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संगरूर के चन्नो में पराली के डंप में लगी भीषण आग

संगरूर  संगरूर जिले के चन्नो गांव में शनिवार और रविवार की मध्यरात्रि को पराली के डंप (stubble dump) में भीषण आग लग गई। इस हादसे में करीब 120 ट्रॉलियों की पराली जलकर राख हो गई। पराली ढेर के मालिक रणजीत सिंह ने बताया कि उन्होंने 13 बीघा जमीन पट्टे पर लेकर पराली का डंप तैयार किया था। रात लगभग 11 बजे के बाद अचानक आग लगने की जानकारी मिली। उन्होंने तुरंत पुलिस चौकी चन्नो को सूचना दी और चौकी प्रभारी से बात कराने के लिए गांव के सरपंच ने भी प्रयास किया, लेकिन रातभर कोई भी पुलिस कर्मचारी मौके पर नहीं पहुंचा। ग्रामीणों ने इसके बाद दमकल विभाग (fire brigade) को सूचना दी, जिसके बाद 20–25 मिनट में चार फायर गाड़ियां मौके पर पहुंचीं। फायर कर्मियों ने पूरी रात आग बुझाने का प्रयास किया, लेकिन सुबह 8 बजे तक भी आग पूरी तरह नहीं बुझाई जा सकी। फिलहाल दो फायर गाड़ियां मौके पर आग पर काबू पाने का प्रयास जारी रखे हुए हैं। रणजीत सिंह का कहना है कि यह आग किसी शॉर्ट सर्किट (short circuit) से नहीं लगी, बल्कि किसी शरारती तत्व (mischievous element) द्वारा लगाई गई प्रतीत होती है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि प्रशासन की ओर से अब तक कोई अधिकारी या पुलिसकर्मी मौके पर नहीं पहुंचा है। ग्रामीणों ने प्रशासन से इस घटना की जांच कराने और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।

दूध पाउडर घोटाले में बड़ी कार्रवाई, बाल गोपाल योजना के पांच कर्मचारी निलंबित

जयपुर राजस्थान में पन्नाधाय बाल गोपाल योजना के तहत वितरित दूध पाउडर की कालाबाजारी करने वाले सरकारी स्कूल के पांच शिक्षकों को निलंबत कर दिया है।  मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के निर्देश पर  इस मामले में  तीन सदस्यीय उच्च स्तरीय जांच समिति गठित की गई है। मुख्यमंत्री कार्यालय से जारी आदेश के अनुसार, राजस्थान सिविल सेवा (CCA) नियम 1958 की धारा 13(1) के तहत निलंबित अधिकारियों में शामिल हैं —     शीला बलई (शिक्षिका, राजकीय प्राथमिक विद्यालय, जाटों की ढाणी, गंगावास, कल्याणपुर),     सुरेश कुमार (प्रबोधक, राजकीय प्राथमिक विद्यालय, नागनेशियों की ढाणी, गंगावास, कल्याणपुर),     मंगलाराम (वरिष्ठ शिक्षक, राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय, भारी नगर, बावड़ी, जोधपुर),     पप्पूराम गोदारा (व्याख्याता, राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, नागाणा फांटा, बालोतरा), और     राजेश मीणा (प्रधानाध्यापक, मनमोरों की ढाणी)। जांच समिति को स्कूल शिक्षा निदेशालय, बीकानेर के अधीन कार्य करने के निर्देश दिए गए हैं। समिति चार दिन में दुरुपयोग की शिकायतों की पुष्टि, साक्ष्य संकलन और विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करेगी। अगर जांच में अन्य अधिकारी या शिक्षक शामिल पाए गए, तो अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। विभाग ने सभी जिला शिक्षा अधिकारियों (DEO) और खंड शिक्षा अधिकारियों (BEO) को निर्देश दिया है कि तीन दिनों में कार्रवाई रिपोर्ट सौंपें। साथ ही पंचायत प्रारंभिक शिक्षा अधिकारी (PEEO) और शहरी क्लस्टर प्रारंभिक शिक्षा अधिकारी (UCEEo) को प्रत्येक दो विद्यालयों का निरीक्षण कर राज्यभर के लगभग 22,500 स्कूलों की स्थिति की रिपोर्ट देने को कहा गया है। स्कूल शिक्षा सचिव कृष्ण कुनाल ने बताया कि सभी स्कूलों में स्टॉक का भौतिक सत्यापन करने के भी आदेश जारी किए गए हैं। उन्होंने कहा, “अगर सत्यापन के दौरान कोई अनियमितता पाई गई, तो जिम्मेदारों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।” पन्नाधाय बाल गोपाल योजना के तहत सरकारी स्कूलों में प्री-प्राइमरी से कक्षा 8 तक के विद्यार्थियों को स्किम्ड मिल्क पाउडर से तैयार गरम दूध पिलाया जाता है, ताकि बच्चों के पोषण स्तर में सुधार हो सके। इस योजना से वर्तमान में लगभग 57 लाख छात्र लाभान्वित हो रहे हैं, जिस पर सरकार हर साल करीब ₹722 करोड़ रुपये खर्च करती है।

हापुड़ में योगी का अनाउंस्ड दौरा: गंगा पूजन और अफसरों के साथ हुई रणनीति मीटिंग

हापुड़  यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ रविवार को अचानक से हापुड़ पहुंच गए। दोपहर 01:20 बजे हेलीकाप्टर से उतरने के बाद वह सीधे गढ़मुक्तेश्वर गए, जहां पर उन्होंने गंगा में दूध चढ़ाकर पूजा-अर्चना की। बाद में उन्होंने आरती में भाग लिया। इसके बाद वह पैदल कार्तिक मेले के मुख्य द्वार पर पहुंचे और पैदल ही कुछ दुकानों का निरीक्षण किया। बाद में उन्होंने पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक शुरू कर दी। मुख्यमंत्री का गढ़मुक्तेश्वर पहुंचने पर अधिकारियों ने जोरदार स्वागत किया। गढ़मुक्तेश्वर की पावन धरा में इन कार्तिक मास के प्राचीन गंगा मेले का आयोजन हो रहा है। मेले में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के आने का कार्यक्रम शनिवार देर शाम को अधिकारियों को मिला था। जिसके बाद अधिकारियों ने मेला स्थल के पास में हैलीपेड से लेकर सुरक्षा के कड़े इंतजाम कर दिए थे। रविवार सुबह से ही पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मुख्यमंत्री के आगमन की तैयारियों में जुटे हुए थे। रविवार दोपहर 01:20 बजे मुख्ययमंत्री का हैलीकॉप्टर हैलीपैड पर पहुंचा। जहां पर अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों ने उनका गर्मजोशी के साथ स्वागत किया। मुख्यमंत्री हैलीपेड से सीधे गंगा घाट पर पहुंचे। जहां पर उन्होंने दूध चढ़ाया और पूजा में भाग लिया। इसके बाद उन्होंने गंगा की आरती की। इसके बाद मुख्यमंत्री कार्तिक मेले के लिए बनाए गए मुख्य द्वार पर पहुंचे और पैदल ही दुकानों का निरीक्षण किया। इसके बाद मुख्यमंत्री ने पुलिस प्रशासनिक अधिकारियों के साथ में समीक्षा बैठक शुरू कर दी।  

क्रिकेट सिटी में कलंक! विदेशी महिला खिलाड़ियों के साथ बदसलूकी से सन्न हुआ इंदौर

इंदौर जिस इंदौर की पहचान मां अहिल्या की नगरी के रूप में होती है, जिस शहर की पहचान देश स्वच्छता के कारण हो, उस शहर पर अकील खान नाम के मनचले की हरकतों बदनामी के छींटे डाल दिए। इंदौर की सराफा चौपाटी पर आधी रात को महिलाएं बिना किसी संकोच के पारंपरिक भोजन का स्वाद लेने पहुंचती हों, वहां दिनदहाड़े आस्ट्रेलियाई महिला क्रिकेटरों से छेड़छाड़ से पूर्व अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी सहित पूरा शहर स्तब्ध है। उनमें घटनाक्रम को लेकर रोश भी है। भारतीय टीम की पूर्व कप्तान और मप्र क्रिकेट संगठन की प्रबंधकारिणी सदस्य संध्या अग्रवाल दुखी हैं। कहती हैं, इंदौर बहुत शालीन शहर है। देश-दुनिया में इसका बड़ा नाम है। यहां सफलता के साथ सभी मैचों का आयोजन हुआ। खिलाड़ियों ने प्रशंसा की, लेकिन एक घटना ने नाम खराब किया। एक व्यक्ति की हरकत ने शहर का नाम बदनाम किया।   यह भी गौर किया जाना चाहिए कि क्या दोनों खिलाड़ियों ने सुरक्षा प्रोटोकाल का पालन किया था और वे टीम प्रबंधन या सुरक्षा अधिकारी को जानकारी देकर गई थीं। पूर्व अंतरराष्ट्रीय क्रिकेटर बिंदेश्वरी गोयल ने कहा- इंदौर की पहचान महिला सशक्तीकरण के लिए होती है। मां अहिल्या ने यहीं पर पहली बार महिला सेना का गठन किया था। यह बहुत दुखद घटना है। इंदौर में ऐसा कभी नहीं हुआ। इससे खिलाड़ियों के मन में शहर की खराब छवि बनती है, जबकि हमारा इंदौर ऐसा नहीं है। एक व्यक्ति की हरकत से पूरे शहर के बारे में धारणा नहीं बनना चाहिए। घटना की आलोचना होनी चाहिए पूर्व अंतरराष्ट्रीय क्रिकेटर चित्रा बाजपेयी कहती हैं, इंदौर महिलाओं के लिए सुरक्षित शहर है। ऑस्ट्रेलियाई खिलाड़ियों के साथ हुई घटना दुखद है और इसकी आलोचना होना चाहिए। एक मनचले की हरकत ने सभी को स्तब्ध किया है। इस घटना ने हमें सोचने पर विवश किया है कि महिलाओं के प्रति सम्मान का भाव जगाना जरूरी है। इंदौर में सिर्फ महिला क्रिकेटर ही नहीं, विभिन्न खेलों की राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय महिला खिलाड़ी भी आस्ट्रेलियाई खिलाड़ियों के साथ हुए व्यवहार से आहत हैं। हॉट स्पॉट पर हुई छेड़छाड़ की घटना घटना रोबोट चौराहे से थोड़ी दूर की है। इस स्थान को पुलिस ने हॉट स्पॉट के रूप में घोषित किया था। सब्जी मंडी के पास तो खजराना पुलिस चेकिंग अभियान भी चला चुकी है। विदेशी खिलाड़ियों के आगमन के बाद भी पुलिस की अनुपस्थिति निगरानी सिस्टम पर सवाल खड़े कर रही है। डीसीपी जोन-2 अमरेंद्र सिंह के अनुसार आरोपित से पूछताछ की जा रही है। जवानों के भरोसे ऑस्ट्रेलियाई खिलाड़ी इंटेलिजेंस एडीसीपी प्रमोद सोनकर ने 17 अक्टूबर को ड्यूटी चार्ट तैयार करवाया था। इसमें विजय नगर एसीपी आदित्य पटले को पर्यवेक्षण अधिकारी बनाया गया था। पटले का स्थानांतरण हो चुका है। उनके स्थान पर राजकुमार सराफ प्रभारी एसीपी हैं। रेडिसन ब्लू होटल में खिलाड़ियों की सुरक्षा के लिए दोपहर दो बजे से रात दस बजे तक एएसआई आरएस मावई, प्रधान आरक्षक शीतलराव और महिला आरक्षक आयुषी की ड्यूटी लगाई गई थी। दूसरी शिफ्ट में एएसआई किशोर खेड़ेकर और आरक्षक प्रमोद व अर्पिता की ड्यूटी लगाई गई थी। रेडिसन ब्लू होटल विजयनगर थाना अंतर्गत आता है। थाना प्रभारी चंद्रकांत पटेल ने विदेशी खिलाड़ियों की सुरक्षा में गंभीरता नहीं दिखाई। सेल्फी लेने के बहाने छेड़छाड़ पुलिस सूत्रों ने बताया अकील ने आस्ट्रेलियाई खिलाड़ियों के साथ सेल्फी लेने के बहाने छेड़छाड़ की है। हालांकि खिलाड़ियों ने कथनों में इससे इन्कार किया है। पुलिस का दावा है कि आरोपित ने एक खिलाड़ी के साथ हरकत की थी। पुलिस ने घटना के सीसीटीवी फुटेज भी ले लिए हैं।  

गलत आरोपों में फंसे जशनप्रीत के लिए इंसाफ की गुहार, सुखबीर बादल से परिवार की मुलाकात

डबवाली अमेरिका के सान बर्नार्डिनो काउंटी में सड़क हादसे के मामले में गलत आरोपों में घिरे पंजाब के दीनानगर के गांव पुराना शाला के 21 वर्षीय अमृतधारी सिख युवक जशनप्रीत सिंह के समर्थन में न्याय की मांग को लेकर उसके परिवार ने आज शिअद अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल से मुलाकात की। इस मामले को लेकर सुखबीर सिंह बादल ने अपने सोशल मीडिया हैंडल के माध्यम से भारत के विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर से अपील की है कि जशनप्रीत सिंह के अधिकारों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए। जशनप्रीत के परिजनों ने गांव बादल स्थित निवास पर हुई सुखबीर बादल से मुलाकात में बताया कि जशनप्रीत एक मेहनती, समझदार और धार्मिक युवक है, जिस पर नशे के प्रभाव में वाहन चलाने का आरोप पूरी तरह झूठा है। उनका कहना था कि टॉक्सिकोलॉजी रिपोर्ट गलत तरीके से तैयार की गई हैं और उनकी पुनः जांच की आवश्यकता है। इस मौके पर अकाली दल के हलका इंचार्ज कमलजीत सिंह चावला भी मौजूद थे। सुखबीर बादल ने हादसे में जान गंवाने वालों के प्रति भी गहरी संवेदना प्रकट की और अमेरिकी प्रशासन से ईमानदारी व निष्पक्षता के साथ मामले की जांच करने की अपील की। पूर्व उपमुख्यमंत्री सुखबीर बादल ने अमेरिकी अदालत में बिना दस्तार जशनप्रीत की तस्वीरें सामने आने को बेहद दुखद और सिख पहचान का उल्लंघन बताया। उन्होंने कहा कि विदेशों में रह रहे हर सिख को अपनी धार्मिक पहचान और मर्यादा के सम्मान का पूरा अधिकार है।

अजमेर में भीषण हादसा : ट्रक की टक्कर से 28 लोग जख्मी

जयपुर राजस्थान के अमजेर में शनिवार देर शाम भीषण सड़क हादसा हो गया। राष्ट्रीय राजमार्ग 48 पर ग्राम खेड़ी में एक बेकाबू ट्रक ने ट्रैक्टर-ट्रॉली को जबरदस्त टक्कर मार दी, जिससे ट्रैक्टर में सवार लोग पलट गए, जिसमें 28 लोगों के घायल होने की जानकारी सामने आई है। गंभीर घायलों को अजमेर के जेएलएन अस्पताल में रेफर किया गया है। जबकि मामूली घायलों को इलाज के लिए बांदनवाड़ा चिकित्सालय में भर्ती कराया गया है। ट्रैक्टर में सवार लोग रामदेवरा जा रहे थे। यह  भीषण हादसा राष्ट्रीय राजमार्ग पर बांदनवाड़ा कस्बे के पास हुआ। हादसे की सूचना के बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने बताया कि सभी घायलों को बांदनवाड़ा अस्पताल ले जाया गया। उनमें से चार की हालत गंभीर है। दो पुरुष और दो बच्चों की हालत गंभीर पुलिस के अनुसार ट्रॉली में बैठे लोगों में महिलाएं और बच्चे भी थे। पुलिस ने बताया कि घायलों में से चार – दो पुरुष और दो बच्चे – को प्राथमिक उपचार के बाद अजमेर अस्पताल रेफर कर दिया गया, जबकि अन्य का स्थानीय स्तर पर इलाज चल रहा है। पुलिस ने बताया कि जातरू गुजरात से बाबा रामदेव के दर्शन के लिए रामदेवरा की तरफ जा रहे थे। इस बीच भीलवाड़ा की ओर से तेज रफ्तार में आ रहे एक ट्रक ने हाईवे पर ग्राम खेड़ी में हाईवे पर होटल के पास आगे चल रहे ट्रैक्टर-ट्रॉली को जोरदार टक्कर मार दी, जिसके बाद ट्रॉली पलट गई और चीख-पुकार मच गई। हादसे के बाद मचा हड़कंप हादसे के तुरंत बाद स्थानीय लोगों में दहशत फैल गई, लोगों ने अपने स्तर पर घायलों को निकालने का काम शुरू किया। वहीं सूचना के बाद बांदनवाड़ा थाने से पुलिस जाप्ता मौके पर पहुंचा और एंबुलेंस की मदद से घायलों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया।

तीन ट्रैक्टर थाने में, अवैध रेत का मामला तूल पकड़ता ही दबंगों ने छीना!

छतरपुर रेत से भरे तीन ट्रैक्टरों को पकड़े जाने के बाद उनको थाने में रखवा दिया गया था लेकिन बाद में दबंग आए और ट्रैक्टरों को ले गए। प्रशासन की कार्रवाई पर दबंगों के भारी पड़ने के बाद कलेक्टर ने मामले को गंभीरता से ले लिया है और ट्रैक्टर छोड़े जाने के मामले में एसडीएम अखिल राठौर को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। इधर जिन ट्रैक्टरों को दबंग थाने से ले गए थे उनमें दो यादवों और एक तिवारी का ट्रैक्टर बताया गया है। बताया गया है जब मामले को गंभीरता से लिया गया और कलेक्टर के नोटिस के बाद फिर से तीन और ट्रैक्टरों को पकड़ लिया गया है और थाने में रखवा दिया गया है। कलेक्टर ने एसडीएम को कारण बताओ नोटिस जारी कर तत्काल रूप से लिखित स्पष्टीकरण मांगा है।   साथ ही अपर कलेक्टर की अध्यक्षता में जांच टीम गठित कर पूरे मामले की रिपोर्ट मांगी है। प्रशासन की कार्रवाई के बाद ट्रैक्टरों को छुड़ा ले जाने का या कोई पहला मामला नहीं इससे पहले भी दो बार पुलिस और माइनिंग की कार्रवाई के दौरान दबंग भारी पड़े और ट्रैक्टरों को छुड़ाकर ले गए थे लेकिन यह मामला इसलिए और गंभीर हो जाता है कि जिन ट्रैक्टरों को पकड़ा गया और थाने में रखवा दिया गया उनको नेताओं के दबाव में जाकर छोड़ दिया गया। अब इस मामले को लोगों ने सोशल मीडिया पर ट्रोल करना शुरू कर दिया है लोगों का कहना है कि प्रशासनिक व्यवस्था पर दबंग भारी पड़ रहे हैं। कलेक्टर द्वारा गठित विशेष टीम इस मामले की जांच कर रही है। इस संबंध में एसडीएम अखिल राठौर का कहना है कि तीन ट्रैक्टरों को पकड़ा गया है और उनको थाने में रखवा दिया गया है। दोषियों पर इसमें कार्रवाई की जाएगी। इधर मामले को लेकर सिविल लाइन थाना प्रभारी सतीश सिंह का कहना है कि यह माइनिंग और राजस्व अधिकारियों की करवाई है इस संबंध में वही जवाब दे सकते हैं।

मैहर के 12 लोग बंधुआ मजदूरी के जाल से बचाए गए, अब घर में खुशहाल जीवन

मैहर महाराष्ट्र राज्य के जालना जिले में एक महीने से फंसे मैहर जिले के 12 मजदूरों को सुरक्षित उनके घर वापसी कराई गई। घर से काम की तलाश में निकले 12 मजदूर महाराष्ट्र के जालना जिले में बंधुआ मजूदर के रूप में बंधक बना लिए गए थे। जिनकी कलेक्टर रानी बाटड के निर्देशन में श्रम विभाग और पुलिस की तत्पर कार्रवाई से राहतभरी वापसी संभव हो सकी। मजदूरों की वापसी पर उनके परिवारों की आंखें खुशी से छलक उठीं दीपावली में जैसे घर में फिर से उजाला लौट आया। मैहर प्रशासन की तत्परता और समन्वय से न केवल 12 परिवारों के दीप जल उठे, बल्कि यह संदेश भी गया कि किसी भी नागरिक की सुरक्षा से समझौता नहीं किया जाएगा। 12 अगस्त को निकले थे घर से जिला प्रशासन से प्राप्त जानकारी के अनुसार, मैहर के कोठी क्षेत्र के ये 12 मजदूर अगस्त माह में काम की तलाश में महाराष्ट्र के जालना जिले पहुंचे थे। वहां सुखापुड़ी गांव के एक व्यक्ति आबा ने उन्हें संतरे तोड़ने का काम दिया। शुरू में सब कुछ सामान्य रहा, परंतु दीपावली के पहले जब मजदूरों ने घर लौटने की इच्छा जताई तो उन्हें रोक दिया गया। मजदूरों के अनुसार, आबा ने कहा कि संतरे के बाद गन्ना काटने के बाद ही वापस जा सकते हो। विरोध करने पर उन्हें धमकाया गया और उन पर कड़ी निगरानी रखी जाने लगी। भय के माहौल में मजदूरों ने छिपकर अपने घरवालों को पूरी जानकारी दी। स्वजनों को दी सूचना तब मिली मदद मजदूरों द्वारा जब अपने स्वजनों को इस बात कि सूचना दी तब उनके स्वजनों ने इन बात कि जानकारी कलेटर को दी। जिस पर कलेक्टर रानी बाटड ने तत्काल श्रम निरीक्षक नरेश पटेल और पुलिस टीम को महाराष्ट्र प्रशासन से संपर्क करने के निर्देश दिए। दोनों राज्यों की सयुक्त कार्रवाई से मिली मुक्ति दोनों राज्यों की संयुक्त कार्रवाई के बाद मजदूरों को सुरक्षित छुड़ाया गया। सभी श्रमिक ट्रेन से इटारसी होते हुए मैहर पहुंचे, जहां श्रम निरीक्षक ने उनका स्वागत किया और पूरी घटना की रिपोर्ट तैयार की। श्रम निरीक्षक नरेश पटेल ने बताया कि सभी मजदूर फिलहाल सुरक्षित हैं और उनके बयान दर्ज किए जा रहे हैं। पुलिस अब इस पूरे मामले की विस्तृत जांच में जुटी है, ताकि भविष्य में इस तरह के मानव शोषण की घटनाओं पर अंकुश लगाया जा सके।

छठ से पहले दिल्ली में यमुना सफाई पर सियासी बयानबाजी, मंत्री ने कहा कुछ और ही सच

नई दिल्ली  दिल्ली सरकार में मंत्री कपिल मिश्रा ने छठ से पहले बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा है कि बीजेपी ने कभी दावा नहीं किया कि यमुना साफ है या पानी पीने लायक है लेकिन इस साल छठ वहां हो सकती है। कपिल मिश्रा रविवार को क्राउन प्लासा और वसुदेव घाट पर छठ पूजा की तैयारियों का जायजा लेने पहुंचे थे। इसी दौरान उन्होंने ये बात कही। इस दौरान उन्होंने आम आदमी पार्ट और अरविंद केजरीवाल पर भी जोरदार निशाना साधा। कपिल मिश्रा ने कहा, भाजपा ने कभी यह दावा नहीं किया कि यमुना साफ है या इसका पानी पीने योग्य है, लेकिन छठ पूजा की जा सकती है। उन्होंने आगे कहा, दिल्ली सरकार ने भव्य छठ पूजा की तैयारी कर ली है। पिछली सरकार ने यमुना घाट पर छठ पूजा पर प्रतिबंध लगा दिया था, लेकिन इस बार छठ पूजा यमुना घाट पर ही होगी। कपिल मिश्रा ने पूछा,मैं अरविंद केजरीवाल से पूर्वांचल के लोगों पर दर्ज किए गए मुकदमों के बारे में पूछना चाहता हूं। उन्होंने पूजा पर प्रतिबंध लगा दिया था। उन्होंने ऐसा क्यों किया? इस बार पूजा इतनी अच्छी तरह से कैसे हो रही है? इस बीच, क्राउन प्लाजा के पास तैयारियों का जायजा लेते हुए कपिल मिश्रा ने कहा, मैं यहां घाटों की तैयारी का जायजा लेने आया हूं और कुछ इंतजाम हैं जो हमें अगले कुछ घंटों में जल्दी से करने होंगे। वे सिर्फ़ अरविंद केजरीवाल को ही दोष दे रहे होंगे, क्योंकि पिछले 11 सालों से उनकी ही सरकार थी। यमुना नदी की पिछले साल की स्थिति और इस साल की स्थिति की तुलना करते हुए उन्होंने कहा कि बहुत बड़ा अंतर है।  

रिनिया गांव में हत्या के बाद बवाल, गुस्साए परिजनों ने आरोपी के घर में की तोड़फोड़, कार फूंकी

भिंड भिंड जिले के दबोह थाना क्षेत्र के ग्राम रिनिया में शनिवार शाम लगभग 7 बजे पैसों के लेन-देन को लेकर दो पक्षों में विवाद इतना बढ़ गया कि मामला खूनी संघर्ष में बदल गया। आरोप है कि रणवीर कौरव, अंशु कौरव, प्रहलाद कौरव, राजीव कौरव और कुंवर सिंह कौरव (सभी निवासी रिनिया) ने लाठी-डंडों और सरियों से हमला कर दिया। इस हमले में 35 वर्षीय अली उर्फ रुद्र जाटव पुत्र रामलाल जाटव निवासी रिनिया और उसका मामा गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना के बाद आक्रोशित युवक के परिजनों ने आरोपी के घर में तोड़फोड़ कर बाहर रखी कार में आग लगा दी। इससे गांव में तनाव की स्थिति बनी हुई है।   घटना के बाद स्वजन दोनों घायलों को निजी वाहन से इलाज के लिए ग्वालियर ले जा रहे थे, लेकिन रास्ते में अली की मौत हो गई। मामा की हालत गंभीर बताई जा रही है, जिसका इलाज ग्वालियर में जारी है। मामा को घटना का मुख्य चश्मदीद बताया जा रहा है। रविवार सुबह मृतक के परिजन शव को लेकर थाना दबोह पहुंचे, जहां पुलिस ने बीएनएस व एस/एसटी एक्ट की धाराओं के तहत मामला दर्ज कर जांच प्रारंभ कर दी है। रविवार सुबह एएसपी संजीव पाठक ने घटना स्थल का निरीक्षण किया। एएसपी पाठक ने बताया कि शव को पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल भेजा गया है तथा आरोपियों की तलाश की जा रही है। फिलहाल क्षेत्र में कानून व्यवस्था सामान्य बनी हुई है।