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कोरिया जिले में अवैध रेत परिवहन पर प्रशासन की सख्ती

खनिज विभाग ने तीन मिनी ट्रक जब्त किए, शासन के निर्देश पर लगातार चल रहा अभियान कोरिया शासन के निर्देश पर जिले में अवैध खनिज परिवहन के विरुद्ध चलाए जा रहे अभियान के तहत खनिज विभाग ने बड़ी कार्रवाई करते हुए तीन मिनी ट्रक वाहनों को जप्त किया है। यह कार्रवाई तहसील सोनहत और बैकुंठपुर क्षेत्र में की गई, जहां गश्त के दौरान ये वाहन अवैध रूप से गौण खनिज रेत का परिवहन करते पाए गए। जब्ती के बाद इन वाहनों को चरचा थाना में अभिरक्षा में रखा गया है और संबंधित वाहन मालिकों के विरुद्ध नियमानुसार प्रकरण पंजीबद्ध किया गया है। जप्त किए गए वाहन सीजी 16 सीएल 7672    मिनी ट्रक     वाहन मालिक संत कुमार साहू, सीजी 16 सीजे 1135    मिनी ट्रक    वाहन मालिक राजकुमार साहू और सीजी 16 सी क्यू 5979    मिनी ट्रक     कमलेश यादव है। इन वाहन स्वामियों के विरुद्ध छत्तीसगढ़ गौण खनिज नियम 2015 की धारा 71 तथा खान एवं खनिज (विकास और विनियमन) अधिनियम 1957 की धारा 21 से 23 (ख) के तहत प्रकरण दर्ज कर विधिक कार्रवाई की जा रही है। जिला खनिज अधिकारी ने कहा कि शासन के निर्देश और कलेक्टर के मार्गदर्शन में जिले में अवैध उत्खनन, परिवहन एवं भंडारण के खिलाफ निरंतर अभियान चलाया जा रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि भविष्य में भी इस प्रकार की गतिविधियों पर सख्त निगरानी रखी जाएगी और संबंधित दोषियों पर कठोर कार्रवाई जारी रहेगी।

श्रद्धा और सौंदर्य का संगम – सिरौली मेला की गाथा

दक्षिणामुखी हनुमान मंदिर से जुड़ी शताब्दी पुरानी कथा, कार्तिक पूर्णिमा पर उमड़ता जनसमूह एमसीबी मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिले का सिरौली ग्राम हर वर्ष कार्तिक पूर्णिमा के पावन अवसर पर श्रद्धा, संस्कृति और सौंदर्य का अद्भुत संगम बन जाता है। यहां स्थित दक्षिणामुखी संकट मोचन हनुमान मंदिर न केवल धार्मिक आस्था का केंद्र है, बल्कि एक ऐसा स्थान भी है जहां इतिहास, किवदंती और लोकविश्वास एक सूत्र में गुंथे हैं। तीन दिवसीय सिरौली मेला का आरंभ होते ही पूरे क्षेत्र में भक्ति का वातावरण व्याप्त हो जाता है। जंगल की गोद से निकली आस्था की ज्योति इतिहासकार एवं जिला पर्यटन नोडल अधिकारी डॉ. विनोद पांडेय बताते हैं कि सिरौली मंदिर का उद्भव किसी स्थापत्य योजना से नहीं, बल्कि एक अनोखी दैवी प्रेरणा से हुआ। कहा जाता है कि लगभग सन 1924-25 से पूर्व यह इलाका घने जंगलों से घिरा था। स्थानीय गोवाहिकों को एक दिन जंगल के भीतर एक दिव्य प्रतिमा के दर्शन हुए। यह बात तत्कालीन कोरिया नरेश श्री रामानुज प्रताप सिंहदेव तक पहुंची। नरेश स्वयं अपने सेवकों के साथ इस रहस्यमयी स्थल पर आए। उन्होंने वृक्षों की सफाई कर प्रतिमा को खुदवाने का आदेश दिया, किंतु प्रतिमा का दाहिना पैर अनंत गहराई में धंसा हुआ था। रात में नरेश को स्वप्न में आदेश प्राप्त हुआ – “हनुमान जी की प्रतिमा को यहां पूजो, इसे कहीं और न ले जाओ।” इस दैवी संकेत के बाद विक्रम संवत 2016 (1924-25 ई.) में दक्षिणमुखी हनुमान मंदिर की स्थापना की गई। मंदिर के प्रथम महंत स्वर्गीय नीलकंठ शुक्ल महाराज रहे। तभी से कार्तिक पूर्णिमा पर मेले की परंपरा प्रारंभ हुई, जो आज तक निरंतर जारी है। मेले में उमड़ती श्रद्धा और उल्लास की लहर हर वर्ष कार्तिक पूर्णिमा के दिन सिरौली का यह पावन स्थल श्रद्धालुओं से भर उठता है। दूर-दराज़ के गांवों से लोग पैदल, वाहन या बैलगाड़ी से यहां पहुंचते हैं। मंदिर परिसर में हनुमान जी के दर्शन, पूजा-अर्चना और मन्नतें मांगने वालों की भीड़ उमड़ती है। स्थानीय श्रद्धालु परंपरा के अनुसार भंडारे का आयोजन करते हैं। मेला प्रांगण में झूले, खिलौनों की दुकानें, पूजा सामग्री, हस्तशिल्प, और खानपान के ठेले पूरे वातावरण को रंगीन बना देते हैं। बच्चों की हंसी और शंख-घंटियों की ध्वनि के बीच आस्था की यह महक सिरौली को एक जीवंत लोक उत्सव में बदल देती है। प्रकृति की गोद में बसा यह तीर्थ मंदिर से मात्र 50-60 मीटर दूरी पर हसदो नदी कलकल बहती है, जो स्थल को और अधिक पवित्र बनाती है। वहीं लगभग एक किलोमीटर की दूरी पर स्थित उदलकछार जलप्रपात अपनी श्वेतधारा से पर्यटकों को मोह लेता है। श्रद्धा के साथ-साथ प्रकृति की यह सुषमा सिरौली को आध्यात्मिक और पर्यटन – दोनों दृष्टियों से विशिष्ट बनाती है। लोक परंपरा की जीवंत धरोहर सिरौली मेला केवल धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि यह हमारी लोक संस्कृति, सामाजिक एकता और ऐतिहासिक चेतना का प्रतीक है। एक सदी से अधिक समय से यह मेला निरंतर लोगों को जोड़ता आया है – पीढ़ी दर पीढ़ी भक्ति और परंपरा की यह ज्योति आज भी समान तेज से प्रज्वलित है। कार्तिक पूर्णिमा के अवसर पर सिरौली की यह पवित्र भूमि आज भी यही संदेश देती है। “जहां आस्था है, वहीं संस्कृति जीवित है।”

सीएम गायब क्यों? प्रियंका गांधी का सवाल – ‘मोदी-नीतीश की केमिस्ट्री में दरार?’

पटना  बिहार चुनाव के दूसरे चरण के लिए प्रचार जोरों पर है। बुधवार को बाल्मीकि नगर विधानसभा क्षेत्र के हरनाटांड़ में कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी ने जनसभा को संबोधित किया। इस दौरान उन्होने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और सीएम नीतीश कुमार की केमिस्ट्री पर निशाना साधा। प्रियंका ने कहा कि बिहार की सरकार केंद्र से संचालित हो रही है बावजूद इसके पीएम मोदी की सभा में सीएम नीतीश नहीं दिख रहे हैं। उन्होने कहा कि पीएम को महागठबंधन के पोस्टरों में तेजस्वी नहीं है, इसकी चिंता नहीं, लेकिन नीतीश कुमार की कोई परवाह नहीं है। कांग्रेस सांसद ने आगे कहा कि बिहार की रिमोट सरकार दिल्ली से चल रही है। यहां की जनता के लिए योजनाएं दिल्ली से बन रही हैं। प्रधानमंत्री को किसानों की चिंता नहीं है, उन्हें पूंजीपतियों की चिंता है। आज देश में सरकारी नौकरियां कम हुई है और हर जगह ठेकेदारी व्यवस्था लागू हुई है। नौजवानों को रोजगार नहीं मिल रहा है। रोजगार के लिए लोग पलायन कर रहे हैं। लेकिन मोदी सरकार को इसकी चिंता नहीं है। अंग्रेजी साम्राज्य से कम नहीं है मोदी जी की सरकार। मोदी जी के शासन में आम लोगों के अधिकार छीने गये हैं। वोट चोरी की गई है। बिहार से 65 लाख मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से कटकर जनता के हाथों को कमजोर किया। पीएम की सभा से नीतीश गायब हैं- प्रियंका गांधी इस दौरान उन्होंने केंद्र और राज्य सरकार पर जमकर प्रहार किया। उन्होंने कहा कि बिहार की सरकार केंद्र से संचालित हो रही है बावजूद इसके पीएम के सभा में सीएम नहीं दिख रहे हैं। बिहार की एनडीए सरकार पर प्रहार करते हुए प्रियंका गांधी ने कहा कि 20 सालों के उनके शासनकाल में राज्य में बेरोगारी बढ़ी है, पलायन बढ़ा है। शिक्षा व्यवस्था चौपट हुई है। किसानों को उनके फसल का मूल्य नहीं मिला है और अस्पतालों की स्थिति बदहाल हुई है। उन्होंने लोगों से शिक्षा,रोजगार, महिला सशक्तिकरण पर इंडिया गठबंधन के पक्ष में मतदान करने की अपील की।

राजनीति में गरमाहट: योगी बोले- हिंदुओं को नजरअंदाज करने वालों को सत्ता से दूर रखें

गया मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि 2005 के पहले बिहार में अपराध, जातीय संघर्ष, माओवाद, नक्सलवाद था। यूपी-बिहार के नाम पर देश-दुनिया में सम्मान नहीं मिलता था। बिहार में लालू प्रसाद यादव के शासन में 60 से अधिक जातीय नरसंहार, 30 हजार से अधिक अपहरण हुए। व्यापारी, डॉक्टर, इंजीनियर, संभ्रांत व्यक्ति सुरक्षित नहीं थे। बिहार के 30-40 फीसदी लोगों की आबादी गोरखपुर व वाराणसी में है, क्योंकि उस समय जंगलराज था, लेकिन नीतीश बाबू के नेतृत्व में 20 वर्ष में सुशासन की सुदृढ़ नींव रखी गई। उत्तर प्रदेश में तमाम व्यस्तताओं के बीच मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ बुधवार को भी बिहार विधानसभा चुनाव में प्रचार करने पहुंचे। उन्होंने पहली रैली वजीरगंज विधानसभा क्षेत्र से विधायक व भाजपा प्रत्याशी बीरेंद्र सिंह के पक्ष में की। सीएम ने यहां भाजपा के विकास कार्यों को गिनाया तो राजद-कांग्रेस गठबंधन पर करारा प्रहार भी किया। मुख्यमंत्री ने गया को ज्ञान, मुक्ति व अध्यात्म की धरा बताते हुए यहां की ऐतिहासिकता पर प्रकाश डाला। बोले कि गया की धरती बहुत पवित्र है, सनातन धर्म की परंपरा है कि स्वर्ग लोक के पितर भी इसी धरती पर आकर तृप्त होते हैं। सीएम योगी ने कहा कि हर सच्चा भारतीय राम को पूर्वज मानता है। कांग्रेस, सपा व राजद जब राम मंदिर का विरोध कर रही थी तब भी रामभक्त नारा लगाते थे कि रामलला हम आएंगे, लाठी-गोली खाएंगे, मंदिर वहीं बनाएंगे। सुप्रीम कोर्ट में कांग्रेस ने कहा था कि राम हुए ही नहीं, जैसे लगता है कि कांग्रेस का ही खानदान पैदा हुआ है, बाकी हुए ही नहीं। उन्होंने कहा, "यह लोग राम-कृष्ण, विष्णु को नकारने लगते हैं। यह हिंदुओं को नकार देंगे, इसलिए हमें भी इन्हें नकार देना चाहिए। राजद ने राम मंदिर के रथ रोक दिया था। सपा ने रामभक्तों पर गोली चलाकर अयोध्या को लहुलूहान कर दिया। यूपी में भाजपा सरकार बनने के बाद हमने संकल्प पूरा किया। अयोध्या में भव्य राम मंदिर और काशी में काशी विश्वनाथ धाम का निर्माण का निर्माण हो गया। मथुरा-वृंदावन में कार्य कर रहे हैं। हर तीर्थ को सजा रहे हैं, जबकि सपा के लोग हमारे पैसे को कब्रिस्तान की बाउंड्री के लिए देते थे। हमने कहा कि यह पैसा मंदिरों-तीर्थों के सुंदरीकरण, हिंदू श्रद्धालुओं की सुविधा और गरीब हित में खर्च होगा।" सीएम योगी ने कहा कि बिहार में आज एनआईटी, आईआईएम, एम्स, इंजीनियरिंग कॉलेज, मेडिकल कॉलेज आदि की लंबी श्रृंखला है। बिहार का नौजवान दुनिया में फिर से अपनी मेधा की छाप छोड़ रहा है और बिहार के विकास में भी योगदान दे रहा है। 11 वर्ष में मोदी जी ने विकास व विरासत का सम्मान किया है। सीएम ने केंद्र सरकार की विकास योजनाओं को भी गिनाया। बोले कि कांग्रेस व राजद झूठे वायदे कर रहे हैं। पहले यह पशुओं का चारा खाए, अब अवसर दिया तो गरीबों का राशन खा जाएंगे। उन्होंने अपील की कि कांग्रेस-राजद की घोषणा पर विश्वास न करना, क्योंकि जो राम का नहीं, वह हमारे किसी काम का नहीं। जो 'रामद्रोही' है, वह हमारा भी विरोधी है। 'रामद्रोही' रामराज्य नहीं ला सकता, वह जंगलराज ही लाएगा। सीएम योगी ने कहा कि जिस बिहार ने डॉ. राजेंद्र प्रसाद, लोकनायक जयप्रकाश नारायण, जननायक कर्पूरी ठाकुर को दिया, वह बिहार पहचान के लिए क्यों मोहताज हुआ। पहले कांग्रेस, फिर राजद ने बिहार को लूटा, नौजवानों के रोजगार को छीना, किसानों को आत्महत्या के लिए मजबूर किया। गरीबों को योजनाओं का लाभ नहीं दिया। पैसा परिवार के विकास में लगा दिया, जिससे सब कुछ चौपट हो गया और नक्सलवाद, माओवाद, माफियावाद फैलता गया। बेटी-बहन पर सुरक्षा का संकट खड़ा हो गया। सत्ता के समानांतर माफिया की सरकार चलने लग गई। कांग्रेस व राजद ने बिहार के नागरिकों के सामने पहचान का संकट खड़ा किया। जब भी कानून व्यवस्था खराब होती है तो युवा रोजगार, बेटी सुरक्षा के लिए परेशान होती है। कोई निवेशक नहीं आता है, जिससे विकास बाधित हो जाता है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि राजद व कांग्रेस की पार्टनर यूपी में समाजवादी पार्टी है। लखनऊ में सपा सरकार के समय एक माफिया ने गरीबों और सरकारी जमीन पर चार किलेनुमे मकान बना डाले थे। हमारी सरकार बनते ही मैंने पूछा कि यह किसने बनवाए हैं। लोगों ने जब नाम बताया तो मैंने कहा कि यह तो कुख्यात माफिया है। फिर हमारी सरकार ने बुलडोजर की कार्रवाई की। हमने उस जमीन को प्लेन किया, फिर हाईराइज बिल्डिंग बनाकर गरीबों के आवास बनाए। कार्तिक पूर्णिमा पर आज सुबह मैं लखनऊ में गरीबों को आवास उपलब्ध करा रहा था। यूपी में जो काम सपा करती थी, वही काम बिहार में राजद व कांग्रेस करती थी। इनका उपचार केवल एनडीए है। यह लोग जाति सेना खड़ी करके लड़ाते थे। सीएम ने फिर चेताया- 'जब भी बंटेंगे तो कटेंगे'। सीएम ने कहा कि सपा, राजद व कांग्रेस को परेशानी होती है कि भाजपा की डबल इंजन सरकार नाम क्यों बदल देती है। हम इसलिए नाम बदलते हैं क्योंकि नाम के अनुरूप काम किया जा सके। हमने फैजाबाद का नाम अयोध्या किया, क्योंकि अयोध्या ही पौराणिक नाम था। भगवान राम का जन्म अयोध्या में हुआ था। फैजाबाद विदेशी आक्रांताओं का प्रतीक था। गंगा-यमुना का संगम जहां होता है, उसका नाम प्रयागराज था। मुगलकाल में इलाहाबाद कर दिया गया था, हमने फिर से प्रयागराज कर दिया। परेशान सपा वाले कहते हैं कि इसका नाम अयोध्या व प्रयागराज क्यों कर दिया। यहां भी कांग्रेस को परेशानी होगी कि कहीं वजीरगंज का नाम न बदल दिया जाए। हमें आगे बढ़ने के लिए विरासत का सम्मान और पूर्वजों पर गौरव की अनुभूति करनी होगी।

जनशक्ति, संस्कृति और विकास का संगम: रजत जयंती राज्योत्सव का भव्य समापन

मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने 2047 तक पूर्ण विकसित छत्तीसगढ़ का संकल्प दोहराया एमसीबी मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिले में छत्तीसगढ़ राज्योत्सव 2025 का रजत जयंती समापन अद्भुत उत्साह, सांस्कृतिक भव्यता और जनभागीदारी के साथ सम्पन्न हुआ। पूरे आयोजन स्थल में लोककला, परंपरा, विकास और गौरव का जीवंत संगम देखने को मिला। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में भरतपुर-सोनहत विधायक श्रीमती रेणुका सिंह तथा विशिष्ट अतिथि के रूप में स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल उपस्थित रहे। इनके साथ जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती यशवंती सिंह, जनपद अध्यक्ष, नगर निकाय प्रमुख एवं जिले के अन्य जनप्रतिनिधि भी शामिल हुए। सभी अतिथियों ने छत्तीसगढ़ महतारी के छायाचित्र पर दीप प्रज्वलन कर राज्य गीत के साथ कार्यक्रम की शुरुआत की। कार्यक्रम में मुख्य आकर्षण के रूप में स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल की उपस्थिति ने आयोजन की गरिमा को विशेष रूप से बढ़ाया। अपने उद्बोधन में उन्होंने कहा कि— “रजत जयंती केवल उत्सव नहीं, यह छत्तीसगढ़ की विकास-गाथा और जनता के परिश्रम का उत्सव है। हमारा लक्ष्य 2047 तक छत्तीसगढ़ को पूर्ण विकसित और आत्मनिर्भर राज्य के रूप में स्थापित करना है।” मंत्री श्री जायसवाल ने आगे कहा कि सरकार आयुष्मान भारत और मुख्यमंत्री स्वास्थ्य सहायता योजना के माध्यम से निःशुल्क और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाओं को हर नागरिक तक पहुँचा रही है। उन्होंने जिले में शीघ्र ही स्वास्थ्य सुविधाओं को और मजबूत करने की भी घोषणा की।                                 इससे पूर्व कलेक्टर डी. राहुल वेंकट ने रखी जिले की विकास गाथा, कलेक्टर डी. राहुल वेंकट ने स्वागत भाषण में कहा कि एमसीबी जिला वर्ष 2022 में गठन के बाद से शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि, सड़क, पर्यटन और आजीविका मिशन में उल्लेखनीय प्रगति कर रहा है। उन्होंने कहा कि राज्योत्सव आत्ममंथन का अवसर है कृ यह सोचने का समय है कि अगले 25 वर्षों में “नवा छत्तीसगढ़” को किस ऊँचाई तक ले जाना है। उन्होंने कहा कि यह उत्सव “जनसेवा, जनभागीदारी और जनविश्वास” का प्रतीक बन चुका है।      विभागीय प्रदर्शनी और योजनाओं का लाभ वितरण    राज्योत्सव स्थल पर लगाए गए 20 से अधिक विभागीय स्टॉल आकर्षण का केंद्र बने। शासन की योजनाओं, नवाचारों और उपलब्धियों की जानकारी देने के साथ ही विभिन्न योजनाओं के लाभ भी वितरण किए गए। श्रमिक पंजीयन कार्ड, आयुष्मान कार्ड, मोटराइज्ड साइकिल, व्हीलचेयर, वनाधिकार पट्टा, स्वच्छता किट, आइस बॉक्स और मछली पकड़ने के जाल जैसी सुविधाएँ लाभार्थियों को प्रदान की गईं। विधायक रेणुका सिंह और मंत्री जायसवाल ने प्रदर्शनी का अवलोकन कर लाभार्थियों से संवाद भी किया।                     समारोह में भरतपुर-सोनहत विधायक श्रीमती रेणुका सिंह, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती यशवंती सिंह सहित जनप्रतिनिधियों ने छत्तीसगढ़ की 25 वर्ष की विकास यात्रा को जनशक्ति, मातृत्व शक्ति और युवाशक्ति की उपलब्धि बताया। सांस्कृतिक मंच पर पंथी, राउत नाचा, करमा नृत्य और पारंपरिक लोकगीतों की प्रस्तुतियों ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। स्व-सहायता समूहों द्वारा निर्मित स्थानीय उत्पाद और वनोपज आत्मनिर्भरता के संदेश का केंद्र बने। समापन के अवसर पर पूरे पंडाल में एक स्वर में उद्घोष गूँजा—“जय जोहार, जय छत्तीसगढ़, हमर गौरव हमर पहचान”।

उसे ढूंढ निकालो! — महादेव बेटिंग ऐप मामले में सुप्रीम कोर्ट का ईडी को कड़ा निर्देश

नई दिल्ली महादेव बेटिंग ऐप घोटाले में फरार चल रहे सह-संस्थापक रवि उप्पल को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने प्रवर्तन निदेशालय (ED) को सख्त निर्देश दिए हैं। अदालत ने कहा कि ऐसे आरोपी कानून और जांच एजेंसियों के साथ खेल नहीं सकते। कोर्ट ने उप्पल की याचिका खारिज करते हुए टिप्पणी की, यह चौंकाने वाला मामला है, अदालत को अब कुछ करना ही होगा। उसे ढूंढ निकालो। दुबई से भी फरार हुआ आरोपी रवि उप्पल, जो लंबे समय से दुबई में रह रहा था, भारतीय एजेंसियों के प्रत्यर्पण प्रयासों के बीच वहां से भी फरार हो गया। अब उसकी मौजूदगी का कोई स्पष्ट सुराग नहीं है। सुप्रीम कोर्ट की बेंच जस्टिस एम.एम. सुंद्रेश और जस्टिस सतीश चंद्र शर्मा ने ईडी को उसकी तलाश की जिम्मेदारी सौंपी है। अदालत ने कहा कि उप्पल की पहुंच काफी लंबी है, तभी वह लगातार जगह बदल रहा है। ईडी का पक्ष और कोर्ट की प्रतिक्रिया अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल एस.वी. राजू ने अदालत को बताया कि रवि उप्पल को 2023 में दुबई में हिरासत में लिया गया था, लेकिन वह दुबई की जेल से भी फरार हो गया है। इस पर जस्टिस सुंद्रेश ने सख्त लहजे में कहा, वह हर बार भाग नहीं सकता। अंततः उसे इस प्रक्रिया का हिस्सा बनना ही पड़ेगा। साथ ही, अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि जमानत के सवाल पर हम नरमी बरतने को तैयार हैं, लेकिन सही समय आने पर ही उस पर विचार किया जाएगा। महादेव ऐप घोटाला महादेव बेटिंग ऐप कथित रूप से एक ऑनलाइन सट्टेबाज़ी नेटवर्क है, जिसके जरिए देशभर में हजारों करोड़ रुपए के लेन-देन किए गए। ईडी का आरोप है कि ऐप के जरिए मनी लॉन्ड्रिंग, टैक्स चोरी और विदेशी निवेश नियमों का उल्लंघन किया गया। रवि उप्पल और उसका सहयोगी सौरभ चंद्राकर इस पूरे नेटवर्क के कथित मास्टरमाइंड बताए जाते हैं।

उप राष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन, राज्यपाल रमेन डेका, मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने देखा एयर शो

रायपुर, छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना की 25वीं वर्षगांठ पर आज नवा रायपुर के सेंध जलाशय के ऊपर भारतीय वायु सेना की प्रतिष्ठित एरोबेटिक "सूर्यकिरण" की टीम ने रोमांचक एयर शो का प्रदर्शन किया। देश के उप राष्ट्रपति श्री सी.पी. राधाकृष्णन, राज्यपाल श्री रमेन डेका, मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय और विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह के साथ हजारों लोगों ने अद्भूत और रोमांचक एयर शो का आनंद लिया। आज प्रदेशवासियों के लिए वायु सेना का एयर शो कमाल का अनुभव रहा। सेंध जलाशय के ऊपर वायु सेना के फाइटर प्लेन्स ने एक के बाद एक कई हवाई करतब दिखाए। आसमान में पंछियों के झुंड की तरह बिल्कुल क्रम से उड़ने वाले फाइटर प्लेन्स के माध्यम से वायु सेना के जाबांजों ने अपने नियंत्रण और शौर्य का अद्भुत प्रदर्शन किया। विमानों के माध्यम से जब आकाश में तिरंगा लहराया तो सेंध जलाशय भारत माता की जय के नारे से गूंज उठा। एयर शो के दौरान "सूर्यकिरण" टीम के लीडर ग्रुप कैप्टन श्री अजय दशरथी ने आसमान से छत्तीसगढ़वासियों को रजत महोत्सव की बधाई दी। वहीं छत्तीसगढ़ निवासी भारतीय वायु सेना के स्क्वाड्रन लीडर श्री गौरव पटेल ने सेंध जलाशय के ऊपर अपने कॉकपिट से 'जय जोहार' और 'छत्तीसगढ़िया सबले बढ़िया' कहकर दर्शकों का अभिवादन किया। उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा, कृषि मंत्री श्री रामविचार नेताम, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री श्री केदार कश्यप, खाद्य मंत्री श्री दयाल दास बघेल, स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल, राजस्व मंत्री श्री टंकराम वर्मा, वित्त मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी, महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े, कौशल विकास मंत्री गुरू खुशवंत साहेब और सांसद श्री बृजमोहन अग्रवाल सहित विभिन्न निगमों, मंडलों और आयोगों के पदाधिकारी भी एयर शो देखने पहुंचे थे। "सूर्यकिरण" टीम ने अनुशासन, परस्पर विश्वास, सटीकता और उत्साह के साथ एक घंटे तक वायु सेना के विमानों के साथ कलाबाजी दिखाकर दर्शकों का भरपूर मनोरंजन किया। नवा रायपुर के सेंध जलाशय में मौजूद हजारों दर्शक पायलटों के हैरतअंगेज साहस और करतबों को देखकर मंत्रमुग्ध होते रहे। विंग कमांडर श्री ए.व्ही. सिंह के नेतृत्व में वन-एफ-9 और वन-एफ-8 हेलीकॉप्टर यूनिट ने वी-17 और वी-5 हेलीकॉप्टरों से स्लीपरी और स्काई-ऑपरेशन के करतब दिखाए। 'आदिदेव' नाम के इन हेलीकॉप्टरों से केवल 15 मीटर ऊंचाई पर स्थिर रहकर 14 गरूड़ कमांडोज रस्सी के सहारे नीचे उतरे। वहीं स्काई-ऑपरेशन के दौरान आठ गरूड़ कमांडोज रस्सी पर लटककर हेलीकॉप्टर से दर्शकों के सामने से आकाश में उड़ते हुए गुजरे। इन दोनों ऑपरेशनों को लड़ाई और आपदा के दौरान जनसामान्य को बचाने के लिए किया जाता है। एयर शो में "सूर्यकिरण" की टीम के नौ हॉक-मार्क-123 फाइटर विमानों ने आसमान में हार्ट, डायमंड, लूप, ग्रोवर, डान लाइट, कॉम्बैट तेजस जैसे शानदार फार्मेशन बनाकर लोगों को रोमांचित किया। नीले आसमान में उड़ते लाल-सफेद जेट विमानों द्वारा तिरंगे की आकर्षक ट्रेल छोड़ने पर सेंध जलाशय परिसर तालियों और जय-हिंद के नारों से गूंज उठा। हज़ारों की संख्या में मौजूद नागरिक, युवा और बच्चे लगातार विमानों की कलाबाजियों को अपने कैमरों और मोबाइलों में कैद करते रहे। वायु सेना के जाबांज फाइटर पायलटों ने आसमान में दिल की आकृति बनाकर 25वें राज्योत्सव की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने तिरंगे के तीन रंगों से डीएनए की आकृति बनाकर तिरंगे के प्रति अपना सम्मान प्रस्तुत किया। उन्होंने 360° में फाइटर जेट उड़ाते हुए उल्टा जेट भी उड़ाया। तेजस और युवाओं को समर्पित अंग्रेजी अक्षर 'वाई' की आकृति बनाने के साथ ही कई करतब दिखाए। टीम का प्रदर्शन केवल मनोरंजन नहीं, बल्कि युवाओं में देशप्रेम, साहस और भारतीय सशस्त्र बलों में सेवा की प्रेरणा जगाने का संदेश भी देता है। एयर शो में छत्तीसगढ़ के स्क्वाड्रन लीडर श्री गौरव पटेल का शामिल होना राज्यवासियों के लिए गर्व और भावनात्मक जुड़ाव का पल था। आसमान में अपने विमान को तेज गति से उड़ाते हुए श्री पटेल ने अपने कॉकपिट से 'जय जोहार' और 'छत्तीसगढ़िया सबले बढ़िया' का जय घोष किया। फ्लाइट लेफ्टिनेंट सुश्री कंवल संधू ने अपनी लाइव कमेंट्री के दौरान एयर शो के रोमांचक वर्णन के साथ ही पायलटों के अनुशासन, समर्पण, प्रशिक्षण और जोखिम प्रबंधन की बारीकियों की जानकारी दी। 'सूर्यकिरण' एशिया की एकमात्र नौ लड़ाकू विमानों वाली एरोबैटिक टीम, 1996 में हुई थी स्थापना भारतीय वायु सेना की सूर्यकिरण एरोबैटिक टीम (Surya Kiran Aerobatic Team) एशिया की एकमात्र नौ लड़ाकू विमानों वाली एरोबैटिक टीम है। यह विशिष्ट टीम भारत में ही निर्मित एचएएल (HAL) लाइसेंस प्राप्त हॉक एमके-132 (Mk-132) विमान उड़ाती है। इन विमानों के ज़रिए भारतीय वायु सेना की सटीकता, पेशेवर उत्कृष्टता और कौशल का अद्भुत प्रदर्शन करती है, जिसमें रोमांचक हवाई करतब और बेहद सटीक फॉर्मेशन शामिल होते हैं। सूर्यकिरण टीम को उसका मिशन विशेष बनाता है। देश के युवाओं को भारतीय सशस्त्र बलों में शामिल होकर देशसेवा के लिए प्रेरित करना इनका मिशन है। सूर्यकिरण टीम की स्थापना वर्ष 1996 में की गई थी। तब से यह टीम एशिया की एकमात्र नौ-विमानों वाली एरोबैटिक टीम होने का गौरव रखती है और दुनिया की कुछ चुनिंदा शीर्ष एरोबैटिक टीमों में शामिल है। यह असाधारण टीम अब तक भारत भर में 700 से अधिक प्रदर्शन कर चुकी है। साथ ही चीन, श्रीलंका, म्यांमार, थाईलैंड, सिंगापुर और संयुक्त अरब अमीरात (UAE) जैसे कई देशों में भारत का प्रतिनिधित्व अंतरराष्ट्रीय एयर शोज़ में भी किया है। टीम मंं कुल 13 पायलट, 3 इंजीनियरिंग अधिकारी, 1 उद्घोषक (कमेन्टेटर) और 1 चिकित्सा अधिकारी शामिल हैं। सूर्यकिरण टीम भारतीय वायुसेना की उस भावना को दर्शाती है जो उत्कृष्टता, अनुशासन और टीमवर्क पर आधारित है। टीम के सभी पायलट अत्यंत कठिन प्रशिक्षण से गुजरते हैं, जिसमें जटिल एरोबैटिक मूवमेंट्स का महीनों तक अभ्यास किया जाता है। उनका बेदाग़ तालमेल और नियंत्रण ही क्लोज़ फॉर्मेशन फ्लाइंग की नींव है जहाँ नौ विमान मानो एक ही आत्मा से संचालित प्रतीत होते हैं।

सिख धर्मावलंबियों के लिए खुशखबरी! गुरुपर्व पर पंजाब सरकार की बड़ी घोषणा

पठानकोट  पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने आज शाहपुर कंडी डैम प्रोजेक्ट का उद्घाटन किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि यह प्रोजेक्ट लंबे समय से निर्माणाधीन था और अब इसके पूरा होने से माझा क्षेत्र के लिए यह लाइफलाइन साबित होगा। इस प्रोजेक्ट से लाखों लोगों को बड़ा फायदा मिलेगा। मुख्यमंत्री ने बताया कि इस डैम से जहां बिजली उत्पादन होगा, वहीं सिंचाई की सुविधाएं भी बढ़ेंगी और युवाओं को रोजगार के अवसर मिलेंगे। उन्होंने कहा कि इस डैम की कुल लागत 3394.49 करोड़ रुपए है, जिसमें 80 फीसदी हिस्सा पंजाब सरकार और 20 फीसदी केंद्र सरकार का है। इस प्रोजेक्ट के लिए करीब 3171 एकड़ जमीन अधिग्रहित की गई है, जिनमें से 1643.77 एकड़ पंजाब की और बाकी जम्मू-कश्मीर की जमीन है। मुख्यमंत्री ने आगे बताया कि यहां 206 मेगावॉट क्षमता के दो पावर हाउस बनाए जा रहे हैं। इसके अलावा, इस डैम से बनने वाली तीन नई नहरों का निर्माण अंतिम चरण में है। उन्होंने कहा कि एक बड़ी झील भी तैयार की गई है, जिसे पर्यटन केंद्र (टूरिस्ट हब) के रूप में विकसित किया जा रहा है, जिससे लोगों को बड़ा लाभ मिलेगा। 

बाराचट्टी में चुनावी बवाल! HAM प्रत्याशी ज्योति देवी पर हमला, माहौल गरमाया

गया  गयाजी की बाराचट्टी सीट से जीतन राम मांझी की हम (सेक्यूलर) की प्रत्याशी ज्योति देवी पर हमला हुआ है। चुनाव प्रचार के दौरान सुलेबट्टा क्षेत्र में कुछ लोगों ने हमला बोला। ज्योति देवी का स्थानीय स्वास्थ्य केंद्र में इलाज चल रहा है। केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी की ज्योति देवी समधन हैं। पुलिस मामले की जांच में जुटी है। बताया जा रहा है कि खुली जीप में ज्योति देवी चुनाव प्रचार कर रही थीं। इसी दौरान भीड़ से कुछ असामाजिक तत्वों ने पत्थर फेंके थे। जिसमें एक पत्थर उन्हें लगा था। फिलहाल ज्योति खतरे से बाहर हैं। बाराचट्टी सीट पर दूसरे चरण में वोटिंग है। आपको बता दें एनडीए के सीट बंटवारे में जीतन राम मांझी की HAM को 6 सीटें मिली थी। जिसमें 3 टिकट उन्होने अपने परिवार के लोगों को दिए। जिसमें बहू दीपा कुमारी को इमामगंज से प्रत्याशी बनाया। वहीं बाराचट्टी से समधन ज्योति देवी को कैंडिडेट बनाया, और जमुई जिले की सिकंदरा सीट से प्रफुल्ल कुमार मांझी को पार्टी का प्रत्याशी बनाया गया है। जो जीतन राम मांझी के दामाद हैं। भूमिहार बिरादरी से आने वाले अनिल कुमार के परिवार को 2 टिकट दिए है। गया की टिकारी सीट से पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष अनिल कुमार को उतारा है तो उनके भतीजे रोमित कुमार को इसी जिले की अतरी सीट से टिकट दिया है।  

PCC अध्यक्ष बैज ने अस्पताल में घायलों से की मुलाकात, रेल हादसे पर जताया गहरा दुख

बिलासपुर कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज आज बिलासपुर के रेलवे अस्पताल पहुंचे, जहां रेल हादसे के घायलों से मुलाकात कर हाल-चाल जाना. इलाज को लेकर डॉक्टरों से बातचीत की. साथ ही अफसरों से घटना के बारे में जानकारी ली. बैज ने मीडिया से चर्चा करते हुए कहा, रेल हादसे के जिम्मेदार अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए. केंद्र और प्रदेश दोनों सरकार फेल है. अगर दोनों सरकारें ठीक से ध्यान देती तो ऐसा हादसा नहीं होता. रेल हादसे में हुई मौतों के लिए केंद्र व राज्य सरकार जिम्मेदार है. मृतक परिवारों को 1-1 करोड़ और घायलों को 50-50 लाख देने की मांग दीपक बैज ने डिप्टी सीएम अरुण साव के बयान पर भी पलटवार किया. उन्होंने कहा, हम राजनीति करने नहीं आए हैं. 11 लोगों की मौत का जिम्मेदार कौन है. कोयला गाड़ी को प्राथमिकता दी जा रही है, यात्री ट्रेनों को भगवान भरोसे छोड़ दिया गया है. छत्तीसगढ़ से सबसे ज्यादा आय देने वाला रेलवे जोन है. एक जान की कीमत 10 लाख रुपए दिया जा रहा है. मृतक परिवारों को 1-1 करोड़ और घायलों को 50-50 लाख रुपए दिया जाना चाहिए.