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ED ने छांगुर बाबा के अवैध धर्मांतरण मामले में FIR दर्ज, होगी मनी लॉन्ड्रिंग की जांच

बलरामपुर  बलरामपुर से धर्मांतरण का रैकेट चलाने वाला जमालुद्दीन उर्फ छांगुर बाबा पुलिस की गिरफ्त में है. उसके खिलाफ ताबड़तोड़ एक्शन जारी है. बीते दिन उसकी अवैध आलीशान कोठी पर बुलडोजर चला. अब प्रवर्तन निदेशालय यानी ED भी छांगुर बाबा पर शिकंजा कसने की तैयारी में है.    दरअसल, ED ने जमालुद्दीन उर्फ छांगुर बाबा के अवैध धर्मांतरण मामले में FIR दर्ज की है. ED धर्मांतरण केस में मनी लॉन्ड्रिंग की जांच करेगी. ED की लखनऊ यूनिट ने देर शाम केस दर्ज किया है. बहुत जल्द ED इस केस से जुड़े आरोपियों से पूछताछ करेगी. धर्मांतरण के विदेशी कनेक्शन और मनी ट्रेल की भी जांच की जाएगी.  मालूम हो कि छांगुर बाबा से जुड़े मामले में अब 100 करोड़ से ज्यादा की फंडिंग की बात सामने आई है. जिसके बाद केस में ED की एंट्री हुई. धर्मांतरण केस में छांगुर एंड कंपनी को कहां-कहां से और कैसे-कैसे फंडिंग हुई, इसकी जांच ED करेगी.  गौरतलब है कि बीते दिनों यूपी सहित दूसरे राज्यों में फैले अवैध धर्मांतरण रैकेट का खुलासा हुआ. इस रैकेट का मास्टरमाइंड जमालुद्दीन उर्फ छांगुर बाबा है, जिसे यूपी एसटीएफ ने महिला साथी के साथ गिरफ्तार किया है. जांच में पता चला है कि यह रैकेट जाति के आधार पर धर्म बदलवाने के लिए रेट फिक्स करता था. इतना ही नहीं नाबालिगों और प्रेम जाल में फंसाकर भी लोगों का धर्मांतरण कराया गया. कुछ पीड़ित सामने आकर अपनी आपबीती बयां कर चुके हैं.  हाल ही में लखनऊ में 12 लोगों ने इस्लाम धर्म से हिंदू धर्म में वापसी की थी. इनमें कुछ लोगों ने आरोप लगाया था कि बलरामपुर के रहने वाले जमालुद्दीन उर्फ छांगुर बाबा ने पैसों का लालच देकर उनका धर्म परिवर्तन कराया. तब से ही छांगुर बाबा यूपी ATS और STF की जांच के दायरे में आ गया था. लखनऊ के ही एक होटल से छांगुर बाबा को गिरफ्तार किया गया. सीएम योगी आदित्यनाथ का कड़ा संदेश इस कार्रवाई के दौरान में ही मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एक्स पर अपनी पोस्ट में कड़ा संदेश भी दिया। उन्होंने कहा कि राज्य में शांति, सौहार्द और महिलाओं की सुरक्षा को भंग करने वालों के लिए कोई स्थान नहीं है। मतांतरण कराने और विदेशी फंडिंग के मामले में आतंकवाद निरोधक दस्ता (एटीएस) ने जलालुद्दीन, नवीन रोहरा उर्फ जमालुद्दीन और इसकी पत्नी नीतू नवीन रोहरा उर्फ नसरीन समेत अन्य को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। इनकी गिरफ्तारी के बाद जिला प्रशासन ने अतिक्रमण कर बनाई गई कोठी को गिराने की प्रक्रिया शुरू की। सोमवार देर शाम तहसीलदार सत्यपाल प्रजापति और कोतवाली प्रभारी निरीक्षक अवधेश राज सिंह मय फोर्स जाकर कोठी पर तीन नोटिस चस्पा की। तीनों पर अलग-अलग तिथियां अंकित हैं। नीतू के नाम से जारी नोटिस में कहा गया है कि गाटा संख्या 337/370 के संपूर्ण रकबा 0.0060 हेक्टेयर से अतिक्रमण की गई जमीन सात दिन में स्वयं खाली कर लें। अन्यथा इस अतिक्रमण को नियमानुसार बलपूर्वक हटवा दिया जाएगा। यह आदेश न्यायालय तहसीलदार उतरौला न्यायिक ने 15 मई, 2025 को दिया था। इसी आदेश के अनुपालन में 17 व 26 मई और छह जून, 2025 की तिथि में जारी नोटिस को कोठी की दीवार पर एक ही दिन में चस्पा की गई। जिलाधिकारी पवन अग्रवाल ने बताया कि सरकारी जमीन पर कब्जा कर बनाए गए भवन को गिराने की कार्रवाई की जा रही है। जलालुद्दीन व उसके करीबियों की अन्य संपत्तियों की जांच जारी है। अवैध मतांतरण कराने का गरोह चलाने वाले आरोपित जलालुद्दीन के विरुद्ध कार्रवाई के बीच मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सख्त संदेश भी दिया। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार बहन-बेटियों की गरिमा और सुरक्षा के प्रति पूर्णतः प्रतिबद्ध है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आरोपित जलालुद्दीन की गतिविधियां समाज विरोधी ही नहीं, बल्कि राष्ट्र विरोधी भी हैं। उत्तर प्रदेश सरकार कानून-व्यवस्था को लेकर किसी प्रकार की ढिलाई नहीं बरतेगी। आरोपित और उसके गिरोह से जुड़े सभी अपराधियों की संपत्तियां जब्त की जाएंगी और उन पर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। राज्य में शांति, सौहार्द और महिलाओं की सुरक्षा को भंग करने वालों के लिए कोई स्थान नहीं है। उन्हें कानून के अनुसार ऐसी सजा दी जाएगी, जो समाज के लिए एक उदाहरण बने।   

योगी सरकार पौधरोपण अभियान के लिए 52.43 करोड़ पौधे तैयार किए, नागरिकों की सहभागिता से इस पहल को को जनांदोलन बनाया जाए

 अयोध्या  उत्तर प्रदेश में 9 जुलाई को इतिहास रचने का दावा किया जा रहा है. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में 'एक पेड़ मां के नाम 2.0' अभियान के तहत पूरे प्रदेश में एक ही दिन में 37 करोड़ पौधों का रोपण किया जाएगा. यह अभियान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आह्वान पर शुरू किया जा रहा है. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ अयोध्या और आजमगढ़ में पौधरोपण कर इस महाअभियान का शुभारंभ करेंगे. इसी दिन प्रदेश के सभी मंत्री, जनप्रतिनिधि और अधिकारी अपने-अपने जिलों में पौधरोपण कर इस ऐतिहासिक प्रयास का हिस्सा बनेंगे. प्रदेश सरकार द्वारा इस अभियान के लिए 52.43 करोड़ पौधे तैयार किए गए हैं. मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया है कि सभी विभागों और नागरिकों की सहभागिता से इस पहल को जनांदोलन बनाया जाए. राज्यपाल आनंदीबेन पटेल बाराबंकी, उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य मेरठ और ब्रजेश पाठक लखनऊ में पौधरोपण करेंगे. वहीं, वन मंत्री अरुण कुमार सक्सेना अयोध्या और आजमगढ़ में सीएम के साथ मौजूद रहेंगे. सभी 18 मंडलों में चलेगा अभियान पौधरोपण महाभियान प्रदेश के सभी 18 मंडलों में एक साथ संचालित किया जाएगा. लखनऊ मंडल में सर्वाधिक पौधरोपण का लक्ष्य रखा गया है. इसके लिए सभी मंडलों में विभागीय समन्वय, नोडल अधिकारियों की तैनाती और स्थानीय जनप्रतिनिधियों की सहभागिता सुनिश्चित की गई है. वन विभाग लगाएगा सबसे अधिक पौधे महाअभियान में वन, वन्यजीव एवं पर्यावरण विभाग प्रमुख भूमिका निभा रहा है. विभाग की ओर से 14 करोड़ से अधिक पौधों का रोपण किया जाएगा, जो इस अभियान का सबसे बड़ा हिस्सा होगा. इसके लिए विभाग ने नर्सरियों में पौधों की पर्याप्त व्यवस्था पहले ही कर ली है. थीम आधारित ‘हरियाली वन’ की स्थापना होगी पौधरोपण अभियान के दौरान थीम आधारित विशेष वन क्षेत्रों की भी स्थापना की जाएगी. इनमें शामिल हैं.अटल वन (पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की स्मृति में), शौर्य वन (सैनिकों की वीरता को समर्पित), एकता वन (राष्ट्रीय एकता के प्रतीक), त्रिवेणी वन (पवित्र नदियों के संगम की प्रेरणा से) इन स्थलों पर विशेष देखरेख और जनभागीदारी के साथ पौधरोपण किया जाएगा ताकि ये स्थान भविष्य में पर्यावरणीय पर्यटन और जनजागरूकता के केंद्र बन सकें. गरीबों को जोड़ेगी 'सहजन भंडारा योजना' अभियान में गरीब और पिछड़े वर्गों की भागीदारी बढ़ाने के लिए 'सहजन भंडारा योजना' चलाई जा रही है. इसके अंतर्गत प्रधानमंत्री आवास योजना, मुख्यमंत्री आवास योजना और जीरो पॉवर्टी कार्यक्रम के लाभार्थियों द्वारा सहजन के दो-दो पौधे रोपे जाएंगे. इस कदम से पर्यावरणीय संवेदनशीलता के साथ सामाजिक समावेशिता को भी बल मिलेगा. नदियों के किनारे 3.5 करोड़ पौधों से हरियाली का घेरा अभियान के तहत प्रदेश की 13 प्रमुख नदियों, जिनमें गंगा, यमुना, सरयू, राप्ती, घाघरा आदि शामिल हैं, के किनारे 21313.52 हेक्टेयर भूमि पर 3.56 करोड़ पौधे लगाए जाएंगे. इसका उद्देश्य न केवल हरियाली बढ़ाना है, बल्कि नदियों के जलग्रहण क्षेत्रों का संरक्षण भी करना है. एक्सप्रेसवे और सड़कों पर भी होगा वृक्षारोपण प्रदेश के प्रमुख एक्सप्रेसवे और सड़क मार्गों के किनारे भी विशेष वृक्षारोपण किया जाएगा. इसके तहत 1.14 करोड़ पौधे लगाए जाएंगे, जिससे न केवल सौंदर्य बढ़ेगा बल्कि वायु प्रदूषण भी नियंत्रित होगा. 2.50 लाख पौधे विशेष रूप से एक्सप्रेसवे के किनारे लगाए जाएंगे. तैयारियों को मिला अंतिम रूप मुख्यमंत्री के निर्देश पर नामित नोडल अधिकारियों में अपर मुख्य सचिव, प्रमुख सचिव और सचिव स्तर के अफसरों ने अपने-अपने जिलों में पहुंचकर तैयारियों का निरीक्षण किया और कार्यक्रम को अंतिम रूप दिया. अभियान के तहत मुख्यमंत्री जनसंवाद करेंगे और पर्यावरणीय प्रयासों में सहभागी सात किसानों को कार्बन क्रेडिट के तहत चेक भी सौंपेंगे. यह पहल ना सिर्फ हरियाली बढ़ाएगी, बल्कि हर नागरिक को प्रकृति के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाने का अवसर भी देगी.

मनेंद्रगढ़ को मिली सेंट्रल लाइब्रेरी की सौगात, 441 लाख की लागत से होगा निर्माण

स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल के प्रयासों से मनेंद्रगढ़ जिले को एक मिली बड़ी सौगात मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर क्षेत्र में सेंट्रल लाइब्रेरी सहित रीडिंग ज़ोन के निर्माण के लिए 441.49 लाख रुपए की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की गई मनेंद्रगढ़ को मिली सेंट्रल लाइब्रेरी की सौगात, 441 लाख की लागत से होगा निर्माण रायपुर स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल के सतत प्रयासों से मनेंद्रगढ़ जिले को एक बड़ी सौगात मिली है। राज्य शासन द्वारा वित्तीय वर्ष 2025-26 के अंतर्गत मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर क्षेत्र में सेंट्रल लाइब्रेरी सहित रीडिंग ज़ोन के निर्माण के लिए 441.49 लाख रुपए की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की गई है। इस परियोजना के तहत नगर पालिक निगम चिरमिरी में 250 सीटों की क्षमता वाली आधुनिक लाइब्रेरी का निर्माण किया जाएगा, जिससे क्षेत्र के छात्र-छात्राओं, प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे युवाओं तथा पुस्तक प्रेमियों को बेहतर अध्ययन सुविधा मिल सकेगी। स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने इस महत्वपूर्ण स्वीकृति के लिए मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय तथा वित्त मंत्री ओपी चौधरी का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह लाइब्रेरी न केवल युवाओं के करियर निर्माण में सहायक होगी, बल्कि ज्ञान आधारित समाज की दिशा में भी एक मजबूत कदम साबित होगी। उन्होंने बताया कि इस लाइब्रेरी में आधुनिक सुविधाएं, डिजिटल अध्ययन सामग्री और शांत रीडिंग ज़ोन की व्यवस्था की जाएगी। यह विकास कार्य क्षेत्रीय समानता और शैक्षणिक सशक्तिकरण की दिशा में एक सकारात्मक पहल है। स्थानीय नागरिकों एवं विद्यार्थियों में इस घोषणा को लेकर खुशी की लहर है। सभी ने इस पहल के लिए मंत्री जायसवाल का आभार जताया है।

नक्सली जीवन छोड़ कौशल विकास योजना से बदली जिंदगी, लोगों के लिए बना मिसाल

रायपुर : शासन की नीति से प्रभावित होकर नक्सलवाद छोड़ा  नक्सलवाद छोड़ा,आत्मसमर्पण से आत्मनिर्भरता तक का सफर नक्सली जीवन छोड़ कौशल विकास योजना से बदली जिंदगी, लोगों के लिए बना मिसाल रायपुर छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा नक्सल प्रभावित इलाकों में शांति और पुनर्वास को लेकर लागू माओवादी आत्मसमर्पण पीड़ित राहत एवं पुनर्वास नीति 2025 अब कई जिंदगियों में नई उम्मीद जगा रही है। नारायणपुर जिले के अबूझमाड़ क्षेत्र के सोनपुर गांव निवासी अन्नुलाल भंडारी इसका प्रेरक उदाहरण है। कभी बंदूक उठाने को मजबूर हुए अन्नुलाल ने माओवादी संगठन में करीब 20 वर्षों तक सक्रिय रहते हुए कई जिम्मेदारियां निभाईं। वर्ष 1998 में संगठन से जुड़े अन्नुलाल ने गुरिल्ला युद्ध का प्रशिक्षण प्राप्त कर संगठन के प्रचार-प्रसार, सुरक्षा और रसद जैसे कार्यों को अंजाम दिया। लेकिन डर और हिंसा के उस जीवन से निकलकर वर्ष 2017 में उन्होंने आत्मसमर्पण कर सरकार की पुनर्वास नीति को अपनाया और मुख्यधारा में लौट आए। पुनर्वास के बाद अन्नुलाल ने अपनी पुश्तैनी जमीन पर खेती कर सम्मानजनक जीवन की नई शुरुआत की। इसके बाद मुख्यमंत्री कौशल विकास योजना ने उनके जीवन में नई दिशा दी। इस योजना के तहत नारायणपुर के लाईवलीहुड कॉलेज में वे जल वितरक संचालक (प्लम्बर) का प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे हैं। प्रशिक्षण के दौरान न सिर्फ तकनीकी विषयों का ज्ञान मिल रहा है, बल्कि उन्हें शासन की जनहितकारी योजनाओं जिसमें जैसे प्रधानमंत्री आवास योजना, आयुष्मान भारत और किसान क्रेडिट कार्ड का लाभ भी मिल रहा है। अन्नुलाल प्रशिक्षण पूरा कर ग्राम पंचायत सोनपुर में जल वितरक के रूप में कार्य करेंगे, जिससे उनकी आर्थिक और सामाजिक स्थिति और मजबूत होगी। अन्नुलाल कहते हैं कि अब वे भयमुक्त होकर स्वतंत्रता पूर्वक समाज में जीवन जी पा रहे हैं। इसके लिए उन्होंने मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय एवं जिला प्रशासन का आभार व्यक्त किया है। सरकार की यह नीति यह साबित कर रही है कि हिंसा छोड़ने और विकास की मुख्यधारा से जुड़ने का रास्ता हमेशा खुला है बस जरूरत है सही अवसर और हौसले की।

मछुआरों की सुरक्षा की दिशा में जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मछुआरों की सुरक्षा और समृद्धि सरकार की प्राथमिकता है। उनकी सुरक्षा की दिशा में जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं। इसी कड़ी में कंट्रोल कमांड सेंटर और ट्रांजिट हाउस जैसी पहल की जा रही हैं। राज्य के बड़े जलाशयों में मछुआरों की सुरक्षा और मत्स्य बीज संचयन की निगरानी के लिये आधुनिक तकनीक का सहारा लिया जा रहा है। मध्यप्रदेश मत्स्य महासंघ द्वारा पायलट प्रोजेक्ट के तहत देश के सबसे बड़े जलाशयों में शामिल इंदिरा सागर में ड्रोन, जीपीएस और सीसीटीवी युक्त आधुनिक कमांड कंट्रोल रूम की स्थापना की जा रही है। आपात स्थिति में इस प्रणाली से मछुआरों को शीघ्र सहायता पहुंचाई जा सकेगी। ये पहल ब्रीडिंग ग्राउंड के चिन्हांकन के साथ मत्स्य आखेट पर निगरानी को और ज़्यादा आसान, सुलभ और प्रभावशाली बनाएगी। कमांड कंट्रोल रूम की मदद से मुख्यालय स्तर से ही 24X7 निगरानी संभव हो सकेगी। ड्रोन के माध्यम से जल क्षेत्र की लाइव मॉनिटरिंग और जीपीएस सिस्टम से नावों की ट्रैकिंग की जा सकेगी और आपात स्थिति में मछुआरों को तुरंत सहायता उपलब्ध कराई जा सकेगी। मछुआरों के लिए बनेंगे ट्रांजिट हाउस और फ़्लोटिंग प्लेटफ़ॉर्म मत्स्य महासंघ के जलाशयों में कार्यरत मछुआरों को कई बार 15 दिन से लेकर एक महीने तक खुले टापुओं या जलाशय के किनारों पर अपनी नावों में रात्रि विश्राम करना पड़ता है। वर्षा ऋतु में टापुओं का जलस्तर बढ़ जाता है, ऐसे में मछुआरों को जलीय जीव-जंतुओं से जान-माल की हानि की आशंका बनी रहती है। मछुआरों को इससे बचाने के लिए महासंघ ने गांधी सागर और इंदिरा सागर के टापुओं पर 5 ट्रांजिट हाउस और जल के मध्य 2 फ्लोटिंग प्लेटफॉर्म बनाने का प्रस्ताव तैयार किया है। मछुआरों के लिए इसमें आपातकालीन स्थिति में भोजन निर्माण, सोलर मोबाइल चार्जिंग और बायो टॉयलेट जैसी सुविधाएं मिलेंगी। राज्य सरकार की यह पहल मछुआरों की सुरक्षा और सुविधा को बेहतर बनाएगी, साथ ही जल आधारित संसाधनों के टिकाऊ प्रबंधन और मत्स्य उत्पादन की वृद्धि में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। आधुनिक तकनीक के समावेश से अब राज्य में मत्स्याखेट और मछलीपालन नए आयाम स्थापित करने की दिशा में अग्रसर हैं। भोपाल में बनेगा आधुनिक केवट प्रशिक्षण संस्थान राज्य में मॉडर्न एक्वाकल्चर को बढ़ावा देने के उद्देश्य से एक अहम पहल की जा रही है। केन्द्र सरकार की फिशरीज इन्फ्रास्ट्रक्चर डिवेलपमेंट फंड योजना के तहत भोपाल में 5 करोड़ रुपये की लागत से आधुनिक केवट प्रशिक्षण संस्थान की स्थापना की जा रही है। इस संस्थान में केज कल्चर, बायोफ्लॉक, रिसर्कुलेटरी एक्वा कल्चर सिस्टम, मछलियों की हाइजेनिक हैंडलिंग, फिश प्रोसेसिंग, पैकेजिंग और वैल्यूएडिशन जैसे विषयों पर मछुआ समुदाय को प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा। मछुआरों को इससे वैश्विक मानकों के अनुरूप मछली पालन तकनीक की जानकारी और व्यावसायिक दक्षता प्राप्त होगी।  

प्रदेश के सभी कलेक्टरों, संभाग आयुक्तों, संचालक, प्रबंध संचालकों एवं पंजीयक सहाकारी संस्थाएं को जारी किया पत्र

रायपुर राज्य सरकार ने प्रदेश के किसानों की चिंता करते हुए कृषि उन्नति योजना के बेहतर क्रियान्वयन के निर्देश दिए हैं। इस संबंध में मंत्रालय महानदी स्थित कृषि विकास एवं किसान कल्याण तथा जैव प्रौद्योगिकी विभाग द्वारा प्रदेश के सभी कलेक्टरों, संभाग आयुक्तों, संचालकांे, प्रबंध संचालकों एवं पंजीयक सहाकारी संस्थाएं रायपुर को पत्र लिखकर  कृषि उन्नति योजना के  क्रियान्वयन हेतु दिशा-निर्देश किए गए हैं। नवीन दिशा-निर्देशों के आधार पर योजना का क्रियान्वयन खरीफ 2025 से किया जाएगा।  मंत्रालय द्वारा जारी पत्र में कहा गया है कि राज्य का अधिकांश क्षेत्र वर्षा आधारित होने से मौसमी प्रतिकूलता एवं कृषि आदान लागत में वृद्धि के कारण कृषि आय में अनिश्चितता बनी रहती है, फलस्वरुप कृषक फसल उत्पादन के लिए आवश्यक आदान जैसे उन्नत बीज, उर्वरक, कीटनाशक, यांत्रिकीकरण एवं नवीन कृषि तकनीकी में पर्याप्त निवेश नहीं कर पाते। राज्य सरकार द्वारा कृषि में पर्याप्त निवेश एवं कास्त लागत में राहत देने के लिये कृषक उन्नति योजना प्रारंभ की गई है। साथ ही फसल विविधिकरण को प्रोत्साहन देने, दलहन तिलहन फसलों के क्षेत्र विस्तार तथा इनके उत्पादन में आत्म निर्भरता के लक्ष्य के साथ इस योजना के तहत चिन्हित अन्य फसलों पर भी आदान सहायता राशि दिये जाने का निर्णय लिया गया है।  कृषक उन्नति योजना का लाभ केवल उन्हीं कृषकों को मिलेगा जिन्होंने एकीकृत किसान पोर्टल में पंजीयन कराया हो। जिनके द्वारा खरीफ मौसम में जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक से संबद्ध प्राथमिक कृषि साख सहकारी समितियों (लैम्पस सहित) अथवा छ.ग. राज्य बीज एवं कृषि धान अथवा धान बीज का विक्रय किया गया हो। विगत खरीफ मौसम में एकीकृत किसान पोर्टल में पंजीकृत ऐसे कृषक जिन्होंने धान फसल लगाये हो तथा प्रदेश की सहकारी समितियों में समर्थन मूल्य पर धान विक्रय किया हो तथा वर्तमान में धान के स्थान पर अन्य खरीफ फसल लेने हेतु पंजीयन कराया हो। जिनके द्वारा खरीफ मौसम में दलहन, तिलहन, मक्का लघु धान्य फसल (कोदो, कुटकी एवं रागी) एवं कपास फसल हेतु पंजीयन कराया गया हो।  पत्र में कहा गया कि  विधिक व्यक्तियों जैसे ट्रस्ट/मण्डल/प्राईवेट लिमि. समिति/केन्द्र एवं राज्य शासन के संस्थान / महाविद्यालय आदि संस्थाओं को योजना से लाभ लेने की पात्रता नहीं होगी। जो कृषक प्रमाणित धान बीज उत्पादन कार्यक्रम लेते हैं और सामान्य धान भी सहकारी समितियों में विक्रय करते हैं, उनके द्वारा कुल विक्रय की जाने वाली धान की मात्रा, उनके कुल धारित रकबे की सीमा से अधिक नहीं होना चाहिये, इसे छत्तीसगढ़ राज्य सहकारी विपणन संघ मर्या. (मार्कफेड) एवं छत्तीसगढ़ राज्य बीज एवं कृषि विकास निगम लिमिटेड द्वारा आपसी समन्वय से सुनिश्चित किया जाएगा। कृषकों को आदान सहायता राशि का भुगतान कृषि भूमि सिलिंग कानून के प्रावधानांे के अध्याधीन किया जाएगा।  पत्र में कहा गया कि कृषकों को भुगतान योजनांतर्गत आदान सहायता राशि कृषकों के बैंक खाते में प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण (डी.बी.टी.) के माध्यम से की जाएगी। प्राथमिक कृषि साख सहकारी समिति/छ.ग. राज्य बीज एवं कृषि निगम लिमि, (बीज निगम) को धान/धान बीज का विक्रय करने वाले कृषकों को आदान सहायता राशि का निर्धारण गिरदावरी में सत्यापित रकबे, उपरोक्त संस्थाओं को विक्रय धान/धान बीज की मात्रा तथा भारत सरकार द्वारा प्रतिवर्ष घोषित किए जाने वाले न्यूनतम समर्थन मूल्य के आधार पर प्रतिवर्ष पृथक से किया जाएगा। खरीफ 2025 में प्रदेश के किसानों से उपार्जित धान की मात्रा पर, धान (कॉमन) पर राशि रू. 731 प्रति क्विं. की दर से अधिकतम राशि रूपये. 15351 प्रति एकड़ तथा धान (ग्रेड-ए) पर राशि रूपये. 711 प्रति क्विं. की दर से अधिकतम राशि रूपये. 14931 प्रति एकड़ की दर से आदान सहायता राशि प्रदान किया जाएगा।  विगत खरीफ में एकीकृत किसान पोर्टल में पंजीकृत ऐसे कृषक जिन्होंने धान फसल लगाया हो तथा प्रदेश की सहकारी समितियों में समर्थन मूल्य पर धान विक्रय किया हो, उन्हें, धान के स्थान पर अन्य खरीफ फसल हेतु एकीकृत किसान पोर्टल में पंजीयन तथा गिरदावरी में रकबे की पुष्टि उपरांत, मान्य रकबे पर 11000 रूपये प्रति एकड़ की दर से आदान सहायता राशि प्रदान किया जाएगा। खरीफ में दलहन, तिलहन, मक्का लघु धान्य फसल (कोदो, कुटकी एवं रागी) एवं कपास लेने वाले कृषकों को एकीकृत किसान पोर्टल पर पंजीयन तथा गिरदावरी में रकबे की पुष्टि उपरांत मान्य रकबे पर राशि रूपये 10000 प्रति एकड़ की दर से आदान सहायता राशि प्रदान किया जाएगा।  पंजीकृत कृषकों द्वारा खरीफ मौसम में सहकारी समितियों में विक्रय किये गये धान पर निर्धारित आदान सहायता राशि का कृषकों को वितरण छत्तीसगढ़ राज्य सहकारी विपणन संघ मर्या.  द्वारा किया जाएगा तथा आदान सहायता राशि के व्यय से संबंधित विस्तृत लेखा-जोखा के संधारण का दायित्व भी प्रबंध संचालक छ.ग. राज्य सहकारी विपणन संघ मर्या. का होगा।  बीज उत्पादक कृषकों द्वारा छ.ग. राज्य बीज एवं कृषि निगम लिमिटेड को विक्रय किये गये धान बीज पर निर्धारित आदान सहायता राशि की कृषकवार मांग का विवरण बीज निगम द्वारा संचालक कृषि को प्रेषित किया जाएगा। संचालक कृषि द्वारा मांग अनुसार राशि छत्तीसगढ़ निगम लिमिटेड को उपलब्ध कराई जाएगी। बीज उत्पादक कृषकों से उपार्जित धान बीज पर प्रदायित आदान सहायता राशि के विस्तृत लेखा-जोखा के संधारण का दायित्व प्रबंध संचालक, छत्तीसगढ राज्य बीज एवं कृषि निगम लिमि. होगा फसलों हेतु गिरदावरी/सत्यापन के आधार पर पात्रतानुसार आदान सहायता राशि का वितरण संचालक कृषि के द्वारा किया जाएगा तथा आदान सहायता राशि के व्यय से संबंधित विस्तृत लेखा-जोखा के संधारण का दायित्व संचालक कृषि का होगा। प्रबंध संचालक छत्तीसगढ राज्य सहकारी विपणन संघ मर्या. तथा प्रबंध संचालक, छत्तीसगढ राज्य बीज एवं कृषि निगम लिमि. यह सुनिश्चित करेंगे कि व्यय राशि की उपयोगिता प्रमाण पत्र राशि प्राप्त होने के एक माह के भीतर संचालक कृषि को प्रेषित किया जाए। कृषकों को पात्रता अनुसार आदान सहायता राशि का एकमुश्त भुगतान सुनिश्चित करने की जवाबदारी खाद्य विभाग एवं संचालक कृषि की होगी, उनके द्वारा नियमित रुप से योजना क्रियान्वयन की समीक्षा की जाएगी।

आधुनिक सुविधाएं सुगम और सुलभ तरीकों से मिलेंगी : राज्यमंत्री श्रीमती गौर

नागरिकों का विदेश जाने का सपना होगा पूरा : मंत्री सारंग पासपोर्ट कार्यालय भवन बनने से नागरिकों को मिलेगी सुविधा: मंत्री सारंग आधुनिक सुविधाएं सुगम और सुलभ तरीकों से मिलेंगी : राज्यमंत्री श्रीमती गौर अरेरा हिल्स पर क्षेत्रीय पासपोर्ट कार्यालय भवन का लोकार्पण भोपाल सहकारिता मंत्री विश्वास कैलाश सारंग ने कहा है कि नये पासपोर्ट कार्यालय भवन बनने से नागरिकों को सुविधा मिलेगी। वहीं आसान और सरल तरीके से नागरिकों को पासपोर्ट उपलब्ध होगा। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में नई तकनीकियों के साथ पारदर्शिता पूर्ण सुविधाएं उपलब्ध करवाई जा रही हैं यह उसी का उदाहरण है। मंत्री सारंग अरेरा हिल्स स्थित क्षेत्रीय पासपोर्ट कार्यालय के नवीन भवन का लोकार्पण कर कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। मंत्री सारंग ने कहा कि कार्यालय भवन में पूरी क्षमता के साथ हर एक टेक्नॉजोजी को आत्मसात किया है। मध्यप्रदेश और देश के हर एक नागरिक को इस कार्यालय की सुविधा प्राप्त होगी। उन्होंने कार्यालय भवन की अवधारणा को सराहा। भवन में हर सुविधा का ध्यान रखते हुए निर्माण किया गया है, जो लोगों को कम समय में अधिक लाभ प्रदान करेंगी। पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्रीमती कृष्णा गौर ने कहा है कि कार्यालय भवन में आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं इससे आसानी से समय पर लोगों को लाभ मिल सकेगा। उन्होंने कहा कि सुगम और सुलभ लाभ देने के लिये कर्मचारियों में विनम्रता भी आवश्यक है। मुख्य पासपोर्ट अधिकारी डॉ. के.जे. श्रीनिवास ने बताया है कि हर संसदीय क्षेत्र तक पासपोर्ट सेवाएं पहुंचाने के लिये विदेश मंत्रालय प्रतिबद्ध है। भारत में 450 पासपोर्ट सेवा केन्द्र स्थापित हो चुके हैं। पिछले डेढ़ वर्ष में मध्यप्रदेश में शहडोल, मंदसौर, खंडवा, गुना, खरगोन एवं भिण्ड जिले में पासपोर्ट सुविधा केन्द्र खोले गये है। जल्द ही मंडला में भी सुविधा केन्द्र खोला जायेगा। शुरूआत में अतिथियों ने दीप प्रज्जवलन कर और फीता काटकर नये भवन का लोकार्पण किया। कार्यालय भवन में उपलब्ध सुविधाओं का निरीक्षण के बाद आवेदको की सुविधाओं के दृष्टिगत प्रकाशित कॉमिक बुक 'क्षितिज' का विमोचन भी किया। श्रेष्ठ कार्य करने वालो का प्रशस्ति पत्र देकर सम्मान भी किया। नये पासपोर्ट कार्यालय भवन में आधुनिक सुविधाओं का विशेष ध्यान रखा गया है। यहां शिशु पालक कक्ष, आवेदको, कर्मचारियों के लिये पुस्तकालय, छोटे बच्चो के लिये स्ट्रालर, दिव्यांगों के लिये व्हीलचेयर, कर्मचारी कल्याण कक्ष, कैफेटेरिया आदि की सुविधा उपलब्ध करवाई गई है। कार्यक्रम में मुख्य पोस्ट मास्टर जनरल विनीत माथुर, पुलिस महानिरीक्षक अंशुमन सिंह, सीपीडब्ल्यूडी के जे. आर. मीणा सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी-कर्मचारी और टीसीएस कर्मी उपस्थित थे।  

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की उपस्थिति में 12 जुलाई को उज्जैन में राज्य स्तरीय निषादराज सम्मेलन का आयोजन होगा

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की उपस्थिति में 12 जुलाई को उज्जैन में राज्य स्तरीय निषादराज सम्मेलन का आयोजन होगा भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की उपस्थिति में 12 जुलाई को उज्जैन में राज्य स्तरीय निषादराज सम्मेलन का आयोजन होगा। कार्यक्रम की तैयारियों की मत्स्य पालन एवं मछुआ कल्याण राज्य मंत्री नारायण सिंह पंवार ने समीक्षा की। उन्होंने कहा कि यह सम्मेलन निषादराज समाज के गौरव और संस्कृति को प्रदर्शित करने का एक महत्वपूर्ण मंच है, ऐसे में यह सुनिश्चित किया जाए कि सभी व्यवस्थाएं उत्कृष्ट हों। राज्यमंत्री पंवार ने अधिकारियों को समय-सीमा में सभी कार्यों को पूर्ण करने और बेहतर समन्वय स्थापित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि उज्जैन में आयोजित होने जा रहे इस कार्यक्रम को ऐतिहासिक और सफल बनाने के लिए हर जरूरी कदम उठाए जाएं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव करेंगे भूमिपूजन और लोकार्पण मुख्यमंत्री डॉ. यादव कार्यक्रम में 22.65 करोड़ रूपये की लागत के 453 स्मार्ट फिश पार्लर, 40 करोड़ रूपये की लागत से बन रहे अत्याधुनिक अंडर वॉटर टनल सहित एक्वापार्क और 91.80 करोड़ रूपये की लागत से इंदिरा सागर जलाशय में 3060 केजेस के माध्यम से मत्स्य उत्पादन से वृद्धि एवं रोजगार सृजन का वर्चुअली भूमि-पूजन करेंगे। इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. यादव 430 मोटर साइकिल विद आइस बॉक्स के स्वीकृति पत्र एवं 100 यूनिट्स का वितरण, 396 केज के स्वीकृति पत्र का प्रदाय, फीडमील के हितग्राहियों को स्वीकृति पत्र का प्रदाय एवं उत्कृष्ट कार्य कर रहे मछुआरों एवं मत्स्य सहकारी समितियों को पुरस्कार वितरण करेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव मत्स्य महासंघ के मछुआरों को 9.63 करोड़ रूपये के डेफर्ड वेजेस का सिंगल क्लिक से अंतरण करने के साथ ही रॉयल्टी चेक प्रदाय करेंगे।  

जल गंगा संवर्धन अभियान में रायसेन जिले को मिला द्वितीय स्थान

खेत तालाबों और अमृत सरोवर से पांच हजार एकड भूमि होगी सिंचित 2500 से अधिक खेत तालाबों का हुआ निर्माण और 1600 से अधिक कूप रिचार्ज जल गंगा संवर्धन अभियान में रायसेन जिले को मिला द्वितीय स्थान भोपाल  रायसेन जिले में जल गंगा संवर्धन अभियान में 2500 से अधिक खेत तालाब एवं 23 अमृत सरोवरों का निर्माण कार्य कराया गया है। इनके निर्माण से 5000 एकड से अधिक भूमि सिंचित होगी। कूप रिचार्ज पिट 1600 से अधिक निर्माण कराए गए हैं जिससे कूपों में जल भराव से किसान दोनों फसलों में सिचाई कर सकेंगे। इन कार्यों को नवीन तकनीक सीपरी ऐप के माध्यम से चिन्हांकित किया गया। अभियान के दौरान बेतवा के उदग्म स्थल को पुर्नजीवित कर अविरल धारा प्रवाहित करने के प्रयास किये गये। पोर्टल पर 15000 से अधिक जलदूतों का पंजीयन कराकर प्रशिक्षण कराया गया। विभिन्न ग्राम पंचायतों में साफ सफाई एवं जल संरक्षण के कार्य भी कराये गये। जिले को प्रदेश में द्वितीय स्थान प्राप्त हुआ है। मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत श्रीमती अंजू पवन भदौरिया ने बताया कि रायसेन जिले में जल गंगा संवर्धन अभियान में ग्रामीण क्षेत्रों में मनरेगा योजना से जल संरक्षण के कार्य कराये गये। मनरेगा के तहत 1000 से अधिक जल संग्रहण के कार्यो को भी पूर्ण कराया गया है। अभियान के दौरान जिले के झिरी ग्राम में स्थित बेतवा नदी के उद्गम स्थल को पुर्नजीवित किया गया, जो रायसेन में हुए महत्वपूर्ण कार्यो में से एक है। जिले में स्थित अन्य नदियों के उद्गम स्थलों को संरक्षित करने के कार्य भी कराये गये। जल गंगा संवर्धन अभियान के तहत रायसेन जिले की सभी 7 जनपद पंचायतों में कुल 2500 से अधिक खेत तालाबों का निर्माण कराया गया है जिससे एक ओर जहां बारिश का जल संग्रहित हो सकेगा, वहीं किसानों को भी सिंचाई के लिए जल उपलब्ध होगा। इसके अतिरिक्त 1687 कूप रीचार्ज पिट का निर्माण कराया गया है। जिले की बाड़ी जनपद पंचायत में 329 खेत तालाब, बेगमगंज जनपद पंचायत में 509 खेत तालाब, गैरतगंज जनपद पंचायत में 354 खेत तालाब, औबेदुल्लागंज जनपद पंचायत में 213 खेत तालाब, सांची जनपद पंचायत में 366 खेत तालाब, सिलवानी जनपद पंचायत में 490 खेत तालाब और उदयपुरा जनपद पंचायत में 302 खेत तालाबों के निर्माण कार्य स्वीकृत कराये गये। बाड़ी जनपद पंचायत में 183 कूप रिचार्ज पिट, बेगमगंज जनपद पंचायत में 340, गैरतगंज जनपद पंचायत में 207, औबेदुल्लागंज जनपद पंचायत में 158, सांची जनपद पंचायत में 161, सिलवानी जनपद पंचायत में 144 और उदयपुरा जनपद पंचायत में 194 कूप रीचार्ज पिट का निर्माण कराया गया है। जल गंगा संवर्धन अभियान से जुड़े कार्यो में स्थानीय जनप्रतिनिधियों, स्वयंसेवी संस्थाओं, संगठनों और नागरिकों की भी सहभागिता सुनिश्चित कराई गई। अभियान के तहत नागरिकों को जल संरक्षण के लिए जागरूक करने के लिये पानी चौपाल सहित अनेक गतिविधियां भी आयोजित कराई गई। माय भारत एप में 15000 से अधिक जलदूतों का मोबाईल के माध्यम से पंजीयन कराया गया। इन जल दूतों को जल संरक्षण कार्यों का प्रशिक्षण भी जनपद पंचायत स्तर पर दिया गया। इन सभी कार्यों में टेक्नोलॉजी का उपयोग किया गया। जिले को 100 में से 92.35 अंक प्राप्त हुये है जिसमें रायसेन प्रदेश में द्वितीय स्थान पर रहा।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विधि एवं न्याय राज्यमंत्री अर्जुन राम मेघवाल और केंद्रीय कोयला और खान मंत्री जी. किशन रेड्डी से भी भेंट की

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सिंहस्थ : 2028 के दृष्टि गत वरिष्ठ केंद्रीय मंत्रियों से की भेंट मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण तथा रसायन और उर्वरक मंत्री जगत प्रकाश नड्डा से भेंट की मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विधि एवं न्याय राज्यमंत्री अर्जुन राम मेघवाल और केंद्रीय कोयला और खान मंत्री जी. किशन रेड्डी से भी भेंट की भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मंगलवार को नई दिल्ली में गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह सहित अनेक वरिष्ठ केंद्रीय मंत्रियों से भेंट की। मुख्यमंत्री डॉ यादव ने सिंहस्थ: 2028 के दृष्टिगत मध्य प्रदेश में अधोसंरचनात्मक विकास और महत्वपूर्ण कार्यों के संबंध में केंद्रीय मंत्री गण से मुलाकात एवं चर्चा की। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण तथा रसायन और उर्वरक मंत्री जगत प्रकाश नड्डा से भेंट की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मंत्री गण को, आगामी सिंहस्थ आयोजन को विश्वस्तरीय बनाए जाने की तैयारी की जानकारी भी दी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विधि एवं न्याय राज्यमंत्री अर्जुन राम मेघवाल और केंद्रीय कोयला और खान मंत्री जी. किशन रेड्डी से भी भेंट की। मुख्यमंत्री डॉ यादव ने केंद्रीय जनजातीय कार्य राज्य मंत्री दुर्गादास उइके से भेंट की।