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मध्यप्रदेश स्थापना दिवस : गौरवशाली अतीत के नायक सम्राट विक्रमादित्य को समर्पित

मध्यप्रदेश स्थापना दिवस : अभ्युदय का उत्सव मध्यप्रदेश स्थापना दिवस : गौरवशाली अतीत के नायक सम्राट विक्रमादित्य को समर्पित मध्यप्रदेश स्थापना दिवस पर महानाट्य सम्राट विक्रमादित्य का मंचन भोपाल  अतुल्य भारत का हृदय प्रदेश "मध्यप्रदेश" अपना 70वाँ स्थापना दिवस 'अभ्युदय मध्यप्रदेश' के रूप में मनाने जा रहा है। यह भव्य समारोह 1 से 3 नवंबर, 2025 तक भोपाल के लाल परेड मैदान में आयोजित होगा। 'विरासत से विकास' की यात्रा को दर्शाने वाला यह आयोजन 'उद्योग एवं रोजगार वर्ष' की थीम पर आधारित है। इस तीन दिवसीय समारोह का मुख्य आकर्षण होगा महानाट्य 'सम्राट विक्रमादित्य'। इसके साथ ही सुप्रसिद्ध गायकों की सुगम संगीत प्रस्तुतियाँ, प्रदर्शनियाँ, शिल्प मेला और व्यंजन मेले जैसी गतिविधियाँ भी आयोजित की जाएँगी। यह समारोह केवल सांस्कृतिक रंगों से ही नहीं सजेगा, बल्कि महानाट्य 'सम्राट विक्रमादित्य' के मंचन से नागरिकों को यह जानने का अवसर मिलेगा कि मध्यप्रदेश का अतीत कितना गौरवशाली रहा है। सम्राट विक्रमादित्य, जिनके राज्य की पहचान जनकल्याण, सुशासन और शौर्य थी, वे हमारे लिए आज भी प्रेरणास्रोत हैं। विकसित राज्य और राष्ट्र की अवधारणा की प्रेरणा हमें ऐसे ही अतीत के महानायकों से मिली है। महानाट्य का भव्य मंचन सम्राट विक्रमादित्य के जीवन और उनके महान योगदान से जनता को परिचित कराने के लिए यह महानाट्य 2 और 3 नवंबर, 2025 को सायं 6:30 बजे से लाल परेड मैदान भोपाल में दो दिनों तक मंचित किया जाएगा। इसका उद्देश्य प्रदेश के वैभवशाली इतिहास को जन-जन तक पहुँचाना है। सम्राट विक्रमादित्य का वैश्विक सम्मान विक्रमादित्य भारत के सर्वाधिक लोकप्रिय सम्राट नायक माने जाते हैं। उनकी वीरता, देश को पराधीनता से मुक्त करने की उत्कृष्ट अभिलाषा, राजनीतिक उपलब्धियाँ, न्याय की अनोखी पद्धति और कला-साहित्य को दिए गए उदार संरक्षण ने उन्हें केवल भारत में ही नहीं बल्कि सुदूर देशों में भी प्रतिष्ठित किया है। विक्रम संवत काल गणना का सर्वश्रेष्ठ आधार विक्रमादित्य ने शकों और यवनों के आतंक से भारत को मुक्त कराया था। उन्होंने 96 शक सामंतों को पराजित कर उन्हें देश छोड़ने पर विवश किया जिसके बाद उन्हें 'शकारि' और 'साहसांक' जैसी उपाधियाँ मिलीं। आज 2082 वर्ष पूर्व उनके द्वारा प्रारंभ किया गया 'विक्रम संवत' न केवल भारत में बल्कि दुनिया में भी काल गणना का सर्वश्रेष्ठ आधार है। ज्ञान और कला का प्रतीक दरबार 'बेताल पच्चीसी' और 'सिंहासन बत्तीसी' में उनके अद्भुत न्याय, वीरता और महानता की कथाएँ प्रचलित हैं। उनके दरबार में कालिदास, वराहमिहिर, धन्वंतरि जैसे नवरत्न थे, जो जनकल्याणकारी कार्यों में संलग्न रहते थे। यह इस बात का प्रमाण है कि भारत प्राचीन काल से ही विज्ञान, खगोल शास्त्र, ज्योतिष और साहित्य-कला के क्षेत्रों में कितना समृद्ध और सशक्त रहा है। महानाट्य की भव्यता विक्रमादित्य की गाथा को जन-जन तक पहुँचाने का यह चुनौतीपूर्ण संकल्प उज्जैन की संस्था 'विशाला सांस्कृतिक एवं लोकहित समिति' ने लिया है। लगभग 150 कलाकारों और 50 सहयोगियों द्वारा मंचित इस विराट प्रस्तुति में दृश्यों को सजीव बनाने के लिए अश्व (घोड़े), रथ, पालकी और ऊँट का भी प्रयोग किया गया है। तीन मंचों और एलईडी ग्राफिक्स के स्पेशल इफेक्ट्स से इसे अत्यंत प्रभावी बनाया गया है। प्रधानमंत्री द्वारा प्रशंसित महानाट्य इस महानाट्य की प्रस्तुति को दिल्ली के लाल किला, हैदराबाद, आगरा सहित देश के अनेक प्रमुख शहरों में भरपूर सराहना मिली है। भारत के प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी भी स्वयं इस महानाट्य की प्रशंसा कर चुके हैं। अब यह भोपाल के ऐतिहासिक लाल परेड ग्राउंड में मंचित होने जा रहा है। विविध सांस्कृतिक गतिविधियाँ 2 और 3 नवंबर को 'अभ्युदय मध्यप्रदेश' के अंतर्गत लाल परेड ग्राउंड में दोपहर 12 बजे से रात्रि 10 बजे तक अनेक गतिविधियाँ आयोजित होंगी। इन गतिविधियों के माध्यम से आम नागरिक प्रदेश की शिल्प कला, हस्त कला, पारंपरिक कला, व्यंजन, विरासत और वैभव से परिचित हो सकेंगे। प्रमुख आकर्षणों में शामिल हैं:         12 प्रदर्शनियाँ, जिनमें 'विक्रमादित्य और अयोध्या', 'विक्रमादित्य की मुद्राएं और सिक्के', 'राजा भोज का भोपाल', 'मध्यप्रदेश की बावड़ियाँ', और 'मध्यप्रदेश के मंदिर देवलोक' प्रमुख हैं।         वनौषधि और वैद्य पर केंद्रित 'वन मेला'।         'एक जिला-एक उत्पाद' के अंतर्गत 'शिल्प मेला' (प्रदर्शन सह विक्रय)।         देशज व्यंजनों का 'स्वाद' व्यंजन मेला।  

विश्व पक्षाघात दिवस: बुधवार को आयोजित होगा विशेष जागरूकता कार्यक्रम

भोपाल भोपाल स्थित शासकीय होम्योपैथिक चिकित्सा महाविद्यालय परिसर में स्थापित पक्षाघात विशेषज्ञ इकाई में बुधवार 29 अक्टूबर को विश्व पक्षाघात दिवस के उपलक्ष्य में दोपहर 2 बजे से विशेष जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन होगा। इस कार्यक्रम का उद्देश्य पक्षाघात से पीड़ित लोगों को इस रोग से होने वाली समस्याओं और सीमाओं से उबरने में मदद करना है। वर्तमान समय में कम आयु में पक्षाघात के बड़ी संख्या में प्रकरण देखने को मिल रहे हैं, जिनके कारण विक्षिप्त जीवन शैली, भोजन में अनियमिताएं एवं विभिन्न प्रकार के व्यसन आदि हैं। भारत सरकार के आयुष मंत्रालय के सहयोग से शासकीय होम्योपैथी चिकित्सा महाविद्यालय में स्थापित इस विशेषज्ञ इकाई में पक्षाघात से पीड़ित समस्त रोगियों का उपचार उपलब्ध है, जो होम्योपैथी एवं फिजियोथेरेपी के माध्यम से प्रदान किया जाता है। दोनों विषयों के विशेषज्ञ दल यहां पर प्रतिदिन प्रात 9 बजे से दोपहर 1 बजे तक अपनी सेवाएं प्रदान करते हैं। लाभार्थी अधिक जानकारी के लिए दूरभाष क्रमांक 0755 2992970 पर शासकीय कार्य दिवस एवं समय पर संपर्क कर सकते हैं।।  

स्थापना दिवस पर दो वर्ष में अर्जित विशेष उपलब्धियां दिखेंगी विकास प्रदर्शनी में

मध्यप्रदेश के स्थापना दिवस पर होंगे विशेष कार्यक्रम दो वर्ष में अर्जित विशेष उपलब्धियां दिखेंगी विकास प्रदर्शनी में राजधानी भोपाल सहित जिलों में भी होंगे कार्यक्रम मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मंत्रि परिषद की बैठक प्रारंभ होने से पहले किया संबोधित भोपाल मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने मंगलवार को मंत्रालय में मंत्रिपरिषद की बैठक प्रारंभ होने के पहले मंत्रीगण को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि प्रदेश के स्थापना दिवस पर राजधानी और जिलों में विशेष कार्यक्रम होंगे। प्रदेश में गत 2 वर्ष में अर्जित महत्वपूर्ण उपलब्धियों की जानकारी विकास प्रदर्शनी के माध्यम से दी जाएगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि लाल परेड ग्राउंड और रवीन्द्र भवन परिसर इन कार्यक्रमों के केंद्र होंगे। एक नवंबर को रवीन्द्र भवन में जहां 2 वर्ष में निवेश संवर्धन सहित अन्य महत्वपूर्ण उपलब्धियां प्रदर्शनी के माध्यम से प्रदर्शित की जाएंगी वहां ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट में प्राप्त निवेश से अर्जित उपलब्धियों की जानकारी भी प्रदर्शित की जाएगी। इस अवसर पर डिजिटल सेवाओं, मध्यप्रदेश ई-सेवा और इन्वेस्ट एमपी 3.0 पोर्टल का लोकार्पण होगा। उद्योग एवं रोजगार वर्ष 2025 के तहत हुए कार्यों का प्रस्तुतिकरण किया जाएगा। वर्ष 2026 के लिए आगामी वर्ष की थीम की घोषणा भी की जाएगी। समृद्ध मध्यप्रदेश@ 2047 दृष्टि पत्र का विमोचन भी होगा। यह दृष्टिपत्र सुखद मध्यप्रदेश, संपन्न मध्यप्रदेश और सांस्कृतिक मध्यप्रदेश की परिकल्पना पर आधारित है। लाल परेड मैदान भोपाल में महानाट्य सम्राट विक्रमादित्य का मंथन एवं प्रसिद्ध पार्श्वगायक जुवैन नोटियाल का गायन होगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि यह दृष्टि पत्र मिशन "ज्ञान" अर्थात गरीब, युवा ,अन्नदाता और नारी सहित प्रदेश के सर्वांगीण विकास पर केन्द्रित है। अंगदान से मिल रहा लोगों को नया जीवन, देहदान करने वालों को गार्ड ऑफ ऑनर मुख्यमंत्री डॉ यादव ने जानकारी दी कि मध्यप्रदेश में अंगदान और देहदान की भावना विकसित हो रही है। हाल ही में भोपाल के एक ऑटो चालक गणेश की दो किडनियां और दिल तीन लोगों को प्रत्यारोपित किया गया। साथ ही उनके कार्निया से भी दो लोगों को रोशनी मिलेगी। ऑटो ड्राइवर के परिवार का यह योगदान सराहनीय है। इस भावना को प्रोत्साहित करने के लिए अंगदान करने वाले व्यक्तियों के अंतिम संस्कार में गार्ड ऑफ ऑनर दिया जा रहा है। हाल ही में उज्जैन के किशन सिंह भाटिया के परिवार और अन्य कई परिवारों द्वारा देहदान की पहल की गई है जो समाज के लिए प्रेरक है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मंत्रीगण से आग्रह किया कि अपने प्रभार के जिलों में देहदान की भावना के प्रचार प्रसार में सहयोग करें ताकि अपने किसी परिजन की मृत्यु के बाद दिवंगत व्यक्ति के अंग अन्य जरूरतमंद लोगों को प्रत्यारोपित करने की प्रेरणा मिलेगी। जीवनकाल में ही अंगदान या देहदान के संकल्प को सार्वजनिक कर ऐसे दान के माध्यम से व्यक्ति जीवन के बाद भी परिवार सहित समाज में याद रखा जाता है। भगवान बिरसा मुंडा जयंती पर मनाएंगे जनजातीय गौरव दिवस मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जानकारी दी कि आगामी 15 नवंबर को जनजातीय गौरव दिवस भव्य रूप से मनाया जाएगा। धरती आबा भगवान बिरसा मुंडा की 150 वीं जयंती के समापन पर प्रदेश में एक से 15 नवंबर तक राजधानी से ग्राम पंचायत तक विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन होगा। स्वतंत्रता के संघर्ष में भगवान बिरसा मुंडा के योगदान पर शिक्षण संस्थानों में विभिन्न गतिविधियों का आयोजन भी किया जाएगा।

महागठबंधन का घोषणापत्र जारी, बिहार में नए एजेंडे के तहत ‘तेजस्वी प्रण’

पटना  महागठबंधन ने बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के लिए अपना घोषणापत्र जारी किया है. इसका नाम 'तेजस्वी प्रण' रखा गया है. इस घोषणापत्र के कवर फोटो पर तेजस्वी यादव का ही फोटो छपा है. बता दें कि तेजस्वी यादव ही महागठबंधन की ओर से सीएम फेस हैं. महागठबंधन की प्रेस कॉन्फ्रेंस में तेजस्वी यादव, पवन खेड़ा, दीपांकर भट्टाचार्य, मुकेश सहनी मौजूद हैं. 'हमें बिहार को पटरी पर लाना है' कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने कहा, 'महागठबंधन ने सबसे पहले अपने मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार की घोषणा की. हमने अपना घोषणापत्र भी सबसे पहले जारी किया. इससे पता चलता है कि बिहार को लेकर कौन गंभीर है. हमने पहले दिन से ही तय कर लिया था कि हम बिहार के लिए क्या करेंगे. हमें बिहार को पटरी पर लाना है. आज का दिन बहुत ही शुभ है क्योंकि बिहार राज्य इस 'प्रण' का इंतजार कर रहा था.' तेजस्वी का प्रण नाम से घोषणा पत्र जारी किए जाने के दौरान कांग्रेस के राष्ट्रीय प्रवक्ता पवन खेड़ा ने कहा कि महागठबंधन ने सबसे पहले सीएम फेस घोषित किया और सबसे पहले मेनिफेस्टो भी किया जारी. उन्होंने कहा कि आज बहुत पावन दिन है जिसमें हम यह संकल्प पत्र जारी कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि बिहार 20 साल पीछे चला गया है. सीपीआई राज्य सचिव रामनरेश पांडेय ने बयान दिया कि बिहार के इतिहास में पहला घोषणा पत्र है जिसमें सरकार हर परिवार के सदस्य को नौकरी और 5 डिसमिल जमीन देगी. महागठबंधन के नेता दीपांकर भट्टाचार्य ने बयान दिया कि ओल्ड पेंशन स्कीम की मांग इस घोषणा पत्र में है. युवाओं को नौकरी, रोजगार समेत सभी वायदों को हम पूरा करेंगे. शिक्षकों,स्वास्थ्यकर्मियों समेत सभी की मांगे पूरी होंगी. पहले दिन से ही हम घोषणा पत्र के हिसाब से काम करेंगे. '30-35 वर्ष बिहार की सेवा करेंगे' इस मौके पर वीआईपी प्रमुख और महागठबंधन के डिप्टी सीएम चेहरे मुकेश सहनी ने कहा, '…आज हमने एक नए बिहार के लिए संकल्प पत्र लॉन्च किया है. अगले 30-35 वर्षों तक हम बिहार के लोगों की सेवा के लिए काम करेंगे. हम जनता की सभी आकांक्षाओं को पूरा करेंगे. हम जनता से किए गए सभी वादों को पूरा करेंगे. राज्य की जनता महागठबंधन के समर्थन में खड़ी है और हम बिहार में सरकार बना रहे हैं. दूसरी ओर, एनडीए के पास कोई 'संकल्प' नहीं है.'

रामलला के भक्त ध्यान दें! इस तारीख को नहीं मिल पाएंगे दर्शन, प्रशासन ने जारी की गाइडलाइन

अयोध्या  राम मंदिर में होने वाले ऐतिहासिक ध्वजारोहण समारोह की तैयारी तेज हो चुकी है,,, ध्वजारोहण समारोह के दिन आम श्रद्धालुओं को रामलला के दर्शन नहीं मिल पाएंगे। आपको बता दें कि 25 नवंबर को भव्य ध्वजारोहण समारोह का आयोजन होगा…इसकी तैयारियां अंतिम चरण में पहुंच गई हैं,,,इसमें पीएम नरेंद्र मोदी समेत आठ से दस हजार मेहमान शामिल होंगे,,, ऐसे में सुरक्षा कारणों से मंदिर में आम श्रद्धालुओं के प्रवेश पर रोक रहेगी,,,,राम मंदिर भवन निर्माण समिति के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्र ने बैठक से पहले तैयारियों की विस्तृत जानकारी साझा की। राम मंदिर भवन निर्माण समिति के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्र ने बताया कि समारोह के दिन बड़ी संख्या में मेहमान मौजूद रहेंगे,,,विवाह पंचमी का भी दिन है,,,ऐसे में राम मंदिर में अचानक भीड़ बढ़ सकती है,,,इसलिए हमने निर्णय लिया है कि सुबह सात बजे से ही मंदिर में आम श्रद्धालुओं का प्रवेश रोका जाएगा। दरअसल मेहमानों के ठहरने के लिए तीन हजार से अधिक कमरे आरक्षित किए गए हैं,,,वहीं अतिथियों को आमंत्रण भेजने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है,,,मेहमानों को राम मंदिर ट्रस्ट के महासचिव की ओर से मैसेज भेजा जा रहा है। उन्हें कार्यक्रम के समय रूपरेखा की जानकारी दी जा रही है।

बच्चों की सुरक्षा पर बाल आयोग सख्त, बिना रजिस्ट्रेशन प्ले स्कूल चलाने वालों पर होगी कार्रवाई

यमुनानगर  हरियाणा में निजी रूप से प्ले स्कूल चलाने वालों के लिए पंजीकरण अनिवार्य कर दिया गया है। जो इसका पंजीकरण नहीं करवाएगा उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल इसको लेकर प्ले स्कूल संचालकों को जागरूक किया जा रहा है, उसके बाद उल्लंघन करने वालों पर कार्रवाई शुरू की जाएगी। प्ले स्कूल संचालकों के साथ की बैठक जानकारी के अनुसार हरियाणा राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग के सदस्य अनिल कुमार और श्याम शुक्ला आज यमुनानगर पहुंचे। यहां उन्होंने प्ले स्कूल संचालकों से स्कूलों के पंजीकरण और बच्चों की सुरक्षा विषयों को लेकर बैठक ली। आयोग के सदस्य अनिल कुमार ने कहा कि जिले में चल रहे प्राइवेट प्ले स्कूलों को पंजीकरण कराना अनिवार्य है। उन्होंने बच्चों की सुरक्षा, उनके अधिकारों की रक्षा और निजी संस्थानों व एजेंसियों की गतिविधियों की समीक्षा के लिए अधिकारियों की बैठक ली है। उन्होंने कहा कि इन प्ले स्कूलों में कोई भी स्टाफ होगा उसकी पुलिस वेरिफिकेशन आवश्यक होगी, उसका रिकॉर्ड आधार कार्ड रखना अनिवार्य होगा। उन्होंने सभी महिला एवं बाल विकास परियोजना अधिकारियों सुपरवाइजर को निर्देश दिए कि वे अपने क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले निजी प्ले स्कूलों का पंजीकरण सभी खंड शिक्षा अधिकारी  जिला बाल संरक्षण इकाई के सहयोग से करें। कोई लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी: आयोग आयोग के सदस्य ने कहा ने कि अगर किसी विद्यालय के साथ कहीं पर भी बच्चों के शोषण से संबंधित कोई मामला संज्ञान में आता है, तो उस पर तत्काल कार्रवाई के लिए जिला बाल कल्याण समिति को सूचित करें। बच्चों की सुरक्षा और उनके अधिकारों की रक्षा करना हमारी प्राथमिकता है, उसी को पूरा करने के लिए आयोग तत्परता से कार्य कर रहा है। आयोग ने कहा कि बच्चों की सुरक्षा और अधिकारों की रक्षा के लिए कोई लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।  अभिभावकों से की खास अपील आयोग के सदस्य ने अभिभावकों से अपील है कि वे अपने बच्चों का दाखिला करवाने से पहले प्ले स्कूल की मान्यता की जांच अवश्य कर लें। प्ले स्कूल पंजीकरण अनिवार्य: आयोग सदस्य बाल कल्याण समिति के अध्यक्ष अशोक कुमार ने बताया कि प्ले स्कूल पंजीकरण का कार्य नियम अनुसार करवा बाल कल्याण समिति जिला बाल संरक्षण इकाई इसके लिए पूरा सहयोग कर रही है। जिला कार्यक्रम अधिकारी महिला एवं बाल विकास मिक्षा रंगा ने सभी प्राइवेट प्ले स्कूल संचालकों से जल्द पंजीकरण करवाना और सुनिश्चित करने के लिए कहा कि बिना पंजीकरण के चल रहे प्ले स्कूलों को नियमानुसार बंद करवा दिया जाएगा और उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।   

किसानों ने जलाई पराली: पंजाब में एक दिन में सामने आए इतने केस, प्रशासन में हड़कंप

चंडीगढ़  पंजाब में एक दिन में पराली जलाने के सबसे ज्यादा  147 मामले दर्ज किए गए, जिससे 15 सितंबर से अब तक ऐसी घटनाओं की कुल संख्या 890 हो गई है। सरकारी आंकड़ों में यह जानकारी दी गई है। पंजाब प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (पी.पी.सी.बी.) के आंकड़ों के अनुसार, तरनतारन और अमृतसर जिलों में पराली जलाने की सबसे ज्यादा घटनाएं दर्ज की गईं। पी.पी.सी.बी. के अनुसार, कई किसान पराली जलाने से रोकने की राज्य सरकार की अपील की लगातार अनदेखी कर रहे हैं। 20 अक्टूबर से राज्य में पराली जलाने की घटनाओं की संख्या बढ़कर 537 हो गई है, जबकि 20 अक्टूबर को यह आंकड़ा 353 था। आंकड़ों के अनुसार, तरनतारन में पराली जलाने की सबसे ज्यादा 249 घटनाएं हुई हैं। इसके बाद अमृतसर (169), फिरोजपुर (87), संगरूर (79), पटियाला (46), गुरदासपुर (41), बठिंडा (38) और कपूरथला (35) में पराली जलाने की घटनाएं हुईं। पठानकोट और रूपनगर जिलों में अब तक पराली जलाने की कोई घटना सामने नहीं आई है। एस.बी.एस. नगर और होशियारपुर में तीन-तीन, मलेरकोटला में चार और लुधियाना में 9 पराली जलाने की घटनाएं सामने आईं। दिल्ली-एन.सी.आर. में बढ़ते वायु प्रदूषण के लिए पंजाब और हरियाणा में पराली जलाने की घटनाओं को हमेशा जिम्मेदार ठहराया जाता है। इसका कारण यह है कि अक्टूबर-नवंबर में धान की कटाई के बाद, रबी की फसल- गेहूं- की बुवाई के लिए बहुत कम समय बचता है। इसलिए, कुछ किसान खेतों में बचे अवशेषों को जल्दी से हटाने के लिए अपने खेतों में आग लगा देते हैं। पी.पी.सी.बी. के आंकड़ों के अनुसार, इस साल पंजाब में धान की खेती का कुल रकबा 31.72 लाख हेक्टेयर है और 26 अक्टूबर तक इसमें से 59.82 प्रतिशत रकबे में कटाई हो चुकी है। पी.पी.सी.बी. के अनुसार, अब तक 386 मामलों में पर्यावरण क्षतिपूर्ति के रूप में 19.80 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया है, जिसमें से 13.40 लाख रुपये वसूल किए जा चुके हैं। आंकड़ों से यह भी पता चला है कि इस अवधि के दौरान, भारतीय दंड संहिता (आई.पी.सी.) की धारा 223 (लोक सेवक के आदेश की अवज्ञा) के तहत खेतों में आग लगाने की घटनाओं के खिलाफ 302 एफ.आई.आर. दर्ज की गईं।

CM डॉ. यादव बोले – मार्ग चौड़ीकरण में सहयोग करने वाले पात्र नागरिकों को मिलेगा आवास योजना का लाभ

स्वप्रेरणा से मार्ग चौड़ीकरण के लिए स्वत: निर्माण हटाने वाले पात्र नागरिकों को प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ प्रदान किया जाएगा : मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने केडी गेट से निकास चौराहा मार्ग चौड़ीकरण कार्य का निरीक्षण किया उज्जैन मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सिंहस्थ-2028 के दृष्टिगत उज्जैन के केडी गेट से निकास चौराहा मार्ग के प्रगतिरत चौड़ीकरण कार्य का खजूरवाली मस्जिद के समीप मंगलवार को निरीक्षण किया। स्वप्रेरणा से विकास के लिए नागरिकों द्वारा मार्ग चौड़ीकरण के लिए अपने घरों के कुछ हिस्से को हटाया जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने नागरिकों द्वारा प्रस्तुत अनुपम उदाहरण पर प्रसन्नता व्यक्त कर नागरिकों का अभिनन्दन किया। उन्होंने कहा कि मार्ग चौड़ीकरण से शहर के इस पुराने बाजार को पुनः नई दिशा मिलेगी और व्यापार बढ़ेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने यहां नागरिकों से चर्चा कर उनकी कुशलक्षेम जानी और सिंहस्थ कार्यों की व्यवस्थाओं की चर्चा की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने निरीक्षण के दौरान कलेक्टर  रौशन कुमार सिंह को निर्देश दिए कि शहर के विकास के लिए स्वप्रेरणा से मार्ग चौड़ीकरण के लिए मकान तोड़ने का कार्य करने वाले पात्र नागरिकों को प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत लाभ प्रदान किया जाए। कार्य तीव्र गति से हो और नागरिकों की सुविधा का विशेष ध्यान रखा जाएं। निरीक्षण के दौरान विधायक  अनिल जैन कालूहेड़ा,  संजय अग्रवाल,  रवि सोलंकी आदि उपस्थित रहें।  

राज्यपाल से उपमुख्यमंत्री की शिष्टाचार भेंट

जयपुर राज्यपाल श्री हरिभाऊ बागडे से मंगलवार को राज्य की उपमुख्यमंत्री श्रीमती दिया कुमारी ने राजभवन पहुंचकर मुलाकात की। इस दौरान दोनों ने विभिन्न विषयों पर चर्चा की। राज्यपाल श्री बागडे से उनकी यह शिष्टाचार भेंट थी।

नियुक्तियों को लेकर Chhattisgarh HC ने GGU के शीर्ष अधिकारियों से मांगा जवाब

 बिलासपुर  गुरु घासीदास केंद्रीय विश्वविद्यालय में शिक्षा विभाग के अंतर्गत हो रही नियुक्तियों में निर्धारित मापदंडों को लेकर दायर याचिका पर जस्टिस एनके व्यास की सिंगल बेंच में सुनवाई हुई। यूनिवर्सिटी के अधिवक्ता के जवाब के बाद कोर्ट ने यूनिवर्सिटी के कुलपति व रजिस्ट्रार को नोटिस जारी कर शपथ पत्र के साथ जवाब पेश करने का निर्देश दिया है। बीते सुनवाई के दौरान कोर्ट ने साफ कहा था कि यह विश्वविद्यालय का दायित्व बनता है कि वह यह स्पष्ट करे कि विज्ञापन किस विषय से संबंधित है और क्या वह एनसीटीई द्वारा निर्धारित शैक्षणिक योग्यताओं के अनुरूप है। अदालत ने इस संबंध में विश्वविद्यालय से स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने के निर्देश दिए थे। आज इस मामले की सिंगल बेंच में सुनवाई हुई। बता दें कि गुरु घासीदास केंद्रीय विश्वविद्यालय में शिक्षा विभाग के अंतर्गत हो रही नियुक्ति पर शिक्षा विभाग को मान्यता देने वाली संस्था नेशनल काउंसिल फार टीचर एजुकेशन के नियमों की अनदेखी संबंधी मामला याचिकाकर्ता नवीन चौबे की ओर से अधिवक्ता आशुतोष शुक्ल ने पैरवी की। सुनवाई के दौरान विश्वविद्यालय के अधिवक्ता कोर्ट में संतोषजनक उत्तर नहीं दे सके। कोर्ट ने अपने पिछले आदेश नौ अक्टूबर का उचित परिपालन विश्वविद्यालय द्वारा नहीं किए जाने के पर जवाब मांगा है। विश्वविद्यालय से हाई कोर्ट ने मांगा स्पष्टीकरण हाई कोर्ट ने गुरु घासीदास केंद्रीय विश्वविद्यालय बिलासपुर से यह स्पष्ट करने को कहा है कि उनके द्वारा जारी की गई भर्ती विज्ञापन में किस विषय या विशेषज्ञता क्षेत्र के लिए पद निकाले गए हैं और क्या यह विज्ञापन राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद विनियम 2014 के अनुरूप है। याचिकाकर्ता के अधिवक्ता ने बीते सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता के अधिवक्ता अशुतोष शुक्ला ने अदालत को बताया था कि विश्वविद्यालय द्वारा जारी विज्ञापन त्रुटिपूर्ण है, क्योंकि उसमें संबंधित विषय या विशेषज्ञता का उल्लेख नहीं है। अधिवक्ता ने पेश किया जवाब गुरु घासीदास केंद्रीय विश्वविद्यालय की ओर से अधिवक्ता ने जवाब प्रस्तुत किया था। उन्होंने दलील दी थी कि राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद द्वारा 1993 के अधिनियम की धारा 32(2) के अंतर्गत 2014 में जो विनियम बनाए गए हैं, उनके अनुसार पर्सपेक्टिव इन एजुकेशन या फांउडेशन कोर्स के लिए आवेदन करने वाले उम्मीदवार के पास समाजशास्त्र, मनोविज्ञान या अन्य सामाजिक विज्ञान विषय में स्नातकोत्तर डिग्री, न्यूनतम 55 प्रतिशत अंकों के साथ। एमए. या एमएड में भी कम से कम 55 प्रतिशत अंक। साथ ही बीएड या बीएएलएड में न्यूनतम 55 प्रतिशत अंक वाली योग्यताएं होनी चाहिए। याचिकाकर्ता के अनुसार, जब तक विश्वविद्यालय यह स्पष्ट नहीं करता कि यह विज्ञापन किस विषय या कोर्स के लिए है, तब तक यह अस्पष्ट और अपूर्ण माना जाएगा।