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जनता का विश्वास और आशीर्वाद ही मेरी असली ताकत है : मंत्री राजपूत

जनता का साथ और आशीर्वाद ही मेरी ताकत है : मंत्री  राजपूत बिलहरा में किया 25 करोड़ के विकास कार्यों का लोकार्पण एवं भूमि-पूजन भोपाल सुरखी विधानसभा क्षेत्र इतना साधन, सुविधा संपन्न होने से हमारे यहां से एक डिप्टी कलेक्टर बच्चा निकला है और आने वाले समय में यहां से कई बच्चे कलेक्टर, एसपी और बड़े-बड़े पदों पर पहुंचेंगे। यह बात खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने नगर परिषद बिलहरा में 25 करोड़ के विकास कार्यों के भूमि पूजन एवं लोकार्पण के अवसर पर कही। मंत्री श्री राजपूत ने कहा कि सुरखी विधानसभा क्षेत्र एक समय इतना पिछड़ा था कि यहां लोग आने से कतराते थे। न तो पानी था और न ही शिक्षा के लिए स्कूल थे लेकिन अब आपके आशीर्वाद और हमारी सरकार के प्रयास से सुरखी विधानसभा विकास कार्यों में अपना अलग ही स्थान प्राप्त कर चुकी है। मंत्री श्री राजपूत ने डिप्टी कलेक्टर के पद पर चयनित हुए ग्राम खमकुआ निवासी यशपाल स्वर्णकार को शॉल-श्रीफल से सम्मानित किया और राहतगढ़ की डीएसपी पद पर चयनित हुए विवेक अग्रवाल को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि आपकी मेहनत ने हमारे क्षेत्र का नाम रोशन किया है मैं चाहता हूं सुरखी विधानसभा क्षेत्र में बच्चों और युवाओं के लिए इस तरह की व्यवस्था हो कि हमारे यहां के बच्चे हर क्षेत्र में अव्व्ल हो। बिलहरा में युवाओं को दी स्टेडियम की सौगात मंत्री श्री राजपूत ने बिलहरा में स्टेडियम का लोकार्पण करते हुए कहा कि यह स्टेडियम हमारी युवाओं के लिए उनके सपने साकार करने में अहम भूमिका निभाएगा। जहां हमारी बेटा- बेटियां खेल कर अपनी प्रतिभा के दम पर देश दुनिया में नाम रोशन करेंगे। उन्होंने कहा कि जिस तरह हमारे बुंदेलखंड की बेटी क्रांति गौड़ ने क्रिकेट में अपनी प्रतिभा के बल पर विश्व में बुंदेलखंड का नाम रोशन किया, इस तरह इस स्टेडियम में खेल कर हमारी बेटियां भी अपने क्षेत्र का नाम रोशन करेंगी । लगभग 50 गांव के लोगों को मिलेगी आवागमन में सुविधा मंत्री श्री राजपूत ने मोकलपुर चैराहे से मड़खेराजागीर मार्ग का लोकार्पण किया। इस मार्ग के बनने से ग्राम खेजरा माफी, पनारी, बिलहरा महुआखेड़ा,पिपरिया,कटंगी, बीरपुर, बरखुआखुर्द सहित लगभग 50 गांव के लोगों को आवागमन की सुविधा उपलब्ध होगी इस मार्ग के बनने से लोगों का समय भी बचेगा। बिजली की समस्या से मिलेगा छुटकारा बिलहरा के लिए 33/11 केव्ही उपकेंद्र में 3150 केवी क्षमता से वृद्धि कर 5000 के वी की गई है इससे विद्युत कटौती एवं व्यवधान से क्षेत्र वासियों को मुक्ति मिलेगी। मंत्री श्री राजपूत ने कहा कि बिजली मुख्य समस्या होती है लेकिन अब यह समस्या हल हो चुकी है बिजली की कोई कमी नहीं होगी और न ही बार-बार बिजली खराब होने की वोल्टेज कम होने की समस्या आएगी। बच्चों को निशुल्क साइकिल वितरण किया मंत्री श्री राजपूत ने बच्चों के लिए निःशुल्क साइकिल वितरण करते हुए कहा कि हमारे क्षेत्र में प्रतिभा की कमी नहीं है।सभी बच्चे प्रतिभावान है, उनकी शिक्षा में कोई व्यवधान नहीं आएगा। उनकी शिक्षा को लेकर हर स्कूल में स्मार्ट क्लास की व्यवस्था की गई है। कई स्कूलों में स्मार्ट क्लास की व्यवस्था हो चुकी है और अन्य स्थानों पर जल्द ही यह व्यवस्था की जाएगी, जिससे हमारे बच्चे आधुनिक शिक्षा से जुड़कर अच्छा ज्ञान अर्जित करें और अपने क्षेत्र का नाम रोशन करें। हर वर्ग को सरकार दे रही लाभ मंत्री श्री राजपूत ने कहा कि राज्य सरकार हर वर्ग को ध्यान में रखकर योजनाएं बनती है और हर वर्ग को लाभ दे रही है फिर चाहे वह हमारी लाडली बहन योजना हो जिसके माध्यम से हमारी बहनें सशक्त होकर अपना परिवार चल रही हैं। तो वही किसान सम्मन निधि के माध्यम से सभी किसानों को सम्मान मिल रहा है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी तथा प्रदेश के मुखिया डॉ मोहन यादव ने लोगों को योजनाओं से जोड़कर उन्हें लाभ पहुंचाया है। शहरों जैसी व्यवस्थाएं हो रही आपके क्षेत्र में मंत्री श्री राजपूत ने कहा कि बिलहरा में सुंदर पार्क एवं सौंदर्य करण के कार्य चल रहे हैं आपके क्षेत्र में शहरों जैसी व्यवस्थाएं आपके लिए की जा रही है जहां घर.घर पानी भी पहुंच रहा है और बच्चों को स्कूल स्वास्थ्य सुविधाएं सहित अन्य जो आपकी मांगे हैं वह पूरी की जाएंगी। सुरखी विधानसभा क्षेत्र के लिए अस्थि विसर्जन के लिये विशेष वाहन की व्यवस्था की गई है। मंत्री श्री राजपूत ने ग्राम मूडरा 15 करोड़ के मंगल भवन की घोषणा करते हुए बिलहरा में 25 करोड़ के विकास कार्यों का लोकार्पण एवं भूमि पूजन किया, जिसमें मुख्य रूप से सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट, मंगल भवन, स्टेडियम, जीर्णोद्धार सौंदर्यकरण, अमृत धारा 2 योजना सामुदायिक भवन शामिल हैं।  

वोटिंग में हुई तेजी, पप्पू यादव ने बिहार चुनाव में गड़बड़ी का आरोप लगाया

पटना  बिहार विधानसभा चुनाव के दूसरे और अंतिम चरण के लिए मतदान शुरू हो गया है. इस चरण में 3 करोड़ 70 लाख से अधिक मतदाता 122 सीटों पर 1302 उम्मीदवारों के भाग्य का फैसला करेंगे. इनमें मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अगुवाई वाली सरकार के आधा दर्जन से अधिक मंत्री भी शामिल हैं. बिहार चुनाव के दूसरे चरण में 45,399 मतदान केंद्रों पर वोट डाले जाएंगे, जिनमें से 40,073 मतदान केंद्र ग्रामीण इलाकों में हैं. कुल मतदाताओं में 1.75 करोड़ महिलाएं हैं. हिसुआ सीट (नवादा) में सबसे अधिक 3.67 लाख मतदाता हैं, जबकि लौरिया, चनपटिया, रक्सौल, त्रिवेणीगंज, सुगौली और बनमखी में प्रत्याशियों की संख्या सबसे ज्यादा (22-22) है. बिहार विधानसभा चुनाव के पहले चरण में 121 सीटों के लिए मतदान हुआ था, जिसमें 65% से अधिक पोलिंग दर्ज हुई थी. दूसरे चरण में पश्चिम चंपारण, पूर्वी चंपारण, सीतामढ़ी, मधुबनी, सुपौल, अररिया और किशनगंज सहित नेपाल सीमा से सटे जिलों में मतदान होगा. सुरक्षित और पारदर्शी मतदान सुनिश्चित करने के लिए राज्यभर में चार लाख से अधिक सुरक्षाकर्मी तैनात किए गए हैं. दूसरे चरण में ज्यादातर सीटें सीमांचल क्षेत्र की हैं, जहां मुस्लिम आबादी अधिक है, जिससे यह चरण एनडीए और इंडिया गठबंधन दोनों के लिए अहम बन गया है. एनडीए विपक्ष पर 'घुसपैठियों को संरक्षण देने' का आरोप लगा रहा है, जबकि विपक्ष अल्पसंख्यक मतदाताओं पर भरोसा कर रहा है. प्रमुख उम्मीदवारों में जेडीयू के वरिष्ठ नेता बिजेंद्र प्रसाद यादव (सुपौल), भाजपा के प्रेमेंद्र कुमार (गया टाउन), रेनू देवी (बेतिया), नीरेज कुमार सिंह 'बबलू' (छातापुर), लेशी सिंह (धमदाहा), शीला मंडल (फुलपरस) और जमा खान (चैनपुर) शामिल हैं. बिहार 9 बजे तक 14.55% वोटिंग बिहार चुनाव के दूसरे और अंतिम चरण में भी सुबह-सुबह मतदान को लेकर भारी उत्साह नजर आ रहा है. बिहार चुनाव के दूसरे चरण में सुबह 9 बजे तक 14.55% वोटिंग हुई है. यह पहले फेज में सुबह 9 बजे तक हुए मतदान से अधिक है. बिहार चुनाव के पहले चरण में 9 बजे तक 13.13% मतदान हुआ था. एलजेपीआर सांसद ने डाला वोट लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के सांसद राजेश वर्मा ने परिवार के साथ वोट डालने पहुंचे. चिराग पासवान की पार्टी के सांसद राजेश वर्मा ने परिवार के साथ मतदान किया. 'पहले फेज से भी ज्यादा वोट कीजिए', प्रशांत किशोर की अपील जन सुराज के सूत्रधार प्रशांत किशोर ने अपील की है कि पहले चरण से भी ज्यादा वोट कीजिए. व्यवस्था परिवर्तन कीजिए. उन्होंने दिल्ली ब्लास्ट को लेकर कहा है कि चुनाव के समय में ऐसी बातें हो रही हैं. राष्ट्रीय सुरक्षा का मामला है, उचित कार्रवाई होनी चाहिए.  'पहले मतदान, फिर जलपान', सीएम नीतीश ने की अपील मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर कहा है कि लोकतंत्र में मतदान केवल हमारा अधिकार ही नहीं, दायित्व भी है. आज बिहार विधानसभा चुनाव के दूसरे चरण का मतदान हो रहा है. सभी मतदाताओं से आग्रह है कि अपने मताधिकार का उपयोग अवश्य करें.

राज्यमंत्री श्रीमती गौर ने दिए निर्देश — विकास कार्यों में तेजी लाएं, ताकि जनता को मिले सीधा लाभ

विकास कार्यों में तेजी लाएं, जनता को मिले सीधा लाभ : राज्यमंत्री श्रीमती गौर भोपाल  पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्रीमती कृष्णा गौर ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि जनकल्याण से संबंधित सभी कार्यों को गति प्रदान की जाए। ऐसे कार्य किए जाएं, जिनका सीधा लाभ जनता को मिले। राज्यमंत्री श्रीमती गौर ने यह बात सोमवार को मंत्रालय में विकास कार्यों की समीक्षा बैठक में कही। राज्यमंत्री श्रीमती गौर ने अवधपुरी से एसओएस बाल भवन तक बनने वाली सड़क के निर्माण कार्य में विलंब पर नाराजगी जताई। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को अतिक्रमण हटाने और बिजली पोल स्थानांतरित करने के साथ शीघ्र सड़क निर्माण कार्य पूरा करने के निर्देश दिए। श्रीमती गौर ने कहा कि मार्ग पर यातायात निरंतर बढ़ रहा है, ऐसे में भविष्य में आमजन को किसी प्रकार की असुविधा न हो, इसके लिए गुणवत्ता युक्त सड़क निर्माण कार्य निर्धारित समयावधि में पूर्ण किया जाए। राज्यमंत्री श्रीमती गौर ने अन्य निर्माण कार्यों में भी तेजी लाने के लिए अधिकारियों को निर्देशित किया। राज्यमंत्री श्रीमती गौर ने पिपलानी एवं खजूरीकलां मार्ग पर अतिक्रमण हटाने और के भी निर्देश दिए। बैठक में नगर निगम और बीएचईएल के अधिकारी उपस्थित रहे।  

मिसाल प्रोजेक्टम’ का तीसरा चरण शुरू — अब प्राध्यापक देंगे विद्यार्थियों को प्रशिक्षण

मिसाल प्रोजेक्टम का तीसरा चरण प्रारंभ, अब विद्यार्थियों को प्रशिक्षण देंगे प्राध्यापक जनजातीय युवाओं में नेतृत्व क्षमता विकसित करने के लिये उच्च शिक्षा विभाग की पहल भोपाल मध्यप्रदेश उच्‍च शिक्षा विभाग द्वारा जनजातीय युवाओं में नेतृत्व क्षमता और चरित्र निर्माण को बढ़ावा देने के लिए गुजरात की ओएसिस संस्था के सहयोग से मिसाल प्रोजेक्ट संचालित किया जा रहा है। इस प्रोजेक्ट का उद्देश्य जनजातीय युवाओं में सामाजिक जिम्मेदारी, नेतृत्व कौशल और समुदाय सेवा की भावना विकसित करना है, जिससे वे अपने समाज और राज्य में सकारात्मक बदलाव ला सकें। उच्‍च शिक्षा विभाग की यह पहल राज्य के शैक्षणिक और सामाजिक क्षेत्र में जनजातीय युवाओं को सशक्त नेतृत्व और समाज सेवा के लिए तैयार करने का एक अभिनव प्रयास है। विद्यार्थियों को निबंध लेखन, समूह संवाद एवं प्रोजेक्‍ट वर्क का प्रशिक्षण देंगे प्राध्यापक गौरतलब है कि इस प्रोजेक्ट के तहत 11 से 16 सितम्बर तक गुजरात के बडोदरा में एक प्रशिक्षण कार्यकम का आयोजन किया जा चुका है जिसमें इस प्रोजेक्ट के लिये चयनित प्रदेश 10 जनजातीय जिलों के शासकीय महाविद्यालयों के प्राध्यापक शामिल हुए थे। प्रशिक्षण के दौरान महाविद्यालय में एनएनएस का प्रभार संभाल रहे प्राध्यापकों को अपने-अपने महाविद्यालयों में जनजातीय युवाओं का चयन करके उन्हें कॉलेज के रोल मॉडल और समाज-सेवी नेतृत्व के रूप में तैयार करने की जिम्मेदारी दी गई थी। प्रोजेक्ट के अगले चरण में अब ये प्राध्यापक अपने महाविद्यालयों में अध्‍ययनरत युवाओं को प्रशिक्षण प्रदान करेंगे। जिसके तहत विद्यार्थियों को निबंध लेखन, समूह संवाद एवं प्रोजेक्ट वर्क का प्रशिक्षण प्रदान करेंगे। प्र‍शिक्षण कार्यकम का यह तीसरा चरण 7 नवंबर से 12 दिसंबर तक चलेगा। 100 युवा सामाजिक परिवर्तनकर्ता होंगें तैयार प्रशिक्षण के बाद ओएसिस मिसाल प्रोजेक्‍ट के द्वारा 29 महाविद्यालयों में 100 युवा सामाजिक परिवर्तनकर्ताओं का चयन किया जाएगा। यह प्रक्रिया तीन चरणों में होगी : 1. निबंध प्रतियोगिता: छात्रों के विचार और सामाजिक समस्याओं के समाधान के नवाचार जानने के लिए। 2. समूह संवाद: टीम वर्क, सुनने और विचार साझा करने की क्षमता का मूल्यांकन। 3. प्रोजेक्ट वर्क: समाज में वास्तविक बदलाव लाने की प्रतिबद्धता और कार्यान्वयन क्षमता का परीक्षण। तीनों चरण सफलतापूर्वक पूर्ण करने वाले युवाओं को मिसाल विजेता घोषित किया जाएगा और उन्हें ओएसिस की ग्लोबली-प्रशंसित Live-Love-Learn (L3) कोर्स में शामिल किया जाएगा। यह कोर्स चार सप्ताह के residential workshops के माध्यम से आयोजित होगा। उद्देश्य और दीर्घकालिक प्रभाव जनजातीय युवाओं को सशक्त बनाना और उन्हें नेतृत्व के योग्य बनाना। युवाओं में चरित्र निर्माण और सामाजिक जिम्मेदारी को बढ़ावा देना। उनके माध्यम से महाविद्यालयों में सकारात्मक बदलाव और सामुदायिक विकास कार्यक्रम संचालित करना। जनजातीय युवाओं का सशक्तिकरण विभागीय अधिकारियों के अनुसार, यह पहल 10,000–20,000 युवाओं तक लाभ पहुँचाने की क्षमता रखती है, विशेषकर आदिवासी क्षेत्र में। इसके माध्यम से नवीन नेतृत्व और समाज सेवा के रोल मॉडल तैयार होंगे। मध्यप्रदेश के जनजातीय युवाओं के लिए नेतृत्व और चरित्र निर्माण में यह प्रोजेक्‍ट मील का पत्थर साबित होगा। चयनित एनएनएस अधिकारी और प्राध्यापक नोडल अधिकारी अपने कॉलेजों में इस कार्यक्रम के संचालन और युवा नेतृत्व विकास के लिए मार्गदर्शन प्रदान करेंगे।समाज में सकारात्मक बदलाव लाने वाले ये युवा नेतृत्वकर्ता आने वाले वर्षों में विद्यालयों, कॉलेजों और समुदायों में रोल मॉडल बनकर कार्य करेंगे। प्रशिक्षण में शामिल जिले इंदौर, धार, उज्जैन, बड़वानी, रतलाम, खंडवा, झाबुआ, बैतूल, आलीराजपुर और छिंदवाड़ा जिले के कुल 29 शासकीय महाविद्यालयों के विद्यार्थी शामि‍ल होंगे।  

प्रदेश के एक करोड़ हेक्टेयर रकबे को सिंचित बनाना हमारा लक्ष्य: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

सिंचाई सुविधाओं का विस्तार ही प्रदेश के समग्र विकास का है आधार : मुख्यमंत्री डॉ. यादव प्रदेश के एक करोड़ हेक्टेयर रकबे को सिंचित बनाना हमारा लक्ष्य मुख्यमंत्री ने दिए निर्देश — सभी सिंचाई परियोजनाएं तय समय सीमा में पूरी हों हरदा प्रदेश का पहला सिंचित जिला बनने की ओर अग्रसर तीन जनजातीय बहुल जिलों में 2 साल में 2 लाख हेक्टेयर रकबे में सिंचाई परियोजनाएं पूर्ण सिंहस्थ 2028 के लिए जलगत तैयारियां हर हाल में दिसंबर 2027 तक हो जाएं पूरी मुख्यमंत्री ने की नर्मदा घाटी विकास प्राधिकरण एवं नर्मदा नियंत्रण मंडल की बैठक में निर्माणाधीन सिंचाई परियोजनाओं की समीक्षा   भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश एक बार भी इतिहास बनाने जा रहा है। प्रदेश का हरदा जिला जल्द ही शत-प्रतिशत सिंचित जिला बनने की ओर तेजी से अग्रसर है। हरदा जिले में शहीद ईलाप सिंह माइक्रो उद्वहन सिंचाई परियोजना प्रगति पर है। करीब 756.76 करोड़ रुपये की लागत वाली इस परियोजना से हरदा जिले के 39 हजार 976 हेक्टेयर रकबे में सिंचाई की स्थायी सुविधा मिलेगी। बीते 16 महीनों में इसका 42 प्रतिशत से अधिक काम पूरा हो चुका है। इस परियोजना से हरदा जिले की तवा सिंचाई परियोजना के अंतिम छोर (टेल एण्ड एरिया) तक रबी फसल की सिंचाई के लिए पानी पहुंचेगा। इससे जिले के वे सभी किसान भी लाभान्वित होंगे जो अब तक कमांड एरिया के गांव में कोई योजना न होने के कारण सिंचाई सुविधाओं से वंचित थे। उन्होंने कहा कि इस परियोजना के पूरा होने पर हरदा प्रदेश का पहला शत-प्रतिशत सिंचित जिला बन जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्यप्रदेश के एक करोड़ हेक्टेयर कृषि रकबे को सिंचित बनाना हमारा प्राथमिक लक्ष्य है और हम इस दिशा में योजनाबद्ध तरीके से लागे बढ़ रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव सोमवार को मंत्रालय में नर्मदा घाटी विकास प्राधिकरण की 268वीं, नर्मदा नियंत्रण मंडल की 85वीं और नर्मदा बेसिन प्रोजेक्ट्स कंपनी लिमिटेड के गवर्निंग बोर्ड की 33वीं बैठक की अध्यक्षता करते हुए संबोधित कर रहे थे। बैठक में नर्मदा घाटी प्राधिकरण एवं नर्मदा नियंत्रण मंडल द्वारा प्रस्तावित सभी परियोजना प्रस्तावों एवं उनके उपबंधों का अनुमोदन किया गया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेश में निर्माणाधीन सभी सूक्ष्म, लघु, मध्यम एवं वृहद श्रेणी की सिंचाई परियोजनाओं एवं जल संरक्षण संरचनाओं के निर्माण कार्य की अद्यतन स्थिति की जानकारी ली। उन्होंने विभागीय अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि प्रदेश में निर्माणाधीन परियोजनाएं हर हाल में तय समय-सीमा में ही पूरी की जाएं। समय-सीमा में वृद्धि न की जाए। मुख्यमंत्री ने नर्मदा बेसिन प्रोजेक्टस कंपनी लिमिटेड द्वारा पूर्ण कराई जा रही परियोजनाओं के बारे में कहा कि निर्माणाधीन परियोजनाओं में वित्तीय आवश्यकताओं की पूर्ति के लिए एशियन और इंटरनेशनल मौद्रिक संस्थाओं से उच्च स्तर का समन्वय किया जाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में सिंचाई सुविधाओं के विस्तार से जुड़े सभी प्रकार के निर्माण कार्यों की नियमित रूप से मॉनिटरिंग की जाए। विभागीय वरिष्ठ अधिकारी केंद्र सरकार के जल शक्ति मंत्रालय के साथ सतत् समन्वय करें और प्रदेश के तय लक्ष्य प्राप्त करने के लिए फोकस्ड होकर कार्य करें। उन्होंने कहा कि सिंहस्थ-2028 के लिए उज्जैन में शिप्रा नदी के घाटों, जल संरक्षण संरचनाओं और अन्य श्रेणी के निर्माण कार्य अनिवार्यत: दिसंबर 2027 तक पूर्ण हो जाने चाहिए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि पड़ौसी राज्यों के साथ संयुक्त नदी-लिंक परियोजनाओं पर सक्रियता से कार्य किया जाए, ताकि मध्यप्रदेश के किसानों को अधिकतम जलराशि का लाभ मिले। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि उज्जैन में गौशाला, घाट और धर्मशालाओं के निर्माण में धार्मिक एवं परमार्थिक संस्थाओं की भागीदारी सुनिश्चित की जाए। उन्होंने सुझाव दिया कि आवश्यकता पड़ने पर कंपनियों के सीएसआर फंड से भी सहयोग लिया जाए। जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट ने बताया कि बीते 2 वर्षों में हरदा, बड़वानी और धार जिलों के जनजातीय अंचलों में करीब 2 लाख हेक्टेयर रकबे में सिंचाई उपलब्ध कराने वाली परियोजनाएं पूर्ण हो चुकी हैं। इन परियोजनाओं पर शासन द्वारा कुल 6,640 करोड़ रुपये व्यय किए गए हैं। इससे इन तीन जिलों के लगभग 600 गांवों के किसान सिंचाई सुविधा से लाभान्वित हुए हैं। इस पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जल संसाधन विभाग को इस उत्कृष्ट कार्य के लिए बधाई देते हुए कहा कि प्रदेश के जनजातीय बहुल क्षेत्रों में सिंचाई सुविधाओं का यह विस्तार प्रदेश के समग्र विकास का आधार बनेगा। अपर मुख्य सचिव, जल संसाधन डॉ. राजेश राजौरा ने बताया कि निर्माणाधीन स्लीमनाबाद टनल एलाईनमेंट के मध्य मिट्टी स्थिरीकरण के लिए केमिकल/कोल ग्राउटिंग मात्राओं की स्वीकृति दी जा चुकी है। इसका निर्माण कार्य लगभग पूर्णता की ओर है। शेष काम मात्र सवा 2 महीने में पूरा हो जाएगा। यह परियोजना 31 जनवरी 2026 तक पूरी कर ली जाएगी, इससे पूरा क्षेत्र कृषि उत्पादन में अग्रणी बन जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि उज्जैन जिले के बड़नगर क्षेत्र को सिंचाई सुविधाओं से लेस करने के लिए इसे पार्वती, कालीसिंध और चंबल राष्ट्रीय नदी लिंक परियोजना में शामिल कर लिया जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि चित्रकूट और मंदाकिनी नदी में मध्यप्रदेश और उत्तरप्रदेश की संयुक्त सिंचाई परियोजना के लिए उत्तरप्रदेश सरकार से समन्वय स्थापित किया जाए। मुख्यमंत्री ने ताप्ती मेगा रिचार्ज परियोजना की भी समीक्षा करते हुए कहा कि मध्यप्रदेश के हिस्से में आने वाले जल का पूरा लाभ सिंचाई और जल आपूर्ति व्यवस्था में सुनिश्चित किया जाए। अपर मुख्य सचिव डॉ. राजौरा ने बताया कि बड़नगर, नीमच और जावद सहित अन्य क्षेत्रीय सिंचाई परियोजनाओं को मिलाकर करीब 12,000 करोड़ रुपये के परियोजना प्रस्ताव केंद्र सरकार के जलशक्ति मंत्रालय को भेज दिए गए हैं। केंद्र सरकार ने इस संयुक्त परियोजना की डीपीआर (डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट) मांगी है। डीपीआर स्वीकृत होने पर यह संयुक्त परियोजना केन-बेतवा राष्ट्रीय नदी लिंक परियोजना का हिस्सा बनेगी। उन्होंने बताया कि ताप्ती मेगा रिचार्ज परियोजना के लिए भी महाराष्ट्र सरकार से लगातार समन्वय किया जा रहा है। अपर मुख्य सचिव ने बताया कि नर्मदा-झाबुआ-पेटलावद-थांदला-सरदारपुर उद्वहन माईक्रो सिंचाई परियोजना का 96 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है। यह फाइनल स्टेज पर है। आईएसपी- कालीसिंध उद्वहन माईक्रो सिंचाई परियोजना का भी 96 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है। शेष काम 31 दिसम्बर 2025 तक पूरा कर लिया जाएगा। डही उद्वहन माईक्रो सिंचाई परियोजना का 95 प्रतिशत कार्य पूरा हो चुका है। … Read more

मुख्यमंत्री डॉ. यादव निवेशक फ्रेंडली विजन को राष्ट्रीय मंच पर करेंगे साझा उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले राज्य होंगे सम्मिलित

दिल्ली में होने वाले ‘उद्योग संगम’ में मध्यप्रदेश पेश करेगा अपनी इनोवेशन उपलब्धियां भोपाल  केंद्र सरकार के उद्योग एवं आंतरिक व्यापार संवर्धन विभाग (DPIIT) द्वारा नई दिल्ली में 11 नवम्बर को ‘उद्योग संगम’ (Conference of Industries & Commerce Ministers) का आयोजन किया जा रहा है। राष्ट्रीय स्तर के इस सम्मेलन देश के सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री सहभागिता करेंगे। इस कार्यक्रम में वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री  पीयूष गोयल मुख्य अतिथि रहेंगे। इस सम्मेलन में Business Reform Action Plan (BRAP 2024) के परिणाम जारी किए जाएंगे और Ease of Doing Business के क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले राज्यों को सम्मानित किया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के विजन के अनुरूप राज्य में निवेशकों के लिए व्यवसायिक सुगमता, पारदर्शिता और दक्षता को नई दिशा दी गई है। 434 सुधारों (Reforms) का प्रभावी क्रियान्वयन मध्यप्रदेश द्वारा किया गया है। इन सुधारों में प्रोसेस इंजीनियरिंग, डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन और निवेश प्रोत्साहन से जुड़े कई उल्लेखनीय कदम शामिल हैं, जिनसे राज्य की औद्योगिक छवि सशक्त हुई है। मध्यप्रदेश के उद्योग विभाग द्वारा ‘उद्योग संगम’ में Invest MP Portal के माध्यम से स्थापित Single Window System, National Single Window System (NSWS) के साथ Integration, औद्योगिक भूमि बैंक (Industrial Land Bank) की सुविधा, Gati Shakti से जुड़ी लॉजिस्टिक सुधार पहल, ऑनलाइन क्लियरेंस प्रणाली, और Startup Ecosystem को प्रोत्साहित करने वाले नवाचार प्रमुख रूप से प्रदर्शित किए जाएंगे। इन सुधारों से राज्य में उद्योग स्थापना और संचालन प्रक्रियाएँ न केवल सरल हुई हैं, बल्कि निवेशकों का विश्वास भी अभूतपूर्व रूप से बढ़ा है। Ease of Doing Business में मध्यप्रदेश का प्रदर्शन देश के अग्रणी राज्यों में गिना जा रहा है और ‘उद्योग संगम’ में राज्य की पहलें अन्य राज्यों के लिए एक आदर्श मॉडल के रूप में प्रस्तुत की जाएंगी। कार्यक्रम के दौरान DPIIT सचिव द्वारा स्वागत उद्बोधन के बाद औद्योगिक पार्क, स्टार्टअप्स, गतिशक्ति, लॉजिस्टिक्स, और Ease of Doing Business पर विभिन्न विषयगत प्रस्तुतियाँ होंगी। सत्र के समापन पर BRAP 2024 Video Release और राज्यों के Felicitation समारोह का आयोजन किया जाएगा, जिसमें केंद्रीय मंत्री  पीयूष गोयल द्वारा राज्यों को सम्मानित किया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में मध्यप्रदेश लगातार इस दिशा में कार्य कर रहा है, जहाँ उद्योग स्थापना और निवेश प्रक्रियाएँ सरल, पारदर्शी और प्रभावी बनें। ‘उद्योग संगम’ में राज्य की प्रस्तुति इसी विजन का प्रतीक होगी।  

दिल्ली धमाके की साजिश: फरीदाबाद रेड के बाद पैनिक में आया आतंकी डॉ. उमर, जांच एजेंसियों ने खोले 10 राज़

नई दिल्ली दिल्ली कार ब्लास्ट केस की गुत्थी अब तक अनसुलझी है. आखिर लाल किला के पास कार में ब्लास्ट क्यों हुआ? किसने इस वारदात को अंजाम दिया, कौन आतंकी संगठन इसके पीछे है? इन सवालों के जवाब की तलाश जारी है. कार में विस्फोट पूरी तरह से फिदायीन हमले की ओर इशारा कर रहा है. सुरक्षा एजेंसियों की मानें तो कार में विस्फोटक लगाया गया था. कार में धमाका किया गया है. आरोपी आतंकी डॉक्टर उमर मर गया या जिंदा है, इसका पता नहीं चल पा रहा है. इस बीच उसके मां और भाई को हिरासत में ले लिया गया है. फरीदाबाद टेरर मॉड्यूल में कथित आतंकी डॉक्टर उमर की तलाश थी. सुरक्षा एजेंसियों को शक है कि दिल्ली लाल किला कार ब्लास्ट के बीच फरीदाबाद टेरर मॉड्यूल है. चलिए जानते हैं दिल्ली पुलिस को लाल किले कार ब्लास्ट में कई अहम सुराग मिले हैं. पुलिस घटनास्थल से बरामद कार में मिले शव का DNA टेस्ट करवाएगी. ताकि ये पुष्टि की जा सके कि कार में सवार शख्स डॉक्टर उमर मोहम्मद ही है या नहीं.  खुफिया एजेंसियों को शक है I- 20 कार में डॉक्टर उमर मोहम्मद सवार था. इस शख्स की एक सीसीटीवी तस्वीर मिली है जिसमें वह काले रंग की मास्क पहना है.  फरीदाबाद में भारी मात्रा में बरामद अमोनियम नाइट्रेट के मामले में जानकारी मिलने के बाद दिल्ली पुलिस समेत दूसरी एजेंसियां डॉक्टर उमर मोहम्मद की तलाश कर रही थी.  फरीदाबाद मॉड्यूल का आतंकी डॉक्टर उमर मोहम्मद फरार चल रहा था. एजेंसियों को उसकी तलाश थी. आज तक/इंडिया टुडे ने सूत्रों के हवाले से इस बात का खुलासा किया था.  1- सूत्रों के अनुसार धमाके के वक्त आतंकी उमर मोहम्मद कार में अकेला था. उसने अपने दो अन्य साथी आतंकियों के साथ हमले की योजना बनाई. सूत्रों के अनुसार जब फरीदाबाद टेरर मॉड्यूल में ताबड़तोड़ गिरफ्तारियां की जाने लगी तो उसे पकड़े जाने का डर सताने लगा और दहशत में आतंकी हमले की योजना बनाई. उसने अपने साथियों के साथ कार में डेटोनेटर लगाया और धमाके को अंजाम दिया.   सोमवार दोपहर 1 बजे आज तक/इंडिया टुडे ने बताया था कि जम्मू-कश्मीर पुलिस और फरीदाबाद पुलिस एक डॉक्टर की तलाश में थी. ये शख्स उमर मोहम्मद ही है. उमर मोहम्मद कश्मीर का रहने वाला है. धमाके में इस्तेमाल की गई I-20 कार इस  I- 20 कार के बारे में दिल्ली पुलिस और जांच एजेंसियों को अहम जानकारी लगी है.  आइए हम आपको बताते हैं कि  I-20 कार दिल्ली में कहां से चली और लाल किले तक कैसे पहुंची? दिल्ली पुलिस स्पेशल सेल ने इस कार के रूट का सीसीटीवी मैपिंग किया है.  2– इस के अनुसार ये I-20 कार बदरपुर बॉर्डर पर आखिरी बार दिखाई दी, बदरपुर से दिल्ली प्रवेश करती हुई कार दिखाई दे रही है. इसके आगे का रूट पता लगाया जा रहा है. इसके बाद ये कार लाल किले में मेट्रो स्टेशन, गेट नंबर- 1 के पास दिखी.  3- इससे पहले ये कार लाल किले के पास सुनहरी मस्जिद के पास की पार्किंग में 3 घंटे तक खड़ी रही. ये कार दोपहर 3:19 बजे पार्किंग में दाखिल हुई और शाम  6:48 बजे पार्किंग से बाहर निकली. इसके बाद लगभग 6:55 बजे धमाका हो गया. 4– दिल्ली पुलिस पुलिस ने उस सीसीटीवी फुटेज को हासिल कर लिया है जिसमें ये संदिग्ध कार पार्किंग में जाती और फिर बाहर निकलती दिख रही है. इससे पता चलता है कि संदिग्ध कार में अकेला था. अब जांच एजेंसियां दरियागंज रूट की जाने वाली गाड़ियों की जांच कर रही है. पुलिस 100 सीसीटीवी क्लिप्स की जांच कर रही है. इसके अलावा आस-पास के टोल प्लाजा के वीडियो फुटेज की भी जांच कर रही है. ताकि इस कार की पूरी मूवमेंट की जांच पता की जा सके.  5- जिस I-20 कार से लाल किले के पास ब्लास्ट किया गया है उसका मालिक मोहम्मद सलमान नाम का शख्स था. उसने इसे नदीम को बेचा. नदीम ने इस कार को एक कार डीलर, रॉयल कार जोन फरीदाबाद को बेचा. इसके बाद इसे तारिक ने खरीदा. फिर इसे उमर ने खरीदा. यह कार हरियाणा के गुरुग्राम नॉर्थ आरटीओ में रजिस्टर्ड थी. इसका नंबर HR 26 7624 था, जो मोहम्मद सलमान नाम के व्यक्ति के नाम पर दर्ज है. 6– तारिक को कल रात पुलिस ने पुलवामा के संबूरा से हिरासत में लिया है. लेकिन कार की RC तारिक के नाम नहीं है. सूत्र बताते हैं 2015 में तारिक ने कार को उमर को दे दिया था. तबतक कार तारिक के नाम से था. पुलिस ने इन दोनों को ही हिरासत में ले लिया है और पूछताछ कर रही है. इस डील में आमिर नाम के व्यक्ति का कनेक्शन सामने आया है. जम्मू-कश्मीर पुलिस तारिक और आमिर से पूछताछ कर रही है. 7- इसस पहले दिल्ली पुलिस ने इस ब्लास्ट की जानकारी देते हुए कहा था कि जिस कार में विस्फोट हुआ उसमें तीन लोग सवार थे. उन्होंने यह भी कहा कि वे इस बात की भी जांच कर रहे हैं कि क्या यह आत्मघाती हमला था. लेकिन अब पुलिस कह रही है कि कार में उमर मोहम्मद अकेला था.  8– एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने कहा, "विस्फोट एक चलती हुंडई I-20 कार में हुआ, जिसमें तीन लोग बैठे थे. हमें घायलों के शरीर में कोई छर्रा या पंचर नहीं मिला है, जो विस्फोट में असामान्य है. हम सभी पहलुओं की जांच कर रहे हैं." पुलिस अधिकारी ने बताया कि दिल्ली पुलिस ने देर शाम कार मालिक मोहम्मद सलमान को हिरासत में लिया और उससे गाड़ी के बारे में पूछताछ की. उन्होंने बताया कि सलमान ने डेढ़ साल पहले ओखला में देवेंद्र नाम के एक व्यक्ति को गाड़ी बेची थी. बाद में गाड़ी अंबाला में किसी को बेची गई और फिर पुलवामा में तारिक नाम के एक व्यक्ति को बेची गई. पुलिस उन लोगों का पता लगा रही है.  9- दिल्ली पुलिस ने इस ब्लास्ट में प्राथमिकी दर्ज कर ली है.  पुलिस ने  यूएपीए की धारा 16 और 18 के तहत प्राथमिकी दर्ज की है, जो आतंकवादी कृत्यों और उसके लिए दंड से संबंधित है. विस्फोटक पदार्थ अधिनियम की धारा 3 और 4 भी जोड़ी गई है. इसके अलावा, हत्या और हत्या के … Read more

दूसरे चरण में 12 मंत्रियों की परीक्षा, बिहार चुनाव में सत्ता की चुनौती

पटना. बिहार विधानसभा चुनाव के दूसरे चरण में 20 जिलों की 122 सीटों पर मतदान होना है और यह चरण मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के लिए असली अग्निपरीक्षा साबित होने जा रहा है. इस चरण में 12 मंत्रियों की साख दांव पर है. खास बात यह है कि इनमें कई दिग्गज लगातार जीत दर्ज करते रहे हैं तो कुछ नए चेहरे हैं जिन्होंने कम समय में सत्ता तक सफर तय किया. जिन मंत्रियों की प्रतिष्ठा दांव पर है इनमें ऊर्जा, योजना एवं विकास मंत्री विजेंद्र प्रसाद यादव सुपौल से, उद्योग मंत्री नीतीश मिश्रा झंझारपुर से, परिवहन मंत्री शीला मंडल फुलपरास से, पीएचईडी मंत्री नीरज कुमार सिंह बबलू छातापुर से, गन्ना उद्योग मंत्री कृष्णानंदन पासवान हरसिद्धि से, आपदा प्रबंधन मंत्री विजय कुमार मंडल सिकटी से, खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री लेसी सिंह धमदाहा से, भवन निर्माण मंत्री जयंत राज अमरपुर से, सहकारिता मंत्री डॉ. प्रेम कुमार गया टाउन से, विज्ञान, प्रौद्योगिकी एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री सुमित कुमार सिंह चकाई से, अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री जमा खान चैनपुर से और पशुपालन मंत्री रेणु देवी बेतिया से शामिल हैं. विजेंद्र प्रसाद यादव: नीतीश सरकार के वरिष्ठतम मंत्री ऊर्जा, योजना एवं विकास मंत्री विजेंद्र प्रसाद यादव इस बार लगातार नौवीं बार चुनाव लड़ रहे हैं. वे नीतीश कुमार के सबसे भरोसेमंद और वरिष्ठ मंत्रियों में से एक हैं. उन्होंने कहा – 24 घंटे बिजली, हर घर नल-जल, सड़क और पुलिया का जाल हमने बिछाया है. जनता मालिक है और जनता विकास पर भरोसा करेगी. डॉ. प्रेम कुमार: 8 बार के MLA, एंटी-इंकम्बेंसी की चुनौती सहकारिता मंत्री डॉ. प्रेम कुमार गया टाउन से लगातार आठ बार जीत चुके हैं. पर्यटन, सड़क और शिक्षा पर उनके काम को सराहा गया, लेकिन इस बार एंटी-इंकम्बेंसी फैक्टर चुनौती बन सकता है. वे कहते हैं-जनता काम को पहचानती है, विकास की राजनीति पर ही भरोसा करेगी. रेणु देवी: पूर्व डिप्टी CM अब पशुपालन मंत्री, साख की लड़ाई पूर्व उपमुख्यमंत्री और मौजूदा पशुपालन मंत्री रेणु देवी बीजेपी की महिला शक्ति का प्रतीक मानी जाती हैं. दुर्गा वाहिनी से राजनीति की शुरुआत कर उपमुख्यमंत्री तक पहुंची रेणु देवी अब अपने गढ़ में साख की परीक्षा में हैं. वे कहती हैं- मैंने सेवा की राजनीति की है, पद की नहीं. जनता ने हमेशा स्नेह दिया है और इस बार भी वही आशीर्वाद मिलेगा. नीतीश मिश्रा: विरासत और विकास मॉडल की परीक्षा पूर्व मुख्यमंत्री जगन्नाथ मिश्रा के पुत्र नीतीश मिश्रा, उद्योग मंत्री के रूप में सरकार के योजनागत विकास की तस्वीर पेश कर रहे हैं. उन्होंने कहा-पिता की विरासत को आगे बढ़ाते हुए हमने उद्यम और निवेश बढ़ाने पर ध्यान दिया है. जनता भरोसा रखेगी. शीला मंडल: स्त्री शक्ति का फेस, कर्पूरी ठाकुर की सीट परिवहन मंत्री शीला मंडल फुलपरास से दोबारा चुनाव लड़ रही हैं. 2020 में उन्होंने कांग्रेस के कृपानाथ पाठक को 10,966 वोटों से हराया था. दिलचस्प है कि 1977 में कर्पूरी ठाकुर इसी सीट से मुख्यमंत्री बने थे. शीला मंडल कहती हैं-फुलपरास का नाम अब महिलाओं के सशक्तिकरण से जुड़ गया है. हमने जो काम किया है उस पर जनता भरोसा करेगी. नीरज सिंह बबलू: दबंग छवि और बाढ़ प्रबंधन पर परीक्षा पीएचईडी मंत्री नीरज कुमार सिंह बबलू लगातार जीतते रहे हैं. अपने क्षेत्र में वे विकास और सख्त प्रशासन के लिए जाने जाते हैं. बाढ़ प्रभावित क्षेत्र होने के बावजूद उन्होंने राहत और पुनर्निर्माण कार्यों में तेजी लाई है. बबलू का कहना है-हमने नल-जल, सड़क और बिजली की दिशा में ठोस काम किया है. कृष्णानंदन पासवान: गन्ना किसानों की उम्मीदों की कसौटी गन्ना उद्योग मंत्री कृष्णानंदन पासवान हरसिद्धि (SC) सीट से चुनाव लड़ रहे हैं. यह इलाका गन्ना किसानों का केंद्र माना जाता है. पासवान का कहना है- गन्ना किसानों की समस्याओं के समाधान और मिलों को पुनर्जीवित करने पर हमने काम किया है. जनता सब जानती है. विजय कुमार मंडल: आपदा प्रबंधन मंत्री की साख दांव पर भागलपुर जिले की सिटी सीट से आपदा प्रबंधन मंत्री विजय कुमार मंडल मैदान में हैं. बाढ़ और राहत कार्यों में इनकी भूमिका अहम रही है. मंडल कहते हैं-आपदा के समय हमने राहत और पुनर्वास का मजबूत तंत्र बनाया. जनता हमारी प्रतिबद्धता देख रही है. लेसी सिंह: नीतीश की ‘शक्ति स्तंभ’, छठी जीत की कोशिश खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री लेसी सिंह मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की सबसे भरोसेमंद महिला सहयोगियों में से हैं. धमदाहा से वे लगातार पांच बार जीत चुकी हैं और इस बार छठी बार मैदान में हैं. उनका कहना है-महिलाओं के सम्मान और सुरक्षा के मुद्दे पर हमने काम किया है, वही हमारी सबसे बड़ी पूंजी है. जयंत राज: युवा कुशवाहा चेहरा और विकास की राजनीति भवन निर्माण मंत्री जयंत राज अमरपुर से चुनाव लड़ रहे हैं. वे कुशवाहा समाज में मजबूत पकड़ रखते हैं और खुद को “काम करने वाला नेता” बताते हैं. उनका कहना है-प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री दोनों के विकास कार्यों से जनता प्रभावित है. इस बार भी विश्वास मिलेगा. सुमित कुमार सिंह: निर्दलीय से बने मंत्री, अब JDU से टिकट विज्ञान, प्रौद्योगिकी और तकनीकी शिक्षा मंत्री सुमित कुमार सिंह पिछली बार निर्दलीय जीते थे, लेकिन अब जदयू से चुनाव मैदान में हैं. दिग्गज समाजवादी नेता नरेंद्र सिंह के बेटे हैं. इस बार उनके खिलाफ जदयू के ही 2020 के प्रत्याशी संजय प्रसाद निर्दलीय मैदान में हैं. सुमित का कहना है-हमारे परिवार की राजनीति सेवा पर आधारित रही है, जनता उस पर भरोसा करेगी. जमा खान: एकमात्र मुस्लिम मंत्री, विकास के भरोसे मैदान में अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री जमा खान पिछली बार बसपा से जीते थे, अब जदयू से मैदान में हैं. उनका कहना है- हम भाईचारे और विकास की राजनीति करते हैं. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के काम पर वोट मांग रहे हैं. बिहार चुनाव में पूर्व मंत्रियों की फौज भी मैदान में इस चरण में पूर्व विधानसभा अध्यक्ष उदय नारायण चौधरी (सिकंदरा), पूर्व उपमुख्यमंत्री तारकेश्वर प्रसाद (कटिहार) समेत एक दर्जन से अधिक पूर्व मंत्री मैदान में हैं. भाजपा से सुनील कुमार पिंटू, कृष्ण कुमार ऋषि, विनोद नारायण झा, राम नारायण मंडल, जदयू से दामोदर रावत, आरजेडी से जयप्रकाश नारायण यादव, बीमा भारती, समीर महासेठ, कुमार सर्वजीत, शाहनवाज आलम, बृज किशोर बिंद, हम से अनिल कुमार और लोजपा (रामविलास) से मुरारी प्रसाद गौतम की साख भी दांव पर है. 14 नवंबर को फैसले का दिन, तय होगी बिहार … Read more

ड्राइवर के बेटे की मेहनत रंग लाई, महिला IAS की मदद से बना डिप्टी कलेक्टर

खंडवा   यह कहानी है मध्य प्रदेश के खंडवा जिले के रहने वाले ऋतिक सोलंकी (Hrithik Solanki) की. उन्होंने विपरीत परिस्थितियों में भी हार नहीं मानी और अपनी मेहनत से मिसाल कायम की है. ऋतिक सोलंकी के पिता रूपसिंह सोलंकी आईएएस अफसर सृष्टि जयंत देशमुख के ड्राइवर हैं. आपने बड़े अधिकारियों के बच्चों को सफलता का शिखर छूते हुए तो अक्सर देखा होगा, लेकिन ऋतिक की सफलता ने साबित कर दिया कि लगन और दृढ़ संकल्प से गरीबी की रेखा को पार किया जा सकता है. ऋतिक सोलंकी की उपलब्धि सिर्फ उनकी व्यक्तिगत जीत नहीं, बल्कि उन सभी युवाओं के लिए बड़ी प्रेरणा है, जिनके पास सीमित संसाधन हैं. ऋतिक सोलंकी ने हाल ही में घोषित मध्य प्रदेश लोक सेवा आयोग (MPPSC) परीक्षा के नतीजों में सफलता हासिल की है. यह सफलता उन्हें विरासत में नहीं मिली है, बल्कि उनके पिता की ईमानदार मेहनत और मां के सहयोग से मिली है. अपने पिता को आईएएस सृष्टि देशमुख के यहां काम करते देखकर ऋतिक ने भी सिविल सेवा में जाने का सपना देखा और उसे पूरा किया.  आईएएस सृष्टि देशमुख के ड्राइवर हैं ऋतिक के पिता ऋतिक सोलंकी के पिता रूपसिंह सोलंकी वर्तमान में आईएएस सृष्टि देशमुख के ड्राइवर के पद पर तैनात हैं. आईएएस सृष्टि देशमुख देश की सबसे चर्चित महिला अफसरों की लिस्ट में शामिल है. इंस्टाग्राम पर उनके लाखों फॉलोअर्स हैं. सृष्टि देशमुख ने यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा 2018 में ऑल इंडिया रैंक 5 हासिल की थी. उन्होंने महिला वर्ग में टॉप किया था. आईएएस सृष्टि देशमुख वर्तमान में नरसिंहपुर जिले (मध्य प्रदेश) में अतिरिक्त जिला दंडाधिकारी (ADM) के पद पर कार्यरत हैं. चर्चा में हैं मध्य प्रदेश के ऋतिक सोलंकी ऋतिक सोलंकी ने MPPSC 2023 की परीक्षा में सफलता हासिल की है. इस परीक्षा के माध्यम से उनका चयन सरकारी अधिकारी के पद पर हुआ है, जिससे उनका सिविल सेवा का सपना पूरा हो गया है. ऋतिक ने सिर्फ मध्य प्रदेश लोक सेवा आयोग 2023 की परीक्षा में ही सफलता हासिल नहीं की है. वह इससे पहले 2022 में हुई एमपीपीएससी परीक्षा में भी सफल हो चुके हैं. तब उन्हें एटीओ यानी ट्रेजरी ऑफिसर के पद पर नियुक्ति मिली थी. फिलहाल वे अलीराजपुर में पोस्टेड हैं. दिल्ली यूनिवर्सिटी से ग्रेजुएट हैं ऋतिक सोलंकी ऋतिक सोलंकी के पिता रूपसिंह ने बताया कि उन्होंने बेटे को अफसर बनाने के लिए कई त्याग किए. उन्होंने अपनी और पत्नी की जरूरतों को पीछे रखकर घरखर्च में कटौती की. कई सुविधाओं से भी समझौता किया. बेटे को दिल्ली यूनिवर्सिटी से पढ़ाने और यूपीएससी की कोचिंग जॉइन करवाने के लिए उन्होंने अपनी जीपीएस मशीन बेच दी थी. ऋतिक सोलंकी अपनी सफलता का श्रेय अपने माता-पिता को देते हैं. उनके बड़े भाई राहुल भी मप्र वन सेवा परीक्षा में पास होकर महाराष्ट्र की चंद्रपुर फॉरेस्ट अकादमी में प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे हैं.  

यात्रियों की सुरक्षा बढ़ेगी, इंदौर स्टेशन पर QR कोड से ऑटो ड्राइवर की जानकारी उपलब्ध

इंदौर  रेल यात्रियों की सुरक्षा और सुविधा के लिए शासकीय रेलवे पुलिस (जीआरपी) नई पहल शुरू करने जा रही है, जिसका नाम है 'हमारी सवारी, भरोसे वाली'। पुलिस ने ऐसे ऑटो रिक्शा ड्राइवरों का डिजिटल डेटा बनाया है जो रेलवे स्टेशन से चलते हैं। ऑटो पर क्यूआर कोड भी लगाया जा रहा है, जिसे स्कैन करते ही उसकी संपूर्ण पहचान मोबाइल पर आ जाएगी। पुलिस अधीक्षक (रेल) पद्मविलोचन शुक्ल के अनुसार सवारियों की सुरक्षा और सुविधा में ऑटो ड्राइवरों का अहम रोल है। बाहर से आने वाले यात्री कई बार ड्राइवरों की शिकायत करते हैं पर उनके संबंध में जानकारी नहीं रहती। यह सब देखते हुए पुलिस ने रेलवे स्टेशन परिसर से संचालित होने वाले ऑटो ड्राइवरों का डिजिटल डेटा तैयार करवाया है। पुलिस ने ड्राइवरों का सत्यापन एवं पंजीकरण कर उनके नाम, मोबाइल नंबर, वाहन संख्या, फोटो और परिवार व रिश्तेदारों की जानकारी आदि का डेटाबेस तैयार कर लिया है। पुलिस रिकॉर्ड में पंजीकृत ऑटो रिक्शा पर क्यूआर कोड स्टीकर लगाया जाएगा, जिसे स्कैन करते ही ड्राइवर की पहचान मोबाइल पर मिल जाएगी। एसपी के अनुसार यात्री यह जान सकेगा कि उसका ड्राइवर कौन है और वह किस ऑटो रिक्शा में सफर कर रहा है। उसका सामान छूटने, विवाद होने, तय स्थान पर न छोड़ने पर पुलिस से मदद भी ले सकते हैं। एसपी ने बताया इस अभियान की शुरुआत 14 नवंबर से होगी। इससे चालकों को भी बेवजह के आरोपों से राहत मिलेगी। 'पटरी की पाठशाला' में पढ़ेंगे भिक्षावृत्ति करने वाले बच्चे जीआरपी पुलिस ने 'पटरी की पाठशाला' की शुरुआत की है। इसका उद्देश्य रेल सुरक्षा, महिला सुरक्षा, साइबर जागरूकता, नैतिक शिक्षा एवं नशामुक्त जीवन के संदेश को आमजन तक पहुंचाना है। इससे स्थानीय बच्चों में नैतिक शिक्षा, अनुशासन और जिम्मेदारी का भाव विकसित होगा। 'पटरी की पाठशाला' अभियान में बच्चों के लिए रेल सुरक्षा कक्षाएं, कहानी, पोस्टर व खेल के माध्यम से शिक्षा देना, गुड टच-बैड टच की जानकारी देना शामिल किया है। रेलवे स्टेशन और उसके आसपास भिक्षावृत्ति, व्यावसायिक गतिविधियों में लगे व लावारिस घूमने वाले बच्चों की पहचान कर उन्हें संरक्षण, शिक्षा और पुनर्वास की दिशा में आगे बढ़ाया जाएगा, ताकि वे देश के भविष्य निर्माण में सहभागी बन सकें। महिला एवं साइबर सुरक्षा सत्र में हेल्पलाइन नंबरों (139, 112, 1930) की जानकारी के साथ आत्मरक्षा एवं आत्मविश्वास पर भी चर्चा होगी।