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तीन दिवसीय रतनगढ़ मेला शुरू: भीड़ नियंत्रण को 100 सीसीटीवी और हजारों जवान तैनात

दतिया   प्रसिद्ध रतनगढ़ माता मंदिर पर तीन दिवसीय लक्खी मंगलवार से शुरू हो गया है। तीन दिन में लगभग 25 लाख श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है। यहां राजस्थान, उत्तरप्रदेश, दिल्ली, हरियाणा और महाराष्ट्र से भी श्रद्धालु आते हैं। बुधवार को सर्पदंश पीडि़तों के बंध काटे जाएंगे। मान्यता है कि माता रतनगढ़ के दरबार में सर्पदंश का जहर उतर जाता है। सुरक्षा  के लिए 100 सीसीटीवी कैमरे लगाए गए है। ड्रोन से भी निगरानी की जा रही है। ज्ञात रहे कि 2006 में मड़ीखेड़ा डैम से पानी छोड़े जाने से सिंध नदी में नाव पलट गई थी। इसमें 56 की मौत हुई थी। 2013 में नए पुल पर भगदड़ में 115 की जान गई थी। 8 सेक्टर में बांटा एमपी के इस मंदिर में लगाए गए घंटे का वजन 1935 किलो है। इसे देश का सबसे बड़ा और वजनी घंटा बताया जाता है। 16 अक्टूबर 2015 को तत्कालीन सीएम शिवराज सिंह चौहान ने लोकार्पण किया था। सेंवढ़ा एसडीएम अशोक अवस्थी के अनुसार जिलेभर के अधिकारी और कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई है। आठ सेक्टर में 1800 पुलिस बल व 1500 अधिकारी-कर्मचारी तैनात किए गए हैं। श्रद्धालुओं की आवाजाही सुगम रहे, इसके लिए आने और जाने के अलग-अलग मार्ग तय किए गए हैं। वहीं, 25 पार्किंग स्थल बनाए गए हैं, जिनमें पर्याप्त रोशनी, पीने के पानी के टैंकर और अन्य सुविधाओं की व्यवस्था की गई है। कलेक्टर ने बताया कि श्रद्धालुओं का आगमन 21 अक्टूबर से शुरू हो जाएगा। प्रशासन ने सुरक्षा दृष्टि से ट्रैक्टर में डबल ट्रॉली लाने पर पूरी तरह प्रतिबंध लगाया है। इसके साथ ही उन्होंने लोगों से अपील की है कि मोटरसाइकिल पर तीन सवारी न बैठाएं और हेलमेट का अनिवार्य रूप से उपयोग करें। उन्होंने श्रद्धालुओं से आग्रह किया कि वे श्रद्धा और सावधानी के साथ माता रतनगढ़ के दर्शन करें और किसी भी अफवाह या भ्रामक जानकारी से बचें। किसी जानकारी की पुष्टि शासकीय अधिकारी या कंट्रोल रूम के माध्यम से ही करें। रतनगढ़ माता मेला दतिया की धार्मिक पहचान है, इसे श्रद्धालुओं के सहयोग से शांतिपूर्ण और सफल बनाना हम सबकी जिम्मेदारी है।

AAP की महिला नेता पर पूर्व कांग्रेस सरपंच ने की गोलीबारी, सुरक्षा में बढ़ाया गया चौकसी

तरनतारन दीवाली की रात गांव धगाणा में उस समय सनसनी फैल गई जब पूर्व कांग्रेसी सरपंच सुखविंदर सिंह (पुत्र साहिब सिंह) ने अपने पड़ोस में रहने वाली आम आदमी पार्टी की मौजूदा पंचायत सदस्य मनदीप कौर (पत्नी जतिंदर सिंह) पर गोलियां चला दीं। गंभीर रूप से घायल मनदीप कौर को सरकारी अस्पताल पट्टी में भर्ती कराया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। डी.एस.पी. भट्टी लवकेश सैनी ने बताया कि दीवाली की रात सुखविंदर सिंह अपने ट्रैक्टर पर तेज़ आवाज़ में डीजे की तरह गाने चला रहा था, जिसका विरोध जतिंदर सिंह और उसके परिवार ने किया। इसी दौरान गुस्से में आकर सुखविंदर सिंह ने 12 बोर की राइफल से फायरिंग की, जिसमें गोली जतिंदर सिंह की पत्नी मनदीप कौर को जा लगी। खून से लथपथ हालत में मनदीप कौर को तुरंत अस्पताल ले जाया गया, जहां उनकी मौत हो गई। डीएसपी ने बताया कि इस मामले में सुखविंदर सिंह और उसके भाई लखविंदर सिंह (पुत्र साहिब सिंह) के खिलाफ मामला दर्ज कर गिरफ्तारी की कार्रवाई शुरू कर दी गई है।

बाइक पर डरावना स्टंट कर रही युवती का वीडियो वायरल, इंदौर पुलिस ने लिया संज्ञान

इंदौर शहर में इन दिनों एक युवती का स्पोर्ट्स बाइक पर स्टंट करते हुए वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में युवती ट्रैफिक नियमों की जमकर धज्जियां उड़ाती दिखाई दे रही है। पुलिस की सोशल मीडिया मॉनिटरिंग सेल ने वायरल वीडियो का संज्ञान लेते हुए जांच शुरू कर दी है। एडिशनल डीसीपी राजेश दंडोतिया ने बताया कि वीडियो में युवती बिना हेलमेट के बाइक चलाते हुए हाथ छोड़कर स्टंट कर रही है।  मध्य प्रदेश के इंदौर शहर में एक युवती का चलती बाइक पर खतरनाक स्टंट करने का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। इस वायरल वीडियो में युवती को बिना हेलमेट पहने, तेज रफ्तार में बाइक चलाते हुए दोनों हाथ छोड़कर हवा में स्टंट करते हुए देखा जा रहा है। अब पुलिस ने इस पर गंभीरता दिखाई है। युवती ने हेलमेट नहीं पहना था वीडियो वायरल होने के बाद इंदौर पुलिस ने इस मामले पर तुरंत संज्ञान लिया है और इसे गंभीर लापरवाही माना है। जानकारी मिलते ही इंदौर पुलिस की साइबर सेल और क्राइम ब्रांच की टीमें एक्टिव हो गई हैं। पुलिस ने पुष्टि की है कि युवती ने हेलमेट नहीं पहना था और वह खतरनाक तरीके से स्टंट कर रही थी। पुलिस के मुताबिक, ये ट्रैफिक नियमों का खुला उल्लंघन है। प्रारंभिक जांच में पुष्टि हुई है कि युवती ने केवल हेलमेट नहीं पहना है, बल्कि खतरनाक तरीके से स्टंट भी किया। साइबर सेल कर रही पड़ताल वर्तमान में साइबर सेल की टीम वीडियो की लोकेशन, समय और इसमें दिख रही युवती की पहचान की जांच कर रही है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, युवती की पहचान होने और उसे पकड़ने के बाद पहले उसे समझाइश दी जाएगी। इसके साथ ही, यातायात नियमों के उल्लंघन के लिए उसके खिलाफ नियमानुसार चालानी कार्रवाई भी की जाएगी।

किसानों के लिए खुशखबरी: शिवराज का बड़ा ऐलान, दोबारा मिलेगा मुआवजे का मौका

भोपाल  मध्यप्रदेश के किसानों के लिए बड़ी राहत की खबर है। अतिवृष्टि और पीला मोजिक रोग से खराब हुई सोयाबीन फसल पर अब दोबारा सर्वे कराया जाएगा। केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि राहत राशि से कोई भी किसान वंचित न रहे, इसके लिए री-सर्वे के निर्देश जारी किए गए हैं। प्रदेश के 12 जिलों में लाखों किसानों की सोयाबीन फसल बर्बाद हुई थी। राज्य सरकार अब तक करीब 9 लाख किसानों को मुआवजा दे चुकी है, लेकिन कई किसान अब भी राहत राशि से वंचित हैं। मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने आश्वासन दिया कि हर पात्र किसान को राहत मिलेगी। इसके साथ ही उन्होंने रबी फसल की तैयारियों को लेकर खाद की उपलब्धता पर भी बैठक की। चौहान ने बताया कि NPK, DAP और यूरिया जैसे खादों की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित की जा रही है ताकि किसानों को रबी सीजन में किसी प्रकार की दिक्कत न हो। 

छात्रा को नहीं मिला था तीसरे राउंड में एडमिशन, हाईकोर्ट ने दी NEET UG केस में फौरन राहत

इंदौर  इंदौर हाई कोर्ट से NEET UG छात्रा को मिली राहत मध्य प्रदेश के इंदौर शहर में एक NEET UG की छात्रा को हाई कोर्ट से बड़ी राहत मिली है। इंदौर हाई कोर्ट की खंडपीठ ने मंगलवार को छुट्टी के दिन भी सुनवाई करते हुए छात्रा के पक्ष में एक महत्वपूर्ण आदेश जारी किया। इस आदेश […] मध्य प्रदेश के इंदौर शहर में एक NEET UG की छात्रा को हाई कोर्ट से बड़ी राहत मिली है। इंदौर हाई कोर्ट की खंडपीठ ने मंगलवार को छुट्टी के दिन भी सुनवाई करते हुए छात्रा के पक्ष में एक महत्वपूर्ण आदेश जारी किया। इस आदेश के तहत छात्रा को तीसरे राउंड की काउंसलिंग में भाग लेने की अनुमति दी गई है, जो उसके भविष्य के लिए एक सकारात्मक कदम है। क्या था मामला? दरअसल, यह छात्रा, जिसका नाम आर्ची अनन्या अग्रवाल है, को NEET की दूसरी काउंसलिंग में सेकंड राउंड में सीट मिल गई थी। लेकिन, राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी (NTA) ने उसे तीसरे राउंड में भाग लेने से मना कर दिया। इसका तर्क यह था कि जब छात्रा को दूसरी काउंसलिंग में सीट मिल गई है, तो वह तीसरे राउंड में भाग नहीं ले सकती। इंदौर हाई कोर्ट ने इस मामले की गंभीरता को समझते हुए छात्रा के वकील के तर्कों पर गौर किया। वकील ने बताया कि 2024 में इस संबंध में कुछ संशोधन किए गए हैं, जिससे छात्रा को तीसरे राउंड में भाग लेने की अनुमति मिलनी चाहिए। हाई कोर्ट का आदेश इंदौर हाई कोर्ट की डबल बेंच में जस्टिस विजय कुमार शुक्ला और जस्टिस गजेंद्र सिंह ने सुनवाई की। छात्रा के वकील नितिन सिंह भाटी ने अदालत में तर्क दिया कि छात्रा को तीसरे राउंड में भाग लेने के लिए अनुमति दी जानी चाहिए। अंततः, कोर्ट ने आदेश दिया कि जब तक याचिका का निपटारा नहीं हो जाता, तब तक छात्रा को तीसरे राउंड की काउंसलिंग में भाग लेने की अनुमति दी जाए। आर्ची अनन्या अग्रवाल की तैयारी आर्ची अनन्या अग्रवाल ने 22 सितंबर 2025 को NEET की दूसरी काउंसलिंग में श्री सत्य सांई यूनिवर्सिटी टेक्नोलॉजी एंड मेडिकल साइंस (सीहोर) में सीट प्राप्त की थी। उसने 720 में से **443** अंक प्राप्त किए थे और तीसरे राउंड की काउंसलिंग की फीस भी जमा कर दी थी। अब उसे 22 अक्टूबर 2025 को होने वाली तीसरी काउंसलिंग में भाग लेने की अनुमति प्राप्त हो गई है। क्या कहते हैं नियम? छात्रा को तीसरे राउंड में भाग लेने से रोकने का मुख्य कारण 2018 के नियमों को बताया गया था, जिसमें कहा गया था कि यदि किसी छात्र को दूसरी काउंसलिंग में सीट मिल जाती है, तो वह तीसरे राउंड में भाग नहीं ले सकता। हालांकि, वकील ने 2024 के संशोधन का हवाला देते हुए तर्क किया कि इस मामले में छूट दी जानी चाहिए। हाईकोर्ट ने आदेश जारी किए। इंदौर निवासी छात्रा का नाम आर्ची अनन्या अग्रवाल है। उसे 22 सितंबर 2025 में NEET की दूसरी काउंसलिंग में श्री सत्य सांई यूनिवर्सिटी टेक्नोलॉजी एंड मेडिकल साइंस (सीहोर) में सीट अलॉट हो गई थी। उसे 720 में से 443 नंबर मिले थे। उसने तीसरे राउंड की भी फीस भरी थी दो 22 अक्टूबर 2025 को होनी है, लेकिन उसे अनुमति नहीं दी गई। अनुमति नहीं देने का कारण 2018 के नियम का हवाला दिया गया कि भले ही फीस भरी हो लेकिन दूसरी काउंसलिंग में सीट मिलने पर तीसरे राउण्ड में पार्टिसिपेट नहीं कर सकती। इस पर छात्रा के एडवोकेट की ओर से 2024 के संशोधन का तर्क दिया गया कि उसे अनुमति दी जा सकती है। इसमें मंगलवार को इंदौर हाई कोर्ट डबल बेंच में जस्टिस विजय कुमार शुक्ला और जस्टिस गजेंद्रसिंह के समक्ष सुनवाई हुई। उसकी ओर से एडवोकेट नितिन सिंह भाटी ने तर्क रखे।इसमें कोर्ट आदेश दिया कि जब तक याचिका तय नहीं होती तब तक छात्रा को अनुमति दें। थर्ड राउंड की काउंसलिंग बुधवार 22 अक्टूबर को है। अब वह इसमें वह शामिल हो सकेगी। भविष्य की उम्मीदें इस निर्णय से आर्ची अनन्या अग्रवाल और उसके परिवार में खुशी का माहौल है। छात्रा अब तीसरे राउंड की काउंसलिंग में भाग लेकर अपने मेडिकल करियर की दिशा में एक और कदम बढ़ा सकती है। यह निर्णय न केवल आर्ची के लिए, बल्कि अन्य छात्रों के लिए भी एक सकारात्मक उदाहरण प्रस्तुत करता है, जो अपने हक के लिए लड़ने की प्रेरणा ले सकते हैं। इस तरह के मामलों में न्यायपालिका की भूमिका महत्वपूर्ण होती है। इंदौर हाई कोर्ट ने इस मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए छात्रा के भविष्य को संवारने में मदद की है। यह निर्णय निश्चित रूप से उन छात्रों के लिए एक उम्मीद की किरण है जो कठिन परिस्थितियों का सामना कर रहे हैं।     एमपी के 75 छात्रों के लिए दोबारा होगी NEET-UG परीक्षा इस प्रकार, इंदौर हाई कोर्ट ने एक बार फिर साबित किया है कि न्याय की राह में किसी भी बाधा को पार किया जा सकता है।  

राम मंदिर से लेकर दिवाली तक नफरत — सीएम योगी ने अखिलेश पर बोला जोरदार हमला

लखनऊ  राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के शताब्दी समारोह के तहत गोरखपुर के बाबा गंभीरनाथ प्रेक्षागृह में मंगलवार को आयोजित कुटुम्ब स्नेह मिलन और दीपोत्सव के राष्ट्रोत्सव कार्यक्रम में बतौर मुख्य वक्ता मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कांग्रेस व सपा पर जमकर हमला किया। सपा प्रमुख अखिलेश यादव के अयोध्या में दीवाली को लेकर दिए गए बयान पर पलटवार करते हुए योगी ने कहा कि अखिलेश यादव के बयान से साफ हो गया है कि उनको अयोध्या में प्रभु राम के भव्य मंदिर और देवी-देवताओं से ही नहीं, दिवाली से भी नफरत है। मुख्यमंत्री ने तंज कसते हुए कहा कि गद्दी विरासत में मिल सकती है पर बुद्धि नहीं। बिना विवेक वाले लोग ही दीवाली का विरोध कर सकते हैं। बबुआ ने प्रजापति समाज के लोगों का अपमान किया है। उन्हें नहीं मालूम है कि दो करोड़ लोग मिट्टी के दीयों से लेकर बर्तन के कारोबार से जुड़े हुए हैं। मिट्टी के उत्पाद आर्थिक निर्भरता व स्वावलंबन का प्रतीक हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि सपा के लोग अयोध्या में प्रभु राम के मंदिर का विरोध करते हैं। ये लोग कंस और दुर्योधन की प्रतिमा लगाने चाहते हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले साल 6 करोड़ लोगों ने अयोध्या में प्रभु राम का दर्शन किया। प्रयागराज में महाकुंभ के 66 करोड़ से अधिक लोग साझी बने। लेकिन सपा और कांग्रेस के लोग इसमें शुरुआत से ही खोट निकाल रहे थे। मुख्यमंत्री ने कहा कि कांग्रेस ने कोर्ट में कहा था कि भगवान राम और कृष्ण मिथक हैं। सपा ने निर्ममता के साथ राम भक्तों पर गोलियां चलाई थीं। मुख्यमंत्री ने कहा कि अयोध्या में मंदिर को लेकर कांग्रेस और सपा के लोग सवाल करते थे तो संघ का स्वयंसेवक कहता था कि राम लला हम आएंगे मंदिर वहीं बनाएंगे। संघ और रामभक्तों का संकल्प ही है कि अयोध्या में प्रभु राम का भव्य मंदिर दिव्य और भव्य रूप में दिख रहा है। उन्होंने कहा कि संघ के स्वयंसेवक ने सरकार की प्रताड़ना से उफ तक नहीं किया। वह विचलित नहीं हुए। उन्होंने कहा कि अयोध्या में राम मंदिर एक संदेश है कि प्रयास जारी रखिए सफलता जरूर मिलेगी। हलाल उत्पाद खरीदने से बचें मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारे पूर्वजों ने ब्रिटिश और फ्रांस के उपनिवेश के खिलाफ ही लड़ाई नहीं लड़ी, राजनीतिक इस्लाम को लेकर भी मोर्चा लिया था। अब भी जलालुद्दीन उर्फ छांगुर के रूप में राजनीतिक इस्लाम को बढ़ाने का काम हो रहा है। उन्होंने कहा कि हलाल उत्पाद पर प्रदेश में रोक लगाई गई है। हलाल उत्पाद खरीद से मिलने वाले रुपये से ही धर्मांतरण, लव जिहाद और आतंकवाद को बढ़ावा मिला है। मुख्यमंत्री ने लोगों से स्वदेशी उत्पाद खरीदने पर जोर दिया। इसके पूर्व प्रांत प्रचारक रमेश ने मुख्यमंत्री का स्वागत करते हुए कहा कि सनातन, भारत और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ में कोई फर्क नहीं है। तीनों एक ही हैं। यह दुनिया का पहला संगठन है जो स्वावलंबी है। इस दौरान गोरक्षप्रांत के संघ प्रमुख डॉ. महेंद्र अग्रवाल ने भी लोगों को संबोधित किया। जीवन के विभिन्न अंग में काम कर रहा संघ मुख्यमंत्री ने कहा कि संघ ने जीवन के विभिन्न अंग में काम किया। जहां सरकार नहीं पहुंच सकी वहां संघ ने काम किया। पूर्वोत्तर राज्यों में संघ को अपने स्वयंसेवकों को खोना पड़ा। लेकिन वह अपने मिशन पर लगे रहे। अस्सी के दशक में गोरखपुर वनवासी आश्रम की स्थापना की। पूर्वोत्तर के राज्यों से आने वाले बच्चे पढ़कर निकले को मुख्यधारा से जुड़े। उन्होंने कहा कि संघ की यात्रा दूरदर्शी है। इसका दूरगामी परिणाम मिला है। नक्सलवाद को लेकर संघ का काम अच्छा है। शिक्षा के क्षेत्र में संघ ने सनातन के साथ पीढ़ी को आगे बढ़ाने का काम किया है। उन्होंने कहा कि राजनीति के क्षेत्र में संघ के स्वयंसेवक को देश का नेतृत्व मिला तो दुनिया उसके पराक्रम और दूरदर्शी सोच को देख रही है।  

फसल बचाने की जुगाड़: शाजापुर में हेलीकॉप्टर से हांका देकर हिरणों को किया काबू

शाजापुर   शाजापुर जिले में किसानों की फसलों को जंगली जानवरों से बचाने के लिए एक ऐतिहासिक अभियान चलाया गया है. दक्षिण अफ्रीका के विशेषज्ञों की मदद से 45 काले हिरणों (कृष्णमृग) को पकड़ा गया और उन्हें गांधी सागर वन्यजीव अभयारण्य में छोड़ा गया  यह ऑपरेशन जिले के इमलीखेड़ा गांव में चलाया गया. इस दौरान हेलीकॉप्टर और बोमा तकनीक का उपयोग करते हुए नीलगाय और काले हिरणों को पकड़ा गया.शाजापुर जिला कलेक्टर रिजु बाफना ने बताया, "दक्षिण अफ्रीका की एक टीम और वन विभाग की मदद से इमलीखेड़ा से पकड़े गए काले हिरणों को बिना किसी पशु हानि के गांधी सागर वन्यजीव अभयारण्य में छोड़ा गया." उन्होंने पुष्टि की कि 45 काले हिरणों को हेलीकॉप्टर की मदद से पकड़ा गया था. क्या है बोमा तकनीक दक्षिण अफ्रीका की एक लोकप्रिय विधि है, जिसमें जानवरों को हेलीकॉप्टर का उपयोग करके झुंड में एक बाड़े (पेन) में खदेड़कर पकड़ा जाता है.  इस पहल का उद्देश्य जिले में जंगली जानवरों (नीलगाय और कृष्णमृग) द्वारा फसलों को नुकसान पहुंचाने की लंबे समय से चली आ रही समस्या का समाधान करना है. वन विभाग ने एक वीडियो शेयर करते हुए इसे 'वन्यजीवों के संतुलन की दिशा में ऐतिहासिक कार्य' बताया है. सरकार के अधिकारियों के अनुसार, यह पहला मौका है जब मध्य प्रदेश के खेतों से काले हिरणों को दक्षिण अफ्रीकी तकनीक की मदद से पकड़कर जंगलों में छोड़ा गया है. यह अभियान केंद्रीय पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय की अनुमति और राज्य सरकार की सहमति से चलाया जा रहा है.

दक्षिणी मध्यप्रदेश में एक्टिव हुआ सिस्टम, 15 जिलों में बारिश और गरज-चमक की चेतावनी

 इंदौर मध्य प्रदेश में मौसम एक बार फिर करवट बदल चुका है। दक्षिणी हिस्से में सक्रिय हुए नए सिस्टम की वजह से मंगलवार से ही आंधी, बारिश और गरज-चमक का दौर शुरू हो गया है। मौसम विभाग ने बुधवार को भी इंदौर, बुरहानपुर, बैतूल, खरगोन, धार, छिंदवाड़ा, सिवनी और बालाघाट समेत 15 जिलों में हल्की बारिश और गरज-चमक का अलर्ट जारी किया है। दिवाली की रात जबलपुर में तेज बारिश ने जहां लोगों को चौंका दिया, वहीं मंगलवार को भोपाल और आसपास के जिलों में बादल छाए रहे और हल्की बूंदाबांदी हुई। विभाग का कहना है कि अगले तीन दिन तक ऐसा ही मौसम बना रहेगा, जबकि नवंबर के दूसरे सप्ताह से ठंड का असर तेजी से बढ़ने की संभावना है। अरब सागर में सिस्टम एक्टिव, असर MP तक दक्षिण-पूर्वी अरब सागर में बना लो प्रेशर एरिया अगले 24 घंटों में और मजबूत हो सकता है। साथ ही, समुद्र में चक्रवातीय गतिविधियां भी शुरू हो गई हैं, जिनका प्रभाव विशेष रूप से मध्यप्रदेश के दक्षिणी इलाकों में पड़ेगा। रात में ठंड, दिन में गर्मी राज्य में मौसम के इस बदलाव का असर तापमान पर भी साफ नजर आ रहा है। रातें ठंडी हो गई हैं, जबकि दिन में धूप के कारण गर्मी बनी हुई है। भोपाल में रात का तापमान गिरकर 17.2 डिग्री सेल्सियस पहुंच गया है। इंदौर में 18.6 डिग्री, ग्वालियर और उज्जैन में 19.5 डिग्री, जबकि जबलपुर में 21 डिग्री रिकॉर्ड किया गया। सबसे कम तापमान राजगढ़ में 15.4 डिग्री रहा। नवंबर से पड़ेगी कड़ाके की ठंड मौसम वैज्ञानिकों का अनुमान है कि नवंबर के दूसरे सप्ताह से तेज ठंड का दौर शुरू हो जाएगा, जो जनवरी के अंत तक रहेगा। इस बार फरवरी तक ठंड का असर महसूस किया जा सकता है। विशेषज्ञों के अनुसार, 2010 के बाद यह सबसे सर्द सर्दी हो सकती है। साथ ही, सर्दियों में सामान्य से ज्यादा बारिश की भी संभावना है। विदा हो चुका है मानसून, फिर भी जारी है बारिश मौसम विभाग ने पुष्टि की है कि मध्यप्रदेश से मानसून 13 अक्टूबर को विदा हो चुका है। हालांकि, बंगाल की खाड़ी और अरब सागर से आने वाले सिस्टम के कारण छिटपुट बारिश का सिलसिला जारी है। इस साल प्रदेश में मानसून की एंट्री 16 जून को हुई थी और कुल 3 महीने 28 दिन सक्रिय रहा। बारिश में कई जिलों ने तोड़ा रिकॉर्ड इस मानसून सीजन में प्रदेश के कई जिलों में सामान्य से अधिक वर्षा दर्ज की गई। गुना सबसे अधिक बारिश वाला जिला रहा, जहां 65.7 इंच पानी गिरा। वहीं श्योपुर में 216.3% बारिश दर्ज की गई। ग्वालियर-चंबल संभाग में औसत से दोगुनी बारिश हुई। हालांकि, शाजापुर ऐसा जिला रहा जहां सबसे कम 28.9 इंच (81.1%) वर्षा हुई, जो भारी कमी की श्रेणी में आता है। उज्जैन, सीहोर और बैतूल में कोटा पूरा तो नहीं हुआ, लेकिन सामान्य के करीब वर्षा हुई। 

राजनीतिक मास्टरस्ट्रोक! तेजस्वी यादव का वादा – संविदा कर्मियों को स्थायीत्व, जीविका दीदियों को मिलेगा सम्मान और सैलरी

पटना  बिहार के पूर्व डिप्टी सीएम तेजस्वी यादव ने प्रेस कॉन्फ्रेंस करते हुए कई बड़े चुनावी ऐलान किए हैं. उन्होंने कहा कि जीविका दीदियों को हम लोग 30 हजार वेतन और सरकारी कर्मचारी दर्जा देंगे. इसके साथ ही उन्होंने ऐलान किया कि हमारी सरकार बनने के बाद सभी संविदा कर्मियों को स्थाई किया जाएगा. इस पहले तेजस्वी ने पहला चुनावी वादा करते हुए कहा था कि हमारी सरकार बनने के बाद 20 महीने के अंदर हर परिवार में सरकारी नौकरी होगी. उन्होंने आगे कहा कि महिलाओं को 10 हजार रुपये रिश्वत के तौर पर देने का काम किया गया, जिसे यह सरकार वापस कराएगी. तेजस्वी यादव ने कहा कि उन्होंने हर घर नौकरी का ऐलान किया था और आज इसके बारे में एक ऐतिहासिक घोषणा करने जा रहे हैं.  तेजस्वी यादव ने कहा कि मौजूदा सरकार से पूरा बिहार गुस्से में है, डबल इंजन की सरकार में भ्रष्टाचार और अपराध है. इस सरकार ने हमारी योजनाओं की नकल की. तेजस्वी यादव ने कहा कि नामांकन का दौर खत्म हो चुका है और अब चुनाव प्रचार का समय आ गया है. बिहार की जनता ने परिवर्तन का मन बना लिया है और लोग डबल इंजन की सरकार से त्रस्त हैं. बेरोजगारी और महंगाई से परेशान जनता के लिए उन्होंने कई घोषणाएं की थीं, लेकिन वर्तमान सरकार ने उनकी योजनाओं की नकल की.  तेजस्वी यादव ने कहा, "दौरे के वक्त मुझसे जीविका दीदियों का समूह मिला था, जिनकी बातें सुनकर उन्होंने यह फैसला किया है. अगर मेरी सरकार बनती है, तो जीविका दीदियों में से जो CM दीदी हैं, उन्हें स्थाई नियुक्ति दी जाएगी. साथ ही, उनकी नौकरी को भी स्थाई किया जाएगा. कर्ज माफी का वादा तेजस्वी यादव ने कहा कि जीविका दीदियों द्वारा लिए गए सभी ऋणों के ब्याज को माफ किया जाएगा. साथ ही अगले दो साल तक उन्हें ब्याज मुक्त ऋण देने की व्यवस्था की जाएगी. उन्होंने यह भी बताया कि जीविका समूह की दीदियों को अन्य सरकारी कार्यों के लिए हर महीने 2,000 रुपये की सहायता राशि दी जाएगी. इसके अलावा तेजस्वी ने कहा कि  दीदियों को 5 लाख रुपये तक का बीमा कवर दिया जाएगा. जीविका समूह की अध्यक्ष और कोषाध्यक्ष को मानदेय देने का भी ऐलान किया गया. BETI-माई योजना तेजस्वी यादव ने बताया कि जल्द ही “BETI योजना” और “माई योजना” शुरू की जाएगी. उन्होंने समझाया कि BETI योजना का अर्थ है – बेनिफिट, एजुकेशन, ट्रेनिंग और इनकम. इस योजना के तहत सरकार बेटियों के जन्म से लेकर आय के साधन तक हर कदम पर मदद करेगी. स्थायी सरकारी नौकरी का वादा तेजस्वी यादव ने इस मौके पर संविदाकर्मियों के लिए भी बड़ा वादा किया. उन्होंने कहा कि बिहार के सभी संविदाकर्मियों को स्थायी सरकारी नौकरी का दर्जा दिया जाएगा. जो कर्मचारी एजेंसी के माध्यम से काम कर रहे हैं, उन्हें भी स्थायी किया जाएगा. तेजस्वी ने कहा कि संविदाकर्मी बिना सुरक्षा, वेतन गारंटी और छुट्टी के काम करने को मजबूर हैं. कई बार बिना कारण बताए उनकी सेवाएं समाप्त कर दी जाती हैं, और वेतन से 18 प्रतिशत जीएसटी तक काटा जाता है. तेजस्वी यादव ने कहा, “यह संविदाकर्मियों के सम्मान और सुरक्षा से जुड़ा ऐतिहासिक फैसला होगा. अब उन्हें स्थायित्व और अधिकार दोनों मिलेंगे.” उन्होंने आगे कहा कि जीविका दीदियों को स्थाई नियुक्ति के साथ 30 हजार रुपये प्रतिमाह का वेतन दिया जाएगा. इसके अलावा, जीविका दीदियों को दिए गए ऋण माफ किए जाएंगे. उन्हें ब्याज मुक्त ऋण दिया जाएगा, और 2 साल तक के लोन पर कोई ब्याज नहीं लगेगा. महिलाओं के लिए 'BETI' और 'MAA' योजना तेजस्वी यादव ने महिलाओं के लिए 'BETI' योजना लाने की घोषणा की. इसके अलावा, उन्होंने 'MAA' योजना लाने का भी ऐलान किया है, जिसका अर्थ उन्होंने इस प्रकार बताया: M से मकान, A से अन्न, और A से आमदनी. यह जीविका दीदियों के बाद उनकी दूसरी सबसे बड़ी घोषणा है, जो महिलाओं को ध्यान में रखकर की गई है. तेजस्वी यादव ने संविदा कर्मियों के लिए भी ऐलान किया है. उन्होंने कहा कि अगर उनकी सरकार आती है, तो संविदा कर्मियों को स्थाई किया जाएगा. उन्होंने वादा किया कि संविदा कर्मियों की नौकरी को भी स्थाई कर दिया जाएगा.  

कुमारी सैलजा के पत्र का असर, मुख्यमंत्री सैनी ने दिया जवाब — फतेहाबाद की किसानों को मिलेगी राहत

फतेहाबाद  पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं सिरसा की सांसद कुमारी सैलजा द्वारा फतेहाबाद जिले की सेमग्रस्त भूमि की समस्या को लेकर उठाए गए मुद्दे पर मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने सकारात्मक रुख दिखाते हुए कार्रवाई का आश्वासन दिया है। मुख्यमंत्री कार्यालय से जारी पत्र क्रमांक सीएमएच -2025/5428 दिनांक 14 अक्तूबर 2025 में मुख्यमंत्री नायब सिंह ने कुमारी सैलजा को संबोधित करते हुए कहा है कि फतेहाबाद जिले के कई गांवों में सेमग्रस्त भूमि की स्थिति में सुधार के लिए राज्य सरकार गंभीर है और इस दिशा में पहले से किए जा रहे कार्यों को और गति देने के निर्देश जारी किए गए हैं। मुख्यमंत्री ने अपने पत्र में लिखा है कि कुमारी सैलजा द्वारा पूर्व में भेजे गए पत्र में जिन गांवों बनमंदोरी, खाबड़ा कलां, पीलीमंदोरी, बड़ोपल तथा चबला मोरी का उल्लेख किया गया था, वहां सोलर प्रचलित कम गहराई वाले ट्यूबवेल्स लगाकर भूमि सुधार कार्य पहले ही प्रारंभ किया जा चुका है। इस योजना से लगभग दस हजार एकड़ भूमि को पुन: कृषि योग्य बनाया जा रहा है। इसके अलावा बड़ोपल मोहम्मदपुर रोही, चिंदड़ व खजुरी जाट्टी जैसे गांवों में भी सोलर ट्यूबवेल लगाए गए हैं। उन्होंने लिखा है कि खा व धारणिया में ड्रेन ना होने के कारण अन्य उपाय किए जा रहे हैं। उन्होंने लिखा है कि आगामी 4 से 5 वर्ष में सेमग्रस्त भूमि की समस्या में उल्लेखनीय सुधार होगा और प्रभावित किसानों को राहत मिलेगी।