगदान मिलता है, क्योंकि हम 2047 तक 'विकसित भारत' की दिशा में काम कर रहे हैं।" श्री अशोक चंद्र, एमडी एवं सीईओ, पीएनबी, ने कहा: "जैसे-जैसे भारत 2047 तक एक विकसित राष्ट्र बनने की दिशा में अपना मार्ग प्रशस्त कर रहा है l हम पर, सबसे बड़े बैंकों में से एक के रूप में, जिम्मेदारी कई गुना बढ़ जाती है। हम सत्यनिष्ठा, नैतिकता, और पारदर्शिता पर आधारित गुणात्मक, सतत, और समावेशी विकास को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध हैं। सतर्कता, विशेष रूप से निवारक सतर्कता ( प्रिवेंटिव विजिलेंस ) , यह सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है कि प्रगति सुदृढ़ शासन और जवाबदेही के साथ जुड़ी रहे। इन मूल्यों से प्रेरित होकर, पीएनबी विश्वास और नैतिक उत्कृष्टता के माध्यम से भारत की विकास यात्रा का समर्थन करने के लिए समर्पित है।" श्री राघवेंद्र कुमार, मुख्य सतर्कता अधिकारी (सीवीओ), पीएनबी, ने कहा: "इन डिजिटल पहलों का शुभारंभ पारदर्शिता और ज़िम्मेदारी की संस्कृति के निर्माण के प्रति हमारी अटूट प्रतिबद्धता को दर्शाता है। अपने सतर्कता ढाँचे के साथ प्रौद्योगिकी को एकीकृत करके, हम न केवल परिचालन दक्षता को बढ़ा रहे हैं, बल्कि यह भी सुनिश्चित कर रहे हैं कि विश्वसनीयता बैंक के भीतर हर प्रक्रिया की आधारशिला बनी रहे।" पीएनबी द्वारा सतर्कता जागरूकता सप्ताह 2025 का अनुपालन सत्यनिष्ठा, पारदर्शिता और नैतिक शासन के प्रति उसकी गहन प्रतिबद्धता का प्रमाण है। 27 अक्टूबर को राष्ट्रव्यापी सत्यनिष्ठा प्रतिज्ञा के साथ शुरू हुए इस कार्यक्रम में एक लाख से अधिक कर्मचारियों और बहुतायत में ग्राहकों ने भाग लिया। बैंक ने डिजिटल और मूलभूत पहलों के माध्यम से व्यापक जनभागीदारी सुनिश्चित की। 11,000 एटीएम (ATMs), मोबाइल ऐप्स और व्हाट्सएप बैंकिंग पर सतर्कता संदेशों को प्रदर्शित करने से लेकर 8,000 से अधिक ग्राम सभाओं में जागरूकता अभियान आयोजित करने तक, पीएनबी ने सत्यनिष्ठा के संदेश को देश के कोने-कोने तक पहुँचाया।  विभिन्न प्रतियोगिताओं, वॉकथॉन और साइक्लोथॉन में कर्मचारियों की जबरदस्त भागीदारी, साथ ही रक्तदान शिविरों के दौरान 4,300 यूनिट रक्त का संग्रह, सतर्कता और सेवा की भावना को दर्शाता है। सतर्कता संबंधी सभी शिकायतों में शून्य लंबित मामले, व्यापक क्षमता-निर्माण कार्यक्रमों और उत्तरदायी परिसंपत्ति प्रबंधन में बैंक की उपलब्धि, निवारक सतर्कता और संस्थागत जवाबदेही पर इसके ध्यान को और उजागर करती है। ये निरंतर प्रयास एक जिम्मेदार सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक के रूप में पीएनबी की भूमिका की पुष्टि करता हैं, जो सत्यनिष्ठा की संस्कृति के निर्माण और विकसित भारत 2047 की ओर भारत की यात्रा में योगदान देने के लिए समर्पित है।   

पूर्व अग्निवीरों के लिए खुशखबरी! हरियाणा में भर्ती आयु सीमा में राहत का ऐलान

चंडीगढ़  हरियाणा सरकार ने पूर्व अग्निवीरों के हित में एक अहम फैसला लिया है। अब राज्य के स्थायी निवासी पूर्व अग्निवीरों को सरकारी नौकरियों में सीधी भर्ती के दौरान आयु सीमा में छूट दी जाएगी। इस निर्णय का उद्देश्य उन युवाओं को प्रोत्साहित करना है जिन्होंने देश की सेवा ‘अग्निपथ योजना’ के तहत की और अब नागरिक जीवन में नए अवसर तलाश रहे हैं। हरियाणा सरकार का यह कदम उन अग्निवीरों के लिए राहत की खबर है जिन्होंने देश की सुरक्षा में अपना युवापन समर्पित किया। अब वे राज्य की प्रशासनिक और सामाजिक व्यवस्था में भी अपनी भूमिका निभा सकेंगे। सरकार का यह फैसला ‘देश सेवा से राज्य सेवा’ की भावना को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।   तीन वर्ष की सामान्य छूट, पहले बैच को पांच वर्ष का लाभ मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी द्वारा जारी पत्र के अनुसार, हरियाणा सरकार ने निर्णय लिया है कि राज्य के सभी ग्रुप-‘बी’ और ग्रुप-‘सी’ पदों पर सीधी भर्ती के दौरान पूर्व अग्निवीरों को तीन वर्ष की आयु सीमा छूट दी जाएगी। साथ ही, पहले बैच के पूर्व अग्निवीरों को अतिरिक्त पांच वर्ष की छूट का लाभ मिलेगा। इस निर्णय से न केवल उन्हें प्रतियोगी परीक्षाओं में भाग लेने का बेहतर अवसर मिलेगा, बल्कि उनकी सेवा भावना और अनुशासन का लाभ राज्य प्रशासन को भी प्राप्त होगा। सभी विभागों को जारी किए निर्देश मुख्य सचिव ने अपने पत्र में सभी विभागों, बोर्डों, निगमों, विश्वविद्यालयों और क्षेत्रीय कार्यालयों को निर्देश दिए हैं कि वे इन आदेशों का अक्षरशः पालन सुनिश्चित करें। सरकार का स्पष्ट कहना है कि यह छूट पूर्व अग्निवीरों के सम्मान और पुनर्वास से जुड़ा कदम है, ताकि वे अपनी योग्यता और अनुभव के आधार पर सरकारी सेवाओं में योगदान दे सकें। पूर्व अग्निवीरों के लिए रोजगार का नया अवसर राज्य सरकार का यह फैसला युवाओं में नई उम्मीद जगाने वाला माना जा रहा है। ‘अग्निवीर योजना’ के तहत देशभर में हजारों युवाओं ने सेना में चार वर्ष की सेवा पूरी की है, जिसके बाद उन्हें पुनः रोजगार की तलाश रहती है। हरियाणा, जो देश में सबसे अधिक सैनिक देने वाले राज्यों में से एक है, अब इन युवाओं के लिए ‘सेवा से सम्मान तक’ की पहल कर रहा है।   रोजगार नीति में सकारात्मक बदलाव राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, यह निर्णय हरियाणा सरकार की रोजगार नीति में एक सकारात्मक और व्यावहारिक बदलाव के रूप में देखा जा रहा है। इससे न केवल पूर्व सैनिकों को नागरिक क्षेत्र में अवसर मिलेगा, बल्कि सरकारी संस्थानों को भी अनुशासित, प्रशिक्षित और देशसेवा का अनुभव रखने वाले युवा कर्मचारी मिल सकेंगे।

राज्यपाल पटेल ने किया गुजरात के बिरसा मुंडा जनजातीय विश्वविद्यालय का भ्रमण

राज्यपाल  पटेल ने गुजरात के बिरसा मुंडा जनजातीय विश्वविद्यालय राजपीपला का किया भ्रमण भगवान बिरसा मुंडा को किया नमन, छात्रावास पहुंचे भोपाल राज्यपाल  मंगुभाई पटेल मंगलवार को गुजरात के नर्मदा जिले के राजपीपला के भगवान बिरसा मुंड़ा विश्वविद्यालय पहुंचे। उन्होंने परिसर स्थित भगवान बिरसा मुंडा की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें नमन किया। इस अवसर पर क्षेत्रीय विधायक डॉ. दर्शना बेन वसावा भी मौजूद थी। राज्यपाल  पटेल ने कहा कि बिरसा मुंडा विश्वविद्यालय की प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी की जनजातीय संस्कृति के संरक्षण और संवर्धन की संकल्पना है। उन्होंने विश्वविद्यालय के छात्रावास का निरीक्षण किया। विद्यार्थियों की आवास व्यवस्थाओं की समीक्षा की। विश्वविद्यालय के स्वरूप और विकास के विषय में विश्वविद्यालय प्रबंधन से चर्चा की। राज्यपाल  पटेल ने विश्वविद्यालय परिसर में “एक पेड़- मां के नाम” अभियान के तहत पौध-रोपण किया। राज्यपाल के आगमन पर उनका पारंपरिक तरीके से स्वागत किया गया। राज्यपाल  पटेल को विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. मधुकर पाडवी ने बताया कि विश्वविद्यालय जनजातीय कला, विरासत, संस्कृति, औषधीय प्रणालियों, भाषा और साहित्य का संरक्षण, संवर्धन और विकास के लिए समर्पित है। हमारा लक्ष्य यह सुनिश्चित करना है कि शिक्षा के माध्यम से जनजातीय समुदायों की परंपराएँ और ज्ञान प्रणाली, व्यापक सामाजिक पुनर्जागरण में योगदान दें सके। कुलपति डॉ. पाडवी ने बताया कि विश्वविद्यालय विभिन्न विषयों जैसे मानविकी, वाणिज्य, विज्ञान, कानून, शिक्षा, आदिवासी पारंपरिक कला, शिल्प और कौशल आधारित शिक्षा में स्नातक से लेकर स्नातकोत्तर, व्यावसायिक और पी.एच.डी. तक के शैक्षणिक कार्यक्रम शुरू करने की योजना बना रहा है।  बिरसा मुंडा जनजातीय विश्वविद्यालय की स्थापना वर्ष 2017 मे हुई थी। इसका उद्देश्य विशेष रूप से गुजरात और विकासशील क्षेत्रों की जनजातीय आबादी के संदर्भ में परिवर्तनकारी और नवीन शैक्षणिक और अनुसंधान कार्यक्रम विकसित करना है। विश्वविद्यालय की स्थापना जनजातीय क्षेत्रों के तीव्र विकास को बढ़ावा देने के लिए तकनीकी, कौशल-आधारित, व्यावसायिक, प्रबंधन, पर्यटन, जनजातीय कला, संस्कृति और पारंपरिक मूल्य प्रणालियों और अन्य संबंधित क्षेत्रों में शैक्षिक अवसर प्रदान करने के उद्देश्य से की गई है। विश्वविद्यालय में जनजातीय कला, संस्कृति, परंपरा, भाषा, औषधीय प्रथाओं, रीति-रिवाजों, वन-आधारित आर्थिक गतिविधियों, वनस्पतियों, जीवों, और जनजातीय क्षेत्रों के प्राकृतिक संसाधनों से संबंधित ज्ञान और प्रौद्योगिकी उन्नयन के लिए शिक्षण और अनुसंधान सुविधाएं उपलब्ध है।  

महासमुंद: कलेक्टर लंगेह ने साप्ताहिक बैठक में किया मतदाता पुनरीक्षण और धान खरीदी की समीक्षा

महासमुंद : कलेक्टर लंगेह ने ली साप्ताहिक समय-सीमा की बैठक कलेक्टर ने की मतदाता विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम व धान खरीदी की तैयारियों की समीक्षा, दिए आवश्यक निर्देश महासमुंद कलेक्टर विनय कुमार लंगेह ने आज सुबह 10 बजे से समय-सीमा की बैठक ली। बैठक में मुख्यमंत्री घोषणा, मतदाता विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम, धान खरीदी की तैयारियों की विस्तार से समीक्षा करते हुए कलेक्टर विनय लंगेह ने अधिकारियों को समयबद्ध कार्रवाई के निर्देश दिए। इस अवसर पर जिला पंचायत सीईओ हेमंत नंदनवार, अपर कलेक्टर सचिन भूतड़ा, रवि कुमार साहू, अनुविभागीय अधिकारी, सभी विभाग के जिला अधिकारी जनपद सीईओ, नगरीय निकायों के सीएमओ सहित वीसी के माध्यम से सभी ब्लॉक स्तरीय संबंधित अधिकारी उपस्थित थे। कलेक्टर लंगेह ने विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम की समीक्षा करते हुए कहा कि सभी बीएलओ गणना पत्रक के वितरण का कार्य सुनिश्चित करें। आगामी 2 दिनों में अधिकतम मतदाताओं तक गणना पत्रक पहुंच जाए। वर्तमान में लगभग 75 प्रतिशत मतदाताओं के पास गणना पत्रक का वितरण किया जा चुका है। उन्होंने सभी एआरओ एवं ईआरओ को भरे हुए गणना और घोषणा पत्रों के डिजिटाइजेशन के कार्य को भी करने के निर्देश दिए हैं। कलेक्टर ने कहा कि सर्वप्रथम गणना पत्र वितरित किया जाए। तत्पश्चात उसके कलेक्शन सुनिश्चित किया जाए। निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार एवं जारी समय सारणी के अनुसार आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने सभी बीएलओ को प्रशिक्षण में बताए गए बिंदुओं के आधार पर निर्धारित समय 4 दिसम्बर तक घर-घर जाकर सत्यापन कार्य अंतर्गत पात्र मतदाताओं का गणना प्रपत्र में आवश्यक विवरण पूर्ण रूप से भरकर संकलन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार पात्र मतदाताओं को शामिल करने तथा अपात्र मतदाता को हटाने के निर्देश दिए है। कलेक्टर ने सभी पात्र नागरिकों से मतदाता सूची पुनरीक्षण में सक्रिय भागीदारी और सहयोग करने की अपील की है। बैठक में कलेक्टर विनय कुमार लंगेह ने जिले में समर्थन मूल्य पर धान खरीदी की तैयारियों की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि 15 नवंबर से धान खरीदी का कार्य सुचारू रूप से प्रारंभ हो जाएगा। इसके लिए सभी नोडल एवं प्रभारी अधिकारियों को कल सुबह 10 बजे ट्रायल रन करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि सभी नोडल अधिकारी आबंटित उपार्जन केन्द्रों में सभी आवश्यक सुविधाएं मुहैय्या कराना सुनिश्चित करें। उन्होंने जिले के सभी 16 चेक पोस्टों के माध्यम से ड्यूटीरत अधिकारियों को धान की आवक और अवैध परिवहन पर कड़ी निगरानी के निर्देश दिए है। आवश्यकता पड़ने पर नए और दूसरे स्थानों पर भी चेक पोस्ट खोलने कहा है। कलेक्टर ने अवैध परिवहन करते वाहन पाए जाने पर तत्काल सीज कर प्रकरण दर्ज करने कहा है। उन्होंने कहा कि खरीदी केंद्रों में किसानों को किसी भी प्रकार की समस्या न आए, इसके लिए धान खरीदी नीति के 29 बिंदुओं की चेकलिस्ट के अनुसार सभी तैयारियां पूर्व से सुनिश्चित करें। कलेक्टर ने कहा कि किसानों की खरीदी प्रक्रिया पारदर्शी और सहज बने, इसके लिए सीसीटीवी कैमरों को चालू स्थिति में रखा जाए तथा निगरानी टीमों द्वारा निरंतर मॉनिटरिंग की जाए। खरीदी केंद्रों में आवश्यक संसाधन, तोल उपकरण, मिलान पर्ची व्यवस्था, ऑनलाइन एंट्री, और तौल-प्रक्रिया को समय पर पूर्णता के साथ संचालित करने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने सभी नोडल अधिकारियों को अपने-अपने केन्द्रों का निरीक्षण करने टोकन की जानकारी, स्टेकिंग आदि की जानकारी रखने के निर्देश दिए हैं। बैठक में कलेक्टर लंगेह ने कलेक्टर कांफ्रेंस के दौरान मुख्यमंत्री द्वारा दिए गए निर्देशों के अनुपालन के लिए अधिकारियों को महत्वपूर्ण निर्देश दिए। साथ ही मुख्यमंत्री द्वारा दिए गए निर्देशों के अनुरूप विभागवार समीक्षा की। कलेक्टर लंगेह ने विभिन्न शासकीय योजनाओं, मुख्यमंत्री जनदर्शन, कलेक्टर जन चौपाल, समय सीमा पत्रक, राजस्व प्रकरणों की विस्तार से समीक्षा की तथा उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्राप्त मांग एवं शिकायतों का गुणवत्तापूर्ण निराकरण करें।

सुप्रीम कोर्ट की राहत: निठारी हत्याकांड के आरोपी सुरेंद्र कोली को किया गया रिहा

 नई दिल्ली      निठारी कांड के सबसे चर्चित आरोपी सुरेंद्र कोली को सुप्रीम कोर्ट ने बड़ी राहत दी है. सुप्रीम कोर्ट ने उनकी कर्वेटिव पिटीशन को स्वीकार करते हुए उनकी अंतिम सजा रद्द कर दी और उन्हें पूरी तरह बरी कर दिया. यह मामला 2005-2007 के बीच नोएडा के निठारी क्षेत्र में हुई बालिकाओं की सामूहिक हत्याओं से जुड़ा है, जिसने पूरे देश को हिला दिया था. कोली पर कुल 13 मामलों में मुकदमे चले थे. इनमें से 12 मामलों में वह पहले ही इलाहाबाद हाईकोर्ट से बरी हो चुके थे लेकिन एक मामला ऐसा बचा था, जिसमें उनकी सजा बनी हुई थी. सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में फैसला सुनाते हुए कहा कि एक ही सबूत और तथ्य के आधार पर 12 मामलों में बरी हो चुके आरोपी को एक मामले में सजा देना न्याय के खिलाफ है. सुरेंद्र कोली को तुरंत रिहा करने का आदेश सुप्रीम कोर्ट ने कोली के 15 वर्षीय लड़की के बलात्कार और हत्या के मामले में पाए गए सबूतों को कमजोर मानते हुए कहा कि उनका दोष सिद्ध नहीं हो पाया. अदालत ने उन्हें तुरंत रिहा करने का आदेश दिया, यदि वे किसी अन्य मामले में जेल में बंद न हों. 19 साल से जेल में बंद थे सुरेंद्र कोली कोली लगभग 19 साल तक जेल में रहे. उनकी कर्वेटिव पिटीशन को खुले कोर्ट में सुनवाई के लिए पेश किया गया था, जो कई मामलों में दुर्लभ होता है. इस फैसले के साथ निठारी कांड में उनके खिलाफ अंतिम केस भी समाप्त हो गया. कोर्ट ने कहा कि कर्वेटिव पिटीशन सिस्टम में हुई गलती सुधारने और न्याय सुनिश्चित करने का अंतिम मौका है.

एमसीबी : राज्य शैक्षिक अनुसंधान परिषद की चार दिवसीय कार्यशाला संपन्न

एमसीबी : राज्य शैक्षिक अनुसंधान परिषद की चार दिवसीय कार्यशाला संपन्न शैक्षणिक गुणवत्ता सुधार हेतु विद्यालयों का मूल्यांकन, शिक्षकों को मिली प्रेरणा  एमसीबी राज्य शैक्षिक अनुसंधान परिषद  (SCERT रायपुर) की टीम द्वारा जिला मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर (एमसीबी) में चार दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। यह कार्यशाला 07 नवम्बर से 10 नवम्बर 2025 तक जिला मुख्यालय में संचालित की गई, जिसका उद्देश्य विद्यालयों में शिक्षा की गुणवत्ता सुधार, शिक्षकों की पेशेवर दक्षता वृद्धि तथा शैक्षणिक नवाचारों के प्रसार को बढ़ावा देना है। उद्घाटन सत्र कार्यशाला का उद्घाटन अपर कलेक्टर श्रीमती नर्मता डोंगरे एवं जिला शिक्षा अधिकारी श्री आर.पी. मिरे द्वारा सरस्वती माता के छायाचित्र पर दीप प्रज्वलित कर किया गया। इस अवसर पर डॉ. विनोद पांडेय, एपीसी श्री सूर्याेदय सिंह तथा जिला नोडल अधिकारी श्रीमती खुशबू दास उपस्थित रहे एवं कार्यशाला के संचालन में उनका सराहनीय योगदान रहा। विद्यालयों का शैक्षणिक मूल्यांकन एवं समीक्षा कार्यशाला के दूसरे दिन (08 नवम्बर 2025) राज्य स्तरीय मेंटर्स एवं जिला  PLC ( Professional Learning Community) शिक्षकों को चार समूहों में विभाजित कर विभिन्न विद्यालयों का दौरा कराया गया। टीमों ने निम्न बिंदुओं पर विद्यालयों का विस्तृत मूल्यांकन किया – शिक्षण-पद्धति एवं छात्र अधिगम स्तर शिक्षण सामग्री का उपयोग एवं शिक्षण वातावरण विद्यालय अनुशासन एवं सामुदायिक भागीदारी नवीन शिक्षण पहलें एवं व्यावहारिक नवाचार राज्य के मेंटर्स के मार्गदर्शन में विद्यालयों में शिक्षा व्यवस्था की धरातलीय स्थिति का आकलन किया गया। इस दौरान उत्कृष्ट शिक्षण उदाहरणों को साझा किया गया तथा शिक्षण में आने वाली चुनौतियों के समाधान हेतु रणनीतियाँ तैयार की गईं। शिक्षकों को मिली नई दिशा समीक्षा सत्र प्रेरक एवं संवादात्मक रहा, जिसमें शिक्षकों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षण, छात्र-केंद्रित पद्धति अपनाने, बच्चों की सीखने की गति पर विशेष ध्यान देने तथा विद्यालय स्तर पर नवाचार लागू करने के लिए प्रेरित किया गया। कार्यशाला में  SCERT रायपुर की टीम, PLC शिक्षक गण एवं विभिन्न विद्यालयों के प्रधान पाठक शामिल हुए। गुणवत्ता सुधार की दिशा में महत्वपूर्ण पहल चार दिवसीय यह कार्यशाला जिले में शिक्षण की गुणवत्ता सुधार की दिशा में एक महत्वपूर्ण एवं सार्थक पहल साबित हो रही है। इससे शिक्षकों में नवाचार, आत्म मूल्यांकन एवं शिक्षण-पद्धति सुधार की भावना को बल मिलेगा तथा बच्चों के अधिगम स्तर में उल्लेखनीय सुधार की संभावना है। जिला स्तर पर इस प्रकार की कार्यशालाएं राज्य की शिक्षा नीति को जमीनी स्तर पर सशक्त बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण योगदान दे रही हैं।

देशभक्ति का रोमांच अब और करीब! हुसैनीवाला बॉर्डर पर दर्शकों के लिए नई सुविधा

फिरोजपुर जे.सी.पी. हुसैनीवाला में फिर से रिट्रीट सेरेमनी शुरू हो गई है। यह जानकारी देते हुए बी.एस.एफ. पंजाब फ्रंटियर के लोग संपर्क अधिकारी ने बताया कि आज से शुरू हुई इस रिट्रीट सेरेमनी का समय शाम 5 बजे से साढ़े 5 बजे तक का रखा गया है और इस अवसर पर, बी.एस.एफ. महिला प्रहरी ब्रास बैंड द्वारा विशेष प्रस्तुति दी जाएगी। गौरतलब है कि पिछले दिनों भारत-पाकिस्तान सीमा पर स्थित हुसैनीवाला चेकपोस्ट पर भी बाढ़ आ गई थी। इस वजह से भारत-पाकिस्तान के बीच होने वाली रिट्रीट सेरेमनी रोक दी गई थी। बी.एस.एफ. पंजाब फ्रंटियर के लोक संपर्क अधिकारी ने बताया कि बाढ़ के दौरान जॉइंट चैक पोस्ट वाला सारा एरिया पानी में डूब गया था जिस कारण रिट्रीट सेरेमनी बंद कर दी गई थी जो फिर शुरू हुई है।