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lNIPE में प्रशिक्षिका के यौन उत्पीड़न मामले में हाई कोर्ट ने पीड़िता को 40 लाख रुपये मुआवजा देने का आदेश सुनाया

ग्वालियर  लक्ष्मीबाई राष्ट्रीय शारीरिक शिक्षा संस्थान (lNIPE) की महिला योग प्रशिक्षिका के यौन उत्पीड़न मामले में हाई कोर्ट ने ऐतिहासिक फैसला सुनाते हुए पीड़िता को 40 लाख रुपये मुआवजा देने का आदेश सुनाया है। इस राशि में से 35 लाख रुपये तत्कालीन कुलपति डॉ. दिलीप कुमार दुरेहा को देने होंगे, जबकि शेष 5 लाख रुपये राज्य सरकार देगी। कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया है कि राज्य सरकार यह राशि संबंधित पुलिस अधिकारियों से वसूलेगी, जिन्होंने मामले में तीन साल तक लापरवाही बरती। यह फैसला न केवल यौन उत्पीड़न के खिलाफ न्याय की मिसाल बना है, बल्कि यह भी दर्शाता है कि संस्थानों और प्रशासन की निष्क्रियता किस तरह पीड़ितों के लिए मानसिक, भावनात्मक और करियर से जुड़ी तकलीफें खड़ी करती है। हाई कोर्ट का आदेश हाई कोर्ट ने अपने आदेश में स्पष्ट किया कि पीड़िता को सिर्फ यौन उत्पीड़न का सामना नहीं करना पड़ा, बल्कि संस्थान और पुलिस की निष्क्रियता ने उसके साथ अन्याय को और भी गहरा किया। कोर्ट ने एलएनआईपीई पर एक लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया है और पीड़िता को स्थानांतरण का विकल्प देने के निर्देश दिए हैं। पीड़िता को मिली धमकियां पीड़िता ने अपनी शिकायत में बताया कि उत्पीड़न की घटना के बाद भी डॉ. दुरेहा लगातार दबाव बनाते रहे और मानसिक रूप से प्रताड़ित करते रहे। उसने 14 अक्टूबर 2019 को केंद्रीय खेल मंत्रालय को शिकायत दी थी, लेकिन संस्थान स्तर पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। सहयोगियों की भूमिका भी संदिग्ध शिकायत में यह भी बताया गया कि तत्कालीन डायरेक्टर जनक सिंह शेखावत, योग विभाग की एचओडी इंदु वोरा, सहायक अध्यापिका पायल दास और समन्वयक विवेक पांडे ने आरोपों को दबाने की कोशिश की। उन्होंने न केवल सबूत मिटाए, बल्कि सीसीटीवी फुटेज भी बदलवा दिए और शिकायत वापस लेने का दबाव बनाया। हाई कोर्ट की जांच समिति की रिपोर्ट महिला आयोग की सिफारिश पर बनी आंतरिक शिकायत समिति (ICC) की जांच में भी पुष्टि हुई कि डॉ. दुरेहा ने अपने पद का दुरुपयोग कर पीड़िता को प्रताड़ित किया और संस्थान की कार्यसंस्कृति को दूषित किया। कोर्ट ने इस रिपोर्ट को आधार बनाते हुए पीड़िता को न्याय दिलाने का निर्णय लिया।

हनीट्रैप का जाल: कारोबारी से 90 लाख की वसूली, ब्लैकमेलिंग का मामला दर्ज

जयपुर जयपुर के महेश नगर थाना क्षेत्र में एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां एक युवती ने प्रेमजाल और शादी का झांसा देकर एक कारोबारी से करीब 90 लाख रुपए ठग लिए और जब कारोबारी ने पैसे देने से मना किया तो युवती ने उसे झूठे रेप केस में फंसाने की धमकी दी। पीड़ित कारोबारी ने अब युवती के खिलाफ पुलिस में रिपोर्ट दर्ज करवाई है। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी हुई है। 2017 में हुई थी मुलाकात महेश नगर थाने के अनुसार 42 वर्षीय पीड़ित बिजनेसमैन सांगानेर इलाके का रहने वाला है और महेश नगर में स्थित एक कंपनी का डायरेक्टर है। साल 2017 में उसकी कंपनी में एक युवती ने समर इंटर्न के तौर पर काम शुरू किया था। इसी दौरान युवती ने सोशल मीडिया के जरिए कारोबारी से संपर्क साधने की कोशिश की। जब कारोबारी ने युवती की बातचीत में रुचि नहीं दिखाई तो उसने एक चाल चली और उसकी पत्नी से दोस्ती कर ली। इसके बाद युवती का कारोबारी के घर आना-जाना शुरू हो गया और वह धीरे-धीरे उसके करीब आ गई। प्रेमजाल और शादी का झांसा पुलिस रिपोर्ट के अनुसार युवती ने कारोबारी को प्रेमजाल में फंसाकर उससे शादी करने की बात कही। इस भरोसे को बनाकर वह कारोबारी से समय-समय पर अलग-अलग बहानों से पैसे मांगने लगी। कभी पारिवारिक परेशानी, कभी इलाज, तो कभी किसी अन्य जरूरत का हवाला देकर उसने कई बार मोटी रकम ली। कुछ ही साल में युवती ने झूठ बोलकर करीब 90 लाख रुपए कारोबारी से वसूल लिए। कारोबारी को पहले लगा कि वह उसकी मदद कर रहा है, लेकिन जैसे-जैसे डिमांड बढ़ती गई, उसे शक हुआ। जब कारोबारी ने पैसे देने से इनकार कर दिया तो युवती ने अपना असली रंग दिखाना शुरू कर दिया। उसने कारोबारी को धमकी दी कि अगर उसने और पैसे नहीं दिए तो वह उसके खिलाफ रेप का झूठा मामला दर्ज करवा देगी। पुलिस को दी गई शिकायत में कारोबारी ने बताया कि युवती ने उसे बदनाम करने और जेल भिजवाने की धमकी दी। इसके साथ ही 50 लाख रुपए और मांगे गए। डर और बदनामी के चलते कारोबारी लंबे समय तक चुप रहा लेकिन जब युवती की डिमांड और दबाव लगातार बढ़ते गए, तो आखिरकार उसने पुलिस की शरण ली। हनीट्रैप का शिकार हुआ कारोबारी पुलिस को संदेह है कि यह पूरी योजना पहले से तैयार की गई थी और युवती ने सुनियोजित तरीके से कारोबारी को हनीट्रैप में फंसाया। इस पूरे घटनाक्रम में युवती ने न केवल मानसिक दबाव बनाया बल्कि उसकी निजी जिंदगी को भी प्रभावित किया। महेश नगर थाना पुलिस ने युवती के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है और अब पूरे मामले की जांच की जा रही है। पुलिस का कहना है कि कॉल डिटेल्स, बैंक ट्रांजेक्शन और चैट रिकॉर्ड्स की मदद से जांच की जा रही है। पुलिस यह भी देख रही है कि क्या युवती ने पहले भी किसी और को इसी तरीके से निशाना बनाया है या यह मामला केवल एक बार की ब्लैकमेलिंग का है।

आज मध्यप्रदेश में 18 जिलों में भारी बारिश की चेतावनी, मौसम विभाग ने जारी किया अलर्ट, निवाड़ी में कोटा फुल

भोपाल  मध्यप्रदेश में तेज बारिश का दौर मंगलवार को भी जारी रहा। ग्वालियर, भोपाल, इंदौर समेत 25 से ज्यादा जिलों में बारिश हुई। सबसे ज्यादा ग्वालियर में 2.3 इंच पानी गिर गया। पिछले एक सप्ताह से जबरदस्त बारिश की वजह से नदी-नाले उफान पर हैं।  इससे पहले मंगलवार को ग्वालियर में 9 घंटे में ही 2.3 इंच बारिश हो गई। खरगोन में डेढ़ इंच, सीधी में 1 इंच और उमरिया में आधा इंच से ज्यादा पानी गिरा। शाजापुर और रायसेन में भी तेज बारिश का दौर चला। भोपाल, दतिया, इंदौर, नर्मदापुरम, श्योपुर, शिवपुरी, मंडला, सागर, सिवनी, बालाघाट, शाजापुर, राजगढ़, सीहोर, आगर-मालवा, देवास समेत कई जिलों में हल्की बारिश दर्ज की गई। हालांकि, बीते 24 घंटे में बारिश या वर्षाजनित हादसों में किसी मौत की खबर नहीं है। इस मानसूनी सीजन में मध्यप्रदेश में औसत 18.2 इंच बारिश हो गई है, जो कोटे से आधी है। अब तक की औसत बारिश से यह 72% यानी 5.6 इंच ज्यादा है। अब तक 10.6 इंच पानी गिरता है। निवाड़ी ऐसा जिला है, जहां एक महीने में ही बारिश का आंकड़ा 103% यानी 31.46 इंच पहुंच गया है। इस जिले की सामान्य बारिश साढ़े 30 इंच है। इंदौर और उज्जैन संभाग के जिले पिछड़े हुए हैं। 5 बड़े शहरों में भोपाल में 14.5 इंच, इंदौर में 7 इंच, ग्वालियर में 18.5 इंच, जबलपुर में 21.6 इंच और उज्जैन में 8 इंच पानी गिरा है। वहीं, टीकमगढ़ में 91% (33 इंच), छतरपुर में 75% (28 इंच), शिवपुरी में 82% (25.3 इंच) और मंडला में 75% (35 इंच) बारिश हो चुकी है। प्रदेश के पूर्वी हिस्से की बेहतर स्थिति मध्यप्रदेश के पूर्वी हिस्से जैसे- जबलपुर, रीवा, शहडोल और सागर संभाग में बारिश की स्थिति बेहतर है। इन संभागों के जिलों में औसत से 86 प्रतिशत पानी ज्यादा गिर चुका है। दूसरी ओर, पश्चिमी हिस्से जैसे- भोपाल, इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर, चंबल और नर्मदापुरम में औसत से 57 प्रतिशत ज्यादा बारिश हो चुकी है। इनमें इंदौर और उज्जैन संभाग की स्थिति ठीक नहीं है। कुल 15 जिलों में से 10 ऐसे हैं, जहां बारिश का आंकड़ा 10 इंच तक भी नहीं पहुंचा है।  MP में अगले 96 घंटे कैसा रहेगा मौसम, IMD ने जारी की भारी बारिश की चेतावनी  प्रदेश में मानसून की सक्रियता से कई जिलों में भारी बारिश हुई है, जिससे औसत बारिश का आंकड़ा 72% तक बढ़ गया है। निवाड़ी जिले में सामान्य से 103% अधिक बारिश दर्ज की गई है, जबकि इंदौर और उज्जैन संभाग में कम वर्षा हुई है। मौसम विभाग ने अगले कुछ दिनों में 18 जिलों में भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। चार दिन तक तेज बारिश का अलर्ट मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि अभी एक मानसून ट्रफ प्रदेश के ऊपरी हिस्से से गुजर रही है। इसके चलते बुधवार से अति भारी और भारी बारिश की चेतावनी दी गई है। प्रदेश के नजदीक लो प्रेशर एरिया (कम दबाव का क्षेत्र) एक्टिव होने से फिर से तेज बारिश का दौर शुरू होगा। अगले 4 दिन तक तेज बारिश का अलर्ट है। 25 से ज्यादा जिलों में हुई बारिश पिछले एक सप्ताह से हो रही जबरदस्त बारिश के कारण राज्य के नदी-नाले उफान पर हैं। ग्वालियर, भोपाल, इंदौर समेत 25 से ज्यादा जिलों में बारिश दर्ज की गई है। सबसे ज्यादा बारिश ग्वालियर में 2.3 इंच दर्ज की गई। खरगोन में डेढ़ इंच, सीधी में 1 इंच और उमरिया में आधा इंच से ज्यादा पानी गिरा। शाजापुर और रायसेन में भी तेज बारिश का दौर चला। इन जिलों में दर्ज हुई हल्की बारिश भोपाल, दतिया, इंदौर, नर्मदापुरम, श्योपुर, शिवपुरी, मंडला, सागर, सिवनी, बालाघाट, शाजापुर, राजगढ़, सीहोर, आगर-मालवा, देवास समेत कई जिलों में हल्की बारिश दर्ज की गई। इस मानसूनी सीजन में मध्यप्रदेश में औसत 18.2 इंच बारिश हो गई है। अब तक की औसत बारिश से यह 72% यानी 5.6 इंच ज्यादा है। निवाड़ी सबसे आगे, इंदौर-उज्जैन संभाग पीछे निवाड़ी ऐसा जिला है, जहां एक महीने में ही बारिश का आंकड़ा 103% यानी 31.46 इंच पहुंच गया है। इस जिले की सामान्य बारिश साढ़े 30 इंच है। इंदौर और उज्जैन संभाग के जिले पिछड़े हुए हैं। 5 बड़े शहरों में भोपाल में 14.5 इंच, इंदौर में 7 इंच, ग्वालियर में 18.5 इंच, जबलपुर में 21.6 इंच और उज्जैन में 8 इंच पानी गिरा है। टीकमगढ़ में 91% (33 इंच), छतरपुर में 75% (28 इंच), शिवपुरी में 82% (25.3 इंच) और मंडला में 75% (35 इंच) बारिश हो चुकी है। पूर्वी हिस्से में ज्यादा बारिश मध्यप्रदेश के पूर्वी हिस्से जैसे- जबलपुर, रीवा, शहडोल और सागर संभाग में बारिश की स्थिति बेहतर है। इन संभागों के जिलों में औसत से 86 प्रतिशत पानी ज्यादा गिर चुका है।

कांवड़ यात्रा का असर: गाजियाबाद के सभी स्कूल 7 दिन रहेंगे बंद, पूरी जानकारी यहां

गाजियाबाद आज गाजियाबाद में जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी ने कांवड़ यात्रा को लेकर शैक्षिक संस्थान बंद करने का आदेश जारी कर दिया है। 17 जुलाई से लेकर 23 जुलाई तक सभी बोर्ड के शिक्षण संस्थानों में छुट्टी की घोषणा की है। इस दौरान प्राथमिक से लेकर उच्च शिक्षण संस्थान सभी बंद रहेंगे। कार्यालय जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी, गाजियाबाद द्वारा जारी किए गए आदेश में कहा गया है कि सावन महीना के 11 जुलाई से शुरू होने तथा जलाभिषेक 23 जुलाई को होने के कारण गाजियाबाद की सीमा से लेकर बड़ी संख्या में शिव भक्त हरिद्वार से जल लेकर विभिन्न राज्यों जैसे राजस्थान, हरियाणा, दिल्ली और सीमावर्ती में जाने वाले हैं। इसको ध्यान में रखते हुए जिलाधिकारी गाजियाबाद द्वारा बच्चों और स्कूल बसों के आवागमन की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए गाजियाबाद में बेसिक शिक्षा के अंतर्गत आने वाले सभी प्राथमिक, माध्यमिक से लेकर सभी बोर्ड के स्कूलों को पूरी तरह से बंद करने का निर्देश दिया गया है। ये सभी स्कूल 17 जुलाई से लेकर 23 जुलाई तक पूरी तरह से बंद रहेंगे।

CM यादव फोरम में उपस्थिति उद्योगपतियों को मध्य प्रदेश में विभिन्न सेक्टर्स में निवेश के अवसरों पर विस्तृत जानकारी देंगे

भोपाल  मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव की विदेश यात्रा का दूसरा चरण 16 से 19 तक होगा जिसमें वे स्पेन में रहेंगे, दुबई यात्रा की सफलता के बाद अब वे स्पेन में निवेशकों को मध्य प्रदेश में इन्वेस्ट करने के लिए आमंत्रित करेंगे, इस दौरान कई सेशन होंगे जिसमें अलग अलग सेक्टर के निवेशकों से मुख्यमंत्री चर्चा करेंगे, मुख्यमंत्री दुबई से रवाना होकर देर रात स्पेन की राजधानी मैड्रिड पहुंचेंगे। “इन्वेस्ट इन मध्य प्रदेश” बिजनेस फोरम में करेंगे निवेशकों से संवाद  मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव 16 से 19 जुलाई 2025 तक स्पेन के आधिकारिक दौरे पर रहेंगे। स्पेन प्रवास के दौरान वे मैड्रिड में आयोजित “इन्वेस्ट इन मध्यप्रदेश” बिजनेस फोरम को संबोधित करेंगे और उद्योग, पर्यटन, खेल, संस्कृति तथा फिल्म निर्माण से जुड़े विषयों पर उच्चस्तरीय बैठकों में भाग लेंगे। ऐसा रहेगा पहले दिन 16 जुलाई का शेड्यूल      स्पेन प्रवास के पहले दिन 16 जुलाई की शुरूआत मुख्यमंत्री डॉ. यादव से भारत के राजदूत दिनेश के पटनायक शिष्टाचार भेंट करेंगे। इसके बाद वे “इन्वेस्ट इन मध्य प्रदेश” बिजनेस फोरम में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे। इस सेशन में वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा पर्यटन, औद्योगिक नीति एवं निवेश, आईटी और अधोसंरचना सेक्टर पर प्रेजेन्टेशन होगा।     बिजनेस फोरम की शुरुआत मध्य प्रदेश शासन के सचिव एवं मुख्यमंत्री के सचिव इलैयाराजा टी के स्वागत भाषण से होगी। स्पेन-इंडिया काउंसिल फाउंडेशन के अध्यक्ष जुआन इग्नासियो एंत्रेकानालेस भी फोरम को संबोधित करेंगे। नेचर बायोफूड्स के सीईओ रोहन ग्रोवर द्वारा अनुभव साझा किये जाएंगे।     मुख्यमंत्री डॉ. यादव फोरम में उपस्थिति उद्योगपतियों को मध्य प्रदेश में विभिन्न सेक्टर्स में निवेश के अवसरों पर विस्तृत जानकारी देंगे। नेटवर्किंग लंच में मुख्यमंत्री डॉ. यादव स्पेन के प्रमुख उद्योगपतियों एवं विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधियों से संवाद करेंगे।     मुख्यमंत्री डॉ. यादव खेल सेक्टर में विख्यात स्पोर्ट्स इंफ्रास्ट्रक्चर डिज़ाइन एवं कंसल्टिंग फर्म ‘पॉपुलस’ के प्रजेंटेशन में भाग लेंगे। यह प्रजेंटेशन श्री जोर्ज बेटनकौर द्वारा दिया जाएगा। जिसमें मध्यप्रदेश में आधुनिक खेल अधोसंरचना विकास पर चर्चा की जाएगी।     मुख्यमंत्री डॉ. यादव से बाद में स्पेन फिल्म आयोग के अध्यक्ष मुलाकात करेंगे, जिसमें मध्यप्रदेश में अंतर्राष्ट्रीय स्तर की फिल्म शूटिंग और सहयोग पर चर्चा की जाएगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव प्राडो म्यूज़ियम का भ्रमण भी करेंगे।     मुख्यमंत्री डॉ. यादव स्पेन में बसे भारतीय व्यापार समुदाय के प्रतिनिधियों से मुलाकात करेंगे और मैड्रिड में आयोजित विशेष रात्रि भोज में भाग लेंगे।

स्वच्छता सर्वेक्षण में मध्यप्रदेश का जलवा, भोपाल सबसे साफ शहरों में टॉप-3 में

भोपाल  स्वच्छ सर्वेक्षण 2024-25 में स्वच्छ शहरों के मामले राजधानी भोपाल ने देश में दूसरा स्थान हासिल किया है. भोपाल की रैंकिंग में सुधार करते हुए दूसरा स्थान हासिल किया. देश के दूसरे क्लीनेस्ट सिटी में शुमार हुए भोपाल में अब जश्न की तैयारी है. भोपाल नगर निगम ने जनप्रतिनिधि स्वच्छता मित्रों और जनता के साथ जश्न मनाएंगी. स्वच्छता सर्वेक्षण-2024 में भोपाल देश के सबसे साफ शहरों में टॉप-3 पर है। राष्ट्रपति द्रोपदी मुर्मू पुरस्कार देगी। निगम अध्यक्ष किशन सूर्यवंशी ने बताया, भोपाल ने 3 पायदान छलांग लगाई है और देश में दूसरे नंबर पर आया है स्वच्छ सर्वेक्षण 2024 में राजधानी भोपाल ने पिछले साल की तुलना में तीन पायदान की छलांग लगाते हुए भारत के दूसरे क्लीनेस्ट सिटी का तमगा हासिल किया है.अहमदाबाद अव्वल आया है, जबकि लखनऊ ने 44वें पायदान से बड़ी छलांग लगाकर तीसरे स्थान पर पहुंच गई है. 17 जुलाई को राष्ट्रपति भवन में होगा स्वच्छ सर्वेक्षण 2024 अवॉर्ड वितरण कार्यक्रम गौरतलब है 17 जुलाई को राष्ट्रपति भवन में होने वाले स्वच्छ सर्वेक्षण 2024 अवॉर्ड वितरण कार्यक्रम में होगा. अवॉर्ड समारोह में शामिल होने के लिए भोपाल मेयर और कमिश्नर आज नई दिल्ली के लिए रवाना होंगे, जहां आधिकारिक रूप से स्वच्छ शहर के विजेताओं की घोषणा भी होगी, इसके बाद अवॉर्ड दिए जाएंगे. अवॉर्ड लेने नई दिल्ली के लिए रवाना होंगे भोपाल नगर निगम मेयर और कमिश्नर रिपोर्ट के मुताबिक देश के स्वच्छ सिटी में दूसरा स्थान का अवॉर्ड पाने के लिए भोपाल नगर निगम मेयर और निगम कमिश्नर आज नई दिल्ली के लिए रवाना होंगे और 17 जुलाई यानी कल राष्ट्रपति भवन में राष्ट्रपति द्रोपदी मुर्मू के हाथों अवॉर्ड ग्रहण करेंगे.निगम शुक्रवार को भोपाल में जनप्रतिनिधि स्वच्छता मित्रों और जनता के साथ जश्न मनाने की तैयारी कर रही है. राष्ट्रपति 17 जुलाई को सुपर लीग श्रेणी में इंदौर को अवॉर्ड देंगी. यह अवॉर्ड इंदौर को 10 लाख से अधिक आबादी वाले शहरों में मिलेगा. 3 से 10 लाख तक की जनसंख्या में उज्जैन और 20 हजार से अधिक जनसंख्या वाले में सीहोर जिले की बुदनी को यह अवॉर्ड मिलेगा. इधर, पुरस्कार लेने के लिए मेयर मालती राय और निगम कमिश्नर हरेंद्र नारायण बुधवार को दिल्ली के रवाना होंगे। 17 जुलाई को नई दिल्ली स्थित विज्ञान भवन में एक आयोजन होगा। कार्यक्रम की अध्यक्षता राष्ट्रपति द्रोपदी मुर्मू करेंगी। सबसे स्वच्छ राजधानी का तमगा मिलने की उम्मीद स्वच्छ सर्वेक्षण में इस बार भी मध्यप्रदेश के शहर बाजी मारेंगे। राजधानी भोपाल देश के सबसे स्वच्छ शहरों में दूसरे नंबर पर रहेगा। साथ ही सबसे स्वच्छ राजधानी का तमगा भी फिर मिलने की उम्मीद है। पिछली बार पांचवें नंबर पर था भोपाल पिछले सर्वे में भोपाल 5वें नंबर पर था। कचरे की प्रोसेसिंग में सुधार व डोर-टू-डोर कचरा कलेक्शन की व्यवस्था को और पुख्ता कर भोपाल ने दावा मजबूत किया है। वहीं, फरवरी में हुई ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट (जीआईएस) की वजह से भी भोपाल को फायदा मिलेगा। जीआईएस के चलते राजधानी में 100 करोड़ रुपए से ज्यादा के काम शहर में हुए हैं। इसमें स्वच्छता से जुड़े काम भी शामिल थे। इसी दौरान स्वच्छता सर्वेक्षण टीमें भी भोपाल पहुंची थी। इसलिए दावा मजबूत है। स्वच्छ सर्वेक्षण में भोपाल का अब तक का सफर स्वच्छ सर्वेक्षण में भोपाल ने 2017 और 2018 में लगातार दो साल देश में दूसरी रैंक हासिल की थी। 2019 में भोपाल खिसककर 19वें नंबर पर आ गया था। उस समय अफसरों के लगातार तबादले के कारण तैयारियों की दिशा ही तय नहीं हो पाई थी, लेकिन 2020 में कम बैक करते हुए 12 पायदान ऊपर खिसका और 7वीं रैंक हासिल की। 2021 के सर्वेक्षण में भी भोपाल ने 7वां स्थान हासिल किया था। 2022 के सर्वेक्षण में भोपाल की रैंक सुधरी और यह छठवें स्थान पर आ गया। वहीं, भोपाल को 5 स्टार मिला। 2023 के सर्वेक्षण में पांचवीं रैंकिंग रही थी। इस बार यह टॉप-3 में हो सकती है। स्वच्छ सर्वेक्षण 2024 में इस बार प्रदेश के कुल 8 शहर सम्मानित किया गया हैं दरअसल, स्वच्छ सर्वेक्षण 2024 में इस बार प्रदेश के कुल 8 शहर सम्मानित किए गए हैं. इनमें राजधानी भोपाल, देवास और शाहगंज को राष्ट्रपति पुरस्कार मिलेगा. इसके अलावा आवास व शहरी कार्य मंत्री मनोहर लाल खट्टर जबलपुर और ग्वालियर को उल्लेखनीय प्रयासों के लिए सम्मानित करेंगे. लगातार 7 बार नंबर-1 स्वच्छ शहर रहे इंदौर इस बार सुपर लीग श्रेणी में है उल्लेखनीय है लगातार सात बार देश के नंबर-1 स्वच्छ शहरों में शुमार रहे इंदौर को इस बार नई कैटगरी स्वच्छ सुपर लीग में शामिल किया है. पिछले साल से जोड़ी स्वच्छ सुपर लीग में तीन साल से टॉप-3 में आने वाले शहरों को जोड़ा जाता है. इस साल इस लीग में एमपी के तीन शहरों क्रमशः इंदौर, उज्जैन और बुदनी को शामिल किया गया है.

मुख्य सचिव मनोज कुमार सिंह को मिलेगा सेवा विस्‍तार? रिटायरमेंट से पहले योगी सरकार ने उठाया ये कदम

लखनऊ  मुख्य सचिव मनोज कुमार सिंह को सेवा विस्तार मिल सकता है। प्रदेश सरकार ने उनके एक वर्ष के सेवा विस्तार के लिए केंद्र सरकार को पत्र भेज दिया है। वे इसी माह 31 को सेवानिवृत्त होने वाले हैं। उनको सेवा विस्तार देने के प्रस्ताव के साथ ही उनके प्रदेश हित में किए गए कार्यों का भी जिक्र किया गया है।  इसमें लिखा गया है कि उन्होंने प्रदेश में औद्योगिक वातावरण बनाने में अहम भूमिका निभाई है। इसके साथ ही अर्थव्यवस्था को एक ट्रिलियन डॉलर तक ले जाने की दिशा में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। वर्ष 1988 बैच के आईएएस अधिकारी मनोज कुमार के सेवा विस्तार की संभावना इसलिए भी प्रबल बताई जा रही है क्योंकि हाल ही में कई राज्यों के मुख्य सचिव को सेवा विस्तार मिल चुका है। इनमें हरियाणा के मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी का कार्यकाल एक वर्ष के लिए बढ़ाया जा चुका है।  वहीं, छत्तीसगढ़ के मुख्य सचिव अमिताभ जैन को तीन माह का सेवा विस्तार दिया गया है। इससे पहले मार्च में हिमाचल प्रदेश के मुख्य सचिव प्रबोध सक्सेना को छह महीने का सेवा विस्तार केंद्र सरकार दे चुकी है। चूंकि मुख्य सचिव के पास अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास आयुक्त का पद भी है। उन्हें 30 जून 2024 को मुख्य सचिव पद की जिम्मेदारी मिली थी। योगी सरकार में नगर विकास, पंचायती राज, ग्राम विकास विभाग और कृषि उत्पादन आयुक्त जैसे महत्वपूर्ण पदों पर रह चुके हैं।  वे मुख्यमंत्री के भरोसेमंद अधिकारी माने जाते हैं। ऐसे में उन्हें एक वर्ष का सेवा विस्तार मिल सकता है। केंद्र सरकार को भेजे गए पत्र में वैश्विक निवेश सम्मेलन और भूमि पूजन समारोह इसी वर्ष कराने का जिक्र किया गया है। वर्ष 2019 में मुख्य सचिव रहे अनूप चंद्र पांडेय काे छह माह का सेवा विस्तार केंद्र सरकार ने इसी आधार पर दिया था।  

सीएम यादव के ससुर का निधन, अंतिम संस्कार में शामिल नहीं होंगे मुख्यमंत्री

 रीवा  मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के ससुर, ब्रह्मदीन यादव का मंगलवार रात को 99 वर्ष की आयु में निधन हो गया। उन्होंने उत्तर प्रदेश के सुल्तानपुर के विवेकानंद नगर स्थित अपने आवास पर अंतिम सांस ली। उनके पार्थिव शरीर को रीवा ले जाया गया है, जहां बुधवार को उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा। यह दुखद खबर सुनते ही स्थानीय भाजपा नेताओं और परिचितों का उनके आवास पर आना शुरू हो गया ताकि वे उन्हें श्रद्धांजलि दे सकें। बता दें कि सीएम मोहन यादव और उनकी पत्नी सीमा यादव दुबई में हैं,उन्हें निधन की सूचना मिल गई है। मुख्यमंत्री मोहन यादव के साले, सदानंद यादव ने बताया, "उन्हें कोई बीमारी या ऐसी कोई समस्या नहीं थी। मोहन यादव अभी नहीं आ पाएंगे, क्योंकि वे विदेश दौरे पर हैं। उन्हें यह जानकारी मिल गई है। अंतिम संस्कार यहीं रीवा में ही किया जाएगा।" ब्रह्मदीन यादव की तबीयत मंगलवार शाम को अचानक खराब हो गई थी। इससे पहले 27 जून को भी सांस और पेट संबंधी परेशानियों के चलते उनकी तबीयत बिगड़ गई थी। उन्हें उत्तर प्रदेश के सरकारी मेडिकल कॉलेज के आईसीयू में भर्ती कराया गया था। मुख्यमंत्री यादव की पत्नी और उनकी बेटी, सीमा यादव, 28 जून को उनसे मिलने आई थीं। इसके कुछ ही समय बाद वह मध्य प्रदेश लौट गई थीं। कुछ समय के सुधार के बाद, ब्रह्मदीन यादव को 30 जून को अस्पताल से छुट्टी मिल गई थी और वे घर आ गए थे। हालांकि, मंगलवार शाम को उनकी तबीयत अचानक फिर बिगड़ गई। उन्हें तुरंत अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। बता दें कि 2023 में उनकी पत्नी का भी निधन हो गया था। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव इस समय दुबई और स्पेन के सात दिवसीय विदेश दौरे पर हैं। इस दौरान वे उद्योगपतियों, निवेशकों और फिल्म निर्माताओं के साथ बैठकें करने वाले हैं। उनकी पत्नी, सीमा यादव भी इस दौरे पर उनके साथ गई हैं। ब्रह्मदीन यादव के निधन की खबर मुख्यमंत्री के दुबई से स्पेन के लिए रवाना होने के बाद आई। सीएम डॉ. मोहन यादव सात दिन की दुबई और स्पेन यात्रा पर हैं। सीएम के साथ पत्नी सीमा यादव भी विदेश दौरे पर हैं। जिस वक्त उनके ससुर के निधन की खबर आई, उस दौरान सीएम दुबई से स्पेन के लिए रवाना हो चुके थे। वे जरूरी बैठकों और दूरी के कारण रीवा नहीं पहुंच पाएंगे। वहीं, मुख्यमंत्री के दोनों बेटे अभिमन्यु और वैभव अपनी बुआ कलावती यादव के साथ फ्लाइट से रीवा पहुंच रहे हैं। संघ से जुड़े थे, कई आंदोलन किए 27 जून की रात ब्रह्मादीन यादव का स्वास्थ्य बिगड़ गया था। उन्हें सांस और पेट से संबंधित बीमारी के बाद राजकीय मेडिकल कॉलेज के ICU वार्ड में एडमिट कराया गया था। 28 जून को उनकी बेटी और सीएम मोहन यादव की पत्नी सीमा यादव अपनी बेटी के साथ उन्हें देखने पहुंची थीं। फिर वे मध्यप्रदेश लौट आई थीं।​​​​​​​ ब्रह्मादीन यादव शुरुआत से राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) से जुड़े थे। विद्यार्थी जीवन में उन्होंने कई आंदोलन किए। इसके बाद पुलिस की गिरफ्तारी से बचने के लिए घर से भागकर मुंबई चले गए। उनका असली नाम ब्रह्मानंद था, लेकिन गिरफ्तारी से बचने के लिए उन्होंने बाद में अपना नाम ब्रह्मादीन रख लिया। उन्होंने मुंबई में पढ़ाई शुरू की। पढ़ाई पूरी करके फिर यूपी आ गए। इसके बाद नौकरी के लिए मध्यप्रदेश के रीवा पहुंचे। यहां एक राजकीय स्कूल में नौकरी मिल गई। 1987 में वो प्रिंसिपल के पद से रिटायर्ड हुए थे। ब्रह्मदीन यादव अपने बेटे विवेकानंद यादव के साथ सुल्तानपुर में रहते थे। विवेकानंद यादव सरस्वती विद्या मंदिर में शारीरिक शिक्षा के शिक्षक (पीजीटी) के रूप में कार्यरत हैं। ब्रह्मदीन यादव के तीन बेटे और एक बेटी थीं, जिनका नाम सीमा यादव है। सीमा यादव की शादी 1994 में उज्जैन में मोहन यादव से हुई थी। उनका परिवार मूल रूप से उत्तर प्रदेश के अंबेडकरनगर जिले की भीटी तहसील के कोदरा ददवा गांव का रहने वाला है। अपनी छात्र जीवन के दौरान, ब्रह्मदीन यादव राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) से गहराई से जुड़े हुए थे और उन्होंने कई आंदोलनों का नेतृत्व किया। गिरफ्तारी से बचने के लिए, वे मुंबई चले गए और अपना नाम ब्रह्मानंद से बदलकर ब्रह्मदीन कर लिया। आंदोलन से जुड़े सरकारी रिकॉर्ड में उनका नाम दर्ज नहीं था, लेकिन पुलिस और प्रशासन ने उनकी पैतृक भूमि गांव में जब्त कर ली थी, जिससे परिवार के पास बहुत कम बचा था। मुंबई में अपनी शिक्षा पूरी करने के बाद, ब्रह्मदीन उत्तर प्रदेश लौट आए और फिर मध्य प्रदेश के रीवा में एक सरकारी स्कूल की नौकरी के लिए चले गए। वे 1987 में प्रिंसिपल के पद से रिटायर हुए। उनकी बेटी सीमा ने 1989 में रीवा से भूगोल में एमए किया था और वे लंबे समय से छात्र आंदोलनों से जुड़ी हुई थीं। उनकी मुलाकात मोहन यादव से 1984 में एक छात्र परिषद के कार्यक्रम के दौरान हुई थी, जहां मोहन यादव राष्ट्रीय मंत्री के रूप में कार्य कर रहे थे। परिवार की सहमति से, दोनों की शादी उसी साल उज्जैन में हुई। ब्रह्मदीन के सबसे बड़े बेटे, रामानंद यादव, भारतीय वायु सेना से रिटायर अधिकारी हैं और अब अपने परिवार के साथ जबलपुर में रहते हैं। दूसरे बेटे सदानंद यादव रीवा में विद्या भारती के साथ काम करते हैं। ब्रह्मदीन यादव का अंतिम संस्कार बुधवार को रीवा में किया जाएगा। बेटे के साथ रहते थे ब्रह्मादीन यादव रिटायर होने के बाद ब्रह्मादीन यादव सुल्तानपुर में अपने बेटे विवेकानंद यादव के साथ रहते थे। विवेकानंद सरस्वती विद्या मंदिर में शारीरिक शिक्षक (पीजीटी) हैं। ब्रह्मादीन यादव के तीन बेटे और एक बेटी हैं। इकलौती बेटी सीमा की शादी 1994 में मोहन यादव से उज्जैन में हुई थी। मूल रूप से परिवार अंबेडकरनगर जिले की भीटी तहसील के कोडड़ा डड़वा गांव से है। 30 जून को हालत में सुधार के बाद अस्पताल से उन्हें घर ले जाया गया था। मंगलवार शाम को अचानक उनका स्वास्थ्य बिगड़ गया। जब तक परिजन उन्हें लेकर हॉस्पिटल पहुंचते, उनकी सांसें थम गईं। साल 2023 में ब्रह्मादीन यादव की पत्नी का निधन हुआ था। विद्यार्थी परिषद के कार्यक्रम में हुई थी मुलाकात उनकी बेटी सीमा यादव ने … Read more

मुख्यमंत्री साय ने बच्चों से आत्मीय संवाद करते हुए उनका हालचाल जाना और राजधानी रायपुर में उनका आत्मीय स्वागत किया

रायपुर मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय से  छत्तीसगढ़ विधानसभा में नियद नेल्लानार योजना के अंतर्गत राजधानी रायपुर के शैक्षणिक भ्रमण पर आए सुकमा जिले की सुदूरवर्ती पाँच ग्राम पंचायतों के बच्चों ने सौजन्य भेंट की। मुख्यमंत्री श्री साय ने बच्चों से आत्मीय संवाद करते हुए उनका हालचाल जाना और राजधानी रायपुर में उनका आत्मीय स्वागत किया। उन्होंने कहा कि बस्तर के बच्चों का भविष्य उज्ज्वल बनाना राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। सरकार शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, बिजली, पानी सहित सभी मूलभूत सुविधाएँ बस्तर के कोने-कोने तक पहुँचाने हेतु कृतसंकल्पित है। मुख्यमंत्री श्री साय ने बच्चों से सौहार्दपूर्ण बातचीत करते हुए कहा कि इस शैक्षणिक भ्रमण के माध्यम से आपको राजधानी रायपुर को निकट से देखने-समझने का अवसर मिला है। इसी तरह राज्य सरकार बस्तर क्षेत्र में भी तीव्र गति से विकास कर रही है। उन्होंने बताया कि सुदूर अंचलों में अब सुरक्षाबलों के कैंप स्थापित हो रहे हैं, और जहां-जहां ये कैंप पहुँचते हैं, वहाँ चौतरफा विकास के द्वार खुलते हैं। अब अधिकांश स्थानों पर शासकीय राशन दुकानों की स्थापना हो चुकी है और जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ आम नागरिकों तक पहुँच रहा है। मुख्यमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि निकट भविष्य में बस्तर पूरी तरह से नक्सलमुक्त क्षेत्र होगा। मुख्यमंत्री ने बच्चों से मुस्कराते हुए पूछा — "बस्तर के शेर बच्चों ने रायपुर के जंगल सफारी में शेर देखा या नहीं?" इस मजाकिया अंदाज़ पर बच्चों सहित उपस्थित सभी लोग ठहाके लगाकर हँस पड़े। श्री साय ने कहा कि राज्य सरकार आत्मनिर्भर बस्तर की दिशा में निरंतर प्रयासरत है। बस्तर के लोगों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के लिए उन्हें दुग्ध उत्पादन से भी जोड़ा जा रहा है। सरकार शिक्षा के साथ-साथ स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर सुनिश्चित कर रही है, ताकि क्षेत्र के बच्चों का भविष्य सुरक्षित और समृद्ध हो सके। इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा, वन मंत्री श्री केदार कश्यप, विधायकगण श्री ईश्वर साहू एवं श्री सुशांत शुक्ला भी उपस्थित थे। उल्लेखनीय है कि नियद नेल्लानार योजना के अंतर्गत सुकमा जिले की पाँच सुदूर ग्राम पंचायतों—पालाचलमा, पोटकपल्ली, एलमागुंडा, ताड़मेटला एवं गोलापल्ली—के 100 स्कूली बच्चे राजधानी रायपुर के दो दिवसीय शैक्षणिक भ्रमण पर आए हैं। भ्रमण के दौरान इन बच्चों को मंत्रालय, जंगल सफारी, रेलवे स्टेशन और एयरपोर्ट जैसे महत्वपूर्ण स्थलों का अवलोकन कराया गया। विदित हो कि नियद नेल्लानार योजना के तहत बस्तर के नक्सल प्रभावित पाँच जिलों के बच्चों को शैक्षणिक भ्रमण के अवसर प्रदान किए जा रहे हैं।

डाक विभाग की नई सुविधा: सिर्फ 10 रुपये में सुरक्षित पहुंचेगी राखी वाटरप्रूफ लिफाफे में

प्रतापगढ़ मानसून के महीने में रक्षाबंधन के अवसर पर डाक द्वारा बहनों को भेजी जाने वाली राखी वर्षा के पानी से खराब न हो इसके लिए डाक विभाग द्वारा अच्छी पहल शुरू की गई है। डाक विभाग द्वारा वाटरप्रूफ लिफाफे मंगवाए गए हैं। इन लिफाफे में केवल बहने अपने भाइयों के लिए प्रेम का धागा भेज सकती है। प्रधान डाकघर में लिफाफे का स्टॉक आ गया है। जल्द ही उप डाकघरों में भी भेजा जाएगा।   9 अगस्त को है रक्षाबंधन रक्षाबंधन पर्व को लेकर बहनों व भाइयों का उत्साह रहता है। रक्षा सूत्र कलाई पर सजाने के लिए बहनें भाई के घर पहुंचती है। परदेश में रहने वाली बहनें भाई अपने भाई राखी डाक के जरिए भेजती हैं। समय से ही वह राखी की खरीदकर उसे सुरक्षित कर भाई के पते पर पोस्ट करती हैं। रक्षाबंधन का पर्व इस बार नौ अगस्त को है। इसके दृष्टिगत डाक विभाग ने अभी से ही तैयारी शुरू कर दी है।   लिफाफे की कीमत है 10 रुपये डाक विभाग ने राखी के लिए स्पेशल वॉटर प्रूफ लिफाफे की व्यवस्था की है। इसकी 10 रुपये है। लिफाफे में राखी सुरक्षित रहेगी। बारिश के मौसम में रखरखाव में भी दिक्कत नहीं होगी। प्रधान डाकघर में 10 हजार लिफाफा आया है। अब इसे सभी 44 उप डाकघरों में पहुंचाया जाएगा, ताकि गांव से जुड़ी बहनें भी इसका उपयोग कर सकें। प्रवर डाक अधीक्षक हिमांशु तिवारी ने बताया कि सभी प्रधान डाकघर के साथ ही उप डाकघरों में लिफाफे की उपलब्धता रहेगी। लिफाफे को पहुंचाया को जल्द ही पहुंचाया जाएगा। स्पीड पोस्ट के लिए बनाएं जाएंगे काउंटर प्रधान डाकघर के साथ ही जिले के सभी 44 उप डाकघरों में रक्षाबंधन के पर्व के दृष्टिगत स्पीड पोस्ट के लिए काउंटर बनाएं जाएंगे। वाटर प्रूफ लिफाफा भी काउंटर मिलेगा। अफसरों के मुताबिक प्रधान डाकघर पर दो काउंटर व उप डाकघरों में एक-एक काउंटर अतिरिक्त रहेगा। ऐसे में भीड़ बढ़ने पर धक्का-मुक्की की स्थिति नहीं रहेगी।